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अक्षय तृतीया पर लिए सात फेरे, अक्षय तृतीया पर ही तिरंगे में लिपटे घर आए देबाशीष बिस्वालः इफ्तारी के लिए फल लेकर लौट रहे थे बलिदानी

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में गुरुवार (20 अप्रैल 2023) को इफ्तारी का सामान लेकर सांगियोटे गाँव लौट रहे पाँच सेना के जवान वाहन आग लगने के बाद बलिदान हो गए। ये आग आतंकवादी हमले के कारण गाड़ी में लगी। बलिदानियों में पंजाब के 4 जवानों के साथ एक ओडिशा के देबाशीष बिस्वाल भी थे। देबाशीष का पार्थिव शरीर शनिवार (22 अप्रैल 2023) को भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर आया।

इस दौरान देबाशीष की की पत्नी संगीता भी वहाँ मौजूद रहीं। ये संयोग बहुत अजीब था कि 2 साल पहले अक्षय तृतीया के दिन ही संगीता और देबाशीष की शादी हुई थी और अक्षय तृतीया पर ही उनका पार्थिव शरीर लौटकर भुवनेश्वर आया। दोनों की एक सात महीने की बेटी है जिसका चेहरा तक देबाशीष ने नहीं देखा था। माता-पिता कुछ कहने की अवस्था में नहीं हैं जबकि परिजनों को संगीता और उनकी नवजात बच्ची की चिंता है।

उन्हें श्रद्धांजलि देने भाजपा नेता संबित पात्रा भी भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर आए। उन्होंने कहा कि यह देश देबाशीष के सर्वोच्च बलिदान को सदैव श्रद्धापूर्वक याद करेगा।

गाँव को दिया था इफ्तारी का निमंत्रण

बता दें कि देबाशीष सेना की राष्ट्रीय राइफल्स ईकाई का हिस्सा थे। उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर में थी। गुरुवार को वह इफ्तारी के फल लेकर लौट रहे थे क्योंकि सेना की ओर से पूरे गाँव को निमंत्रण दिया गया था। जानकारी के मुताबिक करीबन 4000 लोग उस दिन शाम 7 बजे होने वाली इफ्तारी में शिरकत करते। सेना ने इनके लिए अपने वाहन में बालाकोट के बसूनी के आरआर मुख्यालय से सामग्री ली थी, और भीमबेर गली क्षेत्र के रास्ते में उन्होंने गाड़ी में और सामान रखा था। लेकिन पुंछ और राजौरी के बीच रास्ते में आतंकी हमले के बाद यह घटना घट गई।

करीबन 3 बजे वाहन पर टोटा गली के पास आतंकी हमला हुआ। इस हमले से सेना के ट्रक में आग लग गई। जब अन्य जवानों और ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो पाँच जवानों वहाँ बलिदान हो चुके थे और छठे की हालत गंभीर थी। इस घटना के बाद उस गाँव के लोगों ने ईद न मनाने का फैसला किया जिन्हें उस दिन सेना ने इफ्तार पर बुलाया था। सरपंच बोले- क्या इफ्तार जब हमारे पाँच जवान ही हादसे में बलिदान हो गए।

काॅन्ग्रेस ने ‘असम की बेटी’ अंगकिता दत्ता को पार्टी से निकाला: यूथ काॅन्ग्रेस अध्यक्ष की बदजुबानी कर दी थी सार्वजनिक, लगाया था लैंगिक भेदभाव का आरोप

काॅन्ग्रेस ने डॉ. अंगकिता दत्ता (Angkita Dutta) को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की बात कहते हुए उन पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले असम काॅन्ग्रेस ने उन्हें शो काॅज नोटिस जारी किया था। असम प्रदेश यूथ काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) और  यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव पर लैंगिक भेदभाव तथा बदजुबानी का आरोप लगाया था। कहा था कि राहुल गाँधी ने भी उनकी शिकायतों पर गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा।

अंगकिता दत्ता ने इस मामले में 19 अप्रैल 2023 को गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में श्रीनिवास के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था, “श्रीनिवास पिछले छह महीनों से उन्हें परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं। लैंगिक टिप्पणी करते हैं। अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।”

इस मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का समर्थन मिलने के बाद काॅन्ग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाला है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को कहा था, “अंगकिता दत्ता असम की बेटी हैं। जिस तरीके से काॅन्ग्रेस इस मामले से निपट रही है, वह दुखद है। उन्हें लगता है कि अंगकिता ने गलत बयान दिया है और यूथ काॅन्ग्रेस अध्यक्ष सही हैं। मुझे खुशी होती यदि असम काॅन्ग्रेस उनका समर्थन करती। लेकिन जो दिख रहा है वो इसके बिल्कुल उलट है।”

उल्लेखनीय है कि अंगकिता के आरोपों के बाद काॅन्ग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की जो सूची जारी की थी, उसमें भी श्रीनिवास का नाम था। वहीं अंगकिता को अपने ट्विटर बाॅयो में ‘प्रताड़ित महिला अध्यक्ष’ लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा था। 18 अप्रैल को अंगकिता ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा को टैग करते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए थे। उन्होंने ट्विटर पर अपनी योग्यता और शिक्षा के बारे में जानकारी देने के बाद श्रीनिवास BV पर उत्पीड़न और बदजुबानी के आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था, “मैंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री प्राप्त की। हम पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। लेकिन, श्रीनिवास द्वारा प्रताड़ना कम नहीं होती।” उन्होंने बताया है कि श्रीनिवास BV ने उन्हें कई बार प्रताड़ित किया है।

डॉ. अंगकिता दत्ता ने की मानें तो उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी को भी प्रताड़ना की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंगकिता का आरोप है कि स्त्री होने के कारण उनके साथ भेदभाव हुआ। उनकी मानें तो पार्टी आलाकमान के सामने ही वे कई बार प्रताड़ना का शिकार हुई, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। अंगकिता ने प्रियंका गाँधी से पूछा था कि लड़की हूँ लड़ सकती हँ के नारे का क्या हुआ? बकौल अंगकिता वे महीनों से शिकायतों पर एक्शन की उम्मीद कर रही थीं। अब उन्हें ही नोटिस थमा दिया गया है।

अतीक अहमद का ‘खौफ’ ऐसा प्रयागराज छोड़ मुंबई में बस गईं सोनिया गाँधी की रिश्तेदार, माफिया ने कब्जा ली थी जमीन; PMO तक को देना पड़ा था दखल

माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के एक नेता ने उसके लिए ‘भारत रत्न’ की माँग की है। वहीं, एक पुराने वीडियो में अतीक कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी की शान में कसीदे पढ़ता दिख रहा है। हालाँकि, एक वक्त ऐसा भी था जब कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी की रिश्तेदार की ही प्रॉपर्टी पर अतीक ने कब्ज़ा कर लिया था। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को दखल देकर उसे मुक्त करवाना पड़ा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रयागराज के सिविल लाइन्स के एमजी मार्ग पर मौजूद पैलेस टाकीज सोनिया गाँधी के रिश्तेदार वीरा गाँधी की है। वह सोनिया गााँधी की ससुर फिरोज गाँधी की बहनोई के भतीजे की पत्नी हैं। साल 2007 में जब अतीक अहमद फूलपुर से समाजवादी पार्टी का सांसद था, तब उसके गुर्गों ने पैलेस टाकीज के पीछे की जमीन कब्ज़ा कर ली थी।

अतीक ने सबसे पहले पैलेस टॉकीज की बगल वाली जमीन को खरीदा और उसके बाद अपने गुर्गों की मदद से बगल वाली वीरा गाँधी की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। टाकीज की पीछे वाली जमीन पर कब्जा करके उसने वहाँ ताला लगवा दिया था। इसके चलते टाकीज को बंद करना पड़ा था।

उस समय वीरा गाँधी ने स्थानीय प्रशासन ने अपनी जमीन को खाली करने की तमाम दरख्वास्त की, लेकिन अतीक के रुतबे के आगे वो सब नाकाफी रहीं। तत्कालीन SP सिटी प्रयागराज लालजी शुक्ला के मुताबिक, यह अतीक अहमद का एक प्रयोग था, जिसके बाद वह टाकीज पर भी कब्ज़ा जमा लेता। उन्होंने कहा उस प्रयोग के सफल होने पर अतीक अहमद वीरा गाँधी की शहर में मौजूद अन्य तमाम जमीनों को भी हथिया लेता।

उस समय केंद्र में कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार थी। मामले की उच्चस्तरीय शिकायत होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय का दखल हुआ था। इसके बाद अतीक अहमद ने इस मामले से अपने हाथ पीछे खींचे थे। हालाँकि, वीरा गाँधी और उनके परिवार ने इस मामले में FIR नहीं दर्ज करवाया था। बाद में वह प्रयागराज छोड़कर मुंबई में बस गईं।

गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में हत्या कर दी गई थी। हत्या लवलेश, अरुण और सनी नाम के 3 शूटरों ने की थी। इनके हमले के दौरान अतीक और अशरफ पुलिस कस्टडी में काल्विन अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए गए थे। तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसका 4 दिनों का रिमांड ले कर पूछताछ की जा रही है।

51 साल की हिरोइन को भेजते हैं प्राइवेट पार्ट की फोटो, बताया- रात में आते हैं गंदे मैसेज: काम नहीं मिलने पर बेच रहीं हैं साबुन

साउथ की टीवी एक्ट्रेस रहीं 51 साल की ऐश्वर्या भास्करन ने खुलासा किया है कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उनके नंबर का गलत इस्तेमाल करके उन्हें भद्दे-भद्दे मैसेज भेज रहे हैं। हाल में तो उन्हें एक शख्स ने अपने प्राइवेट पार्ट की ही फोटो भेज दी।

ऐश्वर्या भास्करन मुख्य रूप से मलयाली, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करती थीं। कुछ समय से काम न मिलने की वजह से उन्होंने साल 2022 में साबुन बेचना शुरू कर दिया। वह अपना यूट्यूब चैनल ‘मल्टी मॉमी’ भी चलाती हैं। वहाँ वह अपने सोप के कारोबार और कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हैं।

भास्करन ने अपनी एक वीडियो में बताया कि बीते कुछ दिनों में उन्हें यौन उत्पीड़न झेलना पड़ा है। उन्होंने अपने बिजनेस के लिए अपना नंबर सोशल मीडिया पर डाला था ताकि ग्राहक उनके ऑनलाइन साबुन खरीद सकें। हालाँकि नंबर साझा करने के बाद उन्हें गंदे मैसेज आने लगे।

वीडियो में ऐश्वर्या ने बताया, “एक आदमी ने तो मुझे अपने प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजी और कहा कि क्या वो साबुन पर्सनली आकर देख सकता है।” पूर्व एक्ट्रेस के मुताबिक उन्हें ऐसे मैसेज देखकर पैनिक अटैक आते हैं। वह बताती हैं कि अपनी बेटी से हिम्मत मिलने के बाद वह ऐसे मैसेजों के बारे में ऑनलाइन बता पा रही हैं। उन्होंने कहा कि वो मामले को अभी साइबर पुलिस तक लेकर नहीं गई हैं लेकिन अगर ये सब रुका नहीं तो वो शिकायत करेंगी।

उल्लेखनीय है कि ऐश्वर्या कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। इनमें प्रजा, बटरफ्लाइज, यजमान और हाउसफुल जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐश्वर्या ने हिंदी सिनेमा में गर्दिश फिल्म के जरिए डेब्यू किया था। ये फिल्म 1993 में आई थी। आज ऐश्वर्या की उम्र 51 है। अपने करियर में उन्होंने कई बड़े फिल्मी सितारों के साथ काम किया लेकिन अब उन्हें काम मिलने में दिक्कत हो रही है और वह साबुन का बिजनेस करती हैं।

ट्यूशन पढ़ने निकली दलित लड़की, नहर में तैरती मिली लाश: रेप के बाद हत्या का दावा, बंगाल पुलिस पर शव को घसीटने का आरोप

पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के कलियागंज में कथित बलात्कार के बाद एक नाबालिग दलित लड़की की हत्या कर दी गई। इस घटना से आक्रोशित होकर लोग सड़कों पर उतर आए और उन पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। वहीं, NCPCR के प्रमुख ने घटनास्थल पर जाने की बात कही है।

कलियागंज में गुरुवार (20 अप्रैल 2023) की शाम को एक किशोरी ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी। रात होने के बावजूद वह अपने घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। उसके परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने किशोरी की पूरी रात तलाश की। जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

इसी बीच अगले दिन नहर में एक किशोरी की लाश तैरती हुई लोगों ने देखा। इसके बाद लोगों ने उसकी पहचान लापता किशोरी के रूप में की। इस घटना के बाद इलाके लोग आक्रोशित हो गए और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग को लेकर शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज किया।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि जब पुलिस की टीम लड़की का शव लेने के लिए पहुँची तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। अधिकारी का कहना है कि गुस्साए लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया। इस दौरान वे सड़कों पर टायर जलाकर ट्रैफिक को पूरी तरह जाम कर दिया था।

पुलिस का कहना है कि भीड़ को काबू में करने के लिए लोगों पर लाठी चार्ज करना पड़ा और आँसू गैस के गोले दागे गए। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। पुलिस का कहना है कि वह मामले की जाँच कर ही है।

जिले के एसपी का कहना है कि मृतक के परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लाठी चार्ज और आँसू गैस के गोले दागने को लेकर उन्होंने कहा कि पीड़िता का शव जब्त कर जल्द-से-जल्द पोस्टमॉर्टम कराने के लिए ऐसा करना पड़ा, महत्वपूर्ण सबूत खो न जाएँ।

उधर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने कहा कि वे कालियागंज में नाबालिग के कथित बलात्कार और हत्या की सूचना मिलने के बाद जाँच के लिए जा रहे हैं। हमने इस घटना की जानकारी राज्य सरकार के मुख्य सचिव और उत्तर दिनाजपुर के कलेक्टर को दोपहर में दी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”

एक न्यूज का लिंक साझा करते हुए प्रियंक ने कहा, “पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में जिस लड़की का सामूहिक बलात्कार और हत्या की गई उसके शव को इस तरह बेइज्जत करने का आरोप पुलिस पर लगा है। लड़कियों को न्याय, दोषियों को सज़ा मिले इस अध्ययन के लिए आज वहाँ जा रहा हूँ।”

इस घटना के बाद विपक्षी दल भाजपा राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर हमलावर है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में अराजकता का आरोप लगाया और अपराध के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पुलिस अगले महीने TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की प्रस्तावित यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था करने में व्यस्त है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा विधायकों को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दे रही है। उन्होंने पुलिस पर सबूतों को मिटाने का भी आरोप लगाया। बता दें कि घटना को लेकर इलाके में तनाव व्याप्त है।

माफिया अतीक-अशरफ को आतंकी संगठन अलकायदा ने बताया ‘शहीद’, कहा- भारत से बदला लेकर रहेंगे: टारगेट पर PM मोदी भी

उत्तर प्रदेश में हुई माफिया भाइयों की हत्या पर आतंकी संगठन अलकायदा ने भारत से बदला लेने की धमकी जारी की है। 7 पृष्ठों की मैग्जीन में अलकायदा ने अतीक अहमद और अशरफ अहमद को ‘शहीद’ बताया और लिखा कि मुस्लिमों को टीवी पर पुलिस के सामने गोली मारी जा रही है। इस मैग्जीन में आतंकी संगठन ने कहा है कि वह भारत से बदला लेकर रहेगा।

ईद के मौके पर जारी की गई इस मैग्जीन में यहूदियों द्वारा अल अक्सा मस्जिद पर हमले का जिक्र, चीन के शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ होते बर्ताव की चर्चा करते हुए भारत में घटित घटनाओं का उल्लेख है।

इसमें पहले दिखाया गया कि कैसे दुनिया भर में जगह-जगह मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। इसके बाद कहा गया है कि भारत में मुस्लिमों की हालत कोई अलग नहीं है। बिहार में कुरान और मदरिस की कॉपियाँ जलाई जा रही हैं, उत्तर प्रदेश में मु्स्लिमों को लाइव टीवी के आगे गोली मारकर मुस्लिमों को शहीद किया जा रहा है, राजस्थान में मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा लहराया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपनी मैग्जीन में अलकायदा ने कहा है कि अतीक-अशरफ की हत्या का बदला लेने के लिए अगर उसको अपनी औलादों की भी कुर्बानी देनी पड़ी तो वह देने के लिए तैयार हैं। उसने भारत को धमकी देते हुए कहा, “हम इस नरसंहार का बदला लेंगे।” 

आतंकी संगठन ने भारत के अलावा चीन, बांग्लादेश, अमेरिका में भी आत्मघाती हमला करने की धमकी दी है। इसके अलावा अलयकादा की इस चिट्ठी में पीएम मोदी और उनके दफ्तर को भी टारगेट करने की धमकी दी गई है। उसने कहा है कि वह बदला लेकर रहेगा चाहे उसे अपने निशाने पर अमेरिका के व्हॉइट हाउस या भारत के वजीरे ए आजम के दफ्तर को ही निशाने में क्यों नहीं लेना पड़े।

पैगंबर पर टिप्पणी केस में जारी की धमकी

इससे पहले भी अलकायदा अपनी मैग्जीन में भारत को धमकियाँ जारी कर चुका है। नुपूर शर्मा केस में भी अलकायदा ने भारत को धमकी दी थी। आतंकी संगठन ने कहा था कि पैगंबर की शान के लिए वो लड़ने को तैयार है और दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश में हमला करेगा। इसके अलावा अलकायदा ने पीएम मोदी को निशाना बनाने की बात भी कही थी।

पाकिस्तान से नाराज चल रहा अलकायदा

कुछ समय पहले उसने अपनी मैग्जीन में पाकिस्तान पर गुस्सा जाहिर किया था। अलकायदा ने कहा था कि पाकिस्तानी फ़ौज केवल उन आतंकियों को मार रही है जो कश्मीर के लिए लड़ रहे थे। पाकिस्तान आर्मी को डरपोक बताते हए अलकायदा ने कहा कि वो कश्मीर में आतंकियों की इंट्री करवाने में भी नाकाम साबित हो रही है। अलकायदा ने कश्मीर में कम होते जा रहे आतंकी हमलों पर नाराजगी जताई थी। उसने मुस्लिमों से एकजुट हो कर कश्मीर के लिए लड़ने का आह्वान भी किया था।

₹300 करोड़ की घूस: CBI ने सत्यपाल मलिक को पूछताछ के लिए बुलाया, केजरीवाल ने पूर्व गवर्नर के फर्जी अकाउंट से BJP को घेरा

केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने 21 अप्रैल 2023 को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक को रिलायंस बीमा से संंबंधित 300 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। इस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार और CBI पर हमला बोलने के लिए सत्यपाल मलिक के नाम वाली एक फर्जी अकाउंट के एक ट्वीट का हवाला दिया।

सत्यपाल मलिक ने आजतक को बताया कि सीबीआई उनसे इस मामले में कुछ जानकारी चाहती है। इसलिए सुविधानुसार 27 या 28 अप्रैल 2023 को पेश होने के लिए मौखिक रूप से कहा। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने रिलायंस इंश्योरेंस केस में पूछताछ के लिए बुलाया था।

उधर, अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की आलोचना करने के लिए एक फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट का हवाला दिया। बेफिटिंग फैक्ट्स के ट्विटर हैंडल से पता चला कि अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए जिस ट्विटर अकाउंट का सहारा लिया, वह फेक अकाउंट है।

अरविंद केजरीवाल ने लिखा, “पूरा देश आपके साथ है। खौफ के इस दौर में आपने बहुत साहस दिखाया है, सर। वो कायर है, सीबीआई के पीछे छिपा है। जब जब इस महान देश पर संकट आया, आप जैसे लोगों ने अपने साहस से उसका मुकाबला किया। वो अनपढ़ है, भ्रष्ट है, गद्दार है। वो आपका मुकाबला नहीं कर सकता। आप आगे बढ़ो सर। आप पर गर्व है।”

उन्होंने जिस ट्वीट का हवाला दिया, वह ट्विटर हैंडल @Satyapalmalik_ द्वारा पोस्ट किया गया था, जो कि एक फर्जी अकाउंट है। इस ट्वीट में लिखा था, “मैंने सच बोलकर कुछ लोगों के पाप उजागर किए हैं। शायद, इसलिए बुलावा आया है। मैं किसान का बेटा हूँ, घबराऊँगा नहीं। सच्चाई के साथ खड़ा हूँ।”

ट्विटर हैंडल Befitting Facts ने इस फर्जी अकाउंट के ट्वीट के जरिए अरविंद केजरीवाल का पर्दाफाश किया। बेफिटिंग फैक्ट्स ने ट्वीट किया, “यह आपके वादों की तरह ही यह भी एक फर्जी अकाउंट है। कुछ तो शर्म करो आप। एक राज्य के मुख्यमंत्री हो। किसी भी अकाउंट का हवाला देने से पहले उसे सत्यापित करो।”

हाल ही में करण थापर को दिए इंटरव्यू में मलिक ने इसका जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब आरएसएस और बीजेपी नेता राम माधव ने रिलायंस इंश्योरेंस द्वारा प्रस्तावित योजना को पारित कराने की कोशिश करने के लिए उनसे मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया था। सत्यपाल मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे तब राम माधव ने ‘अंबानी’ से संबंधित दो फाइलें पास करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी।

इंटरव्यू के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा, “शुरुआत में मैंने इस योजना को पास किया था, लेकिन बहुत से लोगों ने मुझे इसे वापस लेने के लिए कहा। पहली बात तो यह हुई कि सरकारी कर्मचारी इस योजना के आने से वास्तव में नाखुश थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों को सालाना 8,500 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। सेवानिवृत्त अधिकारियों को 20,000 रुपये से अधिक देने थे।”

हालाँकि, संघ के नेता राम माधव ने इन आरोपों से इनकार किया है और सत्यपाल मलिक को मानहानि का नोटिस भेजा है। मलिक को भेजे गए अपने कानूनी नोटिस में राम माधव ने कहा, “मलिक ने राजनीतिक दायरे में प्रासंगिक बने रहने के लिए असत्य और मानहानिकारक बयान दिए।”

सिर्फ AAP ही नहीं, कॉन्ग्रेस ने भी मलिक को भेजे गए समन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कॉन्ग्रेस ने सीबीआई के इस समन की आलोचना करते हुए ट्वीट किया, “आखिरकार पीएम मोदी से रहा नहीं गया। सत्यपाल मलिक जी ने देश के सामने उनकी कलई खोल दी। अब सीबीआई ने मलिक जी को बुलाया है। यह तो होना ही था। एक चीज और होगी…’गोदी मीडिया’ अब भी चुप रहेगा, लिखकर ले लीजिए।”

कॉन्ग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला करने के लिए इस खबर का खूब इस्तेमाल किया। कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने तब ट्वीट किया कि कोई बोली नहीं लगी और ‘मोदी सरकार’ ने एलआईसी के बजाय रिलायंस को चुना। इस खबर के सामने आने पर राहुल गाँधी ने अंबानी के साथ कथित संबंध को लेकर भी पीएम मोदी पर हमला बोला था।

अब सत्यपाल मलिक को सीबीआई ने रिलायंस इंश्योरेंस मामले में बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाने के लिए समन भेजा है। इसलिए भाजपा विरोधी होने के नाते AAP और कॉन्ग्रेस को समन का स्वागत करना चाहिए। इसके बजाय, वे यह मानकर मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि सम्मन सत्यपाल मलिक के खिलाफ है।

पिछले साल अप्रैल में सीबीआई ने मलिक द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए समूह चिकित्सा बीमा योजना के ठेके देने और जम्मू-कश्मीर में किरू पनबिजली परियोजना से संबंधित 2,200 करोड़ रुपए के नागरिक कार्य में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो प्राथमिकी दर्ज की थी। एक FIR में सीबीआई ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ-साथ ट्रिनिटी को आरोपित बनाया है।

‘चड्डी गैंग कहेगा रावण ने सीता की साया को किडनैप किया’: विप्रो की ‘कर्मचारी’ ने हिंदुओं का उड़ाया मजाक, श्रीराम के अपमान पर नेटिजन्स माँग रहे जवाब

भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी विप्रो (Wipro) के एक कथित कर्मचारी ने गुरुवार (20 अप्रैल) को भगवान राम और माता सीता का अपमानजनक मीम साझा किया। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया। कर्मचारी की पहचान सोमा सरकार के रूप में हुई है। उसने हिंदुओं की भावना से खिलवाड़ करने के साथ ही आरएसएस पर भी टिप्पणी की।

सोमा सरकार ने अपने एक पोस्ट में माता सीता को भगवान राम द्वारा जलती हुई चिता में फेंकते हुए दिखाया है। इसके साथ कैप्शन में लिखा था ‘रावण से सीता को छुड़ाने के बाद राम।’ इसके साथ ही हँसते हुए इमोजी लगाकर लिखा, “चड्डी (आरएसएस सदस्यों के लिए अपमानजनक शब्द) कहेंगे कि रावण ने सीता की छाया का अपहरण कर लिया था। बोलो जय श्रीराम।”

सोमा सरकार की पोस्ट का स्क्रीनशॉट

सोमा सरकार का विवादास्पद फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वायरल होने लगा। नेटिज़न्स ने सोमा की टिप्पणी के लिए उसकी आलोचना की। ट्विटर पर यूजर्स ने उसके कथित नियोक्ता विप्रो से उस पर कार्रवाई की माँग की।

एक यूजर ने लिखा, “ऐ विप्रो, यह सोमा सरकार है जो विप्रो में सीनियर फार्मा को-विजिलेंस एसोसिएट के रूप में काम करने का दावा करती है। वह फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली सामग्री पोस्ट कर रही है। क्या आप इस प्रकार के कर्मचारियों को बढ़ावा देते हैं?”

एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया, “नमस्कार कोलकाता पुलिस, सोमा सरकार नाम की यह लड़की भगवान राम और भगवान कृष्ण को गाली दे रही है और हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट कर रही है। कृपया उसके खिलाफ कार्रवाई करें।”

यूजर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

ऑपइंडिया ने सोमा सरकार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इंटरनेट खंगालना शुरू किया। इस दौरान उसके लिंक्डइन प्रोफाइल की कैश्ड कॉपी मिली। इसमें उसका पदनाम विप्रो में ‘फार्मा को-विजिलेंस असिस्टेंट’ बताया गया है। इस खबर को लिखे जाने तक सोमा सरकार ने अपना अकाउंट डिलीट/डिएक्टिवेट कर दिया था।

सोमा सरकार की लिंक्डइन प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट

सोमा सरकार के लिंक्डइन प्रोफाइल पर उसके अल्मा मेटर का नाम ‘NSHM कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी’ के रूप में सूचीबद्ध है। इस संस्थान की साइट जाँचने पर हमने 2020 में विप्रो प्राइवेट लिमिटेड में रखे गए छात्रों की सूची में सोमा सरकार का नाम पाया। .

यूनिवर्सिटी की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

उसके इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल (@flying_megh) पर इस महीने की शुरुआत में उसकी एक पोस्ट के साथ हैशटैग ‘wipro’, ‘wiproites’ और ‘wiprokolkata’ लगाया गया था।

सोमा सरकार के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

हालाँकि, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने विप्रो से जवाब माँगा, लेकिन कंपनी ने आरोपों का जवाब नहीं दिया और ना ही इस संबंध में कोई बयान जारी किया।

‘तुम समलैंगिको को मार देना चाहिए’ : युगांडा में पारित हुआ ‘सबसे सख्त’ LGBTQ विरोधी कानून, लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर

भारत में जब समलैंगिक विवाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है, एक अफ्रीकी देश ने समलैंगिकता पर इतना सख्त कानून बना दिया है कि लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं। इस देश का नाम युगांडा है। जहाँ की सरकार ने अपने देश में समलैंगिकता के विरोध में कानून को पारित किया है।

युगांडा में पारित हुए इस नए कानून के हिसाब से ‘गे और लेस्बियन’ अब अपराधी माने जाएँगे। साथ ही दोषी करार होने पर उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, युगांडा में ये कानून पारित होने के बाद कई लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं और केन्या की राजधानी नैरोबी में बने सेफहाउस में पनाह रहे हैं। इस सेफहाउस में कोई फर्नीचर भी नहीं है। फिर भी युगांडा के समलैंगिक लोग यहाँ पनाह ले रहे हैं। उनके पास घर छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

कोई अपनी माला लेकर तो कोई अपनी पसंदीदा ड्रेस लेकर इस सेफहाउस की ओर भागा है। एक लेस्बियन जोड़ा भी इस सेफहाउस में आया है जिसके पास बस वो स्मार्टफोन है जिसमें उनकी खुशी वाले दिनों की तस्वीर है जिनमें वो डेट करते और डांस करते दिख रहे हैं।

कंपाला के शेल्टर में पनाह लेने वाले एमबीजवे निमिरो विल्सन नाम के शख्स ने कहा, “युगांडा की सरकार और लोग हमारे अस्तित्व के खिलाफ हैं।” निमिरो ने बताया, “लोग कहते थे हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं। तुम समलैंगिकों को मार देना चाहिए। हम तुम्हें मार देंगे। हमारे सामने देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”

बता दें कि युगांडा में पारित यह कानून इतना सख्त है कि इसमें समलैंगिक लोगों को प्रॉपर्टी लीस में देने पर भी सजा का प्रावधान है। इसके अलावा समलैंगिक होने का दोषी पाए जाने पर पुनर्वास की भी माँग की गई है। राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने इस बिल की सराहना की, जबकि यूरोपीय संसद ने इस विधेयक की निंदा की। उनके अलावा मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है। वहीं अमेरिका की बाइडन सरकार ने तो इसे दुनिया का ‘सबसे कठोर’ समलैंगिक विरोधी कानून बताया है। महीनों तक इसके खिलाफ अभियान चलाने के बाद युगांडा में समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता ने अब इस कानून को अदालत में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।

‘दंगा भड़काने के लिए मनाते हैं रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे त्योहार’: NCP नेता जितेंद्र आव्हाड, पहले कहा था- क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था औरंगजेब

अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। जितेंद्र ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को मुंबई में कहा कि लगता है कि रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे त्योहार सिर्फ दंगा भड़काने के लिए ही हैं।

एनसीपी नेता ने कहा कि आने वाले साल धार्मिक दंगों वाले साल होंगे। उन्होंने कहा कि दंगों के कारण शहरों का माहौल बेहद जहरीला हो गया है। बताते चलें कि जितेंद्र आव्हाड के विवादित बोलों के चलते एक बार महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग उनके खिलाफ नोटिस भी जारी कर चुका है।

इस साल जनवरी में जितेंद्र आव्हाड ने औरंगजेब को लेकर दावा किया था कि वह क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था। जितेंद्र आव्हाड ने कहा था, “छत्रपति संभाजी महाराज को बहादुरगढ़ लाया गया, जहाँ उनकी आँखें निकाल दी गईं। बहादुरगढ़ किले के पास एक विष्णु मंदिर था। अगर औरंगजेब क्रूर या हिंदू विरोधी होता तो वह उस मंदिर को भी तोड़ देता।”

पिछले साल नवंबर में मराठी फिल्म हर हर महादेव (Har Har Mahadev) को महाराष्ट्र के पूर्व आवास मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड ने ठाणे के एक मल्टीप्लेक्स को जबरन बंद करवा दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने एक शख्स के साथ मारपीट भी की थी। इसको लेकर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। अव्हाड ने आरोप लगाया था कि फिल्म में राजनीतिक प्रचार के लिए छत्रपति शिवाजी के इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

इसी तरह दिसंबर 2021 में आव्हाड ने मुस्लिमों से कहा था कि वे ज्यादा गोश्त खाकर अपना माथा गर्म न करें, क्योंकि विरोधी उन्हें उकसाना चाहते हैं। साथ ही उन्हें गुटखा खाकर मुँह बंद रखने की सलाह भी दी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गुटखा की बिक्री प्रतिबंधित है। 

आव्हाड ने कहा था, “मैं सभी मुस्लिम भाइयों से अपील करना चाहता हूँ कि ज्यादा गोश्त खाकर माथा मत गर्म करो। बिल्कुल शांति से काम लो। वो (विरोधी पार्टी के लोग) चाहते ही हैं कि तुम्हारा सिर गर्म हो जाए। सिर पर बर्फ रखो और मुँह में पान, सुपारी, रजनीगंधा, जो खाना हो खाओ, लेकिन सिर पर बर्फ, मुँह को ताला। कुछ नहीं होगा।”