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BBC ने जिसको बताया ‘राॅबिनहुड’, उसका बेटा नंगा कर बेल्ट से पिटाई करवाता था: एनकाउंटर में ढेर हुआ था असद, मोबाइल में मिले कई वीडियो

प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद आपने लिबरलों का क्रंदन सुना होगा। माफिया भाइयों के अपराधों पर पर्दा डालने के लिए उन्हें कई विशेषणों से महिमामंडित किया गया। बीबीसी ने अतीक को ‘राॅबिनहुड’ बताया था। लेकिन अतीक और उसके कुनबे की रोज एक से एक खौफनाक करतूतें सामने आ रही है। अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें अतीक का बेटा असद एक युवक की नंगा कर बेल्ट से पिटाई करवा रहा है।

फरवरी 2023 में प्रयागराज में उमेश पाल की हुई हत्या में असद शामिल था। बाद में उसे यूपी एसटीएफ ने झाँसी में एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन में पुलिस को कई वीडियो मिले हैं। युवक को नंगा करके पीटने का वीडियो इनमें से एक है।

असद के फोन से पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिससे यह पता चलता है कि वह अपने बाप अतीक की तरह माफिया बनना चाहता था। इनमें से एक वीडियो ऐसा है जिसमें 3-4 लड़के जमीन पर बैठे एक व्यक्ति को नंगा कर पीट रहे हैं।

वीडियो में जिसकी पिटाई हो रही है, वह असहाय हो जमीन पर बैठा दिखाई दे रहा है। एक लड़का हाथ में बेल्ट लिए हुए है। पीड़ित पैंट पहनने की कोशिश करता है तो एक लड़का पैंट छीन उस पर लात-घूँसे बरसाता दिखाई दे रहा है। वीडियो 19 जनवरी 2021 का बताया जा रहा है।

कहा जा रहा है कि यह वीडियो असद के लखनऊ स्थित फ्लैट का है। इसी घर में असद रहता था। अपना डर जमाने के लिए वह इस फ्लैट में वह लोगों की पिटाई करता था। इसका वीडियो बनवाकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया जाता था। हालाँकि इस वीडियो में असद दिखाई नहीं दे रहा है। लेकिन कहा जा रहे है कि वह भी इस मारपीट में शामिल था।

अतीक के दफ्तर में मिले खून के धब्बे

प्रयागराज के चकिया इलाके में स्थित अतीक अहमद के दफ्तर में खून से सना चाकू और जगह-जगह खून के धब्बे मिले हैं। यही नहीं, दफ्तर में साड़ी और कुछ अंडर गारमेंट्स तथा टूटी हुई चूड़ियाँ मिलने की बात भी सामने आई है। अतीक के खंडहर हो चुके दफ्तर में जब पुलिस पहुँची तो यह पूरी तरह अस्त-व्यस्त मिला। खून के धब्बे ग्राउंड फ्लोर से लेकर सीढ़ियों और फर्स्ट फ्लोर तक दिखाई दे रहे थे। फर्स्ट फ्लोर के कमरे में रखे सोफे पर एक सफेद दुपट्टा मिलने की बात सामने आई है। इस पर भी खून के निशान मिले हैं। दफ्तर में टूटी हुई चूड़ियाँ भी मिली हैं।

अतीक अहमद के इस दफ्तर में जगह-जगह सामान बिखरा हुआ है। किचन से लेकर अलमारी तक सब सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि किसी ने कागज या अन्य सामान खोजने की कोशिश की है। पुलिस को आशंका है कि दफ्तर में महिला की हत्या हुई है। इसके बाद उसकी लाश को बाहर ले जाकर ठिकाने लगाया गया।

इस मामले में प्रयागराज के एसीपी सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का कहना है, “मैंने मौके पर पहुँचकर जाँच की है। नीचे सीढ़ी के पास और ऊपरी सीढ़ी पर खून के धब्बे दिख रहे हैं। अंदर एक कमरा है, किचन है वहाँ भी खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। इसको देखते हुए सीनियर अधिकारियों को सूचना दी गई है। फोरेंसिक लैब की टीम मौके पर पहुँचने वाली है। जाँच के बाद सामने आएगा कि खून कैसा है, किसका है, घटना को अंजाम देने वाला लोग कौन हो सकते हैं। यहाँ सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। इनकी भी जाँच की जाएगी।”

‘राजनीतिक दल दूर रहें’ से ‘सभी पार्टियाँ हमारा समर्थन करें’ तक कैसे पहुँच गए जंतर-मंतर पर जुटे पहलवानः जानिए सब कुछ

भारतीय पहलवानों और भारतीय कुश्ती महासंघ का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। विनेश फोगाट और 7 अन्य पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग को लेक सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका में माँग है कि कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई हो।

इस मामले पर बजरंग पूनिया का भी बयान सामने आया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि आकर उनके धरना प्रदर्शन को सपोर्ट किया जाए। बजरंग पूनिया ने कहा,

“हम सभी का समर्थन लेने के लिए तैयार हैं, भले ही यह राजनीतिक हो। अब की बार सबका वेलकम है, चाहे बीजेपी आए, कॉन्ग्रेस आए या आम आदमी पार्टी आए, कोई भी पार्टी आए सबका वेलकम है, क्योंकि जब हम मेडल जीते तो किसी पार्टी का झंडा नहीं लेते तिरंगा लेते हैं और जो बधाई देते हैं वो भी एक पार्टी के नहीं होते। अब किसी एक पार्टी से नहीं जुड़े। हम सभी देशवासियों से जुड़े हैं। सब आइए साथ देने। अगर हम अपनी बहन-बेटियों के लिए नहीं लड़े तो फिर कभी किसी के लिए नहीं लड़ सकते।”

बता दें कि पहलवानों का यह धरना पहले जनवरी में हुआ था उसके बाद इसकी शुरुआत फिर से अप्रैल में हुई। इस अंतराल में बजरंग पूनिया का बयान बदल गया है। पहले उन्होंने अपने धरने से किसी भी राजनीतिक दल को दूर रहने को कहा था। तब इनके समर्थन में कम्युनिस्ट पार्टी की वृंदा करात भी आईं थी और बजरंग पूनिया ने उन्हें मंच से उतारकर कहा था कि वो इस धरने को राजनैतिक नहीं बनाना चाहते। इस बार वो कह रहे हैं कि चाहे भाजपा हो कॉन्ग्रेस हो या फिर आम आदमी पार्टी…हर कोई उनके समर्थन में आ सकते हैं।

पूरा घटनाक्रम

  • तीन महीने पहले 18 जनवरी 2023 को भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और पहलवानों के बीच का एक विवाद सामने आया।
  • विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक समेत कई पहलवानों जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए । उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण, तानाशाही-मनमानी, अपशब्दों का इस्तेमाल, मानसिक प्रताड़ना देना और धमकाना जैसे आरोप लगाए।
  • पहलवानों की सीधी माँग की कि कुश्ती महासंघ को भंग किया जाए और बृजभूषण शरण सिंह से इस्तीफा लेकर उन्हें जेल भेजा जाए।
  • पहलवानों की माँग देखते हुए 19 जनवरी को शास्त्री भवन में खेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बुलवाया। यहाँ पहलवान रवि दहिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बबीता फोगाट की मुलाकात खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से हुई।
  • खेल मंत्री से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। उल्टा पहलवान प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे। उन्होंने कहा कि वो पीएम मोदी से मिलना चाहते हैं।
  • 20 जनवरी को विवाद देखते हुए भारतीय ओलंपिक संघ आगे आया और उनके द्वारा WFI प्रमुख के खिलाफ 7 सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें मैरी कॉम, डोला बनर्जी, अलकनंदा अशोक, योगेश्वर दत्त, सहदेव यादव और 2 अधिवक्ता को रखा गया। इसकी टीम की अध्यक्ष मैरी कॉम को बनाया गया।
  • इधर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी समस्या का समाधान करने के लिए डीजी सीआई संग बैठक की। फिर 7 घंटे तक उनकी मीटिंग पहलवानों के साथ चली।
  • बैठक के बाद ओवरसाइट कमेटी बनाई गई, जिसका अध्यक्ष भी मैरीकॉम को बनाया गया। टीम में लिंपिक मेडल विजेता रेसलर योगेश्वर दत्त, द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित तृप्ति मुरगुंडे, TOPS CEO राजगोपालन और राधा श्रीमन शामिल थे। बाद में इसमें बबीता फोगाट को भी शामिल किया।
  • खेल मंत्री ने पहलवानों को आश्वासन दिया कि उनके साथ न्याय होगा। 21 जनवरी को प्रदर्शन समेट लिया गया।
  • विवाद के करीबन 55 दिन बाद एक खबर आई कि खेल मंत्री द्वारा बनाई गई ओवरसाइट कमेटी जल्द मंत्रालय को रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि  WFI अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न का इल्जाम लगाने वाले रेसलर्स कमेटी को अपने आरोपों का सबूत नहीं पाए।

    सूत्रों के नाम पर आई दैनिक भास्कर की खबर में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि ऑपइंडिया नहीं करता। पहलवान बजरंग पूनिया का कहना है कि उन्हें कमेटी ने कभी नहीं बताया कि रिपोर्ट सबमित हुई या नहीं।
  • पहले प्रदर्शन के करीबन 95 दिन बाद एक बार फिर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की माँग हो रही है। इस बार उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है कि बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर हो, उन्हें जेल भेजा जाए। इस संबंध में महिला आयोग से भी पहलवानों ने गुहार लगाई।
  • प्रदर्शन के शुरू होने के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने गठित जाँच समिति से 24 अप्रैल को एक रिपोर्ट माँगी।
  • खेल मंत्रालय ने चुनावों को लेकर कहा है कि भारतीय ओलंपिक संघ एक एड-हॉक कमेटी बनाएगा। ये कमेटी 45 दिनों में कुश्ती महासंघ के चुनाव कराएगी। कमेटी ही खिलाड़ियों का चुनाव करेगी और साथ ही रोजमर्रा के कामों पर नजर रखेगी।

ममता बनर्जी को साधने चले थे नीतीश-तेजस्वी, बंगाल की CM ने कहा – पहले बिहार में बैठक करिए, फिर सोचेंगे आगे क्या करना है: किंतु-परंतु में उलझी है विपक्षी एकता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दोनों विपक्ष को एकजुट करने के मिशन में हैं। भले ही राज्य में क़ानून व्यवस्था चरमराई हुई हो, वो अन्य राज्यों के दौरे कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली जाकर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। अब वो बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता पहुँचे, जहाँ तीनों ने मीडिया से भी बात की।

नीतीश कुमार ने बताया कि सभी विपक्षी पार्टियों को साथ लाने और लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने दावा किया कि आगे जो भी किया जाएगा, वो देशहित में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जो लोग सत्ता में हैं, उन्हें कुछ नहीं करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि वो लोग केवल अपनी पब्लिसिटी कर रहे हैं, देश के विकास के लिए कुछ नहीं कर रहे। इस दौरान ममता बनर्जी ने भी इतिहास याद करते हुए बताया कि जयप्रकाश नारायण का अभियान बिहार से ही शुरू हुआ था।

TMC सुप्रीमो ने बताया कि उन्होंने नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि बिहार में सभी विपक्षी पार्टियों की एक बैठक रखी जाए, जिसमें तय होगा कि हमें आगे क्या कदम उठाना है। उन्होंने कहा कि पहला उद्देश्य यही है कि लोगों को सन्देश दिया जाए कि हम एक हैं। उन्होंने कहा कि वो पहले भी कह चुकी हैं कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है बस भाजपा को जीरो बनाना है। उन्होंने दावा किया कि मीडिया के समर्थन और बड़े-बड़े झूठ बोल कर भाजपा के लोग बड़े हीरो बन गए हैं।

इस दौरान तीनों नेताओं ने कहा कि उनमें महागठबंधन बनाने को लेकर कोई ईगो नहीं है और 2024 का लोकसभा चुनाव ‘जनता बनाम भाजपा’ होने जा रहा है। नीतीश कुमार ने विपक्ष की तरफ से ‘एक सीट, एक उम्मीदवार’ का फॉर्मूला रखा, जिस पर सीएम ममता ने कहा कि सोच, विजन और मिशन स्पष्ट हो तो कोई दिक्कत नहीं है। अब नीतीश-तेजस्वी सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ भी जाने वाले हैं। सीएम नीतीश ने कहा कि ममता बनर्जी के साथ काफी सकारात्मक बातचीत हुई है।

अयोध्या में जुटे VHP से जुड़े वकील और रिटायर्ड जज, समलैंगिक विवाह के खिलाफ प्रस्ताव पारित: पहले भी भारतीय संस्कृति के लिए बताया था घातक

अयोध्या में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (22-23 अप्रैल 2023) में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कानूनी प्रकोष्ठ ने समलैंगिक विवाह के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। इसमें निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक से जुड़े विभिन्न राज्यों के 500 से अधिक अधिवक्ताओं और सेवानिवृत्त जजों ने भाग लिया। समलैंगिक विवाह को हिंदू संगठन पहले भी भारतीय संस्कृति के लिए घातक बता चुका है।

विश्व हिंदू परिषद ने 24 अप्रैल 2023 को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से प्रेस रिलीज जारी कर प्रस्ताव पास किए जाने की जानकारी दी है। इसमें कहा गया है समलैंगिक विवाह पर निर्णय लेने में कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि देश सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों का सामना कर रहा है। इसमें गरीबी उन्मूलन, बुनियादी जरूरतें जैसे मुफ्त शिक्षा का अधिकार, प्रदूषण मुक्त वातावरण का अधिकार, जनसंख्या नियंत्रण शामिल हैं।

प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय समाज पुरुषों और महिलाओं के बीच विवाह को मान्यता देता है। विवाह की संस्था केवल दो विपरीत लिंग का मिलन ही नहीं है, बल्कि मानव जाति की उन्नति भी है। विहिप के मुताबिक, भारतीय समाज में विवाह को दो विपरीत लिंग के जोड़ों का पवित्र मिलन माना गया है। शादी सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है। यह भारत में एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यदि समलैंगिक विवाह की अनुमति दी जाती है तो यह तो ऐसा संभव नहीं होगा।

हिंदू संगठन ने कहा कि वर्तमान मामला समलैंगिक विवाह के पक्ष में संसद को कानून बनाने के लिए निर्देशित करने के इरादे से उसकी शक्तियों पर स्पष्ट रूप से अतिक्रमण करने का प्रयास है। इसके अलावा, वीएचपी ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत संसद को सोलह साल पहले छोड़ी गई एक रिपोर्ट की सिफारिशों को स्वीकार करने के लिए निर्देश दे, जो ईसाई या इस्लाम कबूलने वाले दलितों के आरक्षण से संबंधित है।

बता दें कि इससे पहले विश्व हिंदू परिषद ने कहा था कि जिस ‘जल्दबाजी’ से सुप्रीम कोर्ट समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की याचिकाओं का निस्तारण कर रहा है, वह उचित नहीं है। विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने शनिवार (22 अप्रैल 2023) को कहा था, “देश में समलैंगिक विवाह (Same-sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने से नए विवाद पैदा हो सकते हैं। यह भारतीय संस्कृति के लिए घातक सिद्ध होगा।” जैन ने कहा था कि इस विषय पर आगे बढ़ने से पहले सुप्रीम कोर्ट को धर्मगुरुओं, चिकित्सा क्षेत्र, समाज विज्ञानियों और शिक्षाविदों की समितियाँ बनाकर उनकी राय लेनी चाहिए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में LGBTQ+ व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को लागू करने की माँग को लेकर याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है।

उमेश पाल की हत्या से पहले बरेली जेल में हुई मीटिंग, अशरफ से मिलने पहुँचे शूटरों का वीडियो आया सामने: गुड्डू मुस्लिम की ओडिशा-छत्तीसगढ़ में तलाश

प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 में हुई उमेश पाल हत्याकांड की जाँच कर रही पुलिस टीम को एक बेहद अहम सुराग मिला है। हत्या से पहले गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, असद और उस्मान बरेली जेल में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से मिलने गए थे। 11 फरवरी 2023 को हुई ये मुलाकात लगभग ढाई घंटे चली थी। असद पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो चुका है। अतीक और अशरफ की प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल के बाहर शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं गुड्डू मुस्लिम की तलाश UP STF छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमेश पाल की हत्या से पहले 11 फ़रवरी को असद के साथ गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और उस्मान अशरफ से मिलने बरेली जेल गए थे। इस मुलाकात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में उमेश पाल की हत्या करने वाले चारों शूटरों की जेल कोई खास तलाशी होती भी नहीं दिख रही है। चारों बेरोकटोक जेल के अंदर जाते दिखाई दे रहे हैं। तीनों की अगवानी करता एक काॅन्स्टेबल भी दिखाई दे रहा है।

गुड्डू मुस्लिम की ओडिशा और छत्तीसगढ़ में तलाश

एक रिपोर्ट के मुताबिक उमेश पाल हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपित बमबाज गुड्डू मुस्लिम की छत्तीसगढ़ और ओडिशा में तलाश हो रही है। पुलिस को ख़ुफ़िया इनपुट के तौर पर इन दोनों राज्यों में गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन मिली थी। कुछ समय पहले गुड्डू की लोकेशन ओडिशा के बरगढ़ में मिली थी। वहाँ टीम के पहुँचने से पहले गुड्डू फरार हो चुका था। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में गुड्डू बमबाज के एक अपराधी से अच्छे रिश्ते बताए जा रहे हैं। इसके आधार पर पुलिस ने वहाँ भी छापा मारा है। बताया जा रहा है कि पुलिस को 5 लाख के इनामी गुड्डू की लोकेशन छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाके सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पास सोहेला क्षेत्र के गाँव सरिया में मिली है।

बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी के नेता के घर से मिला हथियारों का जखीरा, JDU का प्रखंड अध्यक्ष से लेकर प्रदेश महासचिव तक रहा है मंजूर आलम

बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में जदयू नेता समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम मंजूर आलम है, दो अन्य आरोपितों के नाम सामने नहीं आए। गिरफ्तारी रविवार (23 अप्रैल 2023) रात हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवादा पुलिस ने एसपी के नेतृत्व में नरहट प्रखंड के बाजार इलाके में स्थित जदयू नेता मंजूर आलम के घर में छापेमारी की थी। इसी छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध हथियार बरामद किए। बरामद किए गए हथियार में 5 जिंदा बम, एक पिस्टल, सात देसी कट्टे, एक राइफल समेत कई जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में मंजूर आलम के बेटे और उसके भतीजे को भी गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित मंजूर आलम बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू का सक्रिय कार्यकर्ता है। वह जदयू का प्रखण्ड अध्यक्ष से लेकर प्रदेश महासचिव के पद में भी रह चुका है। हालाँकि कहा जा रहा है कि फिलहाल वह पार्टी के किसी भी पद में नहीं था। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हुए 3 आरोपितों का आपराधिक इतिहास रहा है। जदयू नेता मंजूर आलम के खिलाफ नरहट थाने में करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके बेटे और भतीजे पर भी पहले से मुकदमा दर्ज होने की बात कही जा रही है।

इस कार्रवाई को लेकर नरहट थाना प्रभारी सरफराज इमाम का कहना है कि अवैध हथियार रखने के आरोप में फिलहाल सिर्फ गिरफ्तार किया गया है। आगे की कार्रवाई की जानी बाकी है। हालाँकि थाना प्रभारी ने मामले की पूरी जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, एसपी अम्बरीष राहुल का कहना है कि जिन 3 लोगों को गिरफ्तार गया है, उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। जाँच के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जा सकती है।

हालाँकि अब सवाल यह उठता है कि जदयू नेता के पास इतनी बड़ी मात्रा में हथियार कैसे आए? इन हथियारों को इकट्ठा करने का क्या उद्देश्य था? जिंदा बम, पिस्टल, कारतूस और देसी कट्टों के साथ मंजूर आलम, उसका बेटा और भतीजे किस घटना को अंजाम देने की फिराक में था? सवाल यह भी है कि कहीं बिहार में किसी दंगे की साजिश के तहत तो इस तरह के हथियार इकट्ठे नहीं किए गए थे और इस सबमें सरकार का भी हाथ है या नहीं?

जीसस से पादरी ने मिलवाने का दिया लालच, महिला-मर्द-बच्चे सबने खाना-पीना छोड़ाः अब तक 47 शव निकले, 800 एकड़ का इलाका सील

अफ्रीकी देश केन्या में पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे (Paul Mackenzie Nthenge) पर आरोप है कि उसके ‘भूखे रहोगे तो यीशु से मिलवाऊँगा’ कहने पर अब तक कई लोग अपनी जान दे चुके हैं। फिलहाल माकेन्ज़ी नथेन्गे पुलिस की गिरफ्त में हैं।केन्याई पुलिस के अनुसार, इस मामले में उन्होंने अब तक 47 शव बरामद किए हैं। इसमें बच्चों के शव भी शामिल हैं। एक दिन पहले 21 लाशें निकाली गई थीं।

डिटेक्टिव चार्ल्स कमाउ ने बताया, “हमने सोमवार (24 अप्रैल, 2023) 26 और शव बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 47 शव बरामद किए जा चुके हैं।” पुलिस पूर्वी केन्या के मालिंदी शहर के शाखोला जंगल में कुल 58 कब्रों की पहचान कर चुकी है। पुलिस ने बीते दिनों एक कब्र भी खोदी, जिसमें एक ही परिवार के 5 सदस्यों (3 बच्चों और उनके माता-पिता) को दफनाया गया था।

केन्या के आंतरिक मंत्री किथुरे किंडिकी ने कहा कि शाखोला जंगल की लगभग 800 एकड़ जमीन को सील कर इसे अपराध स्थल घोषित कर दिया गया है। वहीं, कब्र से निकाले गए शवों को डीएनए जाँच के लिए भेज दिया गया है।

दरअसल, यह पूरा मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र के शाकाहोला गाँव का है। यहाँ पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च चलाता था। वह यहाँ प्रार्थना के लिए लोगों को इकट्ठा करता था। इसके बाद लोगों से उसने कहा कि ‘यदि वे भूखे रहेंगे तो वह उन्हें यीशु से मिलवाएगा’। उसकी बात पर यकीन कर कई लोग भूखे रहने लगे। इस मामले का खुलासा 15 अप्रैल, 2023 को हुआ था। पादरी की बातों पर विश्वास करके 15 लोगों ने खाना छोड़ दिया था और सभी एक घर में एक साथ रहने लगे थे।

इनमें पुरुष, महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। धीरे-धीरे उनकी भूख से तबीयत खराब होने लगी। इस बात की जानकारी जब पुलिस को हुई तो उन्होंने घर पर दबिश दी। यहाँ पुलिस को सभी 15 लोग बेहद बुरी हालत में मिले थे। पुलिस ने उन सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहाँ 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया था।

बता दें कि अपने बचाव में पादरी ने दावे से कहा है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। 2019 में उसका चर्च बंद हो गया था। आरोपित पादरी ने पहले तीन गाँवों नासरत, बेथलेहम और यहूदिया का नाम लिया। इसके बाद, तलाब में बपतिस्मा कर लोगों को भूखे रहने के लिए कहा था। इससे पहले पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे को मार्च 2023 में भूख से दो बच्चों को मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन उसे बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

दानिश कनेरिया ने लिखा ‘जय श्रीराम’, कूद पड़ा भारत का प्रोपेगेंडाबाज अली सोहराब: कट्टरपंथी बोले- मुस्लिमों को नीचा दिखा रहा है पाकिस्तानी हिंदू

पाकिस्तान के पूर्व हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया का ‘जय श्रीराम’ लिखकर ईद मुबारक कहने का अंदाज कट्टरपंथियों को रास नहीं आया। अब पाकिस्तान से लेकर भारत में उन्हें निशाना बना रहे हैं।

देख सकते हैं कि ईद के मौके पर दानिश ने एक पोस्टर शेयर किया था जिसपर ‘ईद मुबारक’ लिखा हुआ था। दानिश ने इसके कैप्शन में ‘जय श्रीराम’ लिख दिया।

प्रोपेगेंडाबाज पत्रकार अली सोहराब ने दानिश के इस ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, “ईद-उल-फितर के मौके पर एक पाकिस्तानी हिंदू JSR लिखकर मुसलमानों को नीचा दिखा रहा है और गाली दे रहा है, और भारतीय हिंदू उसकी जय-जयकार कर रहे हैं।”

पत्रकार मीर फैजल लिखता है, “ईद के मौके पर एक पाकिस्तानी हिंदू ये वार क्राई बोलकर मुस्लिमों को नीचा दिखा रहा है और गाली दे रहा है। संघी इस पर हँस रहे हैं।”

सोहराब, मीर फैजल के अलावा दानिश के पोस्ट पर कई कट्टरपंथी उनकी मंशा पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि सोचो अगर दिवाली पर कोई मुस्लिम क्रिकेटर अल्लाहु अकबर लिख दे तो क्या होगा।

सानिफ सुल्तान ने कहा, पाकिस्तानियों के सब्र का इम्तिहान मत लो दानिश।

उर्वा नाम की यूजर ने लिखा, “जरा सोचो तो अगर कोई मुस्लिम हिंदू त्योहार पर अल्लाह हू अकबर चिल्ला दे तो क्या होगा। उस पर पक्का यूएपीए लगा दिया जाएगा या फिर हो सकता है कि वो हिंदू भीड़ द्वारा लिंच कर दिया जाए। दानिश कनेरिया इतना अपमानजनक बोल रहा है क्योंकि वो पाकिस्तान में रहता है।”

नाथू गुर्जर के घर के बाहर कर रहे थे बाइक स्टंट, रोका तो तलवार लेकर आई भीड़: महिलाओं को भी पीटा, राजस्थान पुलिस बोली – सांप्रदायिक एंगल नहीं

राजस्थान के टोंक जिले में 2 पक्षों में बीच झड़प और पत्थरबाजी हुई है। बताया जा रहा है कि यह विवाद नाथू गुर्जर घर के आगे वर्ग विशेष के लोगों द्वारा बाइक पर स्टंट दिखाने से मना करने पर शुरू हुआ। शुरुआती बहस ने कुछ ही देर में हिंसक झड़प का रूप ले लिया। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को काबू किया। अब तक लगभग 1 दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। राजस्थान पुलिस इस घटना में सांप्रदायिक एंगल होने से इनकार कर रही है। घटना रविवार (23 अप्रैल, 2023) की है।

राजस्थान भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने इस घटना का वीडियो ट्वीट किया है। लगभग 9 सेकेण्ड के इस वीडियो में छतों से कुछ लोगों को पत्थरबाजी करते देखा जा सकता है। नीचे खड़े कुछ लोगों के हाथों में डंडे दिखाई दे रहे हैं। पत्थर एक घर के आगे खड़ी महिलाओं पर फेंके जा रहे हैं। वीडियो में पुलिस के सायरन की आवाज भी सुनाई दे रही है।

इस वीडियो को शेयर करते हुए लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने लिखा, “राजस्थान के मालपुरा में गुर्जर मोहल्ले में समुदाय विशेष के युवक तेज बाइक चला कर ले जा रहे थे। नाथु गुर्जर ने टोक दिया। थोड़ी देर बार भीड़ में इकट्ठे आए समुदाय विशेष के लोगों ने नाथु गुर्जर और उसके परिवार पर हमला कर दिया। महिलाओं को मारा-पीटा। पुलिसकर्मी घायल हो गए। पर सरकार चुप।” टोंक पुलिस के मुताबिक इस घटना में 3 से 4 लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज करवाया जा रहा है।

घायलों में नाथू गुर्जर और कुछ पुलिसकर्मी भी बताए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के मालपुरा विधायक कन्हैयालाल चौधरी ने अस्पताल जा कर घायल नाथू गुर्जर का हालचाल लिया। इस दौरान उन्होंने समुदाय विशेष के लोगों द्वारा नाथू गुर्जर के घर के आगे बाइक स्टंट का विरोध झगड़े की मुख्य वजह बताया।

50 लोगों की भीड़ ने तलवार ले कर किया हमला

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अपने घर के आगे बाइक पर स्टंट करने वालों की करतूत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले घर के आगे एक-एक बाइक पर 3-3 लोग स्टंट कर रहे थे। आरोप है कि जब उन्हें रोका गया तब वो लगभग 50 की संख्या में हाथों में तलवार ले कर भीड़ के साथ पहुँचे। गुर्जर परिवार की महिलाओं ने खुद के साथ मारपीट और घर में घुस कर लूटपाट का आरोप लगाया है।

पुलिस का साम्प्रदायिक एंगल से इनकार

इस मामले पर जानकारी देते हुए टोंक जिले की DM ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है और हालात पूरी तरह से काबू में और सामान्य हैं। वहीं जिले के SP ने अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए मामले में किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक एंगल से इनकार किया है।

अतीक अहमद के दफ्तर में मिला खून से सना चाकू, साड़ी, अंडरगार्मेंट्स, टूटी चूड़ियाँ… क्या किसी महिला की हुई थी हत्या?

अतीक अहमद के प्रयागराज स्थित दफ्तर में खून से सना चाकू और जगह-जगह खून के धब्बे मिले हैं। यही नहीं, दफ्तर में साड़ी और कुछ अंडर गारमेंट्स मिलने की बात भी सामने आई है। हालात को देखते हुए दफ्तर में महिला की हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना सोमवार (24 अप्रैल 2023) की है।

माफिया डॉन रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद सामने आए इस मामले से पुलिस एक बार फिर अलर्ट पर है। घटना के बाद मौके पर पहुँची पुलिस को अतीक का यह दफ्तर पूरी तरह से अस्त व्यस्त मिला। खून के धब्बे ग्राउंड फ्लोर से लेकर सीढ़ियों और फर्स्ट फ्लोर तक दिखाई दे रहे हैं। नीचे एक खून से चासना कू बरामद हुआ है। फर्स्ट फ्लोर के कमरे में रखे सोफे पर एक सफेद दुपट्टा मिलने की बात सामने आई है। इस पर भी खून के निशान मिले हैं। दफ्तर में टूटी हुई चूड़ियाँ भी मिली हैं।

यही नहीं, अतीक अहमद के इस दफ्तर में जगह-जगह सामान बिखरा हुआ है। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ने कुछ ढूँढ़ने की कोशिश की है या फिर मारपीट के दौरान सामान बिखर गया होगा। दफ्तर के किचन में भी चावल, हीटर समेत अन्य सामान बिखरे हुए हैं। किचन में भी भी खून के निशान मिले हैं। इसके अलावा अलमारी में रखे कागज व अन्य सामान भी फैला हुआ है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि किसी ने कागज या अन्य सामान खोजने की कोशिश की है।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जाँच कर रही पुलिस को फर्स्ट फ्लोर पर साड़ी और कुछ अंडरगारमेंट्स मिले हैं। इससे पुलिस महिला की हत्या होने की आशंका जता रही है। पुलिस को आशंका है कि दफ्तर में हत्या हुई है। इसके बाद उसकी लाश को बाहर ले जाकर ठिकाने लगाया गया। हालाँकि, पुलिस ने अब तक आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा है।

बता दें कि यह अतीक अहमद का वही दफ्तर है जहाँ उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने छापा मारा था। इस छापे में पुलिस ने 74 लाख 72 हजार रुपए समेत 10 पिस्टल बरामद की थी। अतीक अहमद का यह दफ्तर अवैध रूप से तैयार किया गया था। इसलिए प्रयागराज प्राधिकरण अथॉरिटी ने इस पर 21 सितंबर 2020 को बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी। बताया जा रहा है कि तब से ही यह दफ्तर खाली पड़ा है।

छत्तीसगढ़ में है गुड्डू मुस्लिम?

मीडिया रिपोर्ट्स में, दावा किया जा रहा है कि गुड्डू मुस्लिम के छत्तीसगढ़ में होने की जानकारी सामने आई है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की है। यदि गुड्डू मुस्लिम पुलिस की गिरफ्त में आ जाता है तो अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अतीक की बहन आयशा नूरी की भी गिरफ्तारी हो सकती है। हालाँकि फिलहाल, सवाल यह है कि अतीक के दफ्तर में मिले खून के धब्बे और चाकू से गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन का संबंध तो नहीं है।