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MLA राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह का मर्डर, एक गनर की भी मौत: हमलावरों ने गोली और बम बरसाए, गैंगस्टर अतीक अहमद पर आरोप

उत्तर प्रदेश के बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह उमेश पाल की शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को हत्या कर दी गई। इस हमले में उमेश पाल के गनर संदीप मिश्रा की भी मौत हो गई है, जबकि दूसरे गनर राघवेंद्र सिंहगंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। राजू पाल की हत्या का आरोप गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई पर है।

हमलावरों ने यूपी के प्रयागराज स्थित उमेश पाल के घर में घुसकर इस हत्या को अंजाम दिया है। अभी तक हत्यारों के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जिस समय हत्या को अंजाम दिया गया, उस समय उमेश पाल कोर्ट से गवाही देकर घर लौटे थे। जैसे ही वे अपनी कार से उतर कर घर के गेट तक पहुँचे, तभी 4-5 हमलावरों ने उन पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। जब वह घर के अंदर भागे तो उन पर बम से हमला कर दिया गया।

प्रयागराज के धूमनगंज स्थित जयंतीपुर में हुई हत्या में परिजनों ने अतीक अहमद और उसके गिरोह पर आरोप लगाया है। उमेश पाल के परिवार के मुताबिक, इस हत्याकांड में देशवासी और अतीक अहमद गिरोह शामिल है। वहीं, जिले के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचकर सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रहे हैं।

बता दें कि जब बसपा विधायक राजू पाल की हत्या की गई थी, उस समय वह इलाहाबाद पश्चिम से विधायक थे। राजू पाल को 25 जनवरी 2005 को सलेमसराय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी पूजा पाल कौशाम्बी की चायल सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक हैं।

राजू पाल की हत्या में जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके छोटे भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ सहित कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस हत्याकांड में मुख्य गवाह उमेश पाल थे। वह राजू पाल की पत्नी पूजा पाल के फुफेरे भाई थे। उमेश अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ अब तक पांच FIR करा चुके थे। 

राजू पाल की हत्या की जाँच CBI कर रही है। उमेश पाल को कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। पूजा पाल ने भी कई बार उमेश पाल की हत्या की आशंका जताई थी। गौरतलब है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में अतीक अहमद ने राजू पाल की साल 2004 में हत्या करवा दी थी।

दरअसल, यूपी में साल 2004 के लोकसभा में फूलपुर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर अतीक अहमद को सांसद चुना गया था। इसके बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई थी। इस सीट पर अतीक अहमद विधायक चुना गया था। खाली हुए इस सीट के लिए सपा ने सपा ने अतीक के छोटे भाई अशरफ को टिकट दिया था।

वही, सपा के विरोध में बसपा ने राजू पाल को मैदान में उतारा था। इस उपचुनाव में राजू पाल ने अतीक के भाई अशरफ को हरा दिया था। उपचुनाव में जीत दर्ज कर राजू पाल पहली बार विधायक बने थे। विधायक बनने के कुछ महीने बाद राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें देवी पाल और संदीप यादव नामक शख्स की भी मौत हुई थी। वहीं, दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस हत्याकांड में उमेश के गवाह बनते ही अतीक गिरोह ने उन पर कई बार हमले किए, लेकिन वे बच निकले थे। अतीक के गिरोह ने 28 फरवरी 2008 को उनका अपहरण कर लिया गया था। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्हें धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने राजू पाल की हत्या के केस में गवाही दी तो उन्हें मार दिया जाएगा। बाद में उन्हें छोड़ा गया था।

इसके बाद उन्होंने अतीक अहमद, उनके भाई अशरफ समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी अतीक के गुंडे उनके पीछे पड़े रहे। 11 जुलाई 2016 को उमेश गवाही देने कचहरी गए थे। उन पर कचहरी परिसर में ही जानलेवा हमला किया गया। इस मामले में भी उन्होंने अतीक और अशरफ सहित कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

साल 2016 में धूमनगंज में जीतेंद्र पटेल नाम के शख्स की हत्या में अतीक के गिरोह ने उमेश को नामजद कराकर फँसाने की कोशिश की थी। हालाँकि, जाँच में वे बरी हो गए थे। इसके बाद साल 2022 में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में भी उमेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। गुरुवार (23 फरवरी 2023) को को उमेश पाल ने अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ तीसरी एफआईआर दर्ज कराई थी।

दीप सिद्धू से संबंध और आतंकी भिंडरावाले के गाँव की यात्रा: क्या है ‘वारिस पंजाब दे’ और कौन है उसका चीफ अमृतपाल, जानिए दुबई कनेक्शन

पंजाब में हथियारबंद समर्थकों के साथ अजनाला थाने को कब्जे में लेकर अपने साथी को छोड़ने के लिए पुलिस को विवश करने वाले अमृतपाल सिंह की आजकल चर्चा है। उसकी तुलना मारे गए खालिस्तानी आतंकी जनरैल सिंह भिंडरावाले से की जा रही है। अमृतपाल ‘वारिस पंजाब दे’ नाम के संगठन का प्रमुख है।

दरअसल, अमृतपाल के एक साथी लवप्रीत सिंह तूफान को एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अमृतपाल ने थाने को ही घेर लिया। पुलिस के आश्वासन के बाद उसने थाने से घेरा हटाया। अमृतपाल के दबाव में पंजाब पुलिस के एक डीएसपी ने अदालत में आवेदन दिया और लवप्रीत तूफान को हिरासत से रिहा करने का निवेदन किया।

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि लवप्रीत तूफान संबंधित मामले में शामिल नहीं था और अपराध के समय मौजूद नहीं था। पुलिस की दलील के बाद वहाँ की स्थानीय कोर्ट ने लवप्रीत को रिहा करने के आदेश दे दिया। इसके बाद लवप्रीत को छोड़ दिया गया।

पंजाब प्रशासन को घुटने पर ला देने वाले अमृतपाल और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ की चर्चा हो रही है। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर यह कौन सा संगठन है, जिसने एक राज्य के प्रशासन को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।

कौन है अमृतपाल सिंह

अमृतपाल सिंह को खालिस्तान समर्थक माना जाता है। वह कई बार खालिस्तान को लेकर अपनी स्पष्ट मंशा जाहिर कर चुका है। उसने यहाँ तक कह दिया है कि पंजाब का बच्चा-बच्चा खालिस्तान खालिस्तान चाहता है। उसने कहा था कि खालिस्तान की भावना को कोई दबा नहीं सकता। इतना ही नहीं, उसने यहाँ तक कह दिया कि उसे जरूरत पड़ने पर हिंसा करने से भी कोई परहेज नहीं है।

अमृतपाल सिंह दुबई में रहता था। वह 10 साल बाद कुछ ही समय पहले भारत आया है। भारत आने से पहले वह दुबई से जॉर्जिया भी गया था। किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मुख्य आरोपित दीप सिद्धू की रोड एक्सीडेंट में मौत के बाद अमृतपाल को ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया बनाया गया है। इस संस्था को दीप सिद्धू ने स्थापित किया था। अमृतपाल के दस्तारबंदी के दौरान ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे थे।

वह गाँव-गाँव घुमकर लोगों से मिल रहा है और लोगों से खालिस्तान को लेकर समर्थन जुटा रहा है। वह सिख के बारे में लोगों से बात कर रहा है और सरकार विरोधी मानसिकता का प्रसार कर रहा है। उसने सिख धर्म के प्रचार के लिए एक महीने लंबे ‘पंथिक वहिर’ का भी आयोजन किया है। उस पर खुफिया एजेंसियों की कड़ी निगाह है।

उसने ये भी कहा है कि शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिखों के हित में काम नहीं कर रही है। उसने कहा है कि यदि हिंदू राष्ट्र की माँग से सरकार को दिक्कत नहीं है तो खालिस्तान की बात करने से भी सरकार को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

अमृतपाल पर अमृतसर के अजनाला में एक सिख युवक के अपहरण का केस दर्ज है। इसमें उसके साथी तूफ़ान सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल ने पंजाब पुलिस को भी धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उसने गृहमंत्री अमित शाह को भी धमकी दी थी।

अमृतपाल सिंह ने कुछ दिन पहले अमित शाह का हश्र पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा करने की धमकी दी थी। अमृतपाल 19 फरवरी 2023 को मोगा जिले के बुधसिंह वाला गाँव में पहुँचा था। पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू की बरसी के मौके पर उसने कहा था कि इंदिरा ने भी सिखों को दबाने की कोशिश की थी, क्या हश्र हुआ? अब अमित शाह अपनी इच्छा पूरी करके देख लें।हालाँकि, बाद में अमृतपाल अपनी बात से पलट गया था।

अमृतपाल खुद को खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले 2.0 के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वह भिंडरावाले के गाँव रोड में अक्सर जाते रहता है। भिंडरावाले अलगाववादी खालिस्तान आंदोलन का प्रमुख चेहरा था। खालिस्तानी आतंकवादियों और भारतीय सेना के बीच 6 जून 1984 को हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार में भिंडरावाले मारा गया था।

कहा जाता है कि अमृतपाल सिंह को पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन मिला हुआ है। वह उसी के सहयोग से पंजाब में अराजकता फैलाने की फिर से कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही उसे अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा आदि देशों में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों का सहयोग मिल रहा है।

क्या है ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन

वारिस पंजाब दे की स्थापना पंजाबी अभिनेता और गायक से एक्टिविस्ट बने दीप सिद्धू ने की थी। दीप खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान के समर्थक था। किसान आंदोलन के नाम पर 26 जनवरी 2021 को दिल्ली के लाल किले पर हिंसा से 8 महीने बाद सिद्धू ने चंडीगढ़ में इस संगठन की नींव रखी थी।

संगठन को लॉन्च करते समय दीप सिद्धू ने कहा था कि यह संगठन ‘पंजाब के अधिकारों के लिए केंद्र के खिलाफ लड़ेगा और कभी भी पंजाब की संस्कृति, भाषा, सामाजिक ताने-बाने और अधिकारों पर कोई हमला होने पर आवाज उठाएगा’।

अपने संगठन की स्थापना के तुरंत बाद दीप सिद्धू ने सिमरनजीत सिंह मान की चरमपंथी समर्थक खालिस्तान पार्टी SAD (अमृतसर) के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया और पंजाब चुनाव से पहले उनके लिए प्रचार किया। हालाँकि, पंजाब चुनाव से पाँच दिन पहले 15 फरवरी 2022 को एक सड़क दुर्घटना में सिद्धू की मौत हो गई।

कुछ समय पहले एक शूटर संदीप सिंह सनी को गिरफ्तार किया गया था। पंजाब के अमृतसर में सुल्तानविंद का करने वाला सनी वारिस पंजाब दे का सदस्य था। इसके अलावा, कई अन्य शूटर एवं अपराधियों का संबंध भी इस संगठन से पाया गया है।

अमृतपाल सिंह ने जब ‘वारिस पंजाब दे’ की कमान संभाली तो सिद्धू के परिवार ने उससे दूरी बना ली। सिद्धू परिवार ने दावा किया कि अमृतपाल को कभी भी उनके बेटे के संगठन के नेता के रूप में नामित नहीं किया गया था। घरवालों का कहना है कि दीप अलगाववादी नहीं था।

लुधियाना में वकालत करने वाले दीप सिद्धू के भाई मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि वे लोग अमृतपाल से कभी नहीं मिले। उन्होंने यह भी दावा कि कि दीप भी अमृतपाल से नहीं मिला था। वह कुछ समय तक अमृतपाल फोन पर दीप से संपर्क में रहा था, लेकिन बाद में दीप ने उससे दूरी बना ली थी।

मनदीप का कहना है कि अमृतपाल असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दीप के संगठन का दुरुपयोग कर रहा है। वह दीप के सोशल मीडिया अकाउंट्स का भी उपयोग कर रहा है और उस पर पोस्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल पंजाब में अशांति फैला रहा है।

खालिस्तान के लिए माहौल बनाने हेतु स्थापित इस संगठन का पद संभालते ही अमृतपाल सक्रिय हो गया। कहा जाता है कि अमृतपाल को ISI ने सिखों के धार्मिक और राजनीतिक नेता के रूप में खाली वैक्युम को भरने के लिए चुना है और उसे बढ़ावा दे रही है।

चॉकलेट देने के बहाने बुलाया, कमरे में ले जाकर रेप किया: 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला सिक्योरिटी गार्ड अजीमुद्दीन गिरफ्तार, पुलिस के सामने गुनाह कबूला

झारखंड के राँची के डोरंडा थाना में एक 6 साल की लड़की के रेप का मामला सामने आया है। आरोपित अपार्टमेंट में गार्ड का काम करने वाला मोहम्मद अजीमुद्दीन नाम का शख्स है। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है। वो डोरंडा के पारसटोली का निवासी है।

बताया जा रहा है कि लड़की उसी अपार्टमेंट के कैंपस में खेलने आती थी जहाँ उसकी (आरोपित की) ड्यूटी थी। इसी बात का फायदा उठाते हुए अजीमुद्दीन ने उसे चॉकलेट का बहाना देकर फुसलाया और फिर कमरे में ले जाकर उसका रेप किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब आरोपित ने बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करनी शुरू कीं, तभी बच्ची इतना डर गई कि वह किसी तरह उसके चंगुल से भागी और घर आकर परिजनों को सारी बातें बताईं।

घटना की जानकारी होते ही घरवाले आग बबूला हो गए। पहले उन्होंने जाकर उसे पीटा और उसके बाद पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची से बदसलूकी करने की बात को आरोपित पुलिस के सामने भी स्वीकार कर चुका है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपित का नाम सिराजुद्दीन भी बताया जा रहा है। उसके ऊपर पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है।

घटना के संबंध में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट किया है। उन्होंने इस घटना के पीछे हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण को जिम्मेदार बताया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा,

“राँची शहर के डोरंडा में जिहादी ने फिर से एक मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया है। जानकारी के अनुसार मुहम्मद अजीमुद्दीन नामक एक सिक्योरिटी गार्ड ने महज़ छह साल की बच्ची का यौन शोषण किया। बच्ची को गोली मार कर नदी में फेंक देने की धमकी देकर कई बार वहशीपन का शिकार बनाया गया।”

उन्होंने लिखा, “हेमंत सोरेन की तुष्टिकरण के चलते ऐसे अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है। इनके मन में क़ानून प्रशासन का भय ख़त्म हो चुका है।”

बेटे के गम में पिता के बाद अब माँ भी छोड़ गईं संसार: दिनेश नहीं दे पाए मुखाग्नि, दिल्ली हिंदू-विरोधी दंगे में कोर्ट ने सुनाई है सजा

फरवरी 2020 में हुए दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में 20 जनवरी, 2022 को पहली सजा गोकुलपुरी थाना क्षेत्र के भागीरथी विहार में रहने वाले दिनेश यादव को हुई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज वीरेंद्र भट ने दिनेश यादव को 5 साल की कैद और 12,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। मूल रूप से आज़मगढ़ के निवासी दिनेश पर मुस्लिम समुदाय की एक महिला के मकान में आगज़नी करने और उनकी भैंस के साथ-साथ भैंस का बच्चा भी खोल ले जाने का आरोप था।

जेल में सजा काट रहे दिनेश के परिवार से मिलने और उनका पक्ष जानने के लिए ऑपइंडिया की टीम जनवरी 2022 में गई थी। तब हमने पाई-पाई और दाने-दाने को मोहताज दिनेश के घर की स्थिति से लोगों को वाकिफ करवाया था। एक साल बाद हमने फिर से फरवरी 2023 में दिनेश के परिजनों के ताजा हालात की जानकारी ली।

दिनेश यादव के भाई हरीश ने हमें बताया कि अभी तक दिनेश जेल में ही हैं। गिरफ्तारी के वक्त से कुल मिला कर दिनेश लगभग 3 साल जेल की सजा काट चुके हैं। हाईकोर्ट में उनके साथ कई अन्य लोगों का केस सरकारी एडवोकेट शिखा गर्ग लड़ रही हैं।

पहले पिता नहीं रहे, अब माँ भी छोड़ गईं संसार

ऑपइंडिया ने दिनेश यादव के भाई हरीश यादव से बात की। हरीश ने हमें बताया कि अगस्त 2022 में रक्षाबंधन के दिन उनकी माँ बुधा देवी भी स्वर्ग सिधार गईं। जब हमने मृत्य का कारण पूछा तब हरीश ने बताया, “माँ दिनेश को याद करके काफी परेशान रहा करती थीं। इसी परेशानी में उनको तमाम बीमारियाँ हो गईं।”

गौरतलब है कि दिनेश के पिता जगन्नाथ यादव का निधन भी अपने बेटे (दिनेश) की 3 जून 2021 में हुई गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही 28 जून 2021 को हो गया था। दिनेश का परिवार उनके पिता की मौत की वजह भी बेटे की गिरफ्तारी से उठे सदमे को बताता है।

बताते चलें कि हमारी पिछली रिपोर्ट में बुधा देवी जीवित थीं और उन्होंने ऑपइंडिया से बात करते हुए दिनेश की गिरफ्तारी को ‘समाज की लड़ाई’ बताया था।

माँ के अंतिम संस्कार में दिनेश नहीं

हरीश ने हमें बताया कि माँ की मौत के बाद दिनेश को अंतिम संस्कार के लिए महज 4 घंटे का पेरोल मिल रहा था। हरीश के मुताबिक यह पेरोल दिनेश को पर्याप्त नहीं लगा और वो जेल में ही रहे। हमारी पिछली रिपोर्ट में दिनेश की माँ बुधा ने हमें बताया था कि वो जेल में दिनेश से मिलने कभी नहीं गईं क्योंकि दिनेश उनसे थोड़े समय के लिए नहीं बल्कि रिहा होने के बाद ही मिलना चाहता था। अफसोस! अब माँ और बेटे कभी नहीं मिल पाएँगे।

हरीश ने हमें बताया कि दिनेश यादव जेल में बेहद दुखी हैं और वो इसे विधि का विधान बता कर रिहा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

अब घर सुनसान

दिनेश के भाई हरीश ने हमें आगे बताया कि उनका बसा-बसाया घर अब सुनसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि कभी घर में माँ-पिता, भाई, पत्नी, बच्चा सब रहते थे। अब उस घर में न माँ हैं और न ही पिता। भाई को भी हरीश ने जेल में बता कर होते हुए भी नहीं बताया।

दिनेश के घर में फ़िलहाल उनके भाई हरीश, उनकी एक बहन, हरीश की पत्नी और हरीश का बच्चा रहते हैं। हरीश मेहनत मजदूरी करके लगभग 10 से 15 हजार रुपए महीने कमा कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

न किसी से मदद, न ही कोई माँग

हरीश यादव ने हमें बताया कि दंगे के बाद केस में नाम आने, सजा काट कर 2 साल जेल में बीत गए लेकिन कोई भी उनके परिवार की मदद करने सामने नहीं आया। हरीश ने कहा कि कोर्ट आने-जाने से लेकर फोटोकॉपी और पैरवी तक का हर पैसा उन्हें अपनी जेब से और उसी मेहनत मजदूरी की कमाई में से देना पड़ रहा है, जिससे वो अपने परिवार का गुजारा करते हैं।

हरीश ने हमसे बात करते हुए दुनिया से नाउम्मीदी जताई। उन्होंने बताया कि अब उनकी किसी से भी कोई माँग नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले साल की रिपोर्ट में हमने बताया था कि हरीश की माँ बुधा ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न सिर्फ अपने परिवार को बुरी तरह से मानसिक टॉर्चर करने बल्कि रिश्वत माँगे जाने का भी आरोप लगाया था। तब बुधा देवी (अब स्वर्गीय) ने हमें बताया था कि उनका बेटा बेगुनाह है और सिर्फ पैसे न दे पाने के चलते उसे फँसाया गया था।

बुधा देवी ने हमें यह भी बताया था कि जिस मुस्लिम महिला के लगाए आरोप में उनका बेटा जेल काट रहा है, उसका अपने ही मोहल्ले में कई लोगों से झगड़ा चलता रहता है। पिछले साल हमसे मुलाकात के दौरान दिनेश की माँ ने खुद को शुगर और ब्लड प्रेशर की बीमारी से ग्रसित बताया था।

जिस मंत्री की छोटी आँख पर देश है फिदा, उन्हें देखते हैं PM मोदी भी: तारीफ सुन बोले नागालैंड के BJP अध्यक्ष- धन्य हो गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 24 फरवरी, 2023 को मेघालय और नगालैंड के दौरे पर थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान नगालैंड के दिमापुर में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने नगालैंड भाजपा प्रमुख तेमजेन इमना अलॉन्ग की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ सुनने के बाद तेमजेन इमना ने खुद को धन्य बताया है।

पीएम मोदी की तारीफ के बाद तेमजेन इमना ने ट्विटर पर उनका वीडियो शेयर किया। तेमजेन ने लिखा, “गुरुजी ने बोल दिया। बस, हम तो धन्य हो गए।”

प्रधानमंत्री ने की तारीफ

दिमापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि नागालैंड बीजेपी के अध्यक्ष तेमजेन इमना की बातें आज पूरा देश सुनता है। मजा लेता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वे नगालैंड और नॉर्थ ईस्ट को शानदार तरीके से रिप्रजेंट कर रहे हैं। मैं भी सोशल मीडिया में उनको हमेशा देखने की कोशिश करता हूँ।

नागालैंड भाजपा के अध्यक्ष होने के साथ-साथ तेमजेन इमना नगालैंड के हायर एजुकेशन और ट्राइबल मिनिस्टर भी हैं। सोशल मीडिया पर उनके सेंस ऑफ ह्यूमर की काफी तारीफ होती है। उनके कई पोस्ट खूब वायरल हुए हैं। 23 फरवरी को ही उन्होंने ट्विटर पर खाना खाते हुए एक पोस्ट शेयर किया था। इमना ने पोस्ट के साथ लिखा था, “अच्छा है इलेक्शन के बहाने ही सही…”

जुलाई 2022 में तेमजेन का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने छोटे आँख होने का फायदा गिनवाया था। वीडियो एक कार्यक्रम के दौरान तेमजेन के संबोधन का है। वीडियो में तेमजेन कह रहे हैं, “लोग कहते हैं कि पूर्वोत्तर के लोगों की आँखे बहुत छोटी होती है लेकिन छोटी आँखें होने के बावजूद हम सबकुछ साफ-साफ देख लेते हैं।”वीडियो में तेमजेन आगे कहते हैं कि आँखों के छोटा होने से गंदगी भी नहीं जाती। उन्होंने कहा कि कोई कार्यक्रम बहुत लंबा चलता है तो सो भी जाते हैं और नींद भी पूरी कर लेते हैं।

खौफनाक वीडियो: पंजाब में काट दी हाथ की अंगुलियाँ, CM भगवंत मान से नहीं संभल रही पंजाब की कानून-व्यवस्था?

बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने पंजाब का एक भयावह वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। इसमें कुछ लोग तलवार से एक व्यक्ति की उँगलियाँ काटते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित व्यक्ति उनसे रहम की गुहार लगाते हुए जोर-जोर से चिल्लाता नजर आ रहा है, लेकिन उन लोगों ने दया नहीं की। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि जब उँगलियाँ पूरी तरह नहीं कटी तो आरोपित उसे हाथ से खींचकर अलग कर देता है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने वीडियो के साथ लिखा, “पंजाब का यह भयानक वीडियो नहीं देख सका। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति भयावह हो गई है। केजरीवाल अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए पंजाब को तालिबानी हुकूमत की ओर ले जा रहे हैं। पंजाब पुलिस, क्या आप सक्रिय हैं?”

खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह की चर्चा हो रही है। अमृतपाल के समर्थकों द्वारा अजनाला थाने पर कब्जे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। इसके बाद सामने आए अब इस वीडियो ने पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दीं।

यह घटना 9 फरवरी 2023 को पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह (एसएएस) नगर की बताई जा रही है। पुलिस थाना पीएच-1, जिला एसएएस नगर में पहले ही धारा 326, 365, 379बी, 34 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। एक अधिकारी ने दावा किया, “यह आपसी रंजिश का मामला है। अपराधियों की शिनाख्त के बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।”

पंजाब में अशांति, अमृतसर में पुलिस पर हमला

गौरतलब है कि हथियारों से लैस खालिस्तान समर्थकों (Khalistan Supporter) ने गुरुवार (23 फरवरी 2023) को अमृतसर स्थित अजनाला थाने पर हमला कर, उस पर कब्जा कर लिया था। हमलावर अमृतपाल सिंह के खिलाफ FIR और उसके करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे।

अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ फेसबुक पोस्ट करने के लिए एक युवक ने अगवा कर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा हश्र करने की धमकी दी है। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के कहने पर पंजाब के अजनाला थाने पर कब्जा करने और फिर पुलिस द्वारा अपनी बात मनवाने के बाद उसकी तुलना कुख्यात जरनैल सिंह भिंडरावाले के साथ होने लगी है।

‘देश कह रहा मोदी तेरा कमल खिलेगा… निराशा में डूबे लोग कह रहे मोदी तेरी कब्र खुदेगी’- कॉन्ग्रेस को PM का जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को मेघालय के शिलॉन्ग में रोड शो के बाद एक चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस समेत विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि निराशा में डूबे लोग कह रहे हैं कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ और देश कह रहा है कि ‘मोदी तेरा कमल खिलेगा’। उन्होंने कहा कि देश की जनता इन विकृत मानसिकता रखने वालों को करारा जवाब देगी।

शिलॉन्ग में प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो में भारी संख्या में लोग पहुँचे। भीड़ देखकर गदगद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आपके प्यार और आशीर्वाद का कर्ज यहाँ विकास कार्य करके चुकाऊँगा। आपके प्यार को बेकार नहीं जाने दूँगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस रोड शो की तस्वीरों ने पूरे देश में संदेश पहुँचा दिया है। कुछ लोग जिन्हें देश ने नकार दिया है और जो निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं वो आजकल माला जपते हैं और कह रहे हैं कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’, लेकिन देश का कोना कोना कह रहा है- ‘मोदी तेरा कमल खिलेगा’। पीएम मोदी ने कहा कि मेघालय की जनता अब बीजेपी के साथ है।

बता दें कि गुरुवार 23 फरवरी 2023 को असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया था। पवन खेड़ा उस वक्त रायपुर जाने के लिए प्लेन में बैठे थे। विमान के टेकऑफ से पहले ही पवन खेड़ा को उतार लिया गया था। इस पर मौजूद कॉन्ग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई और धरने पर बैठ गए। पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने के विरोध में कॉन्ग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए थे।

बता दें कि मेघालय में पीएम मोदी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने पहुँचे थे। मेघालय में विधानसभा चुनाव के लिए सभी 60 सीटों पर 27 फरवरी,2023 को वोटिंग होगी। वहीं वोटों की गिनती 2 मार्च, 2023 को होगी।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर बीवी अंजना ने लगाया रेप का इल्जाम, शिकायत दर्ज: Video शेयर कर कहा- ‘ये मेरे बच्चों को मुझसे छीनना चाहता है’

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Bollywood Actor Nawazuddin Siddiqui) और उनकी बीवी आलिया सिद्दीकी उर्फ अंजना किशोर पांडे के बीच ​विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब आलिया सिद्दीकी (Aaliya Siddiqui) ने अभिनेता पर बलात्कार का आरोप लगाया है और पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एक्टर की बीवी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कैप्शन में लिखा, “एक महान एक्टर, जो महान इंसान बनने की कोशिश किया करता है अक्सर। उसकी बेरहम माँ, जो मेरे मासूम बच्चे को नाजायज बोलती है और ये घटिया आदमी चुप रहता है। मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में कल (23 फरवरी 2023) ही इसके खिलाफ रेप की शिकायत (प्रूफ के साथ) दर्ज कराई है। कुछ भी हो जाए, इन बेरहम हाथों में अपने मासूम बच्चों को नहीं जाने दूँगी।”

आलिया वीडियो में रो-रोकर अपना हाल बयाँ कर रही हैं। उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर आरोप लगाया है कि वह उनसे बच्चों को छीनना चाहते हैं। आलिया ने कहा, “नवाज ने कल कोर्ट में एक केस डाला है, जिसमें वो बच्चों की कस्टडी चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं सिर्फ आप लोगों से ये जानना चाहती हूँ कि जिस शख्स ने बच्चों को कभी महसूस ही नहीं किया, ना पेट में महसूस किया, ना बड़े होने तक, उसको पता ही नहीं कि डायपर कितने का आता है, डायपर पहनाते कैसे हैं। उसको ये नहीं पता चला कि बच्चे कैसे बड़े हो गए। 12 साल के कैसे हो गए। किस बच्चे का कपड़ा कब, किस एज में चेंज होता है, उसको कुछ नहीं पता।”

नवाजुद्दीन पर आरोप लगाते हुए आलिया ने कहा, “वो बच्चे मुझसे छीन के अपनी पावर से ये दिखाना चाहता है कि वो बहुत अच्छा बाप है, अच्छा बाप नहीं, वो बुजदिल बाप है, जो एक माँ से उसका बच्चा छीन रहा है। वह अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर रहा है। तुम पैसों से कितने भी लोगों को खरीद लो, पर मेरे बच्चों को कभी नहीं छीन सकते मुझसे।”

नवाज की बीवी ने आगे कहा, “तुमने मुझे कभी अपनी पत्नी नहीं माना, जबकि मैंने तुम्हें हमेशा अपना पति माना है। मैं हमेशा इस धोखे में रही कि तुम भी मुझे अपनी पत्नी मानते हो। मैं ये सब बर्दाश्त नहीं कर सकती। मैंने तुम्हे अपनी जवानी के दिन से लेकर अब तक कई महत्वपूर्ण वर्ष दिए।”

उन्होंने कहा, “अभी मैं 40 साल की हूँ। मैं पहले से ही आर्थिक नुकसान झेल रही हूँ। हर तरफ से तुमने मुझे कमजोर करके रखा हुआ है। ये आदमी कितना गिर चुका है। ये अपनी पावर के चलते बौखला गया है। मेरे बेटे को पिता के प्यार का पता भी नहीं है, लेकिन मुझे कानून और अदालत पर पूरा भरोसा है कि फैसला मेरे पक्ष में आएगा।”

गौरतलब है कि नवाजुद्दीन और उनकी बीवी आलिया का पिछले लम्बे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। आलिया ने नवाजुद्दीन और उनकी माँ पर उन्हें टॉर्चर करने का आरोप भी लगाया था। वहीं दूसरी ओर नवाजुद्दीन की माँ ने भी आलिया के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। आलिया का निकाह से पहले नाम अंजना किशोर पांडे उर्फ अंजली था। उन्होंने नवाज से निकाह के लिए धर्मांतरण किया था। बाद में वह फिर अपना पुराना नाम इस्तेमाल करने लगीं।

रिश्तेदार अरहम ने की जबरदस्ती, शिकायत करने पर शौहर ने तीन तलाक दिया: मुरादाबाद में केस दर्ज, पीड़िता बोली- पोर्न वीडियो दिखाकर करते थे सेक्स

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिला ने अपने शौहर और ससुराल पक्ष के अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ कई संगीन इल्जाम लगाए हैं। महिला का कहना है कि शौहर अश्लील वीडियो दिखाकर हैवानियत करता था और इनकार करने पर मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने शौहर पर तीन तलाक देने का आरोप भी लगाया है। पीड़िता का कहना है कि एक रिश्तेदार ने उसके साथ बलात्कार भी किया। महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शौहर समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

मामला गलशहीद थाना क्षेत्र का है। जहाँ एक महिला ने शौहर समेत ससुराल पक्ष के 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता का निकाह कोतवाली इलाके के कोठीवालनगर में कराया गया। निकाह के बाद से ही शौहर, सास, ननद और अन्य लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज की माँग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की जाती।

पीड़िता का आरोप है कि उसका शौहर उसो स्मार्टफोन में पोर्न फिल्में दिखाता था और उसी तरह से संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। इनकार करने पर उसकी पिटाई की जाती। आरोपों के मुताबिक अरहम नाम के पीड़िता के रिश्तेदार ने 18 फरवरी, 2023 को उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने जब इसकी शिकायत अपने शौहर और घरवालों से की तो उल्टे महिला को ही घर से निकाल दिया गया।

घटना के बाद शौहर ने उसे तीन तलाक दे दिया। अंत में पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पीड़िता की शिकायत पर शौहर, रिश्तेदार अरहम और ससुराल पक्ष की तीन महिलाओं के खिलाफ तीन तलाक, दहेज प्रताड़ना, दुष्कर्म और मारपीट से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जाँच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीरियड्स के वक्त नहीं मिलेगी पेड लीव: SC में खारिज हुई याचिका, अदालत ने कहा- ऐसे निर्देशों से महिलाओं को नौकरी में दिक्कत आएगी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान पेड लीव देने वाली याचिका को शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को खारिज कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह सरकारी नीति से संबंधित मामला है। इस तरह के मामले में कोई भी निर्देश देने का मतलब होगा कि महिलाओं की भर्ती में दिक्कत आएगी। लोग उन्हें नौकरी देने से परहेज करेंगे। अदालत ने कहा कि बेहतर यह होगा कि याचिकाकर्ता इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से संपर्क करें। लिहाजा, यह याचिका खारिज की जाती है।

दिल्ली के रहने वाले शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह याचिका दायर की है। इस याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 की धारा 14 के अनुपालन के लिए केंद्र व सभी राज्यों को छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए उनके संबंधित कार्यस्थलों पर मासिक धर्म के दौरान पेड लीव का निर्देश देने की माँग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं और छात्राओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। इस दौरान उन्हें और भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनको पीरियड्स लीव दिए जाने के संबंध में आदेश पारित करना चाहिए।

याचिका में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन द्वारा किए गए एक अध्ययन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि एक मासिक धर्म में महिलाओं को हार्ट अटैक के बराबर दर्द महसूस होता है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि यूनाइटेड किंगडम, चीन, वेल्स, जापान, ताइवान, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, स्पेन और जाम्बिया जैसे देशों में पीरियड्स लीव दी जा रही है।

बता दें कि स्पेन के सांसदों ने हाल ही में महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेड लीव देने वाले कानून को मंजूरी दी। ऐसा करने वाला स्पेन पहला यूरोपीय देश बन गया है। इस कानून के पक्ष में 185 मत और इसके खिलाफ 154 वोट पड़े थे। वहीं, भारत में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जो 1992 से महिलाओं को मासिक धर्म में दो दिन का विशेष अवकाश दे रहा है।