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बुर्के में घूम रहा था गैंगरेप केस में वॉन्टेड आफताब, यूपी पुलिस ने दबोचा: नशीला पदार्थ खिला कर किया था बलात्कार, फिर बना लिया था वीडियो

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने बुर्का पहने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्ति व्यक्ति का नाम आफ़ताब है, जो गैंगरेप केस में फरार चल रहा था। पुलिस को लम्बे समय से आफताब की तलाश थी लेकिन वो मुस्लिम महिला बन कर हापुड़ कोर्ट में सरेंडर करना चाहता था। हालाँकि, पुलिस ने जाल बिछाते हुए उसे अदालत के कैम्पस से ही गिरफ्तार कर लिया। मामला गुरुवार (20 अप्रैल, 2023) का है। गिरफ्तारी के बाद आफताब का बुर्के में वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र का है। यहाँ का रहें वाला आफ़ताब नाम के व्यक्ति पर फ़रवरी 2023 में एक महिला ने रेप केस दर्ज करवाया था। महिला ने अपनी शिकायत में आफ़ताब पर खुद को जान-माल की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। लड़की के मुताबिक, नवम्बर 2022 में उसका परिचय मोहल्ले की एक अन्य लड़की ने आफ़ताब से करवाया था। तब आफताब जान-पहचान बढ़ाते हुए लड़की को गाजियाबाद के एक होटल में ले गया था जहाँ उसने लड़की को नशीला पदार्थ खिला कर बेसुध कर दिया था।

इसके बाद पीड़िता से आफ़ताब व उसके कुछ साथियों ने बारी-बारी से गैंगरेप किया। इस दौरान लड़की की अश्लील वीडियो भी बनाई गई जिस से ब्लैकमेल करते हुए आफ़ताब ने 70 हजार रुपए भी ऐंठ लिए थे। यह केस दर्ज हो जाने के बाद आफताब फरार हो गया था जिसकी तलाश में पुलिस कई जगहों पर दबिश मार रही थी। हालाँकि पुलिस को तमाम प्रयासों के बाद भी कामयाबी नहीं मिल रही थी। माना जा रहा है कि फरारी के दौरान आफ़ताब बेंगलुरु भाग गया था।

कुछ समय पहले पुलिस को अपने मुखबिर द्वारा आफ़ताब के कोर्ट में सरेंडर की भनक लगी। पुलिस को यह भी जानकारी हुई कि आफ़ताब सरेंडर के लिए अपना हुलिया बदल कर पहुँच सकता है। जानकारी होते ही पुलिस ने हापुड़ कोर्ट में अपना जाल बिछा दिया था। इस दौरान पुलिस को एक बुर्काधारी की हरकतों पर शक हुआ। पुलिस ने फ़ौरन ही उसे रोक लिया जो आफ़ताब निकला। पुलिस ने आफ़ताब को गिरफ्तार कर के कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया।

इंस्पेक्टर हापुड़ कोतवाली संजय पांडेय के मुताबिक पूर्व में चल रहे रेप केस में फरार आफ़ताब के अन्य साथियों की भी तलाश चल रही है। पुलिस द्वारा उन सभी को जल्द गिरफ्तार कर लेने का भरोसा दिया गया है।

भूखे रहोगे तो यीशु से मिलवाऊँगा… अब तक 21 लाशें निकाली गईं, 58 कब्रों की पहचान: केन्या में पादरी के कहने पर लोगों ने छोड़ दिया था खाना-पीना

अफ्रीकी देश केन्या में ईसाई पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे (Paul Mackenzie Nthenge) के कहने पर कई लोगों ने भूखे रहकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने अब तक 21 शव बरामद किए हैं। आरोप है कि पदारी ने भूखे रहने पर यीशु से मिलवाने की बात कही थी। फिलहाल आरोपित पादरी पुलिस की गिरफ्त में हैं।

यह पूरा मामला केन्या के किलिफी काउंटी क्षेत्र के शाकाहोला गाँव का है। यहाँ पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च चलाता था। यह पदारी प्रार्थना के लिए लोगों को इकट्ठा करता था। इसके बाद उसने लोगों से कहा कि यदि वे भूखे रहेंगे तो वह उन्हें यीशु से मिलवाएगा। इस पर कई लोग भूखे रहने लगे। इससे एक के बाद एक कई लोगों की मौत हो गई। इसमें पुरुष महिला और बच्चे शामिल हैं।

कैसे सामने आया मामला

दरअसल, पादरी की बातों पर भरोसा कर के इन लोगों ने खाना छोड़ दिया था। वह सभी एक घर में एक साथ रहने लग गए थे। धीरे-धीरे भूख से उनकी तबीयत खराब होने लगी। इस बात की जानकारी जब पुलिस को हुई तो उसने घर पर दबिश दी। यहाँ पुलिस को सभी 15 लोग बेहद बुरी हालत में मिले। पुलिस ने उन सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। इसमें 3 पुरुष और 1 महिला शामिल है।

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपित पादरी को गत 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया। इसके बाद से उससे पूछताछ हो रही है। हालाँकि, अब तक उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया है। पुलिस ने पादरी के अलावा 5 अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया था। वहीं, पुलिस अब तक शाकाहोला जंगल से 21 शवों को बरामद चुकी है। वहीं, पुलिस अब तक 58 कब्रों की भी पहचान कर चुकी है। कहा जा रहा है कि एक कब्र में एक ही परिवार के 5 सदस्यों 3 बच्चों और उनके माता-पिता को दफनाया गया था।

संदेह है कि हाल में चिन्हित की गई सभी कब्रों में भूख से मरने वालों को दफनाया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पादरी के कहने से भूखे रहकर जान देने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। यही नहीं, अब तक बरामद किए गए शवों की भी जाँच की जा रही है। पुलिस यह पता करना चाहती है कि आखिर कितने लोगों की मौत भूखे रहने से हुई।

अपने बचाव में पादरी ने कहा है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। साल 2019 में ही उसका चर्च बंद हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित पादरी ने पहले तीन गाँवो नासरत, बेथलेहम और यहूदिया का नाम लिया। इसके बाद, तलाब में बपतिस्मा कर लोगों को भूखे रहने के लिए कहा। बता दें कि आरोपित पादरी पॉल माकेन्ज़ी नथेन्गे को मार्च 2023 में भूख से दो बच्चों को मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि इसके बाद कोर्ट से उसे जमानत मिल गई।

155 देशों के नदियों के जल से हुआ राम मंदिर का अभिषेक, इकट्ठा करने में लगे 31 महीने: जहाँ पैदा हुआ था बाबर, वहाँ की नदी से भी आया जल

भगवान श्रीराम के जलाभिषेक के लिए 155 देशों से नदियों का जल उत्तर प्रदेश के अयोध्या पहुँच गया। इस जल से रविवार (23 अप्रैल 2023) को भगवान राम के मंदिर परिसर और चौखट का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान 8 देशों के राजदूत और 40 देशों के अप्रवासी भारतीय मौजूद रहे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश इस जल को लेकर अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या पहुँचे। इस दौरान स्टेशन पर उनका ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। इन देशों से जल संग्रह का काम भाजपा के पूर्व विधायक विजय जॉली ने किया। इस काम में उनका कई अप्रवासी भारतीयों ने मदद की।

रामलला के जिन देशों के जल से जलाभिषेक हुआ उनमें पाकिस्तान की सिंधु नदी, बाबर के मुल्क की नदी कश्क-ए-दरिया, इराक की टिगरिस नदी आदि शामिल हैं। समेत कई मुस्लिम देशों की नदियों का जल भेजा है। तजाकिस्तान के ताज मोहम्मद ने कई मुस्लिम देशों की नदियों का पानी भेजा।

विजय जौली ने बताया, “जलाभिषेक के लिए 155 देशों की जिन नदियों का जल कलश अयोध्या ला गया, उनमें उज्बेकिस्तान के ताशकंद की चिरचिक नदी, तजाकिस्तान की वख्श नदी, यूक्रेन की डेनिस्टर नदी, रूस की वोल्गा नदी, मॉरिशस की गंगा तालाब और हिंद महासागर का जल भी शामिल है। यह जल 31 महीनों में इकट्ठा किया गया है।”

23 अप्रैल 2023 को अयोध्या की मणिराम छावनी के सभागार में सुबह 10 बजे से कार्यक्रम की शुरू हुई। कार्यक्रम में सबसे पहले श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। उसके बाद जल का वहीं, RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश ने ‘भारत जय जगत’ का नया नारा दिया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा, “इजराइल की लाइब्रेरी में पढ़ने को मिला कि राम के ईश्वर रूप का सबसे पहले अनुभव निषादराज ने किया था। अब पूरे देश में निषाद मछुआरों की सेना तैयार करके रावण राज्य खत्म करने में जुटा हूँ।”

वहीं, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया था, तब 1000 स्थानों से जल व रज गर्भगृह को समर्पित किया गया था। उन्होंने जल कलश भेजने वालों को आभार जताया और कहा कि यह आयोजन इंटरनेशनल हिस्ट्री है।

बता दें कि भगवान राम के मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। रामलला के गर्भगृह समेत भूतल में 167 खंभे बनकर तैयार हो गए हैं। उन पर बीम रखने का काम भी पूरा हो चुका है। अब छत की ढलाई का काम चल रहा है। 

हेलीकॉप्टर के पंखे से लग कर अधिकारी की मौत: केदारनाथ यात्रा से पहले निरीक्षण करने गए थे, सेल्फी के चक्कर में कट गई गर्दन

केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड में एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमित सैनी के रूप में हुई। वह उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण में फाइनेंशियल कंट्रोलर थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित सैनी केदारनाथ यात्रा से पहले हेलीपैड का निरीक्षण करने गए थे। हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के समय अमित सैनी सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान वह हेलीकॉप्टर न टेल रोटर ब्लेड, यानी कि पिछले पंखे की चपेट में आ गए। इससे उनकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना क्रिस्टल एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर से हुई।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के समय हेलीपेड पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ भी मौजूद थे।

25 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट

बता दें कि इस साल केदारनाथ यात्रा मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) से शुरू हो रही है। इस यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार व स्थानीय प्रशासन हर संभव तैयारियों में जुटा हुआ है। मंदिर प्रबंधन भी अपने स्तर पर काम कर रहा है। तीर्थयात्रियों को अधिक समस्या न हो इसके लिए हवाई सेवाएँ भी शुरू की जा रहीं हैं। हेलीपैड पर जमी बर्फ को भी हटाया जा चुका है। केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए इस साल 16 लाख से अधिक यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। आने वाले दिनों में यह संख्या और भी अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।

केदारनाथ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने रविवार (23 अप्रैल 2023) को एक अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कहा गया है कि केदारनाथ धाम में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। इसको देखते हुए श्रद्धालुओं को सावधान रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी सूचनाओं के आधार पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

‘ईद में पानी कम था और मोटर खराब’: हैदराबाद में शौचालय के पानी से बिरयानी का चावल धोने वाला वीडियो वायरल, सफाई में ये बोला रेस्टॉरेंट मालिक अकबर

सोशल मीडिया पर हैदराबाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक रेस्टॉरेंट में शौचालय के पानी से बिरयानी बनाने का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो बनाने वाले रेस्टोरेंट के बाथरूम तक जाते हैं जिस पर रेस्टॉरेंट वाला पानी की कमी की सफाई देता दिखाई दे रहा है।

लगभग 57 सेकेंड का यह वीडियो हैदराबाद के सिद्दिपेट इलाके का है। जिस रेस्टॉरेंट के अंदर का यह सारा विवाद बताया जा रहा है, उसका नाम ‘सोनी रेस्टॉरेंट एन्ड ढाबा’ है। वायरल वीडियो में रेस्टॉरेंट के स्टाफ से नाराज कस्टमर गाली-गलौज करते दिखाई देते है। नाराज कस्टमर बिरयानी का चावल टॉयलेट के पानी में धोने का आरोप लगाते दिख रहे हैं। वीडियो में कमोड भी दिखाई दे रहा, जिसके बगल में एक बाल्टी और मग रखा हुआ है। इसमें टॉयलेट के ठीक बगल एक बाल्टी में चावल देखे जा सकते हैं।।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ग्राहकों ने जब बाथरूम में जा कर देखा तो उन्होंने रेस्टॉरेंट के स्टाफ को टॉयलेट के पानी से बिरयानी का चावल धोते भी देखा। ऐसे में तमाम लोग तो बिना कुछ खाए ही वहाँ से बाहर चले गए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे ले कर चर्चा छिड़ गई है। कई लोग इस पर व्यंग भी कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि आरोपित पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

सोशल मीडिया रिएक्शन

ऑपइंडिया ने इस रेस्टॉरेंट के मालिक ‘अकबर’ से बात की। अकबर ने हमें बताया कि घटना ‘जुम्मे रात’ (21 अप्रैल 2023, शुक्रवार) की है। उन्होंने आगे बताया कि ईद का दिन था और पानी की मोटर खराब थी। इसके चलते उन्होंने पानी को बाल्टियों में भर के रखा हुआ था। सफाई के तौर पर अकबर ने कहा कि उनके किचन स्टाफ और सफाईकर्मियों के बीच सामंजस्य न होने के चलते लोगों में ग़लतफ़हमी हुई। अकबर ने हमें यह भी बताया कि उनके रेस्टॉरेंट की जाँच के लिए कई अधिकारी भी आए जो तमाम पड़ताल कर के थोड़ी देर पहले गए हैं।

जिन लोगों ने इस मामले का वीडियो वायरल किया, उन्हें अकबर नहीं पहचानते हैं।

बंगाल में दलित किशोरी की रेप-हत्या के खिलाफ फिर हिंसा: बाल आयोग से मिलने नहीं पहुँचे अधिकारी, बताया- पुलिस ने परिजनों का बयान नहीं लिया

पश्चिम बंगाल के कालियागंज में एक दलित किशोरी के साथ कथित रेप के बाद हत्या के मामले में शनिवार (22 अप्रैल 2023) को एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने फिर से आँसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन किया। वहीं, NCPCR अध्यक्ष ने पीड़ित परिजनों से रविवार (23 अप्रैल 2023) को मुलाकात की।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने रविवार (23 अप्रैल 2023) को ट्वीट कर कहा, “हम आज सुबह मृतक लड़की के परिजनों से उनके गाँव में मिले। हमें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11:30 बजे रायगंज के सर्किट हाउस में जाँच अधिकारियों और डॉक्टरों से मिलना था। अभी तक कोई अधिकारी नहीं आया है।”

प्रियंक ने कहा कि घटना के दो दिन हो चुके हैं, लेकिन बंगाल पुलिस ने अभी तक मृतका के परिजनों का बयान तक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक परिजनों का पुलिस बयान ना ले ले, तब तक किसी नतीजे पर वह ना पहुँचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने उन्हें इसके बारे में जानकारी दी है।

राज्य CPCR का NCPCR पर आरोप

पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) ने राष्ट्रीय निकाय NCPCR पर लड़की की मौत में राजनीति करने का आरोप लगाया है। अपने कई ट्वीट में WBCPCR ने कहा, “एनसीपीसीआर की टीम मीडियाकर्मियों की फौज लेकर पीड़िता के घर ले जा रही है। यह वहाँ लगे धारा 144 का उल्लंघन है! बाल अधिकारों के रखवालों द्वारा पश्चिम बंगाल में बच्चों के शवों के साथ राजनीति करना शर्मनाक! शर्मनाक NCPCR!”

फिर हुई हिंसा और पुलिस ने दागे आँसू गैस के गोले

ताजा हिंसा में बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के कलियागंज में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की भीड़ की भारत-बांग्लादेश सीमा के पास तैनात पुलिसकर्मियों से झड़प हो गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। दोषियों की गिरफ्तारी की माँग कर रही भीड़ ने कई दुकानों और ई-रिक्शा को आग के हवाले कर दिया।

FIR में जहर खाने से मौत का जिक्र

पुलिस ने हिंसा को देखते हुए शनिवार को 20 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि लड़की और आरोपित एक दूसरे को जानते थे। हालाँकि, FIR में पुलिस ने लिखा है कि युवती की मौत जहर खाने से हुई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। 

पुलिस का कहना है कि लड़की लापता थी। इसके बावजूद उसके परिवार ने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। बाद में लड़की का शव कालियागंज इलाके के नहर में तैरता मिला था। का कहना है कि पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जहरीला पदार्थ खाने से मौत हुई है।

भाजपा महिला मोर्चा और ABVP का प्रदर्शन

वहीं, शनिवार को भाजपा की महिला मोर्चा ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर पीड़िता के लिए न्याय की माँग की। महिला मोर्चा के अलावा, भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी घटना के विरोध में राज्य के कई जगहों पर प्रदर्शन किया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उसके बाद दोषियों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक सना अख्तर के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि पुलिस सबूत मिटाकर अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस घटना की सीबीआई जाँच की माँग की।

इतना ही नहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की एक टीम भी मौके पर पहुँची है। टीम ने घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल की पुलिस से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

21 अप्रैल को मिली थी लाश

दलित युवती कलियागंज में 20 अप्रैल 2023 की शाम को ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी। रात होने के बावजूद वह अपने घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। उसके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने किशोरी की पूरी रात तलाश की। अगले दिन नहर में एक किशोरी की लाश तैरती हुई लोगों ने देखा। इसके बाद लोगों ने उसकी पहचान लापता किशोरी के रूप में की।

इस घटना के बाद इलाके लोग आक्रोशित हो गए और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग को लेकर शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज किया और उन पर आँसू गैस के गोले दागे। इतना ही नहीं, एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस मृतक के शव को घसीटते हुए लेकर जा रही है।

‘राजीव गाँधी जैसा होगा मोदी का हाल’: PM को धमकी देने वाला जेवियर गिरफ्तार, पड़ोसी को फँसाने के लिए रची थी साजिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या को लेकर धमकी भरा पत्र भेजने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान जेवियर के रूप में हुई। उसने पड़ोसी को फँसाने के लिए यह साजिश रची थी। वहीं, भाजपा का आरोप है कि केरल दौरे पर पीएम की सुरक्षा की जानकारी लीक हो गई है। लेकिन इसके बाद भी केरल की पिनराई विजयन सरकार चुप्पी बनाए हुए है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या को लेकर धमकी देने का आरोपित जेवियर केरल के एर्नाकुलम जिले के कथ्रिकादावु का रहने वाला है। उसने यह सब अपने दोस्त एनके जॉनी को फँसाने के लिए किया था। जेवियर ने धमकी भरे पत्र में जॉनी का पता भी लिखा था। इसके चलते पुलिस ने एनके जॉनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने जॉनी के घर की भी तलाशी ली थी। इस दौरान पुलिस धमकी भरे पत्र और जॉनी की हैंड राइटिंग मिलाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन कुछ भी मैच नहीं कर रहा था। इसके बाद जॉनी ने कहा था कि यह काम उसके किसी दुश्मन का हो सकता है। जॉनी के संदेह के आधार पर ही पुलिस ने जेवियर को हिरासत में लिया था। पूछताछ और फोरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा हैंडराइटिंग मैच की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने शनिवार (22 अप्रैल 2023) को उसे गिरफ्तार किया था।

आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर कोच्चि के पुलिस कमिश्नर के सेतुरमन ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ धमकी भरा पत्र भेजने वाले आरोपी जेवियर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने अपने पड़ोसी को फँसाने के लिए उसके नाम से पत्र लिखा था। हमने उसे फॉरेंसिक की मदद से ढूँढ़ निकाला।”

गौरतलब है कि पीएम मोदी दो दिवसीय केरल दौरे पर जाने वाले हैं। उनका यह दौरा सोमवार और मंगलवार (24-25 अप्रैल) को रहेगा। इसको लेकर पीएम की सुरक्षा से जुड़ी डिटेल्स भी शनिवार (22 अप्रैल 2023) को कथित तौर पर लीक हो गई थी। इस मामले में पुलिस जाँच की बात कह रही है। लेकिन विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा है, “यह हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जो इंतजाम किए जाने थे, उसकी जानकारी मीडिया और हजारों लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप में लीक हो गया। लेकिन इसमें भी सबसे हैरान करने वाली बात केरल सरकार की चुप्पी है। 24 घंटे के भीतर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।”

राजीव गाँधी जैसा हाल करने की दी थी धमकी…

बता दें कि जेवियर ने धमकी भरा पत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन के पास भेजा था। उन्होंने यह पत्र पिछले सप्ताह पुलिस को सौंप दिया था। पत्र में लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वही हाल होगा, जो राजीव गाँधी का हुआ था। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या लिट्टे ने आत्मघाती हमलावरों के जरिए ही करवाई थी।

‘तुम्हारी पार्टी महिलाओं के लिए असुरक्षित, मुझपर इल्जाम मत लगाओ’ : IYC अध्यक्ष श्रीनिवास पर पुलिस कार्रवाई से भड़की कॉन्ग्रेस, असम CM ने दिया जवाब

भारतीय युवा कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास पर उत्पीड़न और लिंगभेद का आरोप लगने के बाद असम पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। ये शिकायत असम की युवा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अंगाकिता दत्ता के आरोपों पर है। शिकायत के बाद पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता को पूछताछ के लिए 2 मई को दिसपुर बुलाया है।

इसके अलावा एक टीम भी आज (23 अप्रैल 2023) श्रीनिवास के घर पहुँची जहाँ कॉन्ग्रेस नेता उन्हें नहीं मिले। पुलिस ने बताया कि वो पूछताछ के लिए आए थे पर कोई घर पर नहीं था। ऐसे में उन्होंने एक नोटिस घर पर चस्पा किया है। पुलिस ने उन्हें एक टाइम दिया है हाजिर होने का और जाँच में सहयोग करने का।

पुलिस की कार्रवाई से आहत कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें लेकर अनाप-शनाप बोला। अब कॉन्ग्रेस के इन्हीं आरोपों का सीएम ने जवाब दिया है।

उन्होंने कहा, “असम पुलिस कानून के हिसाब से काम करती है। वो एक ऐसे केस की जाँच कर रही है जहाँ महिला कॉन्ग्रेस नेता ने आरोपित के खिलाफ धारा 354 के खिलाफ केस दर्ज कराया है। ये बहुत गलत बात है कि आप कॉन्ग्रेस पार्टी में महिला कार्यकर्ताओं के लिए असुरक्षित माहौल के लिए मुझे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरोपित को कहिए कि वो कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करे।”

बता दें कि सुरजेवाला ने यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर कार्रवाई की बात जानकर कहा था वह कभी पवन खेड़ा तो कभी बीवी श्रीनिवास तो कभी किसी और को गिरफ्तार करना चाहते हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि पीएम मोदी कभी उनको शारदा मामले में अरेस्ट करना चाहते थे, मगर फिर वो भाजपा में शामिल हो गए।

गौरतलब है कि 18 अप्रैल, 2023 को असम यूथ कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष ने राष्ट्रीय यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था श्रीनिवास BV ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया है और उनके स्त्री होने के कारण उनसे भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांत और उनकी सहीक्षिक पृष्ठभूमि उन्हें अब और चुप रहने की अनुमति नहीं देती। उनकी मानें तो पार्टी आलाकामन के सामने ही कई बार ऐसा हुआ, फिर भी उन्होंने कुछ एक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV खुद को इतना शक्तिशाली समझते हैं कि उन्हें लगता है कि बड़े नेताओं के आशीर्वाद से वो संगठन में एक महिला को प्रताड़ित कर सकते हैं, नीचा दिखा सकते हैं।

‘नंगी औरत के साथ ईद मुबारक करता है, शर्म कर’: पत्रकार शाहबाज ने ईद पर पी शराब तो भड़के इस्लामवादी – पत्नी को भी दी गालियाँ, मुस्लिम के नाम पर बताया कलंक

‘इंडियन एक्सप्रेस’ के ‘पत्रकार’ शाहबाज अंसार ने ईद-उल-फितर के मौके पर शराब पीते हुए एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में वह अपनी पत्नी के साथ दिखाई दे रहे हैं। वीडियो शेयर करने के बाद शाहबाज अंसार इस्लामवादी यूजर्स के निशाने पर आ गए। कुछ यूजर्स ने तो उनकी पत्नी को भी गालियाँ दीं।

वीडियो में शाहबाज अंसार अपनी पत्नी ख्यातिश्री के साथ ईद की मुबारकबाद देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों चियर्स करते हुए शराब पीते देखे जा सकते हैं। ट्वीट के आर्काइव को यहाँ देखा जा सकता है। इस वीडियो पर अब तक 240K से अधिक व्यू आ चुके हैं। वहीं, कमेंट में गालियों व अपशब्दों की भरमार है।

निफ्टी फिफ्टी नामक यूजर ने लिखा, “घटिया लोगों की दुनिया में कमी नहीं ग़ालिब एक ढूँढ़ो हजार मिलते हैं।”

आशिक शाह नामक यूजर ने लिखा, “अरे ** ऐसे कौन एक नंगी औरत के साथ ईद मुबारक करता है। कुछ शर्म करो।”

तनवीर शेख ने लिखा, “मुस्लिम के नाम पर कलंक हो तुम।”

एजाज हसन ने जातिसूचक शब्दों का उपयोग करते हुए लिखा, “अपनी * बीवी को ईद के दिन तो नहाने को बोल देता।”

ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

अंसारी ने लिखा, “हराम हराम है। तू जो पी रहा है वो भी, जो दिख रहा है वो भी और जो तू जी रहा है वो भी। बस अल्लाह तुझे हिदायत दे।”

सलमान अली ने लिखा, “दारूबाज मोहतरमा से बोल आज के दिन तो नहा ले।”

फैज ने लिखा, “सिर्फ ये क्यों तुम पोट्टी खाते हुए भी यह बोल सकते हो।”

एक अन्य इस्लामवादी यूजर ने लिखा, “एक तो ईद के दिन शराब पी रहे हो। ऊपर से खुद पूरे कपड़े पहन कर वाइफ को आधा कपड़ा पहनाया है। उसका फिगर सबको दिखा रहे हो।अजीब बात है यार।”

शाहनवाज नामक युजर ने लिखा, “एक बेवड़ा और एक ताWife” ऐसा लग रहा है जैसे कि शाहनवाज, शाहबाज अंसार की पत्नी ख्यातिश्री को ‘वेश्या’ कह रहा हो।

इससे पहले मार्च 2022 में शाहबाज अंसार ने अपनी पत्नी के साथ होली खेलते हुए एक फोटो शेयर की थी। इसको लेकर भी इस्लामवादी यूजर्स ने उन्हें गालियाँ दी थीं।

हथिनी नूरजहाँ की मौत, 9 दिन तक जमीन पर पड़ी रही: पाकिस्तान सरकार पर बरसे मुल्क के ही लोग, कहा – आप तय करते रहो कौन मुस्लिम और कौन नहीं

पाकिस्तान की कराची चिड़ियाघर की हथिनी नूरजहाँ ने आखिरकार दम तोड़ दिया। चिड़ियाघर प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण वह विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हो गई थी और दो दिन की बुखार के बाद आखिरकार शनिवार (22 अप्रैल 2023) को दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पाकिस्तान की दुनिया भर में आलोचना हो रही है।

यह हथिनी लंबे समय से बीमार थी। इसको देखते हुए इसका ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद देखरेख में घोर लापरवाही की वजह से नूरजहाँ की स्थिति बिगड़ती चली गई। सोशल मीडिया पर लोगों की आलोचना के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने कहा कि बचाने के हरसंभव कोशिश की गई, लेकिन सब बेकार रहा।

कराची चिड़ियाघर के डायरेक्टर कंवर अयूब ने कहा कि नूरजहाँ का स्वास्थ्य नवंबर 2022 से बिगड़ रहा था। कुछ महीने पहले उसका ऑपरेशन किया गया था। 5 अप्रैल 2023 को शरीर से ट्यूमर निकालने के नए ऑपरेशन के बाद उसे चलने में कठिनाई हो रही थी। प्रशासन ने कहा कि कुछ दिन पहले नूरजहाँ गिर गई, उसके बाद वह उठ नहीं पाई।

नूरजहाँ के हालात बाद में इतने बिगड़ गए कि ड्रिप के जरिए खाना-पानी दिया जाता था। उसे ठंडा करने के लिए नियमित तौर पर पानी भी डाला जाता था। नूरजहाँ का इलाज करने के लिए पशुओं के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘फोर पॉज इंटरनेशनल’ के विदेशी पशु चिकित्सक कर रहे थे। हालाँकि, पिछले 9 दिनों से वह जमीन पर पड़ी हुई थी।

पेट एनिमल वेलफेयर सोसाइटी नाम के एनजीओ की टीम कराची आ रही है। वह 17 साल की इस अफ्रीकी हथिनी के शव का पोस्टमार्टम करेगी। इसके बाद इसे दफना दिया जाएगा। लापरवाही के कारण हुई मौत के कारण स्थानीय नागरिक सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की आलोचना हो रही है।

नूरजहाँ की मौत के बाद उसकी 18 साल की चचेरी बहन मधुबाला को कराची चिड़ियाघर से हटाने की माँग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि आने वाली किसी भी त्रासदी को रोकने के लिए मधुबाला को अधिक सुरक्षित जगह भेज दिया जाए। मधुबाला अभी स्वस्थ है। पिछले साल नूरजहाँ के साथ-साथ मधुबाला की दाँतों का भी ऑपरेशन हुआ था।

फातिमा सज्जाद शाह ने लिखा, “जरा-सा भी विवेक रखने वाले किसी भी इंसान को नूरजहाँ की आँखें लंबे समय तक परेशान करेंगी। वह एक दिन में नहीं मरी, बल्कि एक ऐसे मुल्क की वर्षों की लापरवाही और निर्दयता से मरीं, जो यह तय करने में बहुत व्यस्त है कि कौन मुस्लिम है और कौन नहीं।”

शोएब नाम के एक शख्स ने लिखा, “कराची में हाथी नूरजहाँ की मौत। नूरजहाँ की हालत कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी। प्रत्येक जीव को एक न एक दिन मरना ही है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आपराधिक लापरवाही और सुविधाओं की कमी ने उसकी जान ले ली। वह केवल 14 साल की थी। हाथियों की औसत उम्र 60-70 होती है।”

फोर पॉज संस्था ने ट्वीट किया, “नूरजहाँ की दुखद कहानी उस पीड़ा की याद दिलाती है जो पाकिस्तान और दुनिया भर में बंदी जंगली जानवरों को झेलनी पड़ती है। हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान में अधिकारी इसे एक उदाहरण के रूप में लेंगे और भविष्य में बंदी जंगली जानवरों के लिए बेहतर काम करेंगे।”

अहमद हयात ने लिखा, “यह दुनिया आपके लायक नहीं थी नूरजहाँ। आप कराची चिड़ियाघर जैसी डरावनी जगह में रहने के लायक नहीं थीं। अगर नूर की कहानी हमें कुछ भी एहसास कराती है तो वह यह है कि चिड़ियाघरों को खत्म करने की जरूरत है। जानवर इस तरह जीने या मरने के लायक नहीं हैं।”