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SC ने खारिज की राणा अयूब की याचिका, लटकी गिरफ्तारी की तलवार: गरीबों के नाम पर करोड़ों खाने का आरोप, खुद को बताती हैं ‘बेगुनाह’

मनी लांड्रिंग केस में बच निकलने का जुगाड़ निकाल रहीं वामपंथी प्रोपेगेंडा पत्रकार राणा अयूब को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राणा अयूब की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने गाजियाबाद की एक अदालत द्वारा जारी सम्मन को चुनौती थी जिसमें उनसे हाजिर होने को कहा गया था। सम्मन के मुताबिक राणा को 27 दिसंबर 2022 तक कोर्ट में हाजिर होना था जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। याचिका ख़ारिज होने के बाद अब राणा अयूब को अदालत में हाजिर होना ही पड़ेगा। अयूब के खिलाफ मनी लांड्रिंग का यह केस प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दर्ज करवाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राणा अयूब की तरफ से सीनियर एडवोकेट वृंदा ग्रोवर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं थीं। राणा अयूब को गाजियाबाद की विशेष अदालत ने 27 दिसंबर 2022 को पेश होने का निर्देश दिया था। इस निर्देश और सम्मन के खिलाफ राणा अयूब सुप्रीम कोर्ट गईं थीं जिस पर 31 जनवरी 2023 को सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षा रख लिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने राणा अयूब की याचिका ख़ारिज कर दी है। याचिका ख़ारिज होने के बाद राणा अयूब पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल राणा अयूब पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘Ketto’ के जरिए अवैध तौर पर पैसे जुटाने का आरोप है। ये पैसे कोरोना काल के दौरान गरीबों की मदद के लिए जुटाए गए लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हुआ। दान की यह राशि ₹2.69 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि जनसेवा के लिए मिले पैसे का प्रयोग राणा अयूब ने अपने और अपने परिवार के लिए किया और उससे बैंक के एफ डी बनवा डाली। मामले की जाँच कर रही ED ने इस बावत केस दर्ज करवाया और अक्टूबर 2022 में अदालत में पर्याप्त सबूत भी जमा करने का दावा करते हुए चार्जशीट दाखिल की है।

हालाँकि राणा अयूब ने इस मामले में खुद को बेगुनाह बताते हुए इस केस को खुद को फँसाने की साजिश बताया। इस मामले में गाजियाबाद की PMLA स्पेशल कोर्ट ने पहले तो राणा अयूब को जमानत दे दी थी लेकिन बाद में ED द्वारा सबूत पेश किए जाने पर सम्मन जारी करते हुए 27 दिसंबर 2022 को हाजिर होने का आदेश दिया था। राणा अयूब कोर्ट में पेश होने के बजाए इसी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँची थी।

‘आदिल मारता था मुझे, शरीर पर निशान दिखते थे’: राखी सावंत ने थाने में की शौहर की शिकायत, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोईं

राखी सावंत और उनके शौहर आदिल खान के रिश्तों में चल रही उथल-पुथल के बीच एक नया मोड़ आया है। राखी सावंत ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वो आदिल से उन्हें बचाएँ। इस वीडियो में राखी सावंत ने रोते हुए आदिल पर उन्हें पीटने का आरोप लगाया। राखी सावंत ने अपने बयान में किसी और लड़की का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि उसी लड़की की वजह से उनका घर टूटा। राखी की यह वीडियो सोमवार (6 फरवरी 2023) की रात का बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राखी सावंत ने आदिल के खिलाफ मुंबई के ओशिवारा थाने में तहरीर दी है। इस तहरीर में उन्होंने आदिल पर अपनी पिटाई का आरोप लगाया है। थाने के पास जब उन्हें मीडियाकर्मियों ने रोका तो वो फूट-फूट कर रोने लगीं। राखी ने बताया कि आदिल किसी और लड़की के चक्कर में फँसे हुए हैं। उन्होंने आदिल के शरीर पर ढेर सारी लव बाइट (प्रेम चिन्ह) होने का भी दावा किया। राखी सावंत ने ये भी कहा कि उन्होंने आदिल को कहा था कि उनके पास आदिल के सिवा कोई नहीं है पर फिर भी उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

इसी बयान में राखी ने यह भी कहा कि जब उन्होंने आदिल की पोल मीडिया में खोलने की चेतावनी दी तो आदिल पर कोई फर्क नहीं पड़ा। राखी के मुताबिक आदिल ने उन्हें जवाब दिया, “जाओ जिस से कहना है कह दो, तुम्हारी बात पर यकीन कौन करेगा।” पुलिस स्टेशन जाने के दौरान राखी सावंत ने हिजाबनुमा सफेद रंग का एक स्कार्फ भी पहन रखा था।

आदिल की गर्लफ्रेंड का नाम तनु

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक राखी सावंत ने आदिल की गर्लफ्रेंड का नाम तनु बताया है। राखी का दावा है कि आदिल ने तनु के चक्कर में पड़ कर उन्हें छोड़ दिया है। राखी सावंत का दावा है कि आदिल ने उनके 4 लाख रुपए और गहने भी हड़प लिए हैं। राखी का दावा है कि वो अपने पैसे और गहने वापस लेने के लिए आदिल को कोर्ट में तलब करेंगी क्योंकि उनके पास सारे सबूत मौजूद हैं। रोते हुए राखी सावंत ने कहा कि उनका शादी से भरोसा उठ चुका है और उनकी जिंदगी बदतर बन चुकी है।

राखी सावंत ने तनु को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “शर्म करो तनु, तुमने मेरे पति को चुरा लिया है। आखिर कितने दिन रखोगी उसे अपने पास। याद रखना जो अपनी बीवी का नहीं हुआ तो तुम्हारा क्या होगा।” हालाँकि बाद में राखी सावंत ने इसे अपना भाग्य बताया।

नाबालिग बच्ची पर मौलाना की गंदी नजर, मदरसे में बहाने से बुलाकर रेप किया: देहरादून कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, भरना होगा ₹50 हजार का जुर्माना भी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की एक अदालत ने मदरसे में नाबालिग लड़की से रेप के आरोपित मौलाना को 20 साल जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपित जीशान पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका है जिसमें से 40 हजार रुपए पीड़िता को देने होंगे। इस केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने बयान से मुकर भी गई थी और उसके माता-पिता भी किसी अपराध से इंकार कर रहे थे। हालाँकि पुलिस की पैरवी और मेडिकल जाँच से मिले सबूतों को कोर्ट ने सजा के लिए पर्याप्त माना।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला 19 मार्च 2020 का है। यहाँ देहरादून के पटेल नगर थानाक्षेत्र में एक पिता टैक्सी चला कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था। घर में पत्नी के अलावा 14 साल की एक बेटी भी थी। इस परिवार के बगल में जीशान नाम का लगभग 30 साल का एक मौलाना भी रहता था। वह पड़ोस के मदरसे में दीनी तालीम देता था। वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी थानाक्षेत्र का रहने वाला है। जीशान लड़की पर बुरी नजर रखता था। घटना के दिन लड़की का पिता कहीं बाहर काम से गया था।

अपनी शिकायत में पीड़िता के पिता ने बताया कि घटना के दिन उनकी बेटी अपने आँगन में झाड़ू लगा रही थी। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले और पहले से परिचित मौलाना जीशान ने पीड़िता से पानी माँगा। लड़की विश्वास कर के आरोपित के पास पानी ले कर गई तो जीशान ने उसे मदरसे के एक कमरे में बंद कर लिया। इस दौरान उसने नाबालिग से रेप किया। बाद में किसी को बताने पर जान से मार डालने की धमकी भी दी। डरी-सहमी लड़की ने अपने परिवार वालों को पूरी बात बताई। परिजनों ने मामले में FIR दर्ज करवाई जिसके बाद पुलिस ने 20 मार्च 2020 को जीशान को गिरफ्तार कर लिया। यह केस पॉक्सो एक्ट और IPC की धारा 376 के तहत दर्ज किया गया था।

सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने बयान से मुकर गई थी। पीड़िता के साथ उसके माता-पिता भी केस में पीछे हटने लगे थे। हालाँकि पुलिस ने अपनी पैरवी जारी रखी। इस दौरान आरोपित मौलाना जीशान व पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट सजा का बड़ा आधार बनी। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मीना देउपा ने जीशान को 20 साल कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि न जमा करने पर जीशान को 2 महीने और अधिक जेल काटना होगा। इस 50 हजार रुपए के जुर्माने में 40 हजार रुपए पीड़िता को दिए जाएँगे। फ़िलहाल जीशान को जेल भेज दिया गया है। कोर्ट में पुलिस का पक्ष सरकारी वकील अल्पना थापा ने रखा था।

4300 मौतें, 15 हजार घायल, 5600 बिल्डिंग तबाह: भूकंप से तुर्की-सीरिया में हाहाकार; भारत ने बचाव के लिए IAF विमान भेजा, NDRF टीमें साथ में

तुर्की में सोमवार (6 फरवरी 2023) को आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत ने भी हाथ बढ़ाए हैं। भारतीय वायुसेना का विमान C- 17 बचाव दल और राहत सामग्री के साथ तुर्की के लिए रवाना हो चुका है। इस बचाव दल में NDRF की टीम मौजूद है। वहीं तुर्की और सीरिया मिला कर भूकंप से अब तक मरने वालों की संख्या 4000 पार कर गई है। खराब मौसम के साथ बार-बार आ रहे झटके बचाव कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।

तुर्की और सीरिया को बुरी तरह से प्रभावित करने वाला भूकंप आने के कुछ ही देर बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ित देशों को हर सम्भव मदद देने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद पहली खेप के तौर पर भारतीय वायुसेना का C-17 विमान सोमवार की रात (6 फरवरी 2023) को NDRF टीम के साथ तुर्की रवाना हो गया है। विमान के कुछ ही समय बाद तुर्की पहुँचने की संभावना है। इस विमान में खोजी कुत्तों, मेडिकल सामानों के साथ लोगों को मलबे से निकालने में काम आने वाली मशीनें भी मौजूद हैं।

भारतीय वायुसेना का कहना है कि ये खेप बड़े स्तर पर भेजे जाने के लिए प्रस्तावित मदद का एक हिस्सा है। वायुसेना के मुताबिक इस बचाव अभियान को भारत के कई विभाग सामूहिक रूप से मिलकर पूरा कर रहे हैं।

तेजी से बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा

वहीं तुर्की और सीरिया को मिला कर मौतों का आंकड़ा 4300 पार कर गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घायलों की संख्या भी 15 हजार के पार हो चुकी है। वहीं भूकंप से तबाह बिल्डिंगों का आँकड़ा 5600 से अधिक बताया जा रहा है। आपदा से मरने वालों में अकेले तुर्की से 2379 लोग शामिल हैं। सीरिया सरकार के कब्ज़े वाले इलाके में 711 और विद्रोहियों के कब्ज़े वाले क्षेत्र में 740 लोगों के मौत की खबर है। वहीं गयालों में सीरिया से 3531 और तुर्की से 14483 लोग बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गयालों और मौतों के आँकड़े अभी और बढ़ सकते हैं।

राहत और बचाव कार्यों में भूकंप के लगातार आ रहे झटक भी बाधा डाल रहे हैं। तुर्की और सीरिया में अब तक कुल 77 झटके आने की जानकारी मिल रही है। इसमें रिक्टर स्केल पर 6 से 7.5 के बीच तीव्रता वाले झटके भी शामिल हैं।

पाकिस्तान का बिना विकिपीडिया नहीं चला काम, 1 हफ्ते में ही बैन हटाया: PM शहबाज शरीफ ने अपना फैसला बदला, कहा- इससे ज्ञान मिलता है

पाकिस्तान ने महज एक हफ्ते में विकिपीडिया के आगे घुटने टेक दिए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री होने के बावजूद भी कहा कि इसे अनब्लॉक किया जाए। पीएम के निर्देश के बाद पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण द्वारा विकिपीडिया से प्रतिबंध हटा दिया गया।

सामने आई जानकारी के अनुसार पीएम शहबाज शरीफ ने विकिपीडिया को तत्काल रूप से देश में चालू करने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक विकिपीडिया ब्लॉक किए जाने के मामले पर मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने मामले पर विचार करके पाया कि विकिपीडिया एक उपयोगी साइट है जिससे सामान्य जन, छात्र और शिक्षाविद ज्ञान पाते हैं।

समिति ने कहा था, “विकिपीडिया एक उपयोगी साइट है जिसने आम जनता, छात्रों और शिक्षाविदों के लिए ज्ञान और सूचना के प्रसार का समर्थन किया। कुछ आपत्तिजनक सामग्री को लोगों तक पहुँचने से रोकने के लिए पूरी साइट को प्रतिबंधित करना उचित उपाय नहीं है। इस व्यापक प्रतिबंध के अनपेक्षित परिणाम हैं। इसलिए इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।”

तीन सदस्यीय मिनिस्ट्रीयल कमेटी के सुझाव के बाद शहबाज शरीफ ने अपना फैसला बदल दिया। साथ ही सुझाव माँगे कि किस तरह से प्लेटफॉर्म पर मौजूद गलत कंटेंट से बचा जा सकता है।

बता दें कि 3 फरवरी को पाकिस्तान ने विकिपीडिया पर मौजूद कुछ आपत्तिजनक सामग्री के कारण इसपर सख्ती दिखाई थी। उन्होंने कंटेंट को मद्देनजर रखते हुए विकिपीडिया से जवाब देने को कहा था। हालाँकि प्लेटफॉर्म ने आपत्तिजनक या ईशनिंदा से संबंधित सामग्री हटाने से इनकार कर दिया और इसके बाद पाकिस्तान ने उनपर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया

2300 पहुँचा मृतकों का आँकड़ा: तुर्की-सीरिया के अलावा थर्राया था इजरायल और लेबनान भी, तेज़ी से बढ़ रही मृतकों की संख्या

तुर्की और सीरिया में आए तीन शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। अब तक कुल 2300 लोगों के मारे जाने की खबर है। अब भी मलबे में दबे लोगों को निकाला जा रहा है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई तस्वीर शेयर किए जा रहे हैं, जो भूकंप की भयावहता बताने के लिए काफी है। भूकंप के झटके इजरायल और लेबनान में भी महसूस किए गए थे। हालाँकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वहाँ जान-माल की क्षति नहीं होने की जानकारी मिल रही है। भूकंप का केंद्र तुर्किये था। इसलिए वहाँ सबसे ज्यादा क्षति की सूचना मिल रही है।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के हवाले से बताया, “तुर्की और सीरिया में घातक भूकंपों के कारण अब तक 2300 से अधिक लोग मारे गए हैं। तुर्की में 7.8, 7.6 और 6.0 तीव्रता के लगातार तीन विनाशकारी भूकंप आए।”

उल्लेखनीय है कि ये भूकंप तीन अलग-अलग समय पर आया, जिससे लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। पहला भूकंप सुबह चार बजे, दूसरा भूकंप सुबह दस बजे और तीसरा भूकंप दोपहर 3 बजे आया। रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा 78 आफ्टर शॉक्स भी महसूस किए गए। बताया जा रहा रहा है कि सीरिया के अलेप्पो और हमा शहर में भी काफी नुकसान हुआ है। सीरिया में तुर्की से सटे इलाकों में कई इमारतें गिर गईं और इसकी राजधानी दमिश्क में भी भूकंप के झटकों के बाद लोग सड़कों पर आ गए थे। वहीं दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुःख जताया था।

उन्होंने सोमवार (6 फरवरी, 2023) को ट्वीट किया, “तुर्की में आए भूकंप के कारण जनहानि और संपत्तियों को हुए नुकसान से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएँ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। इस विपत्ति की घड़ी में भारत तुर्की के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। इस भूकंप की त्रासदी से निपटने में हरसंभव मदद के लिए हम तैयार हैं।”

हर हाजी को ₹50000 की बचत, पहली बार आवेदन शुल्क भी FREE: मोदी सरकार लेकर आई नई हज पॉलिसी, सूटकेस-चादर के लिए सीमा शुल्क भी खत्म

केंद्र सरकार ने हज यात्रा को लेकर बड़ी घोषणा की है और हज पॉलिसी 2023 में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब हज यात्रा करने के लिए यात्रियों को आवेदन शुल्क नहीं चुकाना होगा। पहले हज यात्री इसके लिए 400 रुपए देते थे। इसे अब मुफ्त कर दिया गया है। इसके साथ ही नई पॉलिसी के तहत नियम कुछ इस तरह बनाए गए हैं कि प्रत्येक यात्री अब कम से कम अपने यात्रा खर्च से 50,000 रुपए तक बचा पाएँगे।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, “नई ऐतिहासिक हज पॉलिसी से तीर्थयात्रियों को वित्तीय राहत मिलेगी। आवेदन पत्र को पहली बार मुफ्त कर दिया गया है। हज पैकेज की लागत लगभग 50 हजार रुपए कम कर दी गई है।”


उल्लेखनीय है कि पहले हाजियों से बैग, सूटकेस और चादर इत्यादि चीजों के लिए पैसा लिया जाता था। सरकार अब इन चीजों को शुल्क नहीं लेगी। हज यात्री अपने हिसाब से अब सामान खरीद कर ले जा सकेंगे। इसके साथ ही इस बार दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं को हज यात्रा के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। नई हज पॉलिसी के तहत महिलाओं, नवजातों, दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए एमबार्गेशन पॉइंट (Embarkation Points) वृहत पैमाने पर चयन किया गया है और इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार 25 एमबार्गेशन पॉइंट बनाए गए हैं और ये हाजी की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वह किस एमबार्गेशन पॉइंट का चयन करते हैं। साथ ही हाजी द्वारा प्राइवेट संस्थानो से कराया गया मेडिकल जाँच मान्य नहींं होगा। हाजियों को अब सरकारी अस्पतालों में ही अपनी मेडिकल जाँच करवानी होगी।

नए नियम के मुताबिक, इस बार 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिला भी अकेले हज जाने के लिए आवेदन कर सकेंगी। साथ ही 80 प्रतिशत हाजी इस बार हज कमेटी की तरफ से हज करने जाएँगे और 20 फीसदी प्राइवेट ऑपरेटर के जरिए यात्रा करेंगे। यह पहली बार होगा जब सरकार ने हज यात्रा के लिए वीआईपी कोटा समाप्त कर दिया है। अब किसी को भी हज यात्रा के लिए वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। सभी सामान्य यात्रियों की तरह ही यात्रा करेंगे।  

‘ये वही HAL है, जिसे लेकर लोगों को भड़काने की साजिशें रची गईं’: हैलीकॉप्टर फैक्ट्री का उद्घाटन कर गरजे PM मोदी, कहा – कर्नाटक ऋषियों-मनीषियों की भूमि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के तुमारुकु में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक संतों और ऋषियों-मनीषियों की भूमि बताते हुए कहा कि अध्यात्म और ज्ञान-विज्ञान की परंपरा को राज्य ने हमेशा सशक्त किया है, जिसमें सिद्ध गंगा मठ की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने जानकारी दी कि कि संतों के आशीर्वाद से आज कर्नाटक के युवाओं को रोजगार देने वाले, ग्रामीणों और महिलाओं को सुविधा देने वाले, देश की सेना और मेड इन इंडिया को ताकत देने वाले सैकड़ों करोड़ परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश की एक बहुत बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री तुमकुरु को मिली है। उन्होंने तुमकुरु इंडस्ट्रियल टाउनशिप के शिलान्यास के साथ-साथ तुमकुरु जिले के सैकड़ों गाँवों को पीने के पानी की स्कीमों पर भी काम शुरू होने की भी जानकारी दी। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कर्नाटक युवा टैलेंट, युवा इनोवेशन की धरती है। ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग से लेकर तेजस फाइटर प्लेन बनाने तक, कर्नाटक के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ताकत को दुनिया देख रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज सैकड़ों ऐसे हथियार और रक्षा उपकरण हैं, जो भारत में ही बन रहे हैं उनका हमारी सेनाएँ उपयोग कर रही हैं। आज आधुनिक असॉल्ट राइफल से लेकर टैंक-पोत, नौसना के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर, हेलिकॉप्टर, फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भारत खुद बना रहा है। आने वाले समय में तुमकुरु में ही सैकड़ों हेलीकॉप्टर बनने वाले हैं और इससे करीब 4 लाख करोड़ रुपए का बिजनेस होगा। जब इस प्रकार मैन्युफैक्चरिंग की फैक्ट्रियाँ लगती हैं तो हमारे सेना की ताकत तो बढ़ती ही है, साथ ही हजारों रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि यही HAL है जिसे बहाना बनाकर हमारी सरकार पर तरह-तरह के झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि यही HAL है जिसका नाम लेकर लोगों को भड़काने की साजिशें रची गईं, लोगों को उकसाया गया। राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए पीएम ने आगे कहा कि लेकिन झूठ कितना ही बड़ा क्यों ना हो, सच के आगे एक दिन जरूर हारता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज HAL की ये हेलीकॉप्टर फैक्ट्री, HAL की बढ़ती ताकत, बहुत से पुराने झूठों और झूठे आरोप लगाने वालों का पर्दाफाश कर रही है।

पीएम ने कहा कि आज HAL भारत की सेनाओं के लिए आधुनिक तेजस बना रहा है, विश्व के आकर्षण का केंद्र है, आज HAL डिफेंस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता को बल दे रहा है। बकौल प्रधानमंत्री, इस साल के गरीब हितैषी, मध्यम वर्ग हितैषी बजट की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने बजट को लेकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सब जुड़ें, सब जुटें, सबका प्रयास कैसे हो, इसके लिए ये बजट बहुत ताकत देने वाला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “ये सर्वप्रिय बजट है, सर्वहितकारी बजट है। सर्वसमावेशी बजट है, सर्वस्पर्शी बजट है। ये भारत के युवा को रोजगार के नए अवसर देने वाला बजट है। ये भारत की नारीशक्ति की भागीदारी बढ़ाने वाला बजट है। ये भारत की कृषि को, गाँव को आधुनिक बनाने वाला बजट है। ये ‘श्री अन्न’ से छोटे किसानों को वैश्विक ताकत देने वाला बजट है। ये भारत में रोजगार बढ़ाने वाला और स्वरोजगार को बल देने वाला बजट है। इस बजट में मिडिल क्लास के हित में अभूतपूर्व फैसले लिए गए हैं। 7 लाख रुपए तक की आय पर आयकर जीरो होने पर मिडिल क्लास में बहुत उत्साह है।”

मुस्लिम पत्रकार ने हिन्दू भजन को बताया मुजरा, महिलाओं का भी किया अपमान: अयोध्या से नफरत दिखाने वाले मोहम्मद तनवीर पर कार्रवाई की माँग

मोहम्मद तनवीर नाम के एक तथाकथित पत्रकार ने ट्रेन में हिन्दुओं द्वारा भजन गाने की तुलना ‘मुजरा’ से कर दी। अन्य लोग भी सोशल मीडिया पर तनवीर का साथ देने लगे और ‘भजन’ व ‘सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़’ की गलत तुलना करने लगे। तनवीर ने अपने ट्वीट में ट्रेन से अयोध्या की यात्रा कर रहे हिंदुओं का वीडियो शेयर किया और इसकी शिकायत करते हुए रेल मंत्रालय को टैग किया।

उन्होंने कहा, ‘नमस्ते रेल मंत्रालय, इंदौर से अयोध्या जाने वाली इस ट्रेन में भजन कीर्तन क्यों हो रहा है? अगर कोई मुस्लिम पाँच मिनट नमाज पढ़ता तो अब तक गिरफ्तार हो चुका होता। ट्रेन में नमाज पढ़ना गलत तो भजन कीर्तन कैसे जायज? हेलो आशिनी वैष्णव, क्या इसके खिलाफ कोई कार्रवाई होगी?”

मोहम्मद तनवीर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
मोहम्मद तनवीर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इसके बाद के एक ट्वीट में उन्होंने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा, ”खादी वाला व्यक्ति जो भजन कीर्तन में भाग ले रहा है, वह इंदौर का एक प्रमुख कॉन्ग्रेस नेता है। वह लोगों को मुफ्त में अयोध्या ले जा रहे हैं और ट्रेन में मुजरा करवा रहे हैं।” मुजरा मुगल शासकों, नवाबों के लिए मुगल युग के दौरान तवायफों द्वारा किया जाने वाला नृत्य का एक रूप है।

तनवीर रिपोर्ट लुक (Report Look) के लिए लिखते हैं। उनके ट्वीट को पत्रकार रोहिणी सिंह ने रीट्वीट किया।

जामिया टाइम्स के एक अन्य पत्रकार अहमद ख़बीर ने कहा, “अगर ट्रेन में नमाज़ पढ़ना गुनाह है तो यह क्या है?”

अहमद खबीर का ट्वीट

तथाकथित सोशल मीडिया एक्टिविस्ट शाहनवाज अंसारी ने कहा, ”यह श्री राम भक्तों का इंदौर से अयोध्या की यात्रा का वीडियो है। ट्रेन में उनके लिए सब जायज है। अगर कोई मुसलमान ट्रेन में दस मिनट नमाज अदा करता है तो उसके वीडियो वायरल हो जाते हैं और उसके खिलाफ एफआईआर हो जाती है और वह गिरफ्तार हो जाता है। इस्लामोफोबिया कोढ़ का मरीज फिर उसपर डिबेट करता है।”

शहनवाज अंसारी का ट्वीट

कॉन्ग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने तीर्थ यात्रा का आयोजन किया था

वीडियो को सबसे पहले कॉन्ग्रेेस विधायक संजय शुक्ला ने शेयर किया था। हर साल, वह भक्तों के लिए अयोध्या की धार्मिक यात्रा की व्यवस्था करते हैं। इस साल उनके साथ इंदौर से 600 श्रद्धालु आए थे। टिकट, रहने और यात्रा से लेकर अयोध्या में दर्शन तक, सबका इंतजाम शुक्ला द्वारा किया गया था।

ऑपइंडिया से बात करते हुए, शुक्ला ने कहा, ”यह उनकी मानसिकता है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा हूँ। वे जो करना चाहें कर सकते हैं। मैं वही कर रहा हूँ जो मुझे सही लगता है। यह धर्म के लिए है। मैं इसे धर्म के लिए कर रहा हूँ और मैं इसे करता रहूँगा।”

मोहम्मद तनवीर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग

वकील विकास पारीक ने तनवीर की पोस्ट पर टिप्पणी की और कहा कि वह अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएँगे। पारीक ने एक ट्वीट में यूपी साइबर क्राइम यूनिट को टैग करते हुए कहा, “‘भजन कीर्तन’ के लिए मुजरा जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल न केवल हिंदू समुदायों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है बल्कि महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है। कृपया अपराध का संज्ञान लें और अपराधी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।”

एक अन्य ट्वीट में वह लिखते हैं, “जिन लोगों को लगता है कि ‘@TanveerPost’ के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, कृपया संबंधित पुलिस को टैग करते हुए एक शिकायत लिखें। आप अपने संबंधित पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी भी दर्ज करा सकते हैं। सुनिश्चित करें कि कोई अन्य अपराधी किसी अन्य धर्म को ठेस पहुँचाने की हिम्मत न करे। उसे करारा जवाब दें।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए, पारीक ने कहा, “मैं उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता हूँ। उसने जिस तरह की टिप्पणियों का इस्तेमाल किया, वे सम्मानजनक नहीं था।”

रामचरितमानस जलाने वाले सलीम और उसके साथी पर लगा रासुका: शिकायतकर्ता ने कहा – किसी हालत में नहीं हटूँगा पीछे, हो सकती है और गिरफ्तारियाँ

उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने रामचरितमानस जलाने के 2 आरोपितों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की है। इन आरोपितों के नाम मोहम्मद सलीम और सत्येंद्र कुशवाहा हैं। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस ने रविवार (5 फरवरी, 2023) को दी है। इस केस में अब तक गिरफ्तार 5 आरोपित फ़िलहाल लखनऊ की जेल में बंद हैं। फिलहाल पुलिस 29 जनवरी, 2023 की इस घटना में वायरल हुए वीडियो की जाँच कर रही है। मामले में कुछ अज्ञात आरोपितों का भी जिक्र है जिसकी पहचान कर के आगे और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

लखनऊ पुलिस ने अपनी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया है कि अब्दुल हसन के बेटे सलीम और गुरुदयाल के बेटे सत्येंद्र कुशवाहा पर रासुका लगाने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने संस्तुति की है। कार्रवाई का आदेश जिला जेल में तामील करवाया जा चुका है। यह कार्रवाई रासुका की धारा 3(2) के तहत हुई है। पुलिस ने सलीम और सत्येंद्र कुशवाहा की हरकत को लोक व्यवस्था के प्रतिकूल बताया है। इस मामले में PGI थाने में केस दर्ज है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में शिकायतकर्ता सतनाम सिंह से बात की। सतनाम ने हमें बताया कि वो प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट हैं और पुलिस इस मामले में अधिकतम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA)’ की धारा लगा सकती थी, वो उसने किया। सतनाम के मुताबिक पीठ पीछे तमाम बातें चल रही हैं लेकिन सामने से किसी ने भी केस खत्म करने या इसे वापस लेने का दबाव नहीं बनाया। सतनाम ने कहा कि भविष्य में अगर कोई दबाव बनाएगा भी तो वो पीछे नहीं हटेंगे।

शिकायतकर्ता ने हमें आगे बताया कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही फरार चल रहे और अब तक चिह्नित न हो पाए आरोपितों को भी जल्द गिरफ्तार कर के कड़ी से कड़ी धाराओं में जेल भेजेगी।

क्या था पूरा मामला

गौरतलब है कि जनवरी 2023 में बिहार के मंत्री चंद्रशेखर के बयान का समर्थन करते हुए सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे बकवास बताते हुए बैन तक करने की माँग कर डाली थी। इस बयान के विरोध में पूरे देश में आवाज उठाई गई थी और स्वामी प्रसाद के खिलाफ कई स्थानों पर केस दर्ज करवाए जाने लगे थे। इस बीच लखनऊ के PGI थानाक्षेत्र में देवेंद्र प्रताप, यशपाल लोधी, महेंद्र प्रताप , सतेंद्र कुशवाहा, मोहम्मद सलीम, सुजीत यादव, नरेश सिंह, एस एस यादव और संतोष वर्मा ने रामचरितमानस की प्रतियाँ जलाईं

थीं।

इस दौरान कुछ अन्य अज्ञात आरोपित भी मौजूद थे। भाजपा नेता सतनाम सिंह उर्फ़ लवी की शिकायत पर पुलिस ने स्वामी प्रसाद मौर्य सहित कुल 10 लोगों को नामजद करते हुए कुछ अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की थी। मामले में अब तक 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी फरार चल रहे हैं जिनकी तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।