Tuesday, July 23, 2024
Homeराजनीतिमहाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में डिप्टी CM बने अजित पवार: 'पुत्री मोह' में...

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में डिप्टी CM बने अजित पवार: ‘पुत्री मोह’ में डूब गई शरद पवार की पार्टी, शिवसेना के बाद NCP भी टूटी

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इसकी पुष्टि कर दी कि अजित पवार समेत NCP विधायक पहुँचेंगे और राजभवन में शपथग्रहण समारोह आयोजित होगा।

शरद पवार के भतीजे अजित पवार को महाराष्ट्र में उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ने की बात की थी और अब रविवार (2 जुलाई, 2023) को उन्होंने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इसके साथ ही महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार – 2 डिप्टी CM हो गए हैं। छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और दिलीप वैसे पाटिल समेत 9 मंत्रियों ने उनके साथ शपथ ली। अजित पवार के आधिकारिक आवास ‘देवगिरी’ पर बैठकों के बाद ये बदलाव हुए।

महाराष्ट्र में शरद पवार की पार्टी NCP (राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी) के टूटने की खबर आ रही है। नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने अचानक विधायकों की बैठक बुला ली। इस पर शरद पवार ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि ये बैठक क्यों बुलाई गई है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इसकी पुष्टि कर दी कि अजित पवार समेत NCP विधायक पहुँचेंगे और राजभवन में शपथग्रहण समारोह आयोजित होगा। ऐसा होते ही NCP की टूट की घोषणा आधिकारिक हो गई है।

राजभवन पहुँच कर अजित पवार राज्यपाल को विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा और इसके बाद शपथग्रहण समारोह में मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। शपथग्रहण समारोह की तैयारियाँ भी शुरू कर दी गई थीं, तभी से ये कयास लगाए जाने लगे थे। अजित पवार ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद की शपथ ले ली है। इसके साथ ही NCP के भी 2 टुकड़े हो गए। एकनाथ शिंदे फ़िलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं, जो शिवसेना से तोड़ कर बनी ‘शिवसेना (बालासाहब ठाकरे)’ से ताल्लुक रखते हैं।

हाल ही में शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया था, इसके बाद से ही अजित पवार के पार्टी में असहज होने की खबरें सामने आ रही थीं। उनके साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल को भी ये पद दिया गया था। शरद पवार ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन फिर कार्यकर्ताओं के दबाव की बात करते हुए इस्तीफा वापस ले लिया और नए नेतृत्व को तैयार करने की बात की। हालाँकि, अजित पवार को संगठन में बड़ा पद नहीं दिया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

20000 महिलाओं को रेप-मौत से बचाने के लिए जब कॉन्ग्रेसी मंत्री ने RSS से माँगी थी मदद: एक पत्र में दर्ज इतिहास, जिसे छिपा...

पत्र में कहा गया था कि आरएसएस 'फील्ड वर्क' के लिए लोगों को अत्यधिक प्रशिक्षित करेगा और संघ प्रमुख श्री गोलवरकर से परामर्श लिया जा सकता है।

कागज तो दिखाना ही पड़ेगा: अमर, अकबर या एंथनी… भोले के भक्तों को बेचना है खाना, तो जरूरी है कागज दिखाना – FSSAI अब...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कांवड़ रूट में नाम दिखने पर रोक लगाई जा रही है, लेकिन कागज दिखाने पर कोई रोक नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -