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इंस्टाग्राम पर भगवान राम को ‘आतंकी’ बता कर गाली देता था सिराजुल फरहाद, मजाक वाली इमोजी भी लगाता था: अब धराया, बायो में लिखा था – मुस्लिम होने पर गर्व

असम के लखीमपुर जिले की पुलिस ने सोशल मीडिया पर हिन्दू देवताओं को गाली देने के आरोप में सिराजुल फरहाद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। फटहाड के इंस्टाग्रम स्क्रीनशॉट वायरल हुए थे जिसमें वो भगवान राम के बारे में अभद्र टिप्पणी कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी की माँग सोशल मीडिया पर उठी थी। असम के DGP ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोपित की गिरफ्तारी शनिवार (10 जून, 2023) को हुई है।

सिराजुल फरहाद को इंस्टाग्रम पर 823 लोग फॉलो करते हैं। उसने अपनी बायो में मुस्लिम होने पर गर्व बताया है। सिराजुल के खिलाफ 9 जून 2013 (शुक्रवार) को @_ahania नाम के हैंडल से उसके खिलाफ असम पुलिस मुख्यालय और DGP को टैग करते हुए शिकायत दर्ज गई थी। शिकायत में सिराजुल की इंस्टाग्रम ID का बता कर कुछ स्क्रीनशॉट अटैच किए गए थे। लगभग 3 अलग-अलग स्क्रीनशॉट में सिराजुल द्वारा भगवान राम को आतंकी बताते हुए अपशब्द कहे गए थे। इन गालियों के साथ सिराजुल ने हँसी की इमोजी भी लगा रखी थी।

शिकायतकर्ता ने सिराजुल को बिहपुरियागाँव का बताते हुए कार्रवाई की माँग की थी। आरोपित की इस हरकत को राज्य म अशांति फ़ैलाने की साजिश भी बताया गया। इस ट्वीट पर तमाम कमेंट भी आए। इन सभी ने सामूहिक तौर पर सिराजुल की हरकत से नाराजगी जताई और गिरफ्तारी की माँग उठाई। आखिरकार असम के DGP जी पी सिंह ने 9 जून को ही मामले का संज्ञान लेते हुए लखीमपुर पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया था।

असम की लखीमपुर थाना पुलिस ने फ़ौरन ही मामले की पड़ताल शुरू दी। पुलिस द्वारा अपने खिलाफ कार्रवाई की जानकारी होते ही सिराजुल ने अपने इंस्टाग्रम हैंडल को डिएक्टिवेट कर लिया था। पुलिस को सिराजुल की लोकेशन नहरलगुन (Naharlagun) में मिली। यह स्थान अरुणाचल प्रदेश के रंगिया डिवीजन में पड़ता है। गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान में अरुणांचल प्रदेश पुलिस की भी मदद ली गई। आखिरकार 10 जून (शनिवार) को सिराजुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

सिराजुल मूल रूप से लखीमपुर के ही थानाक्षेत्र ललुक के कुतुबपुर इस्लामपुर गाँव का रहने वाला है। पुलिस ने बताया है कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

केजरीवाल की जिस रैली में लाखों लोगों के जुटने का था दावा, वहाँ से आई खाली कुर्सियों की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अगुवाई वाली केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में रविवार (11 जून 2023) को रैली का आयोजन किया। इस रैली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने 5 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया।

हालाँकि, भाजपा ने सीएम केजरीवाल के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। भाजपा नेताओं ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि सीएम केजरीवाल के दावे के विपरीत लोगों के लिए लगाई गईं कुर्सियाँ खाली पड़ी हैं।

भाजपा नेताओं ने अरविंद केजरीवाल की रैली को फ्लॉप बताया है। कपिल मिश्रा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “AAP की महा फ्लॉप रैली 11 बजे रामलीला मैदान में सब ख़ाली सुना है CM फ़ोन पर अपने नेताओं को गालियाँ दे रहे हैं।”

दिल्ली भाजपा ने रैली स्थल की एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “महाफ्लॉप हुई आप की महारैली जनता भी जान चुकी है कि केजरीवाल और आप कितने बड़े धूर्त हैं। कुर्सियां खाली पड़ी हैं। दिल्ली वालों ने बता दिया कि अब झांसे में नहीं आएंगे। स्थान -रामलीला मैदान समय – सुबह 11:00 बजे।”

बता दें कि दिल्ली सरकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केन्द्र सरकार ने अध्यादेश लाया था। इस आध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने इस रैली का आयोजन किया गया है। इस दौरान सीएम केजरीवाल ने केंद्र की भाजपा सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

इस रैली में अरविंद केजरीवाल के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा शिक्षा मंत्री आतिशी, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज एवं अन्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता मौजूद रहे। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मंच पर उपस्थित थे।

‘120 गुंडों ने मेरी पत्नी के कपड़े उतार दिए, घसीट-घसीट कर पीटा’: तमिलनाडु में सेना के जवान ने घुटने के बल बैठ माँगा न्याय, वीडियो आया सामने

तमिलनाडु के वेल्लोर में भारतीय सेना के एक सैनिक की पत्नी को मार-मारकर अर्धनग्न किए जाने की खबर मीडिया में आ रही है। बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम 120 लोगों ने मिलकर दिया। इस दौरान महिला को घसीटा और पीटा गया। पीड़िता की हालत गंभीर है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

उनके पति प्रभाकरन ने इस संबंध में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है और पीड़ित पत्नी के लिए न्याय की गुहार लगाई है। हालाँकि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने कहा है कि इस मामले को बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया।

खबरों के मुताबिक, वीडियो में भारतीय सैनिक हाथ जोड़कर और घुटनों पर बैठकर न्याय माँगते दिख रहे हैं। वह कहते हैं, “मेरी पत्नी लीज पर लेकर एक दुकान चलाती है। 120 लोगों ने घुसकर उसे मारा और उसकी दुकान के सामान फेंके। मैंने अपनी याचिका एसपी को भेजी है। वो मामले में एक्शन लेंगे। मैं देश को दुश्मनों को बचाने के लिए भारतीय सेना में हूँ और अभी कश्मीर में तैनात हूँ। अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर हूँ। मेरी पत्नी पर चाकू से हमला हुआ, उसे अर्धनग्न किया गया।”

बता दें कि तमिलनाडु की इस घटना पर सेना के जवान हवलदार प्रभाकरन की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने इस मामले की प्रारंभिक जाँच के बाद कहा है कि मामले को बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया।

पुलिस के अनुसार, ये दुकान रेणुगम्बल मंदिर से संबंधित भूमि पर है। कुमार नाम के शख्स ने प्रभाकरन के ससुर सेल्वामूर्ति को पाँच साल की अवधि के लिए 9.5 लाख रुपए में इसे पट्टे पर दिया था। कुमार की मृत्यु के बाद, उनका बेटा रामू दुकान वापस चाहता था, इसलिए वह पैसे वापस करने के लिए सहमत हो गया और 10 फरवरी को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। लेकिन बाद में रामू ने कहना है कि सेल्वामूर्ति ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और दुकान छोड़ने से इनकार कर दिया।

इस संबंध में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद तमिलनाडु के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एन थीआगराजन वेटेरन ने घटना की निंदा करते हुए तत्काल प्रतिक्रिया और कार्रवाई का अनुरोध किया।

वहीं, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा, “कश्मीर में हमारे देश की बहादुरी से सेवा कर रहे हवलदार और तिरुवन्नमलाई में रहने वाली उनकी पत्नी से टेलीफोन पर बातचीत हुई। वास्तव में उसकी कहानी सुनकर बहुत कष्ट हुआ। मुझे शर्म महसूस हुई कि हमारी तमिल धरती पर उसके साथ ऐसा हुआ। हमारी पार्टी के लोग अब उन्हें देखने के लिए जा रहे हैं, जो वेल्लोर के एक अस्पताल में भर्ती हैं। बीजेपी उन्हें न्याय दिलाने के लिए सैनिक और उनके परिवार के साथ खड़ी है।”

पंजाब की AAP सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाया VAT: 4 महीने में दूसरी बढ़ोतरी, विपक्षी BJP ने कहा – ये पूरे देश में महँगाई-महँगाई चिल्लाते हैं

पंजाब में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने का फैसला किया है। इससे राज्य में पेट्रोल की कीमतों में 92 पैसे और डीजल में 88 पैसे की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले फरवरी में वैट बढ़ने के साथ पेट्रोल, डीजल की कीमत बढ़ गई थी। 

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब सरकार ने शनिवार (10 जून, 2023) को पेट्रोल डीजल में वैट बढ़ाने को लेकर एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि डीजल में 12% या 10.02 रुपए प्रति लीटर (जो भी अधिक हो) तथा पेट्रोल में 15.74% या 14.32 रुपए प्रति लीटर (जो भी अधिक हो) वैट बढ़ाया जा रहा है। 

इससे पंजाब में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 98.65 रुपए हो गई है। वहीं, डीजल की कीमत 88.95 रुपए हो गई है। बढ़ी हुई कीमतें शनिवार-रविवार (10-11 जून 2023) मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी से पहले चंडीगढ़ में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 84.26 रुपए व डीजल की कीमत 96.20 रुपए थी। वहीं अब, चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 105.24 रुपये प्रति लीटर होगी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी से पंजाब सरकार हर साल करीब 600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई करेगी।

बता दें कि इससे पहले फरवरी 2023 में भी भगवंत मान सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 90 पैसे का वैट बढ़ाया था। इससे पंजाब सरकार के राजस्व में अतिरिक्त कमाई के रूप में सालाना 300 करोड़ रुपए जुड़ेगा।

पंजाब में तेल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को लेकर BJP ने AAP पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “AAP का मतलब आम आदमी पार्टी नहीं, बल्कि एंटी आम आदमी पार्टी हो गया है। अरविंद केजरीवाल के कहने पर भगवंत मान ने जनविरोधी फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ा दिया है। इससे AAP का एक और पाप सामने आया है। पूरे देश में महँगाई-महँगाई चिल्लाते हैं और अपने-अपने राज्यों में पेट्रोल, डीजल पर वैट बढ़ा देते हैं।”

उन्होंने आगे कहा है, “कर्नाटक कॉन्ग्रेस ने बिजली के दाम बढ़ाए और हिमाचल में डीजल पर वैट बढ़ा दिया। पंजाब में यह सब इसलिए हो रहा है  क्योंकि केजरीवाल के मॉडल के तहत काम करने पर पंजाब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पंजाब दिवालिया होने की ओर जा रहा है। चुनावी वादे पूरे करने का कोई तरीका नहीं बचा है इसलिए किसानों और गरीबों पर भार डालकर अपने राजनीतिक हितों को साधने वाले वादे पूरे करना चाहते हैं।”

उत्तराखंड में मौलानाओं ने किया ‘मुस्लिम महापंचायत’ का ऐलान: ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सड़क पर हिन्दू, कहा- मुस्लिम दुकानदारों को नहीं दी धमकी, खुद भाग रहे

लव जिहाद और धर्मांतरण से त्रस्त उत्तराखंड के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ अब आम लोग भी इसके दूरगामी परिणाम को लेकर सतर्क हो गए हैं। पुरोला में हुई हाल की लव जिहाद घटना के बाद राज्य में तनाव है और पुरोला के लोगों ने मुस्लिम किराएदार दुकानदारों से अपनी संपत्तियाँ खाली करानी शुरू कर दी है। वहीं, मुस्लिम समाज ने इसको लेकर राजधानी देहरादून में महापंचायत का आह्वान किया है।

लव जिहाद की घटना के बाद पुरोला और उसके आसपास के हिंदू मकान मालिकों ने अपनी संपत्ति खाली करने के लिए 15 जून 2023 तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद कुछ लोगों ने अपनी दुकान खाली कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि इसको लेकर एक पोस्टर भी चिपकाया गया था।

आजतक से बातचीत में उत्तरकाशी डिप्टी एसपी सुरेंद्र सिंह भंडारी ने मुस्लिम दुकानों के भागने की खबर का खंडन किया है। DSP ने कहा कि बड़कोट में मुस्लिम व्यापारियों की दुकानें खुली हुई हैं। उन्होंने कहा कि अगर कहीं दुकानें खाली करने का मामला होगा तो वह स्वेच्छा से किया गया होगा। कुल मिलाकर हालात नियंत्रण में है।

पुरोला में अपनी दुकान खाली कर रही एक महिला मुस्लिम ने बताया कि उसने देहरादून में नई दुकान ली है। इसलिए वह अपनी इच्छा से पुरोला छोड़कर जा रही है। वहाँ के स्थानीय हिंदू लोगों ने भी जबरन खाली कराने या धमकी देने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम व्यापारी खुद अपने घर लौट रहे हैं।

दरअसल, उत्तरकाशी जिले की पुरोला नगर पंचायत में कुछ दिन पहले मुस्लिम समुदाय के 2 युवक एक स्थानीय दुकानदार की नाबालिग बेटी को भगाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया था। इसके बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

स्थानीय निवासी राकेश का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह में पुरोला में घटी लव जिहाद की जिस घटना से लोग नाराज हैं, उसके बाद भी आसपास में वैसी ही 2 अन्य घटनाएँ घटी हैं। ताजा घटना का जिक्र करते हुए राकेश ने बताया कि 8 जून 2023 (गुरुवार) की सुबह 3 बजे उन्होंने 2 नाबालिग हिन्दू लड़कियों को चकराता के पास से बरामद किया है।

राकेश के मुताबिक, पीड़िताएँ नेपाली मूल की हैं। इन दोनों लड़कियों को एक मुस्लिम युवक अपने साथ कहीं लेकर जा रहे थे। लड़कियों को ऑनलाइन गेम के माध्यम से फँसाया गया था। एक आरोपित का नाम नवाब उर्फ़ गुड्डू बताया जा रहा है और वह यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।

इधर, मुस्लिम समाज 18 जून 2023 को देहरादून में मुस्लिम महापंचायत का ऐलान किया है। देहरादून के पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद के मौलाना और शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी की अध्यक्षता में उलेमाओं की बैठक होगी।

यह पंचायत गाँधी रोड स्थित पुराने बस स्टैंड के पीछे आयोजित की जाएगी। कहा जा रहा है कि इसमें मुस्लिमों के पलायन पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरिद्वार, हल्द्वानी, रूड़की, देहरादून, विकासनगर आदि जिलों के मौलाना भाग लेंगे।

‘मैं कानूनी रूप से नील रतन की पत्नी, कट्टरपंथी मुल्ले ने बताया अवैध संबंध, बच्चे को कहा हराम’: शोएब जमई के खिलाफ एक्शन में बाल आयोग और महिला आयोग

इस्लामी कट्टरपंथी शोएब जमई को टीवी शो के दौरान सुबुही खान का अपमान करना भारी पड़ता दिख रहा है। दरअसल, शोएब जमई ने सुबुही खान की शादी को अवैध और उनके बेटे को ‘हराम’ कहा था। इसको लेकर शोएब के खिलाफ दिल्ली पुलिस में पहले ही FIR दर्ज हो चुकी है। वहीं, अब सुबुही खान ने महिला आयोग व बाल संरक्षण आयोग से इस मामले की शिकायत की है।

सुबुही खान ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा व राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को ट्विटर पर टैग करते हुए एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “मैं कानूनी रूप से विवाह के बाद सरकारी अधिकारी श्री नील रतन की पत्नी हूँ। हमने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की और यह कट्टरपंथी मुल्ला हमारी शादी को ‘जिना’ यानी अवैध यौन संबंध और हमारे पाँच साल के बेटे को ‘हराम’ कह रहा है। रेखा शर्मा और प्रियंक कानूनगो कृपया संज्ञान लीजिए।”

इस ट्वीट के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मामले की पूरी जानकारी महिला आयोग के मेल आईडी पर भेजने के लिए कहा है। इसी प्रकार, प्रियंक कानूनगो ने भी सुबुही से डिटेल मेल करने के लिए कहा है।

क्या है मामला

दरअसल, ‘न्यूज़ 18’ के लाइव डिबेट शो में अशोक पंडित की आगामी फिल्म ’72 हूरें’ को लेकर डिबेट हो रही थी। इसी दौरान, शोएब जमाई ने न केवल सुबुही खान का अपमान किया बल्कि उनके मासूम बेटे को ‘हराम’ कहते हुए मामले में घसीट कर ले आए। इसके बाद सुबुही खान भड़क गईं और उन्होंने स्टूडियो में शोएब जमाई की पिटाई कर दी।

यही नहीं, सुबुही ने शोएब जमाई को फटकार लगाते हुए कहा, “चल भाग यहाँ से तेरी औकात क्या है…तेरे बाप को भी मारूँगी।” बता दें कि सुबुही खान ने एक हिन्दू से शादी की है। उनके पति का नाम नील रतन पटेल है। उनके हिंदू व्यक्ति से शादी करने को लेकर ही इस्लामिक कट्टरपंथी शोएब जमाई ने टिप्पणी की थी।

गौरतलब है कि टीवी डिबेट के दौरान, जब सुबुही खान ने शोएब जमाई की पिटाई कर दी। तब पत्रकार अमन चोपड़ा और अन्य अतिथियों ने किसी तरह बीच-बचाव किया और शोएब जमाई को लेकर सुबुही खान से दूर लेकर गए। ज्ञात ही कि शोएब जमाई के खिलाफ दिल्ली पुलिस में भी अधिवक्ता शशांक शेखर झा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि वो ऐसे किसी डिबेट शो का हिस्सा नहीं बनेंगे, जिसमें शोएब जमाई होगा।

‘दिल्ली के रैन-बसेरों में इस्लामी धर्मांतरण गिरोह, केजरीवाल सरकार दे रही साथ’: पुलिस ने मोहम्मद कलीम को दबोचा, मुस्लिम बनने के बदले सरकारी नौकरी का लालच

दिल्ली पुलिस ने जनरं इस्लामी धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले 28 वर्षीय मोहम्मद कलीम को गिरफ्तार किया है। चाँदनी महल थाना क्षेत्र में स्थित तुर्कमान गेट के पास बने एक रैन-बसेरा के केयरटेकर संदीप सागर पर दबाव बनाया था कि वो हिन्दू धर्म छोड़ दे और इस्लाम अपना कर मुस्लिम बन जाए। साथ ही उसने रुपयों का लालच भी दिया। उसने कहा कि अगर संदीप मुस्लिम बन जाता है तो वो उसकी सरकारी नौकरी भी लगवा देगा।

संदीप सागर ने पुलिस में उसकी शिकायत कर दी। उसने बताया है कि मोहम्मद कलीम न सिर्फ हिन्दू धर्म के बारे में गलत बातें बोलता था, बल्कि YouTube पर कट्टर मजहबी वीडियो दिखा कर उसके ब्रेनवॉश का प्रयास भी करता था। वो हिन्दू धर्म का बहिष्कार करने की बातें करता था। वो कहना था कि हिन्दू धर्म की कोई विशेषता नहीं है, इसमें कोई अच्छी बात नहीं। पुलिस ने शुक्रवार (9 जून, 2023) को इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया है।

उसके खिलाफ IPC की धारा-153A (विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 295A (किसी समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करना) लगाई गई है। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पूछा है कि क्या दिल्ली के रैन-बसेरो में इस्लामी धर्मांतरण का गिरोह चल रहा है? वहाँ आने वाले लोगों को मुस्लिम बनाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि ये अरविंद केजरीवाल की सरकार का नया खेल है, जिसका अब पर्दाफाश हुआ है।

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष ने कहा, “केजरीवाल सरकार के मंत्री स्वयं हिन्दू धर्म के विरुद्ध अभियान चलाते रहे हैं और ऐसे में अब सरकारी रैन-बसेरे में हुई धर्मांतरण की इस घटना से साफ है कि केजरीवाल सरकार हिन्दू धर्म विरोधी धर्मांतरण को प्रोत्साहन देने वाली ताकतों के साथ है।”

याद हो कि दिल्ली से सटे गाजियाबाद में हाल ही में गेमिंग इंडस्ट्री में इस्लामी धर्मांतरण के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इसके तार महाराष्ट्र और पाकिस्तान तक जुड़े हुए निकले हैं। मुख्य आरोपित शाहनवाज मकसूद खान नाबालिग छात्रों का ब्रेनवॉश करने के लिए बनाए गए सोशल मीडिया ग्रुप में पाकिस्तानी चैनल यूथ क्लब के वीडियो को शेयर करता था। इसमें पाकिस्तानी मौलाना तारिक जमील और भारत के भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक ज़ाकिर नाइक के वीडियो भी शामिल हैं।

‘नशेड़ी और व्यभिचारी अब भगवान राम की भूमिका करेगा, कैसा कलियुग है’: रामायण पर रणबीर-आलिया की फिल्म, भड़कीं कंगना

भगवान श्रीराम और माता सीता की कथा पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) के बाद रामायण पर एक और फिल्म बनने की खबर आ रही है। इस फिल्म में रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) भगवान राम, आलिया भट्ट (Alia Bhatt) माता सीता और केजीएफ स्टार यश (Yash) रावण की भूमिका में होंगे। इस खबर पर बॉलीवुड अभिनेत्री-निर्माता कंगना रनौत (Kangna Ranaut) भड़क गई हैं।

हालाँकि, इस फिल्म को लेकर अभी किसी तरह आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और नही किसी अभिनेता के बारे में किसी चरित्र को लेकर कुछ कहा गया है। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में रणबीर कपूर के राम बनने की खबर आने के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लिखी है।

अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना ने लिखा है, “मैंने सुना है कि बॉलीवुड में रामायण पर एक और मूवी बनने वाली है, जिसमें एक दुबला-पतला सफेद चूहा (कथित अभिनेता) जिसे धूप और विवेक की जरूरत है, क्योंकि वह इंडस्ट्री में लगभग सबके खिलाफ गंदा पीआर करने के लिए कुख्यात है… नशेड़ी और औरतखोरी के लिए कुख्यात है, ट्राइलॉजी में (जो किसी ने देखी नहीं या उसके और पार्ट्स बनाना नहीं चाहता) खुद को भगवान शिव साबित करना चाहता है, वह अब भगवान राम बनना चाहता है…।”

कंगना ने आगे लिखा, “वहीं, एक साउथ इंडियन सुपरस्टार जो सेल्फमेड पर्सन है, जो पूरी से फैमिली मैन है और परंपराओं को मानता है, वाल्मीकि जी के वर्णन के अनुसार वह भगवान राम की तरह दिखता है… उसे रावण का रोल ऑफर किया गया है…यह कैसा कलयुग है? ड्रग्स लेने वाले किसी भी अजीब व्यक्ति को भगवान राम की भूमिका नहीं निभानी चाहिए। जय श्रीराम।”

इसके बाद कंगना ने एक दूसरी इंस्टाग्राम स्टोरी लगाई है, जिसमें उन्होंने डेंजर अलर्ट का स्टिकर लगाया। इसमें उन्होंने लिखा है, “अगर तुमने मुझे एक बार मारा तो मैं तुम्हें तब तक मारूँगी, जब तक की तुम्हारी मौत नहीं हो जाती!!! मुझसे पंगा मत लो, दूर रहो !!!!”

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि फिल्म निर्माता पिछले 8 महीने से रावण की भूमिका के लिए यश से बात कर रहे हैं। हालाँकि, रावण के रोल के लिए यश की तरफ से अभी कोई कन्फर्मेशन नहीं दिया गया है। फिल्म के निर्देशक मधु मंटेना होंगे। कहा जा रहा है कि फिल्म की आधिकारिक घोषणा इस साल दिवाली पर हो सकती है।

भूख से जूझते अफगानिस्तान को 2 करोड़ किलोग्राम अनाज भेज रहा है भारत, गरीबों की मदद के लिए पहली खेप रवाना: पहले भेज चुका है 4 करोड़ Kg अनाज

भारत एक बार फिर से अफगानिस्तान की जनता की मदद के लिए सामने आया है। इससे पहले भारत 40,000 मीट्रिक टन (4 करोड़ किलोग्राम) अनाज अफगानिस्तान को भेज चुका है। अब भारत ने फिर से अफगानिस्तान को 20,000 मीट्रिक टन (2 करोड़ किलोग्राम) अनाज भेजने की योजना बनाई है। खास बात ये है कि अबकी अनाज की ये खेप पाकिस्तान नहीं, बल्कि ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से भेजी जाएगी।

बड़ी बात ये है कि इसमें से 2500 MT अनाज चाबहार पोर्ट के माध्यम से भेजा भी जा चुका है। ये खेप इसी सप्ताह हेरात पहुँचने वाली है। अफगानिस्तान चारों तरफ से जमीन से घिरा हुआ मुल्क है, जो फ़िलहाल भोजन की कमी से जूझ रहा है। ये इस साल अफगानिस्तान को भारत द्वारा भेजी जाने वाली अनाज की पहली खेप है। तालिबान ने भी अनाज भेजे जाने की पुष्टि की है। भारत चाहता है कि अफगानिस्तान में कोई भी सरकार हो, उससे उसके संबंध अच्छे रहें ताकि वहाँ की जनता की मदद में कोई दिक्कत न आए।

इसीलिए, 2021 में भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि वो अफगानिस्तान को 50,000 MT अनाज भेजे जाने के लिए रास्ता दे। उस समय वहाँ इमरान खान की सरकार थी। भारत से संबंध सुधारने के लिए अब तालिबान ने राजदूत की नियुक्ति भी कर दी है। सामान्यतः पाकिस्तान कारोबार के लिए भारत को अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने देता है। फिर भी भारत ने अफगानिस्तान को 40,000 MT अनाज भेजने में कामयाबी पाई।

केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर भी कह चुके हैं कि अफगानिस्तान को भारत द्वारा भेजी जा रही मदद के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। तालिबान द्वारा नियुक्त भारत में पहले राजदूत कादिर शाह जल्द ही यहाँ आकर चार्ज ले सकते हैं। एम्बेसी फ़िलहाल पुरानी सरकार के अधिकारियों के हाथ में ही है, जिन पर शाह ने कार चोरी का आरोप लगाते हुए भारत में ही शिकायत दर्ज कराई है। भारत ने खुद को इस कलह से दूर रख कर अफगानिस्तान को खुद ही मामला सुलझाने को कहा है।

आरक्षण OBC के लिए, लेकिन 91% फायदा मुस्लिमों को… बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण का ऐसा है हाल, 71 नई जातियों में से 66 मुस्लिमों की जोड़ दी

‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC)’ ओबीसी समाज को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों को लेकर सक्रियता दिखा रहा है। आयोग ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को OBC आरक्षण में सुधार करने का निर्देश दिया है। दरअसल, पिछड़ा वर्ग आयोग ने पाया है कि बंगाल सरकार ओबीसी कोटे की A कैटेगरी में 91% से अधिक आरक्षण मुस्लिमों को दे रही है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने गत 25 फरवरी को पश्चिम बंगाल का दौरा किया था। इस दौरे में बंगाल सरकार की संस्था कल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRI) की रिपोर्ट में सामने आया है कि बंगाल सरकार ने हिंदू धर्म से धर्मांतरित होकर मुस्लिम बने लोगों को भी ओबीसी की लिस्ट में शामिल किया है। हालाँकि जब पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) ने बंगाल सरकार से हिंदुओं के धर्मांतरण की समय सीमा व आँकड़ों को लेकर रिपोर्ट माँगी तो सरकार ने इसके स्पष्ट आँकड़े होने से इनकार कर दिया।

NCBC के इस दौरे में यह भी सामने आया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने ओबीसी की लिस्ट में कुल 179 जातियों को शामिल किया है। इनमें से 118 जातियाँ मुस्लिम हैं। वहीं, हिंदुओं की सिर्फ 61 जातियों को ही OBC की लिस्ट में शामिल किया गया है। इसको लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर का कहना है कि पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में से 70% हिंदू हैं। वहीं, 27% मुस्लिम हैं। इसके बाद भी बड़ी संख्या में मुस्लिम जातियों को ओबीसी की लिस्ट में शामिल किया गया है। नीचे लगे वीडियो में आप 1 मिनट के बाद से अहीर के इस बयान को सुन सकते हैं।

हंसराज अहीर ने यह भी कहा है कि इस दौरे में आयोग ने पाया है कि 2011 से पहले बंगाल में ओबीसी की 108 जातियाँ थीं। लेकिन इसके बाद इसमें 71 जातियों को जोड़ दिया गया। इसमें से 66 जातियाँ मुस्लिमों की जोड़ी गई। वहीं, हिंदुओं की 5 जातियों को ही ओबीसी की लिस्ट में जगह मिल पाई। आयोग को लगता है कि बंगाल सरकार की संस्था CRI की गलत रिपोर्ट के चलते मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल किया गया है। 

मुस्लिमों को 91% आरक्षण

पिछड़ा वर्ग आयोग के जाँच के दौरान पाया है कि पश्चिम बंगाल में ओबीसी को 2 कैटेगरी में बाँटा गया है। इसमें A कैटेगरी में अति पिछड़ा वर्ग व B कैटेगरी में पिछड़ा वर्ग की जातियों को शामिल किया गया है। A कैटेगरी में कुल 81 जातियों में से बंगाल सरकार ने मुस्लिमों की 73 जातियों को जगह दी है। वहीं, इस कैटेगरी में हिंदुओं की मात्र 8 जातियॉं ही शामिल हैं। वहीं, B कैटेगरी की 98 जातियों में हिंदुओं की 53 जातियॉं और मुस्लिमों की 45 जातियॉं शामिल हैं। 

इस दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने जाँच में पाया है कि बंगाल सरकार की सरकारी नौकरियों में बड़े पैमाने पर मुस्लिमों को आरक्षण दिया गया है। दरअसल, OBC की A कैटेगरी में मुस्लिमों को सरकारी नौकरी में 91.5% आरक्षण मिल रहा है। वहीं, हिंदू OBC को सिर्फ 8.5 प्रतिशत ही आरक्षण दिया जा रहा है। वहीं, B कैटेगरी में हिंदुओं को 54% और मुस्लिमों को 45.9% आरक्षण का फायदा दिया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि ममता बनर्जी सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीतिक चाल चलते हुए मुस्लिमों को खुले तौर आरक्षण में बड़ा हिस्सा देते हुए सीधा लाभ पहुँचाया है।

एनसीबीसी के दौरे में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों को भी ओबीसी की सूची में शामिल किया गया है। यही नहीं, आयोग ने पाया है कि बंगाल के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले 90% छात्र मुस्लिम OBC कैटेगरी के हैं।