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‘बागपत के चाट युद्ध’ की दूसरी बरसी पर लोगों ने ‘योद्धाओं’ को किया नमन: परेशान ‘आइंस्टीन चाचा’ ने बदला लुक, बोले – लड़के-लड़कियों को सेल्फी दें कि चाट बेचें?

नेटिजन्स उत्तर प्रदेश के बागपत में 2 साल पहले हुए चाट युद्ध की बरसी मना रहे हैं। चाट युद्ध के प्रमुख आकर्षण रहे ‘आइंस्टीन चाचा’ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्हें उनके अनोखे बालों के लिए याद किया जाता है। इस युद्ध का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। जिसने भी वीडियो को देखा खुद को हँसने से रोक नहीं सका। कुल मिलाकर बागपत में चाट वालों के बीच हुआ यह युद्ध आज भी लोगों का जमकर मनोरंजन कर रहा है।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर बैटल ऑफ बागपत (Battle Of Baghpat) ट्रेंड कर रहा है। नेटिजन्स 2 साल पुराने वीडियो को शेयर कर चाट वालों के बीच हुई लड़ाई को याद कर रहे हैं। इस लड़ाई में शामिल लोगों को हल्की चोटें भी आईं थी लेकिन लड़ाई के दृश्य आज भी लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। पत्रकार आस्था कौशिक ने बागपत चाट युद्ध के हीरो ‘आइंस्टीन चाचा’ को लेकर जानकारी दी है कि उन्होंने अपने बाल छोटे करवा लिए हैं।

आस्था ने लिखा, “प्रसिद्ध बागपत चाट युद्ध की आज दूसरी वर्षगाँठ है। बड़ा अपडेट यह है कि सुप्रसिद्ध चाट वाले चाचा ने अब अपना हेयरकट करवा लिया है। उनका कहना है कि रोजाना घटना सुना-सुना कर वो तंग आ गए थे। वो लड़के-लड़कियों को सेल्फ़ी दें या चाट बेचें। इसीलिए उन्होंने 15 दिन पहले ही हेयरकट करवा लिया।

विवेक शुक्ला नाम के यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि न भूले हैं न भूलेंगे। 22 फरवरी, 2021 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्वतंत्र भारत का प्रथम चाट विद्रोह हुआ था। इस भीषण युद्ध में शामिल समस्त पराक्रमी योद्धाओं को नमन।

प्रेम मोहंती नाम के यूजर ने लिखा, “बागपत की प्रसिद्ध लड़ाई की दूसरी वर्षगांठ। आइंस्टीन चाचा की कहानी शुरू हुई।

पत्रकार वर्षा सिंह ने लिखा, “22 फरवरी सन् 2021 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हुए ‘चाट विद्रोह’ को आज 2 साल पूरे हो गए। इस युद्ध के योद्धाओं की तलवार-लट्ठ चलाने की कला आज भी जहन में ताजा है।

दानिश चौधरी नाम के यूजर ने लिखा, “बागपत का प्रसिद्ध चाट युद्ध आज के दिन ही लड़ा गया था। बागपत चाट युद्ध की आज दूसरी बरसी पर योद्धाओं को नमन।”

बता दें 22 फरवरी, 2021 को बागपत में ग्राहक बुलाने को लेकर 2 चाट वालों के बीच जमकर लाठी डंडे चले थे। लड़ाई में 5-6 लोग शामिल थे और कई मिनटों तक दोनों तरफ से एक दूसरे को जमकर मारा-पीटा गया। सड़क पर लोट-लोटकर लाठियाँ भाँजी गईं। इस लड़ाई के मुख्य आकर्षण अपने अनोखे बालों के लिए मशहूर ‘आइंस्टीन चाचा’ थे। उनका वास्तविक नाम हरेंद्र सिंह है। जानकारी मिल रही है कि सेल्फी से परेशान होकर अब उन्होंने अपने बाल कटवा लिए हैं।

‘वामपंथी कुपढ़ हैं और ये वाले अनपढ़ हैं’: रामकथा में कवि कुमार विश्वास ने RSS पर की टिप्पणी, कहा – भाई पढ़ भी लो

मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रमोत्सव 2023 कार्यक्रम में कवि और लेखक कुमार विश्वास मंगलवार (21 फरवरी, 2023) को रामकथा सुनाने पहुँचे। इस दौरान उन्होंने वामपंथियों को कुपढ़ और आरएसएस से जुड़े लोगों को अनपढ़ कह दिया। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद थे।

रामकथा सुनाने के दौरान वह एक वाकया बताते हैं, “4-5 साल पहले एक दिन बजट आने वाला था। मैं अपने घर में स्टूडियो पर खड़ा था। कुछ रिकॉर्डिंग कर रहा था। तभी एक बच्चे ने मोबाइल ऑन कर दिया। वो बच्चा हमारे साथ काम करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में भी काम करता है। वो मुझसे बोला कि भैया बजट आ रहा है, कैसा आना चाहिए। मैंने कहा- तुमने तो रामराज्य की सरकार बनाई है तो रामराज्य का बजट आना चाहिए। उसने कहा, रामराज्य में कहाँ बजट होता था। मैंने कहा, समस्या तुम्हारी यही है कि वामपंथी तो कुपढ़ हैं और तुम अनपढ़ हो। इस देश में दो ही लोगों का झगड़ा चल रहा है। एक वामपंथी हैं, वो कुपढ़ हैं, उन्होंने पढ़ा सब है, लेकिन सब गलत पढ़ा है। और एक ये वाले हैं, इन्होंने पढ़ा ही नहीं है। ये सिर्फ बोलते हैं- हमारे वेदों में… देखे नहीं हैं कि कैसे हैं। भाई पढ़ भी लो। तो बोले रामराज्य में किस बात का बजट।” कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।

सोशल मीडिया पर कुमार विश्वास का विवादित बयान वायरल होने के बाद बवाल हो गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया ने अपने ट्विटर पर कुमार विश्वास को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उज्जैन में कथा करने आए हो कथा करो प्रमाण पत्र मत बाँटो। उन्होंने लिखा, “तुम्हारा स्वागत करने आना पड़ेगा। उज्जैन में कथा करने आए हो कथा करो। प्रमाण पत्र मत बाँटो श्रीमान। कथा करने के लिए बुलाया गया है, वह छोड़ बाकी सब करेंगे। अधूरे पढ़े-लिखे लोग, आपसे तो हमारे कथित अनपढ़ कई गुना ज्यादा अच्छे हैं।” फिरउ न्होंने कुमार विश्वास को टैग करते हुए आगे लिखा, “अधजल गगरी छलकत जाए। मुहावरे का अर्थ है कम गुणवान व ज्ञानी व्यक्ति का बहुत अधिक गुणवान और ज्ञानी होने का दिखावा करना अर्थात् अल्पज्ञानी महा अज्ञानी।”

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का ट्वीट

इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए लिखा, “माननीय शिवराज सिंह चौहान जी कुमार विश्वास जैसे लोग जो अपने तय एजेंडे एवं तुच्छ मानसिकता के वशीभूत हो आरएसएस जैसे राष्ट्रवादी संगठन पर टिप्पणी करते हैं। ऐसे लोगों पर प्रदेश के शासकीय कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।”

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का ट्वीट

वहीं, इस मामले को लेकर ‘समग्र हिंदू समाज’ ने मोर्चा खोल दिया है। विक्रमादित्य शोधपीठ संस्थान निदेशक को पत्र लिखकर कुमार विश्वास को माफी माँगने को कहा है। समग्र हिंदू समाज के जसविंदर सिंह का कहना है कि आरएसएस ने राम मंदिर निर्माण में महती भूमिका निभाई है। देशसेवा में आरएसएस सदैव अग्रणी रहा है।

खुद गलत टर्मिनल पर पहुँच गया ‘ऊर्जावान और युवा’ पत्रकार, वीडियो बना कर PM मोदी पर थोपा दोष: हवाई यात्रा के दौरान ऐसे चेक करें अपना टर्मिनल

खद को युवा और ऊर्जावान पत्रकार कहने वाले उज्जवल त्रिवेदी नाम के एक व्यक्ति ने बुधवार (23 फरवरी 2023) को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अनजाने में गलत टर्मिनल पर पहुँच गए। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और भारत की विकास कहानी पर सवाल उठाया।

त्रिवेदी ने कहा कि वह मुंबई से बेंगलुरु के लिए सुबह की फ्लाइट ले रहे थे। और वह ‘मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ पहुँचे, क्योंकि उनके ‘बोर्डिंग पास’ में ऐसा कहा गया था। हालाँकि, वहाँ पहुँचने पर उन्हें CISF द्वारा सूचित किया गया कि वह गलत टर्मिनल पर पहुँच गए हैं। उनकी उड़ान घरेलू टर्मिनल से रवाना होगी।

इतना सुनने के बाद त्रिवेदी चकित हो जाते हैं और बहुत सारी बाधाओं को पार करने के बाद वे डोमेस्टिक टर्मिनल तक पहुँचने में सफल हो जाते हैं, क्योंकि वे ‘युवा और ऊर्जावान’ हैं। हालाँकि, उन्होंने पीएम मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सलाह भी दे डाली।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को अपने संवाद में साफ होना चाहिए, खासकर जब भारत जी-20 जैसे मंच की आजकल मेजबानी कर रहा हो। त्रिवेदी ने कहा कि उन्होंने कहा कि उनके टिकट पर साफ लिखा था कि उनकी उड़ान अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से थी, जबकि वास्तव में वह घरेलू टर्मिनल से उड़ान भरने वाली थी। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसे उन्होंने अपना ‘बोर्डिंग पास’ बताया।

हालाँकि, यदि कोई ठीक से नोटिस करता है तो उपरोक्त एक यात्रा कार्यक्रम है, जो उसके टिकटों का विवरण है। पीएनआर की मदद से अकासा एयर की वेबसाइट से प्राप्त उनके टिकट का पूरा स्क्रीनशॉट यहाँ दिया गया है, जिसे उपरोक्त स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है।

जैसा कि उपरोक्त स्क्रीनशॉट में कोई भी देख सकता है कि उनके टिकट में दिया गया है कि उनकी उड़ान मुंबई के T1 से है, जोकि मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का घरेलू टर्मिनल है। हवाई अड्डे पर टर्मिनल 2 का उपयोग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए किया जाता है। हालाँकि, कुछ घरेलू उड़ानें वहाँ से भी संचालित होती हैं।

मुंबई में केवल एक हवाई अड्डा है, जो कमर्शियल उड़ानें संचालित करता है और वह है छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा। हालाँकि, इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए टर्मिनल टी1 और टी2 हैं। यह आमतौर पर सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के मामले में है। उदाहरण के लिए, अहमदाबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। वहाँ के परिसर में एक घरेलू टर्मिनल और एक अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल है। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीन टर्मिनल हैं- T1, T2 और T3।

कई टर्मिनल वाले ऐसे हवाई अड्डों में विभिन्न टर्मिनलों से विभिन्न उड़ानें संचालित होती हैं। जब कोई कई टर्मिनल वाले हवाई अड्डे के लिए टिकट बुक करता है तो बोर्डिंग पास पर टर्मिनल नंबर दिया गया रहता है। वेब चेक-इन करके और उसकी एक प्रति प्राप्त करके या हवाई अड्डे पर चेक-इन काउंटर पर जाकर बोर्डिंग पास प्राप्त किया जा सकता है। प्रस्थान टर्मिनल नंबर विभिन्न उड़ान बुकिंग साइटों और एयरलाइन की वेबसाइट/ऐप पर भी प्रदर्शित होता है।

उज्जवल त्रिवेदी ने गलती से मुंबई हवाई अड्डे पर दो अलग-अलग टर्मिनलों को दो अलग-अलग हवाई अड्डा समझ लिया। वास्तव में वे एक ही हवाई अड्डा छत्रपति शिवाजी महाराज मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा में स्थित अलग-अलग टर्मिनल हैं। जब एक हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें होती हैं तो इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कहा जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि यहाँ से सिर्फ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ही जाती हैं।

अलग-अलग टर्मिनल विभिन्न एयरलाइनों और उड़ानों के लिए भले ही अलग-अलग ग्राहक सेवा प्रदान करते हैं, लेकिन उनका ऑपरेशन केंद्रीकृत रहता है। सभी उड़ानें अभी भी एक ही रनवे का उपयोग करती हैं, एक ही एटीसी टावर द्वारा एक ही रडार और अन्य सेवाओं का उपयोग करके नियंत्रित किया जाता है। अधिकांश हवाई अड्डों के अलग-अलग कार्गो टर्मिनल भी होते हैं, लेकिन वे भी उसी हवाई अड्डे के हिस्से होते हैं।

बोर्डिंग पास कुछ ऐसा दिखता है। जैसा कि कोई भी देख सकता है, इसमें उड़ान के डिपारचर का डिटेल है। इसमें टर्मिनल की भी जानकारी है। उपरोक्त मामले में फ्लाइट ने दिल्ली में इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 (T1) से उड़ान भरी और अहमदाबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 (T1) पर पहुँची। हालांकि, ये दोनों टर्मिनल ‘घरेलू’ टर्मिनल हैं, अर्थात् आमतौर पर घरेलू उड़ानें वहाँ से उड़ान भरती हैं। इसके बावजूद वे दोनों एक ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का हिस्सा हैं।

टिकट के साथ-साथ बोर्डिंग पास में भी उन टर्मिनलों का स्पष्ट विवरण है, जिनसे यात्री को उड़ान भरनी है और जहाँ पहुँचना है। यह मानक अंतर्राष्ट्रीय अभ्यास और यह सब यात्री को चेक करना है। पीएम मोदी या नागरिक उड्डयन मंत्रालय की यह नौकरी नहीं है कि शिक्षित, युवा और ऊर्जावान पत्रकारों को यह देखने के लिए है कि उनके टिकट पर उनके टर्मिनल का विवरण कहाँ खोजना है।

दिल्ली जैसे हवाई अड्डों पर दो टर्मिनलों को जोड़ने वाली एक शटल सेवा चलती है। दिल्ली हवाई अड्डे का टर्मिनल 2 और टर्मिनल 3 भी इस तरह से जुड़े हुए हैं कि कोई भी वॉक करके पहुँच सकता है। इसी तरह अहमदाबाद हवाई अड्डे पर दो टर्मिनलों के बीच वॉकवे कनेक्टिविटी भी है।

खनन इंस्पेक्टर को टीम सहित ज़िंदा जलाने की कोशिश: बिहार में बेखौफ हैं अपराधी, जब्त किए गए ट्रकों को भी ले गए

बिहार के सारण जिले में खनन इंस्पेक्टर व उनकी टीम को जिंदा जलाने की कोशिश हुई। रेत माफिया खनन इंस्पेक्टर अंजनी कुमार को उनकी गाड़ी समेत जलाने वाले थे। टीम समेतअंजनी कुमार को मौके से भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। कानून और प्रशासन से बेखौफ तस्कर खनन विभाग द्वारा जब्त किया गया बालू लदा ट्रक लेकर चले गए। घटना सोमवार (20 फरवरी, 2023) की बताई जा रही है।

मामला सारण जिले के सोनपुर थाना इलाके का है। ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार की शाम सात बजे खनन इंस्पेक्टर अंजनी शिवबचन चौक पर अवैध और क्षमता से अधिक बालू लदे वाहनों की जाँच कर रहे थे। इसी दौरान ओवरलोडेड बालू लदे ट्रक को रोका गया। बिना चालान बालू लदे ट्रक को जब्त कर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। खनन विभाग के गार्ड और चालक जब्त किए गए ट्रक को रास्ते से यार्ड में ले जाने लगे।

कार्रवाई के दौरान तस्करों ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। बोलेरो पर सवार पाँच गुंडे मौके पर पहुँचे और उन्होंने खनन विभाग के गार्ड और चालक की पिटाई शुरू कर दी। खनन इंस्पेक्टर अंजनी ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इतना ही नहीं, हमलावरों ने बोलेरो से गैलन में रखा पेट्रोल निकाला और विभाग की गाड़ी, इंस्पेक्टर, गार्ड और चालक पर उड़ेल दिया। इस बीच मौके पर स्थानीय लोग जुटने लगे।

बेखौफ अपराधी माचिस की तीली जलाकर गाड़ी पर फेंकने वाले थे लेकिन लोगों की मौजूदगी की वजह से वे कामयाब नहीं हो सके। भीड़ का फायदा उठाकर अंजनी कुमार व उनकी टीम ने भागकर अपनी जान बचाई। इधर मौके पर मौजूद अपराधी फिल्मी स्टाइल में जब्त किए गए वाहन को लेकर चले गए। खनन इंस्पेक्टर अंजनी ने सोनपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस की टीम ट्रक के नंबर के आधार पर जाँच कर रही है। अपराधी पुलिस गिरफ्त से फरार हैं।

AAP की शैली ओबेरॉय बनीं MCD की मेयर, रही हैं DU की अस्सिस्टेंट प्रोफेसर: 3 बैठकें विफल होने के बाद आखिरकार हुआ मतदान, BJP की रेखा गुप्ता को 116 वोट

दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर पद के चुनाव में आम आदमी पार्टी की शैली ओबेरॉय ने बाजी मार ली है। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा की रेखा गुप्ता को हराया। शैली को कुल 150 वोट मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी को 116 वोट प्राप्त हुए। CBI जाँच का सामना कर रहे दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने इस परिणाम को गुंडों की हार और जनता की जीत बताया है। यह परिणाम बुधवार (22 फरवरी, 2023) को घोषित हुए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ग्रेस ने इस चुनाव में वोटिंग का बहिष्कार किया था। हालाँकि, उनकी शीतल नाम की एक पार्षद ने मतदान में हिस्सा लिया। 39 वर्षीया शैली ओबेरॉय PHD डिग्री धारक हैं जो पटेल नगर विधानसभा के वार्ड नंबर 86 से पार्षद हैं। यह पीएचडी उन्होंने इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविद्यालय (IGNU) से दर्शनशास्त्र में की है। पार्षद चुनावों के दौरान उन्होंने भाजपा की दीपाली कपूर पर महज 269 वोटों से जीत दर्ज की थी। आम आदमी पार्टी से जुड़ने से पहले शैली दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर भी काम कर चुकीं हैं।

शैली ओबेरॉय की जीत पर आम आदमी पार्टी ने ख़ुशी जाहिर की है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे जनता की जीत और गुंडों की हार बताया है।

गौरतलब है कि साल 2022 में दिल्ली में हुए MCD चुनावों में आम आदमी पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की थीं। तब कुल 250 सीटों में AAP ने अकेले 134 वार्डों में जीत दर्ज की थी। भाजपा को 104 सीटों से संतोष करना पड़ा था जबकि कॉन्ग्रेस पार्टी 9 वार्डों में जीत दर्ज कर पाई थी।

AAP candidate shaili Oberoy elected as new Mayor of Delhi after victory over BJP Candidate

‘अशोक गहलोत की खाल उतार कर जूते बनाऊँगा, प्रियंका गाँधी के सिर पर मारूँगा’: ‘भीम सेना’ के अध्यक्ष नवाब ने कहे अपशब्द, खून की नदियाँ बहाने की धमकी

राजस्‍थान के बाड़मेर से भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर (Bhim Sena Chief Nawab Satpal Tanwar) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के खिलाफ अपशब्‍द बोल रहा है। सतपाल तंवर ने कहा, “राजस्थान में अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनाऊँगा और प्रियंका गाँधी के सिर में मारूँगा।”

यह वीडियो बाड़मेर में हुए एक कार्यक्रम है। ‘Ambedkarite People’s Voice’ नाम के फेसबुक पेज पर सोमवार (20 फरवरी, 2023) को नवाब सतपाल तंवर का पूरा वीडियो शेयर किया गया है। इसमें वह लोगों को सम्‍बोधित करते हुए कहता है, “राजस्‍थान में अगर एक भी दलित भाई-बहन का पसीना भी गिरा, तो राजस्‍थान में खून की नदियाँ बहा दूँगा। हम पूरा देश हिलाना जानते हैं। कॉन्ग्रेस सरकार किसी वहम में ना रहें, वरना सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को इटली भेज देंगे।”

तंवर आगे कहता है, “भाजपा वालों को पाकिस्तान से बहुत प्यार है, उन्हें सीधा पाकिस्‍तान भेज देंगे। कहने का मतलब साफ है। ये भारत देश हमारा है। ये राजस्‍थान प्रदेश हमारा है। यहाँ पर इटली वाले क्‍यों राज करेंगे? भाजपा और कॉन्ग्रेस दोनों ही आरएसएस (RSS) की पैदाइश है। एक की जगह इटली में और दूसरे की पाकिस्‍तान में है। राजस्‍थान में सिर्फ दलित राज करेगा। मेघवाल राज करेगा। राजस्थान में चमार राज करेगा, वाल्मीकि राज करेगा। हम राजस्‍थान और देश को बँटने नहीं देंगे। हम यहाँ के मूल निवासी हैं। गुलामी की जिंदगी हमें बर्दाश्‍त नहीं है। कान खोलकर सुन ले अशोक गहलोत, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी। मैं राजस्‍थान में अशोक गहलोत की खाल उतारने आया हूँ। अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनाऊँगा और उसे प्रियंका गाँधी के सिर पर मारूँगा।”

भीम सेना चीफ ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “अब वो दलित नहीं रहा, जो अत्याचार को सहन करेगा। जो दलितों पर अत्याचार करेगा चूर-चूर हो जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अब दलित कलम भी चलाएगा, अब दलित गाड़ी भी चलाएगा। अब दलित मूँछ भी रखेगा, कोट-पेंट पहनेगा और साफ कपड़े भी पहनेगा। अब किसी मनुवादी में हिम्मत है तो भिड़ के दिखा दे। दलितों का शोषण करने वाले मनुवादियों का अब शोषण होगा।”

इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकित तिवारी नाम के यूजर ने लिखा, “दलित नेता सतपाल तंवर राजस्थान के मुख्यमंत्री को खाल उतारने की धमकी दे रहा है। राजस्थान की पुलिस ऐसे असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई करे, ये अपराध अक्षम्य है।”

‘नूपुर शर्मा को पेश करो, उस नचनिया से मुजरा कराऊँगा’

गौरतलब है कि सतपाल ने 8 जून 2022 को नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले उसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता पर ईश​निंदा का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा से सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था। तंवर ने अपने बयान में कहा था, “नूपुर शर्मा ने नबी की ईशनिंदा की है। उसने देश में रह रहे करोड़ों मुस्लिमों को आहत किया है। वह माफी के लायक नहीं, फाँसी के लायक है। वह उसे उसके सामने मुजरा करवाएगा।”

‘हिजाब पर बैन, मुस्लिम छात्राएँ कैसे देंगी परीक्षा?’: शीघ्र सुनवाई को राजी हुआ सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक HC के फैसले के खिलाफ SC में है याचिका

कर्नाटक हिजाब मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट शीघ्र सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। बुधवार (22 फरवरी, 2023) को अधिवक्ता शादान फरासत ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मुस्लिम लड़कियों की याचिका पर सुनवाई की माँग की। याचिका में हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति माँगी गई है। इस पर कोर्ट ने मामले पर जल्दी ही फैसला लेने का आश्वासन दिया है।

अधिवक्ता शादान फरासत ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया। फरासत ने कहा कि कर्नाटक राज्य में हिजाब पर प्रतिबंध के कारण मुस्लिम छात्राएँ परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रही हैं। विवाद की वजह से छात्राओं की पढ़ाई व सत्र को पहले ही नुकसान पहुँच चुका है। आगामी परीक्षाएँ 9 मार्च से शुरू होंगी। याचिका में मुस्लिम छात्राओं ने हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की इजाजत माँगी है।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से तर्क दिया गया है कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अक्टूबर 2022 में 10 दिनों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में 2 जजों के बीच मतभेद की वजह से फैसला नहीं हो सका था। इसके बाद मामला सीजीआई की बेंच को ट्रांसफर कर दिया गया था। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया है कि मार्च में ही परीक्षाएँ होनी हैं, इसलिए सुनवाई होने तक मुस्लिम छात्राओं को हिजाब की अनुमति दी जाए।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से पूछा कि परीक्षा में शामिल होने में क्या समस्या है? इस पर वकील शादान फरासत ने कहा कि फिलहाल छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं है। दरअसल, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार हिजाब के साथ परीक्षा देने की अनुमति नहीं है। सीजेआई ने कहा है कि वे जल्दी ही इस मामले में फैसला लेंगे।

क्या है कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला?

मार्च 2022 में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुर्का मामले पर सुनाए गए अपने फैसले में कहा है कि हिजाब इस्लाम में अनिवार्य प्रथा नहीं है और शैक्षणिक संस्थानों में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। हालाँकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस दौरान ये भी कहा कि क्लासरूम से बाहर महिलाएँ क्या पहनती हैं, ये उनका अधिकार है और इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में ड्रेस कोड सबको बराबर दिखाने के लिए होता है और इसका पालन होना चाहिए।

पाकिस्तान हमारे लिए दिल-जान से भी कीमती… जिस हीरोइन ने जावेद अख्तर के साथ डाली थी फोटो, अब उसी ने की निंदा: Pak के अन्य कलाकार भी कह रहे भला-बुरा

लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में गीतकार जावेद अख्तर ने आतंकवाद पर आईना दिखाया तो पाकिस्तान तिलमिला गया है। वहीं, भारत में उनके बयान की तारीफ हो रही है। जावेद अख्तर का स्वागत करने वाले पाकिस्तानी सिंगर अली जफर को ट्रोल किया जा रहा है। वहीं, वहाँ की अदाकारा रेशम खान ने जावेद अख्तर की निंदा की है।

दरअसल, फैज फेस्टिवल में जावेद अख्तर सवालों का जवाब दे रहे थे। एक शख्स के सवाल का जवाब देते हुए जावेद ने कहा था, “हमने तो हिंदुस्तान में नुसरत (नुसरत फतह अली खान) के बड़े-बड़े फंक्शन किए, मेहंदी हसन के बड़े-बड़े प्रोग्राम किए लेकिन आपके मुल्क में लता मंगेशकर का एक भी फंक्शन नहीं हुआ।” उन्होंने आगे कहा, “हम एक-दूसरे को इल्जाम न दें। अहम बात यह है कि फिजा इतनी गरम है वो कम होनी चाहिए।

जावेद अख्तर ने आगे कहा था, “हम बंबई (मुंबई) के लोग हैं। हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। हमलावर नॉर्वे या इजिप्ट से नहीं आए थे। हमलावर आपके मुल्क में अभी भी घूम रहे हैं। यह शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में है तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।” जावेद अख्तर के इस बयान पर वहाँ के ऑडियंस ने जमकर ताली बजाई थी।

इस बयान के बाद अब पाकिस्तान में बवाल हो गया है। इस मामले को लेकर वहाँ की अभिनेत्री रेशम खान ने बुधवार (23 फरवरी 2023) को इंस्टाग्राम पर एक कहानी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “मेरा देश मुझे किसी भी चीज़ से अधिक प्रिय है। जावेद अख्तर साहब ने फैज फेस्टिवल सेशन में मेरे देश के बारे में क्या कहा, इसके बारे में मुझे बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं उनके शब्दों की निंदा करती हूँ। हमारे रीति-रिवाजों के अनुसार, हम मेहमानों को भगवान की दया मानते हैं, लेकिन पाकिस्तान हमारे लिए हमारे दिल और जान से ज्यादा कीमती है।”

इसके एक दिन पहले रेशम खान ने गायक अली ज़ाफ़र द्वारा जावेद अख्तर के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में अपनी और जावेद अख्तर की तस्वीरें साझा की थीं। इस दौराने उन्होंने कहा था कि वह इस तरह की सभा का हिस्सा बनकर खुद को ‘भाग्यशाली’ महसूस कर रही हैं।

उधर, जावेद अख्तर के बयान पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस मिशी खान ने कहा, “दूध में मक्खी डालकर नहीं देनी चाहिए। आप हमारे मेहमान थे। मौका देखकर बात होनी चाहिए। आपने वापसी की परवाह ज्यादा की और इस बात के इसलिए छेड़ा ताकि वहाँ (भारत में) आपकी तारीफ हो। निहायत ही घटिया बात की। आपसे ये उम्मीद नहीं थी। अफसोस!”

एक्टर-प्रोड्यूसर एजाज असलम ने ट्वीट में कर कहा, “जावेद अख्तर के दिल में इतनी नफरत है तो उन्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था। हमने तब भी आपको सेफली यहाँ से जाने दिया। आपकी नॉनसेंस को ये हमारा जवाब है। लोगों का जावेद अख्तर से यही सवाल है कि अगर उन्हें पाकिस्तान आतंकी देश लगता है तो वे इस मुल्क में क्यों गए?”

जावेद अख्तर के बयान को लेकर पाकिस्तानी अब उन पाकिस्तानी एक्टर और गायकों को ट्रोल कर रहे हैं, जिन्होंने उन्हें पाकिस्तान बुलाया था। इसके साथ उनके साथ फोटो खिंचवाने वाले और उनके तारीफ करने वालों को भी पाकिस्तानी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

‘राजस्थान के हालात इराक और सीरिया से भी बदतर’: उदयपुर में भगवान परशुराम की प्रतिमा खंडित कर फेंके जाने से आक्रोश में हिन्दू समाज, एक भी गिरफ़्तारी नहीं

राजस्थान के उदयपुर में भगवान परशुराम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। घटना से नाराज लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपितों जल्द गिरफ्तारी की माँग की है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना सोमवार (20 फरवरी, 2023) की बताई जा रही है। भाजपा सांसद अर्जुन लाल ने राजस्थान के हालात सीरिया और इराक से भी बदतर बताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना गोगुन्दा थानाक्षेत्र के गाँव रावलिया खुर्द की है। यहाँ के एक मंदिर में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित थी जहाँ ग्रामीण पूजा-पाठ किया करते थे। सोमवार की सुबह जब स्थानीय निवासी मंदिर पहुँचे तो उन्होंने मूर्ति को टूटा पाया। मूर्ति के दोनों हाथों को तोड़ डाला गया था और उसे पैरों से उखाड़ कर नीचे सीढ़ियों पर फेंक दिया गया था। कुछ ही देर में यह बात पूरे इलाके में फ़ैल गई और आस-पास के श्रद्धालु घटनास्थल पर जमा होने लगे। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो भी मौके पर पहुँची।

पुलिस ने नाराज ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन नाराज लोगों ने धरना देना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। हालाँकि, अभी तक किसी भी आरोपित को पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस इस घटना पर केस दर्ज कर के जाँच जारी होने की जानकारी दे रही है।

इस घटना की जानकारी भाजपा सांसद अर्जुन लाल मीणा को हुई तो उन्होंने राजस्थान के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने प्रदेश के हालात को इराक और सीरिया से भी बदतर बताया। अर्जुन लाल ने कहा कि अशोक गहलोत द्वारा किए जा रहे तुष्टिकरण से राजस्थान में हिन्दुओं का रहना दूभर हो चुका है। मंदिर को तोड़ने वाले आरोपितों को भाजपा सांसद ने समाज के कंटक नाम से सम्बोधित किया।

घटना के 2 दिन बीत जाने पर भी किसी की गिरफ्तारी न होने पर सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा आरोपितों को जल्द पकड़े जाने की माँग जोर पकड़ रही है।

पहले तो एक ही परिवार थे… बच्ची के यौन शोषण का आरोपित पत्रकार हसन सुरूर का TOI में लेख – कंगाल पाकिस्तान की मदद करे भारत, भूल जाए पुरानी दुश्मन

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने सोमवार (20 फरवरी, 2023) भारतीय मूल के ब्रिटिश पत्रकार हसन सुरूर को ‘अमन की आशा’ का मंच दिया, जिसमें उन्होंने भारत से आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान की मदद करने का आग्रह किया। हसन सुरूर पर पीडोफिलिया का आरोप लगाया गया है। 2015 में उसे एक नाबालिग का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था, लेकिन ब्रिटेन की एक अदालत ने बाद में उसे बरी कर दिया था।

हसन सुरूर के ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित लेख का शीर्षक है, “क्यों पाकिस्तानियों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए भारत की आवश्यकता है।” दरअसल, इस लेख के माध्यम से नरेंद्र मोदी सरकार से अपने से गरीब पड़ोसी देश को बचाने का आग्रह किया गया है। सुरूर ने अपने लेख की शुरुआत भारत पर आरोप लगाते हुए की। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तान में गहराते आर्थिक संकट के प्रति भारत उदासीन है।”

इसके बाद सुरूर ने भारतीय खुफिया एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (रॉ) के पूर्व प्रमुख एएस दुलत की ‘टाइम्स लिट फेस्टिवल (Times Lit Festival)’ में बोलते हुए सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल बातचीत कर पाकिस्तान को राहत दे सकते हैं। दुलत ने कथित तौर पर कहा था, “मोदीजी पाकिस्तान को उबार सकते हैं। हो सकता है कि साल खत्म होने से पहले पाकिस्तान के साथ बातचीत हो?”

उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रमुख एएस दुलत वर्षों से कॉन्ग्रेस पार्टी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। हाल ही में उन्हें पार्टी के ‘भारत जोड़ो यात्रा’ अभियान में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के साथ देखा गया था। रॉ के पूर्व प्रमुख आतंकवादियों के प्रति अपने नरम रुख के लिए जाने जाते हैं। दुलत ने साल 2019 में पाकिस्तान में जवाबी कार्रवाई में किए गए बालाकोट हमले के बाद, पीएम मोदी कई गंभीर आरोप लगाए थे।

सुरूर स्पष्ट रूप से चाहते हैं कि उनके पाठक इस तथ्य पर ध्यान न दें कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब भी भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, जब उनका देश दिवालिया होने की कगार पर है। मालूम हो कि इस समय पाकिस्तान अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक कार्यक्रम में बोलते हुए शरीफ ने कहा था, “पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और भारत हमें बुरी नजर से नहीं देख सकता। हमारे पास इसे बाहर निकालने और पैरों तले कुचलने की ताकत है।” इस दौरान पाकिस्तान के पीएम ने कश्मीर का मुद्दा फिर से उठाया था।

‘मोदी सरकार मतभेदों को भूलाकर पाकिस्तान की मदद करे’

सुरूर चाहता है कि मोदी सरकार राजनीतिक मतभेदों को भूलाकर आर्थिक संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश की मदद करने के लिए आगे आएँ। जबकि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अब भी जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने वाली मोदी सरकार के खिलाफ अपनी ‘परमाणु शक्ति’ इस्तेमाल करना जारी रखे हुए है। सुरूर ने जोर देकर कहा कि भारत को एक बड़ा दिल दिखाने और संकटग्रस्त पाकिस्तान की मदद करने की जरूरत है, क्योंकि उसका सुझाव भारत की सॉफ्ट पावर और मानवीय मिशनों को फोकस में रखता है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में प्रकाशित ‘इंडियाज सॉफ्ट पावर इज़ ब्लूमिंग अंडर मोदी’ शीर्षक वाले एक ऑप-एड में भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा ने श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबारने में उसकी मदद करने वाली मोदी सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि भूकंप से प्रभावित तुर्की की मदद के लिए भारत का ‘ऑपरेशन दोस्त’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का सिद्धांत भारत के विश्वास को प्रकट करता है। इसे उन्होंने दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने वाला एक भारतीय दर्शन बताया।

भाजपा नेता के इस ऑप-एड का हवाला देते हुए, हसन सुरूर ने यह कहने की कोशिश की कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार विश्वासघात किए जाने के बावजूद, भारत को उसकी मदद करनी चाहिए, क्योंकि वहाँ के आम लोगों को उनकी मदद की जरूरत है। सुरूर चाहता है कि भारत राजनीतिक, रक्षा और इतिहास में हुई घटनाओं को दरकिनार कर दशकों से भारत के खिलाफ आतंकवादियों को पोषित करने वाले देश का मददगार बने।

इसके अलावा, सुरूर ने यह सुझाव देकर इमोशनल कार्ड खेलने की कोशिश की कि पाकिस्तान के लोग केवल पुराने पड़ोसी ही नहीं हैं, बल्कि पहले एक ही बार परिवार थे। बाद में हसन सुरूर ने दावा किया कि पाकिस्तान में गहराते आर्थिक संकट के कारण भारत को भी गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। अंत में, सुरूर पाकिस्तान के प्रति अपने प्रेम को छिपा नहीं पाया। वह एक उर्दू कहावत जोड़ता है, “हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे।”

हसन सुरूर के खिलाफ पीडोफिलिया का आरोप

नवंबर 2015 में हसन सुरूर को ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस ने 14 साल की एक लड़की का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में पकड़ा था। खबरों के मुताबिक, पत्रकार को तब पकड़ा गया, जब उसने नाबालिग लड़की से व्यक्तिगत रूप से मिलने का प्रयास किया। एक टीवी चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, उस पर आरोप लगाया था कि उसने लड़की को अश्लील मैसेज भेजे थे। हसन सुरूर ने नाबालिग के साथ अश्लील बातें करने और लड़की के साथ यौन संबंध बनाने लिए कंडोम खरीदने की बात कबूल की थी।

हालाँकि, एक साल बाद हसन सुरूर को सबूतों के अभाव में ब्लैकफ्रायर्स क्राउन कोर्ट (Blackfriars Crown Court) ने बरी कर दिया था। जून 2016 में एक लिखित सबमिशन में, क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा था, “इस मामले में अब दोष सिद्ध होने की कोई संभावना नहीं है।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बीते दिनों कहा था कि उनका मुल्क दिवालिया हो चुका है। वह एक दिवालिया देश के रहने वाले हैं। पाकिस्तान के सियालकोट में 18 फरवरी, 2023 को एक प्राइवेट कॉलेज के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था, “आपने सुना होगा कि पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट या दिवालिया होने वाला है। एक मेल्टडाउन होगा, लेकिन यह पहले ही दिवालिया हो चुका है। हम सब दिवालिया देश में रह रहे हैं।”