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माफिया अतीक-अशरफ को आतंकी संगठन अलकायदा ने बताया ‘शहीद’, कहा- भारत से बदला लेकर रहेंगे: टारगेट पर PM मोदी भी

उत्तर प्रदेश में हुई माफिया भाइयों की हत्या पर आतंकी संगठन अलकायदा ने भारत से बदला लेने की धमकी जारी की है। 7 पृष्ठों की मैग्जीन में अलकायदा ने अतीक अहमद और अशरफ अहमद को ‘शहीद’ बताया और लिखा कि मुस्लिमों को टीवी पर पुलिस के सामने गोली मारी जा रही है। इस मैग्जीन में आतंकी संगठन ने कहा है कि वह भारत से बदला लेकर रहेगा।

ईद के मौके पर जारी की गई इस मैग्जीन में यहूदियों द्वारा अल अक्सा मस्जिद पर हमले का जिक्र, चीन के शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ होते बर्ताव की चर्चा करते हुए भारत में घटित घटनाओं का उल्लेख है।

इसमें पहले दिखाया गया कि कैसे दुनिया भर में जगह-जगह मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। इसके बाद कहा गया है कि भारत में मुस्लिमों की हालत कोई अलग नहीं है। बिहार में कुरान और मदरिस की कॉपियाँ जलाई जा रही हैं, उत्तर प्रदेश में मु्स्लिमों को लाइव टीवी के आगे गोली मारकर मुस्लिमों को शहीद किया जा रहा है, राजस्थान में मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा लहराया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपनी मैग्जीन में अलकायदा ने कहा है कि अतीक-अशरफ की हत्या का बदला लेने के लिए अगर उसको अपनी औलादों की भी कुर्बानी देनी पड़ी तो वह देने के लिए तैयार हैं। उसने भारत को धमकी देते हुए कहा, “हम इस नरसंहार का बदला लेंगे।” 

आतंकी संगठन ने भारत के अलावा चीन, बांग्लादेश, अमेरिका में भी आत्मघाती हमला करने की धमकी दी है। इसके अलावा अलयकादा की इस चिट्ठी में पीएम मोदी और उनके दफ्तर को भी टारगेट करने की धमकी दी गई है। उसने कहा है कि वह बदला लेकर रहेगा चाहे उसे अपने निशाने पर अमेरिका के व्हॉइट हाउस या भारत के वजीरे ए आजम के दफ्तर को ही निशाने में क्यों नहीं लेना पड़े।

पैगंबर पर टिप्पणी केस में जारी की धमकी

इससे पहले भी अलकायदा अपनी मैग्जीन में भारत को धमकियाँ जारी कर चुका है। नुपूर शर्मा केस में भी अलकायदा ने भारत को धमकी दी थी। आतंकी संगठन ने कहा था कि पैगंबर की शान के लिए वो लड़ने को तैयार है और दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश में हमला करेगा। इसके अलावा अलकायदा ने पीएम मोदी को निशाना बनाने की बात भी कही थी।

पाकिस्तान से नाराज चल रहा अलकायदा

कुछ समय पहले उसने अपनी मैग्जीन में पाकिस्तान पर गुस्सा जाहिर किया था। अलकायदा ने कहा था कि पाकिस्तानी फ़ौज केवल उन आतंकियों को मार रही है जो कश्मीर के लिए लड़ रहे थे। पाकिस्तान आर्मी को डरपोक बताते हए अलकायदा ने कहा कि वो कश्मीर में आतंकियों की इंट्री करवाने में भी नाकाम साबित हो रही है। अलकायदा ने कश्मीर में कम होते जा रहे आतंकी हमलों पर नाराजगी जताई थी। उसने मुस्लिमों से एकजुट हो कर कश्मीर के लिए लड़ने का आह्वान भी किया था।

₹300 करोड़ की घूस: CBI ने सत्यपाल मलिक को पूछताछ के लिए बुलाया, केजरीवाल ने पूर्व गवर्नर के फर्जी अकाउंट से BJP को घेरा

केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने 21 अप्रैल 2023 को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक को रिलायंस बीमा से संंबंधित 300 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। इस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार और CBI पर हमला बोलने के लिए सत्यपाल मलिक के नाम वाली एक फर्जी अकाउंट के एक ट्वीट का हवाला दिया।

सत्यपाल मलिक ने आजतक को बताया कि सीबीआई उनसे इस मामले में कुछ जानकारी चाहती है। इसलिए सुविधानुसार 27 या 28 अप्रैल 2023 को पेश होने के लिए मौखिक रूप से कहा। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने रिलायंस इंश्योरेंस केस में पूछताछ के लिए बुलाया था।

उधर, अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की आलोचना करने के लिए एक फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट का हवाला दिया। बेफिटिंग फैक्ट्स के ट्विटर हैंडल से पता चला कि अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए जिस ट्विटर अकाउंट का सहारा लिया, वह फेक अकाउंट है।

अरविंद केजरीवाल ने लिखा, “पूरा देश आपके साथ है। खौफ के इस दौर में आपने बहुत साहस दिखाया है, सर। वो कायर है, सीबीआई के पीछे छिपा है। जब जब इस महान देश पर संकट आया, आप जैसे लोगों ने अपने साहस से उसका मुकाबला किया। वो अनपढ़ है, भ्रष्ट है, गद्दार है। वो आपका मुकाबला नहीं कर सकता। आप आगे बढ़ो सर। आप पर गर्व है।”

उन्होंने जिस ट्वीट का हवाला दिया, वह ट्विटर हैंडल @Satyapalmalik_ द्वारा पोस्ट किया गया था, जो कि एक फर्जी अकाउंट है। इस ट्वीट में लिखा था, “मैंने सच बोलकर कुछ लोगों के पाप उजागर किए हैं। शायद, इसलिए बुलावा आया है। मैं किसान का बेटा हूँ, घबराऊँगा नहीं। सच्चाई के साथ खड़ा हूँ।”

ट्विटर हैंडल Befitting Facts ने इस फर्जी अकाउंट के ट्वीट के जरिए अरविंद केजरीवाल का पर्दाफाश किया। बेफिटिंग फैक्ट्स ने ट्वीट किया, “यह आपके वादों की तरह ही यह भी एक फर्जी अकाउंट है। कुछ तो शर्म करो आप। एक राज्य के मुख्यमंत्री हो। किसी भी अकाउंट का हवाला देने से पहले उसे सत्यापित करो।”

हाल ही में करण थापर को दिए इंटरव्यू में मलिक ने इसका जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब आरएसएस और बीजेपी नेता राम माधव ने रिलायंस इंश्योरेंस द्वारा प्रस्तावित योजना को पारित कराने की कोशिश करने के लिए उनसे मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया था। सत्यपाल मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे तब राम माधव ने ‘अंबानी’ से संबंधित दो फाइलें पास करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी।

इंटरव्यू के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा, “शुरुआत में मैंने इस योजना को पास किया था, लेकिन बहुत से लोगों ने मुझे इसे वापस लेने के लिए कहा। पहली बात तो यह हुई कि सरकारी कर्मचारी इस योजना के आने से वास्तव में नाखुश थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों को सालाना 8,500 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। सेवानिवृत्त अधिकारियों को 20,000 रुपये से अधिक देने थे।”

हालाँकि, संघ के नेता राम माधव ने इन आरोपों से इनकार किया है और सत्यपाल मलिक को मानहानि का नोटिस भेजा है। मलिक को भेजे गए अपने कानूनी नोटिस में राम माधव ने कहा, “मलिक ने राजनीतिक दायरे में प्रासंगिक बने रहने के लिए असत्य और मानहानिकारक बयान दिए।”

सिर्फ AAP ही नहीं, कॉन्ग्रेस ने भी मलिक को भेजे गए समन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कॉन्ग्रेस ने सीबीआई के इस समन की आलोचना करते हुए ट्वीट किया, “आखिरकार पीएम मोदी से रहा नहीं गया। सत्यपाल मलिक जी ने देश के सामने उनकी कलई खोल दी। अब सीबीआई ने मलिक जी को बुलाया है। यह तो होना ही था। एक चीज और होगी…’गोदी मीडिया’ अब भी चुप रहेगा, लिखकर ले लीजिए।”

कॉन्ग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला करने के लिए इस खबर का खूब इस्तेमाल किया। कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने तब ट्वीट किया कि कोई बोली नहीं लगी और ‘मोदी सरकार’ ने एलआईसी के बजाय रिलायंस को चुना। इस खबर के सामने आने पर राहुल गाँधी ने अंबानी के साथ कथित संबंध को लेकर भी पीएम मोदी पर हमला बोला था।

अब सत्यपाल मलिक को सीबीआई ने रिलायंस इंश्योरेंस मामले में बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाने के लिए समन भेजा है। इसलिए भाजपा विरोधी होने के नाते AAP और कॉन्ग्रेस को समन का स्वागत करना चाहिए। इसके बजाय, वे यह मानकर मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि सम्मन सत्यपाल मलिक के खिलाफ है।

पिछले साल अप्रैल में सीबीआई ने मलिक द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए समूह चिकित्सा बीमा योजना के ठेके देने और जम्मू-कश्मीर में किरू पनबिजली परियोजना से संबंधित 2,200 करोड़ रुपए के नागरिक कार्य में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो प्राथमिकी दर्ज की थी। एक FIR में सीबीआई ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ-साथ ट्रिनिटी को आरोपित बनाया है।

‘चड्डी गैंग कहेगा रावण ने सीता की साया को किडनैप किया’: विप्रो की ‘कर्मचारी’ ने हिंदुओं का उड़ाया मजाक, श्रीराम के अपमान पर नेटिजन्स माँग रहे जवाब

भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी विप्रो (Wipro) के एक कथित कर्मचारी ने गुरुवार (20 अप्रैल) को भगवान राम और माता सीता का अपमानजनक मीम साझा किया। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया। कर्मचारी की पहचान सोमा सरकार के रूप में हुई है। उसने हिंदुओं की भावना से खिलवाड़ करने के साथ ही आरएसएस पर भी टिप्पणी की।

सोमा सरकार ने अपने एक पोस्ट में माता सीता को भगवान राम द्वारा जलती हुई चिता में फेंकते हुए दिखाया है। इसके साथ कैप्शन में लिखा था ‘रावण से सीता को छुड़ाने के बाद राम।’ इसके साथ ही हँसते हुए इमोजी लगाकर लिखा, “चड्डी (आरएसएस सदस्यों के लिए अपमानजनक शब्द) कहेंगे कि रावण ने सीता की छाया का अपहरण कर लिया था। बोलो जय श्रीराम।”

सोमा सरकार की पोस्ट का स्क्रीनशॉट

सोमा सरकार का विवादास्पद फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वायरल होने लगा। नेटिज़न्स ने सोमा की टिप्पणी के लिए उसकी आलोचना की। ट्विटर पर यूजर्स ने उसके कथित नियोक्ता विप्रो से उस पर कार्रवाई की माँग की।

एक यूजर ने लिखा, “ऐ विप्रो, यह सोमा सरकार है जो विप्रो में सीनियर फार्मा को-विजिलेंस एसोसिएट के रूप में काम करने का दावा करती है। वह फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली सामग्री पोस्ट कर रही है। क्या आप इस प्रकार के कर्मचारियों को बढ़ावा देते हैं?”

एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया, “नमस्कार कोलकाता पुलिस, सोमा सरकार नाम की यह लड़की भगवान राम और भगवान कृष्ण को गाली दे रही है और हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट कर रही है। कृपया उसके खिलाफ कार्रवाई करें।”

यूजर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

ऑपइंडिया ने सोमा सरकार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इंटरनेट खंगालना शुरू किया। इस दौरान उसके लिंक्डइन प्रोफाइल की कैश्ड कॉपी मिली। इसमें उसका पदनाम विप्रो में ‘फार्मा को-विजिलेंस असिस्टेंट’ बताया गया है। इस खबर को लिखे जाने तक सोमा सरकार ने अपना अकाउंट डिलीट/डिएक्टिवेट कर दिया था।

सोमा सरकार की लिंक्डइन प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट

सोमा सरकार के लिंक्डइन प्रोफाइल पर उसके अल्मा मेटर का नाम ‘NSHM कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी’ के रूप में सूचीबद्ध है। इस संस्थान की साइट जाँचने पर हमने 2020 में विप्रो प्राइवेट लिमिटेड में रखे गए छात्रों की सूची में सोमा सरकार का नाम पाया। .

यूनिवर्सिटी की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

उसके इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल (@flying_megh) पर इस महीने की शुरुआत में उसकी एक पोस्ट के साथ हैशटैग ‘wipro’, ‘wiproites’ और ‘wiprokolkata’ लगाया गया था।

सोमा सरकार के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

हालाँकि, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने विप्रो से जवाब माँगा, लेकिन कंपनी ने आरोपों का जवाब नहीं दिया और ना ही इस संबंध में कोई बयान जारी किया।

‘तुम समलैंगिको को मार देना चाहिए’ : युगांडा में पारित हुआ ‘सबसे सख्त’ LGBTQ विरोधी कानून, लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर

भारत में जब समलैंगिक विवाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है, एक अफ्रीकी देश ने समलैंगिकता पर इतना सख्त कानून बना दिया है कि लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं। इस देश का नाम युगांडा है। जहाँ की सरकार ने अपने देश में समलैंगिकता के विरोध में कानून को पारित किया है।

युगांडा में पारित हुए इस नए कानून के हिसाब से ‘गे और लेस्बियन’ अब अपराधी माने जाएँगे। साथ ही दोषी करार होने पर उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, युगांडा में ये कानून पारित होने के बाद कई लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं और केन्या की राजधानी नैरोबी में बने सेफहाउस में पनाह रहे हैं। इस सेफहाउस में कोई फर्नीचर भी नहीं है। फिर भी युगांडा के समलैंगिक लोग यहाँ पनाह ले रहे हैं। उनके पास घर छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

कोई अपनी माला लेकर तो कोई अपनी पसंदीदा ड्रेस लेकर इस सेफहाउस की ओर भागा है। एक लेस्बियन जोड़ा भी इस सेफहाउस में आया है जिसके पास बस वो स्मार्टफोन है जिसमें उनकी खुशी वाले दिनों की तस्वीर है जिनमें वो डेट करते और डांस करते दिख रहे हैं।

कंपाला के शेल्टर में पनाह लेने वाले एमबीजवे निमिरो विल्सन नाम के शख्स ने कहा, “युगांडा की सरकार और लोग हमारे अस्तित्व के खिलाफ हैं।” निमिरो ने बताया, “लोग कहते थे हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं। तुम समलैंगिकों को मार देना चाहिए। हम तुम्हें मार देंगे। हमारे सामने देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”

बता दें कि युगांडा में पारित यह कानून इतना सख्त है कि इसमें समलैंगिक लोगों को प्रॉपर्टी लीस में देने पर भी सजा का प्रावधान है। इसके अलावा समलैंगिक होने का दोषी पाए जाने पर पुनर्वास की भी माँग की गई है। राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने इस बिल की सराहना की, जबकि यूरोपीय संसद ने इस विधेयक की निंदा की। उनके अलावा मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है। वहीं अमेरिका की बाइडन सरकार ने तो इसे दुनिया का ‘सबसे कठोर’ समलैंगिक विरोधी कानून बताया है। महीनों तक इसके खिलाफ अभियान चलाने के बाद युगांडा में समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता ने अब इस कानून को अदालत में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।

‘दंगा भड़काने के लिए मनाते हैं रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे त्योहार’: NCP नेता जितेंद्र आव्हाड, पहले कहा था- क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था औरंगजेब

अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। जितेंद्र ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को मुंबई में कहा कि लगता है कि रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे त्योहार सिर्फ दंगा भड़काने के लिए ही हैं।

एनसीपी नेता ने कहा कि आने वाले साल धार्मिक दंगों वाले साल होंगे। उन्होंने कहा कि दंगों के कारण शहरों का माहौल बेहद जहरीला हो गया है। बताते चलें कि जितेंद्र आव्हाड के विवादित बोलों के चलते एक बार महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग उनके खिलाफ नोटिस भी जारी कर चुका है।

इस साल जनवरी में जितेंद्र आव्हाड ने औरंगजेब को लेकर दावा किया था कि वह क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था। जितेंद्र आव्हाड ने कहा था, “छत्रपति संभाजी महाराज को बहादुरगढ़ लाया गया, जहाँ उनकी आँखें निकाल दी गईं। बहादुरगढ़ किले के पास एक विष्णु मंदिर था। अगर औरंगजेब क्रूर या हिंदू विरोधी होता तो वह उस मंदिर को भी तोड़ देता।”

पिछले साल नवंबर में मराठी फिल्म हर हर महादेव (Har Har Mahadev) को महाराष्ट्र के पूर्व आवास मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड ने ठाणे के एक मल्टीप्लेक्स को जबरन बंद करवा दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने एक शख्स के साथ मारपीट भी की थी। इसको लेकर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। अव्हाड ने आरोप लगाया था कि फिल्म में राजनीतिक प्रचार के लिए छत्रपति शिवाजी के इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

इसी तरह दिसंबर 2021 में आव्हाड ने मुस्लिमों से कहा था कि वे ज्यादा गोश्त खाकर अपना माथा गर्म न करें, क्योंकि विरोधी उन्हें उकसाना चाहते हैं। साथ ही उन्हें गुटखा खाकर मुँह बंद रखने की सलाह भी दी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गुटखा की बिक्री प्रतिबंधित है। 

आव्हाड ने कहा था, “मैं सभी मुस्लिम भाइयों से अपील करना चाहता हूँ कि ज्यादा गोश्त खाकर माथा मत गर्म करो। बिल्कुल शांति से काम लो। वो (विरोधी पार्टी के लोग) चाहते ही हैं कि तुम्हारा सिर गर्म हो जाए। सिर पर बर्फ रखो और मुँह में पान, सुपारी, रजनीगंधा, जो खाना हो खाओ, लेकिन सिर पर बर्फ, मुँह को ताला। कुछ नहीं होगा।”

तिलक लगाने पर प्रताड़ना, इस्लाम कबूलने का दबाव: ब्रिटेन के स्कूलों में हिंदू बच्चों से घृणा का खुलासा, टीचर भी भगवान का उड़ाते हैं मजाक

ब्रिटेन के लिसेस्टर में हुई हिंदू विरोधी हिंसा के बाद अब आतंकवाद रोधी संस्थान हैनरी जैक्सन सोसायटी (HSJ) ने इस संबंध में अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे ब्रिटेन के स्कूलों में बच्चों को हिंदू विरोधी घृणा का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट बताती है कि ब्रिटेन के स्कूल में हिंदू छात्रों के साथ न केवल त्योहारों पर भेदभाव होता है बल्कि माथे पर तिलक होने की वजह से उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, उनके हिंदू होने के लिए उनपर बीफ फेंका जाता है। उन्हें जाकिर नाइक जैसे कट्टरपंथी की वीडियो दिखाकर कहा जाता है कि अगर वो परेशान नहीं होना चाहते तो इस्लाम कबूल कर लें।

उनसे कहा जाता है, “अगर जन्नत जाना है तो इस्लाम कबूल लो। हिंदू तो शाकाहारी होते हैं, फूड चेन के सब नीचे में। हम तुम्हें खा जाएँगे।”

HJS की रिपोर्ट बताती है कि उनके सर्वे में 51 फीसद माता-पिता ने माना कि उनके बच्चों को स्कूल में हिंदू घृणा झेलनी पड़ती है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 254 अभिभावकों से बात की गई। इस दौरान उन्होंने कई तरह के तरह के खुलासे किए।

अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में टीचर बुत पूजन का मजाक उड़ाते हुए कहते हैं कि हिंदुओं को अपने भगवानों के बारे में ही नहीं पता क्योंकि उनके तो इतने सारे भगवान हैं। एक अभिभावक ने तो ये तक बताया कि उनके बच्चे को स्कूल में माथे पर तिलक लगान के लिए प्रताड़ित किया जाता था। इसके कारण उन्हें अपने बच्चे के लिए ईस्ट लंदन में ही रहते हुए तीन स्कूल बदलने पड़े।

इसी तरह एक ने बताया कि कैसे उनकी बच्ची के ऊपर बीफ सिर्फ इसलिए फेंक गया क्योंकि वो हिंदू है। रिपोर्ट बताती हैं कि हिंदू बच्चों के ऊपर ब्रिटेन के स्कूल में इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं भारत में घटित होने वाली घटनाओं का असर भी ब्रिटेन के स्कूलों में हिंदू छात्रों को भुगतना पड़ता है। एक अभिभावक के मुताबिक अन्य छात्र उनकी बेटी से पूछते थे तुमने हमारा मस्जिद क्यों तोड़ा। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भी ब्रिटेन के स्कूल में हिंदू छात्रों को प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी।

रिपोर्ट में एक अभिभावक ने बताया, “मेरे बच्चे को कई देवताओं के नाम पर, कास्ट सिस्टम के चलते और भारत में मोदी होने के लिए प्रताड़ित किया जाता है। कुछ लोग तो मेरे बच्चे को जाकिर नाइक की वीडियो दिखाते हैं ताकि वो इस्लाम कबूल कर ले। बच्चे उससे कहते हैं कि हिंदू होने का अर्थ नहीं है।”

गौरतलब है कि पिछले वर्ष ब्रिटेन में कई जगह हिंदू विरोधी हिंसा को अंजाम दिया गया था। उनके धार्मिक चिह्नों को देखते हुए उन्हें निशाना बनाया गया था। उनके घरों और वाहनों पर हमले हुए थे।

गोधरा में ट्रेन जलाने के 8 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, 59 रामभक्त (27 महिला+22 पुरुष+10 बच्चे) जिंदा जलाकर मार डाले गए थे

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार (21 अप्रैल 2023) को साल 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की बोगियों में आग लगाकर (Godhra Train Coach Burning Case) 59 लोगों की हत्या करने के 8 दोषियों को जमानत दे दी। ये सभी दोषी इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

इन सभी दोषियों को निचली अदालत और उसके बाद हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिली है। 17-18 साल जेल में बिताने के आधार पर दोषियों को जमानत दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से फाँसी की सजा पाए 4 दोषियों को जमानत से साफ मना कर दिया।

पीठ ने कहा कि फिलहाल वह उन लोगों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर रही है, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने पहले मौत की सजा दी थी और बाद में उनकी सजा घटाकर आजीवन कारावास में बदली गई।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने सत्र न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों पर इन 8 दोषियों को जमानत दी है। दरअसल, 12 दोषियों ने सर्वोच्च न्यायालय में जमानत की याचिका दाखिल की थी। इसको लेकर अदालत ने इस साल 20 फरवरी को दोषियों की उम्र और जेल में बिताए गए समय की जानकारी माँगी थी।

गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने पक्ष रखा और गुजरात उच्च न्यायालय के 2017 के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। साल 2017 में गुजरात हाईकोर्ट ने 11 दोषियों की फाँसी सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। दरअसल, निचली अदालत ने 20 दोषियों को उम्रकैद और 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि कुछ दोषियों की उम्र अब 60 साल से अधिक हो चुकी है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने अदालत को सूचित किया कि अभियुक्तों में से एक बिलाल इस्माइल गुजराती नहीं जानता था। उसने बयान को पढ़े जाने बिना एक दस्तावेज पर अपने अंगूठे का निशान लगाया था।

मौत की सजा वाले चार दोषियों को लेकर तुषार मेहता ने बेंच से कहा, “मुझे चार दोषियों से उनकी भूमिकाओं के कारण दिक्कत है। उनमें से एक के पास से लोहे का पाइप और दूसरे के पास से एक धरिया मिला था। एक दोषी कोच जलाने में इस्तेमाल किए गए पेट्रोल को खरीदते हुए, उसे रखते हुए और उसे ले जाते हुए पाया गया। उनकी याचिका खारिज की जाए।”

पिछले दिसंबर में सर्वोच्च न्यायालय ने गोधरा ट्रेन अग्निकांड के 31 दोषियों में से एक फारूक को जमानत दे दी थी। फारूक इस आधार पर जमानत मिली थी कि वह 17 साल सजा काट चुका था और इस मामले में उसकी भूमिका ट्रेन पर पथराव की थी।  

इससे पहले 13 मई 2022 को कोर्ट ने दोषियों में से एक अब्दुल रहमान धंतिया उर्फ कांकट्टो को 6 महीने के लिए जमानत दे दी थी। अब्दुल ने कोर्ट को बताया था कि उसकी पत्नी टर्मिनल कैंसर से पीड़ित है और उसकी बेटियाँ मानसिक बीमारी से गुजर रही हैं। अब्दुल की जमानत को बाद में कोर्ट ने 31 मार्च 2023 तक बढ़ा दी थी।

बताते चलें कि साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की एक बोगी को दंगाइयों ने जला दिया, जिसमें 27 महिला और 10 बच्चे सहित 59 लोग जिंदा जलकर मर गए थे। इस घटना के बाद पूरे गुजरात में दंगे भड़क उठे थे। माना जाता है कि इस दंगे में दोनों तरफ के लगभग 2000 लोग मारे गए थे।

‘प्रताड़ित महिला अध्यक्ष’ को असम कॉन्ग्रेस का शो काॅज नोटिस, जिस पर उत्पीड़न का आरोप वह कर्नाटक में पार्टी का स्टार प्रचारक

डॉ. अंगकिता दत्ता (Angkita Dutta) को असम काॅन्ग्रेस ने शो काॅज नोटिस भेजा है। असम प्रदेश यूथ काॅन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता ने यूथ काॅन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास (Srinivas BV) पर उत्पीड़न और बदजुबानी का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि उनकी शिकायतों पर राहुल गाँधी ने भी गौर नहीं किया और प्रताड़ना का सिलसिला चलता रहा। इतना ही नहीं अंगकिता के आरोपों के बाद काॅन्ग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की जो सूची जारी की थी, उसमें भी श्रीनिवास का नाम था। दूसरी ओर अंगकिता को अपने ट्विटर बाॅयो में ‘प्रताड़ित महिला अध्यक्ष’ लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

श्रीनिवास बीवी के खिलाफ गुवाहाटी के दिसपुर में अंगकिता ने शिकायत भी दी है। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस ने अंगकिता से मामले पर स्पष्टीकरण माँगा है। मिली जानकारी के अनुसार अंगकिता के आरोपों के बाद APCC अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने गुरुवार (20 अप्रैल 2023) को उन्हें शो कॉज नोटिस दिया। अंगकिता को जवाब देने के लिए 2 दिनों का समय दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक दिसंबर 2022 में भी प्रदेश कॉन्ग्रेस की तरफ से अंगकिता को कारण बताओ नेटिस जारी किया जा चुका है। डॉ. अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि पिछले 6 महीने से श्रीनिवास BV और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव उनका उत्पीड़न कर रहे थे।

18 अप्रैल को अंगकिता ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा को टैग करते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए थे। उन्होंने ट्विटर पर अपनी योग्यता और शिक्षा के बारे में जानकारी देने के बाद श्रीनिवास BV पर उत्पीड़न और बदजुबानी के आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था, “मैंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री प्राप्त की। हम पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। लेकिन, श्रीनिवास द्वारा प्रताड़ना कम नहीं होती।” उन्होंने बताया है कि श्रीनिवास BV ने उन्हें कई बार प्रताड़ित किया है।

डॉ. अंगकिता दत्ता ने की मानें तो उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी को भी प्रताड़ना की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंगकिता का आरोप है कि स्त्री होने के कारण उनके साथ भेदभाव हुआ। उनकी मानें तो पार्टी आलाकमान के सामने ही वे कई बार प्रताड़ना का शिकार हुई, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। अंगकिता ने प्रियंका गाँधी से पूछा था कि लड़की हूँ लड़ सकती हँ के नारे का क्या हुआ? बकौल अंगकिता वे महीनों से शिकायतों पर एक्शन की उम्मीद कर रही थीं। अब उन्हें ही नोटिस थमा दिया गया है।

उधर महिला उत्पीड़न के आरोपों के बावजूद कॉन्ग्रेस ने अपने नेता श्रीनिवास BV को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में जगह दी है। बता दें कि कर्नाटक में 10 मई, 2023 को विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि नतीजे 13 मई को जारी किए जाएँगे।

अतीक-अशरफ को गोली मार गिराने के बाद अचानक बंद हुए 3000 मोबाइल नंबर, उमेश पाल की हत्या के बाद रडार पर थे: रिपोर्ट में दावा STF ने शुरू की जाँच

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज के काॅल्विन हाॅस्पिटल के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार उसके बाद से राज्य के करीब 3000 मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गए हैं। बताया गया है कि इसी साल फरवरी में उमेश पाल की हत्या के बाद इन नंबरों की निगरानी की जा रही थी। अब अचानक इनके बंद होने की वजह पता लगाने के लिए एसटीएफ ने पड़ताल शुरू कर दी है।

बंद हुए नंबर राज्य के 22 अलग-अलग जिलों के हैं। ज्यातादर नंबर ऐसे थे जिनके अतीक से जुड़े होने का अंदेशा था। कुछ नंबर अन्य आपराधिक गिरोह से जुड़े लोगों के भी थे। कुछ रिपोर्टों में बंद हुए मोबाइल नंबरों की संख्या 800 बताई जा रही है। इन नंबरों के बंद होने के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उमेश पाल की हत्या के बाद यूपी एसटीएफ ने इन मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उमेश पाल की हत्या के बाद अपराधियों की तलाश के लिए अतीक अहमद के रिश्तेदारों व साथियों के लगभग 3000 से अधिक नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया था। इसके बाद एसटीएफ को केस से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिली थीं। सर्विलांस की मदद से ही एसटीएफ असद और गुलाम तक पहुँची थी। दोनों झाँसी में हुए मुठभेड़ में मार गिराए गए थे।

इसके बाद ही 15 अप्रैल को अतीक और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज कॉल्विन हॉस्पिटल में हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद तीन से चार दिनों में ही सैकड़ों की संख्या में मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। एसटीएफ का कहना है कि कुछ नंबरों से महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही थी। सर्विलांस के जरिए ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही थी जिनके संपर्क में आरोपित आ सकते थे। अचानक इन नंबरों के बंद होने से जाँच प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

रिपोर्टों के अनुसार एसटीएफ ने लखनऊ, प्रयागराज, बाराबंकी, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, अजमेर, शाहजहाँपुर, झाँसी, हरदोई, बरेली, सहारनपुर सहित कई अन्य जगहों के लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए थे। लेकिन ये नंबर अब स्विच ऑफ हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस के सवालों और कार्रवाई से बचने के लिए माफिया के रिश्तेदारों और जानने वालों ने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए हैं।

याद है ऐतराज की ‘सोनिया’, असल जिंदगी में वैसा ही बनने लगी थीं प्रियंका चोपड़ाः कहा- माँ ने होश दिलाया, खुद की ही वीडियो देख हो गई थी शर्मिंदा

बॉलीवुड से हॉलीवुड का रुख करने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने ‘ऐतराज’ फिल्म में अपने किरदार ‘सोनिया’ को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अब्बास-मस्तान के डायरेक्टशन में बनने वाली रोमांटिक थ्रिलर फिल्म में प्रियंका ने नेगेटिव भूमिका निभाई थी।

उन्होंने फिल्म कंपैनियन को दिए इंटरव्यू में बताया, “मैं ‘सोनिया’ के कैरेक्टर में इतना घुस गई थी कि रियल लाइफ में भी उसके जैसा ही व्यवहार करने लगी थी। मैंने बुरा बर्ताव नहीं किया, लेकिन मैं धीरे-धीरे चलने लगी थी। मैं सोच-समझकर बात करने लगी थी। मैं अपनी कॉफी धीरे से उठाती थी।”

वह 59:27 मिनट के वीडियो में 54:53 से लेकर 56:00 के बीच यह बात कहती हैं। प्रियंका चोपड़ा ने खुद को सामान्य स्थिति में वापस लाने का श्रेय अपनी माँ मधु चोपड़ा को दिया।

फिल्म रिलीज होने के 19 साल बाद प्रियंका ने इस फिल्म से जुड़ा एक राज खोला है। यह फिल्म 2004 में रिलीज हुई थी। घटना के बारे में बताते हुए प्रियंका ने बताया कि उनकी माँ ने एक वीडियो भी शूट किया था, सिर्फ यह साबित करने के लिए कि वो कैसे सोनिया की तरह व्यवहार करने लगी थीं और उनकी माँ उन्हें होश में लेकर आई थीं।

प्रियंका ने आगे कहा, “मेरी माँ मुझे जल्दी ही हकीकत की दुनिया में लेकर आईं। मेरी माँ कहती थीं, हैलो, कोई कैमरा नहीं है यहाँ पर। कम बैक होम। मेरे साथ ऐसा सिर्फ एक ही बार हुआ था। यह बहुत मजेदार था।”

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जब फिल्म की शूटिंग हो रही थी, तब वह छोटी थीं। वह अक्षय और करीना के साथ काम करने से भी घबरा रही थीं। उस समय वे बड़े फिल्मी सितारे थे, इसलिए वह अपने किरदार में कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती थीं। यह उनके लिए बड़ा कदम था। पीसी ने कहा, “मैं बहुत शर्मिंदा थी। मुझे जल्द ही एहसास हुआ कि मुझे अपने किरदारों को सेट पर ही छोड़ना होगा।”

वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका जल्द ही वेब सीरीज ‘सिटाडेल’ में नजर आएँगी। मुंबई और लंदन के बाद अब वह रोम में अपनी वेब सीरीज के प्रमोशन में बिजी हैं। 28 अप्रैल को इस शो की स्ट्रीमिंग अमेजन प्राइम वीडियो पर 28 अप्रैल 2023 को होगी।