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देश की इकोनॉमी से 500 रुपए के करोड़ों नोट हुए गायब? : वायरल दावे का जानें सच, RBI ने खुद बताया

सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ प्लेटफार्म पर भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबर तेजी से वायरल हो रही है। RTI का आधार बना कर बनी इस खबर में दावा किया जा रहा है कि कुल 88 हजार करोड़ रुपए के नोट गायब हैं। गायब हुए सभी नोट का मूल्य 500 रुपए बताया जा रहा है। कॉन्ग्रेस पार्टी सहित तमाम अन्य लोगों ने इस खबर को अपने-अपने एंगल से ट्वीट किया है। हालाँकि अब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने सफाई देते हुए इन खबरों को आधारहीन और भ्रामक बताया है।

कॉन्ग्रेस सेवा दल ने 17 जून 2023 (शनिवार) को फ्री प्रेस जर्नल का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस स्क्रीनशॉट में 500 रुपए के नोटों के गायब होने को रहस्य बताते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया गया है। कॉन्ग्रेस सेवा दल ने अपने इस ट्वीट में लिखा, “88 हज़ार करोड़ रुपए कीमत के 500 रुपए के नोट छपने के बाद से गायब हैं। न आरबीआई इस बारे में कुछ बोल रहा है न वित्त विभाग। इतने बड़े घोटाले के बाद भी केंद्र सरकार के सिर पर जूँ तक नहीं रेंग रही।”

इसके अलावा TV9 भारतवर्ष ने इसकी हेडलाइन के तौर पर “कहाँ ‘लापता’ हुए 500 रुपए के नोट? 88 हजार करोड़ का नहीं मिल रहा कोई हिसाब।” दिया। न्यूज़ 24 द्वारा इस खबर का शीर्षक ‘8 हजार करोड़ रुपए की कीमत के ₹500 के नोट गायब’ नाम से दिया गया। इन तमाम लोगों के अलावा मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी, आम आदमी पार्टी के राम गुप्ता, राजद युवा मोर्चे के सोशल मीडिया इंचार्ज अलोक चिक्कू ने इस खबर पर अपने-अपने हिसाब से तंज कसा।

RBI ने बताया सच

इन खबरों के वायरल होने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने 17 जून 2023 (शनिवार) को पत्र जारी कर के मामले की सच्चाई बताई है। RBI के मुताबिक 500 रुपए के नोटों के बारे में वायरल हो रहीं खबरें सही नहीं हैं। इन खबरों को RBI ने RTI से मिली जानकारी की गलत व्याख्या का परिणाम बताया है। पत्र में आगे कहा गया है कि रिजर्व बैंक छापे गए नोटों का लेखा-जोखा सही ढंग से रखता है। रिजर्व बैंक के मुताबिक छपने वाले नोटों, उनके स्टोरेज और उनके बाँटने आदि का एक मजबूत प्रोटोकॉल होता है। RBI के चीफ जनरल मैनेजर योगेश दयाल ने अंत में लोगों से समय-समय पर जारी होने वाली सूचनाओं पर विश्वास करने की अपील की है।

बता दें कि मनोरंजन रॉय नाम के एक कार्यकर्ता ने आरटीआई जवाब का हवाला देते हुए दावा किया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था से ₹88,032.5 करोड़ मूल्य के ₹500 के नोट गायब हो चुके हैं। आरटीआई के आँकड़ों में दावा किया गया है कि तीन टकसालों ने कुल 8,810.65 मिलियन नए डिजाइन वाले 500 रुपए के नोट जारी किए थे। लेकिन RBI ने केवल 7,260 मिलियन नोट ही प्राप्त हुए। इसी आरटीआई के आधार पर कॉन्ग्रेस से लेकर अन्य पार्टियों ने 500 रुपए के नोट गायब होने का दावा किया।

बंगाल में अब BJP प्रत्याशी के देवर की हुई हत्या, ममता बनर्जी की पार्टी पर लगा आरोप: TMC विधायक बोले- उसे मारने से कोई फायदा नहीं था

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के मतदान से पहले जारी हिंसा के बीच कूचबिहार में बीजेपी प्रत्याशी की देवर की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान संभू दास के रूप में हुई है। मृतक के परिवार का कहना है कि कुछ बदमाशों ने शनिवार (17 जून 2023) की रात उन्हें बुलाया और चाकू मारकर हत्या कर दी।

संभू दास की भाभी विशाखा दास पंचायत चुनाव में किस्मत दासग्राम से भाजपा की उम्मीदवार हैं। कूचबिहार के दिनहाटा में मृतक का शव नदी के किनारे से बरामद किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भाजपा ने हत्या का आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पर लगाया है।

पुलिस के अनुसार, “रविवार (18 जून 2023) की सुबह हमें सूचना मिली कि एक शव खेत के पास पड़ा हुआ है, जिस पर चाकुओं के घाव हैं। मृतक की पहचान 28 वर्षीय संभू दास के रूप में हुई। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची और शव को बरामद किया। उसे एक अस्पताल में भेजा गया है, जहाँ जाँच चल रही है।”

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेता उदयन गुहा ने कहा, “बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि इस हत्या में टीएमसी कार्यकर्ता शामिल हैं। अगर बंगाल की सड़कों पर कुत्ते या लोमड़ी की भी लाश मिलती है तो बीजेपी टीएमसी को दोष देगी।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उदयन गुहा ने आगे कहा, “संभू दास की हत्या के पीछे क्या मकसद हो सकता है? अगर किसी को मारने की जरूरत थी तो वह उसकी भाभी या उसका भाई हो सकता था। टीएमसी को बीजेपी प्रत्याशी के देवर की हत्या करने से कोई फायदा नहीं है।”

गुहा ने आगे कहा, “संभू का राजनीति से कोई संबंध नहीं था। वह एक शिक्षक था। हमें पता चला है कि उसकी हत्या एक महिला से जुड़ी है। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी माँ को हम जानते हैं।” वहीं, भाजपा ने कहा कि वह नामांकन में अपनी भाभी के प्रस्तावक थे, इसलिए उनकी हत्या की गई।

बता दें कि इसी दिनहाटा में शनिवार (17 जून 2023) को केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता निशीथ प्रमाणिक के काफिले पर हमला किया गया था। इस हमले में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए थे। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा था कि उदयन गुहा ने यह हमला करवाया है। उन्होंने काफिले पर बम फेंकने का आरोप लगाया था।

‘भारत का अपमान करने वालों पर आता है बहुत गुस्सा…’: यूके पर भड़के विदेश मंत्री एस जयशंकर, तिरंगे की बेअदबी पर बोले- सुरक्षा सख्त होनी चाहिए

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 19 मार्च 2023 को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब लोग भारत का सम्मान नहीं करते हैं तो यह बात उन्हें बहुत परेशान करती है। उन्होंने भारत की विदेश नीति और चुनौतियों को लेकर भी चर्चा की।

द रणवीर शो‘ नाम के पॉडकास्ट पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा, “लंदन में मैं अभी विमान से उतरा था। उस दौरान मैंने एक आदमी को भारतीय उच्चायोग पर चढ़ते के बारे में जाना। वह झंडे को नीचे खींचने की कोशिश कर रहा था … इससे मैं बहुत परेशान हो गया।”

उन्होंने कहा, “जब लोग नाम या प्रशंसा पाने की कोशिश करते हैं तो मैं इसे टाल देता हूँ। जब ‘मैं’ पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन मैं ‘मैं’ नहीं, बल्कि ‘इंडिया’ हूँ… यह भाव कि आपको कोई सम्मान नहीं दे रहा और लोग आपको नीचा दिखा रहे हैं, कभी-कभी आपके लिए घातक हो जाता है।”

इससे पहले जयशंकर ने कहा था कि भारत सुरक्षा के अलग-अलग मानकों को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम पर मिशन के राजनयिकों को सुरक्षा प्रदान करने के दायित्व को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया। आमतौर पर जहाँ उच्चायोग या वाणिज्य दूतावास होता है, उसकी सुरक्षा की अपेक्षा उस देश से की जाती है।”

बंगलुरु के भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा आयोजित एक रैली में जयशंकर ने कहा था, “जब भी कोई देश विदेश में कहीं भी अपना दूतावास भेजता है, तो यह उस देश का दायित्व बन जाता है कि वहाँ काम करने वाले राजनयिकों को वह सुरक्षा प्रदान करे। दूतावास या उच्चायोग या वाणिज्य दूतावास और उनके परिसर का सम्मान सुनिश्चित करना उस देश का दायित्व है। यूके में इन दायित्वों को पूरा नहीं किया गया।”

बता दें कि इस घटना का असली सूत्रधार और नामित आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) का प्रमुख अवतार सिंह खांडा था। खांडा की 15 जून 2023 को यूके के बर्मिंघम के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई। कहा गया कि उसे ब्लड कैंसर था। खुद को यूके का सबसे बड़ा सिख संगठन बताने वाले सिख फेडरेशन यूके ने भी कैंसर से मौत की बात कही थी।

अवतार सिंह खांडा शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और वरिष्ठ अधिवक्ता राजविंदर सिंह बैंस को मारने की साजिश में वांछित था। वह यूके में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था, जो केएलएफ के नाम से ब्रिटेन और अन्य देशों में सक्रिय है।

कटी-फटी जींस, छोटी स्कर्ट, हाफ पैंट… शिमला के जैन मंदिर में सब बैन: बोर्ड पर लिखा- मर्यादित कपड़े पहनकर ही यहाँ प्रवेश करें

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित एक जैन मंदिर में महिलाओं और पुरुषों का छोटे कपड़ों में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। इन छोटे कपड़ों में हाफ पैंट, मिनी स्कर्ट, फ्रॉक आदि शामिल हैं। दिगंबर जैन सभा के इस आदेश का बाकायदा बोर्ड बना कर मंदिर के आगे टाँग दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने अपने इस कदम को संस्कृति बचाने के लिए उठाया गया कदम बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मंदिर शिमला के मिडल बाजार क्षेत्र में स्थित जैन मंदिर द्वारा लागू किया गया है। आदेश वाले बोर्ड पर जय जिनेन्द्र के साथ सबसे ऊपर ध्यान देने की अपील की गई है। नीचे लिखा, “सभी महिलाएँ और पुरुष मंदिर में मर्यादित वस्त्र पहन कर ही आएँ। छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटे-फ़टे जींस, फ्रॉक एवं थ्री क्वटर जींस आदि पहन कर आने पर बाहर से ही दर्शन कर सहयोग करें।” बोर्ड के नीचे निवेदक के तौर पर श्री दिगंबर जैन सभा शिमला लिखा हुआ है।

इस आदेश के बारे में मंदिर के पुजारी संजय जैन ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि लोग अपनी संस्कृति भूलते जा रहे हैं। इसके उदहारण के तौर पर उन्होंने महिलाओं द्वारा सिर पर पल्लू आदि न करने की बात कही। संजय जैन ने कई पुरुषों पर भी मंदिर के अंदर अमार्यादित ढंग से घुसने का आरोप लगाया है। बकौल संजय जैन ऐसी हरकतों से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती है। फिलहाल पुजारी संजय द्वारा श्रद्धा भाव को देखते हुए ही दर्शन करवाने की जानकारी दी गई है।

संजय जैन का कहना है कि अमर्यादित कपड़ों में मंदिर में प्रवेश सिर्फ शिमला नहीं बल्कि पूरे देश की समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर के अंदर विश्व कलयाण और शाँति की कामना होती है और जहाँ ऐसी प्रार्थना हो तो वहाँ मर्यादा का पालन होना चाहिए। पुजारी ने सभी सनातनी मंदिरों में मर्यादित वस्त्रों की माँग की है। बताते चलें कि पिछले महीने मई 2023 में बॉलीवुड अदाकारा कंगना रनौत ने छोटे कपड़ों में मंदिर जाने वाली लड़कियों के फोटो शेयर करते हुए उन्हें सलीके से रहने की सलाह दी थी।

‘बंगाल में पूर्व TMC कार्यकर्ताओं ने ही की TMC नेता की हत्या’ : मस्जिद से लौटते समय मुस्तफा को पीट-पीटकर मारा, कॉन्ग्रेस का अब्दुल मन्नान हिरासत में

पंचायत चुनाव की प्रक्रिया से गुजर रहे पश्चिम बंगाल (West Bengal Panchayat Election) जारी हिंसा के बीच सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक उम्मीदवार की हत्या कर दी गई है। शनिवार (17 जून 2023) को कुछ बदमाशों ने मालदा जिले में मुस्तफा शेख को पीट-पीटकर कर मार डाला। मृतक के परिजनों ने इसके लिए कॉन्ग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है।

घटना मालदा जिले के कालियाचक में हुई है। पंचायत चुनावों में TMC का उम्मीदवार मुस्तफा शेख अपने घर जा रहा था। इसी दौरान सूजापुर में घेरकर उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी गई। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। मालदा पुलिस ने कहा कि इस मामले में प्रारंभिक जाँच के बाद 48 वर्षीय आरोपित अब्दुल मन्नान को हिरासत में लिया गया और मामले की आगे की जाँच की जा रही है।

टीएमसी की स्थानीय विधायक शबीना यास्मीन ने इलाके का दौरा किया। उन्होंने कहा कि शेख की बीवी सुजापुर पंचायत की प्रधान थीं और उन पर हमला करने वाले टीएमसी के पूर्व कार्यकर्ता थे, जो बाद में कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पंचायत चुनावों में टिकट नहीं दिया गया था। इसलिए उन पर हमला किया गया।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने इस तरह के आरोपों से इनकार किया है। मालदा जिला कॉन्ग्रेस के एक नेता ने कहा, “हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। हत्या टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह के कारण हुई है। इसका हमसे कोई लेना-देना नहीं है।” बता दें कि मालदा मुस्लिम बहुल जिला है और इसे कॉन्ग्रेस का गढ़ माना जाता है।

टीएमसी नेता और बंगाल सरकार में राज्यमंत्री यास्मीन ने कहा कि यह राजनीतिक हत्या है। इस मामले में राज्य चुनाव आयोग ने जिले के कलेक्टर से रिपोर्ट माँगी है। वहीं, इस हत्या के बाद तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और सड़कों को जाम कर दिया।

बताते चलें कि दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में नामांकन दाखिल करने के दौरान TMC और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। भांगर में हिंसा के दौरान दो की मौत हो गई, जबकि उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में एक माकपा कार्यकर्ता की मौत हो गई। इस तरह राज्य के विभिन्न जगहों में कम-से-कम छह लोगों की मौत हो गई है।

‘हमारी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं, खापें हमें माफ कर दें’: साक्षी मलिक का वीडियो, बताया- चंद्रशेखर रावण और सत्यपाल मलिक ने दिया सपोर्ट

कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन करने वालों में शामिल पहलवान साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादियान का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में पहलवानों ने कहा है कि उनका आंदोलन सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि बृजभूषण के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने कहा है कि नाबालिग महिला पहलवान के घरवालों को धमकाया जा रहा था। इसलिए उसने अपने बयान बदले हैं।

सत्यव्रत कादियान ने कहा है, “हमने बार-बार यह कहा है कि हमारी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं है। हमारी लड़ाई रेसलिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट के खिलाफ है, क्योंकि उसने जो भी शोषण किया है वो पद पर रहने के दौरान किया है।” उन्होंने कहा है कि हमारी लड़ाई सरकार से वैसे भी नहीं हो सकती है, क्योंकि बृजभूषण शरण सिंह भी सत्ताधारी दल से है। साथ ही जिन लोगों ने आंदोलन की अनुमति ली, वो भी बीजेपी के ही नेता हैं। पहलवानों ने दावा किया है कि भाजपा नेता तीर्थ राणा और बबीता फोगाट ने आंदोलन की अनुमति ली थी। उन्होंने परमीशन लेटर भी दिखाया है, जिसमें राणा और बबीता का नाम देखा जा सकता है।

सत्यव्रत ने आगे कहा है, “हमारे ऊपर आरोप लगा कि हमारा आंदोलन राजनीति से प्रेरित है। ऐसा कहा गया कि कॉन्ग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने हमें इसके लिए उकसाया है। यह सबको पता है कि हम जनवरी में पहली बार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए आए थे। इस प्रदर्शन की परमिशन बीजेपी के दो नेताओं से ली थी। हमारे पास इसका सबूत भी है। ऐसे में यह कैसे हो सकता है कि आंदोलन कॉन्ग्रेस नेताओं ने कराया हो।” 

कादियान ने आगे कहा है कि कुश्ती से जुड़े 90 फीसदी लोगों को पता था कि फेडरेशन के अंदर ये सब चल रहा है। कुछ लोगों ने यह देखा भी था और मीडिया में इसका सबूत भी पेश किया गया। उन्होंने कहा, “कई लोग इसके खिलाफ आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन पहलवानों के बीच एकता की कमी थी। अगर किसी ने अकेले ही आवाज उठाने की कोशिश की तो यह बात फेडरेशन के प्रेसिडेंट तक पहुँच जाती थी। इसके बाद उस शख्स के करियर में दिक्कत आनी शुरू हो जाती थी।”

साक्षी मलिक ने कहा, “हमारे ऊपर दूसरा आरोप यह भी था कि हम इतने समय तक चुप क्यों थे। इसके कई कारण हैं। सबसे पहली बात यह कि एकता की कमी थी। दूसरा कारण रही वो नाबालिग लड़की, जिसने कई बार अपने बयान बदले क्योंकि उसके परिवार को डराया, धमकाया गया। ऐसे में कोई अकेले-अकेले आवाज कैसे उठाता।”

उन्होंने कहा कि कुश्ती में आने वाले सभी खिलाड़ी बहुत गरीब परिवार से होते हैं। इन लोगों में हिम्मत नहीं होती कि इतने पावरफुल शख्स के खिलाफ आवाज उठा सकें। आपने यह महसूस किया होगा कि देश के टॉप रेसलर्स ने आवाज उठाई और उन्हें किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कादियान ने यह भी दावा किया है कि जब पहलवान हरिद्वार में मेडल बहाने गए थे। तब वहाँ एक व्यक्ति बजरंग के पास आया और उसे साइड में ले गया। वहाँ उसने बजरंग से कहा कि तुम्हारे मुद्दे पर ऊपर बात चल रही है। मेडल विसर्जित मत करो। उसने 7 बजे तक बजरंग को रोके रखा। इसके बाद वहाँ भीड़ जुट गई और ऐसा माहौल बना कि अगर मेडल बहाने जाते तो वहाँ हिंसा हो जाती। इसलिए पहलवानों ने फैसला बदल लिया।

सत्यव्रत कादियान ने कहा है कि 28 तारीख को महिला पहलवानों के साथ जो व्यवहार हुआ, वो पूरे देश ने देखा है। कैसे उन्हें घसीटा गया और कैसे जबरदस्ती अरेस्ट किया गया। हमने कोई कानून नहीं तोड़ा था और न ही किसी कानून का उल्लंघन किया था। इसके बावजूद पुलिस की ओर से हमारे साथ बर्बर व्यवहार किया गया।

उन्होंने कहा, “हम यह भी साफ कर देना चाहते हैं कि 28 मई की जो महिला सम्मान महापंचायत थी वो हमारी ओर से नहीं बुलाई गई। यह हमारे खाप चौधरियों ने दी थी। हमें तो यह बाद में पता चला कि 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन भी है। हमने अपने बड़े-बुजुर्गों के आदेश का पालन किया।”

इस वीडियो में पहलवानों ने ये भी कहा, “हमें सुनने में आ रहा है कि कई खापें हमसे नाराज हैं। मेरी सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि हमसे जो गलती हुई है, उसे माफ कर दो। संयुक्त किसान मोर्चा, भाई चंद्रशेखर रावण, सत्यपाल मलिक, महिला संगठनों, छात्र संगठनों का दिल से धन्यवाद। तीरथ राणा और बबिता फोगाट का भी धन्यवाद, जिन्होंने पहलवानों को आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और सरकार से बात कराई।”

वहीं बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद पहलवान विनेश फोगाट की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। विनेश ने ट्विटर पर ‘सुनो द्रोपतीशस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आएँगे’ कविता शेयर की है। 

किसी ने बियर बोतल से काटी कलाई, किसी की बजरंग बली की सीट पर बैठने को लेकर पिटाई, कहीं थिएटर में तोड़फोड़: ‘आदिपुरुष’ के पोस्टर का खून से तिलक

फिल्म ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) विवादों में घिरी है। किरदारों की वेशभूषा से लेकर संवाद तक पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर 16 जून 2023 को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले ही दिन 140 करोड़ रुपए की कमाई भी कर ली है। इन सबके बीच कहीं प्रभाष के फैन खून से इस फिल्म के पोस्टर का तिलक कर रहे हैं तो कहीं फिल्म की आलोचना करने वाले की पिटाई। एक थिएटर में भी तोड़फोड़ की घटना हुई है।

सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो में प्रभास का एक फैन बियर की बोतल से अपनी कलाई काटता दिख रहा है। उसी खून से वह ‘आदिपुरुष’ के पोस्टर पर प्रभास के माथे पर तिलक लगाता है। प्रभास ने इस ​फिल्म में ‘राघव’ का किरदार निभाया है। यह वीडियो कहाँ का है यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन पोस्टर की भाषा देखकर वीडियो के आंध्र प्रदेश या तेलंगाना से होने के अटकलें लग रही है। वीडियो में कई लोग पोस्टर के सामने ढोल नगाड़ों की थाप के बीच नाचते, नारियल फोड़ते और प्रभास को माला पहनाते भी दिख रहे हैं।

आदिपुरुष के मेकर्स ने फिल्म के प्रदर्शन के दौरान थिएटर में एक सीट हनुमान जी के लिए रखने की बात कही थी। हैदराबाद में इस सीट पर बैठने के कारण एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया। वायरल वीडियो में ‘आदिपुरुष’ की स्क्रीनिंग के दौरान बजरंग बली के लिए आरक्षित सीट पर एक युवक के बैठने पर वहाँ मौजूद लोग उसकी पिटाई करते दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो हैदराबाद के बृह्मरंभा सिनेमाघर का है।

इसके अलावा, तेलंगाना के संगारेड्डी में स्थित ज्योति सिनेमाघर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी खराबी के चलते सिनेमाघर में ‘आदिपुरुष’ की स्क्रीनिंग शुरू होने में देरी हो रही थी। इससे गुस्साए लोगों ने सिनेमाघर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस घटना से सिनेमाघर के खिड़की, दरवाजों व अन्य जगह पर लगे शीशे टूट गए।

हैदराबाद के IMAX थिएटर के बाहर आदिपुरुष फिल्म की बुराई करने पर प्रभास के फैन ने एक युवक को पीट डाला। घटना वीडियो में कैद है। देख सकते हैं कि आदिपुरुष देखने के बाद युवक मीडिया में अपनी राय दे रहा था कि तभी प्रभास के फैन ने उससे बहस करनी शुरू कर दी। ये बहस धीरे-धीरे झड़प में बदल गई।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, लड़का अपने रिव्यू में कह रहा था, “मेकर्स ने फिल्म में प्लेस्टेशन गेम्स के सभी मॉनस्टर्स को रख लिया है। हनुमान, बैकग्राउंड स्कोर और कुछ 3D शॉट्स को छोड़ दें तो इस फिल्म में कुछ भी नहीं है।’” प्रभास की एक्टिंग पर उन्होंने कहा कि ये गेटअप उन्हें बिलकुल सूट नहीं किया, वह बाहुबली में एक राजा जैसे थे, उसमें रॉयलटी थी। उनका ये गुण देखकर ओम राउत ने उन्हें लिया, लेकिन प्रभास को सही से पेश नहीं कर पाए।

Prabhas fans beating up a guy because he gave negative review of Adipurush
by u/humanbeing3333 in BollyBlindsNGossip

इस टिप्पणी के बाद प्रभास के फैन ने उस युवक से थिएटर के बाहर बहस शुरू कर दी और गुस्से में बात करने लगे। बता दें कि आदिपुरुष की रिलीज के बाद कोई भी इस फिल्म को देखकर खुश नजर नहीं आ रहा है। हिंदू सेना ने इस फिल्म से आपत्तिजनक दृश्यों को हटवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी डाल दी है। आदिपुरुष को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि फिल्म मेकर्स ने केवल इस फिल्म को बनाकर 600 करोड़ रुपए बर्बाद किए हैं। फिल्म का न तो वीएफएक्स अच्छा है और न ही डायलॉट और सीन। इतना ही नहीं फिल्म पर हिंदू संस्कृति से छेड़छाड़ करने के भी आरोप लग रहे हैं। कुछ वीडियो भी सामने आई हैं जिसमें नाराज हिंदू थिएटर में तोड़फोड़ कर रहे हैं। हालाँकि ये वीडियो कहाँ की है अभी इसका पता नहीं चल पाया है।

गला रेता, गोली मारी, बच्चों के हॉस्टल में लगा दी आग… 41 की मौत: ISIS से जुड़े आतंकी संगठन ने युगांडा के स्कूल पर किया हमला

पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा के एक स्कूल पर हुए आतंकी हमले में 41 लोगों की मौत हो गई। इनमें 38 छात्र हैं। 8 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 6 छात्रों को आतंकियों ने अगवा कर लिया है। ISIS से जुड़े आतंकी संगठन ADF ने बच्चों के हॉस्टल में भी आग लगा दी। घटना शुक्रवार (16 जून 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने पश्चिम युगांडा में कांगो सीमा के पास एमपोंडवे कस्बे के लुबिरिहा स्कूल पर हमला किया। एमपोंडवे के महापौर सेलवेस्ट मोपेज ने कहा है कि मरने वालों में एक गार्ड, दो स्थानीय लोग व शेष छात्र हैं। आतंकियों ने कुछ लोगों का गला धारदार हथियारों से काट दिया। वहीं कुछ को गोली मारी गई। हॉस्टल में आग लगाए जाने के कारण भी कई लोगों की मौत हो गई।

CNN ने युगांडा की सेना के हवाले से कहा है कि इस्लामी आतंकी संगठन ISIS से जुड़े एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (ADF) के करीब 20 आतंकियों ने स्कूल पर हमला किया था। हमले के वक्त स्कूल में 62 लोग मौजूद थे। अब तक 41 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

ADF के आतंकियों ने स्कूल में हमला करने और बच्चों समेत अन्य लोगों की हत्या करने के बाद 6 छात्रों का अपहरण कर लिया। पुलिस को संदेह है कि सभी आतंकी कांगो के विरुंगा नेशनल पार्क में छिपे हो सकते हैं। पुलिस और सेना ने स्थानीय लोगों से भी आतंकियों की मदद करने वालों की निशानदेही व आतंकियों की पहचान में मदद करने की अपील की है।

बता दें कि इससे पहले ADF के आतंकियों ने अप्रैल में भी एक गाँव में हमला किया था। इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा मार्च में भी युगांडा के मुकोंदी गांव में ADF के आतंकियों ने हमला किया था। इसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी। साल 2021 में राजधानी कंपाला में हुए आत्मघाती बम धमाके के लिए भी युगांडा सरकार ADF को ही जिम्मेदार ठहराती है।

राजनीति के ‘शुक’ और ‘सारण’ भी आदिपुरुष पर बन गए रामभक्त ‘वानर’… ओम राउत और मनोज मुंतशिर की करनी पर BJP से माँग रहे जवाब

आपने यदि रामायण पढ़ी/देखी होगी तो पता ही होगा कि रावण टोले में कुछेक लोग भेष बदलने में माहिर थे। जैसे स्वर्ण मृग बनने वाला मारीच। संजीवनी बूटी लाने जा रहे हनुमान का रास्ता रोकने के लिए साधु बना कालनेमि। रावण के कहने पर वानर बन राम की सेना में घुसपैठ करने वाले सुक और सारण। राजनीति में भी ऐसे चरित्र भरे पड़े हैं जो रावण टोले के इन बहुरूपियों जैसे ही हैं।

आदिपुरुष (Adipurush) की थू-थू होते देख राजनीति के इन बहुरूपियों ने रामभक्त का भेष ओढ़ लिया है। राम के अस्तित्व को नकारने वाली पार्टी का मुख्यमंत्री हो या फिर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बदनाम करने और राम मंदिर निर्माण में अड़ंगा डालने के लिए ‘जमीन घोटाले’ की कहानी गढ़ने वाली पार्टी के सांसद, सब इस समय रामभक्त हुए जा रहे हैं। आदिपुरुष के स्तरहीन संवादों के लिए भी बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उससे जवाब चाहते हैं।

अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ही देखिए। उन्होंने ‘आदिपुरुष’ में किरदारों के चित्रण और डायलॉग को आपत्तिजनक बताया है। कहा है कि जनता ने माँग की तो राज्य में ‘आदिपुरुष’ को प्रतिबंधित भी कर सकते हैं। ट्वीट कर पूछा है कि ऐसी फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास कैसे किया। केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा। इसके अलावा पत्रकारों से बातचीत में यह भी पूछ लिया कि ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘केरल स्टोरी’ का समर्थन करने वाले नेता इस फिल्म पर चुप क्यों हैं।

बघेल उस कॉन्ग्रेस के नेता हैं जो ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ की राजनीति की पुरोधा है। जिसके ‘आदिपुरुष’ पंडित जवाहर लाल नेहरू अयोध्या में रामलला की मूर्ति नहीं देखना चाहते थे। इसी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए हलफनामा देकर सुप्रीम कोर्ट में राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था। ये वह पार्टी है जिसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पच नहीं रहा। इसी पार्टी के नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के धन संग्रह के अभियान पर लांछन लगाए थे।

जाहिर है कि आदिपुरुष पर बघेल का रोना उनकी राजनीति का हिस्सा है। एक तो उनके राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। उनकी पार्टी भले कर्नाटक की सत्ता में आने के बाद मुस्लिम तुष्टिकरण के एजेंडे को लागू करने में लगी हो, लेकिन मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक चुनावी प्रदेशों में सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति करने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि जिस फिल्म को ओम राउत ने निर्देशित किया है, जिसके संवाद मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं, उसके लिए भी वे बीजेपी से जवाब माँग रहे हैं, जैसे बीजेपी की फिल्म प्रोडक्शन की ईकाई भी हो।

वे यह बताना चाहते हैं कि सेंसर बोर्ड पर बीजेपी का कब्जा है। फिर तो उन तमाम बॉलीवुड फिल्मों के लिए कॉन्ग्रेस को जवाब देना चाहिए जो उसके सत्ता में रहते हुए सेंसर बोर्ड से पास हुए और जिनमें क्रिएटिविटी के नाम पर हिंदुओं को बदनाम करने और उनके अराध्यों का मजाक उड़ाने तक के धतकर्म किए गए हैं। आदिपुरुष की आलोचना के बहाने बघेल ने कश्मीर फाइल्स और केरल स्टोरी का जिक्र कर अपनी पार्टी के उस लाइन को भी आगे बढ़ाने का काम किया है, जिसमें हिंदुओं की पीड़ा दिखाना सांप्रदायिकता को बढ़ावा देना माना जाता है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी ‘आदिपुरुष’ के बहाने बीजेपी को घेरने की कोशिश की है। कहा ​है कि BJP का ना हिन्दू धर्म में यकीन है। ना वे भगवान राम को मानते हैं। ना उनका रामायण और रामचरितमानस से कोई लेना-देना है। ये वही संजय सिंह हैं जो कभी ‘हवा में उड़ गए जय श्रीराम’ कहा करते थे। ये वही संजय सिंह हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले अयोध्या में ‘जमीन घोटाले’ की कहानी गढ़ी थी। इन्हीं संजय सिंह की पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल हैं जिन्होंने एक रैली में कहा था, “जब बाबरी मंदिर का ध्वंस हुआ तब मैंने अपनी नानी से पूछा कि नानी आप तो अब बहुत खुश होंगी? अब तो आपके भगवान राम का मंदिर बनेगा। नानी ने जवाब दिया- ना बेटा, मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़ कर ऐसे मंदिर में नहीं बस सकता।” आप वही पार्टी है जिसके नेता कभी ‘मंदिर वहीं बनाएँगे, पर तारीख़ नहीं बताएँगे’ वाले नैरेटिव को आगे बढ़ाते थे। इसी पार्टी के मनीष सिसोदिया हैं जिनका कभी कहना था कि अयोध्या में राम मंदिर की जगह यूनिवर्सिटी बननी चाहिए।

आदिपुरुष में क्रिएटिविटी के नाम पर जो नंगई की गई है, उसका विरोध हो रहा है। नेताओं के लिए भी यह अपच है तो उन्हें भी विरोध करना चाहिए। लेकिन इसमें राजनीतिक एजेंडा घुसेड़ने से पहले उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि जनता केवल रामायण के रावण टोले से ही परिचित नहीं है, वह राजनीति के रावण टोले को भी बखूबी पहचानती है। वो झट से राम की सेना में सुक और सारण के घुसपैठ को भी पकड़ लेती है।

मोदी सरनेम मामले में अब राँची की कोर्ट ने राहुल गाँधी को उपस्थित होने के लिए कहा, भेजा आखिरी समन: गुजरात की कोर्ट की सजा पर जा चुकी है सांसदी

मोदी सरनेम टिप्पणी मामले में राँची की एक अदालत ने राहुल गाँधी को आखिरी समन भेजा है और 4 जुलाई को सुनवाई के दौरान कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा है। इसके पहले राहुल गाँधी के वकील ने कोर्ट में उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट माँगी थी, जिसे कोर्ट ने 3 मई को खारिज कर दी थी।

उस दौरान भी कोर्ट ने राहुल गाँधी को समन देकर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने यह आखिरी समन जारी किया है। सुनवाई के दौरान राहुल गाँधी के वकील ने 15 दिनों का समय माँगा था। इसके बाद सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तारीख तय हुई है।

बता दें कि राँची में राहुल गाँधी के खिलाफ यह मुकदमा प्रदीप मोदी नाम के एक व्यक्ति ने दाखिल किया है, जिसकी सुनवाई चल रही है। प्रदीप मोदी ने 23 अप्रैल 2019 को मुकदमा दायर कराया था। इस मामले में अगस्त 2022 तक कार्रवाई पर लगी रोक भी समाप्त हो चुकी है।

प्रदीप मोदी के वकील का कहना है कि यह राहुल गाँधी को कोर्ट द्वारा भेजा गया आखिरी समन है। अगर इस बार भी वे कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से नहीं पेश होते हैं तो उनके खिलाफ कोर्ट सख्त कार्रवाई कर सकता है।

इसके अलावा, भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी राहुल गाँधी के खिलाफ चाईबासा की निचली अदालत में मानहानि का एक मामला लंबित है। प्रदीप कटियार ने चाईबासा में केस दर्ज कराया था। इसी तरह का एक मामला राँची कोर्ट में भी लंबित है।

बता दें कि मोदी सरनेम मामले में गुजरात की एक अदालत ने राहुल गाँधी को 2 साल की जेल और 15000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई थी। दो जेल होने के बाद राहुल गाँधी की सांसदी चली गई थी।