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WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को जमानत, कोर्ट ने कहा- बिना अनुमति विदेश नहीं जा सकते: महिला पहलवानों के यौन शोषण का है आरोप

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को जमानत दे दी है। बता दें कि WFI (भारतीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था और इसके लिए जंतर-मंतर पर पहलवान आंदोलन भी हुआ था। अब इस मामले में उन्हें जमानत मिल गई है। एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (ACMM) हरजीत सिंह जसपाल ने उन्हें और सह-आरोपित विनोद तँवर को बेल दे दिया।

हालाँकि, अदालत ने दोनों आरोपितों से कहा है कि वो इस दौरान देश छोड़ कर बाहर नहीं जा सकते। अगर उन्हें देश से बाहर जाना है तो इससे पहले अदालत से अनुमति लेनी पड़ेगी। साथ ही उन्हें हिदायत दी गई है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी शिकायतकर्ता या गवाह को धमकी या प्रलोभन देने की कोशिश न करें। ACMM ने कहा कि वो ये सुनिश्चित करें कि हर हाल में वो जमानत की शर्तों को पूरा करें।

इससे पहले दोनों आरोपितों को 2 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली थी, क्योंकि उनकी नियमित जमानत की याचिका लंबित थी। जज ने कहा था कि आरोपित जाँच में सहयोग कर रहे हैं और इस मामले में पुलिस द्वारा चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। इस दौरान पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि वो न तो इस जमानत याचिका का समर्थन कर रहे हैं और न ही विरोध। उन्होंने सिर्फ इतना निवेदन किया कि नियम- कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के हिसाब से निर्णय लिया जाए।

शिकायतकर्ता की तरफ से पेश अधिवक्ता हर्ष बोरा ने कहा कि अगर जमानत देनी है तो कड़ी शर्तें लगाई जाएँ। वहीं बृजभूषण शरण सिंह के वकील राजीव मोहन ने कहा कि कोई गड़बड़ी की आशंका नहीं है, लेकिन हर शर्त का कड़ाई से पालन किया जाएगा। 7 जुलाई, 2023 को कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपितों को समन जारी किया था। पहलवानों का आंदोलन भी अब खत्म हो चुका है और बजरंग पूनिया व विनेश फोगाट को बिना ट्रायल एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री दिए जाने का अन्य पहलवान विरोध कर रहे हैं।

रेस्ट करने के लिए बैठा और अचानक पीछे गिर गया… ट्रेडमिल में दौड़ रहा था करंट, इंजीनियर की मौत: दिल्ली के जिम की घटना

दिल्ली के एक जिम में ट्रेडमिल में करंट दौड़ रहा था। उसके झटके से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सक्षम के तौर पर हुई है और वह पेशे से इंजीनियर है। जिम संचालक अनुभव दुग्गल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सक्षम की मौत को लेकर उसके परिजनों को गुमराह करने का आरोप उस पर है।

घटना 18 जुलाई 2023 की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 वर्षीय सक्षम बीटेक अपने परिवार के साथ रोहिणी में रहता था। वह गुरुग्राम की एक मल्टीनेशनल कम्पनी में इंजीनियर था। वह एक्ससरसाइज करने के लिए रोहिणी के ही प्रूथी इलाके में स्थित जिम्प्लेक्स फिटनेस जोन नाम के जिम में जाया करता था। मंगलवार की सुबह भी वह एक्ससरसाइज करने जिम गया हुआ था। इस दौरान सुबह लगभग 7:30 पर अचानक ही वह गिर गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार जब यह घटना हुई उस समय सक्षम का दोस्त केशव भी जिम में मौजूद था। उसने बताया है कि ट्रेडमिल पर दौड़ने के बाद सक्षम रेस्ट करने के लिए ट्रेडमिल नंबर दो और तीन के बीच बैठ गया था। अचानक से वह पीछे की ओर गिर गया। केशव ने बताया, “जब मैंने सक्षम को उठाने के लिए उसका हाथ पकड़ा तो मुझे करंट लगा। तब मुझे सक्षम को करंट लगने का पता चला। तुरंत ट्रेडमिल का स्विच बंद कर लोगों की मदद से उसे CPR दिया। शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”

सक्षम की मौत की जानकारी उसके पिता मुकेश कुमार को जिम मालिक ने फोन पर दी थी। मुकेश कुमार ने अपने बेटे की मौत की वजह का जिम्मेदार जिम मालिक को बताया है। उन्होंने अनुभव दुग्गल के खिलाफ थाने में तहरीर देते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की है। सक्षम का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अनुभव को हिरासत में लेकर जाँच कर रही है।

मणिपुर पर संसद में चर्चा को मोदी सरकार तैयार, पर विपक्ष पूछ रहा – PM ने सदन के बाहर क्यों दिया जवाब: मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा

संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार (23 जून, 2023) से शुरू हो गया। इससे एक दिन पहले ही मणिपुर से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें 2 महिलाओं को नग्न कर उनका परेड कराते हुए देखा गया था। इन महिलाओं के साथ गैंगरेप की वारदात भी हुई है। संसद में विपक्ष ने इस मुद्दे पर राजनीति करते हुए हंगामा किया। केंद्र सरकार ने साफ़ कर दिया है कि वो मणिपुर पर दोनों सदनों में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्षी दल हंगामे से बाज नहीं आए।

संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस चर्चा पर संसद में उत्तर देंगे। चर्चा के लिए तारीख़ का निर्णय अब स्पीकर लेंगे। हंगामे के कारन संसद का सत्र आज दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। प्रह्लाद जोशी ने इसे मानवीय संवेदनाओं का मामला बताते हुए कहा कि इस बाबत स्पीकर तिथि का निर्णय लें।

उधर कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मणिपुर जल रहा है, महिलाओं को नंगा कर के उनका परेड कराया जा रहा है, गैंगरेप हो रहा है और प्रधानमंत्री चुप हैं। राज्यसभा में खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री सदन के बाहर बयान दे रहे हैं। विपक्षी दल इस मामले पर प्रधानमंत्री द्वारा जवाब की माँग कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ‘INDIA’ के 26 दल चाहते हैं कि संसद के सारे काम छोड़ कर सबसे पहले मणिपुर पर चर्चा हो।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले एक औपचारिक मुलाकात में सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर पर चर्चा की माँग की। संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम नेताओं से मिलते हैं। अधीर रंजन ने दावा किया कि पीएम मोदी इस सवाल से हक्के-बक्के रह गए और कहा कि वो इस पर विचार करेंगे। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष चाहता ही नहीं है कि संसद में कोई कामकाज हो, इसीलिए सरकार के चर्चा के लिए तैयार होने के बावजूद हंगामा किया गया।

इराक स्थित स्वीडन के दूतावास में घुसी मुस्लिम भीड़, की आगजनी और पढ़ी नमाज: कुरान जलाए जाने का विरोध, कर्मचारियों को निकाला गया

स्वीडन में कुरान जलाए जाने की घटना के बाद से ही इस्लामी मुल्कों में उत्तरी यूरोप में स्थित इस देश के प्रति गुस्सा पनप रहा है। अब इराक की राजधानी बग़दाद में हजारों की संख्या में मुस्लिमों ने स्वीडन के दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार (20 जुलाई, 2023) को स्वीडन के दूतावास परिसर में घुस कर आगजनी भी की गई। इस दौरान इसकी शिया झंडा भी वहाँ पर लहराया गया। प्रदर्शनकारी इराक के नेता मुक्तदा-अल-सद्र के पोस्टर्स भी लहरा रहे थे।

इस घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं। पिछले महीने जिस व्यक्ति ने स्वीडन में कुरान जलाया था, असल में वो इराक का ही शरणार्थी था। अब उसने एक बार फिर से कुरान जलाने के लिए अनुमति माँगी है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हजारों मुस्लिम स्वीडन के दूतावास के परिसर की बाउंड्री के ऊपर चढ़ गए और हंगामा करने लगे। एम्बेसी के भीतर भी अपने शर्ट्स खोल कर ये कट्टरपंथी घुस गए। बैकग्राउंड में बजती अलार्म की आवाज को भी सुना जा सकता है।

साथ ही स्वीडन के दूतावास के परिसर के भीतर नमाज भी पढ़ी गई। तड़के सुबह ही ये प्रदर्शनकारी वहाँ पहुँच गए थे। दिन होते ही सुरक्षा बल उन्हें हटाने के लिए पहुँचे। वहाँ से धुआँ निकलते हुए भी देखा गया। एक फायर ट्रक की सीढ़ियों पर चढ़ कर फायरफाइटर्स को आग बुझाते हुए भी देखा गया। स्वीडन ने जानकारी दी है कि दूतावास के कर्मचारी सुरक्षित हैं। स्वीडन के विदेश मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों पर हुए हमलों की निंदा भी की है।

स्वीडन ने इसे ‘वियना कन्वेंशन’ का उल्लंघन भी करार दिया है। साथ ही कहा कि ये इराक के प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वहाँ रह रहे विदेशी कर्मचारियों की रक्षा करे। फिनलैंड की एम्बेसी भी बदल में है। वहाँ से भी कर्मचारियों को निकाल कर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। इराक के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की, लेकिन ये नहीं बताया कि ये हुआ कैसे। इराक की पुलिस पर भी इस घटना को लेकर देर से हरकत में आने का आरोप है।

कलावा बाँधकर कार्मेल स्कूल में पढ़ने आया 9वीं का छात्र, टीचर ने पीटा; ब्लेड से काटने को किया मजबूर: झारखंड के बोकारो की घटना

झारखंड के बोकारो में एक कान्वेंट स्कूल में छात्र को कलावा (मौली) बाँधने पर टीचर द्वारा पीटने का मामला सामने आया है। पिटाई के बाद बने दबाव से पीड़ित छात्र ने अपने कलावे को ब्लेड से काट कर फेंक दिया। भाजपा और हिंदू संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपित टीचर पर कार्रवाई की माँग की है। घटना मंगलवार (18 जुलाई 2023) की है। प्रिंसिपल ने इस मामले में आरोपित टीचर पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बोकारो के थर्मल क्षेत्र में मौजूद कार्मेल स्कूल का है। यहाँ मंगलवार को क्लास 9 में पढ़ने वाला छात्र मौली (कलावा) बाँध कर स्कूल गया था। तभी क्लास के मॉनिटर ने छात्र द्वारा कलावा पहनने की शिकायत स्कूल के एक टीचर अमित लकड़ा से कर दी। शिक्षक अमित ने छात्र पर कलावा उतारने का दबाव बनाया। जब छात्र ने इसे अपनी धार्मिक आस्था बताया तब अमित लकड़ा ने उसकी पिटाई कर दी। बाद में छात्र को इतना मजबूर किया गया कि उसे खुद ही ब्लेड से कलावा काट कर फेंकना पड़ा।

पीड़ित छात्र ने घर पहुँच कर परिजनों को इस घटना की जानकारी दी। यहाँ से यह मामला स्थानीय हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों की जानकारी में आया। अगले दिन बुधवार (19 जुलाई) को हिन्दू संगठनों से जुड़े दर्जनों कार्यकर्ता स्कूल पहुँच गए। उन्होंने प्रिंसिपल सिस्टर जायस कुल्लू से इस घटना को हिन्दू आस्था पर प्रहार बताते हुए कार्रवाई की माँग की। प्रिंसिपल ने जाँच करवाकर आरोपित टीचर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने इस घटना से बोकारो के DC (उपयुक्त) को भी अवगत करवाया है। स्थानीय SDM प्रशांत कुमार ने मामला संज्ञान में होने और जाँच जारी होने की जानकारी दी है।

घटना से स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले अन्य अभिभावक भी नाराज बताए जा रहे हैं। पीड़ित द्वारा प्रिंसिपल के अलावा मामले की शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी की गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉक्टर प्रदीप वर्मा ने कुछ समय पहले झारखंड के ही एक स्कूल में बिंदी लगाने पर छात्रा तो आत्महत्या के स्तर तक मिली प्रताड़ना से इस घटना से जोड़ा। साथ ही उन्होंने सवाल किया है कि सनातनी प्रतीक चिन्हों से इतनी चिढ़ क्यों है?

भाजपा नेता डॉ. प्रदीप ने घटना को कुत्सित मानसिकता बताते हुए झारखंड सरकार पर ऐसी सोच वालों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से सनातन विरोधी तत्वों का हौसला बढ़ रहा है। बहुसंख्यक समाज के हितों को दरकिनार करने का आरोप लगाते डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा, “हेमंत जी कान खोलकर सुन लीजिए। राजधर्म पर भारी पड़ रही आपकी वोट बैंक की राजनीति आपको कहीं का नहीं छोड़ेगी।”

‘2 खिलाड़ियों को ही ट्रायल से छूट क्यों?’: एशियन गेम्स में बजरंग-विनेश की डायरेक्ट एंट्री पर दिल्ली HC ने माँगा जवाब, योगेश्वर दत्त बोले – चीफ कोच की सहमति के बिना फैसला

पहलवानों बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को एशियन गेम्स में ट्रायल के बिना ही डायरेक्ट एंट्री दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विशाल कालीरमन और अंतिम पंघाल जैसे पहलवानों ने IOA के इस फैसले पर दर्द बयाँ करते हुए पूछा था कि क्या बाकी खिलाड़ी पहलवानी छोड़ दें? अब ये मामला दिल्ली उच्च न्यायालय पहुँच गया है। महिला पहलवान अंतिम पंघाल और पहलवान सुजीत कलकल ने इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

इन दोनों ने बजरंग पूनिया और उनकी साली विनेश फोगाट को एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री दिए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने इस केस पर सुनवाई की। WFI (भारतीय कुश्ती संघ) को निर्देश दिया है कि वो इस प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया गुरुवार (20 जुलाई, 2023) को ही दे और शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई होगी। एशियन गेम्स 23 सितंबर से चीन से हानझोउ में होने वाला है।

दोनों पहलवानों ने अपनी याचिका में माँग की है कि एक स्वच्छ प्रक्रिया से सभी खिलाड़ियों का ट्रायल लिया जाए और किसी को डायरेक्ट एंट्री न मिले। साथ ही ट्रायल की वीडियोग्राफ़ी करने का बभी निवेदन किया गया है। जज ने WFI से पूछा कि बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को ट्रायल में छूट दिए जाने के पीछे उनके अच्छे खिलाड़ी होने के अलावा बाकी आधार क्या हैं? उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने उन दोनों खिलाड़ियों की प्रतिभा पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि उनका कहना है कि पहले के परफॉर्मेंस के आधार पर किसी को प्राथमिकता न मिले।

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगेगा कि सेलेक्शन की प्रक्रिया न्यायसंगत है और इसके पीछे उचित कारण बताए जाएँगे, तब दिल्ली हाईकोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा। इस मामले में ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान रहे योगेश्वर दत्त ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कुश्ती की बहुत बदनामी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि IOA की कमिटी ने सीधे रूप से बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट का नाम नहीं लिया है, बल्कि वो कन्फ्यूजन क्रिएट कर रहे हैं कि ये 2 पहलवान कौन हैं, सबको पता है लेकिन वो नाम नहीं बता रहे।

उन्होंने कहा, “पूरा देश कन्फ्यूज है कि ये हो क्या रहा है। चीफ कोच से मैंने बात कि उन्होंने कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। कमिटी में कुछ लोग हैं, जिन्होंने ये फैसला लिया है। चीफ कोच की सहमति के बिना फैसले लिए नहीं जा सकते। कोई कैम्प लगा कर फिटनेस टेस्ट भी नहीं लिया गया। कई पहलवान दुःख में हैं, वो ट्रायल के लिए गुहार लगा रहे हैं। कमिटी ने कोई निष्पक्षता नहीं बरती है। अगर बिना ट्रायल भेजना है तो पूरी टीम भेजिए – ऐसा क्यों नहीं हुआ, इसका जब देना पड़ेगा।”

योगेश्वर दत्त ने कहा कि पिछले कीच समय से कुश्ती सड़क पर घूम रही है। उन्होंने कहा कि वो उन पीड़ित पहलवानों के साथ हैं। उन्होंने IOA की एड-होक कमिटी से मिलने की सलाह उन पहलवानों को दी। उन्होंने कहा कि ‘कुश्ती कष्ट निवारण समिति’ भी एक बनाई गई थी, जिसके लोग चुप हैं इस मामले पर। उन्होंने कहा कि वो जहाँ कुश्ती की बात आएगी वहाँ बोलेंगे ही। उन्होंने पहलवानों को एक साथ रहने की सलाह देते हुए कहा कि कमिटी में 2 नए लोगों ने आकर सारा खेल खराब कर दिया।

आरिफ ने ‘अल्लाहू अकबर’ के लगाए नारे और अम्मी-बहन को काट डाला, पुलिस से बोला- मौत का मंजर देखना चाहता हूँ: परिजनों ने बताया ISIS से प्रभावित

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आरिफ नाम के एक युवक ने अपने घर में कत्लेआम मचा दिया। अपनी अम्मी और बहन को फरसे से काटकर मार डाला। उन्हें बचाने आए अब्बा पर हमला किया। इस दौरान वह ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगा रहा था। हत्याओं के बाद उसने अपने घर पर काला झंडा लहराया। मौके पर पुलिस पहुँची तो उन पर तेजाब की बोतलें फेंकी। परिजनों के अनुसार आरिफ आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से प्रभावित है।

घटना बुधवार (19 जुलाई 2023) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र के गौस नगर इलाके में मोहम्मद आरिफ अपने परिवार के साथ रहता है। बुधवार को अचानक ही इस घर से चीख-पुकार की आवाज सुनाई देने लगी। ये आवाजें मोहम्मद आरिफ की अम्मी अनीशा बेगम और बहन निकहत जहाँ की थी। इन दोनों को आरिफ फरसे से काट रहा था। दोनों की थोड़ी ही देर में मौत हो गई। इन्हें बचाने के लिए आरिफ का अब्बा मोहम्मद कादिर दौड़े तो उनको भी फरसा मारकर घायल कर दिया।

इस बीच मामले की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस को देखते ही आरिफ़ घर के सभी गेट बंद कर छत पर चढ़ गया। इसी दौरान उसने घर का सिलेंडर खोल आग लगा दी। वह ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगा रहा था। उसने छत से ही पुलिस पर तेजाब की बोतलें और पत्थर फेंकी। पुलिस के आगे हवा में फरसा लहराता रहा। लगभग ढाई घंटे की मशक्क्त के बाद उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। इस दौरान पुलिस को आँसू गैस के गोले भी दागने पड़े।

आँसू गैस के गोलों से आरिफ बेहोश हो गया। इस दौरान पुलिस ने घर में मौजूद आरिफ के भाई आज़म के बीवी और बच्चों की जान बचा ली। होश में आने पर आरिफ से जब पुलिस ने परिजनों पर हमले की वजह पूछी तो उसने जवाब में कहा- मौत का मंजर देखना चाहता हूँ। खुद को घटना का चश्मदीद बताते हुए आरिफ के भाई मोहम्मद आजम ने दावा किया कि हमले के दौरान 2 अन्य अज्ञात लोग भी सके भाई के साथ थे। आज़म ने बताया कि आरिफ पैतृक घर बेचकर पैसे माँग रहा था। साथ ही अब्बा का पेंशन भी हड़पना चाहता था।

मोहम्मद आज़म के मुताबिक आरिफ अक्सर मोबाइल में ISIS के वीडियो देखा करता था। आतंकी संगठन के लेख पढ़ता था। इससे उसे अपने ही परिवार से इतनी नफरत हो गई थी कि वह अक्सर घर वालों के खाने में मल-मूत्र डाल दिया करता था। शादीशुदा आरिफ 6 वर्षीया बेटी का अब्बा है। उसकी बीवी नौशी सरकारी प्रेस में नौकरी करती है।

मोहम्मद आज़म ने यह भी बताया कि आरोपित आरिफ प्रयागराज के उस नामी बॉयज हाई स्कूल (BHS) से पढ़ा है, जहाँ कभी अमिताभ बच्चन पढ़ा करते थे। इसके बाद उसने इलाहबाद यूनिवर्सिटी से बी कॉम किया। आरिफ ने कोई नौकरी नहीं की। उसने लम्बे समय तक आस-पास के बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाया है। पुलिस का कहना है कि आरिफ ने पहले भी अपने परिवार पर हमला किया था। घटनास्थल से चाकू, छुरी, कुल्हाड़ी और तेजाब की बोतलें भी बरामद हुई है। हमले में परिवार के कुछ लोग घायल भी हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

मणिपुर में महिलाओं से दरिंदगी में पहली गिरफ्तारी, बोले CM – दोषियों को दिलाएँगे फाँसी: सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, CJI ने कहा- वीडियो से क्षुब्ध हूँ

मणिपुर में 2 महिलाओं को नग्न कर परेड कराए जाने और उनका गैंगरेप किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (20 जुलाई, 2023) को इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया। राज्य में 2 समुदायों के बीच चल रही हिंसा के दौरान का ये वीडियो 4 मई, 2023 का है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने इस मामले को लेकर भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उपस्थित होने को कहा है।

जस्टिस DY चंद्रचूड़ ने कहा, “मणिपुर की 2 महिलाओं को परेड कराए जाने का जो वीडियो कल सामने आया है, उससे हम काफी विक्षुब्ध हैं। हम इस मामले में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। ये समय है जब सरकारी सही में हस्तक्षेप करे और और कार्रवाई करे। ये पूरी तरह अस्वीकार्य है। सांप्रदायिक हिंसा वाले क्षेत्रों में महिलाओं को हथियार बना कर लैंगिक हिंसा को अंजाम दिया जाना बहुत बहुत परेशान करने वाला है।”

इसके साथ ही CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने ये भी साफ़ किया कि ये मानवाधिकार और संविधान के उल्लंघन का सबसे बड़ा मामला है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि उसे ये बात पता है कि ये वीडियो 4 मई, 2023 का है लेकिन इससे कोई अंतर नहीं पड़ता। CJI ने कहा कि हम सरकार को कार्रवाई करने के लिए थोड़ा समय देंगे, लेकिन अगर कुछ नहीं हुआ तो हमें एक्शन लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ये किसे पता है कि ये एक घटना ऐसी हुई है या फिर इस तरह का पैटर्न ही चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इसका विवरण भी माँगा है कि इस घटना के होने से लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई है और ऐसे क्या कदम उठाए गए हैं ताकि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। उधर मणिपुर के मुख्यमंत्री N बीरेन सिंह ने भी कहा है कि उनका हृदय उन दोनों महिलाओं के लिए व्यथित है जिन्हें अमानवीय और अपमानजनक अपराध का शिकार बनाया गया, जैसा कि विक्षुब्ध कर देने वाले उस वीडियो में देखा जा सकता है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वीडियो के सामने आते ही मणिपुर पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया और कार्रवाई की। गुरुवार की सुबह इस मामले में पहली गिरफ़्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जाँच चल रही है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, सज़ा-ए-मौत दिलाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में इस घृणित हरकत के लिए कोई जगह नहीं है, ये सभी को पता होना चाहिए।

डंपर-थार की टक्कर के बाद जमा भीड़ को जगुआर ने रौंदा, 2 पुलिसकर्मी सहित 9 की मौत: अहमदाबाद के इस्कॉन ब्रिज की घटना

गुजरात के अहमदाबाद के इस्कॉन ब्रिज पर एक जगुआर कार ने करीब दो दर्जन लोगों को रौंद दिया। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई और 13 घायल हैं। मृतकों में दो पुलिस के कॉन्स्टेबल भी हैं। ये लोग एक डंपर और एसयूवी थार की टक्कर के बाद ब्रिज पर जमा हुए थे।

हादसे के समय जगुआर की स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे होने की बात कही जा रही है। कार का ड्राइवर भी हादसे में घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा है। क्षतिग्रस्त हो चुकी जगुआर को पुलिस ने कब्ज़े में ले लिया है। राज्य सरकार ने मृतकों और घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सरखेज-गांधीनगर राजमार्ग के इस्कॉन पुल की है। गुरुवार (20 जुलाई 2023) तड़के एक डंपर ने थार एसयूवी वाहन को टक्कर मार दी। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। इसके बाद ब्रिज पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। कुछ ही देर में इस पुल से एक जगुआर कार लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से गुजरी। उसने पुल पर खड़े लोगों को रौंद दिया। बताया जा रहा है कि मृतकों के शव कार में लगभग 200 मीटर तक घिसटते चले गए थे। उन्हें क्षत-विक्षत हालत में बाहर निकाला गया।

इस हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पुलिस के ट्रैफिक विभाग के 2 स्टाफ भी शामिल हैं जो घटनास्थल से वाहनों को हटवाने का प्रयास कर रहे थे। जिस जगुआर ने लोगों को कुचला, उसे तथ्य पटेल नाम का युवक चला रहा था। हादसे में वह भी घायल हुआ है। तथ्य पटेल को अन्य घायलों के साथ अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। तथ्य के पिता भी गैंगरेप के एक केस में आरोपित हैं और अभी जमानत पर बाहर हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए देने का एलान किया है। वहीं हादसे में घायल व्यक्तियों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अहमदाबाद पुलिस की DCP ट्रैफिक नीता देसाई ने बताया कि आरोपित ड्राइवर तथ्य पटेल का इलाज पुलिस कस्टडी में हो रहा है। इलाज के बाद ड्राइवर तथ्य पटेल को गिरफ्तार किया जाएगा।

मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा: संसद के बाहर से PM मोदी ने देश को दिलाया कठोर कार्रवाई का भरोसा

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2023 से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात की। उन्होंने मणिपुर की घटना को लेकर कठोर कार्रवाई का भरोसा देश को दिलाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। ये घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा, “मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं, कौन हैं, वो अपनी जगह पर हैं। लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। इससे 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है।” उन्होंने कहा, “मैं सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करें। खासकर माताओं-बहनों की रक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाएँ। घटना चाहे राजस्थान की हो, घटना चाहे छत्तीसगढ़ की हो, चाहे मणिपुर की हो। देश में, हिंदुस्तान के किसी भी कोने में, किसी भी सरकार में राजनीतिक वाद-विवाद से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था का महात्मय, नारी का सम्मान जरूरी है।”

पीएम ने कहा, “आज जब मैं आपके बीच आया हूँ, लोकतंत्र के इस मंदिर के पास खड़ा हूँ, तब मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूँ कि किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपनी पूरी शक्ति से एक के बाद एक कदम उठाएगा। मणिपुर की इन बेटियों के साथ जो हुआ है, इसको कभी माफ नहीं किया जा सकता।”

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी का एक वीडियो वायरल है। यह वीडियो 4 मई 2023 का है। इसमें दो महिलाओं का नग्न परेड करवा रही भीड़ उन्हें खींचकर गैंगरेप के लिए खेतों की तरफ ले जाती दिखाई पड़ रही है। इस घटना को लेकर 18 मई को दर्ज हुई एफआईआर के मुताबिक तीन महिलाओं के साथ भीड़ ने दरिंदगी की थी। इन्हें पुलिस की कस्टडी से छीनकर ले जाया गया था। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस वीडियो को शेयर होने से रोकने के निर्देश दिए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस घटना को लेकर अज्ञात हथियारबंद बदमाशों के खिलाफ नोंगपोक सेकमाई पीएस (थौबल जिला) में FIR दर्ज की गई थी। यह केस अपहरण, गैंगरेप और हत्या की धाराओं में दर्ज है। हालाँकि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में दिख रही महिलाओं में से एक की उम्र 20 साल, जबकि दूसरी की उम्र 40 साल है। वहीं FIR के मुताबिक 50 साल की एक तीसरी महिला भी इसी दरिंदगी का शिकार हुई थी, जो वीडियो में नजर नहीं आ रही है। इस घटना का विरोध करने पर एक महिला के पिता और दूसरे के भाई की भी हत्या कर दी गई थी।

इस घटना की शिकायत में पीड़िताओं ने बताया है कि 4 मई 2023 को उनके गाँव पर लगभग 800 से 1000 हमलावरों की भीड़ ने हमला किया था। भीड़ के पास इंसास और AK सीरीज की रायफलें जैसे घातक हथियार थे। इनसे बचने के लिए 3 महिलाओं सहित गाँव के 5 लोग जंगल की तरफ भाग गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने इन सभी को बचा लिया और साथ लेकर थाने आने लगी। रास्ते में भीड़ ने पुलिस बल को रोक कर पीड़ितों को कस्टडी से छीन लिया।

आरोप है कि हिंसक भीड़ ने पहले 20 वर्षीय पीड़िता के पिता की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों महिलाओ को कपड़े उतारने पर मजबूर किया गया। जब एक पीड़िता के भाई ने इसका विरोध किया तो भीड़ ने उसकी हत्या कर दी। बाद में इन सभी महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। गैंगरेप के बाद तीनों महिलाएँ जैसे-तैसे वहाँ से निकल पाईं। फिलहाल तीनों पीड़िताएँ एक राहत कैम्प में हैं।