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‘मेरे बच्चे को जानबूझकर मुस्लिम बना दिया’: जीभ का ऑपरेशन कराने लेकर गए 3 साल के बच्चे का डॉक्टर जावेद खान ने कर दिया खतना, बोले- इंफेक्शन था

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के डॉक्टर जावेद खान ने जीभ का ऑपरेशन कराने आए एक हिंदू बच्चे का जबरन खतना कर दिया। इस परिवार को इसका पता चला तो हंगामा मच गया। हिंदू संगठन भी अस्पताल के बाहर पहुँचकर नारेबाजी करने लगी।

अब कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन पीड़ित बच्चे के माता-पिता पर समझौते का दबाव बना रहा है। घटना सामने आने के बाद पुलिस एक्शन शुरू हो गया है। पुलिस ने बताया कि जाँच कमेटी गठित कर दी गई है और नियमानुसार विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

दरअसल, थाना बारादरी के संजय नगर निवासी हरिमोहन यादव का ढाई – तीन साल का बेटा सम्राट बोल नहीं पाता था। वह तुतलाता था। इससे यादव बहुत परेशान रहते थे। एक दिन उन्हें किसी ने सलाह दी कि यदि वे अपने बेटे की जीभ का ऑपरेशन करा दें तो वह बोल पाएगा।

हरिमोहन यादव बच्चे की जीभ का ऑपरेशन कराने के लिए डेलापीर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों ने बच्चे को भर्ती करा लिया। हरिमोहन का आरोप है कि डॉक्टर ने उनके बेटे की जीभ का ऑपरेशन करने के बजाय खतना कर दिया। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए।

हंगामे के बाद इस मामले पर डॉक्टर ने कहा है कि बच्चा पिछले संडे को दिखाने आया था। डॉक्टर का कहना कहै, “मेरे यहाँ जो बुआ काम करती है, वार्ड आया की पड़ोसी है। वो उसको लेकर आई थी, उनको सारी जानकारी है कि बच्चे को क्या प्रॉब्लम थी। बच्चे को यूरिन से रिलेटेड प्रॉब्लम थी। इसे फाइमोसिस बीमारी कहते हैं। उस बीमारी का इलाज खतना ही होता है। रीलिजन से इसका कोई ताल्लुक नहीं है।”

हरिमोहन का आरोप है कि डॉक्टरों ने यह सब जान-बूझकर किया है और उनके बच्चे को हिंदू से मुस्लिम बना दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल वाले उन पर समझौते का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, ताकी इस तरह से डॉक्टर आगे से अन्य किसी के साथ ऐस घटना को अंजाम ना दे सकें।

कारपेंटर हरिमोहन यादव ने कहा कि डॉक्टर के मन में बच्चे को हिंदू से मुसलमान बनाना था, इसीलिए नाम पूछा गया। वहीं, हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के बाद जमकर हंगामा किया है। उनका कहना है कि हिंदू समाज के बच्चे की सुन्नत कर दी गई है।

वहीं एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि थाना बारादरी क्षेत्रान्तर्गत स्थित हास्पिटल डॉ एम खान हॉस्पिटल में परिजन अपने ढाई साल के बच्चे के जीभ के आपरेशन के लिए ले गए थे। वहाँ जीभ के आपरेशन की बजाय बच्चे का खतना कर दिया गया है। इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। प्रार्थना पत्र की जाँच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।

पहले गाया भारत का राष्ट्रगान, फिर मंच पर ही किए PM मोदी के चरण स्पर्श: जानिए कौन हैं भारतीयों का दिल जीतने वाले अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान एक कार्यक्रम वाशिंगटन डीसी के रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग में आयोजित हुआ। यहाँ अफरीकन-अमरीकन गायिका मैरी मिलबेन ने पीएम के सामने राष्ट्रगान गाया और उसके बाद उनकी एक वीडियो सामने आई। इस वीडियो में वह पीएम मोदी के सामने राष्ट्रगान को गाने के बाद मंच पर उनके पाँव छू रही हैं।

वीडियो में अमेरिका की अवार्ड विनिंग सिंगर मैरी मिलबेन भारत का राष्ट्रगान गा रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई भारत मूल के लोग वहाँ मौजूद हैं। राष्ट्रगान खत्म होने के बाद पीएम मोदी मैरी की ओर आगे बढ़ते हैं तो मैरी खुद आगे आकर प्रधानमंत्री के पाँव छूती हैं। इस दौरान पीछे वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे हॉल में गूँजते रहते हैं।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा, “अमेरिकी गायिका मैरी मिलीबन ने भारत का राष्ट्रगान गाने के बाद पीएम मोदी के पाँव छुए। इससे पहले पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी के आगे श्रद्धा से सिर को झुकाया था। दुनिया पीएम मोदी की शक्तिशाली आध्यात्मिक आभा और भारतीय मूल्यों का सम्मान करती है।”

मैरी मिलिबन ने इस पर्फॉर्मेंस के बाद कहा, “मुझे प्रधानमंत्री मोदी और उस देश के लोगों के सम्मान में भारतीय राष्ट्रगान के गायन को लेकर बहुत गर्व हो रहा है, जिन्हें मैं अपना परिवार मानती हूँ। अमेरिका और भारत के राष्ट्रगान, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के आदर्शों की बात करते हैं। यह अमेरिका और भारत के संबंधों का सार है। एक स्वतंत्र देश, सिर्फ स्वतंत्र लोगों से परिभाषित होता है।”

मीडिया से बात करते हुए वह बोलीं- “मैं यहाँ आकर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूँ। प्रधानमंत्री बहुत अद्भुत और दयालु व्यक्ति हैं। इस सप्ताह उनकी राजकीय यात्रा का हिस्सा बनना सम्मान की बात थी। मुझे भीड़ द्वारा राष्ट्रगान गाते हुए सुनना अच्छा लगा। आप उनकी सभी आवाजों में जुनून सुन सकते हैं। आज रात यहाँ आना ही सच्चा सम्मान है।”

याद दिला दें कि मैरी मिलबेन भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘ओम जय जगदीश हरे’ गाने के बाद से चर्चा में आई थीं। लोगों को उनकी वीडियो इतनी पसंद आई थी। अगस्त 2022 में उन्हें कार्यक्रम प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था। मिलबेन ने अब तक अमेरिका के लगातार चार राष्ट्रपतियों जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रम्प और जो बाइडन के लिए अमेरिकी राष्ट्रगान और देशभक्ति संगीत प्रस्तुत किए हैं।

इसके अलावा बात करें तो अगर पीएम मोदी के पाँव छूने की तो उनसे पहले पापुआ न्यू गिनी की यात्रा के वक्त भी वहाँ के प्रधानमंत्री ने भारतीय पीएम को सम्मान देते हुए एयरपोर्ट पर उनके पाँव छुए थे। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। पीएम मोदी के पापुआ न्यू गिनी द्वारा किए गए विशेष स्वागत का वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। खबर आई थी पापुआ न्यू गिनी ने अपनी परंपरा तोड़ते हुए पीएम मोदी का स्वागत सूर्यास्त के बाद किया था।

केजरीवाल पर भड़के उमर अब्दुल्ला, TMC ने कहा- हमें चोरों की पार्टी कह धरना देती है काॅन्ग्रेस… बाहर साथ, भीतर फाइटः विपक्षी दलों की पटना बैठक की इनसाइड स्टोरी

भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनावी लड़ने के लिए पटना में बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में ‘तू-तू मैं-मैं’ हो गई। इस दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपस में भिड़ गए। इस दौरान शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने बीच-बचाव किया।

सूत्रों के हवाले से आजतक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विपक्षी एकजुटता बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) ने कॉन्ग्रेस (Congress) पर बड़ा आरोप लगाया। दरअसल, AAP ने भाजपा सरकार द्वारा दिल्ली सरकार सेवा अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों से समर्थन माँगा। इस दौरान कुछ पार्टियों ने उन्होंने समर्थन दिया भी।

इस बीच AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच समझौता है कि जब दिल्ली सेवा अध्यादेश संसद में लाया जाएगा तो कॉन्ग्रेस वॉकआउट कर जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि AAP इस अध्यादेश का विरोध कर रही है और सभी दलों को AAP का समर्थन करना चाहिए।

बैठक के दौरान जब केजरीवाल इस तरह की बातें करने लगे तो उमर अब्दुल्ला ने उन्हें टोका। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया था, तब तो आपकी पार्टी ने हमारा समर्थन नहीं किया था और संसद में सरकार का साथ दिया था।

विवाद और गहरा होता, इससे पहले ही NCP चीफ शरद पवार और शिवसेना-UBT उद्धव ठाकरे ने बीच बचाव कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दलों को आपसी मतभेद दूर करना होगा और एक साथ आना होगा।

कॉन्ग्रेस के साथ APP की तानातानी को लेकर पवार ने कहा, “हम पिछले 25 वर्षों से एक-दूसरे की आलोचना कर रहे थे, लेकिन हमने हर मतभेद को एक तरफ रख दिया और अब हम एक साथ काम कर रहे हैं।” वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा, “अब समय आ गया है कि मतभेद भुलाकर एक साथ आएँ।”

हालाँकि, केजरीवाल की कटुता खत्म नहीं हुई। बैठक खत्म होने के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भाग नहीं लिए और दिल्ली लौट आए। उधर, विपक्ष की बैठक खत्म होने के कुछ देर बाद AAP ने कॉन्ग्रेस को धमकी दे दी। AAP ने कहा कि अगर वे राज्यसभा में दिल्ली अध्यादेश को रोकने में साथ देने से इनकार करते हैं तो AAP किसी भी कॉन्ग्रेस वाली गठबंधन से दूर रहेगी।

इतना ही नहीं, बैठक के दौरान बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने भी कॉन्ग्रेस पर सवाल उठाया। ममता बनर्जी ने अधीर रंजन चौधरी द्वारा TMC को चोरों की पार्टी कहने और उसके खिलाफ धरना देने का मामला उठाया और इस पर आपत्ति जाहिर की।

इस दौरान साथी पार्टियों को एकता का पाठ पढ़ाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) ने इस दौरान कहा कि सबको बड़ा दिल दिखना होगा। उन्होंने कहा कि अगर वे आपस में लड़ेंगे तो भाजपा को फायदा होगा।

इस दौरान विपक्षी पार्टियों ने एक संयोजक चुनने की वकालत की। 15 जुलाई को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होने वाली अगली बैठक में संयोजक को चुना जाएगा। इस दो दिवसीय बैठक में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार को संयोजक चुना जाएगा।

इस दौरान नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों से कहा, “आप लोग नेतृत्व करें, मैं समन्वय करूँगा। हम आज नीति बनने की उम्मीद नहीं कर सकते, लेकिन दो-तीन बैठकों के बाद इसकी उम्मीद कर सकते हैं। हम बीजेपी को 150 सीटों पर समेट सकते हैं, क्योंकि उसके पास 37% वोट हैं।”

‘5 पाकिस्तानियों ने बार-बार छुआ मेरा प्राइवेट पार्ट, रोका तो मुझे बोतल मारी’ : यूरोप से महिला की Video वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल होती एक वीडियो में एक महिला ने पाकिस्तानी युवकों पर रेप का आरोप लगाया है। ये वीडियो कब की है इसकी पुष्टि तो नहीं हो पाई है लेकिन पीड़िता के खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं। RadioGenova नाम के ट्विटर यूजर समेत कई अकॉउंट ने इस वीडियो को अपने अकॉउंट से शेयर किया है।

ट्वीट में उन्होंने इसे इटली के मिलान का बताया। उन्होंने पहले लिखा, “ये जहाज पर चढ़कर हमारी औरतों का रेप करने आए हैं।” इसके बाद उन्होंने बताया कि महिला वीडियो में क्या कह रही है। वीडियो के मुताबिक पीड़िता ने कहा “5 पाकिस्तानी लड़कों ने मुझे प्रताड़ित किया। मेरे प्राइवेट पार्ट छू छूकर मेरा रेप किया। मैं जब लड़ने की कोशिश की तो उन्होंने काँच की बोतल उठाकर मेरे होंठों और मेरे दाँतों पर मारी।”

वीडियो में महिला अपने चोटिल होंठों को दिखाती दिख रही है। महिला के मुताबिक पुलिस को पता है कि ये लोग कौन हैं लेकिन इनके विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। आरोपित अब भी आजाद ही घूम रहे हैं और अगली लड़की का बलात्कार करने को तैयार हैं।

अमेरिका के बाद अब मिस्र: 4000 बलिदानी भारतीय सैनिकों को नमन करेंगे PM मोदी, बोहरा मुस्लिमों की 1000 वर्ष पुरानी मस्जिद में भी जाएँगे

अपनी चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर 21 जून 2023 को अमेरिका पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 24 जून 2023 को वहाँ से मिस्र के लिए रवाना होंगे। मिस्र में वे प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश सेना के लिए शहीद होने वाले 4,000 से ज्यादा भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके साथ ही वे बोहरा समुदाय से जुड़े अल-हकीम मस्जिद भी जाएँगे।

मिस्र की राजकीय यात्रा पर जाने वाले पीए मोदी की यात्रा विवरण को लेकर भारतीय राजदूत ने जानकारी दी है। मिस्र की राजधानी काहिरा में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने कहा, पीएम अल-हकीम मस्जिद का दौरा करेंगे, जो 11वीं शताब्दी में फातिमिद राजवंश के दौरान बनाई गई थी। बोहरा समुदाय फातिमिद वंश से आया है। ये 1970 से मस्जिद का जीर्णोद्धार कर उसका रखरखाव कर आ रहे हैं। पीएम काहिरा में हेलियोपोलिस वॉर मेमोरियल भी जाएँगे।”

हेलियोपोलिस वार मेमोरियल

पीएम मोदी 25 जून 2023 को भारत लौटने से पहले काहिरा में हेलियोपोलिस कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव सीमेटरी (पोर्ट ट्वेफिक) पर जाएँगे। यह सीमेटरी उन 4,000 भारतीय जवानों की याद में बनाया गया है, जिन्होंने पहले विश्व युद्ध के दौरान मिस्र और फिलिस्तीन में मित्र देशों की सेनाओं की तरफ से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। पीएम मोदी इन शहीद जवानों की समाधियों पर जाकर श्रद्धांजलि देंगे।

यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले भारतीय जवानों को विदेश में जाकर याद कर रहे हैं। साल 2015 में उन्होंने फ्रांस दौरे पर लिल्ले में न्यूवे-चैपल वॉर मेमोरियल जाकर हजारों वीरगति प्राप्त भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी थी। पिछले साल विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी मिस्र दौरे के दौरान पोर्ट ट्वेफिक जाकर जवानों को नमन किया था।

बताते चलें कि 1914 से 1919 से चले प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटेन ने 11 लाख भारतीय जवानों को लड़ने के लिए भेजा था। इनमें से 74,000 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इन भारतीय जवानों को फ्रांस, ग्रीस, उत्तरी अफ्रिका, मिस्र, फिलिस्तीन और ईराक में दफना दिया गया था। इसके अलावा 70,000 भारतीय जवान अपाहिज होकर वापस लौटे थे।

इस युद्ध में भारतीय जवानों को 9,200 से अधिक वीरता पुरस्कार मिले थे, जिनमें ब्रिटिश सेना का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विक्टोरिया क्रॉस भी शामिल थे। इस युद्ध ने उत्कृष्ट पराक्रम दिखाने के लिए 11 भारतीयों को विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया था। इन जवानों को ब्रिटिश सेना की तरफ से महज 15 रुपए महीना वेतन मिलता था।

बोहरा समुदाय का अल-हकीम मस्जिद

राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के निमंत्रण पर मिस्र की राजकीय यात्रा पर जा रहे पीएम मोदी अल-हकीम मस्जिद जाएँगे। काहिरा स्थित इस ऐतिहासिक मस्जिद का नाम 16वें फातिमिद खलीफा अल-हकीम (985-1021) के नाम पर रखा गया है। मस्जिद का निर्माण मूल रूप से अल-हकीम के पिता खलीफा अल-अजीज ने 10वीं शताब्दी के अंत में शुरू कराया था, जिसे 1013 में पूरा किया गया था।

काहिरा के बीचों बीच स्थित अल-हकीम मस्जिद शहर की दूसरी सबसे बड़ी और चौथी सबसे पुरानी मस्जिद है। 13,560 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली इस मस्जिद में चार बड़े हॉल हैं। जहाँ नमाज अता की जाती है, वह सबसे बड़ा हॉल है। यह करीब 4,000 वर्ग मीटर जितना बड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी अल-हकीम मस्जिद में लगभग आधा घंटा बिताएँगे और बोहरा समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे।

दरअसल, इस्लाम मानने वाले 72 फिरकों में बँटे हैं। इनमें से एक बोहरा समुदाय भी है। दाऊदी बोहरा समुदाय शिया मुस्लिम के सदस्य हैं। ये लोग फातिमी इस्लामी तैय्यबी विचारधारा को मानते हैं। बोहरा मुस्लिम की शुरुआत मिस्र में हुई और फिर यमन होते हुए 11वीं सदी में इस समुदाय के कुछ लोग भारत आकर बस गए। गुजरात और महाराष्ट्र में ज्यादा है। बाद में बोहरा मुस्लिमों ने अपने संप्रदाय की गद्दी को यमन से गुजरात के पाटन जिले में मौजूद सिद्धपुर में स्थानांतरित कर दिया।

इस संप्रदाय का एक धर्मगुरु होता है। पिछले करीब 400 सालों से भारत से ही इसका धर्मगुरु चुना जा रहा है। वर्तमान में इस समुदाय के 53वें धर्मगुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय मुख्य रूप से इमामों के प्रति अपना अकीदा रखता है। दाऊदी बोहरा समुदाय के 21वें और अंतिम इमाम तैयब अबुल कासिम थे। इनके बाद 1132 से आध्यात्मिक गुरुओं की परंपरा शुरू हो गई, जो दाई अल मुतलक सैयदना कहलाते हैं।

‘भारत में बहुत हुसैन ओबामा हैं पकड़ने को’ : वामपंथी पत्रकार रोहिणी सिंह उड़ा रही थीं PM मोदी का मजाक, असम CM ने लताड़ा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने वामपंथी पत्रकार रोहिणी सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाने पर जमकर लताड़ा। रोहिणी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के हालिया बयान के आधार पर पीएम मोदी का मजाक उड़ाया था और कहा था कि क्या भावनाएँ आहत करने के मामले में गुवाहटी में ओबामा के खिलाफ एफआईआर हो रही है।

रोहिणी ने पोस्ट में लिखा, “क्या भावनाएँ आहत करने के मामले में गुवाहटी में ओबामा के खिलाफ एफआईआर हो रही है। क्या असम पुलिस ओबामा को किसी फ्लाइट से पकड़ने और गिरफ्तार करने के लिए वाशिंगटन जा रही है?”

अब यह तो स्पष्ट नहीं है कि रोहिणी सिंह ने अलग से अपने पोस्ट में केवल गुवाहटी पुलिस का ही नाम क्यों लिया। लेकिन उनके इस पोस्ट पर असम सीएम ने उन्हें करारा जवाब दिया है।

असम सीएम ने ट्वीट करते हुए कहा, “यहाँ कई हुसैन और ओबामा पहले से ही हैं। हमें वाशिंगटन जाने से पहले उनका ख्याल रखना चाहिए। असम पुलिस अपनी प्राथमिकताओं के हिसाब से ही कार्रवाई करेगी।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमीरीकी संसद में भाषण देने से पहले गुरुवार को ओबामा ने सीएनएन को एक इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में ओबामा पीएम मोदी के लिए बोल रहे थे कि हिन्दू बहुल भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा ध्यान देने योग्य है।

उन्होंने साक्षात्कार में बोला था, “पीएम मोदी को मैं अच्छे से जानता हूँ, अगर मेरी उनसे बात होती, तो मैं कहता कि अगर आप भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं करेंगे, तो इस बात की प्रबल संभावना है कि भारत किसी बिंदु पर बँटना होना शुरू कर देगा। हमने देखा है कि जब इस प्रकार के बड़े आंतरिक संघर्ष होने लगते हैं तो क्या होता है।”

केजरीवाल से कम नहीं जंतर-मंतर वाले पहलवान: बबीता फोगाट, पीटी उषा और अब योगेश्वर दत्त, जिनके भी सुर हुए अलग उनके मेडल खोटे

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के निवर्तमान अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ धरना देने वाली विनेश फोगाट ने अब ओलंपियन योगेश्वर दत्त पर हमला बोला है। विनेश आलोचना तो करती हैं, लेकिन शब्दों की मर्यादा भी भूल जाती हैं। भाजपा सांसद के बाद योगेश्वर के मामले में भी यह देखने को मिल रहा है। अगर दूसरे शब्दों में कहें तो ये पहलवान कुश्ती की अरविंद केजरीवाल साबित हो रही हैं।

जंतर मंतर पर अपनी मनमाफिक बात मनवाने के लिए धरना देने वाले पहलवानों ने जाट खाप पंचायतों से लेकर किसानों तक का सहयोग लिया। हालाँकि, उन्होंने पूरे मामले में जिसने भी सही बात की, उनके ऊपर ये लोग कीचड़ उछालने लगे। विनेश फोगाट ने दिल्ली पुलिस, IOA (भारतीय ओलंपिक संघ) के बाद अब योगश्वर दत्त पर भी यही कीचड़ उछालना शुरू कर दिया है।

दरअसल, IOA की एडहॉक कमिटी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले 6 पहलवानों- विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा  को ट्रायल में छूट दी है। इन पहलवानों को एशियन और ओलंपिक, दोनों चैंपियनशिप में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए सिर्फ ट्रायल के विजेताओं को हराने की जरूरत होगी।

इसी को लेकर योगेश्वर दत्त ने सवाल उठाया है। दत्त ने इसे कुश्ती के लिए काला दिन बताते हुए कहा, “सिर्फ यही 6 पहलवानों को ट्रायल में छूट देना मेरी समझ के बाहर है। बिना नियम देखे और बिना क्राइटेरिया बनाए लिया गया यह फैसला गलत है। तो जितने भी पहलवान हैं … लड़कियाँ हैं… अपनी आवाज जरूर उठाइए।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं ये नहीं कहता कि धरना कीजिए, प्रदर्शन कीजिए… लेकिन अपनी आवाज मीडिया के माध्यम से उठाइए, आप प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखिए, गृहमंत्री जी को पत्र लिखिए, खेलमंत्री अनुराग ठाकुर जी को पत्र लिखिए, IOA को पत्र लिखिए।”

योगेश्वर दत्त द्वारा सवाल उठाए जाने पर विनेश फोगाट भड़क गईं और ट्विटर पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने योगेश्वर दत्त को ना सिर्फ छवि का हनन करने की कोशिश की है, बल्कि उन्होंने भाषा की मर्यादा को खत्म करते हुए ‘तू-तड़ाक’ भी किया है। उन्होंने दत्त पर कई आरोप लगाए।

विनेश ने लिखा, “योगेश्वर दत्त का वीडियो सुना तो उसकी वह घटिया हँसी दिमाग़ में अटक गई। वह महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा था। जब कमेटी के सामने महिला पहलवान अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हँसने लगता। जब 2 महिला पहलवान पानी पीने के लिए बाहर आयीं तो बाहर आकर उनको कहने लगा कि कुछ ना हो बृजभूषण का। जाके अपनी प्रैक्टिस कर लयो।”

उन्होंने आगे लिखा, “एक दूसरी महिला पहलवान को बड़े भद्दे तरीक़े से बोला कि ये सब तो चलता रहता है। इसको इतना बड़ा इशू मत बनाओ। कुछ चाहिए हो तो मुझे बताओ। कमेटी की बैठक के बाद योगेश्वर ने महिला पहलवानों के नाम बृजभूषण और मीडिया को लीक कर दिए। उसने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन करके यह भी कहा कि अपनी लड़की को समझा लो। वह पहले ही सरेआम महिला पहलवानों के ख़िलाफ़ बयान दे रहा था, उसके बावजूद उसे दोनों कमेटियों में रखा गया।”

योगेश्वर पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए विनेश ने आगे कहा, “वह पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकता रहा। सारा कुश्ती जगत समझ गया था कि योगेश्वर बृजभूषण की थाली का झूठा खा रहा है। कुश्ती जगत को आपका बृजभूषण के तलवे चाटना हमेशा याद रहेगा। समाज में कोई भी अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है तो योगेश्वर ज़रूर उल्टियाँ करता है। पहले किसानों, जवानों, छात्रों, मुसलमानों, सिखों पर घटिया टिप्पणियाँ कीं और अब महिला पहलवानों को बदनाम करने में लगा हुआ है।”

दत्त को गद्दार बताते हुए विनेश ने आगे कहा, “समाज से ग़द्दारी के कारण ही दो बार चुनाव में औंधे मुँह गिरे हो तुम। मैं चैलेंज करती हूँ कि कभी ज़िंदगी में चुनाव नहीं जीतोगे, क्योंकि समाज ज़हरीले नाग से हमेशा सावधान रहता है और उसके कभी पैर नहीं लगने देता। महिला पहलवानों को तोड़ने में इतना ज़ोर मत लगाओ। ध्यान रखना कहीं ज्यादा जोर लगवाने से कमर न टूट जाए। रीढ़ तो पहले ही बृजभूषण के पैरों में रख चुके हो। तुम बहुत संवेदनहीन इंसान हो। ज़ालिम के हक़ में खड़े हो, उसकी चापलूसी कर रहे हो। जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौसले बुलंद रहेंगे।”

दरअसल, ये पहलवान उन सबको निशाना बना रही हैं, जो उनसे अलग राय रखता है। ये पहलवान उन्हें बृजभूषण शरण सिंह का आदमी बताकर तुरंत अपराधी घोषित कर देती हैं। ये वही पहलवान हैं, जिन्होंने धरना दिया कि बिना उनके FIR दर्ज कराए बृजभूषण सिंह को कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद से हटा दिया जाए। उस वक्त उन लोगों ने साफ कहा था कि वे एशियन या ओलंपिक चैंपियनशिप के लिए ट्रायल नहीं देंगी। यही उनकी प्रमुख माँग थी। इसका वीडियो भी सामने आया था।

दरअसल, बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया था कि विशेषाधिकार किसी को नहीं मिलेगा। सबको ट्रायल में अपनी-अपनी वेट कैटेगरी के पहलवान को हराना होगा। जो जीतेगा वही टीम में शामिल होगा। इसके खिलाफ पहलवान धरने पर बैठ गईं। बाद में उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया। इनमें एक आरोप एक नाबालिग लड़की के नाम पर था। हालाँकि, बाद में उस नाबालिग ने अपना बयान वापस लेते हुए साफ कर दिया कि उसने साथ बृजभूषण शरण सिंह ने कुछ नहीं किया और इन पहलवानों ने उस पर ऐसा करने के लिए दबाव बनाया।

दरअसल, धरनेबाज पहलवान चाहते थे कि POCSO एक्ट में बृजभूषण सिंह की तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी, उसके बाद कुश्ती संग वो अपने हिसाब से चलाएँगे। उन्होंने यहाँ तक माँग कर डाली थी कि कुश्ती संघ में बृजभूषण सिंह और उनका कोई भी आदमी चुनाव नहीं लड़ना चाहिए और ना ही इसमें मतदान करना चाहिए। धरनेबाज पहलवानों के अनुसार, पिछली बार खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ हुई मुलाकात में इस पर सहमति भी बनी है।

इन पहलवानों का साफ मानना है कि उनसे सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए। जो उनसे सवाल पूछेगा वो उनका विरोधी है, चाहे वह सरकार हो या खिलाड़ी। इन पहलवानों तो एक बार यहाँ तक आरोप लगा दिया था कि खेल मंत्री अनुराग ठाकुर बृजभूषण शरण सिंह को बचाव कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जब दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की तो इन पहलवानों ने साफ कह दिया कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर विश्वास नहीं है।

विनेश फोगाट ने कहा था, “हमारी माँग है कि उन्हें (बृजभूषण शरण सिंह को) जेल में डाला जाए। उन्हें हर एक पद से हटाया जाए। सांसद पद से भी इस्तीफा दें।” वहीं, प्रदर्शन कर रहे बजरंग पूनिया ने कहा था, “उनको (बृजभूषण सिंह को) तुरंत जेल मे डाला जाना चाहिए। हम पुलिस की FIR का इंतजार कर रहे हैं कि किन धाराओं में केस दर्ज होता है। हमारा फोन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नहीं उठाया।”

पहलवान साक्षी मलिक ने यहाँ तक कह दिया था कि जाँच में पहलवान दिल्ली पुलिस को सहयोग नहीं करेंगे और ना ही इस मामले में अपना बयान दर्ज कराएँगे। साक्षी ने कहा था, “हम अपना बयान सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराएँगे। उनको (बृजभूषण शरण सिंह) को जेल में डालने और सभी पदों से हटाने के बाद ही हमारा प्रदर्शन खत्म होगा।” 

पहलवानों की धरने और बयानबाजी को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। ओलंपिक संघ ने कहा था कि पहलवान धरना देकर भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने पहलवानों के धरने को अनुशासनहीनता बताया था।

इसके बाद पहलवान पीटी उषा पर भड़क गए थे। पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते।”

इतना ही नहीं, पीटी उषा जब इन पहलवानों से मिलने के लिए 3 मई 2023 को जंतर मंतर पर गईं तो उनके धक्का-मुक्की, खींचतान और बदतमीजी की गई। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में एक महिला थप्पड़ ताने नजर आती है और पीटी उषा बचने की कोशिश करती हुई दिख रही हैं। सुरक्षाबल ने बड़ी मुश्किल से उन्हें वहाँ से निकाला था।

इसी तरह, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के एक-एक गिरने के बाद पहलवान बौखला गए। साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत ने सामूहिक रूप से एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने एक कागज दिखाते हुए आरोप लगाया था कि उनके प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति भाजपा नेता बबीता फोगाट ने दिलाई थी। इसमें उन्होंने भाजपा नेता तीरथ राणा का भी नाम लिया था। इस दौरान साक्षी मलिक कॉन्ग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा का बचाव भी करती नजर आईं।

वीडियो सामने आने के बाद बबीता फोगाट ने दोनों के आरोपों को हास्यास्पद बताया था। बबीता ने पहलवानों पर आरोप लगाया कि वो अपने मामले में उन नेताओं का साथ ले रहे हैं जिन पर पहले से बलात्कार के केस चल रहे हैं। नए संसद भवन के उद्घाटन के दिन किए गए हंगामे और गंगा में मेडल बहाने जैसे प्रयासों को बबीता ने शर्मनाक कदम बताते हुए इसे देश की छवि को गिराने वाला काम बताया। उन्होंने पीएम पर भरोसा जताते हुए साक्षी और उनके पति पर कॉन्ग्रेस की कठपुतली बन जाने का भी आरोप लगाया। 

इस तरह, विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक जैसे पहलवानों ने अपने साथी खिलाड़ियों से लेकर IOA की प्रमुख को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया कि उन लोगों का बयान इन पहलवानों को पसंद नहीं आया। वहीं, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय मंत्री को इसलिए निशाना बनाया कि उन्होंने बृजभूषण सिंह को तुरंत गिरफ्तार करने की माँग की थी, जिस पर बिना आँख मूँदे अमल नहीं हुआ। इन तमाम कहानियों के बाद आखिरकार IOA की एडहॉक द्वारा उनकी वो सारे माँगें मान ली हैं, जिसको लेकर पहलवानों ने आरोप लगाए और अपने साथियों तक को निशाना बनाया। इसलिए सोशल मीडिया पर इन पहलवानों को रंग बदलने में सीएम केजरीवाल से भी दो कदम आगे बताया जा रहा है।

महिला को बारिश में भीगता छोड़ छाता ले भागे पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ, हो रही थूथू: वित्त मंत्री ने पत्रकार को मारा थप्पड़, Video वायरल

पाकिस्तान के नेता अक्सर अपनी उल-जुलूल हरकतों के कारण चर्चा में रहते हैं। वह कभी कोई विवादित बयान देकर सुर्खियाँ बटोरते हैं तो कभी कोई उटपटांग हरकत करके। ताजा उदाहरण की बात करें तो पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ फ्रांस जाकर महिला प्रोटोकॉल ऑफिसर से छाता छीनने की वजह से खबरों में हैं। वहीं पाकिस्तान के वित्त मंत्री तो पत्रकार को सवाल पूछने पर झापड़ मारने के लिए चर्चा में हैं।

पीएम शहबाज शरीफ ने छीना महिला से छाता

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि फ्रांस के पेरिस में न्यू ग्लोबल फाइनेंशियल पैक्ट के कार्यक्रम में शामिल होने गए शहबाज शरीफ के पास प्रोटोकॉल ऑफिसर छाता लेकर आई लेकिन शहबाज ने महिला ऑफिसर से उसका छाता छीना और खुद आगे-आदे बढ़ आए। वहीं महिला ऑफिसर भारी बारिश में भीगती रही। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब पाकिस्तानी ही अपने पीएम को भला-बुरा सुना रहे हैं।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने मारा पत्रकार को झापड़

अगला मामला है वित्त मंत्री इशाक डार से जुड़ा हुआ। दरअसल, पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार से एक पत्रकार आईएमएफ के पैकेज से जुड़ा सवाल पूछ रहा था। लेकिन वित्त मंत्री जवाब देने की बजाय हाथा-पाई में उतर आए। घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें साफ दिखाई दे रहा है कि इशाक डार सवालों से खीझ खाकर पत्रकार को थप्पड़ मार रहे हैं। वीडियो ऐसे समय का है जब वह एक बिल्डिंग की सीढ़ियों से उतरते हैं और पत्रकार उनसे सवाल करता है।

इसी पर इशाक सीधा जवाब देने की बजाय कहते हैं- “जब तक तुम जैसे लोग सिस्टम में है जब तक लोन नहीं मिलेगा।” इस पर पत्रकार कहता है कि वो तो पत्रकार हैं सिस्टम में नहीं बस इसी बात पर इशाक उसे थप्पड़ मार देते हैं। इस संबंध में रिपोर्टर ने भी बयान जारी किया है। उसने बताया कि उसने सिर्फ आईएमएफ पर सवाल किया था। लेकिन इशाक डार ने उनको थप्पड़ मार दिया और अपने गार्डों से ये भी कहा कि पीछा करके उन्हें सबक सिखाएँ। कुरैशी ने बाद में सेफ जगह आकर घटना पर वीडियो बनाई और पूरी घटना के बारे में सामने आकर बताया।

टीम इंडिया में बिहार के मुकेश कुमार, अजिंक्य रहाणे बने टेस्ट के उप कप्तान: वेस्टइंडीज टूर के लिए नामों की घोषणा, यशस्वी जायसवाल को भी मौका

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए BCCI ने टीम इंडिया का ऐलान किया है। इस ऐलान के साथ ही सीनियर खिलाड़ियों को आराम देने की खबरों पर भी विराम लग गया। IPL में शानदार प्रदर्शन के चलते यशस्वी जायसवाल और मुकेश कुमार को पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली है। 

एशिया कप से पहले वेस्टइंडीज दौरे को टीम इंडिया के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के लिए टेस्ट और वनडे टीम की कमान रोहित शर्मा के हाथों में ही रहेगी। वहीं, WTC फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते अजिंक्य रहाणे को टेस्ट टीम का उपकप्तान बनाया गया है। वनडे टीम की उप कप्तानी हार्दिक पांड्या को सौंपी गई है। 

दो नए चेहरे

पहले घरेलू क्रिकेट और फिर IPL में तूफानी पारी खेल फैंस का दिल जीतने वाले यशस्वी जायसवाल को पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली है। उन्हें टेस्ट टीम में शामिल किया है। इससे पहले WTC के फाइनल में भी उन्हें स्टैंडबाय के रूप में शामिल किया गया था। इसके अलावा, नए चेहरे के रूप में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार को भी पहली बार टीम इंडिया में शामिल किया गया है। मुकेश को वनडे और टेस्ट दोनों टीमों में जगह मिली है।

मुकेश कुमार को मिला ‘लेडी लक’

मुकेश कुमार बिहार के गोपालगंज जिले के काकड़कुंड गाँव के रहने वाले हैं। आईपीएल 2023 में दिल्ली कैपिटल्स ने 5.50 करोड़ रुपए की बोली लगाते हुए मुकेश को ख़रीदा था। उन्होंने IPL 2023 के 10 मैचों में 10.52 की इकोनॉमी के साथ 7 विकेट हासिल किए थे। मुकेश कुमार की हाल ही में सगाई हुई है। इसके बाद अब उन्हें यह बड़ी खुशखबरी मिल गई है। टीम इंडिया में उनके सलेक्शन को नेटीजेन्स लेडी लक के रूप में भी देख रहे हैं।

चेतेश्वर पुजारा, उमेश यादव बाहर

चेतेश्वर पुजारा और उमेश यादव लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म चल रहे हैं। WTC के फाइनल में भी दोनों खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर सके थे। यही कारण है कि बीसीसीआई ने पुजारा और उमेश को बाहर का रास्ता दिखाया है। वहीं, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी आराम दिया गया है। संजू सैमसन, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल की टीम में वापसी हुई है।

भारत का वेस्टइंडीज दौरा

वेस्टइंडीज दौरे पर टीम इंडिया टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर कुल 10 मैच खेलेगी। पहला टेस्ट मैच 12 जुलाई और दूसरा टेस्ट मैच 20 जुलाई से खेला जाएगा। तीन वनडे मैचों की सीरीज की शुरुआत 27 जुलाई से शुरू होगी। वहीं, 5 मैचों की टी20 सीरीज 3 अगस्त से 13 अगस्त के बीच खेली जाएगी।

टीम इंडिया की टेस्ट टीम कुछ इस प्रकार है: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, यशस्वी जयसवाल, अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), केएस भरत (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार, जयदेव उनादकट और नवदीप सैनी।

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैचों की लिए टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या (उप-कप्तान), शार्दुल ठाकुर, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जयदेव उनादकट, मोहम्मद सिराज, उमरान मलिक और मुकेश कुमार।

आदि शंकराचार्य से लेकर सावरकर तक, 50 महापुरुषों की जीवनी पढ़ेगे UP बोर्ड के छात्र: पास करना भी अनिवार्य, CM योगी ने पूरा किया सिलेबस में बदलाव का वादा

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी बोर्ड के सिलेबस में बड़ा बदलाव किया है। कक्षा 9-12 के छात्रों को अब देश के 50 हस्तियों की जीवनगाथा पढ़ाई जाएगी। इसमें महर्षि पतंजलि से लेकर आदि शंकराचार्य, महावीर जैन, गुरुनानक देव, छत्रपति शिवाजी महाराज, मंगल पांडेय, बिरसा मुंडा, रानी लक्ष्मीबाई, चन्द्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल और एपीजे अब्दुल कलाम तक के नाम शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन तमाम हस्तियों की जीवनी नैतिक शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और योग के विषयों में शामिल किया जाएगा। ये विषय सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होंगे। यही नहीं, छात्रों के लिए इन विषयों में पास होना भी जरूरी होगा। हालाँकि बोर्ड परीक्षा यानी 10वीं और 12वीं के छात्रों की मार्कशीट में इन विषयों के नंबर नहीं जोड़े जाएँगे। जुलाई 2023 से स्कूल खुलने के बाद नए सिलेबस के तहत पढ़ाई होगी।

बता दें कि इन 50 हस्तियों के नामों की सूची पहले ही सरकार को भेजी जा चुकी थी। सरकार की मंजूरी के बाद अब ये हस्तियाँ सिलेबस का भी हिस्सा होंगी। यूपी बोर्ड के 27 हजार से अधिक सरकारी तथा सरकार द्वारा सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9-12 तक के 1 करोड़ से अधिक छात्र इन महापुरुषों की जीवनी पढ़ेंगे।

किस कक्षा में क्या पढ़ेंगे छात्र

यूपी बोर्ड के कक्षा 9 के छात्र गौतम बुद्ध, छत्रपति शिवाजी महाराज, चंद्रशेखर आजाद, बिरसा मुंडा, बेगम हजरत महल, वीर कुंवर सिंह, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, ज्योतिबा फुले, विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर), विनोबा भावे, श्रीनिवास रामानुजन और जगदीश चंद्र बोस की जीवन गाथा पढ़ेंगे।

वहीं, कक्षा 10 के सिलेबस में स्वामी विवेकानंद, मंगल पांडे, रोशन सिंह, सुखदेव, खुदी राम बोस, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, मोहन दास करमचंद गाँधी की जीवनी को जोड़ा गया है।

कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए महर्षि पतंजलि, सुश्रुत, महावीर जैन, राम प्रसाद बिस्मिल, भगत सिंह, भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, महामना मदन मोहन मालवीय, अरविंद घोष, राजा राम मोहन रॉय, सरोजिनी नायडू, नाना साहिब और डॉ होमी जहाँगीर भाभा को सिलेबस में शामिल किया गया।

इसके अलावा, कक्षा 12वीं के सिलेबस में आदि शंकराचार्य, गुरु नानक देव, रामकृष्ण परमहंस, गणेश शंकर विद्यार्थी, राजगुरु, रवींद्रनाथ टैगोर, लाल बहादुर शास्त्री, रानी लक्ष्मी बाई, महाराणा प्रताप, बंकिम चंद्र चटर्जी,  डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, रामानुजाचार्य, पाणिनी, आर्यभट्ट और सीवी रमन की जीवन गाथा शामिल की गई।

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में पाठ्यक्रम में बदलाव करने का वादा किया था। साथ ही कहा था कि चन्द्रशेखर आजाद, रामकृष्ण परमहंस समेत अन्य महापुरुषों को सिलेबस में जगह दी जाएगी। इस वादे को पूरा करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी बोर्ड के सिलेबस में बदलाव किया है।