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बिहार के नवादा में सफीक आलम के घर फटा बम, महिला से पूछताछ कर रही पुलिस: यहीं JDU नेता मंजूर आलम के घर मिला था हथियारों का जखीरा

बिहार का नवादा फिर चर्चा में है। यहाँ से एक घर में बम फटने की घटना सामने आई है। सोमवार रात (24 अप्रैल 2023) हुए विस्फोट में घर का एक हिस्सा टूट कर गिर गया। यह घर सफीक आलम का है। धमाके के समय घर के लोग बाहर गए हुए थे, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले नवादा में अवैध हथियार रखने के आरोप में जदयू नेता समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाका नवादा के गोंदापुर स्थित ईदगाह इलाके में हुआ। जिस घर में धमाका हुआ उसमें किराएदार रहते हैं। शादी के चलते घटना के वक्त सभी लोग घर से बाहर थे। धमका इतना जोरदार था कि घर का एक हिस्सा टूट कर गिर गया। मलबा दूर-दूर तक बिखर गया। धमाके के बाद घर में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया।

पहले माना जा रहा था कि गैस सिलेंडर के फटने से धमाका हुआ। लेकिन जाँच में सामने आया है कि घर के भीतर रखा सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित है। मीडिया से बात करते हुए मकान मालिक सफीक आलम ने भी इसकी पुष्टि की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीओपी और सदर एसडीओ मौके पर पहुँचे। फिलहाल मामले की जाँच की जा रही है।

इस घटना पर नवादा पुलिस ने ट्वीट कर कहा है, “रात करीब 1 बजे नवादा शहर के गोंदापुर इस्लामनगर मोहल्ले में एक बंद घर में आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर DIAL 112 और अग्निशमन की टीम के द्वारा तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर आग पर काबू पाया गया। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर प्रथमदृष्टया यह बम विस्फोट का मामला पाया गया। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं। FIR दर्ज करते हुए जाँच की जा रही है। एक महिला को हिरासत में लेकर कर पूछताछ की जा रही है।”

बता दें कि इससे रविवार (23 अप्रैल 2023) को नवादा पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए जदयू नेता मंजूर आलम के घर से बम समेत अवैध हथियार बरामद किए थे। इस मामले में पुलिस ने मंजूर आलम समेत उसके बेटे और भतीजे को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 जिंदा बम, एक पिस्टल, सात कट्टा, एक राइफल समेत कई जिंदा कारतूस बरामद की थी।

‘आरोप गंभीर हैं’: महिला पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस, कपिल सिब्बल ने CJI को सौंपी शिकायतों की कॉपी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन एक बार फिर से शुरू हो गया है। इन पहलवानों की माँग है कि ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ न सिर्फ यौन शोषण की fir दर्ज की जाए, बल्कि उन्हें पद से हटा कर गिरफ्तार भी किया जाए। महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इसे गंभीर मामला बताते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

इस याचिका में माँग की गई है कि कैसरगंज से भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के विरुद्ध यौन शोषण की FIR दर्ज की जाए। बता दें कि केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पिछली बार पहलवानों के प्रदर्शन के बाद एक जाँच समिति भी बनाई थी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहलवानों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को शुक्रवार (28 अप्रैल, 2023) को सुना जाएगा।

मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में नोटिस जारी करने के आदेश दिए। पहलवानों का कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं, वो जंतर-मंतर पर ही सोएँगे-खाएँगे। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है कि 7 शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन सभी की जाँच की जा रही है। कोई पुष्ट सबूत के सामने आते ही FIR दर्ज की जाएगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय की समिति से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क किया है और डिटेल्स माँगे हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने महिला पहलवानों का प्रतिनिधित्व करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पीड़िताओं में एक नाबालिग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कमिटी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने नाबालिग पहलवान के बारे में बताया कि वो स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत वो सार्वजनिक रूप से नहीं पढ़ सकते, CJI को इसे देखना चाहिए। उन्होंने माँग की कि FIR दर्ज न करने के लिए पुलिस पर भी मामला चलाया जाए।

पाकिस्तान से जो जान बचाकर भागे, राजस्थान के जोधपुर में उनके घरों पर चला बुलडोजर: बोले पीड़ित हिंदू- हम वहाँ भी बर्बाद थे, यहाँ भी बर्बाद हैं

राजस्थान के जोधपुर में ऐसे लोगों की बस्ती पर बुलडोजर चलाया गया है, जो जान बचाकर पाकिस्तान से आए थे। जिनके घरों पर जोधपुर विकास प्राधिकरण ने सोमवार (24 अप्रैल 2023) को बुलडोजर चलाया है, उनमें से ज्यादातर हिंदू हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के लिए की गई। वहीं, पीड़ित हिंदुओं का कहना है कि उन्होंने यह जमीन खरीदी है।

पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की बातें किसी से छिपी नहीं है। ये लोग वहाँ से भागकर राजस्थान के जोधपुर के समीप चोखा गाँव में घर बनाकर रह रहे थे। इनमें से अधिकांश लोगों के पास भारत में रहने के लिए लॉन्ग टर्म वीजा है। लेकिन अब तक इन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली है।

जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि घरों पर हो रही कार्रवाई से घबराकर एक महिला बेहोश हो गई है। वहीं, कुछ अन्य महिलाएँ रोती-बिलखती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में एक व्यक्ति कहता है, “यह देखो यह यहाँ पर बेहोश हो गई है। हम हिंदुस्तान आए हैं, ये हिंदुस्तान है हमारा। देखो ये लोग हमारे घर तोड़ रहे हैं। पाकिस्तान में हम बर्बाद थे। यहाँ पर भी हम बर्बाद हैं। यहाँ देखो हम मर रहे हैं। ये लोग हमें मारने के लिए आए हैं।”

वहीं, वीडियो के बीच में एक व्यक्ति को अधिकारियों से घर खाली करने के लिए 2 दिन की मोहलत माँगते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में देखा जा सकता है कि चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल है। लोग दुखी और परेशान हैं। JDA के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ दिख रहे हैं। मौके पर एक बुलडोजर खड़ा हुआ भी नजर आ रहा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इस कार्रवाई को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई बताते हुए पाकिस्तानी हिंदुओं के घरों समेत करीब 200 घरों पर बुलडोजर चला दिया। वहीं, पीड़ित हिंदुओं का कहना है कि उन्होंने यह जमीन खरीदी है। इसके लिए उन्होंने भू-माफिया को 70000 से लेकर 2 लाख रुपए तक दिए हैं।

अपने घरों को टूटता हुआ देखकर लोग आक्रोशित हो उठे। कथित तौर पर लोगों ने कार्रवाई करने आई टीम पर पथराव किया है। पथराव में JDA अधिकारियों व बुलडोजर के ड्राइवर को चोट लगी है। इस मामले में पुलिस ने जेडीए के अधिकारी और एक पत्रकार की शिकायत पर FIR भी दर्ज की है।

मीडिया से बात करते हुए जोधपुर प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है करीब 400 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। यह जमीन गाँधी नगर की है। बिना किसी अनुमति के यहाँ अवैध निर्माण किया गया था। प्रवासी दावा कर रहे थे कि उन्होंने जमीन खरीदी है। लेकिन जब उनसे जमीन के कागज माँगे गए तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद कार्रवाई करते हुए घरों को गिरा दिया गया।

‘जल्द ही मार दूँगा’: CM योगी को जान से मारने की धमकी, UP डायल 112 पर आया व्हाट्सएप मैसेज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को जान से मारने की धमकी दी गई। यह धमकी आपातकालीन सेवाओं के लिए जारी किए गए नंबर डायल-112 पर व्हाट्सएप मैसेज कर दी गई है। धमकी भरा मैसेज रविवार (23 अप्रैल 2023) रात भेजा गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी का मैसेज डायल-112 के मुख्यालय की सोशल मीडिया डेस्क को व्हाट्सएप पर मिला। धमकी देने वाले व्यक्ति ने इस मैसेज में लिखा है, “सीएम योगी को मार दूँगा जल्द ही”। योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और जाँच एजेंसियाँ एलर्ट पर हैं। जिस व्हाट्सएप नंबर से मैसेज भेजा गया था, उसकी गहनता से जाँच की जा रही है।

फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506, 507 और IT एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर सोमवार (24 अप्रैल 2023) को दर्ज हुई।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियाँ

बता दें कि इससे पहले गत 18 अप्रैल 2023 को झारखंड के रहने वाले अमन रजा नामक व्यक्ति ने सीएम योगी को गोली मारने की धमकी दी थी। उसने यह धमकी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी थी। इस मामले में यूपी एटीएस जाँच कर रही है। अमन रजा की गिरफ्तारी के लिए जाँच टीम झारखंड के बोकारो भी गई थी। लेकिन वह नहीं मिला।

गौरतलब है कि अगस्त 2022 में भी डायल-112 पर व्हाट्सएप कर सीएम योगी की बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने जाँच करते हुए राजस्थान के भरतपुर से सरफराज नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक अन्य पत्र भी मिला था। इस पत्र में, 15 दिन के भीतर सीएम योगी की बम से उड़ाने के बारे में लिखा हुआ था।

केवल आनंद मोहन ही नहीं, टोटल 27 अपराधियों को छोड़ रही बिहार सरकार: JDU+RJD सरकार बनने के बाद से 2070 हत्या, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने जारी किया था डाटा

बिहार सरकार ने इसी साल 10 अप्रैल को जेल नियमावली, 2012 के नियम 481 में संशोधन किया था। इससे बाहुबली और पूर्व सांसद आनंद मोहन के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। वे 1994 में गोपालगंज के जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के मामले में आजीवन कारवास की सजा काट रहे थे। आनंद मोहन के बेटे चेतन बिहार की महागठबंधन सरकार के साझीदार राजद के विधायक हैं।

आनंद मोहन की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए नियमों में संशोधन की खूब चर्चा हुई। लेकिन बिहार सरकार ने रिहाई का जो आदेश जारी किया है, उससे पता चलता है कि आनंद मोहन रिहा होने वाले इकलौते नहीं हैं। 26 अन्य अपराधियों को भी रिहा किया जा रहा है। इनमें 13 अपराधी राजद के MY समीकरण (मुस्लिम+यादव) से ताल्लुक रखते हैं। रिहा होने वाले कैदियों की सूची में आनंद मोहन का नाम 11वें नंबर पर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आनंद मोहन के बेटे और राजद विधायक चेतन आनंद की सोमवार (24 अप्रैल 2023) को सगाई थी। इसके लिए वह 15 दिन के पेरोल पर पहले से बाहर हैं। यह पेरोल मंगलवार (25 अप्रैल 2023) को खत्म हो रही थी। इससे पहले नीतीश सरकार ने 27 अपराधियों की रिहाई वाली सूची जारी कर दी है।

नीतीश सरकार ने जेल नियमावली बदला

10 अप्रैल को नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। बैठक में जेल नियमावली, 2012 के नियम 481(i) (क) में संशोधन किया गया। जेल नियामवली से उस वाक्य को ही हटा दिया गया है, जिसमें सरकारी कर्मचारी की हत्या का जिक्र था। इस संशोधन के बाद ही आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ हो पाया है।

महागठबंधन सरकार में 2070 हत्या

27 अपराधियों की रिहाई की सूची ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिसकर्मियों पर हमला हो रहा है। यहाँ तक कि महिला अधिकारियों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है।

कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद हुए क्राइम का डाटा साझा किया था। राज्य में अगस्त 2022 में राजद, काॅन्ग्रेस और वामपंथी दलों के सहयोग से नीतीश कुमार ने सरकार बनाई थी। राय ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जो डाटा साझा किया है, उससे पता चलता है कि 9 अगस्त 2022 को यह सरकार बनने के बाद से बिहार में गंभीर अपराध की 4848 घटनाएँ हुई हैं। इनमें 2070 हत्या, 345 ब्लात्कार, 144 अपहरण और 700 हत्या के प्रयास के मामले हैं।

हालाँकि इन आँकड़ों का सोर्स ट्वीट में स्पष्ट नहीं है। राय ने ट्वीट कर कहा है, “बिहार हत्या, लूट, दुष्कर्म से त्रस्त है। अपराधियों की बहार है, क्योंकि अपराध को पनाह देने वाली नीतीश-तेजस्वी की सरकार है। बिहार की महागठबंधन सरकार कान में रूई डालकर मौन बैठी है। अपराधी बेखौफ़ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।”

‘पहले यह सोच थी कि भारत नहीं बदल सकता, नई सोच ये है कि ये देश अब पूरी दुनिया को बदल सकता है’: MP के बाद केरल पहुँचे PM मोदी, हजारों करोड़ की दी सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ रैलियाँ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ ही 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए रैलियाँ कर रहे हैं। सोमवार (24 अप्रैल 2023) को पीएम ने दोपहर में मध्य प्रदेश के रीवा में और शाम में केरल के कोच्चि में जनसभा को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने दो दिवसीय केरल दौरे पर हैं। इस दौरे के पहले दिन उन्होंने कोच्चि में पैदल चलते हुए रोड शो किया। इसके बाद कार में बैठकर भी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। करीब 2 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद पीएम ‘युवम 2023’ कार्यक्रम में पहुँचे। यहाँ उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा है कि पहले की सरकारों ने सभी सेक्टर में घोटाले किए हैं। वहीं बीजेपी सरकार हर सेक्टर में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

पीएम ने युवम 2023 में युवाओं और कोच्चि की जनता को संबोधित करते हुए यह भी कहा है कि उन्होंने हाल ही में केरल के एक 99 वर्षीय युवा से मुलाकात की थी। वह युवा प्रसिद्ध गाँधीवादी श्री वी. पी. अप्पुकुट्टा पोडुवल हैं। राष्ट्रपति ने उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। पीएम ने महान वैज्ञानिक नंबी नारायणन और आद्य शंकराचार्य की भी बात की। उन्होंने कहा कि विकृतियों के खिलाफ समाज को जागरूक करने की जरूरत हुई तो केरल से नारायण गुरू जैसे सुधारक आए।

पीएम ने यह भी कहा है कि आज पूरी दुनिया कह रही है कि 21वीं सदी भारत की सदी है। भारत वह देश है जिसके पास युवा शक्ति का भरपूर भंडार है। पहले यह सोच थी कि भारत नहीं बदलेगा। लेकिन अब सोच बदल गई है। नई सोच यह है कि हमारा ये देश अब पूरी दुनिया को बदल सकता है।

कॉन्ग्रेस ने गाँधी के विचारों को किया अनसुना- पीएम मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के रीवा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित पंचायती राज सम्मेलन में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने 2300 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं और 7853 करोड़ रुपए की 5 नल-जल परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने तीन ट्रेनों को भी वर्चुअली हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा बापू कहते थे कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है।

पीएम मोदी ने कहा कि इसके बावजूद कॉन्ग्रेस ने उनके विचारों पर ध्यान नहीं दिया। कॉन्ग्रेस ने 90 के दशक में पंचायती राज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की। गाँव के लोगों को बाँटकर पार्टियों ने अपनी दुकानें चलाईं।

शुरू हुआ मोदी सरकार का ‘ऑपरेशन कावेरी’, पहले जत्थे में सूडान में फँसे 500 भारतीयों को लाया जा रहा वापस: गृह युद्ध में अब तक गई 413 जानें

अफ्रीकी देश सूडान गृह युद्ध से जूझ रहा है। ऐसे में वहाँ फँसे भारतीयों ने अपनी जान बचाने के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई थी। इसको लेकर सरकार ने ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया है। इसके तहत सूडान में फँसे भारतीयों को वापस लाया जा रहा है। 500 से अधिक लोग भारत आने के लिए पोर्ट सूडान पहुँच चुके हैं। जहाँ से वह भारत आने के लिए उड़ान भरेंगे।

कैसे बने गृह युद्ध के हालात

सूडान में गृह युद्ध सेना और अर्धसैनिक बल यानी मिलिट्री और पैरामिलिट्री के बीच जंग के कारण शुरू हुआ है। निश्चित तौर पर सूडान में गृह युद्ध 15 अप्रैल 2023 से शुरू हुआ। लेकिन इसकी नींव 4 साल पहले यानी साल 2019 में पड़ चुकी थी। दरअसल, अप्रैल 2019 में सेना ने करीब तीन दशक से देश की सत्ता में काबिज राष्ट्रपति उमर अल बशीर को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसमें सेना का सहयोग देश में लोकतंत्र का समर्थन करने वाले लोगों ने प्रदर्शन कर किया। सेना ने तख्तापलट तो कर दिया था। लेकिन इसके बाद लोग सरकार में अपनी हिस्सेदारी की माँग करने लगे।

इसके बाद सूडान में सेना और देश के नागरिकों को मिलाकर नई सरकार का गठन किया गया। लेकिन अक्टूबर 2021 में सेना ने तख्तापलट करते हुए पूरी सत्ता अपने हाथ में ले ली। इसके बाद से संप्रभु परिषद देश को चला रही है। इसमें सेना और अर्धसैनिक बल बराबरी की भूमिका में हैं। हालाँकि इस परिषद के अध्यक्ष यानि सरकार की कमान सूडान के सेना प्रमुख जनरल अब्देल फतह अल बुरहान के पास है। एक तरह से वह देश के राष्ट्रपति है। वहीं, इसके उपाध्यक्ष या उपराष्ट्रपति का पद अर्धसैनिक बल प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान डगलो के पास है। मौजूदा सरकार, यानी सेना अर्धसैनिक बल का सेना में विलय चाहती थी। लेकिन अर्धसैनिक बल इसके लिए तैयार नहीं थे।

अर्धसैनिक बल का कहना था कि विलय का फैसला 10 वर्षों के लिए टाला जाए। वहीं, सेना 2 वर्षों के भीतर ही अर्धसैनिक बलों का सेना में विलय चाहती थी। इसी मुद्दे को लेकर सेना और अर्धसैनिक बल आमने-सामने हैं। शुरुआत में ऐसा माना जा रहा था कि यह पूरा मामला आपसी बातचीत से निपट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल एक दूसरे के ठिकानों पर कब्जा करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

सूडान में गंभीर हालात, भारत सरकार ने शुरू किया ‘ऑपरेशन कावेरी’

‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)’ के अनुसार, सूडान में जारी हिंसा के चलते अब तक 413 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 9 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 3551 लोग घायल हुए हैं। सूडान में रह रहे लोगों की हालत बेहद खराब होती जा रही है। लोगों को खाना तो दूर की बात पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। वहाँ फँसे भारतीय बाथरूम के नल से आने वाले पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। गृह युद्ध शुरू होने के अगले ही दिन यानी 16 अप्रैल को वहाँ रह रहे भारतीय नागरिक अल्बर्ट ऑगस्टीन की गोली लगने से मौत भी हो गई थी।

सूडान में लगातार खराब हो रहे हालात के चलते वहाँ फँसे भारतीयों ने अपनी जान बचाने के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई थी। सूडान में अब भी चार हजार भारतीय फँसे हुए हैं। इन सभी को सुरक्षित भारत लाने के लिए सरकार ने पूरा प्लान तैयार करते हुए ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत ही करीब 500 भारतीय नागरिकों को सूडान पोर्ट लाया जा चुका है।

‘ऑपरेशन कावेरी’ और सूडान में फँसे भारतीयों को वापस लाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा है, “सूडान में फँसे भारतीयों को निकालने का काम शुरू हो चुका है। करीब 500 नागरिकों को पोर्ट सूडान लाया जा चुका है। इनके अलावा कुछ और नागरिक वहाँ पहुँचने वाले हैं। हमारे शिप और एयरक्राफ्ट भारतीयों को वापस लाने के लिए तैयार हैं। हम सूडान में अपने सभी भारतीयों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कोलकाता से लखनऊ तक तेजस्वी यादव को लेकर दौड़े नीतीश कुमार, पर न खुदा मिला न विसाल-ए-सनमः ममता-अखिलेश ने नहीं खोले अपने पत्ते

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुँच कर समावजदी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की। विपक्षी एकता की कवायद में लगे जदयू नेता नीतीश कुमार ने इससे पहले कोलकाता पहुँच कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक की थी। वो दिल्ली में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भी मिल चुके हैं।

लखनऊ में नीतीश कुमार ने कहा कि पूरे देश को भाजपा से मुक्ति मिले और देश आगे बढ़े, इसके लिए सब मिल कर प्रयास करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इतिहास को बदलने के चक्कर में है। बकौल बिहार सीएम, काम नहीं हो रहा है और केवल प्रचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पार्टियों को एक साथ मिल कर आगे बढ़ने और एक साथ मिल कर चुनाव लड़ने पर फायदा हो सकता है, देशहित में हो सकता है।

नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों का रिश्ता उत्तर प्रदेश से शुरू से है। उन्होंने खुद को समाजवादी बताया। साथ ही कहा कि देश के अन्य जगहों के हित में भी बातचीत हुई है और अन्य दलों से भी बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि अच्छी बातचीत हुई है। नेता तय होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सब लोग एकजुट हो जाएँगे, तब नेता बनेंगे और अच्छा काम करेंगे। हालाँकि, उन्होंने कहा कि वो नेता नहीं बनेंगे और उन्हें कुछ नहीं चाहिए।

नीतीश कुमार ने कहा कि अगर सब मिल कर लड़ेंगे तो आगे चल कर परिणाम अच्छा आएगा। उन्होंने कहा कि यूपी-बिहार में अधिकतर परिणाम इधर ही आएँगे। वहीं इस दौरान अखिलेश यादव ने लोकतंत्र पर संकट की बात करते हुए कहा कि संविधान को बचाने के लिए भाजपा की गलत नीतियों से किसान-मजदूर परेशान हैं और महँगाई-बेरोजगारी चरम सीमा पर है। उन्होंने कहा कि भाजपा हटाने और देश बचाने के अभियान में वो साथ हैं।

हालाँकि, दोनों ही बैठकों में एक बात तय है कि नीतीश कुमार के हाथ बातों से ज़्यादा कुछ नहीं लगा है। न तो लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कोई गठबंधन की बात हुई, न ही विपक्ष के पास नेता का चेहरा है। बिहार में नीतीश कुमार वामपंथी दलों से गठबंधन में हैं, बंगाल में वो उनके विरोधी ममता बनर्जी से मिलते हैं। क्या वामदल-TMC एक साथ आएँगे? क्या यूपी में मायावती विपक्षी गठबंधन के प्लान का हिस्सा नहीं हैं? या फिर नीतीश कुमार यूँ ही टाइमपास कर रहे हैं?

गुरुद्वारा में जूते पहन कर घुसा युवक, पाठियों की कर दी पिटाई, पगड़ियाँ उतार दी, गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी: SGPC ने की निंदा, CM भगवंत मान बोले – होगी कड़ी कार्रवाई

पंजाब में एक बार फिर से गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी की घटना सामने आई है। ताज़ा मामला रोपड़ के मोरिंडा स्थित गुरुद्वारे का है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक सिख व्यक्ति गुरुद्वारे में घुसता है और वहाँ गुरु ग्रन्थ साहिब के पास बैठे पाठियों की पिटाई करने लगता है। इस दौरान उसने जूते भी पहन रखे थे। इस दौरान उसका हाथ गुरु ग्रन्थ साहिब पर भी लग गया।

उक्त घटना सोमवार (24 अप्रैल, 2023) की है। हालाँकि, इस दौरान गुरुद्वारा में मौजूद लोगों ने उस युवक को पकड़ लिया और उसकी जम कर पिटाई कर डाली। बेअदबी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव फ़ैल गया और लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। पंजाब पुलिस उस युवक को गिरफ्त में लेकर पूछताछ कर रही है। अभी तक ये सामने नहीं आया है कि उसने इस घटना को क्यों अंजाम दिया।

कोतवाली साहिब गुरुद्वारे में हुई इस घटना क CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। ये घटना दोपहर के सवा 1 बजे की है। संगत उस समय जाप में लगी थी, तभी केशधारी युवक आ धमका। उसने जूते पहन रखे थे। उसने इशारा कर के गुरु ग्रन्थ साहिब का जाप कर रहे पाठियों को बाहर निकालने के लिए भी कहा। वो स्टील की ग्रील फाँद कर वहाँ जा पहुँचा और उनकी पिटाई शुरू कर दी। साथ ही उनकी पगड़ियाँ भी उतार डाली।

युवक को घसीटते हुए लोग गुरुद्वारा के बाहर ले गए, इसकी तस्वीर भी सामने आई है। पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही वो वहाँ पहुँच गई। लोगों का कहना है कि जब तक युवक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, वो धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा है कि निंदा करने वालों को कानून नहीं बख्शेगा। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस घटना की निंदा की है।

‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा’: सहारनपुर से CM योगी ने फूँका निकाय चुनाव का बिगुल, कहा- अब माफिया की मौत पर आँसू बहाने वाला भी नहीं मिलता

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनावों की तैयारियाँ चल रही है। 4 और 11 मई को मतदान होना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इन चुनावों के प्रचार का बिगुल 24 अप्रैल 2023 को सहारनपुर से फूँका। उन्होंने शामली में भी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान अतीक अहमद का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब माफिया अतीत हो गए हैं। यूपी को दंगा, कर्फ्यू से मुक्ति मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि पहले जो गर्मी दिखाया करते थे, उनकी अब गर्मी निकल चुकी है। पहले यूपी में गुंडा टैक्स वसूला जाता था। अब गुंडा टैक्स वसूलने वाले कहाँ चले गए, यह पता ही नहीं चल रहा। उन्होंने कहा, “नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” शामली की जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने लोगों को पूर्व की सरकारों में हुए और कांधला से हुए हिंदुओं के पलायन की भी याद दिलाई। इस इलाके में गुंडाराज और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “याद करिए आज से 6 साल पहले शामली जनपद की क्या स्थिति हुआ करती थी। पलायन, गुंडाराज, दंगों का दंश, बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। व्यापारियों से गुंडा टैक्स की वसूली होती थी। लेकिन 6 वर्षों के अंदर कैसे तकदीर बदली जा सकती है, शामली और उत्तर प्रदेश इसका जीता जागता उदाहरण है।” उनके इस बयान को वीडियो में 17 मिनट 30 सेकेंड के बाद सुना जा सकता है।

उन्होंने कहा, “पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब कर्फ्यू नहीं लगता। अब दंगे नहीं होते, गुंडा टैक्स की वसूली नहीं होती। गुंडा टैक्स वसूली करने वालों की गर्मी शांत हो गई। गुंडा टैक्स वसूलने वाले कहाँ चले गए पता ही नहीं चलता। उनके लिए दो बूँद आँसू बहाने वाले भी अब नहीं है। जब बेटियों को माँ-बाप के संरक्षण में अपने ही घर और गाँव के स्कूल में पढ़ते हुए देखता हूँ तो मुझे लगता है कि हमारा सत्ता में आना सफल हो गया।”

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गरीबों को शौचालय, फ्री रसोई गैस का कनेक्शन, फ्री बिजली कनेक्शन, आयुष्मान भारत जैसी योजना का लाभ नहीं मिलता था। तब किसान, व्यापारी, बेटी कोई सुरक्षित नहीं थी। लेकिन जब उत्तर प्रदेश ने जातिवाद की जगह राष्ट्रवाद को चुना तो प्रदेश को बदलने में समय नहीं लगा।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के दोनों चरणों में 9-9 मंडलों में मतदान होना है। पहले चरण में सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झाँसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर, वाराणसी में वोट डाले जाएँगे। दूसरे चरण में मेरठ, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट, अयोध्या, बस्ती, आजमगढ़ और मिर्जापुर में मतदान होगा।