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‘संघ परिवार की झूठ फैक्ट्री का एक और उत्पाद’: ‘The Kerala Story’ से खुली इस्लामी एजेंडे की पोल तो भड़के CM पिनाराई विजयन, कहा – ये सेक्युलरिज्म की धरती

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ‘The Kerala Story’ फिल्म को भला-बुरा कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फिल्म को जानबूझ कर बनाया गया है, ताकि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की जा सके। उन्होंने कहा कि केरल राज्य के खिलाफ घृणा भरे प्रोपेगंडा फैलाने के लिए ये सब किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ये संघ परिवार की झूठ की फैक्ट्री का एक उत्पाद है। CPM नेता ने कहा कि ट्रेलर ने ही साफ़ है कि ये संघ परिवार का प्रोपेगंडा है।

बता दें कि केरल में वामपंथी गठबंधन की सरकार है। वामपंथी दल पहले से ही ‘The Kerala Story’ की रिलीज रोकने में लगे हुए थे। अब वहाँ के सीएम ने केरल को सेक्युलरिज़्म की धरती बताते हुए कहा संघ परिवार ने खुद को धार्मिक कट्टरता के केंद्र में स्थापित कर लिया है। सीएम विजयन ने कहा कि फेक कहानियों और फिल्मों के जरिए विभाजन की राजनीति हो रही है। साथ ही आरोप लगाया कि बिना किसी सबूत और तथ्य के काल्पनिक कहानियाँ फैलाई जा रही हैं।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, “फिल्म के ट्रेलर में दिखाया गया है कि 32,000 महिलाओं को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया, इसके बाद इन्हें आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने के लिए भेज दिया गया। केरल में राजनीतिक फायदे के लिए संघ परिवार मुस्लिमों को अलग-थलग दिखा रही है। जाँच एजेंसियाँ ‘लव जिहाद’ वाले आरोप पहले ही नकार चुकी है। अदालत ने भी इसे नकार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से भी संसद में इसे नकारा गया है।”

सीएम पिनाराई विजयन का कहना है कि एक सोचे-समझे तरीके से ‘लव जिहाद’ वाले आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दुनिया के सामने केरल का अपमान किए जाने का भी आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता का ज़हर फैला कर केरल के धार्मिक सौहार्द के वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्रिएटिव फ्रीडम के नाम पर विभाजन और झूठ फैलाने की अनुमति नहीं है। बकौल केरल सीएम, समाज में सांप्रदायिक घृणा फैलाने का लाइसेंस क्रिएटिव फ्रीडम से नहीं मिल जाता।

शादीशुदा जमाल खान ने सोनू बनकर महिला को फँसाया, जबरन इस्लामी धर्मांतरण के बाद किया निकाह: बेटी पैदा होने के बाद ‘तीन तलाक’ देकर घर से निकाला

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लव जिहाद (Love Jihad) के मामले अक्सर आते रहते हैं। हालिया घटना में जमाल खान नाम के एक मुस्लिम शख्स ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू युवती को प्रेमजाल में फँसाया और फिर धर्म परिवर्तन के बाद मुस्लिम बनाकर निकाह कर लिया। कुछ दिन जमाल ने बाद गैर-कानूनी तीन तलाक देकर उस महिला को घर से निकाल दिया।

महिला के अनुसार, जमाल खान ने सोनू बनकर युवती से जान-पहचान बढ़ाई थी। निकाह के बाद जब उसे पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा है तो उसके साथ जमाल मारपीट करने लगा। महिला की शिकायत पर मझोला पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

महिला मझोला के खुशहालपुर की रहने वाली है। महिला ने बताया कि चार पहले जमाल खान ने खुद को हिंदू बताकर उससे दोस्ती की थी। इसके बाद वह कॉल करके बात करने लगा और प्यार का नाटक करके अपने जाल में फँसा लिया। एक दिन जमाल ने महिला को शादी का प्रस्ताव दिया तो वह तैयार हो गई।

महिला का आरोप है कि ऐन वक्त पर जमाल ने अपनी हकीकत बताई और धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। महिला का कहना है कि वह उसकी बातों में आकर हिंदू से मुस्लिम बन गई और जमाल से निकाह कर लिया। निकाह के बाद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा।

हिंदू छोड़कर मुस्लिम बनी महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसे एक बेटी पैदा हुई। इसके बाद उसका शौहर उससे पाँच लाख रुपए और कार की माँग करने लगा। इसी बीच उसे पता चला कि जमाल खान पहले से ही शादीशुदा है। उसकी शादी 18 साल पहले ही हो चुकी है और उसके दो बच्चे भी हैं।

महिला का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो जमाल उसके साथ मारपीट करने लगा। 24 अप्रैल 2023 को जमाल नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करने लगा और फिर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद महिला ने मझोला थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मझोला थाना के प्रभारी का कहना है कि महिला की शिकायत के बाद आरोपित जमाल खान के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, दुष्कर्म, मारपीट और तीन तलाक के साथ धर्म निषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘शीला दीक्षित के बंगले में 10 AC, कलेजा काँप जाता है’: घर चमकाने पर ₹45 करोड़ खर्च करने वाले CM केजरीवाल का पुराना ट्वीट, लोग बोले – ये सबसे बड़ा फ्रॉड

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास सीएम आवास को चमकाने में 45 करोड़ रुपए खर्च कर दिए है। उन्होंने किचन से लेकर बाथरूम और आवास के पर्दों पर तक करोड़ों रुपए खर्च किए। एक समय ऐसा भी था, जब सीएम केजरीवाल कॉन्ग्रेस की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर में लगे एयर कंडीशन पर सवाल उठाते थे।

अरविंद केजरीवाल पर अक्सर सवाल उठाने वाले उनके पूर्व के साथी कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक पुराना ट्वीट शेयर कर लिखा है, “इससे बड़ा फ्रॉड देश की राजनीति में नहीं है”। इस ट्वीट में अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि उन्होंने अपने बाथरूम में भी एसी लगा रखा है।

अरविंद केजरीवाल ने 27 अक्टूबर 2013 को किए अपने ट्वीट में लिखा है, “दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी के घर में 10 एसी लगे हुए हैं। मैंने तो सुना है कि उनके बाथरूम में भी एसी लगा हुआ है। कौन भरता है उनके एसी का बिला? मैं और आप भरते हैं! मेरा तो कलेजा काँप उठता है, यह सोचकर कि जब दिल्ली की 40% जनता झुग्गियों में रहती है, तब कोई मुख्यमंत्री कैसे एक आलीशान घर में रह सकता है!”

टाइम्स नाउ नवभारत’ ने ‘शीश महल’ नाम के अपने ऑपरेशन में जानकारी दी थी कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास में लगाने के लिए वियतनाम से मार्बल मँगाया गया। इसे ‘डियोर पर्ल मार्बल’ बोला जाता है, जो सुपीरियर क्वालिटी का होता है। इसकी कीमत 15 लाख रुपए होती है। इसे लगाने के लिए भी अलग तरीके से फिटिंग की जाती है। AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि वो बँगला 1942 का बना है, वहाँ छत से पानी टपकती थी और बुजुर्गों को परेशानी होती थी।

चैनल के ऑपरेशन में यह बात भी सामने आई कि सीएम केजरीवाल के मुख्यमंत्री आवास में एक-दो नहीं, बल्कि 15 बाथरूम हैं और हर बाथरूम को सजाने-सँवारने में एक-एक लाख रुपए खर्च किए गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में 10 लाख से अधिक रकम सिर्फ सैनिट्री फिटिंग पर खर्च की गई।

CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

चैनल के मुताबिक, सीएम केजरीवाल के आवास में बिजली के विभिन्न सामान पर 2.58 करोड़ रुपए, किचन एवं अप्लायंस पर 1.10 करोड़ रुपए, इंटीरियर डेकोरेशन (वुडेन फ्लोर, वुडन डोर और यूपीवीसी डोर पर) पर 11.30 करोड़ रुपए, हॉट वॉटर जनरेटर पर 25 लाख रुपए और सुपीरियर कंसल्टेंसी (सिर्फ बताने के लिए) के लिए एक करोड़ रुपए खर्च किए गए।

इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल ने सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित 4.7 एकड़ में फैले सीएम आवास को विस्तार देकर 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया है। इसके लिए IAS और जज जैसे कुछ सरकारी अधिकारियों को घर खाली करने का नोटिस दिया गया था। ये घर 2.6 एकड़ जमीन पर बने हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह फैसला 28 जुलाई 2021 को लिया गया था। इसके फौरन बाद अगस्त 2021 में 2 बंगलों और 8 फ्लैट्स को नोटिस भेज इसे खाली करा दिया। ये दोनों बंगले फ्लैगस्टॉफ रोड पर ही हैं, जबकि फ्लैट राजपुर रोड पर आते हैं।

‘विपक्ष की साजिश से हो रहा पहलवानों का धरना’: बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में उतरे अयोध्या के साधु-संत, बोले- जरूरत पड़ी तो करेंगे दिल्ली कूच

‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर धरना दे रहे हैं। इन सबके बीच अयोध्या के संत बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में आ गए हैं। संतों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह दिल्ली कूच करेंगे और धरना प्रदर्शन करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अयोध्या से बड़ी संख्या में साधु-संत गोंडा पहुँचे। यहाँ उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन का ऐलान किया। संतों ने कहा है कि विपक्ष की साजिश के तहत पहलवान धरना दे रहे हैं। यदि उनका धरना इसी तरह चलता रहा तो संत मजबूरन दिल्ली के लिए कूच करेंगे। यही नहीं, संतों ने कहा है कि वह दिल्ली जाकर वहाँ जंतर-मंतर में बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में धरना प्रदर्शन भी करेंगे।

इस दौरान अयोध्या की हनुमान गढ़ी के महंत बलराम दास ने कहा है कि बृजभूषण शरण सिंह पर सोची समझी साजिश के तहत आरोप लगाया गया है। उन पर लगे आरोप झूठे हैं। आरोप लगाने वालों ने भगवान श्रीराम और माता सीता को भी नहीं छोड़ा था। किसी भी मामले में धरना देने से समस्या हल नहीं होती जाँच से ही सच्चाई सामने आएगी। धरने में राजनीतिक दल के लोगों को बुलाया जा रहा है। इससे यह साबित होता है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

क्या है मामला

दरअसल, पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना समेत कई तरह आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान पर धरना दे रहे हैं। पहलवानों के आरोपों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 2 FIR भी दर्ज की गईं हैं। इन एफआईआर में से एक में POSCO एक्ट की धाराएँ भी लगाई गई हैं। हालाँकि, एफआईआर के बाद भी पहलवान धरना खत्म करने को तैयार नहीं है। वह बृजभूषण की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं।

अपराधी नहीं हूँ इसलिए इस्तीफा नहीं दूँगा: बृजभूषण

WFI के अध्यक्ष और गोंडा से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों के आरोपों को लेकर शनिवार (29 अप्रैल 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा है, “पहले पहलवानों की माँग थी कि FIR की जाए। FIR हो गई। अब ये कहते हैं कि जेल के अंदर होना चाहिए। सारे पदों से इस्तीफा देना चाहिए। मुझे जो लोकसभा का पद मुझे मिला है, वो विनेश फोगाट ने नहीं जनता ने दिया है। एक बार नहीं, बल्कि 6-6 बार दिया है। मुझे ही नहीं, मेरी पत्नी को भी दिया है। कुश्ती संघ का अध्यक्ष पद भी उन्होंने नहीं दिया है, चुनाव लड़कर जीता हूँ।”

भाजपा सांसद ने कहा कि इन आरोपों के पीछे देश के कुछ उद्योगपति और कॉन्ग्रेस का हाथ है। उन्होंने आगे कहा, “मैं पूछता हूँ कि आरोपों के पीछे एक ही परिवार और एक ही अखाड़ा क्यों है? हरियाणा के अन्य खिलाड़ी क्यों नहीं हैं। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक आदि के खिलाड़ी क्यों नहीं हैं?”

सांसद ने आगे कहा, “12 साल से इनका यौन शोषण हो रहा है और वो यौन शोषण देश के अन्य खिलाड़ियों के साथ क्यों नहीं होता है? हरियाणा के बाकी 90 प्रतिशत खिलाड़ी मेरे साथ हैं, क्योंकि मैंने काम किया है। इस्तीफा देना कोई बड़ी बात नहीं है। मैं अपराधी नहीं हूँ। इसलिए अगर मैं इस्तीफा देता हूँ तो इसका मतलब होगा कि मैंने आरोपों को स्वीकार कर लिया।

‘महान नेताओं की यही पहचान’: PM मोदी के कायल हुए शाहिद कपूर, रोहित शेट्टी बोले – ‘मन की बात’ से स्टार्टअप्स और समाजिक कार्यकर्ताओं को फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अप्रैल, 2022) को 100वीं बार देश के साथ ‘मन की बात’ की। इस दौरान देश-दुनिया में इस कार्यक्रम की धूम रही। अब फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कार्यक्रम ‘मन की बात’ की जम कर तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ कनेक्टेड रहते हैं, जो कि एक महान नेता की निशानी है। शाहिद कपूर हाल ही में ‘फर्जी’ वेब सीरीज में दिखे थे।

शाहिद कपूर ने कहा कि इतिहास में जो भी सबसे लोकप्रिय और महान नेता रहे हैं, चाहे वो राजा हों या फिर प्रधानमंत्री, उनका हमेशा लोगों से जुड़ाव बना रहा है। शाहिद कपूर ने कहा कि ‘मन की बात’ का कनेक्शन काफी गहरा है। उन्होंने कहा कि अपने मन की बात कहना, लोगों की बात सुनना और अपनी बातें उन तक पहुँचा पाना – इससे अच्छी बात कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम एक उत्कृष्ट फॉर्मेट है।

बता दें कि शाहिद कपूर मुंबई में महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 100वें एपिसोड की स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुँचे थे। उनके अलावा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। कई अन्य गणमान्य लोगों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शाहिद कपूर ने कहा कि वो खुद को काफी सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इस कार्यक्रम में बुलाया गया। उन्होंने याद किया कि इस कार्यक्रम के साढ़े 9 साल हो गए हैं।

वहीं फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी ने कहा कि उन्हें प्रेरणा मिली कि एक नेता जब राह दिखाए तो क्या कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने स्टार्टअप्स और समाजिक कार्यकर्ताओं को भी इससे फायदा होने की बात बताई। उन्होंने कहा कि हम इतने खुशनसीब हैं कि हमारे पास ऐसे नेता हैं जिनकी लोग बात सुनते हैं, जिनसे प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ से कई लोगों की मदद हुई। हिमालय को ग्रीन करने वाले उदाहरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भी ये कार्यक्रम टेलीकास्ट हुआ है।

‘मैं पीड़ित लड़कियों से मिल चुकी हूँ, जाना कि उनके साथ क्या हुआ’: ‘The Kerala Story’ की अभिनेत्री ने फिल्म को प्रोपेगंडा बताने वालों को दिया करारा जवाब

फिल्म ‘The Kerala Story’ के ट्रेलर को लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। फिल्म में अभिनेत्री अदा शर्मा मुख्य किरदार में हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे केरल में कट्टरपंथी मुस्लिम युवकों को हिन्दू लड़कियों को फँसाने का प्रशिक्षण देते हैं, जिसके बाद लड़की का इस्लामी धर्मांतरण करा के उसे आतंकी संगठन ISIS का सेक्स स्लेव बनने के लिए भेज दिया जाता है। अभिनेत्री अदा शर्मा ने फिल्म को प्रोपेगंडा बताने वालों को अब करारा जवाब दिया है।

फिल्म ‘The Kerala Story’ को प्रोपेगंडा बताने वालों पर क्या बोलीं अभिनेत्री अदा शर्मा

उन्होंने कहा कि भारतीय से भी पहले एक इंसान होने के नाते इसे समझने की ज़रूरत है कि ये एक बहुत ही डरावनी कहानी है कि लड़कियाँ गायब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ये और भी डरावना है कि लोग इसे प्रोपेगंडा कह रहे हैं कि नंबर डिस्कस कर रहे हैं। अदा शर्मा ने बताया कि पहले हमने हमलोग तथ्य बता रहे हैं, फिर संख्या बता रहे हैं कि कितनी लड़कियाँ गायब हैं। उन्होंने कहा कि हम इसका उल्टा नहीं कर रहे कि पहले नंबर बता रहे।

उन्होंने आशा जताई कि लोग फिल्म देखेंगे तो ये सब सवाल नहीं करेंगे। अदा शर्मा ने ANI से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने ऐसी कई पीड़ित लड़कियों से मुलाकात की है और इस कैरेक्टर को जिया है। ‘The Kerala Story’ में अपने किरदार ‘शालिनी उन्नीकृष्णन (बाद में फातिमा)’ को निभाने के अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा कि इसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता, वो इसे एकाध लाइन में बता कर इसके साथ जस्टिस नहीं कर सकतीं।

अदा शर्मा ने कहा कि दर्शक फिल्म देख कर खुद समझ जाएँगे। अभिनेत्री ने कहा कि वो फ़िलहाल पीड़ित लड़कियों के नाम नहीं ले सकतीं क्योंकि ये फ़िलहाल सही नहीं है, लेकिन उन्होंने और निर्देशक सुदीप्तो सेन ने उनलोगों से मुलाकात की थी। अदा शर्मा ने उनके द्वारा दिए गए टेक्स्ट को पढ़ा और उनके अनुभव को जाना। बकौल अदा शर्मा, ट्रेलर रिलीज के दिन उन्हें एक पीड़िता का सन्देश भी आया और उन्होंने सभी पीड़िताओं की तरफ से उन्हें धन्यवाद करते हुए लिखा कि उन्होंने अपने किरदर को काफी अच्छे से निभाया है।

दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड में भी सक्रिय रही हैं अदा शर्मा

अदा शर्मा दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड में भी सक्रिय रही हैं। 2014 में सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा के साथ उन्होंने ‘हँसी तो फँसी’ फिल्म में अभिनय किया था, जिसके बाद उन्हें खासी सराहना मिली थी। 2008 में आई हॉरर फिल्म ‘1920’ में भी उन्होंने अपने अभिनय से लोहा मनवाया था। ये उनकी पहली ही फिल्म थी। मुंबई में तमलील ब्राह्मण पलक्कड़ परिवार में जन्मीं अदा शर्मा ने 10वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही अभिनय की दुनिया में जाने का मन बना लिया था।

अदा शर्मा मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै की हैं। वो कत्थक नृत्य में भी प्रशिक्षित हैं। शुरुआती करियर में उन्हें कई फिल्मकारों ने बच्ची दिखने और उनके घुँघराले बालों के कारण उन्हें नकार दिया था। 2014 में ‘Heart Attack’ फिल्म के साथ तेलुगु फिल्मों में कदम रखा था। इसमें उनके साथ नितिन रेड्डी मुख्य किरदार में थे। अल्लू अर्जुन और सामंथा की फिल्म ‘S/O Satyamurthy (2015)’ का भी वो हिस्सा थीं। तेलुगु थ्रिलर ‘क्षणम’ का भी वो हिस्सा थीं, जिसे समीक्षकों ने भी खूब पसंद किया।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने शेयर की माँ काली की आपत्तिजनक तस्वीर, विरोध के बाद डिलीट किया: लोगों की माँग – राजदूत को समन कर फटकार लगाए भारत

दुनियाभर में हिंदूफोबिक घटनाएँ बढ़ती जा रहीं हैं। अब, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने हिंदुओं की आराध्य देवी माँ काली का अपमान किया है। रक्षा मंत्रालय ने अपने ट्विटर पर एक फोटो शेयर की थी। इसमें धुएँ के गुबार को माँ काली के स्कर्ट के तौर पर दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट डिलीट कर दिया।

दरअसल, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने ट्विटर पर दो फोटो शेयर की। इसमें से एक फोटो में धुएँ का गुबार दिखाई दे रहा है। वहीं, दूसरी फोटो में धुएँ के गुबार के बीच माँ काली दिखाई दे रहीं हैं। धुएँ के गुबार को माँ काली के स्कर्ट के रूप में दिखाया गया है। फोटो में उनकी जीभ बाहर है और गले में खोपड़‍ियों की माला है। माँ काली के बाल भी अजीब तरह से उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने ‘वर्क ऑफ आर्ट’ कैप्शन के साथ शेयर किया था।

माँ काली के अपमान वाला यह ट्वीट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स यूक्रेन की इस हरकत को लेकर माफी की माँग कर रहे हैं। हालाँकि लगातार विरोध होने के बाद यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया।

चंदन शर्मा नामक यूजर ने लिखा, “कायर यूक्रेन अपना ट्वीट डिलीट करके भागा। ट्वीट का विरोध करने पर यूक्रेन वाले माँ काली को अपमानित करने वाला पोस्ट डिलीट करके भाग सकते हैं तो समझो रूस के सामने खड़ा होकर युद्ध लड़ने इनकी कितनी औकात है। कायर यूक्रेन, कायर जेलेंस्की और कायर यूक्रेनियन फौज।”

सुमित अग्रवाल नामक यूजर ने लिखा, “काली माता के चित्र का इस तरह का उपयोग कर उपहास कर के यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने बहुत बड़ा अपराध किया है और हम इसका पुरज़ोर विरोध करते हैं। ऐसी मानसिकता वालों का विनाश निश्चित है। दुखद और शर्मनाक।”

बाला नामक यूजर ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची को टैग करते हुए ट्वीट कर कहा, “कृपया काली को बदनाम करने वाली इस अपमानजनक पोस्ट पर ध्यान दें। अगली बार जब यूक्रेन संयुक्त राष्ट्र में मदद और समर्थन की भीख माँगे तो इसे ध्यान में रखें।”

मोनिका वर्मा नामक यूजर ने भी ट्वीट कर कहा, “यह हैरान करने वाली हरकत है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल में माँ काली को अपमानजनक मुद्रा में दिखाया किया जा रहा है। यह कला का काम नहीं है। हमारी आस्था मजाक का विषय नहीं है। इसे डिलीट करो और माफी माँगों।”

अश्विनी श्रीवास्तव नामक यूजर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग करते हुए लिखा, “यह माँ काली का अपमान है। यह 1.4 अरब लोगों का अपमान है। भारत को यूक्रेन को कड़ा संदेश देना चाहिए।”

कंचन गुप्ता नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “हाल ही में यूक्रेन के उप विदेश मंत्री दिल्ली में भारत से समर्थन माँग रहे थे। उस फर्जीवाड़े के पीछे यूक्रेन सरकार का असली चेहरा छिपा है। भारतीय देवी माँ काली को एक प्रचार पोस्टर पर चित्रित किया गया है। यूक्रेन ने दुनिया भर के हिंदुओं की भावना पर हमला किया है।”

‘ब्राह्मण हमें आपस में लड़ाते हैं, वापस रुस भगाएँगे’: बिहार के राजद नेता ने कहा- इनका DNA विदेशी, हम हैं मूलनिवासी

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय सचिव यदुवंश यादव (Yaduvansh Yadav) ने शनिवार (29 अप्रैल 2023) की एक सभा में बोलते हुए कहा कि एक भी ब्राह्मण भारत का नहीं है। ये सारे विदेशी हैं। उन्होंने कहा कि उनका डीएनए टेस्ट हुआ है और उसमें यह बात साबित हुई है।

बिहार के पिपरा से विधायक रहे राजद नेता यादव ने कहा, “इस देश के मूल निवासी हम हैं। ब्राह्मण तो बाहर से आए हैं। ब्राह्मणों के डीएन का टेस्ट हुआ है। उनका डीएनए यूरेशिया मूल का है। रशियन मूल का है। रुस से भागकर ये सब भारत आए हैं।”

यदुवंश यादव ने कहा, “ब्राह्मणों के द्वारा ही हम सबको बाँटने और आपस में झगड़ा लगाने का काम किया जाता है। ये सब हम सबके बीच फूट डालने का काम करते हैं। इसलिए जैसे वहाँ (रुस) से भगाया गया, वैसे ही हमें इन लोगों को हमें यहाँ से भगाना पड़ेगा।”

जिस कार्यक्रम में यदुवंश यादव बोल रहे थे वह पार्टी स्तरीय कार्यक्रम का था। निर्मली नगर पंचायत के राजद ने इसका आयोजन किया था। इसी कार्यक्रम में पूर्व विधायक यदुवंश यादव ने यह विवादित बयान दिया।

बता दें कि यदुवंश यादव राजद के अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जो विवादित बयान दिए हों। इसके पहले बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री राजद के नेता चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को लेकर विवाद बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है।

इस साल जनवरी में ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए RJD नेता ने कहा था कि रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ है। यह रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है। पने संबोधन के दौरान उन्होंने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ है। 

जब इस पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने फिर कहा था कि इसमें कूड़ा-कचरा भरा हुआ है। उन्होंने माफी माँगने से भी इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था, “ऐसा मैंने नहीं, बल्कि डॉ. लोहिया ने कहा है। मैं तो केवल उनकी बातों को दोहरा रहा हूँ। मैं आज भी कह रहा हूँ कि रामचरितमानस में शूद्रों का अपमान किया गया है। लोहिया और आंबेडकर की नजर से मैं इसे पढ़ता हूँ। आज का शूद्र पढ़ा-लिखा है। उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है।”

लंदन में भी PM मोदी के ‘मन की बात’ को सुनने के लिए बड़ी संख्या में जुटे लोग: केंद्रीय मंत्री भी हुए गदगद, कहा – उम्मीद नहीं थी इतनी भीड़ जुटेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100 एपिसोड पूरे हो गए। इस एपिसोड का प्रसारण न केवल भारत बल्कि ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में भी हुआ। इस कार्यक्रम को लेकर लोगों के मन में काफी उत्साह देखने को मिला। ब्रिटेन में ‘मन की बात’ सुनने के बाद लोगों ने कहा है कि पीएम मोदी का जुड़ाव न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों भी से है।

दरअसल, मन की बात के 100वें एपिसोड के लिए खास तैयारियाँ की गईं थीं। इसी कड़ी में लंदन के इंडिया हाउस में इसका प्रसारण किया गया। लंदन में मन की बात सुनने के बाद लेखक अमीश त्रिपाठी का कहना है, “मुझे लगता है कि मन की बात के लिए दर्शकों के उत्साह को देखने लायक था। यहाँ सुबह 6:30 बजे हॉल खचाखच भरा हुआ था। न केवल यहाँ बल्कि पास बर्मिंघम और एडिनबर्ग के वाणिज्य दूतावास में भी इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। मन की बात को लेकर लोग काफी उत्साहित थे। मुझे लगता है कि केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों से भारत के माननीय प्रधानमंत्री का जुड़ाव है।”

वहीं, एक्ट्रेस और गायक रागेश्वरी लूंबा ने कहा है, “मुझे यह बेहद शानदार लगता है। सुबह 4 बजे उठना, तैयार होना और यहाँ आना आनंद देता है। मुझे लगता है कि यह सब न केवल देशवासियों को एक साथ लाता है बल्कि इससे युवाओं को भी प्रेरणा मिलती है।”

इस कार्यक्रम को लेकर ब्रिटेन में नियुक्त भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी ने कहा है, “रविवार की सुबह लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग में मन की बात के 100वें एपिसोड के प्रसारण पर भारतीयों की मेजबानी करने से मुझे बहुत खुशी हो रही है। मुझे लगता है कि यह भारतीय समुदाय के लिए बहुत अच्छा है। घर पर व्यक्तिगत रूप से इसे सुनने के बजाय सामाजिक रूप से इसमें शामिल होना अच्छा है। इस कार्यक्रम को भारतीयों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था। इसलिए यह विशेष कार्यक्रम था।”

मन की बात के 100वें एपिसोड के लंदन में प्रसारण के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने इस कार्यक्रम को लेकर कहा है, “हमें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। मुझे लगता है कि इंग्लैंड के पूरे प्रवासी भारतीय इंडिया हाउस में हैं। यह इस बात का भी संकेत है कि लोगों का पीएम मोदी पर कितना भरोसा है।”

‘काफिर के साथ क्यों आई… &^$ फाड़ देंगे’ : अपने ही मजहब की लड़कियों को परेशान कर रहे इस्लामी कट्टरपंथी, 2 और Video वायरल

हिंदू लड़कों से दोस्ती करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा मुस्लिम लड़कियों को प्रताड़ित करने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में इस्लामी कट्टरपंथी बुर्का या हिजाब पहनी लड़कियों को परेशान करते दिखते हैं और उनके साथ सरेआम बदसलूकी भी करते हैं। इन दो वीडियोज को फैक्ट्स (Facts) नाम के ट्विटर यूजर ने अपने अकॉउंट पर शेयर किया है।

पहली वीडियो अहमदाबाद के जुहापुर की है। इसमें एक शख्स कैमरा लेकर बुर्काधारी लड़की के पास आकर उससे उसका नाम पूछता है, उसके बाद उसके पापा का नाम पूछता है और फिर उस लड़के के बारे में पूछता है जिसके साथ लड़की खड़ी थी। वीडियो में देख सकते हैं कि लड़की एक ही बार में बता देती है कि जो लड़का उसके साथ खड़ा था वो उसका दोस्त था। इस पर कट्टरपंथी उस पर चिल्लाता है और कहता है, “क्या आप वॉट्सएप नहीं चलाते, आपको नहीं पता कि कैसे इतने घपले होते हैं, आप लोग दूसरों के साथ घूमती हो, उन्हें गले लगाती हो।”

लड़की बताती रहती है कि वो लड़का उसका स्कूल का दोस्त है। इस पर लड़का भीड़ इकट्ठा करके इल्जाम लगाता है कि ये लड़की घपले वाले (गैर मजहबी लड़के) को किस कर रही थी। लड़की सवाल करती है कि वीडियो दिखाओ तो वो कहता है- “मैं तुम्हारी इज्जत कर रहा हूँ, लेकिन तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, इससे हिजाब भी खराब होता है और लड़कियों पर भी गलत असर पड़ता है।”

एक औरत इस बीच कहती है- “हट जाओ मैं पकड़ के धो देती हूँ इसे।” वहीं स्कूटर पर बैठा आदमी कहता है- “तुम काफिर के साथ क्यों आती हो।” तभी, वो लड़का जो वीडियो बना रहा होता है वो कहता है, “आपा सीधी बात बताता हूँ, यहाँ बहुत सारे मुसलमान है। अखलाख तुम्हारा बहुत खराब है। इतना सारा हमारे को जुनून आ जाता है कि माँ फाड़ डालें उसकी। मैं झूठ नहीं बोलता मैं काट डालता उसको।”

ऐसी ही एक वीडियो कथिततौर पर मेरठ के गाँधी बाग का है। इस वीडियो में एक हिजाब पहनी लड़की के पीछे पीछे कुछ लड़के चलते हैं और फिर कहते हैं- “देख तेरी वीडियो वायरल होगी।” लड़कों को कहते सुना जा सकता है, “देख लो मुसलमान की लड़की हिंदू के साथ घूम रही।” इस वीडियो में लड़की अपने दोस्त के साथ आगे बढ़ती है पर कट्टरपंथी लगातार उसका पीछा करते रहते हैं।

बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) के छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) में हिजाब पहने लड़की को बीच सड़क पर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने तीन कट्टरपंथी लोगों को पकड़ा था। इन कट्टरपंथियों ने काफी दूर तक मुस्लिम लड़की का पीछा करके उसका मोबाइल छीनकर उसे गालियाँ दी थी। उन्होंने उसके साथ ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह एक हिंदू लड़के के साथ बीबी का मकबरा देखने के लिए गई थी। यह घटना 24 अप्रैल 2023 को बेगमपुरा इलाके की है।