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शाइस्ता को उसके ही परिवार वालों ने उतार दिया मौत के घाट, बृजेश से करती थी प्यार: पुलिस ने भी माना ये प्रेम-प्रसंग का मामला, अब्बा बता रहे आत्महत्या

गुजरात के सूरत से सटे नवसारी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ शाइस्ता और बृजेश एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे। दोनों पाँच सालों से रिलेशनशिप में थे। लेकिन, मजहब के कारण इस प्रेम कहानी का ऐसा खौफनाक अंत कर दिया गया। बृजेश का आरोप है कि शाइस्ता को उसके परिवार वालों ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसे दफना दिया। उसने अपनी प्रेमिका को 20 अप्रैल, 2023 को आखिरी बार देखा था। बृजेश ने पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है और शाइस्ता के पोस्टमार्टम की माँग की है।

इस पूरी घटना में कुछ कुख्यात आरोपितों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें से एक जुआ का अड्डा भी चलाता है। ब्रिजेश ने पुलिस को दी शिकायत में मोहम्मद कामू शेख, सादिक मोहम्मद शेख, रमजान सिंधी, सिद्दीकी शेख और शोएब शेख पर शाइस्ता की हत्या का आरोप लगाया गया है। साथ ही खुद की जान का खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की माँग की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बृजेश नवसारी के अब्रामा गाँव का रहने वाला है। शाइस्ता भी इसी गाँव में रहती थी। बृजेश का कहना है कि 20 अप्रैल को उसकी शाइस्ता से मुलाकात हुई थी। उसे नहीं पता था कि यह उसकी आखिरी मुलाक़ात होगी। वह उससे मिलने के बाद अपने घर चली गई। बीते दिनों जब दोनों के रिश्ते की भनक शाइस्ता के परिवारवालों को लगी तो वो बृजेश के घर पहुँचे और उसे पीटने की धमकी दी। शाइस्ता के परिवार वालों ने ब्रजेश से कहा कि वह उनकी लड़की को उसे सौंप दे।

इसी बीच वलसाड पहुँची शाइस्ता का फोन बृजेश के पास आया। उसने कहा कि वह उसे आकर ले जाए। बृजेश शाइस्ता को लेने के लिए जब वलसाड गया तो शाइस्ता के परिवार ने पुलिस में शिकायत नहीं करने का हवाला देते हुए उससे कहा कि वह उन्हें शाइस्ता को झील के पास सौंप दे। इसके बाद बृजेश ने अपनी प्रेमिका को तलवाड़ा चौक के पास उसके परिजनों को सौंप दिया फिर सादिक नाम के एक व्यक्ति ने लड़की को अपनी कार में बिठा लिया। इस दौरान शाइस्ता के घर वालों ने बृजेश को भरोसा दिलाया कि वे पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएँगे।

‘नवभारत टाइम्स’ ने सूरत के आईजी पीयूष पटेल के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया, “यह घटना प्रेम प्रसंग की है। शुरुआती जाँच में लड़की के अब्बा ने सुसाइड की बात कही है। अब्बा का दावा है कि शाइस्ता ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। पुलिस सभी पहलुओं से इस मामले की जाँच कर रही है।”

मातृ सेवा का संकल्प ऐसा, कर ली 67412 किलोमीटर की यात्रा: नौकरी छोड़ी, दिवंगत पिता से मिला स्कूटर उठाया और माँ को मंदिर-मंदिर दर्शन करा रहा बेटा

यह यात्रा एक बेटे के मातृ सेवा संकल्प की यात्रा है। 2018 से चल रही इस यात्रा में बेटे ने माँ को लेकर हजारों किलोमीटर की दूरी नापी है। देश के कई मंदिर माँ-बेटे की इस यात्रा के पड़ाव रहे हैं। यह यात्रा है कर्नाटक के मैसूर के दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार (Dakshinamurthy Krishna Kumar) और उनकी माँ की।

44 वर्षीय कृष्ण कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहे हैं। लेकिन माँ की इच्छा पूरी करने के लिए मोटी कमाई वाली नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने दिवंगत पिता से उपहार में मिला स्कूटर उठाया और माँ को देश के सभी मंदिरों का दर्शन कराने की यात्रा पर निकल पड़े। उनकी यह यात्रा जनवरी 2018 में शुरू हुई थी। इस दौरान उन्होंने स्कूटर से कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक कई मंदिरों के दर्शन किए।

वह अपनी माँ के साथ स्कूटर पर भूटान, म्यांमार और नेपाल भी जा चुके हैं। 2015 में उनके पिता का निधन हो गया था। अब वह इस स्कूटर को ही पिता का प्रतिरूप मानते हैं। सोशल मीडिया पर बीते कई सालों से उनके कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें वह अपनी माँ के साथ स्कूटर से यात्रा करते हुए नजर आए।

अक्टूबर 2019 में भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें अरुणाचल प्रदेश में देखा गया था। इसमें उन्होंने अपनी माँ को पूरे भारत के मंदिरों के दर्शन कराने का कारण बताया था। वीडियो में वह कहते हैं, “मेरा नाम डी कृष्ण कुमार है। मेरी माता जी का नाम चूड़ारत्ना है। हम कर्नाटक के मैसूर में रहते हैं। ये मातृ सेवा संकल्प यात्रा है। पहले हम 10 लोगों के संयुक्त परिवार में रहते थे। उस समय मेरी माँ सुबह से लेकर शाम तक पूरे घर का काम करती थीं। रसोई पकाना, कपड़े धोना, बर्तन साफ करना और जमीन पोछना। इन्हीं कामों में उनका समय बीत गया। वह कभी घर से बाहर नहीं निकलीं। चार साल पहले (2015) मेरे पिता का निधन हो गया। उस समय मैं मंगलोर में काम करता था।”

अपनी बात को जारी रखते हुए वे आगे कहते हैं, “एक दिन बातों-बातों में मैंने माँ से मंदिरों के बारे में पूछा और कहा कि क्या आप यहाँ गई हैं? इस पर उन्होंने कहा कि मैं तो आज तक अपने घर के पास वाले मंदिर तक नहीं गई। यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ कि मुझे जन्म देने वाली माँ अभी तक घर के पास वाले मंदिर के दर्शन भी नहीं कर पाई हैं। उस समय मैंने दृढ़ संकल्प लिया और कसम खाई कि माँ मैं आपको घर के पास ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के मंदिरों के दर्शन करवाऊँगा। 16 जनवरी 2018 को मैंने मातृ सेवा संकल्प यात्रा शुरू की, वो भी अपने 20 साल पुराने स्कूटर से। इस स्कूटर को मेरे पिता जी ने मुझे उपहारस्वरूप दिया था। मुझे ऐसे लगता है कि जैसे स्कूटर के रूप में मेरे पिता जी हमारे साथ-साथ चल रहे हैं। मैं उनकी एक ही संतान हूँ। ऐसा लगता है कि जैसे हम तीनों साथ में तीर्थ यात्रा कर रहे हैं।”

एएनआई से बात करते हुए कुमार ने कहा, “मैंने अपनी माँ के साथ स्कूटर पर 67,412 किलोमीटर की दूरी तय की है। मेरे पिता की सरकारी नौकरी थी। 2015 में उनका निधन होने के बाद मैं अपनी माँ के साथ बेंगलुरु चला गया और एक कंप्यूटर इंजीनियर के रूप में काम किया। मैंने शादी नहीं करने और अपनी माँ के साथ रहने का फैसला किया है।” वहीं, अपने बेटे दक्षिणामूर्ति के बारे में बात करते हुए 73 साल की चूड़ारत्ना कहती हैं, “मेरे बेटे ने स्कूटर से मुझे पूरा देश घुमाया है। मेरा बेटा आज का श्रवण कुमार है। भगवान सबको ऐसा बेटा दे, जो अपने माता-पिता की सेवा करे। मैं इस यात्रा से बहुत खुश हूँ और मेरी तबीयत भी बिल्कुल ठीक है।”

‘हमें बदनाम करने के लिए बनाया विज्ञापन’: सूटकेस निर्माता VIP ने ‘लव जिहाद’ वाले वीडियो से झाड़ा पल्ला, मुस्लिम पुरुष को हिन्दू महिला बिंदी हटाते हुए दिखाया गया था

बैग और सूटकेस निर्माता कंपनी वीआईपी इंडस्ट्रीज के ब्रांड स्काई बैग का विज्ञापन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विज्ञापन में मलयाली एक्ट्रेस सुमी राशिक (Sumi Rashik) और एक्टर विष्णु के विजयन (Vishnu K Vijayan) हैं। विष्णु इसमें मुस्लिम पुरुष और सुमी एक हिंदू महिला बनी हैं। मुस्लिम पुरुष वीडियो में हिन्दू महिला के पहनावे में अपने हिसाब से बदलाव करते हुए दिखाई दे रहा है। उसे महिला के माथे से बिंदी हटाते हुए भी देखा जा सकता है।

वायरल विज्ञापन के अंत में स्काई बैग के कई ट्रॉली बैग्स को भी दिखाया गया है, जिस पर ‘स्काई बैग मूव इन स्टाइल’ लिखा हुआ है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा VIP के इस ऐड के जरिए ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। वहीं बैग कंपनी VIP ने इस वायरल विज्ञापन का खंडन किया है और इसे लेकर केरल और मुंबई पुलिस में मामला भी दर्ज कराया है। उन्होंने वीआईपी विज्ञापन होने का दावा करने वाले इस वीडियो को पूरी तरह से फेक और दुर्भावनापूर्ण बताया है।

कंपनी ने इस संबंध में सोमवार (24 अप्रैल, 2023) को बयान जारी कर कहा, “फेक वीडियो के निर्माता ने हमारी कंपनी, व्यवसाय और ब्रांड नाम वीआईपी और स्काई बैग की छवि को धूमिल करने के लिए वीआईपी इंडस्ट्रीज व स्काई बैग ब्रांड नामों का गैर-कानूनी रूप से इस्तेमाल किया है। हमारी कंपनी का फर्जी वीडियो जारी करने वाले से कोई संबंध नहीं है।”

कंपनी ने यह भी कहा, “हम अपने सभी स्टेकहोल्डर्स को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हमने यह वीडियो जारी नहीं किया है और इस वीडियो को जारी करने वाले व्यक्ति के साथ हमारा कोई संबंध नहीं है। एक कंपनी के रूप में वीआईपी इंडस्ट्रीज ने फर्जी विज्ञापन के मुद्दे को गंभीरता से लिया है। हमने VIP ब्रांड नामों (VIP और स्काई बैग्स) के गलत इस्तेमाल के लिए मुंबई और केरल की पुलिस में मामला भी दर्ज कराया है।” इसके अलावा VIP ने Facebook और Instagram के मालिक से वीडियो को तत्काल प्रभाव से हटाने का भी अनुरोध किया है।

बता दें कि मलयाली एक्ट्रेस सुमी राशिक और एक्टर विष्णु के विजयन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ईद के मौके पर इस विज्ञापन को शेयर किया था।

मनपसंद मछली खाने के लिए खुदवा दी तालाब, बैडमिंटन खेलने के लिए आते थे अधिकारी: कभी गाजीपुर जेल में दरबार लगाता था माफिया मुख्तार अंसारी

माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद से मुख्तार अंसारी के भी खौफ में होने की बात कही जा रही है। बीजेपी विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या से जुड़े मामले में उसके खिलाफ 29 अप्रैल 2023 को गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट फैसला सुनाएगी। लेकिन कहा जा रहा है कि मुख्तार को गाजीपुर कोर्ट आने से डर लग रहा है। वह बेचैन है। इस समय मुख्तार यूपी की ही बांदा जेल में बंद है।

आज मुख्तार अंसारी UP के एक जिले से दूसरे जिले तक जाने में खौफ खा रहा है। लेकिन एक समय ऐसा था जब उसके आतंक से पूरा पूर्वांचल खौफ खाता था। जेल में रहते हुए भी वह आलीशान जिंदगी गुजारता था। नियम-कायदे भी उसके हिसाब से होते थे। राय की हत्या के समय उत्तर प्रदेश पुलिस में आईजी लॉ एंड ऑर्डर रहे बृजलाल के अनुसार, “गाजीपुर जेल मुख्तार अंसारी का घर हुआ करती थी। मनपसंद मछली खाने के लिए उसने जेल में ही तालाब खुदवा लिया था। शाम को जेल के भीतर ही उसका दरबार लगता था। जेल में उसने बैडमिंटन कोर्ट बना रखा था। बड़े-बड़े अधिकारी उसके साथ खेलने आते थे।”

केवल गाजीपुर जेल ही नहीं, मुख्तार की यूपी की जिस जेल में रहता वहां उसका ही कानून चलता था। उससे लोग बेरोकटोक जेल में मिलने आते थे। ऐसा ही एक वाकया लखनऊ जेल का है। शिव कुमार अवस्थी 2002-2003 में एक साल इस जेल के जेलर रहे थे। एक बार मुख्तार से मुलाकात करने आए किसी व्यक्ति को उन्होंने रोक दिया तो माफिया ने उन पर ही बंदूक ही तान दी थी। इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्तार को 7 साल की सजा सुनाई थी। जनवरी 2023 में सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी थी। अवस्थी बताते हैं कि जेल में रहते हुए भी मुख्तार विरोधियों की हत्या करवा देता था।

पंजाब के जेल में भी कर रहा था मौज

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो माफियाओं और गैंगस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई होने लगी। जेल में मिलने वाली सुविधाओं पर नकेल कसा जाने लगा। इस बीच मुख्तार अंसारी पर पंजाब में रंगदारी का एक मामला दर्ज किया गया था और इसी आधार पर उसे पंजाब की जेल में बंद कर दिया गया। पंजाब जेल में भी मुख्तार मौज उड़ा रहा था। इसका खुलासा पंजाब के मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया था। उन्होंने बताया था कि फर्जी FIR दर्ज कर मुख्तार को 2 साल 3 महीने पंजाब की जेल में रखा गया। इस दौरान उसने बेल के लिए भी कोई अर्जी नहीं दी।

बैंस ने यह भी बताया था कि रोपड़ जेल में मुख्तार अपनी बीवी आफशाँ अंसारी के रहता था और उसे VIP ट्रीटमेंट दिया जाता था। UP सरकार ने 26 बार प्रोडक्शन वारंट निकाले, लेकिन उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश नहीं भेजा गया। हालाँकि बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अप्रैल 2021 में उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस ले गई थी।

‘जो भी मोदी भक्त होगा, मारा जाएगा’: कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने खुले मंच से लोगों को हिंसा के लिए भड़काया, मनरेगा मजदूरों के बहाने दिखाई घृणा

अक्सर विवादित बयानों के कारण सुर्ख़ियों में रहने वाले कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने एक बार फिर से भड़काऊ बातें की हैं। पार्टी ने उन्हें नवंबर 2023 में ‘अखिल भारतीय असंगठित कामगार और कर्मचारी कॉन्ग्रेस’ का अध्यक्ष बनाया था। उदित राज ने ट्विटर पर अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो भाषण देते हुए दिख रहे हैं। साथ ही कैप्शन में लिखा, “जो भी मोदी भक्त होगा, मारा जाएगा।” लोग उनके इस बयान की आलोचना कर रहे हैं।

2014 में भाजपा के ही टिकट पर नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से सांसद चुने गए उदित राज का 2019 में टिकट कट गया, जिसके बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस का दामन थाम लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उलूल-जलूल बकने लगे। भाजपा ने उनका टिकट काट कर गायक हंस राज हंस को उम्मीदवार बनाया था, जिन्हें जीत भी मिली। इसके बाद वो उदित राज भाजपा के खिलाफ हर एक विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हैं और भड़काऊ बयान देते हैं।

हालिया बयान उन्होंने मनरेगा मजदूरों के समर्थन में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यूपी न तो दंगा मुक्त हुआ है और न ही गुंडा मुक्त हुआ है। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पर उदित राज ने यूपी सरकार को भला-बुरा कहा था। हाल ही में वो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहुँचे थे और वहाँ भी मोदी सरकार के खिलाफ बयान दिया था।

जंतर-मंतर पर आयोजित हालिया प्रदर्शन में उन्होंने ‘मनरेगा मजदूर भूखा है, मोदी का वादा झूठा है’ का नारा भी दिया। बता दें कि सरकार पर मनरेगा बजट में कटौती का आरोप लगाते हुए ये विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कई कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। बैनर पर ‘मनरेगा बचाओ, ग्रामीण भारत बचाओ’ लिखा हुआ था। हाल ही में उदित राज में फ़्रांस और इजरायल में दंगों के हवाला देते हुए भारत में भी ऐसा होने का डर दिखाया था।

अमृतपाल के फरार होने से लेकर गिरफ़्तारी तक, पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट: Pak से लिंक का भी ब्यौरा, पर्दे के पीछे बैठे मददगार भी नपेंगे

पंजाब सरकार ने अमृतपाल सिंह की गिरफ़्तारी और उसके खिलाफ हुई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। बता दें कि पंजाब में फ़िलहाल मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ की सरकार है। NIA ने भी इस संबंध में अब तक जो भी जाँच की है, उसकी रिपोर्ट ‘मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA)’ को भेज दी है। ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी’ इस मामले पर नजर रखे हुए थी।

अमृतपाल सिंह डेढ़ महीने से भी अधिक समय से पुलिस की आँख में धूल झोंक रहा था। पता चला है कि इस दौरान वो विदेशो फोन नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। व्हाट्सएप्प कलकी ग के जरिए वो अपने साथियों के साथ बातचीत कर रहा था। MHA ने पंजाब सरकार से कहा था कि वो अमृतपाल सिंह की फरारी से लेकर उसकी गिरफ़्तारी तक की विस्तृत रिपोर्ट उसे सौंपी जाए। साथ ही उसे पनाह देने वालों का पूरा भ्योरा भी तलब किया गया।

फरारी के दौरान अमृतपाल सिंह के अलग-अलग जगह पर छिपने की खबरें भी सामने आती रही थीं और उसे पनाह देने वाले कई साथी गिरफ्तार भी हुए हैं। उसके लोकेशनों को लेकर भी केंद्र सरकार को जानकारियाँ भेज दी गई हैं। पंजाब सरकार ने मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को सारा रिकॉर्ड MHA के हवाले कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मामले में पंजाब सरकार की तारीफ कर चुके हैं। अमृतपाल सिंह को विदेशी फंडिंग मिलने की बात भी सामने आई है। उसके खातों की डिटेल्स और उसके काफिले में शामिल गाड़ियों के मालिकों के बारे में भी डिटेल्स जुटाए गए हैं।

साथ ही इस रिपोर्ट में पाकिस्तान से उसके संबंधों का भी जिक्र है। इस मामले में अब तक 400 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। MHA उन लोगों को खँगालना चाहती है, जिन्होंने पर्दे के पीछे से खालिस्तानी अलगाववादी अमृतपाल सिंह की मदद की। अमृतपाल ने हरियाणा से एक डोंगल खरीदी थी और कनाडा के एक नंबर से व्हाट्सएप्प चला रहा था। मोबाइल में बिना कोई सिम डाले वो ऐसा कर रहा था। अमृतपाल सिंह फ़िलहाल असम के डिब्रूगढ़ जेल में है, जहाँ उससे पूछताछ करने पंजाब पुलिस भी जाने वाली है।

4 राज्य-PFI के 16 ठिकाने, NIA ने एक साथ मारी रेड: बिहार के कई जिलों में कार्रवाई कर रही है एजेंसी, दरभंगा का डेंटिस्ट भी रडार पर

प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। देश के चार राज्यों में एक साथ पीएफआई से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा शामिल हैं। सबसे ज्यादा 12 जगहों पर बिहार में कार्रवाई हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में दो और पंजाब तथा गोवा में एक-एक जगहों पर एजेंसी ने दबिश दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनआईए की कई टीमों ने एक साथ पीएफआई के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। मध्य प्रदेश के खण्डवा में भी छापेमारी की बात कही जा रही है। हालाँकि एसपी ने किसी भी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

एनआईए ने बिहार के दरभंगा के उर्दू बाजार में स्थित डेंटिस्ट डॉ. सारिक रजा और सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गाँव मे महबूब नामक व्यक्ति के घर पर छापेमारी की। हालाँकि महबूब को एनआईए की कार्रवाई की पहले ही भनक लग गई। वह मौके से फरार हो गया। एनआईए ने उसके घरवालों से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि सारिक रजा और महबूब दोनों ही PFI से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा, NIA की एक टीम ने बिहार के मोतिहारी जिले के चकिया के कुँआवा गाँव में सज्जाद अंसारी के घर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि सज्जाद बीते 14 महीनों से सऊदी अरब में नौकरी कर रहा है। छापेमारी के बाद जाँच एजेंसी ने सज्जाद के घर से कुछ कागजात बरामद किए हैं। एनआईए ने यह छापेमारी मोतिहारी जिले के चकिया अंतर्गत हरपुर किशुनी निवासी मोहम्मद इरशाद की निशानदेही पर की। इरशाद पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।

यही नहीं, एनआईए ने बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बरहारा गाँव मे शहाबुद्दीन नामक व्यक्ति के घर पहुँची। हालाँकि उसके घर में कोई नहीं मिला। इसके अलावा एनआईए ने कटिहार में भी पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की।

केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब तक एनआईए कई बार छापेमार कार्रवाई कर चुकी है। इस छापेमारी में PFI के कई बड़े नेता और कैडर जाँच एजेंसी के हत्थे चढ़ चुके हैं। अब इन्हीं नेताओं और कैडरों की निशानदेही व इंटेलिजेंस एजेंसी के इनपुट पर एनआईए लगातार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। माना जा रहा है कि पीएफआई के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद निचले स्तर के लोग एक बार फिर संगठन को खड़ा करने में जुटे हुए हैं। ज्ञात हो कि देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI पर प्रतिबंध लगाया था।

फोन पर बात करते आई शाइस्ता की तस्वीर, दावा- अपने नाम करवा रही अतीक अहमद की प्रॉपर्टी: ढाढ़ी बढ़ाकर चकमा दे रहा है बमबाज गुड्डू मुस्लिम

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के प्रमुख आरोपितों में शामिल शाइस्ता परवीन और गुड्डू मुस्लिम की तलाश जारी है। इस बीच शाइस्ता की नई तस्वीर सामने आई है। इसमें वह किसी से फोन पर बात करती हुई दिखाई दे रही है। कहा जा रहा है कि शाइस्ता, अतीक अहमद की काली कमाई पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। वहीं गुड्डू मुस्लिम की आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मिलने की बात कही जा रही है।

शाइस्ता परवीन को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वह अपने शौहर अतीक की संपत्तियों को अपने नाम कराने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की भी मदद ले रही है। पुलिस अब उस सीए का भी पता लगा रही है। कहा जा रहा है कि शाइस्ता प्रयागराज में ही किसी मुस्लिम बहुल इलाके में छिपी हुई है और अधिक से अधिक धन जुटाने की कोशिश कर रही है। शाइस्ता की आर्थिक मदद करने वालों पर भी पुलिस की नजर है।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार शाइस्ता परवीन, अपने बेटे असद के एनकाउंटर और शौहर अतीक की हत्या के बाद भी सामने नहीं आई थी। इस बीच उसकी एक तस्वीर जरूर सामने आई है। दावा है कि यह तस्वीर शाइस्ता के फरार होने के ठीक पहले की है।

उधर बमबाज गुड्डू मुस्लिम भी गिरफ्तारी से बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा है। पता चला है कि लगातार लोकेशन बदलने के साथ-साथ गुड्डू मुस्लिम ने अपना हुलिया भी बदल लिया है। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने दाढ़ी बढ़ा ली है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि उसकी लोकेशन छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बाद अब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मिली है। सूत्रों का दावा है कि किसी भी वक्त गुड्डू मुस्लिम को गिरफ्तार किया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उमेश पाल की हत्या के बाद से गुड्डू मुस्लिम झाँसी, नासिक, पुणे, ओडिशा सहित कई जगहों पर छिप चुका है। दावा है कि 2 अप्रैल से लेकर 13 अप्रैल तक वह ओडिशा में छिपा हुआ था। पुलिस ने उस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। बता दें कि हत्या से ठीक पहले अतीक अहमद का भाई अशरफ गुड्डू मुस्लिम की ही बात कर रहा था। लेकिन अचानक हमले के बाद उसकी बात पूरी नहीं हो पाई। बता दें कि 15 अप्रैल 2023 की रात अतीक और अशरफ की तीन शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

100 करोड़ लोगों ने सुनी ‘मन की बात’, 58% के जीवन में आया बदलाव: IIM के अध्ययन से खुलासा- लोगों को पसंद है PM मोदी का कम्युनिकेशन स्टाइल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो शो ‘मन की बात’ के 100 एपिसोड पूरे होने वाले हैं। इसके जरिए वो देशवासियों से अपनी बात कहते हैं, उनके संदेशों का जवाब देते हैं और उनको उचित सलाह भी देते हैं। चूँकि रेडियो गाँव-गाँव में उपलब्ध साधन है और गरीबों को भी सुलभ है, इसीलिए पीएम मोदी ने देशवासियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए इसे चुना। अब IIM रोहतक के एक सर्वे में सामने आया है कि ‘मन की बात’ को 100 करोड़ श्रोताओं ने सुना है।

रविवार (30 अप्रैल, 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के 100वे एपिसोड को संबोधित करेंगे। रोहतक स्थित ‘भारतीय प्रबंधन संस्थान’ के सर्वे में सामने आया है कि 23 करोड़ लोग ऐसे हैं जो ‘मन की बात’ के नियमित श्रोता हैं, जबकि 100 करोड़ लोगों ने कभी न कभी इसे सुना है। टीवी न्यूज़ चैनलों द्वारा भी इसका लाइव प्रसारण किया जाता है, इसीलिए इस सर्वे में वो दर्शक भी शामिल हैं। सर्वे में सामने आया है कि लोगों के व्यवहार में भी इससे बदलाव आया है।

साथ ही इस कार्यक्रम से आम लोगों में आशावादिता बढ़ी है और वो उनकी ख़ुशी में भी इजाफा हुआ है। श्रोताओं ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपनी बात कहने का तरीका पसंद आया। साथ ही पीएम मोदी इस कार्यक्रम में जो कहते हैं, वो सहानुभूति देने वाला और निर्णायक भी होता है। देश में 96% लोग ऐसे हैं, जो ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बारे में जानते हैं। बता दें कि इसकी शुरुआत 3 अक्टूबर, 2014 को हुई थी।

IIM रोहतक के सर्वे को मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को प्रसार भारती के CEO गौरव द्विवेदी की उपस्थिति में जारी किया गया। 60% लोगों ने राष्ट्र-निर्माण में सहभागिता के लिए हामी भरी है, 55% ने देश का जिम्मेदार नागरिक बनने की बात कही है, 63% का कहना है कि केंद्र सरकार के प्रति उनका रवैया सकारात्मक है, 59% ने कहा कि केंद्र सरकार में उनका भरोसा बढ़ा है, 58% ने कहा कि उनकी लाइफस्टाइल में सुधार हुआ है।

इसके अलावा 73% लोग ऐसे हैं जो सरकार के कामकाज को लेकर आशावादी हैं और देश के विकास को लेकर काम हो रहा है। बड़ी बात ये है कि कभी-कभार ‘मन की बात’ सुनने वालों में से 41% लोग ऐसे हैं, जो इसके नियमित श्रोता बनना चाहते हैं। अधिकतर लोगों का यही कहना था कि ‘मन की बात’ सुनने का एक ही कारण हैं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। इसके कंटेंट और कम्युनिकेशन स्टाइल ने लोगों के जीवन में प्रभाव डाला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में उन्हें क्या अच्छा लगता है? जवाब में अधिकतर लोगों ने कहा – वो विद्वान हैं, जनता से एक इमोशनल बॉन्ड बनाते हैं, निर्णायक हैं, लोगों की संवेदनाओं को समझते हैं, उनसे सीधा संवाद करते हैं। 44.7% लोग टीवी पर ‘मन की बात’ देखते हैं, जबकि 17.6% लोग रेडियो पर सुनते हैं। 37.6% लोग इसे मोबाइल फोन पर देखते हैं। विज्ञान के क्षेत्र में देश की उपलब्धियाँ, आम लोगों की कहानियाँ, हमारे जवानों की बहादुरी की गाथाएँ, युवाओं और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे – ये प्रमुख विषय हैं जिन पर लोग सुनना पसंद करते हैं।

इस अध्ययन में शामिल होने वाले प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि के बारे में बोलते हुए, IIM रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा ने बताया कि इस अध्ययन में 10003 लोगों ने भाग लिया था। इनमें से 60% पुरुष थे, जबकि 40% महिलाएँ थीं। इस अध्ययन में भाग लेने वाले लोग 68 विभिन्न पेशों से जुड़े हुए थे। इनमें से 64% लोग अनौपचारिक एवं स्व-नियोजित क्षेत्र से जुड़े हुए थे, जबकि छात्रों की हिस्सेदारी 23% की थी। 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं में ‘मन की बात’ का प्रसारण होता है।

पहली शादी 3 साल, दूसरी शादी 1 साल… जब मिया खलीफा ने ‘आपसी मतभेदों’ से दिया राॅबर्ट को तलाक: अलग होते ही शुरू हो गई डेटिंग की गॉसिप भी

पोर्न स्टार मिया खलीफा (Mia Khalifa) एक बार अपनी शादी, तलाक और डेटिंग को लेकर चर्चा में हैं। कहा जाता है कि उनकी पहली शादी तीन साल तो दूसरी केवल एक साल चली थी। दूसरी बार तलाक लेने के बाद से ही झाय कॉर्टेज के साथ उनके डेट करने की खबरें भी चलने लगीं।

मिया खलीफा ने दूसरी शादी रॉबर्ट सैंडबर्ग (Robert Sandberg) से की थी। सालभर में ही दोनों का तलाक हो गया था। मिया खलीफा ने इसका कारण ‘आपसी मतभेद’ को बताया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोर्न स्टार ने जुलाई 2021 को रॉबर्ट सैंडबर्ग को तलाक देने की घोषणा की थी। मिया और रॉबर्ट ने 2020 में अपने घर पर शादी रचाई थी। दोनों (मिया और रॉबर्ट सैंडबर्ग) ने इंस्टाग्राम पर संयुक्त बयान जारी कर तलाक लेने की जानकारी दी थी। हालाँकि, अब वह पोस्ट उन्होंने डिलीट कर दी है।

पति के साथ अलग होने की घोषणा करते हुए मिया खलीफा ने लिखा था, “हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हमने अपनी शादी को सफल बनाने के लिए सब कुछ किया, लेकिन लगभग एक साल की कोशिशों के बाद हम दूर जा रहे हैं। हम अच्छे दोस्त हैं और हमने वास्तव में शादी बचाने की कोशिश की। हम हमेशा एक-दूसरे से प्यार और सम्मान करेंगे, क्योंकि हम जानते हैं कि एक हमारे अलग होने का कारण क्या है। यह ना सुलझने वाले मतभेद हैं, जिसके लिए कोई भी दूसरे को दोष नहीं दे सकता है।” इस संबंध में उन्होंने 2021 में एक ट्वीट भी किया था।

बताया जाता है कि इससे पहले पोर्न स्टार की शादी 2011 में हुई थी। यह शादी 2014 तक चली थी। लेकिन उनके इस पूर्व पति के बारे में जानकारी सार्वजानिक नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि मिया खलीफा ने यह शादी हाई स्कूल के दौरान ही की थी। इसके बाद सैंडबर्ग ने उन्हें 2019 में प्रपोज किया था। दोनों ने 2020 में शादी कर ली। 28 वर्षीय रॉबर्ट पेशे से शेफ थे और लॉस एंजेलिस में मिया और उनके कुत्ते बेला के साथ रहते थे।

रॉबर्ट से तलाक लेते ही मिया की ‘प्यूर्टो रिकान’ के कलाकार झाय कॉर्टेज़ के साथ डेटिंग की खबरें चलने लगी। दोनों को YouTube पर रिलीज किए गए एक वीडियो में साथ देखा गया था। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।