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सुदर्शन न्यूज के रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार को गुरुग्राम पुलिस ने किया है गिरफ्तार, चैनल ने कहा था- अगवा हो गए हैं

सुदर्शन न्यूज ने 11 अगस्त 2023 को एक ट्वीट कर बताया है कि उसके रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार का अपहरण कर लिया गया है। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है एक दिन पहले 10 अगस्त को गुरुग्राम पुलिस ने कुमार पर एक ट्वीट को लेकर केस दर्ज किया था।

चैनल का कहना है कि मुकेश कुमार को 10 अगस्त की दोपहर गुरुग्राम के सेक्टर 17 से अगवा किया गया। उसके बाद से उनकी कोई खबर नहीं है। उनकी गाड़ी सेक्टर 17 के कथित अपहरण स्थल से मिली है। ट्वीट में कहा गया है, “सुदर्शन न्यूज़ के रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम से दिन दहाड़े अपहरण हुआ है। वह मेवात में संघर्ष कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं को मदद करने पहुँचे थे। गुरुग्राम के सेक्टर 17 से हट्टे-कट्टे गुंडे उनको कार की ड्राइविंग सीट से खींच कर उठा ले गए हैं।”

सुदर्शन न्यूज़ ने इस संबंध में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कहा है, “सुदर्शन न्यूज के रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार को जबरन गुंडों ने उनकी गाड़ी से खींचकर अपहरण कर लिया।” चैनल के अनुसार वे मेवात में हिंदुओं की मदद करने गए थे। सुदर्शन न्यूज़ ने कहा है कि रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार लगातार कई साल से हिन्दुओं की आवाज बुलंद कर रहे हैं।

द गुरुग्राम न्यूज के फाउंडर और एडिटर इन चीफ सुनील कुमार यादव ने सुदर्शन न्यूज के ट्वीट के रिप्लाई में कहा है कि कल (10 अगस्त) ही इनके खिलाफ झूठे ट्वीट करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है, हो सकता है गुरुग्राम पुलिस ने ही गिरफ्तार किया हो। ट्वीट के साथ उन्होंने व्हाट्सएप चैट का एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया है।

अपडेट: सुदर्शन न्यूज के रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार अगवा नहीं हुए हैं। गुरुग्राम पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

केजरीवाल और संजय सिंह को राहत देने से गुजरात हाई कोर्ट का इनकार, फर्जी हस्ताक्षर मामले में राघव चड्ढा राज्यसभा से निलंबित

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा फर्जी सिग्नेचर मामले में राज्यसभा से निलंबित कर दिए गए हैं। उन पर यह कार्रवाई उनके द्वारा एक दिन पहले मीडिया में दिए गए बयान की वजह से हुआ। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया में अपने खिलाफ की गई शिकायत पर सफाई पेश की थी। दरअसल, मामला जब प्रिवेलेज कमिटी के पास है तो मीडिया में खुद को डिफेंड करना नियमों का उल्लंघन माना गया है। इसी को आधार बनाकर चड्ढा को सस्पेंड किया गया है।

AAP के दूसरे सांसद संजय सिंह की मुश्किलें भी कम नहीं हुई हैं। उनका सस्पेंशन भी बढ़ा दिया गया है। साथ ही PM मोदी के डिग्री के मामले में AAP सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल को भी झटका लगा है। 

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को PM मोदी के डिग्री मामले में बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी याचिका में कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इस मामले में गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर आपराधिक मानहानि की कार्यवाही पर उनके पुनरीक्षण के निपटान तक सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने की माँग की गई थी।

बता दें कि आम आदमी पार्टी के अन्य सांसद संजय सिंह पहले ही राज्यसभा से निलंबित चल रहे हैं। राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें पूरे सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया था। वहीं अब आप सांसद राघव चड्ढा पर भी उनके अमर्यादित व्यवहार की वजह से कार्रवाई की गई है। राघव चड्ढा पर यह कार्रवाई दिल्ली सेवा विधेयक को लेकर पाँच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में हुई है।

राघव चड्ढा पर आरोप है कि उन्होंने सांसदों की मंजूरी के बिना उनकी सदस्यता वाली समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था, जो कि नियमों का उल्लंघन है। इस प्रकार, AAP के दोनों नेताओं को विशेषाधिकार समिति का फैसला आने तक राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में बीजेपी सांसद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राघव चड्ढा के मामले पर प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा, यह बहुत गंभीर मामला है। जिस तरह से बिना सदस्यों की जानकारी के उनका नाम लिस्ट में डाल दिया गया है, वह बहुत ही गलत बात है।  

रिपोर्ट आने तक संजय सिंह भी निलंबित

संजय सिंह निलंबन मामले पर पीयूष गोयल ने, “संजय सिंह ने भी जिस तरह से राज्यसभा में आचरण किया, वो भी बेहद निंदनीय है। वो निलंबन के बाद भी सदन में बैठे रहे। इसकी वजह से सदन की कार्रवाई भी स्थगित करनी पड़ी। ये चेयर का अपमान है। संजय सिंह अब तक 56 बार वेल में आ चुके हैं, जो दिखाता है कि वो सदन की कार्रवाई बाधित करना चाहते हैं।”

AAP के राघव चड्ढा पर इन सांसदों ने दर्ज कराई शिकायत

राज्यसभा की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि सभापति के पास सांसद सस्मित पात्रा, एस फेंगोन कोन्याक, एम थंबीदुरई, सुधांशु त्रिवेदी और नरहरि अमीन ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया:

“बिना उनकी मंजूरी के उनके नाम शामिल किए गए, यह राज्यसभा की कार्यवाही प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन है।”

बता दें कि राघव चड्ढा ने दिल्ली सेवा संशोधन बिल 2023 पर विचार के लिए एक समिति का गठन करने की माँग की थी। इस समिति के लिए ही उक्त सांसदों के नाम दिए गए थे।

क्या है संजय सिंह के निलंबन का मामला 

मौजूदा समय में आम आदमी पार्टी के एक अन्य सांसद संजय सिंह भी पहले ही राज्यसभा से निलंबित चल रहे हैं। राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें पूरे सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया था।

मणिपुर की घटना पर प्रधानमंत्री मोदी के संसद में बयान देने की माँग को लेकर विपक्ष ने मॉनसून सत्र के दौरान जमकर हंगामा किया। इसी मुद्दे पर आप सांसद संजय सिंह हंगामा करते हुए सभापति की कुर्सी तक आ गए। सभापति ने जब उन्हें वापस जाने को कहा तो वह नहीं माने। सदन में अमर्यादित व्यवहार के चलते केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संजय सिंह के निलंबन का प्रस्ताव रखा, जो ध्वनिमत से पास हो गया।

राजस्थान में बेटियों की अस्मत नहीं है सुरक्षित: नाबालिग के साथ अस्पताल कर्मियों ने किया गैंगरेप, बच्ची को दिया जन्म

राजस्थान के सलूंबर में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप और उसके माँ बनने का मामला सामने आया। आरोप है कि हॉस्पिटल पार्किंग के कर्मचारी और कंपाउंडर ने हॉस्पिटल में पीड़िता से फिर दुष्कर्म किया। वहीं, सवाई माधोपुर जिले में स्कूल टीचर पर नाबालिग लड़की के दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगा है। 8 अगस्त से लापता लड़की का शव 10 अगस्त 2023 को कुएँ में मिला। आरोपित शिक्षक पुलिस की गिरफ्त में है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलूंबर के जिला हॉस्पिटल में 6 जून 2023 को हुआ एक प्रेग्नेंट लड़की को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहाँ डॉक्टर नरेंद्र शर्मा लड़की का इलाज कर रहे थे। जब शर्मा को शक हुआ तो उन्होंने लड़की के परिजनों से पूछताछ की। इसमें सामने आया कि लड़की नाबालिग और अविवाहित है। ऐसे में डॉक्टर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। लड़की ने हॉस्पिटल में एक बच्ची को जन्म दिया।

इसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस से पीड़िता के परिजनों ने बदनामी के डर से मामले को आगे न बढ़ाने का आग्रह किया। हालाँकि, ठीक एक महीने बाद 6 जुलाई 2023 को लड़की के नाना और नानी ने थाने जाकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जाँच कर आरोपित तांत्रिक लक्ष्मण मोगिया को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद, धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने नाबालिग लड़की ने अपने बयान दर्ज कराए। इस बयान में पीड़िता ने तांत्रिक के अलावा 3 अन्य आरोपितों के नाम बताए

पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए कोर्ट में बताया कि हॉस्पिटल परिसर में भी आरोपितों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित रोहित और हरीश को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। इनमें से दो लोग हॉस्पिटल की पार्किंग का काम देखते हैं। वहीं, एक आरोपित हॉस्पिटल का कंपाउंडर बताया जा रहा है।

पीड़िता के पिता का कहना है कि तांत्रिक लक्ष्मण मोगिया ने उनकी बेटी को ठीक करने की बात कही थी। इसके बाद वह झांसा देकर लगातार दुष्कर्म करता रहा। पुलिस का कहना है कि चारों आरोपितों व नाबालिग लड़की का DNA सैंपल लेकर जाँच के लिए भेजा गया है। डीएनए रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि नाबालिग ने जिस बच्चे को जन्म दिया वह किसका है।

स्कूल टीचर पर नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप

सवाई माधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र में हनुतिया गाँव के एक स्कूल टीचर पर अपनी ही स्कूल की नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगा है। मृतक लड़की स्थानीय सरकारी स्कूल में 12वीं क्लास में पढ़ती थी। मंगलवार (8 अगस्त, 2023) को लड़की के अचानक लापता हो जाने के बाद उसके परिजनों ने अपहरण का शक जताते हुए थाने में FIR दर्ज कराई थी। पीड़ित परिजनों का आरोप था कि रामरतन मीणा ने ही उनकी लड़की का अपहरण किया है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की।

इसी बीच गुरुवार (10 अगस्त, 2023) सुबह करीब 11 बजे एक कुएँ के बाहर लड़की की चप्पल दिखाई दी। शक होने पर पुलिस ने कुएँ में देखा तो लड़की की लाश तैरती दिखी। इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित शिक्षक रामरतन मीणा को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।

मृतक लड़की के पिता का आरोप है कि स्कूल टीचर रामरतन मीणा और उसकी बेटी के बीच फोन पर बातें होती थीं। मीणा ने ही उसकी बेटी का अपहरण कर उसकी हत्या की है। वहीं, लड़की के साथ दुष्कर्म होने की भी आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, पुलिस हत्या से लेकर आत्महत्या और ऑनर किलिंग के एंगल से जाँच करने की बात कह रही है।

डायरेक्टर ने कहा कॉम्प्रोमाइज करो और 3 दिन तक तपती रही बुखार में: सु्ष्मिता सेन की भाभी ने बताई बॉलीवुड की सच्चाई

मशहूर टीवी एक्ट्रेस और ब्लॉगर चारू असोपा (Charu Asopa) को भी कास्टिंग काउच से दो-चार होना पड़ा था। इसका उनकी करियर पर इस कदर असर पड़ा कि उन्होंने बॉलीवुड में जाने का ख्वाब ही छोड़ दिया। बताते चलें कि चारू मिस यूनिवर्स रह चुकीं सुष्मिता सेन की भाभी हैं।

चारू टीवी शो ‘देवों के देव महादेव’ में राजकुमारी रेवती ‘मेरे अगने में’ की प्रीति श्रीवास्तव खरे और ‘बालवीर’ में सबसे पसंदीदा अखाती परी के तौर पर हर घर में अपनी पहचान छोड़ चुकी हैं। यूट्यूब पर भी वो खासी सक्रिय हैं। वह पति राजीव सेन के साथ शादी-अलगाव जैसे मुद्दों को लेकर ये खबरों में बनी रहती हैं।

चारू का यहाँ तक का सफर आसान नहीं रहा। इंडस्ट्री में गॉड फादर न होने की वजह से उन्हें भी हर किसी की तरह इस पेशे में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। हाल ही में उन्होंने एक ईटाइम्स के इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है उन्हें भी कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा।

‘बहुत बड़े प्रोडक्शन हाउस ने की थी डिमांड’

चारु बताती हैं कि जब वह बीकानेर से मुंबई आईं तो बहुत यंग थीं। उनकी उम्र महज 20-21 साल की रही होगी। फिल्म इंडस्ट्री में वह किसी को नहीं जानती थी। वह कहती हैं कि उस वक्त वह बहुत भोली हुआ करती थी। चारू के अनुसार, “इस दौरान मैं एक मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर के पास एक जाने-माने फिल्म प्रोडक्शन की फिल्म में काम के लिए गई थी। मैं उसका नाम लेना नहीं चाहूँगी, लेकिन मैं ये बात एक बहुत बड़े प्रोडक्शन हाउस के बारे में कह रही हूँ।”

चारु असोपा इंस्टा अकाउंट

‘तुम नहीं करोगी तो बाहर बैठी लड़कियाँ करेंगी’

चारु आगे बताती हैं कि कास्टिंग डॉयरेक्टर ने उनके सामने कॉन्ट्रेक्ट रखा। उनके हाथ में पेन था और वो इसे साइन करके इस बड़ी फिल्म में काम करने का मौका पा सकती थीं, लेकिन उस वक्त जो बात कास्टिंग डॉयरेक्टर ने कही उससे वो अवाक रह गईं। उन्होंने उसे हाथ जोड़कर कहा कि जो वो करने को कह रहे हैं वो नहीं कर पाएँगी।

इस पर उस कास्टिंग डॉयरेक्टर ने कहा, “तुम नहीं करोगी तो बाहर जो लड़कियाँ बैठी हैं, वो कर देंगी।” चारु बताती हैं कि उन्होंने कास्टिंग डॉयरेक्टर से कहा, “सर ओके फिर आप उन्हीं से ये करवा लें।” इसके बाद वह वहाँ से चली आईं, लेकिन इस घटना के बाद वो तीन दिन तक बुखार से तपती रही थीं।

कास्टिंग डॉयरेक्टर ने कॉम्प्रोमाइज करने के लिए कहा

चारु असोपा इंस्टाग्राम

चारु आगे बताती हैं कि उस बड़े प्रोडक्शन हाउस के कास्टिंग डॉयरेक्टर ने उन्हें कुछ लोगों के साथ कॉम्प्रोमाइज करने को कहा था। इसके लिए उन्होंने मना कर दिया। वह आगे बताती हैं कि पहले वो सोचती थीं कि लोग कास्टिंग काउच को लेकर कहानियाँ बनाते हैं। ऐसा सच में कुछ होता नहीं है। हालाँकि, जब खुद उनके साथ ऐसा हुआ तो उन्हें एहसास हुआ कि ये बॉलीवुड की सच्चाई है।

वह कहती हैं कि इसके बाद उन्होंने फिल्मों में काम करने का विचार हमेशा के लिए अपने दिमाग से निकाल दिया और टीवी का रुख किया। इस वाकए के दो-तीन दिन बाद ही उन्होंने टीवी शो ‘अगले जन्म मोहे बिटिया’ साइन किया। वह कहती हैं कि इस घटना के बाद वो बेहद खौफ में रहीं और लोगों से फिल्म के लिए मिलना तक छोड़ दिया।

बॉलीवुड के लिए छोड़ी थी इंजिनियरिंग की पढ़ाई

चारु मिस राजस्थान बनने के बाद बहुत खुश थीं। अपने पेशे को लेकर उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं था, लेकिन एक दिन टीवी शो ‘कसम से’ देखकर एक्ट्रेस बनने का फैसला लिया। इस बात को उन्होंने अपने पिता के साथ शेयर की। इस पर उनके फादर ने पहले ग्रेजुएशन पूरा करने और बाद में किसी पेशे में जाने की सलाह दी।

वह कहती हैं कि उस दौरान वो इंजीनियिंरग कर रही थीं, लेकिन टीवी एक्ट्रेस बनने की दीवानगी में उन्होंने इसे छोड़ बीकॉम में दाखिला ले लिया। साल 2010 में अपने आखिरी एग्जाम के दिन उन्होंने अपने पिता से कहा कि अगर वो उन्हें मुंबई जाने का टिकट लाकर देंगे तभी वो एग्जाम में बैठेंगी। आखिरकार रिजल्ट का इंतजार किए एग्जाम देने के दूसरे दिन मुंबई के लिए रवाना हो गईं।

आसान नहीं था मुंबई में सरवाइव करना

चारु बताती हैं कि जब उन्होंने बीकानेर छोड़ा तो उनकी आँखों में सपने थे। उन्हें लगता था कि मुंबई जाते ही काम मिल जाएगा और वो हिरोइन बन जाएँगी। हालाँकि, मुंबई में रहना आसान नहीं था। वह बताती हैं कि ये उनके लिए बहुत चुनौती भरा वक्त था। वो मुंबई में किसी को जानती नहीं थीं। उस वक्त को याद कर वो कहती हैं कि पहली बार जब वो मुंबई आई थीं तो उनके साथ उनका पूरा परिवार आया था। यहाँ थोड़ा सेटल होने के बाद भी उनकी माँ उनके साथ रही थीं।

इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री में संपर्क बनाने के लिए उन्होंने किशोर नमित कपूर का एक्टिंग स्कूल ज्वॉइन कर लिया। वह कहती हैं कि यहीं से उन्होंने ‘ये रिश्ता क्या कहलाता’ के लिए ऑडिशन दिया और इसके लिए उन्हें चुन लिया गया। इसके बाद उन्हें ‘देवों के देव महादेव’ में काम मिल गया। वह बताती हैं कि ऐसा दौर भी आया जब उन्होंने केवल एक मैगी से गुजारा किया और मेकअप के लिए गरम मसाले तक का इस्तेमाल किया।

BJP ने SDPI को दिया समर्थन, इस्माइल जीत गया चुनाव: मीडिया में चल रही खबर, जुबैर ने किया वायरल – फैक्ट चेक

कर्नाटक में ग्राम पंचायत चुनाव हुआ। इसमें BJP ने SDPI के एक कैंडिडेट को समर्थन दिया। इसके कारण SDPI का टी इस्माइल चुनाव जीत गया। SDPI राजनीतिक विंग है PFI का। PFI एक इस्लामी आतंकी संगठन है, जिस पर केंद्र की भाजपा सरकार ने ही प्रतिबंध लगवाया है। मतलब जिस पार्टी ने बैन लगाया, वही पार्टी गठबंधन भी कर रही है!

ऊपर जो लिखा गया है, वो एक खबर है। इसे मातृभूमि, वार्ताभारती, डायजिवर्ल्ड जैसे दक्षिण भारत की मीडिया ने पब्लिश किया। हिंदी-अंग्रेजी वाली मीडिया टाइम्स नाउ ने भी चला दिया इस खबर को। ऑल्ट न्यूज वाले फर्जी फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने भी टाइम्स नाउ को रिट्वीट करते हुए खबर को वायरल किया।

फर्जी खबर को वायरल करने वाला जुबैर… क्या खाक बनेगा फैक्ट चेकर!

क्या सच में भाजपा ने SDPI से गठबंधन किया? क्या सच में भाजपा ने SDPI के कैंडिडेट टी इस्माइल को जीत दिलवाई? मीडिया रिपोर्टिंग से परे हकीकत कुछ और ही है।

SDPI के साथ BJP: फेक न्यूज

कर्नाटक में ग्राम पंचायत चुनाव में पार्टियों के चुनाव चिह्न नहीं होते हैं। ऐसे में दो राजनीतिक पार्टियों के बीच गठबंधन कैसे हो सकता है?

भाजपा के नेशनल इंफॉर्मेशन ऐंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट कर बताया कि SDPI के साथ उनकी पार्टी का कोई गठबंधन नहीं है। ऐसे में उनको समर्थन देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी अमित मालवीय के जैसा ही सवाल उठाते हुए ट्वीट किया। इन्होंने मीडिया को खबरों की सत्यता जाँचने के बाद ही पब्लिश करने की सलाह भी दी।

भाजपा के साथ गठबंधन पर SDPI वालों ने क्या कहा?

न्यूज वेबसाइट माध्यमम से बात करते हुए SDPI कर्नाटक के महासचिव अब्दुल लतीफ पुत्तुर ने पंचायत चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन की बात को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा से पंचायत प्रेजिडेंट चुनाव के लिए समर्थन कभी माँगा ही नहीं है।

माध्यमम वेबसाइट की खबर का अंग्रेजी अनुवाद

SDPI जन प्रतिनिधि के कर्नाटक-इन-चार्ज नवाज उल्लाल ने अब्दुल लतीफ पुत्तुर से भी ज्यादा जानकारी न्यूज वेबसाइट माध्यमम को दी। उल्लाल के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता फयाज और मुहम्मद ने मतदान के दौरान अपनी पार्टी के विरोधी SDPI कैंडिडेट टी इस्माइल को क्रॉस वोटिंग कर दी।

24 सदस्यों वाली पंचायत में भाजपा के 13 जबकि SDPI के 10 सदस्य थे। उल्लाल के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता फयाज और मुहम्मद की क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा और SDPI दोनों के कैंडिडेट को 11-11 वोट मिले। इसके बाद चुनाव अधिकारी के आदेश पर ड्रॉविंग लॉट के आधार पर SDPI के टी इस्माइल को विजेता घोषित किया गया।

फर्जी फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर

जब सब कुछ इंटरनेट पर मौजूद है तो फिर ‘फैक्ट चेकर’ मोहम्मद जुबैर ने टाइम्स नाउ के वीडियो को रिट्वीट क्यों किया? क्योंकि इसका काम ही यही है। आतंकियों को बचाना, दंगाइयों को कवर देना… इनसे कुछ समय बच जाए तो भाजपा के खिलाफ प्रोपेगेंडा करना।

दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी युवती, देखकर मास्टरबेट करने लगा युवक: CCTV फुटेज से पकड़ा गया

दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर एक युवती को देखकर अश्लील हरकत करने वाला युवक गिरफ्तार हो गया है। आरोपित की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई है। वह बेगमपुर के राजीव नगर इलाके का रहने वाला है। वह एक दवा कंपनी के मार्केटिंग विभाग में काम करता है। घटना 7 अगस्त 2023 की बताई जा रही है। घटना के बारे में पीड़िता ने ट्विटर पर भी बताया था।

युवती की शिकायत पर एक्शन में आई मेट्रो पुलिस 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 7 अगस्त को युवती ने मेट्रो पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि वह तुगलकाबाद से मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन आई थी। वह मंडी हाउस के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर अपने दोस्त का इंतजार कर रही थी। तभी प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ा एक युवक उसे देखकर मास्टरबेट (हस्तमैथुन) करने लगा। युवती अपनी शिकायत लेकर सीआईएसएफ स्टाफ के पास पहुँची। लेकिन जब तक सीआईएसएफ वाले प्लेटफॉर्म पर पहुँचते आरोपित दूसरी मेट्रो पकड़ कर निकल गया था।

सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया

मेट्रो पुलिस के स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर समीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने आरोपित की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खँगाले। फुटेज से आरोपित की पहचान की गई। उसकी तस्वीर सभी मेट्रो थाना पुलिस को दिया गया। नंगली स्टेशन पर वह मेट्रो से बाहर जाता दिखा। इसके बाद उसे बेगमपुर के राजीव नगर से 9 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट में दिल्ली मेट्रो के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल के हवाले से बताया गया है कि आरोपित ने की पहचान के लिए डीएमआरसी ने दिल्ली पुलिस की हरसंभव मदद की। सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपित की लोकेशन और जिस स्टेशन से उसने एंट्री की थी, उसके बारे में पता लगाया। उसने अपना टिकट ऑनलाइन बुक किया था। इससे उसका फोन नंबर भी मिल गया। इन जानकारियों को दिल्ली पुलिस के साथ साझा किया गया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

देशद्रोह का कानून हटेगा, भगोड़ों को भी मिल सकेगी सजा, झूठी पहचान बताकर शादी पर कठोर दंड: अमित शाह ने पेश किए तीन विधेयक

केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा की सरकार अंग्रेजों के बनाए कानून में लगातार संशोधन कर रही है। इसके तहत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (11 अगस्त 2023) को संसद में तीन विधेयक पेश किए। सरकार ने राजद्रोह कानून को खत्म कर दिया है। अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है, ना कि सजा देना।

गृहमंत्री ने संसद में भारतीय न्याय संहिता बिल, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बिल 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम बिल पेश किया। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता यानी इंडियन पीनल कोड को अब भारतीय न्याय संहिता कहा जाएगा। उन्होंने मॉब लिंचिंग से लेकर भगोड़े अपराधियों को लेकर कानून में कई सारे बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। 

अमित शाह ने कहा कि इन विधेयकों से आपराधिक दंड संहिता में आमूलचूल परिवर्तन होगा। भारत के अधिकांश कानून अंग्रेजों के बनाए हुए हैं। इसको देखते हुए इनमें बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इन तीनों विधेयकों को आगे की जाँच के लिए संसदीय समिति के पास भेजा जाएगा।

इन कानूनों मे बदलाव के लिए चार साल तक गहन विचार-विमर्श हुआ और इसके लिए 158 बैठकें की गईं। नए विधेयक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता द्वारा CrPC यानी दंड प्रक्रिया संहिता को बदला जाएगा। उसमें अब 533 धाराएँ होंगी। 160 धाराओं को बदल दिया गया है। 9 धाराएँ नई जोड़ी गई हैं और 9 धाराओं को निरस्त किया गया है।

इसी तरह भारतीय न्याय संहिता IPC यानी भारतीय दंड संहिता को रिप्लेस करेगी। इसमें पहले 511 धाराएँ थीं, जो घटकर 356 धाराएँ रह जाएँगी। इसके 175 धाराओं में बदलाव किया या है। 8 धाराओं में बदलाव हुआ है और 22 धाराएँ निरस्त की गई हैं।

वहीं, भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 170 धाराएँ होंगी। इसमें पहले 167 धाराएँ थीं। इनमें से 23 धाराओं में बदलाव किया है और एक धारा नई जोड़ी गई है। वहीं, इसके पाँच धाराओं को निरस्त कर दिया गया है। 

राजद्रोह कानून खत्म

अमित शाह ने कहा कि राजद्रोह कानून को अंग्रेजों ने अपने शासन को बचाने के लिए बनाया गया था। इस सरकार ने राजद्रोह को पूरी तरह से खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। लोकतंत्र में सबको बोलने का अधिकार है।

इस कानून में अलगाववादी सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियाँ, भारत की संप्रभुता एवं एकता को चुनौती जैसी बातों की इस कानून में व्याख्या की गई है। इस कानून में कोर्ट में सुनवाई के बाद उसके आदेश पर आरोपित की पूरी संपत्ति को कुर्क करने का अधिकार भी दिया गया है।

बताते चलें कि 1837 में ब्रिटिश इतिहासकार और राजनीतिज्ञ थॉमल मैकाले द्वारा तैयार किया किए गए राजद्रोह के कानून का सबसे पहला उपयोग अंग्रेजों ने 1897 में बाल गंगाधर तिलक पर किया था। इसके अलावा 19 मार्च 1922 को महात्मा गाँधी के खिलाफ भी इस कानून का प्रयोग किया गया था।

झूठी पहचान बताकर शादी करने पर कठोर सजा

गृहमंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध एवं सामाजिक समस्याओं को देखते हुए भी कानून बनाया गया है। शादी, रोजगार, पदोन्नति के झूठे वादे और गलत पहचान बताकर यौन संबंध बनाने के मामले पर भी ध्यान दिया गया है।

इस विधेयक में सामूहिक दुष्कर्म के सभी मामलों में 20 साल की सजा या आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 18 साल से कम आयु की लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने पर भी सजा का प्रावधान किया गया है।

नए कानून में महिला की निजी तस्वीर को सार्वजनिक करने पर भी सजा का प्रावधान है। पहली बार दोषी पाए जाने पर कम से कम एक साल और अधिकतम तीन साल का कारावास होगा। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम-से-कम तीन साल और अधिकतम 7 साल की सजा होगी। दोनों ही स्थिति में जुर्माना भी वसूला जा सकता है।

स्नैचरों भी कानून की जद में

अमित शाह ने कहा कि स्नैंचिंग के लिए कानून में कोई प्रावधान नहीं था। यह चोरी नहीं थी, इसलिए बहुत सारे लोग बच जाते थे। नए कानून में स्नैचिंग के लिए भी प्रावधान किया गया है। 324 में गंभीर चोट के कारण निष्क्रियता की स्थिति हो जाती थी तो महज 7 साल की सजा थी।

उन्होंने कहा कि अगर किसी को थोड़ा सी चोट लगे और वह एक सप्ताह में अस्पताल से बाहर आ जाए तो उसकी सजा को थोड़ा अलग किया गया है। अगर इस दौरान किसी को हमेशा के लिए अपंगता आती है तो इसकी सजा 10 साल या आजीवन कारावास की गई है।

भगोड़ों को सजा और मॉब लिंचिंग पर कठोर सजा

नए विधेयक में भगोड़े अपराधियों के लिए भी सजा का प्रावधान किया गया है। अमित शाह ने कहा कि दाऊद इब्राहिम कई सारे केसों मे वांछित है, वो भाग गया। इसलिए फिलहाल उसका ट्रायल नहीं होता है। नए कानून के तहत सेशन कोर्ट जज पूरी प्रक्रिया के बाद जिसे भगोड़ा घोषित करेंगे, उसकी अनुपस्थिति में भी ट्रायल होगा और उसे सजा भी दी जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि जो अपराधी देश छोड़कर भाग जाते हैं, उसके विरूद्ध 10 साल की सजा का प्रावधान लाया है। इसके अलावा, सरकार ने मॉब लिंचिंग पर कठोर सजा का प्रावधान किया है। इस कानून में मॉब लिंचिंग के लिए आजीवन कारावास और मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है।

कैदियों की सजा माफी के लिए कानून

सजा माफी को राजनीतिक इस्तेमाल करने का मुद्दा भी अमित शाह ने उठाया। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत अगर किसी कैदी की सजा माफ करनी है तो मृत्यु की सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकेगा।

इसके अलावा, आजीवन कारावास की सजा को 7 साल तक ही माफ किया जा सकता है। वहीं, 7 साल के कारावास को 3 साल ही माफ किया जा सकता है। अमित शाह ने कहा कि राजनीतिक रसूख वाले व्यक्तियों को भी सजा भुगतनी ही पड़ेगी।

‘यदि हम भागते नहीं तो वे हमें जिंदा जला देते’: नूहं में काली मंदिर पर भी हुआ था हमला, पुजारी ने बताया- अल्लाहू अकबर के नारे लगा रही थी भीड़

हरियाणा के मेवात के नूहं में 31 जुलाई 2023 को इस्लामी भीड़ ने जलाभिषेक यात्रा में शामिल हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला किया था। इस दौरान नल्हड़ महादेव मंदिर को मुस्लिम दंगाइयों ने निशाना बनाया था। वहाँ कई घंटे तक हिन्दू श्रद्धालु बंधक जैसी स्थिति में फँसे रहे थे। नल्हड़ मंदिर से करीब 45 मिनट की दूरी स्थित शृंगार मंदिर को भी निशाना बनाया गया था। इसके अलावा नूहं के एक और बाबा गोरखनाथ काली मंदिर को भी दंगाइयों की भीड़ ने निशाना बनाया था।

काली मंदिर के मुख्य द्वार और दीवारों पर अभी भी हिंसा के निशान मौजूद हैं। 9 अगस्त 2023 को जब ऑपइंडिया इस मंदिर में पहुँची तो तोड़फोड़ और आगजनी के निशान कई जगह देखने को मिले। भीड़ के निशाने पर पुजारी और उनका परिवार भी था। ऑपइंडिया को मंदिर के पुजारी ने बताया कि हमलावर भीड़ का हिंदुओं ने डटकर मुकाबला किया था। इसके कारण ही आज वे और उनका परिवार सुरक्षित है।

अल्लाहू अकबर के नारे लगा रही थी भीड़: पुजारी

काली मंदिर के पुजारी ने ऑपइंडिया को बताया कि 31 जुलाई को 500 से ज़्यादा की भीड़ ने मंदिर पर हमला किया था। वे ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगा रहे थे। उनके हाथों में पत्थर सहित कई दूसरे हथियार थे। उन्होंने बताया, “जैसे-तैसे हम भागकर कमरे में घुसे और अंदर से कुण्डी लगा दी। हमारे साथ भगत जी और मुझसे मिलने आए दो श्रद्धालु भी थे, जिनकी बाइक को बाद में भीड़ ने आग लगा दी।”

पुजारी के अनुसार मंदिर के आसपास करीब 2-3 घंटे तक पत्थरबाजी होती रही। पूरी सड़क पत्थरों से पट गई थी। भीड़ ने मंदिर का ताला तोड़ दिया था, लेकिन वे मंदिर के अंदर नहीं घुस पाए। ऐसा होता तो वे माँ काली की मूर्ति और शिवलिंग को भी नुकसान पहुँचा सकते थे।

पुजारी ने बताया कि हमले की खबर मिलने के बाद कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर आ गए थे। उन्होंने कहा, “यदि हम भागे नहीं होते तो हमें ज़िंदा ही जला देते। कॉलोनी के लोग ही हमें यहाँ से निकालकर किसी तरह ले गए।” पुजारी के अनुसार हमले के समय प्रशासन से भी मदद माँगी थी। लेकिन कोई मदद नहीं मिली। पुलिस हमले के 6 घंटे बाद आई थी।

नल की टोटी भी उखाड़ ले गए दंगाई

पुजारी ने ऑपइंडिया को बताया कि दंगाइयों ने उस प्याऊ के नल को भी उखाड़ लिया जिससे मुस्लिम भी पानी पीते थे। मंदिर का घंटा और शंख भी गायब है। उनके अनुसार हमलावर भीड़ में 15 से लेकर 30-35 साल की उम्र के लोग शामिल थे। उन्होंने चोट के वे निशान भी दिखाए जो भागते वक़्त पत्थरों से उनके पैरों में लगी थी।

सुरक्षा की माँग

काली मंदिर के पुजारी ने इलाके में पुलिस चौकी की माँग की है। उन्होंने कहा कि उस दिन हिंदुओं ने संगठित होकर मुस्लिम भीड़ के हमले से मंदिर और उनके परिवार को बचा लिया। लेकिन आसपास के हिंदू अभी भी डरे हुए हैं, क्योंकि यह पूरा इलका मुस्लिम बहुल है।

काली मंदिर पर हमले से भी पता चलता है कि 31 अगस्त की हिंसा सुनियोजित साजिश थी। योजनाबद्ध तरीके से हिन्दुओं और मंदिरों को निशाना बनाया गया था। हिंसा को लेकर अब तक 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 104 प्राथमिकी दर्ज की गई है।

​कब्रिस्तान के नाम पर कर दी बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की जमीन, हाई कोर्ट ने तहसीलदार से माँगा जवाब: 2004 में राजस्व रिकॉर्ड में हुई थी ‘हेराफेरी’

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की जमीन कब्रिस्तान के नाम पर किए जाने को लेकर तहसीलदार से जवाब माँगा है। मथुरा जिले के छाता तहसील के तहसीलदार को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का निर्देश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2023 को होगी।

इस संबंध में श्री बिहारी जी सेवा ट्रस्ट (मथुरा) ने याचिका दायर कर रखी है। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि मथुरा जिले की छाता तहसील के शाहपुर गाँव स्थित प्लॉट नंबर 1081 की स्थिति में समय-समय पर बदलाव किया गया है। इसलिए तमाम तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए तहसीलदार को निर्देश दिया जाता है कि राजस्व अधिकारियों द्वारा की गई इस कार्यवाही को समझाने के लिए वह व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हों।

ज्ञात हो कि ‘श्री बिहारी जी सेवा ट्रस्ट (मथुरा)’ ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य के राजस्व रिकॉर्ड में मूल रूप से यह जमीन बांके बिहारी जी महाराज मंदिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। लेकिन साल 2004 में इसे कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मंदिर की जमीन में ‘अवैध रूप से’ किए गए बदलाव को सही करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि प्राचीन काल से ही यह जमीन बांके बिहारी महाराज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। लेकिन भोला खान पठान नामक व्यक्ति ने राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से इस भूमि को कब्रिस्तान की जमीन के रूप में दर्ज करवा दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर मंदिर ट्रस्ट ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद मामला वक्फ बोर्ड तक गया। मामले की जाँच के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई गई। इस जाँच में सामने आया था कि मंदिर की जमीन को कब्रिस्तान के नाम पर गलत तरीके से रजिस्टर्ड किया गया था। हालाँकि इसके बावजूद यह जमीन बांके बिहारी जी महाराज मंदिर के नाम पर दर्ज नहीं की गई।

वहीं इस मामले में राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि इस मामले में जमीन को कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज करने के लिए भी एक आवेदन लंबित है, क्योंकि अब इस जमीन के रिकॉर्ड को कब्रिस्तान से ‘पुरानी आबादी’ के तौर पर बदल दिया गया है।

‘PM मोदी आपके लिए हमेशा लड़ते रहेंगे’: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन भी भारत के नेतृत्व की मुरीद, कहा- कॉन्ग्रेस अपने ही देश को अपमानित करती है

अमेरिकी गायिका-अभिनेत्री मैरी मिलबेन (American singer Mary Millben) ने मणिपुर मामले पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का खुलकर समर्थन किया है और कॉन्ग्रेस सहित विपक्षी दलों को निशाने पर लिया है। इसको लेकर मिलबेन ने गुरुवार (10 अगस्त 2023) को एक ट्वीट किया। यह ट्वीट उस वक्त किया, जब संसद में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुँह गिर गया।

मैरी मिलबेन के ट्वीट से साफ जाहिर होता है कि इस विदेशी सिंगर ने विपक्ष को नेतृत्वविहीन और सिद्धांतहीन का तमगा दिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर विश्वास जताया और मणिपुर के लोगों से भी उन पर विश्वास बनाए रखने को कहा है। यहीं नहीं, उन्होंने भारत के पत्रकारों को भी आईना दिखाने से गुरेज नहीं किया।

आईना दिखाता है सिंगर मैरी मिलबेन का ट्वीट

38 साल की अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने 10 अगस्त की रात को एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा, “भारत को अपने नेता पर भरोसा है। भारत के मणिपुर की माताओं, बेटियों एवं महिलाओं को न्याय मिलेगा और पीएम मोदी आपके लिए हमेशा लड़ते रहेंगे।”

उन्होंने भारत के सच पर भी अपनी बात रखी और कहा, “सच्चाई: ऐसी पार्टी (कॉन्ग्रेस) से जुड़ना जो सांस्कृतिक विरासत का अपमान करती है, बच्चों को अपने देश का राष्ट्रगान गाने के अधिकार से वंचित करती है और विदेश में अपने देश को अपमानित करती है, यह नेतृत्व नहीं है। यह सिद्धांतहीन है।”

पत्रकारों को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने आगे कहा, “बेईमान पत्रकारिता झूठी नैरेटिव गढ़ेगी, विपक्षी आवाजें बगैर किसी तथ्य के जोर-जोर से नारे लगाएँगी, लेकिन सच हमेशा लोगों को आज़ाद करेगा।” उन्होंने डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर के लफ्जों में कहा, “भारत में आजादी को खुद आवाज करने दो। मेरे प्यारे भारत, सच को आवाज करने दो।”

यहाँ अमेरिकी गायिका का ये कहने का मतलब है कि ‘भारत के लोगों यहाँ सच्चाई खुद ब खुद सामने आने दो। झूठे बयानों पर यकीन न करो’। अमेरिकी सिंगर ने पीएम मोदी पर विश्वास जताया है। उन्होंने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी, मेरा भरोसा आप पर है, मैं आपके लिए दुआ कर रही हूँ।”

क्यों आई अमेरिकी सिंगर पीएम मोदी के समर्थन में?

20 जुलाई 2023 को मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से संसद में मणिपुर हिंसा सहित कई मुद्दों पर गतिरोध देखा गया। कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने बुधवार (9 अगस्त) को बहस के दौरान अपने मणिपुर दौरे और राज्य में हिंसा के पीड़ितों के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र किया और कहा कि ‘भारत’ देश के लोगों की आवाज है और ‘मणिपुर में आवाज की हत्या कर दी गई’।

वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, “मणिपुर में तब किसकी सरकार थी, जब सब कुछ उग्रवादी संगठनों की इच्छा के मुताबिक होता था? मणिपुर में तब किसकी सरकार थी जब सरकारी दफ्तरों में महात्मा गाँधी की तस्वीर लगाने की इजाजत नहीं थी? जब स्कूलों में राष्ट्रगान की अनुमति नहीं देने का फैसला लिया गया? उनका (विपक्ष का) दर्द चयनात्मक है। वे राजनीति से परे नहीं सोच सकते।”

पीएम मोदी ने मणिपुर पर आगे कहा था, “मणिपुर में आरोपियों को सजा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कोशिशें जारी हैं, ताकि आरोपियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिले। मैं देश के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि आने वाले वक्त में मणिपुर में शांति बहाल होगी। मणिपुर की महिलाओं और बेटियों, देश आपके साथ है।”

लोकसभा में उन्होंने यह भी कहा था, “कॉन्ग्रेस, उसके दोस्त पाकिस्तान पर तब भरोसा करते थे, जब वह हमारी सीमाओं पर हमला करने, हमारे इलाके में आतंकवादियों को भेजने की हरकतों से इनकार करता था। कॉन्ग्रेस भारत की छवि खराब करने वाले किसी भी वैश्विक सर्वेक्षण का झूठा प्रचार करने में गर्व महसूस करती है।”

जब छू लिए थे पीएम मोदी के पैर

जून में अमेरिका के दौरे के आखिरी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय से मुलाकात की थी। इस दौरान अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने पीएम मोदी के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद माँगा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया था। इस कार्यक्रम में मैरी ने जन गण मन गाया था। इसको लेकर मैरी की बहुत तारीफ भी हुई थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि इस रात को हमेशा वो अपनी यादों में संजोकर रखेंगी।

मैरी ने ये भी कहा था, “भारत और अमेरिका, दोनों देशों के राष्‍ट्रगान में लोकतंत्र के आदर्शों और स्‍वतंत्रता के बारे में बताया जाता है। यह भारत-अमेरिका के रिश्‍तों का असली सार है। एक स्वतंत्र देश उसके स्‍वतंत्र लोगों से बनता है।” मैरी भारत के राष्‍ट्रगान और ‘ओम जय जगदीश’ गाने को लेकर भारत में काफी मशहूर हैं।