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ब्लैकमेल कर 5 साल से हिंदू लड़की का रेप कर रहा था अपराधी निजाम शेख, पुलिस ने पकड़ने के बाद रस्सी में बाँधकर घुमाया, महिलाओं न थाली पीटकर स्वागत किया

गुजरात की नवसारी पुलिस ने एक हिंदू युवती को ब्लैकमेल कर पाँच साल से अधिक समय से उसका बलात्कार करने आरोप में 37 साल के बाल-बच्चेदार असीम निजाम शेख को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार (5 जुलाई 2023) को बताया कि शेख को लव जिहाद के एक मामले में मुंबई के वसई से को गिरफ्तार किया गया।

निजाम शेख आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति है। पुलिस ने मंगलवार (3 जुलाई 2023) को गिरफ्तार करने के बाद उसे रस्सी से बाँधकर इलाके में घुमाया। इस दौरान आरोपित ने घुटनों पर बैठकर माफी माँगी। इस दौरान महिलाओं ने थाली बजाकर पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया।

पुलिस ने बताया कि शेख ने पाँच साल पहले पीड़िता की उम्र जब 16 साल थी, तब उसने पहली बार बलात्कार किया था। इस दौरान शेख ने लड़की का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इसके बाद इस वीडियो का इस्तेमाल वह पीड़िता को ब्लैकमेल कर रेप करने के लिए करता था।

इतना ही नहीं, शादीशुदा और कई बच्चों का बाप निजाम शेख ने बचने के लिए पीड़िता की शादी अपने दोस्त रौनक पटेल से जबरन करा दी। कागज में पीड़िता का पति रौनक पटेल था, लेकिन उससे शारीरिक संबंध निजाम शेख बनाया करता था। पीड़िता जब आपत्ति करती तो वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चुप करा देता।

उधर, रौनक पटेल आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है। वह हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। हाल ही में वह परोल पर बाहर आया है। इस मामले में पुलिस ने रौनक पटेल को भी आरोपित किया है। हालाँकि, रौनक पटेल अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।

नवसारी के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर शेख और पटेल पीड़िता एवं उसके घरवालों को पाँच सालों तक ब्लैकमेल करते रहे। इतना ही नहीं, पीड़िता का अश्लील वीडियो उसके मंगेतर को भेजकर उसकी मंगनी भी तुड़वा दी।

नवसारी पुलिस का कहना है कि शेख अवैध रूप से शराब बेचने का काम करता है और उस पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके अब्बू निजाम और तीन अन्य भाइयों पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इलाके में उसका और उसके परिवार का खौफ है।

शेख और उसके परिवार का खौफ कम करने के लिए पुलिस ने उसे रस्सी में बाँधकर इलाके में घुमाया। इस दौरान उसने दंडवत होकर माफी माँगी। पुलिस की कार्रवाई का मुस्लिम महिलाओं ने भी थाली बजाकर स्वागत किया।

पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून (POCSO) और भारतीय दंड संहिता की बलात्कार एवं आपराधिक धमकी देने से जुड़ी धाराओं 376 (2) (एन) और 506 (2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया था। पीड़िता ने 23 जून को खेरगाम पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

एसपी ने कहा, “प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शेख और पटेल छुप गए थे। हमें पता चला कि शेख जयपुर से मुंबई गया है और वसई के एक होटल में रह रहा है। हमने मंगलवार को उसे वसई से पकड़ लिया और उसे यहाँ लेकर आए। यहाँ पॉक्सो की एक अदालत ने शेख को 9 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।”

बागेश्वर बाबा की कथा से पहले 11000 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा: दिल्ली में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का हुजूम, धीरेन्द्र शास्त्री के क्रेज के सामने भीषण गर्मी भी फेल

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 11,000 महिलाओं के साथ IP एक्सटेंशन मंडावली से कलश यात्रा निकाली गई है। मध्य प्रदेश स्थित छतरपुर के बाबा धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा होने वाले हनुमंत कथा के लिए दिल्ली के लोगों में बेहद उत्साह नजर आ रहा है। कलश यात्रा के दौरान पुष्प वर्षा ही हुई और और विभिन्न प्रकार की झाकियाँ निकाली गईं। दिल्ली में बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के दरबार लगने की पूरी तैयारी शुरु हो गई है।

बाबा धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा उद्घोषित कथा 5 से 8 जुलाई, 2023 तक उत्सव मैदान IP एक्सटेंशन, दिल्ली में होनी तय हुई है जिसका बुधवार (5 जुलाई, 2023) को पहला दिन था। लगभग 11,000 महिलाओं के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश यात्रा IP एक्सटेंशन मंडावली थाने के निकट से शुरू होकर कथा स्थल तक गई। इस कलश यात्रा में शामिल लोगों का उत्सव देखते बनता था।

कलश यात्रा जिस गली और रास्ते से होकर गुजरा, पूरे रास्ते में विभिन्न सोसाइटी द्वारा पुष्प वर्षा की गई और जो 11,000 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई वो दृश्य बहुत मनमोहक था। बाबा धीरेन्द्र शास्त्री को लेकर उत्साहित लोगों के उत्साह के आगे भीषण गर्मी को भी मात दे दी। कलश यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार की झाकियाँ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही जिसने लोगों के उत्साह और श्रद्धा को दोगुना किया।

कलश यात्रा का समापन कथा स्थल पर हुआ और साथ ही कथा समापन के बाद लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। कलश यात्रा आयोजक के संयोजक रजत रस्तोगी और रवि गुप्ता ने शुरुआत की और कथा स्थल पर आयोजन समिति से ललित गोयल और नवीन कुमार जिंदल ने सभी कलश धारण करने वाली बहनों का अभिवादन किया। सावन के पावन महीने में आराध्य देव भगवान शिव जी का ही रूप श्री हनुमान जी की कथा का आयोजन एक ऐसा सपना है।

उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम सरकार जी के आशीर्वाद व सभी आयोजक समिति के सदस्यों की मेहनत से शुरू हुई है। लोगों में बाबा के कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा इतनी है कि श्रध्दालु अभी से अपना स्थान सुनिश्चित करने में लगे है।

रनआउट विवाद के बाद स्टीव स्मिथ की माँ को गालियाँ बक रहे इंग्लैंड के फैंस: ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की माँग की, PM ऋषि सुनक भी बिफरे

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज खेली जा रही है। जॉनी बेयरस्टो के रन आउट के चलते सीरीज का दूसरा मैच काफी विवादास्पद रहा। इसको लेकर कई तरह की बातें हो रहीं हैं। लेकिन इंग्लैंड के फैंस ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों और सपोर्ट स्टॉफ की फैमिली को टारगेट कर रहे हैं। इसको लेकर लेकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों ने अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की माँग की है। 

दरअसल, जॉनी बेयरस्टो के रन आउट होने के बाद इंग्लैंड के फैंस काफी नाराज थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम जब डग आउट पर वापस लौट रही थी, तब मेलबर्न क्रिकेट क्लब (MCC) के कुछ सदस्यों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और डेविड वार्नर के साथ तीखी बहस की थी। इसको लेकर एमसीसी ने अपने सदस्यों को सस्पेंड भी कर दिया था। लेकिन बात बिगड़ती जा रही थी। 

इंग्लैंड के फैंस ने स्टीव स्मिथ को भला-बुरा कहने के साथ ही उनकी माँ को गालियाँ देना शुरू कर दिया। इससे दुःखी होकर स्टीव स्मिथ की माँ को बीच मैच में ही ग्राउंड छोड़कर जाना पड़ा। यही नहीं, इंग्लैंड के फैंस की स्लेजिंग के चलते सपोर्ट स्टाफ के एक व्यक्ति का 11 वर्षीय बेटा रोता हुआ दिखाई था। हालाँकि बाद में ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्लेयर्स ने उसे संभालते हुए शांत करा दिया था।

इंग्लैंड में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों की जमकर आलोचना हो रही है। फैंस से लेकर मीडिया तक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को खेल भावना का ध्यान रखने की बात कर रहा है। यहाँ तक कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी ऑस्ट्रेलिया की आलोचना की है। सुनक के एक प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान में कहा था, “प्रधानमंत्री सुनक इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की बात से सहमत हैं। ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह से मैच जीता हम उस तरह से जीतना नहीं चाहते।”

चूँकि, अब मामला हद से आगे निकल चुका है। एक तो इंग्लैंड एशेज सीरीज में 2-0 से पीछे है। वहीं, दूसरी ओर बेयरस्टो का रन आउट विवाद ने आग में घी डालने का काम किया है। इसलिए इंग्लैंड के फैंस गुस्से में है। इसके चलते ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की माँग कर रहे हैं।

क्या है मामला

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सम्मान की लड़ाई कहे जाने वाली एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया। मैच में इंग्लैंड क्रिकेट टीम 371 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। पाँचवें दिन 52वें ओवर में गेंदबाजी करने आए कैमरून ग्रीन की बाउंसर को बाउंसर को छोड़ने के बाद जॉनी बेयरस्टो क्रीज से बाहर निकल गए। उन्होंने यह ध्यान नहीं दिया कि गेंद डेड हुई है या नहीं। 

फिर क्या था, विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने मौके का फायदा उठाते हुए उन्हें रन आउट कर दिया। ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स खुशी से झूमते हुए रन आउट की अपील कर रहे थे। मामला थर्ड अंपायर के पास पहुँचा और जॉनी बेयरस्टो नियम के तहत आउट करार दिए गए। लेकिन इंग्लैंड के फैंस को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों का इस तरह से आउट करना नागवार गुजरा। इसलिए वे लगातार उनका विरोध कर रहे हैं।

NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अजित पवार, चुनाव आयोग को दी शरद पवार को हटाने की जानकारी: भतीजे ने पूछा- 83 के हुए, अब रिटायर कब होंगे

शिवसेना (Shiv Sena) की कहानी राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के साथ ही दोहराई जाती हुई दिख रही है। विधायकों के साथ अपने चाचा शरद पवार से अलग होने के बाद अजित पवार (Ajit Pawar) ने चुनाव आयोग में हलफनामा दाखिल करके खुद को NCP का अध्यक्ष और पार्टी पर दावा ठोका है।

अजित पवार के गुट ने 31 विधायकों और पाँच विधान पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। वहीं, शरद पवार गुट की बैठक में 13 विधायक, 3 विधान पार्षद और 5 सांसद मौजूद रहे। बताते चलें कि यही हाल शिवसेना के साथ हुआ था, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी के 40 विधायकों ने उद्धव ठाकरे से किनार कर लिया था।

बताते चलें कि महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेंस पार्टी के कुल 53 विधायक हैं। इनमें 31 विधायक अजित पवार की बैठक में और 13 विधायक शरद पवार की बैठक में शामिल हुए। वहीं, 9 विधायक किसी भी गुट की बैठक में शामिल नहीं हुए।

अजित पवार गुट ने बुधवार (5 जुलाई 2023) को चुनाव आयोग के समक्ष एक हलफनामा दाखिल किया है। उन्होंने कहा है कि NCP के सदस्यों ने 30 जून 2023 को भारी बहुमत के साथ एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें शरद पवार को हटाकर अजित पवार को NCP का अध्यक्ष चुना गया था।

हलफनामा में यह भी बताया गया है कि प्रफुल्ल पटेल राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष थे और वे अभी भी उस पद पर बने हुए हैं। एनसीपी ने अजित पवार को महाराष्ट्र विधानसभा में NCP विधायक दल का नेता नियुक्त करने का भी फैसला किया है।

इसके पहले शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने 3 जुलाई 2023 को चुनाव आयोग को एक ई-मेल भी भेजा था। इस ई-मेल में एक कैविएट दायर की थी। उन्होंने आयोग को महाराष्ट्र विधानसभा के 9 सदस्यों को अयोग्य ठहराने की कार्यवाही के बारे में भी बताया।

महाराष्ट्र के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार (5 जुलाई 2023) को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शरद पवार ने NCP को इस स्तर पर पहुँचाया। वे कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा मार्गदर्शक बने रहेंगे। इसके साथ ही अजित पवार ने उन्हें अब राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार कहते हैं, “आपने मुझे सबके सामने खलनायक के रूप में चित्रित किया। मेरे मन में अभी भी उनके (शरद पवार) लिए गहरा सम्मान है…लेकिन आप मुझे बताएं, आईएएस अधिकारी 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं…राजनीति में भी

  • अजित पवार ने कहा, “आईएएस अधिकारी 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं…राजनीति में भी बीजेपी नेता 75 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। आप लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण देख सकते हैं। इससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। आप (शरद पवार) हमें अपना आशीर्वाद दें। आप 83 वर्ष के हैं। क्या आप रुकने वाले नहीं हैं?”

उधर बैठक के दौरान अपने गुट के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा, “पार्टी का चुनाव चिह्न हमारे पास है, वह कहीं नहीं जाएगा। जो लोग और पार्टी कार्यकर्ता हमें सत्ता में लाए, वे हमारे साथ हैं। जिन विधायकों ने अलग होने का फैसला किया, उन्होंने हमें विश्वास में नहीं लिया। अजित पवार गुट ने किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।”

शरद पवार की बैठक में जो 13 विधायक शामिल हुए, उनमें विधायक अनिल देशमुख, रोहित पवार, राजेंद्र शिंगणे, अशोक पवार, किरण लाहामाटे, प्राजक्त तानपुरे, बालासाहेब पाटिल, जितेंद्र आव्हाड, चेतन विट्ठल, जयंत पाटिल, राजेश टोपे, संदीप और देवेंद्र भूयर शामिल हैं।

मर गया सिख फॉर जस्टिस वाला खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू? ट्विटर पर कार एक्सीडेंट में मरने के लग रहे कयास, ‘द खालसा टुडे’ के संपादक ने किया इनकार

सोशल मीडिया पर कई लोग कह रहे हैं कि खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिका में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। हालाँकि, न तो खालिस्तानियों और न ही अमेरिकी सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई है। ‘MJ क्लब’ नामक ट्विटर यूजर ने इसे बड़ा ब्रेकिंग न्यूज़ बताते हुए सूत्रों के हवाले से ये दावा किया। हैंडल ने दावा किया कि पिछले 2 महीनों में मारे गए 3 खालिस्तानी आतंकियों हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा और परमजीत सिंह पंजवार की मौतों के बाद वो छिपा हुआ था।

रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष काकर ने भी इस खबर को ट्वीट किया, लेकिन साथ ही लिखा कि वो इसकी पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये सच है तो ये खालिस्तानी आतंकी अभियान के लिए एक बड़ा झटका होगा। लोगों ने इसका जश्न मनाना भी शुरू कर दिया है। एक व्यक्ति ने लिखा कि जिन्होंने भी ऐसा किया है उन्हें दिल से धन्यवाद। एक अन्य ने लिखा कि खालिस्तानी आतंकियों का ’72 हूर’ दिखाने के लिए वन वे टिकट काटा है रहा है।

हालाँकि, कई लोगों को आशंका है कि जैसे भारत विरोधी अरबपति जॉर्ज सोरोस की मौत की अफवाह उड़ी थी, वैसे ही ये फेक भी हो सकता है। वहीं कुछ अति-उत्साहित लोग तो भारतीय एजेंसी R&AW को जम कर धन्यवाद दे रहे हैं। ये भी हो सकता है कि ‘The Alternate Media’ नामक YouTube चैनल पर आए एक वीडियो के बाद ये खबर उड़ी हो, जिसकी हेडिंग है ‘पन्नू को ठोका’। इसमें संस्थान की गायत्री देवी मेजर जनरल (रिटायर्ड) एसपी सिन्हा से बात करती हुई दिखती हैं।

इस वीडियो में एसपी सिन्हा ने अंदेशा जताया कि अचानक से कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में खालिस्तानी गतिविधियाँ शुरू होने के पीछे कोई वजह हो सकती है और उन्हें लगता है कि कहीं पन्नू की मौत के कारण तो ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने पूछा कि क्या कार दुर्घटना हुई, उसकी मौत हुई या फिर वो गंभीर रूप से घायल है। पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी एक पोस्टर शेयर किया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये वायरल हो रहा है।

इस पोस्टर में खालिस्तानी आतंकियों की तस्वीरें और नाम हैं, साथ ही उनके जन्म और मौत का साल लिखा हुआ है। इसमें गुरपतवंत सिंह पन्नू का भी नाम है और उसकी मौत का साल नहीं लिखा है। बाकियों पर ‘Deceased (मृत)’ का ठप्पा लगा हुआ है। लिखा है कि ये वॉन्टेड हैं, ज़िंदा या मुर्दा। अभिजीत अय्यर मित्रा ने भी तंज कसते हुए लिखा कि अगर ये खबर सही है तो भारत को 25 दिनों का शोक मनाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि वो पुरुष राखी सावंत था, जिसने खालिस्तान को लेकर मजाकिया वीडियोज बनाए।

कई लोगों ने तो ‘इक दिन मर जाएगा कुत्ते की मौत’ वाला वीडियो शेयर करना भी शुरू कर दिया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ही ‘सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ)’ नामक आतंकी संगठन की स्थापना की थी और वो अक्सर भड़काऊ वीडियो बनाता रहता था।

‘द खालसा टुडे’ के मुख्य संपादक सुखी चहल ने इन खबरों पर दावा किया है कि कैलिफोर्निया में उनके पड़ोस में हुई कार दुर्घटना के बारे में वो बताना चाहते हैं कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की मौत की खबर झूठ है, फर्जी है।

स्वीडन में कुरान जलने पर मुंबई की मीनारा मस्जिद के बाहर जुटी इस भीड़ के खतरे बड़े, क्योंकि इसके पीछे है रजा अकादमी

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध अधिकार है। इसलिए पहली नजर में मुंबई की मीनारा मस्जिद के बाहर 5 जुलाई 2023 को हुए इस जुटान की तस्वीर में कोई खतरा नहीं दिखता। लेकिन घंटी तब बजती है जब पता चलता है कि स्वीडन में कुरान जलाए जाने की घटना के विरोध में हुए इस प्रदर्शन के पीछे रजा अकादमी (Raza Academy) है।

नाम से रजा अकादमी भले अकादमिक संस्था होने का आभास देता हो, पर यह कुख्यात अपने कट्टरपंथी इस्लामी विचारों को लेकर है।करतूतें इस संगठन की हिंसक मंशा की गवाह हैं। कई राज्यों में इस्लामी भीड़ की हिंसा के पीछे इस संगठन की भूमिका संदेहास्पद रही है। दुनिया के किसी भी कोने में हुई घटना पर मुस्लिमों को उकसाने के लिए यह कुख्यात रहा है।

मुंबई के ही आजाद मैदान में अगस्त 2012 में हुआ दंगा देश अब तक भूला नहीं है। तब म्यामांर में रोहिंग्या मुस्लिमों पर कथित अत्याचार के विरोध के नाम पर भीड़ जुटा गई थी। सऊदी अरब में सिनेमा हॉल खुलने का विरोध हो या फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष के खिलाफ फतवा जारी करने की माँग, CAA और NRC का विरोध हो या COVID प्रोटोकॉल को लचीला बनाकर मस्जिद खोलने की माँग… रजा अकादमी की भूमिका आपको हर जगह दिख जाएगी। नवंबर 2021 में महाराष्ट्र के मालेगाँव, नांदेड़ और अमरावती जिलों में प्रदर्शन के नाम पर मुस्लिमों की भीड़ ने जो कुछ किया था, वह भी पूरे देश ने देखा है। उसके बाद रजा एकेडमी के दफ्तरों पर महाराष्ट्र पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारियों के बारे में भी हम जानते हैं।

अतीत की ये तमाम घटनाएँ हमें बताती हैं कि बकरीद के दिन स्वीडन की एक मस्जिद के बाहर कुरान जलाए जाने की घटना के विरोध के नाम पर हुए इस छोटे जुटान को सामान्य विरोध प्रदर्शन मानकर नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वैसे भी इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर जो इस्लामिक गुटबंदी दिख रही है, खुद को कुरान का सबसे बड़ा रखवाला साबित करने की जो होड़ लगी है, वह खतरे को और भी बढ़ा देता है। इसी घटना के विरोध के नाम पर इराक में स्वीडिश दूतावास पर हमला हो चुका है। 57 इस्लामी मुल्क सऊदी अरब में बैठक कर चुके हैं। तुर्की ने नाटो में स्वीडन के प्रवेश को रोकने के लिए एड़ी-चोट का जोर लगा रखा है। शिया मुस्लिमों के खिलाफ बर्बरता के लिए कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी पाकिस्तान में चर्चों और ईसाइयों पर हमला कर बदला लेने की धमकी दे रहा है। कंगाली पर खड़े पाकिस्तान का प्रधानमंत्री जुमे पर देशभर में प्रदर्शन का ऐलान कर रहा है। यह सब तब हो रहा है जब स्वीडन का राजनीतिक नेतृत्व से लेकर ईसाई नेता तक इस घटना की निंदा कर चुके हैं।

अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर स्वीडन की मस्जिद के सामने एक इराकी के कुरान जलाने के बाद दुनियाभर के अलग अलग हिस्सों में हो रही इन तमाम गतिविधियों में एक ही चीज साझा है। वह है मजहब। वह मजहब जिसका हवाला देकर भीड़ हिंसा के लिए ही जुटाई जाती है। ऐसे में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर, लोकतांत्रिक अधिकार के नाम पर, स्वीडन में हुई घटना के विरोध में भारत के शहरों में जुटान करने, प्रदर्शन होने के भी खतरे बड़े है। खासकर तब जब इसके पीछे रजा अकादमी जैसा वह संगठन हो जिसका रिकॉर्ड भीड़ जमा कर उसे अनियंत्रित छोड़ने का पुराना और बदनाम रहा हो।

जरूरी नहीं है कि हर बार हम हिंसा के बाद ही जगे। हर बार दंगों के बाद ही इन संगठनों के दफ्तरों पर छापे पड़े। मुस्लिमों को उकसाने और हिंसा की साजिश रचने वालों की गिरफ्तारी हो। आदर्श व्यवस्था तो वह है जो जुमे की पूर्वसंध्या पर ऐसी कहानियों की पटकथा लिखने का ही मौका न दे। उम्मीद की जानी चाहिए महाराष्ट्र में उफान मारती सियासत के बीच मुंबई पुलिस की नजर मीनारा मस्जिद के बाहर जुटी उस भीड़ पर भी रही होगी जिसने कुरान जलाने वाले को तुरंत फाँसी देने की माँग करते हुए उस देश में प्रदर्शन किया है, जिस देश में आतंकी अजमल कसाब को फाँसी भी कबाब खिलाने के बाद ही मिली थी।

अंदर से आती अश्लील आवाजें, फिर संतुष्टि और शर्म का भाव लिए निकलते कपल्स… विम्बलडन ने फैंस को चेताया – सेक्स के लिए न करें ‘Quiet Rooms’ का इस्तेमाल

विम्बलडन टूर्नामेंट के आयोजकों ने फैंस को चेताया है कि वो ‘Quiet Rooms’ का इस्तेमाल सेक्स के लिए न करें। विम्बलडन ने कहा है कि ‘क्वाइट रूम्स’ को प्रार्थना, ध्यान या फिर ब्रेस्टफीडिंग के लिए बनाया गया है, सेक्स के लिए नहीं। साथ ही कपल्स को चेताया गया है कि ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकती है। पिछले साल विम्बलडन टेनिस टूर्नामेंट के दौरान सामने आया था कि कई जोड़ों ने इस जगह का इस्तेमाल रोमांस और सेक्स करने के लिए किया, जिससे अन्य लोगों को खासी परेशानी हुई थी।

‘ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब’ की चीफ एग्जीक्यूटिव सैली बोल्टोन ने कहा कि पवित्र जगहों का इस्तेमाल भी सम्मान के साथ किया जाना चाहिए और कहा कि प्रेयर के लिए जो जगह आरक्षित की गई है वहाँ सेक्स वगैरह न किया जाए। उन्होंने कहा कि ये एक महत्वपूर्ण स्पेस होता है और इस बार ये सुनिश्चित किया जाएगा कि इसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी को अगर प्रार्थना करने की ज़रूरत है तो क्वाइट रूम्स का इस्तेमाल करें।

उन्होंने कहा कि जो माताएँ अपने शिशुओं को स्तन से दूध पिलाना चाहती हैं तो ये जगह उनके लिए भी है। 2022 में लोगों ने कहा था कि उन्होंने क्वाइट रूम्स से अक्सर कपल्स को निकलते देखा था जो संकोच के कारण शर्माए हुए से दीखते थे और उनके चेहरों पर पूर्ण संतुष्टि का भाव रहता था। इन कमरों को बनाए जाने के पीछे कारण ये था कि भीड़ से अलग हट कर लोग इनका सही इस्तेमाल करें, जैसे किसी को धूप से बचना है तो इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

पिछले साल ये भी सामने आया था कि इन कमरों ने रोमांस करते हुए कपल्स की अजीब सी आवाजें आती थीं। इसीलिए, अब अधिकारियों ने चेताया है कि इसका इस्तेमाल रोमांस के लिए न किया जाए। साउथर्न विलेज में इन क्वाइट रूम्स को उपलब्ध कराया गया है। साथ ही विम्बलडन की गाइड में भी बताया गया है कि इनका इस्तेमाल कैसे करना है। किसी को खाली बैठना है, तो भी वो इन कमरों का इस्तेमाल कर सकता है।

केदारनाथ मंदिर के सामने लड़की ने बॉयफ्रेंड को किया प्रपोज, भड़का मंदिर प्रशासन, पुलिस को पत्र लिखकर रील बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की

रील बनाने का खुमार आजकल कुछ ऐसा चढ़ा है कि इसके दीवाने ना स्थान देख रहे हैं और ना ही उसकी पवित्रता। दो दिन पहले उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ मंदिर के सामने शादी के लिए प्रपोज करने का रील बनाने की घटना के बाद मंदिर प्रशासन सख्त हो गया है। उसने पुलिस से ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की माँग की है।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने पुलिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि मंदिर परिसर में वीडियो बनाने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। समिति का कहना है कि वीडियो/रील बनाने वाले लोगों की वजह से देश-विदेश के भक्तों की भावनाएँ आहत होती हैं।

मंदिर प्रशासन समिति द्वारा लिखा गया पत्र (साभार: टाइम्स नाऊ हिंदी)

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने पुलिस को भेजे पत्र में कहा है, “कुछ यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर लोगों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ वीडियो, यूट्यूब शॉट्स और इंस्टाग्राम रील्स बना रहे हैं, जिससे मंदिर में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत हो रही हैं।”

कुछ दिन पहले केदारनाथ धाम से एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में एक लड़की अपने बॉयफ्रेंड से मंदिर के सामने प्रपोज करती दिख रही है। वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने इसकी जमकर आलोचना की। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया और केदारनाथ धाम में मोबाइल ले जाने पर बैन लगाने की माँग की।

वीडियो में दिखा एक कपल केदारनाथ मंदिर की ओर मुँह करके हाथ जोड़े खड़ा है। पीछे से कैमरा लिए शख्स को लड़की हाथ के इशारा करती है। इसके बाद कैमरे वाला शख्स आगे बढ़कर चुपके से लड़की के हाथ में अंगूठी दे देता है। फिर लड़की अपने घुटनों पर बैठकर लड़के को प्रपोज कर देती है। लड़की उसे अंगूठी पहनाती है और फिर दोनों गले लगते हैं।

इस वीडियो पर नेटिजन्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाला बताया तो कुछ लोगों ने इसे भक्ति का अपना तरीका बताया। वहीं, मंदिर से बाहर मंदिर समिति द्वारा हस्तक्षेप को गलत बताया।

जिस लड़की ने अपने प्रपोज किया है, वह भारत की पहली फीमेल मोटो ब्लॉगर यानी बाइक पर बैठकर पूरी यात्रा को कैमरे में कैद करने वाली विशाखा नाम की लड़की बताई जा रही है। जिस लड़के को महिला ने प्रपोज किया, वह उसका बॉयफ्रेंड है और हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है।

विशाखा को शिवजी की भक्त बताया जा रहा है। विशाखा की माँ ने एक इंटरव्यू में कहा था कि विशाखा की सफलता के पीछे उनकी तीन साल की कड़ी मेहनत है। उनको मणिपुर सहित कई राज्यों के पर्यटन विभाग की तरफ से राज्य का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया है। वे मुंबई से कन्याकुमारी तक बाइक लेकर गई थीं, जो उनकी सबसे बड़ी मोटो ब्लॉगिंग थीं।

बीवी को अश्लील फिल्में दिखाता, फिर पोर्न स्टार की तरह दिखने को करता था मजबूर: अप्राकृतिक सेक्स और टॉर्चर से परेशान होकर दिल्ली पुलिस से लगाई फरियाद

दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें कथित तौर पर एक व्यक्ति अपनी बीवी को पोर्न स्टारों की तरह दिखने को मजबूर करता था। उसे जबरन अश्लील फिल्में दिखाता था। अप्राकृतिक तरीके से सेक्स करता था। आखिरकार टॉर्चर से परेशान होकर 30 साल की महिला ने दिल्ली पुलिस में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

महिला के अनुसार उसका पति पोर्न एडिक्ट है। वह उसे भी जबरन पोर्न वीडियो दिखाता था। उससे पोर्न स्टार की तरह कपड़े पहनने और उनकी तरह अपना शरीर बनाने को कहता था। महिला ने पति पर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने और मारपीट का भी आरोप लगाया है। साथ ही बताया है कि ससुराल वाले भी दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला दिल्ली के शाहदरा थाना क्षेत्र के रोहतास नगर का है। 30 वर्षीय पीड़िता की शादी साल 2020 में हुई थी। कथित तौर पर शादी के तीन बाद से ही पति उसे फिजिकली टॉर्चर करने लगा। महिला ने कहा है कि पति उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाता था। विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता था।

पीड़ित महिला का आरोप है कि उसका पति पोर्न वीडियो का आदी हो चुका है। वह उसे जबरन पोर्न वीडियो दिखाता था। साथ ही उसे अपनी फेवरेट पोर्न स्टार की तरह देखना चाहता था। पति कहता था कि वह पोर्न स्टार जैसी नहीं दिखती। इसलिए वो उसे पोर्न स्टार की तरह ही कपड़े पहनने के लिए मजबूर करता था। इसके अलावा महिला ने अपनी शिकायत में पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए मानसिक और शरीरिक उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया है।

पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। डिप्टी कमिश्नर रोहित मीणा ने कहा है, ‘महिला की शिकायत पर हमने IPC की धारा 498 A (किसी महिला का पति या पति का रिश्तेदार उसके साथ क्रूरता करना), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 377 (अप्राकृतिक अपराध) तथा 34 (सामान्य इरादा) और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर किया है।” पुलिस का यह भी कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद शुरुआती जाँच के तौर पर गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। जाँच के लिए डिजिटल व अन्य सभी तरह के सबूत जुटाए जा रहे हैं।

शक्ति प्रदर्शन में चाचा पर भारी पड़ा भतीजा: शरद पवार की बैठक में आए सिर्फ 13 MLA, NCP पर कब्जे के लिए चुनाव आयोग के पास अजीत पवार ने ठोका दावा

महाराष्ट्र में शरद पवार द्वारा स्थापित ‘राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP)’ टूट गई है। कुछ दिनों पहले ही उनके भतीजे अजित पवार ने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ कर सरकार में शामिल होने का फैसला लिया और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार में उप-मुख्यमंत्री बने। इसके बाद बुधवार (5 जुलाई, 2023) को दोनों पक्षों ने शक्ति प्रदर्शन के लिए बैठक बुलाई। बैठकों के बाद ये साफ़ हो गया है कि भतीजे अजित पवार अपने चाचा पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने भारत में करिश्माई नेतृत्व की जरूरत बताते हुए कहा कि सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी PM नहीं बन सकते।

मीडिया में आ रहे आँकड़ों की मानें तो शरद पवार की बैठक में 13 विधायक, 3 विधान पार्षद और 5 सांसद पहुँचे हैं। मुंबई के YB चव्हाण सेंटर में ये बैठक आयोजित हुई। अनिल देखमुख, रोहित पवार, राजेंद्र शिंगने, अशोक पवार, किरण लहमटे, पंकजा तानपुरे, बालासाहेब पाटिल, जितेंद्र अव्हाड, चेतन विट्ठल तुपे, जयंत पाटिल, राजेश टोपे, संदीप क्षीरसागर और देवेंद्र भुयार – ये वो विधायक हैं जो शरद पवार की बैठक में मौजूद रहे। श्रीनिवास पाटिल, सुप्रिया सुले और अमोल कोल्हे – ये तीनों लोकसभा सांसद मौजूद रहे।

राज्यसभा सांसदों की बात करें तो फौजिया खान और वंदना चव्हाण ने शरद पवार का साथ दिया है। शशिकांत शिंदे, बाबाजानी दुर्रानी और एकनाथ खड़से – ये तीनों MLC इस बैठक में मौजूद रहे। उधर अजित पवार ने NCP पर अपने गुट का हक़ जताते हुए चुनाव आयोग को याचिका भी भेज दी है। इसमें NCP के नाम और घड़ी चुनाव चिह्न पर दावा ठोका गया है। वहीं जयंत पाटिल ने मंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार समेत सभी 9 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की अपील की है।

उधर शरद पवार ने नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुंबई में ही NCP का 24 वर्ष पहले गठन हुआ था और हमने खूब मेहनत कर के सरकार बनाई, कई लोग मंत्री-विधायक बने और हमने दिखाया कि गरीब घर से आने वाले भी राज्य चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब बातचीत की परंपरा खत्म हो गई है। वहीं उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने कहा कि NCP में जो पद खाली हैं, उसमें नए लोग आएँगे। वहीं अजित पवार ने कुछ हफ्ते पहले शरद पवार द्वारा इस्तीफा दिए जाने और फिर इसे वापस लिए जाने पर निशाना साधा।

अजित पवार ने चाचा को चेताया कि वो जिद्दी न बनें। उन्होंने कहा कि अभी तो उन्होंने काफी कम कहा है, भविष्य में रैलियाँ होंगी तो वो कई बड़े खुलासे करेंगे। अजित पवार ने महाराष्ट्र की 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए कार्यकर्ताओं से इमोशनल अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और उनके बीच दूरी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वो 5 बार डिप्टी CM बन चुके हैं, अब राज्य का नेतृत्व करना चाहते हैं। उन्होंने शरद पवार को उनकी उम्र की याद दिलाते हुए कहा कि आप अब 83 के हो गए, हमें आशीर्वाद दीजिए।

अजित पवार की बैठक में 29 विधायक और 4 MLC पहुँचे। ED/CBI के डर से पाला बदलने के आरोपों पर अजित पवार ने कहा कि कई ऐसे विधायक हैं जिनके खिलाफ कोई केस नहीं है। उन्होंने कहा कि शरद पवार ने 2004 में CM पद NCP को मिल रहा था तो ठुकरा दिया था। उन्होंने दावा किया कि 2014 में भी NCP द्वारा भाजपा को समर्थन दिए जाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि जो विधायक शरद पवार की बैठक में गए हैं, वो भी उनसे संपर्क में हैं।