Home Blog Page 1849

‘मन की बात’ से प्रेरित होकर लोगों ने बदलाव के लिए उठाए कदम, नागरिकों तक बढ़ी सरकार की पहुँच: बिल गेट्स समर्थित रिसर्च रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100 एपिसोड पूरे होने वाले हैं। इसी थीम पर एक कन्क्लेव का भी आयोजन हो रहा है, जिसमें कई बड़े नेता और सेलेब्रिटी शामिल हुए। अब एक रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया है कि ये कार्यक्रम इससे आम लोगों में केंद्र सरकार की पहुँच बढ़ी है, खासकर युवाओं, महिलाओं और किसानों तक। स्वच्छता, विकास, जल संरक्षण और विकास इस कार्यक्रम के महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं।

एक्सिस मॉय इंडिया और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी में इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटिटिवनेस (IFC) ने ये रिसर्च किया है। इसकी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कार्यक्रम के जरिए आम लोगों को बदलाव लाने वाली योजनाओं में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया गया। इससे देश और इसके नागरिकों के जीवन पर अच्छा प्रभाव पड़ा। जमीन पर बदलाव लाने वालों को इस कार्यक्रम में सम्मान मिला। ‘Mann Ki Baat: A Decade of Reflections’ नामक इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों ने इस कार्यक्रम को सुन कर एक्शन लिया, बदलाव में साथ दिया।

उदाहरण के लिए, 2019 में अदिति बलबीर ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में काम करते हुए किफायती रिसॉर्ट्स का कारोबार शुरू किया। माधव भट्ट कुल्लांगलू ने कर्नाटक में अपने एक खेत में झील का निर्माण किया। इससे जमीन के नीचे जल का स्तर बढ़ा और लोगों को फायदा हुआ। 2022 में रामशंकर वर्मा ने यूपी में सौर ऊर्जा से चलने वाला अजान मिल स्थापित किया, जिससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ी बल्कि आसपास के लोगों को रोजगार भी मिला।

रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘मन की बात’ लोगों को प्रेरित करता है कि वो सामाजिक बदलाव में अपना योगदान दें। 2014-23 तक आए सभी ‘मन की बात’ के एपिसोड की समीक्षा इस रिसर्च के दौरान की गई। पीएम मोदी ने कई बार ‘भारत’, ‘भारतीयों’ और ‘नागरिकों’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सभी लोग कार्यक्रम से जुड़ाव महसूस करने लगे। स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों को इससे प्रोत्साहन मिला। इसमें आम लोगों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की भी चर्चा की गई।

‘धर्मांतरण के जाल में फँसीं लड़कियाँ, कई विदेशी जेलों में’: जानिए कौन हैं ‘The Kerala Story’ के निर्माता विपुल शाह, बनाई है ‘नमस्ते लंदन’ सहित कई बड़ी फ़िल्में

फिल्म ‘The Kerala Story’ चर्चा का विषय बनी हुई है। अभी इसका ट्रेलर आया है, जो YouTube पर भी टॉप पर ट्रेंड कर रहा है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मुस्लिम युवाओं को प्रशिक्षण देकर हिन्दू-ईसाई युवतियों को फँसा कर उनका इस्लामी धर्मांतरण कराने के लिए भेजा जाता है। निकाह के बाद उनकी तस्करी कर के उन्हें सीरिया भेजा जाता है, आतंकी संगठन ISIS के पास। इस फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह हैं।

संवेदनशीलता एकतरफा नहीं हो सकती, इसकी आड़ में छिपना बंद करें: ‘The Kerala Story’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह

उनका कहना है कि ‘The Kerala Story’ वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। उन्होंने बताया कि इस चंगुल में फँस चुकी कई लड़कियाँ अफगानिस्तान की जेल में हैं। उन्होंने बताया कि ये ऐसी ही लड़कियों की कहानी है, जो धर्मांतरण के जाल में फँस गईं और उनका जीवन बर्बाद हो गया। उन्होंने बताया कि फिल्म की टीम रिसर्च के दौरान ऐसी लगभग 100 पीड़िताओं से मिली। उनका कहना है कि उनके पास कई वीडियो हैं, जिनमें पीड़िताओं ने अपना दर्द साझा किया है।

बकौल विपुल अमृतलाल शाह, उनका उद्देश्य पीड़ित लड़कियों की कहानी दिखाना है, ये लोगों के ऊपर है कि वो इसे ‘लव जिहाद’ नाम दें या कुछ और। उन्होंने कहा कि हमें इस चीज के पीछे छिपना बंद कर देना चाहिए कि कोई मुद्दा बहुत संवेदनशील है और इससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ेगा। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे अपराध करने वाले इस बारे में सोचते हैं? वो बस अपने एजेंडे के अनुरूप काम करते हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता एकतरफा नहीं हो सकती, कोई कुछ करेगा तो कोई उसकी पोल भी खोलेगा।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने सती प्रथा का उदाहरण देते हुए कहा कि ये गलत था तो हिन्दुओं ने इसे हटाया, इसके खिलाफ आवाज़ उठाने वाले भी हिन्दू थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि ताज़ा घटनाओं पर मुस्लिम समुदाय आगे आकर निंदा करेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा किसी फिल्म को लेकर कुछ स्टैंड लेने से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्टैंड लें, लेकिन पीड़ित लड़कियों को मत भूलें। बता दें की विपुल शाह इस फिल्म के निर्माता हैं, जबकि निर्देशक सुदीप्तो सेन हैं।

कौन हैं ‘The Kerala Story’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह

विपुल अमृतलाल शाह 1999-2002 के बीच सोनी टीवी पर आए सीरियल ‘एक महल हो सपनों का’ का निर्देशन कर के चर्चा में आए थे। ये सीरियल 1000 एपिसोड तक पहुँचा। गुजरती फिल्म ‘दरिया छोरू (1999)’ ने उन्हें अपने गृह राज्य में स्थापित किया। 2002 में आई ‘आँखें’ बॉलीवुड में बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म थी, जिसमें अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और सुष्मिता सेन थे। अक्षय-अमिताभ और प्रियंका चोपड़ा को लेकर उन्होंने 2005 में ‘वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम’ बनाई।

लेकिन, उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म 2007 में रिलीज हुई ‘नमस्ते लंदन’ रही, जिसमें अक्षय कुमार और कटरीना कैफ के अलावा ऋषि कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे। उनकी अगली फिल्म में अक्षय कुमार और सलमान खान थे, लेकिन ‘लंदन ड्रीम्स (2009)’ सफल नहीं रही। 2010 में उन्होंने अक्षय कुमार-ऐश्वर्या राय के साथ ‘एक्शन रिप्ले’ बनाई। 2018 में आई अर्जुन कपूर-परिणीति चोपड़ा की ‘नमस्ते इंग्लैंड’ बतौर निर्देशक बॉलीवुड में उनकी अंतिम फिल्म थी।

यहाँ ये जानने ज़रूरी है कि ‘आँखें’ के अलावा बाकी फिल्मों के प्रोड्यूसर भी वही थे। इसके अलावा जॉन अब्राहम की ‘फ़ोर्स’ और विद्युत जामवाल की ‘कमांडो’ सीरीज की फिल्मों के निर्माता भी वही हैं। अक्षय कुमार की सुपरहिट फिल्म ‘सींग इज किंग (2008)’ का निर्माण भी उन्होंने ही किया था। ‘कमांडो’ की 3 फ़िल्में आ चुकी हैं और ‘फ़ोर्स’ की तीसरी बन रही है। उन्होंने OTT सीरीज ‘Human (2022)’ का भी निर्देशन किया, जिसमें उनकी पत्नी शेफाली शाह थी।

शेफाली शाह थिएटर, फिल्म इंडस्ट्री और टीवी की एक बड़ी एक्ट्रेस रही हैं। ‘सत्या (1998)’ का गाना ‘कुड़ी सपने में मिलती है’ उन पर फिल्माया गया था। स्टार प्लस पर आने वाले महेश भट्ट कृत ‘कभी कभी (1997)’ से उन्हें पहचान मिली। OTT पर उन्होंने ‘दिल्ली क्राइम (2019)’ के माध्यम से अपनी छाप छोड़ी। ‘The Last Year (2009)’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। ‘दिल धड़कने दो (2015)’ में उन्होंने अनिल कपूर की पत्नी का किरदार अदा किया था, जिसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स मिले थे।

‘बड़ी छिपकलियों की चर्बी से बढ़ेगी यौन ताकत …केवल 4 बूँद जादू कर देंगी’ : वियाग्रा बैन के बाद पाकिस्तानियों ने खोजा ‘विकल्प’, कीमत 600-1200 रुपए

पाकिस्तान में वियाग्रा बैन होने के बाद और आर्थिक तंगी के बीच एक कारोबार ने तेज रफ्तार पकड़ी है। ये कारोबार यौन शक्ति बढ़ाने वाले तेल की ब्रिकी का है जिसे छिपकली की चर्बी निकालकर बिच्छू के तेल के साथ गर्म करके बनाया जाता है और पाकिस्तान में लोग इसे ‘सांडे का तेल’ कहते हैं।

रिपोर्ट्स की मानें तो यह तेल ऐसी छिपकली की चर्बी से बनता है जो रेगिस्तानी इलाकों में मिलती है। यह तेल वैज्ञानिक दृष्टि से कितना कारगर इसका कोई सबूत नही है। इस्लामाबाद के डॉ अहमद सहाब इसे बकवास चीज बताकर इसके असर को खारिज कर चुके हैं। लेकिन पाकिस्तान में इसकी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।

कथिततौर पर इस तेल को बेचने वाले पाकिस्तान में रोड किनारे बैठे मिलते हैं। ये लोग छिपकलियाँ पंजाब और सिंध प्रांत से अवैध ढंग से शिकार करके लाते हैं। जिनका साइज आम छिपकलियों से बड़ा (2 फीट तक का) होता है। रात के समय इनका शिकार जाल लेकर किया जाता है। जब ये पकड़ में आ जाती हैं तो क्रूरता से इनकी पीठ तोड़ी जाती है ताकि ये भाग न पाएँ। फिर प्रदर्शनी की तरह इन्हें सड़कों पर बिछाया जाता है और ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है।

तेल बनाने वाले लोग इन छिपकलियों को काटकर इनकी पूँछ के नीचे से एक ग्रंथि (ग्लैंड) निकाल लेते हैं। इसके बाद इसे छोटे पैन में गर्म करते हैं और यही ग्राहक को बाद में दिया जाता है।

एएफपी की रिपोर्ट में इस कारोबार का जिक्र करते हुए उस दुकानदार का बयान भी है जो ऐसे तेल बेचता है। विक्रेता का नाम यासिर अली है। अली ने कहा कि इस तेल की चार बूँदे बहुत असरदार होती हैं। यह तेल यौन शक्ति बढ़ाने में जादू जैसे काम करता है। लोग शीशियों में भरकर ग्राहक की माँग पर इसे देते हैं। इसकी कीमत 600 से 1200 पाकिस्तानी रुपया तय की गई है।

ये तेल बेचने वाले दावा करते हैं कि ये तेल सिर्फ यौन शक्ति नहीं बढ़ाता बल्कि ज्वाइंट के दर्द, बैक के दर्द और बाल झड़ने से भी रोकता है। पुलिस ने कई बार ऐसे कारोबार करने वालों को पाकिस्तान में पकड़ा। लेकिन फिर इन्हें 10 हजार फाइन के बाद छोड़ दिया गया और ये दोबारा छिपकली लाकर अपना धंधा करने लगे।

पाकिस्तान में लड़कियों की कब्र में ताला लगाने को मजबूर हो रहे परिवार वाले, कारण – लाश निकाल कर किया जाता है रेप: गलत निकली मीडिया रिपोर्ट्स

पाकिस्तान में हिन्दू और सिख लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले अक्सर सामने आते हैं। वहीं कई खबरें बताती हैं कि वहाँ जिंदा तो दूर, मरने के बाद लड़कियाँ सुरक्षित नहीं हैं। दरअसल, पाकिस्तान में शवों के साथ बलात्कार की घटना सामने आती रहती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ऐसे में मृत लड़कियों की कब्रों पर लोहे के दरवाजे और ताला लगाया जा रहा है। हालाँकि, ये खबर गलत होने की बात सामने आई है।

फैक्ट-चेक में सामने आया है कि इस कब्र की तस्वीर भारत के हैदराबाद से है और कब्र में ग्रिल इसीलिए लगाया गया था, क्योंकि कई लोग पुरानी कब्रों के ऊपर से ही लाश को दफ़न कर देते हैं। इसे सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के सन्दर्भ में शेयर कर दिया गया।

दरअसल, आँकड़ों की मानें तो पाकिस्तान में हर दो घण्टे में एक महिला बलात्कार का शिकार होती है। मरने के बाद कब्र से शव निकाल कर रेप की घटनाएँ सामने आती रही हैं। ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि लड़कियों की कब्र पर ताला लगना पूरे पाकिस्तान को शर्मसार करने वाली घटना है। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुस्लिम और अब नास्तिक कार्यकर्ता तथा ‘द कर्स ऑफ गॉड, व्हाई आई लेफ्ट इस्लाम’ पुस्तक के लेखक हैरिस सुल्तान ने लिखा था कि कब्र से शव निकालकर उनके साथ बलात्कार कट्टरपंथी इस्लामवादी विचारधारा के कारण हो रहा है।

हैरिस सुल्तान ने कब्र पर ताले वाली एक फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने कहा था, “पाकिस्तान ने यौन रूप से कुंठित एक ऐसा समाज बना दिया है जहाँ लोग अपनी बेटियों को बलात्कार से बचाने के लिए उनकी कब्रों पर ताला लगा रहे हैं। जब आप बुर्के को बलात्कार से जोड़ते हैं तो यह मानसिकता आपको कब्र तक ले जाती है।”

समाचार एजेंसी ANI तक ने ‘डेली टाइम्स’ के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान में शवों के साथ हो रही दरिंदगी के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। इन खबरों में लिखा था कि ऐसे में, मृतक लड़कियों के परिजन मजबूरी बस कब्रों पर दरवाजे और ताला लगा रहे हैं। हालाँकि, कई फैक्ट चेक के बाद सामने आया है कि शेयर की जा रहीं तस्वीरों का पाकिस्तान में कब्र से निकाल आकर शवों से रेप किए जाने का कोई संबंध नहीं है।

बता दें कि पाकिस्तान में शवों के साथ बलात्कार की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। ऐसा ही एक मामला साल 2011 में सामने आया था। तब, कब्र की रखवाली करने वाले व्यक्ति मोहम्मद रिजवान को कब्र से शव निकालकर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिजवान ने स्वीकार किया था कि उसने 48 महिलाओं के शवों के साथ बलात्कार किया है।

ऐसा ही मामला अगस्त 2021 में सामने आया था। तब, बुखार के कारण मरी एक 14 साल की लड़की के शव के साथ बलात्कार किया गया था। बलात्कारी की पहचान रफीक के रूप में हुई थी। जिस रात लड़की को दफनाया गया था, रफीक ने उसी रात उसकी कब्र खोदकर शव निकाल लिया था। इसके बाद आधा किलोमीटर दूर ले जाकर बलात्कार किया।

पाकिस्तान में शवों के साथ हो रही बलात्कार की घटना के लिए इस्लमामिक कट्टरपंथी विचारधारा को दोषी ठहराया जाता है। लेकिन मनोचिकित्सक मानते हैं कि यह सब नेक्रोफिलिया बीमारी के कारण होता है। इस बीमारी के चलते ही शव के साथ बलात्कार करने की इच्छा उत्पन्न होती है। दरअसल, ग्रीक भाषा में नेक्रो शब्द का अर्थ शव और फीलिया का अर्थ प्यार होता है। इस तरह ‘नेक्रोफीलिया’ का अर्थ मरे हुए लोगों के साथ प्यार करना या उनके साथ सेक्स करना होता है।

‘अतीक अहमद की तरह कोई गोली न मार दे’: चुनाव प्रचार के बीच आजम खान को सताया डर, विरोधियों को कहा ‘राजनीतिक किन्नर’

समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने एक फिर सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद की तरह उनकी भी कनपटी पर कोई मारकर चला जाएगा। उन्होंने एक बार फिर मर्यादा को लाँघते हुए भाजपा के विरोधियों को ‘राजनीतिक किन्नर’ कह दिया। दरअसल, आजम खान ने यूपी नगर निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान रामपुर में यह बात कही।

चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने कहा, “मुझसे, मेरी बीवी, मेरी औलाद और चाहने वालों से क्या चाहते हो? कोई आए कनपटी पर गोली चलाकर चला जाए? बस इतना ही तो रह गया है। बचा लो आज भी निजाम-ए-हिंद को… कानून को बचा लो…।”

मतदाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको कुछ नहीं देना है सिर्फ अपने आप को हौसला देना है। जहां रोके जाओ वहीं बैठ जाओ कि आगे बढेंगे, वापस नहीं जाएँगे। वोट डालेंगे। ये हमारा पैदाइशी हक है। इस हमारे हक को दो बार छीना गया है और तीसरी बार छीना गया तो जान लेना, शायद साँस लेने का हक भी बाकी नहीं रह पाएगा।”

रामपुर नगरपालिका अध्यक्ष पद की उम्मीदवार फातिमा जबी के समर्थन में प्रचार करते हुए आजम खान ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लाल किला बिक चुका है, हवाई अड्डे बिक चुके हैं। पूरा देश संविदा पर है। बचा ही क्या, सिर्फ फौज रह गई है। वह भी हुकूमत-ए-हिंद के पास है। वह रहनी चाहिए।

आजम खान ने कहा, “हमने जो तीन साल बाहर काटी है, वो जेल से भी खतरनाक और भयानक गुजरे हैं। इनकी हमारे सामने पर्चा भरने तक की हिम्मत नहीं है। रामपुर वालों, तुम्हारे सब्र की जीत होगी। तुम्हारी खुद्दारी और खैरत की जीत होगी। ये लोग गलत थे और गलत हैं।” भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “विकास करोगे और विकास लिख नहीं सकोगे। कागज पर तुम्हारे कलम में रोशनाई ही कहाँ है, जो लिख सको।” 

आजम खान ने कहा, “हमने उत्तर प्रदेश पर चार बार कब्जा यूँ ही नहीं किया। घर की मुर्गी दाल बराबर कुछ समझ लो, लेकिन चार बार हुकूमत तुम्हारी (मुस्लिमों की) मजबूत मुट्ठी के बगैर नहीं बनी है।” रामपुर उपचुनाव को लेकर कहा, “चुनौती देते हैं… ऐ आसमां तुझे गवाह करके कहते हैं कि हिंदुस्तान के 150 करोड़ में कोई आओ और रामपुर वालों से चुनाव लड़ो। अगर जीत गए तो पूरा रामपुर खाली कर देंगे। यह चुनाव पुलिस की ताकत पर था।”

सभा में आए लोगों की ओर इशारा करते हुए सपा नेता ने कहा, “बताओ इस महफिल में कोई कमी है? अगर इस गली से चार भोंकने वाले चले गए हैं तो 40 और आ जाएँगे। बस इतना ही हुआ है। मगर हम भी ढेला मार रहे हैं। खजाने के जिस बटन पर उंगली रख दी हमने, उस तिजोरी का ताला खुल गया रामपुर वालों तुम्हारे लिए।”

आजम खान ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए भाजपा के अपने विरोधियों को राजनीतिक किन्नर तक कह दिया। बता दें कि इसी तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के कारण कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अधिकारियों के लिए अपशब्द कहे थे।

अदालत ने यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास BV को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, महिला उत्पीड़न का है मामला: लटक रही गिरफ़्तारी की तलवार

यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV (Srinivas BV) की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। पार्टी की निष्काषित नेता अंगकिता दत्ता के उत्पीड़न मामले में बेंगलुरु की स्थानीय अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। ऐसे में श्रीनिवास BV पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

दरअसल, श्रीनिवास बीवी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बेंगलुरु के अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका पर न्यायधीश केएस ज्योतिश्री ने गुरुवार (27 अप्रैल, 2023) को सुनवाई की थी। इसके बाद, शुक्रवार (28 अप्रैल, 2023) को अदालत ने श्रीनिवासन बीवी की याचिका खारिज कर दी।

उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद कॉन्ग्रेस से निष्कासित की गईं अंगकिता दत्ता के वकील ने कहा है कि श्रीनिवासन बीवी गुवाहाटी हाई कोर्ट भी गए थे। लेकिन अब दावा कर रहे हैं कि वह किसी अन्य कोर्ट नहीं गए। वकील ने यह भी कहा कि श्रीनिवासन प्रभावशाली व्यक्ति हैं। इसलिए, जमानत मिलने पर वह सबूत नष्ट कर सकते हैं। उन पर लगे आरोप गंभीर हैं, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता है।

गुवाहाटी हाई कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत

बता दें कि इससे पहले श्रीनिवास BV ने अपने खिलाफ हुई एफआईआर रद्द करने को लेकर गुवाहाटी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन कोर्ट ने बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को सुनवाई करते हुए कहा था कि पीड़िता के बयान और केस डायरी का अवलोकन किए बिना राहत देना उचित नहीं होगा।

गौरतलब है कि असम युवा काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव पर लैंगिक भेदभाव तथा बदजुबानी का आरोप लगाया था। कहा था कि राहुल गाँधी ने भी उनकी शिकायतों पर गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा। उन्होंने कहा था, “श्रीनिवास पिछले छह महीनों से उन्हें परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं। लैंगिक टिप्पणी करते हैं। अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।”

इसके बाद अंगकिता ने 19 अप्रैल को गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास के खिलाफ आईपीसी की धारा 509/294/341/352/354/354 ए (iv)/506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अंगकिता दत्ता की मानें तो करीब छह महीने से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि स्त्री होने के कारण उनके साथ भेदभाव हुआ। इन आरोपों के बाद असम काॅन्ग्रेस ने पहले अंगकिता को कारण बताओ नोटिस जारी किया, फिर उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। वहीं श्रीनिवास को कर्नाटक के लिए जो स्टार प्रचारकों की सूची जारी की उसमें जगह दी।

‘बीमार पिता की CM वाली कुर्सी हड़पने की साजिश रच रहे थे आदित्य ठाकरे’: महाराष्ट्र की राजनीति में अब नया ‘खुलासा’- इस वजह से बिगड़ गया खेल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उद्धव ठाकरे को लेकर सनसनीखेज मामला सामने आया है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री रहते हुए जब उद्धव ठाकरे अस्पताल में भर्ती थे, तो उनके बेटे आदित्य ठाकरे खुद मुख्यमंत्री बनने की साजिश रच रहे थे। यह आरोप भाजपा विधायक नितेश राणे ने लगाया है।

विधायक नितेश राणे ने शनिवार (29 अप्रैल 2023) को कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार में मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे की गरदन और पीठ की सर्जरी शुरू हुई थी। वे अस्पताल में भर्ती थे। उस वक्त सरकार में मंत्री रहे उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने अपने पिता उद्धव ठाकरे को कुर्सी से हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनने की योजना बना रहे थे।

नितेश राणे का दावा है कि जसलोक अस्पताल के जिस कमरे में यह मीटिंग हुई, इसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि उस समय बताया गया कि उद्धव ठाकरे की तबीयत ठीक नहीं होने वाली है। लेकिन, राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) और कॉन्ग्रेस के विरोध की वजह से वे आगे नहीं बढ़े।

नितेश राणे ने कहा कि इधर पिता अस्पताल में भर्ती थे और उधर आदित्य ठाकरे अपने दोस्त वरुण सरदेसाई के दावोस में मौज मस्ती कर रहे थे। राणे ने कहा कि आदित्य ठाकरे के बारे यह जानकारी सच है या झूठ, इस पर भी उद्धव गुट के संजय राउत को स्पष्ट करना चाहिए। 

संजय राउत पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि संजय राउत को दूसरे पर टीका-टिप्पणी करने के बजाए उन्हें आदित्य ठाकरे की शादी पर लिखना चाहिए। उन्हें लिखना चाहिए आदित्य ठाकरे की शादी कब होगी, किससे होगी। कौन करेगा म्याऊँ-म्याऊँ (आदित्य ठाकरे की आवाज की मीमिक्री करते हुए) से शादी।

बताते चलें कि सामना अखबार के कार्यकारी संपादक संजय राउत रोज भाजपा और भाजपा की समर्थन वाली एकनाथ शिंदे सरकार पर संपादकीय के माध्यम से हमला करते रहते हैं। इसका जवाब देते हुए नितेश राणे ने यह टिप्पणी कर उन पर निशाना साधा।

उधर, नितेश राणे के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे गुट ने कहा कि उनकी पार्टी और नेता नितेश राणे को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसलिए उनकी बातों पर प्रतिक्रिया देने का कोई अर्थ नहीं बनता है।

BYJU’S के मालिक के ठिकानों पर ED का छापा: ₹28000 करोड़ के FDI की मिली जानकारी, एजेंसी ने जब्त किए आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डेटा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म बायजूस (BYJU’S) के मालिक रवींद्रन बायजू के बेंगलुरु स्थित 3 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस छापेमारी में ईडी ने 28000 करोड़ रुपए के एफडीआई का रिकॉर्ड मिला है। ईडी ने यह कार्रवाई शनिवार (29 अप्रैल, 2023) को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रवींद्रन बायजू की कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई समन भेजे थे। लेकिन कंपनी ने इन समन को अनदेखा करते हुए किसी तरह का जवाब नहीं दिया। ऐसे में, ईडी ने रवींद्रन बायजू और उनकी कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में ईडी ने कई डिजिटल डेटा समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी ने समन लोगों द्वारा की गई शिकायतों के बाद जारी किए थे।

छापेमारी में ईडी ने यह भी पाया है कि बायजूस के नाम से ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी ने साल 2011 से 2023 के बीच 28000 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हासिल किया था। यही नहीं, कंपनी ने FDI के नाम पर कई देशों में 9754 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने विज्ञापन और मार्केटिंग खर्च के नाम पर करीब 944 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

वहीं, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 से न तो अपना फाइनेंशियल स्टेटमेंट तैयार किया और न ही बैंक खातों का ऑडिट कराया था।

क्या बोली कंपनी…

ईडी की इस कार्रवाई को लेकर बायजूस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ईडी ने नियमित जाँच के तहत छापेमारी की है। ईडी द्वारा माँगी गई सभी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज कंपनी ने ईडी को दे दिए हैं। अधिकारियों के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है कि उनके पास सभी आवश्यक जानकारी हों। इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

‘बंद करो स्पर्म देना, वरना सजा मिलेगी’ : डच कोर्ट ने 41 साल के स्पर्म डोनर पर लगाया बैन, 550+ बच्चे करके अब रुकना होगा

नीदरलैंड की एक अदालत ने एक स्पर्म डोनर को स्पर्म डोनेट करने से बैन कर दिया है। डोनर की पहचान 41 वर्ष के जोनाथन जैकब मीजर के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि जोनाथन अब तक शुक्राणु दान करते-करते 550 बच्चों का पिता बन चुका है। जबकि नीदरलैंड के नियमों के अनुसार, कोई भी स्पर्म डोनर 12 माताओं को 25 बच्चों के लिए स्पर्म दे सकता है।

पेशे से जोनाथन एक संगीतकार है और केन्या में रहता है। कोर्ट के फैसले के बाद अगर उसने किसी क्लिनिक में अपना सीमन दे रखा होगा तो उसे वह भी नष्ट करने को कहना होगा। अदालत ने कहा कि अगर आरोपित बात नहीं मानता है तो उसके ऊपर 110000 डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि उसने 13 क्लिनिकों पर अपने स्पर्म दिए। इनमें से 11 नीदरलैंड के थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जोनाथन पर आरोप है कि वो स्पर्म डोनेट करने से पहले भावी माता-पिता को बताता नहीं था कि उसने कितने लोगों को अपना स्पर्म दिया। 2018 में उसने ईवा नाम की महिला संग ऐसा किया। जब ईवा को सच्चाई का मालूम हुआ तो उसके लिए यह चिंता विषय बन गया। उसने हेग जिला न्यायालय में याचिका दायर की। ईवा ने दलील दी कि जब उसके बच्चे को पता चलेगा कि उसके 550 भाई बहन हैं तो उसकी मनोस्थिति पर क्या असर पड़ेगा।

ईवा ने कहा कि अगर उसको मालूम होता कि जोनाथन पहले ही 500 से अधिक बार स्पर्म डोनेट करके बाप बन चुका है तो वो उसे डोनेटर के तौर पर कभी नहीं चुनती। इस केस के दौरान जोनाथन के वकील ने दलील दी कि उनका मुअक्किल केवल जरूरतमंद माता-पिता की मदद करना चाहता था।

हालाँकि अदालत ने कहा कि दाता ने माता-पिता को राजी करने के लिए जानबूझकर झूठ बोला गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की माँग पर गौर करके अपना फैसला सुनाया। फैसले के बाद याचिकाकर्ता ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस फैसले से बड़े पैमाने पर स्पर्म डोनेट पर प्रतिबंध लगेगा और दूसरे देशों में भी ऐसा ही होगा।”

‘सारे दस्तावेज कस्टडी में लिए जाएँ, 15 दिन में सौंपिए रिपोर्ट’: LG ने दिए जाँच के आदेश, अरविंद केजरीवाल के घर को चमकाने पर ₹45 करोड़ खर्च करने का मामला

अरविंद केजरीवाल ने अपने बँगले को चमकाने के लिए 45 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। अब दिल्ली के LG विनय कुमार सक्सेना ने इस मामले में जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि इस मामले से जुड़े सारे दस्तावेजों को वो अपने संरक्षण में ले लें और साथ ही सभी तथ्यों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर पेश करें। खबर आई थी कि 2021-22 के दौरान दिल्ली सीएम के बँगले की मरम्मत वाली फाइलें गायब हैं।

अरविंद केजरीवाल के आवास के अलावा नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सिविल लाइंस के 6, फ्लैग स्टाफ रोड में स्थित दफ्तर को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। LG ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले से जुड़े सभी डाक्यूमेंट्स को प्रिवेंटिव कस्टडी में लिए जाने का आदेश दिया है। इन सभी रिकॉर्ड्स की समीक्षा कर के रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अब AAP संयोजक की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

दिल्ली भाजपा ने भी इस मामले में बयान जारी किया है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब मुख्यमंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है, उन्हें जनता को जवाब देना ही होगा। दिल्ली भाजपा के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के AAP सरकार पर निशाना साधा। हाल ही में ये खबर भी आई है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने आवास की साज-सज्जा पर 45 करोड़ रुपए खर्चने के बाद अब उसका विस्तार करने जा रहे हैं। सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित उनका बंगला फिलहाल 4.7 एकड़ में है जिसे 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया गया है।

इस आवास में पर्दे ऐसे लगे जिनकी डिजाइनिंग ही 8 लाख के करीब की है। वहीं जमीन पर वो मार्बल लगे जिनकी कीमत 3 करोड़ थी। एक स्विमिंग पूल बना जो मालदीप होटलों के स्टैंडर्ड पर था। इसी तरह इस आवास में हर चीज सबसे महंगी लगाई गई और देखते-देखते साज-सज्जा में 45 करोड़ खर्च हो गए। ‘टाइम्स नाऊ’ ने इस पर अपनी रिपोर्ट को ‘ऑपरेशन शीश महल’ का नाम दिया था। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सीएम दिल्लीवासियों की परेशानियों को नजरअंदाज करके जनता का पैसा घर पर खर्च रहे हैं।