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पहले काॅन्ग्रेस अब कम्युनिस्ट, क्या राजनीतिक विरोध में PM मोदी की सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़?

आपको याद होगा, जब जनवरी 2022 में पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। कहने के लिए ये भले ही सुरक्षा में चूक का मामला हो, लेकिन बात 140 करोड़ लोगों के देश के सबसे बड़े नेता की हो तो ये काफी हल्का शब्द लगता है। अब केरल में कुछ उसी तरह का मामला सामने आ रहा है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे में आत्मघाती हमले की धमकी दी गई है। सबसे बड़ी बात कि पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगे हैं।

यहाँ ये भी देखना चाहिए कि अक्सर विपक्षी दल इससे शुरू में पल्ला झाड़ने के अंदाज़ में हलके में लेते हैं। उन्हें शायद इसकी गंभीरता का भान नहीं होता, या फिर हर एक चीज को लेकर राजनीति खेलने की आदत उन्हें इस कदर धूर्त बता देती है कि प्रधानमंत्री को भी वो विरोधी नेता के रूप में ही देखते हैं। इसी तरह, जब पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था, तब वहाँ चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री थे और कॉन्ग्रेस की सरकार थी।

कुछ ही महीनों पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम के पद से हटा कर उनकी जगह चन्नी को लाया गया था, जिनके नेतृत्व में कॉन्ग्रेस अगला विधानसभा चुनाव लड़ी और बुरी तरह हारी भी। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनकी अदावत कई बार सामने आई थी। तब पंजाब कॉन्ग्रेस के नेताओं ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक की बात स्वीकार नहीं की थी और इसे राजनीति के के नजरिए से देखा था। लेकिन जब जाँच हुई तो सब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।

पिछले महीने ही खबर आई कि बठिंडा में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में तत्कालीन मुख्य सचिव और DGP समेत 9 बड़े अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है, यानी उनकी लापरवाही सामने आई है। पंजाब में अब भी भाजपा की सरकार नहीं है, AAP की सरकार है जो भाजपा की विरोधी पार्टी ही है। जाँच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई थी, उस पर अमल करने में भी पंजाब सरकार ने 6 महीने की देरी की, जिसके बाद केंद्र सरकार को उन्हें याद दिलाना पड़ा।

और ये केंद्र सरकार की जाँच में सच्चाई सामने नहीं आई थी, बल्कि इसकी जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ही समिति गठित की थी। उस समिति ने जाँच की तो उसमें सामने आया कि इन अधिकारियों का व्यवहार काफी लापरवाही भरा था। रिटायर्ड जज इंदु मल्होत्रा इस समिति की अध्यक्ष थीं। पीएम मोदी के रूट को लेकर पंजाब पुलिस को एडवांस में सब कुछ बता दिया गया था। लेकिन, एक फ्लाईओवर पर उन्हें काफी देर रुकना पड़ा था, क्योंकि प्रदर्शनकारी की आड़ में हिंसक तत्वों ने उन्हें घेर लिया था।

इस मामले में पंजाब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे, जो प्रदर्शनकारियों के साथ चाय की चुस्की लेते हुए दिखी। पंजाब सरकार बयान बदलती रही। प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन करते हुए फ्लाईओवर के पास एक बाजार को भी खुला रखा गया था, जिसके अंदर एक शराब की दुकान भी बेधड़क खुली हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने गाँव वालों को भी सड़क जाम करने के लिए उकसाया। लाठी लेकर दौड़ रहे युवक ग्रामीणों को जमा कर रहे थे। कई किसान यूनियन वहाँ सक्रिय थे। एक ग्रामीण ने बताया कि गुरुद्वारा पर सन्देश भेजा गया कि लोग जमा हों।

नया मामले कुछ यूँ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे को लेकर आत्मघाती हमले की धमकी वाला पत्र सामने आया है, जिसके बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और जाँच एजेंसियाँ इस पत्र को लेकर छानबीन करने में लग गई हैं। हालाँकि, प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी के दौरे को लेकर जो VVIP सिक्योरिटी प्लान है, उसे केरल पुलिस लीक कर रही है। केरल पुलिस के ADG की ही एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद ये आरोप लगे हैं।

49 पन्ने की जो रिपोर्ट लीक हुई है, उसे केरल के ADGP (इंटेलिजेंस) टीके विनोद कुमार ने तैयार किया था। उन्होंने इसमें पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा खतरे पर आगाह किया है। हाल ही में जिस तरह से PFI को देश भर में बैन किया गया, आशंका जाहिर की गई है कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन के कुछ लोग साजिश रच रहे हैं। कोच्चि पुलिस कमिश्नर ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। पीएम मोदी केरल को राज्य की पहली ‘वन्दे भारत’ की सौगात देने वाले हैं।

हाल ही में इस तरह से बंगाल से लेकर हैदराबाद तक ‘वन्दे भारत’ ट्रेनों को कट्टरपंथी सोच वाले पत्थरबाजों द्वारा नुकसान पहुँचाया गया है, ये साफ़ है कि इस ट्रेन के नाम और इससे वो खुश नहीं हैं। ऐसे में केरल सरकार को इसमें पहले से सतर्कता बरतनी चाहिए थी और पीएम मोदी की सुरक्षा के मामले को गंभीरता से हैंडल करना चाहिए था। वो उस राज्य के भी प्रधानमंत्री हैं, जहाँ भाजपा की सरकार नहीं है। जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, उनके भी प्रधानमंत्री वही हैं।

केरल पुलिस की लापरवाही बहुत बड़ी है, क्योंकि जो दस्तावेज लीक हुए हैं उसमें पीएम मोदी की VVIP सुरक्षा रूट और इसकी व्यवस्था को लेकर सारे डिटेल्स हैं। इसमें ये भी बताया गया है कि किस पुलिस अधिकारी को कौन सी ड्यूटी दी गई है और कहाँ पर सुरक्षा की कैसी व्यवस्था होगी। इसमें पीएम मोदी के दौरे से संबंधित छोटी से छोटी जानकारी भी है। ऐसे में केरल पुलिस को इसकी जाँच कराते हुए जिम्मेदारी तय कर के कार्रवाई करनी चाहिए।

पीएम मोदी के दौरे में समय नहीं बचा है और भारत जैसे देश में नेता को जनता से अलग रख पाना मुश्किल है। अगर कोई नेता है, तो वो जनता के साथ मिलेगा हो, रैलियाँ करेगा ही और उनके बीच पहुँचेगा ही। प्रधानमंत्री के मामले में कई प्रोटोकॉल्स होते हैं, जिनका पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस और जाँच एजेंसियों की होती है। ऐसे में देखना है कि केरल पुलिस अपनी इस लापरवाही को लेकर किस तरह की कार्रवाई करती है।

केरल में कम्युनिस्ट सरकार है। वामपंथी CPM की सरकार। राहुल गाँधी भी वायनाड से ही सांसद रहे हैं। कॉन्ग्रेस का यहाँ ‘मुस्लिम लीग’ से गठबंधन है। ऐसे में कम्युनिस्ट पार्टी को कॉन्ग्रेस की राह पर चलने की बजाए प्रोटोकॉल्स का पालन करने और नियम-कानून पर ध्यान देना चाहिए। आशा यही होगी कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन इस मुद्दे को एक राजनीतिक मामले की तरह नहीं देखेंगे, क्योंकि इस पर उत्तर-दक्षिण वाला खेल रच कर माहौल बिगाड़ने की साजिश भी हो सकती है।

ये भी याद रखिए कि पंजाब में सुरक्षा चूक से पहले एक वीडियो जारी किया गया था खालिस्तानियों द्वारा, जिसमें हूबहू उसी स्टाइल में पीएम मोदी की हत्या के लिए उकसाया गया था। एनिमेशन वाले उस वीडियो में दिखाया गया था कि दोनों तरफ से भीड़ पीएम मोदी को एक फ्लाईओवर पर घेर लेती है और उनकी हत्या कर देती है। सुरक्षा चूक भी फ्लाईओवर पर ही हुआ। केरल में ये घटना न दोहराई जाए, इसके लिए विशेष तैयारी करनी पड़ेगी और बगैर राजनीति किए।

सेना की जिस रेजीमेंट में रहे पिता, वहीं गया पुत्र; पिता कारगिल में तो बेटा पुंछ में हो गया बलिदान: क्या पंजाब के इस बलिदानी परिवार को जानते हैं आप

जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में हुए आतंकी हमले में 5 जवान बलिदान हो गए। इनमें से एक लांस नायक कुलवंत सिंह का शनिवार (22 अप्रैल 2023) को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्हें 3 माह के बेटे ने मुखाग्नि दी। कुलवंत सिंह के पिता भी कारगिल युद्ध में बलिदान हुए थे। पिता की ही तरह अब उन्होंने भी देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

एक ही रेजिमेंट में रहते बलिदान हुए पिता-पुत्र

भारतीय सेना के वीर जवान लांस नायक कुलवंत सिंह पंजाब के मोगा जिले के चाडिक गाँव के रहने वाले थे। उनके बलिदान की खबर के बाद से ही चाडिक गाँव में मातम पसरा हुआ है। कुलवंत के पिता हवलदार बलदेव सिंह भी सेना में थे। साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध में वह बलिदान हुए थे। इसके 11 साल बाद यानि साल 2010 में कुलवंत भी सेना में शामिल हो गए। कुलवंत भारतीय सेना की रेजिमेंट सिख लाइट इन्फैंट्री का हिस्सा थे। इसे संयोग ही कहा जाना चाहिए कि सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में रहते हुए ही उनके पिता भी बलिदान हुए थे।

देश सेवा में बलिदान हुए लांस नायक कुलवंत सिंह की माँ हरिंदर कौर का कहना है कि सेना में शामिल होने के लिए जब कुलवंत घर से निकले थे तो उन्होंने उनसे कहा था कि वह अच्छे से रहेंगे और सब कुछ ठीक हो जाएगा। वहीं, कुलवंत की पत्नी हरदीप कौर का कहना है कि बलिदान से एक दिन पहले कुलवंत ने उन्हें फोन किया था। इस दौरान बातचीत में बेटे को समय पर वैक्सीन लगवाने की बात कही थी। कुलवंत अपने पीछे माँ, पत्नी, डेढ़ साल की बेटी और करीब 3 महीने का बेटा छोड़ गए हैं। कुलवंत अपने पैतृक गाँव में स्थित घर का पुनर्निर्माण कराने की भी सोच रहे थे। यह घर काफी पुराना हो गया है।

चाडिक गाँव के सरपंच गुरचरण सिंह का कहना है कि कुलवंत का जीवन बेहद गरीबी से बीता। सेना में नौकरी के बाद से सब ठीक होता दिख रहा था। करीब 3 साल पहले उनकी शादी हुई थी। 3 सप्ताह पहले ही वह घर में छुट्टी बिताकर वापस जम्मू-कश्मीर गए थे।

हमले के समय गाड़ी से कूद गए थे कुलवंत

लांस नायक कुलवंत सिंह के बलिदान को लेकर 67 इंजीनियर्स रेजिमेंट से सेवानिवृत्त सूबेदार नायब सिंह का कहना है कि सेना में तैनात जवानों से हुई बातचीत में उन्हें पता चला है कि आतंकियों ने जिस वाहन में आग लगाई थी, कुलवंत उस वाहन से कूद गए थे। लेकिन इसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हुए और वह बलिदान हो गए।

कुलवंत सिंह अमर रहे के नारों से गूँज उठा क्षेत्र

बलिदानी लांस नायक कुलवंत सिंह को मोगा जिले में स्थित उनके गाँव चाडिक में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बलिदानी को उनके 3 महीने के बेटे ने मुखाग्नि दी। बलिदानी की पत्नी हरदीप कौर, माँ हरिंदर कौर, बहन चरणजीत कौर व भाई सुखप्रीत सिंह समेत सैकड़ों की तादात में मौजूद लोगों ने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ‘कुलवंत सिंह अमर रहे’ के नारे गूँजते रहे।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गुरुवार (20 अप्रैल 2023) को हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 5 जवान बलिदान हो गए थे। आतंकियों ने ग्रेनेड से हमले कर सेना के वाहन में आग लगा दी थी। यही नहीं, इसके बाद आतंकियों ने भीषण गोलीबारी भी की थी।

पंजाब में AAP विधायक के पिता रेप केस में समझौता के लिए ₹10 लाख माँगने पर पकड़े गए, गुजरात में ₹1 करोड़ माँगने वाला पार्टी नेता गिरफ्तार

पंजाब में आप (AAP) विधायक जगदीप कम्बोज ‘गोल्डी’ के पिता सुरिंदर कम्बोज को भ्रष्टाचार के आरोप में शुक्रवार (21 अप्रैल 2021) को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर दुष्कर्म मामले में डरा-धमका कर 10 लाख रुपए की वसूली के आरोप हैं। शिकायतकर्ता सुनील कुमार नाम का प्रॉपर्टी डीलर है।

पुलिस ने इस मामले में सुरिंदर व दो महिलाओं सहित चार पर केस दर्ज किया है। पिता की गिरफ्तारी पर विधायक जगदीप का कहना है कि वो कानून के काम में कोई रुकावट नहीं डालेंगे। साथ ही उन्होंने लम्बे समय से पिता से कोई वास्ता न होने की भी बात कही है। जगदीप कम्बोज गोल्डी फाजिल्का के जलालाबाद से विधायक हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर सुनील ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा था कि एक जानकार महिला ने 20 अप्रैल 2023 को उन्हें कॉल किया था। महिला ने कहा था कि तीन साल पहले उसके पति की मौत हो गई है और अब उस पर कर्ज पर चढ़ गया है। उसने सुनील से यह भी कहा कि वह अपना मकान बेचकर एक छोटा घर खरीदना चाहती है, ताकि कर्ज को चुकता कर सके।

सुनील ने अपनी शिकायत में आगे बताया किसी इसके बाद वह महिला के कहने पर उसे मकान दिखाने ले गया। उसी दिन शाम को पहले महिला का फोन आया। उसके बाद एक अन्य महिला का फोन आया, जो खुद को महिला की बहू बता रही थी। उसने सुनील से कहा कि वह मकान दिखाने के बहाने महिलाओं को लेकर जाता है और उससे दुष्कर्म करता है।

कुछ समय के बाद विधायक जगदीप कम्बोज के पिता सुरिंदर ने सुनील को कॉल करके उन पर रेप का केस दर्ज होने की जानकारी दी और कहा कि वह मामले को सेटल करवा देगा। इसके लिए विधायक के पिता ने सुनील से 10 लाख रुपए की माँग की। AAP विधायक के पिता से मिली इस धमकी के बाद सुनील ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मामले में सुरिंदर कंबोज, महिला महिला, उसके बेटे और बहू को नामजद किया गया है।

आरोपितों पर IPC की धारा 384 (जबरन वसूली) और 389 (जबरन वसूली के लिए डराना) के तहत FIR दर्ज हुई है। पुलिस ने सुरिंदर कम्बोज को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, महिला ने भी इस मामले में प्रॉपर्टी डीलर सुनील के खिलाफ रेप केस दर्ज करवाया है। महिला ने कहा कि सुनील मकान दिखाने के बहाने उसे लेकर गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि रेप की घटना के बाद वह घर आकर अपने बेटे और बहू को इसकी जानकारी दी और बेटे ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। शिकायत पर पुलिस ने सुनील को भी गिरफ्तार किया है। डिप्टी SP अतुल सोनी के मुताबिक, मामले में जाँच की जा रही है।

पिता पर लगे आरोपों के बाद आप विधायक जगदीप कम्बोज गोल्डी ने उनसे कोई वास्ता न होने की बात कहते हुए कानून को फ्री छूट होना बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आप सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हुई है। वहीँ शिरोमणि अकाली दल में मामले में आप विधायक की भी संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की माँग की है।

गुजरात में आप नेता गिरफ्तार

वहीं गुजरात पुलिस ने 1 करोड़ रुपए की उगाही के मामले में आम आदमी पार्टी के नेता युवराज सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया है। जडेजा की गिरफ्तारी भावनगर जिले में हुई है। उन पर राज्य की सरकारी नौकरियों में पेपर लीक मामले में डमी उम्मीदवारों को बिठाने वाले गिरोह का मेंबर होने का आरोप है। आरोपित जडेजा के मनीष सोसोदिया के साथ तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

जिसने ट्विटर बनाया, उसका भी ब्लू टिक गया: अब एंड्राइड के लिए ‘Bluesky’ लेकर आए हैं जैक डोर्सी, क्या Twitter को खा जाएगा

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के को-फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) रहे जैक डॉर्सी ने ट्विटर का विकल्प पेश किया है। जैक डॉर्सी ने ब्लूस्काई (Bluesky) ऐप को एंड्रॉएड (Android) पर भी लॉन्च कर दिया है। ब्लूस्काई भी ट्विटर की तरह माइक्रो ब्लॉगिंग साइट है। जिसे ऐसे वक्त में एंड्रॉएड यूजर्स के लिए पेश किया गया है जब ट्विटर ने लोगों के अकाउंट से लीगेसी ब्लू टिक हटा दिए हैं। ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए अब पैसे देने होंगे।

जानकारी के मुताबिक ब्लूस्काई ऐप अभी भी टेस्टिंग मोड में है। Bluesky को सिर्फ एक इनवाइट कोड और OTP के जरिए खोला जा सकता है। इसपर तेजी के साथ काम किया जा रहा है। ऐप का डिजाइन शुरुआती ट्विटर की तरह ही नजर आ रहा है। ब्लूस्काई में यूजर्स 256 शब्दों की पोस्ट शेयर कर सकते हैं। पोस्ट के साथ तस्वीर लगाने का भी ऑप्शन दिया गया है। यूजर्स अकाउंट को शेयर, म्यूट या ब्लॉक कर सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, ट्विटर की तरह ही इसमें बुकमार्क, मॉनिटरिंग लाइक, मॉडिफाई पोस्ट, कोट पोस्ट, डायरेक्ट मैसेज, हैशटैग जैसे फीचर्स उपलब्ध होंगे।

पोस्ट करने से पहले ट्विटर ‘What’s happening’ पूछता है। इसी तरह ब्लूस्काई अपने यूजर्स से ‘What’s up’ पूछता है। फिलहाल ब्लूस्काई के 20 हजार एक्टिव यूजर बताए जा रहे हैं। जबकि गूगल प्ले स्टोर से इसे 10 हजार से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इसे पहली बार फरवरी 2023 में आईओएस (iOS) यूजर्स के लिए लॉन्च किया गया था। इसे कुछ यूजर्स के लिए ही टेस्टिंग के मकसद से लॉन्च किया गया था।

ब्लूस्काई पर साल 2019 से ही काम चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि ब्लूस्काई अपने यूजर्स को मौजूदा माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स के मुकाबले ज्यादा सुविधाएँ देगा। बता दें जैक डॉर्सी भी उनलोगों में शामिल हैं जिनसे ट्विटर ने लीगेसी ब्लू टिक वापस ले लिया है। ट्विटर के को-फाउंडर ने कहा है कि वे ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए भुगतान नहीं करेंगे।

कुल मिलाकर कह सकते हैं कि आने वाले दिनों में ट्विटर को कई माइक्रो ब्लॉगिंग साइट से मुकाबला करने को मिल सकता है। इनमें मैस्टोडॉन (Mastodon) और भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू (koo) पहले से ही कई देशों में यूजर्स की पसंद बनते जा रहे हैं। ऐसे में ब्लू स्काई के साथ कई और प्लेटफॉर्म भी लॉन्चिंग को तैयार हैं।

‘मंत्रों से बढ़कर तेरा नाम… जय श्रीराम’ : आ गया आदिपुरुष का लिरिक्ल पोस्टर-16 जून को होगी रिलीज, टीजर के बाद राम से रावण तक के लुक पर हुआ था विवाद

पिछले साल टीजर लॉन्च के बाद विवादों में आई आदिपुरुष फिल्म का आज (22 अप्रैल 2023) अक्षय तृतीया के मौके पर लिरिक्ल पोस्टर रिलीज हुआ। इस पोस्टर को 5 अलग-अलग भाषाओं में जारी किया गया। प्रभास समेत आदिपुरुष की पूरी टीम ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “जब न जा पाओ सारे धाम, तो बस ले लो प्रभु का नाम, जय श्रीराम।”

लिरिक्ल वीडियो में भी यही कहा जाता है, “तेरे ही भरोसे हैं हम, तेरे ही सहारे, दुविधा की घड़ी में ये मन तुझको ही पुरारे। तेरे ही बल से है बल हमारा। तू ही करेगा मंगल हमारा। मंत्रों से बढ़कर है तेरा नाम… जय श्रीराम, जय श्रीराम।”

इस वीडियो के अंत में प्रभास श्रीराम के लुक में नजर आते हैं। लिरिक्ल पोस्टर को देखने के बाद फैंस तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि तमाम कोशिशों के बाद ये रूप ठीक है।

गौरतलब है कि साल 2022 में 2 अक्टूबर को ‘आदिपुरुष’ का टीजर सामने आने के बाद इसमें हर कैरेक्टर के लुक को लेकर बहुत बवाल हुआ था। लोगों ने राम, हनुमान और रावण सबसे लुक पर सवाल खड़े किए थे। विरोध से पहले इस फिल्म की रिलीज तारीख मकर संक्रांति रखी गई थी। हालाँकि लोगों की नाराजगी देखते हुए इस तारीख को बदल दिया गया। ये फिल्म अब 16 जून को रिलीज होगी।

इस फिल्म को हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषा में रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म में प्रभास श्रीराम के रूप में, कृति सेनन सीता के रूप में और सैफ अली खान को रावण के रूप में दिखाया जाएगा। पहले लोग इस फिल्म के बॉयकॉट की माँग उठा रहे थे। हालाँकि बदलावों की बात सामने आने के बाद से लोग शांत हैं। फिल्म डायरेक्टर को चिट्ठियाँ लिखकर फिलम से आपत्तिजनक सीन हटाने और कंटेंट हटाने की माँग की गई थी।

‘राजीव गाँधी जैसे हाल होगा’: PM मोदी के केरल दौरे में आत्मघाती हमले की धमकी, BJP का आरोप – पुलिस ने लीक किया सिक्योरिटी प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे को लेकर आत्मघाती हमले की धमकी वाला पत्र सामने आया है, जिसके बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और जाँच एजेंसियाँ इस पत्र को लेकर छानबीन करने में लग गई हैं। पीएम मोदी सोमवार (24 अप्रैल, 2023) को 2 दिवसीय केरल दौरे पर आ रहे हैं। ये पत्र कोच्चि के किसी व्यक्ति द्वारा मलयालम भाषा में लिखा गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन के पास इसे भेजा गया है।

के सुरेंद्रन ने इस पत्र को पिछले ही सप्ताह पुलिस को सौंप दिया था। इसके बाद पुलिस ने एनके जॉनी नामक व्यक्ति को ट्रेस किया, जिसका पता इस पत्र में लिखा हुआ था। पत्र में लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वही हाल होगा, जो राजीव गाँधी का हुआ था। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या लिट्टे ने आत्मघाती हमलावरों के जरिए ही करवाई थी। जॉनी ने इससे इनकार किया है कि ये पत्र उसने लिखा है।

हालाँकि, उसने लिखा है कि ये उसके किसी दुश्मन का काम हो सकता है जो उसे फँसाना चाहता हो। जॉनी ने बताया कि पुलिस ने उसके घर पहुँच कर छानबीन की है। साथ ही उसकी हैंडराइटिंग से पत्र की लिखावट का मिलान किया। जॉनी का कहना है कि पुलिस समझ गई है कि पत्र उसने नहीं लिखा। जिन लोगों पर जॉनी को शक है, उनके पास उसने पुलिस के साथ साझा किए हैं। हालाँकि, प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी के दौरे को लेकर जो VVIP सिक्योरिटी प्लान है, उसे केरल पुलिस लीक कर रही है।

के सुरेंद्रन ने कहा कि केरल में मजहबी कट्टरपंथी ताकतें काफी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि PFI और SDPI से लेकर माओवादी संगठनों तक के नाम सामने आए हैं, लेकिन केरल पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। असल में केरल पुलिस के ADG के एक पत्र के सामने आने से सकैती प्लान लीक होने की बात कही जा रही है। केंद्रीय मंत्री एम मुरलीधरन ने इसे पुलिस की बड़ी लापरवाही करार दिया है। पीएम मोदी अपने दौरे में राज्य की पहली ‘वन्दे भारत’ ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।

कर्नाटक में गलत था मुस्लिम आरक्षण, हमने हटा दिया: अमित शाह की दो टूक, कहा- कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक तरीके से दिया था, भारी बहुमत से जीतेगी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah)ने कहा है कि कर्नाटक में मुस्लिमों को दिया गया आरक्षण संविधान के खिलाफ था। इसलिए इसे भाजपा की सरकार ने खत्म कर दिया। उन्होंने यह आरक्षण जरूरतमंदों को दी गई है। गृहमंत्री ने दावा किया कि राज्य में एक बार फिर भाजपा बहुमत की सरकार बनाएगी।

इंडिया टुडे के राउंड टेबल कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा के पास विजन है और उसने कर्नाटक को आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य में असंवैधानिक व्यवस्था समाप्त करने और हकदार को हक देने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक रूप से राज्य में चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण को लागू किया था। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए कॉन्ग्रेस संविधान के खिलाफ चली गई थी। इसे भाजपा सरकार ने खत्म कर अन्य समुदायों का आरक्षण बढ़ाया।

बता दें कि मार्च 2023 में कर्नाटक की बोम्मई सरकार ने मुस्लिम आरक्षण को खत्म करते हुए कहा था कि इस फैसले से सभी लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि मुस्लिमों को जहाँ 4 प्रतिशत की जगह अब 10 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, वहीं वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के आरक्षणों में भी 2-2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए ऐसी पार्टी को चुनना बहुत जरूरी है जो सामाजिक रूप से राज्य का एकीकरण करके सामाजिक न्याय पर विश्वास करती हो, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और संस्कृति को मजबूत करना चाहती हो, गरीबी हटाकर जनता के बीच समानता लाने वाली पार्टी हो। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इसमें बहुत अच्छा काम किया है और जनता का भरोसा जीता है।

उन्होंने कहा कि पिछले 75 सालों तक कई ऐसी सरकारें चलीं, जिन्होंने इस देश भीतर दो देश बना दिए। 80 करोड़ लोग एक ओर थे और 50 करोड़ लोग एक ओर थे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश की जनता के लिए समान रूप से काम किया।

रमजान के आखिरी जुमे पर बेगम को हिंदुत्व में मिली ‘रोशनी’, शिवम से विवाह कर बनी रिद्धि: जोड़े का डांस Video वायरल

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक और मुस्लिम लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है। रोशनी बेगम नाम की इस लड़की को नई पहचान रिद्धि गुप्ता के तौर पर मिली है। रमजान के आखिरी जुमे यानी शुक्रवार (21 अगस्त 2023) को उसने अगस्त्य मुनि आश्रम में शिवम गुप्ता से विवाह किया। नवविवाहित जोड़े का शादी के बाद डांस करते हुए भी एक वीडियो सामने आया है।

रोशनी मूल रूप से बदायूं के कोतवाली नगर क्षेत्र के कबूलपुरा की रहने वाली है। शादी के बाद एक वीडियो जारी कर उसने खुद और अपने पति को परेशान नहीं करने की अपील अपने परिजनों से की है। काफी समय से बदायूं के ही उझानी थाना क्षेत्र के रहने वाले शिवम गुप्ता से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। शिवम के परिवार वाले इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए। लेकिन रोशनी के परिजन इसके खिलाफ थे। रोशनी ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उस पर कई तरह की बंदिशें लगा दी।

इस शादी को सम्पन्न करवाने वाले अगत्स्य मुनि आश्रम के महंत पंडित केके शंखधर ने ऑपइंडिया को बताया कि लड़की ने खुद से शिवम के साथ शादी करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्होंने सारे कागजातों की जाँच की। लड़की और लड़का दोनों बालिग थे। लड़के के परिवार वालों को बुलाया गया और फिर इस शादी को सम्पन्न करवाया गया। शादी के दौरान रोशनी ने वेदमंत्रों का पाठ किया और अपने पति के साथ हवन किया। शादी बाद उसका नाम रिद्धि गुप्ता रखा गया है।

पंडित शंखधर ने हमें यह भी बताया कि लड़के के घर वाले लड़की के परिजनों द्वारा किसी FIR आदि की आशंका से परेशान हैं। हालाँकि रोशनी ने एक वीडियो जारी कर अपनी मर्जी से शादी करने और खुद के बालिग होने की बात कही है। रोशनी ने परिजनों से परेशान न करने की भी अपील की है।

इससे पहले बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में सबीना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर सोमपाल से शादी की थी। इसी आश्रम में अमरीना ने राधिका बन कर पप्पू से, नाजिश ने निहारिका बन कर नीलेश से और शहनाज ने सुमन बन कर अजय से शादी की थी। कुछ समय पहले ऑपइंडिया से बात करते हुए पंडित केके शंखधर ने अपनी जान का भी खतरा बताया था। उन्होंने बताया था कि आश्रम में 64 से अधिक मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू लड़कों से शादी की है, जिसके चलते वे कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

‘बाप जैसे हैं अतीक साहब’: इमरान प्रतापगढ़ी को माफिया कहता था ‘दिल की धड़कन’, अब कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक में बनाया स्टार प्रचारक

कॉन्ग्रेस ने इस्लामी कट्टरपंथी नेता इमरान प्रतापगढ़ी को कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का स्टार प्रचारक बनाया है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने ही उन्हें सांसद बना कर राज्यसभा भी पहुँचाया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव् में इमरान प्रतापगढ़ी कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए रैलियाँ करेंगी। स्पष्ट है कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी ने ये निर्णय लिया है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद भी इमरान प्रतापगढ़ी लगातार यूपी सरकार पर हमलावर हैं।

बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी माफिया अतीक अहमद को अपना ‘गुरु’ और बड़ा भाई कहते रहे हैं। प्रतापगढ़ में एक रैली के दौरान अतीक अहमद ने उनकी काफी तारीफ़ भी की थी। शायर के बाद नेता बने इमरान प्रतापगढ़ी ने देश भर में CAA-NRC के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी शायरी और भाषणबाजी कर-कर के लोगों को भड़काया है। इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए वो डिमांड में थे। इन सबके बावजूद कॉन्ग्रेस पार्टी उन पर लगातार भरोसा जताती रही है।

भाजपा ने भी आरोप लगाया है कि अतीक अहमद अक्सर इमरान प्रतापगढ़ी के मुशायरों का हिस्सा बना करता था और इमरान प्रतापगढ़ी उसकी शान में कसीदे पढ़ा करते थे। अब इमरान प्रतापगढ़ी उस वीडियो पर सफाई देते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने माहौल बनाने के लिए ये सब कहा था और और कवि होने के कारण उनके लिए ये सामान्य बात थी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इमरान प्रतापगढ़ी को अपने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बना रखा है।

न सिर्फ इमरान प्रतापगढ़ी अब अतीक अहमद की तारीफ़ में कसीदे पढ़े जाने पर सफाई दे रहे हैं, बल्कि कॉन्ग्रेस पार्टी भी उन्हें स्टार कैम्पेनर बनाए जाने के निर्णय का बचाव कर रही है। इमरान प्रतापगढ़ी का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वो 7 साल पुराना है। उस समय इमरान प्रतापगढ़ी कॉन्ग्रेस में नहीं हुआ करते थे। इमरान प्रतापगढ़ी ने अतीक अहमद के लिए ‘भाई कहूँ या बाप’ भी बोला था। अब भाजपा पूछ रही है कि ऐसे व्यक्ति को स्टार प्रचार बनाने का क्या औचित्य है?

इस वीडियो में इमरान प्रतापगढ़ी कहते दिख रहे हैं, “ये इक शायर का दावा है कभी भी रद्द नहीं होगा, तेरे कद के बराबर अब किसी का कद नहीं होगा, इलाहाबाद वालों बात मेरी याद रखना तुम, कई सदियों तलक कोई अतीक अहमद नहीं होगा। बड़ी दुश्वारियाँ हैं पर जिसे गाया जरूरी है, छलक कर दर्द होठों तक चला आया जरूरी है, इलाहाबाद वालों बात मेरी याद रखना तुम, तुम्हारे शहर पर इस शख्स का साया जरूरी है।”

वीडियो में अतीक अहमद की तरफ इशारा कर के इमरान प्रतापगढ़ी कहते हैं, “वो बिल्कुल बाप की हैसियत में हैं। जनाब अतीक अहमद की दुआएँ मुझे बहुत ताकत देती रही हैं हमेशा से। मैं जब हिंदुस्तान के किसी भी शहर में खड़े होकर जालिम हुकूमतों के खिलाफ जब भी आवाज बुलंद करता था तो अंदर से एक एहसास रहता था कि इलाहाबाद में बैठा हुआ एक शख्स है। कुछ भी गड़बड़ होगी तो वह संभाल लेगा। यह जो अहसास है वो बहुत बड़ा है। मैं उन्हें सलाम करता हूँ।”

इसी तरह, माफिया अतीक अहमद ने भी इमरान प्रतापगढ़ी को ‘दिल की धड़कन’ और ‘छोटा भाई’ कहता था। ये भी बताया जाता है कि अतीक अहमद के दो बेटे इमरान के दोस्त अब भी हैं। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने निशाना साधते हुए कहा कि कितने शर्म की बात है कि जिस माफ़िया डॉन के हाथ बेगुनाह लोगों के खून से रंगे हैं, कॉन्ग्रेस उसे मसीहा बता रही है। भाजपा का आरोप है कि कॉन्ग्रेस हमेशा आतंकियों के हमदर्दों को आगे बढ़ाती है।

DLF लैंड डील में रॉबर्ट वाड्रा को नहीं मिली है क्लीनचिट, जाँच के लिए बनी है नई SIT: हरियाणा सरकार ने कॉन्ग्रेस के झूठ का किया पर्दाफाश

हरियाणा में DLF लैंड डील मामले में रॉबर्ट वाड्रा को कथित क्लीन चिट दिए जाने पर राजनीति गरमा गई है। हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर हुड्डा सहित कॉन्ग्रेस पार्टी दावा कर रही है कि वाड्रा को क्लीन चिट मिल गई है। वहीं, जगदीश खट्टर की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इससे इनकार किया है।

हरियाणा पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट डेवलपर डीएलएफ के बीच भूमि सौदे में संदिग्ध अनियमितताओं की जाँच के लिए इस साल विशेष जाँच दल (SIT) का पुनर्गठन किया गया है।

हलफनामे में कहा गया है कि आगे की जाँच के लिए 22 मार्च 2023 को एक नई SIT गठित की गई है। इसमें एक डीसीपी, दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर और एक एएसआई शामिल हैं। पुलिस ने एक अन्य हलफनामे के माध्यम से कहा कि इस मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड अभी तक संबंधित विभागों द्वारा प्रदान नहीं किया गया है।

पुलिस ने कहा कि स्थानीय प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन की सूचना नहीं दी है, फिर भी डीसीपी, मानेसर, गुरुग्राम की देखरेख में मामले की जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ रिकॉर्ड की अभी पूरी तरह से जाँच किया जाना बाकी है।

पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मामले की अभी गहन जाँच की जा रही है। उन्होंने कहा, “एसआईटी की जाँच का फोकस राजस्व नुकसान तक ही सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन सभी लोगों को बेनकाब करना है जो कुछ व्यक्तियों को वित्तीय लाभ के लिए आपराधिक साजिश में शामिल हैं, और बदले में लेनदेन से जुड़े हैं।”

हाईकोर्ट को दिए अपने हलफनामे में पुलिस ने कहा, “तहसीलदार, मानेसर, गुरुग्राम द्वारा यह बताया गया कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 18 सितंबर, 2019 को डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को 3.5 एकड़ जमीन बेची और उक्त लेनदेन में किसी भी नियम / नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।”

इसमें आगे कहा गया है, “तहसीलदार, वज़ीराबाद, गुरुग्राम से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि विचाराधीन भूमि डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड के नाम पर नहीं मिली है और भूमि अभी भी एचएसवीपी/एचएसआईआईडीसी, हरियाणा के नाम पर मौजूद है।”

हरियाणा पुलिस के मुताबिक, एसआईटी के रिमाइंडर के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध कराने वाले कुछ अधिकारी जाँच में शामिल नहीं हुए हैं। साथ ही कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधितों को पत्र भेजे जा रहे हैं।

हलफनामे में मामले के संबंध में पुलिस विभाग को प्राप्त कई अभिलेखों का विवरण भी दिया गया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि वजीराबाद गुरुग्राम में स्थित 350 एकड़ भूमि के बारे में विस्तृत जानकारी मांगने के लिए इस साल जनवरी में संपदा अधिकारी को भी सूचित किया गया था, जिसे 2010 में डीएलएफ रिटेल डेवलपर्स को हस्तांतरित किया गया था।

बता दें कि भूमि सौदा मामले में डीएलएफ रियल एस्टेट डेवलपर्स, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने के पाँच साल बाद SIT का पुनर्गठन किया गया है। साल 2012 में 30.5 एकड़ भूमि के इस सौदे में हुड्डा, रॉबर्ट वाड्रा और अन्य पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश एवं अन्य अपराधों का आरोप लगाया गया है।

दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय राज्य के सांसदों और विधायकों (वर्तमान या पूर्व) के खिलाफ आपराधिक मामलों के लंबित होने के संबंध में स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रहा है। अदालत जाँच प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ इनकी सुनवाई और निगरानी के संबंध में निर्देश जारी करती रही है। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार की ओर से यही स्टेटस रिपोर्ट फाइल की गई है।

दरअसल, संबंधित अधिकारियों द्वारा SIT को पूरा विवरण अभी तक उपलब्ध नहीं कराने की जानकारी कोर्ट में दिए जाने को ही कॉन्ग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा क्लीन चिट बता रहे हैं। इसे हरियाणा सरकार ने जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है। मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने इसको लेकर ट्वीट भी किया।