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विकेट पर मारा बैट, अंपायर को सुनाया… हरमनप्रीत कौर का ‘ताना’ सुन बांग्लादेशी टीम ने छोड़ा फोटोशूट: बांग्लादेश में बर्ताव को लेकर विवादों में भारतीय कप्तान

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) अपने बर्ताव को लेकर चर्चा में हैं। बांग्लादेश के साथ तीसरे वन डे मैच में आउट दिए जाने के बाद उन्होंने अपना बैट स्टंप पर मार दिया। मैदान छोड़ने से पहले अंपायर को सुनाया। फिर पोस्ट मैच प्रजेंटेशन के बात बांग्लादेशी टीम की कप्तान पर ताना मारा। इसके बाद बांग्लादेशी टीम फोटोशूट छोड़कर चली गई।

कुछ प्रशंसक खराब अंपायरिंग का हवाला देकर हरमनप्रीत के इस बर्ताव का बचाव कर रहे हैं। कुछ को उनके तेवर विराट कोहली की तरह दिख रहे हैं। वहीं कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी आलोचना की है। इनमें पूर्व क्रिकेटर मदन लाल भी शामिल हैं। उन्होंने बीसीसीआई से हरमनप्रीत के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

साल 1983 की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे मदन लाल ने ट्वीट कर कहा है, “बांग्लादेश की महिला टीम के खिलाफ हरमनप्रीत का व्यवहार निराशाजनक था। वह क्रिकेट से बड़ी नहीं हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट का नाम खराब किया है। बीसीसीआई को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।”

क्या है मामला

भारत और बांग्लादेश की महिला क्रिकेट टीमों के बीच तीन वनडे मैचों की सीरिज 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई है। 22 जुलाई 2023 को दोनों टीमों के बीच आखिरी वनडे था। यह मैच टाई रहा। इस मैच के दौरान यह पूरा विवाद हुआ।

दरअसल, 226 रन का पीछा कर रही टीम इंडिया को 34वें ओवर में बड़ा झटका लगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर नाहिदा अख्तर की गेंद पर आउट करार दी गईं। नाहिदा की गेंद पर हरमनप्रीत स्वीप शॉट खेलने गईं। गेंद हवा में उठी और बांग्लादेश खिलाड़ियों ने कैच आउट की अपील की। अंपायर ने हरमनप्रीत को आउट करार दिया। आउट करार दिया।

इस फैसले से हरमनप्रीत खुश नहीं दिखीं। पहले तो उन्होंने अपना बैट विकेट पर मार दिया। फिर पवेलियन लौटते हुए अंपायर पर भी कमेंट किए। इसका वीडियो वायरल है। मैच के बाद भी उन्होंने मैच के दौरान अंपायरिंग पर सवाल उठाए।

मैच खत्म होने के बाद हरमनप्रीत ने अंपायरिंग पर हैरानी जताते हुए कहा कि अगली बार जब बांग्लादेश आएँगी तो इस तरह की अंपायरिंग से निपटने के लिए तैयार रहेंगीं। यही नहीं, जब दोनों टीम के खिलाड़ी फोटो शूट करा रहे थे तब हरमनप्रीत कौर ने बांग्लादेशी कप्तान पर ताना मारा। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि फोटो खिंचाने के लिए अंपायर्स को भी ले आओ। वह भी बांग्लादेश क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं।

हरमनप्रीत के इस तरह के व्यवहार से नाराज होकर बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना अपनी टीम के खिलाड़ियों के साथ फोटोशूट छोड़कर चली गईं। बाद में निगार ने भी हरमनप्रीत कौर की आलोचना की। कहा था कि वह नहीं बता सकतीं उनके साथ किस तरह की हरकत हुई। लेकिन जो भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर की इन हरकतों पर बीसीसीआई की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालाँकि अंतरष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हरमनप्रीत कौर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें मैच फीस का 75% जुर्माना भरने के लिए कहा है। साथ ही उनके रिकॉर्ड में 3 डिमेरिट पॉइंट जोड़ दिए हैं।

राजस्थान के बर्खास्त मंत्री की ‘लाल डायरी’ में CM अशोक गहलोत के बेटे का नाम, दावा – विधायकों की खरीद-फरोख्त और क्रिकेट चुनाव का पूरा हिसाब-किताब है दर्ज

राजस्थान विधानसभा में मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अपनी ही सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि राजस्थान महिलाओं के खिलाफ अपराध में नंबर वन है, ऐसे में मणिपुर पर बहस करने से पहले हमें खुद की गिरेबान में झाँकना चाहिए। इसके कुछ ही घटों बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। अब उन्होंने विधानसभा में कॉन्ग्रेस के मंत्रियों द्वारा पटक कर पीटे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वो ‘लाल डायरी’ स्पीकर की टेबल पर रखना चाहते थे, लेकिन उनसे वो छीन ली गई।

वहीं अब भाजपा ने बड़ा दावा किया है कि राजेंद्र गुढ़ा के हिसाब से इस डायरी में सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव का भी नाम है। बता दें कि वैभव गहलोत ‘राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन’ के अध्यक्ष हैं। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि इस डायरी का आधा हिस्सा उनसे छीन लिया गया और उसका आधा हिस्सा अब भी उनके पास है। उन्होंने कहा कि इस डायरी में विधायकों की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ क्रिकेट के चुनाव में किसे कितने रुपए दिए और क्या काले कारनामे हुए गए इन सबका हिसाब है।

उन्होंने चेताया कि इस संबंध में और खुलासे आगे भी करने वाले हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस पर हमला बोलते हुए कहा है कि आज राजेंद्र सिंह गुढ़ा विधानसभा में एक लाल डायरी लेकर पहुँचे थे, उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि था कि कल वह एक लाल डायरी लेकर आएँगे। शेखावत ने कहा कि इस लाल डायरी से सरकार की चूलें हिल जाएँगी, सरकार गिर जाएगी।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने तो यहाँ तक कहा कि कॉन्ग्रेस के सारे के सारे नेता बलात्कारी हैं और अगर महिलाओं के साथ दुष्कर्म की कोई डिग्री होती तो इन्हें अब तक Ph.D मिल गई होती। उन्होंने शांति धारीवाल और महेश जोशी जैसे कॉन्ग्रेसी मंत्रियों का नार्को टेस्ट कराने की भी माँग की, ताकि पता चले कि कितनी महिलाओं के साथ इनके संबंध हैं। वहीं गजेंद्र शेखावत ने कहा कि इस लाल डायरी का रहस्य क्या है, ये आज राजस्थान का हर व्यक्ति जानना चाहता है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह विधानसभा में राजेन्द्र गुढ़ा से लाल डायरी छीनने की कोशिश की गई, उससे साफ है कि दाल में कुछ ना कुछ काला ज़रूर है। उन्होंने गहलोत सरकार से पूछा कि उस लाल डायरी में क्या है, इसका खुलासा करें। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत के एक विश्वासपात्र के घर छापेमारी में लाल डायरी मिली थी, जिसे IT अधिकारियों से छीन लिया गया था और पुलिस की इसमें मिलीभगत थी। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने उस लाल डायरी में 500 करोड़ रुपए का हिसाब-किताब होने का दावा किया है।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि जिस तरह से लाल डायरी को राजेंद्र सिंह गुढ़ा से छीनने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं में होड़ लगी थी, इससे लगता है कि दाल में कुछ लाल नहीं तो काला तो ज़रूर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता के पैसों को लूट कर कौन-कौन गुलछर्रे उड़ा रहे थे, इसका खुलासा होना चाहिए। BJYM के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने भी कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत को राजस्थान क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष बनाने में हुए भ्रष्टाचार की कहानी भी लाल किताब में छुपी हुई है।

ट्रायल जीते अंतिम पंघाल और विशाल कालीरमन, फिर भी एशियन गेम्स खेलेंगे बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट: सुप्रीम कोर्ट जाएँगे पहलवान

एशियन गेम्स के लिए भारत के खिलाड़ी तैयारी में लगे हुए हैं। टूर्नामेंट के लिए भारत में हुए ट्रायल में महिलाओं के 53 किलो कैटेगरी में अंतिम पंघाल ने जीत दर्ज की है। शनिवार (22 जुलाई, 2023) को नई दिल्ली में हुए ट्रायल में उन्हें जीत मिली। उन्हें पहले राउंड में बाई मिला (अगले राउंड में एंट्री), लेकिन इसके बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर इस प्रतियोगिता में विजय हासिल की। अंतिम पंघाल की उम्र अभी मात्र 19 साल ही है।

अंतिम पंघाल और विशाल कालीरमन की जीत, फिर भी नहीं जाएँगे एशियन गेम्स में

वहीं दूसरी तरफ पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग की बात करें तो इसमें ट्रायल में विशाल कालीरमन विजेता रहे। छत्रसाल स्टेडियम में हुए ट्रायल में वो अपने कैटेगरी में नंबर वन पर रहे। लेकिन, क्या आपको पता है कि इसके बावजूद इन दोनों खिलाड़ियों को भारत की तरफ से एशियन गेम्स में मौका नहीं मिलेगा? इसका कारण है कि पुरुषों के 56 किलोग्राम वर्ग में बजरंग पूनिया और महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में विनेश फोगाट को पहले ही एंट्री दी जा चुकी है।

यानी, इन दोनों खिलाड़ियों को बिना ट्रायल के ही एशियन गेम्स में खेलने भेजा जाएगा, क्योंकि ये IOA (इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन) की एड-हॉक कमिटी का निर्णय है। अतः, अंतिम पंघाल और विशाल कालीरमन जीत के बाद भी स्टैंडबाई मोड में ही रहेंगे एशियन गेम्स के लिए। अब अंतिम पंघाल ने पूछा है कि एक स्वच्छ और तय प्रक्रिया के तहत उनकी जीत हुई है, ऐसे में फिर भी वो स्टैंडबाई बन कर क्यों रहे? अंतिम पंघाल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का ऐलान किया है।

उन्होंने कहा, “अगर विनेश फोगाट को इसी तरह डायरेक्ट एंट्री मिलती रही, लोगों को आखिर पता कैसे चलेगा कि हम दूसरे पहलवान कितने अच्छे हैं? हमलोग अपना प्रयास जारी रखेंगे। ये मेरे कोच का निर्णय होगा कि मैं आगे क्या करूँगी, लेकिन मेरी लड़ाई जारी रहेगी। 3 बाउट जीतने का क्या फायदा हुआ? मुझे पता है विनेश बहुत अच्छा खेलती हैं और उनके पास बहुत मेडल हैं, लेकिन उन्हें ट्रायल में हमलोगों के साथ खेलना चाहिए।” पहलवानों के परिवारों ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी किया था।

बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को ट्रायल में छूट

बता दें कि बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को IOA द्वारा ट्रायल से छूट देते हुए एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री दी, जिसके बाद अन्य पहलवानों ने इसका विरोध किया था। मामला हाईकोर्ट भी गया, लेकिन वहाँ से भी पहलवानों को निराशा ही हाथ लगी। याचिका रद्द करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस फैसले को तर्कविरुद्ध या अव्यवहारिक नहीं कहा जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नहीं कहा जा सकता कि देश के हित के विरोध में ये फैसला लिया गया है, या फिर किसी को फेवर देने के लिए ये फैसला लिया गया।

ओलंपिक मेडल विजेता योगेश्वर दत्त ने भी इस फैसले के बाद विरोध जताते हुए कहा था कि पूरा देश कन्फ्यूज है कि ये हो क्या रहा है। उन्होंने कहा था, “चीफ कोच से मैंने बात कि उन्होंने कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। कमिटी में कुछ लोग हैं, जिन्होंने ये फैसला लिया है। चीफ कोच की सहमति के बिना फैसले लिए नहीं जा सकते। कोई कैम्प लगा कर फिटनेस टेस्ट भी नहीं लिया गया। कई पहलवान दुःख में हैं, वो ट्रायल के लिए गुहार लगा रहे हैं। कमिटी ने कोई निष्पक्षता नहीं बरती है। अगर बिना ट्रायल भेजना है तो पूरी टीम भेजिए।”

‘मैं सीमा हैदर जैसी नहीं’: घर से जयपुर बोलकर निकली 2 बच्चों की माँ अंजू पहुँच गई पाकिस्तान, शादी की बात से पलटा नसरुल्लाह

पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। इसी बीच एक भारतीय महिला पाकिस्तान जाने के कारण चर्चा में आ गई है। इस महिला का नाम अंजू है। वह​ राजस्थान के भिवाड़ी की रहने वाली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह पति को जयपुर घूमने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन पाकिस्तान पहुँच गई। कहा जा रहा है कि फेसबुक दोस्त नसरुल्लाह से मिलने वह पाकिस्तान गई। एक तरफ अंजू का दावा है कि वह सीमा हैदर जैसी नहीं है और एक शादी में शामिल होने पाकिस्तान आई है। वहीं नसरुल्लाह भी अब शादी की बात से पलट गया है।

कौन है अंजू

अंजू मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली है। साल 2007 में उसकी शादी उत्तर प्रदेश के बलिया के अरविंद से हुई। अरविंद ईसाई है। शादी के बाद अंजू भी ईसाई बन गई। वह राजस्थान के भिवाड़ी में अपने पति और 2 बच्चों के साथ रहती है। अंजू का कहना है कि साल 2020 में फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दीर बाला जिले में रहने वाले नसरुल्लाह से हुई। दोनों के बीच बीते 3 साल से बातचीत हो रही थी।

कैसे पहुँची पाकिस्तान

अंजू ने 21 जुलाई को अपने पति अरविंद से कहा था कि वह जयपुर घूमने जा रही है। लेकिन वह भिवाड़ी से दिल्ली आई। फिर वहाँ से अमृतसर पहुँची और बाघा बॉर्डर पारकर पाकिस्तान पहुँच गई। उसके पास पासपोर्ट और पाकिस्तान जाने के लिए वीजा था, इसलिए उसे बॉर्डर पार करने में कोई समस्या नहीं हुई। उसने पासपोर्ट 2020 में बनवाया था। अंजू का दावा है कि वह एक शादी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान आई है। यहाँ वह नसरुल्लाह के घर पर रुकी है।

अंजू ने यह भी कहा है कि सीमा हैदर से उसकी तुलना गलत है। वह 2-4 दिन में ही वापस आ जाएगी। उसने यह भी कहा है कि वह बच्चों को पढ़ाने और नौकरी करने के लिए पति के साथ रह रही थी। लेकिन भारत वापस आने के बाद बच्चों को लेकर पति से अलग हो जाएगी। इसके अलावा अंजू ने एक वीडियो जारी कर अपने रिश्तेदारों और बच्चों को परेशान न करने की रिक्वेस्ट की है।

पहले कहा सगाई करने आई है अंजू, फिर पलटा नसरुल्लाह

एक ओर जहाँ अंजू नसरुल्लाह से शादी और सगाई की बातों से इनकार कर रही है। वहीं नसरुल्लाह का कहना है कि अंजू उससे सगाई करने के लिए ही पाकिस्तान आई है। बीसीसी उर्दू से बातचीत में नसरुल्लाह का कहना है कि अंजू के साथ फेसबुक पर दोस्ती प्यार में बदल गई थी। इसके बाद दोनों ने साथ में जीने का फैसला किया। कुछ दिन बाद वह अंजू से सगाई करेगा। फिर 10-12 दिन बाद अंजू भारत वापस चली जाएगी। इसके बाद वह शादी करने दोबारा पाकिस्तान आएगी।

नसरुल्लाह ने यह भी कहा है कि पाकिस्तानी वीजा के लिए वह और अंजू बीते दो साल से परेशान थे। दोनों ने हजारों रुपए खर्च किए हैं। लेकिन बाद में सगाई और शादी की बात से नसरुल्लाह पलट गया। अब उसका कहना है कि अंजू घूमने के लिए पाकिस्तान आई है। वीजा खत्म होने के बाद वह 20 अगस्त को भारत लौट जाएगी। नसरुल्लाह के अनुसार अभी अंजू उसके घर की महिलाओं के साथ अलग कमरे में रह रही है।

वहीं अंजू के पाकिस्तान जाने की जानकारी सामने आने के बाद भिवाड़ी पुलिस व जाँच एजेंसी IB व CID की टीम ने अंजू के घर पर पहुँची। जाँच टीम ने अंजू के घर वालों से पूछताछ भी की है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

‘लाल डायरी’ पर राजस्थान में घमासान: जिसे गहलोत ने किया बर्खास्त उन्हें विधानसभा में घुसने नहीं दिया, रोते हुए बोले- कॉन्ग्रेस के मंत्रियों ने पटका, लात-घूँसों से पीटा

राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा को मार्शलों द्वारा सदन से बाहर निकाल दिया गया, इस दौरान उनके साथ धक्कामुक्की भी की गई। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने मंत्री रहते अपनी ही सरकार को आईना दिखाते हुए कहा था कि राजस्थान महिलाओं के खिलाफ अपराध में नंबर-1 राज्य बन गया है। विधानसभा में ये बयान देने के कुछ ही घंटों बाद खबर आई कि उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया है। अब बल प्रयोग कर के उन्हें विधानसभा से भी बाहर निकाल दिया गया।

सोमवार (24 जुलाई, 2023) को राजेंद्र सिंह गुढ़ा को जयपुर स्थित विधानसभा में घुसने भी नहीं दिया गया। मीडिया से बात करने के दौरान वो फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने बताया कि 50 लोगों ने उन पर हमला बोला, उनपर मुक्के चलाए और उन्हें लात मारी। उन्होंने बताया कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें विधानसभा से बाहर खींच लिया। उन्हें अपनी बात रखने का भी मौका नहीं दिया गया। उन पर भाजपा के साथ होने के आरोप लगाए गए। पूर्व मंत्री ने पूछा कि आखिर उनकी गलती क्या है?

वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि जैसे ही राजेंद्र सिंह गुढ़ा विधानसभा के द्वार पर पहुँचे, वहाँ पहले से जमा मार्शलों ने उन्हें घेर लिया। बार-बार मिन्नतें करने और कोशिश करने के बावजूद उन्हें भीतर नहीं घुसने दिया गया। बता दें कि शून्यकाल में ‘लाल डायरी’ को लेकर विधानसभा में बहस हुई। वो ‘लाल डायरी’ लहराते हुए विधानसभा अध्यक्ष CP जोशी के आसन के पास पहुँच गए थे। स्पीकर ने उन्हें अपने कक्ष में आने के लिए भी कहा था।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा की राजस्थान के संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के साथ भी बहस हुई। उन्होंने ‘लाल डायरी’ के संबंध में खुलासा करने के संबंध में चेताया था। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि बार-बार समय माँगने के बावजूद स्पीकर उन्हें ‘लाल डायरी’ टेबल पर रखने का समय नहीं दे रहे थे। उन्होंने बताया कि मंत्री पद से उन्हें हटा दिया गया है, बतौर विधायक उन्हें बोलने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि कॉन्ग्रेस के मंत्रियों ने उन्हें नीचे पटक दिया, एकाध लात शांति धारीवाल ने मारा और महेश जोशी ने भी उन्हें पीटा।

उन्होंने बताया कि 2008 में भी उन्होंने 6 विधायकों के साथ कॉन्ग्रेस की मदद की थी। उन्होंने बताया कि उनसे वो ‘लाल डायरी’ भी छीन ली गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ राज्य में अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य बदनाम हो गया है और बलात्कारियों को हमारे लोग मदद कर रहे हैं – विधानसभा में उन्होंने यही बात कही थी। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस में ऐसे लोग बैठे हैं, जिनके ऊपर फ़िल्में बन रही हैं। बता दें कि अजमेर रेप काण्ड पर अजमेर 92′ फिल्म आई है, जिसके आरोपित कॉन्ग्रेस नेता ही थे।

गहलोत सरकार में सैनिक कल्याण, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय सँभाल चुके राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि उन्हें विधायक के लिए कुर्सी तक अलॉट नहीं की थी। उन्होंने पूछा कि अगर डायरी में कुछ नहीं था तो आखिर छीना क्यों गया? बता दें कि राजेंद्र गुढ़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें उस लाल डायरी को नष्ट करने के लिए कहा था। विपक्ष आरोप लगा रही है कि उसमें भ्रष्टाचार का हिसाब-किताब है।

मदरसे में 11 साल के बच्चे की जमकर पिटाई, मौलवी ने जंजीर से बाँधा: जम्मू-कश्मीर की घटना, जानिए कैसे हुआ आजाद

जम्मू-कश्मीर के राजौरी के एक मदरसे से रूह कँपा देने वाली हैवानियत सामने आई है। 11 साल के बच्चे को मौलवी ने पहले जमकर पीटा। फिर उसे जंजीर से बाँध दिया। तीन दिन बाद बच्चा किसी तरह मदरसे से भागने में कामयाब रहा। जंजीर से उसके हाथ बँधे देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। फिर बच्चे को मुक्त कराया गया। आरोपित मौलवी बशारत फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित बच्चा राजौरी के अंडरूथ गाँव का रहने वाला है। वह पुल्लिलियां गाँव स्थित मदरसे में 6वीं कक्षा में पढ़ता है। इसी मदरसे के मौलवी बशारत ने शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) को उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। बच्चा मदरसे से भाग न पाए इसलिए मौलवी ने उसे चेन से बाँध दिया था। तीन दिन बाद रविवार (23 जुलाई, 2023) को मौलवी नमाज की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान पीड़ित बच्चा मौका पाकर मदरसे से भाग निकला।

मदरसे से निकलने के बाद डरा-सहमा बच्चा भागता हुआ राजौरी जा पहुँचा। वह मौलवी के चंगुल से तो निकल आया था, लेकिन उसे जिस जंजीर से बाँधा गया था, वह चैन बच्चा नहीं खोल पाया था। ऐसे में लोगों ने उसे जंजीर से बँधा देखकर उससे पूछताछ की। पीड़ित बच्चे ने आपबीती सुनाई। पीड़ित बच्चे ने यह भी बताया कि मौलवी की प्रताड़ना से तंग आकर वह इससे पहले भी भागकर अपने गाँव चला गया था। लेकिन तब घर वालों ने उसे वापस मदरसा भेज दिया था।

बच्चे की बात सुनने के बाद लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस और बाल संरक्षण विभाग को दी। मौके पर पहुँची टीम ने बच्चे के हाथ से जंजीर काटी। फिर उसे मेडिकल के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। पुलिस के पहुँचने से पहले ही आरोपित मौलवी बशारत फरार हो चुका था। पुउसकी तलाश जारी है। बाल संरक्षण इकाई की कानूनी अधिकारी शिवांगी कांत शर्मा का कहना है कि बच्चे को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। मामला गंभीर है। आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

‘राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को बर्खास्त करो’: महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर BJP का तगड़ा प्रदर्शन, पूछा – विपक्षी नेता चुप क्यों?

भाजपा के सांसदों ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर तगड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। संसद भवन परिसर में महात्मा गाँधी की प्रतिमा के नीचे भाजपा सांसदों ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा राजस्थान में भी हर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है। सोमवार (24 जुलाई, 2023) को किए गए इस विरोध प्रदर्शन में माँग की गई कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को बर्खास्त किया जाए।

प्रदर्शनकारियों में अधिकतर भाजपा की सांसद थीं। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल से लोकसभा सदस्य माला राज्यलक्ष्मी ने कहा कि हम राजस्थान में भ्रष्टाचार और अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यहाँ इकट्ठे हुए हैं। वहीं राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जोशी ने माँग की कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के आरोपों पर पद छोड़ देना चाहिए। 

उन्होंने राजस्थान के गौरवशाली इतिहास की बात करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में यह महिलाओं, विशेष रूप से दलितों और गरीबों के खिलाफ अत्याचार में नंबर एक राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने घटनाएँ गिनाते हुए कहा कि बलात्कार कर एक लड़की की हत्या कर दी गई, एम्बुलेंस के भीतर महिलाओं के अत्याचार हुआ और पुलिस अधिकारी FIR दर्ज करने की एवज में घूस माँगते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सरकार कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सफल नहीं हुई है।

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों ने कहा कि मणिपुर में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और कोई इसको जायज नहीं ठहरा सकता, लेकिन विपक्ष द्वारा इस मामले पर राजनीति करना दुःखद है। उन्होंने विपक्षी नेताओं के दोहरे चरित्र की बात करते हुए कहा कि गैर-भाजपा शासित राज्यों में अपराध पर ये चुप रहते हैं। सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि मोदी सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए काफी कुछ किया है – 12 से कम उम्र के बलात्कार के मामलों में मौत की सज़ा का कानून बनाया गया और फ़ास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की गई।

ज्ञानवापी में ASI सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: मुस्लिम पक्ष को अपील करने के लिए दिया समय, हिन्दू पक्ष ने कहा – झूठ बोला गया कि खुदाई चल रही

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में ASI द्वारा किए जा रहे सर्वे पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (24 जुलाई, 2023) को आदेश दिया कि वाराणसी की जिला अदालत द्वारा 21 जुलाई को दिए गए आदेश पर 26 जुलाई को शाम 5 बजे तक रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तब तक इस मामले में ‘मस्जिद कमिटी’ इस निर्णय को चुनौती देने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपील के लिए समय दी जानी चाहिए थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शुक्रवार की शाम को ये आदेश सुनाया गया, ऐसे में ‘मस्जिद कमिटी’ को आगे इसके खिलाफ अपील करने के लिए समय नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट ने ‘मस्जिद कमिटी’ को आदेश दिया कि वो कल ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएँ। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी कहा है कि 26 जुलाई को शाम 5 बजे से पहले इस मामले में सुनवाई की जाए। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पार्दीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने ये फैसला सुनाया।

‘ज्ञानवापी अंजुमन इस्लामिया मस्जिद कमिटी’ ने इस संबंध में तुरंत सुनवाई के लिए याचिका डाली थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया और सुनवाई भी की। हालाँकि, ASI ने कहा है कि अगले हफ्ते तक ज्ञानवापी परिसर में खुदाई का काम नहीं किया जाएगा। वाराणसी जिला अदालत ने खुदाई की अनुमति भी दे दी थी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को ASI के रुख के बारे में बताया। आदेश के बाद वाराणसी में शुरू हुआ सर्वे रोक दिया गया है।

हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इसके बाद कहा कि हमलोग भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने ‘मस्जिद कमिटी’ पर सुप्रीम कोर्ट के सामने गलतबयानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने जानकारी दी कि ‘मस्जिद कमिटी’ ने झूठ बोला कि व हाँ खुदाई की जा रही है, जबकि ऐसा कुछ नहीं हो रहा था। बता दें कि ‘मस्जिद कमिटी’ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि पश्चिमी दीवार की खुदाई ASI ने शुरू कर दी है।

60 से अधिक रोहिंग्या गिरफ़्तार, स्थानीय मुस्लिमों ने ही दी थी पनाह: यूपी में ATS की बड़ी कार्रवाई जारी, घुसपैठियों पर सख्त योगी सरकार

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने घुसपैठी रोहिंग्याओं पर बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ हुई कई जिलों में छापेमारी के दौरान अवैध तौर पर रह रहे 60 से अधिक रोहिंग्या गिरफ्तार किया गए हैं। गिरफ्तार किए गए रोहिंग्याओं को पशुओं के कटान वाली फैक्ट्री में नौकरी दी गई थी। सोमवार (24 जुलाई 2023) को शुरू हुई ATS की यह छापेमारी अभी जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार घुसपैठियों को लेकर सख्त है।

ऑपइंडिया को विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह 5 बजे UP ATS की विभिन्न टीमों ने एक साथ अलग-अलग जिलों में छापेमारी की। इन जिलों में मथुरा, अलीगढ़, हापुड़ शामिल हैं। ATS को काफी समय से इन जिलों में रोहिंग्याओं की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। सूचनाओं को तस्दीक करने के बाद ATS ने एक साथ छापेमारी की। पकड़े गए रोहिंग्याओ में महिलाएँ भी शामिल हैं। इनकी तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं जिनका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है।

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार रोहिंग्याओ को कई स्थानीय लोगों ने शरण दी थी। उन्हें कुछ मीट फैक्ट्री मालिकों ने अपने यहाँ काम पर भी लगाया था। पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी पर मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है। ATS और पुलिस यह पता करने में जुटी हुई है कि रोहिंग्याओ को कब और किसने बॉर्डर पार करवाया था। साथ ही इन्हे शरण देने वालों और इनके कागजात बनाने वालों की भी पड़ताल चल रही है।

बताते चलें कि अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद पुलिस ने अवैध तौर पर रह रहे 4 रोहिंग्याओ को गिरफ्तार किया था। इसमें मुख्य फातिमा नाम की एक महिला थी जो बांग्लादेश के रास्ते भारत में अवैध तौर पर दाखिल हुई थी। फातिमा के साथ उसकी तीन बेटियों (रिहाना, गुलशन और अर्शी) को भी गिरफ्तार किया गया था। फातिमा ने भारत में निसार नाम के व्यक्ति से निकाह किया था। निसार को भी गिरफ्तार किया था जिसने कबूल किया था कि उसे फातिमा के भारतीय नहीं होने और अवैध तरीके से घुसपैठ करने की जानकारी थी। इस परिवार को भी एक मीट फैक्ट्री मालिक ने नौकरी दी थी।

‘मैतेई उग्रवादियों के साथ मिले हुए हैं CM’: मणिपुर के BJP विधायक ने अपनी घृणा का किया प्रदर्शन, कहा – सत्ता से लेकर पुलिस-कोर्ट सब पर मैतेई का कब्ज़ा

उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में पिछले कई महीनों में हिंसा चलती रही। हाल ही में एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें 2 महिलाओं को नग्न कर भीड़ ने उनका जुलूस निकाला। महिलाओं का गैंगरेप भी हुआ। घटना के ढाई महीने बाद वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपितों की गिरफ़्तारी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए एक्शन लेने को कहा। संसद सत्र का पहला दिन इसी की भेंट चढ़ गया।

अब भाजपा विधायक पावोलिएँलाल हाओकिप ने अपनी ही सरकार को घेरा है। बता दें कि मणिपुर में भाजपा की सरकार है और N बीरेन सिंह मुख्यमंत्री हैं। भाजपा विधायक ने ‘इंडिया टुडे’ में एक ओपिनियन में लिखा है कि 3 मई को शुरू हुई हिंसा की इन घटनाओं को टाला जा सकता था। उन्होंने लिखा है कि भारत के अन्य हिस्सों के उलट कुछ खास ताकतों के कारण इस हिंसा को नियंत्रित करने में समय लगा। इतना ही नहीं, उन्होंने राज्य सरकार पर हिंसा में साँठगाँठ के आरोप मढ़ दिए।

बता दें कि मणिपुर में हिंसा मुख्यतः मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हुई। जहाँ मैतेई समाज में अधिकतर हिन्दू हैं, कुकी अधिकतर ईसाई हैं। मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य के मूलनिवासी और बहुसंख्यक मैतेई समाज को ST का दर्जा देने का प्रस्ताव भेजने का आदेश राज्य सरकार को दिया, जिसके बाद हिंसा शुरू हुई। अब भाजपा विधायक पावोलिएँलाल हाओकिप का कहना है कि एक सामुदायिक-सांप्रदायिक हिंसा को मुख्यमंत्री ने ‘अवैध ड्रग्स वाले आतंकियों के खिलाफ युद्ध’ करार दिया, जिससे हिंसा को बढ़ावा मिला।

उन्होंने अपने लेख में लिखा है, “CM ने ड्रग्स आतंकियों के खिलाफ युद्ध की बात कही। इस नैरेटिव के माध्यम से इम्फाल घाटी के आसपास के इलाकों में बसे कुकी लोगों पर हमले और उनकी बस्तियों को जलाने वाले कट्टरपंथी मैतेई उग्रवादियों को पुलिस की मदद को सही ठहराने की कोशिश की गई। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका पर मैतेई समाज का नियंत्रण है और उसी कारण राज्य के अधिकतर संसाधन उनके पास हैं। विधानसभा की हिल एरियाज कमिटी के पर क़तर दिए गए।”

इस लेख में उन्होंने ये दावा भी किया है कि राज्य की विधानसभा सीटों के पुनर्गठन वाली रिपोर्ट को किनारे रख दिया गया, क्योंकि इसमें पहाड़ी क्षेत्रों को ज़्यादा सीटें देने का प्रस्ताव था। चुराचांदपुर के साइकोट से विधायक ST समुदाय के पावोलिएँलाल हाओकिप ने लिखा है कि सरकारी नौकरियों में ट्राइबल्स की भर्ती में कटौती की गई और उनके अधिकारों को दबाया गया। उन्होंने ये भी लिखा है कि कुकी अपनी मुक्ति के लिए ये लड़ाई लड़ रहे हैं जबकि ‘मैतेई उग्रवादी’ कुकी की जमीनों पर कब्ज़ा करना चाहते हैं।

उन्होंने खुल कर मणिपुर के CM एन बीरेन सिंह पर ‘मैतेई उम्रवादियों’ से साँठगाँठ का आरोप लगा दिया और राज्य सरकार को पक्षपाती करार दिया। उन्होंने मैतेई लोगों पर कुकी के नरसंहार का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब शादी न चले तो अलग हो जाना ही बेहतर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि कुकी भारतीय नागरिक बन कर शांति से रहें, ये नहीं कि अपने पड़ोसी समुदाय के ‘गौरव और लालच’ का कैदी बन कर रहें।