Home Blog Page 1847

अदालत ने यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास BV को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, महिला उत्पीड़न का है मामला: लटक रही गिरफ़्तारी की तलवार

यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV (Srinivas BV) की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। पार्टी की निष्काषित नेता अंगकिता दत्ता के उत्पीड़न मामले में बेंगलुरु की स्थानीय अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। ऐसे में श्रीनिवास BV पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

दरअसल, श्रीनिवास बीवी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बेंगलुरु के अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका पर न्यायधीश केएस ज्योतिश्री ने गुरुवार (27 अप्रैल, 2023) को सुनवाई की थी। इसके बाद, शुक्रवार (28 अप्रैल, 2023) को अदालत ने श्रीनिवासन बीवी की याचिका खारिज कर दी।

उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद कॉन्ग्रेस से निष्कासित की गईं अंगकिता दत्ता के वकील ने कहा है कि श्रीनिवासन बीवी गुवाहाटी हाई कोर्ट भी गए थे। लेकिन अब दावा कर रहे हैं कि वह किसी अन्य कोर्ट नहीं गए। वकील ने यह भी कहा कि श्रीनिवासन प्रभावशाली व्यक्ति हैं। इसलिए, जमानत मिलने पर वह सबूत नष्ट कर सकते हैं। उन पर लगे आरोप गंभीर हैं, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता है।

गुवाहाटी हाई कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत

बता दें कि इससे पहले श्रीनिवास BV ने अपने खिलाफ हुई एफआईआर रद्द करने को लेकर गुवाहाटी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन कोर्ट ने बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को सुनवाई करते हुए कहा था कि पीड़िता के बयान और केस डायरी का अवलोकन किए बिना राहत देना उचित नहीं होगा।

गौरतलब है कि असम युवा काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव पर लैंगिक भेदभाव तथा बदजुबानी का आरोप लगाया था। कहा था कि राहुल गाँधी ने भी उनकी शिकायतों पर गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा। उन्होंने कहा था, “श्रीनिवास पिछले छह महीनों से उन्हें परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं। लैंगिक टिप्पणी करते हैं। अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।”

इसके बाद अंगकिता ने 19 अप्रैल को गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास के खिलाफ आईपीसी की धारा 509/294/341/352/354/354 ए (iv)/506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अंगकिता दत्ता की मानें तो करीब छह महीने से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि स्त्री होने के कारण उनके साथ भेदभाव हुआ। इन आरोपों के बाद असम काॅन्ग्रेस ने पहले अंगकिता को कारण बताओ नोटिस जारी किया, फिर उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। वहीं श्रीनिवास को कर्नाटक के लिए जो स्टार प्रचारकों की सूची जारी की उसमें जगह दी।

‘बीमार पिता की CM वाली कुर्सी हड़पने की साजिश रच रहे थे आदित्य ठाकरे’: महाराष्ट्र की राजनीति में अब नया ‘खुलासा’- इस वजह से बिगड़ गया खेल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उद्धव ठाकरे को लेकर सनसनीखेज मामला सामने आया है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री रहते हुए जब उद्धव ठाकरे अस्पताल में भर्ती थे, तो उनके बेटे आदित्य ठाकरे खुद मुख्यमंत्री बनने की साजिश रच रहे थे। यह आरोप भाजपा विधायक नितेश राणे ने लगाया है।

विधायक नितेश राणे ने शनिवार (29 अप्रैल 2023) को कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार में मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे की गरदन और पीठ की सर्जरी शुरू हुई थी। वे अस्पताल में भर्ती थे। उस वक्त सरकार में मंत्री रहे उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने अपने पिता उद्धव ठाकरे को कुर्सी से हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनने की योजना बना रहे थे।

नितेश राणे का दावा है कि जसलोक अस्पताल के जिस कमरे में यह मीटिंग हुई, इसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि उस समय बताया गया कि उद्धव ठाकरे की तबीयत ठीक नहीं होने वाली है। लेकिन, राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) और कॉन्ग्रेस के विरोध की वजह से वे आगे नहीं बढ़े।

नितेश राणे ने कहा कि इधर पिता अस्पताल में भर्ती थे और उधर आदित्य ठाकरे अपने दोस्त वरुण सरदेसाई के दावोस में मौज मस्ती कर रहे थे। राणे ने कहा कि आदित्य ठाकरे के बारे यह जानकारी सच है या झूठ, इस पर भी उद्धव गुट के संजय राउत को स्पष्ट करना चाहिए। 

संजय राउत पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि संजय राउत को दूसरे पर टीका-टिप्पणी करने के बजाए उन्हें आदित्य ठाकरे की शादी पर लिखना चाहिए। उन्हें लिखना चाहिए आदित्य ठाकरे की शादी कब होगी, किससे होगी। कौन करेगा म्याऊँ-म्याऊँ (आदित्य ठाकरे की आवाज की मीमिक्री करते हुए) से शादी।

बताते चलें कि सामना अखबार के कार्यकारी संपादक संजय राउत रोज भाजपा और भाजपा की समर्थन वाली एकनाथ शिंदे सरकार पर संपादकीय के माध्यम से हमला करते रहते हैं। इसका जवाब देते हुए नितेश राणे ने यह टिप्पणी कर उन पर निशाना साधा।

उधर, नितेश राणे के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे गुट ने कहा कि उनकी पार्टी और नेता नितेश राणे को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसलिए उनकी बातों पर प्रतिक्रिया देने का कोई अर्थ नहीं बनता है।

BYJU’S के मालिक के ठिकानों पर ED का छापा: ₹28000 करोड़ के FDI की मिली जानकारी, एजेंसी ने जब्त किए आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डेटा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म बायजूस (BYJU’S) के मालिक रवींद्रन बायजू के बेंगलुरु स्थित 3 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस छापेमारी में ईडी ने 28000 करोड़ रुपए के एफडीआई का रिकॉर्ड मिला है। ईडी ने यह कार्रवाई शनिवार (29 अप्रैल, 2023) को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रवींद्रन बायजू की कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई समन भेजे थे। लेकिन कंपनी ने इन समन को अनदेखा करते हुए किसी तरह का जवाब नहीं दिया। ऐसे में, ईडी ने रवींद्रन बायजू और उनकी कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में ईडी ने कई डिजिटल डेटा समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी ने समन लोगों द्वारा की गई शिकायतों के बाद जारी किए थे।

छापेमारी में ईडी ने यह भी पाया है कि बायजूस के नाम से ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी ने साल 2011 से 2023 के बीच 28000 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हासिल किया था। यही नहीं, कंपनी ने FDI के नाम पर कई देशों में 9754 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने विज्ञापन और मार्केटिंग खर्च के नाम पर करीब 944 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

वहीं, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 से न तो अपना फाइनेंशियल स्टेटमेंट तैयार किया और न ही बैंक खातों का ऑडिट कराया था।

क्या बोली कंपनी…

ईडी की इस कार्रवाई को लेकर बायजूस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ईडी ने नियमित जाँच के तहत छापेमारी की है। ईडी द्वारा माँगी गई सभी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज कंपनी ने ईडी को दे दिए हैं। अधिकारियों के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है कि उनके पास सभी आवश्यक जानकारी हों। इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

‘बंद करो स्पर्म देना, वरना सजा मिलेगी’ : डच कोर्ट ने 41 साल के स्पर्म डोनर पर लगाया बैन, 550+ बच्चे करके अब रुकना होगा

नीदरलैंड की एक अदालत ने एक स्पर्म डोनर को स्पर्म डोनेट करने से बैन कर दिया है। डोनर की पहचान 41 वर्ष के जोनाथन जैकब मीजर के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि जोनाथन अब तक शुक्राणु दान करते-करते 550 बच्चों का पिता बन चुका है। जबकि नीदरलैंड के नियमों के अनुसार, कोई भी स्पर्म डोनर 12 माताओं को 25 बच्चों के लिए स्पर्म दे सकता है।

पेशे से जोनाथन एक संगीतकार है और केन्या में रहता है। कोर्ट के फैसले के बाद अगर उसने किसी क्लिनिक में अपना सीमन दे रखा होगा तो उसे वह भी नष्ट करने को कहना होगा। अदालत ने कहा कि अगर आरोपित बात नहीं मानता है तो उसके ऊपर 110000 डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि उसने 13 क्लिनिकों पर अपने स्पर्म दिए। इनमें से 11 नीदरलैंड के थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जोनाथन पर आरोप है कि वो स्पर्म डोनेट करने से पहले भावी माता-पिता को बताता नहीं था कि उसने कितने लोगों को अपना स्पर्म दिया। 2018 में उसने ईवा नाम की महिला संग ऐसा किया। जब ईवा को सच्चाई का मालूम हुआ तो उसके लिए यह चिंता विषय बन गया। उसने हेग जिला न्यायालय में याचिका दायर की। ईवा ने दलील दी कि जब उसके बच्चे को पता चलेगा कि उसके 550 भाई बहन हैं तो उसकी मनोस्थिति पर क्या असर पड़ेगा।

ईवा ने कहा कि अगर उसको मालूम होता कि जोनाथन पहले ही 500 से अधिक बार स्पर्म डोनेट करके बाप बन चुका है तो वो उसे डोनेटर के तौर पर कभी नहीं चुनती। इस केस के दौरान जोनाथन के वकील ने दलील दी कि उनका मुअक्किल केवल जरूरतमंद माता-पिता की मदद करना चाहता था।

हालाँकि अदालत ने कहा कि दाता ने माता-पिता को राजी करने के लिए जानबूझकर झूठ बोला गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की माँग पर गौर करके अपना फैसला सुनाया। फैसले के बाद याचिकाकर्ता ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस फैसले से बड़े पैमाने पर स्पर्म डोनेट पर प्रतिबंध लगेगा और दूसरे देशों में भी ऐसा ही होगा।”

‘सारे दस्तावेज कस्टडी में लिए जाएँ, 15 दिन में सौंपिए रिपोर्ट’: LG ने दिए जाँच के आदेश, अरविंद केजरीवाल के घर को चमकाने पर ₹45 करोड़ खर्च करने का मामला

अरविंद केजरीवाल ने अपने बँगले को चमकाने के लिए 45 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। अब दिल्ली के LG विनय कुमार सक्सेना ने इस मामले में जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि इस मामले से जुड़े सारे दस्तावेजों को वो अपने संरक्षण में ले लें और साथ ही सभी तथ्यों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर पेश करें। खबर आई थी कि 2021-22 के दौरान दिल्ली सीएम के बँगले की मरम्मत वाली फाइलें गायब हैं।

अरविंद केजरीवाल के आवास के अलावा नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सिविल लाइंस के 6, फ्लैग स्टाफ रोड में स्थित दफ्तर को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। LG ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले से जुड़े सभी डाक्यूमेंट्स को प्रिवेंटिव कस्टडी में लिए जाने का आदेश दिया है। इन सभी रिकॉर्ड्स की समीक्षा कर के रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अब AAP संयोजक की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

दिल्ली भाजपा ने भी इस मामले में बयान जारी किया है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब मुख्यमंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है, उन्हें जनता को जवाब देना ही होगा। दिल्ली भाजपा के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के AAP सरकार पर निशाना साधा। हाल ही में ये खबर भी आई है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने आवास की साज-सज्जा पर 45 करोड़ रुपए खर्चने के बाद अब उसका विस्तार करने जा रहे हैं। सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित उनका बंगला फिलहाल 4.7 एकड़ में है जिसे 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया गया है।

इस आवास में पर्दे ऐसे लगे जिनकी डिजाइनिंग ही 8 लाख के करीब की है। वहीं जमीन पर वो मार्बल लगे जिनकी कीमत 3 करोड़ थी। एक स्विमिंग पूल बना जो मालदीप होटलों के स्टैंडर्ड पर था। इसी तरह इस आवास में हर चीज सबसे महंगी लगाई गई और देखते-देखते साज-सज्जा में 45 करोड़ खर्च हो गए। ‘टाइम्स नाऊ’ ने इस पर अपनी रिपोर्ट को ‘ऑपरेशन शीश महल’ का नाम दिया था। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सीएम दिल्लीवासियों की परेशानियों को नजरअंदाज करके जनता का पैसा घर पर खर्च रहे हैं।

विधायक हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी को 10 साल की सज़ा: भाई अफजाल को 4 साल की सज़ा, साथ में सांसदी भी जाएगी

उत्तर प्रदेश में माफियाओं पर कानूनी शिकंजा बेहद तेजी से कसता जा रहा है। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई गई। साथ ही उस पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, उसके भाई अफजाल अंसारी पर फैसला आना बाकी है।

दरअसल, मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफजाल अंसारी पर बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप था। यही नहीं, मुख्तार पर कोयला व्यापारी नंदकिशोर रूँगटा का अपहरण और हत्या का आरोप था। इस मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में शनिवार (29 अप्रैल, 2023) को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत सुनवाई करते हुए मुख्तार अंसारी को 10 की सजा सुनाई है।

चूँकि, अफजाल अंसारी बीएसपी सांसद है। ऐसे में, यदि उसे 2 साल से अधिक की सजा होती है तो उसकी सांसदी जाना तय माना जा रहा है। ज्ञात हो कि मुख्तार अंसारी पहले से ही यूपी की जेल में बंद है। वहीं, अफजाल अंसारी जमानत पर बाहर था। लेकिन, सज़ा मिलने के बाद उसे जेल जाना होगा।

जेल में रहेंगे या ऊपर जाएँगे: अलका राय

कोर्ट के इस फैसले पर बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय का बयान सामने आया है। अलका ने कहा कि है वह न्यायपालिका में विश्वास करती हैं। गुंडों, माफियाओं का राज खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब या तो ये जेल में रहेंगे या फिर ऊपर चले जाएँगे।

क्या है मामला

बता दें कि 29 नवंबर, 2005 को मोहम्दाबाद से तत्कालीन भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित कुल 7 लोगों की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। अंसारी ब्रदर्स और उनके गुर्गों ने कृष्णानंद राय समेत अन्य पर 400 राउंड से अधिक फायरिंग की थी। वहीं, जनवरी 1997 में कोयला व्यापारी नंदकिशोर रूंगटा की उनके घर से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी।

मुख्तार का आपराधिक इतिहास

मुख्तार अंसारी सिर्फ यूपी का ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े गैंगस्टर्स में से एक है। उसका आपराधिक नेटवर्क यूपी, बिहार, पंजाब के अलावा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश तक फैला है। उसके खिलाफ देश भर में 61 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 24 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

मुख्तार अंसारी के खिलाफ सन 1988 में गाजीपुर कोतवाली में हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ था। मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर लोकल ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या के मामले में मुख्‍तार का नाम सामने आया था। उस पर भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित 7 लोगों की भी हत्या का आरोप था, लेकिन सीबीआई जाँच के बावजूद मुख्तार बरी हो गया।

कुख्यात मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्या के 18 मामले दर्ज हैं, जबकि हत्या के प्रयास के 10 मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार पर आतंकियों पर लगने वाले टाडा (TADA) और मकोका (MCOCA) से लेकर गैंगस्टर ऐक्ट, एनएसए और आर्म्स ऐक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं।

राजनीति और यूपी सरकार की कार्रवाई

इस बीच वह पाँच बार विधायक भी रहा। वह CPI और बसपा में रहा। अंतिम तीन चुनाव उसने जेल में रहते हुए जीता। इसके बाद उसने अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे अब्बास को सौंप दिया है। मुख्तार का भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से बसपा का सांसद है। वहीं, अब्बास सुभासपा पार्टी से मऊ का विधायक है।

इस बीच यूपी सरकार मुख्तार, उसकी बीवी और बेटे सहित अन्य करीबियों की लगभग 448 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसके अलावा, 127 करोड़ रुपए की बेनामियों संपत्तियों का पता लगाया गया है, जिसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्तार के 83 लाइसेंस को भी सरकार ने रद्द किया है।

जिस पर महिलाओं के छेड़छाड़ का आरोप, उस PA को लेकर पहलवानों का समर्थन करने पहुँचीं प्रियंका गाँधी: बबीता फोगट ने तस्वीर शेयर कर साधा निशाना

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (WFI President Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ हरियाणा की महिला पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही हैं। उनका समर्थन करने कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी अपने PA संदीप सिंह के साथ धरनास्थल पर पहुँची। इसको लेकर बबीता फोगाट ने उन पर तंज कसा है।

बबीता फोगाट ने ABP न्यूज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, “प्रियंका वाड्रा अपने निजी सचिव संदीप सिंह को लेकर जंतर मंतर महिला पहलवानों को न्याय दिलाने पहुँची हैं, लेकिन इस व्यक्ति पर ख़ुद महिलाओं से छेड़छाड़ और एक दलित महिला को दो कौड़ी की औरत कहने जैसे तमाम आरोप लगे हैं।”

बता दें कि इस साल फरवरी में बिग बॉस 16 से मशहूर हुईं अर्चना गौतम ने प्रियंका गाँधी के PA संदीप सिंह के खिलाफ गंभीर इल्जाम लगाए थे। उन्होंने फेसबुक पर लाइव आकर कहा था कि संदीप ने उन्हें ‘दो कौड़ी की औरत’ कहा है।अर्चना ने कहा था कि रायपुर सत्र के दौरान संदीप ने उनको धमकी देते हुए जेल में डालने को कहा था।

बाद में अर्चना गौतम ने संदीप के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। बता दें कि कॉन्ग्रेस ने हस्तिनापुर से अपना प्रत्याशी उतारा था। हालाँकि, बिकिनी गर्ल नाम से फेमस अर्चना गौतम को बहुत कम वोट मिले थे। उन्हें सिर्फ 1519 वोटों से ही संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा, बिग बॉस में भी वो अपने लड़ाकू व्यवहार के कारण ही चर्चा में रही थीं।

इतना ही नहीं, पिछले साल जनवरी में प्रियंका गाँधी के कैम्पेन ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ की पोस्टर गर्ल प्रियंका मौर्या ने भी संदीप पर टिकट के बदले घूस माँगने का आरोप लगाया था। दरअसल, प्रियंका मौर्या ने यूपी विधानसभा चुनावों में सरोजनीनगर से टिकट की माँग की थी। हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने वहाँ से रुद्रदमन सिंह का नाम फाइनल कर दिया गया। इसी के बाद प्रियंका ने यह आरोप लगाया।

कॉन्ग्रेस के निष्कासित नेता कोणार्क दीक्षित की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रियंका गाँधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह, अनीस अख्तर, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद तारिक समेत 100-150 अन्य के खिलाफ 30 जून 2021 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने इन लोगों पर हमले का आरोप लगाया था।

‘न्यूए निचोड़ देंगे मोदी, कभी कोई वहम हो’: बजरंग पूनिया की बीवी की इंस्टाग्राम स्टोरी, ‘जाट’ लिख कर प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। ये विरोध प्रदर्शन WFI (भारतीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ है। 6 बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आबाद दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है। इसी बीच पहलवानों का आंदोलन पूरी तरह राजनीतिक हो गया है और अब वहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें हो रही हैं।

इसका कारण है, शुक्रवार (28 अप्रैल, 2023) को बजरंग पूनिया की पत्नी संगीता फोगट द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर की गई एक स्टोरी। संगीता फोगट, पहलवानी की दुनिया में बड़े कोच के रूप में पहचाने जाने वाले महावीर सिंह फोगट की बेटी हैं। गीता, बबीता और ऋतु उनकी बहनें हैं। वहीं बजरंग पूनिया जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा बने हुए हैं। उनके अलावा साक्षी मलिक और विनेश फोगट को भी वहाँ सक्रिय देखा जा सकता है।

संगीता फोगट ने जो इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की, उसमें उनके पति बजरंग पूनिया को एक कपड़ा निचोड़ते हुए देखा जा सकता है। साथ ही कैप्शन में लिखा है, “न्यूए निचोड़ देने मोदी, कभी कोई वहम हो।” ये पोस्ट इंस्टाग्राम पर ‘जाट रेजिमेंट’ नाम के एक पेज ने शेयर किया। साथ ही इसमें बड़े-बड़े अक्षरों में ‘जाट’ भी लिखा हुआ है। ‘I stand with Wrestlers’ और ‘I stand with my champions’ का कैप्शन भी लगाया गया है।

इस इंस्टाग्राम स्टोरी को देखने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि ये विरोध प्रदर्शन आखिर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ है या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के? किसी खास जाति का नाम लेकर पीएम मोदी के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना कहाँ तक उचित है? जिस तरह ‘किसान आंदोलन’ के दौरान जातिवादी भावनाएँ भड़काने की कोशिशें हुई थीं, उसी तरह पहलवानों का आंदोलन में भी किया जा रहा है। प्रियंका गाँधी और पप्पू यादव जैसे मौकापरस्त नेता वहाँ पहुँच ही चुके हैं।

‘कॉन्ग्रेस ने मुझे 91 बार दीं अलग-अलग गालियाँ’ : कर्नाटक की बीदर रैली में गरजे PM मोदी, जनता से बोले- आप आशीर्वाद दो, सारी गालियाँ मिट्टी में मिल जाएँगी

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में तमाम पार्टियाँ ताबड़तोड़ रैलियाँ कर रहीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी कर्नाटक दौरे पर हैं। यहाँ उन्होंने बीदर के हुमनाबाद में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें 91 बार गालियाँ दी हैं। पीएम ने यह भी कहा है कि कॉन्ग्रेस ने गालियाँ देने में वीर सावरकर और बाबा साहेब जैसे महापुरुषों को भी नहीं छोड़ा।

दरअसल, भाजपा कर्नाटक की सत्ता में एक बार फिर वापसी करना चाहती है। ऐसे में, पीएम मोदी ने मोर्चा संभालते हुए विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार (29 अप्रैल 2023) को बीदर में रैली की। इस दौरान उन्होंने कहा है, “यह मेरा सौभाग्य है कि इस विधानसभा चुनाव में मेरी शुरुआत बीदर से हो रही है। बीदर का आशीर्वाद मुझे तब भी मिला था जब मैं पीएम पद का उम्मीदवार बना था। आज इतनी बड़ी संख्या में यहाँ आकर आपने पूरे देश को संदेश दे दिया है कि इस बार भी भाजपा सरकार बनने जा रही है। यह चुनाव कर्नाटक को देश में नंबर-1 राज्य बनाने का चुनाव है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा है, “कॉन्ग्रेस हर उस व्यक्ति से नफरत करती है जो सामान्य मानव की बात करता है और उनके भ्रष्टाचार को सामने लाता है। इस चुनाव में भी कॉन्ग्रेस ने फिर से मुझे गालियाँ देने का काम शुरू कर दिया है। कॉन्ग्रेस के लोगों ने मुझे अब तक 91 बार अलग अलग गालियाँ दी हैं। इन गालियों के शब्दकोष में टाइम खराब करने की बजाए अगर कॉन्ग्रेस ने इतनी मेहनत गुड गवर्नेंस में की होती तो इनकी इतनी दयनीय स्थिति नहीं होती।”

पीएम मोदी ने आगे कहा है कि वह अकेले नहीं है जिस पर इस तरह के हमले किए गए। इन लोगों ने पहले चौकीदार चोर चलाया फिर मोदी चोर चलाया। फिर पूरा ओबीसी समाज चोर चलाया। कर्नाटक चुनाव की शुरुआत में इन लोगों ने लिंगायत समुदाय के लोगों भी चोर कहने की हिम्मत की है। कॉन्ग्रेस के लोग कान खोलकर सुन लें इन्होंने जब भी जिसको भी गालियाँ दी हैं। इनको ऐसी सजा मिली है कि दोबारा खड़े नहीं हो पाए। इस चुनाव में भी इन्हें गालियों का जवाब वोट से मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा है कि कॉन्ग्रेस ने संविधान निर्माता बाबा साहेब को भी गालियाँ दी थी। इन लोगों ने बाबा साहेब को राक्षस, राष्ट्रद्रोही, दगाबाज जैसी गालियाँ दी थीं। कॉन्ग्रेस ने लगातार बाबा साहेब का अपमान किया है। कॉन्ग्रेस ने वीर सावरकर जैसे वीर सपूतों और देश के कई महापुरुषों का अपमान किया है। पीएम ने यह भी कहा है कि वह कॉन्ग्रेस की गालियों को तोहफे की तरह देखते हैं। वह दिन-रात इतना काम करेंगे कि जनता के आशीर्वाद से सारी गालियाँ मिट्टी में मिल जाएँगी।

कॉन्ग्रेस चीफ खड़गे ने पीएम को बताया था जहरीला साँप…

बता दें कि पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान देने का कॉन्ग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को जहरीला साँप बता दिया था। उन्होंने कहा था, “मोदी जहरीले साँप की तरह हैं। आप इसे जहर समझें या न समझें लेकिन अगर आप इसे चखेंगे तो मर जाएँगे आप सोच सकते हैं कि क्या यह सही में जहर है? मोदी एक अच्छे इंसान हैं, उन्होंने जो दिया है, उसे हम देखेंगे। आप जैसे ही इसे चाटेंगे, तो पूरी तरह से सो जाएँगे।”

इससे पहले, 2007 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने साल पीएम मोदी को मौत का सौदागर कहा था। साल 2017 में कॉन्ग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए ‘नीच इंसान’ शब्द का उपयोग किया था। यह तो सिर्फ कुछ उदाहरण हैं। वास्तव में, कॉन्ग्रेस नेताओं ने लगभग हर साल और प्रत्येक चुनाव से पहले पीएम मोदी को ‘गालियाँ’ देने की कोशिश की है। हालाँकि गालियों से हर बार भाजपा को ही फायदा होता नजर आया है।

दिल्ली मेट्रो में बैठकर हस्तमैथुन करने वाले शख्स पर केस दर्ज: Video वायरल होने के बाद DCW सख्त, पुलिस ने की कार्रवाई

दिल्ली मेट्रो में बैठकर हस्तमैथुन करने वाले युवक के विरुद्ध दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा था, “एक वीडियो देखी है जिसमें एक आदमी बेशर्म होकर मेट्रो ट्रेन में मास्टरबेट कर रहा है। ये बहुत घिनौना है। मैं दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो को नोटिस जारी करती हूँ कि इस आदमी के किलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।”

मालीवाल ने कहा कि ऐसे मामले दिल्ली मेट्रो से दिन पर दिन आ रहे हैं। ऐसे में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष के नोटिस के बाद पता चला कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कि स्वत: संज्ञान लिया है और ये केस आईपीसी की धारा 294 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जाँच जारी है।

बता दें कि गुरुवार को दिल्ली मेट्रो की यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें एक शख्स को मेट्रो सीट पर बैठकर खुले हस्तमैथुन करते देखा गया था। वीडियो में ये भी पता चल रहा था कि घटना दिल्ली कैंट के आसपास की है। इस वीडियो को किसी सामने बैठे व्यक्ति ने बनाया है। वहीं साइड में बैठी महिला आदमी को देख घिन खा रही है।

इस वीडियो के बाद डीएमआरसी ने आश्वासन दिया था कि वह फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती को मेट्रो में बढ़ाएँगे। डीएमआरसी ने मेट्रो में यात्रा करने वालों से भी अपील की है कि मेट्रो में यात्रा करते वक्त अगर उन्हें कोई आपत्तिजनक बर्ताव नजर आता है तो तुरंत डीएमआरसी हेल्पलाइन को बताएँ और कॉरिडोर, स्टेशन, समय की जानकारी भी दें। ताकि जरूरी कार्रवाई की जा सके।