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‘ASP साहब करवाते हैं मालिश और धुलवाते हैं कपड़े’: फुलवारी शरीफ के पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल, SSP बोले- जाँच रिपोर्ट भेजी जा चुकी है

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति जमीन पर दरी बिछा कर लेटा हुआ है और कुछ लोग उसकी मलिश कर रहे हैं। मालिश कर रहे लोगों में एक व्यक्ति ने पुलिस की वर्दी पहन रखी है। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मालिश करवा रहे व्यक्ति बिहार के फुलवारी शरीफ में पोस्टेड एडिशनल एसपी मनीष सिन्हा हैं। यह वीडियो शनिवार (11 जनवरी 2023) को सामने आया है।

लगभग 20 सेकेण्ड के इस वीडियो में जहाँ सिपाही बताए जा रहे कुछ लोग ASP मनीष सिन्हा बताए जा रहे व्यक्ति की मालिश कर रहे हैं, वहीं कोई एक व्यक्ति इसका वीडियो बना रहा है। पीठ के बल जमीन में लेटे व्यक्ति ने सफेद बनियान और नीला नेकर पहन रखा है। @live_patna नाम के एक मीडिया संस्थान ने इसे 11 फरवरी को रात 9:50 पर शेयर किया है।

लाइव पटना के साथ कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में मालिश करवा रहे व्यक्ति का नाम मनीष सिन्हा बताया गया है। मनीष फिलहाल पटना में फुलवारी शरीफ के एडिशनल एसपी हैं। यह वही फुलवारी शरीफ है, जहाँ से कुछ समय पहले प्रतिबंधित संगठन PFI की मिशन 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की तैयारी कर रही गैंग पकड़ी गई थी।

दावा यह भी किया जा रहा है की सिपाहियों ने अपने एसएसपी को पत्र लिख कर ASP की शिकायत भी की है। इस पत्र में मनीष सिन्हा द्वारा अधीनस्थों से दबाव बनाकर मालिश करवाने का जिक्र है। एडिशनल SP मनीष पर सिपाहियों से अपने कपड़े भी धुलवाने का आरोप है। वीडियो सामने आने के बाद ASP सिन्हा ने कहा कि दौड़ने के दौरान पैरों में ऐंठन आ गई थी। उसी दौरान मिथिलेश स्टेडियम में ये वीडियो बनाया गया है। 

कहा जा रहा है कि सिपाहियों ने सबूत के तौर पर ये वीडियो बनाया है, जिसे उन्होंने पटना के एसएसपी को भी भेजा है। सिपाहियों का कहना था कि इस काम से उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। ये सभी कॉन्स्टेबल दंगा निरोधक वाहन वज्र गाड़ी में तैनात थे। शिकायत करने वालों में 6 पुरुष और 4 महिला सिपाही हैं। हालाँकि, शिकायत पत्र पर 7 सिपाहियों ने हस्ताक्षर किए थे।

वहीं, पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि ये मामला पिछले महीने ही उनके सामने आया था, जिसकी जाँच करवा कर कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। एसएसपी ने रिपोर्ट को मीडिया से साझा कर पाने में असमर्थता जताई है। उनका कहना है कि शासन के निर्देशों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पिछले सप्ताह खगड़िया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक डॉक्टर अपने सहयोगी महिला डॉक्टर से फेस मसाज करवा रहा था। सदर पीएचसी (PHC) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी कृष्णा कुमार का फेस मसाज चंद्रपुरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ की Community Health Officer दीपिका सहनी कर रही थी।

डॉक्टर और महिला हेल्थ ऑफिसर की कुछ तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। फोटो में दोनों एक बिस्तर पर लेटे हुए थे। दोनों अधिकारी शादीशुदा हैं। इसके बाद भी दोनों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे। वीडियो वायरल होने के बाद खगड़िया के सिविल सर्जन ने दोनों को शोकॉज नोटिस जारी किया था।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने थाने पर हमला कर ईशनिंदा के आरोपित को पीटा, फिर आग के हवाले कर दिया: भीड़ में बच्चे भी शामिल, पाकिस्तानी पुलिस देखती रही

पाकिस्तान में लोग महंगाई और आर्थिक संकट के कारण भूखे मर रहे हैं, लेकिन इस्लामी कट्टरता है कि जाने का नाम नहीं ले रही है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार भी लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ईशनिंदा कानून को और कठोर करने जा रही है। इसका परिणाम ये हो रहा है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून से सस्ती लोगों की जिंदगी बन गई है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब में शनिवार (11 फरवरी 2023) को इस्लामवादियों की उन्मादी भीड़ ने दिनदहाड़े एक शख्स की पीट-पीट कर हत्या कर दी। इतना नहीं, उसे सार्वजनिक रूप से आग के हवाले कर दिया। इस घटना को लेकर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। मानवाधिकार समूहों ने शहबाज सरकार पर सवाल उठाए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप में 20 साल के मोहम्मद वारिस नाम के व्यक्ति को पुलिस हिरासत में रखा गया था। इसकी खबर जैसे ही चरमपंथियों को लगी, वे एक बड़े समूह में आकर वारबर्टन पुलिस स्टेशन की घेराबंदी कर दी।

पुलिस स्टेशन पहुँच कर उन्मादी भीड़ ने थाने और आसपास जमकर तोड़फोड़ की। मोहम्मद वारिस को पकड़कर भीड़ ने बुरी तरह पीटा शुरू कर दिया। इस मारपीट के बाद भीड़ ने जिंदा ही उसके शरीर को आग में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस चुपचाप देखती रही और भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की।

इस घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस घटना के जाँच के आदेश दिए हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि जब उन्मादियों ने मृतक को पकड़ने की कोशिश की, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की?

वीडियो में चरमपंथी भीड़ थाने की दीवार फांदती नजर आ रही है। इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) फिरोज भट्ट और ननकाना साहिब सर्किल के डिप्टी एसपी नवाज वारक को निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट भी माँगी थी।

पत्रकार मुबशिर जैदी द्वारा साझा किए गए एक अन्य वीडियो में यह देखा जा सकता है कि बैकपैक पहने हुए छोटे बच्चे भी कथित आरोपित को पीट-पीटकर मार डालने वाली भीड़ का हिस्सा थे। इसके अलावा, विजुअल्स से इस्लामवादियों द्वारा पुलिस स्टेशन को हुए नुकसान का भी पता चला।

पंजाब पुलिस के आधिकारिक हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया है, “नानकाना में कुरान का अपमान करने के आरोप में एक नागरिक की लोगों द्वारा हत्या करने की जानाकारी आईजी पंजाब को मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुँचकर जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया जाता है। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों और लापरवाही एवं अक्षमता के अपराधियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई है। फरवरी 2022 में खानेवाल जिले के एक दूरदराज के गाँव में कुरान के कथित अपमान को लेकर भीड़ ने एक अधेड़ व्यक्ति को मारा डाला था। उस अधेड़ व्यक्ति पर तब तक पत्थर मारे गए, जब तक वह मर नहीं गया।

दिसंबर 2021 में प्रियंता कुमारा नाम की एक श्रीलंकाई प्रबंधक को पाकिस्तान के सियालकोट में इस्लामी भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया था। एक वायरल वीडियो में इस जघन्य अपराध में शामिल दो आरोपितों ने कहा था, “कागज पर हुसैन का नाम लिखा हुआ था। उसने कागज फाड़कर फेंक दिया। मैंने अपने सहयोगी को सूचित किया कि यह गलत था। मैंने प्रबंधन से बात भी की थी और हम कारण इकट्ठे हुए थे।”

उसने आगे कहा था, “हमने उस पर तेल डाला और उसे आग लगा दी। जो कोई भी ईशनिंदा करेगा, उसके साथ भी वैसा ही सलूक किया जाएगा। हम पैगंबर मुहम्मद के लिए अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। हमारी हदीस में यह उल्लेख है कि हमें उन लोगों का सिर कलम करना चाहिए, जो हमारे नबियों का अपमान करते हैं।”

पाकिस्तान की सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की एक रिपोर्ट में कहा कि आजादी के बाद से देश में ईशनिंदा के 1,415 आरोपों में 89 नागरिक मारे गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1947 से 2021 तक ईशनिंदा के आरोप में 18 महिलाओं और 71 पुरुषों की हत्या कर दी गई। 107 महिलाओं और 1,308 पुरुषों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।

16 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में मुख़्तार अंसारी के बेटे की बेगम: शौहर को जेल से भगाने की रच रही थी साजिश, पुलिस को धमकाया – अच्छा नहीं होगा…

अब्बास अंसारी को जेल से भगाने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार उनकी पत्नी निकहत अंसारी को 16 फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया गया है। आज ही चित्रकूट के रगौली जिला जेल से उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद निकहत को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

मुख्तार अंसारी की बहू निकहत की गिरफ्तारी के बाद से ही कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर अब्बास अंसारी को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। पता चला है कि निकहत चोरी छुपे हर रोज जेल जाती थी। जेल में निकहत और शौहर अब्बास जेलर के कमरे में घंटो मुलाकात किया करते थे। इसी बीच शनिवार (11 फरवरी, 2023) को अचानक पड़े छापे में निकहत पकड़ी गई।

मामले में जेलर समेत कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में कुल 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में गिरफ्तार जेल अधिकारियों ने शुरुआती पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। जानकारी है कि अब्बास मोबाइल फोन से मुकदमे से जुड़े गवाहों और अधिकारियों को धमकाता था। अब्बास की बात न मानने वालों की हत्या करवाने की साजिश रची जा रही थी। मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक निकहत अंसारी अपने ड्राइवर नियाज के साथ मिलकर अब्बास को भगाने की साजिश रच रही थी। पुलिस ने ड्राइवर नियाज को भी गिरफ्तार किया है।

रिपोर्टों के मुताबिक छापे के दौरान जब महिला पुलिसकर्मियों ने निकहत को पकड़ा तो उन्होंने पुलिसकर्मियों का हाथ झटक दिया। निकहत ने हाथ पकड़ने वाली महिला पुलिसकर्मी को धमकाते हुए कहा कि मैं खुद चल रही हूँ, घसीटने की कोशिश की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। अधिकारियों को मुखबिर ने सूचना दी थी कि अब्बास की पत्नी निकहत हर रोज ड्राइवर नियाज के साथ जेल आती है। कई दिनों से हर रोज सुबह 11 बजे जेल आने के बाद वह 3-4 घंटे अब्बास के साथ बिताती है। दर्ज किए गए एफआईआर के मुताबिक निकहत को अब्बास से मिलने के लिए न किसी पर्ची की जरूरत होती थी न कोई रोकता टोकता था।

हो सकता है बड़ा खुलासा

डिप्टी जेलर के कमरे में पकड़ी गई निकहत के पास 2 मोबाइल फोन मिले हैं। निकहत के पास सऊदी अरब की मुदाएँ भी बरामद हुई हैं। निकहत की फोन की जाँच से पता चल सकता है कि जेल में बैठा अब्बास किन लोगों के संपर्क में था। इस बात का भी पता चल सकता है कि क्या अब्बास को मोबाइल के माध्यम से कहीं से रुपए भेजे जा रहे थे। बता दें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बी अब्बास और उसके पिता मुख्तार अंसारी जेल में बंद हैं। अब निखत के पास भी विदेशी करेंसी मिलने के बाद किसी बड़े खुलासे की आशंका जताई जा रही है।

डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने मीडिया को जानकारी दी है कि जेल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की जा रही है। उन्होंने कहा है कि एक हफ्ते का रिकॉर्ड देखा जाएगा जिससे मामले कई जानकारी मिलने की उम्मीद है। उधर मुख्तार अंसारी के दूसरे बेटे और अब्बास के भाई उमर अंसारी ने साजिश की बात कही है। उमर अंसारी ने कहा कि पहले उनके भाई को और अब उनकी भाभी को फँसाया जा रहा है।

कार्यक्रम का नाम – महाराष्ट्र उत्सव, हुआ क्या – महिला के जैकेट फाड़े, लाठी से पीटा, छेड़खानी की: उद्धव वाली शिवसेना का नेता गिरफ्तार

महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना उद्धव गुट के नेता और पूर्व डिप्टी मेयर नरेश मनेरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नरेश मनेरा पर एक पूर्व महिला पत्रकार ने मारपीट और छेड़खानी का आरोप लगाया है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 354 के साथ-साथ कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो घोड़बंदर के आनंद नगर में पूर्व महिला पत्रकार ने नरेश मनेरा और उनके 10-12 साथियों पर मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। दी गई शिकायत के अनुसार गुरुवार, (09 फरवरी, 2023) की रात एक कार्यक्रम की लाउडस्पीकर की आवाज से वह परेशान हो गई थी। दरअसल नरेश मनेरा ने इलाके में ‘महाराष्ट्र उत्सव’ नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया है।

लाउडस्पीकर की आवाज से परेशान महिला पत्रकार ने पहले तो स्थानीय पुलिस को फोन कर शिकायत दी। मौके पर पहुँची पुलिस को आयोजकों ने तवज्जोह दी। इसके बाद महिला खुद आयोजन स्थल पर पहुँची और आयोजक नरेश मनेरा को कार्यक्रम समाप्त करने के लिए कहा। आरोपों के मुताबिक, इस पर मौजूद लोगों ने उस पर हमला कर दिया जिसमें महिलाएँ व पुरुष शामिल थे। आरोप है कि भीड़ का फायदा उठाकर उनके साथ छेड़खानी की गई। उनके गले से सोने की चेन भी चोरी हो गई।

आरोप है कि नरेश और उनके लोगों ने भीड़ के सामने महिला का जैकेट पकड़ कर घसीटा। इतना ही नहीं एक शख्स ने उनकी लाठी से पिटाई की। पीड़िता ने कसारवदवली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के पति का आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार करने से बच रही थी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस के बड़े अधिकारियों से मदद माँगी। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने शनिवार (11 फरवरी, 2023) को नरेश मनेरा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

ईसाई मजहब नहीं अपनाया तो दर्ज करा दिया छेड़खानी का मुकदमा, घर में फेंक देते थे मांस: दिव्यांग युवती की मौत, धर्मांतरण कर ईसाई बने पड़ोसियों का अत्याचार

मध्य प्रदेश के इंदौर में काजल नाम की एक दिव्यांग युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला गुरुवार (09 फरवरी, 2023) की रात और शुक्रवार (10 फरवरी, 2023) की सुबह का है। काजल की बड़ी बहन खुशबू और पिता गोपाल यादव ने पड़ोसी दशरथ अहिरवार पर धर्म-परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पड़ोसी की वजह से काजल डिप्रेशन में थी।

रिपोर्टों के अनुसार इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र के सोलंकी नगर में गोपाल यादव अपने परिवार के साथ रहते हैं। गोपाल इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं। उनकी तीन बेटियाँ और एक 4 साल का बेटा है। गोपाल की दूसरी बेटी काजल (24 साल) की मौत हुई है। गोपाल और उनकी बड़ी बेटी खुशबू का आरोप है कि घर के सामने रहने वाला ईसाई परिवार पहले अहिरवार सरनेम लगाता था। पूरा परिवार धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन गया। इसके बाद गोपाल पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाने लगा। ईसाई धर्म अपनाने के लिए कई प्रलोभन भी दिए गए।

गोपाल ने जब अपना धर्म छोड़ने से इनकार कर दिया तो धर्मांतरित ईसाई परिवार गोपाल के परिवार को परेशान करने लगे। आरोप है कि उन्हें पूजा पाठ करते देख घर के पास अंडे व मांस के टुकड़े फेक दिए जाते। आरती के समय तेज आवाज में ईसाई उपदेश बजाया जाता। बड़ी बेटी घर से बाहर निकलती तो उसका रास्ता रोक लिया जाता। इन सब से भी जब मन नहीं भरा तो उनलोगों ने गोपाल पर छेड़खानी का झूठा मुकदमा करवा दिया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद गोपाल अपने घर पर कम ही वक्त गुजारने लगे। केस दर्ज होने के बाद गोपाल का काम भी प्रभावित हुआ और परिवार में परेशानी ने घर कर लिया। ऐसे में दिव्यांग काजल अवसाद का शिकार हो गई। बड़ी बहन के मुताबिक घर की परेशानी की वजह से वह रोती रहती थी। यहाँ तक की कई दिनों से काजल ने खाना-पीना छोड़ दिया था। इसी बीच गुरुवार रात को जब वह सोई तो सुबह उठी ही नहीं।

गोपाल ने काजल की लाश के साथ विजय नगर थाने में प्रदर्शन किया और पुलिस से ईसाई परिवार के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने कहा है कि शिकायत के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिस रिसर्चर ने की तुर्की में भूकंप की सटीक भविष्यवाणी, उसने अब भारत को लेकर कही ये बात…

सोमवार (6 फरवरी, 2023) को आए भूकंप ने तुर्की और सीरिया में भारी तबाही मचाई। भूकंप से अब तक 24000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालाँकि, इस भूकंप को लेकर 2 दिन पहले ही भविष्यवाणी कर दी गई थी। निश्चित तौर पर भविष्यवाणी की बात अजीबोगरीब लग सकती है लेकिन यह सच है। यही नहीं भविष्यवाणी करने वाले व्यक्ति ने अब भारत में भूकंप को लेकर भी भविष्यवाणी की है।

दरअसल यह भविष्यवाणी भूकंपीय गतिविधि का अध्ययन करने वाले सोलर सिस्टम जियोमेट्री सर्वे के (SSGEOS) एक रिसर्चर फ्रेंक होगरबीट्स ने की थी। उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “आज नहीं तो कल, जल्द ही दक्षिण-मध्य तुर्की, जॉर्डन, सीरिया और लेबनान में 7.5 तीव्रता का भूकंप आएगा।”

फ्रेंक होगरबीट्स के इस ट्वीट के बाद यूजर्स ने भला-बुरा कहते हुए प्रतिक्रिया दी थी। कुछ यूजर्स ने तो उन्हें ‘झूठा भविष्यवक्ता’ तक करार दिया था। हालाँकि, इसके बाद 6 फरवरी की सुबह 4 बजे तुर्की में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया।

भूकंप आने के बाद फ्रेंक होगरबीट्स की भविष्यवाणी सच हो गई थी। लेकिन इसके बाद सोमवार (6 फरवरी 2023) को ही के बाद होगरबीट्स ने अपनी रिसर्च एजेंसी SSGEOS के एक ट्वीट को रीट्वीट किया। इस ट्वीट में एक और तेज भूकंप आने की बात कही गई थी। इस ट्वीट के कुछ घण्टों बाद तुर्की में एक और भूकंप आया। रिएक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी गई। यानी होगरबीट्स को एक और भविष्यवाणी सच हुई।

भारत को लेकर भविष्यवाणी…

तुर्की में भूकंप आने की 2 सटीक भविष्यवाणी कर चुके होगरबीट्स ने अब भारत में भूकंप को लेकर भी ऐसा ही दावा किया है। उनके इस दावे वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जॉस क्विंटन द्वारा शेयर किए गए वीडियो में फ्रेंक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में एशिया के अलग-अलग भागों में जमीन के भीतर हलचल होने संभावना है।

उन्होंने आगे कहा है कि हलचल पाकिस्तान और अफगानिस्तान से होते हुए हिंद महासागर के पश्चिम की तरफ हो सकती है। भारत इसके बीच में होगा। वहीं चीन में भी आने वाले कुछ दिनों में भूकंप आ सकता है। हालाँकि होगरबीट्स ने इस बार भी भूकंप की तीव्रता और समय के बारे में कुछ भी नहीं कहा है।

जैसा कि हमने पहले भी बताया है फ्रैंक होगरबीट्स SSGEOS नामक संस्था में काम करते हैं। इस संस्था ने अपनी वेबसाइट में लिखा है, “SSGEOS सोलर सिस्टम के ज्यामितीय सर्वे के लिए बहुत छोटा संस्थान है। हम भूकंपीय गतिविधि से संबंधित खगोलीय पिंडों के बीच ज्यामिति की निगरानी कर शोध करते हैं।” इसके अलावा, इस वेबसाइट में ग्रहों की स्थिति को लेकर कुछ फोटोज भी अपलोड किए गए हैं। इन फोटोज के साथ भूकंप आने की घटनाओं का जिक्र है।

(फोटो साभार : SSGEOS)

साथ ही वेबसाइट में कहा गया है, “हमारा ध्यान लगभग 6 और इससे अधिक तीव्रता वाले भूकंपों पर है। इस श्रेणी में भूकंप तब अधिक आते हैं जब ग्रह और चंद्रमा सौर मंडल में विशिष्ट स्थिति में पहुँच जाते हैं। ऐसे समय में बड़े भूकंप देखने को मिलते हैं। इसका एक अच्छा उदाहरण दिसंबर 2016 का है। इस पूरे महीने अधिक महत्वपूर्ण ग्रहों की स्थिति के कारण अधिक भूकंप आए थे। इसको लेकर हमने पहले ही 3 चेतावनी जारी की थी।”

(फोटो साभार : SSGEOS)

हालाँकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंप को लेकर ऐसी भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। वास्तव में अब तक ऐसे किसी भी शोध को लेकर स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फ्रैंक होगरबीट्स की भविष्यवाणी पर अब भी संदेह जताए जा रहे हैं। लेकिन यदि उनकी भविष्यवाणी इसी तरह सही होती रहीं तो निश्चित रूप से इसे विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।

जामिया हिंसा की सुनवाई कर रहे जज ने इस मामले से खुद को अलग किया: आरोपित शरजील इमाम और सफूरा सहित 11 को किया था बरी

साल 2019 के दिसम्बर माह में दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की सुनवाई करने वाले जज ने खुद को केस से अलग कर लिया है। जज के मुताबिक, उन्होंने ये फैसला अपने निजी कारणों के चलते लिया है। जज का नाम अरुल वर्मा है, जो साकेत कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हैं। न्यायाधीश ने इस फैसले की जानकारी शुक्रवार (10 फरवरी 2023) को कोर्ट रूम से साझा की है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, शुक्रवार को इस केस की सुनवाई कोर्ट में शुरू होने जा रही थी। इस दौरान एक आरोपित की तरफ से वकील दीक्षा द्विवेदी मौजूद थीं। वकील दीक्षा ने बताया कि सुनवाई शुरू होने से पहले ही न्यायाधीश अरुल वर्मा ने खुद को इस केस से अलग करने की कोर्ट में ही जानकारी दी।

दीक्षा के मुताबिक, जब उन्होंने जज के इस फैसले को दुखद बताया तब न्यायाधीश ने उन्हें तंत्र और न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि इस केस से खुद को हटाने का निर्णय न्यायाधीश अरुल वर्मा ने अपना निजी फैसला बताया।

बताया जा रहा है कि न्यायाधीश अरुल वर्मा द्वारा केस से खुद हटने के बाद किसी और जज से सुनवाई कराए जाने की प्रार्थना साकेत कोर्ट के जिला जज के पास भेजी गई है। इस प्रार्थना पत्र पर अगली सुनवाई की तारीख सोमवार (13 फरवरी 2023) को तय हुई है। अरुल वर्मा की कोर्ट में जामिया से जुड़े 2 केसों की सुनवाई हो रही है। ये हिंसा क्रमशः 13 और 15 दिसंबर को हुई थी।

गौरतलब है कि 4 फरवरी 2023 को न्यायाधीश अरुल वर्मा की कोर्ट ने ही शरजील इमाम, सफूरा जरगर, आसिफ इक़बाल तनहा के साथ 8 अन्य आरोपितों को हिंसा के एक केस में बरी कर दिया था। यह फैसला देते हुए न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न दे पाने को वजह बताई थी।

अपनी टिप्पणी में न्यायाधीश अरुल वर्मा ने यह भी कहा था कि बरी किए गए आरोपितों को फँसाकर हिंसा के मुख्य सूत्रधार को बचाने का रास्ता बना दिया गया है। हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर हाईकोर्ट सुनवाई के लिए तैयार भी हो गया है।

विदेशी आक्रांताओं द्वारा रखे गए नामों को बदला जाए: वकील अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की PIL, कहा- नाम पता करने के लिए बने रीनेमिंग कमीशन

वकील अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर विदेशी आक्रमणकारियों के नामों पर रखे गए शहरों व स्थानों के नाम बदलने की माँग की है। उपाध्याय ने कोर्ट से एक रीनेमिंग कमीशन बनाने की माँग की है, जिसका काम बदले गए स्थानों के वास्तविक नाम का पता लगाना होगा। उन्होंने अपनी याचिका के साथ 1,000 नामों की एक सूची भी कोर्ट सौंपी है। याचिका में उन्होंने न्यायालयों द्वारा पूर्व में दिए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया है।

सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दिए जाने की जानकारी देते हुए अश्विनी उपाध्याय ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में वे इस पीआईएल के विषय की जानकारी दे रहे हैं। उपाध्याय ने जानकारी दी कि पीआईएल में उन्होंने रीनेमिंग कमीशन बनाने की माँग की है। कमीशन आक्रांताओं द्वारा बदले गए स्थानों के नामों की पहचान कर उसके वास्तविक नाम का पता लगाएगा। इसके बाद सरकारें उसे बदलने का काम करेंगी।

वकील उपाध्याय ने याचिका के साथ 1000 स्थानों के नाम कोर्ट के सामने रखे, जिन्हें आक्रान्ताओं ने बदल दिया था। याचिका के अनुसार, बिहार के बेगूसराय का नाम अजातशत्रु नगर था, जो बर्बर बेगू के नाम पर बेगूसरया बन गया। मुजफ्फरपुर को विदेहपुर के नाम से जाना जाता था। हरिपुर का नाम हाजीपुर किया गया। द्वार बंगा को क्रूर दरभंग खान के कारण दरभंगा कहा जाने लगा।

नालंदा को जलाने वाले बख्तियार के नाम पर पटना के पास बख्तियारपुर शहर है। इसके अलावा उन्होंने याचिका में बिहार शरीफ और जमालपुर जैसे बिहार के शहरों का उल्लेख किया है। याचिका में बिहार के शहरों के अलावा देश भर के अन्य शहरों का भी नाम दिया गया है। उनमें अहमदाबाद, होशंगाबाद, दौलताबाद, औरंगाबाद, उस्मानाबाद, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, फरीदाबाद, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ जैसे स्थान शामिल हैं।

बता दें कि पिछले दिनों ही राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया था। हालाँकि, दिल्ली में अब भी कई जगहों के नाम मुगल आक्रान्ताओं के नामों पर ही हैं। दिल्ली में ही बाबर रोड, अकबर रोड, जहाँगीर रोड, औरंगजेब रोड, तुगलक रोड जैसे सड़कों के नाम हैं। याचिका में शहरों के साथ-साथ सड़कों और ऐतिहासिक स्थानों के नाम बदलने के लिए भी कदम उठाने की माँग की गई है।

ठुकरा दिए ₹25 लाख, लेकिन खाने में अंडा नहीं डाला… मास्टरशेफ की अरुणा विजय पर जैन समाज कर रहा गर्व

Sony TV पर आने वाले रियलिटी शो ‘मास्टर शेफ इंडिया’ में एक जैन महिला ने अंडा वाली डिश बनाने से मना कर दिया। महिला ने 25 लाख रुपए की इनाम राशि को हारना स्वीकार किया, लेकिन अपने मूल्यो-सिद्धांतों एवं परंपराओं से समझौता नहीं किया। इस महिला का नाम है अरुणा विजय। इनकी आजकल खूब चर्चा हो रही है और लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।

दरअसल, मास्टर शेफ इंडिया प्रोग्राम में देश भर के शेफ हिस्सा लेते हैं और तरह-तरह के पकवान बनाकर इस रियलिटी शो में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। सबसे अच्छे शेफ को पुरस्कार भी दिया जाता है। पकवान क्या बनवाना है, यह रियलिटी शो के जज तय करते हैं।

इसी शो में तमिलनाडु की जैन धर्म से ताल्लुक रखने वाली अरुणा विजय ने भी हिस्सा लिया था। अरुणा अपनी पाक कला की वजह से इस रियलिटी शो में टॉप-10 प्रतिभागियों में अपना स्थान बना लिया था। इसमें जो शख्स चुना जाता, उसे 25 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाता।

अरुणा विजय को जो डिश दिया गया था, उसमें अंडा डालने को कहा गया। अरुणा ने इससे साफ मना कर दिया। उन्होंने 25 लाख रुपए की ईनामी दौड़ से पीछे रहने का फैसला किया। अरुणा के इस कदम पर मारवाड़ी और समाज गौरवान्वित हो रहा है।

इसको लेकर अरुणा ने खुद ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में अरुणा ने लिखा, “मैंने एक अंडे के लिए इम्युनिटी पिन छोड़ दी। प्राउड जैन! आप कभी भी अपने सिद्धांतों को छोड़कर सफलता के पीछे ना भागें। सफलता को अपने मूल्यों का सम्मान करते हुए अपने पीछे आने दें। आपके मूल्य आपको विजेता बनाते हैं। #MasterChefIndia #eggchallenge #proudjain #ahimsaparmodharam #Jainism #immunitypin”

बता दें कि जैन धर्म के लोग अहिंसा में विश्वास करते हैं और शाकाहार का पालन करते हैं। ऐसे में रियलिटी शो में जैन धर्म से ताल्लुक रखने वाली अरुणा से डिश में अंडा डालने के लिए कहा गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से मना कर दिया।

मास्टरशेफ इंडिया के टॉप-10 में अलग-अलग हिस्सा के अलग-अलग लोग शामिल थे। इस रियलिटी शो में देश भर के कुल 36 लोगों ने हिस्सा लिया था। यह शो सोनी टेलीविजन पर सोमवार से शुक्रवार को रात 9 बजे टेलीकास्ट होता है।

NIA ने बंगलुरु से आतंकी आरिफ को दबोचा: पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, अफगानिस्तान और ईरान भागने की फिराक में था

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बेंगलुरु से संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान आरिफ के रूप में हुई। आरोप है कि गिरफ्तार कट्टरपंथी आरिफ इंटरनेट के जरिए देश के बाहर बैठे आतंकियों के संपर्क में था। वह अफगानिस्तान और ईरान जाकर आतंकी संगठन में शामिल होने की फिराक में था। गिरफ्तारी शनिवार (11 फरवरी, 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी आरिफ पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह बेंगलुरु में ही एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था। आरोप है कि वह बीते दो साल से इंटरनेट के जरिए आतंकी संगठन अलकायदा के संपर्क में था। हालाँकि, इससे पहले उसके किसी भी आतंकी गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि गिरफ्तार आतंकी आरिफ इस्लामिक आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के खुरासान ग्रुप (ISK) में शामिल होना चाहता था। इसके लिए अफगानिस्तान व ईरान जाने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई के लिए एनआईए आरिफ से पूछताछ कर रही है। साथ ही उसका लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर जाँच की जा रही है।

कोलकाता से गिरफ्तार हुए थे 2 आतंकी

बता दें कि इससे पहले गत 7 जनवरी 2023 को पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स ने 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल एनआईए इस मामले की जाँच कर रही है। रिपोर्ट्स में एनआईए सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आरोपित लंबे समय से एनआईए की मोस्ट वांटेड की सूची में थे। आतंकियों की पहचान मोहम्मद सद्दाम और सैयद अहमद के रूप में हुई थी। सद्दाम बीते दो साल से ISIS के संपर्क में था।

शुरुआती जाँच में सामने आया था कि दोनों आतंकी ISIS में शामिल कराने के लिए मुस्लिम युवकों का ब्रेनवॉश कर रहे थे। साथ ही अपने नेटवर्क को बड़ा करने के लिए धन जुटा रहे थे। दोनों मुस्लिमों को देश के खिलाफ लड़ाई छेड़ने के लिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और पोस्ट शेयर करते थे। अधिकारियों को शक है कि कुछ नौजवान उनके बातों में आ गए हैं। एजेंसियों को शक है कि उनके पीछे किसी बड़े इस्लामी आतंकी संगठन का हाथ है जो पाकिस्तान या किसी अन्य देश से ऑपरेट कर रहे हैं।