30 मार्च 2023 को गुजरात के गिर-सोमनाथ जिले के उना में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के बाद एक धर्म सभा का भी आयोजन हुआ। इस सभा को सामाजिक कार्यकर्ता काजल सिंगला (काजल हिंदुस्तानी) ने संबोधित किया। उनके भाषण को विवादास्पद बताकर स्थानीय मुस्लिमों ने पूरे शहर में हिंसक प्रदर्शन किए। जगह-जगह पथराव और आगजनी की। दो दिनों तक उना में उत्पात जारी रहा।
अब काजल सिंगला पर तथाकथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर समेत कई इस्लामवादी हमलावर हैं। इस्लामवादी गुजरात समेत देश के कई शहरों में रामनवमी शोभा यात्रा पर हमलों के बाद हुई हिंसा का दोष हिंदुओं पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में काजल हिंदुस्तानी को भी निशाना बनाया जा रहा है, ताकि उना में हुई हिंसा का दोष उनके सिर पर मढ़ा जा सके। सोशल मीडिया पर हिंदुत्व वॉच और मोहम्मद जुबैर जैसे लोग काजल हिंदुस्तानी का नाम उछाल रहे हैं।
खबरों के मुताबिक उना में हुई रामजी की शोभायात्रा में 30 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। जुलूस के बाद त्रिकोण बाग के पास रावणवाड़ी में धार्मिक सभा का आयोजन किया गया। इसमें काजल हिंदुस्तानी ने भाषण दिया। काजल हिंदुस्तानी ने अपने भाषण में लव जिहाद और लैंड जिहाद समेत कई मुद्दों पर बात की।
इसके बाद शुक्रवार (31 मार्च, 2023) को बड़ी संख्या में मुस्लिम सड़कों पर उतरे और रामनवमी के अवसर पर दिए गए भाषण को विवादास्पद कहते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। गौरतलब है कि यह जुमे का दिन था। मुस्लिम भीड़ ने एक पुलिस थाने के आगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए गए। इससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
Again, Sar tan se juda slogan raised by jihadi radicals in Una, Gujarat Muslim goons raised slogans in front of the police post, @sanghaviharsh now in what language will you answer them? You used to say that you will forget to look at the stone !#HindusUnderAttackpic.twitter.com/uPwCHJ5era
जुमे के दिन मुस्लिमों द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद सांप्रदायिक तनाव फैलने लगा। जिसे देखते हुए उना पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम पक्ष के नेताओं को बुलाया। अगले दिन बैठक के बीच दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया और स्थिति तनावपूर्ण होने पर मुस्लिम नेता बैठक छोड़कर चले गए। शहर में इसकी भनक लगते ही पूरा बाजार बंद हो गया। गिर-सोमनाथ एसपी ने सर्किट हाउस में दोनों समुदाय के पाँच-पाँच नेताओं को बुलाकर समझौता कराया। इस दौरान शहर में पुलिस ने गश्ती बढ़ा दी।
सुलह के कुछ ही घंटों बाद शाम को फिर से माहौल बिगड़ गया और शहर में पथराव की घटना हो गई। देर शाम उना के कुंभरवाड़ा, कोलीवाड़ और चंद्रकिरण समाज क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने पथराव किया गया और सोडा की बोतलें भी फेंकी गईं। पुलिस ने किसी तरह सड़क पर उतरी भीड़ को नियंत्रित किया। शुक्रवार (31 मार्च, 2023) को मुस्लिम युवकों ने चक्का जाम कर ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए। इसके बाद शनिवार की शाम पथराव हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 70 पत्थरबाजों को हिरासत में लिया।
उना में पुलिस को पत्थरबाजों व दंगाइयों की धर-पकड़ के दौरान भारी मात्रा में हथियार मिले, जो एक पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस को मिले हथियारों में तलवार, कुल्हाड़ी, चाकू, उस्तरा, लोहे का पाइप, लकड़ी और काँच की बड़ी बोतलें मिली हैं। पुलिस हथियारों को जब्त कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
2 अप्रैल को काजल हिंदुस्तानी ने इंडिया टीवी को इंटरव्यू दिया। तब तक जिहादियों ने काजल हिंदुस्तानी को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी देनी शुरू कर दी थी। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि काजल हिंदुस्तानी अपने उना वाले भाषण पर सफाई दे सकती हैं। इंडिया टीवी के शो ‘सवाल तो बनता है’ में काजल सिंगला ने हेट स्पीच पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि आज अगर देश में कोई हिंदू साँस लेता है तो कुछ लोग इसे हेट स्पीच समझते हैं।
काजल ने लगभग 40 मिनट के साक्षात्कार के दौरान कई मुद्दों पर खुलकर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि मैंने आज तक कभी किसी जाति, धर्म या भगवान के बारे में बुरा नहीं बोला। मैंने सच कहा है और अगर इसमें भी किसी को बुरा लगता है तो मैं जिम्मेदार नहीं हूँ। उन्होंने कहा कि पीएफआई की साजिश के तहत देश में लव जिहाद, जमीन जिहाद और धर्मांतरण की घटनाएँ हो रही हैं। पीएफआई भारत के लिए एक खतरनाक संगठन है जो मुस्लिम नौजवानों को कट्टरवाद, आतंकवाद और अलगाववाद सिखाता है।
काजल हिंदुस्तानी ने आगे कहा, “मैं उनकी लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसे मंसूबों के खिलाफ बोल रही हूँ, इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं कुछ गलत कह रही हूँ या हेट स्पीच दे रही हूँ।” सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि जब मैं मुस्लिम समाज में महिलाओं के फायदे के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात करती हूँ तो लोगों को बुरा लगता है। बता दें इन दिनों गुजरात में लव जिहाद और लैंड जिहाद के कई मामले सामने आए हैं।
रामनवमी के अवसर पर आयोजित सभा में लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाषण के बाद कई मुस्लिम नेताओं ने काजल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। उनपर एफआईआर दर्ज कर लिया गया। उन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया। इस बीच अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस्लामवादी यूजर सक्रिय हुए और काजल हिंदुस्तानी को निशाना बनाना शुरू किया। हमेशा की तरह यह दिखाने की कोशिश हुई कि दंगों के पीछे हिंदुओं का ही हाथ है।
कुख्यात ट्विटर अकाउंट हिंदुत्व वाच(@HindutvaWatchIn) ने काजल हिंदुस्तानी के एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “एक हिंदू जागृति सम्मेलन में काजल शिंगला उर्फ काजल हिंदुस्तानी ने मुस्लिमों को निशाना बनाते हुए घृणास्पद भाषण दिया। वो बार-बार यह अपराध करती हैं। उन्होंने हिंदुओं से आह्वान किया कि अपनी रक्षा के लिए जाग जाएँ और हथियार उठा लें।”
Location: New Delhi
At Hindu Jagruti Samelan, Kajal Shingla aka Kajal Hindusthani, a repeat offender, delivered hate speech targeting Muslims and called on Hindus to wake up and pick arms to defend themselves. pic.twitter.com/o8P2aTcvwe
जैसा कि इस वीडियो में सुना जा सकता है कि काजल हिंदुओं से खतरे का सामना करने के लिए शस्त्र उठाने की बात कर रही हैं न कि किसी पर हमला करने के लिए। काजल आत्मरक्षा की बात कर रही हैं। हालाँकि इसके तुरंत बाद प्रोपेगेंडा पोर्टल ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक और तथाकथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने हिंदुत्ववाच के वीडियो को शेयर किया। उसने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा, “काजल सिंगला (काजल हिंदुस्तानी) कहती हैं- उठो हिंदुओं, खड़े हो जाओ, अपनी रक्षा के लिए शस्त्र उठा लो। क्या यह हथियार उठाने के लिए उकसाना नहीं है?”
Kajal Singla (Kajal Hindustani) says, “Utho Hinduon shastra apne aap uthao, apni raksha apne aap karo”. Isn’t this provocation to pick up arms? @DelhiPolice ? https://t.co/EETZzknITe
यहाँ भी यह फ़ैक्टचेकर ज़ुबैर आत्मरक्षा में हथियार उठाने के आह्वान को भड़काऊ बता रहा है। गौरतलब है कि यह वही फैक्ट चेकर है जिसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को सोशल मीडिया पर इसी तरह निशाना बनाया था और इसके परिणामस्वरूप इस्लामवादियों से उन्हें ‘सर तन से जुदा’ की धमकी मिली थी। जुबैर के भड़काने के बाद ही कट्टरपंथियों ने उदयपुर में कन्हैया लाल नाम के एक व्यक्ति की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उसने सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट लिखा था।
उसके बाद नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की भी इस्लामवादियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इन इस्लामवादियों खासकर मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने नूपुर शर्मा के जीवन को खतरे में डाल दिया है। उसी तरह का माहौल अब वे काजल हिंदुस्तानी के लिए बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 2 अप्रैल के बाद से काजल हिंदुस्तानी के किसी भी सोशल मीडिया हैंडल पर कोई पोस्ट या स्टेटस नहीं देखा गया है। ऑपइंडिया की टीम ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब यह देखना होगा कि काजल हिंदुस्तानी की आगे की जिंदगी क्या नूपुर शर्मा की तरह ही जिहादियों से डरकर छिपने में गुजरेगी। या इस बार स्थिति बिगड़ने से पहले ही सरकार और सिस्टम द्वारा कुछ कदम उठाए जाएँगे।
हाल ही में रामनवमी के दौरान देश के कई इलाकों में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा देखने को मिली। बिहार और पश्चिम बंगाल में दंगे लंबे समय तक चलते रहे। वहीं अब गुरुवार (6 अप्रैल, 2023) को हनुमान जयंती का भी त्योहार है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है कि वो सुनिश्चित करें कि हनुमान जयंती के दिन कोई हिंसा न हो। सलाह दी गई है कि उस दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी कर ली जाए।
इससे साफ़ पता चलता है कि रामनवमी और उसके बाद हुई हिंसा की वारदातों के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्रालय सतर्क है। MHA ने राज्यों से कहा है कि वो उन सभी पहलुओं का ध्यान रखें, जो त्योहार के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की आशंका रखता हो। त्योहार का शांतिपूर्ण आयोजन हो सके, ये सुनिश्चित करने को कहा गया है। बिहार का सासाराम और नालंदा हिंसा की कई घटनाओं से जलता रहा। पीड़ित हिन्दुओं ने कैमरे के सामने आकर अपनी बातें रखी हैं।
West Bengal government submits before Calcutta High Court a report on the recent violence in Shibpur & Rishra. The court asks the state govt what steps it is taking to ensure peace and tranquillity in the state in view of the upcoming Hanuman Jayanti. Court tells state govt that…
उधर शिबपुर और रिशरा में ताज़ा हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की। इसके बाद उच्च न्यायालय ने TMC सरकार से पूछा कि वो हनुमान जयंती के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कौन-कौन से कदम उठा रही है? राज्य में जो महत्वपूर्ण इमारतें हैं, उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र से अर्धसैनिक बलों की तैनाती के लिए निवेदन करने की सलाह भी कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार को दी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि ये निर्देश देना ज़रूरी था, ताकि आम जनता को ये आश्वासन मिले कि वो वो बिना किसी डर और नुकसान की आशंका के हनुमान जयंती के आयोजनों में हिस्सा लें। हावड़ा और हुगली में रामनवमी के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा देखने को मिली थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने ‘सतर्कता से सावधानी भली’ कहावत की याद दिलाते हुए सलाह दी कि बंगाल सरकार अर्धसैनिक बलों की सहायता ले। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी ने रमजान का हवाला देते हुए हिन्दुओं को ‘मुस्लिम एरिया’ में न जाने की सलाह दी थी।
कन्नड़ फिल्मों के सुपरस्टार किच्चा सुदीप (Kichcha Sudeep) को धमकी मिली है। धमकी भरे पत्र में उनके प्राइवेट वीडियो लीक करने की बात कही गई है। उन्हें ऐसे वक्त में धमकी दी गई है जब कर्नाटक विधानसभा चुनावों में उन्हें बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है। हालाँकि बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को उन्होंने खारिज कर दिया है।
किच्चा सुदीप ने बुधवार (5 अप्रैल 2023) को बेंगलुरु में मीडियाकर्मियों से कहा, “मैं केवल भाजपा के लिए प्रचार करूँगा, चुनाव नहीं लड़ूँगा।” इसके साथ ही उन्होंने धमकी भरा पत्र मिलने की खबर की पुष्टि भी की। ‘विक्रांत रोणा’ फिल्म के अभिनेता ने कहा, “हाँ, मुझे धमकी भरा पत्र मिला है और मैं जानता हूँ कि यह मुझे किसने भेजा है। मुझे पता है कि यह फिल्म इंडस्ट्री में से ही कोई एक है। मैं उन्हें करारा जवाब दूँगा। मैं उन लोगों के पक्ष में काम करूँगा, जो मेरे कठिन समय में मेरे साथ खड़े हैं।”
I will only campaign for the BJP, not contest the elections: Kannada actor Kichcha Sudeepa, in Bengaluru pic.twitter.com/tw5oewOAXd
दरअसल, कर्नाटक में 10 मई 2023 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले साउथ के सुपरस्टार किच्चा सुदीप और दर्शन थुगुदीपा के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं ने काफी ज़ोर पकड़ा था। इस दौरान किच्चा सुदीप के मैनेजर को एक धमकी भरा पत्र मिलने की खबर सामने आई थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केस भी दर्ज किया था।
पुलिस के अनुसार, अभिनेता सुदीप के मैनेजर जैक मंजू (Jack Manju) को एक धमकी भरा पत्र मिला था, जिसमें आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। इसके साथ ही अभिनेता के प्राइवेट वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी गई थी। पुत्तनहल्ली पुलिस ने अभिनेता के मैनेजर की शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 504, 506 और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) को सौंपने के बारे में भी विचार किया था। गौरतलब है कि पिछले साल किच्चा सुदीप अपने एक बयान के कारण काफी सुर्खियों में रहे थे। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि ‘हिंदी अब एक राष्ट्रीय भाषा नहीं है।’ उनके इस बयान पर विवाद हो गया था। इसके बाद अजय देवगन ने उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी। अजय देवगन ने कहा था, “अगर हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है तो अपनी फिल्में हिंदी में क्यों डब करते हो।” इस विवाद ने साउथ बनाम हिंदी इंडस्ट्री की बहस छेड़ दी थी।
रामनवमी के मौके पर बिहार के अलग-अलग इलाकों में जम कर हिंसा हुई, जिसका सबसे ज्यादा असर सासाराम और नालंदा में देखने को मिला। पीड़ित हिन्दुओं ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा रोई है। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी दंगों को लेकर बयान दिया है। विधानसभा में विपक्षी भाजपा ने आक्रामक रूप से इस मुद्दे को उठाया। विधायक जीवेश मिश्रा को 5 मार्शल टाँग कर सदन से बाहर ले आए। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने भी बिहार की जदयू-राजद महागठबंधन सरकार पर हमला बोला।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिंसा की घटनाओं पर कहा, “पुलिस-प्रशासन वगैरह सब लोगों ने मिल कर काम किया, बहुत अच्छे ढंग से सब कुछ कंट्रोल हुआ। मैंने एक-एक व्यक्ति से पूछा, और जान लीजिए, सभी लोग लगे हुए हैं। एक-एक घर में जाकर देखा जा रहा है। कुछ दिन के बाद आपलोगों को पता चलेगा। जानबूझ कर ये सब करवाया गया है। एक जगह (सासाराम) उन्हें जाना था तो वहाँ करवाया गया। और दूसरी जगह बिहारशरीफ है, समझ गए? पूरे राज्य का नाम बिहार और उस जगह का नाम भी बिहार है। ये नाम हमने ही रखा है।”
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहारशरीफ में धंधा करने की जो कोशिश की गई है, ये सब पता चलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ न कुछ बोलते रहता है, लेकिन कहीं कुछ है ही नहीं। उन्होंने कहा कि ये सब पर जाँच हो रही है और उनकी अपील है कि आपस में कोई झगड़ा न हो। उन्होंने दावा किया कि आज तक ये सब नहीं हुआ। साथ ही पूछा कि अब ये सब क्या हुआ? उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अनाप-शनाप डाले जाने का आरोप लगाया।
सीएम नीतीश कुमार ने सारा हिंसा का ठीकरा ‘2 लोगों’ पर फोड़ते हुए कहा कि एक राज कर रहा है और दूसरा उसका एजेंट है। उन्होंने कहा कि यही दोनों मिल कर इधर-उधर कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यपाल से बात किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार से बातचीत की जाती है। उन्होंने दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी के काल में पार्टी अच्छे तरीके से चलती थी, लेकिन आजकल सारी चीजों पर कब्ज़ा कर लिया गया है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एक-एक चीज पर नजर है, पूरे बिहार पर नजर है, उन्होंने तत्काल बैठक की है। उन्होंने अमित शाह के बयान ‘दंगाइयों को उलटा लटका कर सीधा करेंगे’ वाले बयान पर कहा कि 2017 में भाजपा के साथ उनकी सरकार थी तब भाजपा नेता के एक बेटे ने ही सब किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया में एकतरफा ‘उनलोगों’ का ही छपता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों से उन्हें काफी उम्मीद है, वो लोग लोगों से बात करेंगे तो सच्चाई पता चलेगी।
नालंदा जाने के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि ये तो उनकी जगह ही है और वो पटना से ही बात कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि वो वहाँ जाते ही रहते हैं और कई कार्य करवाए हैं। असदुद्दीन ओवैसी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि AIMIM केंद्र सरकार की सत्ताधारी पार्टी का एजेंट है। उन्होंने कहा कि ज्यादा सांसदों वाली पार्टी की खबरें नहीं छपती, लेकिन ओवैसी की खबरें छपती है। उन्होंने पूछा कि ओवैसी कहाँ के रहने वाले हैं और यहाँ उनका क्या है?
उन्होंने ये भी कहा कि सुशील मोदी को तो बोलना ही न है, दूसरा कौन उपाय है। उधर एक अन्य वीडियो में पूर्व मंत्री और दरभंगा के जाले से विधायक जीवेश मिश्रा को मार्शलों ने टाँग कर विधानसभा से बाहर कर दिया। इस पर उन्होंने ऐतराज जताते हुए कहा कि विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। मिश्रा ने कहा कि बिहार में दंगों और हिन्दुओं पर हुए अत्याचार, रामनवमी के जुलूस पर पत्थरबाजी और हिन्दुओं के कत्लेआम पर उन्होंने सीएम नीतीश से सदन में आकर जवाब देने को कहा तो उनके साथ ऐसा हुआ।
#WATCH | Bihar: BJP MLA Jivesh Mishra carried out of the House by marshals on order of Bihar Assembly Speaker for causing a ruckus inside Assembly pic.twitter.com/YGChQ7q47K
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को शर्मसार करने का काम किया गया है। हालाँकि, विधानसभा में भाजपा नेताओं ने जब विरोध किया तो बिहार सरकार के मंत्री-विधायक हँसते हुए नजर आए। बता दें कि बिहार में रामनवमी के बाद कई हिन्दुओं के गायब होने की बात कही जा रही है। विपक्षी दलों और पीड़ितों के आरोपों को वहाँ की सरकार और पुलिस लगातार नकार रही है।
झारखंड के गढ़वा में मुस्लिम अंसारी की हुई हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। हत्या के आरोप में उसकी बीवी जुलेखा और दामाद नाजिर अली को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को जेल भेज दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार जुलेखा और नाजिर के अवैध संबंध थे। इसका विरोध करने के कारण दोनों ने कुल्हाड़ी से काटकर मुस्लिम अंसारी की हत्या कर दी और उसकी लाश खेत में फेंक दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गढ़वा के ऊंटारी थानाक्षेत्र का है। सोनबरसा गाँव का मुस्लिम अंसारी बेंगलुरु में काम करता था। नाजिर अली भी बेंगलुरु में ही काम करता था। यहीं दोनों की दोस्ती हुई थी। छुट्टी में नाजिर अली अक्सर मुस्लिम अंसारी के गढ़वा स्थित घर आया-जाया करता था। बाद में मुस्लिम अंसारी ने अपनी बेटी का निकाह नाज़िर अली से कर दिया। कुछ समय बाद नाज़िर और उसकी सास जुलेखा में अवैध संबंध बन गए।
दावा किया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब 2 सालों से अवैध संबंध था। इसका पता चलने पर मुस्लिम अंसारी ने विरोध किया। इसी विरोध के चलते वह बीवी जुलेखा और दामाद नाज़िर की आँखों में खटकने लगा था। सास और दामाद किसी भी हाल में रिश्ता खत्म करने के लिए तैयार नहीं थे। 25 मार्च 2023 को मौक़ा पा कर जुलेखा ने दामाद नाज़िर के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन के पास मुस्लिम अंसारी की हत्या कर दी।
SDPO श्री बंशीधर नगर के नेतृत्व में गठित टीम के द्वारा कांड का उद्भेदन कर हत्या में शामिल अभियुक्त 1. जुलेखा बीबी एवं 2. नाजिर अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
मुस्लिम अंसारी की हत्या सिर पर कुल्हाड़ी मार कर की गई थी। हत्या के बाद दोनों ने लाश को खेत में फेंक दिया और पुलिस के आगे अनजान बने रहे। आखिरकार पुलिस ने जाँच कर मामले का खुलासा 30 मार्च 2023 को किया। पूछताछ में जुलेखा ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयोग हुई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में रामनवमी के मौके पर हिन्दू विरोधी हिंसा हुई, लेकिन राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका इसका सारा ठीकरा पीड़ित हिन्दुओं पर ही फोड़ डाला। उन्होंने उलटा हिन्दुओं से ही कहा कि वो रमजान के महीने में मुस्लिमों की रक्षा करें। जिस पश्चिम बंगाल में मुस्लिम लगभग एक तिहाई हो गए हैं, वहाँ की सीएम उन्हें अल्पसंख्यक बता रही हैं। उन्होंने ‘मुस्लिम एरिया’ का भी जिक्र किया, जिसके लिए आपको मद्रास हाईकोर्ट की एक पुरानी टिप्पणी याद कराए जाने लायक है।
असल में TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा था कि हिन्दुओं को रामनवमी मनानी चाहिए, लेकिन उन्हें ‘मुस्लिम एरिया’ में नहीं जाना चाहिए क्योंकि अभी रमजान का महीना चल रहा है। यानी, इस देश में अब मुस्लिमों के अलग एरिया बन गए हैं, जहाँ हिन्दू त्योहारों की शोभा यात्राएँ नहीं घुस सकतीं। ये सब तब हो रहा है, जब ‘मुस्लिमों के लिए अलग मुल्क’ की माँग पर ही भारत का बँटवारा हुआ था। इसका परिणाम ये हुआ कि पाकिस्तान और बांग्लादेश उन्हें मिला।
अब बात करते हैं मद्रास हाईकोर्ट की उस टिप्पणी की, जो उसने किसी तरह के एक मामले को लेकर की थी। मामला तमिलनाडु के पेरम्बलूर जिले के वी कलाथुर इलाके का था। एक खास रूट को लेकर मुस्लिमों की आपत्ति थी कि यहाँ से मंदिर की यात्रा नहीं निकल सकती। पुराने समय से ही वहाँ मंदिरों का 3 दिवसीय त्योहार हर साल आयोजित होता आ रहा है, लेकिन 2012 से स्थानीय मुस्लिम इसे हराम बता कर आपत्ति जताने लगे।
जजों ने भी इस बात को माना कि 2011 तक गाँव के हर रास्ते पर मंदिर की शोभा यात्रा निकलती थी और किसी को कोई आपत्ति नहीं होती थी। मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सड़कों या गलियों तक जनता की पहुँच होनी चाहिए, चाहे वो किसी भी धर्म/मजहब के हों। मद्रास हाईकोर्ट ने भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बताते हुए कहा था कि किसी खास क्षेत्र में किसी मजहब के लोग बहुलता में हैं, इसका ये अर्थ नहीं है कि वहाँ से दूसरे धर्म के लोग यात्रा नहीं निकाल सकते।
Bengal Clashes
India stands united! I believe every inch of our country belongs to every Indian. It’s only geographically that we have states: @gauravbh slams Mamata Banerjee’s “Muslim area” remarks.
मद्रास हाईकोर्ट ने चेताया कि ऐसे मामलों से इस तरह की स्थितियाँ उत्पन्न हो जाएँगी कि अल्पसंख्यक देश के अधिकतर हिस्सों में अपने त्योहार नहीं मना सकेंगे, या जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा था कि इसी तरह की दिक्कतें दूसरा समाज भी करने लगे तो देश भर में अशांति और उन्माद का माहौल पैदा हो जाएगा। TMC को भी देश की न्यायपालिका पर अगर भरोसा है तो ‘मुस्लिम एरिया’ जैसी बातें नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सदियों से जो परंपरा है उसे निभाने से रोकना हिन्दुओं के साथ अन्याय है।
मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC को मोदी सरकार ने जमकर लताड़ लगाई है। रामनवमी हिंसा को लेकर ओआईसी प्रोपेगेंडा कर रहा था। चिंता जताने के बहाने हिंदुओं को ‘कट्टरपंथी’ और मुस्लिमों को ‘विक्टिम’ दिखलाने की कोशिश कर रहा था। मोदी सरकार ने इसे ओआईसी की मजहबी सोच और भारत विरोधी एजेंडे का नमूना बताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने 4 अप्रैल 2023 को OIC के बयान पर कड़ा एतराज जताया। ओआईसी को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा, “हम भारत के संबंध में OIC सचिवालय की ओर से जारी किए गए बयान की कड़ी निंदा करते हैं। ओआईसी का यह बयान उसकी सांप्रदायिक मानसिकता और भारत विरोधी एजेंडे का एक और नमूना है।” बागची ने कहा कि भारत विरोधी ताकतों के झाँसे में आकर OIC अपनी प्रतिष्ठा को खुद नुकसान पहुँचा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत के 7 राज्यों के कई जगहों पर रामनवमी शोभा यात्रा को निशाने बनाने की घटना सामने आई है। ज्यादातर मामलों में शोभा यात्रा पर हमले मस्जिद के पास हुए हैं। बिहार के सासाराम और बिहारशरीफ में भी हिंसा हुई है। बिहारशरीफ में एक मदरसे के जलने की घटना सामने आई है। वैसे यहाँ आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं है। कुछ लोग आशंका जाहिर कर रहे हैं कि खुद को पीड़ित दिखाने के लिए दंगाइयों ने जानबूझकर आग लगाई हो।
इन घटनाओं का हवाला देते हुए OIC ने 4 अप्रैल को एक बयान जारी किया था। इस बयान में कहा गया था, “OIC सचिवालय रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान भारत के कई राज्यों में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाली हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं से चिंतित है। कट्टरपंथी हिंदुओं की भीड़ ने 31 मार्च को बिहारशरीफ में मदरसे और लाइब्रेरी को आग के हवाले कर दिया। ओआईसी दोषियों पर कड़ी कड़ी कार्रवाई और देश में मुस्लिमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान भारतीय अधिकारियों से करता है।”
बयान में मुस्लिमों को विक्टिम दिखाने के लिए ‘इस्लामोफोबिया’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। वैसे यह पहली बार नहीं है, जब ओआईसी ने भारत के अंदरुनी मामलों को लेकर टिप्पणी की हो। वह जम्मू-कश्मीर को लेकर भी विवादित बयान दे चुका है।
दिल्ली में रामनवमी के मौके पर लगाए गए भगवा झंडों को पैरों से कुचलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। करीब 28 सेकेंड के इस वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान अजीम के तौर पर हुई है। पुलिस ने अजीम पर FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अजीम पर IPC की धारा 153 A और 295 A के तहत एक्शन लिया है। यह मामला दिल्ली के शास्त्री पार्क थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गली नंबर 8 में रहने वाले सागर ने अजीम के खिलाफ हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। उसने अजीम की करतूत का वीडियो भी पुलिस को सौंपा था।
Case registered under sections 153A and 295A IPC at PS Shastri Park against one Azim for allegedly insulting saffron flags that were placed along a street in the Shastri Park area on Ram Navami. The man was arrested and further investigation is underway: Delhi Police
सोशल मीडिया वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि रात के अँधेरे में कुर्ता-पायजामा पहना एक व्यक्ति पहले गली में टाँगे गए भगवा झंडों को नोंचता है और फिर पैरों से उसे कुचलने लगता है। 28 सेकेंड के इस वीडियो के अंत में आरोपित अपने घर में चला जाता है। पुलिस जाँच में यह हरकत करने वाला आरोपित अजीम निकला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
शास्त्री पार्क इलाके में राम नवमी मे लगाए गए भगवा झंडे को पैरों से कुचने par अजीम पर FIR darj अजीम ने गली में लगे हिंदू धार्मिक ध्वज का अपमान किया पुलिस ने IPC U/s 153A, 295A के तहत मामला दर्ज किया है। pic.twitter.com/096R0yAJoQ
गौरतलब है कि इस साल रामनवमी पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कट्टरपंथियों द्वारा हिंसा की गई। इस हिंसा से खास तौर पर बिहार, बंगाल, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र प्रभावित हुए हैं। दिल्ली के जहाँगीरपुरी में पिछले साल रामनवमी पर हुई हिंसा के बाद प्रशासन इस बार की शोभायात्रा की अनुमति देने में आनाकानी कर रहा था। हालाँकि बाद में हिन्दू संगठनों ने भव्य शोभायात्रा निकाली थी।
रामनवमी हिंदुओं के लिए हर्षोल्लास का पर्व है। माहौल लेकिन इसके उलट रहा इस साल। देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा की गई, हर जगह निशाने पर थे हिंदू। पत्थरबाजी से एक कदम आगे बढ़ बमबाजी और आगजनी करके हिंदुओं को खौफ में रखने का षड्यंत्र किया गया। दो कदम आगे बढ़ प्रोपेगेंडा फैलाया गया कि हिंसा हिंदुओं ने ही की, वो मुस्लिमों को सता रहे। ‘शांतिप्रिय’ इस्लामी इकोसिस्टम के कट्टर मुस्लिम सिपाहियों ने इस प्रोपेगेंडा की पटकथा लिखी। इसे दूर-दूर तक फैलाने का काम किया वामपंथी इकोसिस्टम ने।
बॉलीवुड के हीरो से लेकर पाकिस्तानी हिरोइन तक, पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंशर, प्रोफेसर, नेता, राजनीतिक दल, हिंदुस्तानी-पाकिस्तानी-विदेशी… हिंदू-घृणा से सने हर क्षेत्र के लोगों ने रामनवमी पर हिंदुओं को कलंकित करने का कार्य किया। यह किया गया बहुत ही सुनियोजित ढंग से। मीर फैजल नाम के तथाकथित पत्रकार को इस खेल का प्यादा बनाया गया।
‘मकतूब मीडिया’ के लिए काम कर रहे मीर फैजल ने रामनवमी की ही रात (30-31 मार्च 2023) को ट्विटर पर एक थ्रेड पोस्ट किया। इस थ्रेड में कुल 24 ट्वीट थे। अब 21वाँ डिलीट कर दिया गया है। वो भी इसलिए क्योंकि इस्लामी-वामी इकोसिस्टम की प्रिय राजस्थान पुलिस ने ही इसका फैक्ट-चेक कर दिया। नीचे जिस वीडियो पर राजस्थान की गंगानगर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी है, वही वीडियो 21वें थ्रेड में डाला गया था। फेक न्यूज फैलाने वालों की गिरफ्तारी की बात सुन फैजल का खून ठंडा पड़ गया, चुपके से डिलीट कर दिया।
ये पूर्ण सत्य घटना नहीं है । फेक न्यूज फैलाने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये ध्वज किसी मस्जिद पर नहीं लगा है, ये एक व्यक्ति के घर पर लगा है। pic.twitter.com/Yx0IPqxnKe
हिंदुओं का नाम हिंसा के साथ जोड़ने के लिए कोई भी फर्जी वीडियो पोस्ट करना, उसके बारे में 2-4 लाइन कुछ भी लिख देना… मीर फैजल ने प्रोपेगेंडा का यही तरीका अपनाया। एक को राजस्थान पुलिस ने धर लिया, बाकी 23 को हम ध्वस्त करेंगे, एक-एक करके।
1. महाराष्ट्र के किराडपुरा में हुई हिंसा
ट्विटर थ्रेड की शुरुआत 12 सेकंड के एक वीडियो से की गई। लिखा गया कि मुस्लिम-बहुल किराडपुरा में मुस्लिमों के ही खिलाफ भड़काऊ नारे बाइक सवार कुछ युवकों ने लगाए। इसके बाद कहासुनी हुई और फिर हिंसा भड़की। वीडियो की सच्चाई आखिर है क्या? सच्चाई यह है कि किसने नारे लगाए, किसने किसको उकसाया, किसने हिंसा की, पत्थरबाजी कहाँ से हुई, किन लोगों ने सड़क पर गाड़ियों को जलाया – 12 सेकंड के वीडियो को 12 बार देखने के बाद भी पता लगाना असंभव है। बस झूठ गढ़ दिया गया, इस्लामी-वामी लोगों ने उसे ‘पाक-शब्द’ मान कर फैला दिया।
किराडपुरा में हुई हिंसा का सच यह है कि वहाँ राम मंदिर के सामने पत्थरबाजी और बमबाजी की गई। दूसरा सच यह है कि AIMIM के सांसद इम्तियाज जलील ने मंदिर को मुस्लिम दंगाइयों से बचाने का दावा किया, खुद को हीरो बनाया। इम्तियाज जलील के अनुसार मंदिर पर पथराव करने वालों की संख्या लगभग 500 थी। मंदिर के अंदर कई हिंदू जान बचाने के लिए छिपे हुए थे, कुछ पुलिस वाले भी थे। मंदिर के विशाल गेट और अंदर से लॉक लगे होने के कारण दंगाई घुस नहीं पाए। इसके बाद उन लोगों ने प्रवेश द्वार पर लगे भगवा झंडे को फाड़ने की कोशिश की।
2. बिहार के लखीसराय में भड़काऊ गाने
पूरे 1 मिनट का वीडियो पोस्ट किया गया। लिखा कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तलवारें चमकाईं और भड़काऊ गानों के साथ शोभा यात्रा निकाली। लाउडस्पीकर पर गाने के बीच बोला गया – “जिनको पाकिस्तान पसंद है, वो पाकिस्तान चले जाएँ। हम उन्हें रोकेंगे नहीं, मुफ्त में टिकट देंगे।”
In Lakhisarai, Bihar, Bajrang members brandished swords and played provocative songs during Shoba Yatra.
“Those who like Pakistan should go to Pakistan. We will not stop them but provide free tickets.”+ pic.twitter.com/lzuLPtmsng
इस वीडियो का सच यह है कि लखीसराय में रामनवमी की शोभा यात्रा शांतिपूर्ण रही। रामनवमी पर हिंदुओं का तलवार लेकर निकलना, लाठी भाँज कर करतब करना अपने धर्म के प्रति समर्पण है, एकता का प्रदर्शन है। ‘जय श्रीराम’ के बोल वाले बैकग्राउंड म्युजिक का गाना भड़काऊ कैसे हो सकता है मीर फैजल?
और हाँ, भारत में रहने वाले किसी भी नागरिक को भूखा-नंगा पाकिस्तान कैसे पसंद हो सकता है? इसके बावजूद भारत पर बार-बार आक्रमण करने, आतंकवादियों को भेजने वाला देश अगर किसी को पसंद है तो उसे उसके पसंदीदा देश में भेजने की बात करने वाली लाइन भड़काऊ केसै? यह तो स्वागत-योग्य बात है। कट्टर इस्लामी हो या वामी, मुफ्त में अपनी पसंदीदा जगह जाने से क्यों हिचक रहे हो, बिंदास जाओ।
3. खंडवा (मध्य प्रदेश) में नाम-मजहब पूछ युवक पर हमला
12 सेकंड का वीडियो है। एक युवक घायल है, अस्पताल के बेड पर लेटा हुआ। लिखा गया कि घायल युवक से उसका नाम-मजहब पूछ कर 3 लोगों ने चाकूओं से मारा।
आखिर सच क्या है? पहला सच यह है कि पूरी वीडियो में न तो घायल युवक ने कहीं भी कहा कि नाम-मजहब पूछ कर उस पर हमला किया गया, न ही उसके आप-पास खड़े लोग ऐसा बोलते दिखे/सुनाई दिए। दूसरा सच खंडवा जिले के संबंधित थाने के SHO ने ऑपइंडिया को बताया। पुलिस को दी गई शिकायत में किसी प्रकार के हिंदू-मुस्लिम विवाद का जिक्र नहीं किया गया है। मतलब जो युवक घायल है, जिसे चाकू से मारा गया है, वो खुद पर हुए हमले को हिंदू-मुस्लिम नहीं बता रहा। लेकिन प्रोपेगेंडा पत्रकार और गैंग 12 सेकंड का वीडियो डाल कर से ‘खतरे में मुस्लिम’ वाला षड्यंत्र रचने-फैलाने में लग गया।
और तो और, SHO ने घायल मुस्लिम युवक की हरकत को ही संदिग्ध बताया है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि युवक आधी रात को टॉयलेट करने बाइक से इतनी दूर क्यों गया था, इसकी जाँच की जा रही है। अब तक की पुलिस जाँच में यह पता चला है कि बाइक से जब यह युवक रात को जा रहा था तो 2 लोगों ने इससे चादर चढ़ाने के लिए दरगाह जाने का रास्ता पूछा। इसरे बाद इसने पलट कर सवाल किया कि क्या ये टाइम चादर चढ़ाने का है। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और इस युवक को चाकू लग गई। पुलिस हालाँकि इस आरोप की सच्चाई जानने के लिए भी CCTV की जाँच करवा रही है।
4. झारखंड का हजारीबाग जिला, गाय चोरी के आरोप में मंजूर खान की पिटाई
वीडियो 2 मिनट 20 सेकंड का है। एक इंसान घायल है, अस्पताल के बेड पर लेटा हुआ है। वीडियो में घायल आदमी बोल रहा है कि उसे 40-50 आदमियों ने घेर कर मारा। कारण पूछने पर उसने बताया कि जहाँ मारपीट हुई, वहाँ कोई जानवर चोरी की घटना हुई थी, उसी सिलसिले में स्थानीय लोगों ने इसका नाम पूछा और उसके बाद मारा।
जहाँ पीड़ित खुल कर बोल रहा है, हिंदुओं पर साफ-साफ आरोप लगा रहा है, वहाँ का पूरा वीडियो डाला मीर फैजल ने। अच्छी स्ट्रैटजी… बस एक चूक कर दी। आरोप को सत्य मान लिया, ठीक वैसे जैसे खुद को पत्रकार। इस वीडियो का सच बताया हजारीबाग जिले के चुरचू पुलिस स्टेशन के थाना इंचार्ज ने।
सच यह है कि बालीडीह गाँव से मंजूर खान नाम का शख्स गुजर रहा था। इस गाँव में जानवरों की चोरी हुई थी। स्थानीय लोग इसी मामले में बाहरी और अनजान आते-जाते लोगों से पूछताछ कर रहे थे। मंजूर खान से भी पूछताछ की गई। चुरचू पुलिस स्टेशन के थाना इंचार्ज के अनुसार इसने वहाँ बहस की, गाली-गलौच की। इसके बाद दोनों ओर से हाथापाई हुई, मारपीट की गई। पूरे मामले में कहीं भी हिंदू-मुस्लिम का विवाद नहीं हुआ, न ही नाम और मजहब को लेकर मारपीट की गई।
थाना इंचार्ज ने स्पष्ट किया कि मामले को सनसनीखेज बनाने के लिए गलत मीडिया रिपोर्टिंग की गई। मारपीट में शामिल दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है, संगत धाराओं में केस दर्ज कर जाँच की जा रही है।
ऊपर एक वीडियो है, इसमें संबंधित चुरचू थाने का नंबर नीचे दाईं ओर कोने में चिपकाया गया है। यही नंबर हजारीबाग जिले के पुलिस वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। लेकिन पत्रकारिता के नाम पर जब प्रोपेगेंडा करना हो तो कोई मीर फैजल भला फैक्ट चेक करने की जहमत क्यों उठाए?
5. बिहार के किशनगंज में मियाँ को माँ की गाली?
वीडियो सिर्फ 7 सेकंड का है। सड़क पर कुछ लोग बाइक से आ-जा रहे हैं। कुछ भगवा झंडे लहरा रहे हैं। बैकग्राउंड में जय श्रीराम के नारों की गूंज है। कहीं से एक आवाज ऐसी भी आती है – “मियाँ मादर$^@ है।” हालाँकि ऑडियो क्लियर नहीं है। क्लियर यह भी नहीं है कि अगर सच में गाली दी गई मुस्लिमों को तो किसने दी? क्या हिंदुओं ने दी या मुस्लिम कट्टरपंथियों ने ही षड्यंत्र के तहत जानबूझकर ऐसा किया?
इस वीडियो को लेकर ना तो किशनगंज पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है, ना ही मीडिया में कोई रिपोर्ट छपी। 7 सेकंड के अनजान/अनवेरिफाइड वीडियो को बस पोस्ट कर दिया गया ताकि हिंदुओं को बदनाम किया जा सके। वीडियो को वायरल कर बाकी काम इस्लामी-वामी सोशल मीडिया इन्फ्लूएंशर ने कर दिया।
6. झारखंड के धनबाद में गौवंश की हत्या, मुस्लिम युवक को पेड़ से बाँधा
धनबाद जिले के भुरकुंडा में यह घटना हुई। 2 वीडियो डाला गया है – 4 मिनट 44 सेकंड का और 5 मिनट 37 सेकंड का। लिखा गया कि भीड़ ने एक मुस्लिम युवक के साथ मारपीट की और पेड़ से बाँध दिया। उस पर गाँव वालों ने आरोप यह लगाया कि उसके परिवार वालों ने रामनवमी पर एक गौवंश (गाय/बैल) की हत्या की।
दोनों वीडियो लंबे हैं। मतलब सुन कर मामले को समझा जा सकता है। सुनने-समझने का काम मीर फैजल ने किया नहीं, उसे करना भी नहीं था। इस वीडियो का सच मार खाए और पेड़ से बंधे शहाबुद्दीन ने खुद बताया है, वो भी पहले ही वीडियो में। ‘रामनवमी पर उग्र हिंदू, हिंसा करते हिंदू’ जैसा इस वीडियो में कुछ भी नहीं है।
In Jharkhand’s Bhurkunda Bari, Dhanbad. A Muslim youth was attacked by a mob and chained to a tree after they claimed that his family members slaughtered a bull. The mob also used violence, overturning several police vehicles.+ pic.twitter.com/QL6mXdMgjR
शहाबुद्दीन के अनुसार उसके घर में एक बैल बीमार था। रामनवमी के ही दिन उस बैल की हत्या कर दी गई। किसने किया, उसके अब्बा ने क्या निर्णय लिया – शहाबुद्दीन ने सब कुछ बताया। रामनवमी पर गौवंश (गाय/बैल) की हत्या स्थानीय हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ था। जैसे ही यह बात लोगों को पता चली, उन्होंने विरोध किया। इलाके में पहले से चोरी किए जा रहे गौवंशों का आरोप भी लगाया। स्थानीय पुलिस-प्रशासन को भी विरोध का सामना करना पड़ा।
यह सब कुछ कई मीडिया रिपोर्टों में भी छपा है। दोनों वीडियो में भी स्पष्ट है। लेकिन प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए तथ्य छिपा लिए गए। क्योंकि हिंदू भीड़ को हिंसक दिखाना था… वो भी उन्हीं के पर्व-त्योहार पर। मकसद एकदम साफ है – लाउडस्पीकर पर हर दिन नमाज 5 बार हो, ताजिया का जुलूस शान से निकले, मुहर्रम के जुलूस में खुलेआम तलवारें भाँजी जाए, शब-ए-बारात में हुड़दंगी बाइक वालों से ट्रैफिक अस्त-व्यस्त हो जाए… लेकिन रामनवमी पर मुस्लिम इलाकों का जुमला गढ़ के 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के षड्यंत्र की ओर एक कदम और बढ़ा जाए।
7. वडोदरा (गुजरात) में हिंसक हिंदू भीड़, मस्जिद पर पथराव
वीडियो 1 मिनट 13 सेकंड का डाला गया। फ्रेम में एक मस्जिद है। कुछ लोग पथराव कर रहे हैं। जो पथराव कर रहे, उनकी ओर भी पत्थर मारे जा रहे। जो आदमी वीडियो शूट कर रहा, वो ऐसी बालकनी में खड़ा है, जिसका अंत जीशान एफ शेख नाम के हाई कोर्ट वकील के बोर्ड/बैनर पर होता है। कौन पत्थर मार रहा, किसकी क्रिया है, किसकी प्रतिक्रिया – कुछ भी क्लियर नहीं। ‘हिंदू भीड़ मस्जिद पर बरसा रही पत्थर’ – यह लेकिन लिख दिया गया।
रामनवमी पर वडोदरा में क्या-क्या हुआ, यह 30-31 मार्च को छप चुका था। इसके लिए 1 मिनट के किसी वीडियो के बजाय मीडिया रिपोर्ट ही देख लेते हैं।
यहाँ के फतेहपुरा गराना पुलिस चौकी क्षेत्र में रामनवमी की शोभा यात्रा निकाली गई थी। जैसे ही शोभा यात्रा इस क्षेत्र की एक मस्जिद के सामने से गुजरी, दोनों पक्षों में विवाद हो गया। थोड़ी ही देर की बहस के बाद मस्जिद के पास से जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी शुरू हो गई।
वड़ोदरा का ये वीडियो इस बात की पुष्टि कर रहा है की गुरुवार को कुम्भारवाड़ा से निकली यात्रा पर मस्जिद में मौजूद लोगों ने पथराव किया था देखिये इस आदमी को- मस्जिद के गेट पर बने छपरे से पत्थर फेंक कर मस्जिद के अंदर कूदता दिख रहा है, जिसके बाद पुलिस मस्जिद में दाखिल होते दिख रही है pic.twitter.com/lPAsEtfQVL
वडोदरा के ही कुम्भारवाड़ा से निकली शोभा यात्रा पर मस्जिद में मौजूद लोगों ने पथराव किया। मस्जिद के गेट पर बने छपरे से पत्थर फेंक कर एक शख्स मस्जिद के अंदर कूद गया। इसके बाद पुलिस मस्जिद में दाखिल हुई। अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जब तथाकथित ‘मुस्लिम इलाके’ में गई तो मुस्लिम महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। ‘पत्थर मारो सालों को’ कह कर इन महिलाओं ने गाली भी दी और अपने आसपास के लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काया भी।
8. दरगाह हाजी अब्दुल रेहमान मलंग शाह के परिसर में भगवा झंडा
28 सेकंड के वीडियो में “जय श्रीराम” और “आई भवानी शक्ति दे, मलंग गडाला मुक्ति दे” के नारे लगा रहा है एक युवक। उसके हाथ में भगवा ध्वज भी है। न किसी के लिए गाली, न कोई भड़काऊ बात, न ही किसी तरह की हिंसा। इस वीडियो को डाल कर रामनवमी पर हिंदू हिंसक की बात कैसे कर सकता है कोई?
इस्लामी-वामी इकोसिस्टम हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसालें देता आया है। मंदिर में रोजे-इफ्तारी की तस्वीरों को डाल कर ‘ये है असल भारत’ जैसी सुनहरी बातें लिखता है। फिर ऐसा क्या है कि दरगाह में भगवा ध्वज के साथ जय श्रीराम का नारा और हिंदुओं का प्रवेश हिंसक की कैटिगरी में आ गया? यहाँ गंगा-जमुनी तहजीब वाली बात लागू नहीं होती क्या? इस्लामी-वामी इकोसिस्टम को तो इसका स्वागत करना चाहिए। हर साल रामनवमी पर हर एक मस्जिद-मदरसा-दरगाह भगवा ध्वज के स्वागत में खोल देना चाहिए। आखिर तभी तो दिखेगा ‘असल भारत’ वाली तस्वीर।
9. मथुरा जामा मस्जिद की बाहरी दीवार पर लहराया भगवा
कुछ अति-उत्साही नौजवान भावनाओं में बह कर सड़क किनारे बनी दुकानों के छज्जों पर चढ़ गए। 2 मिनट 20 सेकंड के वीडियो में यह साफ दिख रहा है। चढ़ कर इन लोगों ने भगवा ध्वज भी लहराया। सब कुछ स्पष्ट दिख रहा है। स्पष्ट लेकिन यह भी दिख रहा है कि इन युवकों ने कोई हिंसक कार्य नहीं किया। जाने-अनजाने इनसे यह गलती जरूर हुई कि दुकानों के छज्जों के बाद ये साथ में बनी मस्जिद के छज्जे पर भी चढ़ गए। तो क्या ये हिंदू उग्रवादी हो गए, जैसा मीर फैजल ने लिखा है? बिल्कुल नहीं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 शरारती युवकों को गिरफ्तार किया, उन्हें जेल भी भेजा गया। मुख्यमंत्री योगी की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करती है। गलत चाहे रामनवमी पर हो या ईद पर… सुसंगत कार्रवाई की जाती है।
जामा मस्जिद में शरारतपूर्ण कृत्य के मामले में 4 गिरफ्तार, मथुरा पुलिस की प्रेसनोट
‘हिंदू उग्रवादी’ वाला प्रोपेगेंडा यहाँ भी ध्वस्त हो गया। “शरारती तत्वों द्वारा किया गया शरारतपूर्ण कृत्य” – इस वीडियो का सच यही है।
10. वडोदरा (गुजरात) में मुस्लिमों पर पुलिस का अत्याचार, हिंसक हिंदू भीड़: कुल 8 वीडियो
वीडियो नंबर-1: सिर्फ 59 सेकंड का वीडियो डाला मीर फैजल ने लेकिन सुनने-समझने की कोशिश नहीं की… और अपने ही जाल में फँस गया। कैसे? क्योंकि इस वीडियो में पुलिस वालों को गाली देती महिलाएँ हैं। गाली से मन नहीं भरने पर ‘पत्थर मारो सालों को’ कह कर इन महिलाओं ने आसपास के लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काया भी।
वीडियो नंबर-2: कुछ युवक पत्थरबाजी कर रहे हैं। क्यों कर रहे हैं, 51 सेकंड के वीडियो में ना तो क्लियर है न ही मीर फैजल ने बताने की कोशिश की। “रामनवमी के नाम पर यह (पत्थरबाजी, हिंसा) हो रहा है” – लिख कर प्रोपेगेंडा फैला दिया बस। तो आखिर सच क्या है इस वीडियो का?
रामनवमी पर वडोदरा में जो तनाव की स्थिति बनी, उसका सच यह है कि शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी एक मस्जिद के पास की गई। कई वीडियो ऐसे आए, जिनमें क्लियर है कि शोभा यात्रा पर पथराव सिर्फ मस्जिद के आसपास की छतों से ही नहीं, बल्कि मस्जिद से भी की गई।
वीडियो नंबर-3: एक औरत इसमें आरोप लगा रही है कि रोजा खोलते समय ही पुलिस इनके घर में घुस गई, तोड़-फोड़ किया। रोजा खोलने का समय भी नहीं दिया। 1 मिनट 26 सेकंड के आरोप में इमोशन है। पुलिस हालाँकि इमोशन में आकर काम नहीं करती। वह आदेशों का पालन करती है।
जिन-जिन घरों से पत्थरबाजी की गई होगी, पुलिस को जिन-जिन के खिलाफ शिकायत मिली होगी, उन-उन घरों में जाकर जाँच करना सामान्य पुलिस प्रक्रिया है। इस वीडियो के आखिरी में गेट के बाहर खड़ी एक महिला के चेहरे को याद कर लीजिए। इसलिए क्योंकि इसी सेम महिला को 2 वीडियो बाद आप फिर से देखेंगे। गुजरात पुलिस के अनुसार इन्हीं महिलाओं के झुंड ने उनको घेर कर कार्रवाई करने से रोका, गालियाँ दीं और उन पर पत्थरबाजी करने के लिए लोगों को उकसाया।
वीडियो नंबर-4: आसमा बानू नाम की महिला। पुलिस पर आरोप लगा रही है कि वो इफ्तारी के समय दरवाजा तोड़ कर उनके घर में घुसी। आरोप यह भी कि पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी और इसके कपड़े भी फाड़े गए। 1 मिनट 53 सेकंड के वीडियो में आसमा बानू किसी पुलिस वाले का बैज भी दिखा रही है, जो उसने किसी की वर्दी से नोची।
आरोप गंभीर हैं, इसलिए हमने गुजरात पुलिस से बात की। डीसीपी अभय सोनी ने ऑपइंडिया को बताया कि पुलिस को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये वही महिलाएँ हैं, जो पत्थरबाजी में भी शामिल थीं। पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी, इस आरोप को भी उन्होंने सरासर गलत बताया।
डीसीपी ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ और सिर्फ नियम के तहत कार्रवाई की है। वीडियो में आसमा बानू जिस पुलिस वाले का बैज दिखा रही है, वो वडोदरा के जॉइंट सीपी मनोज निनामा का है। मतलब पुलिस अगर कार्रवाई करने आए तो उसे घेरो, उस पर पत्थरबाजी करो, उसे गालियाँ दो… बाद में मीडिया के सामने महिला वाला विक्टिम कार्ड खेलो। शाहीन बाग वाली ट्रेनिंग पूरी इंडिया में फैल गई मालूम पड़ती है।
वीडियो नंबर-5, 6, 7, 8: वीडियो नंबर 5 में वो महिलाएँ हैं, जो गुजरात पुलिस के अनुसार पत्थरबाजी में शामिल थीं। वीडियो नंबर 6 पता नहीं क्यों डाला गया है। शायद सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए। किनके ऑटो हैं, क्यों शीशे टूटे हुए हैं, किसने तोड़े हैं… कुछ भी क्लियर नहीं।
वीडियो नंबर 7 में एक महिला गुजराती में आरोप लगा रही है। यह महिला बार-बार अपनी बाईं ओर देखती है, जहाँ से कुछ बोला/सिखाया जा रहा है। मतलब रामनवमी पर हिंदुओं और पुलिस पर आरोप तो लगा रही है लेकिन ट्रेनिंग और रट्टा मारने में कमी रह गई, वीडियो में यह स्पष्ट है।
वीडियो नंबर 8 एकदम ही फालतू है। किसी घर से कुछ आरोपितों/संदिग्धों को पुलिस उठाने आई है। स्वभाविक है कि आरोपित खुद से पुलिस वैन में तो बैठेगा नहीं। ऐसे में पुलिस क्या करेगी? खींच कर, जबरन उठा कर गाड़ी में डालेगी।
वडोदरा से जुड़े इन सभी वीडियो में कहीं से भी हिंसक हिंदू वाला पॉइंट साबित नहीं कर पाया मीर फैजल। उल्टे जिन मुस्लिम महिलाओं की पैरवी करने निकला था, वही पत्थरबाज निकलीं। घेरने चला था हिंदुओं को, उल्टा मस्जिद से और उसके आसपास से पत्थरबाजी की बात सामने आ गई।
11. जम्मू में हिंदू राष्ट्र की माँग
भारत क्या है… हिंदू राष्ट्र। 1 मिनट 32 सेकंड के वीडियो की शुरुआत इसी नारे के साथ होती है। इसके बाद एक महिला रिपोर्टर किसी शख्स का इंटरव्यू लेती है, जिसमें हिंदू राष्ट्र और राम राज्य दोनों की स्थापना की बात कही जाती है।
शांतिपूर्ण ढंग से किसी चीज की माँग करना लोकतांत्रिक भारत में कब से अवैध हो गया? माँग करने से हिंदू हिंसक कैसे हुआ? इस वीडियो को थ्रेड में घुसाने के पीछे एक ही मकसद हो सकता है – रामनवमी हो या छठ, हिंदू अपने घरों में रहो… ना जय श्रीराम का नारा लगाओ, न ही भजन-आरती करो।
12. हावड़ा (पश्चिम बंगाल) में रामनवमी पर हिंसक हिंदुओं ने की आगजनी, तोड़फोड़: 5 वीडियो
52 सेकंड के पहले वीडियो में कुछ लोग आगजनी कर रहे हैं। दूसरे वीडियो में सड़क पर कुछ गाड़ियाँ उल्टी पड़ी हैं। 45 सेकंड के इस वीडियो में बात करने वाले बंगाली के बजाय बिहारी टोन में बोल रहे हैं। तीसरा वीडियो 13 सेकंड का है, कुछ लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं। 17 सेकंड के चौथे वीडियो में आगजनी है। पाँचवाँ वीडियो भी आगजनी का है, 19 सेकंड का।
5 वीडियो डाल कर भी मीर फैजल यह साबित नहीं कर पाया कि आखिर हावड़ा में पत्थरबाजी हुई क्यों? किसने की शुरुआत? रामनवमी की शोभा यात्रा निकाल रहे हिंदुओं पर हमला किसने किया? सिर्फ एक वीडियो से सब क्लियर हो जाएगा। और यह वीडियो 30 मार्च का है जबकि हिंदुओं को हिंसक ठहराने वाला पाँच षड्यंत्री वीडियो 31 मार्च को ट्वीट किया गया। 30 मार्च को हावड़ा में हुई हिंसा पर हमने रिपोर्ट भी की थी।
Video shows a peaceful community throwing stones on #RamNavami Yatra in #Howrah . This incident takes place hours after speech of #MamataBanerjee where she was indirectly giving a heads up to M community to do their job if Hindus enter in so called ‘M area’ #RamNavami. pic.twitter.com/TGppouLg85
स्पष्ट है कि पत्रकार के नाम पर कलंक है मीर फैजल। सिंपल फैक्ट को भी क्रॉस चेक करने की क्षमता नहीं है इसमें। क्या खाक पत्रकारिता करेगा यह… हाँ, प्रोपेगेंडा के लिए परफेक्ट जीव है यह।
13. हिंदू राष्ट्र का संकल्प, टी राजा सिंह और मुस्लिमों को धमकी: 2 वीडियो
भला हो कि इंडिया में मीर फैजल जैसे लोगों की चलती नहीं है वरना ये लोग सीधे-साधे संकल्प “1 जनवरी से मैं पढ़ाई करूँगा” लेने पर भी पाबंदी लगा देंगे।
यह इसलिए लिखना पड़ा क्योंकि 45 सेकंड के पहले वीडियो में जो-जो संकल्प लिए गए, वो हैं – गौहत्या नहीं होने दूँगा, अपना जीवन हिंदू राष्ट्र के लिए समर्पित करता हूँ, जाति में नहीं बटूँगा, राजनीति में नहीं बटूँगा, जब तक जीवित रहूँगा… एक ही संकल्प होगा हिंदू राष्ट्र।
इन सारी बातों या संकल्पों में हिंसा कहाँ है, कोई बताए। वीडियो में टी राजा सिंह या उनके समर्थकों ने हिंसा की कोई बात की, ऐसा दिखा भी नहीं।
During the Ram Navami Shobha Yatra, Hindu far-right leader T Raja Singh speaks out against Muslims in Hyderabad, Telangana.
दूसरे वीडियो में टी राजा सिंह पर आरोप लगाते हुए लिखा गया कि वो मुस्लिमों के खिलाफ बोल रहे हैं। 1 मिनट 56 सेकंड के वीडियो को जरा सुनिए।
“ये तो झाँकी है, अभी पूरी पिक्चर बाकी है। आज रामभक्तों का मेला नहीं, रेला निकलने वाला है रेला। और इस ताकत को कोई रोक नहीं सकेगा। हमसे टकराओगे तो पूरा फट जाओगे। बेटा आधे कटे हो, पूरे कट जाओगे। जाग उठा अब हिंदू वीर, न जाने क्या होगा… हिंदू से जो टकराएगा, हाल उसका बुरा होगा।”
अपने मन से की-बोर्ड ठोकते हुए कुछ भी लिखना हो तो आदमी मुस्लिम, धमकी, आधा कटा मतलब खतना आदि-इत्यादि लिख ही सकता है, लिख भी दिया। पत्रकारिता लेकिन तथ्य माँगती है। और इस वीडियो का सच यह है कि टी राजा सिंह ने ऐसा एक भी शब्द नहीं बोला है, जो मुस्लिमों की ओर इशारा कर रहा हो।
14. मुंबई में मस्जिद के आगे भड़काऊ नारे
26 सेकंड के वीडियो में ‘जय श्रीराम’ के नारों के अलावा कुछ भी नहीं। जबकि लिखा क्या गया – मुंबई के मलाड में मस्जिद के सामने रुकी हिंदू भीड़, लगाए भड़काऊ नारे।
सवाल यह कि मस्जिद के सामने अगर कोई सड़क है तो क्या उसकी रजिस्ट्री करवा ली है कट्टर इस्लामियों ने? क्यों नहीं गुजर सकते हैं वहाँ से हिंदू? जुम्मे की नमाज किन-किन सड़कों पर पढ़ते हो, कभी पूछा है खुद से? और दूसरा सवाल – ‘जय श्रीराम’ का नारा संविधान की किस धारा के तहत भड़काऊ घोषित किया गया?
इस वीडियो को ट्वीट करने के पीछे एक ही मकसद है – मुस्लिम एरिया की इतनी चर्चा करो कि कम से कम ममता बनर्जी के राज्य में इसे लेकर एकाध बिल तो पास कर ही दिया जाए।
15. श्रीगंगानगर (राजस्थान) की मस्जिद पर फहराया भगवा झंडा
इस वीडियो को मस्जिद के साथ जोड़ कर मीर फैजल ने फेक न्यूज फैलाई। जब राजस्थान की गंगानगर पुलिस ने फेक न्यूज फैलाने वाले 2 लोगों की गिरफ्तारी वाली सूचना दी तो चुपके से डिलीट कर दिया। 24 थ्रेड के ट्वीट में यह 21वाँ थ्रेड था। सबसे ऊपर में क्या था इस थ्रेड के वीडियो में और राजस्थान पुलिस ने क्या दिया जवाब – उसे आप देख सकते हैं।
16. खरगोन (मध्य प्रदेश) में हजरत काले खान की दरगाह पर फहराया भगवा झंडा
मथुरा जामा मस्जिद मामले की तरह यहाँ भी एक अति-उत्साही युवक ने गलत हरकत कर दी। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने इसको लेकर खेद भी जताया। स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने भी तुरंत एक्शन लिया। खरगोन सिटी SHO के अनुसार FIR दर्ज करके एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करती है। गलत चाहे रामनवमी पर हो या ईद पर… सुसंगत कार्रवाई की जाती है।
17. नालंदा (बिहार) में मस्जिद और कब्रिस्तान में लगाई आग: 2 फोटो, 2 वीडियो
पहला वीडियो 19 सेकंड का है। बैकग्राउंड में कोई बोल रहा है कि मियाँ लोग का सब दुकान जला दिया। कौन बोल रहा है, पता नहीं। मीर फैजल ने लेकिन मान लिया कि कोई हिंदू ही बोल रहा है। दूसरा वीडियो 39 सेकंड का है, इसमें एक भीड़ दिखाई देती है। भीड़ में हिंदू हैं या मुस्लिम, पहचानना मुश्किल। 2 फोटो भी है, दोनों अगजनी की। इसमें भी क्लियर नहीं कि आखिर आग किसने लगाई।
बिहार पुलिस और नालंदा के डीएम शशांक शुभंकर ने मस्जिद में आग और रामनवमी पर हिंसक हिंदू वाली थ्योरी को लेकर दो टूक जवाब दिया है। मस्जिद में आग लगाए जाने की घटना को डीएम शशांक शुभंकर ने नकार दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी मस्जिद में आग लगाए जाने की सूचना नहीं है।
अफवाह फैलाने वालों को बिहार पुलिस की चेतावनी
रामनवमी पर अगर हिंदू ही हिंसक होते तो बिहारशरीफ में शोभायात्रा पर पथराव किसने किया? मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हमले के कारण शोभायात्रा में शामिल 6 युवक घायल हो गए।
मीर फैजल सिर्फ प्यादा, इस्लामी-वामी इकोसिस्टम है जड़
रामनवमी तो बस एक अवसर था। निशाने पर हर दिन हिंदू ही होंगे, यह तय है। षड्यंत्र के तहत हिंदुओं को इतनी हीन भावना से ग्रसित कर दिया जाएगा कि अंततः वो अपने पर्व-त्योहार पर घरों में सिमटने लगेंगे। हिंदू ही पीड़ित होंगे और इनको ही हिंसक बताने का खेल शुरू कर दिया गया है – सोशल मीडिया पर भी, मंच से ‘मुस्लिम इलाके’ की बात कर राजनीति में भी। यही कारण है कि शुरुआत में ही कट्टर मुस्लिम सिपाहियों को ‘प्यादा’ शब्द से संबोधित किया गया। क्योंकि इस खेल को खेला जा रहा इस्लामी-वामी इकोसिस्टम के द्वारा।
मीर फैजल जैसे सिपाहियों को खाद-पानी देकर तैयार करने का काम करता है गैंग लीडर मोहम्मद जुबैर। हल्दवानी में झुग्गी-झोपड़ी हटाने वाले मामले में जुबैर ने ग्राउंड रिपोर्टिंग (जोकि एकतरफा थी, फर्जी थी) के लिए इसी फैजल की पीठ थपथपाई थी। हास्यास्पद यह कि खुद को फैक्ट-चेकर बताने वाला जुबैर अपने प्यादों के शेयर किए फर्जी खबरों की फैक्ट-चेकिंग नहीं करता है। जब ऐसे सिपाही तैयार हो जाते हैं, तब इस्लामी-वामी इकोसिस्टम इन्हें गोद में बिठाता है।
Thanks for your ground report @meerfaisal01 bhai ❤️✊
इसको डायरेक्ट उदाहरण से समझिए। मीर फैजल के थ्रेड को 3900 से अधिक लोगों ने रिट्वीट किया। यह संभव हुआ क्योंकि कुछ बड़े नामों ने इसे पहले रिट्वीट किया। इन नामों में बॉलीवुड हीरो से लेकर रेडियो जॉकी, बड़े पत्रकार से लेकर प्रोफेसर, नेता से लेकर राजनीतिक पार्टी और नामचीन विदेशी लोग भी शामिल हैं। आप इनमें से कुछ लोगों के नाम और काम की लिस्ट देखिए, मामला एकदम क्लियर हो जाएगा।
RJ सायमा (रेडियो जॉकी)
सुशांत सिंह (बॉलीवुड हीरो)
करुणा नंदी (सुप्रीम कोर्ट की वकील)
जफरुल इस्लाम खान (दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष)
AIMIM बिहार
मुजमिल जलील (इंडियन एक्सप्रेस के डेप्यूटी एडिटर)
प्रोफेसर त्रिशा गुप्ता (जिंदल स्कूल ऑफ जर्नलिजम ऐंड कॉम्युनिकेशन)
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल
सेहर शिनवारी (पाकिस्तानी हिरोइन)
ऐसे लोगों की लिस्ट बहुत लंबी है और पहुँच उससे भी खतरनाक। क्या बॉलीवुड, क्या सुप्रीम कोर्ट, क्या नेता और पार्टी… पूरे सिस्टम में ये घुसे हुए हैं। हिंदुओं को अपना वजूद बचाने के लिए इसी सिस्टम से लड़ना होगा। जय श्रीराम का उद्घोष तेज और तेज होता जाए, इसके लिए हिंदू को बिना बँटे, बिना टूटे… लड़ना होगा, यही एकमात्र रास्ता है।
पंजाब की लुधियाना पुलिस ने जसनीत कौर उर्फ राजवीर नाम की एक इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर को गिरफ्तार किया है। वह अर्धनग्न हो इंस्टाग्राम रील बनाती थी। इसके जरिए लोगों को फँसाकर उनसे बातचीत शुरू करती। फिर उनको न्यूड फोटो भेज ब्लैकमेल करने लगती थी। पैसे नहीं देने पर गैंगस्टरों से धमकियाँ भिजवाती थी। रिपोर्टों के अनुसार काॅन्ग्रेस नेता लकी संधू इस ‘ब्लैकमेलर हसीना’ का मददगार था। उसकी भी तलाश की जा रही है।
जसनीत मूल तौर रूप से संगरूर की रहने वाली है। गुरबीर नामक एक कारोबारी ने उसके खिलाफ शिकायत की थी। गुरबीर के अनुसार वह सोशल मीडिया के जरिए जसनीत के संपर्क में आया था। वह उससे 1 करोड़ रुपए माँग रही थी। पैसों की उगाही के लिए किसी गैंगस्टर से भी उसे कॉल करवाया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला थाना क्षेत्र मॉडल टाउन का है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जसनीत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कॉन्ग्रेस नेता लकी संधू उसका सहयोगी निकला। साहनेवाल निवासी लकी ने ही गुरबीर को गैंगस्टरों से धमकी दिलवाई थी। पुलिस अब लकी के भी आपराधिक नेटवर्क की तलाश कर रही है। वहीं जसनीत पर साल 2022 में मोहाली में इसी प्रकार की उगाही के प्रयास का एक और केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।
The arrest has come after enquiry by senior level police officers into complaint by a businessman called Gurbir. He was being given threats by gangsters on behest of Jasneet and Lucky Sandhu. They wanted him to pay 1 CRORE or be shamed in the society.
— Deepika Narayan Bhardwaj (@DeepikaBhardwaj) April 4, 2023
पुलिस की जाँच में जसनीत की पूरी कुंडली सामने आ रही है। अपने पिता की मौत के बाद जसनीत ने पैसे कमाने के लिए इंस्टाग्राम पर एडल्ट रील डालनी शुरू की थी। इससे लोगों को फँसाकर उगाही का काम शुरू कर दिया। उसके टारगेट पर खासतौर से व्यापारी हुआ करते थे। वह उन्हें बातों में फँसा कर अपनी न्यूड फोटो भेजती थी और फिर बदनाम करने की धमकी देकर उनसे वसूली करती थी।
इंस्टाग्राम पर जसनीत के लाखो फॉलोवर्स हैं। उसने अश्लील वीडियो डालने के लिए 3 अलग-अलग एकाउंट भी बना रखे हैं। जसनीत कौर के पास पुलिस को 75 लाख रुपए कीमत की BMW गाड़ी भी मिली है। इस रैकेट में कॉन्ग्रेस नेता लकी संधू भी शामिल था। जब कोई व्यक्ति जसनीत से नहीं डरता तो लकी उसे गैंगस्टरों से धमकी दिलावाया करता था। पुलिस रैकेट से जुड़े बाकी लोगों की भी तलाश कर रही है।