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सेक्स सीन में हिरोइन की कलाई टूटी, हीरो के सिर में चोटें; बेड की जगह फर्श पर गिरे: शेन वार्न पर बन रही मूवी की शूटिंग के दौरान हादसा

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर शेन वार्न (Shane Warne) पर दो हिस्सों में एक टीवी मूवी बनाई जा रही है। इसकी शूटिंग में फिल्म के अभिनेता और अभिनेत्री के घायल होने की वजह से व्यवधान आ गया है। दोनों एक सेक्स सीन की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। अभिनेता के सिर में तो अभिनेत्री की कलाई में चोटें आईं हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 32 वर्षीय एलेक्स विलियम्स (Alex Williams) इस मूवी में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं 29 साल की मार्नी केनेडी (Marny Kennedy) उनकी पूर्व पत्नी सिमोन के किरदार में दिखेंगी। सिमोन वार्न के तीन बच्चों की माँ भी हैं। पिछले दिनों एलेक्स और वार्नी पर एक बेडरूम रोमांस का दृश्य फिल्माया जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। दोनों को एक साथ बेड पर गिरना था, लेकिन गलती से वे फर्श पर गिए गए।

मार्नी ने बताया है कि शूटिंग के दौरान वे एक कॉरिडोर से गुजर रहे थे। यहाँ से उन्हें एक दूसरे को बेडरूम में धकेलते हुए बेड पर छलांग लगानी थी। लेकिन उनसे चूक हो गई और दोनों फर्श पर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस हादसे में मार्नी की कलाई टूट गई, जबकि एलेक्स के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी है। हालाँकि दोनों खतरे से बाहर हैं और चोटों से उबर रहे हैं।

708 टेस्ट विकेट लेने वाले वार्न ने 2007 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। मार्च 2021 में थाइलैंड में छुट्टियों के दौरान हर्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। वार्न अपने लाइफस्टाइल के लिए भी जाने जाते थे। पिछले साल उनकी जिंदगी पर टीवी मूवी बनाने की घोषणा की गई थी। टीवी मूवी में एलिजाबेथ हर्ले के साथ भी वार्न का रोमांस दिखाया जाएगा। यह सीरिज टीवी नाइन पर दिखाई जाएगी।

गौरतलब है कि वार्न की मौत से कुछ महीने पहले ही टीवी स्टार एक्ट्रेस जेसिका पावर ने उन पर गंदे मैसेज भेजने का आरोप लगाया था। अपने दावों को साबित करने के लिए उन्होंने इंस्टाग्राम पर स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे। इसमें 30 साल की जेसिका पावर ने वार्न से कहा था कि वे होटल कमरे में उनसे नहीं मिलना चाहतीं क्योंकि वे ‘उस तरह की लड़की’ नहीं हैं। एक अन्य मॉडल एली गोन्साल्वेज ने भी शेन पर गलत मैसेज भेजने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें भी वार्न ने बाहर चलने को कहा था, लेकिन उनके पास इन सबके लिए समय नहीं था क्योंकि वो 13 साल से एक रिश्ते में थी।

पूजा के दौरान आसनों पर बैठ गए कमलनाथ-प्रियंका, लोगों ने समझाया तब जाकर जमीन पर बैठे: भगवान से पहले खुद ही लेने लगी थीं आरती

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी और कमलनाथ समेत कॉन्ग्रेस नेताओं का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता मध्य प्रदेश के जबलपुर में माँ नर्मदा की पूजा करने पहुँचे थे। इससे पहले ही ये वहाँ लगे आसनों पर जाकर बैठ गए। हालाँकि, बाद में लोगों के समझाने के बाद प्रियंका गाँधी समेत अन्य नेताओं ने आसन छोड़ दिया।

दरअसल, मध्य प्रदेश में 5 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों के मद्देनजर कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी सोमवार (12 जून, 2023) को प्रदेश की ‘संस्कारधानी’ जबलपुर पहुँची थी। प्रियंका गाँधी के इस दौरे के कार्यक्रम में माँ नर्मदा की आरती भी शामिल थी। ऐसे में वह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा समेत अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं समेत जबलपुर के गौरी घाट पहुँची थीं। 

इस दौरान माँ नर्मदा के पूजन से पहले प्रियंका गाँधी समेत अन्य कॉन्ग्रेस नेता वहाँ लगे आसनों पर जाकर बैठ गए। हालाँकि, इसके बाद जब वहाँ मौजूद लोगों ने प्रियंका गाँधी व अन्य नेताओं को आरती से पहले आसन में न बैठने की समझाइश दी। इसके बाद सभी नेता ने आसन छोड़कर जमीन पर बैठ गए।

यह वीडियो मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने शेयर किया है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कॉन्ग्रेस नेताओं को चुनावी हिंदू करार दिया। सलूजा ने लिखा, “यह है कॉन्ग्रेस के नेताओं की स्थिति। जबलपुर में ग्वारी घाट पर माँ रेवा के पूजन के लिये पहुँचे तो आसनों पर सुशोभित हो गए। तभी किसी ने धार्मिक संस्कार व रीति-रिवाज बताए तो फिर जमीन पर आए। चुनावी हिंदू।” बता दें कि माँ नर्मदा का दूसरा नाम रेवा है।

बता दें कि इससे पहले प्रियंका गाँधी का एक और वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर भी भाजपा ने उन पर निशाना साधते हुए चुनावी हिंदू बताया। मध्य प्रदेश भाजपा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “ढोंग और आस्था में यही फर्क है। प्रियंका गाँधी को इतना नहीं पता कि आरती पहले भगवान को दी जाती है फिर इंसान लेते हैं। इसलिए ही इन्हें चुनावी हिंदू कहा जाता है।”

वीडियो में प्रियंका गाँधी को माँ नर्मदा जी की आरती करते देखा जा सकता है। आरती करने के बाद उन्होंने विवेक तन्खा को पकड़ा दिया। साथ ही हाथों से आरती लेते हुए नजर आईं। सनातन धर्म संस्कृति के नियम के अनुसार, आरती पूरी होने के बाद पहले भगवान को दी जाती है। इसके बाद अन्य लोग उसे ले सकते हैं। लेकिन प्रियंका गाँधी यही गलती कर गईं और बीजेपी को उन पर निशाना साधने का मौका मिल गया

जब ‘ग़दर’ दिखाने वाले सिनेमा हॉल पर कॉन्ग्रेस नेता के नेतृत्व में 400 की हथियारबंद भीड़ ने किया हमला: कई जगह हुए थे दंगे, बैन की हुई थी माँग

‘ग़दर: एक प्रेम कथा’, वर्ष 2001 में रिलीज़ हुई थी। उस समय फिल्म ने 265 करोड़ कमाए थे। यदि आज के हिसाब से देखें तो ये आँकड़ा 5000 करोड़ होता है। आज देश भर में 5000 से अधिक स्क्रीन्स हैं लेकिन उस समय भारत में सिर्फ 350 स्क्रीन्स ही थीं। फिर भी इस फिल्म ने 10 करोड़ टिकट बेचने का रिकॉर्ड बनाया था। यह फिल्म भारत में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्मों में से एक है। जब फिल्म की सफलता के कारणों पर गौर करते हैं तो बेशक फिल्म की कहानी, एक्टिंग और दिग्दर्शन अव्वल दर्जे का था।

लेकिन, फिल्म में पाकिस्तान का जो सच दिखाया गया था और जिस क्लेरिटी से दिखाया गया था उसकी तुलना आज के समय की ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरला स्टोरी’ से की जा सकती है। यह फिल्म, विभाजन की त्रासदी और पाकिस्तान के भारत-विरोधी व सांप्रदायिक चेहरे को दिखाती है। इसका भारत के मुस्लिमों से कोई लेना देना नहीं था। फिर भी भारत के मुस्लिमों ने फिल्म को प्रोपोगेंडा, इस्लामॉफ़ोबिक और कम्युनल घोषित कर दिया और दंगे भड़काकर बैन करने की माँग हो रही थी।

भोपाल, लखनऊ, दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद में, मुस्लिमों ने छह वाहनों को आग लगा दी थी और एक थिएटर को भी जला दिया था। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार ‘ग़दर’ की रिलीज़ के 10 दिनों बाद 25 जून, 2021 को, भोपाल, 1992 के बाबरी दंगों की पुनरावृत्ति के कगार पर था। कॉन्ग्रेस के जिला युवा अध्यक्ष आरिफ मसूद के नेतृत्व में 400 लोगों की भीड़ ने पेट्रोल बम, तलवार, रॉड, लाठियाँ और पत्थर लेकर गदर दिखाने वाले सिनेमा हॉल पर हमला किया था।

इसमें एक कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया था और दर्जनों को चोटें आईं थीं। मुंबई क्षेत्रीय मुस्लिम लीग ने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को पत्र लिखकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। लीग ने सेंसर बोर्ड के विरोध में मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की धमकी भी दी थी। लीग के अध्यक्ष मोहम्मद फारूक आजम ने अमीषा पटेल के स्क्रीन नाम ‘सकीना’ को लेकर भी आपत्ति जताई थी क्योंकि मुहम्मद पैगंबर की वंशज और हुसैन इब्न अली की बेटी का नाम भी ‘सकीना’ था।

इसके बाद शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे ने अपने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा था कि ‘फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।’ तत्कालीन शिवसेना के सांसद संजय निरुपम ने कहा था कि, “फिल्म भारतीयों को सहिष्णु और पाकिस्तानियों को सांप्रदायिक और रूढ़िवादी दिखाती है। अगर भारतीय मुसलमान फिल्म का विरोध करते हैं, तो इसका मतलब है कि उनका दिल पाकिस्तान के करीब है।” लखनऊ में गदर की रिलीज़ से पहले ही विरोध शुरू हो गया था जब शिया मुसलमानों ने नवाब आसिफुद्दौला के ऐतिहासिक मकबरे बड़ा इमामबाड़ा के अंदर फिल्म की शूटिंग का विरोध किया था।

तत्कालीन राज्यसभा सदस्य शबाना आजमी ने भी फिल्म को उत्तेजक बताया था। उन्होंने रिकॉर्ड पर कहा था कि “फिल्म इस अफवाह को पुष्ट करती है कि हर मुसलमान पाकिस्तानी है।” तत्कालीन परिस्थितियों में मुंबई, भोपाल और लखनऊ में गदर दिखाने वाले सिनेमाघरों में पुलिस फाॅर्स को तैनात किया गया था।

पाकिस्तान का टैक्सी और डिलीवरी एप BYKEA हुआ हैक: यूजर्स को मिले गाली भरे मैसेज, PKMKB वाले संदेशों के बाद कंपनी ने माँगी माफ़ी

पाकिस्तान में टैक्सी और पार्सल डिलीवरी सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनी बाइका (Bykea) का ऐप हैक हो गया। लोगों ने जब ऐप पर लॉग-इन करने की कोशिश की तो गालियों से भरे मैसेज दिखाई दिए। कई यूजर्स ने इन मैसेज को लेकर बाइका से शिकायत की है। इसके बाद कंपनी ने माफी माँगते हुए कहा कि उनका ऐप हैक हो गया है।

दरअसल, मंगलवार (13 जून 2023) को बाइका (Bykea Hack) के यूजर्स को ऑटोमेटिक आपत्तिजनक मैसेज मिलने शुरू हो गए। इन मैसेज में यूजर्स से लेकर पाकिस्तान तक को गालियाँ दी जा रहीं थीं। कई यूजर्स ने इस हैकिंग के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था।

एक यूजर का मानना था कि उसने गलत ऐप इंस्टॉल कर लिया है। 

वहीं, कुछ यूजर्स का कहना था कि BYKEA अपनी मार्केटिंग करने के लिए इस तरह की हरकतें कर रही है। 

एक यूजर ने अन्य लोगों को बायका ऐप डिलीट करने की सलाह दी है। उसने लिखा, “बाइका हैक हो गया है। मेरी सलाह है कि आप ऐप को डिलीट कर दें और उससे अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी भी हटा दें। यह फोन की गैलरी और मोबाइल नंबर तक एक्सेस कर सकता है। यह सुरक्षित नहीं है।”

यूजर्स को मिले गाली भरे मैसेज

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Bykea हैक होने पर यूजर्स जमकर मीम्स भी शेयर कर रहे हैं:

हालाँकि बाद में बाइका ने अपने यूजर्स को मैसेज भेजकर माफी माँगी है। बाइका ने मैसेज में कहा है, “बाइका द्वारा भेजे गए अनुचित मैसेज के लिए हम माफ़ी माँगते हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ऐप को किसी और द्वारा संचालित किया जा रहा था। अब यह ठीक हो चुका है। अब यह पूरी तरह से सही और सुरक्षित है।” चूँकि यूजर्स को भेजे गए मैसेज में पाकिस्तान को गालियाँ दी जा रहीं थीं, इसलिए बाइका ने अपने बचाव में इस मैसेज को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखते हुए खत्म किया।

6 महीने तक मनाते रहे, फिर भी यश ने ठुकरा दिया रावण का रोल: रणबीर-आलिया बनने वाले हैं राम-सीता, ‘दंगल’ वाले डायरेक्टर बना रहे रामायण पर नई फिल्म

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्र पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। वहीं, अब बॉलीवुड में श्रीराम पर रणबीर कपूर और आलिया भट्ट स्टारर ‘रामायण’ बनने जा रही है। इस फिल्म में रावण का किरदार निभाने के लिए KGF स्टार यश को ऑफर दिया गया था। लेकिन यश ने रावण बनने से इनकार कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छिछोरे और दंगल जैसी हिट फिल्म देने वाले डायरेक्टर नितेश तिवारी रामायण पर आधारित फिल्म बनाने जा रहे हैं। इस फिल्म के लिए रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को भगवान श्रीराम और माता सीता के रोल के लिए कास्ट किया गया है। वहीं, डायरेक्टर नितेश तिवारी ने साउथ के सुपरस्टार यश को रावण की भूमिका निभाने के लिए कहा था। इस रोल के यश भी काफी उत्साहित थे।  

इससे पहले कहा गया था कि यश फिल्म की स्टोरी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसको लेकर डायरेक्टर व यश के बीच बात भी चल रही है। हालाँकि करीब 6 महीने की बातचीत के बाद यश ने रावण का रोल निभाने से मना कर दिया। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि यश की इच्छा के बाद भी उनकी टीम ने रावण का किरदार निभाने से मना किया है। यश की टीम का मानना है कि उनके फैंस उन्हें निगेटिव रोल में देखना पसंद नहीं करेंगे।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, एक बातचीत में यश ने कहा था, “मैं अपने फैंस को लेकर बहुत ज्यादा सावधान रहता हूँ। वह बहुत अधिक भावुक हैं। जब मैं उनकी पसंद के खिलाफ जाकर कोई काम करता हूँ तो वे जरूरत से अधिक रिएक्शन देते हैं।” इसका सीधा मतलब यही है कि यश अपने करियर के इस मोड़ में फैंस को निराश नहीं करना चाहते हैं।

गौरतलब है कि ‘रामायण’ में रावण की भूमिका के लिए पहले ऋतिक रोशन को साइन किया गया था। हालाँकि उन्होंने अपने बिजी शेड्यूल के चलते फ़िल्म करने से इनकार कर दिया। इसके बाद माता सीता के रोल के लिए दीपिका पादुकोण को साइन करने की खबर थी। हालाँकि अब रणबीर और आलिया इस फिल्म में स्टार भूमिका में होंगे। वहीं, फिल्म मेकर्स को रावण की अब भी तलाश होगी।

बता दें कि KGF 2 के बाद से अब तक यश ने कोई भी फिल्म अनाउंस नहीं की है। हालाँकि Yash 19 को लेकर कई तरह की चर्चाएँ हो रहीं थीं। लेकिन इस फ़िल्म को लेकर भी किसी प्रकार का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। देखना होगा कि KGF-2 जैसी ब्लॉक बस्टर फ़िल्म देने के बाद अब यश किस रोल में नजर आएँगे।

ट्विटर पर इस्लामी टुटपुंजिये फैला रहे औरंगजेब को महान बताने वाली धनेडा मस्जिद की कहानी जो औड्रे ट्रस्की और इरफान हबीब जैसे भी न फैला सके: जानिए सच

भारत देश की बहुत सारी विशेषताएँ हैं, लेकिन देशवासियों की खामियों में एक बहुत ही बड़ी अजीब बात है। ये इकलौता देश है जहाँ उनका महिमामंडन किया जाता है जिन्होंने इस देश को गुलाम बनाया। जैसे, विदेशी आक्रांताओं टीपू सुल्तान और औरंगजेब, जिनके हाथ लाखों हिन्दुओं के खून से रंगे हैं, उन्हें महान बता कर पेश किया जाता है। यहाँ विदेशी हमलावरों के खिलाफ बोलने वालों को अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया जाता है।

अब सोशल मीडिया में एक नई कहानी चल रही है। ऐसी कहानी, जो आपने मुगलों का गुणगान करने वाले लेखकों ऑड्रे ट्रस्की और इरफ़ान हबीब की किताबों में भी नहीं पढ़ी होगी। इस कहानी में संवेदनशीलता, न्यायप्रियता, सस्पेंस और थ्रिल – सब कुछ डालने का प्रयास किया गया है। इसे कुछ ऐसे पेश किया गया है, जैसे ये सच्चा इतिहास हो। साथ ही इसके जरिए एक बड़े अपराध को ढँकने की कोशिश भी बड़ी चालाकी से की गई है।

कहानी: औरंगजेब ने ब्राह्मण लड़की की इज्जत बचाई, मुस्लिम सेनापति को चीरवा दिया

आइए, अब एक नए तरह के दावे से आपका सामना कराते हैं। PhD कर रही पत्रकार सदफ आफरीन ने ट्विटर पर एक कहानी सुनाई। उनके शब्दों में मानें तो ये कहानी है औरंगजेब द्वारा किए गए एक ऐसे इंसाफ की, जिसे छिपाया गया। बड़ी अजीब बात है न कि किसी मुस्लिम शासक की अच्छी बात छिपाई गई? अब तक तो माहौल ऐसा रहा है कि पुस्तकों से लेकर फिल्मों तक में मुग़ल आक्रांताओं के अत्याचारों को भी जायज ठहरा कर उनका महिमामंडन किया जाता रहा है।

उनकी इस कहानी का मुख्य पात्र है औरंगजेब और एक ब्राह्मण की बेटी शकुंतला। साथ ही वाराणसी में स्थित धनेडा का मस्जिद। सदफ आफरीन की कहानी की मानें तो एक मुस्लिम सेनापति ने शकुंतला के पिता को आदेश दिया कि अपनी बेटी को सज़ा-धजा कर 1 सप्ताह बाद उसके यहाँ भेज दे। पिता जाकर कहा कि उसके पास सजाने-धजाने के लिए रुपए नहीं हैं, और एक महीने का वक्त माँग लिया। लड़की फरियाद लेकर औरंगजेब के पास पहुँच गई।

वो अपनी कहानी में आगे बताती हैं कि जुमे की नमाज के बाद औरंगजेब आम लोगों की समस्याएँ सुनता था। शहजादे की लिबास में जब लड़की ने औरंगजेब को चिट्ठी दी, तब उसने हाथ पर कपड़ा डाल कर उसे लिया क्योंकि वो पहचान गया था कि वो एक लड़की है। औरंगजेब ने उसे बेटी कह कर कई बार पुकारा। औरंगजेब ने कहा कि चीजें पूर्ववत ही रहेंगी, लड़की को डोली में बैठ कर मुस्लिम सेनापति के पास जाना ही होगा।

कहानी में सस्पेंस जोड़ते हुए सदफ आफरीन आगे लिखती हैं कि लड़की सोच रही थी कि औरंगजेब ने उसे 15 बार बेटी कह कर बुलाया, फिर भी डोली उठने वाली बात ही कही। कहानी कुछ यूँ समाप्त होती है कि डोली पहुँचते ही मुस्लिम सेनापति फकीरों पर पैसे लुटाने लगा लेकिन फकीरों में से एक औरंगजेब निकला। 4 हाथियों को मँगा कर उनसे उस मुस्लिम सेनापति का हाथ पाँव बाँध दिया गया और उसे चीर डाला गया।

कहानी के अंत में कुछ और इमोशंस डालती हुई सदफ आफरीन लिखती हैं कि पंडित के घर के बाहर औरंगजेब ने चबूतरे पर नमाज पढ़ी और खुदा का शुक्र अदा किया कि उसे गैर-इस्लामी लड़की के साथ इंसाफ करने के लिए चुना गया। फिर उसने पानी मँगाई और पी, क्योंकि उसने फरियाद सुनते ही कसम खा रखी थी कि न्याय किए बिना पानी नहीं पिएगा। नमाज वाले उक्त चबूतरे का नाम ‘धनेडा की मस्जिद’ रखा गया।

सच्चाई: मंदिर ध्वस्त कर के औरंगजेब ने उसके ऊपर बना दी मस्जिद

कहानी के ऐतिहासिक पक्ष की बाद में बात करेंगे, लेकिन पहले आपको बताते हैं कि इसमें कौन-कौन सी ऐसी चीजें हैं जो इसके झूठ होने की गवाही देती है। अगर किसी लड़की का बलात्कार करना हो तो कोई भी मुस्लिम सेनापति सजा-धजा कर लाने के लिए एक सप्ताह और फिर एक महीने की मोहलत दे, ये बात जँचती नहीं। विजयनगर साम्राज्य तबाह हुआ तब कई महिलाओं का रेप हुआ, कितनों को सजा-धजा कर उनका रेप किया गया?

इसीलिए, इन आक्रांताओं का जैसा इतिहास रहा है ये यकीन के लायक नहीं है कि एक महीने का समय दे दिया गया। दूसरी बात, उक्त मुस्लिम सेनापति डोली पहुँचने के बाद अशर्फियाँ लुटाता है फकीरों में, लेकिन लड़की के पिता के इस तर्क से उसे एक महीने का समय दे देता है कि सजाने-धजाने के लिए पैसे नहीं हैं। ये संभव है क्या? किसी इस्लामी आक्रांता के भीतर हवस की आग लगी हो और वो इतना शक्तिशाली व संपन्न हो तो पैसे तो वो भी दे सकता था इस कार्य के लिए?

अब आते हैं ऐतिहासिक तथ्य पर। जिस ‘धनेडा की मस्जिद’ को इसमें पंडित का चबूतरा बताया जा रहा है, वो किसी जमाने में बिंदु माधव मंदिर हुआ करता था। बिंदु महाराज नामक एक संत यहाँ वास करते थे। जिस तरह औरंगजेब ने मथुरा और काशी के मंदिरों को तोड़वाया, उसी तरह उसने इस मंदिर को भी ध्वस्त करवाया। ये काफी दूर तक फैला हुआ था, इसी को तोड़ कर जो मस्जिद बनाई गई उसे ‘धरहरा’, ‘आलमगीर’ या ‘धनेडा’ के नाम से जाना गया।

औरंगजेब का असली नाम ‘आलमगीर’ ही था, इसीलिए ये मस्जिद भी ‘आलमगीर मस्जिद’ कहलाया। सन् 1669 के आसपास औरंगजेब ने भगवान विष्णु के बिंदु माधव मंदिर को ध्वस्त करवाया था। मूर्ति को किसी तरह हिन्दुओं ने अन्यत्र स्थानांतरण कर के स्थापित किया। ओंकारेश्वर और ललाट भैरव मंदिर के अलावा औरंगजेब में काशी में कई मंदिरों को ध्वस्त करवाया। धरहरा मस्जिद में अब भी मंदिर के अवशेष स्पष्ट दिखते हैं।

खुद BHU के इतिहास के प्रोफेसर्स बता चुके हैं कि धरहरा मस्जिद के नीचे हिन्दू देवी-देवताओं की कई मूर्तियाँ हैं जो खुदाई में मिल सकती हैं। कुबेरनाथ शुक्ल ने अपनी पुस्तक में इस प्राचीन मंदिर का जिक्र किया है। औंध नरेश ने मूर्तियों को कहीं और स्थापित करवाया। जिस मंदिर को औरंगजेब ने तोड़ा, उसे 1580 में रघुनाथ टंडन ने बनवाया था। ये सदियों से हिन्दू श्रद्धा का प्रतीक रहा है, क्योंकि मत्स्य पुराण में भी इस मंदिर का जिक्र है।

सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाए गए 20000 लोग और 100 शेर, अमित शाह ने ₹8000 करोड़ के पैकेज का किया ऐलान: बिपरजॉय तूफ़ान पीड़ितों को भोजन बाँट रहीं रवींद्र जडेजा की पत्नी

अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (Cyclone Biporjoy) भारत की ओर बढ़ता आ रहा है। इस तूफान को देखते हुए गुजरात सरकार ने तटीय इलाकों से 20 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। बिपरजॉय से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। वहीं, इस चक्रवात के चलते प्रभावित लोगों की मदद के लिए BJP विधायक रीवाबा जडेजा भोजन के पैकेट तैयार करती नजर आईं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बिपरजॉय गुरुवार (15 जून, 2023) शाम गुजरात के जखाऊ बंदरगाह के तट से टकराएगा। इस तूफान को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेज एलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के हालिया अपडेट में कहा गया है कि उत्तर पूर्व दिशा में गुजरात के तट की ओर मुड़ने से पहले चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की गति कुछ कम हो गई है।

इससे पहले इसकी गति 167 किमी प्रति घंटे की थी। लेकिन अब यह घटकर 157 किमी प्रति घंटा हो गई है। गुजरात के तट पर टकराने के समय इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घण्टे रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि बिपरजॉय से गुजरात के कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी में नुकसान होने की संभावना है।

चक्रवाती तूफान से होने वाले जान-माल के संभावित नुकसान से बचाने के लिए गुजरात सरकार ने अब तक जूनागढ़ जिले से 500, कच्छ से 6786, जामनगर से 1500, पोरबंदर से 546, देवभूमि द्वारका से 4820, गिर-सोमनाथ से 408, मोरबी से 2000 और राजकोट से 4031 लोगों को यानी कुल मिलाकर 20588 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। राहत केंद्रों में मौजूद लोगों को खाने-पीने और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, गिर के जंगलों से 100 शेरों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

केंद्रीय सरकार ने राज्य सरकारों को किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों के साथ बैठक की है। इस बैठक के साथ ही उन्होंने बिपरजॉय से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को 8000 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। यह राशि फायर बिग्रेड के आधुनिकीकरण से लेकर लैंड स्लाइड जैसी स्थितियों से निपटने के काम पर खर्च होगी।

रीवाबा जडेजा ने तैयार किए खाने के पैकेट

जामनगर उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रीवाबा जडेजा ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में वह खाने के पैकेट तैयार करती नजर आ रहीं हैं। रीवाबा ने इन फोटोज को शेयर करते हुए लिखा है, “मैं और मेरी टीम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सेवा संस्कृति के अनुसार दिन-रात कार्य कर रहे हैं। मैं 10,000 से अधिक भोजन के पैकेट तैयार कर रही हूँ, ताकि चक्रवात के दौरान निचले इलाकों में किसी को भी भोजन या पानी के बिना नहीं रहना पड़े।”

संस्कृत विश्वविद्यालय के पास सरकारी जमीन पर अवैध मजार, ध्वस्त करने पहुँची पुलिस पर भीड़ का हमला: इधर लाठीचार्ज उधर बुलडोजरों ने कर दिया काम

उत्तराखंड के हरिद्वार में सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मजार को हटाने से पहले प्रशासन को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पास मौजूद इस मजार को हटाने की खबर सुन कर कई मुस्लिमों ने हंगामा किया। भीड़ द्वारा मचाए बवाल के चलते थोड़ी देर के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही रुक गई थी। हालात काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। मामला सोमवार (12 जून, 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बहादराबाद थाना क्षेत्र का है। यहाँ नहर की पटरी के पास समीप नहर पटरी पर एक मजार बनी थी। इसका नाम सैयद बाबा रोशन अली शाह था। यह मजार उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पास बनी हुई थी। पिछले माह मई 2023 में इस विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने हरिद्वार के DM को पत्र लिख कर इस मजार को हटाने की माँग की थी। तब छात्र संघ अध्यक्ष सागर खेमरिया ने बताया था कि मजार में लगे लाउडस्पीकर की वजह से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। अनूप यदुवंशी के मुताबिक, धीरे-धीरे उस मजार को मस्जिद का रूप दिया जा रहा था।

छात्रों की इस शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान लिया। सोमवार (12 जून, 2023) को इस मजार को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर लगाए गए। थोड़े ही देर में इस मजार को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस कार्रवाई की जानकारी जैसे ही मुस्लिम समाज के लोगों को हुई वो सड़कों पर उत्तर गए। भीड़ की शक्ल में कई लोग घटनास्थल पर पहुँचे और प्रशासनिक अधिकारियों से उलझना शुरू कर दिए। प्रशासन ने इस मजार को सिंचाई विभाग की जमीन पर बना बताया और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। हालाँकि, प्रशासन की बातों का भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा।

इस जमावड़े के चलते सड़क पर गाड़ियों का आवागमन रुक गया। इस दौरान भीड़ ने सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगी। भीड़ में मौजूद कई लोग अन्य धर्मों के पूजास्थल भी गिराने की माँग करने लगे। आख़िरकार प्रशसन ने लाठीचार्ज किया जिस से भीड़ तितर-बितर हुई। लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने एहतियातन इलाके में फ़ोर्स तैनात कर दी है। SDM पूरण सिंह राणा के मुताबिक, जिले में तमाम अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।

वहीं DSP निहारिका सेमवाल के मुताबिक भीड़ द्वारा सड़क मार्ग अवरुद्ध करने पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया था।

कभी रोमांस तो कभी ‘मानवता’ वाली ढाल, आतंकियों के लिए ‘इमोशन ब्लैकमेलिंग’ में लगा मीडिया: उमर खालिद ही नहीं, यासीन-मूसा तक कई हैं उदाहरण

दिल्ली CAA/NRC हिंसा के मुख्य आरोपित उमर खालिद के बारे में ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ में छपा लेख फ़िलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। इस लेख में उमर खालिद की प्रेमिका द्वारा उसे याद और प्यार किए जाने के साथ डेटिंग आदि का विस्तार से जिक्र किया गया है। मीडिया के वामपंथी और इस्लामी वर्ग द्वारा आतंकियों का मानवीय पहलू दिखाने का प्रयोग ये पहली बार नहीं हुआ है। इस प्रयोग तरह के प्रयोगों से यह कोशिश की जाती है कि आम लोग पुलिस या अन्य जाँच एजेंसियों द्वारा उसके खिलाफ पेश किए सबूतों पर विश्वास न करें।

कभी ऐसा ही प्रयोग भारत का फिल्म जगत भी किया करता था। तब वह हिन्दुओं की विभिन्न जातियों को नकारात्मक रूप में दिखा कर फिल्म के मुस्लिम कैरेक्टर को बेहतर दिखाने की कोशिश किया करता था। हालाँकि, भले ही तकलीफ से सही पर बॉलीवुड को रचनात्मकता के नाम पर संदेह का लाभ मिला लेकिन मीडिया द्वारा अमानवीय आतंकियों का मानवीय चित्रण एक खतरनाक चलन है। दरअसल खबरों में मानवीय भावनाओं का ये खेल आम लोगों को आतंकी से भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए खेला जाता है। एक नैरेटिव जैसा सेट किया जान लगता है जहाँ कोई खुद को उस आतंकी की जगह रख कर सोचने लगता है। ऐसी स्थिति में लोगों ने लिए यह बात मायने नहीं रखती कि जेल में बंद वो आतंकी कितना खूँखार है।

सारांश में माने तो यह आतंकी या अपराधी को एक पीड़ित मुस्लिम के तौर पर दिखाने की एक प्लानिंग होती है जिसे इमोशनल ब्लैकमेलिंग भी कहा जा सकता है। यहाँ हम कुछ इसी तरह के इमोशनल ब्लैकमेलिंग के बारे में चर्चा करेंगे जो समय-समय पर मीडिया के एक खास वर्ग द्वारा करने का प्रयास हुआ है।

हिज्बुल आतंकी रियाज नाइकू की तारीफ

द इंडियन एक्सप्रेस, हफ़िंगटन पोस्ट और द वायर जैसे संस्थानों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के टॉप आतंकवादी रियाज़ नाइकू को ‘दर्जी का बेटा’ , ‘गणित शिक्षक’ और आतंकवादी समूह के ‘ऑपरेशनल प्रमुख’ जैसे नाम देते हुए लेख प्रकाशित किए थे। ‘द वायर’ ने तो अपने पूरे लेख में कहीं भी रियाज़ को ‘आतंकी’ तक नहीं लिखा था।

बताते चलें कि सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया आतंकी रियाज़ नायकू कश्मीर में कई हमलों को अंजाम दे चुका था। उस पर नए आतंकियों की भर्ती और अपहरण जैसे आरोप भी थे। कुछ आतंकी समर्थकों और उनके प्रचारकों ने उसके लिए गम भरे गाने लिखे और भारतीय शासन द्वारा घोषित आतंकवादी को ‘शहीद का दर्जा’ देने का प्रयास किया।

शाहरुख पठान

2020 दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित शाहरुख़ पठान के खिलाफ जैसे ही दिल्ली कोर्ट ने आरोप तय किए थे वैसे ही रवीश कुमार ने उसके बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश की थी। रवीश ने शाहरुख़ पठान को अनुराग मिश्रा साबित करने का असफल प्रयास किया था। लगभग यही कोशिश द क्विंट ने भी की थी। तब रवीश कुमार NDTV इंडिया में काम करते थे, जो फ़िलहाल बेरोजगार हैं। 26 फरवरी 2020 की घटना पर किए गए शो में रवीश कुमार ने दावा किया था कि पुलिस ने शाहरुख़ को 1 दिन पहले यानी 25 फरवरी को ही गिरफ्तार कर लिया था। तब रवीश ने पुलिस के दावों के उलट जाते हुए सोशल मीडिया की रिपोर्ट्स के आधार पर शाहरुख़ को अनुराग सबित करने का प्रयास किया था।

दंगे के इसी आरोपित शाहरुख़ द्वारा दिल्ली पुलिस के जवान पर पिस्टल तानने की घटना को ‘द क्विंट’ ने अपने लेख में बेशर्मी से ‘आत्मविश्वास’ का नाम दिया था। इस आत्मविश्वास के पीछे हमलावरों द्वारा मास्क न पहनने की घटना को सकारात्मक कदम बताने की कोशिश की गई है।

यासीन मलिक

भारतीय वायुसेना के जवानों के कातिल और पाकिस्तान परस्त आतंकी यासीन मलिक की करतूतों को हिंदुस्तान टाइम्स ने ‘संघर्ष का लंबा इतिहास’ बता कर प्रकाशित किया था। कश्मीर को भारत से अलग करने के मंसूबे रखने वाले इस आतंकी ने वहाँ के गैर मुस्लिमों पर भी कई हमले किए थे। फिलहाल यासीन मलिक जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहा है।

शरजील इमाम

CAA-NRC हिंसा के दौरान चर्चा में आए शरजील इमाम का पूर्वोत्तर को देश से अलग करने की मंशा का वीडियो काफी वायरल हुआ था। लेकिन बावजूद इसके द क्विंट की लीगल लेखिका मेखला सरन ने शरजील इमाम के जामिया हिंसा में संलिप्तता को आत्मरक्षा जैसा दिखाने का प्रयास किया गया है। द क्विंट की इस कानूनी समाचार विश्लेषिका ने शरजील इमाम के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए गए थे।

तब मेखला सरन ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश को पेश सबूतों पर विचार करने की नसीहत दे डाली थी। शरजील द्वारा काटी जा रही जेल को भी मेखला ने स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताया था।

ज़ाकिर मूसा

कश्मीर घाटी में कभी टॉप मोस्ट वांटेड रहे अंसार गजवत-उल-हिंद के प्रमुख आतंकी जाकिर मूसा को सुरक्षाबलों ने 24 मई 2019 को मार गिराया था। ज़ाकिर मूसा के का संगठन अल-कायदा से कनेक्टेड था। ज़ाकिर मूसा के मारे जाने पर ‘न्यूज़ 18’ ने उसे इंजीनियर का बेटा बताया था। उस लेख में यह साबित करने की कोशिश की गई थी कि ज़ाकिर मूसा ने पिता के पास बहुत पैसे होने के बावजूद ऐशोआराम के जीवन का त्याग कर दिया।

ओसामा बिन लादेन

द गार्जियन द्वारा साल 2018 में ओसामा बिन लादेन की माँ का इंटरव्यू लिया गया था। यह इंटरव्यू उन तमाम बिंदुओं पर केंद्रित रखा गया था जिस से लोगों में ओसामा के लिए सहानुभूति जगे। इस इंटरव्यू के बाद छपे लेख में खास तौर पर लादेन के बचपन का भावनात्मक तौर पर जिक्र किया गया था। इस लेख का शीर्षक ‘My Son Osama’ दिया गया था। इसी इंटरव्यू में कुछ ऐसे लोगों को खासतौर पर बताया गया है जो ओसामा को भगवान के जैसा मानते हैं। ओसामा को अमेरिकी सील कमांडो ने पाकिस्तान में उसके घर से खोज कर मार गिराया था।

उपरोक्त तमाम बातों के एक कॉमन बात ये है कि ये इमोशनल ब्लैकमेलिंग के लेख केवल मुस्लिम अपराधियों के लिए लिखे जाते हैं। इसी प्रकार के शाब्दिक समर्थन पाने वालों में वो मतान्ध भी शामिल होते हैं, जो हिन्दुओं को काफिर बता कर उनकी हत्या करते हैं। हिंदू पीड़ितों/मृतकों का अमानवीयकरण करते हैं। कई बार तो इस खास चित्रण के लिए आतंकवाद और चरमपंथ पीड़ित हिन्दुओं को ही दोषी ठहरा दिया जाता है।

उदाहरण के लिए दिल्ली दंगों में चाकुओं से गोद डाले गए IB अधिकारी अंकित शर्मा के बेरहम कातिलों के लिए मानवीय पक्ष खोज कर लाने वालों ने मृतक और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनहीनता का प्रदर्शन किया था।

‘FIR दर्ज होने के 1 सप्ताह के भीतर कई देशों से माँगे गए थे फुटेज’: विदेश तक पहुँची WFI मामले की जाँच, अब तक 200 लोगों के बयान दर्ज

कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोपों की जाँच अब विदेश तक जा पहुँची है। दरअसल, पहलवानों (Wrestlers) ने बृजभूषण पर इंडोनेशिया, किर्गिस्तान, बुल्गारिया, कजाकिस्तान और मंगोलिया में हुए टूर्नामेंट में परेशान करने का आरोप लगाया था। इसकी जाँच के लिए दिल्ली पुलिस ने इन देशों से CCTV फुटेज माँगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलवानों ने 21 अप्रैल 2023 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस एफआईआर में ही पहलवानो ने आरोप लगाया था कि विभिन्न देशों में हुए टूर्नामेंट के दौरान बृजभूषण ने उन्हें परेशान किया था। इन आरोपों के बाद दिल्ली पुलिस ने संबंधित देशों से टूर्नामेंट के फोटो, वीडियो तथा पहलवानों के ठहरने के स्थान पर लगे सीसीटीवी फुटेज माँगे हैं।

इस मामले में दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा है, “FIR दर्ज होने के एक सप्ताह के भीतर ही हमने संबंधित देशों के कुश्ती महासंघ को नोटिस भेजकर CCTV फुटेज माँगे थे। इनमें से कुछ देशों ने नोटिस का जवाब भी भेज दिया है। मुझे नहीं पता है कि इस मुद्दे को फिर से क्यों उठाया जा रहा है।”

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस बृजभूषण के खिलाफ गुरुवार (15 जून, 2023) को कोर्ट में चार्जशीट पेश करने की तैयारी में हैं। ऐसे में विदेशों से CCTV फुटेज माँगे जाने की खबर सामने आने को बड़े सबूत के तौर पर देखा जा रहा है। चूँकि, दिल्ली पुलिस को कुछ देशों से नोटिस का जवाब मिल चुका है। ऐसे में देखना होगा कि पुलिस चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाती है या नहीं। ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 200 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें, पहलवानों के साथ ही उनके कोच, रेफरी समेत बृजभूषण के करीबी व घर के नौकर, ड्राइवर शामिल हैं। 

इसके अलावा, कथित तौर पर यह बात भी सामने आई है कि दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली 6 महिला पहलवानों से भी सबूत के तौर पर फोटो, वीडियो की माँग की है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर साँस की जाँच के बहाने पेट और ब्रेस्ट छूने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि 6 में से 4 महिला पहलवानों ने सबूत के तौर पर फोटो, वीडियो दिल्ली पुलिस को सौंपे हैं।