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जिस पर 1000 के इस्लामी धर्मांतरण का आरोप, उसे हाईकोर्ट ने दे दी जमानत: यूपी एटीएस ने दबोचा था, विदेशी फंडिंग के भी मिले थे सबूत

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण का रैकेट चलाने और 1 हजार से अधिक लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के आरोपित मौलाना कलीम सिद्दीकी को जमानत मिल गई है। बुधवार (4 अप्रैल, 2023) को लखनऊ हाईकोर्ट के 2 सदस्यीय बेंच ने मौलाना कलीम की याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत देने का फैसला दिया। कलीम सिद्दिकी को साल 2021 में गिरफ्तार किया गया था।

कलीम सिद्दीकी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अता-उर-रहमान मसूदी और जस्टिस सरोज यादव की खंडपीठ ने उन्हें जमानत दे दी। मौलाना कलीम ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष हैं साथ ही जामिया इमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट भी चलाते हैं। यूपी एटीसएस ने कलीम सिद्दीकी को मोहम्मद उमर गौतम, मुफ्ती काजी जहाँगीर कासमी सहित अन्य मुस्लिम धर्म प्रचारकों के साथ एंटी लव जिहाद कानून के तहत धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

साल 2021 में यूपी एटीएस ने दावा किया था कि कलीम सिद्दीकी ने मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहाँगीर के साथ मिलकर जबरन धर्मांतरण के लिए लोगों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते थे। मौलाना पर आरोप है कि उसके ट्रस्ट को विदेशों से करोड़ों का फंड मिलता था। इन रुपयों का इस्तेमाल धर्मांतरण के कामों में किया जाता था। यूपी एटीएस के मुताबिक वह धर्मांतरण के लिए कई मदरसों को पैसे देता था।

कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार करने के बाद उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि मौलाना सिद्दीकी के अवैध धर्मांतरण रैकेट के साथ लिंक हैं। उन्होंने कहा था कि सिद्दीकी के ट्रस्ट को 1.5 करोड़ रुपये बहरीन से मिलने के साथ पूरे 3 करोड़ रुपये विदेशों से मिले हैं। मौलाना कलीम सिद्दीकी पर आरोप है कि वह शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में देश भर में धर्मांतरण के अवैध काम में लिप्त था इसके लिए उसे विदेशों से पैसे मिलते थे।

उमेश पाल हत्याकांड में ‘सलमान खान’ और ‘साईं बाबा’ की एंट्री: अतीक की बीवी ने गुर्गों को दिए थे आईफोन-सिम, जेल में ही बना लिया था खाका

प्रयागराज के उमेश पाल हत्या कांड में हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बीएसपी विधायकर राजू पाल मर्डर मामले के गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश बहुत दिन पहले से ही रची जा रही थी। रिपोर्टों के अनुसार इसके लिए कई बैठकें आयोजित की गई थीं। हत्याकांड की साजिश में गुजरात के साबरमती जेल से अतीक और यूपी के बरेली जेल से अतीक का भाई अशरफ भी जुड़ता था। साजिश में शामिल लोगों को तीन-तीन सिम कार्ड और आईफोन मिला हुआ था। सभी लोग एक दूसरे को कोड वर्ड से बुलाते थे।

रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित अतीक अहमद के पुश्तैनी घर से आईफोन, रजिस्टर, 2 आधार कार्ड बरामद किए। अतीक के मुनीम राकेश लाला की निशनदेही और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला है कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल सभी साजिशकर्ता एक दूसरे को कोड नाम से पुकारते थे। कोड वर्ड वाला आइडिया अतीक अहमद के बेटे का था। अतीक का वह बेटा वारदात में सीधे शामिल नहीं था।

अतीक की बीवी शाइ्स्ता ने साजिश में शामिल लोगों को आईफोन और सिमकार्ड उपलब्ध कराए थे। साजिश रचने के दौरान सभी एक दूसरे को कोड नाम से पुकारते थे। जानकारी के अनुसार साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद को बड़े नाम दिया गया था। बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ को छोटे कोड नेम दिया गया था। शूटर गुलाम को उल्लू, गुड्डू मुस्लिम को मुर्गी, बिहार के ससाराम के शूटर अरमान को बिहारी और शूटर विजय चौधरी को उस्मान कोड वर्ड दिया गया था।

अतीक का बेटा असद का कोड नाम राधे रखा गया था। असद अभिनेता सलमान खान का फैन है। वह सलमान के ‘तेरे नाम’ फिल्म के किरदार ‘राधे’से प्रभावित था। वैसे ही बाल भी रखा करता था। इसलिए उसे यह नाम दिया गया था। शाइस्ता को पहले गॉडमदर नाम दिया गया लेकिन बाद में इसे बदलकर साईं बाबा कर दिया गया। इसी तरह अतीक के घर पर हिसाब-किताब का काम देखने वाले आसाद कालिया को लंगड़ा और अतीक के मुँशी को मुनीम कोर्ड वर्ड दिया गया था।

कई और नाम डिकोड किए जा रहे हैं। उधर पुलिस इस हत्याकांड मामले में अतीक अहमद के परिवार के तीन अन्य सदस्यों पर भी एफआईआर करने की तैयारी में है। पता चला है कि अतीक के बहनोई डॉ. अखलाक और बहन आयशा ने बमबाज गुड्डू मुस्लिम को अपने मेरठ स्थित घर में पनाह दी थी। पुलिस के हाथ कुछ सीसीटीवी तस्वीरें लगी हैं। जिसके आधार पर ये आरोप लगाए जा रहे हैं।

बता दें इस केस में डॉ. अखलाक और नौकर शाहरुख गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इनके खिलाफ मेरठ में एफआईआर दर्ज की गई है। अखलाक और शाहरुख के बयानों के आधार पर आयशा के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।

जहाँ दंगों में मरे 2 हिन्दू, वहाँ हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा को पुलिस की अनुमति नहीं: मंदिर समिति बोली – फर्जी चुनाव और नकली समिति से अटका मामला

हनुमान जन्मोत्सव गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) को है और इसके लिए पूरे देश भर में तैयारियाँ जोरों पर हैं। हालाँकि, इस बार जिस तरह से रामनवमी पर श्रद्धालुओं के खिलाफ हिंसा हुई, उसके बाद माहौल थोड़ा गर्म है। हिन्दुओं में एक प्रकार का डर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को एडवाइजरी जारी कर शांतिपूर्ण हनुमान जन्मोत्सव संपन्न कराने को कहा है। उधर कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की सरकार को अर्धसैनिक बलों की मदद लेने की सलाह दी है।

इधर दिल्ली के ब्रह्मपुरी से नया मामला सामने आया है। ब्रह्मपुरी राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित वो इलाका है, जो फरवरी 2020 में हिन्दू विरोधी दंगों से पीड़ित रहा था। भीड़ ने विनोद कुमार को सिर्फ इसीलिए मार डाला, क्योंकि उनकी बाइक पर भगवान का स्टीकर था। वहीं सब्जी बेचने वाले नरेश सैनी की भी हत्या कर दी गई थी। आज दोनों के परिवार बेहाल हैं और खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहे। अब बताते हैं कि ताज़ा मामला क्या है।

असल में सोशल मीडिया पर एक पत्र सामने आया है, जो ‘हनुमान मंदिर समिति’ की तरफ से नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी को लिखा गया है। उक्त मंदिर गली संख्या 6 में स्थित है। इस पत्र में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस साल भी हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा के आयोजन हेतु मंजूरी माँगी गई है। चूँकि इलाका मुस्लिम बहुल और संवेदनशील है, इसीलिए पुलिस की सुरक्षा के बिना ये संभव नहीं है। उक्त शोभा यात्रा शाहदरा स्थित मंदिर रेलवे रोड से रोहताश नगर, गोरख पार्क, मौजपुर, घोंडा चौक और गली संख्या 13 स्थित मौनी बाबा मंदिर होते हुए हनुमान मंदिर तक प्रस्तावित है।

मंदिर समिति द्वारा पुलिस को लिखा गया पत्र

मंदिर समिति ने न सिर्फ शोभा यात्रा को निकालने के लिए अनुमति माँगी है, बल्कि पुलिस से सहयोग का भी निवेदन किया है। इसके तहत कलश यात्रा भी निकाली जानी है। बताया गया है कि पिछले 32 वर्षों से ये यात्रा हर साल यूँ ही निकाली जाती रही है और इस बार 45 दिनों से प्रयास किए जाने के बावजूद अनुमति नहीं मिल रही। आयोजनों ने न्यू उस्मानपुर थाना और डीसीपी के पास भी दरख्वास्त लगाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

ऑपइंडिया ने इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए उक्त बालाजी मंदिर की समिति के सेक्रेटरी अमित गुप्ता से बातचीत की। वो पिछले 8 वर्षों से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर साल शोभा यात्रा के लिए दिल्ली पुलिस की ‘CNP (क्राइम एन्ड ट्रैफिक)’ यूनिट से अनुमति मिल जाती थी। क्या पिछले सालों में भी इस तरह की दिक्कत सामने आई थी? इस पर अमित गुप्ता ने कहा कि पहले ऐसी दिक्कत नहीं आई।

उन्होंने विवाद का कारण बताते हुए कहा कि कुछ लोगों ने फर्जी चुनाव करा कर नकली समिति बना ली है और जनवरी से ही इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा है। अब दोनों ही पक्ष पुलिस के पास अनुमति के लिए पहुँच रहे हैं। अमित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पुलिस को सबूत दिखाए कि नियमित रूप से ये आयोजन होता आया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कह रही है कि निवेदन करते हुए 2 पत्र आने की वजह से वो किसी एक को अनुमति नहीं दे सकते।

बालाजी मंदिर समिति के सेक्रेटरी अमित गुप्ता का सवाल है कि बिना अनुमति के शोभा यात्रा निकालने पर अगर झगड़ा-झंझट होगा तो इसकी जिम्मेदार कौन लेगा, क्यों ये मुस्लिमों के प्रभाव वाला इलाका है? हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने मौखिक रूप से कहा है कि आपलोग कार्यक्रम का आयोजन कीजिए, हम आपके साथ हैं। लेकिन, पिछले साल जहाँगीरपुरी में हुई घटना के बाद से आयोजन समिति के लोग सहमे हुए हैं।

बता दें कि पिछले साल जहाँगीरपुरी क्षेत्र में हनुमान जमोत्सव के दौरान जम कर पत्थरबाजी हुई थी और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। एक मस्जिद के पास विवाद ने हिंसा का रूप धारण कर लिया था। अमित गुप्ता ने दावा किया कि पूरे NCR में हनुमान जन्मोत्सव का सबसे बड़ा कार्यक्रम वही लोग आयोजित करते आए हैं। फर्जी चुनाव कर नकली समिति बनाने वाले कौन लोग हैं? इसके जवाब में उन्होंने मंदिर के महंत का नाम लिया।

अमित गुप्ता की मानें तो इन सबके पीछे मुख्य रूप से महंत सतीश श्रीवास्तव का ही हाथ है। उन्होंने बताया कि पिछले साल महंत ने पैसों की गड़बड़ी की थी, जिसके बाद विवाद हो गया। दबाव बनाए जाने के बाद महंत ने पैसे वापस कर दिए। अमित गुप्ता ने बताया कि महंत ने इस दौरान लिखित में भी दिया था कि वो मंदिर के पैसे वापस देकर जा रहे हैं। वहीं पिछले 5-6 महीनों में दूसरी समिति गठित कर लिए जाने की बात कही जा रही है।

पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस व अन्य विभागों से भी मिली थी अनुमति

उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुलिस ने मौखिक रूप से उन्हें अधिकृत भी कर दिया कि वो कार्यक्रम का आयोजन करें, लेकिन लिखित अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के यात्रा निकालना संभव नहीं है। वो बताते हैं कि पिछले साल यात्रा के दौरान मुस्लिमों से झगड़े की पूरी आशंका बन गई थी, लेकिन किसी तरह पुलिस की मदद से मामला संभाल लिया गया। जबकि इस साल बिलकुल ही पसोपेश की स्थिति है।

जब हमने न्यू उस्मानपुरी पुलिस थाने में उनका पक्ष जानने के लिए फोन कॉल किया तो वहाँ से बताया गया कि वो लोग बाइट देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। जब हमने नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की एडिशनल डीसीपी-I को कॉल किया तो उधर से ताज़ा अपडेट लेने की सलाह दी गई। हालाँकि, मंदिर समिति वालों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष उन्हें बुला कर अनुमति दी जाती थी और उनसे रिसीविंग ली जाती थी, लेकिन खबर लिखे जाने तक उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं थी।

महिलाओं को गंदे-गंदे इशारे, मोहल्ले में ही मल-मूत्र… हल्द्वानी में मुस्लिम भीड़ ने थाने में की तोड़फोड़, 800 पर FIR: सोशल मीडिया पर गिरोह बता रहा ‘पीड़ित’

उत्तराखंड के हल्द्वानी में सोमवार (3 अप्रैल, 2023) को सैकड़ों की संख्या में जमा एक भीड़ ने कोतवाली सिटी के आगे हंगामा किया। इस भीड़ का आरोप था कि हिन्दू संगठनों ने किसी मस्जिद के इमाम से बदतमीजी की है। भीड़ पुलिस स्टेशन के आगे नारेबाजी कर रही थी। सोशल मीडिया के वामपंथी और इस्लामी गिरोह ने इस पूरे हंगामे को हिन्दू विरोधी एंगल देते हुए शेयर किया। पिछले कुछ समय से कई भ्रामक ट्वीट कर चुके मीर फैसल ने इस वीडियो को 4 अप्रैल को शेयर किया।

इस वीडियो में थाने के आगे मुस्लिम भीड़ हंगामा करती दिख रही, लेकिन मीर फैसल ने अपने कैप्शन में खुल कर हिंदूवादियों को इमाम पर हमले का आरोपित बताया है। मीर फैसल के अलावा मिल्लत टाइम्स, सदफ अमीन, जुरनो मिरर और अहमद कबीर आदि ने हिंदूवादियों को टारगेट करते हुए कमेंट किए। इन कमेंट्स में किसी वकील के यहाँ 20 साल से नमाज़ होने और उसे रोकने का भी दावा किया गया।

हल्द्वानी प्रकरण पर हुए ट्वीट्स

नजूल की भूमि पर अनधिकृत नमाज़

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस स्थान पर नमाज़ का विरोध हुआ वो जगह नजूल की भूमि (शासकीय जमीन या जिसका मालिकाना हक़ किसी के पास न हो) है। आरोप है कि वहाँ अनधिकृत रूप से नमाज़ पढ़ी जा रही थी, जिसका महज विरोध करने पर मुस्लिम पक्ष ने हंगामा खड़ा कर दिया। यहाँ तक कि जिस भवन में नमाज़ होती थी, वो भी बिना नक्शा पास किए बना हुआ बताया गया। दावा है कि विवाद के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने भवन को सील कर दिया है।

वहीं जिस भीड़ को मीर फैसल व उनके जैसे कुछ अन्य प्रदर्शनकारी बता रहे, उस पर थाने में रखे गमले तोड़ने, सड़क मार्ग जाम करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है। पुलिस ने कुल 800 उपद्रवियों के खिलाफ IPC की धारा 147, 332, 353, 341 और 427 के तहत FIR दर्ज की है। CCTV फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। आरोप है कि उपद्रवी भीड़ आम लोगों को भी नुकसान पहुँचाना चाहती थी लेकिन पुलिस की सक्रियता से ये नहीं हो पाया।

‘बजरंग दल’ पर इमाम की पिटाई के आरोप निराधार

3 अप्रैल को घटना के दौरान हिन्दू संगठन के समूह का नेतृत्व करने वाले बजरंग दल जिला संयोजक जोगिंदर सिंह राणा उर्फ़ जोगी से ऑपइंडिया ने बात की। उन्होंने बताया कि बजरंग दल पर किसी इमाम की पिटाई के आरोप झूठे हैं। जोगिंदर राणा के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ में नैनीताल हाईकोर्ट का एक वकील जफर सिद्दीकी है जो 90% से अधिक आबादी वाले हिन्दू बहुल सरना कोटि मोहल्ले में बाहरी लोगों को बुला कर नमाज़ पढ़ाता था।

राणा का आरोप है कि बाहरी नमाज़ियों के रास्ते में कई मस्जिदें पड़ती हैं, लेकिन हिन्दुओं के मोहल्ले में नमाज़ पढ़ने की जिद और वहाँ महिलाओं से अभद्रता के लिए वो वहाँ गए थे। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में किसी से मारपीट के आरोप निराधार हैं।

जिसे मौलाना बताया जा रहा वो है संदिग्ध बांग्लादेशी

बजरंग दल पदाधिकारी जोगिंदर सिंह के अनुसार जिसे मौलाना बता कर प्रचारित किया जा रहा वो असल में संदिग्ध तौर पर बांग्लादेशी है। जोगिंदर ने कहा, “मौलाना बताए जा रहे संदिग्ध की उम्र लगभग 23-24 साल है जिसे खुद मुस्लिम लोग ही बंगाली कह कर पुकारते हैं।” हालाँकि, पुलिस को दी गई शिकायत में यह नाम मौलाना शाहिद हुसैन बताया गया है। पुलिस द्वारा पूछे जाने पर कथित लगभग 25 साल के इमाम ने 13 साल (2010) से उसी जगह पर नमाज पढ़ाने का हैरानी भरा दावा किया।

FIR के बदले FIR का खेल

मोहल्ले में जमा नमाजियों के खिलाफ बजरंग दल ने 3 अप्रैल को ही FIR दर्ज करवा दी थी। यह केस धार्मिक भावनाओ को भड़काने की धारा IPC 153 A और 295 A के तहत दर्ज हुआ है। जोगिन्दर राणा के मुताबिक रात में थाने के आगे मुस्लिमों द्वारा किया गया हंगामा FIR के बदले FIR की साजिश का हिस्सा था जिसमें वो सफल भी रहे। जोगिंदर ने कहा, “मुस्लिमों की तरफ से दी गई तहरीर में मुकेश भट्ट नाम के व्यक्ति पर FIR दर्ज हो गई है जिसने सबसे पहले और प्रमुखता से नमाज़ का विरोध किया था।”

जिस मोहल्ले में नमाज़ को ले कर पूरा विवाद खड़ा हुआ है वहाँ की रहने वाली इस महिला ने जमा होने वाले नमाज़ियों पर अपने परिवार को डराने धमकाने का आरोप लगाया है। 3 अप्रैल को ही पुलिस में दी गई शिकायत में पीड़िता का आरोप है कि नवरात्रि में उनके घर में हो रहे भजन को भी नमाज के नाम पर जमा हुए लोगो ने बंद करवा दिया था। शिकायत में यह भी आरोप है कि जिस बेसमेंट को मस्जिद बताया जा रहा है वहाँ कई संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है जो न सिर्फ गंदे-गंदे इशारे करते है बल्कि मोहल्ले में ही मल-मूत्र करते हैं।

पीड़िता को अपनी 9 साल की बच्ची की भी सुरक्षा की फ़िक्र है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

पहले भी हुई थी शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई

‘बजरंग दल’ के जोगिंदर राणा ने ऑपइंडिया को एक पत्र भेजा है। इस पत्र पर कई लोगों के दस्तखत हैं। जोगिन्दर का कहना है कि यह साल भर से अधिक पुराना शिकायती पत्र है। सिटी मजिस्ट्रेट को सम्बोधित इस पत्र में हिन्द बहुल कॉलोनी में महज 2 घर मुस्लिमों के बताते हुए अवैध तौर पर एक मस्जिद के निर्माण का आरोप लगाया गया है। पत्र में लोगों ने प्रशासन से मस्जिद निर्माण रोकने की अपील की है। जोगिंदर जोगी का आरोप है कि तब प्रशासन ने इस शिकायत पर ध्यान नहीं दिया था। यह शिकायत सरना कोटि कालोनी के वकील जफर सिद्दीकी के ही खिलाफ ही थी।

जिस शाहरुख सैफी ने तीन को ट्रेन में जिंदा जलाया, उसका कनेक्शन शाहीनबाग में मिलाः केरल पुलिस ने परिजनों से की पूछताछ

केरल के कोझिकोड जिले में चलती ट्रेन में आग लगाकर तीन लोगों की हत्या करने के आरोपित शाहरुख सैफी का दिल्ली के शाहीनबाग से भी कनेक्शन मिला है। केरल पुलिस की एक टीम जाँच के सिलसिले में बुधवार (5 अप्रैल 2023) को शाहीनबाग के उसके घर पहुँची। महाराष्ट्र एटीएस की मदद से केरल पुलिस ने उसे रत्नागिरी से दबोचा था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटनास्थल से पुलिस ने एक बैग, डायरी और फोन बरामद किया था। फोन की जाँच से इसमें इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड की जानकारी मिली। पाया गया कि सिम कार्ड दिल्ली के जामिया नगर स्थित शाहीन बाग के पते पर लिया गया है। 31 मार्च 2023 को हरियाणा में सिम का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।

बुधवार को केरल पुलिस शाहरुख के शाहीनबाग स्थित घर पहुँची। घर की तलाशी ली और परिवार वालों से पूछताछ की। शाहरुख के माता-पिता ने मामले के बारे में किसी तरह की जानकारी न होने की बात कही है। शाहरुख के पिता ने कहा है कि यदि उसने किसी तरह का गुनाह किया है तो उसे सजा दी जाए।

पिता के मुताबिक शाहरुख 31 मार्च 2023 को घर से नोएडा के निठारी के लिए निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी। परिजनों का कहना है कि उन्हें उसके केरल पहुँचने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि शाहरुख सैफी के पिता को पुलिस पूछताछ के लिए साथ लेकर गई है।

रत्नागिरी से पकड़ा गया शाहरुख

शाहरुख के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों के कई नंबरों को सर्विलांस पर रखा हुआ था। रात के करीब 1:30 बजे एक फोन चालू हुआ जिसका लोकेशन महाराष्ट्र के रत्नागिरी में दिखा रहा था। इसके बाद महाराष्ट्र एटीएस को इसकी जानकारी दी गई। उसे रत्नागिरी स्टेशन से दबोचा गया।

कुछ दिन पहले कोच्चि के ब्रह्मपुरम कचरा प्लांट में आग लग गई थी। इससे शहर गैस चैंबर में तब्दील हो गया था। पता चला है कि यह आग किसी ने जानबूझकर लगाई थी। मामले की जाँच एनआईए कर रही है। अब शाहरुख सैफी को 2 हफ्ते पहले त्रिपुनिथुरा में इरुम्पनम के पास देखे जाने की बात भी कही जा रही है।

पेट्रोल छिड़क कर लगा दी थी आग

बता दें 2 अप्रैल की रात केरल में एक ट्रेन में यात्रियों पर अचानक पेट्रोल छिड़क आग लगा दी गई थी। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इनमें एक महिला, 2 साल का बच्चा और एक पुरुष शामिल हैं। हादसे में 8-9 लोग जख्मी हो गए थे। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चलती ट्रेन से भागते हुए शाहरुख को भी कई चोट आई थी। इसका इलाज कराने वह रत्नागिरी के एक अस्पताल में भी गया था।

CBI-ED पर 14 विपक्षी दलों ने मुँह की खाई, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नेताओं के लिए अलग नियम नहीं बना सकते, आपलोग आम आदमी से ऊपर नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (5 अप्रैल, 2023) को 14 राजनीतिक पार्टियों द्वारा दर्ज की गई याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ED और CBI जैसी जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि मोदी सरकार विरोध के स्वर को दबाने के लिए ED-CBI का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रही है, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि वो तथ्यात्मक परिप्रेक्ष्य के बिना कोई सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि अगर किसी का कोई व्यक्तिगत मामला हो, तभी वो याचिका को सुन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी सलाह दी कि राजनेता खुद को आम जनता से ऊपर नहीं रख सकते, इसीलिए उनके मामलों में कोई विशेष दिशानिर्देश जारी नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को अपना काउंसल वकील बना रखा था। जब उन्होंने देखा कि सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार नहीं है, इसीलिए उन्होंने याचिका वापस ले ली। उन्होंने कुछ आँकड़े दिखा कर दावा किया कि जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल सिलेक्टेड और टार्गेटेड मामलों में किया जा रहा है। उन्होंने गिरफ़्तारी, रिमांड और जमानत के लिए ऐसे मामलों में अलग से दिशानिर्देश जारी किए जाने की माँग की थी।

इन पार्टियों की माँग की कि गिरफ्तारी से पहले ये देखा जाए कि आरोपित के फ्लाइट से भागने की आशंका है या नहीं, सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है या नहीं और ऐसे मामलों में अदालतों ने पहले गिरफ़्तारी को सही ठहराया है या नहीं। जाँच के लिए हाउस अरेस्ट की सलाह भी दी गई थी। दावा किया गया कि लोकतंत्र में ये विषम है, केवल विपक्ष पीड़ित है। हालाँकि, CJI ने कहा कि राजनेताओं को आम आदमी से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

वेडिंग गिफ्ट में पूर्व प्रेमिका को भेजा बारूद भरा होम थियेटर, ऑन करते ही ब्लास्ट: घर की छत उड़ी, दूल्हे और उसके भाई की मौत

छत्तीसगढ़ में एक सनकी ने पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए बारूद भरा होम थियेटर वेडिंग गिफ्ट के तौर पर भेजा। म्यूजिक सिस्टम को ऑन करते ही घर में धमाका हो गया। इस घटना में दूल्हे और उसके भाई की मौत हो गई। मामला छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले का है। सोमवार (3 अप्रैल 2023) को हुए विस्फोट में डेढ़ साल के बच्चे समेत दूल्हे के परिवार के 7 सदस्य घायल भी हो गए थे।

पुलिस ने दुल्हन के पूर्व प्रेमी संजू उर्फ सरजू मरकाम को इस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 33 वर्षीय सरजू शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। उसे मंगलवार (4 अप्रैल 2023) को मध्य प्रदेश के बालाघाट से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि मरकाम 29 साल की महिला के साथ रिश्ते में था। वह उसे अपनी दूसरी पत्नी बनाना चाहता था।

एसपी मनीषा ठाकुर रावटे ने बताया कि चमारी गाँव में म्यूजिक थिएटर में हुए विस्फोट में दूल्हे हेमेंद्र मेरावी और उसके बड़े भाई राजकुमार की मौत हो गई थी। यह गाँव कबीरधाम जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर है और मध्य प्रदेश की सीमा के करीब है।

पुलिस के अनुसार, कवर्धा जिले के रेगांखार थाना क्षेत्र के चमारी गाँव निवासी हेमेंद्र मेरावी की शादी दो दिन पहले मध्य प्रदेश के अंजना गाँव में हुई थी। शादी में उसे सोनी कंपनी के होम थिएटर म्यूजिक सिस्टम के साथ कई गिफ्ट मिले थे। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे परिवार के लोग शादी में मिले तोहफों खोल रहे थे। तभी हेमेंद्र और उसके बड़े भाई राजकुमार ने होम थिएटर चालू किया। होम थिएटर का बटन दबाते ही उसमें ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि घर की छत उड़ गई और दीवार गिर गई। हेमेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजकुमार ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ब्लास्ट के कारण डेढ़ साल के बच्चे समेत 7 लोग घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जाँच के दौरान सामने आया कि हेमेंद्र मेरावी की पत्नी पहले मरकाम के साथ रिश्ते में थी। उसे मरकाम के शादीशुदा होने की जानकारी नहीं थी। सच्चाई का पता चलने पर उसने मरकाम से शादी से इनकार कर दिया। बावजूद वह उस पर शादी का दबाव बनाता रहता था। पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपित ने मेरावी को भी धमकी दी थी और इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी भी हुई थी। सिंह ने बताया कि मरकाम ने बदला लेने के लिए म्यूजिक सिस्टम में बम फिट कर शादी में गिफ्ट कर दिया।

मेक्सिको से धराया लॉरेंस बिश्नोई का गैंगस्टर, अमित शाह के आदेश पर विदेश में दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन: कोर्ट में ‘पाताल लोक’ स्टाइल में कर चुका है हत्याकांड

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात गैंगस्टर दीपक बॉक्सर (Deepak Boxer) को गिरफ्तार कर लिया है। वह फर्जी पासपोर्ट बनाकर मेक्सिको पहुँच गया था। अमेरिकी जाँच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की मदद से वह मेक्सिको में पकड़ा गया और उसके बाद इस्तांबुल के रास्ते बुधवार (5 अप्रैल, 2023) सुबह उसे भारत वापस लाया गया। दीपक भारत में कई मामलों में वांटेड अपराधी है। दीपक बॉक्सर की गिरफ्तारी के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने आदेश दिया था।

गोल्ड मेडलिस्ट रह चुका है दीपक

कुख्यात गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ बॉक्सर हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। दीपक बॉक्सिंग में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुका है। अपराध की दुनिया में बॉक्सर की एंट्री 2015 में हुई थी। गोगी गैंग से जुड़े अपराधी मोहित से हुई मुलाक़ात के बाद वह अपराध को अंजाम देने लगा। दीपक 2016 में बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस कस्टडी से कुख्यात गैंगस्टर गोगी को छुड़ाने के बाद पहली बार चर्चा में आया था। इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर गोलाबारी भी की थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

2018 में उसके गैंग पर मकोका के तहत कार्रवाई हुई थी, तभी से वह फरार था। इस दौरान वह लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा। वह 10 मामलों में वांटेड अपराधी है। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत अन्य अपराध शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहिणी कोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या करवाने के बाद वह गोगी गैंग का मुखिया बन गया। यह गैंग लॉरेंस बिश्नोई की गैंग के साथ मिलकर काम करती थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग वही है, जो कई बार बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मरने की धमकी दे चुका है। दीपक बॉक्सर को विदेश भगाने में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने अहम भूमिका निभाई। बिश्नोई चाहता था कि दीपक बाहर रहकर गैंग का कामकाज संभाले। 27 वर्षीय दीपक पहल विदेश से ही रंगदारी माँग रहा था।

पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया

स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस के इतिहास में यह पहली बार है, जब संयुक्त पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से मेक्सिको से एक भगोड़े अपराधी को भारत वापस लाया गया है। कोर्ट परिसर में उसके द्वारा अंजाम दिए गए हत्याकांड को लोगों ने ‘पाताल लोक’ में ‘हथौड़ा त्यागी (अभिषेक बनर्जी का किरदर)’ से भी जोड़ा था।

धालीवाल के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दीपक बॉक्सर की लोकेशन के बारे में गुप्त सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। बॉक्सर और उसके गिरोह के खिलाफ इस साल 16 मार्च को स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसके तहत इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस मामले में यह तय किया गया था कि बॉक्सर का पता लगाया जाए और उसे दुनिया के किसी भी कोने से गिरफ्तार किया जाए। करीब एक हफ्ते तक बॉक्सर के सभी पुराने साथियों, गुर्गों और आपराधिक सहयोगियों के साथ निकट संबंधियों से गहन पूछताछ की गई। सभी को एक साथ सर्विलांस पर रखा गया। तब जाकर लगभग एक महीने बाद यह खुलासा हुआ कि वह नकली पासपोर्ट बनवाकर भारत से मेक्सिको भाग गया है। मेक्सिको पहुँचने से पहले अपराधी अलग-अलग देशों में जाकर रुका था।

ऐसे पकड़ा गया दीपक बॉक्सर

दिल्ली स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल HGS Dhaliwal ने मंगलवार (4 अप्रैल, 2023) को प्रेस वार्ता में बताया था कि इसी साल जनवरी में दीपक बॉक्सर बरेली से रवि अंटिल नाम का फर्जी पासपोर्ट बनाकर कोलकाता से दुबई भाग गया था।

उन्होंने बताया कि दुबई से होते हुए वो अलमाटी, कजाखस्तान और फिर तुर्की पहुँचा। यहाँ से वो स्पेन गया। कई अलग-अलग देशों की यात्रा करने के बाद आखिरकार वह मेक्सिको पहुँचा। उसकी लोकेशन कैनकुन सिटी में मिली थी। मेक्सिको का यह इलाका मानव तस्करों के अड्डे और ड्रग्स डीलिंग के लिए बदनाम है। बॉक्सर यहाँ से अमेरिका भागने वाला था। इस बीच दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के 2 अनुभवी अधिकारियों को मैक्सिको भेजा गया।

मैक्सिको पुलिस और एफबीआई की मदद से दीपक बॉक्सर को गिरफ्तार किया गया। वह पिछले 5 वर्षों के 10 सनसनीखेज मामलों में शामिल है। उसे भारत लाने के लिए मेक्सिको, अमेरिका और भारत की खुफिया एजेंसियों के साथ विदेश मंत्रालय और कई देशों के दूतावास ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का साथ दिया।

जहाँगीरपुरी में दिल्ली पुलिस का फ्लैग मार्च, रामनवमी के तरह हनुमान जन्मोत्सव पर भी शोभा यात्रा निकालने की नहीं दी अनुमति

दिल्ली पुलिस ने हनुमान जन्मोत्सव पर जहाँगीरपुरी में शोभा यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हनुमान जन्मोत्सव गुरुवार (06 अप्रैल 2023) को है। दिल्ली पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद और एक अन्य संगठन की तरफ से शोभा यात्रा की इजाजत माँगी गई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी है।

हनुमान जन्मोत्सव के मद्देनजर जहाँगीपुरी की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक दिन पहले बुधवार को दिल्ली पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। पुलिस ने आम लोगों से किसी भी तरह का अफवाह न फैलाने की अपील की है।

बता दें कि पिछले साल हनुमान जन्मोत्सव पर जहाँगीरपुरी में शोभायात्रा पर हमला हुआ था। इसे देखते हुए इस साल यहाँ रामनवमी शोभायात्रा निकालने की भी इजाजत नहीं दी गई थी। रामनवमी के अवसर पर देश के कई शहरों में हिंसा की घटनाओं सामने आई थीं। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस सतर्क है और जहाँगीरपुरी के चप्पे-चप्पे पर तैनात है।

पिछले साल हनुमान जन्मोत्सव पर 16 अप्रैल 2022 को जहाँगीरपुरी में शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुस्लिमों के समूह ने पथराव कर दिया था। इसके बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया था। तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। हमले में 8 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए जहाँगीरपुरी में रामनवमी शोभा यात्रा निकालने की भी इजाजत नहीं दी थी। हालाँकि इसके बावजूद इलाके में शांतिपूर्ण ढंग से रामनवमी पर शोभा यात्रा निकाली गई थी। जैसे ही दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में रामनवमी मनाने की तस्वीरें सामने आईं, ट्विटर पर कुछ यूजर भड़क गए और प्रतिबंध का हवाला देने लगे। इनमें आरजे सायमा और मेराज हुसैन जैसे लोग शामिल थे।

‘सेक्स किया, चुप रहने के लिए पैसे दिए, आदमी भेज कर धमकाया’: इधर डोनाल्ड ट्रम्प गिरफ्तार, उधर कोर्ट ने पोर्न स्टार से कहा – इनको ₹1 करोड़ दो

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में इस वक्त 2 नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं – पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पोर्न स्टार स्टॉर्मी डैनियल्स। डोनाल्ड ट्रम्प ने आत्मसमर्पण किया, उनकी गिरफ़्तारी हुई और फिर उन्हें अगली सुनवाई की तारीख़ देकर रिहा कर दिया गया। इससे उन्हें राजनीति में फायदा है या नुकसान, इस पर अलग-अलग विश्लेषण आ रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि ‘रिपब्लिकन पार्टी’ का सबसे बड़े नेता पर आखिर आरोप है क्या?

असल में उन पर बिजनेस फ्रॉड का मामला चल रहा है। ये मामला ‘Hus-Money Payment’ से जुड़ा हुआ है। इसका अर्थ है किसी खास सूचना को छिपाने के लिए किसी को रुपए देना। इसी लेनदेन के कारण डोनाल्ड ट्रम्प फँसे हुए हैं। पोर्न स्टार स्टॉर्मी डैनियल्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने उनके साथ सेक्स किया था और उनके पूर्व वकील ने उन्हें 1.30 लाख डॉलर (1.06 करोड़ रुपए) का पेमेंट किया था। ये पेमेंट 2016 में हुआ था।

तब अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव हो रहा था और डोनाल्ड ट्रम्प ने जीत दर्ज की थी। चुनाव के समय चुप्पी साधने के लिए पोर्न स्टार को रुपए दिए गए थे, मूल आरोप यही है। वकील माइकल कोहेन को बाद में कई मामले को जेल भेज दिया गया था। 2018 में ये आरोप पहली बार सामने आए थे। डोनाल्ड ट्रम्प पोर्न स्टार के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात नकार रहे हैं। जबकि स्टॉर्मी डैनियल्स (असली नाम – स्टेफनी क्लिफोर्ड) का कहना है कि जुलाई 2006 में एक चैरिटी गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान वो डोनाल्ड ट्रम्प से मिली थीं

कैलिफोर्निया और नेवाडा के बीच स्थित एक होटल और रिजॉर्ट है ‘Lake Tahoe’ नाम का। आरोप है कि डोनाल्ड ट्रम्प और स्टॉर्मी डैनियल्स ने यहीं रूम में सेक्स किया था। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रम्प के वकील इसे नकार रहे हैं। पोर्न स्टार ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रम्प ये सब को लेकर जरा भी चिंतित नहीं थे और वो उन्हें घमंडी लगे थे। उस समय डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलेनिया उनके साथ नहीं थीं और उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया था।

अब नए खुलासे में पोर्न स्टार का कहना है कि 2016 में जब उन्हें चुप रहने के बदले रुपए दिए गए तो उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे स्वीकार कर लिया, क्योंकि उन्हें शारीरिक और कानूनी रूप से धमकाया गया था। उन्होंने बताया कि 2011 में लास वेगास स्थित एक कार पार्किंग में एक अज्ञात ने आकर उन्हें कहा था, “ट्रम्प को अकेला छोड़ दो।” स्टॉर्मी डैनियल्स का कहना है कि उस वक्त उनकी बच्ची भी उनके साथ थी।

अज्ञात ने आगे कहा था, “ये काफी सुंदर बच्ची है। अगर इसकी माँ को कुछ हो गया तो ये बड़े ही शर्म की बात होगी।” आरोप है कि वकील कोहेन की एक शेल कंपनी ने उन्हें 20 मिलियन डॉलर का क़ानूनी नोटिस भेज कर उन पर करार तोड़ने का आरोप लगाया था। ‘Hus-Money’ पेमेंट अवैध नहीं है, लेकिन ट्रम्प पर इसके लिए बिजनेस में गड़बड़ी करने के आरोप लग रहे हैं। मैनहटन कोर्ट में ट्रम्प ने खुद को निर्दोष बताया है।

हालाँकि, इन सबके बीच एक अदालत से ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए अच्छी खबर भी आई। स्टॉर्मी डैनियल्स ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया था, जो वो हार गई थीं। इसी मामले में कोर्ट ने उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प की टीम को 1.20 लाख डॉलर (98.44 लाख रुपए) की क़ानूनी फीस के भुगतान का आदेश दिया। अब तक उन्हें 5 लाख डॉलर (4.10 करोड़ रुपए) भुगतान करने का आदेश दिया जा चुका है। ये मामला उसी कार पार्किंग धमकी से जुड़ा है। ट्रम्प ने इसे फर्जीवाड़ा बताया था, जिसके बाद स्टॉर्मी कोर्ट पहुँच गई थीं।