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पश्चिम बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ पर रोक, बोलीं CM ममता बनर्जी- नफरत रोकने और शांति के लिए लगाया है प्रतिबंध

पश्चिम बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म को बैन कर दिया गया है। प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ऐसा फैसला राज्य में नफरत और हिंसा रोकने और शांति बरकरार रखने के लिहाज से लिया गया है।

बता दें कि यह ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म की कहानी ISIS में शामिल की जाने वाली लड़कियों के साथ घटित घटनाओं पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक एजेंडे के तहत दूसरे धर्म की लड़कियों को बहलाकर इस्लाम कबूल करवाया जाता है, फिर उन्हें आतंकी बनाकर IS भेज दिया जाता है।

फिल्म में अदा शर्मा ने शालिनी उन्नीकृष्णन का रोल निभाया है। शालिनी वो किरदार है जिसे प्यार का झाँसा देकर पहले इस्लाम के करीब लाया जाता है, फिर प्रेगनेंट करके इस्लाम कबूल करवाया जाता है और इसके बाद उसे IS जाने की ट्रेनिंग देकर सीरिया भेज दिया जाता है।

इस फिल्म को लेकर कई राज्यों में बवाल है। कहीं इस फिल्म के पोस्टर फाड़कर नारा-ए-तकबीर और अल्लाहु अकबर के नारे लगाए जा रहे हैं तो कहीं पर इसका पोस्टर लगाने पर धमकी दी जा रही है। तमिलनाडु में तो सरकार से अपील हो रही है कि इस फिल्म को बैन किया जाए जबकि थिएटर मालिकों ने खुद ही इसे चलाने से मना कर दिया है। वहीं अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने खुद इस पर प्रतिबंध का ऐलान कर दिया है।

याद दिला दें कि इससे पहले ममता बनर्जी ने रामनवमी पर हिंदुओं से कहा था कि वो मुस्लिम इलाकों में न जाएँ क्योंकि ऐसा करने से माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने शिबपुर में भड़की हिंसा के बाद अपने बयान में यह भी कहा था कि रमजान में मुस्लिम कोई गलत काम नहीं करते। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से ये भी कहा था कि वो अल्लाह से दुआ करें कि दंगा करने वाले किसी कीमत पर न बचें।

‘अभी खत्म नहीं हुई नस्ल, जिंदा है अतीक का बेटा अली’: बदला लेने की ‘द सज्जाद मुगल’ की धमकी, कहा- सरकार बदलेगी… हिसाब पूरा होगा

प्रयागराज पुलिस ने ट्विटर यूजर ‘द सज्जाद मुगल (The Sajjad Mughal)’ के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस हैंडल से किए गए ट्वीट में माफिया अतीक अहमद का बदला लेने की धमकी दी गई है। अतीक के बेटे अली अहमद की वीडियो लगी ट्वीट में कहा गया है कि सरकार बदलने पर हिसाब पूरा किया जाएगा। यह ट्वीट 25 अप्रैल 2023 को किया गया था। प्रयागराज पुलिस ने अब संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज कर ली है।

ट्विटर यूजर सज्जाद कश्मीर के पुंछ का रहने वाला बताया जाता है। उसने 25 अप्रैल को 2 मिनट 20 सेकेंड का एक वीडियो ट्वीट किया है। इस ट्वीट में लिखा है, “अभी नस्ल खत्म नहीं हुई। अतीक का ये बेटा अली जिंदा है। इंशाअल्लाह हालत वक़्त सत्ता बदलेगी, फिर इलाहाबाद भी बोला जाएगा, हिसाब भी पूरा लिया जाएगा।” ट्वीट के साथ जो वीडियो लगा है वह जेल में बंद अतीक के बेटे अली की है।

इस ट्वीट को लेकर आलमगीर की तहरीर पर प्रयागराज पुलिस के साइबर सेल में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। ट्वीट के साथ लगे वीडियो में अली अहमद मुस्लिमों से अपना अमीर चुनने के लिए कहता है। वह कहता है, “जब कुरान के फरमान से हम हटते हैं तो मुसलमानों को ये सब सामना करना पड़ता है।” कुरान के हवाले से अली लोगों से सियासी अमीर चुनने के लिए भी कहता है।

अली अहमद कॉन्ग्रेस सहित तमाम पार्टियों के सेकुलरिज्म पर तंज कसते हुए कह रहा है, “ये धर्मनिरपेक्षता का लबादा ओढ़े जो पार्टियाँ आईं हैं, याद रखना मेरे भाइयों जिस दिन इन्हें ये एहसास हो जाएगा कि मुसलमान इन्हे वोट नहीं देने वाला, उस दिन ये BJP और RSS से खतरनाक हो जाएँगी। हमें BJP से कोई शिकायत नहीं है। जिनसे उम्मीद नहीं होती उनसे शिकायत नहीं होती। अगर हमें शिकायत है तो इन पार्टियों से है, क्योंकि इन्होने हमारा वोट लिया। हमें इस्तेमाल किया।”

सज्जाद का एक यूट्यूब चैनल भी THE SAJJAD MUGHAL के नाम से है। इस पर भी उसका प्रोपेगेंडा देखा जा सकता है। गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज के कोल्विन हाॅस्पिटल के बाहर शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उससे पहले उमेश पाल की हत्या में वांछित अतीक का बेटा असद एनकाउंटर में ढेर हो गया था। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी उमेश पाल की हत्या के बाद से फरार है। उसे अब यूपी पुलिस ने माफिया घोषित कर दिया है। अतीक के दो बेटे जेल में हैं जबकि दो नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में हैं।

‘मुस्लिम आरक्षण बढ़ाओगे तो कम किसका करोगे?’ : अमित शाह का कॉन्ग्रेस से सवाल, बोले- PM मोदी के खिलाफ बोलकर इन्होंने हमेशा मुँह की खाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कॉन्ग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते मुस्लिमों को 4% आरक्षण दिया था। यह असंवैधानिक था। इसलिए भाजपा ने इसे हटा दिया। कॉन्ग्रेस द्वारा मुस्लिमों का आरक्षण बढ़ाने की बात करने को लेकर अमित शाह ने कहा है कि कॉन्ग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह मुस्लिम आरक्षण बढ़ाकर 6% करेगी तो कम किसका होगा।

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने एएनआई को एक इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर कहा है कि कॉन्ग्रेस ने जब भी पीएम मोदी के खिलाफ विषैली भाषा का उपयोग किया है, तब उन्हें मुँह की खानी पड़ी है। अब कर्नाटक में भी जनता कॉन्ग्रेस को जवाब देगी।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक चर्चित मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा है कि 4% आरक्षण बीजेपी ने खत्म किया है, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन इसे इसलिए खत्म किया गया क्योंकि यह असंवैधानिक था। देश के संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है। कॉन्ग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए वोट बैंक का ध्रुवीकरण करने के लिए मुस्लिमों को आरक्षण दिया था। उन्होंने यह भी कहा है कि कर्नाटक सरकार का यह फैसला पूरी तरह से उचित है।

गृह मंत्री ने आरक्षण को लेकर कहा है कि बीजेपी ने बहुत सोच समझकर सारी चीजें की हैं। इसके लिए मधु स्वामी कमेटी बनी थी। इस कमेटी ने बहुत सारे आँकड़ों को इकट्ठा सरकार को सुझाव दिया था। इस कमेटी के सुझाव के बाद सरकार ने स्टेक होल्डर्स, विधायकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी बात की। अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण के अंदर आरक्षण को लेकर कुछ सीमाएँ तय की गईं हैं। लेकिन कॉन्ग्रेस इसे हटाना चाहती है। पर यह आरक्षण नहीं हटेगा।

कॉन्ग्रेस ने मुस्लिमों के आरक्षण को 4% से बढ़ाकर 6% करने की बात कही है। इस मुद्दे पर बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा है बोलने के लिए कुछ भी कहा जा सकता है। अगर कॉन्ग्रेस मुस्लिम आरक्षण 4% से बढ़ाकर 6% करना चाहती है तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि कम किसका होगा? ओबीसी का कम करेंगे, एससी, एसटी का कम करेंगे या लिंगायत का कम करेंगे। चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले सिद्धरमैया को यह स्पष्ट कर देना चाहिए।

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार सोमवार (8 मई 2023) को थम जाएगा। राज्य की सभी 224 सीटों पर 10 मई को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 13 मई को सामने आएँगे। अब तक सामने आए अधिकांश एक्जिट पोल में सत्ताधारी बीजेपी कॉन्ग्रेस से कहीं अधिक आगे दिखाई दे रही है।

पहले खड़गे, फिर बजरंग दल और अब सोनिया गाँधी… अपने ही जाल में उलझी काॅन्ग्रेस: ‘संप्रभु कर्नाटक’ पर चुनाव आयोग पहुँची BJP

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार सोमवार (8 मई 2023) को समाप्त हो गया। 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को वोट डलेंगे। नतीजे 13 मई को आएँगे। बीजेपी सत्ता बरकरार रखने के दावे कर रही है। काॅन्ग्रेस का कहना है कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर चल रही है और वह भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। जो ओपिनियन पोल सामने आए हैं उनमें कुछ बीजेपी को तो कुछ काॅन्ग्रेस को बढ़त बता रहे हैं। लेकिन इस चुनाव प्रचार के दौरान जिस एक चीज में निरंतरता दिखी, वह है अपने ही नेताओं के बयान और वादों का काॅन्ग्रेस की गले की हड्डी बनना।

सबसे पहले काॅन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपने उस बयान के लिए सफाई देनी पड़ी जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जहरीला साँप’ बता दिया था। फिर बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पाॅपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से करके पार्टी फँसी। डैमेज कंट्रोल के लिए पार्टी पहले बजरंग दल पर प्रतिबंध से पीछे हटी फिर सरकार बनने पर राज्य के हर जिले में हनुमान मंदिर बनाने का वादा किया। अब पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी के एक बयान पर पार्टी फँस गई है।

सोनिया गाँधी के ‘कर्नाटक की संप्रभुता’ वाले बयान को लेकर बीजेपी ने सोमवार (8 मई 2023) को चुनाव आयोग से शिकायत की। सोनिया के खिलाफ कार्रवाई और कॉन्ग्रेस की मान्यता रद्द करने की माँग की है। केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को ज्ञापन सौंपा है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से अपनी शिकायत में कहा है कि कॉन्ग्रेस देश को बाँटने का काम कर रही है।

भूपेंद्र यादव ने इस संबंध में मीडियाकर्मियों से कहा, “उन्होंने (सोनिया गाँधी) जानबूझकर संप्रभुता शब्द का इस्तेमाल किया। कॉन्ग्रेस का घोषणा पत्र टुकड़े-टुकड़े गैंग का एजेंडा है। भारत को कमजोर करने का एजेंडा है। इसलिए वे इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस झूठ की बुनियाद पर यह चुनाव लड़ रही है। भारत की एकता और अखंडता के लिए जिन शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, वो उसका इस्तेमाल करके प्रचार कर रही है।” केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई है कि चुनाव आयोग कॉन्ग्रेस के ‘राष्ट्र विरोधी कृत्य’ के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगा।

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदजले ने भी सोनिया गाँधी को इस बयान पर घेरा है। उन्होंने ​कहा कि राहुल गाँधी ने भी भारत को टुकड़े-टुकड़े करने की कोशिश ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में की थी। अब सोनिया गाँधी भी यही काम रही हैं। वह टुकड़े-टुकड़े गैंग की मुखिया हैं। हमने माँग की है कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

बता दें कि यह विवाद उस बयान को लेकर है जो कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शनिवार (6 मई 2023) को कर्नाटक के हुबली में हुई चुनावी रैली में सोनिया गाँधी के भाषण का जिक्र करते हुए ट्वीट किया था।

इसमें कहा गया था कि कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने 6.5 करोड़ कन्नड़ के लोगों को एक कड़ा संदेश दिया। कॉन्ग्रेस किसी को भी कर्नाटक की प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता के लिए खतरा पैदा नहीं करने देगी। इस ट्वीट के साथ पार्टी ने जनसभा को संबोधित करते सोनिया गाँधी की तस्वीर भी साझा की थी।

सरेआम हुई DM की मॉब लिंचिंग, फिर कैसे हो गई आनंद मोहन की रिहाई: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से माँगा जवाब, रिहाई के लिए नियमों में किया था बदलाव

सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया की याचिका पर बिहार सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में बिहार के पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन को जेल से समय से पहले रिहाई को चुनौती दी गई है।

शीर्ष न्यायालय के फैसले पर दलित IAS ऑफिसर की पत्नी ने खुशी जाहिर की। उमा कृष्णैया ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं कि उन्होंने बिहार सरकार और इस मामले में शामिल अन्य लोगों को नोटिस जारी ​किया है। यह केवल मेरा केस नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत देश का मुद्दा है। हमें इंसाफ जरूर मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सभी लोगों के बारे में सोचकर जरूर अच्छा फैसला देगा।”

दरअसल, गैंगस्टर से नेता बने आनंद मोहन सिंह को अप्रैल 2023 में सहरसा जेल से रिहा कर दिया गया था। बिहार सरकार ने आनंद सिंह सहित 27 दोषियों की जल्द रिहाई की अनुमति देते हुए जेल नियमों में संशोधन किया था। बिहार सरकार द्वारा जेल मैनुअल के नियमों में संशोधन के बाद एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया था कि 14 साल या 20 साल जेल की सजा काट चुके 27 कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया गया है।

बता दें कि 5 दिसंबर 1994 को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जिस भीड़ ने डीएम की पीट-पीट कर हत्या की थी, उस भीड़ का नेतृत्व आनंद मोहन कर रहे थे। एक दिन पहले मुजफ्फरपुर में आनंद मोहन की पार्टी के नेता रहे छोटन शुक्ला की हत्या हुई थी। इस भीड़ में शामिल लोग छोटन शुक्ला के शव के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना से गोपालगंज जा रहे डीएम जी कृष्णैया पर भीड़ ने मुजफ्फरपुर के खबड़ा गाँव में हमला कर दिया था। मॉब लिंचिंग में डीएम की मौत हो गई थी।

कृष्णैया तब मात्र 35 वर्ष के थे। शव यात्रा में बीपीपी सुप्रीमो आनंद मोहन, उनकी पत्नी और वैशाली की पूर्व सांसद लवली आनंद, छोटन शुक्ला के भाई और विधायक मुन्ना शुक्ला, विक्रमगंज के पूर्व विधायक अखलाक अहमद, शशिशेखर और अरुण कुमार सिन्हा भी शामिल थे। इन लोगों पर डीएम की हत्या के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप था। डीएम कृष्णैया की हत्या मामले में पटना की निचली अदालत ने आनंद मोहन को 2007 में फाँसी की सजा सुनाई थी। आनंद मोहन के साथ पूर्व मंत्री अखलाक अहमद और अरुण कमार को भी मौत की सजा सुनाई गई थी। एक साल बाद 2008 में पटना हाईकोर्ट ने आनंद मोहन की फाँसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया था।

कोल्ड ड्रिंक के कैन में डालकर लटका दिया क्रूड बम, 2 दिन में गोल्डन टेंपल के पास दूसरा धमाका: अब तक नहीं मिला है डेटोनेटर

पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर से कुछ ही दूर सोमवार (8 अप्रैल 2023) को भी धमाका हुआ। इसमें किसी के घायल होने या किसी नुकसान की खबर नहीं है। पुलिस इसे कम क्षमता वाला क्रूड बम ब्लास्ट बता रही है। विस्फोटक को कोल्ड ड्रिंक के कैन में डालकर लटका दिया गया था। दो दिन के भीतर गोल्डन टेंपल के पास यह दूसरा धमाका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार सुबह लगभग 6:30 पर स्वर्ण मंदिर से लगभग 800 मीटर दूर धमाका हुआ। धमाके की आवाज 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बम डिस्पोजल दस्ते के साथ पुलिस बल पहुँचा और जाँच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि कम डेंसिटी का यह धमाका क्रूड बम के कारण हुआ। बम कोल्ड ड्रिंक के कैन में डाल कर लटकाया गया था। अब तक हुई जाँच में पुलिस को डेटोनेटर नहीं मिला है।

पंजाब पुलिस के DGP गौरव दयाल का कहना है कि धमाके के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस इस ब्लास्ट को शरारत, आतंकवाद और पर्सनल एंगल से भी जाँच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में है। मीडिया से भी तथ्यों को आधिकारिक पुष्टि के बाद प्रकाशित करने का आग्रह किया गया है।

शनिवार को भी हुआ था धमाका

गौरतलब है कि शनिवार (6 मई 2023) को भी अमृतसर के इसी क्षेत्र हेरिटेज स्ट्रीट में ब्लास्ट हुआ था। दोनों धमाकों के जगहों के बीच महज 10 मीटर की दूरी है। पहले धमाके में करीब 6 लोग घायल हुए थे। शुरुआत में इसे रेस्टोरेंट की चिमनी में हुआ ब्लास्ट बताया जा रहा था। लेकिन बाद में घटनास्थल से कुछ संदिग्ध चीजें बरामद होने पर पुलिस ब्लास्ट के एंगल से जाँच कर रही है।

केरल में ट्रेनिंग, अंडरग्राउंड हो देशभर में PFI का नेटवर्क खड़ा कर रहे थे परवेज और रईस: यूपी ATS ने कई जगहों पर मारे छापे, 70 से अधिक संदिग्धों को उठाया

उत्तर प्रदेश पुलिस की ATS ने प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन (PFI) से जुड़े सदस्यों की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी की है। शनिवार (6 मई 2023) को प्रदेश के कई जिलों में हुई इस छापेमारी के बाद अब तक 70 से अधिक संदिग्धों के हिरासत में लिए जाने की खबर है। PFI से जुड़े परवेज अहमद और रईस अहमद भी इनमें शामिल हैं। दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित है। परवेज और रईस पर भूमिगत हो कर कई राज्यों में PFI के नेटवर्क को खड़ा करने की कोशिश का आरोप है। इन्होंने दिल्ली, UP और केरल में PFI के सेंटरों से ट्रेनिंग ली थी।

UP ATS के मुताबिक सितम्बर 2022 में गिरफ्तार किए गए PFI से जुड़े 8 सदस्यों से हुई पूछताछ में कई नाम का खुलासा हुआ था। इसी क्रम में वाराणसी में परवेज अहमद और रईस अहमद के नाम सामने आए थे। परवेज और रईस CAA-NRC प्रदर्शनों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय थे। दोनों फरार चल रहे थे। इन पर 153- A, 153- B के साथ UAPA एक्ट के तहत केस दर्ज था। ATS ने पकड़े गए संदिग्धों पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और मज़हबी कट्टरता के प्रचार-प्रसार का आरोप लगाया है।

हिरासत में लिए गए संदिग्धों में मेरठ से समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल खालिक अंसारी भी शामिल हैं। लखनऊ से रिहाई मंच नाम का संगठन चलाने वाले वकील मोहम्मद शोएब को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सबसे अधिक 11 संदिग्ध शामली जिले से हिरासत में लिए गए हैं। ATS ने PFI से जुड़े कुल 211 संदिध चिन्हित कर रखे हैं। इनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

इस छापेमारी के लिए ATS के विभिन्न ज़ोन को मिला कर 30 टीमें तैयार की गईं थी। कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था। छापेमारी के बाद अलग-अलग जिलों से लगभग 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। छापेमारी 1 दर्जन से अधिक जिलों में हुई है। गौरतलब है कि सितंबर 2022 में केंद्र सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया था।

₹30 करोड़ में बनी द केरल स्टोरी, 3 दिन में ही कमा डाले ₹35 करोड़: तमिलनाडु के थिएटरों में बैन से फिल्ममेकर्स हैरान, लेंगे लीगल एक्शन

तमिलनाडु मल्टीप्लेक्स में लव जिहाद (Love Jihad) पर बनी ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने के खिलाफ निर्देशक सुदीप्तो सेन और निर्माता विपुल शाह ने कोर्ट जाने का फैसला लिया है।

ईटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्ममेकर्स ने थिएटर मालिकों द्वारा फिल्म पर बैन लगाने के फैसले पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि यह न केवल अवैध है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार का भी उल्लंघन है। ईटाइम्स के साथ बातचीत में निर्देशक सुदीप्तो सेन ने तमिलनाडु में फिल्म के अवैध बैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की खबर की पुष्टि करते हुए कहा, “हाँ, हम अदालत जा रहे हैं। आज हम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे।”

सच्ची घटना पर आधारित ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म का जहाँ कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, वहीं दर्शकों का इसे भरपूर प्यार मिल रहा है। सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी ‘द केरल स्टोरी’ बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। 30 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने तीन दिनों में 35 करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस कर लिया है।

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन शुक्रवार (5 मई 2023) को 8.03 करोड़ से खाता खोला। दूसरे दिन शनिवार (6 मई 2023) को इसने 11 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। तीसरे दिन रविवार (7 मई 2023) को अदा शर्मा की फिल्म ने 16 करोड़ की कमाई की। इस तरह तीन दिनों में फिल्म ने अपनी लागत से ज्यादा 35.25 करोड़ रुपए कमाए।

बता दें कि तमिलनाडु मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने अनाउंस किया था कि रविवार (7 मई 2023) से पूरे राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी गई है। एसोसिएशन ने कहा था कि यह फिल्म ‘लॉ एंड ऑर्डर के लिए खतरा हो सकती है। तमिलनाडु में नाम तमिलर काची (NTK) ने चेन्नई में शनिवार (6 मई 2023) को ‘द केरल स्टोरी’ की रिलीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, मनिथनेय मक्कल काची (MMK) के अध्यक्ष और विधायक एमएच जवाहिरुल्लाह ने गुरुवार (4 मई 2023) को तमिलनाडु की स्टालिन सरकार से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। उन्होंने इसे दशहत फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई फिल्म बताया था। वहीं मध्य प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है।

जंतर-मंतर पर किसानों ने तोड़े पुलिस बैरिकेड: आए पहलवानों का करने समर्थन, लगाए ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे

दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों ने सोमवार (8 अप्रैल 2023) को जमकर हंगामा किया। सरकार विरोधी नारेबाजी के साथ-साथ किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ डाले। यहाँ बीते 16 दिनों से कुछ पहलवान भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की माँग को लेकर धरने पर बैठे हैं।

इन पहलवानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के सदस्यों के जंतर-मंतर पहुँचने के वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में पगड़ी लगाए और हाथों में झंडे लिए किसानों को बेरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ते और नारे लगाते देखा जा सकता है।

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य हिम्मत सिंह गुर्जर ने इस प्रदर्शन के कई वीडियो ट्वीट किए हैं। इनमें से एक में बैरिकेड पर चढ़े कथित किसानों को ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी’ के नारे लगाते सुना जा सकता है। एक अन्य ट्वीट में गुर्जर ने लिखा है, “मोदी जी आपकी दिल्ली पुलिस को समझा ले किसानों के साथ पंगा ना ले। अपनी बेटियों का समर्थन करने जाते हुए किसानों को आज फिर पुलिस ने जंतर-मंतर पर बेरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की। वही हुआ जो कल टिकरी बॉर्डर के बैरिकेडों पर हुआ था। बेरिकेड टूटे और किसान अपनी बेटियों से मिलने जंतर-मंतर के धरने पर पहुँचे।”

उल्लेखनीय है कि रविवार (7 मई 2023) को धरना स्थल पर खाप नेताओं ने महापंचायत बुलाई थी। इसमें WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई करने के लिए सरकार को 21 मई तक का अल्टीमेटम दिया गया था। खाप पंचायत के फैसले को लेकर राकेश टिकैत ने कहा था कि पहलवानों के समर्थन में प्रत्येक खाप सभी रोज अपने 11-11 सदस्यों को जंतर-मंतर भेजेगी। सभी सदस्य दिनभर किसानों के साथ रहेंगे।

वैसे पहलवानों के कथित समर्थकों द्वारा इस तरह की नारेबाजी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 28 अप्रैल को भी ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लग चुके हैं। इसके अलावा मनुवाद से आजादी, आरएसएस से आजादी, ब्राह्मणवाद से आजादी, मोदी सरकार से आजादी जैसे नारे भी सुनाई पड़ चुके हैं। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के साथ पहलवानों के समर्थक बदतमीजी कर चुके हैं

उल्लेखनीय है कि इन पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (WFI Chief Brij Bhushan Sharan Singh) पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है। लेकिन धरनारत पहलवानों का कहना है कि जब तक बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी नहीं होती, वे नहीं उठेंगे। इस बीच 4 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पहलवानों का केस बंद कर दिया था कि उनकी माँग एफआईआर और सुरक्षा की थी जो अब पूरी हो चुकी है। आगे किसी भी प्रकार की शिकायत या माँग के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष जाने की सलाह भी दी है।

‘जो पर्दा नहीं करते उसे अल्लाह जहन्नुम की आग में डाल देते हैं’: जिसे मुस्लिम रूममेट ने पहनाया ‘बुर्का’, उसने कहा मेरा इस्लामी धर्मांतरण भी ‘द केरल स्टोरी’ जैसी

द केरल स्टोरी (The Kerala Story) ने इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में ला दिया है। कई पीड़िताएँ खुद आगे आकर अपनी कहानी बता रही हैं। इनमें से एक केरल की त्रिशुर की रहने वाली अनघा भी है। अनघा का ब्रेन बाॅश उसके मुस्लिम साथियों ने ही किया था। ‘द केरल स्टोरी’ देखने के बाद उसने बताया है कि उसका इस्लामी धर्मांतरण भी उसी तरीके से किया गया था, जैसे इस फिल्म में दिखाया गया है।

अनघा ने रिपब्लिक भारत को बताया, “मैं एक ब्राह्मण परिवार में पैदा हुई। मेरे परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहनें भी हैं। मैं एक फिजियोथेरेपिस्ट हूँ और आर्शा विद्या समाजम की फुल टाइम वर्कर हूँ। 5 मई को मैंने The Kerala Story देखी, फिल्म को देखकर मुझे लगा कि इसकी कहानी मेरी लाइफ से काफी मिलती-जुलती है। 2020 में आर्शा विद्या समाजम में आने से पहले मैं इस्लाम को फॉलो करती थी। उसी दौरान मेरा धर्म परिवर्तन हुआ था। उसके बाद मैं आर्शा विद्या समाजम में आ गई।”

न्यूज चैनल से बातचीत में उसने कहा, “मैं आप लोगों से अपनी कन्वर्जन स्टोरी साझा करना चाहती हूँ। उन दिनों मैंने अपने धर्म, देश के असली इतिहास और करेंट अफेयर्स को नजरअंदाज कर इस्लाम को अधिक तवज्जो देना शुरू कर दिया था। उसके बारे में पढ़ने लगी थी। मेरे कॉलेज के दिनों में मैं एर्नाकुलम के हॉस्टल में थी। वहाँ मेरी मुस्लिम रूम मेट मुझसे मेरे धर्म के बारे में पूछती थी। मेरे धर्म पर सवाल उठाती थी। उस समय मैं उसके किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाती थी। मैं चुप रहती थी, क्योंकि मुझे मेरे धर्म के बारे में ठीक तरह से गाइडेंस नहीं मिला था।”

अनघा कहती है, “मैंने उन सवालों को लेकर अपने माता-पिता से भी बात की, लेकिन उन्होंने भी मुझे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद मैंने सोशल मीडिया पर सर्च करना शुरू किया, लेकिन वहाँ भी मुझे कुछ संतोषजनक नहीं मिला। फिर मुझे हिंदू धर्म की वैलिडिटी पर संदेह होने लगा। वहीं जब मैंने इस्लाम को लेकर अपनी मुस्लिम रूम मेट से सवाल किया तो उसने सभी सवालों का जवाब दिया, क्योंकि उन्हें बचपन से ही इस्लाम की शिक्षा मिली थी। उसने हिंदू धर्म की आलोचना भी की, लेकिन मेरे उसके सवालों का कोई जवाब नहीं था।”

पीड़िता ने आगे बताया, “उसने मुझे बताया कि अल्लाह ही एकमात्र भगवान है। जिस तरह से ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म में मुख्य किरदार के साथ होता है, वैसा ही मेरे साथ रियल लाइफ में हुआ। मैं धीरे-धीरे अपनी मुस्लिम दोस्त से प्रभावित होने लगी। मुझे उसकी बातें सही लगने लगी, जिसके चलते मैंने उससे इस्लाम की शिक्षा लेना शुरू कर दिया। उसने मुझे ट्रांसलेटेड कुरान भी दी। इसके अलावा इस्लामिक स्टडी के दौरान उसने मुझे जाकिर नाइक, एमएम अकबर और कुछ लोगों के वीडियो भी दिखाए। उसने बार-बार मुझे इस्लाम कबूल करने के कहा। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की हिदायत दी और कहा कि अगर तुम अपना जिस्म दिखाओगी तो अल्लाह तुम्हें जहन्नुम की आग में डाल देंगे। बुर्के में रहने वाली औरतों की अल्लाह हमेशा मदद करता है।”

बता दें कि केरल की श्रुति का भी इसी तरह धर्मांतरण किया गया था। उसने बताया था कि काॅलेज में ग्रेजुएशन के दौरान मुस्लिम दोस्तों ने उसका ब्रेन वाश किया। धर्मांतरण के बाद उसे रहमत नाम दिया गया था। वहीं इस्लाम कबूलने के बाद अनघा का नाम आइमा अमीरा रखा गया था।