Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिबागेश्वर बाबा की कथा से पहले 11000 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा: दिल्ली में...

बागेश्वर बाबा की कथा से पहले 11000 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा: दिल्ली में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का हुजूम, धीरेन्द्र शास्त्री के क्रेज के सामने भीषण गर्मी भी फेल

कलश यात्रा का समापन कथा स्थल पर हुआ और साथ ही कथा समापन के बाद लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 11,000 महिलाओं के साथ IP एक्सटेंशन मंडावली से कलश यात्रा निकाली गई है। मध्य प्रदेश स्थित छतरपुर के बाबा धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा होने वाले हनुमंत कथा के लिए दिल्ली के लोगों में बेहद उत्साह नजर आ रहा है। कलश यात्रा के दौरान पुष्प वर्षा ही हुई और और विभिन्न प्रकार की झाकियाँ निकाली गईं। दिल्ली में बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के दरबार लगने की पूरी तैयारी शुरु हो गई है।

बाबा धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा उद्घोषित कथा 5 से 8 जुलाई, 2023 तक उत्सव मैदान IP एक्सटेंशन, दिल्ली में होनी तय हुई है जिसका बुधवार (5 जुलाई, 2023) को पहला दिन था। लगभग 11,000 महिलाओं के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश यात्रा IP एक्सटेंशन मंडावली थाने के निकट से शुरू होकर कथा स्थल तक गई। इस कलश यात्रा में शामिल लोगों का उत्सव देखते बनता था।

कलश यात्रा जिस गली और रास्ते से होकर गुजरा, पूरे रास्ते में विभिन्न सोसाइटी द्वारा पुष्प वर्षा की गई और जो 11,000 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई वो दृश्य बहुत मनमोहक था। बाबा धीरेन्द्र शास्त्री को लेकर उत्साहित लोगों के उत्साह के आगे भीषण गर्मी को भी मात दे दी। कलश यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार की झाकियाँ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही जिसने लोगों के उत्साह और श्रद्धा को दोगुना किया।

कलश यात्रा का समापन कथा स्थल पर हुआ और साथ ही कथा समापन के बाद लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। कलश यात्रा आयोजक के संयोजक रजत रस्तोगी और रवि गुप्ता ने शुरुआत की और कथा स्थल पर आयोजन समिति से ललित गोयल और नवीन कुमार जिंदल ने सभी कलश धारण करने वाली बहनों का अभिवादन किया। सावन के पावन महीने में आराध्य देव भगवान शिव जी का ही रूप श्री हनुमान जी की कथा का आयोजन एक ऐसा सपना है।

उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम सरकार जी के आशीर्वाद व सभी आयोजक समिति के सदस्यों की मेहनत से शुरू हुई है। लोगों में बाबा के कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा इतनी है कि श्रध्दालु अभी से अपना स्थान सुनिश्चित करने में लगे है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -