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बंगाल में 36000 शिक्षकों की भर्ती रद्द: ममता सरकार के ‘जॉब स्कैम’ पर कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला, कहा- 3 महीने में नए सिरे से करो बहाली

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की TMC सरकार को बड़ा झटका दिया है। उच्च न्यायालय ने 36,000 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने ये फैसला सुनाया। जिन शिक्षकों की भर्ती रद्द की गई है, वो अप्रशिक्षित हैं। हालाँकि, हाईकोर्ट ने उन्हें थोड़ी राहत देते हुए कहा है कि अगले 4 महीने वो स्कूल जाकर ड्यूटी तो कर सकते हैं, लेकिन वेतन उन्हें पैरा-शिक्षक के बरबाद का ही मिलेगा।

साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को आदेश दिया गया है कि वो अगले 3 महीने में नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया पूरी करे। जिन लोगों की नौकरी रद्द की गई है, उन्हें भी पूरी छूट दी गई है कि वो नई भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लें। लेकिन, ये उनके लिए मान्य होगा जिन्होंने पहले ही प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। उधर राज्य शिक्षा परिषद के अध्यक्ष गौतम पॉल ने कहा है कि वो संस्था के माध्यम से उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने जा रहे हैं।

साथ ही 2016 की प्राथमिक शिक्षा नियुक्ति के पैनल को भी निरस्त किए जाने का आदेश दिया गया है। 140 आवेदकों ने वकील तरुणज्योति तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। उनका मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में कई खामियाँ हैं और कई अप्रशिक्षितों को नौकरी मिल गई है। ये भी आरोप है कि इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। बिना एप्टीट्यूट टेस्ट के नौकरी दिए जाने की बात भी कही जा रही है।

कुल 42,500 शिक्षकों को भर्ती किया गया था, जिनमें 36,000 अप्रशिक्षित थे। हाईकोर्ट ने 2016 के अप्रशिक्षित शिक्षकों को 2 साल का प्रशिक्षक दिए जाने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यहाँ तक कहा कि अगर राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया के खर्च को वहन करने में सक्षम नहीं है तो वो प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य से रुपए ले सकती है। उसे ही पैसे लेकर भर्ती करने का मुख्य मास्टरमाइंड पाया गया थ

मोर ही नहीं, सालन-मुर्गी-रूह अफजा-स्ट्राबेरी-मिठाई भी कोर कमांडर के घर से लूटकर ले गए इमरान खान के समर्थक: Video में गिड़गिड़ाते दिखे

पाकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई हिंसा की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर हमें देखने को मिल रही है। इस बीच एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पाकिस्तानी सेना के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सलमान गनी के घर में घुसकर उसे लोग लूट रहे हैं। वहीं सलमान गनी उनके आगे लाचार अवस्था में गिड़गिड़ाते नजर आ रहे हैं।

वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि सलमान के घर में कई इमरान समर्थक घुसे हुए हैं और वो कैजुअल कपड़ों में एक किनारे खड़े होकर बस उन्हें समझा रहे हैं। वीडियो में आगे कॉर्प्स (कोर) कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल को गिड़गिड़ाते, भीड़ के आगे हाथ जोड़ते हुए हुए भी देखा जा सकता था। वे बार-बार उन लोगों से गुजारिश कर रहे हैं कि वो सब बाहर चले जाएँ मगर कोई उस जगह से हिलने को तैयार नहीं है।

बताया ये भी जा रहा है कि सलमान गनी के घर में घुसने के बाद पीटीआई समर्थकों ने उसे लूटा। उनके घर से न केल सालन, मुर्गी, मोर को चुराया गया बल्कि घर में रखा रूह आफजा, स्ट्राबेरी और दूसरी कई मिठाइयों को भी लूटकर लिया गया। इतना ही नहीं इन उपद्रवियों ने कमांडर के घर के बाहर एक पुरानी तोप खड़ी थी ये लोग उसे भी घसीटकर अपने साथ ले गए।

डेली पाकिस्तान के अनुसार, लाहौर में पीटीआई समर्थकों द्वारा हमले के बाद कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल को हेडक्वार्टर में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके मुताबिक आर्मी स्टाफ के चीफ जनरल सैयद आसिम मुनीर ने घटना पर संज्ञान लेते हुए उनका ट्रांसफर कर दिया है।

वहीं सेना के रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने कहा है कि सलमान गनी को बर्खास्त किया गया है। उन पर 9 मई को हुई हिंसा के दौरान आदेशों को मानने से इनकार करने का आरोप है। आदिल राजा के अनुसार, ब्रिगेड कमांडर और एक इन्फेंट्री यूनिट सीओ को भी बर्खास्त किया गया है।

हालाँकि इन सस्पेंशन पर फिलहाल पाकिस्तानी सेना ने कोई बयान नहीं जारी किया है। लाहौर कॉर्प्स का कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद फैयाज को अप्वाइंट किया गया है।

ज्ञानवापी का शिवलिंग कितना पुराना? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कार्बन डेटिंग का दिया आदेश, ASI से कहा नुकसान न पहुँचे

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी ढाँचे में मिले शिवलिंग कितना पुराना है, इसका अब खुलासा हो जाएगा। मस्जिद कमिटी इस शिवलिंग को फव्वारा बताता है और कहता है कि इसे मुगलों ने बनवाया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिवलिंग ने कार्बन डेटिंग कराने के लिए कहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग एवं साइंटिफिक सर्वे की माँग में दाखिल याचिका स्वीकार कर ली है। याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वे (ASI) को बिना शिवलिंग को किसी तरह की क्षति पहुँचाए बिना कार्बन डेटिंग कराने का आदेश दिया है।

इससे पहले वाराणसी की निचली अदालत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उस जगह पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते कार्बन डेटिंग जाँच कराने से इनकार कर दिया था। निचली अदालत के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने वाराणसी की अदालत के आदेश को पलट दिया।

हाईकोर्ट ने भारत सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह से पूछा था कि शिवलिंग को नुकसान पहुँचाए बिना कार्बन डेटिंग से जाँच की जा सकती है या नहीं, क्योंकि इससे शिवलिंग की आयु का पता चलेगा। इस पर ASI ने कहा बिना किसी नुकसान के शिवलिंग की कार्बन डेटिंग जाँच की जा सकती है।

दरअसल, ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान 16 मई 2022 को शिवलिंग मिला था। इस शिवलिंग की ASI से साइंटिफिक सर्वे कराने की माँग को लेकर वाराणसी की जिला अदालत में वाद दाखिल किया गया था। हालाँकि, कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2022 को इसे खारिज कर दिया। इसके बाद इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

CM योगी ने कैबिनेट के साथ देखी द केरल स्टोरी: 7 दिन में फिल्म ने किया ₹82 करोड़ का कलेक्शन, 40 और देशों में रिलीज

बॉलीवुड की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ ने सिनेमा घरों में अपना एक हफ्ता पूरा कर लिया है। 5 मई 2023 को रिलीज हुई फिल्म पहले ही हफ्ते में सुपरहिट हो चुकी है। फिल्म ने देश में अब तक 80 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर ली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे कैबिनेट के साथ लखनऊ के लोकभवन में ‘द केरल स्टोरी’फिल्म देखी। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी।

लखनऊ लोकभवन में द केरला स्टोरी की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। फिल्म देखने के बाद सीएम योगी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “आज अपने मंत्रिमंडल के माननीय सदस्यों के साथ स्पेशल स्क्रीनिंग में ‘The Kerala Story’ फिल्म देखी। इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं उन्हें शुभकामनाएँ।”

बता दें कि इस फिल्म को लेकर जमकर राजनीति भी हो रही है यही कारण है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल राज्यों में फिल्म को बैन कर दिया गया। जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। बुधवार (10 मई) को The Kerala Story फिल्म की टीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार मुलाकात की थी।

केरल में महिलाओं के धर्मांतरण और उन्‍हें ISIS जैसे आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने की साजिश पर बनी फिल्म विवादों के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अब तक 81.36 करोड़ रुपए की नेट कमाई की है। उम्मीद जाहिर की जा रही है कि फिल्म जल्दी ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो जाएगी। फिल्म का बजट मात्र 15 करोड़ है। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर नजर डालें तो यह ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनती नजर आ रही है।

द केरल स्टोरी की कामयाबी से फिल्म के डायरेक्टर सुदिप्तो सेन भी उत्साहित हैं। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि फिल्म को देश में 6000,000 से ज्यादा लोग देख चुके हैं। द केरल स्टोरी के डायरेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि फिल्म शुक्रवार (12 मई) को 40 से ज्यादा देशों में रिलीज हो रही है। यानी इसे देखने वालों की संख्या में वृद्धि होती रहेगी। सुदिप्तो ने लिखा कि लोगों का आशीर्वाद, प्रेम और प्रशंसा हमें अभिभूत करेगा। इसके साथ ही हम और ज्यादा जिम्मेदार और विनम्र महसूस करेंगे।

6 महिला+3 बच्चे… टोटल 22 को केरल से ISIS में भेजा, शौहर ने 40 का किया ब्रेन वाॅशः जेहादन यास्मीन मोहम्मद जाहिद को जानते हैं आप

फिल्म ‘The Kerala Story’ का वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी खासा विरोध कर रहे हैं। कैसे हिन्दू महिलाओं को फँसा कर उनका इस्लामी धर्मांतरण करा दिया जाता है और फिर उन्हें ISIS के पास भेज कर आतंकियों का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है, ये इस फिल्म में दिखाया गया है। महिलाओं का ब्रेनवॉश कर के उन्हें आतंकी संगठनों में भर्ती भी करा दिया जाता है। केरल में इस तरह की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

पिछले कुछ वर्षों में ऐसी ख़बरें भी सामने आई हैं, जब बताया गया कि केरल के दर्जनों लोग ISIS में भर्ती होने के लिए सीरिया गए। ‘The Kerala Story’ में आपको ‘आसिफा’ वाला किरदार दिखा होगा, जिसे सोनिया बलानी ने निभाया है। वो किस तरह कॉलेजों में जाकर हिन्दू लड़कियों को उनके धर्म के प्रति नीचा दिखाती है और उन्हें इस्लाम के बारे में बता-बता कर मुस्लिम बनने को ब्रेनवॉश कर देती है। मार्च 2018 में केरल में ऐसी ही एक आतंकी भर्ती करने वाली का नाम सामने आया था।

तब केरल के कोच्चि में ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA)’ की अदालत ने यास्मीन मोहम्मद ज़ाहिद नाम की एक महिला को 7 साल की सज़ा सुनाई थी। यासीम मोहम्मद ज़ाहिद ने केरल से कइयों का ब्रेनवॉश कर उन्हें ISIS में भर्ती कराया था। उसे 30 जुलाई, 2016 को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तब गिरफ्तार किया गया था, तब वो अपने बालिग बच्चे के साथ अफगानिस्तान की राजधानी काबुल भागने की फिराक में थी। वहाँ वो आतंकी अब्दुल राशिद के पास जा रही थी।

उसने 2016 में ही पूछताछ के दौरान बताया था कि तब तक 6 महिलाओं और 3 बच्चों समेत केरल के 22 लोगों को उसने ISIS में शामिल किया था। अफगानिस्तान के कई इलाके ISIS के नियंत्रण में थे, जहाँ इन्हें भेजा जाता था। उसने दावा किया था कि अब्दुल राशिद तब तक केरल में 40 युवाओं का ब्रेनवॉश कर चुका था। खुद यास्मीन भी अब्दुल राशिद और उसकी बीवी आयशा की मजहबी कक्षाओं में जाती थी, जहाँ उसे ‘हिज्र’, ‘जिहाद’ और ISIS के बारे में बताया गया था।

यास्मीन को अब्दुल पैसे भी भेजता था, जिससे वो अफगानिस्तान के लिए हवाई टिकट्स की व्यवस्था करती थी। यास्मीन मूल रूप से सऊदी अरब की है, जो 2011 के आसपास अपने शौहर सैयद अहमद के साथ केरल आई थी। मल्ल्पुरम स्थित ‘पीस इंटरनेशनल स्कूल’ में उसने नौकरी शुरू की थी। यास्मीन पर आरोप था कि उसने अकेले कासरगोड जिले से 15 लोगों को आतंकी संगठन ISIS में भर्ती कराया गया था। केरल पुलिस ने इसे मिसिंग कंप्लेंट के रूप में लिया था, लेकिन जाँच में NIA के सामने आने के बाद असली मामला खुला था। यास्मीन ने मुख्य खुलासे किए थे:

  • केरल से लोगों को ISIS में भर्ती करा कर उन्हें बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई एयरपोर्ट्स से कुवैत, दुबई, मस्कट और अबुधाबी भेजा गया था। वहाँ से उन्हें ईरान के जरिए अफगानिस्तान भेजा जाता था।
  • 3 मई, 2016 को उसने फोन पर ही अब्दुल राशिद से निकाह कर लिया था।
  • राशिद उससे टेलीग्राम के जरिए फोन कॉल करता था। ये लोग ISIS सरगना अबू बकर अल बगदादी के समर्थन में खलीफा का राज स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रहे थे।
  • जुलाई 2016 में राशिद ने उसे बताया था कि उसके द्वारा भेजे गए लोग अफगानिस्तान में ISIS के इलाके में पहुँच गए हैं।
  • राशिद ने अपनी पहली बीवी आयशा के नाम से ATM कार्ड बनवा कर यास्मीन को दिया था। जुलाई 2016 के मध्य में उसे 1.5 लाख रुपए भी भेजे गए थे।

उसके द्वारा ISIS में भर्ती कराए गए कुछ लोग तो आतंकी संगठन की तरफ से लड़ते हुए मारे भी गए थे। NIA 2016 में इस मामले के अलावा इस तरह के 6 अन्य मामलों की भी जाँच कर रही थी, जो केरल से ही संबंधित था। अब जब ‘The Kerala Story’ में राज्य में चल रहे ऐसे कांडों के बारे में बताया गया है, तो इस्लामी कट्टरपंथी इसका विरोध करने में लगे हैं। केरल में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा सिर उठाने और वहाँ ISIS के प्रभाव बढ़ने की बातें पहले भी आ चुकी है।

PTI चीफ इमरान खान को सभी मामलों में अगले 5 दिनों तक राहत, गिरफ्तारी पर रोक: पूर्व PM बोले- NAB अधिकारियों ने बुशरा बीबी से कराई थी बात

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी को अवैध ठहराए जाने के अगले दिन यानी शुक्रवार (12 मई 2023) को इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) ने PTI चीफ इमरान खान को दो सप्ताह की जमानत दे दी। यह मामला अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, IHC ने इमरान खान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर 17 मई तक रोक लगा दी।

इस्लामाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बुधवार (17 मई 2023) तक किसी भी मामले में पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। बता दें कि इमरान खान ने दावा किया है कि शहबाज शरीफ की सरकार ने उनके खिलाफ 145 मामले दर्ज किए हैं।

वहीं, इमरान खान के वकीलों ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चार अतिरिक्त याचिकाएँ भी दायर की थीं। इनमें हाईकोर्ट से इमरान खान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को एक साथ जोड़ने का आग्रह किया था। इसके साथ ही याचिका में यह कहा गया था कि अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों का डिटेल उन्हें दी जाए।

पत्रकारों से बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने वाली एजेंसी NAB के अधिकारियों ने उनके साथ ‘ठीक’ व्यवहार किया, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान उनके सिर पर थोड़ी चोट लग गई थी। उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी बीवी बुशरा बीबी से संपर्क नहीं कर पा रहा था। मैंने एनएबी टीम से कहा कि मुझे बात करने दें। उन्होंने मुझे बुशरा बीबी से लैंडलाइन पर बात करने दी।”

बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (11 मई 2023) को इमरान खान की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था। इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त IHC ने इस गिरफ्तारी को वैध बताया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को रिहा करते हुए कहा था कि उन्हें पुलिस लाइंस गेस्ट हाउस में रखा जाएगा, लेकिन उन्हें कैदी नहीं माना जाएगा। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJP) उमर अता बंडियाल ने पुलिस प्रमुख को निर्देश देते हुए कहा, “सरकार को इमरान खान की सुरक्षा की गारंटी देनी होगी।”

इमरान खान की गिरफ्तारी के मामले पर CJP के अलावा जस्टिस मुहम्मद अली मजहर और जस्टिस अतहर मिनल्लाह वाली तीन सदस्यीय बेंच ने सुनवाई की। जब इमरान खान तीन सदस्यीय कोर्ट के सामने पेश हुए तो पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने कहा, “आपको देखकर अच्छा लगा।”

बिन अनुमति हो रहा क्रिकेटरों के नाम-फोटो का इस्तेमाल, खिलाड़ियों ने HC का दरवाजा खटखटाया: NFT बनाने और बाँटने पर रोक की माँग

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार प्लेयर मोहम्मद सिराज, हर्षल पटेल, अर्शदीप सिंह समेत 5 क्रिकेटरों और रेरियो (Rario) ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म्स (OPS) को उनकी फोटो और नाम का उपयोग कर एनएफटी (नॉन फंजिबल टोकन) बनाने और उसे बाँटने पर रोक लगाने की माँग की गई।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय क्रिकेटर हर्षल पटेल, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज, उमरान मलिक, शिवम मावी और डिजिटल कलेक्टेबल प्लेटफॉर्म रेरियो ने दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की है।

बता दें कि इससे पहले गत 26 अप्रैल 2023 को सिंगल बेंच ने कहा था कि ऑनलाइन फैंटेसी प्लेटफॉर्म क्रिकेटरों और मशहूर हस्तियों के नाम और उनकी फोटो का उपयोग कर सकते हैं। ऐसा करना स्वतंत्रता के अधिकार के तहत आता है।

खिलाड़ियों और रेरियो की याचिका पर गुरुवार (11 मई 2023) को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस मनमोहन और सौरभ बनर्जी की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने रेरियो की ओर से प्रस्तुत हुए। वहीं मुकूल रोहतगी ने खिलाड़ियों का पक्ष रखा। इस दौरान रेरियो की ओर से दलील पेश करते हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा है कि रेरियो ने खिलाड़ियों के अधिकारों को मान्यता दी थी। खिलाड़ियों के नाम और फोटो का उपयोग करने के बदले उन्हें पैसे दिए गए थे।

वहीं, हरीश साल्वे ने अपनी दलील में कहा है, “ट्रेडिंग के लिए कुछ कार्ड्स बनाकर फैटेंसी प्लेटफॉर्म्स ने सही नहीं किया है। ट्रेंडिंग कार्ड किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन के अनुसार तैयार नहीं किया जाता। बल्कि यह तो किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व के आधार पर तैयार होता है। आप सुनील गावस्कर का उदाहरण ले सकते हैं। अगर आज कोई किसी बैट पर डिजिटल तरीके से सुनील गावस्कर के हस्ताक्षर कर लेता है और फिर कहता है कि यह उनका बैट है। ऐसे में तो वह उनकी प्राइवेसी का हनन कर रहा है।”

साल्वे ने यह भी कहा है कि यदि फैंटेसी प्लेटफॉर्म टीम बनाने के लिए खिलाड़ियों की जानकारी का उपयोग कर रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन NFT के लिए उपयोग करने पर वह एक संपत्ति की तरह हो जाता है। इस तरह से उस पर खिलाड़ियों का ही अधिकार होगा। इसलिए फैंटेसी प्लेटफॉर्म को खिलाड़ियों की अनुमति के बिना एनएफटी नहीं बनाना चाहिए।

वहीं, खिलाड़ियों की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा है, “रिंकू सिंह नाम के एक क्रिकेटर हैं। उन्होंने 5 छक्के मारकर मैच जिताया था अब वह मशहूर हो गए हैं। इसलिए वह पैसा कमाने और अपने व्यक्तित्व का उपयोग करने के हकदार हैं।” हालाँकि कोर्ट ने बिना किसी नतीजे में पहुँचे मामले की सुनवाई 23 मई तक के लिए टाल दी। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी दलीलें लिखित में पेश करने का आदेश दिया।

NFT क्या है?

एनएफटी (NFT) को नॉन-फंजिबल टोकन (Non Fungible Token) कहा जाता है। यह एक तरह की डि‍जिटल संपत्ति होती है। इसे ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए बनाया और उपयोग किया जाता है। इस टेक्नोलॉजी की सहायता से फोटो, वीडियो, पेंटिंग समेत अन्य डिजिटल संपत्तियों की खरीदी-बिक्री होती है। सीधे शब्दों में समझें तो यदि किसी फोटो या वीडियो की पूरी दुनिया में कोई दूसरी कॉपी नहीं है तो इसे NFT के जरिए खरीदा और बेचा जाता है।

दिल्ली पुलिस ने WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का बयान दर्ज किया, जाँच के लिए SIT भी गठित: बजरंग पुनिया बोले- पहलवानों का मोबाइल ट्रैक करवा रही सरकार

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने शुक्रवार (12 मई 2023) को पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन शोषण के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का बयान दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि बृजभूषण सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के अलावा, कुश्ती महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर के भी बयान दर्ज किए गए। इस मामले में विनोद तोमर भी आरोपित हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा भाजपा सांसद के खिलाफ दर्ज दो मामलों में दो बार बयान दर्ज किए हैं। अभी और भी बयान दर्ज किए जा सकते हैं। वहीं, पुलिस ने उनसे कुछ दस्तावेज भी माँगे गए हैं।

इस मामले में दिल्ली पुलिस के साथ ही SIT भी बृजभूषण शरण सिंह से पूछताछ करेगी। मामले की जाँच के लिए 6 पुलिसकर्मियों की एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें 4 महिला पुलिसकर्मी हैं। इसके अलावा, महिला DCP की देखरेख में 10 पुलिसकर्मियों की भी एक टीम बनाई गई है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और हरियाणा गई थी और वहाँ जाकर साक्ष्य जुटा चुकी हैं। दिल्ली पुलिस ने आगे कहा कि देश के बाहर जहाँ भी आरोप लगाए गए हैं, दिल्ली पुलिस उसकी जाँच के लिए संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।

उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी सफाई मे कुछ वीडियो साक्ष्य और मोबाइल डाटा दिल्ली पुलिस को सौंपने की बात कही है। वो जल्द ही इसे दिल्ली पुलिस के सामने प्रस्तुत करेंगे।

इससे पहले गुरुवार (11 मई 2023) को एक नाबालिग महिला पहलवान ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उधर, दिल्ली के जंतर मंतर पर 23 अप्रैल 2023 से धरना दे रहे पहलवानों ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में धीमी गति से कार्रवाई कर रही है।

धरना देने वाली एक पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि आरोप लगाने वाली सभी 7 महिला पहलवानों के साथ-साथ बृजभूषण शरण सिंह का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए और जो भी गलत हो उसे तुरंत फाँसी पर लटका दिया जाए।

इस बीच पहलवानों ने सरकार पर एक बार फिर आरोप लगाया है। बजरंग पुनिया ने कहा कि धरना देने वाले पहलवानों का नंबर ट्रैक किया जा रहा है। पुनिया ने कहा, उन्होंने कहा, “आजकल हमारे फोन नंबर की जासूसी की जा रही हैं। हमारे साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है, जैसे की हमने कोई अपराध किया है। जो भी हमारे संपर्क में है, उसी जासूसी की जा रही है।”

बताते चलें कि पहलवानों ने इस साल जनवरी में धरना दिया था, तब उन्होंने यौन शोषण का आरोप लगाकर जाँच की माँग की थी। तब उन्होंने पुलिस में FIR दर्ज नहीं कराई थी। जाँच के बाद कमिटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी। उसके बाद 23 अप्रैल से पहलवान फिर से जंतर मंतर पर धरने पर बैठ गए।

पहले उन्होंने कहा कि यौन शोषण को लेकर दिल्ली पुलिस उनकी रिपोर्ट नहीं लिख रही है। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट गए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो FIR दर्ज की गई। इसके बाद पहलवानों ने अपनी माँग को आगे बढ़ाते हुए का कि WFI चीफ अध्यक्ष पद के साथ-साथ सांसद की सदस्यता छोड़ें।

हालाँकि, बृजभूषण शरण सिंह ने इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि सांसदी इन पहलवानों की दी हुई नहीं है, जो उनके कहने पर वे छोड़ देंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि जब उन पर मामला दर्ज हो ही गया तो वे एक आरोपित के रूप में अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे।

इसके बाद पहलवान उनकी तुरंत गिरफ्तारी की माँग पर अड़े हुए हैं और जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हुए हैं। उन्होंने जाट समुदाय के खापों से भी समर्थन माँगा था। इसके बदले में वहाँ खाप नेता और किसान नेता भी आए। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ और ‘हमें चाहिए आजादी’ जैसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए।

‘देश के अन्य हिस्सों में चल रही The Kerala Story, फिर बंगाल में बैन क्यों’: CJI चंद्रचूड़ ने जारी किया नोटिस, TMC सरकार की तरफ से कॉन्ग्रेस नेता वकील

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगला और तमिलनाडु की सरकार को नोटिस जारी किया है। ये वो 2 राज्य हैं, जहाँ ‘The Kerala Story’ को प्रतिबंधित किया गया है। फिल्म के निर्माताओं ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जहाँ पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी TMC सरकार ने ही इसे बन कर दिया, तमिलनाडु के मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने इसे बैन कर रखा है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ अब इस मामले को बुधवार (10 मई, 2023) को सुनेगी।

फिल्म के निर्माता ‘Sunshine Pictures’ की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बताया कि कैसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि ये फिल्म एक समुदाय विशेष के खिलाफ है और इसे दिखाए जाने से कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने बताया कि 3 दिन बिना किसी समस्या के फिल्म चली, फिर भी इसे बैन कर दिया गया। वहीं तमिलनाडु में धमकियों के कारण थिएटरों ने इसे निकाल दिया, फिल्म ‘शैडो बैन’ का सामना कर रही है।

वहीं पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी वकील के रूप में पेश हुए, जिन्होंने कहा कि इस फिल्म के संबंध में सभी मुद्दों पर हाईकोर्ट जाने बोला गया है और इस मामले में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए। CJI चंद्रचूड़ ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्म देश भर में रिलीज हुई है और पश्चिम बंगाल शेष भारत से अलग नहीं है। उन्होंने पूछा कि जब देश के अन्य हिस्सों में फिल्म चल सकती है, फिर पश्चिम बंगाल में क्या समस्या है?

DY चंद्रचूड़ ने पूछा कि आखिर इस फिल्म को बैन क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि अगर लोगों को लगेगा कि ये फिल्म अच्छी नहीं है, तो वो नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा कि देश के कई ऐसे हिस्सों में ये फिल्म चल रही है जहाँ की डेमोग्राफी पश्चिम बंगाल की तरह ही है, फिर इस फिल्म को अनुमति क्यों नहीं दी गई? सिंघवी ने राज्य सरकार के अधिकारों का जिक्र किया। CJI ने कहा कि राज्य सरकार को सुने बिना वो कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं कर सकते।

सिडनी में नहीं चला खालिस्तानियों का प्रोपेगेंडा, SFJ के ‘जनमत संग्रह’ पर रोक: पोस्टर हटाए, बेहिसाब पैसों की लेन-देन पर जाँच जारी

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में अधिकारियों ने खालिस्तानियों के एक कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। सिडनी के ब्लैकटाउन सिटी के लीज़र सेंटर स्टैनहोप में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) द्वारा जनमत संग्रह का कार्यक्रम प्रस्तावित था। कार्यक्रम के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। ऑस्‍ट्रेल‍िया के अध‍िकार‍ियों ने कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा और काउंसिल की संपत्ति की सुरक्षा के मद्देनजर इस प्रोपेगेंडा प्रोग्राम की अनुमति नहीं दी।

ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल की एक प्रवक्ता ने द ऑस्ट्रेलिया टुडे को जानकारी दी कि काउंसिल ने शुक्रवार (12 मई 2023) की सुबह SFJ की बुकिंग को रद्द कर दिया है क्योंकि यह कार्यक्रम काउंसिल की पॉलिसी के ख‍िलाफ है। उन्होंने कर्मचारियों, पर‍िषद की संपत्तियों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। प्रवक्ता ने कहा कि काउंसिल भारत या पाकिस्तान के आंतरिक मामलों खासकर किसी तरह की राजनीतिक स्थिति का समर्थन या आलोचना नहीं करता। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम को अनुमती नहीं दी जा सकती।

बता दें ऑस्ट्रेलियाई हिंदू एसोसिएशन ने प्रस्तावित खालिस्तानी कार्यक्रम के खिलाफ शिकायत करते हुए ब्लैकटाउन काउंसिल से संपर्क कर कार्यक्रम रद्द करने की माँग की थी। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO), ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस (AFP), न्यू साउथ वेल्स पुलिस, और विदेश मामलों और व्यापार विभाग (DFAT) ने भी खालिस्तानी कार्यक्रम को रद्द करने में प्राधिकरण की सहायता की।

द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अरविंद गौड़ उन लोगों में से एक हैं, जिन्होंने सिख फॉर जस्टिस के कार्यक्रम के खिलाफ शिकायत की थी। गौड़ ने ही अधिकारियों को जानकारी दी थी कि कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए पोस्टर व बैनर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों की प्रशंसा की गई है। इस पर काउंसिल के सीईओ केरी रॉबिन्सन ने उन्हें जवाब भेजा था। केरी ने बताया कि अधिकारियों की तरफ से ऐसे तमाम बैनर व पोस्टर हटाए जा रहे हैं जिनमें आतंकियों का गुणगान किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार विक्टोरिया में रज‍िस्‍टर्ड ‘सिख फॉर जस्टिस प्राइवेट लिमिटेड’ को लेकर जाँच भी चल रही है। यह जाँच बेहिसाब पैसों के लेन देन को लेकर की जा रही है।

इससे पहले शुक्रवार (5 मई 2023) की सुबह खालिस्तानी आतंकियों ने सिडनी के स्वामीनारायण मंदिर (BAPS Swaminarayan Temple) में तोड़फोड़ की थी। आतंकियों ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिख दिए थे। मंदिर के दरवाजे पर खालिस्तानी झंडा भी लटका दिया गया था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों पर हमले को लेकर चिंता जाहिर की थी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) से इस मुद्दे पर बात की थी।