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शाहरुख खान की बीवी पर विश्वास करके लिया ₹86 लाख का मकान, हुई धोखाधड़ी: लखनऊ में गौरी खान समेत 3 पर FIR

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार (1 मार्च, 2023) को बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की बीवी गौरी खान (Gauri Khan) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गौरी खान के साथ-साथ तुलस्यानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट कंपनी के सीएमडी अनिल तुलस्यानी (Anil Tulsiani) और इसके निदेशक महेश तुलस्यानी (Mahesh Tulsiani) के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। वह (गौरी खान) तुलस्यानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स लिमिटेड की ब्रांड एंबेसेडर थीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेता की बीवी के खिलाफ यह केस आईपीसी की धारा 409 के तहत दर्ज किया गया है। मुंबई के रहने वाले किरीट जसवंत शाह नाम के एक शख्स ने यह एफआईआर दर्ज करवाई है। जसवंत शाह ने दावा किया है कि उन्होंने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में तुलस्यानी गोल्फ व्यू में एक फ्लैट खरीदा था, लेकिन 86 लाख रुपए का भुगतान करने के बावजूद उन्हें यह फ्लैट नहीं मिला। शाह ने आरोप लगाया कि उन्होंने तुलस्यानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स ग्रुप से फ्लैट इसलिए खरीदा, क्योंकि गौरी खान इसकी ब्रांड एंबेसडर थीं। लेकिन वह फ्लैट किसी और को दे दिया गया है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अपनी शिकायत में शाह ने कहा, “गौरी खान 2015 में तुलस्यानी कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स लिमिटेड की ब्रांड एंबेसेडर थीं। उनके द्वारा जानकारी दी गई थी कि लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी में फ्लैट बनाए जा रहे हैं। मैं उसी साल तुलस्यानी कंस्ट्रक्शन के सीएमडी और डायरेक्टर से मिला। उन्होंने मुझे फ्लैट की कीमत 86 लाख रुपए बताई और भरोसा दिलाया कि 2016 तक यह फ्लैट मिल जाएगा। इसके बाद मैं 86 लाख रुपए का एक फ्लैट खरीदने के लिए तैयार हो गया। लेकिन काफी समय बीत गया और मुझे फ्लैट नहीं मिला। बाद मैं मुझे पता चला कि मेरे द्वारा बुक किए गए फ्लैट का एग्रीमेंट कंपनी ने किसी और को ट्रांसफर कर दिया था। मैंने गौरी खान के ब्रांड एंबेसडर होने की वजह से यह फ्लैट खरीदा था।” फिलहाल अभी तक गौरी और उनके परिवार की तरफ से इस माामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बता दें कि रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की सह-संस्थापक गौरी खान फिल्म निर्माता होने के साथ-साथ एक इंटीरियर डिजाइनिंग कंपनी भी चलाती हैं। इससे पहले, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अक्टूबर, 2021 को शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को मुंबई से गोवा जाने वाले एक क्रूज शिप पर छापा मारकर गिरफ्तार किया था। आर्यन समेत 8 लोगों पर ड्रग्स पार्टी करने का आरोप लगा था। सभी आठ आरोपितों के पास से चरस, MDMA, MD और कोकेन समेत अन्य ड्रग बरामद किए गए थे।

470 विमानों का सबसे बड़ा ऑर्डर, मोदी विरोधियों को लताड़: कर्नाटक में राजनाथ सिंह ने किया विजय यात्रा का आरंभ, कहा- कॉन्ग्रेस में रोज युवा नेता लॉन्च हो रहे

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (02 मार्च, 2023) को कर्नाटक में विजय संकल्प यात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कॉन्ग्रेस पर जमकर निशाना साधा। राजनाथ सिंह ने कहा कि कॉन्ग्रेस में हर दिन युवा नेताओं को लॉन्च किया जाता है। रक्षामंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस जितना कीचड़ उछालेगी उतना ही कमल खिलेगा। राजनाथ सिंह ने बोइंग और एयरबस को दिए गए विमानों के ऑर्डर से कर्नाटक को मिलने वाले लाभ का भी उल्लेख किया। रक्षा मंत्री ने बीएस येदियुरप्पा के खराब स्वास्थ्य को उनके इस्तीफे की वजह बताई।

चुनावी राज्य कर्नाटक के बेलगावी में भाजपा की तरफ से विजय संकल्प यात्रा की शुरुआत की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और भाजपा के स्टेट प्रेसिडेंट नलिन कुमार कटील भी उपस्थित रहे। विजय संकल्प यात्रा की शुरुआत करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस में हर दिन युवा नेता लॉन्च किए जाते हैं। उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉन्ग्रेसियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई नारेबाजी का भी जिक्र किया।

रक्षामंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेसी इतने गिर गए हैं कि कहते हैं ‘मोदी जी, आपकी कद्र खोदी जाएगी।’ वे अपनी कब्र खुद खोद रहे हैं। रक्षामंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस जितना कीचड़ उछालेगी, कमल उतना ही खिलेगा। रक्षामंत्री ने बोइंग और एयरबस को दिए गए 470 विमानों के ऑर्डर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह विमानन उद्योग का सबसे बड़ा ऑर्डर है। जिससे कर्नाटक में काम करने वाली सभी एयरोस्पेस और सॉफ्टवेयर कंपनियों को फायदा होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि येदियुरप्पा ने स्वास्थ्य कारणों से सीएम पद से इस्तीफा दिया। येदियुरप्पा ने कई दशकों तक मिट्टी के बेटे के रूप में पार्टी और राज्य की सेवा की है। बसवराज बोम्मई पिछले डेढ़ वर्षों से सरकार चला रहे हैं। पीएम मोदी की तरह येदियुरप्पा भी चाहते हैं कि राज्य में दोबारा भाजपा की सरकार बने ताकि कर्नाटक दक्षिण भारत का नंबर एक राज्य बनाया जा सके।

नॉर्थ-ईस्ट में भगवा लहर बरकरार, नहीं चला ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जादू: नागालैंड को पहली महिला MLA मिली, 2 जगह BJP निर्विरोध जीती

देश के तीन उत्तर-पूर्वी राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों और 5 राज्यों में हुए उप-चुनावों के परिणामों के लिए आज वोटों की गिनती जारी है। अब तक आए नतीजों में भाजपा ने मोर्चा मार लिया है। नागालैंड और त्रिपुरा में पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है। वहीं, मेघालय में चुनाव से पहले तक भाजपा के साथ गठबंधन में रही NPP आगे चल रही है। इस दौरान बता दें कि चुनावों से पहले भारत जोड़ो यात्रा से माहौल बनाने वाली कॉन्ग्रेस तीनों राज्यों में बुरी तरह पस्त हो गई है।

अब तक सामने आए रुझानों के अनुसार, नागालैंड में भाजपा गठबंधन 37 सीटों पर आगे है। एनपीएफ को 2 और अन्य को 21 सीटें मिलती दिख रहीं हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस का सूफड़ा होता नजर आ रहा है। मेघालय में एनपीपी 24 सीटों पर आगे चल रही है। बीजेपी को 3, कॉन्ग्रेस को 6 और अन्य को 26 सीटें मिलीं हैं।

त्रिपुरा में भी भाजपा गठबंधन 33 सीटों पर आगे है। वहीं, लेफ्ट और कॉन्ग्रेस के गठबंधन को 14 और टीएमपी को 13 सीटें मिलती दिख रही है, जबकि टीएमसी का खाता खुलता भी नजर नहीं आ रहा। नतीजों में अपनी बढ़त देखते हुए भाजपा नेताओं में खुशी की लहर है। त्रिपुरा और नागालैंड में भाजपा जश्न मना रही है।

नागालैंड को मिली पहली महिला विधायक…

नागालैंड के इतिहास में अब तक कोई भी महिला विधायक नहीं थी। हालाँकि इस बार नागालैंड की जनता ने इतिहास बदल दिया है। यहाँ बीजेपी की सहयोगी एनडीपीपी की उम्मीदवार हेकानी जखालु ने दीमापुर-III सीट से 1536 वोटों से जीत हासिल की है।

हेकानी जखालु ने लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के उम्मीदवार एजेतो झिमोमी को मात दी है। माना जा रहा है कि नागालैंड को इस बार एक और महिला विधायक मिल सकती है। जखालु के अलावा एनडीपीपी की सलहौतुओनुओ क्रूस भी पश्चिमी अंगामी सीट से 400 से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं। इस बार चुनाव में कुल चार उम्मीदवार मैदान में हैं।

उपचुनावों के हाल

इसी तरह उपचुनावों की बात करें तो इस बार 5 राज्यों में उपचुनाव हुए। इसमें पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की सागदिर्घी पर कॉन्ग्रेस आगे चल रही है। महाराष्ट्र के चिंचवाड़ में भाजपा आगे है। कस्बा पेठ की सीट पर कॉन्ग्रेस 4500 वोटों से आगे है।

झारखंड के रामगढ़ में हुए उपचुनाव में झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJST) पार्टी 21 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रही है। बढ़त को देखते हुए जीत तय मानी जा रही है। ऐसे ही तमिलनाडु के इरोड विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ईवीकेएस एलनगोवन 18000 से अधिक मतों से आगे हैं।

2 सीटों में निर्विरोध जीती भाजपा…

इन क्षेत्रों के अलावा अरुणाचल प्रदेश में लुमला में भी विधानसभा उपचुनाव हुए। यहाँ भाजपा प्रत्याशी शेरिंग ल्हामू के आगे कोई अन्य उम्मीदवार न होने की वजह से उनकी निर्विरोध जीत हुई। उनके पति जंबे ताशी के निधन के बाद ही ये सीट खाली हुई थी।

इसी तरह नागालैंड की एक सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को बिना चुनाव लड़े ही जीत मिल गई। जुन्हेबोटो जिले में आकुलुटो सीट से (भाजपा) प्रत्याशी और निर्वतमान विधायक काजहेटो किन्मी निर्विरोध जीते हैं। हालाँकि, वह शुरुआत में निर्विरोध नहीं थे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान खेकाशे सुमी ने इस सीट से नामांकन दाखिल किया था। हालाँकि चुनाव से ठीक पहले उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।

बिजली काट बाहर फेंका सारा सामान, घर को मिट्टी में मिलाया: अतीक अहमद के गुर्गे पर बुलडोजर कार्रवाई, सफदर अली बोला- हम अपनी जुबान कटवा लेंगे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के निर्देश के बाद उमेश पाल हत्याकांड के सभी आरोपितों के घरों और ठिकानों को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। खालिद जफर का दो मंजिला मकान जमीदोंज करने के एक दिन बाद गुरुवार (2 मार्च 2023) को माफिया अतीक अहमद के सहयोगी सफदर अली के प्रयागराज में चकिया इलाके में स्थित घर पर बाबा का बुलडोजर चलाया गया। विकास प्राधिकरण और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँचकर इस कार्रवाई को अंजाम दे रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके गनर की हत्या के मामले में यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। इस कड़ी में एक के बाद माफिया अतीक अहमद और उसे गुर्गों की अवैध इमारतों पर बुलडोजर चल रहा है। असलहा सप्लाई करने के आरोपित और अतीक अहमद के करीबी सफदर अली के घर पर बुलडोजर चलाने से पहले उसके अंदर रखा गया सामान बाहर निकाला गया। फिर घर का बिजली कनेक्शन काटने के बाद कार्रवाई की गई।

वहीं, सफदर अली ने कार्रवाई से पहले मीडियाकर्मियों को बताया, “इस मामले में हमारा कोई संबंध नहीं है। हमने कभी भी असलहे की सप्लाई नहीं की है। किसी ने गलत शिकायत करके ऐसा करवाया है।” उसने आगे कहा, “अगर इसमें कुछ भी मिलता है, तो हम अपनी जबान कटवा देंगे। मेरा अतीक अहमद से कोई मेलजोल नहीं है।”

गौरतलब है कि बुधवार (1 मार्च 2023) को प्रशासन ने खालिद जफर के घर को गिरा दिया था। कहा जा रहा है कि हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन इसी घर में रुकी हुई थी। शाइस्ता परवीन के वकील सौलत का कहना है कि सितंबर 2020 में माफिया अतीक अहमद के अवैध घर पर बुलडोजर चलने के बाद से अतीक की बीवी शाइस्ता इसी घर में किराए पर रह रही थी।

बता दें कि उमेश पाल की हत्या के मामले में पुलिस ने अतीक अहमद के भाई, बेटों और बीवी समेत दर्जन भर गुर्गों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल हत्या के इस मामले के ज्यादातर आरोपित फरार हैं। आरोपितों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

IT से लेकर स्पेस के मुद्दों पर करेंगे साथ काम: भारत में इटली की पहली महिला PM का स्वागत, खुश होकर बोलीं- ‘मोदी इज मोस्ट लवेबल’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार (2 मार्च 2023) को इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी (Italy PM Giorgia Meloni) से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मामलों को लेकर द्विपक्षीय वार्ता की। वार्ता में व्यापार और आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से शामिल था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जियोर्जिया मेलोनी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे चहेते नेता हैं। ये साबित हो चुका है कि वो कितने बड़े लीडर हैं। इसके लिए उन्हें बधाई।” इटली के प्रधानमंत्री की प्रशंसा वाली ये बातें सुनकर दूसरे डायस पर खड़े प्रधानमंत्री मोदी हँसते रहे। दोनों नेताओं ने IT से लेकर स्पेस तक में साथ काम करने पर सहमति जताई।

बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि इटली की पीएम मेलोनी की पहली भारत यात्रा पर स्वागत किया। उन्होंने कहा, “पिछले साल चुनावों में इटली के लोगों ने उन्हें प्रथम महिला एवं सबसे युवा प्रधानमंत्री के तौर पर चुना। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मैं देशवासियों की ओर से उन्हें शुभकामनाएँ देता हूँ।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “इस वर्ष भारत और इटली अपने द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ मना रहे हैं। इस अवसर पर हमने भारत-इटली साझेदारी को सामरिक भागीदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। हमने अपने आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “आज हम भारत और इटली के बीच ‘स्टार्टअप ब्रिज’ की स्थापना की घोषणा कर रहे हैं। हम इसका स्वागत करते हैं। एक और क्षेत्र है जिसमें दोनों देश एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं, वह है – रक्षा सहयोग।”

पीएम मोदी ने आतंकवाद और अलगाववाद को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और इटली कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। हमने इस सहयोग को और मजबूत करने के लिए विस्तृत चर्चा की है।”

पीएम मेलोनी ने कहा, “भारत के साथ हमारे रिश्ते मधुर और बेहद मजबूत हैं। हम सामरिक साझेदारी बनाए रखने के लिए काम करते रहेंगे। पीएम मोदी जानते हैं कि वो दोनों देशों के संबंधों को बढ़ाने के लिए हम पर भरोसा कर सकते हैं।”

इस दौरान पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का भी जिक्र किया। इसको लेकर उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि रूस-यूक्रेन जंग खत्म करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दुनिया को साथ रखना जरूरी है।”

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार (2 मार्च 2023) को सुबह नई दिल्ली पहुँची। प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद पीएम मोदी और जियोर्जिया ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की शुरुआत की।

इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी एक उच्चस्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। मेलोनी 8वीं रायसीना डायलॉग (Raisina Dialogue) में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता हैं।

हाथरस केस में नहीं सिद्ध हुआ ‘रेप’…हत्या के मामले में सिर्फ 1 दोषी: कोर्ट ने 4 आरोपितों में से 3 को बरी किया, विपक्षी दलों ने घटना पर सेंकी थी ‘राजनीति’ की रोटी

हाथरस के बहुचर्चित बूलगढ़ी कांड के चारों मुख्य आरोपितों में से तीन को एससी-एसटी कोर्ट ने बरी कर दिया है जबकि 1 आरोपित को सजा सुनाई गई है। मामले में संदीप ठाकुर, रामू सिंह, लवकुश सिंह और रवि सिंह मुख्य आरोपित थे। इसमें संदीप को दोषी माना गया है। कहा जा रहा है कि कोर्ट के फैसले से पीड़ित का परिवार संतुष्ट नहीं है।

14 सितम्बर, 2020 को चंदपा के बूलगढ़ी गाँव में युवती के साथ मारपीट की घटना पेश आई थी। 29 सितम्बर को दिल्ली के सफदरगंज में युवती ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इसी मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत गाँव के ही 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसी/एसटी कोर्ट ने मामले में रामू, लवकुश और रवि को बरी कर दिया है। मुख्‍य आरोप‍ित संदीप को धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और एससी/एसटी एक्ट के तहत दोषी माना है। इसका अर्थ है कि पीड़िता के साथ गैंगरेप का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है।

अदालत के फैसले से असंतुष्ट पीड़ित परिवार हाईकोर्ट में अपील कर सकता है। इस घटना को लेकर काफी विवाद हुआ था खासकर युवती की मौत के बाद मामला गरमा गया। राहुल गाँधी, प्रियंका गांधी, भाीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद समेत देशभर के एंटी बीजेपी नेता और संगठन से जुड़े लोग बूलगढ़ी पर राजनीति करने लगे। वामपंथी मीडिया द्वारा घटना को दलित और सवर्ण का रंग दिया जा चुका था। मेनस्ट्रीम मीडिया भी उसी रंग में रंगी नजर आ रही थी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाथरस कांड की जाँच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जाँच की सिफारिश की थी। अक्चूबर 2020 में सीबीआई ने मामले की जाँच शुरू की।

बता दें कि 14 सितंबर, 2020 को हाथरस में 4 युवकों पर युवती के साथ मारपीट और गैंगरेप का आरोप लगा था। पीड़िता के साथ बरबरता की बातें सामने आई थीं। युवती के भाई ने गाँव के ही संदीप के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बाद में 26 सितंबर, 2020 को युवती के बयान के आधार पर गाँव के तीन और युवकों रामू, लवकुश और रवि का नाम केस में जोड़ा गया था। अब मामले में संदीप को ही दोषी माना गया है।

जिस आतंकी की रिहाई के लिए हुआ था प्लेन हाईजैक, NIA ने उसी पर चोट की: कश्मीर वाली संपत्ति कुर्क; PAK में बैठ तैयार करता है आतंकवादी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार (2 मार्च 2023) को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने अल उमेर आतंकवादी संगठन के चीफ और मुख्य कमांडर मुश्ताक अहमद जरगर (Mushtaq Ahmed Zargar) की श्रीनगर स्थित संपत्ति जब्त कर ली है। अफगानिस्तान के कंधार में दिसंबर 1999 में एयर इंडिया के प्लेन (IC-814) हाइजैक मामले से मुश्ताक का कनेक्शन है। मुश्ताक को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के साथ रिहा कर दिया गया था। अभी आतंकी मुश्ताक पाकिस्तान में है।

मुश्ताक जरगर 1989 में पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण में भी शामिल था। आतंकी मुश्ताक श्रीनगर के नौहट्टा इलाके का रहना वाला है। समाचार एजेंसी एनआईए के अनुसार, गनई मोहल्ला, जामिया मस्जिद, नौहट्टा, श्रीनगर में मुश्ताक जरगर के दो मरलास घर (खसरा नंबर 182) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रावधानों के तहत कुर्क किया गया है।

समाचार एजेंसी के मुताबिक, मुश्ताक अहमद जरगर को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक नामित आतंकवादी घोषित करने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर एनआईए के अधिकारियों ने कुर्की की प्रक्रिया को अंजाम दिया है। वह (आतंकी) रिहाई के बाद से पाकिस्तान में हैं और वहीं से आतंकी गातिविधियों को वित्त पोषित करता रहा है।

मुश्ताक जरगर पहले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट से जुड़ा था। वह जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। जरगर हत्याओं सहित अन्य जघन्य अपराधों में भी शामिल रहा है। उसके अलकायदा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

कौन है मुश्ताक जरगर

मुश्ताक जरगर एक आतंकी कमांडर है, जो जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए सैयद सलाहुद्दीन के अलावा पाकिस्तान से एक आतंकी समूह का संचालन कर रहा है। वह घाटी में विभिन्न आतंकी संगठनों के लिए लोगों की भर्ती करता था। 13 अप्रैल 2022 को गृह मंत्रालय ने उसे विभिन्न खुफिया एजेंसियों द्वारा लश्कर का मुख्य भर्तीकर्ता करार दिया गया था।

कौन बनेगा जज… कौन बनेगा मुख्य चुनाव आयुक्त और EC – सबका फैसला लेगा सुप्रीम कोर्ट: 33 साल पुरानी कमिटी के सहारे ऑर्डर

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (2 मार्च 2023) को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एवं चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति केंद्र सरकार के बजाय एक पैनल करेगी। इस पैनल में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के नेता और देश के मुख्य न्यायाधीश में होंगे। बता दें कि अब तक CEC की नियुक्ति राष्ट्रपति केंद्र की सलाह पर करते रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि ये समिति मुख्य चुनाव आयुक्त एवं चुनाव आयुक्तों के नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को करेगी। इसके बाद राष्ट्रपति इन पर अपनी मुहर लगाएँगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया तब तक लागू रहेगी, जब तक संसद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर कोई कानून नहीं बना लेती।

जस्टिस केएम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस अजय रस्तोगी, अनिरुद्ध बोस, ऋषिकेश राय और सी टी रविकुमार शामिल थे। इस पीठ ने तर्क दिया कि चुनाव आयुक्तों की चयन प्रक्रिया केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के डायरेक्टर की तर्ज पर होनी चाहिए। जस्टिस जोसेफ ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता जरूरी है, नहीं तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे। 

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संभ्रांत कृष्ण ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के दो पहलू हैं। नियुक्ति के नये तरीक़े से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वीकार्यता भले बढ़ जाए, लेकिन इसके लिए बाध्य करना सरकार के अधिकार क्षेत्र का हनन है। एडवोकेट संभ्रांत ने कहा कि संविधान ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का अधिकार केन्द्र सरकार को साफ़ शब्दों में दे रखा है।

बता दें कि संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग से संबंधित है। इसमें कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। हालाँकि, इसकी प्रक्रिया के बारे में नहीं बताया गया है। इस तरह इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति करते हैं।

चुनाव आयुक्तों के भी कॉलेजियम की माँग

बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई जनहित याचिकाएँ (PIL) दाखिल कर इसके लिए कानून बनाने की माँग की गई थी। इस संबंध में पहली जनहित याचिका 2015 में अनूप वर्णवाल ने दायर की थी। इसको लेकर साल 2018 में भाजपा नेता एवं अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने दायर किया था।

इसके बाद इस मामले को संविधान पीठ को भेज दिया गया था। कोर्ट ने नवंबर 2022 में मामले की सुनवाई की थी। इस मामले में कोर्ट ने उस दौरान नियुक्त किए गए CEC को लेकर कहा था कि चुनाव आयुक्त के रूप में अरुण गोयल की नियुक्ति ‘बिजली की गति’ से की गई थी। इस प्रक्रिया में 18 नवंबर को शुरू से अंत तक 24 घंटे से भी कम समय लगा।

दरअसल, 1985 बैच के पंजाब कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी अरुण गोयल ने 18 नवंबर 2022 को अपनी पिछली पोस्टिंग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। इसके बाद 19 नवंबर 2022 को उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया था और 21 नवंबर 2022 को वे कार्यभार संभाल लिए थे।

दरअसल, चुनाव आयोग (चुनाव आयुक्तों की सेवा की शर्तें और व्यापार का लेन-देन) अधिनियम 1991 (ईसी अधिनियम) के लिए आवश्यक है कि चुनाव आयोग और सीईसी को छह साल की अवधि या पद पर नियुक्त करना चाहिए। यह कानून अनिवार्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की सेवा की शर्तें हैं।

अनूप वर्णवाल ने अपनी याचिका में माँग की थी कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसा सिस्टम होना चाहिए। दरअसल, कॉलेजियम सिस्टम का प्रयोग जजों की नियुक्ति के लिए होता है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के जज हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को नाम को भेजते हैं।

बता दें कि कॉलेजियम सिस्टम को सरकार गलत बताती है। सरकार का कहना है कि भारत अकेला देश है, जहाँ जज ही जज को नियुक्त करते हैं। सरकार का कहना है कि जजों की नियुक्ति प्रशासनिक काम है और यह काम केंद्र सरकार के अधीन आता है। वहीं, कॉलेजियम सिस्टम को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को कई बार चेतावनी दे चुका है।

दिनेश गोस्वामी कमिटी की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर जो आदेश दिया है, वह दिनेश गोस्वामी कमेटी की सिफारिशों पर आधारित है। इस मामले की सुनवाई में संविधान पीठ ने इस कमिटी का जिक्र भी किया था। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में समिति में प्रधानमंत्री को भी रखा है। दरअसल, चुनाव सुधारों को लेकर यह समिति 1990 में बनी थी। हालाँकि, यह सिफारिश कभी अमल में नहीं लाई गई।

कमिटी की सिफारिश में कहा गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता से सलाह करने के बाद राष्ट्रपति करेंगे। इस प्रक्रिया को संवैधानिक ढाँचा के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद दो अन्य आयुक्तों की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा में विपक्ष के नेता और मुख्य चुनाव आयुक्त की सलाह पर राष्ट्रपति करेंगे।

दिनेश गोस्वामी कमिटी में यह भी कहा गया था कि चुनाव आयोग के पद से हटने के बाद कोई भी आयुक्त किसी सरकारी सिस्टम का हिस्सा नहीं होगा। उसे राज्यपाल भी नियुक्त नहीं किया जाएगा। गोस्वामी कमिटी की सिफारिशों के आधार पर 1990 में 70वाँ संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया, लेकिन यह पास नहीं हो सका। 1993 में इसे वापस ले लिया गया।

कॉलेजियम सिस्टम खत्म करने के लिए केंद्र का NJAC कानून

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है, जिसमें केंद्र का एकाधिकार खत्म होगा और न्यायपालिका की भूमिका बढ़ेगी। इससे सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के बीच और तकरार बढ़ने की आशंका बढ़ जाएगी। केंद्र सरकार नहीं चाहेगी कि उसके अधिकार क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप करे। इसके साथ ही इसी तर्क वह कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने का भी दबाव डाल सकती है।

बता दें कि कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने का केंद्र की मोदी सरकार ने प्रयास किया था। पहली बार भारी बहुमत से केंद्र में सरकार बनते ही मोदी सरकार ने 14 अगस्त 2014 को संविधान में संशोधन कर नेशनल जूडिशियल एप्वॉइंटमेंट कमीशन (NJAC) कानून पास किया था। इसे 16 राज्यों की मंजूरी भी मिली और 31 दिसंबर 2014 को राष्ट्रपति ने दस्तखत कर दिया।

इसके बाद जजों को नियुक्त करने वाला यह सिस्टम 13 अप्रैल 2015 से लागू हो गया। हालाँकि, 16 अक्टूबर 2015 को 4-1 के बहुमत से सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति से संबंधित इस कानून को असंवैधानिक ठहरा दिया और कॉलेजियम सिस्टम को जारी रखा।

इस न्यायिक आयोग में छह सदस्यों का प्रावधान किया गया था। आयोग में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, दो अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश, केंद्र सरकार के कानून मंत्री और समाज के दो प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल किया गया था। इन दो प्रतिष्ठित सदस्‍यों को मुख्य न्‍यायाधीश, प्रधानमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता द्वारा चुनने का अधिकार रखा गया था। आयोग में शामिल ये छह लोग जजों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार ठहराए गए थे।

प्यार के नाम पर दलित लड़के को करवाया इस्लाम कबूल, फिर खतना… बॉम्बे HC ने कहा ‘ये लव जिहाद नहीं’: आरोपित मुस्लिम महिला को जमानत

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इसलिए कि लड़का और लड़की अलग धर्म से हैं किसी रिश्ते को लव जिहाद नहीं कहा जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपित मुस्लिम महिला और उसके परिवार को अग्रिम जमानत दे दी। इस मामले में पीड़ित हिंदू व्यक्ति का आरोप था कि उसे लव जिहाद में फँसाकर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया। यही नहीं, जबरन खतना कराने का भी आरोप लगाया था।

गत 26 फरवरी 2023 को हुई सुनवाई में जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और अभय वाघवासे की खंडपीठ ने लव जिहाद के तर्क को खारिज करते हुए कहा है कि पीड़ित ने एफआईआर में कहा था कि उसके और आरोपित महिला के बीच संबंध था। साथ ही कई मौकों के बाद भी दोनों ने संबंध समाप्त नहीं किए। ऐसे में सिर्फ इसलिए कि लड़का और लड़की अलग-अलग धर्मों से हैं। यह लव जिहाद का मामला नहीं हो सकता। बल्कि यह एक-दूसरे के लिए पूरी तरह से प्रेम का मामला हो सकता है।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले को लव-जिहाद का रंग देने की कोशिश की गई है। जब प्यार को स्वीकार कर लिया जाता है तो किसी को सिर्फ दूसरे के धर्म में परिवर्तित करने के लिए फँसाए जाने की संभावना कम होती है।

क्या था मामला…

पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा था कि वह साल 2018 से मुस्लिम महिला के साथ संबंध में था। वह अनुसूचित जाति समुदाय का है। लेकिन उसने इस बारे में महिला को नहीं बताया था। कुछ समय तक रिश्ते में रहने के बाद महिला उस पर इस्लाम कबूल कर शादी करने का दवाब बनाने लगी। इसके बाद पीड़ित ने महिला के माता-पिता को अपनी जाति के बारे में बता दिया। इस पर महिला के परिवार वालों ने उसकी जाति को लेकर कोई आपत्ति नहीं की।

हालाँकि इसके बाद पीड़ित व्यक्ति ने दिसंबर 2022 में महिला और उसके परिवार वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पीड़ित का आरोप था कि महिला और उसके परिवार ने उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। साथ ही, जबरन उसका खतना करा दिया गया था। इसके अलावा जाति को लेकर भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया था।

14 साल के बच्चे ने गलती से गिराई कुरान, माफी भी माँगी… फिर भी कट्टरपंथी दे रहे हत्या की धमकी: माँ ने रोते-रोते कहा- ‘मेरा बेटा छोड़ दो, वो छोटा है’

इंग्लैंड के वेस्ट यॉर्कशायर (West Yorkshire) के वेकफील्ड(Wakefield) स्थित एक स्कूल के किशोर को इस्लामवादी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार कुछ किशोरों ने गलती से कुरान की एक प्रति गिरा दी थी। मामले को लेकर स्कूल प्रशासन ने पहले ही 4 बच्चों को निलंबित कर दिया है। उन्हीं में से एक को जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस बात की जानकारी 14 वर्षीय किशोर की माँ ने दी है।

रिपोर्टों के अनुसार मामला केटलथोर्प हाई स्कूल (Kettlethorpe high school) का है। जहाँ 10वीं कक्षा के कुछ बच्चों के बीच वीडियो गेम का खेल चल रहा था। इस दौरान हारने वाले ग्रुप को हर्जाने के तौर पर कुरान लाने के लिए कहा गया। अगले दिन जब किशोर कुरान लेकर स्कूल पहुँचा तो उससे कुरान नीचे गिर गई और थोड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। इसी घटना पर इस्लाम को मानने वाले छात्रों ने इस पर आपत्ति जताई।

स्कूल में हुई इस घटना में शामिल सभी चार छात्रों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही बात पुलिस तक पहुँच गई। वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस का कहना है कि जिस तरह मामले को तूल दिया गया है यह चिंता का विषय है। पुलिस का कहना है कि कुछ स्थानीय नेताओं और इस्लामवादियों ने घटना को लेकर झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों और इस्लामवादियों ने कुरान जलाए जाने जैसी झूठी अफवाहें फैलानी शुरू कर दीं, जिससे हालात खराब होने लगे। कथिततौर पर एक स्थानीय मस्जिद में इसे लेकर बैठक भी हुई। अफवाहों की वजह से लोकल नेता और अभिभावक चिंतित हैं।

सोशल मीडिया पर 14 वर्षीय किशोर की माँ का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह इस्लामवादियों से क्षमा याचना करती सुनी जा रही हैं। बेटे को मिल रही मौत की धमकियों से डरी एक माँ ने कहा है कि उनका बेटा निर्दोष है। उसकी उम्र सिर्फ 14 साल है और उससे जो भी हुआ वह गलत इरादे से नहीं बल्कि गलती से हुआ। उन्होंने कहा कि घटना से उनके बेटे को भी दुख पहुँचा है। वह इसके लिए माफी माँग रहा है।

किशोर की माँ कह रही हैं कि उसे जान से मारने की धमकियाँ मिली हैं कहा जा रहा है कि यदि वह स्कूल वापस जाता है तो उसे पीटा जाएगा। इससे किशोर और उसकी माँ सहमे हुए हैं। घटना की जाँच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि कि घटना में कुरान को मामुली सा नुकसान पहुँचा है। यह कोई अपराध का नहीं बल्कि बच्चों की शरारत का मामला है।

पुलिस ने कहा है कि इसे गैर अपराधिक घृणा की घटना (Non criminal hate incident) के रूप में पंजीकृत किया गया था। स्कूल के हेडमास्टर ट्यूडर ग्रिफिथ्स ने भी कहा है कि बच्चों ने किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ कुरान की बेअदबी नहीं की। लेकिन छात्रों को इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि उन्होंने कुरान को संभाल कर नहीं रखा जिससे वह गिर गया। कुरान जैसी किताब को सम्मानित तरीके से रखने की जरूरत थी।