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‘रात को रश्मि सामंत के घर पहुँची कर्नाटक पुलिस, माता-पिता से पूछताछ’: वकील ने बताया ज़ुबैर के ट्वीट के बाद क्या हुआ, बाथरूम में लड़कियों का वीडियो बनाने का मामला

हाल ही में कर्नाटक के उडुपी से एक खबर आई। खबर में कहा गया कि ‘नेत्र ज्योति कॉलेज’ की 3 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। मामला था कॉलेज के वॉशरूम में कैमरा लगाने का। खबरों में कहा गया कि कैमरा लगाने वाली छात्राएँ एक विशेष समुदाय से थीं। वहीं हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि पीड़िताएँ हिन्दू समाज से थीं। बताया गया कि ये लड़कियाँ दूसरी लड़कियों के अश्लील वीडियो बना कर अपने समुदाय के लड़कों को भेजती थीं।

कर्नाटक: उडुपी के कॉलेज में लड़कियों का वीडियो बनाया

इस खबर के सामने आने के बाद ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की अध्यक्ष रहीं रश्मि सामंत का एक ट्वीट आता है। उन्होंने लिखा कि आखिर अलीमातुल शैफा, शहबानाज़ और आलिया के बारे में बात क्यों नहीं की जा रही है? बता दें कि रश्मि सामंत उडुपी से ही ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने कहा कि इन लड़कियों ने सैकड़ों हिन्दू लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए। साथ ही ये भी बताया कि अपने समाज के व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में इन वीडियो और तस्वीरों को सर्कुलेट किया गया।

साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि कई ऐसी पीड़ित लड़कियाँ हैं जो इस कारण इतनी अवसाद में चली गई हैं कि उनके मन में आत्महत्या के भी ख्याल आ रहे हैं। रश्मि सामंत ने कहा कि इसके बावजूद इस घटना की निंदा नहीं की जा रही है। साथ ही उन्होंने 1992 में अजमेर में हुए रेप कांड की बात की। बता दें कि 1992 में अजमेर के इस काण्ड का खुलासा हुआ था, लेकिन ये वर्षों से चल रहा था। 250 हिन्दू लड़कियों को ब्लैकमेल कर उनके साथ बलात्कार किया गया था।

पकड़े जाने के बाद इन तीनों लड़कियों ने दावा किया था कि वो किसी अन्य लड़की के साथ प्रैंक करने जा रही थीं, लेकिन गलती से दूसरी लड़की का वीडियो बन गया। इसके बाद पीड़ित लड़कियों ने कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की। कॉलेज की डायरेक्टर रश्मि कृष्णा प्रसाद ने बताया कि पीड़िताएँ पुलिस वगैरह के चक्कर में नहीं पड़ना चाहती थीं, लेकिन संस्थान ने पुलिस में पेटिशन दिया। जिन मोबाइल फोन्स में वीडियो होने की बात कही गई, उन्हें भी जाँच के लिए दे दिया गया।

रश्मि सामंत के घर में घुस गई पुलिस: वकील

आरोप है कि रश्मि सामंत के इस ट्वीट के बाद कर्नाटक पुलिस उनके पीछे पड़ गई। अधिवक्ता आदित्य श्रीनिवास ने ट्वीट कर के बताया कि सोमवार (24 जुलाई, 2023) को रात के 8 बजे कर्नाटक पुलिस के अधिकारी रश्मि सामंत के घर पहुँचे। उस समय वो घर से बाहर थीं। इसके बाद पुलिस वालों ने उनके माता-पिता से पूछताछ की और कई बार पूछा कि आखिर उनकी बेटी कहाँ हैं। आरोप है कि उनके पिता को कई बार फोन कॉल कर-कर के परेशान किया गया और उनकी बेटी के लोकेशन के बारे में पूछा गया।

आदित्य श्रीनिवासन ने बताया, “ये स्पष्ट है कि पुलिस मेरी क्लाइंट रश्मि सामंत के पीछे इसीलिए पड़ी है, क्योंकि उन्होंने उडुपी के कॉलेज में हिन्दू लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की घटना की निंदा की। वो मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और देश-विदेश में इन मुद्दों पर आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने ब्रिटिश संसद के ‘हॉउस ऑफ कॉमन्स’ में लेस्टर में हुई हिन्दू विरोधी हिंसा पर रिपोर्ट प्रकाशित की। उनके ताज़ा ट्वीट्स भी अभियक्ति की आज़ादी के तहत ही किए गए हैं।”

अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि चूँकि संविधान के दायरे में रह कर ये किया गया है, इसीलिए कर्नाटक पुलिस ने टॉर्चर करने के लिए असंवैधानिक तरीका अपनाया है। उन्होंने कहा कि ये मुद्दा देश भर में जा चुका है, ऐसे में रश्मि सामंत के घर जाने से ये नहीं थमेगा। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि रात के समय किसी महिला को इस तरह से गिरफ्तार करने के लिए पुलिस नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि अपने गृह जिले में हुए एक अपराध को लेकर रश्मि सामंत ने जागरूकता फैलाई।

फिर एक महिला के पीछे पड़ा मोहम्मद ज़ुबैर

रश्मि सामंत के घर कर्नाटक पुलिस का पहुँच जाना महज एक संयोग नहीं था। इससे पहले AltNews वाले मोहम्मद ज़ुबैर ने ट्वीट कर के रश्मि सामंत और शेफाली वैद्य को निशाना बनाया था। बता दे कि मोहम्मद ज़ुबैर ने ही नूपुर शर्मा का एडिटेड वीडियो वायरल किया था, जिस कारण एक वर्ष से अधिक समय होने के बावजूद वो घर में कैद रहने को मजबूर हैं। इसके बाद राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल तो महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की गला रेत कर हत्या कर दी गई।

मोहम्मद ज़ुबैर ने दावा कर डाला कि रश्मि सामंत लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने उन पर ‘महिला कार्ड’ खेलने का भी आरोप लगा डाला और अनजान यूट्यूब चैनल के हवाले से प्रोपेगंडा चलाने का आरोप मढ़ा। उसने दावा कर दिया कि ‘इंडिया टुडे’ के आर्टिकल में भी दक्षिणपंथियों को कोट किया गया, जबकि ये भ्रामक सूचनाएँ हैं। उसने उडुपी पुलिस को टैग कर के रश्मि सामंत के खिलाफ एक्शन लेने के लिए भड़काया।

जबकि ये साफ़ है कि सच्चाई यही है कि ये मामला दो समुदायों का था। यहाँ तक कि ‘द न्यूज मिनट’ ने स्पष्ट लिखा कि निलंबित की जाने वाली छात्राएँ मुस्लिम समाज से थीं। वहीं मीडिया संस्थान ने ये भी लिखा कि जिन लड़कियों के वीडियो बनाने की बात कही गई वो मुस्लिम समाज से थीं। इसी तरह ‘मंगलौर टुडे’ ने भी लिखा कि एक समुदाय की लड़कियों ने दूसरे समुदाय की लड़कियों का वीडियो बनाया, जिसके बाद तनाव हुआ। ऑपइंडिया आरोपितों के नामों की पुष्टि की कोशिश कर रहा है।

‘PFI और इंडियन मुजाहिद्दीन के नाम में भी इंडिया’: PM मोदी ने विपक्ष को धोया, संसद में हंगामा जारी; अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है INDIA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (25 जुलाई, 2023) को भाजपा के संसदीय दल को संबोधित करने के दौरान विपक्ष के नए गठबंधन पर भी जम कर हमला बोला। बता दें कि विपक्ष ने यूपीए को अलविदा कहते हुए अपने गठबंधन का नाम ‘I.N.D.I.A’ रखा है, जिसे ‘इंडिया’ कह कर प्रचारित किया गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया है कि आतंकी संगठन ‘इंडियन मुजाहिदीन’ और आक्रांता अंग्रेजों की ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ के नाम में भी तो इंडिया है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ नाम में ‘इंडिया’ लगा लेने से कुछ नहीं होता है। बता दें कि विपक्ष मणिपुर हिंसा पर हंगामा करते हुए संसद नहीं चलने दे रहा है, जबकि मोदी सरकार चर्चा के लिए तैयार है। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने इस तरह का दिशाहीन विपक्ष नहीं देखा। उन्होंने कहा कि ये लोग भ्रमित हैं और इनके बर्ताव से ऐसा लगता है कि ये दशकों तक सत्ता में नहीं आना चाहते। उन्होंने विपक्ष को बिखरा हुआ हताश करार दिया।

प्रधानमंत्री ने एक तरह से साफ़ कर दिया है कि वो संसद में विपक्ष के उपद्रव के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने गिनाया कि कैसे आतंकी संगठन PFI के नाम में भी इंडिया था। उधर ये भी खबर आ रही है कि विपक्ष अब अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर पर संसद में चर्चा का उत्तर देने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री के संसद में पहुँचने पर भाजपा के सांसदों में खासा उत्साह दिखा और उन्होंने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमें अपने प्रधानमंत्री पर गर्व है, उन्होंने एक नई आशा जगाई है। पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद ने कहा कि 2024 में भी NDA ही सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया जानती है और विपक्ष भी ये समझता है, फिर भी वो बार-बार विरोध करते हैं क्योंकि वो मान चुके हैं कि उन्हें सत्ता में नहीं आना। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस और ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’, दोनों को अंग्रेजों ने ही बनाया है। उन्होंने कहा कि 2024 का परिणाम आएगा जो हारे हुए और थके हुए निराश विपक्ष की संख्या और कम हो जाएगी।

अरविंद से शादी कर ईसाई बनी, क्या अब नसरुल्लाह से निकाह के लिए मुस्लिम बनेगी अंजू: राजस्थान से पाकिस्तान गई महिला ने बताया प्लान

34 साल की अंजू को मीडिया ‘भारत की सीमा हैदर’ बता रहा है। हालाँकि इस तुलना को अंजू गलत बता रही है। कह रही है कि वह जल्द वापस लौटेगी। फेसबुक प्रेमी नसरुल्लाह से मिलने पाकिस्तान गई अंजू वापसी से पहले सगाई भी कर सकती है। लेकिन इसके लिए इस्लाम कबूल करने से उसने इनकार किया है।

अंजू ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि वह धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहती है। उस पर निकाह के लिए इस्लाम कबूलने का दबाव भी नहीं है। उल्लेखनीय है कि 2007 में उत्तर प्रदेश के बलिया के अरविंद से शादी करने के बाद अंजू ईसाई बन गई थी। वह राजस्थान के भिवाड़ी में अपने पति और बच्चों के साथ रह रही थी। 21 जुलाई 2023 को वह जयपुर जाने की बात कहकर घर से निकली और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के दीर बाला पहुंच गई। यहाँ वह नसरुल्लाह के घर में ठहरी हुई है।

बीबीसी को अंजू ने बताया है कि 2020 से ही उसकी नसरुल्लाह से बात हो रही है। पाकिस्तान आने की बात उसने पति को नहीं बताई थी, क्योंकि फिर शायद उसे आने नहीं दिया जाता। बातचीत से ऐसा भी लग रहा है कि उसके अपने पति के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं। उसने कहा है, “मैं सब-कुछ देख-सुन कर ही सगाई करने का फैसला लूँगी। अगर सब कुछ ठीक लगा तो लौटने से एक दिन पहले सगाई कर लूँगी। सगाई करने के बाद भारत आऊँगी और आगे की जो प्रक्रिया होगी उसे पूरा करूँगी।” इस बीच अंजू का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात उसके पिता ने कही है

इससे पहले नसरुल्लाह ने भी बीबीसी को बताया था कि अंजू सगाई के लिए पाकिस्तान आई है। सगाई के बाद वह भारत लौट जाएगी। इसके बाद वह निकाह के लिए दोबारा पाकिस्तान आएगी। लेकिन बाद में इससे पलटते हुए उसने कहा था कि अंजू घूमने के लिए पाकिस्तान आई है। वीजा खत्म होने के बाद वह 20 अगस्त को भारत लौट जाएगी। नसरुल्लाह ने बताया था कि अभी अंजू उसके घर की महिलाओं के साथ अलग कमरे में रह रही है।

कैसे पाकिस्तान पहुँची अंजू

अंजू ने 21 जुलाई को अपने पति अरविंद से कहा था कि वह जयपुर घूमने जा रही है। लेकिन वह भिवाड़ी से दिल्ली आई। फिर वहाँ से अमृतसर पहुँची और बाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुँच गई। उसके पास पासपोर्ट और पाकिस्तान जाने के लिए वीजा था, इसलिए उसे बॉर्डर पार करने में कोई समस्या नहीं हुई। उसने पासपोर्ट 2020 में बनवाया था। अंजू का शुरुआत में दावा था कि वह एक शादी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान आई है।

अंजू ने यह भी कहा था कि सीमा हैदर से उसकी तुलना गलत है। वह 2-4 दिन में ही वापस आ जाएगी। उसने यह भी कहा था कि वह बच्चों को पढ़ाने और नौकरी करने के लिए पति के साथ रह रही थी। लेकिन भारत वापस आने के बाद बच्चों को लेकर पति से अलग हो जाएगी। इसके अलावा अंजू ने एक वीडियो जारी कर अपने रिश्तेदारों और बच्चों को परेशान न करने की रिक्वेस्ट भी की थी।

मणिपुर में म्यांमार के 718 नागरिक घुसे, असम राइफल्स से राज्य सरकार ने पूछा- कैसे हुई घुसपैठ, तुरंत बाहर निकालो इन्हें

मणिपुर में म्यांमार के 718 नागरिकों के अवैध रूप से घुसने का मामला सामने आया है। राज्य सरकार ने 24 जुलाई 2023 को असम राइफल्स को इन घुसपैठियों को भारत से तुरंत बाहर करने के निर्देश दिए हैं। 22 और 23 जुलाई को ये लोग अवैध तरीके से भारत की सीमा में दाखिल हुए थे। इनमें 301 बच्चे बताए जा रहे हैं। हिंसा प्रभावित मणिपुर में इस घुसपैठ पर राज्य सरकार ने चिंता जताई है।

मणिपुर के बीजेपी विधायक राजकुमार इमो सिंह ने ट्वीट कर बताया है कि सरकार ने इस संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी माँगी है ताकि यह पता चल सके कि बिना वैध दस्तावेजों के इन लोगों ने राज्य में प्रवेश कैसे किया। उन्होंने बताया है, “अवैध तरीके से घुसे म्यांमार के नागरिकों को तुरंत उनके देश वापस भेजने का आदेश दिया गया है। मणिपुर सभी समुदायों के मूल निवासियों के लिए है न कि घुसपैठियों के लिए।” उन्होंने घुसपैठ रोकने, सीमा की बाड़बंदी और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार घुसपैठियों की पहचान प्राथमिकता के आधार पर करने की आवश्यकता बताई है।

मणिपुर के गृह​ मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि म्यांमार के 718 नागरिकों के घुसपैठ की रिपोर्ट असम राइफल्स के मुख्यालय को मिली थी। ये लोग चंदेल जिले के न्यू लाजांग से मणिपुर में घुसे थे। विज्ञप्ति के अनुसार 718 घुसपैठियों में 209 पुरुष, 208 महिला और 301 बच्चे शामिल हैं। ये लोग लाइजैंग, बोन्से, न्यू सोमताल, न्यू लाइजैंग, यांग्नोमफाई, यांग्नोमफाई सॉ मिल और अलवोमजंग में रह रहे हैं।

राज्य सरकार ने बताया है कि उसने असम राइफल्स को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सीमा सुरक्षा बल होने के कारण मणिपुर में म्यांमार के नागरिकों की घुसपैठ रोकने के लिए उसे भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मौजूदा हालात में इस तरह की घुसपैठ को बेहद संवेदनशील बताते हुए राज्य सरकार ने असम राइफल्स से विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। पूछा है कि म्यामांर के नागरिकों को चंदेल जिले में प्रवेश करने की अनुमति क्यों और कैसे दी गई? साथ ही इनलोगों को तुंरत अपने देश वापस भेजने को कहा है। चंदेल के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को असम राइफल्स को दिए गए निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करने और सभी घुसपैठियों की तस्वीरें तथा बॉयोमेट्रिक्स डिटेल्स रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मणिपुर पर संसद में हंगामा जारी, बोले अमित शाह- चर्चा से भाग रहा है विपक्ष: AAP वाले संजय सिंह पूरे मॉनसून सत्र के लिए राज्यसभा से सस्पेंड

संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन 24 जुलाई 2023 को भी दोनों सदनों में हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। केंद्रीय गृह​ मंत्री अमित शाह ने कहा है कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। उल्लेखनीय है कि सत्र के पहले ही दिन सरकार ने साफ कर दिया था कि वह मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को पूरे मॉनसून सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा, “मणिपुर के बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने चर्चा की माँग की है। मैं इस में सदन में चर्चा के लिए तैयार हूँ। मुझे नहीं मालूम कि विपक्ष चर्चा क्यों नहीं होने दे रहा। मैं विपक्ष के नेता से अनुरोध करता हूँ कि इस मुद्दे पर चर्चा होने दें। इस मसले पर पूरे पूरे देश को सच्चाई पता चले यह महत्वपूर्ण है।”

दरअसल विपक्ष इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर अड़ा हुआ है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गृह मंत्री अमित शाह ही इस मामले में जवाब देंगे। सरकार की कोशिश इस गतिरोध को खत्म कर सदन की कार्यवाही सुचारू करने की है। रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी के सुदीप बंधोपाध्य और डीएमके के टीआर बालू सहित विपक्ष के कई नेताओं से बात की है। पीएम मोदी ने भी इस मुद्दे पर कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की है। यदि विपक्ष का हंगामा जारी रहा तो भी सरकारी की तैयारी सत्र को खाली नहीं जाने देने की है। हंगामे के बीच ही विधायी कार्य निपटाए जा सकते हैं।

राज्यसभा में हंगामे के दौरान आप सांसद संजय सिंह वेल में चले गए। उपराष्ट्रपति व राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ की कुर्सी के सामने पहुँचकर विरोध करने लगे। इस दौरान वे धनखड़ को हाथ दिखाकर कुछ बोलते दिखे। सभापति के बार-बार कहने के बावजूद वे अपनी सीट पर जाने को तैयार नहीं हुए।

इसके बाद सदन के नेता पीयूष गोयल ने उनके निलंबन का प्रस्ताव रखा। गोयल ने कहा, “इस तरह की हरकत सही नहीं है। ये सदन के नियमों के खिलाफ है। मैं सभापति से अपील करता हूँ कि वे संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करें। सरकार संजय सिंह के सस्पेंशन के लिए प्रस्ताव लाती है कि उन्हें पूरे मॉनसून सत्र के लिए सस्पेंड किया जाए।” इसके बाद सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर दिया।

इससे पहले मॉनसून सत्र के दूसरे दिन 21 जुलाई को सभापति ने AAP के सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा को सदन में व्यवहार का उचित पाठ पढ़ाया था। दरअसल दोनों दूसरे सदस्यों को बोलने नहीं दे रहे थे सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे थे। उसके बाद उपराष्ट्रपति ने उनसे कहा था कि राज्यसभा को उच्च-सदन कहा जाता है। ये बड़ों का सदन माना जाता है। ऐसे में यहाँ इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है।

तांडव, चंद्रमौलेश्वर और मनमहेश… महाकाल की सवारी में पत्नी के साथ शामिल हुए CM शिवराज: उज्जैन में थूकबाजों का घर किया था जमींदोज

सावन के तीसरे सोमवार पर 24 जुलाई 2023 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल की सवारी निकली। अपनी प्रजा का हाल जानने निकले राजाधिराज भगवान महाकाल के तीन रूपों के दर्शन भक्तों ने इस सवारी के दौरान की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपनी पत्नी और बेटे के साथ सवारी में शामिल हुए।

इस सोमवार बाबा महाकाल ने अपने भक्तों को तीन स्वरूप में दर्शन दिए। चाँदी की पालकी में वे चंद्रमौलेश्वर रूप में विराजमान थे। हाथी पर वे मनमहेश के रूप में सवार थे। बैल गाड़ी में गरुड़ रथ पर शिवताडंव के दिव्य-भव्य स्वरूप में भगवान महाकाल ने उज्जैन का भ्रमण किया। इससे पहले मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बैंड ने शिव धुन बजाई। इसके बाद सशस्त्र बल की टुकड़ी की सलामी के बाद राजाधिराज महाकाल की सवारी रवाना हुई।

इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने हर-हर महादेव, जय महाकाल जैसे जयकारों और फूल बरसाकर बाबा महाकाल का स्वागत किया। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ महाकाल का अभिषेक करने के बाद सवारी में शामिल हुए। इस दौरान उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया और महापौर मुकेश टटवाल भी साथ थे।

महाकाल की सवारी से पहले सीएम शिवराज पत्नी के साथ महाकाल मंदिर का ध्वज थामे चल रहे थे। इसके बाद झाँझर बजाते नजर आए। सीएम शिवराज ने इसका वीडियो में शेयर किया है। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “भजन गाओ, खुशियाँ मनाओ… मेरे बाबा की सवारी है।”

बता दें कि प्रत्येक वर्ष सावन माह में महाकाल की सवारी निकलती है। आम तौर पर यह सवारी 4-5 सोमवार ही निकलती है। चूँकि इस बार अधिकमास है। ऐसे में भगवान महाकाल की सवारी 10 बार निकलेगी। अंतिम सवारी 11 सितंबर को निकलेगी। इससे पहले 17 जुलाई को जब महाकाल की सवारी निकली थी तो एक घर की छत से थूकने का वीडियो वायरल हुआ था। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद शिवराज सरकार ने ढोल-DJ से मुनादी करवाकर उस घर के अवैध निर्माण को ध्वस्त करवा दिया था, जिसकी छत से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए यह हरकत की गई थी।

‘मुस्लिम धर्म छोड़ना चाहती हूँ, योगी सर हेल्प मी’: रामपुर की महिला का Video वायरल, कहा- बुर्के के अंदर मेरे साथ गलत काम करवाना चाहते हैं

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला इस्लाम छोड़ने की बात कह रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगा रही है। कह रही है कि बुर्के के अंदर उसके साथ गलत काम करवाने की कोशिश हो रही है। यह वीडियो यूपी के रामपुर कोर्ट के बाहर का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी इस महिला को गाड़ी में बिठाते भी दिख रहे हैं।

वीडियो में लड़की को कहते सुना जा सकता है, “योगी आदित्यनाथ जी मुझे ऐसा बुर्का नहीं चाहिए जो बुर्का नंगा करता हो। मैं मुस्लिम से नफरत करती हूँ। मैं मुस्लिम से नफरत करती हूँ। योगी आदित्यनाथ सर… प्लीज सर हेल्प मी, मैं मुस्लिम धर्म छोड़ना चाहती हूँ। मुझे मुस्लिम धर्म से नफरत है। मुझे नफरत हो गई है। बुर्के के अंदर मेरे साथ गलत काम करवाना चाहते हैं।” इस दौरान महिला अपने रिश्तेदारों पर नंगा करने और प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाती सुनी जा सकती है। साथ ही अपनी हत्या की भी आशंका जता रही है।

रामपुर पुलिस ने एक ट्वीट में बताया है कि यह वीडियो 21 जुलाई 2023 की है। घटना रामपुर कोर्ट परिसर की है। पुलिस के अनुसार महिला का वकील पत्नी से झगड़ा हो गया था। इसके कारण आवेश में आकर महिला ने अपना कपड़ा उतार दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर महिला को कपड़ा पहनाया। उसकी तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार दो साल पुराने एक मामले की सुनवाई को लेकर महिला 21 जुलाई को कोर्ट आई थी। इसके बाद शाम उसने एसपी कार्यालय के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि उस पर मुकदमा वापस लेने का रिश्तेदार दबाव बना रहे हैं।

इस मामले में रामपुर के सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी शरद पंवार का कहना है कि एसपी कार्यालय के बाहर हंगामा करने वाली महिला डिप्रेशन में लग रही थी। एक मामले की सुनवाई के लिए वह कोर्ट आई थी। जहाँ वकील की पत्नी के साथ उसकी बहस हो गई। हंगामा करने के बाद उसे थाने लाया गया। लेकिन उसके खिलाफ किसी ने शिकायत नहीं की थी, इसलिए छोड़ दिया गया।

TMC छोड़ कॉन्ग्रेस ज्वाइन करने की सजा, सत्ताधारी दल के गुंडों ने महिला को नंगा कर पीटा: रिपोर्ट, बंगाल के मुर्शिदाबाद की घटना

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों पर एक महिला को नग्न कर पीटने का आरोप लगा है। घटना रविवार (23 जुलाई 2023) की बताई जाती है। कथित तौर पर पीड़ित महिला पहले टीएमसी में ही थी। कॉन्ग्रेस ज्वाइन करने के कारण उसे पीटा गया। महिला को बचाने की कोशिश करने पर कॉन्ग्रेस के दो अन्य कार्यकर्ताओं की पिटाई करने की भी बात कही जा रही। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आज तक बांग्ला के मुताबिक घटना मुर्शिदाबाद के गाँव बुरवान की है। बताया जा रहा है कि पीड़िता पहले तृणमूल कॉन्ग्रेस की सदस्य थी। इस बार पंचायत चुनाव में उसे टिकट नहीं मिला। इसके चलते महिला ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। थोड़े समय बाद वह कॉन्ग्रेस में शामिल हो गई। जब इसकी जानकारी TMC के गुंडों को हुई तो उन्होंने महिला को बेरहमी से मारा। आज तक बांग्ला से पीड़िता ने कहा कि पिटाई से पहले आरोपितों ने उन्हें नंगा कर दिया था।

पीड़ित महिला के मुताबिक उन पर हमले के बाद अफरातफरी का माहौल बन गया था। लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर ममता सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा, “एक और दिन। पश्चिम बंगाल के बुरवान (मुर्शिदाबाद) में एक और महिला के साथ मारपीट की गई और उसे निर्वस्त्र किया गया।” अमित मालवीय ने भी महिला पर TMC गुंडों के हमले की वजह पीड़िता का कॉन्ग्रेस को समर्थन करना बताया है।

अमित मालवीय ने इस घटना पर ममता बनर्जी और राहुल गाँधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। बताते चलें कि यह घटना तब घटी है, जब मणिपुर के वायरल वीडियो में 2 महिलाओं के साथ हुई निर्ममता से देश विचलित है।

BJP कार्यकर्ता के यौन उत्पीड़न का भी आरोप

इससे पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा की ग्राम सभा उम्मीदवार ने TMC गुंडों पर नग्न कर पूरे गाँव में घुमाने का आरोप लगाया था। ANI के मुताबिक घटना 8 जुलाई 2023 (शनिवार) को हावड़ा जिले के दक्षिण पंचला में घटी थी। तब पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा की महिला नेत्री ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी के हेमंत रॉय पर अपने 40-50 साथियों के साथ हमला करने का आरोप लगाया था। शिकायत में पीड़िता ने हेमंत के अलावा नूर आलम, संजू दास, रणबीर पांजा, सुकमल पांजा और अल्फी एसके को भी नामजद किया था।

शिकायत में पीड़िता ने बताया था, “उन्होंने मेरी छाती और सिर पर लाठियों से वार किया। बाद में मुझे मतदान केंद्र से बाहर धकेल दिया। टीएमसी ग्राम सभा उम्मीदवार ने सुकमल पांजा और अली शेख को मेरी साड़ी और अंतः वस्त्रों को फाड़ने के लिए उकसाया। सबके आगे छेड़छाड़ की गई और मुझे नग्न होने के लिए मजबूर किया गया।”

शुक्रवार (21 जुलाई) को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने महिला उत्पीड़न की एक अन्य घटना का भी जिक्र किया। यह घटना पश्चिम बंगाल के डोमजूर इलाके की है। यहाँ उन्होंने पीड़िता द्वारा दर्ज शिकायत के स्क्रीनशॉट को भी शेयर किया था, जिसमें पीड़िता ने टीएमसी के अरुण ठाकुर और शुवंकर मलिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायत में पीड़िता ने कहा था, “उन्होंने काउंटिंग के दिन मेरे प्राइवेट पार्ट्स छुआ और मुझे पीटा।”

भाजपा की महिला कार्यकर्ता ने अपनी शिकायत पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। शिकायत में घटनास्थल के CCTV फुटेज की भी जाँच करवाने की माँग की गई थी।

‘प्रचार पर ₹1100 करोड़ खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी पैसे देने होंगे’: रैपिड रेल के लिए केजरीवाल सरकार को ₹415 करोड़ देने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी रैपिड रेल के लिए 415 करोड़ रुपए देने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है। यह रकम देने के लिए केजरीवाल सरकार को शीर्ष अदालत ने दो महीने की मोहलत दी है। विज्ञापन पर दिल्ली सरकार के 1100 करोड़ रुपए खर्च करने का हवाले देते हुए यह आदेश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसके कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने सोमवार (24 जुलाई 2023) को कहा, “यदि पिछले 3 सालों में विज्ञापन पर 1100 करोड़ रुपए खर्च किए जा सकते हैं तो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए निश्चित रूप से पैसा दिया जा सकता है। या तो आप (दिल्ली सरकार) पैसा दें या हम आपका विज्ञापन बजट कुर्क कर लेंगे।” कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार के फंड देने से हाथ खड़े करने के कारण उसे यह आदेश देना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार और चेतावनी के बाद दिल्ली सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि RRTS के लिए फंड दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कोर्ट से फंड किश्त में जमा करने और इसके लिए थोड़ा समय देने की माँग की। इस पर कोर्ट ने उन्हें दो महीने की मोहलत दी। अब केजरीवाल सरकार को RRTS के लिए 2 महीने के भीतर 415 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा।

RRTS प्रोजेक्ट की फंडिंग को लेकर इससे पहले 3 जुलाई 2023 को सुनवाई हुई थी। इस दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि RRTS के लिए उसके पास फंड नहीं है। जवाब से असंतुष्ट सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को बीते 3 सालों में विज्ञापन पर हुए खर्च का ब्यौरा 2 सप्ताह के भीतर पेश करने का निर्देश दिया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर बताया था कि बीते 3 सालों में उसने विज्ञापन पर 1073 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

क्या है RRTS प्रोजेक्ट

RRTS प्रोजेक्ट के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को हरियाणा और राजस्थान से जोड़ने की प्लानिंग है। इसके तहत कम्प्यूटर संचालित हाई स्पीड ट्रेनें चलेंगी। पीक टाइम नहीं होने पर इन ट्रेनों से माल ढुलाई की भी योजना है। 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ये ट्रेनें चलेंगी। RRTS के अंतर्गत दिल्ली-मेरठ-गाजियाबाद रूट का काम अंतिम चरण में है। इससे यात्रियों को सहूलियत के साथ प्रदूषण और जाम से भी राहत मिलेगी। रैपिड रेल की सेवा मेंट्रो से अलग होगी। मेट्रो के मुकाबले इसकी स्पीड अधिक और स्टॉपेज कम होगा।

मस्जिद को बनाया काँवड़ियों पर हमले का लॉन्चपैड, मौलाना और सपा नेता मुख्य आरोपित: ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्ला रही थी भीड़, अब झूठ फैला रहा ज़ुबैर

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रविवार (23 जुलाई, 2023) को काँवड़ यात्रियों पर पथराव किया गया था। इस पत्थरबाजी का मुख्य आरोपित उस्मान बताया जा रहा है जो समाजवादी पार्टी का स्थानीय नेता और पूर्व पार्षद है। उस्मान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच पुलिस के बयान और एक वीडियो के आधार पर जुबैर जैसे लोग इस घटना में दोनों तरफ से बराबर गलती होने जैसा नैरेटिव बनाने लगे।

ऑपइंडिया ने बरेली के स्थानीय लोगों से बात कर के व अन्य सबूतों को जुटा कर यह पाया कि काँवड़ यात्रियों को बरेली में सिर्फ एक ही जगह नहीं बल्कि अन्य स्थानों पर अलग-अलग बहानों से निशाना बनाया गया। इस निशाने में सोशल मीडिया भी शामिल है।

सपा नेता उस्मान निकला हमले का मास्टरमाइंड

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली पुलिस ने इस हमले की जाँच के दौरान स्थानीय सपा नेता और पूर्व पार्षद उस्मान अल्वी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पीड़ित काँवड़िया अमित प्रजापति की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर हुई है। उस्मान के अलावा 150 अन्य लोगों को भी आरोपित किया गया है जिनके फुटेज के आधार पर चिह्नित किया जा रहा है। केस में दर्ज कुछ अन्य आरोपितों के नाम सलीम शाह, छोटे शाह, मम्मा ढोल, राशिद मुखबिर, वाहिद, चाँद मोहम्मद, गुड्डू, सरदार शाह और भूरा हैं।

उस्मान पर आरोप है कि उसने ही सबसे पहले काँवड़ियों को मार डालने के लिए भीड़ को ललकारा था। 2 बार के पार्षद उस्मान को इस बार प्रेमशंकर राठौर ने हरा दिया था। अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।

पत्थरबाजी की शुरुआत मस्जिद से, मौलाना नामजद

इस पूरी घटना में हमले का केंद्र मूल रूप से बारादरी थानाक्षेत्र में आने वाली नवादा की एक मस्जिद बताई जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय हिन्दू नेता अरुण कुमार फौजी ने बताया कि नूरी मस्जिद से कांवड़ियों पर हमले की शुरुआत हुई। अरुण ने हमले को साजिश बताते हुए कहा कि इस बात की जाँच होनी चाहिए कि मस्जिद में अचानक ही 100 से अधिक मुस्लिमों की भीड़ कैसे जमा हो गई।

उन्होंने आरोप लगाया है कि नूरी मस्जिद की छत से न सिर्फ पत्थर बल्कि ज्वलनशील पदार्थ मिला कर पहले से रखी बोतलें भी फेंकी गईं।

नूरी मस्जिद के आगे बाइकें खड़ी कर के रोका गया रास्ता

आरोप है कि हमले के दौरान काँवड़ और महादेव की मूर्ति खंडित हो गई थी। फिलहाल इस FIR में मस्जिद के मौलाना शाहनूरी को नामजद किया गया है। सभी उपद्रवियों पर बलवा, पथराव, तोड़फोड़ आदि धाराओं में केस दर्ज हुआ है।

दोतरफा हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा

ऑपइंडिया से बरेली के एक अन्य हिंदूवादी नेता सुनील सौभरि ने कहा कि जिस वीडियो को जुबैर जैसे लोग हिन्दुओं के हमले का बता रहे वो असल में आत्मरक्षा थी। सुनील के मुताबिक, मुस्लिम बहुल इलाके में फँसे हिन्दू काँवड़ियों के साथ गिने-चुने पुलिसकर्मी थे। उन्होंने आगे बताया कि मुस्लिमों की बढ़ रही भीड़ में खुद के निकल कर भागने और बैकअप फ़ोर्स आने तक स्वयं को जीवित रखने के लिए हिन्दुओं ने पलटवार किया था। सुनील का यह दावा है कि चोटिल केवल हिन्दुओं की तरफ से हैं क्योंकि मुस्लिम पक्ष ने पूरी तैयारी से पोजीशन ले रखी थी।

सुनील और अरुण ने बरेली पुलिस के बयान को काँवड़ियों की रक्षा न कर पाने की अपनी नाकामी छिपाने के लिए बोले गए शब्द बताए हैं। बतातें चलें कि ज़ुबैर ने पुलिस के बयान और एक वीडियो के आधार पर काँवड़ियों को बराबर का दोषी ठहराने की साजिश रची थी।

ऑपइंडिया के पास एक अन्य वीडियो भी मौजूद है जिसमें हिन्दू समाज के लोग खुद पर पथराव की शिकायत कर रहे हैं। इस वीडियो में कुछ महिलाओं को डर से एक तरफ आते देखा जा सकता है। पीछे से कुछ मुस्लिम भी आते दिख रहे हैं जिनसे बाद में हिन्दुओं की बहस होती है।

शाँतिपूर्वक जा रहे काँवड़ियों को देख कर अल्लाह हु अकबर के नारे

ऑपइंडिया के पास हिंसा से पहले का एक वीडियो मौजूद है। इस वीडियो में काँवड़ियों का जत्था जा रहा है जिसकी राह में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग खड़े दिखाई दे रहे हैं। ये काँवड़ यात्रियों को देख कर ‘अल्लाह हु अकबर’ और नारा ए तकबीर चिल्ला रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और आम नागरिक नारेबाजों को समझाने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं।

शिव मंदिर बंद करने का प्रयास

ऑपइंडिया से बात करते हुए अरुण कुमार फौजी ने बताया कि बारादरी के अलावा भी अन्य क्षेत्रों में काँवड़ियों को निशाना बनाने के प्रयास किए गए। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गाँव लभेड़ा में एक प्राचीन शिव मंदिर का जिक्र करते हुए अरुण ने कहा कि वहाँ सावन माह में ही एक प्राचीन मंदिर को बंद करने की साजिश रची गई थी। इस साजिश में कुछ लोगों द्वारा सीमेंट और ईंट लगा कर मंदिर का मुख्य द्वार बंद करने की कोशिश की गई थी।

अरुण का दावा है कि 23 जुलाई को हिन्दू संगठनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो उस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में फ़ोर्स तैनात हुई और मंदिर जैसे-तैसे बच पाया।

मंदिर पर तैनात फ़ोर्स

सोशल मीडिया से फैलाया गया तनाव

ऑपइंडिया से बात करते हुए बरेली जिले के VHP नेता हिमांशु पटेल ने बताया कि बरेली के अलग-अलग हिस्सों में काँवड़ यात्रियों के खिलाफ हुए हँगामे में सोशल मीडिया से तनाव फैलाया गया। हिमांशु के मुताबिक बारादरी इलाके में हुई पत्थरबाजी से 2 दिन पहले बहेड़ी इलाके के 2 मुस्लिमों ने काँवड़ यात्रियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसमें से एक का नाम राहत इस्लाम खान और दूसरे का नाम मोहनीश खान है। हिमांशु ने दावा किया कि हिन्दू संगठनों ने इन दोनों के खिलाफ पुलिस तहरीर दे रखी है।

आरोपितों के स्क्रीनशॉट

वहीं 23 जुलाई को हिन्दू संगठनों ने बरेली के ही शेरगढ़ थानाक्षेत्र के अकरम वारशी के खिलाफ भी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इन सभी ने काँवड़ियों को नशेड़ी बताते हुए उनके द्वारा नशे में भजन की बजाय कव्वाली बजाने की भ्रामक पोस्ट शेयर की थी। अकरम वारसी को हिरासत में ले लिया गया है। जबकि मोहनीश और राहत इस्लाम फरार हैं।

जिन्हें वोट उसी ने बंद करवाई काँवड़

बरेली के अरुण और सुनील ने हमें बताया कि आंवला क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी के नेता शमशाद ने वाल्मीकि समुदाय के लोगों की काँवड़ यात्रा में बाधा डाली। अरुण फौजी के अनुसार ये काँवड़ यात्री शमशाद के वोटर थे लेकिन उसने इनके रास्ते को रोकने का प्रयास किया। वहीं सुनील के मुताबिक शमशाद की ही जिद के चलते काँवड़ यात्रा का रूट पुलिस ने डायवर्ट करवा दिया और एक मार्ग में तो DJ भी नहीं बजने दिया।

बताते चलें कि आँवला क्षेत्र की ही डिप्टी SP दीपशिखा पर काँवड़ यात्रियों की हरकतों को आतंकियों जैसा बताने का आरोप लगा था।