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जबरन खिलाते थे मटन, नमाज न पढ़ने पर शोषण: पुणे में 4 साल बाद जावेद के चंगुल से छूटी हिंदू पीड़िता, परिवार को ‘द केरल स्टोरी’ देख हुआ साजिश का एहसास

महाराष्ट्र के पुणे में भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर ने लव जिहाद पीड़िता के बरामद होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह ‘द केरल स्टोरी’ देखने के बाद एक परिवार को एहसास हुआ कि उनकी बेटी को भी जावेद नाम के लड़के ने इसी तरह फँसाया हुआ है। परिवार ने इस बाबत येरवाड़ा थाने में शिकायत दी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 4 साल पहले मंछार गाँव में एक नाबालिग लड़की को दूसरे समुदाय के लड़के ने किडनैप किया था। मामले में एफआईआर हुई लेकिन मंछार पुलिस लड़की को ढूँढने की बजाय ढिलाई बरतती रही।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस ने घटना के वक्त पीड़ित परिवार की कोई मदद नहीं की। परिवार के जगह-जगह गुहार लगाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लेकिन 6 महीने पहले उन्हें पता चला कि उनकी बेटी मंछार लौट आई है। उन्होंने जानकारी के आधार पर अपनी बेटी से मिलने की कोशिश की। मगर जब वो घर पहुँचे तो लड़की को एक बुर्के में पाया।

भाजपा नेता कहते हैं कि पीड़िता के परिवार को द केरल स्टोरी देखने के बाद एहसास हुआ कि उनकी बेटी के साथ क्या साजिश की जा रही है। इसके बाद उन्होंने अपने समुदाय के लोगों से मदद माँगी 16 मई को जाकर लड़की को रेस्क्यू किया गया। बीजेपी नेता के अनुसार लड़की ने बताया कि किस तरह उसका शोषण हुआ। इसके अलावा उन्होंने आरोपित लड़के के फोन की जाँच की माँग की है। उनके अनुसार लड़के के फोन में और भी हिंदू लड़कियों के फोटोज मिले हैं। भाजपा नेता गोपीचंद के अनुसार, महाराष्ट्र में लव जिहाद के कई मामले हुए हैं। कमेटी इन मामलों की जाँच कर रही है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में भाजपा सरकार जल्द धर्मांतरण विरोधी कानून लाएगी।

फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के भाई ने अपनी बहन की आपबीती का खुलासा करते हुए बताया, “उससे निकाह के बाद, उसे बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया गया, नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया और मटन खिलाया गया। जब उसने नमाज पढ़ने का विरोध किया, तो उसका शारीरिक शोषण किया गया।” पीड़िता के भाई ने बताया कि उसकी बहन को आरोपित लड़के की बहन लेकर गई थी। जिसके बाद परिवार ने तमाम प्रयास किए लेकिन उसका पता लगाने में असमर्थ रहे।

जिस हिन्दू कार्यकर्ता को कुल्हाड़ी से काट कर मार डाला, उसकी विधवा से कॉन्ग्रेस सरकार ने छीन ली नौकरी: सिद्धारमैया सरकार के ‘PFI प्रेम’ पर बरसी भाजपा

कर्नाटक की नई नवेली कॉन्ग्रेस सरकार ने कट्टरपंथियों के हाथों मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की पत्नी की नौकरी रद्द कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सिद्धारमैया सरकार ने नूतन कुमारी (Nuthana Kumari) की सरकारी सेवाओं से अस्थायी नियुक्ति आदेश को वापस ले लिया है। कॉन्ग्रेस सरकार के इस फैसले के बाद भाजपा नेताओं में नाराजगी है।

पीएफआई आतंकियों द्वारा हत्या के बाद पूर्व भाजपा सरकार ने प्रवीण नेट्टारू की पत्नी नूतन कुमारी को सीएम ऑफिस में नौकरी दी थी। उन्हें मंगलुरु में उपायुक्त कार्यालय के मुख्यमंत्री राहत कोष अनुभाग में वरिष्ठ सहायक का पद दिया गया था। अब कॉन्ग्रेस की सरकार ने उस विधवा की नौकरी को वापस लेने का फैसला ले लिया है। सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि नूतन की नौकरी क्यों रद्द की गई।

मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि जब सरकार बदलती है तो आम तौर पर अस्थायी कर्मचारियों को पद छोड़ने के लिए कहा जाता है। नूतन कुमारी की नौकरी को लेकर विशेष विचार नहीं किया गया। हालाँकि, भाजपा नेताओं को सरकार का यह निर्णय पसंद नहीं आया। आंध्र प्रदेश बीजेपी के स्टेट जनरल सेक्रेटरी विष्णु वर्धान रेड्डी ने ट्वीट कर सरकार के फैसले की आलोचना की।

रेड्डी ने लिखा, “प्रवीण नेट्टारू की नृशंस हत्या के बाद उनकी पत्नी को सकारी नौकरी दी गई थी। सत्ता संभालने के तुरंत बाद कॉन्ग्रेस की सरकार ने नेट्टारू के विधवा को उनके पद से हटा दिया। यह एक विधवा के प्रति कॉन्ग्रेस की क्रूरता और पीएफआई के प्रति प्रेम को जाहिर करता है।”

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी कर्नाटक सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “शहीद प्रवीण नेट्टारू की पत्नी को दी गई नौकरी रद्द करने के लिए सिद्धारमैया सरकार को शर्म आनी चाहिए। बैन लगने से पहले खूँखार संगठन के गुंडों ने उनकी हत्या कर दी थी। जब आपको लगता है कि कॉन्ग्रेस अब इससे नीचे नहीं गिर सकती वो एक नया निचला स्तर छू लेती है।

बता दें पोल्ट्री का कारोबार चलाकर परिवार का भरण करने वाले बीजेपी युवा मोर्चा के सक्रिय कार्यकर्ता की हत्या 26 जुलाई 2022 को कर दी गई थी। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ के बेल्लारे में दुकान से घर लौटते वक्त पीएफआई के आतंकियों ने उनपर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। हत्यारे बाइक पर आए थे। हमले में बुरी तरह जख्मी प्रवीण को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

‘कॉमेडियन यश राठी के खिलाफ जल्द दाखिल होगी चार्जशीट’: भगवान श्रीराम के अपमान का मामला, पुलिस ने कहा – जारी है हमारी जाँच

कॉमेडियन यश राठी पर एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम के अपमान का आरोप लगा था। ये कार्यक्रम देहरादून के प्रेम नगर स्थित नंदा की चौकी के शीला फ़ार्म में आयोजित हुआ था। कई राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में प्रेम नगर पुलिस थाने में तहरीर दी थी, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई थी। उक्त कार्यक्रम का नाम है ‘यूथ फॉर यू’, जो सोमवार (8 अप्रैल, 2023) को हुआ था और उसमें कई लोग उपस्थित थे।

हमने पुलिस से बात कर के जानने का प्रयास किया कि इस FIR के संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है, क्योंकि इसके दर्ज हुए 15 दिन से भी अधिक बीत चुके हैं। हमने उत्तराखंड की राजधानी स्थित प्रेम नगर पुलिस थाने के SHO (थानाध्यक्ष) से बातचीत कर के जाना कि इस केस की ताज़ा स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि यश राठी के खिलाफ दर्ज FIR के मामले में फ़िलहाल जाँच चल रही है और इन्वेस्टीगेशन के दौरान अंदरूनी जानकारी नहीं दी जा सकती।

यश राठी से अब तक इस संबंध में पूछताछ भी नहीं की गई है। उन्हें समन भेजा गया है या नहीं, इस संबंध में उन्होंने कुछ बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस केस को लेकर जाँच अधिकारी (IO) को मामला सौंप दिया गया था। उन्होंने ये महत्वपूर्ण जानकारी दी कि पुलिस चार्जशीट दायर करने की तैयारी में लगी हुई है, जिसे प्रेम नगर स्थित स्थानीय अदालत में दायर किया जाएगा। हालाँकि, वो इसकी कोई समयसीमा नहीं बता पाए।

हमने पूछा कि चार्जशीट दाखिल करने में कितना समय लग सकता है? क्या अंदाज़न दो से तीन महीने में ये हो जाएगा? इस पर उन्होंने कहा कि पुलिस कोई समयसीमा नहीं बता सकती, लेकिन हम इतना ज़रूर कह सकते हैं कि ये जल्द ही होगा। हालाँकि, जब ये मामला दर्ज किया गया था तब SSI प्रवीण पुंडीर ने दावा किया था कि यश राठी को जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। उन पर धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाने का मामला दर्ज किया गया था।

‘भैरव वाहिनी’ संगठन के अध्यक्ष सागर जायसवाल इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता थे। विवादित कार्यक्रम में यश राठी ने कहा था, “जीसस ने जब पहली बार पानी में चलने की कोशिश की थी, तब वो डूब गए थे। उनके दोस्त ने उन्हें बाहर निकाला और कहा – इतना ओवरकॉन्फिडेंस? अगर चलना नहीं आता तो तैरना तो सीख लेते। इसके बाद जीसस कहते हैं कि उनसे एक छोटी सी गलती हो गई – मैं चप्पल के ऊपर राम लिखना भूल गया था।”

जहाँ तक यश राठी की बात है, वो फ़िलहाल ‘दिल चाहता है’ नामक स्टैंडअप कॉमेडी शो में व्यस्त हैं और उन्होंने इसके कुछ वीडियोज ऑडिएंस के साथ ही रिकॉर्ड भी किए हैं। हाल ही में बेंगलुरु में उनका एक शो हुआ। यश राठी दिल्ली से ताल्लुक रखते हैं। कई बड़े शहरों में उनके कॉमेडी शो होते रहते हैं। उनके YouTube चैनल पर भी 6.68 लाख फॉलोवर्स हैं। इंस्टाग्राम पर भी उन्हें 80 हजार फॉलोवर्स हैं। विवादों के बाद भी उनके कुछ शोज हुए हैं।

आतंकी के साथ जिम जाना, इस्लाम कबूलने की बात करना… CM शिवराज की पुलिस ने HUT के 16 आतंकियों को IB-RAW के अंदाज में दबोचा

मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने हाल ही में इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) का पर्दाफाश करके इसके कई आतंकियों को गिरफ्तार किया। इस संगठन पर कार्रवाई करने के लिए ATS ने लंबे समय तक इसकी जासूसी की और इसके सदस्यों से दोस्ती की थी।

मध्य प्रदेश पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने इस संगठन के क्रियाकलापों का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने जासूस बनकर लगभग 4 महीने तक संगठन के संदिग्धों पर नजर रखी। इसके लिए उसने संगठन में अपनी पैठ बनाई और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई।

इस तरह का ऑपरेशन आम तौर पर भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ही करती आई है। हालाँकि, इस बार मध्य प्रदेश ATS ने यह कारनामा कर दिखाया और इस तरह के अपने पहले ऑपरेशन में वह सफल भी हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, ATS की योजना के तहत कॉन्स्टेबल संदिग्धों पर नजर रख रहा था। उनमें से एक संदिग्ध रोज सुबह जिम जाता था। कॉन्स्टेबल भी जिम जाने लगा और उससे मेलजोल बढ़ा लिया। धीरे-धीरे उसने संदिग्ध से दोस्ती गाँठ ली। उसके माध्यम से कॉन्स्टेबल HUT में अपनी पैठ बनाता गया।

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्स्टेबल ने हिज्ब-उत-तहरीर के सदस्यों के सामने खुद को पढ़े-लिखे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया। कॉन्स्टेबल ने बताया कि वह रोजगार के लिए निजी काम करता है। धीरे-धीरे कॉन्स्टेबल ने HUT सदस्यों को अपनी बातों में ले लिया और उनका विश्वासपात्र बन गया।

अपनी पैठ को और गहरा करने के लिए कॉन्स्टेबल ने कट्टरपंथी सदस्यों के सामने धर्मांतरण करने की भी इच्छा जाहिर की। उसने कहा कि वह मुस्लिम बनना चाहता है। इसके बाद संगठन के संदिग्धों का कॉन्स्टेबल पर विश्वास और बढ़ गया। कॉन्स्टेबल को संगठन की गोपनीय बैठकों में भी बुलाया जाने लगा। उसे कट्टरपंथी किताबें पढ़ने के लिए दी जाने लगीं।

कॉन्स्टेबल कट्टरपंथी बातचीत में भी शामिल होने लगा। इसी तरह एक दिन बातचीत में कॉन्स्टेबल ने खुद को हिंदू बताया और कहा कि वह सनातन धर्म से है, लेकिन जाति आदि के कारण वह खिन्न रहता है। इसलिए उसे इस्लाम पसंद है। इस्लाम में लोग एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं।

इन सबके बीच कॉन्स्टेबल अपने अधिकारियों को फीडबैक देता रहा। जब संगठन के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली गई और उसके सभी सदस्यों की जानकारी जुटा ली गई तो उन्हें गिरफ्तार करने की रणनीति बनाई गई। ATS ने सभी आरोपितों को एक साथ और एक ही समय में दबोचने की रणनीति अपनाई।

ATS के सूत्रों के अनुसार, एक बार इस कॉन्स्टेबल को HUT के सदस्यों के साथ घूमते हुए ऐशबाग थाने के एक पुलिसकर्मी ने देख लिया था। उस पुलिसकर्मी ने HUT के सदस्य से पूछ लिया, “तेरे पीछे पुलिस क्यों लगी है?” हालाँकि, उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद इन संदिग्धों की गिरफ्तारी को एक महीने के लिए टाल दिया गया था।

बताते चलें कि HUT के 16 सदस्यों को मध्य प्रदेश ATS ने भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। फिलहाल ये सभी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इस मामले की जाँच गुरुवार (25 मई 2023) को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अपने हाथों में ले ली है। अधिकारियों का कहना है कि इस केस में हैंडलर विदेशों में बैठे हुए हैं।

गिरफ्तार किए गए कुल 16 सदस्यों में से 8 सदस्य ऐसे हैं, जो पहले हिंदू थे। उनका ब्रेनवॉश करके उन्हें मुस्लिम बना दिया गया। इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से शादी करके उन्हें भी इस्लाम कबूल करवाया है। HUT का प्रमुख सलीम हैदराबाद में ओवैसी के स्वामित्व वाले मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर था।

सलीम मूल रूप से भोपाल का रहने वाला है और उसका पहले का नाम सौरभ राजवैद्य है। साल 2009 में सौरभ की शादी हुई थी। साल 2010 में सौरभ ने इस्लाम कबूल कर लिया था। उस समय उसके घर वालों ने इसका काफी विरोध किया था। सलीम बन चुके सौरभ ने साल 2012 में अपनी पत्नी को भी मुस्लिम बना दिया।

सौरभ के पिता का कहना है कि उनका बेटा पीएचडी करने के बाद भोपाल के एक कॉलेज में प्रोफेसर बन गया था। कॉलेज में पढ़ाने के दौरान कमाल नाम के एक प्रोफेसर से उनके बेटे का संपर्क हुआ और उस प्रोफेसर ने उनके बेटे का ब्रेनवॉश शुरू कर दिया था।

इमरान खान की दिमागी हालत खराब… मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर Pak के स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व PM को ‘नशेड़ी’ बताया, बोले- पाँव का प्लास्टर ‘नौटंकी’

पाकिस्तान में सत्ता के लिए आंतरिक घमासान अभी भी जारी है। शुक्रवार (26 मई 2023) को वहाँ के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल कादिर पटेल ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नशेड़ी घोषित कर दिया। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में मेडिकल रिपोर्ट्स मौजूद होने का भी दावा किया। उन्होंने इमरान खान के पैर में फैक्चर आने के आरोपों का भी खंडन किया और उनके द्वारा कराए गए प्लास्टर को नाटक बताया। इसी दौरान इमरान खान की मानसिक स्थिति भी सही नहीं बताई गई।

कराची में मीडिया से बात करते हुए पाकिस्तानी स्वस्थ्य मंत्री अब्दुल कादिर ने बताया कि इमरान की गिरफ्तारी के बाद उनका सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में मेडिकल करवाया गया था। इस मेडिकल रिपोर्ट को पूरी तरह से निष्पक्ष बताते हुए कादिर ने बताया कि इमरान खान बिना किसी फैक्चर के पिछले 5-6 महीने से प्लास्टर बंधवा कर घूम रहे थे। पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से ही सवाल कर लिया कि क्या चमड़े या माँस में लगी किसी भी चोट पर कोई प्लास्टर बँधवाता है वो भी 5-6 महीने तक लगातार ?

इमरान खान पर व्यंग करते हुए अब्दुल क़ादिर ने कहा कि छत का प्लास्टर उतर गया पर उनके पैर का नहीं। उन्होंने इमरान पर प्लास्टर की सियासत करने का आरोप लगाया। कराए गए मेडिकल की अगली रिपोर्ट का जिक्र करते हए अब्दुल कादिर ने इसे इमरान खान के मूत्र का सैम्पल बताया। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक वो उस पर कोई टिप्पणी तो नहीं करेंगे लेकिन प्रथम दृष्टया इमरान खान द्वारा शराब और कोकीन का इस्तेमाल किया जाना लग रहा है।

पाक के स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल क़ादिर ने मेडिकल रिपोर्ट में तीसरा बिंदु इमरान खान के दिमागी हालत को ले कर बताया। उनका कहना था कि रिपोर्ट में इमरान खान की मानसिक हालत को अस्थिर बताया गया है। 5 सीनियर डाक्टरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अब्दुल कादिर ने लोगों से कहा, “ये आपका वजीर ए आज़म” था।अब्दुल कादिर ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इमरान की खराब दिमागी हालत को पहले ही पहचान लिया था और इस मुद्दे को वहाँ की असेम्बली में भी उठाया था। सलाह के तौर पर उन्होंने इमरान को दुर्लभ चीज बताते हुए म्यूजियम में रखने की माँग की।

पाकिस्तानी स्वास्थ्य मंत्री ने कुछ दिनों पहले वहाँ हुए बवाल को इमरान खान द्वारा प्रायोजित भी बताया। हालाँकि उन्होंने इशारों ही इशारों में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरान खान के पक्ष में फैसला आने पर नाराजगी जताई। अब्दुल कादिर का कहना था कि ऐसा इंसाफ हुआ कि इमरान के पहले के जो गुनाह थे और बाद में भी वो जो करेंगे वो सब माफ़ कर दिए गए।

जहाँ से PM मोदी को दी जा रही धमकी… वो आंदोलन महिलाओं के अधिकारों के लिए कैसे हो सकता है?: हरनाम चढूनी का जहरीला भाषण सुन बबीता फोगाट ने किया सावधान

यूपी के कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाने वाले पहलवान धरने पर बैठे हैं। उसमें पहलवानों की अपील पर हरियाणा के खाप पंचायतों से लेकर राकेश टिकैत और गुरुनाम चढूनी जैसे नेता पहुँचे और अपना समर्थन दिया। वहीं, योग गुरु रामदेव भी भाजपा सांसद के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं।

पहलवानों के समर्थन में पहुँचे लोग ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी‘, ‘हमें चाहिए आजादी’, ‘मनुवाद मुर्दाबाद’ जैसे आपत्तिजनक नारे लगा चुके हैं। कई मौकों पर इन कथित किसान नेताओं से लेकर अन्य लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की धमकी तक दे डाली है। CAA-NRC विरोधी शाहीन बाग और किसान आंदोलन के मुखौटे भी यहाँ पहुँच चुके हैं और पीएम मोदी के खिलाफ अपनी नफरत को उजागर कर चुके हैं।

ऐसी ही नफरत एक बार फिर से एक किसान नेता ने फिर से जाहिर की है। गुरुनाम चढूनी नाम के किसान नेता ने शुक्रवार (26 मई 2023) को हरियाणा के जींद में एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान चढ़ूनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

चढ़ूनी ने कहा, “अगर इतनी अकड़ है Modi तो एक बार कह दो कि हम बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं करते, फिर अगर BJP का कुत्ता भी हरियाणा में घुस गया तो बताना। लट्ठ जितने मर्जी चला लेना, कत्ल जितने मर्जी कर लेना, लेकिन हरियाणा में BJP का कुत्ता भी नहीं घुसेगा।”

चढ़ूनी के इस बयान पर पूर्व पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने एक ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “यह बेहद ही शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जंतर मंतर से शुरू हुए आंदोलन की अगुवाई अब गुरुनाम चढूनी जैसे आंदोलनजीवी द्वारा की जा रही है।”

बबीता फोगाट ने आगे लिखा, “जिस सभा में विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा और भारत देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए जहरीले बोल, अपशब्द और धमकियाँ दी जा रही है वो आंदोलन महिलाओं के अधिकार के लिए कैसे हो सकता है? महिलाओं के अधिकार के लिए उठी माँग व आंदोलन अब देश विरोधी ताकतों तथा खास राजनीतिक परिवारों को सुपुर्द होती दिख रही है !! *सावधान*।”

उधर रामदेव भी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। पहलवानों का समर्थन करते हुए और बृजभूषण सिंह का नाम लिए बिना रामदेव ने कहा कि कुश्ती संघ का अध्यक्ष रोज मुँह उठा-उठाकर बहन-बेटियों के खिलाफ बकवास कर रहा है। उसे गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि भाजपा सांसद भी रामदेव का नाम लिए बिना उन पर पहलवानों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहलवानों को धरने के पीछे एक उद्योगपति, फोगाट परिवार और कॉन्ग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा हैं। भाजपा सांसद ने रामदेव को उद्योगपति कहकर संबोधित किया था। भाजपा सांसद रामदेव पर महर्षि पतंजलि के नाम का दुरुपयोग अपने स्वार्थ के लिए करने का आरोप लगा चुके हैं।

दिसंबर 2022 में रामदेव के पतंजलि पर नकली गाय का घी बेचने का आरोप लगाया था। उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि रामदेव गलत तरीके से ‘कपालभाति’ के बारे में बता रहे हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव इसे करने वालों पर पड़ रहा है। इसके बाद रामदेव ने उन्हें लीगल नोटिस भेजकर माफी माँगने के लिए कहा था। हालाँकि, बृजभूषण शरण सिंह ने कह था, “मैं कभी माफी नहीं माँगूँगा। मैंने जो कहा है उस पर कायम हूँ।”

हालाँकि, अयोध्या के साधु-संत बृजभूषण सिंह के समर्थन में हैं। हनुमान गढ़ी के महंत बलराम दास ने कहा था कि बृजभूषण शरण सिंह पर सोची-समझी साजिश के तहत आरोप लगाया गया है। ये आरोप झूठे हैं। आरोप लगाने वालों ने भगवान श्रीराम और माता सीता को भी नहीं छोड़ा था। धरने में राजनीतिक दल के लोगों को बुलाया जा रहा है। इससे यह साबित होता है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

बताते चलें कि 24 अक्टूबर 2013 को मध्य प्रदेश के खांडवा में बोलते हुए स्वामी रामदेव ने कहा था कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो उनका रिमोट कंट्रोल रामदेव के पास रहेगा। रामदेव ने कहा था, “सत्य का रिमोट कंट्रोल सत्ता पर रहे और वह हम रखेंगे। राजनीति का शुद्धिकरण एक लंबा युद्ध है।”

‘इस्लाम कबूल वरना बेटी को मार दूँगा’ : बिहार के कटिहार में मुखिया रही ST महिला को शौहर नोईद अख्तर देता था धमकी, शिकायत के बाद गिरफ्तार

बिहार के कटिहार जिले में जनजातीय समुदाय की एक महिला को बहला-फुसलाकर इस्लाम कबूल करवाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि दबाव बना कर महिला का मुस्लिम युवक से निकाह भी करवा दिया गया था। पीड़िता का नाम मैरी मरांडी है। मैरी टीचर हैं जो पहले पंचायत की मुखिया भी रह चुकी हैं। मैरी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के उनके पति नोईद अख्तर को गिरफ्तार कर लिया है। नोईद पर 2 भाइयों सहित अपनी बीवी को छोटी जाति का उलाहना देने और जातिसूचक शब्दों से गालियाँ दे कर मारपीट का भी आरोप है।

दैनिक जागरण के मुताबिक मामला शरीफ नगर पंचायत के गाँव लछौर का है। पुलिस में शिकायत देते हुए पीड़िता ने बताया कि नोईद अख्तर से उनकी शादी दिसंबर 2009 में हुई थी। आरोप है कि नोईद ने इस शादी के लिए भी पीड़िता को बहला-फुसला कर झाँसे में लिया था। कुछ ही दिनों बाद नोईद अपने असल रूप में आ गया। वह पीड़िता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा। इस बात से इंकार करने पर मैरी मरांडी की पिटाई होती थी। मैरी का यह भी कहना है कि उन्हें प्रताड़ित करने वालों में नोईद के भाई मुनीर आलम और नौसर आलम शामिल हैं।

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि आरोपितों द्वारा उन्हें छोटी जाति का बताया जाता था। मारपीट के साथ मैरी को जातिसूचक गालियाँ भी दी जाती थीं। इसी के साथ धर्म न बदलने पर उन्हें जान से मार डालने की धमकी भी दी जाती थी। इस बीच मैरी मरांडी एक बेटी की माँ बनी। लेकिन अत्याचार कम नहीं हुए। उन्हें धमकी मिलने लगी कि अगर वह अपना धर्म नहीं बदलती तो उनकी बेटी को मार दिया जाएगा।

पीड़िता के मुताबिक वह पहले टीचर भी थी। मगर नोईद आलम ने दबाव दे कर अपनी बीवी की नौकरी छुड़वा दी। बाद में अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व सीट पर मैरी मरांडी पंचायत की मुखिया बनीं थीं। हालाँकि इन सभी के बाद भी नोईद ने अपनी बीवी को प्रताड़ित करना जारी रखा।

मैरी मरांडी की शिकायत में बताया गया है कि आरोपितों द्वारा उन्हें प्रताड़ित करने के साथ पैसे भी माँगे जाते थे। कुछ दिनों बाद नोईद ने पैसे की यही माँग मैरी के माँ-बाप से भी शुरू कर दी। पैसे पाने के बाद कुछ दिनों तक चुप रहते हुए नोईद नए-नए बहाने से फिर लड़ाई-झगड़ा शुरू कर दिया करता था। इस मारपीट में उसके भाई नौसर आलम एवं मुनीर आलम भी उसका साथ देते थे। तीनों आरोपित भाइयों द्वारा की गई मारपीट की एक घटना का जिक्र भी पीड़िता ने शिकायत में किया है।

मैरी मरांडी का दावा है कि उन्होंने पारिवारिक तौर पर झगड़े को सुलझाने की बहुत कोशिश की। इसी बात को लेकर गाँव में 2 बार पंचायत भी हुई लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला और नोईद व उसके भाई अपनी हरकतों पर कायम रहे। आखिरकार महिला ने थाना बलरामपुर में अपने साथ हुई प्रताड़ना की शिकायत दर्ज करवाई। थाना प्रभारी बलरामपुर प्रह्लाद यादव ने बताया कि महिला की शिकायत पर नोईद अख्तर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया ने मामले की पुष्टि के लिए थाना प्रभारी बलरामपुर को सम्पर्क किया तो उनका आधिकारिक नंबर सम्पर्क से बाहर बताया। पुलिस वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

बाली के हिंदू मंदिर में नग्न होकर पहुँची 28 साल की जर्मन महिला, पुलिस ने गिरफ्तार करके मेंटल हॉस्पिटल भेजा

इंडोनेशिया के बाली (Bali, Indonesia) स्थित हिंदू मंदिर में नंगा होकर घुसने के मामले में जर्मनी की एक महिला पर्यटक को गिफ्तार किया गया है। उसके बाद मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए भेजा गया है। दरअसल, दारजा तुशिंस्की सोमवार (22 मई 2023) को सरस्वती उबुद मंदिर में नृत्य शो के लिए गई थी, लेकिन टिकट नहीं मिला। इसके बाद वह नंगी हो गई। कपड़े उतार फेंका था।

नृत्य शो के दौरान के महिला के का भी वीडियो सामने आया है, जो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। इसमें महिला मंदिर में नृत्य के प्रस्तुतीकरण के दौरान महिला सीढ़ियों से ऊपर चढ़ती है और दरवाजे को जबरन खोलती है। अंदर आने के बाद सुरक्षा गार्डों ने महिला को रोकने की कोशिश की।

अंदर आकर महिला नीचे की ओर झुककर प्रणाम में मुद्रा में दिखती है और फिर डांसर्स के बगल में खड़ी हो जाती है। इस हालत में महिला को देखकर लोग अचंभित रह जाते हैं। इसके बाद सुरक्षा गार्डों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पाया गया कि महिला की मानसिक हालत सही नहीं है।

जाँच में बाली पुलिस ने यह पाया है कि 28 वर्षीय जर्मन पर्यटक दारजा तुशिंस्की छुट्टी मनाने के लिए इंडोनेशिया आई थी। इस दौरान वह कई होटलों में ठहरी, लेकिन बिल का भुगतान नहीं किया। इतना ही नहीं, जिस होटल में वह ठहरी हुई थी, वहाँ भी वह अतिथि क्षेत्र में वह नंगी होकर घूमा करती थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस प्रवक्ता स्टीफेनस साटेके बायू ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया, “विदेशी महिला तनाव में है, क्योंकि उसके पास बाली में रहने के लिए पैसे नहीं हैं।” पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि महिला के आचरण से बाली के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँची है।

इंडोनेशिया की अंतरा समाचार एजेंसी कहना है कि महिला डांस कार्यक्रम में जाना चाहती थी, लेकिन टिकट को लेकर उसने कर्मचारियों से झगड़ा कर लिया। जब उसे टिकट नहीं मिला तो वह खुद को नंगा किया और नर्तकियों के पास जाकर खड़ी हो गई। पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद मंदिर के शुद्धिकरण के लिए एक अनुष्ठान किया।

पुलिस ने यह भी कहा कि महिला के खिलाफ कोई मामला नहीं चलेगा, क्योंकि वह मानसिक रूप से परेशान है। इस घटना के बाद उसे जर्मनी की फ्लाइट पर बैठाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने वहाँ जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया है।

बाली में हिंदू मंदिर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। पिछले महीने बाली मेें ही एक रूसी महिला ने 700 साल पुराने पवित्र बरगद के पेड़ के नीचे नग्न होकर तस्वीरें खिंचवाई थी। उसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद स्थानीय हिंदुओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने महिला को मास्को भेज दिया था।

उसी महीने ऐसे ही एक अन्य मामले में एक रूसी जोड़ा एक पवित्र पर्वत के ऊपर अर्धनग्न तस्वीरें पोस्ट की थी। इसका वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में दिखा कि यह जोड़ा मंदिर परिसर में मस्ती कर रहा था। इनके सामने फाउंटेन से पवित्र जल निकल रहा था। वीडियो में सबीना नाम की एक लड़की पीछे की ओर से अपनी स्कर्ट उठाती दिखती है और उसका ब्वॉयफ्रेंड उसके बट पर पानी मारता है। इसके बाद ऐसा करके दोनों बहुत खुश होते हैं।

अब इंदौर में मुस्लिम युवती के साथ दिखने पर हिन्दू युवक को इस्लामी कट्टरपंथियों ने पीटा, बीच-बचाव करने आए 2 लोगों पर चाकू से हमला: 50 पर FIR, 6 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के इंदौर में मुस्लिम लड़की के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गए हिन्दू युवक पर हमले की खबर है। हमलावरों ने युवक को बचाने आए 2 अन्य लोगों को भी चाकू से निशाना बनाया है। हमलावरों ने मुस्लिम लड़की को भी सार्वजानिक तौर पर गैर इस्लामी और तमाम अन्य अपमानजनक बातें कहीं। पुलिस ने 50 लोगों पर केस दर्ज करते हुए अब तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हमलावरों का सरगना मुजम्मिल बताया जा रहा है जो ड्रग्स सप्लायर भी है। घायलों की हालत खतरे से बाहर है। घटना गुरुवार (25 मई 2023) की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला इंदौर के छोटी तुकोगंज थानाक्षेत्र का है। यहाँ रात लगभग 11:30 पर 20 साल का भावेश नामक हिन्दू युवक नसरीह सुल्ताना नाम की मुस्लिम लड़की के साथ रेस्टोरेंट गया था। नसरीन इंदौर के ही न्याय नगर की रहने वाली है। रेस्टोरेंट से खाना खा कर जैसे ही भावेश और नसरीन बाहर निकले उन्हें एक भीड़ ने रोक लिया। यह जमावड़ा पुलिस कंट्रोल रूम के आगे हुआ था। भीड़ में जमा लोग भावेश और नसरीन से नाम पूछने के बाद उग्र हो उठे।

आरोप है कि इन सभी ने भावेश को गंदी-गंदी गालियाँ दीं और थप्पड़ मारे। नसरीन को भी गैर इस्लामी और तमाम अपमानजनक बातें कही गईं। लगभग 50 की संख्या में मौजूद यह भीड़ नसरीन के अब्बा से बात करने पर आमादा थी और उनका हिजाब खींच रही थी। जैसे-तैसे भावेश अपनी बाइक से इस भीड़ से बच कर आगे निकला तो कुछ ही दूरी पर रीगल तिराहे पर दोनों को कट्टरपंथियों द्वारा फिर रोक लिया गया। ये सभी भावेश और नसरीन का वीडियो भी बना रहे थे।

भीड़ में से एक ने इंग्लिश में कहा, “तुमने हिजाब पहना है लेकिन उसके नियम का पालन नहीं कर रही हो।” भीड़ द्वारा नसरीन की अम्मी से बात की गई तो उन्होंने अपनी बेटी के भावेश के साथ होने और खुद ही खाना खाने की अनुमति देने की बात स्वीकारी। हालाँकि इसके बाद भी भीड़ में मौजूद लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस बीच भावेश को घिरा देख कर बगल से गुजर रहे हिमांशु पटेल, रोहित बड़के, चिराग जैन और यश जोशी नाम के युवकों ने इन दोनों को भीड़ से बचाया। इन चारों युवकों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की और भावेश व नसरीन को एक रिक्शा में बिठा दिया। इस बात से नाराज हो कर हिंसक हो चुकी भीड़ से कुछ हमलावर निकल कर यश और हिमांशु को चाकू मारने लगे। फिलहाल यश और हिमांशु खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने शोएब पुत्र मोहम्मद लतीफ निवासी उषागंज छावनी, शावेज लाला, आमिल लाला, मुजम्मिल, सैफ, छोटू उर्फ अरबाज और आवेज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सभी आरोपितों पर IPC की धारा 307, 323, 294, 506, 147, 148 व 149 के तहत कार्रवाई हुई है। पुलिस रिकार्ड में मुजम्मिल ड्रग्स तस्कर के तौर पर दर्ज है।

सिर्फ फोन खोजने के लिए छत्तीसगढ़ के फूड इंस्पेक्टर ने बाँध से निकलवाया 41 लाख लीटर पानी, सेल्फी लेते हुए डैम में गिरा था: शिकायत के बाद सस्पेंड

छत्तीसगढ़ में सेल्फी लेने के दौरान एक सरकारी अधिकारी का मोबाइल पानी में गिर गया। उस मोबाइल को निकालने के लिए पूरे डैम को पानी को लगातार 4 दिनों तक निकाला गया। इस पानी से सैकड़ों एकड़ खेतों की सिंचाई हो सकती थी, लेकिन उसे बर्बाद कर दिया गया। अंत में मोबाइल मिल गया, लेकिन वह चल नहीं रहा है। इसकी जानकारी जैसे ही बड़े अधिकारियों को मिली उन्हें इस अधिकारी को सस्पेंड कर जाँच बैठा दी है।

मामला कांकेर जिले का है। कोयलीबेड़ा प्रखंड के फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास सोमवार (22 मई 2023) को अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने खेरकट्टा-परलकोट बाँध गए थे। वहाँ वे सेल्फी ले रही थे। इसी दौरान उनका महंगा मोबाइल डैम में गिर गया। डैम में लगभग 15 फुट गहरा पानी था। मोबाइल गिरने के बाद विश्वास ने स्थानीय मजदूरों को मोबाइल खोजने के लिए लगाया, लेकिन वह नहीं मिला।

इसके बाद फूड इंस्पेक्टर ने परे डैम से पानी निकालने का आदेश दिया। इसके बाद 30 हॉर्स पावर के तीन पंप लगाए गए और लगातार चार दिनों तक डैम से पानी निकाला जाता रहा है। इस दौरान डैम का 41 लाख लीटर (कहीं-कहीं मीडिया रिपोर्ट में 21 लाख लीटर कहा गया है) पानी निकालकर बर्बाद कर दिया गया। आखिरकार गुरुवार (25 मई 2023) की सुबह अधिकारी का महंगा फोन मिल गया। इस तरह एक मोबाइल के लिए अधिकारी ने सैकड़ों एकड़ की सिंचाई वाले पानी को बर्बाद कर दिया।

यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद जल संसाधन विभाग के एसडीओ मौके में पहुँचे और पानी निकालने का काम बंद करवाया। तब तक 15 फुट गहरे पानी में से लगभग 10 फुट पानी निकाला जा चुका था।

इस पूरे घटना को लेकर विश्वास ने कहा, “मैंने SDO जलसंसाधन विभाग से बात की और उन्हें बताया कि 96000 की कीमत वाला मेरा सैमसंग एस सीरीज फोन बाँध में गिर गया है। मैंने उन्हें बताया कि बाँध का पानी किसी उद्देश्य के लिए नहीं था और फिर 5 फुट पानी कम किया।” हालाँकि, अधिकारियों का कहना है कि 10 फुट पानी निकाला गया है।

घटना की बारे में जानकारी को लेकर सिंचाई विभाग के एसडीओ आरएल धीवर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन उनके द्वारा कुछ फुट पानी कम करने को कहा गया था। धिवर ने कहा कि फुड इंस्पेक्टर ने ज्यादा पानी निकाल दिया। इसकी जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुँचे और पानी निकलवाने का काम बंद करा दिया।

इस घटना की जानकारी मिलते ही कांकेर जिला की कलेक्टर ने मामले पर रिपोर्ट माँगी और विश्वास को निलंबित कर दिया। वहीं जल संसाधन विभाग के SDO धीवर द्वारा पानी की अनुमति देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताते चलें कि पंखाजूर का परलकोट जलाशय जल संसाधन विभाग के अंतर्गत आता है।

इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सत्ताधारी कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “दाऊ (भूपेश बघेल) की तानाशाही में अधिकारी प्रदेश को पुश्तैनी जागीर समझ बैठे हैं। आज भीषण गर्मी में लोग टैंकरों के भरोसे हैं। पीने तक के पानी की व्यवस्था नहीं है। वहीं अधिकारी अपने मोबाइल के लिए लाखों लीटर पानी बहा रहे हैं, इतने पानी में डेढ़ हजार एकड़ खेत की सिंचाई हो सकती थी।”

वहीं, कॉन्ग्रेस के स्थानीय विधायक अनूप नाग ने कहा, “पखांजूर के एक खाद्य निरीक्षक राजेश विश्वास खेरकट्टा बाँध के पास पिकनिक मनाने गए थे। इस क्षेत्र में बहुत सारे किसान हैं। फोन और इसका डेटा महत्वपूर्ण है, लेकिन जनता के पानी का नुकसान अस्वीकार्य है। मैं चाहता हूँ कि कलेक्टर सख्त कार्रवाई करें।”