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‘अधर्मी स्वामी प्रसाद मौर्य का प्रवेश वर्जित’: हनुमान मंदिर में लगा पोस्टर, रामचरितमानस को बकवास बताने वाले सपा नेता के खिलाफ FIR भी हुई दर्ज

रामचरितमानस पर समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान के बाद उनका विरोध बढ़ता जा रहा है। अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में उनका पोस्टर लगा कर उन्हें मंदिर में न घुसने के लिए कहा गया है। इसी पोस्टर में मौर्य को अधर्मी भी कहा गया है। माना जा रहा है कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी स्वामी प्रसाद मौर्य से काफी नाराज हैं और जल्द ही कोई फैसला ले सकते हैं। वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में कई धाराओं में FIR भी दर्ज हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामचरितमानस को बकवास कहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ उत्तर प्रदेश और देश के कई हिस्सों में विरोध दर्ज करवाया जा रहा है। ऐसे में लखनऊ के प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गेट पर स्वामी प्रसाद का एक बड़ा सा पोस्टर लगा दिया गया है। इस पोस्टर में स्वामी प्रसाद के फोटो पर लाल रंग का क्रास मार्क बनाया गया है। इस पोस्टर में लिखा गया है, “हिन्दुओं की आस्था के सर्वोच्च शिखर पर स्थापित तुलसीदास कृत रामचरितमानस का अपमान करने वाले अधर्मी स्वामी प्रसाद मौर्य का मंदिर में प्रवेश वर्जित है।”

पोस्टर में इसे मंदिर प्रशासन की आज्ञा बताया गया है। लेटे हनुमान मंदिर लखनऊ के चौक में पंचवटी घाट के पास लक्ष्मण टीला के बगल मौजूद है। मंदिर प्रशासन के सदस्य ने एक बयान में कहा है कि हम अपने मंदिर परिसर में ऐसे अधर्मी मानसिकता वाले को नहीं आने देंगे। मंदिर में मौजूद एक अन्य सदस्य ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य को धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में जो भी व्यक्ति सनातन के विरोध में बात करेगा उसको मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से काफी नाराज हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के कुछ अन्य विधायकों के साथ इस बारे में मीटिंग की है और जल्द ही कोई निर्णय ले सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के ही बलरामपुर जिले में स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला जला कर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के सदस्यों ने कोतवाली नगर में शिकायत दी है।

दर्ज हुई FIR

वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य पर लखनऊ के ही हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज हो गई है। यह FIR शिवेंद्र मिश्रा नाम के व्यक्ति की तहरीर पर मंगलवार (24 जनवरी, 2023) को दर्ज हुई है। मौर्य पर IPC की धारा 153 A, 295A,298, 504 और 505(2) लगाई गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

अंग्रेजों वाली नहीं, स्वदेशी तोप से तिरंगे को सलामी: ‘कर्तव्य पथ’ पर पहली बार गणतंत्र दिवस का परेड होगा ऐतिहासिक, हथियारों में भी दिखेगी ‘मेक इन इंडिया’ की झलक

देश 74वाँ गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस साल गणतंत्र दिवस कई मायनों में अलग व ऐतिहासिक होने जा रहा है। राजपथ का नाम कर्तव्य पथ होने के बाद इस पर पहला गणतंत्र दिवस परेड होगा। इसके साथ ही परेड में प्रदर्शित किए जा रहे सभी उपकरण स्वदेशी होंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की सलामी ब्रिटिश कालीन 25 पाउंडर बंदूकों वाली पुरानी तोपों से नहीं बल्कि नए 105 एमएम भारतीय फिल्ड गन से दी जाएगी।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिल्ली एरिया के चीफ ऑफ़ स्टाफ मेजर जनरल भवनीश कुमार ने जानकारी दी कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को आगे बढ़ाते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसके तहत इस साल कर्तव्य पथ पर तिरंगे को स्वदेशी 105 एमएम भारतीय फिल्ड गन से सलामी दी जाएगी। इसके पहले इसके लिए अंग्रेजों के जमाने वाले 25 पाउंडर बंदूकों वाली तोपों का इस्तेमाल किया जाता था। इस तोप से अंतिम बार 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगे को सलामी दी गई थी।

25 पाउंडर तोपों के अलावा कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले सभी हथियार भारत निर्मित होंगे। इनमें अर्जुन टैंक, नाग मिसाइल, बीएमपी-2, K-9 वज्र, शार्ट स्पैम ब्रिज, एयर डिफेंस आकाश मिसाइल, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आर्मी एवियेशन कोर के तीन रूद्र और ध्रुव हेलीकॉप्टर शामिल हैं।

परेड की बात करें तो राजपथ से कर्तव्यपथ बनने के बाद पहली बार इस पर रिपब्लिक डे परेड (Republic Day parade) आयोजित होने जा रहा है। परेड में 23 राज्यों की झाँकी शामिल होगी। इस साल परेड में पहली बार वायुसेना की गरुड़ स्पेशल फोर्स भी शिरकत करेगी। परेड में मिस्र की फौज (Egyptian army) भी शामिल होने वाली है। समारोह में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के मजदूरों, सब्जीवालों, रिक्शेवाले, मिल्क बूथ वर्कर या अन्य छोटे दुकानदारों को खास तौर पर बुलाया गया है।

‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच दिल्ली के पार्षदों को दिलाई गई शपथ, हंगामे की वजह से इस बार भी नहीं हो पाया मेयर का चुनाव

दिल्ली नगर निगम के सिविक सेंटर में मंगलवार (24 जनवरी, 2023) सुबह मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनावों की प्रक्रिया शुरू हुई। AAP पार्षदों के ‘शर्म करो, शर्म करो’ और ‘आम आदमी पार्टी जिंदाबाद’ के नारों के बीच सबसे पहले 10 सभी मनोनीत सदस्यों को बारी-बारी से शपथ दिलाई गई। इसके बाद सभी निर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली। इस दौरान भाजपा नेताओं ने भी जय श्रीराम, भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारे लगाए। इसका वीडियो भी सामने आया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक 6 जनवरी को हुई थी। लेकिन यह बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई थी, जिसके कारण मेयर का चुनाव नहीं हो पाया था। आज फिर से वैसे ही हालात देखे गए। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 12 कमांडो और 70 सिविल डिफेंस वालंटियर्स मार्शल के तौर पर तैनात किए गए हैं। इस बीच चुनाव अधिकारियों के सामने पुलिस दीवार बनकर खड़ी हुई नजर आई।

सदन में सबसे पहले मनोनीत पार्षद विनोद और उनके बाद लक्ष्मण ने शपथ ली। इसके बाद मुकेश मान, सुनील चौहान, राजकुमार भाटिया, संजय त्यागी को शपथ दिलाई गई। मनोज कुमार जैन, रोहताश कुमार, श्वेता कमल खत्री के बाद वार्ड संख्या एक से चुनाव जीतकर आए पार्षदों का शपथ ग्रहण शुरू हुआ।

मालूम हो कि नगर निगम चुनाव में चुने पार्षदों में से किसी एक को मेयर चुना जाता है। मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है, जबकि नगर निगम के चुनाव हर पाँच साल बाद होते हैं। नगर निगम के पाँच साल के कार्यकाल में पहले और चौथे साल का मेयर का पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित होता है। वहीं, दूसरे वर्ष और पाँचवे वर्ष का कार्यकाल जनरल, तीसरे वर्ष का अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होता है। इस बार आम आदमी पार्टी ने महापौर पद के लिए शैली ओबेरॉय और भाजपा ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। ऐसे में इस बार दिल्ली को महिला मेयर मिलना तय है। भाजपा सांसद हंसराज हंस ने दावा किया कि मेयर उनकी पार्टी का ही होगा।

बता दें कि डिप्टी मेयर के लिए AAP के उम्मीदवार आले मोहम्मद इकबाल और भाजपा के उम्मीदवार कमल बागड़ी हैं। आले मोहम्मद शोएब इकबाल के बेटे हैं, जो मटिया महल से विधायक हैं। मेयर के चुनाव में 274 मेंबर्स वोट डालेंगे। बहुमत के लिए 138 का आँकड़ा चाहिए। AAP के पास 134 पार्षद हैं।

मोहम्मद शमी को हर महीने को बीवी देने होंगे ₹50000, कोर्ट का आदेश: बेटी के लिए ₹3 लाख और आपने लिए ₹7 लाख माँग रही थी हसीन जहाँ

क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी बीवी हसीन जहाँ के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में हसीन जहाँ की बड़ी जीत हुई है। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने मोहम्मद शमी को आदेश दिया है कि वो हर महीने अपनी बीवी हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें। यह पैसा हर महीने की 10 तारीख को देना होगा। अदालत ने सोमवार (23 जनवरी 2023) को अपने निर्णय में यह भी कहा कि शमी पर यह आदेश मार्च 2018 से लागू होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह निर्णय न्यायाधीश आनन्दिता गांगुली की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद शमी को भविष्य में हसीन जहाँ को उनके गुजारे के लिए हर महीने की 10 तारीख तक 50 हजार रुपए अदा करने होंगे। इसके साथ शमी को मार्च 2018 के बाद से अब तक के बकाए का भी भुगतान हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब करना होगा। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम के साथ न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं।

बताया जा रहा है कि इस राशि से हसीन जहाँ संतुष्ट नहीं हैं। साल 2018 में उन्होंने शमी से रिश्ते खराब होने के बाद 10 लाख रुपए प्रतिमाह की याचिका कोर्ट में दाखिल की थी। याचिका में हसीन जहाँ ने बेटी के लिए प्रतिमाह 3 लाख और अपने निजी कामों के लिए 7 लाख रुपए मासिक का ख़र्च बताया था। माना जा रहा है कि जिला अदालत के इस आदेश को हसीन जहाँ हाईकोर्ट में चुनौती दे सकती हैं। अदालत पहले ही हसीन जहाँ की बेटी के लिए शमी को 80 हजार रुपए प्रतिमाह देने का आदेश दे चुकी है।

गौरतलब है कि साल 2018 में मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहाँ खुल कर मीडिया के सामने आ गई थीं। तब उन्होंने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। हालाँकि आरोपों पर सफाई देते हुए शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वो देश से गद्दारी के बजाय मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे।

कुरान के बाद अब स्वीडन का झंडा जला: तुर्की, यमन, इराक में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, स्वीडिश ब्रांडो के बहिष्कार का आह्वान

स्वीडन में कथित तौर पर कुरान की एक प्रति जलाए जाने के विरोध में यमन, इराक, जॉर्डन और तुर्की सहित कई मिडिल ईस्ट देशों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की खबर है। तुर्की और यमन में स्वीडिश दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने स्वीडन के राष्ट्रीय ध्वज को जलाया और कुरान जलाने की घटना की कड़ी निंदा की।

यमन और तुर्की की सड़कों पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए और स्वीडन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने सभी स्वीडिश ब्रांडों जैसे कपड़ों के ब्रांड H&M, फर्नीचर ब्रांड IKEA, Skype, Volvo, Ericsson, Nordea और अन्य का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है। सोशल मीडिया पर विरोध-प्रदर्शन के कई वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इसमें प्रदर्शनकारियों को स्वीडन के खिलाफ नारेबाजी करते और स्वीडिश ब्रांडों के बहिष्कार की माँग करते हुए देखा जा सकता है।

इसके साथ ही कुछ वीडियो में लोगों को स्वीडिश राष्ट्रीय ध्वज को जलाते हुए देखा जा सकता है। ट्विटर पर जावेरिया शेख ने विरोध का वीडियो साझा करते हुए कहा है, “अल्लाह उनको खत्म कर दे, क्योंकि कुरान को जला दिया गया है, इसलिए उन्हें इस दुनिया में रहने का हक नहीं है आमीन।”

उल्लेखनीय है कि NATO में स्वीडन को शामिल करने के बीच तुर्की बाधा बना हुआ है। इस बीच दोनों देशों के रिश्ते में कुरान जलाने की घटना के बाद से और कड़वाहट आ गई है। 21 जनवरी 2023 को स्टॉहोम में तुर्की के दूतावास के सामने स्वीडन की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘हार्ड लाइन’ के नेता रासमस पलुदान (Hard Line Leader Rasmus Paludan) ने मुस्लिमों की दीनी किताब कुरान को सार्वजनिक तौर पर जलाया था। इतना ही नहीं, इस दौरान पलुदान ने इस्लाम और आव्रजन को लेकर एक घंटे तक भाषण भी दिया। लगभग 100 लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए पलुदान ने कहा था, “अगर आपको (मुस्लिमों को) लगता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं होनी चाहिए तो आप रहने के लिए कोई और जगह देखिए।”

इसको लेकर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना बार-बार चेतावनी देने के बाद हुई। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए बयान में कहा गया है, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में मुस्लिमों को निशाना बनाने और पवित्र किताब का अपमान करने वाले इस इस्लाम विरोधी कृत्य की अनुमति देना अस्वीकार्य है।”

तुर्की के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया बयान

इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने अगले दिन (22 जनवरी 2023) इस्तांबुल में स्वीडिश महा वाणिज्यदूतावास के सामने धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘हार्ड लाइन’ के नेता रासमस पलुदान (Hard Line Leader Rasmus Paludan) की तस्वीर जलाई। अंकारा और इस्तांबुल में विरोध कर रहे लोगों ने स्वीडन की निंदा की। प्रदर्शनकारियों के पास जो बैनर थे, उसमें लिखा गया था, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की आड़ में ‘इस्लामोफोबिया’ का समर्थन किया गया। हम स्वीडन समर्थित इस्लामोफोबिया की निंदा करते हैं।”

प्रदर्शनकारी कुरान जलाने वाले पलुदान की तस्वीर जलाते हुए (फोटो साभार:HT)

गौरलतब है कि स्वीडन अमेरिका और पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन NATO में शामिल होना चाहता है, लेकिन तुर्की बार-बार इसमें बाधा डाल देता है। NATO का नियम है कि इसमें कोई भी नया सदस्य तभी शामिल किया जा सकता है, जब उसमें सभी सदस्य देशों की सहमति हो।

‘हमें इसके बारे में पता नहीं’: BBC डॉक्यूमेंट्री पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकार की कर दी बोलती बंद, कहा – USA-भारत में गहरे संबंध

2002 में हुए गुजरात दंगो पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस (Ned Price) ने पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद कर दी। नेड प्राइस ने कहा कि उन्हें बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के बारे में तो जानकारी नहीं है लेकिन अमेरिका और भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के ऐसे साझा मूल्यों के बारे में जानकारी है जो दोनों देशों के बीच संबंध को मजबूत बनाते हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक नेड प्राइस सोमवार (23 जनवरी, 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे गुजरात दंगो पर आधारित बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री पर सवाल पूछा। इस पर प्राइस ने जवाब दिया कि जिस डॉक्यूमेंट्री की बात आप कर रहे हैं मुझे उसके बारे में जानकारी नहीं है। प्राइस ने कहा कि कई ऐसे तत्व हैं जो भारत के साथ हमारे वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच अच्छे राजनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका और भारत के लोगों के बीच भी गहरे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतांत्रिक देश है। भारत और अमेरिकी लोकतंत्र में कई समानताएँ हैं जो हमें एक साथ जोड़ती है। प्राइस ने कहा कि हम उन सभी तत्वों को और मजबूत बनाना चाहते हैं जो दोनों देशों को जोड़ता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए प्राइस ने इसे दो देशों के बीच का मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा से दक्षिण एशिया में स्थिरता चाहता है। बता दें कि पाकिस्तन के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan PM Shehbaz Sharif) ने ‘अल अरेबिया न्यूज’ चैनल को दिए इंटरव्यू में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि भारत के साथ तीन युद्ध लड़कर पाकिस्तान ने सबक सीख लिया है।

बता दें कि अमेरिका से पहले बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक भी भारत का साथ दे चुके हैं। ब्रिटिश संसद में पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने गुजरात दंगो का मुद्दा उठाया था। इस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा था कि इस डॉक्यूमेंट्री में अपने भारतीय समकक्ष के चरित्र चित्रण से वह सहमत नहीं हैं।

क्या इस साल इंटरनेशनल क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’ बन जाएँगे रोहित शर्मा, जानिए वे 3 मुकाम जो भारतीय कप्तान कर सकते हैं हासिल

टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। कुछ समय पहले वह फॉर्म से जूझ रहे थे। लेकिन, अब अच्छी लय में नजर आ रहे हैं। पहले श्रीलंका और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज में उन्होंने अपने क्लास का प्रदर्शन किया है।

चूँकि, वह टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं। साथ ही इस साल एकदिवसीय विश्व कप भी होना है। ऐसे में साल 2023 उनके लिए कई मायनों में खास रहने वाला है। ऐसे रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं जिन्हें रोहित शर्मा 2023 में ही तोड़ सकते हैं।

1.) टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन

टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम पर है। उन्होंने T20 क्रिकेट में 4008 रन बनाए हैं। चूँकि, रोहित शर्मा पहले भी टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रह चुके हैं। ऐसे में उनके फैंस यह उम्मीद कर रहे होंगे कि रोहित एक बार फिर यह रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

टी20 क्रिकेट में रोहित शर्मा अब तक 3853 रन बना चुके हैं। यानी वह विराट कोहली के इस रिकॉर्ड से महज 155 रन दूर हैं। ऐसे में, यह कहना गलत नहीं होगा कि रोहित शर्मा विराट के इस रिकॉर्ड को एक-दो पारियों में तोड़ सकते हैं। हालाँकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में रोहित और विराट दोनों को ही आराम दिया गया है। इसलिए, यह बैटल देखने के लिए क्रिकेट फैंस को थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

2.) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक छक्के

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट यानी T20, वनडे और टेस्ट के रिकॉर्ड को देखें तो सबसे अधिक छक्के मारने का रिकॉर्ड कैरिबियाई दिग्गज क्रिस गेल के नाम है। गेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 553 छक्के लगाए हैं। वे अब संन्यास ले चुके हैं। इसलिए, यह रिकॉर्ड इसी आँकड़े पर रुका हुआ है।

हालाँकि, रोहित शर्मा की नजरें निश्चित तौर पर इस रिकॉर्ड पर होंगीं। फिलहाल, रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 513 छक्के जुड़ चुके हैं। यानी वह गेल के रिकॉर्ड से 41 छक्के दूर हैं। यह रिकॉर्ड तोड़ना कठिन हो सकता है। लेकिन, रोहित को इस साल अभी पूरा क्रिकेट खेलना बाकी है। ऐसे में, तीनों फॉर्मेट में छक्कों की बरसात कर वह खुद को अगला ‘सिक्सर किंग’ साबित कर सकते हैं।

3.) बतौर कप्तान वनडे का सबसे बड़ा स्कोर

टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज ईशान किशन और शुभमन गिल ने हाल ही में शानदार दोहरे शतक जड़े हैं। चूँकि, रोहित शर्मा एक बार फिर फॉर्म में आ चुके हैं। इसलिए, उनसे दोहरे शतक की उम्मीद की जा रही है। यह हर कोई जानता है कि वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक दोहरे शतक और व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। उन्होंने साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली थी।

हालाँकि, वनडे क्रिकेट के किसी मैच में बतौर कप्तान वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग के नाम है। सहवाग ने कप्तान के रूप में 219 रन बनाए थे। चूँकि, रोहित शर्मा के बल्ले से आखिरी दोहरा शतक साल 2017 में निकला था। इसलिए अब, फैंस उनके एक और दोहरे शतक का इंतजार कर रहे हैं। देखना होगा कि क्या साल 2023 में ही रोहित शर्मा ये रिकॉर्ड तोड़ पाते हैं या नहीं।

‘कुछ लोगों के लिए आज भी गोरे ही मालिक’: बोले केंद्रीय कानून मंत्री – इन लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट और भारत की जनता से भी ऊपर है BBC

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने मंगलवार (24 जनवरी, 2023) BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया- द मोदी क्वेश्चन (India- The Modi Question)’ को सपोर्ट करने वालों पर निशाना साधा है। इस डॉक्यूमेंट्री में गुजरात दंगों का सारा दोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर मढ़ने की कोशिश की गई है। रिजिजू ने कहा है कि कुछ लोगों के लिए आज भी गोरे शासक ही उनके मालिक हैं।   

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “कुछ लोगों के लिए गोरे शासक आज भी उनके मालिक हैं जिनका भारत को लेकर लिया गया फैसला अंतिम है। न कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का फैसला या भारत के लोगों की इच्छा।” केंद्रीय मंत्री ने यह ट्वीट देश के अल्पसंख्यक समुदाय के बारे में किए गए अपने पहले ट्वीट को टैग करते हुए किया है। तब उन्होंने एक अखबार के ऑपेनियन को शेयर करते हुए कहा था, “अल्पसंख्यक, या यूँ कहें कि भारत में हर समुदाय सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है। भारत के अंदर या बाहर चलाए गए दुर्भावनापूर्ण अभियानों से भारत की छवि खराब नहीं हो सकती है। नरेंद्र मोदी जी की आवाज 140 करोड़ भारतीयों की आवाज है।”

वहीं इससे पहले 22 जनवरी 2023 को किए गए ट्वीट में उन्होंने कहा था, “भारत में कुछ लोग अभी भी औपनिवेशिक नशा से दूर नहीं हुए हैं। वे लोग बीबीसी को भारत का उच्चतम न्यायालय से ऊपर मानते हैं और अपने आकाओं को खुश करने के लिए  देश की गरिमा और छवि को किसी भी हद तक गिरा देते हैं।”

उल्लेखनीय है कि डाक्यूमेंट्री में BBC ने दंगों का दोष वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर डालने की कोशिश की है और गोधरा कांड के बारे में झूठ फैलाया है। यही नहीं, उनकी छवि इस्लाम विरोधी भी दिखाने की कोशिश की है। दो पार्ट में बनाई गई BBC की इस सीरीज में प्रधानमंत्री मोदी और भारत के मुस्लिमों के बीच तनाव की बात कही गई है। बीबीसी ने मोदी सरकार के देश के मुस्लिमों के प्रति रवैये, कथित विवादित नीतियाँ, कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और नागरिकता कानून को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

हालाँकि BBC की डॉक्यूमेंट्री को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार के आदेश के बाद ट्विटर और YouTube से डॉक्यूमेंट्री से संबंधित लिंक हटाए गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से ज्यादा ट्वीट्स को ब्लॉक किया गया है। आईटी नियम, 2021 के तहत इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने यह कार्रवाई की है। विदेश मंत्रालय भी इसे भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने की कोशिश करार दे चुका है।

आपको बता दें कि जिस ब्रिटेन में BBC का मुख्यालय है, वहाँ के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने ब्रिटिश संसद में स्पष्ट रूप से कहा है कि वह इस डॉक्यूमेंट्री में अपने भारतीय समकक्ष के चरित्र चित्रण से वह सहमत नहीं हैं। इसके अलावा देश के भी कई तबकों ने भी BBC की इस प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री का विराेध किया है और पीएम मोदी के प्रति समर्थन समर्थन जताया है।

हालाँकि, देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इस डॉक्यूमेंट्री पर सरकार की सख्ती रास नहीं आई है। TMC की सांसद महुआ मोइत्रा ने इसपर आपत्ति जताई थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है कि भारत में कोई भी बीबीसी का शो न देख सके। शर्म की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सम्राट और दरबारी इतने असुरक्षित हैं। वहीं जदयू के केसी त्यागी ने भी इस मामले में देश-विरोधी ताकतों का साथ दिया था।

अँधेरा इतना घना दुनिया के नक्शे से ‘गायब’ हो गया पाकिस्तान… भारत में भी बिजली संकट: महिला पत्रकार ने दिखाया फोटो, ​जानिए सच

गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में सरकार ने बिजली कारखानों की ईंधन आपूर्ति में कमी कर दी है। इसके कारण सोमवार (23 जनवरी 2023) को पाकिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में बिजली गुल रही। पूरे देश में ब्लैक आउट जैसी स्थिति रही। करीब 22 करोड़ लोग इस संकट से प्रभावित हुए।

बिजली संकट के बीच ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार गुल बुखारी का एक ट्वीट सोशल मीडिया में वायरल हो गया। एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने दावा कि बिजली संकट के कारण पाकिस्तान दुनिया के नक्शे से ‘गायब’ दिख रहा। हालाँकि उनका ‘खेल’ यूजर्स को जल्द ही समझ में आ गया। कई ने इसे फोटोशॉप करार दिया।

पाकिस्तान की ट्विटर यूजर नमिरा ने व्यंग्य करते हुए कहा, “लानत है कि हमने अपने साथ भारत का एक हिस्सा और महासागर के कुछ हिस्से को भी मिटा दिया।”

पाकिस्तान के पत्रकार सैयद साजिद हसन ने गर्व से कहा कि देश ठीक है और ब्लैक आउट सिर्फ ईंधन बचाने के लिए है। उन्होंने कहा, “आप जो सोचे लेकिन हम दुरुस्त हैं। पाकिस्तान की हालत ​ठीक है और ईंधन बचाने के लिए ब्लैक आउट हो रहा है। हम समाधान की तलाश कर रहे हैं। ज्यादा रोमांचित न हो।”

वहीं, वर्णिका राजा चौहान ने कहा, “मैं इस बात की पुष्टि कर सकती हूँ कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बिजली है। यह एक एडिट की हुई फोटो है।”

ऑपइंडिया ने पाया कि पत्रकार गुल बखारी ने पाकिस्तान के नक्शे से ‘गायब’ होने का दावा करते हुए जो फोटो शेयर की उसमें भारत के भी करीब 1/6 हिस्से और अरब सागर में ‘ब्लैक आउट’ दिख रहा है। जबकि भारत में ऐसा कोई संकट नहीं था। स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है कि एडिटेड फोटो महिला पत्रकार ने शेयर की थी। इसे देखकर ऐसा भी लग रहा है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के ज्ञान के बिना किसी ने पाकिस्तान पर काला पेंट करने के लिए विंडोज पेंट ब्रश टूल का इस्तेमाल किया है। फोटोशॉप का उपयोग करते हुए, जब हमने फोटो की लेयर को चेंज किया तो यह साफ हो गया था कि किस हिस्से पर पेंट किया गया है।

इसके बाद, हमने इस फोटो को रिवर्स इमेज पर सर्च किया। जहाँ, हमने पाया कि यह फोटो विकिपीडिया से लेने के बाद एडिट की गई थी।

पाकिस्तान में रात के समय बिजली की स्थिति को देखने के लिए ऑपइंडिया ने लाइव सैटेलाइट फोटो भी देखी। इसकी पुरानी फोटो से तुलना की। हमने पाया कि पाकिस्तान में रात में बिजली गुल थी। सोमवार (23 जनवरी 2023) की रात 10:30 बजे, पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था। यह पाकिस्तान तक ही सीमित था। लेकिन एडिट करने वाले ने भारत के कुछ हिस्सों में भी बिजली गुल कर दी थी।

सोर्स: Zoom.Earth

हमने कुछ और दिन पुराना डेटा चेक करने की कोशिश की। जहाँ हमने पाया कि रविवार (22 जनवरी 2023) की रात 10:30 बजे पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था।

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यही हालत शनिवार (21 जनवरी) की रात 10:30 बजे की भी थी। शनिवार को भी पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था।

20 जनवरी की रात को भी 10:30 बजे पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था।

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साफ़ है कि गुल बुखारी ने जो फोटो शेयर की, वह एडिट की हुई थी। फैक्टचेक के दौरान हमने पाया कि ज्यादातर समय पाकिस्तान में रात को अँधेरा ही रहता है। इसका कारण पाकिस्तान का आर्थिक संकट है। इससे वहाँ बिजली कटौती की जा रही है।

‘नोरा फतेही ने मोरक्को में घर खरीदने के लिए मुझसे लिए रुपए, वो जैकलीन और मेरे रिश्ते से जलती हैं’: महाठग का खुलासा – सारे स्क्रीनशॉट्स मेरे पास हैं

ठगी के आरोप में जेल काट रहे सुकेश चंद्रशेखर ने नया खुलासा किया है। सुकेश ने आरोप लगाया है कि बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही ने मोरक्को में घर खरीदने के लिए उनसे बड़ी रकम ली थी। उन्होंने कहा कि इस घर में नोरा अपने परिवार के साथ रहना चाहती थी। सुकेश ने खुद पर लगाए गए नोरा के खुद पर अदालत में लगाए गए आरोपों को भी बेबुनियाद बताते हुए उसे जैकलीन फर्नांडिस से जलन रखने वाली बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोरा फतेही ने कोर्ट में बयान देते हुए कहा है कि सुकेश ने उन्हें एक लक्जरी घर और बेहतरीन लाइफस्टाइल देने का वादा किया था। इसी बयान में नोरा ने यह भी कहा था कि उन्हें कार की जरूरत नहीं थी। नोरा के इस आरोप को सुकेश ने सिरे से नकारते हुए बताया कि भले ही आज नोरा मुझे घर का वादा करने वाला बता रहीं हों लेकिन वो काफी पहले ही मुझ से एक बड़ी रकम मोरक्को में घर खरीदने के नाम पर ले चुकी हैं। मुकेश के अनुसार, नोरा द्वारा यह घर मोरक्को के कैसाब्लांका में लेने का प्लान था।

वहीं नोरा द्वारा अपने लिए कार की जरूरत न होने के बयान को भी सुकेश ने कोरा झूठ करार दिया है। सुकेश का दावा है कि नोरा फ़तेही एक महँगी कार खरीदने के लिए उनकी जान के पीछे पड़ी थी, क्योंकि मर्सिडीज बेंज की CLA कार नोरा को अपने लिए काफी सस्ती लग रही थी। सुकेश के मुताबिक, वो नोरा को रेज रोवर कार देना चाहते थे लेकिन वो स्टॉक में नहीं थी। अपने दावों की पुष्टि के लिए सुकेश ने इन तमाम बातचीत के स्क्रीनशॉट मौजूद होने की जानकारी दी।

नोरा द्वारा जैकलीन के खिलाफ लगाए गए तमाम आरोपों पर सुकेश का कहना है कि वह ऐसा जलन के चलते कर रही है। जलन की वजह सुकेश ने जैकलीन के साथ अपने गंभीर रिश्तों को बताया है। नोरा और जैकलीन में पहले ही कानूनी लड़ाई चल रही है। नोरा ने जैकलीन पर मानहानि का केस भी दर्ज कर रखा है। इस बीच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सुकेश के खिलाफ तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। चार्जशीट में बताया गया है कि सुकेश ने जेल को ही ठगी का ऑफिस बना डाला था। पुलिस ने चार्जशीट में बताया है कि जेल का सारा निजाम सुकेश के इशारे पर चलता था।

आर्थिक अपराध शाखा की चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि सुकेश ने पूरे 1 साल जेल में मोबाइल फोन चलाया था। यह मोबाइल आई फोन सीरीज के थे। अनुमान है कि सुकेश जेल में अपनी VIP सुविधाओं के लिए हर महीने लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च करता था। दिल्ली पुलिस की यह चार्जशीट 134 पेज की है।