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सौरभ राजवैद्य से बना मोहम्मद सलीम, फिर पत्नी को बनाया मुस्लिम; ओवैसी के कॉलेज में नौकरी पा बन गया ‘जहर का प्रोफेसर’

मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए हिज्ब-उत-तहरीर संगठन के 16 आतंकियों से पूछताछ में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। हाल की जाँच में यह सामने आया था कि इनमें से आधे आतंकी कुछ समय पहले ही मुसलमान बनाए गए थे। बाद में इन्होंने अपनी हिंदू बीवियों को भी इस्लाम कबूल करवा दिया। इनमें से एक इस संगठन का सरगना मोहम्मज सलीम भी है।

एटीएस की पूछताछ में पता चला कि सलीम पहले सौरभ हुआ करता था। उसका नाम सौरभ राजवैद्य था। वह भोपाल का बैरसिया के पास का रहने वाला है। साल 2010 में उसने पहले खुद इस्लाम कबूला और 2012 में अपनी बीवी को इस्लाम कबूल करवाया। इसके बाद दोनों हैदराबाद शिफ्ट हो गए।

चूँकि सलीम मध्य प्रदेश से था इसलिए उसे पूरे एमपी में हिज्ब-उत-तहरीर संगठन का एजेंडा फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई और ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा गया। संगठन से जुड़ने के बाद उसने कम समय में ही अपने साथ 100 लोगों को जोड़ लिया।

हैरानी की बात यह है कि सौरभ राजवैद्य से सलीम बनने के बाद उसे हैदराबद में डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई और यहाँ वह कॉलेज में पढ़ाने के नाम पर मजहबी जहर फैलाने लगा।

जिस यूनिवर्सिटी ने उसके कट्टरपंथी विचारों को पनपने का मौका दिया उसकी वेबसाइट बताती है कि इसके चेयरमैन एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी है। कॉलेज की स्थापना सुल्तान सलाहाउद्दीन ओवैसी ने की थी।

मध्य प्रदेश ATS ने उसे डेक्कन कॉलेज गोलकुंडा से गिरफ्तार किया है। सौरभ के अलावा ओडिशा के देवी प्रसाद पांडा ने और हैदराबाद के वेणु कुमार ने इस्लाम कबूल कर के अपने नाम क्रमशः अब्दुल रहमान व मोहम्मद अब्बास रख लिए थे।

पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि भोपाल के जिम ट्रेनर यासिर खान ने भी एक हिंदू लड़की से शादी कर के उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया था। इन सभी के अलावा गिरफ्तार लोगों में 2 अन्य ऐसे हैं जिनकी पत्नियाँ पहले हिंदू थीं और बाद में उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया गया।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। UAPA की धाराओं में गिरफ्तार इन आरोपितों के पास से तकनीकी उपकरण, देश विरोधी दस्तावेज, कट्टरपंथी साहित्य और हथियार भी बरामद हुए थे। इस संगठन के लोग आम लोगों के बीच कंप्यूटर इंजीनियर, टेक्नीशियन, टीचर, व्यवासायी, जिम ट्रेनर, कोचिंग सेंटर संचालक, ऑटो ड्राइवर, दर्जी आदि रूपों में घुल-मिल कर अपनी हरकतों को अंजाम देते हैं।

कुत्तों के नहाने के लिए बाथ टब, पीने के लिए शराब: दियादी विवाद से पकड़ी गई हेमा मीणा की भ्रष्टाचार की कमाई, नौकरी गई

मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में संविदा पर बहाल हुई असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा को नौकरी से निकाल दिया गया है। उसके ठिकानों पर लोकायुक्त की छापेमारी के बाद यह कदम उठाया गया। छापेमारी में अकूत धन का पता चला था। उसके फॉर्म हाउस से 100 से ज्यादा कुत्ते मिले थे। इनके नहाने के लिए बाथ टब का इंतजाम था। पीने के लिए शराब तक थी।

लोकायुक्त की टीम ने 11 मई 2023 को हेमा मीणा के भोपाल स्थित जिस घर पर छापा मारा था, उसमें 40 कमरे हैं। महल की तरह बने इस घर में न मीणा के कुत्ते भी ऐश की जिंदगी रहे थे। इस घर में कुत्तों के नहाने के लिए बाथटब की व्यवस्था की गई थी। कुत्तों का खाना बनाने के लिए ढाई लाख रुपए की रोटी मेकर मशीन लगी थी। लोकायुक्त टीम को विदेशी शराब की बोतलें भी मिली थी।

विदेशी शराब की इन बोतलों को लेकर NBT ने इस छापेमारी में शामिल लोकायुक्त अधिकारी के हवाले से कहा है कि हेमा मीणा अपने पालतू कुत्तों को शराब पिलाती थी। कुत्तों को दवाई के रूप में शराब दी जाती थी। बताया जा रहा है कि हेमा मीणा के घर से मिले कुत्तों में अधिकांश कुत्ते विदेशी नस्ल के हैं। इन कुत्तों की कीमत लाखों में बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि हेमा मीणा के भ्रष्टाचार की शिकायत उसके चचेरे भाई ने ही दी थी। उसने करीब तीन साल पहले 2020 में लोकायुक्त को शिकायत दी। शिकायत में रायसेन और विदिशा में हेमा द्वारा जमीन खरीदने की बात कही गई थी।

पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में हेमा मीणा की नियुक्ति का पहला आदेश 28 दिसंबर 2010 को जारी हुआ था। इस आदेश के तहत 1 जनवरी 2011 को उसने जॉइन किया। लेकिन फिर उसी साल 31 मई को नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 22 फरवरी 2013 को एक बार फिर उसकी जॉइनिंग हो गई। इस बार करीब डेढ़ साल नौकरी करने के बाद उसने जुलाई 2015 में इस्तीफा दे दिया।

24 नवंबर 2016 को एक बार फिर उसकी जॉइनिंग हुई। लेकिन इसके एक साल बाद ही उसका प्रमोशन हो गया। वह सब-इंजीनियर से प्रभारी इंजीनियर बना दी गई। हेमा मीणा की संविदा नौकरी मई 2022 में समाप्त हो रही थी, लेकिन इसे बढ़ाकर अक्टूबर 2023 कर दिया गया। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर वह बार-बार इस्तीफा देती रहीं और उन्हें नौकरी मिलती रही। इस मामले में हेमा मीणा के अलावा एक अन्य इंजीनियर जनार्दन सिंह के खिलाफ भी लोकायुक्त की टीम जाँच कर रही है।

लोकायुक्त ने बनाई 450 सामानों की लिस्ट

लोकायुक्त की टीम ने हेमा मीणा के घर से मिले सामानों की लिस्ट बनाई है। इसमें 450 सामानों को शामिल किया है। इनमें 30 लाख रुपए का टीवी, रोटी बनाने की मशीन, रिवॉल्विंग कुर्सी, पानी की 12 मोटर, मिनी क्रेन, कई एसी और अलमारी समेत वाहन शामिल हैं। इन सामानों की अनुमानित कीमत 1.50 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। वहीं, 100 से अधिक कुत्तों और 60 से अधिक गायों की कीमत का आकलन होना बाकी है। हेमा मीणा के घर में बने बड़े से गैराज में थार समेत 20 लग्जरी कारों का जखीरा मिला है। इस घर में काम करने वाले कर्मचारियों से बात करने के लिए वह वॉकी-टॉकी का उपयोग करती थीं। इसके अलावा, हेमा मीणा के नाम से मिली संपत्तियों को लेकर उसने दावा किया है कि उसके पिता और भाई ने जमीन खरीदकर दान में दी थी।

बैग में 5 महीने के बच्चे का शव लेकर 200 km सफर करने को मजबूर हुआ पिता, एम्बुलेंस को देने के लिए नहीं थे ₹8000: बंगाल में स्वास्थ्य व्यवस्था का ऐसा हाल

पश्चिम बंगाल से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बेबस पिता को अपने 5 महीने के बच्चे का शव बैग में डालकर बस से 200 किलोमीटर का सफर तय करने को मजबूर होना पड़ा। आशीम देबशर्मा (पिता) ने रविवार (14 मई, 2023) को मीडियाकर्मियों से बताया कि एंबुलेंस चालक ने सिलीगुड़ी से कालियागंज उनके घर तक बच्चे के शव को ले जाने के लिए 8000 रुपए माँगे थे। उनके पास चालक को देने के लिए इतने पैसे नहीं थे, जिसके कारण उन्हें अपने 5 महीने के बच्चे का शव बैग में रखकर 200 किमी तक बस में सफर करना पड़ा।

इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (भाजपा) शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ (Swasthya Sathi) स्वास्थ्य बीमा योजना पर सवाल उठाया है। वहीं टीएमसी ने भाजपा पर एक बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत करते हुए देबशर्मा का वीडियो अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अधिकारी ने लिखा, “हम तकनीकी बातों में न जाएँ लेकिन क्या ‘स्वास्थ्य साथी’ यही हासिल करने के लिए है? यह दुर्भाग्य से ‘एगीये बांग्ला’ (उन्नत बंगाल) मॉडल की सच्ची तस्वीर है।”

सोशल मीडिया पर आशीम देबशर्मा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चे के पिता आशीम देबशर्मा (Ashim Debsharma) ने बताया, “छह दिनों तक सिलीगुड़ी के नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में इलाज के बाद मेरे 5 महीने के बेटे की शनिवार (13 मई, 2023) रात मौत हो गई। इस दौरान मैंने उसके इलाज के लिए 16,000 रुपए खर्च किए।” उन्होंने स्थानीय रिपोर्टर से कहा, “मेरे बच्चे को कालियागंज तक ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक ने 8000 रुपए माँगे, जो मेरे पास नहीं थे।”

देबशर्मा ने दावा किया कि एंबुलेंस नहीं मिलने पर उन्होंने शव को एक बैग में डाल लिया और दार्जिलिंग के सिलीगुड़ी से करीब 200 किलोमीटर तक उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज तक बस से सफर किया। इस दौरान पिता ने किसी भी यात्री को इस बात की भनक नहीं लगने दी। क्योंकि उन्हें डर था कि अगर इस बारे में सहयात्रियों को पता चल गया तो वे उसे बस से उतार देंगे। उन्होंने आगे कहा कि 102 योजना के तहत एक एंबुलेंस चालक ने उनसे कहा था कि यह सुविधा मरीजों के लिए मुफ्त है न कि शव को ले जाने के लिए।

बता दें कि ऐसी ही एक घटना इस साल जनवरी में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में हुई थी। एंबुलेंस चालक को तय शुल्क से तीन गुना रकम देने में असमर्थ एक व्यक्ति करीब 50 किलोमीटर तक अपनी माँ के शव को अपने कंधों पर उठाकर घर लेकर गया था।

महाराष्ट्र में अब संभाजी जयंती यात्रा को बनाया निशाना, अहमदनगर में पत्थरबाजी और आगजनी: अकोला में ‘The Kerala Story’ से भड़की भीड़ ने मचाई थी तबाही

महाराष्ट्र के अकोला में हुए दंगों को लेकर नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि ‘The Kerala Story’ को लेकर हिंसा शुरू हुई थी। हरिहरपेट इलाके में ये घटना शनिवार (13 मई, 2023) की रात हुई, जो एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुई थी। 36 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद रही। पुलिस-प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। अब उधर अहमदनगर के शेवगाँव में हिंसा शुरू हो गई है। एक धार्मिक यात्रा के दौरान हिन्दू-मुस्लिम आपस में भिड़ गए।

महाराष्ट्र के अहमदनगर में बवाल: हिंसा और पत्थरबाजी

अहमदनगर में दो पक्षों के बीच जम कर पत्थरबाजी और हिंसा हुई। अकोला की तरह यहाँ भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं और कइयों को गिरफ्तार भी किया गया है। घटना रविवार (14 मई, 2023) रात की है। छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई थी। इसी दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से जुलूस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई।

ये घटना रात 8 बजे निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान हुई। एक धार्मिक स्थल पर भी पथराव की बात कही जा रही है। अफरातफरी के बीच वहाँ के कई कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर के निकल गए। पुलिस ने अब तक 102 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। राज्य रिजर्व पुलिस बल की 2 कंपनियों को शेवगाँव में तैनात किया गया है। कई वाहनों को नुकसान पहुँचा है। 8 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

महाराष्ट्र के अकोला में हिंसा, ‘The Kerala Story’ के विरोध में बवाल

अकोला में पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगा कर भीड़ ने हिंसा शुरू की, जिसमें इलेक्ट्रीशियन विकास गायकवाड़ की हत्या कर दी गई। यहाँ भी एक धार्मिक स्थल के आसपास तोड़फोड़ की गई। उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि स्थिति शांतिपूर्ण है और 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालाँकि अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या 45 हो गई है। एसपी ने कहा कि मृतक का किसी संगठन से संबध नहीं था और वो एक आम आदमी था।

ये सारा विवाद एक इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद से शुरू हुआ। जम कर हुए पथराव में कई गाड़ियाँ तोड़ डाली गईं। भीड़ ने पुलिस थाने को भी नहीं बख्शा और वहाँ भी तोड़फोड़ मचाई। आगजनी की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। दंगाइयों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में गोलीबारी भी करनी पड़ी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। ये प्लास्टिक की बुलेट थी। जब भीड़ फिर भी नहीं हटी, तो पुलिस को आँसू गैस के गोले भी दागने पड़े।

पटियाला के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में महिला की गोली मारकर हत्या, आरोप- परिसर में बैठकर पी रही थी शराब

पंजाब के पटियाला स्थित एक गुरुद्वारे में एक महिला की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। आरोप है कि महिला गुरुद्वारा परिसर में शराब पी रही थी। हत्या का आरोप गुरुद्वारे में मौजूद निर्मलजीत सिंह पर लगा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। एक सेवादार के भी घायल होने की खबर है। घटना रविवार (14 मई 2023) की है।

मृतका की पहचान 33 वर्षीया परमिंदर कौर के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पटियाला के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब का है। इस गुरुद्वारे के परिसर में एक सरोवर बना हुआ है। सेवादारों का आरोप है कि रविवार रात लगभग 10 बजे एक महिला सरोवर के पास बैठकर शराब पी रही थी। एक सेवादार ने आकर महिला को रोका तो वह झगड़ा करने ली। महिला ने कथित तौर पर शराब की बोतल सेवादार के हाथ पर मार दी, जिससे वह घायल हो गया।

इसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कुछ लोग महिला को पकड़ कर गुरुद्वारे के मैनेजर के कमरे में ले जाने लगे। यही पर आरोपित निर्मलजीत सिंह खड़ा था। उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल कर महिला पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। परमिंदर कौर को कुल 4 गोलियाँ लगी, जिसके बाद उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आरोपित निर्मलजीत सिंह पटियाला के ही अर्बन एस्टेट का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना की सूचना पर पहुँची पुलिस ने निर्मलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि निर्मलजीत द्वारा चलाई गई एक गोली गुरुद्वारे के सेवादार सागर कुमार को भी लगी है। सागर का स्थानीय अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है। मृतका परमिंदर कौर को शराब की लत बताई जा रही है, जिसका इलाज नशा मुक्ति केंद्र में चल रहा था। पुलिस गुरुद्वारे की CCTV फुटेज की जाँच कर रही है।

भतीजा कॉन्ग्रेस समर्थक, चाचा बीजेपी सपोर्टर… कर्नाटक में पटाखे फोड़ने से रोका तो कुल्हाड़ी से काटकर कर दी हत्या

बेंगलुरु में पुलिस ने एक युवक को अपने चाचा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए 21 वर्षीय आरोपित का नाम जी आदित्य है। आदित्य पर आरोप है कि उसने कॉन्ग्रेस की जीत का जश्न मनाने से रोकने पर अपने चाचा की कृष्णप्पा की हत्या कर दी, जो एक भाजपा समर्थक थे।

इसी हमले में मृतक की पत्नी और बेटा घायल हैं। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद आदित्य का पिता अपने अन्य साथियों सहित फरार है। दोनों परिवारों के बीच पहले से जमीनी विवाद चल रहा था। घटना शनिवार (13 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बेंगलुरु देहात क्षेत्र के होशकोटे इलाके का है। यहाँ के गाँव डी होशाहल्ली में गणेश और उनके भाई कृष्णप्पा के बीच जमीनी विवाद चल रहा था। पहले दोनों ही भाजपा समर्थक थे।

घटना के दिन कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की जीत की ख़ुशी में कॉन्ग्रेसियों का एक समूह कृष्णप्पा के घर के आगे पटाखे फोड़ रहा था। इसी ग्रुप में गणेश और उनका बेटा आदित्य भी शामिल हो गए। थोड़े समय बाद कृष्णप्पा ने पटाखे फोड़ रहे कॉन्ग्रेसियों से अपने घर के आगे ऐसा न करने को कहा।

आरोप है कि इसी बात पर दोनों ही पक्षों में झगड़ा हो गया। इस दौरान आदित्य ने अपने चाचा कृष्णप्पा पर हमला कर दिया। हमले के लिए कुल्हाड़ी का प्रयोग किया गया। हमले में कृष्णप्पा की मौत हो गई और उनकी पत्नी व बेटा बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

इस घटना की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को हुई तो उन्होंने नंदगुड़ी पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मामले में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे।

फ़िलहाल पुलिस ने आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आदित्य के पिता गणेश और अन्य की तलाश की जा रही है। गाँव में किसी प्रकार की झड़प आदि की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

सरकारी स्कूल में दलित बच्चियों के कपड़े उतार प्राइवेट पार्ट नोचता था मोहम्मद अली, शाजिया देती थी धमकी: बाथरूम में मिले कंडोम, 13 का यौन शोषण

उत्तर प्रदेश के शाहजहॉंपुर जिले में 13 बच्चियों के यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िताओं में कुछ दलित समुदाय से भी हैं। मामले में मुख्य आरोपित मोहम्मद अली है जो कम्प्यूटर टीचर के पद पर तैनात हैं। इसी स्कूल की सहायक अध्यापिका शाजिया अली पर भी मोहम्मद अली की करतूतों को छिपाने का आरोप है। घटना सोमवार (8 मई, 2023) की है। पुलिस ने बताया कि प्रिंसिपल सहित कुल 3 लोगों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है।

मुख्य आरोपित मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर लिया गया है। अली की बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। स्कूल के एक अन्य शिक्षक ने बताया कि मोहम्मद अली सिर्फ हिन्दू छात्राओं को ही निशाना बनाता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला तिलहर थाना क्षेत्र के रायखुर्द का है। यहाँ के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 13 बच्चियों के अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल में उनकी बेटियों का यौन शोषण किया जाता है। स्कूल में कम्प्यूटर की क्लास लेने वाले मोहम्मद अली पर आरोप है कि वह बच्चियों के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ करता है। स्कूल के बाथरूम से बाल, ब्लेड और कंडोम भी मिलने की बात कही जा रही है। स्कूल की बच्चियों बाथरूम जाने से भी डरती थीं।

इसी स्कूल की सहायक टीचर शाजिया पर भी इस बात का दबाव बनाने का आरोप है कि वो अपने साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के बारे में किसी को कुछ न बताएँ।

पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद अली और शाजिया के साथ स्कूल प्रिंसिपल अनिल कुमार को भी नामजद किया है। अनिल कुमार पर आरोप है कि उन्होंने शिकायत होने के बावजूद शाजिया और मोहम्मद अली पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी स्कूल की एक अन्य पर महिला टीचर नीरजा ने इस घटना को सत्य बताया है। उन्होंने कहा कि बच्चियों ने सबसे पहले उन्हें ही अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी दी। महिला टीचर के मुताबिक, स्कूल में ‘लव जिहाद’ चलाया जा रहा था। आरोप है कि मोहम्मद अली अपनी बात न मानने पर बच्चियों को फेल करने की भी धमकी देता था।

आरोप लगाने वाली अध्यापिका के मुताबिक मोहम्मद अली न सिर्फ बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छूता था उसे नोचता-खसोटता भी था। पीड़ित बच्चियाँ अलग-अलग क्लास की हैं। एक पीड़िता की माँ ने बताया कि उनकी बेटी का कच्छा निकाल कर आरोपित ने किसी से कुछ भी न बताने की धमकी दी। आखिरकार इस मामले में ग्राम प्रधान की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। तिलहर के डिप्टी SP प्रियांक जैन के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों पर 354, 352, 120 B, SC/ST और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहजहाँपुर कुमार गौरव ने बताया कि मोहम्मद अली को बरख़ास्त करने की भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं अन्य नामजद प्रिंसिपल अनिल कुमार और अध्यापिका शाजिया को सस्पेंड कर दिया गया है।

केरल में डंडे और पाइप से पीट-पीटकर की बिहार के दलित श्रमिक की हत्या, अब तक 9 गिरफ्तार: नाम हैं- अफजल, फाजिल, शराफुद्दीन…

केरल के मल्लापुरम में बिहार के एक मजदूर राजेश मांझी की लिंचिंग मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इन आरोपितों की पहचान अफजल, फाजिल, शराफुद्दीन, महबूब, अब्दुसमद, नासिर, हबीब, अयूब और जैनुल के तौर पर हुई है।

मल्लापुरम के एसपी सुजीत दास ने बताया कि कोनडोट्टी के एएसपी के नेतृ्त्व में एसआईटी का गठन करके इस पूरे मामले की जाँच चल रही है। राजेश को चोरी का आरोप लगाकर बेरहमी से मारा गया। पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी ने जानकारी दी कि आरोपितों ने राजेश को डंडों और प्लास्टिक की पाइप से मारा था। फोन की पड़ताल करते हुए उनके वीडियोज मिल गए हैं। आरोपितों ने सीसीटीवी समेत कई सबूत मिटाने की कोशिश की थी। हालाँकि पुलिस अलग अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सबूत जुटा रही है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

कोंडोट्टी एएसपी बीवी विजया भरत रेड्डी ने कहा है, “हिरासत में लिए गए व्यक्तियों का दावा है कि चोरी के असफल प्रयास के बाद प्रवासी कर्मचारी एक घर की पहली मंजिल से गिर गया। युवक के घर से गिरने के बाद उन्होंने उसे पकड़ लिया और करीब डेढ़ घंटे तक मारपीट करते रहे।” वहीं रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कथित तौर पर आरोपितों ने राजेश को बाँधकर उसके साथ करीब दो घंटे तक मारपीट करने की बात कबूल ली है।

बता दें कि 36 साल का दलित राजेश माँझी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के माधवपुर निवासी था। वह मजदूरी के लिए बिहार से केरल गया था। शनिवार को कुछ लोगों ने चोरी का इल्जाम लगाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हिंदू से मुस्लिम बने, फिर भारत को ‘इस्लामी मुल्क’ बनाने के मिशन पर निकल पड़े: शादी कर युवतियों का भी धर्मांतरण, MP में पकड़े गए आधे जिहादी ‘नए मुल्ला’

मध्य प्रदेश ATS द्वारा गिरफ्तार आतंकी इस्लामी संगठन हिज्ब उत् तहरीर (HUT) के कुल 16 सदस्यों को ले कर नए खुलासे हुए हैं। इन 16 में से 8 सदस्य ऐसे हैं जो पहले हिंदू थे जिनका ब्रेनवाश कर उन्हें मुस्लिम बना दिया गया। इस संगठन के कुछ सदस्यों ने हिंदू लड़कियों से शादी कर के उन्हें भी इस्लाम कबूल करवाया है। HUT का प्रमुख सलीम हैदराबाद में ओवैसी के स्वामित्व वाले मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिज्ब-उत्-तहरीर का प्रमुख हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया मोहम्मद सलीम और भोपाल से पकड़ा गया जिम ट्रेनर यासिर खान है। सलीम मूल रूप से भोपाल का रहने वाला है जिसका पहले नाम सौरभ राजवैद्य था। साल 2009 में सौरभ की शादी हुई थी। साल 2010 में जब सौरभ ने इस्लाम कबूल किया तो उसके घर वालों ने इसका काफी विरोध किया। मोहम्मद सलीम बन चुके सौरभ ने साल 2012 में अपनी पत्नी को भी मुस्लिम बना दिया। सौरभ ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से धर्म परिवर्तन का सर्टिफिकेट लेने का प्रयास किया पर उसे सफलता नहीं मिली।

आख़िरकार सौरभ उर्फ़ सलीम हैदराबाद शिफ्ट हो गया। यहाँ वह मोहम्मद सलीम को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के बायोटेक्निकल डिपार्टमेंट में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई। यहाँ नौकरी के दौरान भी वह भड़काऊ तकरीरें देता रहता था। सौरभ उर्फ़ सलीम को विदेश में ट्रेनिंग दी गई। उसने काफी कम समय में अपने संगठन से 100 लोगों को जोड़ लिया था। मध्य प्रदेश ATS ने उसे डेक्कन कॉलेज गोलकुंडा से गिरफ्तार किया है। सौरभ के अलावा ओडिशा के देवी प्रसाद पांडा ने और हैदराबाद के वेणु कुमार ने इस्लाम कबूल कर के अपने नाम क्रमशः अब्दुल रहमान व मोहम्मद अब्बास रख लिए थे।

पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि भोपाल के जिम ट्रेनर यासिर खान ने भी एक हिंदू लड़की से शादी कर के उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया था। इन सभी के अलावा गिरफ्तार लोगों में 2 अन्य ऐसे हैं जिनकी पत्नियाँ पहले हिंदू थीं और बाद में उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया गया। फ़िलहाल मध्य प्रदेश ATS मोहम्मद सलीम, अब्दुल रहमान, मोहम्मद अब्बास अली, शेख जुनैद और मोहम्मद हामिद को ले कर हैदराबाद जा रही है। यहाँ उनके नेटवर्क को खँगाला जाएगा। साथ ही इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों के ठिकानों पर दबिश दी जाएगी।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। UAPA की धाराओं में गिरफ्तार इन आरोपितों के पास से तकनीकी उपकरण, देश विरोधी दस्तावेज, कट्टरपंथी साहित्य और हथियार भी बरामद हुए थे। इस संगठन के लोग आम लोगों के बीच कंप्यूटर इंजीनियर, टेक्नीशियन, टीचर, व्यवासायी, जिम ट्रेनर, कोचिंग सेंटर संचालक, ऑटो ड्राइवर, दर्जी आदि रूपों में घुल-मिल कर अपनी हरकतों को अंजाम देते हैं।

गिरफ्तार अन्य आरोपितों में सैयद सामी रिजवी कोचिंग में टीचर, शाहरूख दर्जी, मिस्बाहुल हक मजदूर, शाहिद ऑटो ड्राइवर, सैयद दानिश अली सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मेहराज अली कंप्यूटर टेक्नीशियन, खालिद हुसैन व्यवसायी, करीम प्राइवेट नौकरी में हैं। इनके अलावा वसीम खान और मोहम्मद आलम को भी गिरफ्तार किया गया है।

हिज्ब उत् तहरीर उर्फ तहरीक-ए-खिलाफत इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है जिसके तार 50 देशों में हैं। 16 देश इस संगठन को बैन कर चुके हैं। ATS द्वारा गिरफ्तार संदिग्धों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग गुप्त रूप में जंगलों में हुआ करती थी। आपसी बातचीत के लिए ये सभी डार्क वेब के विभिन्न चैनलों का इस्तेमाल करते थे। भारत के कई शहर HUT के निशाने पर थे जिनकी रेकी के लिए आरोपितों ने ड्रोन का इस्तेमाल किया था।

मुस्लिम को बनाओ डिप्टी CM, 5 स्पेशल विभाग हमें दो: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का तय नहीं हुआ CM, वक्फ बोर्ड ने रख दी अपनी डिमांड

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही बहस के बीच राज्य के वक्फ बोर्ड ने एक नई माँग उठाई है। वहाँ सुन्नी उलमा बोर्ड के मुस्लिम नेताओं ने कहा कि कर्नाटक में उप मुख्यमंत्री किसी मुस्लिम समुदाय के नेता को बनाओ। इसके अलावा 5 मुस्लिम विधायकों को गृह राजस्व, स्वास्थ्य और अन्य खास विभागों की जिम्मेदारी सौंप दो।

कर्नाटक वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शफी सादी ने कहा कि उन्होंने चुनाव से पहले ही कहा था कि किसी मुस्लिम को प्रदेश का उपमुख्यमंत्री होना चाहिए और उनको (मुस्लिमों को) 30 सीटें दी जानी चाहिए। हालाँकि, उन्हें 15 सीटें मिलीं, जिनमें से 9 मुस्लिम उम्मीदवार जीते।

अब उनका कहना है कि इन चुनावों में करीब 72 विधानसभा सीटों पर कॉन्ग्रेस केवल मुसलमानों की वजह से जीती। सादी बोले कि एक समुदाय के तौर पर मुस्लिमों ने कॉन्ग्रेस को बहुत कुछ दिया है। अब समय आ गया है कि बदले में उन्हें कुछ मिले।

शफी ने माँग की, “हम एक मुस्लिम उप-मुख्यमंत्री और पाँच मंत्री चाहते हैं जिनके पास गृह, राजस्व और शिक्षा जैसे अच्छे विभाग हों। इसके साथ हमें शुक्रिया देना कॉन्ग्रेस की जिम्मेदारी है। इन सभी को लागू करने के लिए हमने सुन्नी उलमा बोर्ड कार्यालय में इमरजेंसी मीटिंग की है।”

वक्फ बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि 9 मुस्लिम विधायकों में से किसे ये पद दिए जाएँ ये कॉन्ग्रेस निर्णय लेगी कि किसने अच्छा किया। कई मुस्लिम प्रत्याशियों ने अपनी विधानसभा छोड़ अन्य क्षेत्रों का भी दौरा किया और हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल दिया। यही वजह है कि कॉन्ग्रेस जीत सकी। उनकी जिम्मेदारी है कि मुस्लिम समुदाय का एक डिप्टी सीएम होना चाहिए।

कर्नाटक में जीते 9 विधायक

बता दें कि इस बार चुना में कॉन्ग्रेस ने अपनी पार्टी से 15 मुस्लिम कैंडिडेट्स को मैदान में उतारा था। इनमें से 9 जीत पाने में सफल हुए।

इनके नाम बीदर से रहीम खान जीते, मंगलुरु से खादर फरीद, मैसूर से तनवीर सैत, बेलगावी से आसिफ सैत, शिवाजीनगर से रिजवान अरशद, चामराजपेट से जमीन अहमद खान, रामनगर से एच ए इकबाल हुसैन, शांति नगर से एन ए हैरीस, गुलबर्गा से कनीज फातिमा है।

सीएम के नाम का नहीं हुआ चुनाव

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के नतीजे 13 मई को ही आ गए थे। लेकिन कॉन्ग्रेस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इस पद के लिए डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच प्रतिस्पर्धा मानी जा रही है। विधायक दल का नेता चुनने के लिए 14 कई को हुई बैठक में दोनों पक्षों की नारेबाजी का बाद यह जिम्मेदारी आलाकमान को दे दी गई है।