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अतीक अहमद के ऑफिस में मिला जो खून, वह शाहरुख का: रेस्टोरेंट की रसीद से उठा सवाल- क्या माफिया ब्रदर्स की हत्या से पहले मिले थे गुड्डू मुस्लिम और शूटर

मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद के प्रयागराज स्थित कार्यालय में जाँच के दौरान मानवीय खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक शाहरूख नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। वह अतीक के ऑफिस में लोहा चोरी करने के इरादे से घुसा था। यह खून उसी का है।

इससे पहले पुलिस को आशंका थी कि इस दफ्तर में किसी व्यक्ति का खून किया गया है। हालाँकि, शाहरूख की गिरफ्तारी के बाद स्थिति साफ हो गई है। उसने पुलिस को बताया कि जब वह चोरी के इरादे से अतीक के दफ्तर में घुसा तो उसे चोट लग गई और उसका खून फर्श पर गिर गया।

डीएसपी दीपक भूकर ने बताया कि वह अपने एक साथी के संग उस घर में घुसा था। उसका साथी बाहर खड़ा हो कर चौकीदारी कर रहा था। जब उसे चोट लगी और खून बहने लगा तो वहाँ उसे जो भी कपड़ा मिला, उसी से वह खून को साफ करने लगा। यही कारण है कि वहाँ खून बिखर गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी ने बताया कि खून को साफ करने के लिए शाहरूख ने बाहर जाकर एक दुकान से पानी की बोतल भी खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। पुलिस ने बताया कि वह नशेड़ी है। वहीं, उसके दूसरे साथी की तलाश की जा रही है।

इसके साथ ही अतीक की हत्या करने वाले शूटर लवलेश तिवारी को लेकर भी खुलासा हुआ है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम और एनकाउंटर में मारा गया असद अहमद प्रतापगढ़ में छिपने के दौरान लवलेश तिवारी से मिले थे। वहाँ तीनों ने एक रेस्टोरेंट में खाना भी खाया था।

कहा जा रहा है कि STF को लवलेश के ठिकाने से पट्टी क्षेत्र के उस रेस्टोरेंट का बिल भी मिला है। उस पर पूरा पता, बिल का समय भी दर्ज था। इसके बाद पुलिस ने रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। इस खुलासे के बाद STF सक्रिय हो गई है।

STF को उम्मीद है कि यह बिल और रेस्टोरेंट का सीसीटीवी फुटेज अतीक की हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद करेगा। बताते चलें कि जिस वक्त अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या की गई थी, उस वक्त अशरफ मीडिया वालों से कुछ कहना चाह रहा था। उसने गुड्डू मुस्लिम का जैसे ही नाम लिया, उसी दौरान लवलेश तिवारी और उसके साथियों ने दोनों पर गोलियाँ बरसाकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया था।  

ईद पर सड़क जाम करके पढ़ी नमाज, 1700 पर FIR: कानपुर के 3 थानों में केस दर्ज, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भड़का

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ईद के दिन रोड ब्लॉक करके नमाज पढ़ने के मामले में 1700 लोगों के ऊपर एफआईआर हुई है। ये प्राथमिकी तीन अलग-अलग पुलिस थाने- जाजमऊ, बाबूपुरवा और बजरिया में दर्ज हुई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, बजरिया थाने में 1500 नमाजियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है जबकि जाजमऊ में 200 से 300 और बाबूपुरवा में 40 से 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है।

पुलिस का कहना है कि नमाज पढ़ने को लेकर पहले ही पीस कमेटी ने फैसला किया था कि ईद के दिन इसे केवल ईदगाह और मस्जिद के भीतर ही पढ़ा जाएगा। अगर ज्यादा भीड़ के कारण कोई नमाजी रह जाएगा तो उसे दोबारा नमाज पढ़वाने का इंतजाम पुलिस करेगी।

अब इस पीस बैठक में लिए फैसले और इलाकों में लागू धारा 144 के बावजूद ईद के दिन ईदगाह के सामने अचानक हजारों की भीड़ इकट्ठा हुई और पुलिस के रोकने के बावजूद इन लोगों ने सड़क पर बैठ नमाज पढ़नी शुरू कर दी

पुलिस ने इस तरह मनमानी करने वालों के खिलाफ व ईदगाह के सदस्यों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके अपनी जाँच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज मँगाकर उन लोगों की पहचान हो रही है जिन्होंने फैसले की नाफरमानी की। सामने आई वीडियोज में दिख रहा है कि बेनाझाबर ईदगाह में उस दिन पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

बता दें कि बाबूपुरवा पुलिस ने नमाजियों के खिलाफ धारा 186, 188, 283, 341,और 353 के तहत एफआईआर की हैं। इन प्राथमिकियों के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

बोर्ड के सदस्य डॉ सुलेमान ने कहा कि पुलिस एक समुदाय को निशाना बना रही है। ऐसा लग रहा है कि ये देश एक धर्म का हो गया है। उस दिन नमाज ईदगाह और मस्जिदों में ही पढ़ी गई। केवल बाबूपुरवा में कम जगह होने के चलते लोग 10 मिनट बाहर आए। ऐसे में पुलिस ने उनपर एफआईआर कर दिया। डॉ सुलेमान ने इन एफआईआर से नाराज होकर कहा कि योगी सरकार ने संविधान की धज्जियाँ उड़ा दी हैं।

12 घंटे, कमिटी, 14 मीटिंगः अनुराग ठाकुर ने बताया पहलवानों को कितना सुना, पीटी उषा का ‘अनुशासन पाठ’ भी बजरंग पुनिया-साक्षी मलिक को नहीं सुहाया

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हरियाणा के पहलवान एक बार फिर जंतर-मंतर पर बैठे हैं। इसके पहले वे जनवरी में भी इसी तरह धरने पर बैठे थे। तब एक समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट पढ़ने के बाद पहलवान इसे अपने मनमाफिक ना पाकर फिर से धरने पर बैठ गए हैं।

इस मामले में केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का बयान भी आया है। उन्होंने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “हमने 12 घंटे तक पहलवानों को सुना। 14 बैठकें कीं और एक समिति बनाई। हम भी निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। सभी को एक निरीक्षण समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।”

उन्होंने आगे कहा, “समिति का प्रमुख निष्कर्ष निष्पक्ष चुनाव था। तब तक, एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना चाहिए और एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए।” बता दें कि अगले महीने के पहले सप्ताह में WFI के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, लेकिन विवाद के बाद उसे टाल दिया गया है।

तीन महीने पहले पहलवानों ने फेडरेशन के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न तथा WFI के कुप्रबंधन का आरोप लगाकर जंतर-मंतर पर धरना दिया था। तब अनुराग ठाकुर ने इन पहलवानों की समस्याओं को सुनते हुए कई बैठकें की थीं। उन बैठकों के बाद ही मैरीकॉम की निगरानी में एक समिति बनाई गई थी।

गठित ओवरसाइट कमिटी ने खेल मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट दे दी। रिपोर्ट आने के बाद महिला पहलवानों ने उसे सार्वजनिक करने की माँग की थी। तब समिति ने कहा कि खिलाड़ी उस पूरी रिपोर्ट को पढ़ चुके हैं और उस पर अपना हस्ताक्षर भी किए हैं। इसके बाद पहलवान बबीता फोगाट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी

बबीता फोगाट ने कहा था कि पूर्व खेल प्रशासक राधिका श्रीमन ने उन्हें पूरी रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उसे छिन लिया था। उधर बजरंग पूनिया ने आरोप लगाया था कि रिपोर्ट पर बबीता फोगाट से जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे। बजरंग पूनिया ने पहलवानों के साथ राजनीति होने का आरोप लगाया।

इस बीच पहलवानों के धरने को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओलंपिक संघ ने कहा कि धरना देकर पहलवान भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। IOC ने पहलवानों को एथलीट कमीशन में आने के लिए कहा। IOC की अध्यक्ष पीटी उषा ने तो इसे अनुशासनहीनता कहा

इस पर पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया। साक्षी मलिक ने गुरुवार (27 अप्रैल 2023) को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते?

महिला पहलवानों का आरोप है कि कोई भी पुलिस स्टेशन बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर रहा है। थाने के पुलिसकर्मी पहले इसकी जाँच करने की बात कह रहे हैं, फिर FIR की। इसके बाद महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है।

इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 7 महिला पहलवानों द्वारा WFI अध्यक्ष पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जाँच की जरूरत है। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सर्वोच्च अदालत में यही बात दोहराई।

हालाँकि, तुषार मेहता ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि सीधे FIR दर्ज की जानी है तो ऐसा किया जा सकता है। इसी बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।

पत्र में NCW प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा, “हम मीडिया से बात नहीं कर रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसके बारे में कुछ नहीं कर रहे हैं। हमने दिल्ली पुलिस के आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की रिपोर्ट माँगी है। हमने उनसे यह भी पूछा है कि उन्होंने प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की।”

बता दें कि WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक जैसे पहलवान 23 अप्रैल 2023 से जंतर-मंतर पर फिर से बैठे हैं। पहलवानों ने जनवरी में भी धरना दिया था। बाद में सरकार के साथ बातचीत में वे समिति की गठन की सहमति पर धरना खत्म कर दिया था।

कभी बीवी, कभी अम्मी, कभी भाभी… हलाला की ‘हॉरर स्टोरी’ फिर वायरल, सन्न कर देगी बुर्के वाली महिला की पीड़ा

सोशल मीडिया पर बरेली की तीन तलाक पीड़िता की एक पुरानी वीडियो वायरल होना शुरू हुई है। इस वीडियो में पीड़िता बता रही है कि कैसे उसके शौहर ने पहले तीन तलाक देकर अपने अब्बा से उसका हलाला कराया और फिर दोबारा तलाक देकर अपने भाई से निकाह करके हलाला करने को कहने लगा।

इस वीडियो को हाल में इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने शेयर किया है। महिला का दर्द सुन आप हैरान रह जाएँगे। वीडियो में वह बता रही है निकाह के कई साल बाद तक औलाद न होने की वजह से उसके शौहर ने उसके जीवन का मजाक बना दिया।

वह कहती है, “पहले मैं अपने शौहर के साथ निकाह होकर गई। उसने मुझे तलाक दिया। फिर मेरे ससुर ने मुझसे निकाह किया तो इस हिसाब से मैं अपने शौहर की अम्मी बन गई। फिर से मेरे शौहर ने मुझे छोड़ा। फिर उन्होंने भाई से रिश्ता बनाने को कहा कि मतलब मैं उनकी भाभी बन जाऊँ। इस तरह से मेरे साथ मजाक हो रहा है कि कब मैं उसकी अम्मी बन जाऊँ, भाभी बन जाऊँ, बीवी बन जाऊँ।”

बता दें कि बरेली में मुस्लिम महिला के साथ हुई ज्यादती का यह मामला 2018 का है। मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई थी। 2009 में निकाह के बाद औलाद न होने के कारण पीड़िता को 2017 में तीन तलाक दिया गया था। इसके बाद इंजेक्शन देकर उसका ससुर से हलाला कराया गया। जब पीड़िता की बहन को खबर हुई तो उसने इस बाबत शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि कैसे कई दिन ससुर ने पीड़िता का बलात्कार किया। 

पीड़िता के ऊपर अत्याचार यहीं नहीं रुके। उसका शौहर से दोबारा निकाह हुआ और बदले में दोबारा तलाक ही नसीब हुआ। इस बार शौहर चाहता था कि उसकी बीवी उसके भाई से हलाला करे जिसके लिए महिला नहीं मानी। 2018 की एक वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे महिला ने ट्रिपल तलाक का विरोध करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया था।

बरेली की पीड़िता ने मजहबी ठेकेदारों को करार जवाब देते हुए कहा था कि इन लोगों ने तमाशा बना रखा है। पहले बीवी को तलाक देते हैं, फिर निकाह कराते हैं, फिर हलाला कराने को मजबूर करते हैं। उसने कहा था, ये लोग बंद कमरे में तय कर लेते हैं कि किससे हलाला करवाना है, चाहे वो बाप के समान हो या कोई भाई जैसा। ये लोग बातों बाहर जाने ही नहीं देते। उन्होंने पूछा था कि शरीयत का हवाला देकर तीन तलाक को जायज बताने वाले बताएँ कि क्या बुआ-भतीजे, भाई-बहन का रिश्ता जायज होता है।

विद्या मंदिर में पढ़ाई, RSS की सायंकालीन शाखा के कार्यवाह: UP के 12वीं बोर्ड के टाॅपर शुभ से मिलिए, IAS बनना है सपना

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज की 12वीं की परीक्षा में इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े चरखारी के सरस्‍वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ने बाजी मारी है। सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र शुभ चपरा ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। शुभ सायंकालीन शाखा के कार्यवाह भी हैं।

शुभ चापरा बुंदेलखंड इलाके के महोबा के चरखारी के रहने वाले हैं। उन्होंने यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक लाकर उत्तर प्रदेश में टॉप किया और महोबा के साथ-साथ विद्या मंदिर का नाम भी रोशन किया। शुभ ने कुल 500 अंकों में से 489 अंक हासिल किया है।

शुभ ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दोस्तों और शिक्षकों को दिया है। शुभ का कहना है कि उन्होंने पूरे साल गंभीरता से पढ़ाई की और विषय को समझने का प्रयास किया। आखिरी समय में 7-8 घंटे प्रतिदिन की कड़ी मेहनत की। शुभ के अनुसार, मॉडल पेपर, मॉक टेस्ट और यूट्यूब ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रदेश टॉपर शुभ ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई में 100 प्रतिशत देने का प्रयास किया। शुभ ने बताया कि गणित उनका पसंदीदा विषय है और वे विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई करना चाहते हैं। इसके बाद वे सिविल सर्विसेज की परीक्षा देकर IAS बनाना चाहते हैं।

फिल्मों को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए वे अथक प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि थियेटर में उन्होंने आजतक एक भी फिल्म देखी है और वह है सलमान खान की बजरंगी भाईजान। उन्होंने कहा कि फेसबुक-ट्विटर जैसे सोशल मीडिया साइटों पर वे बहुत कम सक्रिय रहते हैं।

शुभ के पिता सुरेंद्र चपरा पेंट का कारोबार करते हैं, जबकि माँ सुधा चपरा भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष हैं। शुभ के दो भाई शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से प्रभावित हैं। वे यूपी और देश के मामलों पर भी अपनी निगाह रखते हैं।

विद्या मंदिर ने भी शुभ की सफलता पर खुशी जाहिर की है। बता दें कि इस साल 12वीं की परीक्षा में उत्तर प्रदेश में 75.52 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। इस बार की परीक्षा में 83 प्रतिशत लड़कियाँ और 69 प्रतिशत लड़कों ने बाजी मारी है।

‘मुझे छोड़ो, मुझे छोड़ो’ चिल्लाती रही मुस्लिम लड़की, हिजाब खींचते रहे इस्लामी कट्टरपंथी: हिंदुओं के साथ घूमने पर किया परेशान, महाराष्ट्र में 3 गिरफ्तार

महाराष्ट्र (Maharashtra) के छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) में हिजाब पहने लड़की को बीच सड़क पर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने तीन कट्टरपंथी लोगों को पकड़ा है। इन कट्टरपंथियों ने काफी दूर तक मुस्लिम लड़की का पीछा किया, फिर उसका मोबाइल छीनने की कोशिश भी की और उसे गालियाँ भी दीं। उन्होंने उसके साथ ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह एक हिंदू लड़के के साथ बीबी का मकबरा देखने के लिए गई थी। यह घटना सोमवार (24 अप्रैल 2023) को बेगमपुरा इलाके की है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा। पुलिस ने केस दर्ज मामले की जाँच शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में ये कट्टरपंथी कॉलेज की छात्रा को रोकने की कोशिश करते हैं। वे उसका हाथ पकड़ते हैं। उसका बैग छीनने कोशिश करते हैं और हिजाब खींचते हैं। लड़की सड़क पर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती है और बार-बार ‘मुझे छोड़ो, मुझे छोड़ो’ कहती है। लेकिन वे उसे छोड़ने की बजाए उसका फोन छीनने लगते हैं। वे उससे पूछते हैं, “वो लड़का कौन है। तुम किसी और धर्म के लड़के के साथ क्यों हो?”

इसके बाद वे उसे परेशान करने लगते हैं। उनमें से एक ने लड़की का हाथ पकड़ लेता है, तब वह उनसे बचने के लिए भागने लगती है। वह चिल्लाते हुए उनसे अपना हाथ छोड़ने को कहती है। इस दौरान सड़क पर आस-पास बहुत सारे लोग मौजूद होते हैं, लेकिन कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आता।

इसी घटना के दौरान आसपास के कुछ लोगों ने लड़की के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सूचना पाकर बेगमपुरा पुलिस मौके पर पहुँची और इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त दीपक गिर्हे ने बताया, तीनों पर महिला का अपमान करने, उसका पीछा करने, चोरी का प्रयास करने, उसे चोट पहुँचाने और धमकी देने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से महिला की पहचान की और उससे शिकायत दर्ज करने को कहा। लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया।

बता दें कि पीड़ित लड़की अहमदनगर के एक कस्बे की रहने वाली है, जो संभाजी नगर में रहकर कॉम्पिटशन की तैयारी कर रही है। लड़की के साथ छेड़छाड़ की शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची। लड़की को एक परिवार ने बचाया था और अपने घर ले गए थे। फिर पुलिस उसे स्टेशन लेकर आई। इंस्पेक्टर शिवाजी तवारे ने बताया कि लड़की से कुछ पूछताछ करने के बाद उसे उसके घर छोड़ दिया गया।

अपनी हत्या के लिए IAS कृष्णैया खुद जिम्मेदार: RJD नेता शिवानंद तिवारी, आनंद मोहन की रिहाई पर विधवा ने राष्ट्रपति-PM से लगाई गुहार

आनंद मोहन 27 अप्रैल 2023 की सुबह सहरसा जेल से रिहा कर दिए गए। लेकिन उनकी रिहाई के लिए नियमों में बदलाव को लेकर उपजा विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है। एक ओर आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की विधवा उमा देवी ने इस मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप से गुहार लगाई है। वहीं दूसरी ओर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कृष्णैया को ही अपनी हत्या के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया है।

नेटवर्क 18 से बातचीत करते हुए शिवांनद तिवारी ने कहा है कि जिस दिन जी कृष्णैया की हत्या हुई, उस दिन मुजफ्फरपुर का माहौल खराब था। ऐसे में जी कृष्णैया को मुजफ्फरपुर के रास्ते गोपालगंज नहीं जाना चाहिए था। उन्हें किसी और रास्ते से जाना चाहिए था। पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए RJD नेता ने कहा कि छोटन शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। लोग उसकी लाश को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में कृष्णैया को किसने मुजफ्फरपुर के रास्ते जाने की सलाह दी? कृष्णैया ने मुजफ्फरपुर का रास्ता चुना इसलिए उनकी हत्या हुई।

तिवारी ने यह भी कहा है कि आनंद मोहन को किसी ने हत्या करते नहीं देखा। पहले डीएम के गार्ड ने बंदूक निकाली थी। उसके बाद भीड़ भड़क गई। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 1994 में जब कृष्णैया की हत्या हुई तब वे गोपालगंज के डीएम हुआ करते थे। वे मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना से गोपालगंज जा रहे थे। इसी दौरान छोटन शुक्ला की हत्या से आक्रोशित भीड़ ने उनकी हत्या कर दी थी। इस भीड़ की अगुआई कर रहे लोगों में आनंद मोहन भी थे। उन्हें इस मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। लेकिन 10 अप्रैल 2023 को बिहार सरकार ने जेल नियमावली में बदलाव किया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था।

वहीं जी कृष्णैया की पत्नी उमा देवी और उनकी बेटी ने राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उमा देवी ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई का आम जनता भी विरोध कर रही है। राजनीतिक लाभ के कारण उसकी रिहाई की गई है। मैं सीएम नीतीश कुमार से आग्रह करती हूँ कि वे उसे वापस जेल भेज दें।

इस बीच आनंद मोहन के बेटे और RJD विधायक चेतन आनंद ने जी कृष्णैया के परिजनों से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद वे कृष्णैया के घर वालों से मिलेंगे। यदि वे अनुमति दें तो वे पहले भी मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम कृष्णैया हम परिवार की पीड़ा समझते हैं। हम उनसे मिलकर यह बताना चाहते हैं कि उनकी हत्या में आनंद मोहन का हाथ नहीं था।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खरगे ने PM मोदी को बताया ‘जहरीला साँप’, कहा- आप इसे चाटेंगे तो मर जाएँगे: कर्नाटक चुनाव में ‘मौत का सौदागर’ वाला मोड़

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खिलाफ आपत्तिजनक बात कही हैं। खड़गे ने पीएम को विषधर साँप बोला है। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि ‘आप इसे चाटेंगे तो मर जाएँगे।’ हालाँकि, भाजपा की आपत्ति के बाद उन्होंने इस पर सफाई भी दी।

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक सभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा, “पीएम मोदी ‘जहरीले साँप’ की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। यदि आप इसे चाटते हैं, तो आप मर मर जाएँगे।”

प्रधानमंत्री पर इस तरह के आपत्तिजनक बयान के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जी को पार्टी प्रेसिडेंट तो बना ही दिया है, लेकिन पार्टी के अंदर कोई मान नहीं रहा है। पोस्टर-बैनर अभी भी गाँधी परिवार के ही लगते हैं।”

अनुराग सिंह ठाकुर ने आगे कहा, “खड़गे जी सोचा कि ऐसा कौन स्टेेटमेंट मैं मोदी जी को अपमानित करने वाला दूँ, जो सोनिया जी भी भद्दा हो। कभी कोई कहता है मौत का सौदागर, कभी कोई कहता है नीच, कभी कोई कहता है कि बिच्छू तो कभी कोई कहता है मोदी तेरी कब्र खुदेगी।” बता दें कि पीएम मोदी के लिए सोनिया गाँधी ने मौत का सौदागर शब्द का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के नेता ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करे हैं। उन्होंने खड़गे के बयान को लेकर कॉन्ग्रेस से माफी की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी को हटाने के लिए उनके नेता विदेशी ताकतों से मदद माँगते हैं और भारत के खिलाफ षडयंत्र रचते हैं।

सोशल मीडिया पर भी मल्लिकार्जुन खड़गे और कॉन्ग्रेस पार्टी की आलोचना हो रही है। इसके बाद उन्होंने सफाई दी है। अपनी सफाई में खड़गे ने कहा कि यह पीएम मोदी के लिए नहीं, बल्कि भाजपा की सांप वाली विचारधारा के लिए था।

उन्होंने कहा, “यह पीएम मोदी के लिए नहीं, भाजपा की विचारधारा के लिए था। मैंने पीएम मोदी के लिए व्यक्तिगत रूप से यह कभी नहीं कहा। मैंने जो कहा था कि उनकी विचारधारा साँप की तरह है और यदि आप इसे छूने की कोशिश करते हैं, तो आपकी मृत्यु निश्चित है।”

2 महीने नासिर अहमद के घर में रहे आतंकी, फिर इफ्तारी लेकर लौट रहे सेना के वाहन पर किया हमला: आतंकियों को पनाह और खाना देने की बात कबूली

20 अप्रैल 2023 को जम्मू-कश्मीर के पुँछ में हुए आतंकी हमले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है जिसने अपने घर में आतंकियों को पनाह दी थी। दरअसल आतंकी हमले के बाद आसपास के इलाके से 60 लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया था। इन्हीं में से एक नासिर अहमद ने आतंकियों को 2 महीने तक अपने घर में रखने की बात कबूली है।

नासिर पुँछ के मेंढर का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला है कि करीब 2 महीने पहले चार आतंकी उसके गाँव पहुँचे थे। इनको नासिर ने अपने घर में पनाह दी। उनके लिए खाने-पीने, रसद और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की।

पूछताछ में सुरक्षाबलों को नासिर के ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) होने का पता चला है। OGW वैसे लोग होते हैं जो जम्मू-कश्मीर में आम जिंदगी जी रहे होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर आतंकियों की मदद करते हैं। मदद के बाद वे अपनी आम जिंदगी में लौट जाते हैं, जिससे किसी को उन पर शक नहीं होता। रिपोर्टों की मानें तो नासिर एलओसी पार बैठे पाकिस्तानी आतंकियों के भी संपर्क में रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हमले से पहले आतंकी भाटा धुरियाँ में एक पुलिया के नीचे छिपे हुए थे। हमले के लिए उन्होंने स्टील की गोलियों का इस्तेमाल किया था ताकि बख्तरबंद ढाल को भेद सके। जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने हमले के बाद जवानों के हथियार भी लूटे थे। बता दें हमले के बाद से ही इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक एक भी आतंकी दबोचा नहीं जा सका है।

इस बीच राष्ट्रीय रायफल्स (RR) के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजौरी और पुँछ सेक्टर का दौरा किया। उन्होंने आतंकियों की धर-पकड़ के लिए सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने दूरदराज के इलाकों में तैनात जवानों से मुलाकात भी की।

बता दें कि 20 अप्रैल की दोपहर को सेना का वाहन जब इफ्तार का सामान लेकर लौट रहा था, उसी समय खराब मौसम का फायदा उठाकर आतंकियों ने वाहन को निशाना बनाया। पहले गोलियाँ चलाईं और फिर ग्रेनेड से हमला किया। इसके बाद वाहन में आग लग गई। हमले में आरआर के पाँच जवान हवलदार मनदीप सिंह, हरकिशन सिंह, लांसनायक कुलवंत सिंह, सिपाही सेवक सिंह और लांसनायक देबाशीष बिस्वाल बलिदान हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली थी, जो पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है।

6 साल की बच्ची का रोज प्राइवेट पार्ट छूता था मोहम्मद अजहर, बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का था कामः एक साल से कर रहा था यौन शोषण

दिल्ली में छह साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के आरोप में बुधवार (26 अप्रैल 2023) को एक कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया। आरोपित की पहचान जैतपुर के रहने वाले मोहम्मद अजहर (Mohd Azhar) के रूप में हुई है। 30 वर्षीय अजहर अपनी कैब से बच्ची को स्कूल लेकर जाता था। बच्ची की माँ की शिकायत के आधार पर शाहीन बाग पुलिस थाने में आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता की माँ ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने कैब ड्राइवर को अपनी बेटी को डिफेंस कॉलोनी इलाके में उसके स्कूल ले जाने के लिए लगाया था। अजहर पिछले एक साल से उनकी मासूम बच्ची के साथ घिनौनी हरकत को अंजाम दे रहा था। वह उसे स्कूल ले जाते समय उसके प्राइवेट पार्ट को गलत तरीके से छूता था।

माँ को इस बात के बारे में तब पता चला जब बच्ची ने अपने प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की और वैन में चढ़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद बच्ची के माता-पिता को कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ। तब माँ के पूछने पर बच्ची ने उन्हें बताया कि कैब ड्राइवर पिछले एक साल से उसे स्कूल ले जाते समय गलत तरीके से उसके प्राइवेट पार्ट को छूता है।

साउथ दिल्ली के डीसीपी राजेश देव ने कहा, “बच्ची की माँ की शिकायत के आधार पर हमने शाहीन बाग पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर आरोपित ड्राइवर मोहम्मद अजहर को गिरफ्तार कर लिया है।”

वहीं, पुलिस जाँच में सामने आया है कि वह हर रोज 20 से 25 बच्चों को स्कूल लाता और ले जाता था। इसमें ज्यादातर बच्चे पहली और दूसरी कक्षा के थे। मोहम्मद अजहर का 2 मई 2023 को निकाह होने वाला था।