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‘आजकल सबके पास मोबाइल पर कोई वीडियो नहीं मिला’: बंगाल में महिला उम्मीदवार के ‘नग्न परेड’ को DGP ने किया खारिज, कहा- जाँच में प्रमाण नहीं मिले

पश्चिम बंगाल में एक महिला उम्मीदवार को नंगा कर गाँव में घुमाने के दावे को राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) मनोज मालवीय ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अब तक की जाँच में ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है जो इन आरोपों को प्रमाणित करता हो। उनके अनुसार आरोप लगाने वाली महिला ने भी पुलिस के नोटिस का अब तक जवाब नहीं दिया है।

डीजीपी ने शुक्रवार (21 जुलाई 2023) को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 13 जुलाई को हावड़ा ग्रामीण जिले के एसपी को बीजेपी ने ईमेल के माध्यम से एक शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि आठ जुलाई को एक बूथ से एक महिला को जोर-जबर्दस्ती कर बाहर निकाल दिया गया। उनके साथ अश्लील हरकतें की गई। कपड़े फाड़ दिए गए। उनकी पिटाई की गई। डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जाँच के बाद अगले ही दिन 14 जुलाई को उचित धाराओं में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की गई। केस की जाँच शुरू की गई। लेकिन जाँच में ऐसा कोई भी तथ्य निकलकर सामने नहीं आया है, जिससे कहा जा सके कि इस तरह की कोई घटना हुई थी।

उन्होंने कहा कि घटना आठ जुलाई को होने का दावा किया जा रहा है। सब जानते हैं कि उस दिन बंगाल में पंचायत चुनाव थे। सभी बूथों पर उस दिन अच्छी-खासी संख्या में केंद्रीय बल मौजूद थे। साथ ही बंगाल में मतदान का प्रतिशत काफी अधिक होता है। इसका मतलब है कि उस दिन लोग अपने घरों से बाहर होते हैं। सड़क पर होते हैं। बूथ के आसपास मौजूद रहते हैं। लेकिन न तो किसी व्यक्ति ने और न ही केंद्रीय बलों ने ऐसी कोई घटना होने की उस दिन रिपोर्ट की थी।

डीजीपी ने कहा कि आजकल सबके पास कम से कम एक मोबाइल फोन होता है। लेकिन इस घटना का कोई वीडियो नहीं है। आसपास के सीसीटीवी की भी पुलिस ने जाँच की है, उनमें भी कुछ नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने वाली महिला को पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनसे चोट का उपचार कहाँ कराया गया, इसके बारे में जानकारी माँगी गई है। इंज्यूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। लेकिन उन्होंने अब तक इसका जवाब नहीं दिया। डीजीपी मालवीय के अनुसार महिला ने 164 के तहत मजिस्ट्रेट के पास बयान दर्ज कराने को लेकर भी कोई जवाब अब तक नहीं दिया है। उनका यह भी कहना है कि जिस थाना क्षेत्र की यह घटना बताई जा रही, उस थाने में राज्य के विपक्ष के नेता आठ जुलाई को मतदान के बाद गए थे। लेकिन उन्होंने ऐसी किसी घटना के बारे में नहीं बताया। बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम भी हावड़ा ग्रामीण जिले में गई थी, लेकिन उसने भी पुलिस को अब तक इस घटना के बारे में नहीं बताया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह घटना हावड़ा के पांचला इलाके की है। एफआईआर में महिला उम्मीदवार ने टीएमसी के गुंडों पर छेड़छाड़ और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। कहा है कि आठ जुलाई को उसे नंगा कर पूरे गाँव में घुमाया गया। टीएमसी के करीब 40 से 50 गुंडों ने उसके साथ मारपीट की। सीने और सिर पर डंडे से हमला किया। उसे नग्न होने के लिए मजबूर किया गया। गलत तरीके से छुआ और सरेआम छेड़छाड़ की। महिल के अनुसार जब टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता उसके साथ मारपीट कर रहे थे तो उनके एक नेता ने उन्हें उनके कपड़े फाड़ने के लिए उकसाया था। एफआईआर में उसने कई टीएमसी नेताओं को नामजद भी कर रखा है।

बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर बताया था कि इस मामले में एफआईआर भी पुलिस ने बीजेपी के दबाव के बााद दर्ज किया था। भाजपा की सांसद लॉकेट चटर्जी इस घटना के बारे में बात करते हुए पत्रकारों के सामने फूट-फूटकर रो पड़ीं थी। उन्होंने यह भी कहा था कि इस घटना का कोई वीडियो नहीं है, क्योंकि टीएमसी के गुंडों के हाथों में बंदूकें थीं।

मोहम्मद रियाज ने बहन का काटा सिर, हाथ में लेकर घूमता रहा: गाँव के ही मुस्लिम युवक से अफेयर नहीं था कबूल

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मोहम्मद रियाज ने अपनी बहन का गला काटकर हत्या कर दी। फिर उसका सिर हाथ में लेकर टहलते हुए निकल पड़ा। रास्ते में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) की है। बताया जा रहा है कि रियाज गाँव के ही एक मुस्लिम लड़के से बहन की अफेयर से नाराज था। कथित तौर उसकी बहन इस लड़के साथ एक बार भाग भी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के मिठवारा गाँव का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार सुबह रियाज का अपनी बहन आशिफा के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद वह घर से कहीं चला गया था। वापस आने के बाद उसने बहन से कपड़े धो देने को कहा। इसके बाद आशिफा कपड़े धोने के लिए पानी भरने घर से आई।

इसी दौरान रियाज ने धारदार चापड़ से उसके गले पर कई बार हमले किए। वह गला कटकर पूरी तरह अलग होने तक वार करता रहा। इसके बाद बहन का कटा सिर हाथों में लेकर रियाज पैदल ही थाने की तरफ निकल पड़ा। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसी बीच पुलिस को हत्या की सूचना मिली और उसने रास्ते में ही रियाज को गिरफ्तार गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर ने पड़ोसियों के हवाले से बताया है कि रियाज की बहन का गाँव के ही लड़के के साथ अफेयर था। वह उसके साथ भाग गई थी। इसको लेकर उसके घरवालों ने शिकायत भी की थी। पुलिस ने दोनों को गाँव के बाहर से पकड़ा किया था। लड़के को जेल भेज दिया गया था। वहीं लड़की परिवारवालों को सौंप दी गई थी। इस घटना के बाद से रियाज के घर में आए दिन झगड़े होते रहते थे। एक पड़ोसी के अनुसार रियाज अपराधी किस्म का है और गाँव में सब्जी का ठेला लगाता है। जब उसकी बहन गाँव के लड़के के साथ भागी थी तब वह मारपीट के एक मामले में जेल में बंद था। 15 दिन पहले ही छूटकर बाहर आया था।

ASI करेगा ज्ञानवापी परिसर का सर्वे: वाराणसी कोर्ट ने स्वीकार की हिन्दू श्रद्धालुओं की माँग, वकील विष्णु शंकर जैन बोले – मंदिर को बना दिया था मस्जिद

वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर का सर्वे ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) से सर्वे कराने की माँग को स्वीकार कर लिया है। वाराणसी की जिला अदालत में 4 महिलाओं ने इस बाबत याचिका दायर की थी। उन्होंने माँग की थी कि कथित ‘वजूखाने’ के अलावा बाकी पूरे ज्ञानवापी परिसर का सर्वे ASI से करवाया जाए, जहाँ विवादित ढाँचा स्थित है वहाँ का भी। ASI सर्वे से ये पता लगाने की माँग की गई है कि क्या मंदिर को ध्वस्त कर के उसके ऊपर मस्जिद बनाई गई।

डिस्ट्रिक्ट जज AK विश्वेश्वा ने दोनों पक्षों को 14 जून, 2023 को सुना था। इसके बाद उन्होंने शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) को निर्णय सुनाया कि महिला हिन्दू श्रद्धालुओं की याचिका को स्वीकार किया जाता है। इस संबंध में मई में ही कोर्ट में एप्लिकेशन दायर किया गया था। इसके लिए सेक्शन-75(e) और CPC के नियम-10A के ऑर्डर-26 का हवाला दिया गया था। ज्ञानवापी परिसर में साल भर पूजा की अनुमति के लिए पहले से ही इन महिला श्रद्धालुओं की याचिका अदालत में लंबित है।

महिला श्रद्धालुओं ने अपने इस एप्लिकेशन में बताया है कि जिस जगह को मुस्लिम ‘ज्ञानवापी मस्जिद’ कहते हैं, वहाँ स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लाखों वर्षों से स्थित है। साथ ही इसका भी जिक्र किया गया है कि कैसे ककई बार इस्लामी आक्रांताओं द्वारा यहाँ स्थित मंदिर को ध्वस्त किया गया। इसमें इसका भी जिक्र किया गया है कि सन् 1017 में महमूद गजनी के आक्रमण के साथ ही प्रतिमाओं और मूर्तिपूजकों से अपनी घृणा का प्रदर्शन करते हुए मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया, “कई खास अवधि में ये तथाकथित मस्जिद खाली रहती है, ऐसे में उस समय ASI सर्वे करता है तो नमाज भी बाधित नहीं होगी। राम मंदिर के समय ASI को रिपोर्ट देने में 3 साल लगे थे, लेकिन वहाँ परिसर बड़ा था। यहाँ भी 3 से 6 महीने लग सकते हैं। इसमें बहुत मॉडर्न तकनीकों का इस्तेमाल होगा, राडार वगैरह लगाए जाएँगे और जिओलॉजिस्ट्स को भी बुलाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि उनके एप्लिकेशन संख्या 127 को स्वीकार कर लिया गया है और इस संबंध में कैविएट भी दाखिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाता है तो वो जा सकता है। इससे पहले मई 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ढाँचा परिसर में स्थित माता श्रृंगार गौरी पूजा को लेकर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति को खारिज कर दी थी। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने जिला जज वाराणसी के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।।

‘नरेंद्र मोदी, मेरे अब्बू को कुछ हुआ तो तुम जिम्मेदार होगे’: यासीन मलिक की 11 साल की बेटी का जहरीला Video, प्रोपेगेंडा के लिए इस्तेमाल कर रहा पाकिस्तान

आतंकी यासीन मलिक की 11 साल की बेटी ने जम्मू कश्मीर को लेकर ज़हर उगला है। अपने अब्बा के नक्शेकदम पर ही चलते हुए उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कोसा। यासीन मलिक फ़िलहाल जेल में बंद है। रजिया सुल्तान ने दावा किया कि उसके अब्बा बीमार हैं और उसे उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। 57 वर्षीय आतंकी की बेटी ने मुजफ्फराबाद में रिजनल लेजिस्लेटिव असेंबली में बोलते हुए ये बातें कहीं। उसने कहा, “मेरे अब्बा कश्मीर के हित की लड़ाई के दीप-स्तंभ हैं।”

उसने कहा कि अगर उसके अब्बा को कुछ भी नुकसान पहुँचता है तो वो इसका दोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देगी। उसने कहा कि उसके अब्बा को फर्जी मामले में फँसाया गया है और उसे उम्मीद है कि जल्द ही वो जेल से निकलेंगे। उसने कहा, “मैं अपने अब्बा से मिलूँगी और उनके साथ अच्छा समय व्यतीत करूँगी। जब मैं उनसे मिली थी, तब मेरी उम्र मात्र 2 साल थी। अब मैं 11 साल की हो गई हूँ। मैं उन्हें बहुत याद करती हूँ। मैं उनकी आवाज़ सुनने के लिए बेचैन हूँ।”

यासीन मलिक की बेटी ने दावा किया कि वो जल्द ही जेल से निकल कर पाकिस्तानियों के बीच में होगा। यासीन मलिक 1988 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चला गया था और वहाँ से भारत के खिलाफ सशस्त्र आतंक चला रहा था। इसके बाद वो वापस आ गया और अलगाववादी बन कर रहने लगा। उसके ऊपर वायुसेना जवानों की हत्या समेत 60 मामले दर्ज हैं। 2009 में पाकिस्तान जाकर उसने मुशैल हुसैन से निकाह कर ली थी।

इस दौरान यासीन मलिक की बेटी ने ‘जम्मू कश्मीर की आज़ादी’ वाले पाकिस्तान के नैरेटिव का भी समर्थन किया। पाकिस्तान एक तरह से अब नाबालिग लड़की के सहारे वैश्विक स्तर पर भारत विरोधी प्रोपेगंडा खेल रहा है। यासीन मलिक की बेटी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे अब्बू का अपहरण कर लिया है।” साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य वैश्विक संगठनों से भी अपील की कि वो उसके अब्बू को छुड़ाने के लिए प्रयास करें।

यासीन मलिक वो आतंकी है, जो कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार में सीधे तौर पर शामिल था। इसके बावजूद मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते उससे मुलाकात की थी और उससे हाथ मिलाया था। उस पर ‘अलगाववादी नेता’ के मुखौटे में कश्मीर में आतंकवाद का समर्थन करने का भी आरोप है। साथ ही उसे भारत में टेरर फंडिंग समेत दूसरे अपराधों के मामले में हिरासत में भी लिया गया था। यासीन मलिक पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण का भी आरोप है।

शरद पवार को एक और झटका: नागालैंड के सभी 7 MLA अजित पवार के साथ, NCP प्रदेश अध्यक्ष के हाथों भेजा समर्थन पत्र

महाराष्ट्र में चल रही सियासी उठापटक के बीच शरद पवार को एक और झटका लगा है। नागालैंड में 7 विधायकों समेत पूरी राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार के समर्थन में आ गई है। इससे पहले अजित पवार एनसीपी के कई विधायकों के साथ एनडीए में शामिल हो गए थे। अब शरद पवार और उनके भतीजे अजित के बीच पार्टी पर कब्जे की लड़ाई चल रही है।

नागालैंड से मिले समर्थन को लेकर एनसीपी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें कहा गया है कि नागालैंड एनसीपी के प्रदेश व जिले के नेताओं ने विचार-विमर्श के बाद अजित पवार के नेतृत्व में काम करने का फैसला किया है। नागालैंड के प्रदेश अध्यक्ष वानथुंग ओडियो ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे से मुलाकात की। साथ ही ओडियो ने 7 विधायकों सहित सभी पदाधिकारियों के समर्थन के शपथ-पत्र सौंपे।

NCP द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (फोटो साभार: IndiaToday)

वानथुंग ओडियो ने भी एक बयान में इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि नागालैंड में एनसीपी के सभी 7 विधायकों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को समर्थन पत्र भेजा है।

बता दें कि 2 जुलाई को अजित पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस दौरान उनके साथ एनसीपी के 8 विधायकों को भी मंत्री बनाया गया था। शुरुआत में शरद पवार के दावों से ऐसा लग रहा था कि अजित पवार के पास पर्याप्त विधायकों की संख्या नहीं है। लेकिन उनकी बैठक में 29 विधायक पहुँचे थे। वहीं शरद पवार की मीटिंग में महज 13 पार्टी विधायक ही पहुँचे थे। इससे अजित पवार का दावा पार्टी पर मजबूत दिखता है। एनसीपी पर चाचा-भतीजे की लड़ाई चुनाव आयोग भी पहुँच चुकी है। दोनों गुटों ने पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ और नाम ‘राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी’ पर अपना-अपना दावा ठोंक रखा है।

‘हमलोग भी महिला हैं, हमारी बेटियाँ कहाँ जाएँगी’: फूट-फूटकर रोईं बंगाल की बीजेपी MP, कहा- TMC के गुंडों ने उम्मीदवार को नंगा कर घुमाया, हाथों में थी बंदूकें

हमलोग भी महिला हैं। हमलोग भी देश की बेटी हैं। हमलोग कहाँ जाएँगे।

यह सवाल है पश्चिम बंगाल से बीजेपी की सांसद लॉकेट चटर्जी का। शुक्रवार (21 जुलाई 2023) को मीडिया से बात करते हुए वह फूट-फूटकर रोने लगीं। वे पार्टी के बंगाल अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के साथ पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर बात कर रहीं थी। 8 जुलाई को मतदान के दिन एक महिला उम्मीदवार को नंगा कर गाँव में घुमाने का मामला सामने आया है।

चटर्जी ने पत्रकारों से कहा, “आपलोग बताइए हम लोग कहा जाएँगे। हम भी महिलाएँ हैं। हम भी अपनी बेटियों को बचाना चाहते हैं। हम भी देश की बेटियाँ हैं। पश्चिम बंगाल देश का एक हिस्सा है। पीएम मोदी ने कल मणिपुर घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि हर राज्य में महिला सुरक्षा के लिए कानून-व्यवस्था का काम होना चाहिए। हमारे लिए भी आप लोग कुछ बात करें। हमारी बेटियाँ कहाँ जाएँगी।” नीचे वीडियो में आप 10 मिनट 11 सेकेंड से चटर्जी का यह बयान सुन सकते हैं।

बंगाल की हिंसा पर कॉन्ग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चटर्जी ने कहा कि राज्य में यह सब कुछ तब हो रहा है जब एक महिला मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) हैं। उन्होंने पूछा कि महिला प्रत्याशी को नग्न कर जो अत्याचार किए गए क्या उसकी जाँच होगी? चटर्जी ने कहा कि साउथ पांचला की इस घटना का वीडियो नहीं है, क्योंकि सभी की हाथों में बंदूकें थीं। उन्होंने कहा, “बंगाल में पंचायत के चुनाव नहीं बल्कि खून के चुनाव हुए। इसमें बहुत हिंसा और महिलाओं के साथ अत्याचार हुए। ममता बनर्जी एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोक नहीं रही हैं।”

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा कि मणिपुर में जो घटना हुई, उसे लेकर उत्तेजना पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे दुःखद घटना बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि कहीं भी ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित साउथ पांचला की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ भाजपा के लिए पंचायत चुनाव लड़ने वाली एक महिला को नग्न कर घुमाया गया।

सुकांता मजूमदार ने पूछा कि क्या ये मणिपुर से कम दुःखद घटना है? उन्होंने कहा कि अंतर सिर्फ इतना है कि इसका वीडियो उपलब्ध नहीं है, क्योंकि ‘ममता बनर्जी के गुंडे’ किसी को वीडियो बनाने नहीं दे सकते। इस दौरान उन्होंने अख़बारों के हवाले से 2 घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें से एक उत्तरी बंगाल स्थित अलीपुरद्वार की है और एक दक्षिणी बंगाल के बीरभूम की। उन्होंने बताया कि एक महिला को नग्न कर के और गदहे की पीठ पर बिठा कर घुमाया गया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का कारण जो भी हो, लेकिन महिलाओं के सम्मान के साथ पश्चिम बंगाल में जिस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है वो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की रिपोर्ट में भी ये सामने आ चुका है। 

ANI की रिपोर्ट के अनुसार पांचला में महिला उम्मीदवार को पीटा गया। सरेआम छेड़छाड़ की गई। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एक महिला उम्मीदवार ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़ और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नामजद शिकायत की है। कहा है कि आठ जुलाई को उसे नंगा कर पूरे गाँव में घुमाया गया। महिला ने बताया है कि टीएमसी के करीब 40 से 50 गुंडों ने उसके साथ मारपीट की। उसके सीने और सिर पर डंडे से हमला किया। उसे मतदान केंद्र के बाहर फेंक दिया। रिपब्लिक की रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित महिला के अनुसार उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई। उसे नग्न होने के लिए मजबूर किया गया। उसे गलत तरीके से छुआ गया और सरेआम छेड़छाड़ की गई। पीड़िता के अनुसार जब टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता उसके साथ मारपीट कर रहे थे तो उनके एक नेता ने उन्हें उनके कपड़े फाड़ने के लिए उकसाया। बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर दावा किया है इस मामले में एफआईआर भी तब दर्ज की गई, जब बीजेपी ने इसके लिए दबाव बनाया।

‘ये कोई गली-नुक्कड़ नहीं है, जाकर संविधान पढ़ो और सीखो’: संसद में हंगामा कर रहे संजय सिंह और राघव चड्ढा को उप-राष्ट्रपति ने फटकारा, कहा – 130 करोड़ लोग देख रहे

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) को भी भी संसद में विपक्ष का हंगामा जारी रहा। राज्यसभा में AAP के सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा ने हंगामा करते हुए दूसरे सदस्यों को भी नहीं बोलने दिया और कार्यवाही बाधित की। इस दौरान उप-राष्ट्रपति एवं सदन के सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें उचित व्यवहार का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा को उच्च-सदन कहा जाता है, ये बड़ों का सदन माना जाता है, ऐसे में यहाँ इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस सदन में हम जो व्यवहार कर रहे हैं, उसे 130 करोड़ से भी ज्यादा लोग देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट सन्देश दिया कि हमें अपने व्यवहार से एक अच्छा उदाहरण पेश करना होगा, ताकि हमारी प्रशंसा हो। इस दौरान जब बीच में संजय सिंह और राघव चड्ढा ने हंगामा शुरू कर दिया तो सभापति ने उन्हें डाँटा कि क्या आप चुप नहीं रह सकते कुछ समय के लिए। उन्होंने कहा कि ये आपलोगों की आदत हो गई है कि बार-बार खड़े हो जाओ और बोलने लगो।

उन्होंने कहा कि वो हर सदस्य को बोलने का मौका देते हैं, अपनी बात रखने का मौका देते हैं, लेकिन ये कोई गली-सड़क नहीं है। उप-राष्ट्रपति के समझाने के बावजूद संजय सिंह और राघव चड्ढा हंगामा करते रहे। इस दौरान उन्होंने इनलोगों को संविधान पढ़ने की भी सलाह दी, ताकि वो समझ सकें कि क्या संवैधानिक है और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि आपलोगों को संविधान पढ़ना चाहिए, ताकि आपका मार्गदर्शन हो, आपको चीजें पता चले और आप उस हिसाब से व्यवहार करे।

बता दें कि AAP के दोनों सांसद बार-बार खड़े हो जा रहे थे और अपनी सीट से अलग चले जा रहे थे। इस दौरान जगदीप धनखड़ ने राघव चड्ढा को सलाह दी कि वो अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल न करें और इस तरह से सदन में इधर-उधर न घूमें। बार-बार ‘संविधान की रक्षा’ को लेकर हंगामा मचाए जाने और ‘असंवैधानिक’ शब्द का प्रयोग किए जाने पर उप-राष्ट्रपति ने इन दोनों को संविधान पढ़ने की सलाह दी। बता दें कि सदन में 2 दिनों से हंगामा जारी है।

ममता बनर्जी के घर की गली में घुसते पकड़ा गया नूर आलम, पुलिस की स्टीकर लगी गाड़ी में था सवार: चाकू-बंदूक भी मिले

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर की गली में घुसपैठ करते हुए शुक्रवार (21 जुलाई 2023) को एक व्यक्ति को कोलकाता पुलिस ने पकड़ा। इस व्यक्ति की पहचान शेख नूर आलम के तौर पर हुई है। उसके पास से बंदूक, चाकू सहित कई आपत्तिजनक चीजें मिली है। वह पुलिस की स्टीकर लगी गाड़ी में सवार था। साथ ही नशे की हालत में था।

कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के पास से पकड़े जाने के बाद नूर आलम को स्थानीय थाने में रखा गया है। पुलिस, एसटीएफ और स्पेशल ब्रांच उससे पूछताछ कर रही है। उसके पास से अलग-अलग एजेंसियों के आईडी कार्ड भी मिले हैं।

गोयल ने बताया, “कोलकाता पुलिस ने सीएम ममता बनर्जी के आवास के पास से एक व्यक्ति को पकड़ा है। उसकी पहचान शेख नूर आलम के रूप में हुई है। वह मुख्यमंत्री के आवास वाली गली में घुसने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से एक बंदूक, एक चाकू और अन्य आपत्तिजनक चीजों के अलावा विभिन्न एजेंसियों के कई आईडी कार्ड मिले हैं। वह पुलिस का स्टीकर लगी कार में सवार था। पुलिस, एसटीएफ और स्पेशल ब्रांच स्थानीय थाने में उससे पूछताछ कर रही है।”

नूर आलम को ऐसे वक्त में पकड़ा गया है, जब सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ‘शहीद दिवस’ पर कोलकाता में रैली कर रही है। इसमें शामिल होने के लिए राज्य भर से पार्टी के कार्यकर्ता कोलकाता आए हुए हैं। 21 जुलाई 1993 को पुलिस फायरिंग में मारे गए यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की याद में टीएमसी हर साल इस तारीख को ‘शहीद दिवस’ के तौर पर मनाती है। ममता ने कॉन्ग्रेस से अलग होकर ही टीएमसी की स्थापना की थी।

इस रैली से पहले बंगाल में टीएमसी गुंडों की हिंसा भी चर्चा में है। हावड़ा के पांचला में 8 जुलाई 2023 को पंचायत चुनाव की एक महिला उम्मीदवार को नंगा कर गाँव में घुमाने का मामला सामने आया है। महिला ने अपनी शिकायत में टीएमसी के कई नेताओं को नामजद किया है। बीजेपी का दावा है कि इस मामले में पुलिस शुरुआत में एफआईआर भी दर्ज करने को तैयार नहीं थी। गौरतलब है कि 8 जुलाई को ही बंगाल में पंचायत चुनावों के लिए मतदान हुआ था। यह चुनाव अपने नतीजों से ज्यादा हिंसा को लेकर चर्चा में रहा था।

अहमदाबाद में ₹1 लाख में भी नहीं मिल रहा होटल का कमरा, हॉस्पिटल बेड बुक कर रहे लोग: भारत-Pak मैच के लिए दिख रहा फैंस का पागलपन

वनडे वर्ल्ड कप (ODI WC 2023) में 15 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान (IndvsPak) आमने-सामने होंगे। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले इस मैच को लेकर फैंस में काफी उत्साह है। मैच से पहले अहमदाबाद में होटलों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में होटल के भारी-भरकम खर्चे से बचने के लिए फैंस हॉस्पिटल के बेड बुक कर रहे हैं। इस जुगाड़ से न केवल उनके ठहरने की व्यवस्था हो जाएगी। बल्कि अपना बॉडी चेकअप भी करा सकेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत-पाक मैच को देखते हुए अहमदाबाद के होटलों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गए हैं। होटलों में एक रात ठहरने का किराया 1 लाख रुपए से भी अधिक हो गया है। इसलिए लोग अहमदाबाद के होटलों की जगह नरेंद्र मोदी स्टेडियम के आसपास के हॉस्पिटल बुक कर रहे हैं। अहमदाबाद के हॉस्पिटल में इलाज या चेकअप का खर्च 3000-25000 रुपए तक है। इससे लोगों को इलाज के साथ ही रुकने और खाने की भी सुविधा मिल जाएगी।

वहीं अधिकांश हॉस्पिटल में इलाज के साथ ही खाने की भी सुविधा मिल जाती है। इसके अलावा बीमार व्यक्ति के साथ एक व्यक्ति के रुकने की अनुमति होती है। इसलिए हॉस्पिटल के बेड बुक करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

अहमदाबाद के बोपाल क्षेत्र में स्थित सान्निध्य मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. पारस शाह का कहना है, “चूँकि यह एक अस्पताल है। इसलिए लोग यहाँ इलाज कराने और रात भर रुकने के लिए कह रहे हैं। इससे उनके दोनों उद्देश्य पूरे हो रहे हैं और होटल में रुकने व इलाज कराने के पैसों की बचत भी हो रही है।”

स्टर्लिंग हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर डॉ. निखिल लाला का कहना है, “हमारे हॉस्पिटल में 24 से 48 घंटे रहने को लेकर लोग पूछताछ कर रहे हैं। खासतौर से 15 अक्टूबर के आसपास बहुत अधिक लोग हॉस्पिटल आना चाहते हैं। यह सब विश्व कप में 15 अक्टूबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच के कारण हो रहा है। हमारे हॉस्पिटल की तरह ही अहमदाबाद के अन्य हॉस्पिटल की भी स्थिति है। इसलिए हम कुछ नए हेल्थ पैकेज लाने का विचार कर रहे हैं।”

इस बारे में और खँगालने के लिए ऑपइंडिया ने अहमदाबाद के सिंधु भवन रोड में स्थित होटल कोर्टयार्ड में बातचीत की। इस बातचीत में ऑपइंडिया ने एक रात रुकने के लिए 90 हजार रुपए या इससे अधिक देने की बात कही। लेकिन इसके बाद भी होटल के कर्मचारी ने कोई भी रूम देने से इनकार कर दिया। होटल बुकिंग साइट ‘मेक माय ट्रिप’ के अनुसार शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) को इस होटल में एक कमरे की बुकिंग के लिए महज 6000 रुपए देने होंगे। वहीं भारत-पाक मैच के चलते अहमदाबाद के होटलों के दाम कई गुना तक बढ़ गए हैं।

बता दें कि वनडे वर्ल्ड कप 2023 में 15 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान का मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोपहर 2 बजे से खेला जाएगा। दोनों ही देशों के बीच साल 2008 से कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई। सिर्फ ACC/ICC टूर्नामेंट में ही भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होते हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच आखिरी मैच 23 अक्टूबर, 2022 को ऑस्ट्रेलिया में हुए टी20 विश्व कप में खेला गया था। चूँकि अब दोनों टीमें करीब 1 साल बाद आमने-सामने होंगी, इसीलिए फैंस का उत्साह कई गुना तक बढ़ा हुआ है।

राहुल गाँधी को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं, गुजरात सरकार और पूर्णेश मोदी से माँगा जवाब: अब 4 अगस्त को सुनवाई

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की याचिका पर शुक्रवार (21 जुलाई 2023) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। फिलहाल उन्हें शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने गुजरात सरकार और बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। राहुल गाँधी ने अपनी याचिका में गुजरात हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें आपराधिक मानहानि के मामले में उनके खिलाफ सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था।

याचिका पर सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने की। जस्टिस गवई ने पने अपने पिता और भाई के कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़ाव का हवाला देते हुए सुनवाई से अलग होने की पेशकश भी की। लेकिन दोनों पक्षों ने उनके इस पारिवारिक जुड़ाव को लेकर कोई आपत्ति जाहिर नहीं की। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई।

राहुल गाँधी की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें रखी। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की सांसदी गए 100 से अधिक दिन हो चुके हैं। वायनाड लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषणा भी जल्द हो सकती है। इसलिए उन्होंने सुनवाई की अगली तारीख जल्द से जल्द रखने की माँग की। पीठ ने गुजरात सरकार और राहुल गाँधी पर केस करने वाले बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक के एक भाषण में कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। गुजरात से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पूर्णेश मोदी ने इसे पूरे समाज का अपमान बता कर सूरत की मेट्रोपोलिटन कोर्ट में राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का आपराधिक केस दर्ज करवाया था। 23 मार्च 2023 को सूरत के मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेस्ट ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के दौरान राहुल गाँधी केरल में वायनाड से सांसद थे। सजा के बाद नियमानुसार उनकी संसद सदस्यता समाप्त हो गई थी। 20 अप्रैल को मजिस्ट्रेट अदालत ने भी सजा निलंबित करने की राहुल गाँधी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी थी।

हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल की दलील है कि अगर उन्हें राहत प्रदान नहीं की जाती है तो वे अपने करियर के 8 साल गँवा देंगे। 2 साल या उससे अधिक की सज़ा होने पर सज़ा की अवधि और उसके बाद 6 वर्ष तक कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।