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कर्नाटक में BJP युवा मोर्चा के नेता की चाकू मारकर हत्या, धारवाड़ के मंदिर में चल रहे कार्यक्रम के दौरान हुआ हमला: इससे पहले काट डाले गए थे प्रवीण नेट्टारू

कर्नाटक के हुबली में BJYM के नेता प्रवीण कम्मर की मंगलवार की रात (18 अप्रैल 2023) को चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इसके पहले में भाजयुमो (BJYM) के नेता प्रवीण नेट्टारू की भी हत्या कर दी थी।

प्रवीण BJYM धारवाड़ इकाई के कार्यकारी सदस्य और कोट्टूर ग्राम पंचायत के उपाध्यक्ष थे। धारवाड़ तालुका के कोट्टूर गाँव में बदमाशों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना कर्नाटक चुनाव 2023 के दौरान अंजाम दिया गया। बता दें कि 10 मई 2023 को राज्य में मतदान होने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार, हत्या मंदिर में एक उत्सव के दौरान हुई। मंदिर में जात्रा निकाला जा रहा था। इसमें नशे में धुत कुछ लोगों से प्रवीण की बहस हो गई। इसके बाद शराब के नशे में धुत लोग वहाँ से चले गए। कुछ देर बाद वे लोग वापस आए और प्रवीण और उनके समर्थकों के साथ गाली-गलौज करने लगे।

इसके बाद दोनों के समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान प्रवीण कम्मर ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनमें से एक व्यक्ति ने भाजपा नेता को चाकू मार दिया। हमलावर ने प्रवीण के पेट में चाकू से वार किया और मौके से फरार हो गया।

इसके बाद मौके पर उपस्थित लोग प्रवीण को लेकर अस्पताल पहुँचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और जगह-जगह छापेमारी शुरू कर दी। इस मामले में अभी तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बताया जा रहा है कि प्रवीण के समर्थकों और विरोधी नेताओं के बीच मारपीट हो गई थी। जब प्रवीण बीच-बचाव करने गए तो उन्हें चाकू मार दिया गया। इस हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बताई जा रही है।

भाजपा युवा मोर्चा के नेता की हत्या पर सांसद तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट कर दुख जताया है। बंगलुरु साउथ से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने लिखा कि BYJM के नेता प्रवीण कम्मर की हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कारण लगता है। सूर्या ने पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की माँग की है।

बता दें कि BJYM के नेता प्रवीण नेट्टारू की 26 जुलाई 2022 को उनकी दुकान के सामने ही कुछ लोगों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस हत्या से दक्षिण कन्नड़ जिले के कई हिस्सों में तनाव पैदा हो गया था। घटना के मद्देनजर पिछले साल पुत्तर में भी भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाया गया था।

प्रवीण नेट्टारू (Praveen Nettaru) हत्याकांड में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने PFI के 20 सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट के मुताबिक, आरोपितों ने चिन्हित किए गए लोगों की हत्या करने के लिए बाकायदा एक टीम बनाई थी। 

NIA ने इस केस में अभी तक जिन आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट लगाई है उनके नाम मोहम्मद शियाब, मुस्तफा पैचार, ए बशीर, रियाज़, मसूद, मोहम्मद शरीफ, अबू बकर सिद्दीक, नौफाल, इस्माइल, इकबाल, शहीद, मोहम्मद शफीक, उमर फारूक, अब्दुल कबीर, मोहम्मद ईशा, आबिद, शेख हुसैन, ज़ाकिर, अब्दुल हरिस और तुफैल हैं। फिलहाल मुस्तफा पैचार, मसूद, मोहम्मद शरीफ, अबू बकर सिद्दीक, उमर फारूक और तुफैल फरार चल रहे हैं। इन आरोपितों को गिरफ्तार करवाने वाले पर NIA ने इनाम भी घोषित किया है।

गौरतलब है कि भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या में आरोपित एक व्यक्ति शफीक के अब्बा प्रवीण की ही दुकान पर लम्बे समय से काम कर रहे थे। शफीक का प्रवीण के घर भी आना-जाना बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NIA द्वारा दायर चार्जशीट में बताया गया था कि जाँच के दौरान उसे आरोपितों के देश में साम्प्रदायिक तनाव और हिंसा फैलाने की साजिश का पता चला। आरोपित अपनी करतूतों से समाज को अस्थिर करना चाह रहे थे।

NIA के मुताबिक बिहार के फुलवारी शरीफ में पकड़े गए आरोपितों की तरह प्रवीण नेट्टारू के हत्यारोपित भी साल 2047 तक भारत में इस्लामी कानून लागू करने का टारगेट ले कर चल रहे थे। चिन्हित किए गए लोगों की हत्या के लिए बनाए गए अलग से दल का नाम ‘सर्विस टीम’ रखा गया था।

‘शव पर तिरंगा लपेटा जाना चाहिए था’: कॉन्ग्रेस नेता ने अतीक अहमद को ‘भारत रत्न’ देने की माँग की, महाराष्ट्र में ‘शहीद’ बताते हुए लगे पोस्टर

प्रयागराज के सबसे बड़े माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद से लगातार उसे महान बताने की कोशिश जारी है। जहाँ सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उसकी हत्या पर सवाल खड़े किए, बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उसे ‘जी’ कह कर संबोधित किया और AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने ‘मुस्लिम कार्ड’ खेला, वहीं अब उसे शहीद बताने से लेकर उसे ‘भारत रत्न’ देने तक की माँग हो रही है।

‘अतीक अहमद को मिले भारत रत्न सम्मान’: प्रयागराज का कॉन्ग्रेस नेता

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के एक कॉन्ग्रेस नेता ने अतीक अहमद को शहीद बताते हुए माँग की है कि उसे ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए। ये बयान कॉन्ग्रेस पार्टी के पार्षद प्रत्याशी राजकुमार उर्फ़ रज्जू भैया ने दिया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि अतीक अहमद ने शहादत पाई है, इसीलिए उसके शव पर तिरंगा रखा जाना चाहिए था। साथ ही उसने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अतीक अहमद की हत्या करवाई।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक, भारत के रक्षा मंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह का नाम लेते हुए कहा कि अगर उन्हें ‘पद्म विभूषण’ मिल सकता है तो फिर अतीक अहमद को ‘भारत रत्न’ क्यों नहीं? शहर में कॉन्ग्रेस के पुराने नेता राजकुमार नगर निगम के वार्ड नंबर 43 साउथ मलाका से पार्षद प्रत्याशी हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली भी ले जाया गया। वो पहले भी पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। ताज़ा खबर ये है कि कॉन्ग्रेस ने उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया है।

महाराष्ट्र में अतीक अहमद को शहीद बताते हुए लगाए गए पोस्टर्स

उधर महाराष्ट्र के बीड में अतीक अहमद को शहीद बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। इन पोस्टरों में न सिर्फ अतीक अहमद, बल्कि उसके भाई अशरफ को भी शहीद बताया गया है। इस मामले में ‘भारतीय दंड संहिता (IPC)’ की धारा 293, 294 और 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पोस्टरों में सार्वजनिक रूप से दोनों की हत्या की निंदा की गई। ये बैनर माजलगाँव इलाके में लगाया गया था।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई। इस पोस्टर को भी त्वरित रूप से कार्रवाई करते हुए हटवा दिया गया है। इसे मोहसिन पटेल की ‘मोहसिन भैया मित्र मंडल’ ने लगाया था। पुलिस ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है। अतीक गिरोह से इनलोगों के रिश्ते की भी जाँच की जा रही है। बता दें कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या से पहले अतीक का बेटा असद भी एनकाउंटर में मारा जा चुका था। अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन अब तक फरार है।

सेक्स… फाड़ता फिरूँ बोल वाले रैप में ‘भोलेनाथ’ को जोड़ा: ‘सनक’ के गाने पर घिरा बादशाह, महाकाल मंदिर के पुजारी बोले- FIR कराएँगे

रैपर बादशाह (Badshah) नई एलबम ‘सनक’ के गाने को लेकर विवादों में है। उन पर इस गाने में अश्लील शब्दों के साथ भगवान भोलेनाथ को जोड़ने का आरोप। इसको लेकर उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी सहित कई शिव भक्तों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने गाने से भगवान का नाम हटाने और बादशाह को माफी माँगने के लिए कहा है। साथ ही उज्जैन सहित अन्य शहरों में FIR करवाने की चेतावनी भी दी है।

बादशाह का यह गाना 2 मिनट 15 सेकंड का है। इसे उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर 14 मार्च 2023 को अपलोड किया था। गाने के 40 सेकंड के बाद अश्लील शब्दों के साथ भोलेनाथ का जिक्र है। गाने के लाइन कुछ इस तरह हैं, “कभी सेक्स तो कभी ज्ञान बाँटता फिरूँ, जो भी जलता है उसकी @##@# फाड़ता फिरूँ, हिट पर हिट में मारता फिरूँ, तीन-तीन रात मैं लगातार जागता, भोलेनाथ के साथ मेरी बनती है…।”

रैपर के फैंस इस गाने को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। गाने पर रील्स भी बनाई जा रही हैं। हालाँकि, कुछ लोगों को यह गाना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया है।

इस पर आपत्ति जताते हुए महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश ने आरोप लगाया है कि हिंदू सनातन में छूट का दुरुपयोग हो रहा है। साधु-संत, कथावाचक सभी ऐसी चीजों पर मौन हैं। फिल्म स्टार हो या गायक उन्हें भगवान के नाम पर अश्लीलता फैलाना का कोई अधिकार नहीं है। देशभर में एक साथ उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह तो हर कोई सनातन धर्म को गलत ढंग से पेश करता रहेगा, हम इसका विरोध करते हैं।

महाकाल सेना और पुजारी महासंघ सहित कुछ हिंदू संगठन ने तत्काल इस गाने से भगवान भोलेनाथ का नाम हटाने को कहा है। पुजारियों के अनुसार, अगर भगवान शिव का नाम लेना ही है तो उनके भजन बनाओ और उसे खूब चलाओ। लेकिन खुद की पब्लिसिटी के लिए भगवान के नाम का गलत उपयोग किया तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं, अखंड हिंदू सेना के संस्थापक एवं महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने इस गाने पर आपत्ति जताते हुए कहा, “कोई भी गाना बनाओ हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन हमारे देवी-देवताओं का नाम सम्मान से लिया जाना चाहिए। यदि उनके नाम और सम्मान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ किया जाता है, तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।” परमहंस अवधेशपुरी महाराज ने भी बादशाह के गाने में आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस तरह से भगवान शिव का पावन नाम लेना सरासर गलत है।

प्रयागराज में ही छिपी है शाइस्ता और आयशा, साथ में है ‘बुर्का गैंग’ और शूटर साबिर: रिपोर्ट में दावा, अतीक अहमद का खास असद कालिया गिरफ्तार

उमेश पाल हत्याकांड की सूत्रधार कही जा रही 50 हजार की ईनामी शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। कहा जा रहा है कि वह प्रयागराज में छुपी हुई है और उसके साथ कई शूटर भी हैं। वहीं, अतीक के गैंग के एक प्रमुख शूटर असद कालिया को उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुधवार (19 अप्रैल 2023) को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। 

दरअसल, काल‍िया गैंगस्टर अतीक अहमद का बेहद करीबी सदस्य बताया जाता है। असद कालिया कई मामलों में वांछित चल रहा था। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उस पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। प्रयागराज के धूमनगंज से कालिया के साथ-साथ उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है।

उधर, अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस को चकमा दे रही है। उसके बेटे असद के एनकाउंटर और फिर अतीक एवं अशरफ की हत्या के बावजूद वह पुलिस के सामने नहीं आई। पुलिस का मानना है कि शाइस्ता के साथ-साथ अतीक की बहन आयशा नूरी प्रयागराज में छिपी हुई है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, शाइस्ता और आयशा के साथ आधा दर्जन से अधिक महिलाएँ उसके साथ चल रही हैं। ये सभी महिलाएँ बुर्के में हैं। इतना ही नहीं, शाइस्ता और आयशा के साथ शूटर साबिर भी साए की तरह चल रहा है।

आजतक ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि शाइस्ता और आयशा प्रयागराज-कौशांबी के कछार इलाके में छिपी हुई है। दोनों लोकेशन के साथ-साथ अपने फोन और सिम कार्ड को भी लगातार बदल रही है। पुलिस लगातार उसका लोकेशन ट्रैस करने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि यूपी एसटीएफ के डीआईजी आनंद देव तिवारी ने कहा था कि बुर्के की वजह से शाइस्ता को खोजने में मुश्किल पैदा हो रही है। वहीं, बम बनाने में माहिर गुड्डू मुस्लिम को लेकर तिवारी ने कहा कि वह छिपने में माहिर है, लेकिन पुलिस उसे जल्दी ही गिरफ्तार कर लेगी।

असद कालिया की गिरफ्तारी के बाद शाइस्ता के अन्य सहयोगियों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। असद कालिया पर दिसंबर 2021 से अब तक धमकाने और रंगदारी माँगने के चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस ने उस पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

‘टीम इंडिया की जानकारी दो, मोटा पैसा दूँगा’: मोहम्मद सिराज को हैदराबाद के ड्राइवर ने दिया था ऑफर, सट्टेबाजी में हार चुका था मोटी रकम

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को एक सट्टेबाज ने फोन किया था। सट्टेबाज द्वारा संपर्क किए जाने के तुरंत बाद सिराज ने इसकी जानकारी बीसीसीआई के भष्टाचार निरोधक ईकाई (ACU) को दी थी। सट्टेबाज ने सिराज से संपर्क कर भारतीय टीम की अंदरूनी जानकारी माँगी थी। पता चला है कि यह शख्स क्रिकेट मैचों पर पैसा लगाता है। काफी रुपए हार जाने के बाद उसने सिराज से संपर्क किया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना IPL 2023 शुरू होने से कुछ दिन पहले की है। मोहम्मद सिराज ने बीसीसीआई के एसीयू को जानकारी दी कि भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान उसके पास एक अंजान शख्स का व्हाट्सअप मैसेज आया था। शख्स सिराज से टीम की अंदरूनी जानकारी हासिल करना चाहता था। इसके बदले उसने सिराज को मोटी रकम की पेशकश भी की थी। सिराज ने बोर्ड के एसीयू में इसकी सूचना दे दी। जानकारी अब सामने आई है।

मोहम्मद सिराज द्वारा दिए गए विवरण के आधार पर बोर्ड ने अपने स्तर पर मामले की जाँच की। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, फोन करने वाला शख्स हैदराबाद का रहने वाला है जो पेशे से ड्राइवर है। वह कोई बड़ा सट्टेबाज नहीं है, लेकिन मैचों पर पैसा लगाया करता है। ड्राइवर ने इसी आदत की वजह से काफी पैसा गँवा दिया था, जिसके बाद उसने सिराज से अंदरूनी जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया था। सिराज की सूचना के आधार पर ड्राइवर को पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

भारतीय टीम ने फरवरी-मार्च 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली थी।

बता दें कि टीम इंडिया के तेज गेंदबाज रहे एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला जैसे गेंदबाज आईपीएल सीजन 2013 में स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाए गए थे। इसके बाद तीनों खिलाड़ियों पर लाइफटाइम बैन लगा दिया गया था। हालाँकि, बाद में एस श्रीसंत और अजीत चंडीला की सज़ा लाइफटाइम बैन को घटाकर 7 साल कर दी गई थी। साल 2013 में ही ‘चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)’ टीम के साथ जुड़े गुरुनाथ मय्यप्पन को भी सट्टेबाजों के साथ संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इन घटनाओं के बाद से बीसीसीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया। सभी खिलाड़ियों के लिए एक एसीयू वर्कशॉप अनिवार्य कर दिया गया है।

बीसीसीआई की तरफ से खिलाड़ियों को निर्देश दिया गया है कि यदि सट्टेबाज उनसे संपर्क करें तो इसकी जानकारी ACU को देनी है। ऐसा न करने पर खिलाड़ी को सज़ा दी जा सकती है। साल 2019 में भष्टाचार से जुड़ी शिकायत न करने पर बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब-अल-हसन को 2019 में निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने 2018 के शुरुआत में एक त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान शख्स द्वारा संपर्क किए जाने की जानकारी साझा नहीं की थी।

39 देश के 772 वेबकैम किए हैक, घर में बैठ महिलाओं को सेक्स करते और कपड़ा उतारते देखता था: जमा कर रखे थे 80 हजार फोटो-वीडियो

ब्रिटेन का 60 वर्षीय क्रिस्टोफर टेलर तीन बच्चों का बाप है। लेकिन वह चर्चा में है अपने घर से मिले करीब 80 हजार वीडियो और फोटो को लेकर। इनमें दुनिया भर की महिलाओं के प्राइवेट मोमेंट कैद थे। 2010 से 2016 ​के बीच उसने इन्हें इकट्ठा किया था। उसने 39 देशों के 772 वेबकैम हैक कर रखे थे। इसकी मदद से वह अपने घर में बैठकर महिलाओं को कपड़े बदलते और सेक्स करते देखता था। उसे 14 महीने जेल की सजा सुनाई गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला 2016 का है। क्रिस्टोफर टेलर एक हैकर है। उसने मालवेयर (एक प्रकार का सॉफ्टवेयर प्रोग्राम, जिसकी मदद से हैकर्स पर्सनल डाटा चोरी करते हैं) की मदद से दुनियाभर के सैकड़ों वेबकैम हैक कर लिए थे। ये वो कैमरे थे, जो लोगों के लैपटॉप या फिर कमरों में लगे होते हैं। इसके जरिए क्रिस्टोफर अपने घर में बैठकर लोगों को पढ़ाई करते, योगा करते और महिलाओं को यौन संबंध बनाते हुए देखा करता था। उसके पास से महिलाओं के कई ऐसे वीडियोज और फोटोज मिले थे, जिसमें वे कपड़े बदलते और सेक्स करते हुए दिखाई दे रही थीं।

अमेरिका में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के आईटी कर्मचारियों ने एफबीआई को इसके बारे में सूचना दी थी कि एक ब्रिटिश शख्स इंग्लैंड में अपने घर पर बैठकर इस अपराध को अंजाम दे रहा है। इसके बाद 2016 में उसके घर पर छापेमारी कर उसे पकड़ा गया था। दरअसल, एयरोस्पेस प्रयोगशाला में एक छात्र के लैपटॉप में मैलवेयर पाया गया था। इसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ था। बोल्टन क्राउन कोर्ट ने उस वक्त उसे 14 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष के नील फ्रायमैन ने सुनवाई के दौरान बताया था, “इनमें से कई तस्वीरों और वीडियो में लोगों को खाते हुए, काम करते हुए, बिस्तर पर लेटते और योग करते हुए कैप्चर किया गया है।”

पुलिस के अनुसार, इंग्लैंड के ग्रेटर मैनचेस्टर के विगन में टेलर का घर है, जहाँ से उसने सीक्रेट तरीके से 47 महिलाओं के प्राइवेट मोमेंट को देखा था। जाँच में पाया गया कि टेलर ने अपनी गिरफ्तारी से पहले हजारों फाइलों को डिलीट कर दिया था। 2010 से 2016 के बीच टेलर ने महिलाओं के प्राइवेट मोमेंट की 80,000 तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा की थी। वो इनके वीडियो घर बैठे अपने कंप्यूटर से देखा करता था।

बुरहान और हरदान की लड़ाई में 270 की मौत: सूडान से भारतीयों को निकालने में मदद करेगा UAE-सऊदी, S जयशंकर ने कॉन्ग्रेस को लताड़ा – ऐसे मामलों पर न करें राजनीति

अफ्रीकी देश सूडान में सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेस (RSF) के बीच संघर्ष अब भी जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सूडान के मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के हवाले से जानकारी दी है कि लड़ाई में अब तक 270 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 2600 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है। मरने वालों में एक भारतीय अल्बर्ट ऑगस्टाइन भी शामिल है।

सूडान में सत्ता के लिए 2 जनरलों के बीच छिड़े युद्ध की वजह से लोग घरों में दुबके हुए हैं। नागरिक लूटपाट और बिजली कटौती का दावा कर रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और यूएई से संपर्क साधा है। चारों देश सूडान में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साऊदी अरब और यूएई के अपने समकक्षों से बात की है। दोनों देशों ने भारत को जमीनी सतह पर अपना समर्थन देने की बात कही है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके जरिए अधिकारी खार्तूम स्थित दूतावास से लगातार संपर्क में हैं। खार्तूम और देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे भारतीयों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। सुरक्षा कारणों से भारतीयों का लोकेशन शेयर नहीं किया जा रहा है। सूडान में भारतीय दूतावास ने सोमवार (18 अप्रैल) को एक नई एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में भारतीयों से अपने घरों में रहने और बाहर न निकलने की अपील की गई है। कहा गया है कि भारतीय आवश्यकता पड़ने पर अपने पड़ोसियों से मदद लें लेकिन सड़कों पर न निकलें।

सूडान में कर्नाटक के 31 लोग अल-फशेर नाम के स्थान पर फँसे हुए हैं। हक्की पिक्की जनजाति से ताल्लुक रखने वाले ये लोग काफी गरीब हैं। फँसे लोगों में से एक प्रभु एस ने इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बात करते हुए कहा कि उनपर लाखों का कर्ज है, जिससे छुटकारा पाने के लिए अपनी पत्नी को लेकर सूडान पहुँचे थे। 10 महीने पहले ही वे लोग सूडान पहुँचे थे। टिकट का बंदोबस्त भी कर्ज लेकर किया था। अल-फशेर में फँसे अनिल कुमार ने कहा कि हम अच्छी जिंदगी की तलाश में सूडान पहुँचे थे।

बता दें कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया ने सूडान में फँसे भारतीयों को लेकर ट्वीट किया था। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फटकार लगाई थी और इस मामले को लेकर राजनीति न करने की सलाह दी थी।

रिपोर्टों के अनुसार सूडान में लगभग 4 हजार भारतीय रहते हैं। इनमें सबसे अधिक गुजरात के लोग हैं जिनकी संख्या 1200 के करीब है। वे लगभग 150 साल पहले सूडान में जाकर बस गए थे। इन लोगों का संबंध सौराष्ट्र और आस पास के जिलों से है। ‘आज तक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान जाने वाले पहले भारतीय लवचंद अमरचंद शाह हैं जो 1860 में ही सूडान पहुँचे थे। भारतीय समुदाय के लोग सूडान के ओमजुरमैन, कसाला, गेडारेफ, और वाडमदनी जैसे स्थानों पर बसे हुए हैं।

बता दें कि खार्तूम समेत अन्य शहरों में पिछले चार दिनों से जारी संघर्ष 24 घंटों के लिए रोका गया है। यूएन और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के हस्तक्षेप के बाद संघर्ष विराम को लेकर सेना और अर्धसैनिक बलों में सहमति बनी है।

चिल्लाती रही, लोगों से माँगती रही मदद… राजस्थान में कोरिया की महिला ब्लॉगर का यौन उत्पीड़न: खदेड़ कर दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट, किए अश्लील इशारे

राजस्थान के जोधपुर से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ कोरिया की एक महिला ब्लॉगर को परेशान करने के आरोप में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। कोरियाई महिला का आरोप है कि जब वह सोमवार (17 अप्रैल, 2023) शाम को जोधपुर में एक वीडियो शूट कर रही थी, उस बीच नीली टी-शर्ट और काले रंग की शॉर्ट्स पहने एक आदमी उसका पीछा करने लगा। वह काफी दूर तक उसके पीछे आया और फिर उसे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने लगा।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें महिला को चिल्लाते हुए और लोगों से मदद माँगते हुए देखा जा सकता है। वह उस शख्स से दूर भाग रही है, लेकिन वह महिला को चिल्लाता देख उस पर हँसता है और उसे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर अश्लील इशारे करने लगता है। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लिया और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

जोधपुर ईस्ट डीसीपी डॉ अमृता दूहन ने मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “एक विदेशी पर्यटक ब्लॉगर ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था कि जोधपुर में एक व्यक्ति ने उसका यौन शोषण किया। इस सूचना के आधार पर हमने संज्ञान लेते हुए उस व्यक्ति की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर कार्रवाई की जा रही है।”

इस घटना की सोशल मीडिया पर भी काफी आलोचना की जा रही है। आरोपित की पहचान जोधपुर निवासी दीपक जलानी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार है। पुलिस उसकी मेडिकल जाँच करवाएगी, ताकि सच का पता चल सके। यदि वह मानसिक रूप से बीमार है, तो उसका इलाज करवाया जाएगा।

बता दें की पिछले साल दिसंबर में मुंबई के खार से भी इस तरह का मामला सामने आया था। लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान दक्षिण कोरियाई ब्लॉगर और यूट्यूबर को मोबीन चाँद मोहम्मद शेख और मोहम्मद नकीब सदरियालम अंसारी ने जबरन चूमने की कोशिश की थी। पीड़ित महिला नाम म्योची (Mhyochi) था। इस दौरान उसके साथ 1000 से ज्यादा लोग लाइव जुड़े हुए थे।

आज बेचैन है मुख्तार अंसारी, कभी जेल में भी साथ आकर रहती थी बीवी: पंजाब के मंत्री ने किया था कॉन्ग्रेस राज में माफिया को ‘VIP ट्रीटमेंट’ का खुलासा

उत्तर प्रदेश की राजनीति का कभी केंद्र रहे गैंगस्टर्स अब बेचैन हैं। अतीक अहमद के बेटे का एनकाउंटर और उसके बाद उसकी भाई समेत हत्या के बाद प्रदेश के माफियाओं में बेचैनी है। बेचैनी का एक कारण शासन की मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में मुख्तार अंसारी का नाम शामिल होना भी है।

उत्तर प्रदेश के मऊ का रहने वाला मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद है। अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उसकी नींद हराम हो गई है। कहा जा रहा है कि वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा रहा है। मुख्तार को डर है कि पेशी के दौरान कहीं उसके साथ भी अतीक जैसी अनहोनी ना हो जाए।

दरअसल, 29 अप्रैल 2023 को गाजीपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में फैसला आना है। इस दौरान मुख्तार को कोर्ट में पेश होना होगा। हालाँकि, अतीक और अशरफ की घटना को देखते हुए बांदा जेल में उसकी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दी गई है।

बांदा जेल में मुख्तार के बैरक के आसपास कोई नहीं जा सकता है। उसे सिंगल बैरक में रखा गया है, जिसमें बाथरूम के साथ सोने की भी व्यवस्था है। मुख्तार अपनी बैरक से नहीं निकलता है। अगर कोई जरूरत पड़ती है तो वहाँ मौजूद बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस सुरक्षाकर्मियों से कहता है।

इतना ही नहीं, उसके गृह जिले मऊ में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। इसके साथ ही शहर में जाँच अभियान चलाया। गाजीपुर के एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि 29 अप्रैल को होने वाली सुनवाई के लिए अगर मुख्तार को बांदा जेल से लाया जाएगा तो उसके सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। पीएसी के साथ-साथ 5 थानों की पुलिस फोर्स तैनात रहेगी।

सुरक्षा की लगा चुका है गुहार

वहीं, मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से बसप सांसद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया है कि अब उन दोनों को मारने की तैयारी की जा रही है। हालाँकि ये पहली बार नहीं है कि मुख्तार ने अपनी जान की खतरा बताया है।

मुख्तार अंसारी जब पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था, तब मार्च 2021 में उसकी पत्नी आफशां अंसारी ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा था। उसने अपने पत्र में कहा था कि उसके शौहर मुख्तार अंसारी को पंजाब से उत्तर प्रदेश लाने के दौरान उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएँ।

मुख्तार अंसारी ने 23 सितंबर 2021 को अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसने एमपी-एमएलए कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान कहा था कि उसे डर है कि कहीं राज्य सरकार खाने में जहर ना मिलाकर परोस दे। उसने कहा था कि अगर जेल में उसे उच्च श्रेणी की सुविधाएँ मिल जाती हैं तो उसका यह डर खत्म हो जाएगा।

पंजाब के जेल में कर रहा था मौज

पंजाब जेल में मुख्तार मौज उड़ा रहा था। यह बात AAP विधायक और पंजाब के तत्कालीन जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा था कि फर्जी FIR दर्ज करके मुख्तार को 2 साल 3 महीने पंजाब की जेल में रखा गया। इस दौरान उसका चालान तक पेश नहीं किया गया। उन्होंने तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार पर उसे संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

उन्होंने यहाँ तक आरोप लगाया था कि मुख्तार जेल में अपनी बीवी आफशां अंसारी के रहता है और उसे जेल में VIP ट्रीटमेंट दिया गया। उसने जानबूझकर इन मामलों में जमानत नहीं ली। यहाँ तक कि UP सरकार ने 26 बार प्रोडक्शन वारंट निकाले, लेकिन उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश नहीं भेजा गया।

इस मामले में हरजोत सिंह बैंस के निर्देश के बाद FIR दर्ज की गई थी। इसकी जाँच रिपोर्ट में कहा गया था कि मुख्तार जेल की बैरक से ज्यादा रोपड़ जेल में बने ऑफिसर क्वार्टर में रहता था। वहाँ उसकी बीवी आती थी। इस मामले में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ FIR की सिफारिश की गई है। कहा गया है कि ये अधिकारी मुख्तार से रिश्वत लेते थे।

दरअसल, मुख्तार अंसारी पर पंजाब के मोहाली स्थित एक बिल्डर से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगने का आरोप लगा था। इसके बाद पंजाब पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर उसे मोहाली लेकर आई थी। 24 जनवरी 2019 को कोर्ट में पेश कर उसे रोपड़ जेल में भेज दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अप्रैल 2021 में उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस ले गई थी।

मुख्तार का आपराधिक इतिहास

मुख्तार अंसारी सिर्फ यूपी का ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े गैंगस्टर्स में से एक है। उसका आपराधिक नेटवर्क यूपी, बिहार, पंजाब के अलावा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश तक फैला है। उसके खिलाफ देश भर में 61 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 24 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

मुख्तार अंसारी के खिलाफ सन 1988 में गाजीपुर कोतवाली में हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ था। मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर लोकल ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या के मामले में मुख्‍तार का नाम सामने आया था। उस पर भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित 7 लोगों की भी हत्या का आरोप था, लेकिन सीबीआई जाँच के बावजूद मुख्तार बरी हो गया।

कुख्यात मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्या के 18 मामले दर्ज हैं, जबकि हत्या के प्रयास के 10 मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार पर आतंकियों पर लगने वाले टाडा (TADA) और मकोका (MCOCA) से लेकर गैंगस्टर ऐक्ट, एनएसए और आर्म्स ऐक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं।

राजनीति और यूपी सरकार की कार्रवाई

इस बीच वह पाँच बार विधायक भी रहा। वह CPI और बसपा में रहा। अंतिम तीन चुनाव उसने जेल में रहते हुए जीता। इसके बाद उसने अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे अब्बास को सौंप दिया है। मुख्तार का भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से बसपा का सांसद है। वहीं, अब्बास सुभासपा पार्टी से मऊ का विधायक है।

इस बीच यूपी सरकार मुख्तार, उसकी बीवी और बेटे सहित अन्य करीबियों की लगभग 448 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसके अलावा, 127 करोड़ रुपए की बेनामियों संपत्तियों का पता लगाया गया है, जिसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्तार के 83 लाइसेंस को भी सरकार ने रद्द किया है।

इस्लामी धर्मांतरण का दबाव, शरीर पर फेंक दिया जाता है बीफ, देवी-देवताओं का अपमान: ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू बच्चों की दयनीय स्थिति, थिंक टैंक के अध्ययन में खुलासा

ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू छात्रों की स्थिति दयनीय होती जा रही है, जिससे अभिभावक भी परेशान हो गए हैं। इन छात्रों को कहा जाता है कि अगर उन्हें प्रताड़ना से बचना है तो वो इस्लाम मजहब अपना लें। एक ‘थिंक टैंक’ ने अपनी जाँच में पाया है कि क्लासरूम में हिन्दू छात्रों का मजाक बनाया जाता है। मुस्लिम छात्र उन्हें कहते हैं कि अगर उन्हें आसान ज़िन्दगी चाहिए तो वो इस्लाम में धर्मांतरण कर लें। ‘हेनरी जैक्सन सोसाइटी’ ने ये अध्ययन किया है।

हाल ही में ब्रिटेन के लेस्टर और बर्मिंघम में हिन्दुओं को जम कर निशाना बनाया गया था। एक तो मुस्लिम भीड़ ने उनके खिलाफ जम कर हिंसा की, ऊपर से वहाँ के बीबीसी जैसे मीडिया संस्थानों ने पीड़ित हिन्दुओं को ही गुंडा बता कर बदनाम किया। कुछ इसी तरह का भेदभाव हिन्दू छात्रों के प्रति ब्रिटेन के स्कूलों में भी पनप रहा है। सर्वे में 50 प्रतिशत हिन्दू अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों को स्कूलों में घृणा का सामना करना पड़ा।

एक हिन्दू छात्रा पर तो उसके क्लासमेट्स ने बीफ फेंक दिया। ये स्थिति तब है, जब ब्रिटेन में हिन्दू तीसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाला समाज है। ब्रिटेन में 10 लाख से भी अधिक हिन्दू रहते हैं। अब शेर्लोट लिटिलवुड द्वारा लिखित नया डॉक्यूमेंट जो सामने आया है, वो चौंकाने वाला है। वो कट्टरवाद के विरोध में सक्रिय रहे हैं और और रिसर्च फेलो हैं। उन्होंने 988 हिन्दू अभिभावकों से बातचीत की और देश भर में लगभग 1000 स्कूलों का सर्वे किया।

सितंबर 2022 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के बाद लेस्टर की पुलिस ने 55 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन पर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने, मारपीट करने, चाकू घोंपने और मंदिरों पर हमले के आरोप हैं। थिंक टैंक ने पाया है कि ये हिंसा हिन्दू और मुस्लिम युवाओं के बीच झगड़े से शुरू हुई। इसका कारण था – लेस्टर में हिन्दू कट्टरपंथियों के होने की झूठी अफवाह का फैलना। जो स्कूली बच्चों के साथ हो रहा है, बाहर हिन्दुओं के साथ भी उसी तरह की घटनाएँ हो रही हैं।

स्कूलों में हिन्दू छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव की घटनाओं और लेस्टर में हिन्दुओं के विरुद्ध हुई हिंसा में भी समानता है। जैसे, हिन्दुओं को बीफ को लेकर नीचा दिखाना और उनके शाकाहारी होने का मजाक उड़ाना। साथ ही उनके देवी-देवताओं को भी अपमानित किया जाता है। लेस्टर हिंसा में ये सब सामान्य हो चला था। भारत में मुस्लिमों के साथ भेदभाव का आरोप लगा कर यहाँ हो रही घटनाओं के लिए भी ब्रिटेन के हिन्दू छात्र-छात्राओं को घृणा का पात्र बनाया जाता है।

इतना ही नहीं, ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू छात्र-छात्राओं को ‘काफिर’ कह कर भी अपमानित किया जाता है। उनसे कहा जाता है कि वो मुस्लिम बन जाएँ, वरना उनका जीवन नरक कर दिया जाएगा। एक बच्चे को कहा गया कि अगर जन्नत जाना चाहते हो तो इस्लाम में आ जाओ, वरना नहीं बचोगे। एक को कहा गया कि फ़ूड-चेन में हिन्दू सबसे नीचे हैं, उन्हें खा कर खत्म कर दिया जाएगा। एक को तो इस्लामी मुबल्लिग के वीडियो दिखा कर धर्मांतरित होने को कहा गया।

भारत में जाति व्यवस्था और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के पूजन को लेकर कई भ्रांतियाँ फैला कर इसी आधार पर हिन्दू छात्र-छात्राओं को अपमानित किया जाता है। दीवाली पर उन्हें छुट्टी भी नहं दी जाती है। केवल 1% स्कूल ही ऐसे हैं, जिन्होंने हिन्दू बच्चों के खिलाफ हुई घटनाओं का संज्ञान लिया। सांसद बेन एवेरिट ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष भयावह हैं और धार्मिक शिक्षा में उन्होंने सुधर और बदलाव की वकालत की।

उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म को लेकर घृणा का भाव रख कर उलटी-सीधी चीजें पढ़ाई जा रही हैं, जिसके कारण ये सब हो रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों से कड़ाई से निपटने की सलाह स्कूलों को दी। उन्होंने कहा कि विविधता वाले देश यूके में अगर सामाजिक रूप से एक विकसित भविष्य चाहिए तो स्कूली स्तर पर भेदभाव रोकना पड़ेगा। ब्रिटेन के स्कूलों में हिन्दू घृणा पर ये पहला अध्ययन है। इस अध्ययन को करने में संस्कृत के शिक्षक डॉ ऋषि हांडा और कारोबारी बैरोनेस वर्मा ने भी बड़ी भूमिका निभाई है।