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ISIS के लिए काम कर रहा था अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र फैजान अंसारी, NIA ने पकड़ा: देवबंद से पकड़े गए 2 बांग्लादेशी

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के लिए काम करने वाले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के एक छात्र को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पकड़ा है। इस छात्र की पह​चान 19 साल के फैजान अंसारी उर्फ फैज के तौर पर हुई है। उसे झारखंड के लोहरदगा से गिरफ्तार किया गया है। वह भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद से यूपी एटीएस ने दो बांग्लादेशियों को पकड़ा है। ये अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

एनआईए ने प्रेस को जारी एक बयान में बताया है कि फैजान भारत में आईएसआईएस की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में जुटा था। सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठन का प्रचार कर रहा था। सोशल मीडिया और अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वह भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।

फैजान अंसारी की गिरफ्तारी से पहले NIA ने 16 और 17 जुलाई को झारखंड के लोहदरगा में उसके घर और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में उसके किराए के मकान पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में एनआईए को कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध सामग्री तथा दस्तावेज मिले थे। इसके बाद एनआईए ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 19 जुलाई को फैजान अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार फैजान आमतौर पर बहुत कम लोगों से मिलता था। महँगी बाइक दिखाकर युवाओं को अपने करीब लाकर उनका ब्रेनवॉश करता था। एनआईए की टीम उससे जुड़े लोगों को भी तलाश कर रही है। एनआईए की जाँच में सामने आया है कि फैजान भारत में आईएसआईएस के आतंकियों की संख्या बढ़ाने के लिए धर्मांतरित हुए लोगों को ब्रेनवॉश कर कट्टरपंथी बना रहा था। इसके बाद उसकी योजना इन सभी को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की थी। आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और आतंकियों की भर्ती करने के लिए फैजान अंसारी विदेश में स्थित ISIS के हैंडलर्स के संपर्क में था।

देवबंद से 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधी शाखा (ATS) ने मंगलवार (18 जुलाई 2023) को सहरानपुर जिले के देवबंद से 2 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हबीबुल्लाह और अहमदुल्लाह के रूप में हुई। दोनों आरोपित साल 2022 में घुसपैठ कर भारत आए थे। इसके बाद देवबंद के दारुल उलूम के पास किराए का मकान लेकर रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के पास से कई फर्जी दस्तावेज समेत आधार कार्ड और परिचय पत्र बरामद किया है। हबीबुलल्लाह ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर रखा है।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति

यूपी एटीएस को देवबंद में बांग्लादेशी नागरिकों के छिपे होने के अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार आतंकी शहादत हुसैन की पत्नी समा परवीन को पैसे भेजने की सूचना मिली थी। इसके बाद एटीएस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। एटीएस की पूछताछ में अहमदुल्लाह ने शहादत हुसैन को अच्छी तरह पहचानने और उसकी पत्नी को पैसे भेजने की बात स्वीकारी है। 

‘मुझे नंगा कर नचाया, वे जंगली जानवरों की तरह नोंच रहे थे’: कारगिल युद्ध में शामिल रहे सैनिक की पत्नी की भी मणिपुर में भीड़ ने निकाली थी परेड

मणिपुर में महिलाओं के नग्न परेड का जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें दिखी एक पीड़िता रिटायर सैन्यकर्मी की पत्नी हैं। यह जोड़ा अभी चुराचांदपुर (Churachandpur) के एक राहत कैंप में शरण लिए हुए हैं। 4 मई 2023 की घटना के बाद से पीड़िता सदमे में है। पति इस पीड़ा के साथ जी रहे हैं कि उस भीड़ से अपनी पत्नी की इज्जत नहीं बचा पाए।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस जोड़े से बातचीत की है। 42 वर्षीय पीड़िता ने बताया है कि उस दिन सैकड़ों की भीड़ ने उन्हें और एक अन्य महिला को बंदू की नोक पर कपड़े उतारने को मजबूर किया। नंगा नहीं होने पर हत्या की धमकी दी। भीड़ ने नंगा कर उन्हें नचाया। उनके साथ धक्का-मुक्की की। उनकी परेड कराई। पीड़िता के मुताबिक वह भीड़ जंगली जानवरों की तरह महिलाओं को नोंच रही थी।

इस पीड़िता के 65 वर्षीय पति भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध में भाग लिया था। रिटायर सैन्यकर्मी ने अखबार को बताया है, “मेरी पत्नी ड‍िप्रेशन में चली गई है। हमारे बच्चों की देखभाल के साथ वह सामान्य स्थिति में आने के लिए संघर्ष कर रही है।” 3 और 4 मई की घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मैंने युद्ध देखा है। करागिल में मोर्चे पर लड़ाई की है। लेकिन जब रिटायर होकर अपने घर आ चुका हूँ तो यह जगह मुझे जंग के मैदान से भी अधिक खतरनाक लग रही है।

उन्होंने बताया कि 4 मई को उनके गाँव में घुसी भीड़ ने घरोंं को आग के हवाले करना शुरू किया। ग्रामीण जान बचाने के लिए भाग खड़े हो गए। इस दौरान उनकी पत्नी उनसे अलग हो गई। उनकी पत्नी और चार अन्य ग्रामीण जंगल में एक पेड़ के पीछे छिपे थे। कुछ हमलावर जो ग्रामीणों के बकरियों, सूअरों और मुर्गियों का पीछा कर रहे थे, वे भी जंगल में घुस गए। इन्हीं लोगों ने उनकी पत्नी और वहाँ छिपे अन्य ग्रामीणों को पकड़ा था।

रिटायर सैन्य कर्मी ने बताया, “मैंने भीड़ को अपनी पत्नी और अन्य चार लोगों को ले जाते देखा। तीन महिलाओं को कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया। एक महिला जिसकी गोद में एक बच्चा था, उसे बाद में छोड़ दिया। भीड़ में शामिल कुछ लोग उसे जानते थे। भीड़ दूसरी छोटी महिला के साथ छेड़छाड़ कर रही थी। जब उसके पिता और छोटे भाई ने बचाने की कोशिश की तो उनकी हत्या कर दी गई।”

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी का जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें दो महिलाओं का नग्न परेड करवा रही भीड़ उन्हें खींचकर खेतों की तरफ ले जाती दिखाई पड़ रही है। इस घटना को लेकर 18 मई को दर्ज हुई एफआईआर के मुताबिक तीन महिलाओं के साथ भीड़ ने दरिंदगी की थी। इन्हें पुलिस की कस्टडी से छीनकर ले जाया गया था। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस वीडियो को शेयर होने से रोकने के निर्देश दिए हैं।

इस घटना की शिकायत में पीड़िताओं ने बताया है कि 4 मई 2023 को उनके गाँव पर लगभग 800 से 1000 हमलावरों की भीड़ ने हमला किया था। भीड़ के पास इंसास और AK सीरीज की रायफलें जैसे घातक हथियार थे। इनसे बचने के लिए 3 महिलाओं सहित गाँव के 5 लोग जंगल की तरफ भाग गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने इन सभी को बचा लिया और साथ लेकर थाने आने लगी। रास्ते में भीड़ ने पुलिस बल को रोक कर पीड़ितों को कस्टडी से छीन लिया।

आरोप है कि हिंसक भीड़ ने पहले 20 वर्षीय पीड़िता के पिता की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों महिलाओ को कपड़े उतारने पर मजबूर किया गया। जब एक पीड़िता के भाई ने इसका विरोध किया तो भीड़ ने उसकी हत्या कर दी। बाद में इन सभी महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। गैंगरेप के बाद तीनों महिलाएँ जैसे-तैसे वहाँ से निकल पाईं। फिलहाल तीनों पीड़िताएँ एक राहत कैम्प में हैं। 

बजरंग-विनेश की तरह बिना ट्रायल नहीं जाऊँगी एशियन गेम्स: डायरेक्ट एंट्री के विरोध में साक्षी मलिक, कहा- मुझे भी मिला ऑफर, मना कर दिया

बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट को एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री का पहलवान साक्षी मलिक ने भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे बिना ट्रायल के मौके देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें भी बजरंग और विनेश की तरह ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के धरना-प्रदर्शन का बजरंग और विनेश की तरह ही साक्षी मलिक भी प्रमुख चेहरा थीं। बिना ट्रायल मौके देने का ठीकरा साक्षी ने सरकार पर फोड़ा है। कहा है कि इससे पहलवानों की एकता तोड़ी जा रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सरकार ने एशियन गेम्स में सीधे नाम भेजकर पहलवानों की एकता को तोड़ने का काम किया है। मैं न कभी बिना ट्रायल खेलने गई हूँ और न ही इसका समर्थन करती हूँ। सरकार की इस मंशा से विचलित हूँ। हमने ट्रायल्स की डेट आगे बढ़वाने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने हमारी झोली में यह बदनामी डाल दी है।”

वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं कुश्ती के भले के लिए ही प्रदर्शन में थी। मैं इस तरह बिना ट्रायल नाम भेजने के विरोध में हूँ, क्योंकि मैं नहीं चाहती कि किसी का हक छीना जाए। कुश्ती में हमारी आपस में लड़ाई कराने जैसी यह जो नीति बनी है, मैं उसके खिलाफ हूँ।” उन्होंने यह भी कहा है, “मुझे 3-4 दिन पहले सरकार की तरफ से फोन आया था कि हम बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के लिए भेज रहे हैं। आप भी मेल कर दो, आपको भी भेज देंगे। मैंने साफ मना कर दिया। मैं कभी भी बिना ट्रायल के किसी टूर्नामेंट में न ही गई हूँ और न जाना चाहती हूँ।”

उल्लेखनीय है कि एशियन गेम्स के लिए बजरंग और विनेश को डायरेक्ट एंट्री देने का कई पहलवान विरोध कर चुके हैं। यह मामला कोर्ट में भी चला गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर WFI से जवाब माँगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। एशियन गेम्स 23 सितंबर से चीन से हानझोउ में होने वाला है। दिल्ली हाई कोर्ट में महिला पहलवान अंतिम पंघाल और पहलवान सुजीत कलकल ने याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सभी खिलाड़ियों का ट्रायल हो और किसी को डायरेक्ट एंट्री न मिले। साथ ही ट्रायल की वीडियोग्राफ़ी करने का भी निवेदन किया गया है।

वहीं ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान रहे योगेश्वर दत्त ने भी इसका विरोध किया है। कहा है कि कुश्ती की बहुत बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा, “पूरा देश कन्फ्यूज है कि ये हो क्या रहा है। चीफ कोच से मैंने बात कि उन्होंने कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। कमिटी में कुछ लोग हैं, जिन्होंने ये फैसला लिया है। चीफ कोच की सहमति के बिना फैसले नहीं लिए जा सकते। कोई कैम्प लगा कर फिटनेस टेस्ट भी नहीं लिया गया। कई पहलवान दुःख में हैं, वो ट्रायल के लिए गुहार लगा रहे हैं। कमिटी ने कोई निष्पक्षता नहीं बरती है। अगर बिना ट्रायल भेजना है तो पूरी टीम भेजिए – ऐसा क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब देना पड़ेगा।”

‘धान के खेत में ले गए, लेटने को कहा… मैं भाग्यशाली मेरा रेप नहीं हुआ’: मणिपुर में महिलाओं के नग्न परेड से गिरफ्तारी तक, सब कुछ एक साथ

मणिपुर में 2 महिलाओं को नग्न कर उनका परेड कराए जाने और उनके साथ गैंगरेप की घटना के मुख्य आरोपित हुइरेम हेरोदेस को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि इस घटना का वीडियो बुधवार (19 जुलाई, 2023) को वायरल हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद परिसर में कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार एक्शन ले, वरना हम कुछ करेंगे। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी मणिपुर के DGP से बात कर के घटना की रिपोर्ट ली है।

मणिपुर वीडियो: पीड़िताओं ने बताया उनके साथ क्या हुआ था

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि इस वीडियो को हर जगह से हटाया जाए, क्योंकि ये काफी ज्यादा वीभत्स है और पीड़िताएँ भी उनमें दिख रही हैं। हालाँकि, वीडियो अब भी धड़ल्ले से शेयर हो रही है। वहीं अब पीड़िताओं ने भी अपना दर्द साझा किया है। एक पीड़िता ने बताया कि पीड़िता ने बताया कि गाँव में आगजनी और लूटपाट की जा रही थी, इसीलिए वो लोग निकल कर भागे थे। उसे चारों तरफ से घेर लिया गया था और भीड़ में लोग चिल्ला रहे थे कि ‘इसका बलात्कार करो, इसका बलात्कार करो’।

इसके बाद भीड़ ने उन्हें अपने शरीर पर से सारे कपड़ों को उतारने के लिए कहा, ऐसा न करने पर हत्या की धमकी दी। पीड़िता ने ‘स्क्रॉल’ से बात करते हुए बताया कि खुद की जान बचाने के लिए उसे अपने शरीर पर से एक-एक कपड़े को उतारना पड़ा। इसके बाद लोग मुक्के और थप्पड़ों की बौछार करने लगे। इसके बाद इन महिलाओं को घसीटते हुए धान के एक खेत में ले जाया गया। वहाँ उन्हें लेटने को कहा गया। एक पीड़िता ने बताया कि इस दौरान भी वो एक-दूसरे से बात कर रहे थे कि इसका रेप कर लिया जाए।

हालाँकि, पीड़िता का कहना है कि इस दौरान उसके स्तनों को दबोच लिया गया और बलात्कार नहीं किया गया। कुछ ही दूरी पर उसकी पड़ोसी थी। उस 21 वर्षीय महिला के साथ इन लोगों ने क्या किया, इस बारे में इस 40 वर्षीय पीड़िता को अंदाज़ा नहीं है। उसे सिर्फ इतना पता है कि 21 वर्षीय पीड़िता के पिता और भाई की हत्या कर दी गई। महिला ने कहा कि वो खुद को ‘भाग्यशाली’ समझती है कि उसका रेप होने से बच गया।

मणिपुर में महिलाओं को नग्न घुमाया, 21 वर्षीय युवती का बलात्कार: FIR में क्या है

FIR में जानकारी दी गई है कि 4 मई को दोपहर के समय कांगपोकपी स्थित उस गाँव में 800-1000 की संख्या में भीड़ ने हमला बोल दिया। ये भीड़ एके-47, एसएलआर, इंसास और .303 राइफल्स जैसे खतरनाक हथियारों से लैस थी। इस दौरान घरों में से सारे फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान लूट लिए गए। इसके बाद घरों में आग लगा दी गई। इनमें शामिल संगठनों की पहचान मैतेई युवा संगठन, मैतेई लीपुन, कांगलेइपाक कनबा लुप, अरामबाई तेंगगोल, विश्व मैतेई परिषद और ‘अनुसूचित जनजाति माँग समिति’ के रूप में हुई है।

इस पूरे प्रकरण के पीड़ित हैं – एक 56 साल का व्यक्ति, उसका 19 साल का बेटा (इन दोनों को मार डाला गया), उसकी 21 साल की बेटी। इनके अलावा जो 2 अन्य महिलाएँ हैं, उनकी उम्र 42 साल और 52 साल है, जो अन्य समूह का हिस्सा थीं। FIR में इसका जिक्र किया गया है कि पिता और भाई की हत्या के बाद 21 वर्षीय युवती का बलात्कार किया गया। वीडियो में 2 महिलाएँ दिख रही हैं, जबकि 50 वर्षीय महिला उसमें नहीं दिख रही है।

मणिपुर वीडियो मामला: पुलिस ने 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया

वीडियो में मुख्य आरोपित को हरे रंग की टीशर्ट पहने हुए देखा गया था। 32 वर्षीय आरोपित पेची अवांग लीकाई का रहने वाला है। उक्त घटना सेनापति जिले के बी फीनोम गाँव में हुई थी। FIR में बताया गया है कि हमलावरों की भीड़ ने गाँव पर हमला किया था। इस दौरान लूटपाट की गई और घरों को जलाया गया। इसके बाद 5 लोगों का एक परिवार बचते-बचते जंगल में भाग गया था, जहाँ से पुलिस ने उन्हें बचाया। जहाँ इस मामले में 18 मई को शिकायत दर्ज हुई थी, वहीं 21 मई को FIR रजिस्टर हुई थी।

वहीं पुलिस ने एक दूसरे आरोपित को गिरफ्तार करने में भी कामयाबी पाई है। मणिपुर के मुख्यमंत्री N बीरेन सिंह ने खुद दूसरे आरोपित की गिरफ़्तारी की जानकारी दी। वहीं विपक्ष इस मामले को लेकर खासा हमलावर है। संसद के मॉनसून सत्र का पहला दिन इसी विवाद की भेंट चढ़ गया। हंगामे के कारण दिन भर के लिए सदन स्थगित करना पड़ा, जबकि मोदी सरकार दोनों सदनों में इस पर चर्चा के लिए तैयार थी।

उक्त घटना जहाँ हुई, वहाँ से नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर ही है। पुलिस की हिरासत से दंगाई इन महिलाओं को खींच कर ले गए थे। एक 56 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई और इन दोनों महिलाओं को नग्न घुमाया गया और उनका गैंगरेप किया गया। एक 21 वर्षीय महिला के साथ भी सामूहिक बलात्कार की खबर आई थी। बताया जा रहा है कि जब 19 वर्षीय भाई ने अपनी बहन को बचाने की कोशिश की तो उसे भी मार डाला गया।

3 महिलाएँ स्थानीय लोगों की मदद से दरिंदों के चंगुल से भागने में सफल रहीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को फोन कॉल कर के कहा कि पुलिस इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। बीरेन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि दोषियों को फाँसी दिलाने की कोशिश की जाएगी। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियाँ होंगी। जिस गाँव की पीड़िताएँ हैं, उसके मुखिया ने बताया की भीड़ को संख्या 1000 के करीब थी।

PM मोदी ने की निंदा, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर से ही मीडिया के माध्यम से इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा, “मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं, कौन हैं, वो अपनी जगह पर हैं। लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। इससे 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है।”

उन्होंने कहा, “मैं सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करें। खासकर माताओं-बहनों की रक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाएँ। घटना चाहे राजस्थान की हो, घटना चाहे छत्तीसगढ़ की हो, चाहे मणिपुर की हो। देश में, हिंदुस्तान के किसी भी कोने में, किसी भी सरकार में राजनीतिक वाद-विवाद से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था का महात्मय, नारी का सम्मान जरूरी है।”

उधर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया। मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ ने कहा, “मणिपुर की 2 महिलाओं को परेड कराए जाने का जो वीडियो कल सामने आया है, उससे हम काफी विक्षुब्ध हैं। हम इस मामले में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। ये समय है जब सरकारी सही में हस्तक्षेप करे और और कार्रवाई करे। ये पूरी तरह अस्वीकार्य है। सांप्रदायिक हिंसा वाले क्षेत्रों में महिलाओं को हथियार बना कर लैंगिक हिंसा को अंजाम दिया जाना बहुत बहुत परेशान करने वाला है। सरकार कार्रवाई करे, वरना हम एक्शन लेंगे।”

‘इस्लाम के हिसाब से जीना चाहती हूँ ज़िंदगी’: पाकिस्तान की 18 साल की महिला क्रिकेटर ने खेल की दुनिया को कहा अलविदा, लगाती थी बड़े-बड़े हिट

पाकिस्तान की क्रिकेटर आयशा नसीम ने खेल की दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा कि अब वो इस्लाम के हिसाब से अपना जीवन जिएँगी। आयशा नसीम की उम्र अभी मात्र 19 साल है। उन्होंने ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB)’ को अपने संन्यास के संबंध में जानकारी दे दी है। उन्होंने कहा, “मैं क्रिकेट छोड़ रही हूँ और इस्लाम के हिसाब से अपना जीवन-यापन करना चाहती हूँ।” आयशा नसीम का जन्म 7 अगस्त, 2004 को एबटाबाद में हुआ था।

वो दाहिने हाथ की टॉप ऑर्डर बल्लेबाज होने के साथ-साथ राइट आर्म मेडियम फ़ास्ट गेंदबाजी भी कर लेती हैं। उन्होंने महिला वनडे में 4 मैचों में मात्र 33 रन ही बनाए हैं, लेकिन महिला T20 इंटरनेशनल में उन्होंने बल्ले से कमाल दिखाया। उन्होंने 27 परियों में 288 गेंदों पर 369 रन जड़े हैं। आयशा नसीम क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 18 छक्के और 20 चौके लगा चुकी हैं। उन्होंने जहाँ मार्च 2020 में T20 में डेब्यू किया, वहीं ODI में उनका पदार्पण जुलाई 2021 में हुआ।

इस साल फरवरी में उन्होंने भारत के खिलाफ 43 रनों की नाबाद पारी खेली थी, लेकिन महिला T20 वर्ल्ड कप के उस ग्रुप मैच में पाकिस्तान की हार हुई थी। आयशा नसीम में पाकिस्तान महिला क्रिकेट में अपने लिए भविष्य देख रहा था, क्योंकि वो बड़े-बड़े हिट्स लगाने की क्षमता रखती हैं। मात्र 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाली आयशा नसीम ने इंस्टाग्राम पर अपने हैंडल को भी प्राइवेट कर के रखा हुआ है।

बता दें कि भारत में भी कुछ सेलब्स इस तरह का निर्णय ले चुके हैं। अभिनेत्री सना खान ने सितंबर 2020 में मनोरंजन की दुनिया को अलविदा कह दिया था और गुजरात के मुफ़्ती अनस सैयद से निकाह के बाद अल्लाह के रास्ते पर चलने की बात कही थी। इसी तरह, ‘दंगल (2016)’ फेम ज़ायरा वसीम ने जून 2020 में कुरान और अल्लाह का हवाला देते हुए बॉलीवुड से दूरी बनाने का ऐलान किया था।

रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से जुड़े दस्तावेज बाढ़ में बर्बाद हो गए, हरियाणा पुलिस की SIT को यूनियन बैंक का जवाब: DLF लैंड डील की कर रही है जाँच

डीएलएफ लैंड डील (DLF Land Deal) की जाँच कर रही हरियाणा पुलिस की विशेष जाँच दल (SIT) को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) से एक हैरान करने वाला जवाब मिला है। इसके मुताबिक कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों से जुड़े दस्तावेज बैंक के बेसमेंट में आई बाढ़ में बर्बाद हो चुके हैं। इस मामले में दर्ज एफआईआर में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा का भी नाम है।

बैंक ने जिन दस्तावेजों के नष्ट होने की जानकारी दी है उनमें रॉबर्ट वाड्रा द्वारा संचालित कंपनियों के साल 2008 और 2012 के महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक SIT ने 26 मई 2023 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से इन रिकॉर्डों को लेकर संपर्क किया। दौरान बैंक से स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और स्काईलाइट रियल्टी नाम की 2 कंपनियों के खातों के बारे जानकारी माँगी गई थी। इन दोनों कंपनियों में रॉबर्ट वाड्रा डायरेक्टर के पद पर थे।

SIT को जवाब देते हुए बैंक की गुरुग्राम की एक शाखा ने बताया कि भारी बारिश के कारण उनके बेसमेंट में पानी भर गया था। इस पानी में महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नष्ट हो गए थे। इस जवाब के बाद SIT ने यूनियन बैंक को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि पानी से सिर्फ रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड ही नष्ट हुए हैं या बाकी फर्मों से जुड़े दस्तावेजों को भी नुकसान हुआ है। साथ ही SIT ने 20 जून 2023 को यूनियन बैंक की दिल्ली स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी शाखा को भी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और स्काईलाइट रियल्टी से जुड़े रिकॉर्ड नष्ट होने के दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए कहा गया है। हालाँकि SIT की इस माँग पर बैंक ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

इस मामले की जाँच 1 सितंबर 2018 को शुरू हुई थी। हरियाणा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद इस लैंड डील को लेकर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें भूपिंदर सिंह हुड्डा, रॉबर्ट वाड्रा, रियल एस्टेट दिग्गज डीएलएफ, ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी का नाम है। इस हाईप्रोफाइल मामले की जाँच के लिए SIT गठित की गई थी। इस टीम में आईएएस मुकुल कुमार, रेरा पंचकुला के सदस्य दिलबाग सिंह और एक कानूनी सलाहकार को शामिल किया गया था।

गुरुग्राम जमीन घोटाला

सितम्बर 2018 में गुरुग्राम के राठीवास गाँव निवासी सुरेंद्र शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने रॉबर्ट वाड्रा, भूपिंदर हुड्डा और अन्य के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज करवाई थी। इस FIR में बताया गया था कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने साल 2008 में गुरुग्राम के गाँव शिकोहपुर (अब सेक्टर 83) में 3.5 एकड़ जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। शिकायतकर्ता ने इस सौदेबाजी में बड़े स्तर पर धांधली का आरोप लगाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्डा पर रॉबर्ट वाड्रा को नियमों के विरुद्ध जाते हुए फायदा पहुँचाने का आरोप लगाया था।

FIR में कहा गया था कि इस फैसले से सरकारी राजस्व को काफी नुकसान पहुँचा था। थोड़े समय के बाद कॉमर्शियल वाणिज्यिक लाइसेंस हासिल कर स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने इसी संपत्ति को कथित तौर पर 58 करोड़ रुपए में डीएलएफ को बेच दिया था। आरोप यह भी है कि हुड्डा सरकार ने DLF को गुड़गांव के वजीराबाद में 350 एकड़ जमीन आवंटित कर इस भूमि सौदे को सरल बनाया था। हालाँकि मानेसर के तहसीलदार ने अपनी एक जाँच में बताया था कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने वास्तव में 18 सितंबर 2012 को डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को 3.5 एकड़ जमीन बेची थी, जिसमें लेन-देन के सभी नियमों का सही से पालन हुआ था।

साल 2018 में CBI ने भूमि अधिग्रहण घोटाले के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। यह चार्जशीट हरियाणा के पंचकुला स्थित CBI की विशेष अदालत में दायर हुई थी। इसी साल हरियाणा सरकार ने 1500 करोड़ के मानेसर भूमि सौदा मामले की जाँच के लिए राज्य पुलिस को हरी झंडी दी थी। इन तमाम आरोपों के अलावा वाड्रा पर राजस्थान में जमीन हड़पने के आरोपों की भी जाँच चल रही है।

भगवान अमरनाथ के दर्शन के लिए यात्रा पर सारा अली खान, जम्मू कश्मीर के बच्चों संग खिंचवाई तस्वीरें: 6523 श्रद्धालुओं का 18वाँ जत्था हुआ है रवाना

बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान अमरनाथ यात्रा पर निकली हुई हैं। हिमालय की पहाड़ियों पर पायदान तीर्थयात्रा करते हुए उनकी वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में कई आम लोगों के बीच में सारा अली खान को अमरनाथ यात्रा के बीच में देखा जा सकता है। साथ ही वीडियो में सुरक्षाकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान सारा अली खान के गले में लाल रंग की चुनरी भी दिखाई दे रही है। सारा ने इंस्टाग्राम पर भी कुछ तस्वीरें डाली थीं, जिनमें वो वादियों में दिख रही हैं।

एक तस्वीर में वो एक बकरी को गले लगाती हुई दिख रही हैं। वहीं एक अन्य तस्वीर में सारा अली खान जम्मू कश्मीर में स्थानीय लोगों और बच्चों के साथ तस्वीरें क्लिक करती हुई दिख रही हैं। वहीं एक फोटो में उन्हें बकरी को गोद में रख कर दुलार करते हुए देखा जा सकता है। इसमें वो एक टेंट में दिखाई दे रही हैं, जिसमें मिट्टी के चूल्हे पर कुछ पाक रहा होता है। लोग सारा अली खान की सादगी की तारीफ़ कर रहे हैं।

वर्क फ्रंट की बात करें तो सारा अली खान की फिल्म ‘ज़रा हटके ज़रा बचके’ हाल ही में रिलीज हुई थी, जिसमें वो अभिनेता विक्की कौशल के साथ दिखाई दी थीं। इस फिल्म ने जहाँ भारत में 80 करोड़ रुपए से भी अधिक की नेट कमाई की थी, दुनिया भर में इसने 115 करोड़ रुपए बटोरे। उनके हाथ में फ़िलहाल 4 बड़ी फ़िल्में हैं, जो आने वाली हैं। इनमें एक अनुराग बासु की ‘मेट्रो इन दिनों’ और एक स्वतंत्रता सेनानी उषा मेहता की बायोपिक ‘ऐ वतन मेरे वतन’ भी है।

जहाँ तक अमरनाथ यात्रा की बात है, बता दें कि गुरुवार (20 जुलाई, 2023) को अमरनाथ यात्रा के लिए इस साल का 18वाँ जत्था निकला है। 6523 श्रद्धालुओं का ये जत्था जम्मू स्थित भगवती निवास से आज सुबह रवाना हुआ। इन्हें बालटाल और पहलगाम के जुड़वाँ बेस कैम्पों पर रोका जाएगा। इनमें से 2727 श्रद्धालु सबसे छोटे बालटाल वाले रूट से जा रहे हैं, वहीं 3746 ने परंपरागत नुनवन-पहलगाम रूट से जाने का निर्णय लिया।

WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को जमानत, कोर्ट ने कहा- बिना अनुमति विदेश नहीं जा सकते: महिला पहलवानों के यौन शोषण का है आरोप

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को जमानत दे दी है। बता दें कि WFI (भारतीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था और इसके लिए जंतर-मंतर पर पहलवान आंदोलन भी हुआ था। अब इस मामले में उन्हें जमानत मिल गई है। एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (ACMM) हरजीत सिंह जसपाल ने उन्हें और सह-आरोपित विनोद तँवर को बेल दे दिया।

हालाँकि, अदालत ने दोनों आरोपितों से कहा है कि वो इस दौरान देश छोड़ कर बाहर नहीं जा सकते। अगर उन्हें देश से बाहर जाना है तो इससे पहले अदालत से अनुमति लेनी पड़ेगी। साथ ही उन्हें हिदायत दी गई है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी शिकायतकर्ता या गवाह को धमकी या प्रलोभन देने की कोशिश न करें। ACMM ने कहा कि वो ये सुनिश्चित करें कि हर हाल में वो जमानत की शर्तों को पूरा करें।

इससे पहले दोनों आरोपितों को 2 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली थी, क्योंकि उनकी नियमित जमानत की याचिका लंबित थी। जज ने कहा था कि आरोपित जाँच में सहयोग कर रहे हैं और इस मामले में पुलिस द्वारा चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। इस दौरान पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि वो न तो इस जमानत याचिका का समर्थन कर रहे हैं और न ही विरोध। उन्होंने सिर्फ इतना निवेदन किया कि नियम- कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के हिसाब से निर्णय लिया जाए।

शिकायतकर्ता की तरफ से पेश अधिवक्ता हर्ष बोरा ने कहा कि अगर जमानत देनी है तो कड़ी शर्तें लगाई जाएँ। वहीं बृजभूषण शरण सिंह के वकील राजीव मोहन ने कहा कि कोई गड़बड़ी की आशंका नहीं है, लेकिन हर शर्त का कड़ाई से पालन किया जाएगा। 7 जुलाई, 2023 को कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपितों को समन जारी किया था। पहलवानों का आंदोलन भी अब खत्म हो चुका है और बजरंग पूनिया व विनेश फोगाट को बिना ट्रायल एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री दिए जाने का अन्य पहलवान विरोध कर रहे हैं।

रेस्ट करने के लिए बैठा और अचानक पीछे गिर गया… ट्रेडमिल में दौड़ रहा था करंट, इंजीनियर की मौत: दिल्ली के जिम की घटना

दिल्ली के एक जिम में ट्रेडमिल में करंट दौड़ रहा था। उसके झटके से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सक्षम के तौर पर हुई है और वह पेशे से इंजीनियर है। जिम संचालक अनुभव दुग्गल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सक्षम की मौत को लेकर उसके परिजनों को गुमराह करने का आरोप उस पर है।

घटना 18 जुलाई 2023 की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 वर्षीय सक्षम बीटेक अपने परिवार के साथ रोहिणी में रहता था। वह गुरुग्राम की एक मल्टीनेशनल कम्पनी में इंजीनियर था। वह एक्ससरसाइज करने के लिए रोहिणी के ही प्रूथी इलाके में स्थित जिम्प्लेक्स फिटनेस जोन नाम के जिम में जाया करता था। मंगलवार की सुबह भी वह एक्ससरसाइज करने जिम गया हुआ था। इस दौरान सुबह लगभग 7:30 पर अचानक ही वह गिर गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार जब यह घटना हुई उस समय सक्षम का दोस्त केशव भी जिम में मौजूद था। उसने बताया है कि ट्रेडमिल पर दौड़ने के बाद सक्षम रेस्ट करने के लिए ट्रेडमिल नंबर दो और तीन के बीच बैठ गया था। अचानक से वह पीछे की ओर गिर गया। केशव ने बताया, “जब मैंने सक्षम को उठाने के लिए उसका हाथ पकड़ा तो मुझे करंट लगा। तब मुझे सक्षम को करंट लगने का पता चला। तुरंत ट्रेडमिल का स्विच बंद कर लोगों की मदद से उसे CPR दिया। शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”

सक्षम की मौत की जानकारी उसके पिता मुकेश कुमार को जिम मालिक ने फोन पर दी थी। मुकेश कुमार ने अपने बेटे की मौत की वजह का जिम्मेदार जिम मालिक को बताया है। उन्होंने अनुभव दुग्गल के खिलाफ थाने में तहरीर देते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की है। सक्षम का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अनुभव को हिरासत में लेकर जाँच कर रही है।

मणिपुर पर संसद में चर्चा को मोदी सरकार तैयार, पर विपक्ष पूछ रहा – PM ने सदन के बाहर क्यों दिया जवाब: मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा

संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार (23 जून, 2023) से शुरू हो गया। इससे एक दिन पहले ही मणिपुर से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें 2 महिलाओं को नग्न कर उनका परेड कराते हुए देखा गया था। इन महिलाओं के साथ गैंगरेप की वारदात भी हुई है। संसद में विपक्ष ने इस मुद्दे पर राजनीति करते हुए हंगामा किया। केंद्र सरकार ने साफ़ कर दिया है कि वो मणिपुर पर दोनों सदनों में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्षी दल हंगामे से बाज नहीं आए।

संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस चर्चा पर संसद में उत्तर देंगे। चर्चा के लिए तारीख़ का निर्णय अब स्पीकर लेंगे। हंगामे के कारन संसद का सत्र आज दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। प्रह्लाद जोशी ने इसे मानवीय संवेदनाओं का मामला बताते हुए कहा कि इस बाबत स्पीकर तिथि का निर्णय लें।

उधर कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मणिपुर जल रहा है, महिलाओं को नंगा कर के उनका परेड कराया जा रहा है, गैंगरेप हो रहा है और प्रधानमंत्री चुप हैं। राज्यसभा में खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री सदन के बाहर बयान दे रहे हैं। विपक्षी दल इस मामले पर प्रधानमंत्री द्वारा जवाब की माँग कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ‘INDIA’ के 26 दल चाहते हैं कि संसद के सारे काम छोड़ कर सबसे पहले मणिपुर पर चर्चा हो।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले एक औपचारिक मुलाकात में सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर पर चर्चा की माँग की। संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम नेताओं से मिलते हैं। अधीर रंजन ने दावा किया कि पीएम मोदी इस सवाल से हक्के-बक्के रह गए और कहा कि वो इस पर विचार करेंगे। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष चाहता ही नहीं है कि संसद में कोई कामकाज हो, इसीलिए सरकार के चर्चा के लिए तैयार होने के बावजूद हंगामा किया गया।