Home Blog Page 1627

विश्व कप भारत खेलने आएगी Pak टीम, पाकिस्तान सरकार ने दी मंजूरी: खिलाड़ियों की सुरक्षा का अलापा राग

भारत में होने वाले आईसीसी वनडे विश्व कप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के शामिल होने का रास्ता साफ हो गया। पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को भारत भेजने की मंजूरी दे दी है। इसको लेकर पाकिस्तान ने एक बयान में कहा गया है कि उसे अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा की चिंता है। इसके लिए वह ICC और भारत के अधिकारियों से बात कर चुका है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, “पाकिस्तान लगातार कहता रहा है कि खेल को राजनीति के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसलिए, उसने आगामी आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 में भाग लेने के लिए अपनी क्रिकेट टीम को भारत भेजने का फैसला किया है। पाकिस्तान का मानना है कि भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति उसके अंतरराष्ट्रीय खेलों के रास्ते में नहीं आनी चाहिए।”

बयान में आगे कहा गया है, “पाकिस्तान का फैसला भारत के अड़ियल रवैये के विपरीत है। यह हमारे रचनात्मक और जिम्मेदार दृष्टिकोण को दर्शाता है, क्योंकि भारत ने एशिया कप के लिए अपनी क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया था। हालाँकि पाकिस्तान को अपनी क्रिकेट टीम की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। हम इन चिंताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि भारत दौरे के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट टीम की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के शेड्यूल में हो सकता है बदलाव:

5 अक्टूबर से शुरू होने वाले ICC वनडे विश्व कप 2023 में पाकिस्तान का पहला मैच छह अक्टूबर को हैदराबाद में नीदरलैंड्स के खिलाफ होना है। तय शेड्यूल के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच मैच 15 अक्टूबर को अहमदाबाद में होना है। हालाँकि इस मैच को 14 अक्टूबर को शिफ्ट किए जाने की संभावना है। इसके अलावा 12 नवंबर को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला पाकिस्तान का मैच भी शिफ्ट किया जा सकता है।

आईसीसी विश्व कप 2023 (ICC WC 2023) के लिए पाकिस्तान का शेड्यूल: 6 अक्टूबर– पाकिस्तान vs नीदरलैंड, हैदराबाद; 12 अक्टूबर–पाकिस्तान vs श्रीलंका, हैदराबाद; 15 अक्टूबर– पाकिस्तान vs भारत, अहमदाबाद में; 20 अक्टूबर– पाकिस्तान vs ऑस्ट्रेलिया, बेंगलुरु; 23 अक्टूबर– पाकिस्तान vs अफगानिस्तान, चेन्नई; 27 अक्टूबर– पाकिस्तान vs दक्षिण अफ्रीका, चेन्नई; 31 अक्टूबर– पाकिस्तान vs बांग्लादेश, कोलकाता; 4 नवंबर– पाकिस्तान vs न्यूजीलैंड बेंगलुरु;12 नवंबर– पाकिस्तान vs इंग्लैंड, कोलकाता

मकान में 200 लोगों को करा रहे थे ‘यीशू प्रार्थना’, धर्मांतरण की कोशिश: ‘बजरंग दल’ का विरोध प्रदर्शन, ईसाई मजहब से जुड़ी किताबें व दस्तावेज बरामद

मध्य प्रदेश के इंदौर में धर्मांतरण का मामले सामने आया। आरोप है कि 200 से अधिक हिंदुओं को इकट्ठा कर ईसाई बनाने की योजना थी। लेकिन, हिंदू संगठनों को इसकी सूचना मिल गई। इस पर कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पुलिस जाँच के बाद कार्रवाई करने की बात कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला इंदौर के हीरा नगर थाना क्षेत्र के मंगल नगर इलाके का है। यहाँ एक किराए के मकान में इंदौर समेत आसपास के इलाके के हिंदुओं को इकट्ठा किया गया था। बजरंग दल का आरोप है कि इस मकान में प्रत्येक रविवार प्रार्थना सभी आयोजित की जाती है। इस रविवार (6 अगस्त, 2023) को भी प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतण कराया जा रहा था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर जाकर देखा तो ईसाई महजब के लोग हिंदुओं से यीशु की प्रार्थना करवा रहे थे। साथ ही मौके पर ईसाई महजब से जुड़ी किताबें और पोस्टर मिले।

इसकी पुष्टि के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वहाँ मौजूद लोगों के पहचान पत्र की भी जाँच की। इस दौरान सामने आया कि वहाँ आए अधिकांश लोग हिंदू ही थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर हँगामा किया। टीवी9 की रिपोर्ट के अनुसार यहाँ आए हुए लोगों को ईसाइयों द्वारा धर्मांतरण करने पर आर्थिक सहायता करने का आश्वासन दिया गया था। साथ ही यीशू की प्रार्थना करने पर घर-परिवार में सभी का स्वास्थ्य ठीक रहने का आश्वासन दिया गया था।

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची। थाना प्रभारी पीएस शर्मा ने कहा है कि यहाँ आए हुए लोगों के बयान लिए जाएँगे। साथ ही इस बात की जानकारी ली जाएगी कि वे क्यों और किस के बुलाने पर यहाँ आए थे। धर्मांतरण की जानकारी मिलने पर संबंधित ईसाइयों के खिलाफ धर्म परिवर्तन सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मामले की जाँच के लिए बजरंग दल ने पुलिस को आवेदन भी दिया।

स्कूल नहीं जा सकेंगी 10 साल से ज़्यादा उम्र की छात्राएँ, अफगानिस्तान में एक और तालिबानी फरमान: तीसरी कक्षा से आगे नहीं पढ़ सकेंगी लड़कियाँ

अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। तालिबान एक के बाद एक फैसले थोपता जा रहा है। अब नया फरमान तालिबान की ओर से जारी हुआ है कि 10 साल से अधिक उम्र की बच्चियाँ स्कूल नहीं जा पाएँगी। बीबीसी पर्सियन के हवाले से एनडीटीवी ने इस बारे में एक रिपोर्ट लिखी है, जिसमें बताया गया है कि अफगानिस्तान के कुछ प्रांतों में 10 साल से अधिक उम्र की बच्चियों को स्कूल जाने से मना कर दिया गया है।

इस रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने स्कूलों और ट्रेनिंग सेंटरों को निर्देश दिए हैं कि 10 वर्ष से अधिक उम्र की बच्चियों का प्राइमरी स्कूलों में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहाँ मजहबी शिक्षा और मार्गदर्शन मंत्रालय (पहले-महिला मामलों के मंत्रालय) ने कई राज्यों के बालिका विद्यालयों के हेडमास्टर्स को बता दिया है कि तीसरी कक्षा के ऊपर की सभी छात्राओं को घर भेज दिया जाए। छठीं कक्षा की एक छात्रा, जो कि पूर्वोत्तर अफगानिस्तान में की है, उसके बीबीसी को बताया, “हमसे कहा गया है कि जो लड़कियाँ लंबी हैं और 10 साल से अधिक उम्र की हैं, उन्हें स्कूल आने की इजाजत नहीं है।”

पिछले साल से उच्च शिक्षा पर बैन लगा चुका है तालिबान

उच्च शिक्षा मंत्री नेदा मोहम्मद नदीम ने अपने आदेश में कहा था कि आप सभी को सूचित किया जाता ​है कि अगली सूचना तक महिलाओं को देश के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसे तुरंत लागू करें। बता दें कि दूसरी बार अफगानिस्तान की सत्ता में वाले तालिबान ने खुद को बदलने को वादा किया था, लेकिन उसने अपने तालिबानी फैसलों से एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बदलने वाला नहीं है।

उसके आदेश को संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने भी परेशान करने वाला इस कदम बताया था। उन्होंने कहा, “यह कल्पना करना मुश्किल है कि महिलाओं की शिक्षा और उनकी भागीदारी के बिना कोई देश कैसे विकास कर सकता है। उन सभी चुनौतियों से कैसे निपट सकता है, जो उसके सामने हैं।”

तालिबान ने कहा था-सज-धज कर कॉलेज जाती थी, मर्दों से मिलती थी लड़कियां

अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नदीम ने मामले पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में लड़के-लड़कियों के मेल जोल को रोकने के लिए यह प्रतिबंध जरूरी था। अफगानिस्तान के एक टीवी चैनल पर साक्षातकार के दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुछ ऐसे विषय पढ़ाए जा रहे थे जो इस्लाम के खिलाफ हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों के विश्वविद्यालयों में लगे प्रतिबंध के लिए कई और कारण बताए गए हैं।

बताया गया है कि छात्राएँ तालिबानी ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहीं थीं। छात्राएँ इस तरह सज-धज कर पढ़ने जाती थीं मानो शादी समारोह में जा रही हैं। संगठन का कहना है कि यूनिवर्सिटी में औरतें और मर्द स्वतंत्र रूप से मिल रहे थे। तालिबान सरकार के फैसले पर दुनिया भर में हो रही आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अफगानिस्तान का निजी मामला है और इसमें दूसरे देशों को दखल नहीं देना चाहिए।

तालिबान के विरोध में महिला प्रोफेसर ने फाड़ी थी लाइव शो में अपनी डिग्रियाँ

बता दें कि अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से तालिबान ने महिलाओं पर तमाम तरह के बैन लगाए हैं। न तो वो उच्च शिक्षा हासिल कर सकती थी और न ही काम कर सकती थी। उन्हें नौकरियों से हटा दिया गया था। यहां तक कि न्यूज एंकर्स के लिए भी तालिबान ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि वो हिजाब पहनें वर्ना, उन्हें बैन कर दिया जाएगा। तालिबान की इन हरकतों के खिलाफ एक महिला प्रोफेसर ने अपनी डिग्रियां लाइव टीवी शो पर फाड़ दी थी और तालिबान को जमकर लानतें भेजी थी।

बंगाल में खाली पड़े घर से मिलीं जिलेटिन की 12000 छड़ें: 60 डिब्बों में भरकर रखा गया था अवैध जखीरा, 15 जिंदा बम भी बरामद

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग गाँवों से जिलेटिन की छड़ें और जिंदा बम बरामद किए। जिलेटिन की छड़ें कार्टून के डिब्बों में भरकर रखी गई थीं। इन डिब्बों में जिलेटिन की 12000 छड़ें बरामद हुईं। इसके अलावा, पुलिस ने प्लास्टिक के ड्रम में रखे गए 15 जिंदा बम भी बरामद किए। घटना शनिवार (5 अगस्त, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने जिलेटिन की ये छड़ें बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना इलाके के रदीपुर गाँव से बरामद कीं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक खाली पड़े मकान में छापेमारी की थी। इसके बाद यहाँ से कार्टून के डिब्बों में पैक ये छड़ें बरामद हुईं। पुलिस इस मामले में जाँच की बात कह रही है। लेकिन इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इससे पहले शनिवार (5 अगस्त, 2023) दोपहर बीरभूम जिले के खैराशोल के कृष्णापुर गाँव में ग्रामीणों ने झाड़ियों के बीच प्लास्टिक का ड्रम दिखाई दिया। इसके बाद सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने 15 जिंदा बम बरामद किए। इस मामले में भी पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

चूँकि विस्फोटक बनाने में जिलेटिन की छड़ों का प्रमुखता से उपयोग होता है। इसलिए सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन की छड़ें कहाँ से आईं? इन्हें खाली पड़े मकान में क्यों रखा गया था? आतंकी बड़े पैमाने पर विस्फोटक तो नहीं तैयार करने वाले थे? इस मामले की जाँच करते हुए पुलिस को ऐसे अनेकों सवालों के जवाब ढूँढ़ने होंगे।

बता दें कि इससे पहले 10 अप्रैल, 2023 को भी बीरभूम जिले में एक कार से जिलेटिन की छड़ों से भरे 17 बक्से बरामद किए थे। इन बक्सों की जब जाँच की गई तो सामने आया था कि इसमें 3400 नग जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। उल्लेखनीय है कि इलाके में उत्खनन के लिए भी विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक से दो खदानों को छोड़ बाकी के पत्थर खदान वालों के पास विस्फोटक के लाइसेंस नहीं है। बिना लाइसेंस के खादान वाले अवैध तरीके से हासिल विस्फोटक का उपयोग कर पत्थर तोड़ते और प्राप्त करते हैं। चूँकि अब स्वतंत्रता दिवस आने वाला है। ऐसे में अवैध रूप से मिलने वाले विस्फोटक से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े होना स्वाभाविक है।

TMC नेता हुआ था गिरफ्तार

गौरतलब है कि जून 2022 में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने कोलकाता से एक टाटा सूमो कार सहित कई जगहों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया था। इनमें 81,000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 27000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और 1625 किलोग्राम जिलेटिन छड़ें शामिल थीं। इस मामले में NIA ने शुक्रवार (4 अगस्त, 2023) को तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता इस्लाम चौधरी को बीरभूम जिले से ही गिरफ्तार किया था। ऐसे में संभव है कि जिलेटिन की इन छड़ों के तार जून 2022 में मिले विस्फोटक से जुड़े हों।

‘इन्हें मार डालो, बाकी मैं देख लूँगा’: नूँह में दंगा भड़काने वाले अपने नेता के बचाव में उतरी AAP, दिल्ली के दंगाई ताहिर हुसैन को भी पीड़ित बता रही थी पार्टी

हरियाणा के नूँह और गुरुग्राम के इलाकों में हुई हिंसा में बजरंग दल के नेता प्रदीप कुमार की मौत हो गई थी। सोहना में प्रदीप की हत्या के मामले में AAP नेता जावेद अहमद के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी निकलकर सामने आ रही हैं कि जावेद का भतीजा तौसीफ फरीदाबाद के चर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में दोषी पाया गया था। उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आप नेता जावेद अहमद का नूँह दंगों में नाम आते ही आम आदमी पार्टी उसके बचाव में उतर गई है ठीक वैसे ही जैसे दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों में AAP ने मुख्य साजिशकर्ता ताहिर हुसैन के बचाव में किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, AAP नेता जावेद अहमद के सोहना इलाके में लगे पोस्टर में उसे अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष बताया गया है। वहीं, नूँह दंगे में हत्या और मुस्लिम दंगाई भीड़ का नेतृत्व करने के मामले में आप नेता पर FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ट्वीट किया और अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा है। सचदेव ने लिखा, “दिल्ली में ताहिर हुसैन और अब हरियाणा में जावेद अहमद… जगह अलग हो सकती है, पर पार्टी एक ही है।”

सचदेव ने AAP सुप्रीमों अरविन्द केजरीवाल से सवाल पूछा है, “क्या दंगा करना और मासूमों की हत्या करना ही है AAP की अलग तरह की राजनीति है?” वहीं उन्होंने आगे AAP के दंगाई और हिंदू-विरोधी चेहरे की बात करते हुए केजरीवाल को लताड़ लगाई है। 

AAP नेता जावेद अहमद के बचाव में उतरी पार्टी 

AAP नेता जावेद अहमद के बचाव में पार्टी ने अपने कई नेता उतार दिए हैं। AAP के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा (Anurag Dhanda) ने जावेद अहमद पर दर्ज FIR पर सफाई देते हुए उल्टा बीजेपी पर ही पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “बीजेपी को हरियाणा के लोग सिरे से खारिज करने लगे हैं। इसलिए बीजेपी अब षड्यंत्र रचना चाहती है और समाज को बाँटने का काम कर रही है। आज पूरा देश जानता है कि कौन दंगे भड़काता है और उसके बाद झूठी FIR कर दूसरे पार्टी के नेताओं को फँसाने का काम करते हैं।”

AAP नेता अनुराग ढांडा ने आगे कहा कि जावेद अहमद जो हमारी पार्टी के नेता है उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज करवाई गई है। उन्होंने दावा किया कि जहाँ पर ये घटना हुई उस दौरान जावेद उस जगह से करीबन 100-150 किलोमीटर दूर थे।

‘इन्हें मार दो बाकी मैं देख लूँगा’: जावेद अहमद 

बजरंग दल नेता प्रदीप की हत्या के मामले में पुलिस को एक फुटेज भी हाथ लगा है, जिस सीसीटीवी फुटेज में बजरंग दल के नेता प्रदीप को घायल अवस्था में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। बता दें कि 31 जुलाई को हुई हिंसा में बजरंग दल के नेता प्रदीप शर्मा को गाँव रायसीना के समीप गंभीर रूप से हमला किया गया था, जिसके 1 दिन बाद ही उनकी मौत हो गई। इस मामले में आप नेता जावेद अहमद पर FIR दर्ज हुई है। 

दर्ज FIR में चश्मदीद पवन ने बताया, “नूहं के नल्हड़ मंदिर से प्रदीप कुमार और मुझे रेस्क्यू कराने के बाद नूहं की पुलिस लाइन लाया गया। वहाँ से रात 10:30 बजे वो अपनी तीन गाड़ियों में घर के लिए निकले। उन्हें एक पुलिस वैन एस्कॉर्ट कर रही थी, लेकिन सोहना के पास पुलिस वैन के पुलिसकर्मी ये कहते हुए चले गए कि आगे रूट क्लीयर है। इसके बाद एक स्कॉर्पियो कार ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। इसके बाद केएमपी पर उनकी गाड़ी को कार ने ओवरटेक करके रुकवा लिया। पवन के मुताबिक, “भीड़ में मौजूद जावेद अहमद ने कहा कि इन्हें मार दो बाकी मैं देख लूँगा।”

प्रत्यक्षदर्शी पवन के अनुसार, दंगाई मुस्लिम भीड़ ने दोनों को कार से निकाल कर बुरी तरह पीटा। पवन के मुताबिक उसे तो किसी तरह पुलिस भीड़ के चंगुल से निकाल कर ले गई, लेकिन प्रदीप नहीं निकल सके क्योंकि उनके सिर पर दंगाइयों ने रॉड मार दी थी। वहीं बाद में प्रदीप की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। पवन ने एफआईआर में लिखाया कि वो जावेद अहमद को अच्छी तरह पहचानते हैं। इसी बीच सोहना चौक पर 200 लोगों की भीड़ मिली जिसे जावेद अहमद लीड कर रहा था।

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली दंगों के समय भी तमाम वीडियो सबूत मिलने के बाद भी मुख्य साजिशकर्ता ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी अंत तक बचाती रही थी वही एक बार फिर दोहराया जा रहा है। AAP ने तब उलटा ताहिर हुसैन को ही पीड़ित बताते हुए कहा था कि भीड़ उसके घर में घुस गई। बता दें कि नूहं दंगा मामले में अब तक कुल 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 80 को एहतियातन हिरासत में लिया गया है तथा 104 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। 

दलित रूममेट को प्रताड़ित करती थी मुस्लिम छात्रा: हिजाब-नमाज के लिए बनाती थी दबाव, प्राइवेट पार्ट पर हाथ फेरता था ‘भाई’ हामिद

फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को झूठ और सांप्रदायिकता फैलाने का प्रोपेगंडा बताने वाले लिबरलों की आँखें शायद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की इस घटना से खुल जाए। ताज़ा घटना में एक मुस्लिम लड़की ने अपनी दलित हिंदू रूम मेट पर इस्लाम को मानने के लिए इस कदर दबाव बनाया कि उसे पुलिस में मामला दर्ज कराना पड़ गया।

घर में रहने का सहारा देकर उसके साथ छेड़छाड़ की गई और विरोध करने पर उसे न सिर्फ गालियाँ दी गईं, बल्कि उसे बंधक भी बना लिया गया। यही नहीं, अब बालाघाट की रहने वाली इस लड़की ने पढ़ाई पूरी करने के लिए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। लड़की पशुपालन में पत्रोपाधि महाविद्यालय की छात्रा है।

हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई कहकर बनाया शिकार

सिंगरौलीतक की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 साल की दलित हिंदू छात्रा ने महिला थाने में शनिवार 5 अगस्त को दो लोगों के खिलाफ शिकायत की है। उसने मुस्लिम लड़की अनम सैयद और उसके साथी हामिद मियाँ पर धर्म स्वतंत्रता और अनुसूचित जाति के तहत मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। पीड़ित युवती के पिता की मृत्यु हो चुकी है।

वो बीते छः महीने से पशुपालन पत्रोपाधि महाविद्यालय में फर्स्ट ईयर की छात्रा है। पहले आरोपित मुस्लिम लड़की ने दोस्त होने का हवाला देकर अपने साथ नमाज पढ़ने को कहा, लेकिन पीड़िता के इनकार करने पर वो उससे ‘हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई’ होने जैसी बातें करने लगती थी।

ऐसी ही बातें कर आरोपित लड़की ने पीड़ित को अपने साथ कमरे में रहने के लिए तैयार किया था, लेकिन बाद में इस्लाम अपनाने, अपने साथ नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने के लिए दबाव बनाने लगी।

कैसे बनती है द केरला स्टोरी?

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित युवती ने पुलिस को बताया कि वो करीब चार महीने पहले नारियल खेड़ा पिपल चौराहा की रहने वाली अनम सैयद के संपर्क में आई थी। उसने अनम से किराए पर कमरा दिलाने को कहा था, लेकिन उसने से कहा कि वो उसके साथ रह सकती है क्योंकि वो भी अकेली ही रहती है।

पहले पीड़िता ने उसे मना किया, लेकिन अनम का व्यवहार अच्छा लगा तो वो उसके साथ रहने के लिए राजी हो गई। जून 2023 से पीड़िता ने मुस्लिम लड़की अमन के साथ रहना शुरू कर दिया।

सिंगरौलीतक की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 साल की दलित हिंदू छात्रा ने महिला थाने में शनिवार 5 अगस्त को दो लोगों के खिलाफ शिकायत की है। उसने मुस्लिम लड़की अनम सैयद और उसके साथी हामिद मियाँ पर धर्म स्वतंत्रता और अनुसूचित जाति के तहत मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। पीड़ित युवती मुन्नी के पिता की मौत हो चुकी है।

‘मुस्लिम बनोगी तो मिलेगी इज्जत’

आरोपित मुस्लिम लड़की अनम पीड़िता पर नमाज पढ़ने के लिए दबाव डालने लगी। वह पीड़िता से कहती थी कि हिजाब पहना करो। उसे नमाज पढ़ने और सिर पर हाथ फेरने के तरीके सिखाती। जब वो इनकार करती तो कहती हिंदू -मुस्लिम भाई-भाई हैं। पहले वो पीड़िता से कहती थी कि तुम अपने धर्म की पूजा कर सकती हो, लेकिन बाद में उसने कमरे में उसे पूजा करने से भी मना कर दिया।

अनम उससे ये कहकर बरगलाने की कोशिश करती कि तुम नीच जाति की हो और हिंदू भी नहीं हो, हमारा धर्म अपना लो, तुम मुस्लिम बन जाओगी और तुम्हें इज्जत मिलेगी। कुरान को छूने का मौका मिलेगा। इतना ही नहीं, वो पीड़िता से अश्लील बात भी करती और उसका वीडियो बनाती।

हामिद मियाँ रात में करता था छेड़छाड़

पीड़िता युवती ने कहा कि अनम के यहाँ अक्सर हमिद मियाँ एक युवक रात को करीब 8 बजे आता था और करीब 11 बजे तक रहता था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 10 जुलाई को उसका एग्जाम था तो वो जल्दी सोने चली गई, लेकिन सोने के बाद उसे लगा कि उसका शरीर कोई छू रहा है।

नींद खुलने पर उसने आरोपित हामिद और अनम को अपने बिस्तर पर बैठा पाया था। आरोप है कि पूछने पर आरोपित अनम ने उसे ये कहकर डपट दिया था -“हामिद, तेरे भाई जैसा है।”

दरअसल पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे कई दिन से ये लग रहा था कि कोई उसका शरीर छूता है और उसके प्राइवेट पार्ट्स पर हाथ फेरता है, लेकिन पूछने पर दोनों आरोपित डाँट कर उसे चुप कराकर सुला देते थे। इसके बाद हामिद खुलेआम पीड़िता से छेड़ाछाड़ पर उतर आया था।

कमरे में बंद कर लगाया ताला

पीड़िता युवती ने पुलिस को ये भी बताया कि ये सब देखकर उसने जब कमरा छोड़ कर जाने की बात कहीं तो दोनों आरोपितों जबरदस्ती पर उतर आए। उसे कमरे में बंद करके ताला लगा दिया। किसी तरह पीड़िता ने फोन पर मम्मी को सारी बात बताई और भाई को खुद को लेने के लिए भेजने को कहा। इस पर आरोपित अनम ने उसका फोन छीन लिया।

पीड़िता युवती की मां ने उसके बताए हुए पते पर भाई को भेजा तो उसके साथ भी उसे नहीं भेजा। उसके भाई ने गौतम नगर थाने में जाकर मदद माँगी। पीड़िता का कहना है कि जब आरोपित अनम उसे गाली दे रही थी और गला दबा रही थी तो इस दौरान पुलिस पहुँच गई और पीड़िता को थाने लेकर गई। इसके बाद में पुलिस ने उसे भाई के साथ घर बालाघाट भेज दिया।

आरोप – पुलिस ने खौफ दिखा गाँव भेजा

पीड़िता का कहना है कि वो आरोपितों को खिलाफ उसी दिन एफआईआर कराना चाहती थी, लेकिन विवाद का खौफ दिखाकर पुलिस ने मुझे गाँव भेज दिया। पीड़िता के मुताबिक उसके साथ कई दिनों से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और छेड़छाड़ की घटना चलती रही थी।

पीड़िता तीन अगस्त को बालाघाट से भोपाल में परीक्षा देने आई और यहीं रुक गई और 5 अगस्त शनिवार को सुबह महिला ने थाने पहुँच कर रूम मेट मुस्लिम लड़की अमन सैयद और उसके दोस्त हामिद के खिलाफ बंधक बनाने, छेड़छाड़ करने, धमकी देने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने संबंधी विभिन्न धाराओं धाराओं में मामला दर्ज करा दिया।

मध्य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 है लागू

साल 2021 में मध्‍य प्रदेश सरकार ने राजपत्र में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक- 2020 को अधिसूचित किया था । इसके साथ ही राज्य में लव जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून लागू हो गया था। मुख्यमंत्री शिवराज राज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2020 को मंजूरी दी थी।

इस कानून में मतांतरण में मदद करने वालों के लिए भी सजा का प्रावधान है। इसके लागू होने के बाद भी इस राज्य में मुस्लिमों के हौसलें बुलंद हैं। मध्य प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश लागू होने के बाद ही राजधानी भोपाल में लव जिहाद का पहला मामला जनवरी 2021 में ही सामने आ गया था। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, ये केस भोपाल के अशोका गार्डन थाने में दर्ज हुआ था।

जहां एक युवती ने आरोप लगाया था कि एक मुस्लिम युवक असद ने अपना आशु हिंदू नाम बताकर शादी का झाँसा देकर उसका यौन शोषण किया था। युवती को उसके मुस्लिम होने का पता चलने पर आरोपित ने पीड़ित युवती को धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित किया और निकाह के लिए दबाव बनाया।

कौन है इसके दायरे में ?

1- मतांतरण के मकसद से नकद वस्तु, दान, रोजगार, किसी धार्मिक निकाय के संचालित विद्यालय में शिक्षा, दैवीय प्रसाद जैसी बातों को प्रलोभन माना गया है।

2- मनोवैज्ञानिक दबाव, भौतिक बल इस्तेमाल या धमकी देकर मजबूर करना।

3- पैतृक धर्म में वापसी को मतांतरण में नहीं गिना जाएगा। व्यक्ति के पैदा होते वक्त पिता का धर्म ही पैतृक धर्म कहलाता है।

कड़ी है सजा भी

1- महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति, जनजाति के व्यक्ति का मतांतरण करवाने यानी धर्म बदलवाने पर कम से कम दो तथा अधिकतम 10 साल के जेल होगी। जुर्माना भी 50 हजार से कम नहीं होगा।

2- मतांतरण की शिकायत माता-पिता, भाई या बहन या रक्त, विवाह या दत्तक ग्रहण से संबंधित शख्स ही कर सकेगा।

3- धर्म छिपाकर विवाह करने वालों को कम से कम तीन साल की सजा। इसे बढ़ाकर 10 वर्ष तक भी किया जा सकता है। जुर्माना 50 हजार रुपए से कम नहीं होगा।

4- सामूहिक मतांतरण में कम से कम 5 साल की सजा। इसे 10 साल तक किया जा सकता है। जुर्माना कम से कम एक लाख रुपये होगा।

5- धोखा देकर की गई शादी से पैदा हुई औलाद को पिता के वारिस के तौर पर सभी हक-हकूक होंगे। शादी के जीरो होने का एलान करने की हालत में भी बच्चे के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

6- मतांतरण करने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन देना होगा।

7- इस मामले में कानून कार्रवाई होने पर आरोपित को ही अपने दोषी नहीं होने के सबूत देने होंगे।

8- उप निरीक्षक से नीचे का कोई भी पुलिस अधिकारी इस कानून में जाँच नहीं करेगा।

‘बेटियों के साथ धोखा बर्दाश्‍त नहीं’

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में मध्‍य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 लागू होने पर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश ने मूर्त रूप ले लिया है।

उन्होंने कहा था कि अब प्रदेश में कोई भी बहला-फुसलाकर, डरा-धमकाकर, लालच से हमारी बेटियों के साथ छल करेगा तो उसके खिलाफ इसी कानून के तहत उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस काम में मदद देने वाले भी कानून के दायरे में आ गए हैं। इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है, इसलिए ऐसे सभी लोग खबरदार हो जाएँ, लेकिन शायद ये चेतावनी इस राज्य में बेअसर साबित हो रही है।

फिरोज, चाँद मोहम्मद, रईस खान, जुनैद, इरशाद और अकील… दिल्ली दंगा में 6 आरोपितों पर चलेगा हत्या का मुकदमा, LG ने दी मंजूरी

साल 2020 में हुए हिंदू विरोधी दंगों के 6 आरोपितों के खिलाफ दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। इस दंगे 25 वर्षीय शाहिद उर्फ अल्लाह मेहर नाम के एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। शाहिद मुस्तफाबाद के गली नंबर 17 का रहने वाला था।

जाँच के दौरान पता चला कि CAA-NRC की लोकतांत्रिक तरीके से विरोध के नाम पर दंगे की गहरी साजिश रची गई थी। इसके कारण उत्तर दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में कई लोग मारे गए थे और कई घरों-दुकानों एवं वाहनों को जला दिया गया था। ऑपइंडिया ने इस दंगे की गहन ग्राउंड रिपोर्टिंग की थी।

वर्तमान मामला 24 फरवरी 2020 की है। उस दौरान पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में दंगे हो रहे थे। इसी दौरान गोली लगने से शाहिद उर्फ ​​अल्लाह मेहर की मौत हो गई थी। उपराज्यपाल ने मामले की एफआईआर संख्या 84/2020 में अभियोजन की मंजूरी दे दी।

इस मामले में दिल्ली के दयालपुर पुलिस स्टेशन में 1 मार्च 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 153A और 505 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए मोहम्मद फिरोज, चाँद मोहम्मद, रईस खान, मोहम्मद जुनैद, इरशाद और अकील अहमद आरोपित बनाया गया है।

IPC की धारा 153A मे धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें तीन साल तक की कैद या जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।

वहीं, IPC की धारा 505 (1) सार्वजनिक रूप से उकसाने वाले बयानों से संबंधित है। इसमें जनता या जनता के किसी भी वर्ग में शांति भंग करने या डर पैदा करने को शामिल किया जाता है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 6 साल तक की सजा दी या जुर्माना या दोनों दो सकते हैं।

इन सभी गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वे दंगों शामिल थे। वे सप्तर्षि इस्पात एंड अलॉय कंपनी की बिल्डिंग में जबरदस्ती घुसे थे और अन्य दंगाइयों के साथ मिलकर वहाँ लूटपाट की थी। इसी दौरान मृतक को छत पर गोली मारी गई थी।

बाद में इस केस को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जाँच के दौरान यह सामने आया कि प्रदर्शन के कुछ समय पहले से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में आपत्तिजनक पम्फलेट बाँटे जा रहे थे। इसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार मुस्लिमों की नागरिकता छिनने का प्रयास कर रही है।

508 रेलवे स्टेशनों की बदल जाएगी तस्वीर, तस्वीरों में देखें ‘अमृत भारत’ से कैसे आएगा बदलाव: PM मोदी बोले – ये भारतीय रेल के इतिहास का नया अध्याय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 508 रेलवे स्टेशनों की सूरत बदलने वाली विश्व की सबसे बड़ी रेलवे री-इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का शिलान्यास कर दिया है। भारत देश के हर कोने यानि 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 508 रेलवे स्टेशनों की सूरत अगले दो सालों में बदल जाएगी। इसकी लागत 24,470 करोड़ रुपए रखी गई है। ये इस योजना का पहला चरण है। जिसमें रेलवे स्टेशनों का कायापलट किया जाएगा।

भारत के रेलवे स्टेशनों की सूरत साल 2014 के बाद वैसे भी तेजी से बदली थी, लेकिन अब सिर्फ रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि उसके आसपास बुनियादी सुविधाओं का ऐसा विस्तार किया जाएगा कि यात्रियों के चेहरे खिल उठेंगे।

रेलवे स्टेशनों पर होंगे इस तरह के बदलाव

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 55 रेलवे स्टेशनों की सूरत बदली जाएगी। उन्हें यात्री सुविधाओं के हिसाब से अपग्रेड किया जाएगा। उनकी बिल्डिंग्स पर आधुनिकता के साथ स्थानीयता का रंग दिखेगा। जैसे, आजादी के पहले बने स्टेशनों पर अंग्रेजी वास्तुकला की झलक दिखती है, अब उन्हें स्थानीय रंग में रंगा जाएगा। स्टेशन पर एंट्री से लेकर वहाँ रुकने के लिए सुविधाओं तक की फुलप्रूफ व्यवस्था की जाएगी। ऐसी व्यवस्था सभी 508 रेलवे स्टेशनों पर की जाएगी।

अभी रेलवे स्टेशनों के आसपास इधर-उधर खड़ी रहने वाली गाड़ियों के लिए पार्किंग की अच्छी व्यवस्था की जाएगी। स्टेशनों को सीसीटीवी से लैस किया जाएगा। वॉश बेसिन से लेकर बेंच और शेल्टर रूम तक की व्यवस्था होगी। वेटिंग रूम भी अपग्रेड होंगे, तो प्लेटफॉर्म्स पर दिखने वाली अफरातफरी भी खत्म हो जाएगी। दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएँ होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही ये बड़ी बात

अमृत भारत स्टेशन योजना के शिलान्यास के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के कोने-कोने से अहम लोग जुड़े थे। उन सबको संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हर अमृत स्टेशन, शहर की आधुनिक आकांक्षाओं और प्राचीन विरासत का प्रतीक बनेगा। अब ट्रेन से लेकर स्टेशन तक एक बेहतर एक्सपीरियंस देने का प्रयास है। आज पूरी दुनिया की दृष्टि भारत पर है। वैश्विक स्तर पर भारत की साख बढ़ी है, भारत को लेकर दुनिया का रवैया बदला है। भारत विकसित होने के लक्ष्य की तरफ कदम बढ़ा रहा है। अपने अमृतकाल के प्रारंभ में है। नई ऊर्जा है, नई प्रेरणा है, नए संकल्प हैं। इसी आलोक में आज भारतीय रेल के इतिहास में भी एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।”

देखिए, ऐसे दिखेगा अमृत भारत स्टेशन योजना के पूरे होने के बाद आपका अपना रेलवे स्टेशन

गया रेलवे स्टेशन: बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बिहार राज्य में स्थित गया एक बेहद अहम स्थान है। उत्तर भारत के लोगों के लिए गया तीर्थस्थल के समान है। यहीं वो अपने पूर्वजों को पिंड दान देने पहुँचते हैं। देखिए, अब के गया स्टेशन और 2 साल बाद के स्टेशन में कितना अंतर आ जाएगा।

गया जंक्शन
अब के गया स्टेशन और 2 साल बाद के स्टेशन में कितना अंतर आ जाएगा

फरीदाबाद रेलवे स्टेशन: दिल्ली और हरियाणा की सीमा पर प्रमुख औद्योगिक शहर फरीदाबाद के रेलवे स्टेशन को भी इस योजना में शामिल किया गया है। हैवी इंडस्ट्रीज के गढ़ फरीदाबाद के रेलवे स्टेशन का पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगा। देखिए, अब के फरीदाबाद स्टेशन और 2 साल बाद के स्टेशन में कितना अंतर आ जाएगा।

फरीदाबाद रेलवे स्टेशन
अभी के फरीदाबाद रेलवे स्टेशन और दो साल बाद के रेलवे स्टेशन में अंतर

कोटा रेलवे स्टेशन: राजस्थान का कोटा शहर शिक्षा के केंद्र के तौर पर प्रसिद्ध है। देश के कोने-कोने से छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए यहाँ पहुँचते हैं। देखिए, अब के कोटा स्टेशन और 2 साल बाद के स्टेशन में कितना अंतर आ जाएगा।

कोटा रेलवे स्टेशन
कोटा रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के बाद पूरी तरह से बदल जाएगा

मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन: बिहार के मुजफ्फरपुर स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। देखिए, अब के मुजफ्फरपुर स्टेशन और 2 साल बाद के स्टेशन में कितना अंतर आ जाएगा।

मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना से पहले और बाद का मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन

‘भारत माता की जय’ के नारों से भड़के BSP सांसद दानिश अली, मंच पर ही करने लगे विरोध

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में ‘भारत माता की जय’ के नारों को लेकर बसपा और भाजपा नेताओं के बीच भिड़ंत हो गई। दरअसल, अमृत भारत स्टेशन योजना के कार्यक्रम में भाजपा एमएलसी हरि सिंह ढिल्लो ने मंच से ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए थे। इससे बसपा सांसद कुंवर दानिश अली भड़क गए। दानिश अली ने ढिल्लो से माइक छीनने की भी कोशिश की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ अमरोहा रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में जनता को संबोधित करने से पहले बीजेपी एमएलसी हरि सिंह ढिल्लो ने मंच से ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए। इसके तुरंत बाद ही बहुजन समाज पार्टी सांसद कुंवर दानिश अली मंच पर खड़े होकर इन नारों का विरोध करने लगे।

दानिश के विरोध करते ही वहाँ मौजूद बसपा कार्यकर्ता भी हँगामा करने लगे। वहीं, भाजपा कार्यकर्ता दानिश अली का विरोध कर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे। इस दौरान दानिश अली का कहना था यह कि किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं है, इसलिए इस तरह के नारे नहीं लगाने चाहिए। दानिश अली यही नहीं रुके, वह हरि सिंह ढिल्लो के पास जाकर उनसे बहस करने लगे। फिर उन्होंने ढिल्लो से माइक छीनने की भी कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मंच से लेकर कार्यकर्ताओं तक के बीच हंगामा होते देखा जा सकता है।

दोनों नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच होती बहस व नारेबाजी के चलते माहौल बिगड़ गया। स्थिति कंट्रोल करने के लिए वहाँ मौजूद अधिकारियों, रेलवे स्टाफ़ व आरपीएफ ने बीच बचाव करते हुए दोनों नेताओं व उनके समर्थकों को समझाने की कोशिश की। तब जाकर यह मामला शांत हुआ।

इस मामले में भाजपा, लगातार बसपा पर हमलवार है। भाजपा प्रवक्ता अनिला सिंह ने ‘भारत माता की जय’ का विरोध करने को जिहादी सोच बताते हुए लिखा, “अमरोहा स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कार्यक्रम में हँगामा हुआ। अमरोहा से बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने हरि सिंह ढिल्लो के द्वारा भारत माता का नारा लगाए जाने का विरोध किया। बसपा सांसद ने मंच पर जमकर मंच पर हँगामा काटा। कुंवर दानिश अली की जिहादी सोच है।

वहीं, बसपा सांसद कुंवर दानिश अली का कहना है, वहाँ मौजूद लोग कार्यक्रम को भाजपा का बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए विरोध किया। भारत माता की जय के नारे लगाने की बात करें तो भारत माता इनके बाप-दादाओं की नहीं हैं। सबकी हैं। हम दिन में पाँच बार भारत माता को सजदा करते हैं। जमीन पर बैठकर 5 वक्त की नमाज अदा करते हैं।”

राजदीप सरदेसाई ने मिडिल क्लास को कहा भला-बुरा, वामपंथ के कमजोर होने और हिन्दू धर्म के मजबूत होने पर जताया दुःख: अब दे रहे सफाई

किसी भी देश की उन्नति में वहाँ के मध्यम वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संख्या के हिसाब से सबसे अधिक होने के कारण यह टैक्स के रूप में देश की अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान भी करता है। इसलिए मीडिल क्लास को किसी देश की रीढ़ की हड्डी यानी बैकबोन भी कहा जाता है। इसी मीडिल क्लास को पत्रकार राजदीप सरदेसाई सांप्रदायिक बता रहे हैं।

एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजदीप ने कहा, “सच्चाई ये है कि हमारे देश का मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा सांप्रदायिक बन गया है। गरीब सांप्रदायिक नहीं होता। गरीब हिंदू-मुस्लिम को एक-दूसरे की जरूरत ज्यादा पड़ती है। जब हम अमीर, मीडिल क्लास बनते हैं तब हम हमारी धार्मिक आइडेंटिटी को सांप्रदायिकता में बदलते हैं।”

उन्होंने स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी नहीं छोड़ा। इंडिया टुडे चैनल के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने आगे कहा, “सोशल मीडिया हो या ह्वाट्सएप हो, जिस तरह की बयानबाजी होती है, वो मध्यमवर्गीय जो स्कूल, कॉलेज आदि में जाते हैं उनमें सबसे ज्यादा होती है।”

देश में वामपंथ के कमजोर या कह लुप्त होने के कगार पर पहुँचने की वजह भी उन्होंने मध्यम वर्ग को दिया। उन्होंने मीडिल क्लास को स्वार्थी बताया। राजदीप ने कहा, “लेफ्ट कमजोर क्यों हुआ है, क्योंकि मीडिल क्लास बढ़ा है। मीडिल क्लास अपने स्वार्थ के लिए एक तरह से आगे बढ़ता है।”

राजदीप के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त आलोचना हो रही है। मयंक सिंह नाम के एक यूजर ने कहा, :बुद्धिजीवी ‘राजदीप सरदेसाई’ के अनुसार मध्यम वर्ग सबसे अधिक सांप्रदायिक लोग हैं। तो समाधान क्या है? भारत समाजवाद की ओर लौटे…”

विशाल चतुर्वेदी नाम एक यूजर ने लिखा, “यह सामान्यीकरण सामान्य मेहनती हिन्दुओं के प्रति आपकी नफरत को दर्शाता है, जो अपनी जड़ें वापस जोड़ रहे हैं। आप और आपकी तरह के Khan Market Gang इससे नफरत करते हैं। आप चाहते हैं कि हिंदू सोचें कि वे एक अलग धर्म के अधीन हैं और जैसे ही हिंदू समानता की बात करते हैं आप उन्हें सांप्रदायिक कहते हैं। यह नया भारत किसी के अधीन नहीं रहेगा और समानता के लिए लड़ेगा।”

हर तरफ आलोचना होने के बाद राजदीप सरदेसाई ने इसे जेनरलाइज नहीं करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने मध्यम वर्ग की तारीफ करते हुए माफी भी माँगी। राजदीप ने कहा कि उनके बयान से अगर को धक्का पहुँचा है तो वो इसके लिए माफी माँगते हैं।

अपने X पोस्ट में राजदीप ने कहा, “मैं चाहता हूँ कि लोग छोटी क्लिप पर टिप्पणी करने से पहले Lallantop पर नेता नगरी का पूरा 200वाँ एपिसोड देखें। भारत का मध्यम वर्ग आश्चर्यजनक रूप से आकांक्षी, मेहनती, साधन संपन्न है और अगली सदी में भारत को आगे बढ़ाएगा। यह हमारा विकास इंजन है।”

हालाँकि, उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा, “इसका (मीडिल क्लास का) एक हिस्सा साम्प्रदायिक ज़हर में भी डूबा हुआ है। (मैं सामान्यीकरण नहीं करना चाह रहा था, अगर ऐसा लगा तो मैं माफी माँगता हूँ)। महान राष्ट्र पुल बनाने वालों से बनते हैं, विभाजन से नहीं। हमें (हिंदू, मुस्लिम, सभी समुदायों को) एक भारत के रूप में प्रतिबिंबित करने और एक साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।”