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घर के बाहर खेल रही 5 साल की बच्ची हो गई गायब, बाद में फईम के घर मृत मिली: रेप के बाद हत्या की परिजन जता रहे आशंका

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 5 साल की एक बच्ची अपने घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई। बाद में वह पड़ोसी फईम के घर में मृत मिली। परिजनों ने रेप के बाद उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालाँकि पुलिस ने अभी रेप की पुष्टि नहीं की है। 30 साल का फईम नशेड़ी बताया जा रहा है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना सोमवार (24 अप्रैल 2023) की है।

जानकारी के मुताबिक मामला बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र का है। बच्ची सुबह के करीब 5 बजे अपने घर के बाहर खेल रही थी। अचानक वह गायब हो गई। 2-3 घंटे बाद भी जब वह घर नहीं आई तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। तलाश करते हुए बच्ची के परिजन अपने पड़ोसी फईम के घर पहुँचे। यहाँ उन्होंने फईम को नशे के चलते बेहोशी की हालत में पाया। उसके पास ही बच्ची मृत अवस्था में पड़ी मिली।

डिप्टी SP अनविता उपाध्याय के मुताबिक यह देखने के बाद पीड़िता के घर वालों ने उसकी पिटाई भी की। मामले की सूचना पाते ही पुलिस पहुँची और फईम को हिरासत में ले लिया। फईम पर FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी सबूत जुटाने के साथ मामले में प्रभावी पैरवी की जाएगी। साथ ही आरोपित फईम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वायरल हो रहे एक वीडियो में मृतका के परिजनों ने बताया कि उन्हें फईम पर शक बच्ची की चप्पल उसके घर के आगे देख कर हुआ था।

बच्ची के परिजनों ने फईम पर पहले भी दुष्कर्म में शामिल रहने का भी आरोप लगाया है। इस दौरान पीड़ित परिजन किसी डॉक्टर नसीम पर बच्ची की शव देखने से रोकने का आरोप भी लगा रहे हैं। बच्ची के परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का आभास भी नहीं था कि उसके पड़ोसी ऐसा करेंगे।

बड़ा हो गया है पहले से… झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का Video वायरलः BJP सांसद ने कहा- यह है काॅन्ग्रेस का चरित्र, मंत्री बन्ना गुप्ता बोले- वीडियो एडिटेड

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति किसी महिला से वीडियो कॉल पर अश्लील चैटिंग कर रहा है। झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने यह वीडियो प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और कॉन्ग्रेस विधायक बन्ना गुप्ता का होने का दावा किया है। वहीं बन्ना गुप्ता ने वीडियो को एडिटेड बताते हुए इसे अपनी छवि को धूमिल करने की साजिश करार दिया है। रविवार (23 अप्रैल, 2023) को उन्होंने इस मामले में एक FIR भी दर्ज कराए जाने की जानकारी दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल हुआ वीडियो 17 अप्रैल, 2023 का है। इस वीडियो में दिख रही महिला शादीशुदा बताई जा रही है क्योंकि उसके माथे पर सिन्दूर दिख रहा है। भाजपा MP निशिकांत दुबे द्वारा शेयर किए लगभग 19 सेकेण्ड के इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति सैंडो-बनियान पहने बड़ी स्क्रीन पर दिख रहा है। नीचे एक बॉक्स में कुछ अश्लील दृश्य चल रहे हैं। इन दृश्यों में एक महिला द्वारा अपने प्राइवेट पार्ट दिखाए जा रहे हैं। बीच में महिला और पुलिस की आवाजें भी सुनाई दे रहीं हैं।

निशिकांत दुबे का दावा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कॉन्ग्रेस विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री बन्ना गुप्ता हैं।

वीडियो में महिला की तरफ से आवाज आती सुनाई दी, “बड़ा हो गया है पहले से।” वीडियो का कैप्शन देते हुए निशिकांत ने लिखा, “यह है कॉन्ग्रेस का चरित्र। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जी का यह तथाकथित माजरा है। महिलाओं के इज़्ज़त से खेलना, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता सुशील शर्मा का अपने पत्नी को तंदूर में जलाना, काश गॉंधी परिवार समझ पाता। यदि यह सही है तो कॉन्ग्रेस के लिए डूब मरने वाली बात है।”

मंत्री ने बताया एडिटेड वीडियो

हालाँकि, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता इस वीडियो को एडिटेड बता रहे हैं। उन्होंने इस वीडियो को अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार देते हुए FIR दर्ज करने की बात कही है। बन्ना गुप्ता का दावा है कि पुलिस जल्द ही जाँच कर के दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। वीडियो बनाने वालों के खिलाफ भी कॉन्ग्रेस विधायक ने कानूनी कार्रवाई का एलान किया है।

कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में भी मुस्लिम कोटा खत्म करेगी बीजेपी, अमित शाह ने किया वादा: कहा- सरकार बनी तो ईदगाह में स्वतंत्रता दिवस मनाएँगे

कर्नाटक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार (23 अप्रैल 2023) को तेलंगाना में वादा किया है कि अगर उनकी सरकार राज्य में आई तो ‘मुस्लिम कोटा’ खत्म होगा। उन्होंने बीआरएस सरकार द्वारा राज्य में लागू किए गए ऐसे आरक्षणों को ‘असंवैधानिक’ बताया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राज्य में आई तो ईदगाह में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा

उन्होंने चेवेल्ला में रैली संबोधित करते हुए कहा, “हम शैक्षणिक संस्थानों से मुस्लिम आरक्षण खत्म करेंगे। ये आरक्षण दलित, जनजातीय और पिछड़े वर्गों का है। हम सुनिश्चित करेंगे कि इसका फायदा उनको ही हो।” शाह ने ये ऐलान उस समय में किया है जब तेलंगाना की केसीआर सरकार मुस्लिम कोटा 4% से बढ़ाकर 12 % तक पहुँच चुकी है।

इस दौरान अमित शाह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर को चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी अब तब तक नहीं रुकेगी जब तक कि बीआरएस को सत्ता से बाहर नहीं कर देगी। गृहमंत्री ने कहा कि टीआरएस ने जो अपना नाम बदलकर बीआरएस किया है वो भी गहरे भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने का एक प्रयास था।

उन्होंने केसीआर की चुटकी लेते हुए कहा कि फिलहाल प्रधानमंत्री का पद खाली नहीं है। इसलिए वो सपने न देंखे। उन्होंने कहा कि अगर तेलंगाना में भाजपा आई तो फिर ईदगाह मैदान में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने ओवैसी और केसीआर पर निशाना साध कहा कि केसीआर ने अपनी केसीआर की पार्टी की स्टीयरिंग ओवैसी को दे रखी है। उसी के कारण वो तेलंगाना के स्वतंत्रता दिवस को भी नहीं मनाते।

कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण खत्म

बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भाजपा सरकार ने कर्नाटक में मुस्लिमों के 4% कोटे को खत्म किया था और इसे 2-2% लेकर लिंगायत-वोक्कालिगा समुदाय का रिजर्वेशन बढ़ाया था। इस पर अमित शाह ने पिछले दिनों इंडिया टुडे के राउंड टेबल कार्यक्रम में बात की थी।

उन्होंने कहा था कि भाजपा के पास विजन है और उसने कर्नाटक को आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य में असंवैधानिक व्यवस्था समाप्त करने और हकदार को हक देने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक रूप से राज्य में चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण को लागू किया था। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए कॉन्ग्रेस संविधान के खिलाफ चली गई थी। इसे भाजपा सरकार ने खत्म कर अन्य समुदायों का आरक्षण बढ़ाया।

चरण पखारे और छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 100 परिवारों को फिर से बनाया हिंदू: बोले BJP नेता प्रबल प्रताप जूदेव- जब तक प्राण हैं घर वापसी से करते रहेंगे सनातन की रक्षा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पहली बार शनिवार (22 अप्रैल 2023) को घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। ‘राष्ट्र रक्षा महासम्मेलन एवं घर वापसी 2023’ में करीबन 100 परिवार दोबारा अपने धर्म में वापस लौटे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता व ‘अखिल भारतीय घर वापसी’ के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव रहे। उन्होंने इस दौरान 100 परिवारों के पाँव पखारकर उन्हें अपने धर्म में वापस करवाई।

कार्यक्रम को सर्वहितकारिणी मानव सेवा संस्थान और समस्त हिन्दू संगठनों के संयुंक्त तत्वावधान में आयोजित करवाया गया। इस दौरान कई संत और हिंदू संगठन के लोग भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अपने पिता द्वारा शुरू किए गए घर वापसी अभियान को तेज करते हुए कहा, “धर्मांतरण देश तोड़ने मे सबसे बड़ा खतरा, इसीलिए घर वापसी अति आवश्यक है, जब तक शरीर में प्राण है हम घर वापसी के माध्यम से सनातन धर्म की रक्षा करते रहेंगे।”

250 लोगों की घर वापसी

इससे पहले छत्तीसगढ़ के जशपुर में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने एक बार फिर से धर्मांतरित हुए 250 लोगों की घर वापसी करवाई थी। ये लोग 36 अलग-अलग परिवारों से थे। तब भी प्रबल प्रताप ने घर वापसी करने वाले सभी लोगों के पैरों को गंगाजल से धुलकर उनकी घर वापसी कराई थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार और वहाँ के प्रशासन पर भी मिशनरियों की करतूतों को अनदेखा करने का आरोप लगाया था। मौके पर मौजूद अन्य संगठनों ने भी हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया और आपस में मिल-जुल कर रहने का आह्वान किया।

घर वापसी अभियान

गौरतलब है कि प्रबल प्रताप जूदेव इस से पहले भी घर वापसी के कई कार्यक्रम आयोजित करवा चुके हैं। इसी साल जनवरी 2023 में जूदेव ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान करीब 1100 ईसाई बने हिंदुओं की समूहिक घर वापसी करवाई थी। अक्टूबर 2022 में प्रबल प्रताप जूदेव की मौजूदगी में उड़ीसा सुंदरगढ़ जिले में ईसाई बने 173 परिवारों के लगभग 500 लोगों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की थी। प्रबल प्रताप जूदेव ने मार्च 2022 में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक अन्य घर वापसी का कार्यक्रम करवाया था। तब उन्होंने ईसाई बने 1250 लोगों की घर वापसी करवाई थी।

‘ऐ मोदी जी गली-गली में शोर…’: बिहार पुलिस ने शेयर किया PM पर बना गाना, BJP बोली- ये तो जबरा फैन निकली, भाजपा सरकार का इंतजार

बिहार पुलिस के सोशल मीडिया अकॉउंट से हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करता एक गाने का लिंक साझा किया गया। इस गाने का टाइटल ‘ऐ मोदी जी गली-गली में शोर’ था। इसे साझा करते हुए बिहार पुलिस के ट्विटर पर कैप्शन दिया गया ‘मेरा अनुज मदन का लाजवाब स्वर।’ इसे देखते ही भाजपा ने इसका स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर पर शेयर किया। हालाँकि राजद नेताओं को यह पसंद नहीं आया और विरोध होने लगा। बिहार पुलिस ने अंत में उस कर्मचारी को सस्पेंड किया जिसने इस गाना को शेयर किया था।

देख सकते हैं कि भाजपा बिहार ने बिहार पुलिस के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, “बिहार पुलिस निकली मोदी जी की जबरा फैन। बिहार पुलिस को भी बिहार में भाजपा की सरकार का इंतजार है।”

इस पोस्ट के बाद जहाँ भाजपा ने अपनी बिहार पुलिस को मोदी फैन बताया। वहीं राजद के सोशल मीडिया इंचार्ज आलोक चीकू ने बिहार पुलिस, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार और डीएम पटना को टैग करते हुए लिखा, “बिहार पुलिस के अधिकारिक फेसबुक हैंडल से एक पार्टी के नेता का गुणगान वाला गाना शेयर किया जा रहा है। बिहार सरकार इसका गहन जाँच कराएँ। यह संघी व्यक्ति बहुत नुकसान करेगा आगे चलकर। बिहार पुलिस को संघ पुलिस बनने से रोक लीजिए।”

इसी तरह अन्य समर्थकों ने भी बिहार पुलिस पर काफी सवाल उठाए। यूट्यूबर वेद प्रकाश ने लिखा, “मोदी के प्रचार में, बिहार पुलिस मैदान में…FB से अब ये पोस्ट डिलीट कर दिया गया है।”

इसके बाद बिहार पुलिस के अकॉउंट से वो पोस्ट डिलीट किया गया और सफाई जारी की गई कि 23 अप्रैल को सोशल मीडिया सेंटर में कार्यरत एक कर्मी द्वारा फेसबुस फेज पर अनाधिकृत रूप से एक पोस्ट शेयर किया गया था जिस पर संज्ञान लेते हुए उसे डिलीट कर दिया गया है। कर्मी को सोशल मीडिया सेंटर के सभी कार्यों से वंचित कर दिया गया। इस संबंध में जाँच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि जो गाना बिहार पुलिस के अकॉउंट से शेयर करने पर बवाल हो रहा है। उसे मदन मोहन प्रिये ने पीएम मोदी की सराहना में गाया है। इसमें वो बता रहे हैं कि कैसे गली-गली में आज पीएम मोदी का नाम लिया जाता है क्योंकि जो काम असंभव लग रहे थे वो भी मोदी सरकार में हुए। चाहे वो अयोध्या का राम मंदिर हो या फिर अनुच्छेद 370 का हटना हो। इस पूरे गाने को आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं।

राजस्थान में फिर भड़के दंगे, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी में कई जख्मी: पुलिस को भी बनाया निशाना, गंभीर रूप से घायल नाथूलाल को जयपुर रेफर किया गया

राजस्थान के टोंक जिले में तेज बाइक चलाने को लेकर दो समुदायों के बीच हुए विवाद में जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ। इस घटना में 2 पुलिसकर्मी समेत 6 लोग घायल हुए हैं। घटना रविवार (23 अप्रैल 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला टोंक जिले के मालपुरा कस्बे के पुरानी तहसील इलाके का है। जहाँ मोहल्ले में कुछ युवक तेज गति से बाइक चलाते हुए निकलते थे। इसको लेकर एक वृद्ध ने उन्हें धीमी गति से बाइक चलाने के लिए कहा था। इस पर बाइक सवार युवक बहस करने लग गए। फिर मामला आगे बढ़ता गया। युवक झगड़े पर उतारू हो गए। इसके बाद देखते ही देखते मामला पत्थराव और मारपीट में बदल गया। कहा जा रहा है कि मारपीट के दौरान लाठी-डंडों से भी हमला किया गया।

इस हिंसक घटना में नाथू पुत्र भैरूलाल गुर्जर, सूरज करणी पत्नी रिद्धकरण, प्रेमचंद पुत्र रिद्धकरण एवं पुलिसकर्मी रामजीलाल एवं पुखराज समेत अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। घायलों में से नाथूलाल नामक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया।

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में लोगों को पथराव और लाठी डंडे चलाते देखा जा सकता है। वहीं पुलिसकर्मी भी उपद्रवियों लोगों को समझाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। सड़क पर चारों ओर पत्थर बिखरे भी देखे जा सकते हैं। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद उप पुलिस अधीक्षक सुशील मान पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुँचे

पुलिस ने हालात में काबू पाने और लोगों को समझाइश देने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद भी हालत नियंत्रित न होने पर 4 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर भी हमला किया। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, मादा चीता साशा के बाद अब नर चीता उदय बीमारी के बाद चल बसा, वन प्रशासन ने बताया – 1 दिन पहले ठीक दिख रहा था

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता की मौत हो गई है। अब नर चीते उदय की मौत हो गई है। इससे पहले मादा चिटा शासा की मौत हो गई थी। उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रोजेक्ट चीता’ को झटके के रूप में दुष्प्रचारित किया गया था, लेकिन बाद में सामने आया था कि वो अफ्रीका से लाए जाने से पहले से ही बीमार थी। अब चीता उदय की मौत हो गई है। इसे भी दक्षिण अफ्रीका से ही लाया गया था और यहाँ छोड़ा गया था।

इस घटना के संबंध में जंगल के चीफ कंजर्वेटर जेएस चौहान ने बयान जारी किया है। उन्होंने जानकारी दी कि रविवार (23 अप्रैल, 2023) को चीते की दैनिक निगरानी हेतु दाल द्वारा सुबह लगभग 9 बजे नर चीता उदय को सिर झुकाए हुए और सुस्त अवस्था में बैठा हुआ पाया। जब वो छींटे के नजदीक पहुँचे तो उन्होंने पाया कि वो गर्दन झुका कर लड़खड़ाता हुआ चल रहा है। प्रोटोकॉल के दौरान सुबह-शाम चीतों की निगरानी की जाती है।

बताया गया है कि एक दिन पहले की निगरानी के दौरान चीता उदय स्वस्थ पाया गया था। जब उदय चीता की हालत नाजुक पाई गई, उसी समय जंगल में सक्रिय अन्य पशु चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद वन्यप्राणी चिकित्सक दल ने पहुँच कर बीमार चीते का निरीक्षण किया। ‘चीता कंजर्वेशन फंड’ द्वारा चीते की खराब स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार हेतु ट्रंकुलाइज करने की ज़रूरत महसूस की गई।

इसके बाद इसकी सूचना ‘मुख्य वन्य संरक्षक (सिंह परियोजना)’ को फोन के जरिए दी गई। सुबह के 9:45 बे ये फोन कॉल किया गया था। वन प्रशासन के प्रेस नोट में बताया गया है कि ट्रंकुलाइज करने की अनुमति मिलने के बाद सुबह के 11 बजे चीते को बेहोश कर के उसका इलाज किया गया। फिर उसे आइसोलेशन वार्ड में डाला गया, ताकि आगे का इलाज हो सके और लगातार निगरानी की जा सके। लेकिन, शाम के 4 बजे उसकी मौत हो गई। मौत के कारणों को लेकर अभी जाँच चल रही है।

समलैंगिक विवाह के खिलाफ ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने पारित किया प्रस्ताव: कहा – भारत जैसे देश में ये संभव नहीं, संसद निपटाए मामला

देश में समलैंगिक विवाह (Same-sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने का विरोध करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि समलैंगिक विवाह का मुद्दा संवेदनशील है। इसलिए संसद इसमें सामाजिक और धार्मिक संगठनों से बातचीत कर इस मामले का हल निकालने का प्रयास करे।

दरअसल, ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने एक बैठक का आयोजन किया था। इसमें सभी राज्यों के बार काउंसिल शामिल हुए थे। इस बैठक में पारित किए गए प्रस्ताव में कहा गया है, “संयुक्त बैठक की सर्वसम्मति से राय यह है कि समलैंगिक विवाह के मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए तथा तमाम सामाजिक व धार्मिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए यह सलाह दी जाती है कि यह मामला सक्षम विधायिका यानी कि संसद द्वारा विभिन्न सामाजिक व धार्मिक समूहों को शामिल कर बात की जाए और मामला निपटाया जाए।”

बार काउंसिल ने यह भी कहा है कि इतिहास के अनुसार, मानव सभ्यता और संस्कृति की स्थापना के बाद से विवाह को स्वीकार किया गया है। प्रजनन और मनोरंजन दोनों ही उद्देश्य के लिए पुरुष और महिला को अलग-अलग तरीके से वर्गीकृत किया गया है। ऐसे में विवाह जैसी मौलिक चीज में परिवर्तन करना विनाशकारी होगा। चाहे इसे कितने भी नेक इरादे से क्यों न किया जाए।

बयान में यह भी कहा गया है कि समलैंगिक विवाह का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। यह जानने के बाद देश का हर नागरिक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। देश के 99.9% से अधिक लोग हमारे देश में समलैंगिक विवाह का विरोध करते हैं। देश के एक बड़े वर्ग का मानना है कि इस मुद्दे पर याचिकाकर्ताओं के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का कोई भी निर्णय हमारे देश की संस्कृति और सामाजिक धार्मिक संरचना के खिलाफ माना जाएगा।

इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष और एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा ने कहा है, “बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सभी प्रतिनिधियों का मानना था कि भारत जैसे देश में समलैंगिक विवाह को हम मान्यता नहीं दे सकते। इससे हमारे देश की मूलभूत संरचना पर बुरा असर पड़ेगा। देश की सामाजिक-धार्मिक संरचना को देखते हुए, हमने यह सोचा कि समलैंगिक विवाह हमारी संस्कृति के खिलाफ है। इस तरह के फैसले अदालतों द्वारा नहीं लिए जाएँगे। इस तरह के कदम कानून की प्रक्रिया से आने चाहिए।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में LGBTQ+ व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को लागू करने की माँग को लेकर याचिका दायर की गई थी। इस याचिका का केंद्र सरकार ने विरोध किया है। हालाँकि इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। बेंच ने पहले कहा था कि मामले की सुनवाई सोमवार से शुक्रवार तक जाएगी। लेकिन इसके बाद शुक्रवार (21 अप्रैल, 2023) को खबर आई कि खराब स्वास्थ्य के चलते जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एस. रविंद्र भट उपलब्ध नहीं हैं। इससे इस मामले की सुनवाई फिलहाल सोमवार (24 अप्रैल, 2023) से शुरू नहीं हो पाएगी।

‘जब तक WFI अध्यक्ष गिरफ्तार नहीं हो जाते, हम यहीं खाएँगे-सोएँगे’: एक बार फिर जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना, दावा – 7 महिला रेसलर्स ने दर्ज कराई शिकायत

पहलवानों ने एक बार फिर से दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के विरुद्ध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बजरंग पूनिया, विनेश फोगट और साक्षी मलिक जैसे पहलवान इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। पहलवानों का विरोध WFI के अध्यक्ष और कैसरगंज से भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह से है। उनका कहना है कि बृजभूषण शरण सिंह को न सिर्फ पद से हटाया जाना चाहिए, बल्कि गिरफ्तार भी किया जाना चाहिए।

मीडिया से बात करते हुए साक्षी मलिक रो पड़ीं। उन्होंने दावा किया कि एक नाबालिग सहित 7 महिला पहलवानों ने कनॉट प्लेस पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया 2 दिन पहले कि यौन शोषण की शिकायत के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई FIR नहीं दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हम तुरंत इसकी जाँच चाहते हैं, क्योंकि हमें झूठ बोलने वाला कहा जा रहा है और हम ये बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ढाई महीने से इंतजार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

साक्षी मलिक ने ये भी कहा कि लोग कह रहे हैं कि हमारा करियर खत्म हो गया है इसीलिए हम प्रदर्शन कर रहे, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि CWG 2022 में उन्हें मेडल मिला है। वहीं CWC 2022 की एक अन्य मेडल विजेता विनेश फोगट ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि जो कमिटी मंत्रालय द्वारा इस मामले में बनाई गई थी, वहाँ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

फोगट ने कहा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता, तब तक पहलवान वहीं पर सोएँगे-खाएँगे। उन्होंने दावा किया कि 3 महीने से केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनलोगों के फोन कॉल भी नहीं उठाए जाते। बकौल फोगट, उन्होंने देश के लिए मडल जीता है और करियर दाँव पर लगाया है। ‘दिल्ली महिला आयोग’ ने भी पुलिस कमिश्नर को लिखा है। इससे पहले पहलवानों ने अदालत जाने की धमकी भी दी थी।

पहलवानों ने पूछा कि जब से ब्रीजभूषण शरण सिंह अध्यक्ष हैं, तब से लखनऊ में ही कैम्प क्यों लगता है? पहलवानों ने उन पर गालियाँ देने के आरोप भी लगाए। साथ ही खिलाड़ी और राज्य को निशाना बनाने का आरोप लगाया। विनेश फोगट ने रोते हुए कहा कि अध्यक्ष ने उन्हें ‘खोता सिक्का’ कहा था। साथ ही दावा किया कि मानसिक प्रताड़ना के कारण वो आत्महत्या करने की सोच रही थीं। साथ ही निजी जीवन में दखल का आरोप भी लगाया

ईद के दिन जिस मोइउद्दीन ने मंदिर में घुस देवी के सामने किया पेशाब, बिहार पुलिस ने बताया उसे मानसिक विक्षिप्त: कहा – अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रतिमा के सामने पायजामा उतारने और मंदिर परिसर में पेशाब करने वाले मोहम्मद मोइउद्दीन को बिहार पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया है। बिहार पुलिस ने कहा कि मंदिर के निकट अवांछित कृत्य करने वाले युवक के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की बात प्रकाश में आई है। साथ ही जानकारी दी कि उसके परिजनों के द्वारा चिकित्सीय प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किए गए हैं। हालाँकि, बिहार पुलिस को लोगों की आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है।

घटना के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बिहार पुलिस ने बताया, “नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणी स्थित मंदिर में एक युवक द्वारा अवांछित (पेशाब करने) कृत्य का मामला प्रकाश में आया। मामला में कांड दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को पकड़ा गया। आरोपित युवक के मानसिक विक्षित होने की बात बताई जा रही है। इस संबंध में नगर थाना में आरोपित के चिकित्सकीय इलाज संबंधित कागजात प्रस्तुत किए गए।”

साथ ही पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई किए जाने की बात भी कही। बिहार पुलिस ने चेताया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, भ्रामक खबर न फैलाएँ। ये भी जानकारी दी कीं मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया साइट्स पर सतत निगरानी रखी जा रही है। बिहार पुलिस ने चेताया है कि किसी भी तरह के गलत, भ्रामक खबर, तस्वीरें, वीडियो को समूह या व्यक्ति स्तर पर साझा कर किसी ने अगर आपसी सौहार्द, सांप्रदायिकता, या शांति व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर में मोहम्मद मोइउद्दीन ने मंदिर के निकट किया पेशाब, देवी प्राइमा के पास उतारा पायजामा

बता दें कि ईद के दिन मोहमद मोइउद्दीन नाम के शख्स ने मंदिर में जाकर शर्मनाक हरकत की। वह मंदिर चप्पल पहने हुए घुस गया और प्रतिमा के सामने पायजामा खोलकर खड़ा हो गया और फिर मंदिर में पेशाब कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। घटना मुजफ्फरपुर में नगर थाना के कल्याणी चौक पर स्थित हनुमान मंदिर का है। यहाँ एक साथ कई मंदिर स्थित हैं। शनिवार (22 अप्रैल, 2023) को मोहमम्द मोइउद्दीन चप्पल-जूते पहनकर मंदिर में जबरन घुस गया।

इस दौरान जब पुजारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुजारी के साथ मारपीट की। इसके बाद वह देवी माँ की प्रतिमा के सामने अपना पायजामा खोलकर खड़ा हो गया। बाद में युवक ने पास वाले मंदिर में जाकर पेशाब कर दिया। इसको देखकर पुजारी हंगामा करने लगा। पुजारी की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा होने लगी। इस दौरान मौका पाकर मोइउद्दीन वहाँ से भाग गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की घिनौनी हरकत के दौरान वह महजबी नारे भी लगा रहा था।