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₹300 करोड़ की रिश्वत के मामले में पूछताछ के लिए CBI पहुँची सत्यपाल मलिक के घर: जम्मू-कश्मीर में फाइलों की मंजूरी के लिए रकम का दिया गया था प्रस्ताव

कई प्रदेशों में राज्यपाल रहे भाजपा के दिग्गज जाट नेता के घर केंद्रीय जाँच एजेंसी CBI की टीम पहुँची है। सीबीआई कथित रिश्वत मामले में जानकारी के लिए उनके घर पहुँची है। मामला रिलायंस बीमा योजना से संबंधित है। मलिक ने आरोप लगाया था कि इसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें रिश्वत की पेशकश की गई थी।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि 23 अगस्त 2018 और 30 अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए उनके सामने दो फाइलें आई थीं। इन दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। उन्होंने दावा किया था इस प्रस्ताव को उन्होंने ठुकरा दिया था।

अधिकारियों ने बताया था कि शुक्रवार (28 अप्रैल 2028) को बीमा घोटाले की जाँच के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक से पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई की एक टीम राष्ट्रीय राजधानी के आरकेपुरम इलाके में स्थित सोम विहार के उनके आवास पर जाकर इस मामले में स्पष्टीकरण ली।

पिछले सात महीनों में सत्यपाल मलिक से यह दूसरी बार पूछताछ है। इसके पहले अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी। बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय में राज्यपाल रह चुके सत्यपाल इस मामले में संदिग्ध नहीं हैं। इस मामले में सीबीआई ने देश में कुछ जगहों पर छापेमारी भी की थी।

सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझनूं में हुए एक कार्यक्रम में कहा था, “मैं श्रीनगर के दो मामलों के लिए प्रधानमंत्री के पास गया था। दोनों गलत थे, कैंसिल कर दिए। मुझे डेढ़-डेढ़ सौ करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं 5 कुर्ते-पायजामे में आया था, उसी में चला जाऊँगा।”

सत्यपाल मलिक ने पहले आरोप लगाया था कि महबूबा मुफ़्ती-भाजपा सरकार में मंत्री रहे एक RSS से जुड़े शख्स की फाइल और अंबानी से जुड़ी एक फ़ाइल क्लियर करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। उन्होंने ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के उक्त नेता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी करार दिया था।

इसके बाद हाल ही में करण थापर को दिए इंटरव्यू में मलिक ने आरोप लगाया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब आरएसएस और बीजेपी नेता राम माधव ने रिलायंस इंश्योरेंस द्वारा प्रस्तावित योजना को पारित कराने की कोशिश करने के लिए उनसे मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया था। सत्यपाल मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे तब राम माधव ने ‘अंबानी’ से संबंधित दो फाइलें पास करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी।

इंटरव्यू के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा था, “शुरुआत में मैंने इस योजना को पास किया था, लेकिन बहुत से लोगों ने मुझे इसे वापस लेने के लिए कहा। पहली बात तो यह हुई कि सरकारी कर्मचारी इस योजना के आने से वास्तव में नाखुश थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों को सालाना 8,500 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। सेवानिवृत्त अधिकारियों को 20,000 रुपये से अधिक देने थे।”

हालाँकि, संघ के नेता राम माधव ने इन आरोपों से इनकार किया है और सत्यपाल मलिक को मानहानि का नोटिस भेजा है। मलिक को भेजे गए अपने कानूनी नोटिस में राम माधव ने कहा था, “मलिक ने राजनीतिक दायरे में प्रासंगिक बने रहने के लिए असत्य और मानहानिकारक बयान दिए।”

‘मैसेज देखे, यह अफेयर था’: कलियागंज में जिस दलित नाबालिग की रेप के बाद हत्या का दावा, उसे CM ममता बनर्जी ने ‘प्रेम प्रसंग’ से जोड़ा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलियागंज में कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या किए जाने के मामले को ‘प्रेम प्रसंग’ से जुड़ा बताया है। अपने दावे की पुष्टि के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप मैसेज का हवाला दिया है। नबन्ना (राज्य सचिवालय) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया, “हमें यह सब जानकर बहुत दुख हुआ, लेकिन हमने व्हाट्सऐप मैसेज देखे हैं… यह प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला है। डॉक्टरों ने भी कहा कि उसने जहर खाया था। यह एक आत्महत्या का मामला है। पुलिस इसकी जाँच कर रही है।”

मामले की प्रारंभिक जाँच के बीच इस तरह के दावे कर ममता बनर्जी ने अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहीं हैं। पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले के कलियागंज में 21 अप्रैल की सुबह एक 17 वर्षीय दलित लड़की का शव नहर में तैरता हुआ पाया गया था। पीड़िता के परिजनों का आरोप लगाया था कि किशोरी की हत्या करने से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, लड़की 20 अप्रैल को ट्यूशन से घर लौटते हुए रास्ते से लापता हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में जावेद अख्तर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया था, ये पीड़िता को जानते थे। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। यह पहली बार नहीं है, जब ममता बनर्जी ने ऐसा दावा किया हो। इससे पहले भी वह पीड़ितों पर उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ बोलने का आरोप लगा चुकी हैं।

ममता बनर्जी ने जब बलात्कार के मामलों से झाड़ा पल्ला

6 फरवरी, 2012 को एक एंग्लो-इंडियन महिला सुज़ेट जॉर्डन (Suzette Jordan) जब कोलकाता के पार्क स्ट्रीट से घर लौट रही थी, तभी 5 लोगों ने चलती कार में उसके साथ बलात्कार किया। यह खबर सामने आने के तुरंत बाद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आरोपितों को क्लीनचिट दे दिया। उन्होंने इस घटना को मनगढ़ंत कहानी करार दिया था। उनके मुताबिक, यह सब केवल सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया था। यही नहीं एक न्यूज चैनल से बात करते हुए टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाए और रेप के एंगल से भी इनकार किया।

उस समय के बंगाल के परिवहन मंत्री ने भी पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाते हुए उसकी शिकायत को फर्जी बताया था। लेकिन 3 साल बाद 2015 में कोलकाता की एक अदालत ने पार्क स्ट्रीट मामले में बलात्कार के आरोपों को बरकरार रखा और आरोपित नासिर खान, रुमान खान और सुमित बजाज को दोषी पाया।

2013 में राज्य में बलात्कार के बढ़ते मामलों के बारे में पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह राज्य की जनसंख्या में वृद्धि के कारण है। उन्होंने बलात्कार के बढ़ते मामलों के लिए आधुनिकीकरण, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स में वृद्धि को भी जिम्मेदार ठहराया था।

उसी साल बर्दवान के कटवा में एक और मामले में ममता बनर्जी ने जाँच समाप्त होने से पहले ही बलात्कार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया था, “एक राजनीतिक दल यह सब कर रहा है, बलात्कार-बलात्कार चिल्ला रहा है। ये पश्चिम बंगाल का नाम खराब करने के लिए ड्रामा कर रहे हैं।”

टेलीग्राफ की रिपोर्ट का स्क्रीनग्रैब

गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हंसखली में एक नाबालिग लड़की की जन्मदिन की पार्टी में गैंगरेप के बाद मौत हो गई थी। लड़की के परिवार ने दावा किया था कि इस मामले में मुख्य आरोपित तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक पंचायत सदस्य का बेटा है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

वहीं, ममता बनर्जी ने परिवार के गैंगरेप के दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। बनर्जी ने कहा था, “आपको कैसे पता कि उसके साथ रेप हुआ, क्या वो प्रेग्नेंट थी, या लव अफेयर का मामला था या फिर वह बीमार थी।” उन्होंने यह भी कहा था, “अगर कपल रिलेशनशिप में है तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। यह यूपी नहीं है कि मैं लव जिहाद के नाम पर ऐसा कर सकती हूँ।”

दिल्ली मेट्रो में ये क्या हो रहा है, अब सीट पर बैठ हस्तमैथुन करता दिखा युवक: ओरल सेक्स का भी Video वायरल, बोला DMRC- ऐसी हरकत देखते ही हमें बताएँ

सोशल मीडिया पर मेट्रो में रिकॉर्ड हुई दो आपत्तिजनक घटनाओं की वीडियोज वायरल हो रही हैं। एक वीडियो में खुलेआम एक आदमी को चलती मेट्रो में मास्टरबेशन करते देखा जा सकता है और दूसरी वीडियो में ओरल सेक्स हो रहा है। कथिततौर पर एक घटना दिल्ली की है। इन्हें IANS के असिस्टेंट एडिटर अतुल कृष्णन ने शेयर किया है।

अतुल ने लिखा, “ये सब हो क्या रहा है दिल्ली मेट्रो में। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए वरना ऐसी और वीडियोज देखने को मिलेंगी।”

हैरानी की बात यह है कि दोनों वीडियो चलती ट्रेन में रिकॉर्ड की गई हैं। पहली क्लिप में देख सकते हैं कि दो आदमी हैं और एक दूसरे के सामने झुककर ओरल सेक्स कर रहा है। बैकग्राउंड में सिर्फ ट्रेन का दरवाजा दिखाई दे रहा है इसलिए इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि ये दिल्ली मेट्रो की है या कहीं और की।

दूसरे क्लिप में भी देख सकते हैं कि एक आदमी मेट्रो की सीट पर बैठ मोबाइल में देख रहा है और मास्टरबेट कर रहा है। पहले इनके बगल में एक लड़का-लड़की बैठे दिखते हैं। हालाँकि उसके बाद दोनों लड़का-लड़की चले जाते हैं और वो तब भी लगातार सेक्सुअल एक्टिविटी करता रहता है।

वीडियो देखकर पता चल रहा रहै कि सामने बैठे व्यक्ति ने इस वीडियो को बनाया है। साइड में बैठी महिला आदमी को देख घिन खा रही है और मेट्रो पर स्टेशन का नाम दिल्ली कैंट नजर आ रहा है।

ऑपइंडिया ने इन दिनों ही वीडियोज पर अतुल कृष्णन से बात की। उन्होंने बताया कि वो पहली वीडियो को लेकर पुष्टि नहीं कर सकते कि वो दिल्ली मेट्रो की है या नहीं। लेकिन दूसरी वीडियो को लेकर वो कहते हैं कि ये दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन की ही है।

इन वीडियोज के सामने आने के बाद DMRC ने कहा- “हम यात्रियों से मेट्रो में यात्रा करते समय जिम्मेदारी से व्यवहार करने का अनुरोध करते हैं। यदि अन्य यात्री इस तरह के आपत्तिजनक व्यवहार को देखते हैं तो उन्हें कॉरिडोर, स्टेशन, टाइम आदि का विवरण देते हुए तुरंत डीएमआरसी हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऐसा मामला इसी साल जनवरी के महीने में आया था। तब जाकिर नाम के आदमी को डीटीसी में महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत करते पकड़ा गया था। मध्यप्रदेश में भी एक आदमी विश्वेश्वर महादेव मंदिर के आगे प्राइवेट पार्ट दिखाने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। 2022 में एक गुरुग्राम का इंजीनियर भी दिल्ली मेट्रो में महिला के सामने ऐसी बेशर्मी करते पकड़ा दया था।

सोने के आसन पर विराजमान होंगे रामलला, भगवान सूर्य करेंगे अभिषेक: 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में विग्रह की होगी प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के दर्शन के लिए करोड़ों भक्त इंतजार कर रहे हैं। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख का ऐलान किया है। 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्रीराम गर्भगृह में विराजमान होंगे। इसके अलावा, रामनवमी पर भगवान राम के सूर्य तिलक की भी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं।

दरअसल, श्रीराम की नगरी अयोध्या में उत्तर प्रदेश सर्राफा मंडल एसोसिएशन का प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कई तिथियों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद फैसला लिया गया है कि 22 जनवरी 2024 को यह अनुष्ठान पूर्ण किया जाएगा।

चंपत राय ने यह भी कहा है कि रामलला के विराजमान होने की तिथि सामने आने के बाद अब गर्भगृह का निर्माण सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, रामलला की मूर्ति का निर्माण अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। गर्भगृह के निर्माण में मकराना मार्बल का उपयोग हो रहा है। मंदिर के शिखर, रामलला के आसन और दरवाजे में सोने का उपयोग किया जाएगा। गर्भगृह तक पहुँचने के लिए भक्तों को 34 सीढ़ियाँ चढ़नी होंगी।

राय ने यह भी कहा है कि रामलला की मूर्ति का निर्माण अयोध्या में ही होगा। मूर्ति में भगवान राम के स्वरूप को 5 वर्ष के बालक की तरह दिखाया जाएगा। रामनवमी पर रामलला की मूर्ति के मस्तक पर भगवान सूर्य स्वयं अभिषेक करेंगे। इसके लिए वैज्ञानिक पूरी तैयारियाँ कर चुके हैं। इस प्रक्रिया को सूर्य तिलक का नाम दिया गया है। सूर्य भगवान की किरणें करीब 5 मिनट तक रामलला के मस्तक पर होंगी। इसके लिए किए गए प्रयोग भी सफल हो चुके हैं।

रामलला की जन्मभूमि को भव्य बनाएगा पंचदेव मंदिर

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में बन रहे रामलला के मंदिर में पंचदेव मंदिर का भी निर्माण होना है। इस मंदिर में भगवान गणेश, माँ भवानी, भगवान शंकर, भगवान हनुमान, सूर्य देवता के साथ ही भगवान राम के वनवास के दौरान उनके संपर्क में आई विभूतियाँ भी विराजमान होंगी। इसमें माता शबरी, जटायु, निषाद राज, अगस्त्य मुनि, ऋषि विश्वामित्र, ऋषि वशिष्ठ, महर्षि वाल्मीकि और देवी अहिल्या जैसे नाम शामिल हैं।

इसको मंदिर के निर्माण को लेकर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का कहना है कि पंचदेव मंदिर का निर्माण तीन चरण में होना है। पहले चरण के निर्माण की नींव पड़ चुकी है। पंचदेव मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन और परिक्रमा कर पंचदेव मंदिर में भी पूजा अर्चना कर सकेंगे। इस मंदिर का निर्माण मंदिर के परकोटे में होना है। मंदिर का निर्माण 2025 तक पूरा होने का अनुमान है।

बेड तक रखें सेक्शुअल पसंद, हर जगह न करें प्रदर्शन: समलैंगिक विवाह पर कंगना रनौत, कहा- बिस्तर में क्या करते हैं उससे नहीं बनती पहचान

समलैंगिक विवाह को कानूनी वैधता देने पर इन दिनों बहस छिड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर सोशल मीडिया तक रिएक्शंस देखने को मिल रहे हैं। अब बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की प्रतिक्रिया भी इस मुद्दे पर सामने आई है। शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को उन्हें सिलसिलेवार ट्वीट में कहा है कि आपके जेंडर से आपके अलावा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। आप जो काम करते हैं, उससे आपकी पहचान होती है। इसलिए अपनी सेक्शुअल प्रेफरेंस बिस्तर तक ही सीमित रखें। हर जगह उसका प्रदर्शन करना ठीक नहीं।

उन्होंने लिखा, “चाहे आप एक पुरुष, महिला या कुछ और हों, आपके जेंडर का आपके अलावा किसी और के लिए कोई महत्व नहीं है, कृपया समझें। आज के समय में हम अभिने​त्रियों या महिला निर्देशकों जैसे शब्दों का भी उपयोग नहीं करते हैं, हम उन्हें एक्टर्स और डायरेक्टर्स कहते हैं। आप दुनिया में क्या करते हैं यह आपकी पहचान है, न कि आप बिस्तर में क्या करते हैं। अपनी सेक्शुअल पसंद को बिस्तर तक ही रखें। उसे अपना आईडी कार्ड या मेडल बनाकर हर जगह मत दिखाओ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर उस व्यक्ति का गला काटने के लिए छुरी लेकर न घूमें जो आपके जेंडर से सहमत नहीं है। मैं फिर कह रही हूँ कि आपका जेंडर आपकी पहचान नहीं है, इसे इस तरह से न बनाएँ।”

कंगना अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहती हैं, “मैं ग्रामीण क्षेत्र की महिला हूँ। जीवन ने मुझे कोई रियायत नहीं दी। मुझे अभिनेताओं, फिल्म निर्देशकों, निर्माताओं और लेखकों की दुनिया में अपनी जगह बनानी थी। कभी भी लोगों को जेंडर या किसी अन्य शारीरिक विशेषताओं के लेंस से न देखें। आप जानते हैं कि कंगना को सिर्फ एक महिला समझने वालों का क्या हुआ। आज वे बड़े आश्चर्य में हैं। मैं कभी भी खुद को या किसी और को इस तरह से नहीं देखती हूँ। मैं हमेशा लोगों के बीच रहती हूँ। व्यक्तिगत ऊर्जा केवल लोग ही होते हैं न कि पुरुष/महिला/होमो/हेट्रो/शारीरिक रूप से मजबूत या कमजोर।”

अभिनेत्री ने कहा है, “मैं अपनी जिंदगी में इतनी आगे नहीं आ पाती, अगर मैंने अपने और अपने आसपास के सभी लोगों को ऐसे ही जज किया होता। आप सभी अपने आसपास के लोगों को जज करने पर इतना समय क्यों बर्बाद करते हैं, कृपया समझें कि यदि आपके पास दुनिया के बारे में ऐसा सीमित दृष्टिकोण और धारणा है, तो आप ज्यादा दूर नहीं जा पाएँगे। जो कभी दूसरों के साथ न्याय नहीं कर पाते, वे कभी खुद के साथ भी न्याय नहीं कर सकते हैं। इसलिए अपने आप को जेंडर या किसी अन्य सीमित धारणा से मुक्त करें। उठो और चमको जैसे आप कौन हैं और धर्म कहता है कि आप भौतिक चीजों से परे परम ईश्वर हैं… शुभकामनाएँ।”

वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना अपनी आगामी फिल्म ‘इमरजेंसी’ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की भूमिका में नजर आएँगी। इसके अलावा वह तेजस और चंद्रमुखी 2 में भी अहम किरदार निभाते हुए दिखाई देंगी।

बेवफाई, टॉर्चर, गाली… 6 पन्नों में सब कुछ लिखकर गई थीं जिया खान, 10 साल बाद कोर्ट ने सूरज पंचोली को कर दिया बरी: सुसाइड के लिए उकसाने का था आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस जिया खान सुसाइड केस में आज (28 अप्रैल 2023) 10 साल बाद मुंबई में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने सूरज पंचोली पर लगे सभी आरोपों से उनको बरी कर दिया। 10 साल पहले उन्हें जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सीबीआई अदालत के जज एएस सैय्यद ने जिया खान सुसाइड केस में कहा, “सबूतों की कमी के कारण यह अदालत सूरज पंचोली को दोषी नहीं ठहरा सकती है, इसलिए बरी किया जाता है।”

बता दें कि गजनी जैसी फिल्में करने वाली जिया खान ने 3 जून 2013 को अपने फ्लैट पर सुसाइड की थी। उस समय उनकी उम्र केवल 25 साल थी। अपने पीछे उन्होंने 6 पन्नों का नोट छोड़ा था जिससे साफ पता चल रहा था कि उन्होंने सूरज पंचोली का अपने प्रति बुरा रवैया देख आत्महत्या की। उनके लेटर के आधार पर एक्टर को गिरफ्तार किया गया था और अब 10 बाद कोर्ट ने उन्हें लेकर अपना फैसला सुनाया।

अब आइए जानते हैं कि आखिर सूरज पंचोली के नाम लिखे उस 6 पन्नों के लेटर में क्या था?

जिया ने पत्र में लिखा था, “मुझे नहीं पता कि मैं तुमसे यह कैसे कहूँ लेकिन मैं अब यह कह सकती हूँ क्योंकि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। मैं पहले ही सब कुछ खो चुकी हूँ, अगर तुम इसे पढ़ रहे हैं तो हो सकता है कि मैं पहले ही जा चुकी हूँ या जाने वाली हूँ। मैं अंदर से टूट चुकी हूँ।”

जिया ने सूरज को कहा था कि उन्हें अब रौशनी की किरण भी नहीं दिखाई देती। उन्होंने सूरज को टूट कर प्यार किया मगर वो सिर्फ पार्टियों और लड़कियों में ही उलझे रहे। अपने लेटर में एक्ट्रेस ने लिखा था कि वो सूरज को खुश करने के लिए सब करती थीं। उन्हें प्रेगनेंट होने का डर था। बावजूद इसके उन्होंने खुद को सौंप दिया। उन्हें लगा था कि चीजें बेहतर होंगी। मगर इसके बदले उन्हें गालियाँ मिलीं, धमकी मिली, मारपीट की और धोखेबाजी की।

लेटर में ये भी बताया गया था कि कैसे सूरज पंचोली उन्हें रात में धक्के देकर बाहर निकाल देते थे। मुँह पर झूठ बोलते थे। परिवार को बेइज्जत करते थे। बहन से नहीं मिलते थे। जिया ने लिखा था, “तुमने मेरी आत्मा को नोचा। मेरे पास अब जीने की वजह नहीं है। मैं सिर्फ प्यार ही चाहती थी, उसके लिए, मैंने सब कुछ किया।”

इस लेटर में जिया की प्रेगनेंसी, अबॉर्शन का भी जिक्र था। एक्ट्रेस ने लिखा था कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ सूरज से दूर होना, उनसे धोखा मिलना ही खला। यही वो वजह हैं जिसकी वजह से वो गहरी नींद में सोना चाहती हैं। उन्होंने लिखा था कि अगर वो जिंदा रहीं तो उन्हें सूरज के लौटने की उम्मीद रहेगी इसलिए वो हमेशा के लिए जा रही हैं।

जंतर-मंतर पर डटे पहलवानों को मिला नीरज चोपड़ा और कपिल देव का साथ, खाप भी समर्थन में: WFH बोला- सब हुड्डा का करामात

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (WFI President Brijbhushan Sharan Singh) के खिलाफ महिला पहलवानों के प्रदर्शन को अन्य खिलाड़ियों का भी समर्थन मिला है। एथलीट नीरज चोपड़ा और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर कपिलदेव भी इन पहलवानों के समर्थन में आए हैं। वहीं, महिला पहलवानों की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके साथ ही हरियाणा कुश्ती संघ (WFH) के महासचिव ने इन पहलवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे पहलवानों कई राजनीतिक दलों और जाट समुदाय के खापों का भी समर्थन मिला है। वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने बृजभूषण शरण का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उधर, एथलीट नीरज चोपड़ा ने कहा कि एथलीटों को सड़क पर न्याय की माँग करते हुए देखना दुखद है।

नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को ट्वीट कर कहा, “खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और उसे गौरवान्वित करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। एक राष्ट्र के रूप में हम हर व्यक्ति की गरिमा का ख्याल रखने के लिए जिम्मेदार हैं, चाहे वह एथलीट हो या नहीं। जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। यह एक संवेदनशील मुद्दा है।”

नीरज चोपड़ा ने कहा कि इस मुद्दे को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटाया जाना चाहिए और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। नीरज चोपड़ा के इस ट्वीट पर पहलवान बजरंग पुनिया ने उन्हें धन्यवाद दिया।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर कपिलदेव ने कहा ने भी पहलवानों को लेकर अपनी राय रखी। कपिलदेव ने अपने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में पहलवानों का समर्थन किया। बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कपिलदेव ने लिखा, “क्या इन्हें कभी इंसाफ मिल पाएगा?”

उधर, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने महावीर फोगाट परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। राकेश कोच ने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने कहा कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा। कि बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। राकेश ने कहा कि विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ गलत नहीं हुआ।

उधर बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों के आगे झुकने के तैयार नहीं हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, “मित्रों, जिस दिन मैं अपने जीवन की समीक्षा करूँगा कि क्या खोया, क्या पाया और महसूस करूँगा कि मेरे संघर्ष करने की क्षमता अब समाप्त हो गई है, मैं लाचार हूँ, मैं बेचारा हूँ। उस दिन ऐसी जिंदगी जीना मैं पसंद नहीं करूँगा। मैं चाहूँगा कि ऐसी जिंदगी जीने के पहले मृत्यु मेरे करीब आ जाए।”  

बता दें कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा था, “हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना। 14 बैठकें कीं और एक समिति बनाई। हम भी निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। सभी को एक निरीक्षण समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।”

उन्होंने आगे बताया था, “समिति का प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव था। तब तक, एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना चाहिए और एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए।” बता दें कि अगले महीने के पहले सप्ताह में WFI के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, लेकिन विवाद के बाद उसे टाल दिया गया है।

गठित ओवरसाइट कमिटी ने खेल मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट दे दी। रिपोर्ट आने के बाद महिला पहलवानों ने उसे सार्वजनिक करने की माँग की थी। तब समिति ने कहा कि खिलाड़ी उस पूरी रिपोर्ट को पढ़ चुके हैं और उस पर अपना हस्ताक्षर भी किए हैं। इसके बाद पहलवान बबीता फोगाट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी।

बबीता फोगाट ने कहा था कि पूर्व खेल प्रशासक राधिका श्रीमन ने उन्हें पूरी रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उसे छिन लिया था। उधर बजरंग पूनिया ने आरोप लगाया था कि रिपोर्ट पर बबीता फोगाट से जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे। बजरंग पूनिया ने पहलवानों के साथ राजनीति होने का आरोप लगाया।

इस बीच पहलवानों के धरने को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओलंपिक संघ ने कहा कि धरना देकर पहलवान भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने तो इसे अनुशासनहीनता बताया था।

इस पर पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते?

बता दें कि WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया जैसे पहलवान 23 अप्रैल 2023 से जंतर-मंतर पर फिर से बैठे हैं। पहलवानों ने जनवरी में भी धरना दिया था। बाद में सरकार के साथ बातचीत में वे समिति की गठन की सहमति पर धरना खत्म कर दिया था।

अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीबों के लिए PMAY वाला घर: माफिया के बेटे के नाम से लेटर वायरल, हत्या में अखिलेश यादव का भी बताया हाथ

माफिया अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर गरीबों को बसाने की योजना है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रयागराज में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर बनवा रही है। इसके जरिए 76 परिवारों को आशियाना मिलने की बात कही जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर अतीक के बेटे अली के नाम से एक चिट्ठी वायरल हो रही है। इस चिट्टी में अतीक और अशरफ की हत्या के लिए अखिलेश यादव को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अतीक अहमद ने प्रयागराज के लूकरगंज इलाके की जमीन पर कब्जा किया हुआ था। इस जमीन को माफिया के कब्जे से छुड़ाने के बाद योगी सरकार ने यहाँ गरीबों के लिए घर बनाने का फैसला किया है। इसको लेकर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के अधिकारी अजीत कुमार सिंह का कहना है कि 1731 वर्ग मीटर की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 76 घर बनाए जा रहे हैं। ये घर दो ब्लॉकों में बनाए जा रहे हैं। पहले ब्लॉक में 36 घर, वहीं दूसरे में 40 घर होंगे।

पीडीए अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई इस जमीन पर बन रहे घरों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए अब तक 6000 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इनमें से 2000 आवेदन वैध पाए गए है। घरों का आवंटन लकी ड्रॉ के माध्यम से होगा। आवेदन के साथ लोगों ने गारंटी मनी जमा की है। इससे पीडीए को 3.16 करोड़ रुपए मिले हैं। जिन लोगों को घर नहीं मिलेगा, उनकी गारंटी मनी लौटा दी जाएगी।

अतीक के बेटे के नाम से चिट्ठी वायरल

उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों से पहले एक चिट्ठी सोशल मीडिया में वायरल हुई है। यह चिट्ठी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे अली के नाम से वायरल की जा रही है। हालाँकि यह अली ने ही लिखी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसमें अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या तथा असद के एनकाउंटर के पीछे सपा मुखिया अखिलेश यादव का भी हाथ बताया गया है। चिट्ठी में मुस्लिमों को एक होने तथा बीजेपी और सपा को वोट न देने की अपील की गई है।

चिट्ठी में कहा गया है, “मेरे वालिद और मेरे चाचा अशरफ और मेरे भाई असद का एनकाउंटर कर दिया गया। अब हमको भी मारने की कोशिश की जा रही है। आप भाइयों से विनती कर रहा हूँ कि जितना हाथ भाजपा योगी आदित्यनाथ का है, उतना ही समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव का है। मैं आप लोगों से गुजारिश करता हूँ कि आप मुसलमान भाई एक हो जाएँ। आप लोग भाजपा और समाजवादी पार्टी को वोट न दें।” साथ ही कहा गया है कि पुलिस अतीक की बीवी शाइस्ता का एनकाउंटर करने की कोशिश में भी लगी हुई है।

सर्फ से धोए बाल, टॉयलेट के पानी से बनाई कॉफी: महेश भट्ट की हिरोइन ने बताया शारजाह जेल में जो भी भोगा, ट्रॉफी में मिला था ड्रग्स

महेश भट्ट निर्देशित ‘सड़क 2’ और ‘बाटला हाउस’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हिरोइन क्रिसन परेरा (Chrisann Pereira) गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को शारजाह जेल से रिहा हो गई। इसी साल एक अप्रैल को उसे ड्रग्स तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। जेल में बीते दिनों के बारे बाॅलीवुड हिरोइन ने एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें कई हैरान करने वाली बातें बताई है।

इस पोस्ट के मुताबिक परेरा को जेल में कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट पाउडर से अपने बाल धोने पड़े। टॉयलेट के पानी से कॉफी बनानी पड़ी। उन्होंने लिखा है, “डियर वॉरियर्स, जेल में कागज और पेन ढूँढ़ने में तीन सप्ताह और 5 दिन लग गए। मैंने यहाँ टॉयलेट के पानी से कॉफी बनाई और टाइड से अपने बाल धोए। इसके अलावा कुछ बॉलीवुड फिल्में भी देखीं। कभी-कभी मेरी आँखों में आँसू आ जाते थे। मैं जानती हूँ कि मेरी महत्वाकांक्षाओं के कारण ही मैं आज इस हालात में पहुँच गई हूँ। टीवी देखते हुए जाने-पहचाने चेहरों, अपनी संस्कृति को देखकर मैं खुश भी हुई। मैं जानती हूँ कि यही मेरी पहचान है और मुझे गर्व है कि मैं इंडियन फिल्म इंडस्ट्री से हूँ।”

क्रिसन परेरा ने आगे लिखा है, “आप एक असली योद्धा हैं। मैं कुछ लोगों द्वारा खेले गए इस गंदे गेम में सिर्फ एक मोहरा हूँ। मैं उन सभी की हमेशा आभारी रहूँगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले असली आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए ट्वीट किया और मेरी कहानी को शेयर किया। हम एक महान शक्तिशाली देश से हैं। मैं अपने घर लौटने को लेकर बेताब हूँ। इस जालसाजी का शिकार हुए मुझ जैसे कई निर्दोष लोगों को बचाने के लिए शुक्रिया। न्याय की हमेशा ही जीत होती है।”

क्या है पूरा मामला…

दरअसल, 1 अप्रैल 2023 को यूएई के शारजाह में क्रिसन परेरा को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने क्रिसन के पास से एक ट्रॉफी बरामद की थी। इस ट्रॉफी में ड्रग्स छिपाकर रखी गई थी। क्रिसन की गिरफ्तारी के बाद ही उनके परिवार ने कहा था कि उन्हें फँसाया गया है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जाँच करते हुए एंथनी पॉल और राजेश बरोटे नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। एंथनी पॉल ने पुरानी रंजिश के चलते क्रिसन परेरा को फँसाने की साजिश रची थी।

आरोप है कि एंथनी पॉल के दोस्त राजेश बोराटे ने अपना नाम रवि और खुद को टैलेंट कंपनी का मैनेजर बताते हुए क्रिसन परेरा से संपर्क किया था। बोराटे ने क्रिसन परेरा से शारजाह में एक इंटरनेशनल वेब सीरीज के ऑडिशन में भाग लेने के लिए कहा। इसके लिए शारजाह जाने के टिकट और वहाँ रुकने के लिए होटल बुक किए गए। 1 अप्रैल को क्रिसन जब शारजाह के लिए फ्लाइट पकड़ने वालीं थीं, उससे पहले राजेश बोराटे ने स्मृति चिन्ह बताते हुए एक ट्रॉफी दी थी।

इस ट्रॉफी में पहले से ही ड्रग्स छिपाकर रखे गए थे। इसके बाद जब क्रिसन शारजाह पहुँची तो आरोपितों ने उनके पास ड्रग्स होने की सूचना पुलिस को दे दी। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जाँच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान एंथनी पॉल और क्रिसन परेरा की माँ के बीच लड़ाई हुई थी। इसका बदला लेने के लिए एंथनी ने यह साजिश रची।

क्रिसन के जेल जाने के बाद एंथनी पॉल और राजेश बोराटे ने क्रिसन की माँ प्रेमिला से संपर्क कर 80 लाख रुपए की माँग की थी। उनका कहना था कि यह पैसा मिलने पर वे क्रिसन को जेल से छुड़वा देंगे। इसके बाद प्रेमिला ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जाँच करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एंथनी पॉल ने केवल क्रिसन परेरा ही नहीं बल्कि चार अन्य लोगों को भी ड्रग्स मामले में फँसाने की कोशिश की थी। इनमें से एक क्लेटन रॉड्रिग्स अब भी शारजाह जेल में बंद है।

रेप कर वीडियो बनाया, जबरन धर्मांतरण कर निकाह, घर से हटवाई भगवान की मूर्तियाँ: उदयपुर में ग्राम विकास अधिकारी पर केस

राजस्थान के उदयपुर में एक ग्राम विकास अधिकारी पर रेप और जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर मामला दर्ज किया गया है। आरोपित की पहचान 57 साल के अजमल खान के तौर पर हुई है। 38 साल की पीड़िता को बंधक बनाकर रेप करने, वीडियो बनाने, जबरन धर्मांतरण कर निकाह करने और मारपीट करने का आरोप उस पर है। अजमल खान दो निकाह पहले भी कर चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उदयपुर के सविना थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि नशीला पदार्थ पिलाकर अजमल खान ने उसे बंधक बना लिया। इसके बाद दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाया। इस वीडियो के सहारे वह ब्लैकमेल कर डराने-धमकाने लगा।

पीड़ित महिला का आरोप है कि अजमल ने उससे कहा था कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगी तो वह उसकी 8 साल की बेटी का अपहरण कर उसे बेच देगा। इससे महिला बेहद डर गई। पीड़िता ने कहा है कि धमकियों और ब्लैकमेल के बीच अजमल ने 17 दिसंबर 2021 को उसका जबरन धर्मांतरण कराया और फिर उससे निकाह कर लिया। धर्मांतरण और निकाह के बाद अजमल ने महिला और उसकी बेटी का नाम बदलवा दिया। उसने पीड़िता के घर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ और फोटो हटवा दी।

दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण का शिकार हुई पीड़िता का कहना है कि अजमल खान ने उससे कहा था कि उसकी शादी नहीं हुई। लेकिन बाद में पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। महिला ने आरोप लगाया है कि निकाह के बाद से अजमल खान आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। 2 अप्रैल 2023 को पीड़िता को पता चला कि अजमल अपनी पहली पत्नी के पास चला गया है। इस पर वह उसके घर जा पहुँची। वहाँ अजमल ने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट में पीड़िता की आँख और हाथ पर गंभीर चोट आई है।

इसके बाद पीड़ित महिला ने स्थानीय सविना थाने पहुँचकर आरोपित अजमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, अजमल खान ने भी महिला के खिलाफ धमकी देकर पैसे हड़पने का आरोप लगाया। अजमल ने कहा है कि महिला ने उसे कई बार धमकी दी। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म और धर्मांतरण को लेकर महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जाँच की जा रही है। आरोपित अजमल खान ग्राम कोटड़ा में मेवाड़ों का मठ ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी है।