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‘मुसलमानों पर हो रहे जुल्म’ : UP में माफियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई से भड़के सपा के शफीकुर्रहमान, CM योगी को धमकी दी- तुम भी जद में आओगे

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही योगी सरकार एक्शन में है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपित का एनकाउंटर कर दिया तो वहीं प्रयागराज में अतीक के करीबी के खिलाफ बुलडोजर का एक्शन देखने को मिला। योगी आदित्यनाथ के अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क बौखला गए हैं। बौखलाहट में उन्होंने सीएम योगी को बुलडोजर कार्रवाई की धमकी दी है।

सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क से जब अपराधियों के खिलाफ सीएम योगी के एक्शन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह एक्शन नहीं है बल्कि ये जुल्म है। उन्होंने अपराधियों पर कार्रवाई को मुसलमानों पर कार्रवाई से जोड़ा और कहा कि मुसलमानों के खिलाफ बुलडोजर चलाया जा रहा है। बुलडोजर से क्या सारी दुनिया को मिटा दोगे।

बर्क ने कहा कि सरकार जफर अहमद पर जुल्म कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि जुल्म है। पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए सपा सांसद शफीकुर्रहमान ने योगी आदित्यनाथ को धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर तुम भी इस ओहदे (पद) पर न रहे तो तुम भी उसी जद में आजाओगे।

बता दें यह पहली बार नहीं है जब सपा सांसद ने अपराधियों की हिमायत की हो। इसके पहले भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उमेश पाल की हत्या में आरोपित माफिया अतीक अहमद को मिट्टी में मिला देने के बयान पर उन्होंने मुस्लिमों पर ज्यादा जुल्म होने की बात कही थी। योगी के विधानसभा में दिए गए बयान को गुरूर भरा बताते हुए शफीकुर्रहमान बर्क ने इसे असंसदीय बताया था।

संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि एक पढ़े लिखे व्यक्ति को मिट्टी में मिला देने जैसे बयान शोभा नहीं देते हैं। LIC में पैसे डूबने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कई अन्य माफिया भी हैं जो और ज्यादा पनप रहे हैं। इस दौरान सपा सांसद ने UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। बकौल बर्क मोदी सरकार में मुस्लिमों पर तमाम जुल्म हो रहे हैं जिसमे मॉब लिंचिंग भी शामिल है।

‘बेईमान कहते हैं मर जा मोदी, जनता कहती है मत जा मोदी’: पूर्वोत्तर में BJP की जीत पर बोले PM- पूर्वोत्तर न ही दिल्ली से दूर और न ही दिल से दूर

त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय विधानसभा चुनावों में जीत का डंका बजाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (2 मार्च 2023) की रात दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुँचकर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना भी साधा और पूर्वोत्तर के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि जनता ने भाजपा और उसके सहयोगियों को आशीर्वाद दिया है। इसलिए यह आम जनता को नमन करने का एक और अवसर है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के नतीजे दिखाते हैं कि भारत में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा, “दिल्ली में भाजपा के लिए कार्य करना कठिन नहीं है, लेकिन पूर्वोत्तर में हमारे कार्यकर्ताओं ने दोगुनी मेहनत की है। यह चुनाव दिलों की दूरी समाप्त होने के साथ नई सोच का प्रतिबिंब है। अब पूर्वोत्तर न ही दिल्ली से दूर है और न ही दिल से दूर। यह नया युग और नया इतिहास रचे जाने का पल है।”

इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों को पूर्वोत्तर के राज्यों की चिंता नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमारे कुछ शुभचिंतक भी हैं, जिन्हें इससे तकलीफ है कि आखिर भाजपा के जीतने का राज क्या है? अभी तक के परिणाम को मैंने टीवी नहीं देखा और यह भी नहीं देखा कि ईवीएम को गाली पड़नी शुरू हुई है या नहीं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “कुछ लोग मोदी की कब्र खोदने की साजिश करते हैं, लेकिन कमल खिलता ही जा रहा है, खिलता ही जा रहा है। कुछ लोग बेईमानी भी कट्टरता से करते हैं। बेईमान कह रहे हैं- मर जा मोदी। जनता कह रही है मत जा मोदी।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अपनी नफरत को जगजाहिर कर दिया है। कॉन्ग्रेस कह रही है कि ये तो छोटे राज्य हैं, इनके नतीजे उतना मायने नहीं रखते। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दिल में ही भारत को जोड़ने की भावना ना हो तो ऐसे ही बोल निकलते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में पूर्वोत्तर को महत्व मिलता है तो उनके कुछ विशेष शुभचिंतकों के पेट में दर्द होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले त्रिपुरा में ये हाल था कि एक पार्टी के अलावा दूसरी पार्टी का एक झंडा तक नहीं लगाया जा सकता था। अगर किसी ने लगाने की कोशिश की तो उसे लहूलुहान कर दिया जाता था। इस बार इन चुनावों में हमने कितना बड़ा परिवर्तन देखा है। पार्टी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलवाकर पूर्वोत्तर के लोगों का आभार व्यक्त करवाया। इस दौरान पीएम ने कहा, “ये नॉर्थ-ईस्ट की देशभक्ति का सम्मान है।”

घर लौटे बिहार के श्रमिक बता रहे माहौल खराब, तमिलनाडु के डीजीपी ने हमले की खबरों को बताया गलत

तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित हिंसा पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय स्तर पर विवादों में है। मीडिया रिपोर्टों में तमिलनाडु से बिहार लौटे श्रमिकों के हवाले से कई गंभीर दावे किए गए थे। हालाँकि तमिलनाडु पुलिस बिहारी श्रमिकों के साथ हिंसा की घटनाओं से इनकार कर रही है।

लेकिन दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें तमिलनाडु में 15 बिहारी श्रमिकों की मौत का दावा किया गया था। 25 साल के अरमान के हवाले से दैनिक भास्कर ने यह बताया था। भास्कर ने अरमान से तब बात की थी, जब वह अपने 20 साथियों के साथ बिहार के जमुई लौट रहा था। उसने कहा था कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की हत्याएँ हुई हैं और शवों को नवादा, लखीसराय, जमुई भेजा गया है। लोग जैसे-तैसे तमिलनाडु से बिहार आ रहे हैं। मगर टिकट मिलने में बहुत दिक्कत है।

भास्कर को अरमान ने यह भी कहा था कि तमिलनाडु में उसके एक दोस्त से यह पूछकर कि क्या वो हिंदी है, उसकी 4 अंगुलियाँ काट दी गईं। इसी तरह 12 मजदूरों को कमरे में बंद करके फाँसी दे दी गई। कुल 15 मजदूरों की हत्या कर दी गई। लेकिन अब भास्कर ने इस रिपोर्ट को अपडेट किया है। इसमें अरमान के हवाले से किए गए हत्या सहित तमाम सनसनीखेज दावे हटा दिए गए हैं।

हालाँकि अपडेट रिपोर्ट में भी अरमान, श्रवण कुमार, राहुल, प्रमोद कुमार, रोहित कुमार जैसे बिहार लौटे श्रमिकों के हवाले से तमिलनाडु में माहौल खराब होने की बात कही गई है।

डीजीपी ने आरोपों को नकारा

बता दें कि सोशल मीडिया में कुछ वीडियो तमिलनाडु में बिहार के लोगों के साथ मारपीट के दावे के साथ वायरल हुए थे। भाजपा ने इस बाबत विधानसभा में प्रदर्शन भी किया। वहीं तमिलनाडु के डीजीपी ने इस वीडियो को लेकर दावा किया कि ये वीडियो झूठी है, जिसमें कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों को मारा जा रहा है। झूठे दावे के साथ दो वीडियो शेयर हो रही हैं। दोनों झूठी हैं।

डीजीपी शैलेंद्र के अनुसार, “ये दोनों घटनाएँ पहले की हैं जो त्रिपुर और कोयंबटूर में हुईं थीं। दोनों मामलों में ये बिहारी मजदूरों और तमिलनाडु के लोगों के बीच हुई झड़प नहीं थी। इनमें से एक में बिहारी मजदूरों का दो गुट एक दूसरे से भिड़ा हुआ है। दूसरी वीडियो में कोयंबटूर के स्थानीय लोग हैं। अब ये वीडियो इसलिए डाली जा रही है ताकि दिखा सकें कि कैसे बिहारियों पर यहाँ अत्याचार हो रहा है।”

अपडेट: दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में तमिलनाडु में हिंदी भाषिक श्रमिकों की हत्या, अंगुलियाँ काटने, फाँसी पर लटकाने जैसे दावे किए गए थे। हमने स्पष्ट रूप से दैनिक भास्कर को क्रेडिट देते हुए ये दावे प्रकाशित किए थे। लेकिन राष्ट्रव्यापी विवाद के बाद दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट अपडेट करते हुए वे दावे हटा लिए हैं। चूँकि भास्कर अपनी पूर्व की रिपोर्ट में किए गए दावों से पीछे हट गया है, इसलिए हमने भी अपनी रिपोर्ट में आवश्यक बदलाव किए हैं।

नाबालिग पर अश्लील टिप्पणियाँ… चार्जशीट में AltNews के मोहम्मद जुबैर का नाम नहीं: HC ने दिल्ली पुलिस से पूछा- आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले का क्या हुआ

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार (2 मार्च 2023) दिल्ली पुलिस से गंभीर सवाल किए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जब ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) का नाम चार्जशीट में नहीं है तो जिस जिस व्यक्ति ने उसके खिलाफ ट्वीट किया, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया, “आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले व्यक्ति के बारे में क्या हुआ? आपने उस सज्जन को लेकर क्या किया? मैं जानना चाहता हूँ कि क्या हुआ… मैं देखना चाहता हूँ कि क्या चीजें तार्किक रूप से समाप्त हो रही हैं या नहीं।”

कोर्ट ने आगे कहा, “हमें ये भी देखना है कि जगदीश सिंह नाम का शख्स कहाँ है। दिल्ली पुलिस ने उस तक पहुँचने के लिए कितने हाथ पैर मारे। पुलिस उस तक नहीं पहुँच पा रही है तो इसकी क्या वजह है?” बता दें कि जुबैर ने नाबालिग लड़की को लेकर जो ट्वीट किया था, वह जगदीश सिंह नाम के एक यूजर के कथित अपमानजनक ट्वीट के जवाब में किया था।

उधर, NCPCR ने हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी कि दिल्ली पुलिस का यह कहना कि जुबैर के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है, ‘गलत’ था। एजेंसी का यह रुख अधिकारियों के लापरवाह रवैये को दर्शाता है। NCPR ने आग्रह किया है कि इस मामले की गहन जाँच करने और इसे तार्किक अंजाम तक पहुँचाने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दे।

एनसीपीसीआर ने तर्क दिया कि लड़की की तस्वीर को री-ट्वीट करने से उसके पिता के माध्यम से लड़की की पहचान का खुलासा हुआ। इसके कारण लड़की की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। आयोग ने कहा, “नाबालिग लड़की की तस्वीर पर की गई टिप्पणियों में ऐसी टिप्पणियांँ भी शामिल थीं, जो यौन उत्पीड़न की प्रकृति की थीं।”

आयोग ने कहा है कि इस तथ्य को जानने के बाद भी कि लड़की के खिलाफ अश्लील टिप्पणियाँ की जा रही हैं, जुबैर ने उस ट्वीट को हटाने की कोशिश की और न ही संबंधित अधिकारियों को इस बारे में बताने की कोशिश की।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया था कि सोशल मीडिया पर एक नाबालिग को कथित तौर पर धमकाने और प्रताड़ित करने के लिए दर्ज मामले में जुबैर के खिलाफ उसे कोई अपराध नहीं मिला है। इसलिए चार्जशीट में उसका नाम शामिल नहीं किया गया है।

दरअसल, मोहम्मद जुबैर के खिलाफ साल 2020 में एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर धमकाने और प्रताड़ित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह प्राथमिकी NCPCR की शिकायत के आधार की थी। जुबैर ने अपने विवादास्पद ट्वीट में ऑनलाइन झगड़े के दौरान एक नाबालिग लड़की की तस्वीर ब्लर करके शेयर की थी।

इसके पहले जुबैर के वकील ने अदालत को बताया था कि ट्विटर पर उनके पोस्ट के लिए एक व्यक्ति उन्हें ट्रोल कर रहा था। इतना ही नहीं, उस व्यक्ति ने दुर्व्यवहार और अपमान किया। इसके साथ ही माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर उनके पोस्ट पर सांप्रदायिक टिप्पणी भी कीं।

वकली ने अदालत को आगे बताया कि इसके बाद उसके क्लाइंट जुबैर ने उस व्यक्ति की डिस्प्ले तस्वीर पोस्ट की। उस तस्वीर में वह व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटी के साथ खड़ा था और उसका चेहरा जुबैर ने धुंधला कर दिया था। इसके आधार पर शिकायत की गई थी। इस मामले में अगली सुनवाई 13 मार्च 2023 को होगी।

मेघालय में NPP बनाएगी BJP के साथ सरकार, CM कोनराड ने फोन करके अमित शाह से मदद माँगी : असम मुख्यमंत्री सरमा ने कहा- हम जरूर देंगे समर्थन

देश के उत्तर-पूर्व (North-East) के राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम अब स्पष्ट हो चुके हैं। त्रिपुरा में भाजपा ने अकेले ही बहुमत प्राप्त कर लिया है। नागालैंड में बीजेपी और सहयोगी एनडीपीपी ने शानदार जीत दर्ज की है। मेघालय में कोनराड संगमा की पार्टी एनपीपी सबसे बड़े दल के रूप में उभर चुकी है। परंतु NPP बहुमत से दूर है। ऐसे में सत्ताधारी एनपीपी ने सरकार बनाने के लिए बीजेपी से समर्थन माँगा है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मेघालय में सरकार बनाने के लिए समर्थन की माँग की है। एक अन्य ट्वीट के जरिए हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि भाजपा नेतृत्व ने एनपीपी को समर्थन देने के लिए राज्य इकाई को हरी झंडी दे दी है।

हिमंता ने लिखा, “भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बीजेपी स्टेट यूनिट, मेघालय को राज्य में नई सरकार बनाने के लिए नेशनल पीपुल्स पार्टी को समर्थन देने का निर्देश दिया है। बता दें मेघालय में एनपीपी 28 सीटों पर आगे है। सरकार बनाने के लिए उन्हें और तीन सीटों की जरूरत है। भाजपा और कॉन्ग्रेस 4-4 सीटों पर जीत हासिल करती नजर आ रही है। वहीं अन्य 17 सीटों पर आगे है।

निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी अंतिम नतीजों के मुताबिक त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में बीजेपी आईपीएफटी गठबंधन को 34 सीटों पर जीत मिली है। इनमें से 32 सीटें बीजेपी के नाम रहीं। वहीं कॉन्ग्रेस और लेफ्ट गठबंधन 14 सीटों पर सिमट गया जबकि पहली बार चुनाव लड़ रही टिपरा मोथा पार्टी के 13 उम्मीदवार विजयी रहे।

इसी प्रकार नागालैंड में भाजपा और उसकी साझेदार नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी फिर से सरकार बनाती नजर आ रही है। यहाँ 60 विधानसभा सीटों में से भाजपा और एनडीपीपी 37 सीटों पर आगे चल रहे हैं। अन्य के खाते में 14 सीटों जाती दिख रही हैं। गठबंधन की बात करें तो भाजपा को 12 और सहयोगी एनडीपीपी को 25 सीटें मिलती नजर आ रही हैं।

सुष्मिता सेन को आया हार्ट अटैक, एंजियोप्लास्टी से बची जान: स्टंट डलने के बाद अभिनेत्री बोलीं- ‘जिंदगी जीने के लिए दोबारा तैयार हूँ’

बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन को कुछ दिन पहले दिल का दौरा पड़ा था। इस बात की जानकारी खुद सुष्मिता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है। उन्होंने अपने पिता के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की है और लिखा है जिंदगी जीने के लिए फिर से तैयार हैं। अभिनेत्री के प्रशंसकों ने उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की है।

सुष्मिता सेन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी कि पिछले दिनों उन्हें हार्ट अटैक आया था। सुष्मिता ने लिखा, “अपने हृदय में हमेशा खुशी और हिम्मत बनाए रखो। यह आपकी मदद उस समय करेगा जब आपको इसकी सबसे अधिक जरूरत होगी। ज्ञान की ये बातें मेरे पिता ने कही हैं। कुछ दिन पहले मुझे हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद एंजियोप्लास्टी की गई है। स्टंट लगाए गए हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि मेरे कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि मेरा दिल वाकई में बड़ा है।”

सुष्मिता ने अपने पोस्ट में उन लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने समय पर उनकी मदद की। सुष्मिता ने लिखा कि इस बारे में ज्यादा जानकारी दूसरे पोस्ट में दी जाएगी। फिलहाल यह पोस्ट मेरे शुभ चिंतकों के लिए है। उन्हें बताना चाहूँगी कि सब ठीक है। जिंदगी जीने के लिए दोबारा तैयार हूँ। उनकी इस पोस्ट के बाद बॉलीवुड से जुड़े लोगों और सुष्मिता के प्रशंसकों ने उनके अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना की।

47 साल की अभिनेत्री सुष्मिता सेन पहले भी कुछ बीमारियों का सामना कर चुकी हैं। साल 2021 में भी उन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर पर वीडियो पोस्ट के जरिए एक सर्जरी की जानकारी दी थी। साल 2020 में उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए जानकारी दी थी कि 6 सालों (2014) से वो एडिसंस नामक बीमारी से लड़ रही थीं। इस बीमारी की वजह से उनकी इम्यूनिटी कम हो गई थी। एडिसंस एक दुर्लभ बीमारी है जो लाखों में किसी एक को होती है।

60 सीट, 28 प्रत्याशी… जीते एक भी नहीं: त्रिपुरा में ममता बनर्जी की TMC को मिले NOTA से भी कम वोट, सच हुई शुभेंदु अधिकारी की भविष्यवाणी

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा मारा। भाजपा की लहर के आगे विपक्षी दल पस्त नजर आए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस का सबसे बुरा रहा है। ममता की पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। त्रिपुरा में तृणमूल कॉन्ग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर कहा जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी की भविष्यवाणी सच हुई है।

दरअसल, त्रिपुरा विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि ममता बनर्जी की पार्टी कहीं भी फ्रेम में नहीं है। त्रिपुरा में तृणमूल कॉन्ग्रेस को नोटा से भी कम वोट मिलेंगे। अब चुनाव परिणाम सामने आने के बाद आँकड़ों पर नजर डालें तो तृणमूल कॉन्ग्रेस का वोट बैंक नोटा से भी कम नजर आ रहा है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में नोटा पर 1.36 प्रतिशत वोट पड़ा। वहीं, ममता बनर्जी की पार्टी को महज 0.88 प्रतिशत ही वोट मिला है।

ममता बनर्जी ने त्रिपुरा विधानसभा की 60 में से 28 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने त्रिपुरा में कई रैलियाँ भी की थीं। हालाँकि भाजपा की लहर के आगे TMC के किसी भी प्रत्याशी को जीत नहीं मिली है। कई सीटें तो ऐसी रहीं जहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी हजार वोटों का आँकड़ा भी पार नहीं कर सके। वहीं अधिकांश सीटों में टीएमसी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।

चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने अगरतला, रामनगर और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के गृह क्षेत्र टाउन बारदोवाली को टारगेट करते हुए करीब 5.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा की थी। हालाँकि ममता ने अगरतला से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था। लेकिन टाउन बारदोवाली से तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी को करारी हार मिली है। हालत यह रही कि तृणमूल प्रत्याशी अनंत बनर्जी 1000 वोट भी नहीं जोड़ पाए। उन्हें महज 623 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इसी प्रकार रामनगर में तृणमूल प्रत्याशी पूजन विश्वास को महज 2042 वोट मिले।

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव परिणाम…

माणिक साहा के नेतृत्व में उतरी भाजपा को त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में एक बार फिर जीत मिली है। यहाँ भाजपा को 30 सीटों में जीत मिली है। वहीं 2 सीटों में बीजेपी अब भी आगे चल रही है। यही नहीं भाजपा की सहयोगी पार्टी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के खाते में भी एक सीट गई है। ऐसे में त्रिपुरा में भाजपा 33 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनते हुए एक बार फिर सरकार बनाते हुए दिख रही है।

विश्व पुस्तक मेले में क्रिश्चियन एसोसिएशन मुफ्त में बाँट रहा था बाइबिल, रोके जाने पर भीड़ पर लगाया किताब फाड़ने का आरोप: दिल्ली पुलिस ने नकारा

दिल्ली के प्रगति मैदान में लगे पुस्तक मेले में एक स्टॉल पर मुफ्त में बाइबिल बाँटे जाने को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने मुफ्त में धार्मिक किताब के वितरण पर आपत्ति जताई और अपना विरोध दर्ज कराया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना बुधवार (01 मार्च, 2023) के दोपहर की बताई जा रही है। धार्मिक किताब का मुफ्त वितरण करने वाले संस्था के लोगों ने प्रदर्शनकारियों पर धार्मिक किताब और पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाया। हालाँकि मेला आयोजकों और दिल्ली पुलिस ने किसी तरह के किताब फाड़े जाने से इनकार किया है।

दिल्ली के प्रगति मैदान में लगे विश्व पुस्तक मेले (World book fair) में एक क्रिश्चियन एसोसिएशन द्वारा लगाए गए द गिडियन्स इंटरनेशनल स्टॉल पर मुफ्त में बाइबिल बाँटी जा रही थी। जिसपर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। स्टॉल लगाने वालों का आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें मुफ्त में धार्मिक किताब का वितरण करने से रोका। इंडियन एक्सप्रेस ने स्टॉल के एक वॉलेन्टियर के हवाले से बताया कि दर्जन भर लोग इस स्टॉल पर आए और धरना देने लगे।

वॉलेन्टियर ने कहा, “प्रदर्शनकारियों ने हम पर किताबों के वितरण के बहाने लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने स्टॉल पर लिखे मुफ्त बाइबिल वाले पोस्टर और कुछ किताबें फाड़ दीं और नारेबाजी की। स्टॉल के वॉलेन्टियर ने कहा कि हम सिर्फ आने जाने वालों को मुफ्त में यह किताब दे रहे थे किसी पर दबाव नहीं बना रहे थे।” आयोजकों और दिल्ली पुलिस के जवानों के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी वहाँ से चले गए।

दिल्ली पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर जानकारी दी है कि मेले में एक विरोध प्रदर्शन तो हुआ था लेकिन कोई किताब नहीं फाड़ी गई थी और न ही किसी तरह की हिंसा हुई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्होंने बुक स्टॉल के वॉलेन्टियर्स और पुस्तक मेले के सदस्यों को बुलाया था। कोई भी शिकायत दर्ज कराने को तैयार नहीं था। इसके बाद भी पुलिस ने मौके का मुआयना किया। लेकिन कोई भी किताब फटी हुई नहीं मिली।

‘होली, काफिरों का त्योहार…मत मनाओ’: जामिया में कट्टरपंथियों ने लगाए ‘अल्लाह-हू-अकबर’के नारे, प्रशासन को ‘हिजड़ा’ कहा

केंद्र सरकार के अधीन आने वाले दिल्ली की प्रमुख यूनिवर्सिटी जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Milia Islamia University) में छात्रों द्वारा होली खेलने पर जमकर बवाल काटा गया। इस दौरान अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के भड़काऊ नारे लगाए गए।

जामिया यूनिवर्सिटी के जामिया नगर स्थित परिसर के कई वीडियो सामने आए हैं। पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा द्वारा शेयर की गई एक वीडियो में कुछ लोग अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं, वीडियो में सुनाई दे रहा है कि ‘रंग लगाते हो तुम लोग, शर्म नहीं आती’। इस दौरान हिंदुओं को त्योहार मानने से रोका गया।

दरअसल, होली से पहले जामिया में ‘रंगोत्सव’ नाम से बुधवार (1 मार्च 2023) को होली मिलन का कार्यक्रम रखा गया था। इसका आयोजन गेट नंबर 13 के पास अंसारी ऑडिटोरियम के पास किया गया था। इस दौरान विद्यार्थियों को भड़काऊ नारे लगाकर होली खेलने से मना किया गया।

स्वाति गोयल ने एक अन्य ट्वीट में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा कैंपस में होली ना मनाने देने की अपील करते हुए कई पोस्ट लिखी गई है। पोस्ट में होली को काफिरों का त्योहार कहा गया है। इसमें हदीस का भी उदाहरण दिया गया है।

ऐसे ही एक अन्य वीडियो में कुछ असामाजिक तत्व होली खेलने वालों को लेकर हंगामा कर रहे हैं। इसके साथ ही कैंपस में इसकी अनुमति देने पर जामिया प्रशासन को भी हिजड़ा कह दिया। वीडियो में इन तत्वों को हंगामा करते देखा जा सकता है।

होली भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है, जिसमें लोग अपने प्रेम और भाईचारा को प्रदर्शित करते हैं और एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। इसका किसी धर्म से कोई ताल्लुक नहीं है। रंग का धर्म से ताल्लुक हो भी नहीं सकता, लेकिन कट्टरपंथी तत्व गैर-इस्लामी बताकर हंगामा करते नजर आए।

ब्राह्मण महिलाओं और बच्चों का ‘सर तन से जुदा’ करो, दलितों का उत्थान करो: वो शख्स जिसे करते हैं प्रकाश राज फॉलो

ब्राह्मण महिलाओं और बच्चों का ‘सर तन से जुदा’ करने के लिए आवाज उठाई जा रही है। इसे कट्टर इस्लामी आतंकियों के द्वारा नहीं बल्कि दलितों से करवाने के लिए उकसाया जा रहा। कौन है जो ऐसा चाह रहा? कोई आंतकी संगठन नहीं… बल्कि ‘द्रविड़ियन स्टॉक’ से संबंधित आदमी है यह। एक ऐसा आदमी जिसे ट्विटर पर अभिनेता और वामपंथी प्रकाश राज भी फॉलो करते हैं। @kannadamando – ट्विटर पर इस हैंडल वाले द्रविड़ विचारधारा के इस व्यक्ति ने ब्राह्मणों के खिलाफ काफी जहर उगला है।

द्रविड़ विचारधारा वाले ट्विटर यूजर @kannadamando ने ब्राह्मण महिलाओं और बच्चों की सामूहिक हत्याओं की बात जिस शख्स से की, उसने खुद को ‘अंबेडकरवादी’ यानी अंबेडकर के आदर्शों का पालन करने वाला बताया है। ‘अंबेडकरवादी’ ने हालाँकि ब्राह्मणों की सामूहिक हत्या पर सहमति तो नहीं जताई लेकिन वो हिंदू धर्म को मिटाने की आवश्यकता पर सहमत दिखा। उसने ‘दलितों को और अधिक करने की आवश्यकता है’ पर भी बल दिया।

भारतीय समाज में दलितों पर ‘चर्चा’ करते हुए ‘द्रविड़ियन स्टॉक’ से संबंधित इस आदमी ने 1 मार्च 2023 (सोमवार) को ब्राह्मण महिलाओं और बच्चों की सामूहिक हत्या की बात की। सोचने और एक हद तक डरावनी बात यह है कि इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि ऐसा करके सामाजिक न्याय के द्रविड़ियन-मार्क्सवादी विचार को प्राप्त किया जा सकेगा।

ब्राह्मणों का नरसंहार करवाने की सोच रखने वाले ट्विटर यूजर की वास्तविक पहचान क्या है, वो क्या करता है, यह ज्ञात नहीं है। यह जरूर है कि इस ट्विटर यूजर को अभिनेता प्रकाश राज फॉलो करते हैं।

ब्राह्मण नरसंहार की बात करने वाले ट्विटर यूजर @kannadamando का स्क्रीनशॉट

प्रकाश राज ने हाल ही में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर बात करते हुए ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को ‘बकवास’ कह डाला था। खुद को वामपंथी बताने वाले प्रकाश राज ने बिहार जाकर कन्हैया कुमार के लिए प्रचार भी किया था। यह और बात है कि अब कन्हैया गाँधी से जुड़ी कॉन्ग्रेस पार्टी में काम करके राजनीति चला रहे।

द्रविड़ विचारधारा: ब्राह्मण विरोधी, एंटी-इंडियन

द्रविड़ विचारधारा मुख्यतः ब्राह्मण विरोधी विचारधारा है। इसे ब्रिटिश युग में इरोड वेंकटप्पा रामासामी (Erode Venkatappa Ramasamy) नाम के तमिल राजनेता द्वारा प्रचारित किया गया था। इरोड वेंकटप्पा रामासामी को उनके अनुयायी ‘पेरियार (Periyar)’ कहते हैं।

ब्राह्मणों के विरोध के अलावा, पेरियार को उत्तर भारतीयों से घृणा करने के लिए भी जाना जाता है। यही वो शख्स है, जिसने दक्षिण भारत को एक अलग राष्ट्र के रूप में समर्थन दिया था।

पेरियार ही वो शख्स है, जिसने भारत की स्वतंत्रता को ‘काला दिन’ कहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि द्रविड़ों के एक अलग राष्ट्र का उनका सपना 15 अगस्त 1947 को साकार नहीं हुआ था।

गौर करने लायक बात है कि पेरियार के अनुयायियों के बीच ब्राह्मणों के खिलाफ हिंसा कोई नई बात नहीं। समय-समय पर ये लोग ब्राह्मण नरसंहार की बात करते रहते हैं।

ट्विटर यूजर @kannadamando के डिस्प्ले पिक्चर और कवर इमेज दोनों से मार्क्सवाद झलकता है। आश्चर्य यह कि खुलेआम ब्राह्मण नरसंहार की बात करने के बावजूद ट्विटर के नियमों के अनुसार इस अकाउंट को निलंबित (इस रिपोर्ट के प्रकाशन के समय तक) नहीं किया गया है।

कई ट्विटर यूजर ने ब्राह्मणों के खिलाफ हिंसा की खुलेआम बात करने वाले बंदे को लेकर आपत्ति जताई। @agenetics1 नाम के ट्विटर यूजर ने ‘दलित सशक्तिकरण’ को लेकर छद्म बयानबाजी और ब्राह्मणों के प्रति घृणा फैलाने के लिए पुलिस कार्रवाई की बात की।