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‘मन की बात में जिक्र होने के बाद बढ़ गया व्यवसाय’: पेन्सिल-स्लेट का कारोबार करते हैं कश्मीर के मंजूर अहमद, 100वें एपिसोड में PM मोदी ने की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अप्रैल 2023) को अपने ‘मन की बात’ (Mann kKi Baat) के 100वें एपिसोड में कई शख्सियतों की चर्चा की। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मंजूर अहमद हैं। इस दौरान पीएम ने पेंसिल स्लेट्स के बारे में बताते हुए मंजूर अहमद से बात भी की। 

इस एपिसोड में पीएम मोदी ने कई पुरानी यादों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने मंजूर से फोन पर बात करते हुए कहा कि उनसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है। पीएम ने उनसे पूछा, “आपका पेंसिल स्लेट्स का काम कैसा चल रहा है?” इस प मंजूर अहमद ने कहा, “बहुत अच्छे से चल रहा है।”

पीएम मोदी से मंजूर ने कहा, “जब से आपने अपनी ‘मन की बात’ में मेरी बात की है, तब से काम बहुत बढ़ गया है। अब दूसरों को रोजगार मिल रहा है। मेरे पास 200 से ज्यादा लोग काम करते हैं। एक-दो महीने में और 200 लोगों को रोजगार बढ़ जाएगा।” इसके बाद पीएम ने खुशी जताई।

पीएम मोदी ने कहा, “उस दिन आपने मुझे कहा था कि यह ऐसा काम है, जिसकी कोई पहचान नहीं है। आपको इसकी पीड़ा भी थी। अब पहचान भी बन गई। आप 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं। अब विस्तार करके और 200 लोगों को रोजगार की योजना बना रहे रहे हैं। यह खुशी की बात है।”

इसके बाद मंजूर अहमद ने कहा, “किसानों को भी फायदा मिला है। 2000 का पेड़ अब 5000 का हो गया है। माँग बढ़ गई है। पहचान भी मिल रही है।” प्रधानमंत्री ने इसे ‘वोकल फॉर लोकल’ की ताकत बताया। उन्होंने इसे जमीन पर उतारकर दिखाने के लिए मंजूर अहमद को धन्यवाद भी दिया।

मंजूर पुलवामा जिले के ओखू गाँव में रहते हैं और पेंसिल एवं स्लेट का कारोबार करते हैं। ओखू गाँव अब पेंसिल गाँव के नाम से जाना जाता है। पेंसिल बनाने में जिस कच्चे माल की जरूरत होती है, वो यहीं मिलता है। मंजूर ने हिंदुस्तान पेंसिल की मदद ली और ओखू गाँव में फैक्ट्री लगा ली। हालाँकि, उनका बिजनेस बहुत बढ़िया नहीं चलता था।

लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने अपने पहले के एपिसोड में मंजूर अहमद का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री द्वारा उनका जिक्र किए जाने के बाद मंजूर अहमद का व्यवसाय बढ़ गया है और अब वह दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2020 के एक एपिसोड में मंजूर अहमद का जिक्र किया था।

पीएम ने अन्य लोगों की भी चर्चा की

इस दौरान पीएम मोदी ने मणिपुर की विजय शांति से भी फोन पर बातचीत की। पीएम ने बताया कि विजय शांति कमल के फूल के रेसे से कपड़े बनाती हैं। बहुत ही कम समय में उन्होंने अपने छोटे से व्यापार को बड़ा बना दिया। अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विजय शांति

इस दौरान पीएम मोदी ने प्रदीप सांगवान से भी बात की, जिन्होंने हीलिंग हिमालया फाउंडेशन की शुरुआत की थी। वे हिमालय क्षेत्र से कचरा हटाने कर पर्यावरण को संरक्षित करने का काम करते हैं। सांगवान ने कहा कि जो काम पाँच में होता था वह साल 2020 के बाद एक साल में ही हो जाता है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में उनकी चर्चा होने से लोग उनकी मदद भी कर रहे हैं।

हरियाणा के सुनील जागलान से भी पीएम मोदी ने बात की। पीएम मोदी ने कहा, “मैंने बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का अभियान हरियाणा से ही शुरू किया था। जब सुनील जी के ‘सेल्फी विद डॉटर कैम्पेन’ पर नजर पड़ी तो मैंने उसे ‘मन की बात’ में शामिल किया।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के दिन पहली बार ‘मन की बात’ का संबोधन किया था। उसके बाद के कई एपिसोड में उन्होंने स्वच्छता अभियान, बेटी पढ़ाओ, साक्षरता, वोकल फॉर लोकल, पर्यावरण संरक्षण, बुजुर्गों का सम्मान, परीक्षा पर चर्चा, पर्यटन को बढ़ावा जैसे कई मुद्दों पर बात की। यह कार्यक्रम वे हर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित करते हैं।

‘सच्चे राष्ट्रवादी पत्रकार, बहुत जल्दी हमें छोड़ कर चले गए’: दूसरी पुण्यतिथि पर रोहित सरदाना को याद कर भावुक हुए लोग, शेयर कर रहे डिबेट के वीडियो

पत्रकार रोहित सरदाना की दूसरी पुण्यतिथि पर लोग उन्हें याद कर के भावुक हो रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। इस मौके पर न सिर्फ कई बड़े पत्रकारों, बल्कि आम लोगों ने भी उन्हें याद किया। रोहित सरदाना ने ‘ज़ी न्यूज़’ के शो ‘ताल ठोक के’ और फिर ‘आज तक’ के शो ‘दंगल’ से अपनी पहचान बनाई थी। इन दोनों ही डिबेट शो में कई बड़े मुद्दों पर वो प्रोपेगंडा फैलाने वालों की क्लास भी लगाते थे।

कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद रोहित सरदाना को हार्ट अटैक भी आ गया था। उस समय उनकी उम्र मात्र 42 वर्ष थी। उनका निधन तब हुआ, जब वो आम लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ने लगे थे और लोग उन्हें पत्रकारिता के बड़े नामों में गिनने लगे थे। अपनी एंकरिंग स्किल्स के कारण वो लोगों के बीच लोकप्रिय बन गए थे। नेताओं से बातचीत के समय भी वो राष्ट्रवाद को नहीं भूलते थे। उनके याद में उनके परिवार ने एक फाउंडेशन भी लॉन्च किया।

उनकी पत्नी प्रमिला दीक्षित भी पत्रकार हैं। रोहित सरदाना अपने पीछे दो बेटियों को छोड़ गए हैं। पत्रकार सुमित अवस्थी ने लिखा, ‘हेलो रोहित, जहाँ होंगे खुश होंगे। बहुत याद आते हो मित्र।’ वहीं पत्रकार श्वेता सिंह ने लिखा, “दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त, दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से।” शुभंकर मिश्रा ने 2 साल पहले के फेसबुक पोस्ट शेयर किया, अब उन्होंने रोहित सरदाना के निधन पर लिखा था कि काँप रहे हैं और धड़कन बढ़ी हुई है।

रोहित सरदाना समय निकाल कर वीडियो के जरिए अपने दर्शकों से रूबरू भी होते थे और न सिर्फ उनके सवालों का जवाब देते थे, बल्कि उनका हालचाल भी पूछते थे। कई लोगों ने वीडियो के उन अंशों को शेयर किया। इससे पता चलता है कि दर्शकों से उनका खास जुड़ाव था। लोगों ने उन्हें सच्चा राष्ट्रवादी बताते हुए लिखा कि वो बहुत जल्दी सबको छोड़ कर चले गए। कइयों ने लिखा कि आप जैसा अब कोई नहीं होगा। लोगों ने लिखा कि देश के वर्तमान हालात में वो उन्हें काफी मिस कर रहे हैं।

जिस मुद्दे से जुड़े वो जन आंदोलन बन गया : PM मोदी ने ‘मन की बात’ को बताया ‘प्रसाद की थाल’, जानें 100वें एपिसोड में की क्या-क्या बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड के जरिए आज (30 अप्रैल 2023) देशवासियों से बात की। इस दौरान उन्होंने ‘मन की बात’ को ‘प्रसाद की थाल’ की तरह बताया और कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए वो देश के जन-जन को धन्यवाद देते हैं। पीएम बोले कि इस कार्यक्रम में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई वो ‘जन आंदोलन’ बन गए।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए ‘मन की बात’ ईश्वर रूपी जनता-जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल की तरह है। ‘मन की बात’ मेरे मन की आध्यात्मिक यात्रा बन गया है। ‘मन की बात’ स्व से समिष्टि की यात्रा है। ‘मन की बात’ अहम् से वयम् की यात्रा है।”

उन्होंने सेल्फी विद डॉटर अभियान शुरू करने वाले सुनील जागलान से बात की। साथ ही उनका धन्यवाद दिया। पीएम के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के बीच ही सुनील का ये अभियान चर्चा में आया था। इसके बाद लोगों ने उत्सुकता से आगे बढ़ाया और बेटियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर गर्व से साझा की जाने लगी।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में नारी शक्ति पर बात की। इसके बाद उन्होंने मंजूर अहमद को भी कार्यक्रम के बीच बुलाया जिनका पेंसिल स्लेट का काम कभी गुमनाथ था और पीएम ने ‘मन की बात’ में इसका जिक्र करके उसे बढ़ावा दिया।

मंजूर अहमद ने बताया कि पीएम मोदी की वजह से आज उनके काम को जमीनी स्तर पर पहचान मिली है। वो 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे पा रहे हैं। आगे भी इस काम का विस्तार करके 200 अतिरिक्त लोगों को रोजगार देने को तैयार हैं।

उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर बात करते हुए विजय लक्ष्मी से बात की और उन्हें उनके लोटस फाइबर के काम के लिए शुभकामाएँ दीं। पीएम ने बताया कि कैसे मिट्टी के खिलौनों से लेकर श्र्वान के प्रति समाज को जागरूक किया गया और ये तय हुआ कि छोटे दुकानदारों से मोल-भाव नहीं किया जाएगा।

हीलिंग हिमालय के अभियान की शुरुआत करने वाले प्रदीप से पीएम ने बात करते हुए कि उनके अभियान के बारे में पूछा। प्रदीप ने बताया कि कैसे 2020 के बाद बहुत कुछ बदल गया है। मन की बात में उनके अभियान की चर्चा होने के बाद लोग खुद हिमालय को साफ करने के अभियान में आगे आते हैं, उनसे जुड़ते हैं, उनका साथ देते हैं।

पीएम ने इस कार्यक्रम में टूरिज्म को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किस तरह बाहर जाने से पहले भारत में 15 जगह जरूर घूमें। इस कार्यक्रम में यूनेस्को की डीजी ने शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण के बारे में पीएम से पूछा जिसपर पीएम ने कहा कि ये देश की परंपरा रही है जो भी इस दिशा में काम कर रहा है वो बेहद सराहनीय है।

कायम मियाँ ने की 15 साल की नाबालिग बीवी की हत्या, खोपड़ी काट बैग में भरी, शव के टुकड़े जंगल में फेंके: त्रिपुरा पुलिस ने पकड़ा

उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में कायम मियाँ नाम के एक शख्स ने अपनी नाबालिग बीवी की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े करके उसने बैग में भर दिए। पुलिस ने मृतका के कटे अंगों को दो बैगों से बरामद किए हैं। मृतका के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने कायम मियाँ को गिरफ्तार कर लिया है।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के मुस्लिमपारा इलाके में 15 साल की नाबालिग का निकाह 8 महीने पहले कायम मियाँ से हुई थी। नाबालिग पिछले शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) से लापता थी। उसकी माँ की जब अपनी बेटी से बात नहीं हुई तो वह बेटी को देखने के लिए उसकी ससुराल मुस्लिमपारा इलाके में गई।

मृतका के छोटे भाई बापन मियाँ ने बताया कि माँ को वहाँ ना बहन नहीं मिली और ना ही उसका शौहर कायम मियाँ मिला। उसकी माँ ने घर में खून के धब्बे बिखरे पड़े देखे। इसके बाद वह वहीं रोना शुरू कर दी। महिला की रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और मौके का मुआयना किया। इसके बाद वह कायम मियाँ की तलाश में जुट गई। प्रयास करने के बाद पुलिस ने कायम मियाँ को पकड़ लिया और उससे उसकी बीवी के बारे में पूछताछ की। कायम मियाँ ने बताया कि उसने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) की रात को नाबालिग की हत्या कर दी थी।

पुलिस को उसने बताया कि नाबालिग की हत्या करने के बाद उसने शव के टुकड़े किए और उसे दो बैग में भरकर जंगल में फेंक दिया। पुलिस आरोपित को लेकर जंगल में गई और उसकी निशानदेही पर दोनों बैग बरामद कर लिए। इनमें से एक बैग में नाबालिग का सिर मिला और दूसरे बैग से उसका धड़ बरामद किया गया।

एसपी ने बताया, “पुलिस को अपराध की सूचना मिलने के चार घंटे के भीतर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। हम अपराध के मकसद के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि इस हत्याकांड में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।”

हिंसाग्रस्त सूडान में भारत का ऑपरेशन कावेरी: 7वीं फ्लाइट से बेंगलुरु लौटे 229 भारतीय, अब तक 1725 लोगों की सुरक्षित वापसी

अफ्रीकी देश सूडान (African country Sudan) में सत्ता पर कब्जे को लेकर सेना और अर्धसैनिक बल के बीच पिछले 15 दिनों से हिंसा हो रही है। इसका सीधा असर वहाँ रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। हालात को देखते हुए भारत अपने नागरिकों को वहाँ से निकाल रहा है। ऑपरेशन कावेरी के तहत 229 भारतीय यात्रियों का एक समूह रविवार (30 अप्रैल 2023) को बंगलुरु पहुँचा।

सेना के दो जनरलों की आपसी प्रतिद्वंद्विता के कारण हिंसा की आग में जल रहे सूडान से शनिवार (29 अप्रैल 2023) को 135 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया था। यह ऑपरेशन कावेरी का 10वाँ बैच था। इस बैच को लेकर भारतीय वायुसेना का C 130J विमान पोर्ट सूडान से सफलतापूर्वक रवाना हुआ था।

सूडान संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगमडम (United Kingdom- UK), अमेरिका (America) और भारत जैसे देश सऊदी अरब (Saudi Arab) की मदद से सूडान में अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रहा हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि ऑपरेशन कावेरी के तहत 229 यात्रियों को लेकर फ्लाइट सऊदी अरब के जेद्दाह से रवाना हुई और आज बेंगलुरु में उतरेगी।

बता दें कि सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) ने 27 और 28 अप्रैल की दरम्यानी रात में एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया था। सूडान के खार्तूम से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में वाडी सैय्यदना की एक छोटी-सी टूटी-फूटी हवाई पट्टी पर विमान लैंड करके 121 भारतीय लोगों को रेस्क्यू किया गया था।

Indian Defence Attaché (IDA) के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना का एक काफिला हवाई पट्टी पर पहुँचा। हवाई पट्टी उबड़-खाबड़ थी। वहाँ ना ही कोई नेविगेशनल एप्रोच ऐड था और ना ईंधन और लैंडिंग लाइट थे। ये लैंडिंग लाइट रात में एक विमान की लैंडिंग को निर्देशित करने के लिए बेहद आवश्यक होता है।

इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने C-130J का इस्तेमाल किया और ग्रुप कैप्टन रवि नंदा इसके कप्तान थे। रनवे पर किसी तरह की बाधा ना हो, इसको देखने के लिए C-130J विमान के चालक दल ने इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड सेंसर का इस्तेमाल किया। अंधेरे से निपटने के लिए नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का उपयोग किया।

इसके बाद एयरक्रू ने सामरिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अंधेरे के लिए नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का उपयोग किया और विमान की लैंडिंग कराई। इस दौरान विमान का इंजन चलता रहा। वहीं, भारतीय वायुसेना के 8 गरुड़ कमांडो ने यात्रियों और उनके सामान को विमान में रखा और इसी तकनीक की सहायता से उड़ान भरी।

फिलहाल सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए भारत ऑपरेशन कावेरी चला रहा है। इस ऑपरेशन के तहत सूडान से अब तक 1700 से अधिक लोगों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। वहाँ से लाए लोगों में से 17 को क्वारंटाइन किया गया है। सूडान में हिंसा से अब तक 500 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 5000 घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि लड़ाई से 75,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

22 भाषाएँ, 29 बोलियाँ…100 करोड़ लोग: 9 सालों में ‘जन-जन’ तक पहुँची PM मोदी की ‘मन की बात’, 100वें एपिसोड का UN हेडक्वार्टर में होगा लाइव ब्रॉडकास्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ के 100 वें एपिसोड पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरो-शोरों से तैयारी की हुई है। प्रधानमंत्री 11 बजे देशवासियों से मन की बात करेंगे। इस कार्यक्रम का लाइव ब्रॉडकॉस्ट संयुक्त राष्ट्र के हेडक्वार्टर्स में भी होगा।

इसके अलावा मीडिया में ये भी बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने पीएम मोदी के इस संबोधन को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विदेश समेत 4 लाख जगहों पर आयोजन किए हैं। राजभवन से लेकर भाजपा के हर मुख्यमंत्री के आवास पर औ AIR के 500 से ज्यादा केंद्रों पर इसका प्रसारण होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन-जन से जुड़ने के लिए इसकी शुरुआत की थी। धीरे-धीरे जनता तक जनता की बात पहुँचाने का यह एक सशक्त माध्यम बन गया। 22 भाषाओं और 29 बोलियों में इसे प्रसारित किया जाता है। इसके अलावा इसका ब्रॉडकॉस्ट 11 विदेशी भाषाओं- फ्रेंच, इंडोनेशियन, तिब्बती, बर्मा, बलूची, अरबी, पश्तू, पारसी, दारी और स्वाहिली में भी होता है।

अध्य्यन बताता है कि पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में अपने साथ कम से कम 100 करोड़ लोगों को जोड़ा और समाज में इससे एक जमीनी बदलाव आ सका। ‘मन की बात’ संस्करणों में स्वच्छता से लेकर स्वास्थ्य पर बातें हुईं जहाँ लोगों को पीएम मोदी खुद छोटे-छोटे मुद्दों पर जागरूक करते नजर आए। सबसे खास बात यह रही कि पीएम की बातों का उनके प्रयासों का असर भी देखने को मिला।

आईआईएम रोहतक के सर्वे के अनुसार, मन की बात ने 100 करोड़ श्रोताओं तक अपनी जगह बनाई। 23 करोड़ लोग तो नियमित इसे सुनते रहे। वहीं सर्वे की मानें तो 96 फीसदी जनसंख्या इस रेडियो प्रोग्राम के बारे में जानती थी। इस संबंध में एक्सिस मॉय इंडिया और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी में इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटिटिवनेस (IFC) ने भी एक रिसर्च की है।

इसकी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कार्यक्रम के जरिए आम लोगों को बदलाव लाने वाली योजनाओं में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया गया। इससे देश और इसके नागरिकों के जीवन पर अच्छा प्रभाव पड़ा। जमीन पर बदलाव लाने वालों को इस कार्यक्रम में सम्मान मिला। ‘Mann Ki Baat: A Decade of Reflections’ नामक इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों ने इस कार्यक्रम को सुन कर एक्शन लिया, बदलाव में साथ दिया।

बीवी ने प्रिंसिपल को मारा थप्पड़, शौहर ने स्कूल में घुस धमकाया: सीलमपुर से AAP विधायक अब्दुल रहमान बीवी समेत कोर्ट में दोषी करार, जा सकती है विधायकी

दिल्ली के सीलमपुर से आम आदमी पार्टी के विधायक अब्दुल रहमान (AAP MLA Abdul Rahman) और उसकी पत्नी आसमा को मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी करार दिया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट ने साल 2009 के इस मामले सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल से मारपीट करने और डराने-धमकाने का दोषी ठहराया।

अब्दुल रहमान और उसकी बीवी आसमा ने सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापक रजिया बेगम को मारा था। गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए ड्यूटी करने से रोका था। कोर्ट ने इन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 353/506 और 34 के तहत दोनों को दोषी माना है।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अब्दुल रहमान और आसमा, दोनों ने एक समान मकसद से सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल के साथ हाथापाई की और उसे चोट पहुँचाई। सरकारी अधिकारी के कामकाज में बाधा डाला। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष दोनों पर लगे इल्जाम को साबित करने में कामयाब रहा।

अब्दुल रहमान की बीवी असमा पर IPC की धारा 332 के तहत भी अपराध सिद्ध हुआ है। हालाँकि, FIR में दर्ज चश्मदीद गवाहों ने से एक ने भी बयान दर्ज नहीं कराया था। कोई मेडिको लीगल केस (MLC) भी नहीं थी। FIR भी एक दिन देर से दर्ज कराई गई।

यह घटना लगभग 14 साल पहले 2009 में जाफराबाद के जीनत महल सर्वोदय कन्या विद्यालय की है। 4 फरवरी 2009 को प्रिंसिपल जीनत महल अपनी ड्यूटी पर थीं। उसी वक्त आसमा स्कूल में आई और जीनत महल को थप्पड़ जड़ दिया। कुछ देर बाद रहमान अपने साथियों के संग आया और प्रिंसिपल के साथ अभद्रता की और धमकी दी।

AAP विधायक और उसकी पत्नी आसमा को अधिकतम सात साल कैद की सजा हो सकती है। नियमों के अनुसार, यदि विधायक को दो साल से अधिक की सजा सुनाई जाती है तो वह दिल्ली विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य हो जाएगा। हालाँकि, रहमान ने कहा कि वह इस मामले की अपील हाईकोर्ट में करेेंगे।

अब्दुल रहमान सीलमपुर से AAP के विधायक है। उन पर एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगा था। महिला ने मार्च 2021 में जाफराबाद थाने में इसकी शिकायत की थी। इसके बाद मामला दर्ज करके जाँच की जा रही है।

महिला ने आरोप लगाया था कि अब्दुल रहमान ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी और जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की थी। यह घटना जाफराबाद नगर निगम के उपचुनाव के दौरान का है।

अमेरिका में घर में घुस कर ताबड़तोड़ गोलीबारी, 8 साल का बच्चा समेत 5 की हत्या: बच्चों को बचाने के लिए उनके ऊपर लेट गई थीं महिलाएँ, हत्यारे पर ₹41 करोड़ का इनाम

अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। अब टेक्सास प्रांत के क्लीवलैंड में हुई फायरिंग में 8 साल के बच्चे समेत 5 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी हुई है। घटना शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित रायफल से फायरिंग कर रहा था। इस पर पड़ोसियों ने उसके घर जाकर कहा कि वे सो रहे हैं इसलिए वह फायरिंग न करे। इस पर वह भड़क गया और कहा कि यह उसका घर है। इसके बाद उसने पड़ोसियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना के समय घर में कुल 10 लोग थे। इनमें से 5 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में 3 महिलाएँ, एक पुरूष और एक 8 वर्षीय बच्चा शामिल है।

पुलिस ने कहा है कि घटना के बाद दो महिलाएँ बच्चों के ऊपर मृत पाई गईं। कहा जा रहा है कि बच्चों को बचाने के लिए महिलाएँ उनके ऊपर लेट गई थीं। हमले में 3 बच्चे तो बच गए लेकिन महिलाओं की गर्दन गोलियों से छलनी हो गई। इससे उनकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने घटना स्थल के पास से एक रायफल भी बरमाद की है।

पुलिस को आरोपित का एक वीडियो भी मिला है। वीडियो में वह रायफल लिए दिखाई दे रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अदालत ने आरोपित के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। साथ ही उस पर 5 मिलियन यानी करीब 41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया गया है।

बता दें कि अमेरिका में ‘गन कल्चर’ के चलते फायरिंग की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। इससे पहले इसी साल फरवरी में टेनेसी राज्य के मिसिसिपी के ग्रामीण इलाके अर्काबुतला काउंटी में एक शख्स ने अंधाधुंध फायरिंग कर 6 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। आरोपित ने पहले अपनी पूर्व पत्नी की हत्या की इसके बाद अपने सौतेले पिता और उनके घर पर मौजूद एक महिला की हत्या कर दी। इसके बाद उसने चर्च के पास 2 और लोगों की हत्या कर दी थी।

अमेरिका के कैलिफोर्निया में 21-22 जनवरी 2023 की रात मास शूटिंग की घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी। मोंटेरी पार्क इलाके में चीनी नववर्ष को लेकर जश्न मनाया जा रहा था, तभी एक हमलावर ने आंधाधुन गोलियाँ चला दीं। नवंबर 2022 में वर्जीनिया के वालमार्ट के एक स्टोर में हुई फायरिंग में 10 लोगों की मौत हो गई थी।

इसके पहले टेक्सास में 18 साल एक युवक ने AK-47 से अपनी दादी को गोली मारी। फिर स्कूल पहुँचकर अंधाधुंध फायरिंग की। अमेरिका को हिला देने वाली यह घटना 24 मई 2022 को हुई थी। जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका में मास शूटिंग जैसी घटनाओं के पिछे यहाँ के गन कल्चर को दोषी ठहराया जाता रहा है। जिसे बदलने के लिए खास प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

‘शिखा मेरे पिता की नहीं, बल्कि एक पूरे समाज की काटी गई थी’: मुख़्तार अंसारी को सज़ा के बाद CM योगी का कायल हुआ कृष्णानंद राय का परिवार: कहा – माफियाओं का हो रहा सफाया

बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को 10 साल और उसके भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा हुई है। अंसारी ब्रदर्स को हुई इस सजा पर कृष्णानंद राय के परिवार का कहना है कि योगी सरकार की नीतियों के कारण ही माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।

दरअसल, मुख्तार और अफजाल अंसारी की सजा पर कोर्ट के फैसले के बाद कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय ने आज तक से बात की है। इस बातचीत में उन्होंने कहा है कि माफियाओं को सजा हुई है। इसलिए उनके लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी माँ ने कई सालों तक संघर्ष किया है। पूरा परिवार अंसारी बंधुओं के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। साथ ही कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों के चलते ही माफियाओं और अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है। मुख्तार और अफजाल को हुई सजा के लिए यूपी की बदली हुई परिस्थितियाँ भी जिम्मेदार हैं।

वहीं, एक अन्य बातचीत में पीयूष राय ने कहा है कि उनके पिता की हत्या 18 साल पहले हुई थी। हत्या के दौरान उनके पिता की शिखा भी काटी गई थी। शिखा सिर्फ उनकी नहीं बल्कि एक समाज की शिखा काटी गई थी। आज न्यायपालिका ने उसका शिखा का मान बढ़ाया है।

कृष्णानंद राय के भतीजे आनंद राय ने मुख्तार और अफजाल की सजा पर पूरे परिवार की ओर से कोर्ट और सीएम योगी का आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति ने उत्तर प्रदेश को भयमुक्त बना दिया है। अब यूपी में गुंडे और माफियाओं का सफाया हो रहा है। पहले की सरकारों में गुंडे आतताइयों के रूप में काम करते हुए धन उगाही करते थे। लेकिन अब माफियाओं का सफाया हो रहा है।

वहीं, कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय का बयान भी सामने आया। अलका ने कहा है कि वह न्यायपालिका में विश्वास करती हैं। गुंडों, माफियाओं का राज खत्म हो चुका है। अब या तो ये जेल में रहेंगे या फिर ऊपर चले जाएँगे।

बता दें कि मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफजाल अंसारी पर बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप था। यही नहीं, मुख्तार पर कोयला व्यापारी नंदकिशोर रूँगटा का अपहरण और हत्या का आरोप था। इस मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में शनिवार (29 अप्रैल 2023) को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा के साथ 5 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

वहीं, अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा और 1 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा। चूँकि, अफजाल अंसारी बीएसपी सांसद है। ऐसे में उसकी सांसदी जाना भी तय माना जा रहा है।

ये Filmfare नहीं, Unfair अवॉर्ड्स… 7 नॉमिनेशन, लेकिन निर्माता को बुलाया ही नहीं: बोले ‘The Kashmir Files’ के प्रोड्यूसर – ये जनता की फिल्म

मार्च 2022 में रिलीज हुई ‘द कश्मीर फाइल्स’ को जनता का काफी प्यार मिला था और दुनिया भर में इसने 250 करोड़ रुपए कमा कर सनसनी मचा दी थी। अब ‘Filmfare Awards 2023’ में फिल्म को 7 कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था। लेकिन, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने नॉमिनेशन को ठुकरा दिया। अब फिल्म के निर्माता अभिषेक अग्रवाल ने फिल्मफेयर को अन्यायपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें समारोह में आमंत्रित तक नहीं किया गया।

अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने दुनिया को एक सच्ची कहानी बताने के लिए ‘The Kashmir Files’ जैसी फिल्म का निर्माण किया और इसका समर्थन किया, जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर भी हुई। उन्होंने आश्चर्य जताया कि फिल्म को फिल्मफेयर में 7 नॉमिनेशन मिले, लेकिन समारोह में उन्हें इन्वाइट तक नहीं किया गया। बता दें कि फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में पुरस्कारों का ऐलान हो चुका है और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को एक भी अवॉर्ड नहीं दिया गया।

अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि अब समय आ गया है जब मनोरंजन इंडस्ट्री को निर्माताओं को सम्मान देना चाहिए, क्योंकि वही होते हैं जो स्टार्स बनाते हैं। बकौल अभिषेक अग्रवाल, सम्मान और पहचान मिलने पर फिल्म निर्माताओं और बड़ी कहानियाँ कहने के लिए प्रेरणा मिलेगी। अभिषेक अग्रवाल द्वारा निर्मित ‘कार्तिकेय 2’ भी सुपरहिट रही थी और रवि तेजा अभिनीत उनकी अगली फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ को रिलीज से पहले ही अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

‘द कश्मीर फाइल्स’ को ‘जनता की फिल्म’ बताते हुए अभिषेक अग्रवाल ने कहा, “फिल्मफेयर में इसे 7 नॉमिनेशंस ख़ुशी की बात है, क्योंकि जनता के दबाव में उन्हें ऐसा करना ही था। उनके पास विकल्प नहीं थे। मेरी फिल्म को 7 नामांकन मिले, लेकिन मुझे कोई इन्वाइट नहीं आया। जनता का प्यार और आशीर्वाद जब तक मेरे साथ है, मैं काम करता जाऊँगा। लेकिन, हमें ये समझना होगा कि जैसे डायरेक्टर-एक्टर के बिना फिल्म नहीं बन सकती, वैसे ही प्रोड्यूसर के बिना भी नहीं बन सकती।