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‘उत्तराखंड के गाँव का लड़का आज अंतरराष्ट्रीय खजाना’: NSA अजित डोभाल का कायल हुआ अमेरिका, राजदूत बोले – भारत में 4G-5G से ज्यादा ताकतवर ‘गुरुजी’

अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने भारत के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)’ अजित डोभाल को लेकर कहा है कि उत्तराखंड के गाँव का लड़का आज पूरी दुनिया की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि अजित डोभाल ने काफी उम्दा काम किया है। उन्होंने कहा कि अजित डोभाल सामान्य परिवार से आते हैं, लेकिन उत्तराखंड का ये लड़का आज न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक खजाना है। उन्होंने अमेरिका-भारत के बीच मजबूत रिश्ते पर भी बात की।

एरिक गार्सेटी ने कहा कि अजित डोभाल का ही ये विचार था कि दोनों देश साथ आकर इस सदी में बदलाव लाने के लिए क्या कर हैं, इस पर मंथन करना चाहिए। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ये स्पष्ट है कि अमेरिका के लोग भारत से प्यार करते हैं और भारतीयों के मन में भी अमेरिकियों के लिए उतना ही प्यार है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका मिल कर विश्व का नया अध्याय लिख सकते हैं, जिन चुनौतियों का हमें सामना करना है।

इस दौरान उन्होंने डिजिटल पेमेंट्स की दिशा में भारत के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब वो भारत के डिजिटल पेमेंट्स और वित्तीय तकनीक को देखते हैं, हमें लगता है कि हमने दुनिया को हिला दिया है। उन्होंने कहा कि एक गाँव में काम करने वाला चाय वाला भी ये सुनिश्चित करता है कि सरकार द्वारा मिलने वाली राशि सीधे उसके बैंक खाते में मिले, वो भी शत-प्रतिशत। इस कार्यक्रम में अमेरिका के NSA जैक सुलीवियन भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर जाने वाले हैं और उस दौरान किन कागजातों पर हस्ताक्षर होंगे, इसे फाइनल करने के लिए अमेरिकी NSA यहाँ आए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति यहाँ हो रही चीजों को देख कर उत्साहित हैं और पीएम मोदी के दौरे की प्रतीक्षा में हैं। उन्होंने बताया कि रक्षा और उच्च-तकनीक में कई साझेदारियाँ होनी हैं। एरिक गार्सेटी ने कहा कि हाल ही में उन्होंने कई धर्मगुरुओं से बातचीत की, भारत में 4G-5G की बातें होती हैं लेकिन इससे भी चीज यहाँ है – ‘गुरुजी’।

अनामिका के पिंडदान को कपिल मिश्रा ने बताया ‘महापाप’, कहा- बेटियाँ विक्टिम हैं, अपराधी नहीं: जबलपुर में मुस्लिम से शादी करने पर ‘कुपुत्री’ बता किया था त्याग

पिछले दिनों मध्य प्रदेश के जबलपुर में अनामिका दुबे का त्याग करते हुए उसके परिजनों ने पिंडदान किया था। उन्होंने एक शोक संदेश भी छपवाया था जिसमें उसे ‘कुपुत्री’ बताया गया था। ऐसा अनामिका के मोहम्मद अयाज से शादी कर उजमा फातिमा बनने की बात सामने आने के बाद किया गया था। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग बँटे हुए हैं। कुछ लोग अनामिका के परिजनों के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग जीवित बेटी के पिंडदान पर आपत्ति जता रहे हैं। अब बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने अनामिका के पिंडदान को महापाप बताया है।

तीन मिनट 38 सेकेंड के इस वीडियो में कपिल मिश्रा ने अनामिका के परिजनों से पूछा है कि बेटी का पिंडदान कर, शोक संदेश छपवा कर, वे समाज को क्या संदेश दे रहे हैं। साथ ही हिंदुओं से बेटे-बेटियों से हमेशा संवाद करते रहने की अपील की है। दमोह के स्कूल और गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए धर्मांतरण की कोशिश के मामले का जिक्र करते हुए कहा है कि आपके बच्चे कई खतरों से घिरे हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों से संवाद का चैनल कभी खत्म नहीं करें। उनसे रिश्ते नहीं तोड़ें। उन्हें जब भी अपनी गलती का अहसास हो तो उन्हें पता होना चाहिए कि उनके लिए अपनों के दरवाजे खुले हैं।

मिश्रा ने वीडियो में कहा है, “बेटी का त्याग करना, उसे मरा हुआ मान लेना महापाप है। मैं यह कहना चाहता हूँ कि ऐसा मत करो। लव जिहाद के ज्यादातर मामलों में बेटियों की हत्या तभी होती हैं, जब उनसे सारे संबंध खत्म कर उन्हें मरने के लिए अकेला छोड़ दिया जाता है।” उन्होंने कहा है कि बेटी जब भी वापस आना चाहे उसके लिए दरवाजे खोलकर रखिए। उसे पता हो कि मेरे माता-पिता का, मेरे भाई-बहन का दरवाजा मेरे लिए खुला है। मैं वापस जा सकती हूँ।

मिश्रा ने कहा है, “बेटियाँ पीड़ित हैं, विक्टिम हैं, अपराधी नहीं हैं। शिकार हैं वो। सच्चा प्रेम हो या फिर वह लव जिहाद की शिकार हुईं हो, दोनों ​ही स्थितियों में संबंध खत्म मत करिए। संवाद का चैनल खुला रखिए। ताकि कल को कोई अब्दुल आपकी बेटी पर हाथ उठाए तो उसे यह डर हो कि इसका परिवार इसके साथ खड़ा है। ज्यादातर मामलों में अपराधियों को पता होता है कि मैं इसे मारूँगा और कोई इसे पूछने नहीं आएगा। इसको कोई बचाने नहीं आएगा। इसके पास जाने का कोई दरवाजा नहीं है। तब हत्या होती है। तब बेटियाँ सूटकेस में मिलती हैं।” उन्होंने कहा है, “जो बेटी आज जा रही है, क्या पता कल को उसकी आँख खुले। उस पर ट्रिपल तलाक, हलाला या किसी भी तरह का अत्याचार हो तो वह वापस आ सके।”

क्या है मामला?

अनामिका को लव जिहाद का शिकार बताते हुए उसके परिजनों ने 11 जून 2023 को नर्मदा नदी के तट पर पिंडदान किया था। इसके बाद मृत्युभोज का भी आयोजन किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल कार्ड में बड़े-बड़े अक्षरों में शोक संदेश लिखकर लड़की के पिता ने अपनी बेटी को कुपुत्री बताया था। वायरल कार्ड में लड़की के के पिता चंद्रिका ने अपनी बेटी की मौत 2 अप्रैल 2023 (रविवार) को होना बताया था। कार्ड में लोगों से पिंडदान में शामिल हो कर ‘नरकगामी’ आत्मा की शाँति की प्रार्थना की कामना की गई थी। कार्ड के सबसे ऊपर अनामिका की फोटो लगी थी।

गौरतलब है कि इसी माह जून 2023 में उजमा फातिमा उर्फ़ अनामिका की अयाज से शादी का कार्ड वायरल हुआ था। कार्ड के वायरल पर लड़की की माँ सामने आई थी और इसे ‘लव जिहाद’ बताते पुलिस से बेटी को वापस दिलाने की माँग की थी। हालाँकि, मध्य प्रदेश पुलिस ने लड़की के माँ के आरोपों का खंडन करते हुए इसे आपसी सहमति से बना रिश्ता बताया था।

‘छात्रों को विरोध का अधिकार, पर वे उन्मादी नहीं हो सकते’: IIT मद्रास में ‘बीफ फेस्ट’ के बाद हिंसा पर हाईकोर्ट, आयोजकों ने दायर की थी

मद्रास हाईकोर्ट (Madra High Court) ने बीफ मुद्दे (Beef Fest) पर IIT मद्रास में हुई हिंसा को लेकर दायर की गई जनहित याचिका (PIL) पर मंगलवार (14 जून 2023) को सुनवाई पूरी कर ली। इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन ऐसे अधिकारों का ध्यानपूर्वक प्रयोग किया जाना चाहिए।

IIT मद्रास कैंपस में साल 2017 में ‘बीफ फेस्ट’ के आयोजन के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के बाद संस्थान में एक ‘शांति स्थापना समिति’ स्थापित करने के लिए जनहित याचिका की गई थी। याचिका पूर्व छात्र और रिसर्च स्कॉलर डिट्टी मैथ्यू और अन्य छात्रों ने दायर की थी।

याचिकाकर्ताओं ने प्रोफेसरों की एक समिति के गठन और उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में यह सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट से सुझाव देने का आह्वान किया था कि परिसर में हिंसा की कोई घटना न हो।

इस याचिका का निस्तारण करते हुए मुख्य न्यायाधीश एसवी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति पीडी औदिकेसवालू की पीठ ने कहा कि किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन ऐसे विरोध शांतिपूर्ण और कानून के अनुसार होने चाहिए।

पुलिस ने रिपोर्ट में कहा था कि छात्रों ने साल 2017 की घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अराजकता फैलाया था और वे सड़कों पर बैठ गए, जिससे यातायात बाधित हुआ था। अदालत ने पाया कि ‘बीफ फेस्ट’ के बाद हुई हिंसा की जाँच के बाद छह FIR दर्ज की गई थी और ये मामले अब ट्रायल कोर्ट के समक्ष लंबित हैं।

इसको लेकर न्यायालय ने कहा, “छात्रों के अधिकार हैं, लेकिन अधिकारों का प्रयोग करने का एक तरीका है। यह सच है कि छात्रों को सही तरीके से सँभाला जाना चाहिए, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि छात्रों को निडर होने की अनुमति दी जाएँ।”

दरअसल, जनहित याचिका में कहा गया था कि साल 2017 में कुछ छात्रों ने अपने दोस्तों और बैचमेट्स को ‘बीफ फेस्ट’ के लिए आमंत्रित करते हुए एक फेसबुक पोस्ट किया था। इसमें शामिल हुए छात्रों ने पका हुआ बीफ खाया और बिक्री के लिए पशुओं की हत्या को रेगुलेट करने वाली केंद्र सरकार की अधिसूचना पर चर्चा की थी।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि लगभग 50 लोगों ने चर्चा में भाग लिया था और बीफ और ब्रेड खाया था। इस आयोजन के दो दिन बाद प्रतिभागियों में से एक पर छात्रों के दूसरे समूह ने हमला कर दिया था। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि छात्र को गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

याचिका में उन्होंने यह भी कहा कि हमलावरों की पहचान हो गई है, लेकिन आईआईटी ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हालाँकि, उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि आईआईटी द्वारा दायर एक हलफनामे और अदालत के समक्ष प्रस्तुत एक पुलिस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि कॉलेज प्रबंधन ने जाँच के बाद कार्रवाई की थी।

पीठ ने कहा, “छह प्राथमिकी दर्ज की गई। निचली अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। इसलिए हम मामले के गुण-दोष पर चर्चा नहीं करना चाहते और न ही इस पर अपनी टिप्पणी व्यक्त करना चाहते हैं।”

5 महीने से ब्राह्मण महिला के पीछे पड़ा था ज़ाकिर, कहता था – पत्नी-बच्चों को छोड़ मेरे पास आओ, धर्मांतरण कराऊँगा: एसिड पीकर कर ली आत्महत्या

मध्य प्रदेश के देवास में रीना जोशी नामक 23 वर्षीय महिला को ज़ाकिर नाम के युवक ने इतना प्रताड़ित किया कि महिला को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। शिप्रा गाँव की इस घटना में 23 वर्षीय महिला ने एसिड पीकर ख़ुदकुशी कर ली। पिछले 5 महीने से ज़ाकिर उसका पीछा कर रहा था। सुबह, दोपहर, शाम – हर समय उसके ही इर्दगिर्द घूमता रहता था। वो कहता था कि पति और बच्चों को छोड़ कर मुझसे शादी कर ली।

घटना के 2 दिन पहले ज़ाकिर ने चाकू दिखा कर रीना से संबंध बनाने की कोशिश की। शर्म के कारण महिला कई दिनों तक इसे चुपचाप बर्दाश्त करती रही लेकिन जब अति हो गई तो उसने आत्महत्या कर ली। गाँव में इसके बाद तनाव और अशांति का माहौल बन गया। 5 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी, ताकि माहौल शांत किया जा सके। ज़ाकिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लोगों की माँग है कि बुलडोजर चला कर उसके घर को ध्वस्त किया जाए।

शिप्रा हाट मैदान में रीना जोशी अपने पति सूंदर जोशी और 2 बच्चों के साथ रहती थी। शनिवार (10 जून, 2023) को उसने एसिड पी ली थी। उसे लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ उसकी हालत गंभीर होने पर इंदौर रेफर किया गया लेकिन परिवार वाले देवास के ही अस्पताल में उसे ले गए। वहाँ उसकी मौत हो गई। ज़ाकिर के अब्बा का नाम अक्कू मुंशी है। महिलाओं ने ज़ाकिर को फाँसी देने की माँग की है। कहा कि अगर अगर ऐसा नहीं हो सकता तो ज़ाकिर को उन्हें सौंप दिया जाए।

रीना के भाई ने बताया कि एसिड पीने के बाद बहन ने उन्हें कॉल किया था और कहा था कि मुझे बचा लो, मैं मर रही हूँ। ये सुनते ही आधे घंटे के भीतर वो बाइक लेकर वहाँ पहुँचे। वहाँ भाई ने देखा कि रीना अकेली थी और उल्टियाँ कर रही थी। उसके पति को कॉल कर के बताया गया। भाई ने बताया कि रीना ने उन्हें बताया था कि कैसे ज़ाकिर उससे शादी करने और उसका इस्लामी धर्मातरण कराने की बातें करता है। पति ने इसे आपस में समझ लेने की बात कही थी, लेकिन उससे पहले ही ये घटना हो गई।

शनिवार के दिन रीना घर में अकेली थी, भाई को शक है कि उस दिन भी ज़ाकिर वहाँ गया होगा। भाई को शक है कि ज़ाकिर ने ही रीना को एसिड पिलाया है। उनका कहना है कि बहन के पेट से 200 ग्राम एसिड निकला था, कोई अकेला व्यक्ति इतना नहीं पी सकता। रीना की ननद जया ने बताया कि मान-मर्यादा के कारण मृतका ने पति को भी ये बात नहीं बताई थी। रीना के किराए का पिछले मकान ज़ाकिर के घर के पास ही था।

तभी से वह उस पर गंदी नजर रख रहा था। मोहल्ले वालों ने आशंका जताई है कि इसी से परेशान होकर रीना के परिवार ने घर बदल लिया था। रीना की एक बेटी 7 साल की है, जबकि एक 5 साल का बेटा भी है। 6 साल में रीना के परिवार ने किराए के 3-4 मकान बदला था। रीना और सुंदर जोशी की शादी 12 साल पहले हुई थी। पति सुबह काम पर निकल जाते थे, रीना घर पर अकेली रहती थी। राजस्व विभाग ने ज़ाकिर के घर को सील कर दिया है।

‘मरने का शौक नहीं, पर एक औरत के कारण मर रहा हूँ’: कपिल शर्मा शो में दिखे कॉमेडियन ने की लाइव सुसाइड की कोशिश

कॉमेडियन तीर्थानंद राव ने आत्महत्या (Tirthanand Rao Suicide) ने लाइव सुसाइड की कोशिश की है। वे ‘द कपिल शर्मा शो’ में ‘जूनियर नाना पाटेकर’ के रूप में नजर आ चुके हैं। फेसबुक लाइव में आपबीती सुनाकर उन्होंने कहा कि खुद को परवीन सिंह बताने वाली परवीन बानो सैयद के टॉर्चर से तंग होकर वे जान दे रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कीटनाशक पी ली। उन्हें लाइव देख रहे लोगों ने इसकी सूचना दी। पुलिस ने तत्काल उन्हें हॉस्प्टिल पहुँचाया और उनकी जान बची।

कॉमेडियन तीर्थानंद राव मंगलवार (13 जून 2023) रात 8:30 बजे फेसबुक पर लाइव आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा है कि वह एक महिला के साथ रिलेशनशिप में हैं। वह खुद को परवीन सिंह बताती है, लेकिन उसका नाम परवीन बानो सैयद है। महिला ने उन्हें बताया है कि 2013 में उसके पति की मौत हो गई थी और उसकी दो बेटियाँ भी हैं।

तीर्थानंद ने कहा कि यह महिला उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने उसके लिए सब कुछ किया। उसके चलते उनके ऊपर 4 लाख रुपए का कर्ज हो गया है। इस सबके बाद भी परवीन बानो ने उनके खिलाफ मारपीट का आरोप लगाते हुए FIR कराई है। कॉमेडियन ने स्वीकार किया कि उन्होंने परवीन बानो को 3-4 झापड़ मारे थे। लेकिन उनका आरोप है कि परवीन बानो और उसकी बेटी उनके साथ मारपीट कर रही है। अगर वह कुछ बोलते या करते हैं तो परवीन बानो उन्हें बलात्कार का केस दर्ज कराने की धमकी देती है।

उन्होंने परवीन बानो के चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह अपनी छोटी बेटी को लेकर किसी आदमी के पास गई थी। अब वह किसी भी ऐसी महिला के साथ कैसे रह सकते हैं जो गलत काम करती हो। उनका कहना है कि परवीन बानो उन पर कोर्ट मैरिज करने का दबाव बना रही है। वह कहती है कि जब कोर्ट मैरिज कर लोगे तभी सारे केस वापस लेगी। उन्होंने कहा, “जिसके साथ 6-7 महीने रहना मुश्किल हो गया है, उसके साथ जीवन भर कैसे रह सकते हैं? उसकी वजह से 10-12 दिन फुटपाथ पर सोना पड़ा है।”

कॉमेडियन तीर्थानंद राव ने लाइव के दौरान मौत के बाद न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा, “किसी को भी मरने का शौक नहीं होता। लेकिन एक औरत के कारण मैं मर रहा हूँ।” इसके बाद उन्होंने गिलास में खटनील नामक कीटनाशक डाला और पी गए। 

आज तक से हुई बातचीत में कॉन्स्टेबल मोरे ने कहा है, “फोन आने के बाद हम मीरा रोड के शांति नगर स्थित बी 51 बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 703 में गए। जहाँ फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था। फ्लैट में तीर्थानंद के अलावा एक कुत्ता भी मौजूद था। वह फ्लैट में लगभग मूर्च्छित अवस्था में थे। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।” वहीं, जब पुलिस ने परवीन बानो को फोन कर बुलाने की कोशिश की तो उसने कहा है, “मरने दो मैं तो वैसे भी उसे छोड़ने वाली थी।” इसके बाद उसने फोन काट दिया।

बता दें कि कॉमेडियन तीर्थानंद राव ने इससे पहले 27 दिसंबर 2021 को भी फेसबुक लाइव पर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। हालाँकि तब पड़ोसियों ने उन्हें ऐसा करते देख लिया था। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया और उनकी जान बच गई थी। तब तीर्थानंद ने इस हरकत के लिए कोविड-19 माहमारी के चलते उत्पन्न हुए आर्थिक संकट को जिम्मेदार बताया था।

पुरोला में लव जिहाद के खिलाफ नहीं होगी महापंचायत, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई रोक पर पुलिस ने लगा दी धारा 144: बोले CM धामी- हाथ में न लें कानून

उत्तराखंड में लव जिहाद (Love Jihad in Uttarakhand) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तरकाशी में गुुरुवार (15 जून 2023) को होने वाली हिंदू महापंचायत को देखते हुए जिले में पुलिस मुस्तैद हो गई है। वहीं, पुरोला में पुलिस ने महापंचायत की इजाजत देने से इनकार करते हुए धारा 144 लगा दी है।

इस महापंचायत को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर विचार करने से सर्वोच्च न्यायालय ने इनकार कर दिया। महापंचायत से राज्य में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की बात कहते हुए दायर याचिका को खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा है।

बता दें कि हिंदू महापंचायत के बाद मुस्लिमों ने 18 जून 2023 को राजधानी देहरादून में महापंचायत करने की घोषणा की है। हालाँकि, तनाव को देखते हुए प्रशासन ने प्रस्तावित महापंचायत की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही पुरोला में धारा 144 लागू कर दी गई है।

हिंदू संगठनों ने प्रशासन से महापंचायत की इजाजत माँगी थी, लेकिन प्रशासन ने कर दिया। इसके बाद इलाके में एक प्लाटून PAC को तैनात किया गया है। इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है। पुलिस ने कहा कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के DGP अशोक कुमार ने कहा, “ज़िला पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सजग और सतर्क है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक कदम हैं, उन्हें उठाए जा रहे हैं। किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी कानून का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी”

वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमने लोगों से कहा है कि शांति व्यवस्था बनाए रखें। कोई कानून को अपने हाथों में ना ले। अभी तक जितनी भी घटनाएँ हुई हैं, प्रशासन ने उस पर सही तरह से काम किया है। अभी तक मारपीट या लूटपाट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। अगर कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा।” 

बता दें कि उत्तरकाशी जिले के पुरोला में लव जिहाद की घटनाएँ लगातार देखने को मिल रही है। 26 मई 2023 को पुरोला कस्बे में उबैद नाम का एक मुस्लिम 9वीं कक्षा की एक नाबालिग हिंदू छात्रा को लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपित और उसके साथी को जेल भेज दिया था।

हालाँकि पुलिस कार्रवाई के बावजूद इस तरह की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पुरोला के बाद से देहरादून, विकासनगर, डोईवाला, टिहरी सहित कई शहर और कस्बों में इस तरह के मामले सामने आए हैं। हालाँकि, पुलिस इन सभी मामलों में कार्रवाई कर रही है।

पुरोला और आसपास के इलाकों में लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं के बाद पुरोला के लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों ने अपने मुस्लिम किराएदारों से घरों को खाली करने के लिए कह दिया। बताया जा रहा है कि कुछ मुस्लिम दुकानदार वहाँ से चले भी गए हैं। इस घटना को लेकर इलाके में तनाव बान हुआ है।

असम में BJP की महिला नेता को मारकर सड़क पर फेंका, कॉन्ग्रेस के हसनुर इस्लाम ने कबूली हत्या: चेहरे पर किए थे ताबड़तोड़ वार

असम में भाजपा की महिला नेता जोनाली नाथ की हत्या के मामले में पुलिस ने कुछ हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। सोमवार (१२ जून, 2023) को पुलिस ने मृत भाजपा नेता के बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया। उसका नाम हसनुर इस्लाम है, जिसने जोनाली नाथ की हत्या की बात कबूल की है। फिर उसने ही लाश को राष्ट्रीय राजमार्ग पर फेंक दिया था। घटना गोलपारा जिले की है। उसने बताया है कि वो पिछले 2 वर्षों से जोनाली नाथ के साथ रिलेशनशिप में था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हसनुर इस्लाम गोलपारा के मटिया क्षेत्र में कॉन्ग्रेस का नेता है। इससे पहले वो ‘ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन (AAMSU)’ का सदस्य हुआ करता था। CID ने पाया है कि आरोपित ने हाल ही में किसी अन्य महिला से शादी क्र ली थी, जिससे जोनाली नाथ गुस्सा थीं। CID के इंस्पेक्टर जनरल देबराज उपाध्याय ने बताया कि रविवार की रात हसनुर इस्लाम का जोनाली नाथ के साथ कार में ही झगड़ा हुआ था।

जब जोनाली ने हसनुर की शादी को लेकर उससे सवा किए और बहस किया, तब कॉन्ग्रेस नेता ने उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ मारना शुरू कर दिया। वो तब तक ऐसा करता रहा, जब तक वो बेहोश नहीं हो गईं। उस दिन शाम को जोनाली उससे मिलने आई थीं। उसने कार में जोनाली को बिठाया और भीतर ही झगड़ा होने लगा। डॉक्टरों का कहना है कि हत्या के लिए किसी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया है। जोनाली की हत्या के बाद हसनुर ने सालपरा में सड़क किनारे लाश फेंक दी और मृतका का फोन भी स्विच ऑफ कर दिया।

पुलिस ने जाँच में पाया कि कार में पाए गए खून के धब्बे जोनाली नाथ के ही थे और कार का मालिक हसनुर इस्लाम ही है। जोनाली नाथ भी पहले से शादीशुदा थीं। परिवार ने बताया कि रविवार को वो शाम 4:30 बजे निकली थीं। 7 बजे उनके पति ने उन्हें कई बार कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उनकी बड़ी बेटी ने भी उन्हें व्हाट्सएप्प पर मैसेज किया था। हसनुर ने शाम 7:13 बजे जोनाली का फोन ऑफ किया था। पुलिस ने यौन प्रताड़ना के एंगल को नकार दिया है।

जॉब स्कैम में तमिलनाडु के बिजली मंत्री गिरफ्तार: ED के हिरासत में लेते ही की सीने में दर्द की शिकायत, फूट-फूटकर रो पड़े

तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी को बुधवार (14 जून 2023) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। कैश फॉर जॉब घोटाले को लेकर एजेंसी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। इसके बाद उन्हें मेडिकल के लिए ले जाया गया, जहाँ वह फूट-फूटकर रोते नजर आए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंथिल बालाजी मंगलवार (13 जून, 2023) को मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान सुबह करीब 7 बजे ईडी ने उनके घर पर छापा मारा था। इसकी सूचना मिलने पर बालाजी टैक्सी पकड़ कर घर गए। इसके बाद शुरू हुई लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब ईडी उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड की माँग करेगी।

रोते नजर आए सेंथिल बालाजी

लंबी पूछताछ के बाद जब ED ने सेंथिल बालाजी को हिरासत में लिया, तब उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें मेडिकल जाँच के लिए चेन्नई के ओमंदुरार सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहाँ वह रोते हुए नजर आए। इस दौरान मंत्री के समर्थक हॉस्पिटल के बाहर नारेबाजी करते दिखाई दिए।

इस मामले में DMK सांसद एनआर एलांगो का कहना है, “जब सेंथिल बालाजी को ICU में भर्ती किया जा रहा था, तब मैंने उन्हें देखा था। डॉक्टर उनका मेडिकल चेकअप कर रहे हैं। यह एक प्रक्रिया के तहत हो रहा है। जब कोई कहता है कि उसके साथ मारपीट की गई तो डॉक्टर उसकी सभी चोटों को नोट कर रिपोर्ट देते हैं। बाकी चीजें रिपोर्ट सामने आने के बाद पता चलेगीं। सेंथिल की गिरफ्तारी को लेकर ED ने हमें आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया।” वहीं, DMK मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा, “सेंथिल बालाजी का इलाज चल रहा है। हम इससे कानूनी तौर पर निपटेंगे। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की डराने वाली राजनीति से हम नहीं डरते।”

क्यों हुई गिरफ्तारी

सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी परिवहन विभाग में हुए कैश फॉर जॉब घोटाला मामले में हुई। साल 2011 से 2016 तक AIADMK सरकार में सेंथिल बालाजी परिवहन मंत्री थे। इसी दौरान उन पर नोट के बदले नौकरी देने का आरोप है। इस घोटाले का खुलासा होने के बाद जाँच टीम गठित की गई। पुलिस ने जाँच कर सेंथिल बालाजी समेत 46 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस घोटाले में परिवहन विभाग के कई बड़े अधिकारियों को भी नामजद किया गया है।

चूँकि मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जाँच पुलिस और आयकर विभाग से होते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुँच गई। इसके बाद ED ने उन्हें नोटिस भेजा था। लेकिन सेंथिल ED के इस नोटिस के खिलाफ कोर्ट चले गए, जहाँ उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए पुलिस और ED को जाँच करने की अनुमति दे दी। इसके बाद अब ईडी ने छापेमार कार्रवाई करते हुए सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले आयकर विभाग भी उनके ठिकानों पर छापेमारी कर चुका है।

‘अजमेर 92’ जिस सेक्स कांड की कहानी, उस पर लिखने वाले पत्रकार की अस्पताल में घुसकर की गई थी हत्या: 30 साल बाद बेटों ने लिया था ‘बदला’

इसी साल जुलाई में अजमेर 92 रिलीज होनी है। मुस्लिम संगठन इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। यह फिल्म 90 के दशक में राजस्थान के अजमेर में 100 से अधिक लड़कियों की ब्लैकमेलिंग और रेप की घटना पर आधारित है। देश के इस सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल में मुख्य भूमिका अजमेर दरगाह के खादिमों के परिवार से जुड़े लोगों की थी। उस समय भी इस मामले पर लीपापोती की कोशिश हुई थी। इस स्कैंडल पर लिखने वाले पत्रकार की हत्या तक कर दी गई थी।

इस पत्रकार का नाम मदन सिंह था। मदन सिंह पर पहले सड़क पर हमला हुआ। इसमें वे जान बचाने में सफल रहे। इसके बाद अस्पताल में घुसकर उनकी हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड इसी साल जनवरी में भी चर्चा में आया था। 7 जनवरी 2023 को पुष्कर के बांसेली गाँव स्थित एक रिसॉर्ट में एक हिस्ट्रीशीटर को गोलियों से भून दिया गया था। इस घंटना के आरोपित सूर्य प्रताप सिंह और धर्म प्रताप सिंह हैं। दोनों उसी पत्रकार मदन सिंह के बेटे हैं जिनकी सितंबर 1992 में हत्या की गई थी। हिस्ट्रीशीटर को मार गिराने के बाद कथित तौर पर इन्होंने मौके पर पिता का बदला लेने की बात चिल्लाकर कही भी थी।

कैसे हुई पत्रकार मदन सिंह की हत्या

अजमेर में चल रहे सेक्स स्कैंडल का खुलासा 1992 में स्थानीय अखबारों ने ही किया था। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार मदन सिंह एक स्थानीय अखबार ‘लहरों की बरखा’ के संपादक थे। इस अखबार ने सेक्स स्कैंडल पर सीरिज छापनी शुरू की थी। इससे कई सफेदपोश बेनकाब हो रहे थे। मदन सिंह को धमकी मिल रही थी। वे सेक्स स्कैंडल पर 76 किस्त प्रकाशित कर चुके थे। उनकी पत्नी आशा कंवर के मुताबिक 4 सितंबर 1992 को वे एक और किस्त प्रकाशित कर कुछ बड़े नामों का खुलासा करने वाले थे। लेकिन उसी दिन उन पर हमला हो गया।

मदन सिंह स्कूटर में पेट्रोल भरवाने घर से निकले थे। रास्ते में एंबेसडर में सवार लोगों ने उन पर फायरिंग की। वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पास के एक नाले में छलांग लगाकर जान बचाई। इसके बाद उन्हें अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन 11 सितंबर को अस्पताल के वार्ड में कुछ लोगों ने घुसकर उन्हें गोली मार दी।

मदन सिंह की माँ के बयान के आधार पर कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार जयपाल, सवाई सिंह, नरेन्द्र सिंह सहित अन्य लाेगाें के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन साल 2012 में अदालत ने सभी को बरी कर दिया।

30 साल बाद पत्रकार के बेटों का बदला

पुष्कर के बांसेली गाँव का एक रिसॉर्ट 7 जनवरी 2023 के दिन अचानक गोलियों से गूँज उठा। हिस्ट्रीशीटर और पूर्व पार्षद सवाई सिंह की हत्या कर दी गई। फायरिंग थमने के बाद एक आवाज गूँजी- हमने बाप की मौत का बदला ले लिया। फायरिंग करने वालों की पहचान सूर्य प्रताप सिंह और धर्म प्रताप सिंह के तौर पर हुई। मदन सिंह की हत्या में सवाई सिंह भी आरोपित था। इसके बाद दोनों हत्या के कनेक्शन जुड़ते गए। इस हत्या को अंजाम देने से पहले भी एक बार मदन सिंह के बेटों ने सवाई और जयपाल पर फायरिंग की थी। लेकिन, उस समय दोनों बच गए थे।

क्या है अजमेर सेक्स कांड

अजमेर में 100 से ज्यादा लड़कियों को फँसा कर रेप किया गया था। अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर उनसे कहा गया कि वे अन्य लड़की को फँसा कर लाए। इस तरह से पूरा रेप चेन सिस्टम बनाया गया था। फारुक चिश्ती, नफीस चिश्ती और अनवर चिश्ती- इस कांड के मुख्य आरोपित थे। तीनों ही यूथ कॉन्ग्रेस के लीडर थे। फारूक उस समय इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस की अजमेर यूनिट का अध्यक्ष था। नफीस चिश्ती कॉन्ग्रेस की अजमेर यूनिट का उपाध्यक्ष था। अनवर चिश्ती अजमेर में पार्टी का ज्वाइंट सेक्रेटरी था। साथ ही तीनों अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम भी थे। इस तरह से उनके पास राजनैतिक और मजहबी, दोनों ही ताकत थी।

बताया जाता है कि आरोपितों ने सबसे पहले एक बिजनेसमैन के बेटे के साथ कुकर्म कर उसकी अश्लील तस्वीर उतारी और उसे अपनी गर्लफ्रेंड को लाने के लिए मजबूर किया। उसकी गर्लफ्रेंड से रेप के बाद उसकी अश्लील तस्वीरें निकाल ली और लड़की को अपनी सहेलियों को लाने के लिए कहा गया। फिर यह सिलसिला ही चल पड़ा। एक के बाद एक लड़की के साथ रेप करना, न्यूड तस्वीरें लेना, ब्लैकमेल कर उसकी भी बहन/ सहेलियों को लाने के लिए कहना और उन लड़कियों के साथ भी यही घृणित कृत्य करना- इस चेन सिस्टम में 100 से ज्यादा लड़कियों के साथ भी शर्मनाक कृत्य किया।

उस जमाने में आज की तरह डिजिटल कैमरे नहीं थे। रील वाले थे। फोटो निकालने के लिए जिस स्टूडियो में दिया गया, वह भी चिश्ती का दोस्त और मुस्लिम समुदाय का ही था। उसने भी एक्स्ट्रा कॉपी निकाल लड़कियों का शोषण किया। ये भी कहा जाता है कि स्कूल की इन लड़कियों के साथ रेप करने में नेता और सरकारी अधिकारी भी शामिल थे। आगे चलकर ब्लैकमैलिंग में और भी लोग जुड़ते गए।

हरियाणा सरकार और किसानों में समझौता, राकेश टिकैत बोले- प्रदर्शन खत्म: भावांतर से होगी सूरजमुखी पर भरपाई

हरियाणा की बीजेपी सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है। सूरजमुखी की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद को लेकर सहमति बन गई है। गिरफ्तार किए गए किसान नेता भी रिहा होंगे। किसानों ने मंगलवार (13 जून, 2023) रात प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान भी कर दिया।

किसान आंदोलन खत्म करने का ऐलान करते हुए BKU नेता राकेश टिकैत ने कहा है, “हमारा यह आंदोलन MSP पर खरीद शुरू करने के लिए था। हमने देश के प्रधानमंत्री द्वारा तय किए गए रेट माँगे थे। यह लड़ाई देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के बीच थी। हमारी MSP पर लड़ाई पूरे देश में होगी। हम प्रधानमंत्री को आगे रखेंगे, जो प्रधानमंत्री का रेट है वो हर राज्य को देना पड़ेगा। MSP गारंटी कानून के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत पड़ेगी। बड़े आंदोलन की शुरुआत यहाँ से हो गई है।”

टिकैत ने आगे कहा है, “यहाँ से सभी जाम खुल जाएगा। कोर्ट की प्रक्रिया के बाद गिरफ्तार किए गए लोग 1-2 दिन में बाहर आ जाएँगे। सरकार ने केस वापसी की बात कही है। यह आंदोलन समाप्त हुआ है। MSP के साथ ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर भी बड़ा आंदोलन होगा। इस आंदोलन की समाप्ति एक समझौता है।”

कुरुक्षेत्र के DC शांतनु शर्मा ने मंगलवार (13 जून, 2023) को कहा, “कुछ दिनों पहले 4800 रुपए में सूरजमुखी की फसल खरीदने का काम शुरू हुआ था। आज का रेट 4900 रुपए हो गया है। हमें इस रेट को तत्काल 5000 करने का आदेश मिला है। हरियाणा सरकार किसानों के हित को सर्वोपरि रखती है और हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। सरकार आगे भी या तो रेट बढ़ाकर या भावांतर से उचित मूल्य देने का काम करेगी।”

भावांतर से ₹1400 देगी सरकार

बता दें कि आंदोलन की समाप्ति को लेकर मंगलवार (13 जून, 2023) को किसान यूनियन और कुरुक्षेत्र प्रशासन के बीच बैठक हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से DC शांतनु शर्मा बातचीत के लिए पहुँचे थे। इस दौरान किसानों को सूरजमुखी के लिए 6400 रुपए प्रति क्विंटल देने के लिए हामी भरी गई। किसानों और प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत सूरजमुखी की फसल 5000 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकेगी। राज्य सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों के खाते में 1400 रुपए अलग से भेजेगी। राज्य सरकार के फैसले के बाद किसानों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

6 जून से शुरू हुआ था आंदोलन

बता दें कि 6 जून 2023 को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व मे शाहाबाद के पास किसानों ने आंदोलन शुरू हुआ था। इस दौरान MSP की माँग कर रहे किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। आंदोलनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की थी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। 

झड़प के बाद गुरुनाम सिंह चढूनी समेत 9 लोगों को दंगा समेत अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद किसान नेताओं ने सोमवार (12 जून, 2023) को कुरुक्षेत्र के पीपली में नेशनल हाइवे जाम कर दिया था। प्रशासन और किसानों के बीच बनी सहमति के बाद यह जाम खुल गया है।