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गाय पर कार्टून… मतलब BBC को हुआ बवासीर: कभी ‘बहनोई’ आतंकवादी के लिए उमड़ा था प्यार, अब लंदन में मिल रही गालियाँ

भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। गाय धार्मिक, समाजिक और सांस्कृतिक रूप से सनातन का हिस्सा रही है। इसको देखते हुए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने 14 फरवरी को ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि लोगों को अपने संस्कृति के प्रति जागरुक करने, भावनात्मक समृद्धि और खुशी के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से पेचिस की मार झेल रहे बीबीसी को अब बवासीर हो चुका है।

दरअसल, सरकार के फैसले का मजाक उड़ाते हुए बीबीसी ने गाय पर कार्टून शेयर किया। इस कार्टून के जरिए बीबीसी ने सरकार के फैसले का नहीं, बल्कि गौमाता का मजाक उड़ाया है। कार्टून में मजाकिया अंदाज में एक हफ्ते तक काउ गोबर डे, काउ मूत्र डे, काउ मिल्क डे, काउ घास डे इत्यादि मनाने की बात कही गई है। बात यहीं खत्म नहीं होती। पोस्ट पर मुस्लिम नाम वाले अकाउंटों से गाय को लेकर ऐसे कमेंट किए गए हैं, जो गाय में आस्था रखने वालों के लिए अपमानसूचक है।

गाय का कार्टून शेयर करने वाले बीबीसी के लोगों को संभवतः यह जानकारी नहीं है कि गाय के मूत्र का इस्तेमाल दवा बनाने के लिए और गोबर का इस्तेमाल आज भी घर-आँगन की लिपाई-पुताई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्राचीन समय से ही गोमूत्र को पंचगव्य का हिस्सा माना जाता रहा है और इसका इस्तेमाल शक्तिवर्धक औषधियों के निर्माण में किया जाता है।

बीबीसी वालों को पता तो होगा ही कि जिस गोमूत्र का वे मजाक उड़ा रहे हैं, उसी गोमूत्र का अमेरिका तीन पेटेंट करवा चुका है। गाय का दूध नवजात बच्चों के लिए तो माँ के दूध के समान बताया गया है। बीबीसी वालों ने गाय के घास खाने का भी मजाक उड़ाया। ऐसे में बीबीसी का यह कार्टून हिंदू आस्था के प्रति घृणा को दर्शाता हुआ प्रतीत होता है।

वैसे यह पहली बार नहीं है, जब बीबीसी ने भारतीयता पर हमला किया हो। यह वही बीबीसी है जो आतंकवादियों के प्रति मोहब्बत जताता रहता है। जिन आतंकवादियों को हम दशकों से झेलते आए हैं, उसके लिए बीबीसी की हमदर्दी उसके रिपोर्ट में झलकती है। बालाकोट हमले के बाद एक रिपोर्ट में बीबीसी ने आतंकियों के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, उससे उनकी मंशा जाहिर होती है।

हाल ही में बीबीसी ने गुजरात दंगों पर एक प्रोपगेंडा डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें तथ्य कम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि के साथ खिलवाड़ की कोशिश ज्यादा की गई है। पीएम मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए बनाई गई बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का ब्रिटेन में भारी विरोध हुआ था। 29 जनवरी 2023 को प्रवासी भारतीयों ने लंदन में स्थित बीबीसी मुख्यालय और उसके क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में एकजुट होकर प्रदर्शन किया था।

बीबीसी की स्थिति अब चूँकि बवासीर तक पहुँच चुकी है, इसलिए ऐसे विरोधों और प्रदर्शनों का उस पर कोई खास प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। ऐसा होता तो करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक गौमाता का मजाक उड़ाने से पहले वह कई बार विचार करता।

Reels में वर्दी के इस्तेमाल पर रोक, UP के पुलिस वालों के लिए योगी सरकार की गाइडलाइन

उत्तर प्रदेश (UP) में पुलिस द्वारा वर्दी में रील्स बनाने के मामले लगातार सामने आ रहे थे। कई पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर बकायदा फेमस भी हो गए थे। हालाँकि, अब पुलिस द्वारा सोशल मीडिया इस्तेमाल करने को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। पुलिसकर्मी अब ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया साइट जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही वर्दी में रील्स और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने बुधवार (8 फरवरी 2023) को इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है। पुलिसकर्मी अब कार्यस्थल से मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव टेलीकास्ट भी नहीं कर सकेंगे। ड्यूटी के बाद भी वर्दी में रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस स्टेशन, पुलिस लाइन, कार्यालय का लाइव टेलीकास्ट और पुलिस ड्रिलिंग, कार्रवाई के वीडियो को अपलोड करने पर भी पाबंदी लगाई गई है।

पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया साइट पर ऐसी कोई भी जानकारी साझा नहीं करेंगे, जो उसे विभाग में नियुक्ति की वजह से प्राप्त हुई है। कोई पुलिसकर्मी इस तरह की जानकारी तभी शेयर कर सकेगा, जब वह इसके लिए अधिकृत है। इस कार्य को सिर्फ अधिकृत पुलिसकर्मी कर सकेगा।

इसके साथ ही किसी अन्य पुलिसकर्मियों की नियुक्ति से संबंधित जानकारी को भी साझा करने पर रोक लगाई गई है। वहीं, ड्यूटी के बाद भी पुलिसकर्मी ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं कर पाएँगे, जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। पुलिसकर्मियों को ऐसे वीडियो को भी अपलोड करने पर पाबंदी लगा दी गई है, जिसमें वह खुद की वाह-वाही करते हैं।

सोशल मीडिया से कमाई पर भी रोक

सोशल मीडिया पर कई पुलिसकर्मी जमकर अपना चेहरा चमका रहे थे और उनसे उनकी कमाई भी हो रही थी। वर्दी के आकर्षण के चलते आम लोग काफी जल्दी इनके फॉलावर्स बन जाते हैं और इनके रील, वीडियोज पर अच्छे व्यूज आते हैं। नए गाइडलाइन के तहत अब पुलिसकर्मी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से किसी भी प्रकार की कमाई नहीं करेंगे। अगर कोई ऐसा करना चाहेगा तो उसे पहले सरकार से इसकी अनुमति लेनी होगी।

फूफा को नहीं मिला पनीर… शादी में बाराती-घराती में जमकर चले लाठी-डंडे-बेल्ट: Video वायरल

उत्तर प्रदेश के बागपत में शादी समारोह में बारातियों को पनीर नहीं मिलने पर बवाल हो गया। दुल्हन पक्ष के लोगों के समझाने के बाद भी बराती नहीं माने। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई और कुछ देर बाद मारपीट में बदल गई। घरातियों और बरातियों के बीच जमकर लात-घूसे और डंडे चले। मामला बढ़ने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने झगड़ा करने वालों पर लाठियाँ बरसाईं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गाँव से बुधवार (8 फरवरी 2023) को बागपत में बारात आई थी। मैरिज होम में शादी का कार्यक्रम था। दूल्हे के फूफा को पनीर नहीं मिलने पर बवाल हो गया। साथ ही डीजे पर मनमर्जी गाना न बजाने और डांस करने को लेकर बरातियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद मामूली बात पर शुरू हुआ झगड़ा मारपीट में बदल गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आप देख सकते हैं कि घराती और बाराती पक्ष में जमकर लाठी-डंडे और बेल्ट चले। यही नहीं, एक व्यक्ति दूसरे पक्ष के लोगों को चारपाई के पाये को ही मारने के लिए उठा लाता है, तभी एक महिला उसे रोकती है। लेकिन वह फिर भी नहीं मानता है।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियाँ बरसानी पड़ी। मारपीट करने वाले तीन-चार युवकों को जब पुलिस पकड़कर कोतवाली ले जाने लगी, तो दोनों पक्षों के लोगों ने उन्हें छोड़ने का अनुरोध किया, जिसके बाद उनको छोड़ दिया गया।

बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे को जमीन पर गिरा-गिराकर भी पीटा, जिसके कारण कई लोग चोटिल भी हुए हैं। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार का कहना है कि शादी समारोह में मामूली विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में सुलह-समझौता हो गया है। झगड़े के समय किसी ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से लिखा गया है कि मामले में एक्शन लिया जा रहा है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

बीमारी का असली डॉक्टरों ने दिया सलाह, ट्विटर के झोलाछाप डॉक्टरों ने छिपाया: US कमिटी के सामने खुले ट्विटर के और भी गंदे राज

अमेरिका (America) में स्थानीय समय अनुसार बुधवार (08 फरवरी, 2023) को न्यू रिपब्लिकन की हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने ट्विटर के पूर्व अधिकारी पेश हुए। कमेटी के लोगों ने ट्विटर के पूर्व अधिकारियों से कई तीखे सवाल किए। उनका जवाब देते हुए पूर्व अधिकारियों ने माना कि कई मामलों में कंपनी से चूक हुई थी। इनमें अक्तूबर 2020 में चली बाइडेन लैपटॉप स्टोरी, डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की कोरोना पर राय समेत मामूली बातों पर ट्विटर अकाउंट्स को सस्पेंड करने जैसे मामले शामिल हैं।

रिपब्लिकन जेम्स कॉमर इस हाउस ओवरसाइट कमेटी की प्रमुख हैं। कमेटी हंटर बाइडेन लैपटॉप स्टोरी और ट्विटर पर मनमाने ढ़ंग से सेंसरशिप लगाने से जुड़े आरोपों पर जाँच कर रही है। कॉमर बाइडेन परिवार के व्यापार व लेन-देन की भी जाँच कर रहे हैं। जाँच के बीच ट्विटर फाइल्स नाम से कई दस्तावेज भी सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले में ट्विटर की भूमिका का पता चला है। बता दें एलन मस्क द्वारा कंपनी संभालने के बाद इन दस्तावेजों को ‘ट्विटर फाइल्स’ के नाम से सार्वजनिक किया गया था। इसमें ट्विटर कर्मचारियों के कई आंतरिक ई-मेल और दूसरे बातचीत शामिल हैं।

ट्विटर फाइल्स समाने आने के बाद पता चला कि कैसे कंपनी के कर्मचारियों ने यूजर्स को ब्लॉक करने, शैडो बैन करने और पहुँच (Reach) कम करने जैसे मनमाने फैसले लिए। कमेटी के मेंबरों ने पूर्व अधिकारियों से सवाल पूछे। जिस पर ट्विटर के पूर्व अधिकारी असहज नजर आ रहे थे। कई मामलों में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनसे चूक हुई है। हालाँकि, उन्होंने इसके लिए किसी तरह के सरकारी दबाव से इनकार कर दिया।

कमेटी के सामने ट्विटर की पूर्व डिप्टी काउंसिल जेम्स बेकर, हेड ऑफ ट्रस्ट एंड सेफ्टी योएल रोथ और चीफ लीगल ऑफिसर रहीं विजया गाड्डे की पेशी हुई। कमेटी की मेंबर नैंसी मेस ने आरोप लगाया कि ट्विटर एफबीआई और अन्य सरकारी एजेंसियों की सहायक की तरह कार्य कर रही थी। ट्विटर ने असहमत लोगों की आवाज को दबाने के लिए उन्हें सेंसर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विटर ने अमेरिकियों की बातों को सुनने और निगरानी के लिए लाखों डॉलर प्राप्त किए।

योएल रोथ ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हंटर बाइडन से जुड़ी स्टोरी को संभालने को लेकर ट्विटर ऑफिस में भ्रम की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि शुरू में वे इस खबर को प्रतिबंधित करने के खिलाफ थे, लेकिन कंपनी ने इसे इसलिए दबाया क्योंकि उसे लगा कि इसके पीछे रूस का हाथ हो सकता है। इस पर न्यूयॉर्क के फ्रेशमैन डेमोक्रेट रेप डैन गोल्डमैन ने ट्विटर के अधिकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि ट्विटर और पूर्व-खुफिया अधिकारी जायज वजहों से मामले में रूसी हाथ होने की आशंका जता रहे थे।

रिपब्लिकन मार्जोरी टेलर ग्रीन ने गलत सूचना के आरोप में उनके उनके अकाउंट पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सवाल किया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप समेत रिपब्लिकन्स के अकाउंट्स को मामूली बातों के लिए सस्पेंड करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्विटर के अधिकारियों ने फ्री स्पीच अधिकारों की अनदेखी की।

बता दें कि ‘द ट्विटर फाइल्स’ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के बेटे हंटर बिडेन की रिपोर्ट को सेंसर करने से संबंधित इंटरनल कम्युनिकेशन शामिल है। इस खुलासे के बाद स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया कंपनी में विजया गाड्डे नियमों की आड़ में मनमाने ढंग से सेंसरशिप लगाती थीं।

कंपनी में रहते हुए विजया गाड्डे ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस (White House) की प्रवक्ता केलीघ मैकनेनी के अकाउंट को बंद करने के फैसले को सही ठहराया था। उस दौरान विजया ने ‘हंटर बिडेन स्टोरी’ सेंसर को तर्कसंगत बनाने की भी कोशिश की थी। अगर उस रिपोर्ट को सेंसर नहीं किया गया होता तो 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों का परिणाम शायद कुछ अलग होता।

अश्विन ने रचा इतिहास: शेन वॉर्न, कुंबले, मैकग्रा सबका तोड़ा रिकॉर्ड – सबसे तेज 450 टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीयों में नंबर 1

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे बॉर्डर गवास्कर ट्रॉफी 2023 के पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में रविचंद्रन अश्विन ने इतिहास रच दिया है। अश्विन ने टेस्ट मैचों में 450 विकेट अपने नाम कर लिए हैं। इसी के साथ अश्विन सबसे तेज 450 विकेट प्राप्त करने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 450 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड मुथैया मुरलीधरन के नाम दर्ज है।

नागपुर में जारी भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में अश्विन ने जैसे ही एलेक्स कैरी का विकेट हासिल किया, उनका नाम 450 विकेट हासिल करने वाले गेंदबाजों में शामिल हो गया। इतना ही नहीं अश्विन ने कई दिग्गज गेंदबाजों को पछाड़ते हुए सबसे तेज 450 विकेट हासिल करने वाले दूसरे गेंदबाद बन गए।

इसके पहले भारत की तरफ से अनिल कुंबले ने 93वें टेस्ट मैच में अपना 450वाँ विकेट हासिल किया था। अश्विन ने अपने 89 वें मैच में 450 विकेट पूरे किए। इस मामले में श्रीलंका के स्पिनर मुथैया मुरलीधरण अब भी नंबर एक पर बने हुए हैं। उन्होंने 80वें मैच में ही 450 विकेटों का आँकड़ा पार कर लिया था।

साभार: ईएसपीएनक्रिकइंफो

अनिल कुंबले के अलावा आर अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा, स्पिनर शेन वार्न और नाथन लियोन जैसे खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया है।

नागपुर टेस्ट मैच में भारत फिलहाल मजबूत स्थिति में है। टॉस जीत कर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम मैच की पहली पारी में सभी विकेट खोकर 177 रन ही बना सकी। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने शुरुआती झटके दिए। उसके बाद रविंद्र जडेजा और अश्विन की फिरकी में उलझे ऑस्ट्रेलिया के बैट्समैन टीम के लिए खास नहीं कर सके और पूरी टीम टी ब्रेक से पहले ही पवेलियन लौट गई। भारत की तरफ से रविंद्र जडेजा ने 5 तो अश्विन ने 3 विकेट चटकाए। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्नस लाबुशेन ने सर्वाधिक 49 रन बनाए।

आज के दिन का खेल खत्म होने तक अपने पहले इनिंग में भारत ने एक विकेट खोकर 77 रन बना लिए हैं। रोहित शर्मा अर्धशतक पूरा कर 56 के निजी स्कोर पर बैटिंग कर रहे हैं। केएल राहुल 20 के निजी स्कोर पर आउट हो गए हैं। उनके बाद नाइट वॉचमैन के रूप में बैटिंग करने उतरे रविचंद्रन अश्विन और कप्तान रोहित शर्मा क्रीज पर जमे हुए हैं।

‘नेहरू सरनेम से इतनी क्या शर्मिंदगी कि उसे रखने से डरते हो’: गाँधी परिवार पर PM मोदी का निशाना, कहा- 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गाँधी का नाम लेकर कॉन्ग्रेस को जमकर धोया। उन्होंने कहा कि नेहरू और इंदिरा गाँधी ने देश की चुनी हुई गैर-कॉन्ग्रेसी सरकारों को 90 बार गिराया। इतनी ही नहीं, पीएम ने कहा कि इस देश में 600 से अधिक सरकारी योजनाएँ सिर्फ गाँधी-नेहरू के नाम पर हैं।

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यूथ विरोधी नीति लेकर चले हुए लोगों को आज यूथ नकार रहा है। यहाँ सरकार की योजनाओं के नामों को लेकर आपत्ति उठाई गई। लोगों को ऐसी परेशानी है कि इन नामों में कुछ संस्कृत-टच है। बताइए, इसकी भी इन्हें (कॉन्ग्रेस) को परेशानी है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैंने किसी अखबार में पढ़ा था। हालांँकि उसे वेरिफाई तो नहीं किया। रिपोर्ट में कहा गया था कि 600 सरकारी योजनाएँ सिर्फ गाँधी-नेहरू परिवार के नाम पर हैं। अगर किसी कार्यक्रम में नेहरू जी के नाम का उल्लेख नहीं हुआ तो कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं। उनका लहू एकदम गरम हो जाता है कि नेहरू जी नाम क्यों नहीं लिया।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “चलो, ये गलती हम सही कर लेंगे, लेकिन मुझे आश्चर्य है कि उनकी पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों हैं। नेहरू सरनेम रखने से क्या शर्मिंदगी है? इतने महान व्यक्ति का नाम अगर आपको (राहुल गाँधी को) मंजूर नहीं है, परिवार (गाँधी परिवार) को मंजूर नहीं है और हमारा हिसाब माँगते रहते हो?”

नरेंद्र मोदी ने सदन में गाँधी परिवार पर हमला करते हुए कहा कि यह देश किसी परिवार की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सदियों पुराना यह देश, लोगों के पुरुषार्थ और पसीने से बना हुआ देश है। जन-जन की पीढ़ियों से चली आई परंपरा से बना हुआ देश है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस भारतीय सेना को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ती है, लेकिन परमवीर चक्र प्राप्त इन्हीं सेनानियों के नाम पर भाजपा ने द्वीप का नाम कर दिया, जो सदियों तक प्रचलित रहेगा।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम पर ऐसे भी आरोप लगाए जाते हैं कि हम राज्यों को परेशान करते हैं। जो लोग आज विपक्ष में बैठे हुए हैं, उन्होंने तो राज्यों के अधिकारों की धज्जियाँ उड़ा दी थीं। इतिहास उठाकर देख लीजिए कि वो कौन पार्टी थी, वो कौन लोग सत्ता में बैठे थे, जिन्होंने आर्टिकल 356 का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया? 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया।”

पीएम मोदी ने नेहरू और इंदिरा के बहाने कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए आगे कहा, “एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया। आधी सेंचुरी कर दी। वो नाम है श्रीमती इंदिरा गाँधी का। केरल में जो लोग आज इनके साथ खड़े हैं, वो भी इन्हें याद कर लें। केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई, जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे। कुछ समय बाद चुनी हुई पहली सरकार को गायब कर दिया।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं DMK के मित्रों को भी बताता हूँ। तमिलनाडु में MGR और करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारों को भी इन्हीं कॉन्ग्रेस वालों ने बर्खास्त कर दिया था। MGR की आत्मा देखती होगी कि आप (DMK वालों) आज कहाँ खड़े हो। 1980 में शरद पवार की सरकार को भी गिरा दिया गया था। आज वो वहाँ (कॉन्ग्रेस के साथ) बैठे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “NTR की सरकार को तब बर्खास्त कर दिया गया, जब वो अपनी तबीयत के लिए अमेरिका गए थे। ये कॉन्ग्रेस का राजनीतिक करतब था। इन्होंने किसी भी क्षेत्रीय दल को परेशान करने से नहीं छोड़ा। उस समय हर अखबार लिखथा था कि राजभवनों को कॉन्ग्रेस दफ्तर बना दिए गए हैं। साल 2005 में झारखंड में NDA के पास ज्यादा सीटें थीं, लेकिन गवर्नर ने UPA को शपथ के लिए बुला लिया था। 1982 में हरियाणा में भी यही हुआ।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अनाप-शनाप नीतियाँ लागू कर रहे हैं। इन्हें अगल-बगल के देशों पर नजर दौड़ाने की जरूरत है। आज इन देशों को कोई लोन देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति के कारण इन लोगों को ऐसी नीतियाँ नहीं लागू करनी चाहिए, जिससे आगे की पीढ़ी को भरपाई करना पड़े।

मर्द ने दिया बच्चा, औरत पार्टनर से हुआ था गर्भवती: भारत में पहली बार ऐसा मामला, केरल के हैं ये ट्रांसजेंडर कपल

केरल के कोझिकोड में ट्रांसजेंडर कपल ने एक बच्चे को जन्म दिया है। कुछ दिन पहले ही ट्रांस कपल जिया पवल और जहाद ने सोशल मीडिया पर प्रेगनेंसी की तस्वीरें शेयर की थीं। कपल को मार्च तक नन्हें मेहमान के आने की उम्मीद थी लेकिन 1 महीने पहले ही उन्हें यह खुशखबरी प्राप्त हो गई।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो बुधवार (8 फरवरी, 2023) सुबह 9.30 बजे जिया और जहाद के बच्चे का जन्म एक सरकारी अस्पताल में हुआ। जिया ने बच्चे और जहाद के स्वस्थ्य होने की बात कही है। बता दें कि बच्चे को जहाद ने जन्म दिया है। कपल ने फिलहाल बच्चे के लिंग के बारे में जानकारी नहीं दी है। बच्चे का जन्म ऑपरेशन के जरिए हुआ। देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब पुरुष ट्रांसजेंडर ने एक बच्चे को जन्म दिया है।

बता दें कि जिया ने एक पुरुष के रूप में जन्म लिया था। वहीं, जहाद ने एक स्त्री के रूप में जन्म लिया था। बाद में दोनों ने सर्जरी कराकर जेंडर बदल लिया। यानी जिया स्त्री बन गई और जहाद पुरुष। जेंडर बदलने के लिए हुई सर्जरी के दौरान इनके गर्भाशय और प्रजनन अंगों को नहीं हटाया गया था। इस कारण जहाद गर्भ धारण करने और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में सक्षम रहा।

जिया और जहाद को साथ रहते 3 साल से अधिक का समय हो गया है। जब उन दोनों ने साथ रहना शुरू किया था, तभी यह सोच लिया था कि उनका जीवन अन्य ट्रांसजेंडर्स से अलग होना चाहिए। जिया ने प्रेगनेंसी की जानकारी देते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया था। जिया ने लिखा था कि जब उन दोनों ने बच्चे का फैसला लिया, तब जहाद की ब्रेस्ट रिमूवल सर्जरी की प्रक्रिया चल रही थी। लेकिन फिर बच्चे के लिए इस सर्जरी को रोक दिया गया।

जो हैं आतंकी, कर चुके हैं CM की हत्या… उनको जेल से छुड़ाने के लिए पंजाब में खून-खराबा: 25-30 पुलिस वाले घायल

पंजाब में मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर के पास जमकर हिंसा और उत्पात मचाया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हो गई। इसकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हिंसा मामले में पुलिस ने कई आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है, जिन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ लूट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। मोहाली बॉर्डर सिख संगठनों के प्रदर्शनकारी कौमी इंसाफ मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अचानक चंडीगढ़ में घुसकर मुख्यमंत्री आवास पर जाने की जिद करने लगे। जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रदर्शनकारी 7 जनवरी से ही चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर कौमी इंसाफ मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में लाठी, तलवार और दूसरे धारदार हथियारों के साथ और भी प्रदर्शनकारी जुड़ गए, जिसमें निहंग भी शामिल हैं। बुधवार (8 फरवरी, 2023) को प्रदर्शन कर रहे लोग हथियार समेत सीएम आवास की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, इसके बाद प्रदर्शन झड़प में बदल गया। हिंसा से जुड़ी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। इन तस्वीरों में देखा जा सकता है किस तरह हथियारों से लैश प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों पर हमले कर रहे हैं।

रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी पूरी तैयारी के साथ आए थे। बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए ट्रैक्टर का इंतजाम किया गया था। अधिकारियों के अनुसार कई प्रदर्शनकारी घोड़े पर सवार हथियारों से लैश थे। रोके जाने के बाद उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें 25-30 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। कई पुलिसकर्मी तो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है।

पुलिस ने इस हिंसा के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा को जिम्मेदार ठहराया है। कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है, जिन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने सात नेताओं गुरचरण सिंह, बलविंदर सिंह, लोक अधिकार लहर, अमर सिंह चहल, दिलशेर सिंह जंडियाला, जसविंदर सिंह राजपुरा, रुपिंदर जीत सिंह व एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला करने आर्म्स एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने समेत 17 अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मोहाली, चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती है। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के लिए गुरुवार (09 जनवरी, 2023) को अगला जत्था भेजने का ऐलान किया है। इसके बाद से पंजाब पुलिस अलर्ट मोड में है।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

कौमी इंसाफ मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शनकारी 2015 के बेअदबी मामले और फरीदकोट में पुलिस फायरिंग की घटना को लेकर इंसाफ की माँग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी बलवंत सिंह राजोआना, दविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत 22 सिख कैदियों की रिहाई की माँग कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कई बड़े हत्याओं में शामिल हैं और कई आतंकवाद से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं। 6 कैदी तो पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में सजा काट रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ज्यादातर कैदी अपनी सजा काट चुके हैं। इसलिए उन्हें रिहा कर देना चाहिए।

‘देश बार-बार कॉन्ग्रेस को नकार रहा, फिर भी वह साजिशों से बाज नहीं आ रही’: पीएम मोदी ने कहा- देश के वैज्ञानिकों को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर गुरुवार (9 फरवरी 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का भाषण शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। उन्होंने ‘अडानी-मोदी भाई भाई’ के नारे लगाए। इस बीच राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें शांत रहने को कहा।

विपक्ष की नारेबाजी पर पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा, “इतने महत्वपूर्ण सदन में कुछ लोगों की वाणी देश को निराश कर रही है। कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाल, जो भी जिसके पास था उसने उछाल दिया। जितना कीचड़ उछालोगे उतना ही कमल खिलेगा। कमल खिलाने में आपका योगदान है। इसके लिए मैं उनका भी आभार व्यक्त करता हूँ।”

‘अब 11 करोड़ घरों को नलों से जल मिल रहा’

पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा, “हमने पानी की समस्या को हल करने के नए तरीके खोजे। जल संरक्षण और जल सिंचाई जैसे हर पहलू पर हमने ध्यान दिया। हमने लोगों को ‘कैच द रेन’ अभियान से जोड़ा। आजादी से पहले अब तक हमारे सरकार में आने तक सिर्फ 3 करोड़ घरों तक नल से जल मिलता था। पिछले तीन चार साल में 11 करोड़ घरों को नलों से जल मिल रहा है। भारत में पानी की समस्या, जो हर परिवार की समस्या होती है, जिसके बिना जीवन नहीं चल सकता। हमने उसे खत्म करने की दिशा में काम किया।”

’48 करोड़ जनधन बैंक खाते खोले’

पीएम ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बैंकों का एकीकरण इस इरादे से किया था कि गरीबों को बैंकों का अधिकार मिले, लेकिन इस देश के आधे से अधिक लोग बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुँच पाए थे।

पीएम ने कहा, “हमने स्थायी हल निकालते हुए जन-धन बैंक खाते खोले। इसके जरिए देश के गाँव तक प्रगति को ले जाने का काम हुआ है। पिछले 9 साल में 48 करोड़ जनधन बैंक खाते खोले गए। इनमें से 32 करोड़ बैंक खाते ग्रामीण और छोटी जगहों पर खुले हैं।”

पीएम मोदी ने खड़गे का जिक्र किया

पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र करते हुए कहा, “आप ध्यान दें कि कर्नाटक में 1 करोड़ 70 लाख जनधन खाते खुले हैं। इतना ही नहीं, उन्हीं के इलाके कलबुर्गी में 8 लाख से ज्यादा जनधन खाते खोले गए हैं। जनधन, आधार और मोबाइल… ये वो त्रिशक्ति है, जिससे पिछले कुछ वर्षों में 27 लाख करोड़ रुपए DBT के माध्यम से सीधा हितधारकों के खातों में गए हैं। इससे 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रुपए… जो किसी इको-सिस्टम के हाथों में जा सकता था वो बच गया। अब जिनको ये पैसा नहीं मिल पाया, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है।

‘देश की आशाओं को चोट नहीं पहुँचने देंगे’

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि विकास की गति क्या है, नीयत क्या है, दिशा क्या है, परिणाम क्या है… यह बहुत मायने रखता है। पीएम ने कहा, “हम जनता की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के आधार पर मेहनत और परिश्रम कर रहे हैं। दिन-रात खुद को खपाना पड़ेगा तो खपाएँगे, लेकिन देश की आशाओं को चोट नहीं पहुँचने देंगे। आधुनिक भारत के निर्माण के लिए Infrastructure, Scale और Speed का महत्व हम समझते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि जब देश के नागरिकों का विश्वास बनता है तो वो लाखों-करोड़ों लोगों के सामर्थ्य में बदल जाता है। लोगों को उनके भाग्य पर नहीं छोड़ा… केंद्र की भाजपा सरकार ने देश का आने वाला कल उज्ज्वल बनाने का रास्ता अपनाया।

’32 करोड़ से ज्यादा परिवारों को गैस कनेक्शन’

पीएम मोदी ने आगे कहा, “आजादी से लेकर 2014 तक केवल 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए। लोग सांसदों के पास जाते थे कि उन्हें कनेक्शन मिल जाए। हमने तय किया कि हर घर में एलपीजी कनेक्शन हो। हमें पता था कि इसके लिए मेहनत करनी पड़ेगी। दुनियाभर से गैस लानी पड़ेगी, ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। तमाम दिक्कतों के बावजूद हमने 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों को गैस कनेक्शन दिए।”

‘देश बार-बार कॉन्ग्रेस को नकार रहा’

पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम देश को विकास का एक ऐसा मॉडल दे रहे हैं, जिसमें हितधारकों को उसके सभी अधिकार मिलें। देश बार-बार कॉन्ग्रेस को नकार रहा है, लेकिन इसके बाद भी कॉन्ग्रेस अपनी साजिशों से बाज नहीं आ रही है। जनता न केवल उनको देख रही है, बल्कि सजा भी दे रही है।”

उन्होंने यह भी कहा, “मुझ गर्व है कि हमने 11 करोड़ शौचालय बनाकर अपनी माताओं-बहनों की इज्जत बख्शी है। देश के वैज्ञानिकों को नीचा दिखाने और उन्हें बदनाम करने की कोई कोशिश नहीं छोड़ी गई। इन्हें देश की चिंता नहीं, अपनी राजनीति की चिंता है। हमारे देश के वैज्ञानिकों की मेहनत के कारण कोरोना काल में 150 देशों को लाभ मिला।”

RSS चीफ मोहन भागवत के बिहार आने से पहले ISI और नक्सलियों ने भेजी धमकी: सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट, साधारण कपड़ों में होगी सिक्योरिटी तैनात

बिहार दौरे से पूर्व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख (RSS Chief) मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, नक्सलियों और कट्टरपंथियों की ओर से धमकी मिली है। एसएसपी आनंद कुमार ने बताया, मोहन भागवत के 10 फरवरी के भागलपुर दौरे को लेकर जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसएसपी आनंद कुमार और सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) धनंजय कुमार महासभा के लोगों से लगातार संपर्क में है। एसएसपी ने महर्षि मेहीं परमहंसजी महाराज की उस गुफा का भी निरीक्षण किया, जहाँ भागवत के जाने का कार्यक्रम है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों की टीम बीते तीन दिनों से शहर में आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसके अलावा नेपाल सीमा से नजदीक होने के कारण सुरक्षा एजेंसियाँ सीमांचल के अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार के अलावा नवगछिया, भागलपुर, बाँका में होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।

एसडीएम धनंजय कुमार ने एएनआई को बताया, “हम सतर्क हैं। एसएसपी ने निरीक्षण किया है। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती करने में कोई समस्या नहीं होगी। सीसीटीवी से भी निगरानी होगी, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों को वर्दी की जगह अलग कपड़ों में तैनात किया जाएगा।”

बता दें कि 10 फरवरी 2023 को महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के कुप्पा घाट आश्रम में गुरु के आवास और उन पर बनी डाक्यूमेंट्री के पोस्टर का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई हस्तियाँ मौजूद रहेंगी। भागवत का कार्यक्रम करीब तीन घंटे 45 मिनट तक चलेगा।

कार्यक्रम संयोजक पंकज दास ने बताया कि गुरु महर्षि मेंही ने गुफा के अंदर मार्च 1933 से नवंबर 1934 तक कठिन तपस्या की थी। इस गुफा के बारे में कहा जाता है कि इसका उपयोग महर्षि परमहंस ने ध्यान के लिए किया था, जिसके बाद से कुप्पाघाट महर्षि मेंही आश्रम के रूप में परिवर्तित हो गया।