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जिस ‘साले’ सद्दाम ने जेल में अशरफ से करवाई शूटरों की मुलाकात, उस पर UP पुलिस ने रखा ₹1 लाख का ईनाम: ‘बहन’ आयशा नूरी सरेंडर को तैयार, शाइस्ता की तलाश तेज

उत्तर प्रदेश में माफियाओं/अपराधियों पर कार्रवाई का सिलसिला अभी थमा नहीं है। अतीक-अशरफ हत्या केस की जाँच में जुटी पुलिस को अब साथ-साथ माफिया भाइयों के साले सद्दाम की तलाश है। यूपी पुलिस ने उसके ऊपर रखा इनाम बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यूपी पुलिस ने बताया कि माफिया अतीक अहमद और अशरफ अहमद के साले सद्दाम की गिरफ्तापरी के लिए पुलिस ने ईनाम ₹50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया है।

उस पर आरोप है कि उसने बरेली जेल में शूटर्स की अशरफ से मुलाकात कराई थी। सद्दाम पर बरेली जेल प्रशासन से मिलकर जीजा अशरफ को VIP सुविधा भी दिलाने का आरोप है। पुलिस के अलावा STF भी सद्दाम की गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।

बता दें कि एक ओर जहाँ सद्दाम को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा ईनाम राशि बढ़ाई गई है। वहीं अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की सरेंडर एप्लिकेशन पर भी 30 अप्रैल को सुनवाई होनी है। सीजेएम कोर्ट ने धूमगंज पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट माँगी है। आयशा पर उमेश पाल हत्याकांड के शूटरों की मदद करने का आरोप है।

इसी तरह अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन की तलाश भी तेज कर दी गई है। हाल में उसे ढूँढने के लिए दिल्ली में छापेमारी हुई थी। जाँच एजेंसियों को यह इनपुट मिला था कि शाइस्ता ने किसी वकील से संपर्क किया था। इसी आधार पर करोलबाह और जामिया नगर में छापेमारी हुई।

दिल्ली के अलावा एसटीएफ की एक टीम लखनऊ में भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। वकील के अलावा कहा जा रहा है उसने राजनीतिक दल के नेता से भी सपर्क किया है। एसटीएफ अलर्ट मोड पर रहकर उससे जुड़े हर इनपुट पर काम कर रही है।

WFI चीफ बृजभूषण सिंह के खिलाफ दिल्ली में 2 FIR, पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज: पहलवान अब भी संतुष्ट नहीं, पूछा- हमें इससे क्या मिलेगा

दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष और गोंडा से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की है। ये प्राथमिकी महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज की गई हैं। महिला खिलाड़ियों से यौन शोषण से संबंधित इन FIR में एक POCSO ऐक्ट में दर्ज की गई है। हालाँकि, पहलवान सिर्फ FIR दर्ज होने से संतुष्ट नहीं हैं। वे सांसद की तुरंत गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं।

दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने कहा, “पहली प्राथमिकी एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है। यह एक महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के लिए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ POCSO अधिनियम के तहत दर्ज की गई है।”

डीसीपी ने आगे कहा, “दूसरी प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत अन्य वयस्क शिकायतकर्ताओं द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई है। यह अन्य समान धाराओं के साथ एक महिला की शील भंग करने से संबंधित है।” दोनों FIR दिल्ली की कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को अदालत को बताया था कि उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली जाएगी। इसके बाद शाम को प्राथमिकी दर्ज की गई।

हालाँकि, अब तक FIR दर्ज करने की माँग करते आ रहे पहलवानों ने कहा है कि सांसद को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे। पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह को सांसदी छोड़ने की भी माँग की है।

पहलवान सत्यव्रत कादियान का कहना है, “यह अच्छा है कि FIR दर्ज कर ली गई है। FIR से हमें क्या मिलेगा? क्या FIR से हमें न्याय मिलेगा? दिल्ली पुलिस को पहले ही दिन FIR दर्ज कर लेनी चाहिए थी। हमारी ऑन-पेपर लड़ाई अभी शुरू हुई है। देखते हैं कि हमारी कानूनी टीम और कोचों का क्या कहना है। हम माँग कर रहे हैं कि कुश्ती को राजनीति से अलग किया जाए और हमारी महिला पहलवानों का भविष्य सुरक्षित किया जाए।”

अब जबकि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों द्वारा FIR दर्ज करने की माँग को दिल्ली पुलिस ने माँग ली तो पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि उन लोगों को दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है। फोगाट ने कहा, “हमारी माँग है कि उन्हें (WFI अध्यक्ष) जेल में डाला जाए। उन्हें हर एक पद से हटाया जाए। सांसद पद से भी इस्तीफा दें।”

वहीं, प्रदर्शन कर रहे बजरंग पूनिया ने कहा, “उनको (बृजभूषण सिंह को) तुरंत जेल मे डाला जाना चाहिए। हम पुलिस की FIR का इंतजार कर रहे हैं कि किन धाराओं में केस दर्ज होता है। हमारा फोन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नहीं उठाया।”

पहलवान साक्षी मलिक के साफ लग रहा है कि पहलवान दिल्ली पुलिस को सहयोग नहीं करेंगे और ना ही इस मामले में अपना बयान दर्ज कराएँगे। साक्षी ने कहा, “हम अपना बयान सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराएँगे। उनको (बृजभूषण शरण सिंह) को जेल में डालने और सभी पदों से हटाने के बाद ही हमारा प्रदर्शन खत्म होगा।” 

बृजभूषण शरण सिंह ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को कहा था, “कोर्ट ने आज जो भी फैसला किया है, मैं उसका स्वागत करता हूँ। इस फैसले से मैं बहुत खुश हूँ। अब कोर्ट में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मुझे इंसाफ मिलेगा। मुझे अपने कर्म पर भरोसा है।”

बृजभूषण शरण सिंह ने खिलाड़ियों को लेकर कहा था, “पहलवानों की माँगें लगातार बदल रही हैं। वे सवाल उठाते रहेंगे। दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाएँगे। मुझे आजतक किसी मामले में किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। सब कुछ राजनीति से प्रेरित है।”

पहलवानों ने सभी नेता और अपने जाट समुदाय के खापों से समर्थन माँगा था। जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल पर कॉन्ग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और उनके बेटे दिपेंद्र हुड्डा सहित हरियाणा के कुछ खिलाड़ियों ने अपना समर्थन दिया। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी’ के नारे लगे।

‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी… ‘: पहलवानों के प्रदर्शन में सुनाई पड़े PM विरोधी नारे, महिला पहलवान बोलीं- हमें पुलिस पर भरोसा नहीं, बयान SC में देंगे

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जंतर मंतर पर बैठीं महिला पहलवानों ने ने WFI चीफ को तुरंत जेल में डालने की माँग की। इतना ही नहीं, प्रदर्शन स्थल पर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए।

ताजा घटनाक्रमों के बीच बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “कोर्ट ने आज जो भी फैसला किया है, मैं उसका स्वागत करता हूँ। इस फैसले से मैं बहुत खुश हूँ। अब कोर्ट में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मुझे इंसाफ मिलेगा। मुझे अपने कर्म पर भरोसा है।”

WFI के चीफ ने कहा, “सरकार की तरफ से कहा गया था कि FIR लिखने में कोई दिक्कत नहीं है। मैं इसका भी स्वागत करता हूँ। जब कमिटी बनी थी, तब भी मैंने कोई सवाल नहीं किया था। इन लोगों को इंतजार करना चाहिए था, यह लोग सुप्रीम कोर्ट गए और वहाँ से एक फैसला आया।”

उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस को जाँच मिली है। इसमें जहाँ भी मेरे सहयोग की आवश्यकता होगी, वो मैं करने के लिए तैयार हूँ। मुझे पुलिस प्रणाली और न्यायालय पर भरोसा है। इस देश में न्यायपालिका से बड़ा कोई नहीं है। अब तक तो FIR दर्ज हो गई होगी। मैं कानून का पालन करता रहा हूँ और आगे भी करूँगा।”

आजतक से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैं कहीं भागा नहीं हूँ, अपने आवास पर हूँ। मुझ पर आरोप लगाने वालों के पास मजबूत राजनीतिक समर्थन है। मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने निचली अदालत के फैसले का इंतजार नहीं किया और सुप्रीम कोर्ट चले गए।”

उन्होंने सवाल किया, “कैंप के अन्य पहलवान बाहर क्यों नहीं आए? सब कुछ इन्हीं लोगों के साथ ही क्यों हो रहा है? प्रदेश के और भी कई पहलवान खेमे में हैं, लेकिन उनके अलावा किसी अन्य पहलवान ने कोई आरोप नहीं लगाया है। मैं गलत नहीं था और ना मैं गलत हूँ।”

गोंडा से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह तो यहाँ तक कह दिया कि अगर पहलवान चाहते हैं कि वे अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दें तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा, “पहलवानों को चाहिए कि धरना खत्म करें और प्रैक्टिस में जुट जाएँ।”

बृजभूषण सिंह ने खिलाड़ियों को लेकर कहा, “पहलवानों की माँगें लगातार बदल रही हैं। वे सवाल उठाते रहेंगे। दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाएँगे। मुझे आजतक किसी मामले में किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। सब कुछ राजनीति से प्रेरित है।”

अब पहलवानों को दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं

अब जबकि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों द्वारा FIR दर्ज करने की माँग को दिल्ली पुलिस ने माँग ली तो पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि उन लोगों को दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है। फोगाट ने कहा, “हमारी माँग है कि उन्हें (WFI अध्यक्ष) जेल में डाला जाए। उन्हें हर एक पद से हटाया जाए। सांसद पद से भी इस्तीफा दें।”

वहीं, प्रदर्शन कर रहे बजरंग पूनिया ने कहा, “उनको (बृजभूषण सिंह को) तुरंत जेल मे डाला जाना चाहिए। हम पुलिस की FIR का इंतजार कर रहे हैं कि किन धाराओं में केस दर्ज होता है। हमारा फोन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नहीं उठाया।”

पहलवान साक्षी मलिक के साफ लग रहा है कि पहलवान दिल्ली पुलिस को सहयोग नहीं करेंगे और ना ही इस मामले में अपना बयान दर्ज कराएँगे। साक्षी ने कहा, “हम अपना बयान सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराएँगे। उनको (बृजभूषण शरण सिंह) को जेल में डालने और सभी पदों से हटाने के बाद ही हमारा प्रदर्शन खत्म होगा।” 

प्रदर्शन स्थल पर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के लगे नारे

पहलवानों ने सभी नेता और अपने जाट समुदाय के खापों से समर्थन माँगा था। जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल पर कॉन्ग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और उनके बेटे दिपेंद्र हुड्डा पर पहुँचे। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी’ के नारे लगे।

बताते चलें कि महिला पहलवानों कई राजनीतिक दलों और जाट समुदाय के खापों का भी समर्थन मिला है। पहलवानों के समर्थन में नीरज चोपड़ा और कपिल देव के अलावा और कई हस्तियाँ आई हैं। यहाँ तक कि ‘टूलकिट’ का हिस्सा रहीं स्वरा भास्कर ने भी इस पर सरकार को घेरने का प्रयास किया है।

वहीं, हरियाणा कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन किया है। उन्होंने महावीर फोगाट परिवार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। राकेश कोच ने कहा कि उनका परिवार कुश्ती संघ पर कब्जा करना चाहता है। राकेश कोच ने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को WFI का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। इसलिए वे खिलाड़ियों को भड़का रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए राकेश कोच ने कहा कि ये खिलाड़ी किसी कार्यक्रम में आने के लिए पैसे लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बजरंग पुनिया सरकारी अधिकारी हैं और रेलवे की अनुमति के बिना वे धरने पर बैठे हैं। राकेश ने कहा कि विनेश फोगाट और साक्षी के साथ कुछ गलत नहीं हुआ।

पीटी उषा ने पहलवानों पर उठाया था सवाल

पहलवानों के धरने को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। ओलंपिक संघ ने कहा कि पहलवान धरना देकर भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने तो इसे अनुशासनहीनता बताया था।

इस पर पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते?

टॉवर लगाया पर किराया नहीं दिया, हटाने को बोला तो हुई मारपीट: जयपुर में दर्ज होगा मुकेश अंबानी समेत 4 पर केस, कोर्ट ने निर्देश दिया

राजस्थान के जयपुर में रिलायंस जियो इनफोकॉम के मालिक मुकेश अंबानी के खिलाफ केस दर्ज होगा। ये मामला मेट्रोपॉलिटियन मजिस्ट्रेट कोर्ट-5 के निर्देश पर दर्ज किया जाएगा। आरोप है कि उनकी कंपनी ने 19 दिसंबर 2013 को मोबाइल टॉवर के लिए लीज पर जगह ली थी। तब से कंपनी ने न किराया दिया, न जगह खाली की।

इस केस में अजमेर के मदनगंज, किशनगढ़ निवासी मनोज वैष्णव ने शिकायत दायर की थी। इसी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के मालिक मुकेश अंबानी सहित चार के खिलाफ जालूपुरा पुलिस थाने को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।

केस में मुकेश अंबानी के अलावा राजस्थान के क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रोजेक्ट मैनेजर व रिलायंस जियो जयपुर के पंकज कुमार का नाम शामिल हैं। परिवाद में कहा गया कि मनोज के पिता का मदनगंज में मकान था। रिलायंस ने उनके मकान की छत को 19 दिसंबर 2013 को लीज पर 20 साल के लिए लिया और 7 हजार किराया देने को कहा।

परिवाद के अनुसार कंपनी ने छत की दीवारें तोड़कर वहाँ मोबाइल टॉवर तो लगाया पर किराया नहीं दिया। 24 फरवरी 2016 को परिवादी के पिता का देहांत हो गया। बेटे ने कंपनी कार्यलय जाकर उस लीज डीड को निरस्त करने को कहा और साथ ही संपत्ति से कब्जा व टावर हटाने का आग्रह किया।

परिवादी के मुताबिक उनके इस आग्रह पर कार्यालय के लोगों ने उनसे गाली-गलौच करके मारपीट की। इतना ही नहीं दोबारा संपत्ति से कब्जा हटाने की माँग पर उन्हें धमकियाँ दी गईं। इसी के बाद ये परिवाद कोर्ट में दायर किया गया। आरोप लगाया गया है कि उनकी जमीन साजिश करके हड़पी गई है। अब कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाए।

हेट स्पीच का खुद संज्ञान लेकर FIR करे सभी राज्यों की पुलिस, वर्ना होगी कोर्ट की अवमानना: हिंदू पक्ष ने कहा- ‘सिर तन से जुदा’ कहने पर भी हो ऐक्शन

हेट स्पीच को लेकर शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हेट स्पीच (Hate Speech) के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज करें और कार्रवाई करें। कोर्ट ने कहा कि भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बनाए रखना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म की परवाह किए बिना गलती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय यह स्पष्ट करता है कि संविधान की प्रस्तावना में जैसी कल्पना की गई है, वैसी भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को संरक्षित रखने के लिए तत्काल एक्शन लिया जाना चाहिए।”

जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इसकी सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि हेट स्पीच देश के ताने-बाने को प्रभावित करने वाला एक गंभीर अपराध है। यह भारतीय गणतंत्र के दिल और लोगों की गरिमा को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

बता दें कि हेट स्पीच पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने साल 2022 में सिर्फ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली को दिया था। अब इस आदेश को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए बढ़ा दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 मई 2023 को होगी।

जस्टिस जोसेफ ने कहा, “किसी को भी कानून तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इंग्लैंड में उनके पास ‘शब्दों से लड़ने’ की अवधारणा है। क्या हम यह आदेश पारित कर सकते हैं कि यदि आप कार्रवाई नहीं करते हैं तो आपको अवमानना का सामना करना पड़ेगा? हम केवल जनता की भलाई को ध्यान में रखकर ऐसा कर रहे हैं।” पीठ ने कहा, “न्यायाधीश गैर-राजनीतिक हैं और उन्हें पार्टी A या पार्टी B से कोई मतलब नहीं है। हम सिर्फ भारत के संविधान और कानून को सोचते हैं।”

शीर्ष अदालत का यह आदेश पत्रकार शाहीन अब्दुल्ला द्वारा दायर एक याचिका पर आया है। शुरू में उन्होंने हेट स्पीच के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को निर्देश देने की माँग की थी। तब सर्वोच्च अदालत ने यह आदेश दिया था। अब उन्होंने इस आदेश को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिए एक आवेदन दायर किया था।

इसके पहले सुनवाई के दौरान पीठ ने राज्य सरकारों को नपुंसक तक करार दिया था। पीठ ने कहा था कि हर दिन फ्रिंज एलिमेंट टेलीविजन और मंचों से नफरती भाषण दे रहे हैं। ऐसे बयान दिए जाते हैं कि पाकिस्तान चले जाओ। इज्जत सबको प्यारी होती है। पीठ ने कहा था कि इस पर राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए।

उधर, हेट स्पीच मामले में ही सुप्रीम कोर्ट ‘हिन्दू ट्रस्ट फॉर जस्टिस’ (HTJ) नामक एक मंच के आवेदन पर भी सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। HTJ की ओर से पेश वकील विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट को बताया कि उनकी अर्जी में हिंदुओं को धर्मांतरित करने के लिए मुस्लिम और ईसाई मिशनरियों द्वारा भारत भर में आंदोलन चलाया जा रहा है। इसके कारण हिंदुओं की जनसंख्या कम हो रही है।

वकील जैन ने कोर्ट में दलील दी कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मुस्लिम भीड़ द्वारा ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, इसके बाद सिर कलम भी किए गए हैं। कई मौकों पर मुस्लिम भीड़ ने जुलूस निकाला और उसमें सिर कलम करने के नारे लगाए गए। अर्जी में इस तरह के हेट स्पीच पर सख्त कार्रवाई करने की गुजारिश की गई है।

याचिका में 2 फरवरी 2023 को वायरल हुए एक वीडियो का भी जिक्र किया गया है। इस वीडियो में पश्चिम बंगाल के हुगली में स्थित फुरफुरा शरीफ पीरजादा ताहा सिद्दीकी को मुस्लिमों को अपने बच्चों को हिंदुओं के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों द्वारा हेट स्पीच की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएँ सामने आने के बाद भी पुलिस राजनीतिक कारणों से इन पर कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने कहा, “पुलिस राजनीतिक कारणों या मुस्लिम भीड़तंत्र के डर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है। कुछ विशेष परिस्थितियों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, लेकिन मुस्लिमों के एक वर्ग में हिंदुओं के प्रति घृणा को रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया।” 

अब ‘त्रिकोण’ स्टाइल में होगा दिल्ली CM का आवास, पास के 2 बंगले और 8 फ्लैट भी समेटे: साज-सज्जा पर पहले ही ₹45 करोड़ लगा चुके हैं केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने आवास की साज-सज्जा पर 45 करोड़ रुपए खर्चने के बाद अब उसका विस्तार करने जा रहे हैं। सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित उनका बंगला फिलहाल 4.7 एकड़ में है जिसे 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया गया है।

ऐसा करने के लिए कुछ सरकारी अधिकारियों (जैसे आईएएस अधिकारियों और जजों) को घर खाली करने का नोटिस दिया गया था। ये घर 2.6 एकड़ जमीन पर बने हैं। रिपोर्ट बताती हैं कि सरकार ने मुख्यमंत्री आवास को बड़ा करने के लिए उसके पास बने 2 बंगले और 8 फ्लैट को छेका है। अब इसे सीएम के बंगले के साथ जोड़ा जाएगा।

कथिततौर पर ऐसा करने का फैसला 28 जुलाई 2021 को लिया गया था। इसके फौरन बाद अगस्त 2021 में 2 बंगलों और 8 फ्लैट्स को नोटिस भेज इसे खाली करा दिया गया। ये दोनों बंगले फ्लैगस्टॉफ रोड पर ही हैं जबकि फ्लैट राजपुर रोड पर आते हैं।

यहाँ रहने वाले केएश शेहरावत, विनोद कुमार, रमेश कुमार अब खेल गाँव में और आईएएस नेहा बंसल कोर्ट लेन में शिफ्ट हो गए हैं। वहीं गुरदीप सिंह और चारू अग्रवाल राजपुर रोड पर ही अलग फ्लैट में है। 8 फ्लैटों के अलावा 2 बंगलों (8-ए, 8-बी) को भी खाली कराया गया है। इस परिवर्तन के बाद सीएम का आवास एक त्रिकोण आकार में हो जाएगा।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम आवास को विस्तार देने का काम शुरू हो गया है। योजना के अनुसार, विशाल आवासीय परिसर फ्लैगस्टाफ रोड, राजपुर रोड और दो सड़कों को जोड़ने वाली एक लेन से घिरे त्रिकोणीय भूखंड पर आएगा। इसमें बैडमिंटन कोर्ट से लेकर स्विमिंग पूल और गार्डन भी होगा।

याद दिला दें कि अभी हाल ही में यह खुलासा हुआ था कि दिल्ली मुख्यमंत्री ने अपने आवास को सजाने में 45 करोड़ रुपए खर्च किए। इस आवास में पर्दे ऐसे लगे जिनकी डिजाइनिंग ही 8 लाख के करीब की है। वहीं जमीन पर वो मार्बल लगे जिनकी कीमत 3 करोड़ थी। एक स्विमिंग पूल बना जो मालदीप होटलों के स्टैंडर्ड पर था।

इसी तरह इस आवास में हर चीज सबसे महंगी लगाई गई और देखते-देखते साज-सज्जा में 45 करोड़ खर्च हो गए। टाइम्स नाऊ ने इस पर अपनी रिपोर्ट को ‘ऑपरेशन शीश महल’ का नाम दिया था। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सीएम दिल्लीवासियों की परेशानियों को नजरअंदाज करके जनता का पैसा घर पर खर्च रहे हैं।

इस पर आप नेता राघव चड्ढा का बयान आया था। उन्होंने कहा था अरविंद केजरीवाल आंदोलन से निकले नेता हैं और कोई फकीर नहीं है। उन्होंने बंगले पर 45 करोड़ खर्च के पीछे सफाई देते हुए कहा था कि उनका बँगला 1942 का बना है, वहाँ छत से पानी टपकती थी और बुजुर्गों को परेशानी होती थी। चड्ढा ने सीएम हाउस को सरकारी बँगलाो बताते हुए पीएम आवास के बारे में बात करने की सलाह दी।

कौन है शबनम जिसको लेकर अतीक और शाइस्ता में होते थे झगड़े, रिपोर्ट में बताया- परिवार के विरोध के बाद भी माफिया ने नहीं खत्म किए थे रिश्ते

माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmad) मर कर दफन हो गया। उसकी बीवी शाइस्ता परवीन (Shaista Parveen) फरार है। लेकिन मीडिया में रोज कुछ न कुछ थ्योरी आ रही है। इनमें से कुछ इनके आपराधिक साम्राज्य से जुड़े रहते हैं तो कुछ इनकी निजी जिंदगी से। अब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि अतीक का एक ऐसी महिला से मिलना-जुलना था, जिसे शाइस्ता पसंद नहीं करती थी। यह भी कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस को इस महिला की भी तलाश है।

निजी जीवन से जुड़ी इन थ्योरी को इसलिए भी बल मिल रहा है, क्योंकि शौहर अतीक अहमद की हत्या और बेटे असद के एनकाउंटर के बाद भी शाइस्ता सामने नहीं आई थी। एनबीटी की रिपोर्ट में शाइस्ता और अतीक के रिश्तों में खटास लाने वाली इस महिला का नाम शबनम बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अतीक के जीवन में इस महिला के आने के बाद से शाइस्ता परेशान थी। इसको लेकर मियाँ-बीवी के बीच झगड़े भी होने लगे थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस महिला के परिवार की कभी अतीक ने काफी मदद की थी। उसके घर भी आना-जाना था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात होती थी जो बाद में करीबी में बदल गई। यहाँ तक कि यह महिला जेल में भी अतीक से मिलने जाती थी। शाइस्ता के मना करने के बाद भी अतीक अहमद ने इस महिला से मिलना बंद नहीं किया था। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस महिला के पास भी अतीक के बारे में काफी जानकारी होने की संभावना है। लिहाजा पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उमेश पाल की हत्या से पहले यह महिला अहमदाबाद के साबरमती जेल में अतीक से मिली थी। उमेश पाल की हत्या के बाद जब जेल के सीसीटीवी फुटेज की जाँच हुई तो इस महिला के बारे में पता चला। अतीक फोन पर भी इससे बात करता था। वैसे यह स्पष्ट नहीं है कि उमेश पाल की हत्या में इस महिला की कोई भूमिका थी या नहीं। लेकिन अतीक की हत्या के बाद इस महिला के भी अंडरग्रांउड हो जाने की बात कही जा रही है। आज तक की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि परिवार के विरोध के बाद भी अतीक ने इस महिला से न तो मिलना और न बात करना बंद किया था। अब पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।

गौरतलब है कि उमेश पाल की हत्या प्रयागराज में इसी साल 24 फरवरी को की थी। इसी मामले में शाइस्ता की तलाश है। उमेश पाल पर हमला करते हुए अतीक का बेटा असद भी कैमरे में दिखा था। उसे पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बाद 15 अप्रैल को प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल में शूटरों ने अतीक और उसके भाई अशरफ को ढेर कर दिया था।

पालघर हत्याकांड की जाँच अब CBI के हवाले, SC से मिली हरी झंडी: 3 साल पहले दो साधुओं और उनके ड्राइवर की कर दी गई थी मॉब लिंचिंग

महाराष्ट्र के पालघर में हुई दो साधुओं और एक उनके ड्राइवर को की हत्या की जाँच अब सीबीआई करेगी। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। इससे पहले तत्कालीन उद्धव ठाकरे की सरकार ने मामले की सीबीआई जाँच कराने से इनकार कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पालघर हत्या के मामले में शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो मामले की जाँच सीबीआई से करा सकती है।

इस पर महाराष्ट्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसने पालघर हिंसा की जाँच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने फैसला ले लिया है तो इस पर कोर्ट की ओर से किसी भी प्रकार के निर्देश की आवश्यकता नहीं है।

बता दें कि इससे पहले 11 अक्टूबर 2022 को हुई सुनवाई में भी महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह पालघर हिंसा मामले की जाँच सीबीआई से कराने को तैयार है। इससे सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।

उद्धव सरकार ने CBI जाँच का किया था विरोध…

इससे पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जाँच का विरोध किया था। उद्धव ठाकरे सरकार की ओर से यह दलील दी गई थी कि महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही, जिन पुलिसकर्मियों ने इसकी जाँच में लापरवाही की थी, उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा चुका है।

क्या है मामला…

16 अप्रैल 2020 में कल्पवृक्ष गिरि और सुशील गिरि नाम के दो साधुओं और उनके ड्राइवर को पालघर में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। जब यह घटना हुई थी, तब दोनों साधु मुंबई से सूरत की यात्रा कर रहे थे। इस दौरान 200 से अधिक लोगों की भीड़ ने उन्हें रोक लिया था और पथराव करने के बाद उनकी कार को उलट दिया था। भीड़ ने साधुओं की इतनी पिटाई की कि उन्होंने दम तोड़ दिया था।

इस घटना के बाद जून 2020 में पंच दशाबन जूना अखाड़े के साधुओं और दो मृतक साधुओं के रिश्तेदारों ने मामले की जाँच कर रहे राज्य के अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट से एनआईए/सीबीआई जाँच की माँग की थी।

मौत का सौदागर से लेकर जहरीला साँप तक, अमित शाह ने कर्नाटक को याद दिलाया PM मोदी का अपमान: कहा- कॉन्ग्रेस की मति मारी गई है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जहरीला साँप’ बताने पर काॅन्ग्रेस घिरती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के नवलगुंड में शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) को चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को काॅन्ग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री के किए गए अपमान याद दिलाए। उन्होंने मौत का सौदागर से लेकर जहरीला साँप तक काॅन्ग्रेस नेताओं के बयान का जिक्र किया।

काॅन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री को जहरीला साँप बताया था। इसका जवाब देते हुए शाह ने कहा कि पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की सराहना और सम्मान करती है। लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी उनका अपमान करते रहते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने हमारे पीएम को ‘जहरीला साँप’ कहा और सोनिया गाँधी उन्हें मौत का सौदागर कहती हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “विगत 9 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में देश का सम्मान बढ़ाया। भारत को समृद्ध करने का काम किया। देश के इंफ्रास्टक्चर को मजबूत बनाया। देश की सीमाओं को सुरक्षित किया। वे दुनिया में जहाँ-जहाँ जाते हैं, जनता मोदी-मोदी के नारे लगाकर उनका स्वागत करती है। पूरी दुनिया जिस प्रधानमंत्री का सम्मान करती है। ये कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष खड़गे उन्हें ‘जहरीला साँप’ जैसे कहते हैं।”

शाह ने कहा, “मैं यहाँ आपसे पूछने आया हूँ कि मोदी जी कि तुलना साँप से करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी को आप चुनाव में जीता सकते हैं क्या? बताइए। कॉन्ग्रेस पार्टी हमारे खिलाफ नारे लगाती है। सोनिया गाँधी उन्हें मौत का सौदागर कहती हैं। प्रियंका गाँधी नीची जाति के लोग कहती हैं और ये खड़गे कहते हैं ‘विषैला साँप’। अरे, कॉन्ग्रेस वालों आपकी मति मारी गई है। मोदी जी को जितना गाली दोगे, कमल उतने ही अच्छे से खिलकर बाहर आने वाला है। आप मोदी जी को गाली देकर, कर्नाटक की जनता को नहीं बहका सकते हैं। मोदी जी को गाली देने से कॉन्ग्रेस का भला नहीं होने वाला। धूल आपके चेहरे पर जमी है, आइना साफ करने से कुछ नहीं होगा।”

गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कलबुर्गी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “पीएम मोदी ‘जहरीले साँप’ की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। यदि आप इसे चाटते हैं, तो आप मर मर जाएँगे।” इस बयान पर विवाद होने के बाद खड़गे ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री को जहरीला साँप नहीं कहा था। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है। वोटों की गिनती 13 मई को होगी।

सूर्य की सतह पर विस्फोट से धरती पर मंडराया ब्लैकआउट का खतरा: अरबों टन प्लाज्मा निकला, 24 घंटे अस्थिर रहेगा पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र

इस सप्ताह सूर्य की सतह पर एक बड़े विस्फोट से अरबों टन प्लाज्मा निकला, जो आज यानी शुक्रवार के दिन पृथ्वी को प्रभावित कर सकता है। विस्फोट, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के रूप में जाना जाता है, उसने सूर्य के दक्षिण-पश्चिम चतुर्भुज से प्लाज्मा निकाला है। यह इसे शक्तिशाली सौर हवाओं की मदद से पृथ्वी की ओर धकेल रहा है।

वैज्ञानिकों द्वारा की गई भविष्यवाणियों के अनुसार, पार्टिकल्स में पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों को बाधित करने की 50 प्रतिशत और ब्लैकआउट करने की 10 प्रतिशत संभावना होती है। स्ट्रीम में पॉवरफुल रेडिशन होता है, जो पृथ्वी की टेक्नालॉजी को बाधित कर सकता है।

भू-चुंबकीय तूफान

सौर हवाओं के कारण G1 भू-चुंबकीय तूफान बनने का भी अनुमान है, जो अंतरिक्ष में परिक्रमा करने वाले उपग्रहों को प्रभावित कर सकता है। कोरोनल मास इजेक्शन में सूर्य की सतह से अरबों टन कोरोना मटेरियल छोड़ने की क्षमता है। प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र पदार्थ बनाते हैं। इस तरह के विस्फोटों में अंतरिक्ष मौसम को बाधित करने की क्षमता भी होती है। यह अंतरिक्ष में जाने वालों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

यूरोपीय स्पेस एजेंसी की सौर और हेलिओस्फेरिक वेधशाला, जो सूर्य का अध्ययन करती है, ने इसे कैप्चर किया है। कहा जा रहा है कि सीएमई कण केवल संयोग से पृथ्वी से टकरा रहे हैं, क्योंकि स्ट्रीम हमारे ग्रह के सामने एक कोरोनल छेद से निकली थी।

नेशनल ओशनिक एंड एटमोस्फेयरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) ने भविष्यवाणी की है कि इसकी वजह से शुक्रवार (28 अप्रैल 2023) शाम 6 बजे पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। EarthSky के अनुसार, गुरुवार से पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र ‘अस्थिर’ हो गया है और अगले 24 घंटों तक ऐसा ही रहेगा, क्योंकि तेज गति वाली सौर हवाएँ कोरोनल होल से गुजरती हैं। सूर्य की सतह पर तीन कोरोनल छिद्रों का पता चला है। वहीं, इस समय सूर्य पर AR3275, AR3279, AR3276, AR3277, AR3272, AR3273 और AR3278 नामक कुल 7 सनस्पॉट सक्रिय हैं।

सौर तूफान से हो सकता है बड़ा नुकसान

सौर तूफान को वैज्ञानिकों ने G1 से लेकर G5 तक कुल 5 श्रेणियों में बाँटा है। G1-श्रेणी का सौर तूफान काफी हल्का होता है। इससे नुकसान की संभावना बेहद कम होती है, जबकि G5-श्रेणी का सौर तूफान काफी शक्तिशाली होता है। सौर तूफान सैटेलाइटों को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसकी वजह से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएँ भी बाधित हो सकती हैं। अत्यधिक शक्तिशाली होने पर ये पावर ग्रिड और पृथ्वी आधारित संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं।