बदलते मौसम के साथ होने वाला खाँसी, जुखाम आम होता है…मगर इस बार चला सीजनल फीवर कुछ अलग है। इस फीवर में लोगों को न केवल बुखार, जुखाम होता है बल्कि इसके साथ खाँसी और गले का इंफेक्शन भी हो जाता है। ये इन्फेक्शन ऐसा है कि लोगों को रात में नींद नहीं आती और मुँह के अंदर हमेशा बलगम जैसा महसूस होता रहता है।
अब इसी सीजनल फीवर को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अपना बयान दिया है। इस बयान में उन्होंने बताया कि इस बार जुखाम, नज्ला, उल्टी, गले का इंफ्केशन, शरीर दर्द और डायरिया के मामले बढ़े हैं। ये इन्फेक्शन 5-7 दिन रहता है। इसमें बुखार तो दिन भर रहता है पर जुखाम तीन हफ्ते से ज्यादा रहता है। एनसीडीसी के मुताबिक ज्यादातर मामले H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस के हैं।
Indian Medical Association (IMA) in a notice posted on social media advised people & medical practitioners to avoid prescription of antibiotics to the increasing patients of with seasonal fever, cold & cough. pic.twitter.com/fMbKa9eSDQ
IMA कहता है कि ऐसे सीजनल फीवर में सिंपटोमैटिक ट्रीटमेंट आवश्यक होता है, एंटीबॉयटिक्स देने की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन लोगों ने एजिथ्रोमाइसिन और एमोक्सीक्लैव जैसी एंटीबायोटिक्स लेनी शुरू कर दी हैं वो भी बिन डोज की परवाह किए। IMA ने इस तरह बिन परामर्श दवाई देने से मना किया है क्योंकि अगर बेवजगह एंटीबायटिक ली जाती है तो फिर वो दवाई इंसान के शरीर पर समय आने पर काम नहीं करती।
— Indian Medical Association (@IMAIndiaOrg) March 3, 2023
IMA ने कहा कि लोग एमोक्सीलीन, नॉरफ्लॉक्सिन, सिप्रोफ्लॉक्सिन, ऑफ्लॉक्सिन, लेवोफ्लॉक्सिन जैसी दवाइयों का गलत प्रयोग करते हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि किसी भी इन्फेक्शन में एंटीबॉयोटिक्स लेने से पहले सोचना चाहिए कि इंफेक्शन बैक्टेरियल है या नहीं।
रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी को बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक एंड्री बोतिकोव की गला घोंट कर हत्या कर दी गई। इसको लेकर रूसी जाँच एजेंसी मामले।की जाँच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार (2 मार्च 2023) को वैज्ञानिक एंड्री बोतिकोव रोगोवा स्ट्रीट स्थित अपने घर में थे। इस दौरान एक बदमाश उनके घर में घुस गया। इसके बाद वह पैसों को लेकर बोतिकोव से बहस करने लगा। इस पर बोतिकोव ने उसका विरोध किया। इसके बाद आरोपित ने बेल्ट से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर वह मौके से फरार हो गया था।
हालाँकि हत्या की सूचना के मिलने के बाद रूसी जाँच एजेंसियों ने सक्रियता दिखाते हुए एलेक्सी जेड नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। कहा जा रहा है कि आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार लिया है। जाँच एजेंसी का कहना है कि वह आरोपित के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करेगी। ताकि मामले की सुनवाई तक आरोपित पुलिस हिरासत में ही रहे।
रूसी वैज्ञानिक बोतिकोव की हत्या का आरोपित एलेक्सी जेड सेक्स सर्विस उपलब्ध कराने के आरोप में पहले भी 10 साल की सजा काट चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ कुछ अन्य गंभीर अपराधों को लेकर मुकदमा चलने की बात कही जा रही है।
बता दें कि 47 वर्षीय एंड्री बोतिकोव रूस के नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी में वरिष्ठ शोधकर्ता के तौर पर काम कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने रूसी स्टेट कलेक्शन ऑफ वायरस डी.आई. इवानोव्स्की इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में कोरोना वायरस की वैक्सीन पर शोध किया था। बड़ी बात यह है कि वह कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक वी बनाने वाले 18 वैज्ञानिकों की टीम का हिस्सा थे। उनके इस काम के लिए साल 2021 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें ऑर्डर ऑफ मेरिट फॉर द फादरलैंड पुरुस्कार से भी सम्मानित किया था।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता और कोलकाता हाई कोर्ट के वकील कौस्तव बागची को गिरफ्तार कर लिया है। कौस्तव ने शुक्रवार (3 मार्च, 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की जानकारी बागची ने खुद एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुर्शिदाबाद की सागरदिघी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार की हार के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादास्पद टिप्पणी के लिए बर्टोला पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बाद कोलकाता पुलिस की टीम रात के 3 बजे कौस्तव के घर पहुँची। 4 घंटो से भी अधिक देर तक चले पूछताछ के बाद कौस्तव को सुबह तकरीबन 7.30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
कोलकाता पुलिस के अनुसार, कॉन्ग्रेस प्रवक्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 153, 354ए, 504,505,506 और 509 के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी की जानकारी कौस्तव ने खुद ही अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी। शनिवार (4 मार्च, 2023) की सुबह 4.00 बजे कौस्तव ने पोस्ट किया, “आखिरकार मुझे गिरफ्तार किया गया।”
इसके बाद उनके फेसबुक प्रोफाइल से एक अन्य पोस्ट किया गया, “जेल के ताले टूटेंगे, हम बहुत ही जल्दी छूटेंगे। लड़ाई चलती रहेगी, कौस्तव बागची झुकेगा नहीं।”
बागची की गिरफ्तारी के बाद से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता बर्टोला पुलिस स्टेशन के सामने धरना-प्रदर्शन करने लगे और कौस्तव की रिहाई की माँग करने लगे। गिरफ्तारी से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कौस्तव ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री को यदि मुझसे इतना भय हो गया कि आधी रात को मेरे घर पुलिस भेजनी पड़ रही है तो यह मेरी नैतिक जीत है।
पत्रकारों द्वारा गिरफ्तारी का कारण पूछे जाने पर बागची ने कहा कि कारण एक ही है कि इस राज्य में मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देने का अपराध करना लेकिन मैं यह कह रहा हूँ कि यह अपराध आगे भी होगा। बागची के अनुसार, कुछ घंटो पहले उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने ममता बनर्जी के नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसलिए ममता बनर्जी की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
बता दें कि मुर्शिदाबाद जिले की सागरदिघी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी की हार हुई थी। उपचुनाव में वाम मोर्चा समर्थित कॉन्ग्रेस के बेरियन बिस्वास ने टीएमसी उम्मीदवार देबाशीष बंदोपाध्याय को 23,000 वोटों से हरा दिया था। नतीजे आने के बाद बागची ने एक संवाददाता सम्मेलन किया था।
आरोप है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पूर्व आईएएस अधिकारी दीपक कुमार घोष द्वारा लिखित पुस्तक के हवाले से मुख्यमंत्री के निजी जीवन के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था। इसी बयान को उनके गिरफ्तारी की वजह बताई जा रही है।
अमेरिका में एक महिला ने अपने सौतेले पिता से शादी करके ‘दुल्हन के पिता’ को नया अर्थ दे दिया है। इस जोड़ी ने शादी के अपने ‘फर्स्ट किस’ को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अपने पिता से शादी करने वाली महिला ने इस शादी को अपना सबसे अहम फैसला बताया है। वहीं, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद लोग भड़क गए हैं।
मामला अमेरिका के फ्लोरिडा का है। क्रिस्टी नाम की टिक टॉकर महिला ने अपनी शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया टिक टॉक (Tik Tok) पर शेयर किया और लिखा, ‘अपने सौतेले पिता से शादी करना मेरा अब तक सबसे शानदार फैसला है।’
फ्लोरिडा के टाम्पा की रहने वाली क्रिस्टी दो बच्चों की माँ भी हैं। अपने शेयर किए गए वीडियो में क्रिस्टी पति बने अपने सौतेले पिता को ऑन-स्क्रीन चुम्मा ले रही हैं। क्रिस्टी ने वीडियो के कैप्शन में #MarryYourMomsEx हैशटैग भी लगाया है। इस वीडियो को लगभग 2 करोड़ लोग देख चुके हैं।
इस तरह की शादी और हैशटैग से सोशल मीडिया के लोग हैरान रह गए। वे इस वीडियो पर तरह-तरह कमेंट करने लगे। एक महिला ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि मैं कभी इस तरह की स्थिति में आऊँगी। यह बेहद गंदा है।” एक अन्य यूजर ने महिला के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए पूछा, “दुनिया में 7 अरब लोग हैं। ऐसा क्यों किया?”
एक अन्य यूजर में मजाकिया अंदाज में कहा, “वो अब डैड से डैडी बन गया है।” कभी यूजर ने क्रिस्टी से उनकी माँ के साथ उनके संबंधों के बारे में पूछा। एक ने लिखा, “मुझे ये सोचकर आश्चर्य हो रहा है कि आपकी माँ कैसी होंगी?”
इन सब सवालों के जवाब में क्रिस्टी ने कहा कि उनकी इस शादी से उनकी माँ को कोई ऐतराज नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनकी माँ शादी के जश्न में शामिल हुईं। वीडियो में दिख रही महिला उनकी माँ हैं और वह शादी की तस्वीरें ले रही हैं। इस शादी से उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
क्रिस्टी ने कहा, “क्या मेरे पिता ने मुझे groom किया? नहीं। क्या मेरे पिता ने मुझे पाला-पोसा? नहीं। क्या मैं नाबालिग थी जब मैं उनसे मिली? नहीं।” क्रिस्टी ने आगे कहा कि वह और उसकी माँ की अभी भी बातचीत होती है। उसने बताया कि उसकी माँ और उसके सौतेले पिता की शादी से कोई कोई बच्चा नहीं है।
तमिलनाडु में बिहारी लोगों के प्रति नस्लवाद का माहौल देखने को मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाल के दिनों में कई बिहारी मजदूरों की हत्याएँ हुई हैं और कइयों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए एक टीम तमिलनाडु भेजने का निर्णय लिया है। इस बीच सामने आया है कि कैसे तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के लिए नस्लवादी टिप्पणियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मीडिया संस्थान ‘The Commune’ ने एक खबर में बताया है कि बिहार के प्रवासियों के लिए तमिलनाडु में ‘पानी-पूड़ी’ और ‘पान मसाला’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर के नस्लवाद का परिचय दिया जा रहा है। बता दें कि जब तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की हत्याओं का मामला पूरे देश में गूँज रहा था, तब बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की 70वीं सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे।
तमिलनाडु में भाषा के प्रति कट्टरता कई बार देखी जा चुकी है। क्षेत्रवाद के नाम पर भी हिंसा की घटनाएँ हुई हैं। बता दें कि द्रविड़ राजनीति ने राज्य के एक बड़े हिस्से में कट्टरता को जन्म दिया, जिस कारण ब्राह्मण विरोधी घृणा भी फैली। एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक तमिल व्यक्ति को ट्रेन में एक बिहारी को गाली देते हुए देखा जा सकता है।
This assault is a hate crime which is a result of hate politics happening in the state . From name calling to physical assault , the guy abuses the prime minister of the country . @mkstalin inaction in such cases is a sin putting tamils elsewhere at risk . @annamalai_k@AmitShahpic.twitter.com/HBpLVyS4wz
इसमें पहले वो पूछता है कि तुम हिंदी हो या तमिल? फिर पीछे से एक व्यक्ति कहता है कि हम सब हिंदी हैं। इसके बाद तमिल व्यक्ति कहता है, “मैं तुम सबको मार डालूँगा। तुम लोग यहाँ आते ही क्यों हो? मोदी के मुँह में अपना $%# घुसेड़ दूँगा। ” बीच-बीच में उसने तमिल में कुछ शब्दों का प्रयोग किया, जिसके अर्थ होंगे ‘वेश्या के बेटे, महिलाओं का जननांग’ इत्यादि। इसके बाद वो एक दूसरे व्यक्ति को थप्पड़ भी मारता है।
Govt Rly Police Tamil Nadu has registered FIR against the accused persons under relevant provisions of law. perpetrators of the crime will be brought to book. இதில் சம்பந்தப்பட்ட நபர்கள் மீது FIR பதிவு செய்யப்பட்டு விசாரணையில் உள்ளது. https://t.co/vFQFeobq4q
इसके बाद एक अन्य तमिल व्यक्ति कहता दिख रहा है कि ये लोग यहाँ काम करने आते हैं, लेकिन मारपीट करते हैं। जिस व्यक्ति ने कैमरा रखा होता है, वो कहता है कि ये सब मोदी का किया-धरा है। इस वीडियो में तमिलों को बिहारियों की पिटाई करते हुए देखा जा सकता है। ये सब एक ट्रेन के अनारक्षित बोगी की घटना है। रेलवे पुलिस ने इस संबंध में FIR दर्ज किए जाने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि इस संबंध में जाँच जारी है।
This is the summons I receive from chennai central railway police to appear as a witness for posting a video where the North Indians are thrashed by unidentified thugs .Always happy to support the authorities in any lawful investigation. https://t.co/oWhkIhdnsPpic.twitter.com/rzESNj7NYK
आपको बता दें कि कार्तिक गोपीनाथ नाम के जिस शख्स ने ट्रेन के अंदर बिहारी मजदूरों के साथ मारपीट वाला वीडियो शेयर किया था, उन्हें रेलवे पुलिस की ओर से समन जारी किया गया। कार्तिक गोपीनाथ ने उस समन को भी ट्वीट किया है और उसके बाद सक्षम पुलिस पदाधिकारियों के सामने प्रस्तुत होकर अपनी ओर से आरोपितों के बारे में जानकारी भी शेयर की।
Honoured the summon for witness from @grpchennai today at chennai central station and gave my inputs to the police authorities . I am hopeful that they will nab the criminal soon. This ?? person needs some lessons both in law and life . Waiting ? pic.twitter.com/cdJNkHdfYQ
इन सब के बीच बिहार सरकार इन घटनाओं की जाँच के लिए 4 सदस्यीय टीम तमिलनाडु भेज रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि घटना पर उनकी नजर है। उन्होंने ‘समाचार पत्रों’ के माध्यम से इन घटनाओं की जानकारी मिलने की बात बताते हुए कहा कि बिहार के वरिष्ठ अधिकारी तमिलनाडु में अपने समकक्षों से संपर्क में हैं। तिरुप्पुर की पुलिस का कहना है कि कई फेक वीडियोज भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं, ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उधर ‘साउथ इंडियन मिल एसोसिएशन (SIMA)’ ने बिहारियों से अपील की है कि वो दक्षिण भारत को छोड़ कर अपने घर नहीं लौटें। उनका कहना है कि अगर ये जारी रहा तो तमिलनाडु की पूरी की पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री ध्वस्त हो जाएगी। इन घटनाओं पर ‘Confederation of Indian Textile Industry (CITI)’ ने भी चिंता जताई है। हालाँकि, तमिलनाडु का प्रशासन कह रहा है कि अधिकतर फेक चीजें ऑनलाइन शेयर हो रही हैं।
मुंबई में मनसे (MNS) नेता संदीप देशपांडे पर हमला हुआ है। इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें 4 की संख्या में बताए जा रहे हमलावरों के हाथों में क्रिकेट में प्रयोग होने वाला स्टम्प देखा जा सकता है। हमला तब हुआ जब पीड़ित मार्निंग वॉक पर निकले थे। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। अभी तक 2 संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिल रही है जिसमें एक शिवसेना कार्यकर्ता बताया जा रहा है। संदीप देशपांडे को राज ठाकरे का करीबी माना जाता है। घटना शुक्रवार (3 मार्च 2023) की है।
हमले में संदीप देशपांडे घायल हो गए थे। उनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा था। फिलहाल उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस घटना का CCTV फुटेज भी वायरल हुआ है। वायरल फुटेज में संदीप एक हमलावर को हरे रंग की टी शर्ट और दूसरे को कुर्ते और टोपी में देखा जा सकता है। हमले के बाद दोनों तेज कदमों से घटनास्थल से निकलते देखा जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना शिवाजी पार्क इलाके की है। इस मामले की जाँच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रान्च को सौंपी गई है। अभी तक 2 संदिग्धों को भांडूप इलाके से हिरासत में लिया गया है। इसमें एक का नाम सोलंकी बताया जा रहा है। दोनों से पुलिस की पूछताछ जारी है। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 8 टीमें बनाई हैं।
The Crime Branch of Mumbai Police has detained two from the Bhandup West area in the case of an attack on MNS leader Sandeep Deshpande at Shivaji Park yesterday.
ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है। ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में शनिवार (4 मार्च 2023) बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर में की गई इस तोड़फोड़ में खालिस्तान समर्थकों का हाथ बताया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में हिंदूफोबिया के तहत हिंदुओं और उनके धर्मस्थलों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
इस घटना के बारे में उस वक्त लोगों को जानकारी मिली, जब कुछ श्रद्धालु पूजा करने के लिए मंदिर पहुँचे। स्थानीय मीडिया ऑस्ट्रेलिया टुडे के अनुसार, ब्रिस्बेन के दक्षिण में बरबैंक में स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ खालिस्तानी समर्थकों ने की है।
सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि खालिस्तानियों ने मंदिर की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे हैं। इसमें ‘मोदी टेररिस्ट, हिंदू कौम टेररिस्ट, 1984 सिख नरसंहार’ जैसे नारे लिखे हुए हैं। इस वीडियो को ऑस्ट्रेलिया हिंदू मीडिया नाम के ट्विटर हैंडल ने शेयर किया है।
Here is a video of the Khalistani hate graffiti on the entrance of Lakshmi Narayan Temple, Burbank,Brisbane.@QldPolice@mc_millan4 Australian Hindus are closely watching how you respond to this malicious campaign by Khalistanis to intimidate Hindus & deface our places of worship. pic.twitter.com/7ageiS4l2Y
हिंदू मानवाधिकार ने बताया कि यह कृत्य हिंदुओं को आतंकित करने के लिए एक पैटर्न के तहत किया गया है। हिंदू मानवाधिकार की महानिदेशक सारा एल गेट्स ने कहा कि हिंदू मंदिरों पर हमला करना चरमपंथी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का पैटर्न है। इसका उद्देश्य हिंदुओं को आतंकित करना है।
इसके पहले ब्रिस्बेन स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया गया था और खालिस्तानी झंडे फहराए गए थे। क्वींसलैंड के ब्रिस्बेन में स्थित भारत की वाणिज्य दूत अर्चना सिंह ने 22 फरवरी 2023 को कार्यालय में खालिस्तान का झंडा लगा हुआ पाया था।
बता दें कि पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों में हुई तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद ब्रिस्बेन में स्थित एक हिंदू मंदिर को धमकी दी गई थी कि यदि वे महाशिवरात्रि मनाना चाहते हैं तो उन्हें खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करनी होगी।
ऑस्ट्रेलिया में हिंदू लगातार खालिस्तानियों के निशाने पर रहा है। जनवरी 2023 में 20 दिनों के भीतर ही खालिस्तानियों ने 3 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ करते हुए देश विरोधी और खलिस्तान के समर्थन में नारे लिख दिए थे।
खालिस्तानियों ने हिंदू मंदिर में पहला हमला 12 जनवरी को किया था। यह हमला मेलबर्न के BAPS स्वामीनारायण मंदिर में हुआ था। मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद खालिस्तानियों ने मंदिर की दीवार पर ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’, ‘मोदी हिटलर है’ और ‘भिंडरावाले जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे थे।
इसके बाद खालिस्तानियों ने 16 जनवरी 2023 को मेलबर्न के ही कैरम डाउन्स में स्थित ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर (Shri Shiva Vishnu Temple) पर हमला किया था। तोड़फोड़ के बाद, मंदिर की दीवारों पर ‘टारगेट मोदी (मोदी को बनाओ निशाना)’, ‘मोदी हिटलर’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए थे।
वहीं, तीसरा हमला मेलबर्न के ही अल्बर्ट पार्क इलाके में स्थित श्रीश्री राधा बल्लभ मंदिर में 22 जनवरी 2023 को हमला हुआ। इस मंदिर को इस्कॉन मंदिर भी कहा जाता है। हमले के बाद, मंदिर की दीवारों में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘हिन्दुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए। इसके अलावा, खालिस्तानी आतंकी भिंडरवाले को शहीद बताते हुए भी नारा लिखा गया।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में हाजिरी लगाई है। इस अवसर पर उनकी पत्नी अनुष्का भी मौजूद रहीं। विराट ने न सिर्फ महाकाल के भक्तिभाव से दर्शन किए बल्कि भस्म आरती में भी हिस्सा लिया। दर्शन के दौरान विराट कोहली ने मंदिर का पारम्परिक परिधान पहन कर तिलक लगा रखा था। पूर्व कप्तान के इस रूप पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के कमेंट आ रहे हैं। कुछ लोगों ने अपनी छवि सुधारने वाला कदम बताया है।
विराट कोहली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि शनिवार (4 मार्च 2023) को विराट सुबह-सुबह विराट कोहली अनुष्का के साथ उज्जैन पहुँचे। वीडियो की शुरुआत में विराट और उनकी पत्नी मंदिर के गेट पर बैठ कर भस्म आरती देख रहे हैं। इस दौरान महादेव शिव की स्तुति गयी जा रही थी। मंदिर में अन्य श्रद्धालुओं की भी भीड़ देखी जा सकती है।
आरती खत्म होने के बाद अनुष्का ने बहुत अच्छे से दर्शन होने की बात कही। वहीं विराट कोहली ने ‘जय महाकाल’ का उद्घोष किया। इंदौर में कल 3 मार्च को हुए टेस्ट मैच की समाप्ति के बाद विराट कोहली सीधे इंदौर पहुँचे थे। कुछ समय तक मंदिर के धार्मिक कार्यक्रम के हिस्सा लेने के बाद विराट और अनुष्का वहाँ से चले गए। इस दौरान दोनों ने माथे पर तिलक लगा रखा था।
नेटिज़ेंस ने दी अपनी-अपनी राय
विराट और अनुष्का द्वारा महाकाल मंदिर दर्शन पर सोशल मीडिया पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन आए हैं। जहाँ शिवम गुप्ता ने विराट कोहली को भोला भक्त कहा तो वहीं निखिल सोनी ने इस कदम को अपनी छवि को बदलने का प्रयास बताया है।
चित्र साभार- NDTV ट्वीट पर आए कमेंट
दीक्षयन्त ने इस वीडियो पर विराट कोहली और उनकी पत्नी को हिन्दू हृदय सम्राट लिखा है।
राजस्थान में हिंदुओं के त्योहार आते ही प्रशासन प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिया। बाड़मेर जिले के कलेक्टर की ओर से जिले में धारा 144 लगा दी है। प्रशासन के इस निर्णय पर विवाद हो गया है। ऑर्डर में लिखा है कि कोई भी इस तरीके से रंग न खेले कि किसी दूसरे की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचे। इसका भाजपा और हिंदू संगठनों ने विरोध किया है।
बाड़मेर के जिलाधिकारी लोकबंधु द्वारा जारी किए गए इस ऑर्डर पर राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ कुठाराघात है। यह आदेश अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार पर कलंक है।
इस मामले को राजेंद्र राठौड़ ने विधानसभा में भी उठाया और कहा कि होली का पर्व रंगों का त्योहार है। उन्होंने कहा, “बाड़मेर कलेक्टर का एक आदेश मेरे हाथ में है। कलेक्टर ने 2 से 12 मार्च तक धारा 144 लागू की है। होली पर धारा 144 लागू करना हमारी धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने सरकार इस ऑर्डर पर जवाब दे।
बाड़मेर जिलाधिकारी द्वारा निकाला गया आदेश (साभार: दैनिक भास्कर)
जिला कलेक्टर द्वारा निकाले गए आदेश में गाना बजाने और नारे लगाने पर पाबंदी लगाई है। आदेश में कहा गया है कि किसी भी धर्म का कोई व्यक्ति कोई ऐसा ऑडियो गाना नहीं चलाएगा और ना ही नारे लगाएगा, जिससे किसी दूसरे धर्म या व्यक्ति की भावना को ठेस पहुँचे।
आदेश में आगे कहा गया है कि होली पर इस तरह रंग ना खेलें कि दूसरे व्यक्ति की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचे। किसी व्यक्ति की इच्छा के विरूद्ध उस पर रंग ना डाले, जिससे कि साम्प्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचे।
उधर, कलेक्टर ने कहा कि यह ऑर्डर सभी त्योहारों से पहले निकाले जाते हैं। इसमें लोगों के इकट्ठा होने पर रोक नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर लोग शराब ना पीएँ, धारदार हथियार ना निकालें और लड़ाई-झगड़े आदि ना हों, इसलिए ऑर्डर निकाला गया है। ये ऑर्डर कई सालों से निकल रहे हैं।
पिछले साल भी हिंदुओं के त्योहारों से पहले राजस्थान के कई जिलों में धारा 144 लागू की गई थी। पिछले साल अप्रैल में कॉन्ग्रेस सरकार (Congress Government) ने अजमेर जिले में हिंदू त्योहारों से पहले धारा 144 लागू किया था। इस फरमान में आयोजनों के दौरान धार्मिक चिन्ह वाले झंडों को नहीं लगाने की हिदायत दी गई थी।
उस भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अजमेर नगर निगम के डिप्टी मेयर नीरज जैन हिंदुस्तानी ने कॉन्ग्रेस शासन की तुलना मुगलराज से की थी। नीरज जैन ने ट्वीट कर लिखा था, “कोटा, बीकानेर, जोधपुर और अब अजमेर सहित अन्य शहर में गहलोत साब का नादिरशाही फ़रमान। किसी धार्मिक चिन्ह के झण्डे लगाना, DJ बजाना अपराध है! गौरतलब है कि एक और महावीर जयंती, दुर्गा अष्टमी, अम्बेडकर जयंती, राम नवमी और हनुमान जयंती के जुलूस और शोभा यात्रा पर ये आदेश।“
उस साल 10 अप्रैल को रामनवमी, 14 अप्रैल को महावीर जयंती और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती थी। इन अवसरों पर हिंदू समुदाय धूमधाम से झाँकी एवं जुलूस निकालते हैं और पर्व को मनाते हैं। हालाँकि, राजस्थान सरकार ने फरमान जारी कर आयोजनों के दौरान धार्मिक झंडे पर रोक लगा दी थी। इसके बाद काफी बवाल हुआ था।
राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल 2022 को पथराव की घटना के बाद कॉन्ग्रेस सरकार ने घरों पर धार्मिक झंडे फहराने पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा जुलूसों और शोभा यात्राओं के दौरान डीजे बजाने को लेकर पाबंदियाँ लगाई थी। ये पाबंदियाँ दुर्गा अष्टमी, राम नवमी, महावीर जयंती और हनुमान जयंती आदि हिंदू त्योहारों को चिह्नित करने के लिए की गईं।
राज्य के कई जिलों में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 लागू कर दी गई है। राजस्थान सरकार ने अपने आदेश में यहाँ तक कहा था कि इस दौरान लोगों को घर के आगे से गुजरने वाली शोभा यात्रा को देखने के लिए अपने घरों की छतों पर खड़े होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इससे पहले 28 अक्टूबर 2021 को झुंझनू जिले के जिलाधिकारी उमर दीन खान ने दीपावली त्योहार के चलते धारा 144 लागू करने का आदेश जारी कर दिया था। इस दौरान धार्मिक ऑडियो चलाने से लेकर जयकारा लगाने तक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद खूब बवाल हुआ। बवाल के बाद जिलाधिकारी को अपने आदेश में बदलाव करना पड़ा था।
हैदराबाद में एक दलित लड़के की हत्या उसकी प्रेमिका के भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर कर दी। मृतक की पहचान 28 साल के हरीश के तौर पर हुई है। बुधवार (1 मार्च 2023) को हुई इस हत्या के 11 आरोपितों में से 10 की गिरफ्तारी हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देवरकोंडा क्षेत्र के रहने वाला हरीश नामक व्यक्ति DJ का काम करता था। लगभग 7 माह पहले वह हैदराबाद के ही एल्लारेड्डीगुड़ा इलाके में रहने गया गया था। यहीं उसकी मुलाकात मनीषा नाम की लड़की से हुई थी। कुछ दिनों बाद दोनों में प्रेम संबंध बन गए थे। मनीषा के परिवार वालों को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। लड़की के भाइयों ने कई बार हरीश को अपनी बहन से दूर रहने की नसीहत दी थी और एकाध बार पिटाई भी की थी। मनीषा पर भी उनके घर में तमाम तरह की पाबंदियाँ लगा दी गईं।
बताया जा रहा है कि इन पाबंदियों के बाद भी हरीश और मनीषा सोशल मीडिया से एक दूसरे के सम्पर्क में बने रहे। बीच-बीच में दोनों की मुलाकात भी होती रही। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार हरीश और पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाली 25 वर्षीय मनीषा करीब 5 महीनों से प्रेम संबंध में थे। मनीषा के भाई दीनदयाल ने संबंध तोड़ने के लिए हरीश पर दबाव डाला था। लेकिन उसकी धमकियों को नजरंदाज करते हुए हरीश 22 फरवरी को प्रेमिका मनीषा को भगा ले गया।
घर से भागने के बाद दोनों के रुकने का इंतजाम हरीश के दोस्त राजेंद्र कुमार ने किया था। उसने ही हरीश को सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी दिलवाई थी। इस दौरान जब दीनदयाल अपनी बहन की खोज कर रहा था तो राजेंद्र ने सारी बात उसे बता दी।
पेटबशीराबाद थाने के एसएचओ के गौरी प्रशांत के मुताबिक 1 मार्च को राजेंद्र ने ही अपनी पाटर्नर जी नवनीता के साथ मिल हरीश और मनीषा को मिलने के लिए बुलाया। दीनदयाल भी अपने साथियों के साथ उनका इंतजार कर रहा था। हरीश और मनीषा के आते ही दीनदयाल अपने साथियों के साथ उन पर टूट पड़ा। हरीश की हत्या कर दी और मनीषा को अपने साथ ले गए।
पुलिस ने दीनदयाल और उसके साथियों टी नरेश और पी वेंकटेश को हरीश की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अन्य 5 को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राजेंद्र और नवनीता को दोनों की जानकारी देने के आरोप में पकड़ा गया है। एक अन्य आरोपित बी वेंकट फरार है।
अपडेट: कुछ शुरुआतीमीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया में हरीश की प्रेमिका के दूसरे समुदाय से जुड़े होने का दावा किया गया था। लेकिन बाद में यह बात सामने आई कि लड़की पिछड़े वर्ग की थी। इसके बाद हम अपनी रिपोर्ट आवश्यक बदलाव कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट में लड़की को अन्य मजहब से जुड़ा होने के लिए बताने का हमें खेद है।