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बंगाल में बड़ी मात्रा में जला डाले गए दस्तावेज, बिहार के मामले से संबंधित निकले कागजात: CBI ने मौके पर पहुँच कर की छानबीन, रसीद से लेकर बैंक चेक तक शामिल

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में कुछ दस्तावेजों को जलाने की सूचना मिलने के बाद पहुँची सीबीआई की टीम ने बचे हुए दस्तावेजों के नमूने जब्त कर लिए। घटना मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) की है। इन नमूनों की जाँच के बाद ही पता चल सकेगा कि जलाए गए कागजात किस मामले से जुड़े हुए हैं। हालाँकि, शुरुआती जाँच में यह बताया जा रहा है कि दस्तावेज बिहार के खनन मामले से संबंधित हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भंडार के अंदुल गरिया इलाके में अज्ञात लोग कुछ दस्तावेजों को जला रहे थे। पुलिस और सीबीआई की टीम को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली तो अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। इसके बाद उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की। कई दस्तावेज पूरी तरह जल चुके थे जबकि कुछ को अधजली अवस्था में जब्त कर लिया गया। इसकी जाँच की जा रही है।

बरामद किए गए कागजों में कैश रसीदें, फाइलें, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, कैश मेमो, बैलेंस शीट, बैंक के चेक औऱ सरकारी स्टंप लगे अन्य पेपर्स शामिल हैं। सुनसान इलाके में ऐसे समय में कागजात जलाए गए हैं जब सीबीआई द्वारा राज्य में एसएससी घोटाले की जाँच की जा रही है। फिलहाल केंद्रीय एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि कागजों को क्यों जलाया जा रहा था?

दस्तावेजों को लेकर सीबीआई के ऑफिसर्स ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इस दौरान पता चला है कि सोमवार (17 अप्रैल) की रात ही इन कागजात को खुले में फेंक दिया गया था। मंगलवार की सुबह इन दस्तावेजों में आग लगा दिया गया था। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इस बात की जानकारी दी। लोगों ने बताया कि कागजों को लॉरी ट्रक में लाया गया था।

केंद्रीय एजेंसी को शक है कि कागजात किसी ऐसे मामले से संबंधित हैं जिसकी जाँच की जा रही है और सबूतों को नष्ट करने के मकसद से इनको आग के हवाले किया गया है। जिस जमीन पर कागजात को जलाया गया वह राजेश सिंह नाम के व्यक्ति है। राजेश बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने यह जमीन कुछ समय पहले इसे भारतीय वायु सेना के एक पायलट से खरीदी थी। सीबीआई ने राजेश सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया है।

जावेद ने मॉल में मेडिकल की छात्रा के पीछे खड़े होकर की अश्लील हरकत, जींस कर दिया गंदा: जैन समाज की पीड़िता ने पकड़ कर किया पुलिस के हवाले

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जावेद नाम का एक शख्स शॉपिंग मॉल में बिलिंग करा रही एक युवती के साथ अश्लील हरकत की। उसने युवती के पीछे खड़े होकर उसके जिंस को गंदा कर दिया। इसके बाद आसपास के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस को दी गई शिकायत में 23 साल की युवती ने बताया कि वह हरियाणा के सोनीपत के एक कस्बा की रहने वाली है और मुरादाबाद के निजी विश्वविद्यालय TMU से डॉक्टर ऑफ फार्मेसी (D.Pharma) की पढ़ाई कर रही है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी में युवती ने आगे बताया कि वह 16 अप्रैल को अपनी बहन के साथ दोपहर में V मार्ट में शॉपिंग के लिए गई थी। जब वह बिलिंग कराने लगी तो एक आदमी उसके पीछे आकर अश्लील हरकत करने लगा और पीछे से जिंस गंदी करके भागने लगा।

इसके बाद युवती ने अपनी बहन और वहाँ पर मौजूद मैनेजर प्रवीण कुमार की मदद से जावेद को पकड़ लिया। इस दौरान आसपास के और भी लोग जमा हो गए। जब लोगों ने आरोपित से उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम जावेद पुत्र मकसूर बताया। उसने बताया कि वह मुरादाबाद के कोतलवाली थाना के लाल मस्जिद चौक इलाके का रहने वाला है।

पीड़िता लोगों की मदद से उसे पकड़ कर थाना कोतवाली ले गई और पुलिस के हवाले कर दिया। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जावेद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

‘PM मोदी देश को आगे लेकर जाएँगे’: प्रधानमंत्री के कायल हुए रैपर यो यो हनी सिंह, बोले – वो नाटक नहीं करते बल्कि असली आदमी हैं, आज की जनरेशन ये समझती है

रैपर यो यो हनी सिंह ने एक नए एल्बम के साथ वापसी की है। उनका नया एल्बम हनी 3.O (Honey 3.O) आ चुका है। इस एल्बम को लेकर हनी सिंह ने कई इंटरव्यू भी दिए हैं। वापसी को लेकर हनी सिंह ने कहा कि पहले के मुकाबले अब ऑडियंस का टेस्ट बदला है। इसलिए गाने उसी हिसाब से बनाने होंगे। हनी सिंह का कहना है कि इस बुरे दौर से गुजरने के बाद अब उन्हें अपनी पुरानी शोहरत हासिल करनी है। अलग-अलग लोगों को दिए गए साक्षात्कार के दौरान रैपर ने पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की।

सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में रैपर यो यो हनी सिंह आज के समय के ऑडियंस की बात करते हैं। हनी सिंह कहते हैं, “आज की जेनरेशन बहुत समझदार है। उनको नाटक और असल में फर्क पता है। आज हिंदु्स्तान में जितने पॉलिटिशियन हैं, पॉलिटिशियन नहीं कहूँगा, मैं लीडर कहूँगा – जैसे मोदी जी। आज की जनरेशन को पता है ये असली आदमी है ये कोई नाटक नहीं करता।” सिद्धार्थ कनन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस इंटरव्यू को अपलोड किया है। लगभग 16 मिनट के इस इंटरव्यू में 12 मिनट 20 सेकेंड के बाद यह बातें सुनी जा सकती हैं।

इसी तरह का इंटरव्यू सिंगर और रैपर ने राज शमानी को भी दिया है। सवालों का जवाब देते हुए हनी सिंह कहते हैं कि हम ग्लोबल लोग हैं और अपने देश के लोगों के पसंद के हिसाब से काम करते हैं। काम अच्छा हुआ तो दुनिया भर के लोग सुनेंगे ही। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया। हनी सिंह ने कहा, “मोदी जी आ गए हैं हिंदुस्तान को आगे लेकर जाएँगे अपने आप। हमें थोड़ी न गोरों कालों की तक पहुँचना है। मोदी जी हमेशा हिंदी में बात करते हैं। वो कोई ब्रिटिश एक्सेंट में बात नहीं करते। सिंपल आदमी हैं। यही गणित है।”

इस दौरान हनी सिंह ने सिद्धू मुसेवाला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला ने सिर्फ पंजाबी और देसी स्टाइल में गाया, लेकिन विदेशों तक अपनी पहचान बनाई। हनी सिंह ने कहा कि उनके गानों में अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उनके एल्बम का पहला गाना नागन (Naagan Song) हाल ही में रिलीज हुआ है। जिसे यूट्यूब पर 2 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लिरिक्स में भले ही अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया हो लेकिन इस वीडियो में बिकनी गर्ल्स का इस्तेमाल किया गया है।

जिस कॉन्ग्रेस नेता पर लगे महिला उत्पीड़न और बदजुबानी के आरोप, उसे पार्टी ने बनाया स्टार प्रचारक: कर्नाटक में रैलियाँ करेंगे श्रीनिवास BV

महिला उत्पीड़न के आरोपों के बावजूद कॉन्ग्रेस ने अपने नेता श्रीनिवास BV को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में जगह दी है। ‘यूथ कॉन्ग्रेस (IYC)’ के अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर असम की प्रदेश अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने उत्पीड़न और बदजुबानी के आरोप लगाए थे। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें ये जिम्मेदारी दी है। राहुल गाँधी अब तक भाषणों में ‘महिला सुरक्षा’ की बातें करते आए हैं, हालाँकि, पार्टी में ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा।

बता दें कि कर्नाटक में बुधवार (10 मई, 2023) को विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि नतीजे 13 मई को जारी किए जाएँगे। राज्य में भाजपा सत्ता में है और कॉन्ग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है। स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी ने नंबर-1 पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को रखा है। इसके बाद क्रमशः सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा का नाम है। पाँचवें और छठे नंबर पर राज्य में कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया का नाम है।

इस सूची में 33वें नंबर पर महिला उत्पीड़न और बदजुबानी के आरोपित श्रीनिवास BV का नाम है। बता दें कि डॉ अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि पिछले 6 महीने से लगातार श्रीनिवास BV और यूथ कॉन्ग्रेस के सेक्रेटरी इंचार्ज वर्धन यादव लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे थे। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इसका संज्ञान लिया है। दत्ता ने बताया कि पार्टी आलाकमान को सूचित किए जाने के बावजूद उन दोनों के विरुद्ध कोई इन्क्वायरी कमिटी गठित नहीं की गई है।

दत्ता ने कहा कि जब वो रायपुर प्लैनेरी सेशन में गई थीं, तब श्रीनिवास BV ने उन्हें कहा, “तुम क्या पीकर मैसेज करती हो? क्या पीती हो तुम? वोडका पीती हो क्या?” डॉ अंगकिता दत्ता ने कहा कि वो काफी हैरान थीं कि IYC का अध्यक्ष एक प्रदेश अध्यक्ष के साथ कैसे इस तरह से बात कर सकता है। डॉक्टर अंगकिता दत्ता ने कहा, “वो हमें बाहर निकाल कर फेंकना चाहते हैं। हमलोग पार्टी से प्यार करते हैं, लेकिन श्रीनिवास BV और वर्धन यादव जैसे लोगों ने पार्टी को बर्बाद करने का काम किया है।”

‘समलैंगिक विवाह शहरी एलिट कॉन्सेप्ट है – ये साबित करने के लिए सरकार के पास डेटा नहीं’: बोले CJI चंद्रचूड़ – यौन पहचान को लेकर शहरी ज़्यादा मुखर

समलैंगिक विवाह (Same Sex Marriage) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है। केंद्र सरकार ने समलैंगिक विवाह का विरोध करते हुए इसे ‘अर्बन एलिटिस्ट कॉन्सेप्ट’ (शहरों में रहने वाले अभिजात वर्गों की अवधारणा) बताया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दूसरे दिन यानी बुधवार (19 अप्रैल 2023) को कहा कि इसे एलिट कॉन्सेप्ट बताने के लिए सरकार के पास कोई डेटा नहीं है।

मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “राज्य किसी व्यक्ति के खिलाफ उसकी किसी ऐसी विशेषता के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता, जिस पर उसका कोई वश न हो। जब आप इसको जन्मजात गुण के रूप में देखते हैं तो ये खुद ही अर्बन एलिटिस्ट कॉन्सेप्ट को काउंटर करता है।”

CJI ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अधिक लोग अपनी यौन पहचान को लेकर मुखर हो रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि ये माँगे संभ्रांत शहरी लोगों तक ही सीमित है। इसे साबित करने के लिए सरकार के पास कोई डेटा है।

दरअसल, सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की माँग करने वाली याचिकाएँ ‘सामाजिक स्वीकृति के उद्देश्य के लिए केवल शहरी अभिजात्य विचारों’ का प्रतिनिधित्व करती हैं। केंद्र ने यह भी कहा था है कि विधायिका को समाज के सभी वर्गों के व्यापक दृष्टिकोण पर विचार करना होगा।

केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि भागीदारों के रूप में एक साथ रहना और समान लिंग वाले व्यक्तियों द्वारा यौन संबंध बनाने को भारतीय परिवार इकाई की अवधारणा के साथ तुलना नहीं की जा सकती। ऐसे विवाह से पैदा हुए बच्चों के साथ जैविक पुरुष और जैविक महिला शामिल हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने की माँग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इस पीठ में CJI चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल, एस रवींद्र भट, पीएस नरसिम्हा और हिमा कोहली शामिल हैं। इसमें 20 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है।

इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने पीठ को बताया कि उनकी मुवक्किल ज़ैनब पटेल एक ट्रांसजेंडर महिला हैं, जिन्हें उनके परिवार ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सड़कों पर भीख माँगा और केपीएमजी की निदेशक बनने तक का सफर तय किया। उनके लिए शहरी अभिजात्य वर्ग कहना ठीक नहीं है।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पक्षकार बनाने की माँग की है। वहीं, याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश सीनियर ऐडवोकेट मुकुल रोहतगी ने उनके समर्थन में खजुराहो के मंदिर की मूर्तियों का हवाला दिया और कहा कि समलैंगिकता हजारों वर्ष से भारत में मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह तब से मौजूद है, जबसे समाज अस्तित्व में आया। 

सुनवाई के दौरान इस बात पर भी उठाया गया कि अगर समलैंगिक विवाह को मान्यता मिली तो यह कैसे तय होगा कि कौन-सा पार्टनर 18 साल की उम्र में है और कौन-सा 21 वर्ष का। दरअसल, देश ने लड़कों की शादी की उम्र 21 साल और लड़कियों की 18 साल तय किया गया है।

इस पर याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि अगर दो लड़कियाँ शादी कर रही हों तो उम्र 18 साल रखा जा सकता है और अगर दो पुरुष शादी कर रहे हों तो उम्र 21 साल तय की जा सकती है। हालाँकि, इस पर कोर्ट सहमत नहीं दिखा और कहा कि याचिकाकर्ता के जेंडर न्यूट्रल की माँग पर ही सवाल उठेगा।

बता दें कि समलैंगिक विवाह पर पहले दिन सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से प्रस्तुुत एसजी तुषार मेहता ने कहा था कि केस पर सरकार अपनी आरंभिक आपत्तियाँ बताना चाहती है। इन आपत्तियों को पहले सुना जाना चाहिए, इसके बाद याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई होनी चाहिए।

इसके बाद CJI चंद्रचूड़ ने कहा, “मैं कोर्ट का इंचार्ज हूँ। यह फैसला मैं करूँगा। पहले याचिकाकर्ता को सुना जाएगा। इस अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया क्या होगी यह बताने की अनुमति मैं किसी को नहीं दूँगा।”

सुनवाई के दौरान ही मंगलवार (18 अप्रैल 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुरुष या महिला की पूर्ण अवधारणा केवल जननांगों के बारे में नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की, जब केंद्र ने दलील दी कि विवाह केवल एक जैविक पुरुष और एक जैविक महिला के बीच ही हो सकता है। इसमें विशेष विवाह अधिनियम भी शामिल है।

अतीक की बीवी शाइस्ता की तरह ही मुख़्तार अंसारी की बीवी अफशाँ भी फरार, यूपी पुलिस ने रखा है ₹50000 का इनाम: कई धाराओं में दर्ज हैं मामले

उत्तर प्रदेश की गाजीपुर पुलिस ने 12 इनामी अपराधियों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी का नाम भी शामिल है। पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम रखा है। माफिया अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन पर भी यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा हुआ है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही शाइस्ता फरार चल रही है।

माफिया मुख्तार अंसारी की बीवी अफशां को भी शाइस्ता की तरह पुलिस तलाश रही है। जानकारी के मुताबिक, अफशां पर गाजीपुर कोतवाली में 406, 420, 386 और 506 के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा मऊ के दक्षिण टोला थाने में उसपर गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है। यह एफआईआर 31 जनवरी 2022 को दर्ज कराई गई थी। इस FIR को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके ब

द मुख्तार की बीवी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अफशाँ को हाईकोर्ट भेजते हुए पुनर्विचार अर्जी दाखिल करने के निर्देश दिए थे। उच्च न्यायालय ने पुनर्विचार अर्जी को भी खारिज कर दिया था।

हाईकोर्ट से पुनर्विचार अर्जी खारिज होने के बाद पुलिस ने अफशाँ की तलाश तेज कर दी। अब जब गाजीपुर पुलिस ने जिले के 12 इनामी अपराधियों की सूची जारी की तो उसमें अफशाँ का भी नाम था। अफशँ की तलाश ईडी को भी है। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी मुख्तार अंसारी के बीवी को तलाश रही है। फिलहाल मुख्तार और उसका बेटा अब्बास जेल में है।

गाजीपुर पुलिस की लिस्ट में मुख्तार के एक अन्य सहयोगी जाकिर हुसैन का नाम भी शामिल है। जाकिर पर भी 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है। पुलिस ने जिन 12 अपराधियों की लिस्ट जारी की है उसमें अफशाँ और जाकिर के अलावा सद्दाम हुसैन, सोनू मुसहर, अंकित राय, अंकुर यादव, अशोक यादव, अमित राय, अंगद राय और विरेंद्र दुबे जैसे अपराधियों के नाम शामिल हैं। पुलिस की तरफ से इन सभी पर 25-25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है।

बता दें माफिया अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन भी फरार चल रही है। यूपी पुलिस ने उसपर पहले 25 हजार रुपए का इनाम रखा था बाद में इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया था। बता दें कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या से पहले अतीक का बेटा असद भी एनकाउंटर में मारा जा चुका था।

मुस्लिम को घर बेच कर कहीं और शिफ्ट हुआ राहुल सोलंकी का परिवार, दिल्ली दंगों में गोली मार कर दी गई थी हत्या: दावा – मोहल्ले में कई हिन्दुओं ने बेच डाले घर

साल 2020 में दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में दंगाइयों ने राहुल सोलंकी नाम के एक युवक को मार डाला था। राहुल सोलंकी शिव विहार इलाके में में रहते थे, जिन्हें दंगों के दौरान 24 फरवरी, 2020 को गोली मार दी गई थी। राहुल सोलंकी की हत्या में सोनू सैफी, आरिफ, अनीश कुरैशी, सिराजुद्दीन, मोहम्मद फुरकान, मोहम्मद इरशाद और मोहम्मद मुस्तकीम पर कोर्ट में आरोप तय हुए हैं। ऑपइंडिया की टीम वर्तमान हालात का पता करने के लिए उस इलाके में पहुँची जहाँ राहुल सोलंकी की हत्या हुई थी।

मुस्लिम को घर बेच कर जा चुका परिवार

ऑपइंडिया की टीम राहुल सोलंकी अप्रैल 2023 में उस कॉलोनी नंबर 3/5 बाबू नगर में पहुँची जहाँ राहुल सोलंकी का घर हुआ करता था। जिस स्थान पर राहुल सोलंकी की हत्या हुई उसके आस-पास सघन मुस्लिम बस्ती है। बीच में इक्का-दुक्का हिन्दुओं के घर और दुकानें दिखाई दीं। जब हमने घर का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई बाहर न निकला। घर के पड़ोस में रह रहे एक व्यक्ति ने हमें बताया कि सोलंकी परिवार उस घर को बेच कर कहीं जा चुका है।

घर बेचने का समय उन्होंने 2020 में दिल्ली दंगों के तुरंत बाद बाद बताया, जब राहुल की हत्या हुई थी। पड़ोसी जो खुद मुस्लिम था, उसने हमें यह भी बताया गया कि सोलंकी का घर किसी मुस्लिम व्यक्ति ने ही खरीदा है।

राहुल सोलंकी का बिक चुका मकान

गली में कई लोगों से हमने यह सवाल किया कि राहुल सोलंकी के घर वाले मकान बेच कर कहाँ गए। हालाँकि, हमें इस सवाल का जवाब कोई नहीं दे पाया। सबने कहा कि उन्हें नहीं पता।

मोहल्ले में कई हिन्दू मुस्लिमों को बेच चुके घर

जब हम राहुल सोलंकी के घर पहुँचे तो आस-पड़ोस के लोग हमें कौतूहल से देखने लगे। हम वहाँ से आगे बढ़े तो इक्का-दुक्का हिन्दुओं के घर और ‘कपिल किराना’ और ‘बजरंग किराना’ जैसी दुकानें दिखीं। यहाँ हमने थोड़ी सी बात करनी चाही पर उन्होंने दिल्ली दंगों के मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। कुछ अन्य लोगों से हमने इस ख़ामोशी की वजह पूछी तो उन्होंने इसका कारण अपनी सुरक्षा बताया। नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया गया कि 2020 दंगों के बाद बाबू नगर से कई हिन्दू मुस्लिमों को अपना घर बेच कर जा चुके हैं।

इन घर बेचने वालों में हमें उषा, राकेश शर्मा और मनवीर के नाम बताए गए।

राकेश शर्मा का बिक चुका मकान

सुरक्षा के लिए लगा लोहे का गेट

जिस स्थान पर राहुल सोलंकी का घर है उस जगह एक गली का नुक्क्ड़ पड़ता है। नुक्कड़ से सटी एक गली है जिसमें अभी हिन्दू समाज के लोगों की अच्छी तादाद है। उस गली में मौजूद महिलाओं ने कैमरे पर बात न करने की शर्त रखी। हमें बताया गया कि मुस्लिम भीड़ उनके मोहल्ले में घुस न पाए इसके लिए पूरी गली के हिन्दुओं ने लोहे का एक गेट लगा दिया था। लोहे का वह गेट हमें अभी भी लगा दिखा। महिलाओं ने यह भी बताया कि दंगों के दौरान उनके घरों पर अक्सर कभी दिन तो कभी रात में पत्थरबाजी होती थी।

गली के मुहाने पर लगा लोहे का गेट

हमें आगे बताया गया कि दंगों से पहले उनकी गली में मुस्लिम आबादी न के बराबर थी, लेकिन अब कुछ हिन्दुओं ने अपने घर मुस्लिमों को बेच दिए हैं। बताया यह भी गया कि कई घरों को खरीदने के लिए मुस्लिम प्रॉपर्टी डीलर दोगुना दाम तक देने की पेशकश कर रहे हैं। स्थानीय हिन्दुओं ने हमें भी रिपोर्टिंग के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी।

बाबू नगर गली जिसमें रहते थे राहुल सोलंकी

गौरतलब है कि हत्या के समय राहुल सोलंकी की उम्र 26 साल थी। वो सिविल इंजीनियरिंग की डिग्रीधारक थे। उनकी हत्या करने वाली भीड़ ने बाद में कुछ ही दूरी पर स्थित कौशिक की दुकान को लूट कर उसमें तोड़फोड़ की थी। बाद में दुकान को आग के हवाले कर दिया गया था। राहुल सोलंकी हत्याकांड की सुनवाई दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रही है।

काशी-उज्जैन के बाद अब कामाख्या की बारी, PM मोदी ने बताया कैसे दिखेगा ‘माँ कामाख्या कॉरिडोर’: नीलाचल पहाड़ी और ब्रह्मपुत्र नदी से बढ़ती है धाम की शोभा

उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मध्य प्रदेश के महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर असम सरकार ने गुवाहाटी में माँ कामाख्या कॉरिडोर की रूप रेखा तैयार कर ली है। यानी जल्द ही राज्य सरकार ‘माँ कामाख्या कॉरिडोर’ पर कार्य शुरू कर देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बुधवार (19 अप्रैल 2023) को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) द्वारा शेयर की गई वीडियो को साझा किया।

इसके साथ उन्होंने लिखा, “मुझे यकीन है कि ‘माँ कामाख्या कॉरिडोर’ एक ऐतिहासिक पहल होगी। जहाँ तक आध्यात्मिक अनुभव का संबंध है, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल महालोक में परिवर्तन हो रहा है। समान रूप से महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।” असम के सीएम ने मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को अपने ट्विटर हैंडल पर मंदिर गलियारे का एनीमेटेड वीडियो शेयर किया और भक्तों को यहाँ के भविष्य की एक झलक पेश की थी।

सीएम ने लिखा था, ” ‘माँ कामाख्या कॉरिडोर’ भविष्य में कैसा दिखेगा। इसकी एक झलक साझा कर रहा हूँ।”

कामाख्या मंदिर सभी 108 शक्ति पीठों में से एक प्राचीन मंदिरों में से एक है। असम में नीलाचल पहाड़ी की चोटी पर स्थित कामाख्या मंदिर की उत्पत्ति 8वीं शताब्दी में हुई थी। इसे 16वीं शताब्दी में कूचबिहार के राजा नारा नारायण ने फिर से बनवाया था। इसके बाद से इसे कई बार पुनर्निमित किया गया है। इस मंदिर में अन्य मंदिरों की तरह मूर्ति की पूजा नहीं की जाती है, बल्कि यहाँ देवी की योनि की पूजा की जाती है। इसे गुफा के एक कोने में रखा गया है। बताया जाता है कि मंदिर में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाती है।

कामाख्या मंदिर एक वार्षिक आयोजन करता है, जिसे अंबुबासी पूजा के नाम से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान देवी का मासिक धर्म होता है। मंदिर तीन दिनों तक बंद रहने के बाद चौथे दिन उत्सव के साथ फिर से खुल जाता है। मान्यता है कि इस पर्व के दौरान ब्रह्मपुत्र नदी भी लाल हो जाती है। इस खास मौके पर शक्ति प्राप्त करने के लिए साधु गुफाओं में साधना करते हैं।

चीन को पीछे छोड़ भारत बना दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश, UNFPA ने जारी किया रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (United nations population fund) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया में अब सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। भारत ने जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। UNFPA की रिपोर्ट के अनुसार देश में अब चीन के मुकाबले 29 लाख लोग ज्यादा हैं। चीन की कुल जनसंख्या लगभग 142 करोड़ 57 लाख है, जबकि भारत की कुल जनसंख्या अब 142 करोड़ 86 लाख हो चुकी है।

UNFPA की द स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट, 2023 (The State of World Population Report, 2023) रिपोर्ट बुधवार (19 अप्रैल 2023) को जारी की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जनसंख्या में 1.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूसरी तरफ चीन में पिछले 6 दशकों में पहली बार जनसंख्या में गिरावट आई है। इस साल चीन में बच्चे पैदा करने की दर माइनस में दर्ज की गई।

यूएनएफपीए के मीडिया सलाहकार एना जेफरीज (Anna Jefferies) ने कहा है कि यह बताना मुश्किल है कि भारत ने चीन को कब पीछे छोड़ा। डेटा कलेक्शन में अंतर होने की वजह से दोनों देशों के बीच तुलना करना भी मुश्किल है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल चीन की आबादी चरम पर थी और फिर इसमें गिरावट आने लगी। दूसरी तरफ भारत की आबादी में भले ही वृद्धि हो रही हो, लेकिन 1980 के बाद से आबादी के ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। कह सकते हैं कि आबादी बढ़ने के बावजूद भारत में आबादी की दर कम हो रही है।

UNFPA की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जनसंख्या में 0-14 वर्ष के बच्चों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है। देश की कुल आबादी में 18 प्रतिशत लोग 10-19 साल के हैं। 10-24 साल तक के लोगों की संख्या 26 प्रतिशत है। वहीं, 15-64 साल के बीच लगभग 68 प्रतिशत लोग हैं।

भारत में युवाओं की तादाद अधिक है। वहीं चीन में बूढ़े लोगों की संख्या ज्यादा है। यूएन का अनुमान है कि भारत में हर साल 2.5 करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं, जबकि चीन में भारत की तुलना में शिशु जन्म दर आधी हो चुकी है। वर्ष 2022 में चीन में 95 लाख बच्चों का जन्म हुआ था।

इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतरी का नतीजा है कि यहाँ शिशु मृत्यु दर, एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर और 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी आई है। देश में गर्भवती महिलाओं के मृत्यु दर में भी कमी आई है।

UP के युवक को ‘सर तन से जुदा’ की धमकियाँ, कोई पुलिस वाला तो कोई वकील बन कर रहा कॉल: कहा- मोहम्मद जुबैर के कारण पैदा हुआ खतरा

युगवीर अर्जव उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रहते हैं। कारोबार करने वाले युगवीर सोशल मीडिया में वीडियो भी डालते रहते हैं। लेकिन इस समय वे दहशत में हैं। उनकी नींद उड़ी हुई है। कथित तौर पर उन्हें ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी इस्लामी कट्टरपंथी दे रहे हैं। युगवीर इस स्थिति के लिए ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर को जिम्मेदार बताते हैं।

उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ऑपइंडिया से बातचीत में युगवीर ने बताया कि उनके एक वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। इसके बाद से उन्हें धमकी मिल रही है। उनका हाल भी नूपुर शर्मा जैसा करने की कोशिश हो रही है। युगवीर ने पुलिस से ​की गई ऑनलाइन शिकायत की कॉपी हमसे साझा की है। इसमें भी मोहम्मद जुबैर के नाम का जिक्र है।

युगवीर ने बुधवार (19 अप्रैल 2023) को ऑपइंडिया को बताया कि करीब 2 महीने पहले उन्होंने एक वीडियो मजाकिया अंदाज में बनाया था। इसे फेसबुक पर अपलोड किया था। वीडियो में अधिकतर बातें इस्लामी किताबों के हवाले से कही गई थी। फिर भी कुछ लोगों को उससे दिक्कत हो गई। युगवीर के अनुसार लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए उन्होंने वीडियो डिलीट कर दिया था। किसी की भी भावनाओं को तकलीफ पहुँचने पर दुःख भी प्रकट किया था।

लेकिन युगवीर की माने तो उस वीडियो को उत्तर प्रदेश में ‘गर्म माहौल’ देख गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। गर्म माहौल का मतलब पूछने पर उन्होंने अतीक अहमद की हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को बताया। उन्होंने कहा कि उनके पुराने वीडियो को किसी ने एडिट कर उसमें कुछ आपत्तिजनक फोटो डाल दिए हैं और तनाव फैलाने की नीयत से उसे वायरल किया जा रहा है। युगवीर के अनुसार इसे वायरल करने के पीछे सबसे बड़ी भूमिका मोहम्मद जुबैर की है।

युगवीर आर्जव का कहना है कि जब से मोहम्मद जुबैर ने उनके एडिटेड वीडियो को रीट्वीट किया है, तबसे उनको देश-विदेश से लगातार मौत की धमकियाँ मिल रही है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब तक के नंबरों से उन्हें कभी ‘सर तन से जुदा’ तो कभी ‘कुछ ही दिन बाकी हैं’ जैसे धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। बकौल युगवीर कुछ लोगों ने पुलिस वाला बनकर फोन किया और धमकियाँ दी। कुछ ने वकील बन फोन किया और कहा कि तुम्हारे ऊपर FIR हो गई है। युगवीर ने बताया कि इसके कारण वे मानसिक तौर पर परेशान हैं। भयभीत हैं। वे पिछले 72 घंटों से सो नहीं पाए हैं।