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अब ‘त्रिकोण’ स्टाइल में होगा दिल्ली CM का आवास, पास के 2 बंगले और 8 फ्लैट भी समेटे: साज-सज्जा पर पहले ही ₹45 करोड़ लगा चुके हैं केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने आवास की साज-सज्जा पर 45 करोड़ रुपए खर्चने के बाद अब उसका विस्तार करने जा रहे हैं। सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित उनका बंगला फिलहाल 4.7 एकड़ में है जिसे 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया गया है।

ऐसा करने के लिए कुछ सरकारी अधिकारियों (जैसे आईएएस अधिकारियों और जजों) को घर खाली करने का नोटिस दिया गया था। ये घर 2.6 एकड़ जमीन पर बने हैं। रिपोर्ट बताती हैं कि सरकार ने मुख्यमंत्री आवास को बड़ा करने के लिए उसके पास बने 2 बंगले और 8 फ्लैट को छेका है। अब इसे सीएम के बंगले के साथ जोड़ा जाएगा।

कथिततौर पर ऐसा करने का फैसला 28 जुलाई 2021 को लिया गया था। इसके फौरन बाद अगस्त 2021 में 2 बंगलों और 8 फ्लैट्स को नोटिस भेज इसे खाली करा दिया गया। ये दोनों बंगले फ्लैगस्टॉफ रोड पर ही हैं जबकि फ्लैट राजपुर रोड पर आते हैं।

यहाँ रहने वाले केएश शेहरावत, विनोद कुमार, रमेश कुमार अब खेल गाँव में और आईएएस नेहा बंसल कोर्ट लेन में शिफ्ट हो गए हैं। वहीं गुरदीप सिंह और चारू अग्रवाल राजपुर रोड पर ही अलग फ्लैट में है। 8 फ्लैटों के अलावा 2 बंगलों (8-ए, 8-बी) को भी खाली कराया गया है। इस परिवर्तन के बाद सीएम का आवास एक त्रिकोण आकार में हो जाएगा।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम आवास को विस्तार देने का काम शुरू हो गया है। योजना के अनुसार, विशाल आवासीय परिसर फ्लैगस्टाफ रोड, राजपुर रोड और दो सड़कों को जोड़ने वाली एक लेन से घिरे त्रिकोणीय भूखंड पर आएगा। इसमें बैडमिंटन कोर्ट से लेकर स्विमिंग पूल और गार्डन भी होगा।

याद दिला दें कि अभी हाल ही में यह खुलासा हुआ था कि दिल्ली मुख्यमंत्री ने अपने आवास को सजाने में 45 करोड़ रुपए खर्च किए। इस आवास में पर्दे ऐसे लगे जिनकी डिजाइनिंग ही 8 लाख के करीब की है। वहीं जमीन पर वो मार्बल लगे जिनकी कीमत 3 करोड़ थी। एक स्विमिंग पूल बना जो मालदीप होटलों के स्टैंडर्ड पर था।

इसी तरह इस आवास में हर चीज सबसे महंगी लगाई गई और देखते-देखते साज-सज्जा में 45 करोड़ खर्च हो गए। टाइम्स नाऊ ने इस पर अपनी रिपोर्ट को ‘ऑपरेशन शीश महल’ का नाम दिया था। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सीएम दिल्लीवासियों की परेशानियों को नजरअंदाज करके जनता का पैसा घर पर खर्च रहे हैं।

इस पर आप नेता राघव चड्ढा का बयान आया था। उन्होंने कहा था अरविंद केजरीवाल आंदोलन से निकले नेता हैं और कोई फकीर नहीं है। उन्होंने बंगले पर 45 करोड़ खर्च के पीछे सफाई देते हुए कहा था कि उनका बँगला 1942 का बना है, वहाँ छत से पानी टपकती थी और बुजुर्गों को परेशानी होती थी। चड्ढा ने सीएम हाउस को सरकारी बँगलाो बताते हुए पीएम आवास के बारे में बात करने की सलाह दी।

कौन है शबनम जिसको लेकर अतीक और शाइस्ता में होते थे झगड़े, रिपोर्ट में बताया- परिवार के विरोध के बाद भी माफिया ने नहीं खत्म किए थे रिश्ते

माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmad) मर कर दफन हो गया। उसकी बीवी शाइस्ता परवीन (Shaista Parveen) फरार है। लेकिन मीडिया में रोज कुछ न कुछ थ्योरी आ रही है। इनमें से कुछ इनके आपराधिक साम्राज्य से जुड़े रहते हैं तो कुछ इनकी निजी जिंदगी से। अब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि अतीक का एक ऐसी महिला से मिलना-जुलना था, जिसे शाइस्ता पसंद नहीं करती थी। यह भी कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस को इस महिला की भी तलाश है।

निजी जीवन से जुड़ी इन थ्योरी को इसलिए भी बल मिल रहा है, क्योंकि शौहर अतीक अहमद की हत्या और बेटे असद के एनकाउंटर के बाद भी शाइस्ता सामने नहीं आई थी। एनबीटी की रिपोर्ट में शाइस्ता और अतीक के रिश्तों में खटास लाने वाली इस महिला का नाम शबनम बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अतीक के जीवन में इस महिला के आने के बाद से शाइस्ता परेशान थी। इसको लेकर मियाँ-बीवी के बीच झगड़े भी होने लगे थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस महिला के परिवार की कभी अतीक ने काफी मदद की थी। उसके घर भी आना-जाना था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात होती थी जो बाद में करीबी में बदल गई। यहाँ तक कि यह महिला जेल में भी अतीक से मिलने जाती थी। शाइस्ता के मना करने के बाद भी अतीक अहमद ने इस महिला से मिलना बंद नहीं किया था। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस महिला के पास भी अतीक के बारे में काफी जानकारी होने की संभावना है। लिहाजा पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उमेश पाल की हत्या से पहले यह महिला अहमदाबाद के साबरमती जेल में अतीक से मिली थी। उमेश पाल की हत्या के बाद जब जेल के सीसीटीवी फुटेज की जाँच हुई तो इस महिला के बारे में पता चला। अतीक फोन पर भी इससे बात करता था। वैसे यह स्पष्ट नहीं है कि उमेश पाल की हत्या में इस महिला की कोई भूमिका थी या नहीं। लेकिन अतीक की हत्या के बाद इस महिला के भी अंडरग्रांउड हो जाने की बात कही जा रही है। आज तक की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि परिवार के विरोध के बाद भी अतीक ने इस महिला से न तो मिलना और न बात करना बंद किया था। अब पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।

गौरतलब है कि उमेश पाल की हत्या प्रयागराज में इसी साल 24 फरवरी को की थी। इसी मामले में शाइस्ता की तलाश है। उमेश पाल पर हमला करते हुए अतीक का बेटा असद भी कैमरे में दिखा था। उसे पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बाद 15 अप्रैल को प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल में शूटरों ने अतीक और उसके भाई अशरफ को ढेर कर दिया था।

पालघर हत्याकांड की जाँच अब CBI के हवाले, SC से मिली हरी झंडी: 3 साल पहले दो साधुओं और उनके ड्राइवर की कर दी गई थी मॉब लिंचिंग

महाराष्ट्र के पालघर में हुई दो साधुओं और एक उनके ड्राइवर को की हत्या की जाँच अब सीबीआई करेगी। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। इससे पहले तत्कालीन उद्धव ठाकरे की सरकार ने मामले की सीबीआई जाँच कराने से इनकार कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पालघर हत्या के मामले में शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो मामले की जाँच सीबीआई से करा सकती है।

इस पर महाराष्ट्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसने पालघर हिंसा की जाँच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने फैसला ले लिया है तो इस पर कोर्ट की ओर से किसी भी प्रकार के निर्देश की आवश्यकता नहीं है।

बता दें कि इससे पहले 11 अक्टूबर 2022 को हुई सुनवाई में भी महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह पालघर हिंसा मामले की जाँच सीबीआई से कराने को तैयार है। इससे सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।

उद्धव सरकार ने CBI जाँच का किया था विरोध…

इससे पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जाँच का विरोध किया था। उद्धव ठाकरे सरकार की ओर से यह दलील दी गई थी कि महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही, जिन पुलिसकर्मियों ने इसकी जाँच में लापरवाही की थी, उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा चुका है।

क्या है मामला…

16 अप्रैल 2020 में कल्पवृक्ष गिरि और सुशील गिरि नाम के दो साधुओं और उनके ड्राइवर को पालघर में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। जब यह घटना हुई थी, तब दोनों साधु मुंबई से सूरत की यात्रा कर रहे थे। इस दौरान 200 से अधिक लोगों की भीड़ ने उन्हें रोक लिया था और पथराव करने के बाद उनकी कार को उलट दिया था। भीड़ ने साधुओं की इतनी पिटाई की कि उन्होंने दम तोड़ दिया था।

इस घटना के बाद जून 2020 में पंच दशाबन जूना अखाड़े के साधुओं और दो मृतक साधुओं के रिश्तेदारों ने मामले की जाँच कर रहे राज्य के अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट से एनआईए/सीबीआई जाँच की माँग की थी।

मौत का सौदागर से लेकर जहरीला साँप तक, अमित शाह ने कर्नाटक को याद दिलाया PM मोदी का अपमान: कहा- कॉन्ग्रेस की मति मारी गई है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जहरीला साँप’ बताने पर काॅन्ग्रेस घिरती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के नवलगुंड में शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को काॅन्ग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री के किए गए अपमान याद दिलाए। उन्होंने मौत का सौदागर से लेकर जहरीला साँप तक काॅन्ग्रेस नेताओं के बयान का जिक्र किया।

काॅन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री को जहरीला साँप बताया था। इसका जवाब देते हुए शाह ने कहा कि पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की सराहना और सम्मान करती है। लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी उनका अपमान करते रहते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने हमारे पीएम को ‘जहरीला साँप’ कहा और सोनिया गाँधी उन्हें मौत का सौदागर कहती हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “विगत 9 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में देश का सम्मान बढ़ाया। भारत को समृद्ध करने का काम किया। देश के इंफ्रास्टक्चर को मजबूत बनाया। देश की सीमाओं को सुरक्षित किया। वे दुनिया में जहाँ-जहाँ जाते हैं, जनता मोदी-मोदी के नारे लगाकर उनका स्वागत करती है। पूरी दुनिया जिस प्रधानमंत्री का सम्मान करती है। ये कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष खड़गे उन्हें ‘जहरीला साँप’ जैसे कहते हैं।”

शाह ने कहा, “मैं यहाँ आपसे पूछने आया हूँ कि मोदी जी कि तुलना साँप से करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी को आप चुनाव में जीता सकते हैं क्या? बताइए। कॉन्ग्रेस पार्टी हमारे खिलाफ नारे लगाती है। सोनिया गाँधी उन्हें मौत का सौदागर कहती हैं। प्रियंका गाँधी नीची जाति के लोग कहती हैं और ये खड़गे कहते हैं ‘विषैला साँप’। अरे, कॉन्ग्रेस वालों आपकी मति मारी गई है। मोदी जी को जितना गाली दोगे, कमल उतने ही अच्छे से खिलकर बाहर आने वाला है। आप मोदी जी को गाली देकर, कर्नाटक की जनता को नहीं बहका सकते हैं। मोदी जी को गाली देने से कॉन्ग्रेस का भला नहीं होने वाला। धूल आपके चेहरे पर जमी है, आइना साफ करने से कुछ नहीं होगा।”

गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कलबुर्गी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “पीएम मोदी ‘जहरीले साँप’ की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। यदि आप इसे चाटते हैं, तो आप मर मर जाएँगे।” इस बयान पर विवाद होने के बाद खड़गे ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री को जहरीला साँप नहीं कहा था। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है। वोटों की गिनती 13 मई को होगी।

सूर्य की सतह पर विस्फोट से धरती पर मंडराया ब्लैकआउट का खतरा: अरबों टन प्लाज्मा निकला, 24 घंटे अस्थिर रहेगा पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र

इस सप्ताह सूर्य की सतह पर एक बड़े विस्फोट से अरबों टन प्लाज्मा निकला, जो आज यानी शुक्रवार के दिन पृथ्वी को प्रभावित कर सकता है। विस्फोट, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के रूप में जाना जाता है, उसने सूर्य के दक्षिण-पश्चिम चतुर्भुज से प्लाज्मा निकाला है। यह इसे शक्तिशाली सौर हवाओं की मदद से पृथ्वी की ओर धकेल रहा है।

वैज्ञानिकों द्वारा की गई भविष्यवाणियों के अनुसार, पार्टिकल्स में पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों को बाधित करने की 50 प्रतिशत और ब्लैकआउट करने की 10 प्रतिशत संभावना होती है। स्ट्रीम में पॉवरफुल रेडिशन होता है, जो पृथ्वी की टेक्नालॉजी को बाधित कर सकता है।

भू-चुंबकीय तूफान

सौर हवाओं के कारण G1 भू-चुंबकीय तूफान बनने का भी अनुमान है, जो अंतरिक्ष में परिक्रमा करने वाले उपग्रहों को प्रभावित कर सकता है। कोरोनल मास इजेक्शन में सूर्य की सतह से अरबों टन कोरोना मटेरियल छोड़ने की क्षमता है। प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र पदार्थ बनाते हैं। इस तरह के विस्फोटों में अंतरिक्ष मौसम को बाधित करने की क्षमता भी होती है। यह अंतरिक्ष में जाने वालों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

यूरोपीय स्पेस एजेंसी की सौर और हेलिओस्फेरिक वेधशाला, जो सूर्य का अध्ययन करती है, ने इसे कैप्चर किया है। कहा जा रहा है कि सीएमई कण केवल संयोग से पृथ्वी से टकरा रहे हैं, क्योंकि स्ट्रीम हमारे ग्रह के सामने एक कोरोनल छेद से निकली थी।

नेशनल ओशनिक एंड एटमोस्फेयरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) ने भविष्यवाणी की है कि इसकी वजह से शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) शाम 6 बजे पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। EarthSky के अनुसार, गुरुवार से पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र ‘अस्थिर’ हो गया है और अगले 24 घंटों तक ऐसा ही रहेगा, क्योंकि तेज गति वाली सौर हवाएँ कोरोनल होल से गुजरती हैं। सूर्य की सतह पर तीन कोरोनल छिद्रों का पता चला है। वहीं, इस समय सूर्य पर AR3275, AR3279, AR3276, AR3277, AR3272, AR3273 और AR3278 नामक कुल 7 सनस्पॉट सक्रिय हैं।

सौर तूफान से हो सकता है बड़ा नुकसान

सौर तूफान को वैज्ञानिकों ने G1 से लेकर G5 तक कुल 5 श्रेणियों में बाँटा है। G1-श्रेणी का सौर तूफान काफी हल्का होता है। इससे नुकसान की संभावना बेहद कम होती है, जबकि G5-श्रेणी का सौर तूफान काफी शक्तिशाली होता है। सौर तूफान सैटेलाइटों को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसकी वजह से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएँ भी बाधित हो सकती हैं। अत्यधिक शक्तिशाली होने पर ये पावर ग्रिड और पृथ्वी आधारित संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं।

अंसारी यूनिवर्सिटी बनाने के लिए मुख्तार अंसारी ने मंदिर की करोड़ों रुपए की जमीन पर किया कब्जा: अधिकारी खाली कराने से डरते हैं, ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में बाहुबलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के करीबी की आनंद यादव की 50 लाख रुपए की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी हुआ है। वहीं, उसके शूटर अंगद राय को बिहार के भभुआ से गाजीपुर लाने की तैयारी कर ली गई है। पिछले दिनों शराब के साथ उसे बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। 

मुख्तार अपने परिवार के की सदस्यों के साथ जेल में बंद है। उसकी पत्नी आफसां अंसारी फरार है। अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन की तरह आफसां पर भी पुलिस ने 50 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर रखा है। इसकी धर-पकड़ के लिए पुलिस जगह-जगह तलाशी अभियान भी चला रही है, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। वहीं, अंगद राय पर शिंकजा कस रहा है।

एक वक्त था कि मुख्तार के डर से आम जनता तो क्या नेता और अधिकारी भी नहीं बोलते थे। उसके गृह जनपद मऊ से लेकर पूर्वांचल में वही होता था, जो वो चाहता था। ऑपइंडिया से बात करते हुए इसके बारे में मऊ के डीएसपी धनंजय मिश्रा का कहना है कि एक समुदाय का नेता होने के अलावा उसमें और कोई मेरिट नहीं है। उस पर 5 दर्जन केस दर्ज हैं।

मुख्तार अंसारी इतना कॉन्फिडेंट हो गया था, उसे हिंदू धर्मस्थलों की जमीन पर कब्जा करते हुए भी किसी तरह का डर नहीं लगता था। उसने मऊ मेें सदर तहसील के अंतर्गत दक्षिण टोला में हिंदुओं के 125 साल पुराने धर्मस्थल की 4.60 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल गाँधी ने साल 2016 में थाने में शिकायत दी थी।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी में कहा गया है कि मुख्तार ने राजस्व कर्मचारियों से गठजोड़ करके जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया और अपने से बैनामा कराकर जमीन पर कब्जा कर लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बैनामा कराने के साथ ही उसने अपराधियों को इलाके में इकट्ठा किया और जेसीबी मशीन लगाकर भगवान की जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।

हालाँकि, तब भी छोटेलाल गाँधी ने मुख्तार अंसारी के विरोध में खड़े हुए थे और उस लड़ाई को आज भी लड़ रहे हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए गाँधी ने कहा, “तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी ने सन 2016 में 50 हजार लोगों के साथ में अंसारी यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी। इससे सटे ठाकुर जी (भगवान की) की लगभग 15 करोड़ रुपए की जमीन को पर भी वह कब्जा करने लगा।”

गाँधी आगे कहते हैं, “इसकी जानकारी मुझे मिली तो मैंने सारे अधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मई 2016 में मैंने सात दिन तक लगातार धरना दिया। इसके बाद जिलाधिकारी को बात पता चला तो वो अन्य अधिकारियों को लेकर आए कहा कि सात दिन में सारी जमीन वापस ठाकुर जी के नाम कर दी जाएगी।”

मुख्तार पर राजनीतिक सरपरस्ती की घटना को याद करते हुए गाँधी आगे कहते हैं, “उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और मुख्तार सपा का विधायक था। किसी डीएम या अधिकारी की औकात नहीं थी कि वह मुख्तार अंसारी के खिलाफ जाँच करा दे। जाँच नहीं हुई। साल 2019 में मुख्तार का खास गुर्गा गणेश दत्त मिश्रा ने फर्जी तरीके से जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया।”

गाँधी बताते हैं कि गणेश दत्त मिश्रा मुख्तार के सहयोग से बड़ी-बड़ी जमीनों पर कब्जा करता था और उसकी प्लॉटिंग करके बेचता था। उसने भी साल 2019 में ठाकुर जी की जमीन को राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर अपने नाम करा लिया और फिर उसकी प्लॉटिंग करके बेचने लगा। गाँधी कहते हैं कि जैसे ही इसकी जानकारी उन्हें मिली, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना डीएम को दी। इसके बाद मिश्रा सहित 60 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

छोटेलाल गाँधी ने आगे बताया, “SDM निरंकार सिंह ने दो महीने के भीतर उस जमीन पर से सारे लोगों के नाम निरस्त करके उस जमीन को ठाकुर जी के नाम कर दी और उसका प्रबंधक मऊ कलेक्टेरियट को बना दिए। मुख्तार के आदमी अभी भी बहुत हैं मऊ में। बेदखली के बाद भी उस जमीन को आजतक खाली नहीं की गई है।” उन्होंने कहा कि अभी अधिकारी मुख्तार से डरते हैं कि कहीं सरकार बदल गई तो मुश्किल हो जाएगी।

छोटेलाल गाँधी ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और मुख्तार अंसारी की लगभग 8 अरब रुपए की संपत्ति पर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था। ये पूछे जाने पर कि जब अधिकारी मुख्तार से डरते हैं तो आपको डर नहीं लगता, इस पर छोटेलाल कहते हैं कि वे यह काम मरने के लिए ही करते हैं। उन्हें मुख्तार-उख्तार से कोई डर नहीं है।

भगवा कुर्ता देख भड़के कॉन्ग्रेसी: अपने ही नेता की कर दी पिटाई, फाड़ डाले कपड़े; बोले पीड़ित- पहले भाजपाई बताया फिर लाठी-डंडों से पीटा

उत्तर प्रदेश के अमेठी में भगवा कुर्ता पहनकर पार्टी बैठक में जाना एक कॉन्ग्रेस नेता को भारी पड़ गया। ये नेता हैं, युवा कॉन्ग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला। उनका कहना है कि भगवा कुर्ता पहनने के कारण पहले तो कॉन्ग्रेस जिला अध्यक्ष समेत अन्य पार्टी नेताओं ने उन्हें भाजपाई बताया और फिर उनकी पिटाई कर दी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस से भी शिकायत की है।

दरअसल, निकाय चुनावों को लेकर कॉन्ग्रेस कार्यालय में गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में शुक्ला भगवा कुर्ता पहनकर पहुँच गए। कथित तौर पर कॉन्ग्रेस के अन्य नेताओं को उनका भगवा कुर्ता पहनना नागवार गुजरा। शुरुआती कहासुनी के बाद मामला मारपीट में बदल गया। आरोप है कि कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने मिलकर अखिलेश शुक्ला के साथ मारपीट की।

शुक्ला का कहना है कि बैठक समाप्त होने के बाद उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि बैठक के बाद जब वे जा रहे थे तभी भगवा कुर्ता के कारण कॉन्ग्रेस के एक नेता ने उन्हें भाजपाई बोल दिया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बिगड़ी गई कि कॉन्ग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कथित तौर पर उन्हें झापड़ मार दिया।

प्रदीप सिंघल के झापड़ मारने के बाद वहाँ मौजूद युवक कॉन्ग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह, समीर, बृजेंद्र सिंह लोहा व अन्य लोगों ने भी शुक्ला के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि शुक्ला को लोहे की रॉड से भी पीटा है। इस मारपीट में उनके कपड़े फट गए और जेब में रखे 23400 रुपए भी गायब हो गए।

हालाँकि यूथ कॉन्ग्रेस के जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने शुक्ला के आरोपों को निराधार बताया है। कहा है कि अखिलेश शुक्ला ने ही गालियाँ देते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की थी। भगवा कुर्ता को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। वहीं, अखिलेश शुक्ला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कॉन्ग्रेस जिला अध्यक्ष समेत आधा दर्जन नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

इस्लामी आतंकियों ने एक हफ्ते में मारे 134 ईसाई, पादरी को घर में घुसकर मार डाला: नाइजीरिया में इस साल 1000 ईसाइयों की हो चुकी है हत्या

अफ्रीका के नाइजीरिया में इस्लामी आतंकियों का कहर जारी है। रिपोर्ट का दावा है कि वहाँ 2023 के शुरुआती महीने से लेकर अब तक 1000 से ज्यादा ईसाई मारे जा चुके हैं। सिर्फ एक हफ्ते में वहाँ 134 ईसाइयों को मौत के घाट उतारा गया है। हालिया मामला एक पादरी की हत्या से जुड़ा है।

पादरी की पहचान याकूबू शुएबू (Yakubu Shuaibu) के तौर पर हुई है। वो नाइजीरिया के ब्रेथ्रेन चर्च में काम करते थे। पश्चिमी प्रांत के इस्लामी स्टेट के आतंकियों ने उन्हें नाइजीरिया के उत्तर पूर्वी राज्य बोर्नो में 4 अप्रैल को उनके घर मडलाऊ में मारा। ये जानकारी नाइजीरिया के नेता सलामतू बिल्ली ने दी।

उन्होंने बताया कि इस दौरान आतंकियों ने पादरी की गर्भवती बीवी को भी गोली मारकर चोटिल किया। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। दोनों पति-पत्नी ने 4 साल पहले ईवाईएन चर्च में काम करना शुरू किया था।

पादरी शुएबु की हत्या के बाद EYN के नेता सलामतू बिल्ली ने लोगों से अपील की कि पादरी की पत्नी के स्वस्थ होने की प्रार्थना करें। उन्होंने जानकारी दी कि ईवाईएन में ईसाइयों को लगातार मारा जा रहा है। खासकर जो चर्च में सेवा करते हैं। ये तीसरे पादरी की हत्या है जो पिछले कुछ ही समय में अंजाम दी गई है। 

इस हत्या के बाद स्थानीयों ने बताया कि इस्लामी स्टेट के आतंकियों ने पादरी को मारने के बाद कई क्रिश्चियन निज्मटिलो, पुल्का, अजीरी माफा ग्रामों में भी कहर बरपाया था। उन्होंने ईसाइयों के घर और खाने को लूट लिया था। 

बता दें कि मॉर्निंग स्टार की खबर के अनुसार, नाइजीरिया के बेन्यू राज्य में फुलानी आतंकियों ने अप्रैल 2 से 10 के बीच में 134 ईसाइयों को मारा है। स्थानीय निवासी जोसेफ ने मीडिया को बताया कि ये बात सच है कि ये आतंकी 23 में से 18 सरकारी इलाकों को तबाह कर चुके हैं जहाँ ज्यादातर कभी ईसाई रहते थे। इन इलाकों के नाम मकरूडी, गुमा, ओटूकपो, अपा और लोगो हैं।

पादरी ने डोमिनिक चर्च के अनुसार, हथियारबंद फुलानी आतंकी ईसाइयों पर लंबे समय से हमला करते आए हैं लेकिन हाल फिलहाल में ये हमले कुछ ज्यादा ही हो गए। सरकारी क्षेत्र क्वांदे का गाँव तुरान पर भी फुलानी आतंकियों द्वारा हमला किया गया। 5 अप्रैल को इन आतंकियों ने उमोगिदी ग्राम पर हमलाकर 52 ईसाइयों को मारा था। 7 अप्रैल को न्गबान, गुमा पर हमला कर 38 ईसाइयों को मारा था और 36 घायल हुए थे।

पादरी बताते हैं कि इस बीच ईसाई समुदाय के कई बच्चे और औरतें घर छोड़ कैंपों में रहने लगे हैं। फुलानी आतंकियों ने उनके घरों पर हमला कर रहे हैं, उन्हें जला रहे हैं। ईसाई चर्च में जाकर प्रार्थना भी नहीं कर पाते।

‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड से पहले PM मोदी ने 84 जिलों को दी सौगात, 91 FM ट्रांसमीटर्स का उद्घाटन: कहा- यह जुड़ाव रेडियो से ही संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 91 एफएम ट्रांसमीटर्स का उद्धाटन किया। इससे 18 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 84 जिलों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने रेडियो संपर्क को यह विस्तार ऐसे समय में दिया है, जब ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड का प्रसारण आने वाले रविवार यानी 30 अप्रैल 2023 को होना है।

‘मन की बात’ की बात प्रधानमंत्री मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है। ट्रांसमीटर्स का उद्धाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि रेडियो और FM से उनका रिश्ता एक श्रोता और होस्ट दोनों का है। बीते वर्षों में देश में तकनीक की जो क्रांति हुई है, उसने रेडियो और विशेषकर FM को नए अवतार में गढ़ा है। इंटरनेट के कारण रेडियो पिछड़ा नहीं है, बल्कि ऑनलाइन FM और पॉडकास्ट के जरिए इनोवेटिव तरीकों से सामने आया है। यानी डिजिटल इंडिया ने रेडियो को नए श्रोता भी दिए हैं और नई सोच भी दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कुछ दिन बाद मैं रेडियो पर मन की बात का 100वाँ एपिसोड करने जा रहा हूँ। मन की बात का ये अनुभव, देशवासियों से इस तरह का भावनात्मक जुड़ाव केवल रेडियो से ही संभव था। मैं इसके जरिए देशवासियों के सामर्थ्य और सामूहिक कर्तव्यशक्ति से जुड़ा रहा। भारत अपने सामर्थ्य को पूरा इस्तेमाल कर पाए इसके लिए जरूरी है कि किसी भी भारतीय के पास अवसरों की कमी न हो। आधुनिक तकनीक तो सभी के लिए सुगम और अफोर्डेबल बनाना, इसका एक बड़ा माध्यम है।”

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लद्दाख के न्योमा गाँव में दुनिया का सबसे ऊँचा ट्रांसमीटर लगाया गया है। यह एक रिकॉर्ड की तरह है। न्योमा गाँव 4100 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

बता दें कि देश के सुदूर और सीमावर्ती इलाकों में रेडियो संपर्क को विस्तार देने के लिए यह कदम उठाया गया है। नए ट्रांसमीटर में कुछ ऐसे भी हैं जो सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। इन ट्रांसमीटर के शुरू होने से अब देश में FM का दायरा 35000 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नए FM ट्रांसमीटर बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, लद्दाख और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 84 जिलों में स्थापित किए गए हैं। इससे 2 करोड़ लोगों को फायदा होगा। ये ट्रांसमीटर 100 वॉट की क्षमता वाले हैं।

WFI के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर दिल्ली पुलिस दर्ज करेगी FIR, सुप्रीम कोर्ट को बताया: पहलवानों ने यौन शोषण का लगाया है आरोप

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा दी गई याचिका पर आज शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह बृजभूषण शरण के खिलाफ वह यौन शोषण का मामला दर्ज करेगी।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस नरसिम्हा की पीठ ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह नाबालिग महिला पहलवानों को सुरक्षा उपलब्ध कराए। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी उच्चतम न्यायालय को बताया कि प्राथमिकी आज शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को दर्ज की जाएगी। कोर्ट ने एक सप्ताह बाद इस मामले में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देने को कहा है।

दरअसल, बबीता फोगाट, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक सहित 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर खिलाड़ियों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। इन खिलाड़ियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर कहा था कि दिल्ली पुलिस उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं कर रही है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल 2023 को इस संबंध में नोटिस जारी करने के आदेश दिए। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे 7 शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन सभी की जाँच की जा रही है। कोई पुष्ट सबूत के सामने आते ही FIR दर्ज की जाएगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय की समिति से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क किया है और डिटेल्स माँगे थे।

महिला पहलवानों का आरोप है कि कोई भी पुलिस स्टेशन बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रहा है। थाने के पुलिसकर्मी पहले इसकी जाँच करने की बात कह रहे हैं, फिर FIR की। इसके बाद महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है।

इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 7 महिला पहलवानों द्वारा WFI अध्यक्ष पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जाँच की जरूरत है। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सर्वोच्च अदालत में यही बात दोहराई।

हालाँकि, तुषार मेहता ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि सीधे FIR दर्ज की जानी है तो ऐसा किया जा सकता है। इसी बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।

बताते चलें कि महिला पहलवानों कई राजनीतिक दलों और जाट समुदाय के खापों का भी समर्थन मिला है। वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने बृजभूषण शरण का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उधर, एथलीट नीरज चोपड़ा और पूर्व क्रिकेटर कपिलदेव भी इनके समर्थन में आ गए हैं।

उधर, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने महावीर फोगाट परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। राकेश कोच ने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने कहा कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा। कि बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। राकेश ने कहा कि विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ गलत नहीं हुआ।

उधर, केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना। 14 बैठकें कीं और एक समिति बनाई। हम भी निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। सभी को एक निरीक्षण समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।”

उन्होंने आगे कहा, “समिति का प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव था। तब तक, एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना चाहिए और एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए।” बता दें कि अगले महीने के पहले सप्ताह में WFI के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, लेकिन विवाद के बाद उसे टाल दिया गया है।