उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक हिंदू लड़की को धमकाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपित की पहचान कादिर अंसारी के तौर पर हुई है। उस पर हिंदू लड़की को लम्बे समय से परेशान करने और निकाह के लिए दबाव डालने का आरोप है। कहा जा रहा है निकाह से इनकार करने पर उसने लड़की का अपहरण कर बेहोशी की हालत में उसकी माँग में सिन्दूर डाल दिया। पुलिस ने शनिवार (21 जनवरी 2023) को FIR दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के गाँव रानीघाट की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि कादिर उसका पड़ोसी है। करीब छह महीने से उसके पीछे पड़ा है। निकाह का दबाव बना रहा था। इनकार करने पर कादिर उसे बदनाम करने की धमकी के साथ ब्लैकमेल करने लगा।
शिकायत में आगे बताया गया है कि पीड़िता लोकलाज और बदनामी के डर से सब कुछ चुपचाप सहती रही। इससे कादिर का मन बढ़ गया। इस बीच लड़की के घर वालों ने उसकी शादी तय कर दी। 27 जनवरी को तिलक और 1 फरवरी को विवाह की तारीख तय की गई। इसकी जानकारी जब कादिर को हुई तो वो आगबबूला हो गया और शादी तुड़वाने की कोशिश करने लगा। लड़की का कहना है कि एक दिन जब वो कहीं जा रही थी तब कादिर ने रास्ते में उसे नशीला पदार्थ सुँघा कर बेहोश कर दिया और सुनसान जगह ले गया।
पीड़िता के अनुसार सुनसान जगह पर कादिर ने उसकी माँग सिन्दूर डाल कर भर दी। इसका वीडियो बना लिया। लड़की के अनुसार उस समय वह बेहोशी की हालत में थी। बाद में कादिर लड़की का सिन्दूर डालते वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देने लगा। वह पीड़िता पर शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था। जब लड़की ने उसकी बात नहीं मानी तो कादिर ने सिन्दूर वाला वीडियो वायरल कर दिया। बताया जा रहा है कि कादिर पीड़िता को खुद से निकाह न करने पर जान से मार डालने की धमकी भी दे रहा है।
ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। शिकायत में पीड़िता ने कादिर को आपराधिक सोच वाला भी बताया है। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने कादिर अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 328, 354, 506 और 509 IPC के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपित कादिर की तलाश की जा रही है।
दुनिया के सबसे तेज धावक और जमैका के लिए ओलंपिक में 8 बार के गोल्ड मेडल विजेता उसैन बोल्ट ठगी का शिकार हो गए। दरअसल, उसैन बोल्ट का अकाउंट वहाँ की इन्वेस्टमेंट कंपनी स्टॉक्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड पर था। इस खाते से 12 मिलियन डॉलर (97.71 करोड़ रुपए) गायब हुए हैं। इस ठगी के बाद, बोल्ट के खाते में महज 12 हजार डॉलर ही बचे हैं।
इस ठगी का खुलासा स्टॉक्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड के एक पत्र से हुआ। 10 जनवरी को जारी इस पत्र में कंपनी ने कहा था कि कुछ खातों में वित्तीय गड़बड़ी हुई है। साथ ही, यह भी कहा गया था कि यह गड़बड़ी कंपनी के ही किसी व्यक्ति ने की है। इस पत्र के कुछ दिनों बाद ही यह खुलासा हुआ कि उसैन बोल्ट 12 मिलियन डॉलर की ठगी का शिकार हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘स्टॉक्स एंड सेक्योरिटी लिमिटेड’ के एक पूर्व कर्मचारी ने इस ठगी को अंजाम दिया है। इस मामले में, कंपनी ने जाँच एजेंसियों को जानकारी दी। जानकारी सामने आने के बाद जमैका के वित्तीय विभाग ने जाँच शुरू की। इसके लिए एक स्पेशल ऑडिटर भी नियुक्त किया गया।
यह ऑडिटर इस ठगी के मामले की जाँच के साथ ही स्टॉक्स एंड सेक्योरिटी लिमिटेड के प्रत्येक ट्रांजिक्शन की जाँच करेगा। कहा जा रहा है कि इसमें इसमें केवल उसैन बोल्ट ही नहीं बल्कि 30 से अधिक निवेशक भी इस ठगी का शिकार हुए हैं।
ठगी के इस मामले में उसैन बोल्ट के वकील लिंटन पी. गॉर्डन ने कहा है कि बोल्ट के खाते में पहले 12.8 मिलियन डॉलर यानी करीब 98 करोड़ रुपए थे। लेकिन, अब केवल 12000 डॉलर यानी करीब 97 लाख रुपए ही बचे हैं। बोल्ट ने इस खाते में रिटायरमेंट और जीवन भर की कमाई रखी थी। इस खबर से कोई भी परेशान हो सकता है। बोल्ट के केस में यह एक बड़ी समस्या है। क्योंकि, वह इस अकाउंट में अपनी प्राइवेट पेंशन को रखते थे।
गॉर्डन ने यह भी कहा है कि अगर स्टॉक्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी उसैन बोल्ट का पैसा वापस नहीं करती है तो उन्हें कानूनी कार्यवाही करनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा है कि यह एक गंभीर मामला है। इसलिए, वह उम्मीद करते हैं कि इसे जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कंपनी ने उनसे या उसैन बोल्ट से किसी तरह बातचीत नहीं की है। इसलिए, यदि कंपनी ने 8 दिन के अंदर पैसे वापस नहीं किए तो वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।
वहीं, इस मामले में जमैका के वित्तीय सेवा आयोग ने गत सप्ताह कहा था कि उसैन बोल्ट के साथ हुई ठगी के आरोपों के बाद विभाग के डायरेक्टर एवर्टन मैकफर्लेन को पद से हटाया जाएगा। वह फिलहाल छुट्टी पर भेजे गए हैं। साथ ही, इस महीने के अंत में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (23 जनवरी) पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के 21 द्वीपों का नामकरण 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया है। साथ ही उन्होंने नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का भी अनावरण किया। वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, “अंडमान ऐसी भूमि है जिसके आसमान पर पहली बार तिरंगा लहराया था। इस धरती पर पहली आजाद भारतीय सरकार का गठन हुआ था। अंडमान की धरती पर वीर सावरकर और उनके जैसे कितने ही वीरों ने देश के लिए तप तितीक्षा और बलिदान की पराकाष्ठा को छुआ था।”
पीएम ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 126वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा, “आज 21वीं सदी का ये समय देख रहा है कि कैसे जिन नेताजी सुभाष को आजादी के बाद भुला देने का प्रयास हुआ, आज देश उन्हीं नेताजी को प्रतिपल याद कर रहा है। बीते 8-9 वर्षों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े ऐसे कितने ही काम देश में हुए हैं, जिन्हें आज़ादी के तुरंत बाद से होना चाहिए था।”
बीते 8-9 वर्षों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े ऐसे कितने ही काम देश में हुये हैं, जिन्हें आज़ादी के तुरंत बाद से होना चाहिए था। pic.twitter.com/NnzkmIlpbb
उन्होंने यह भी कहा है कि देश के एक हिस्से पर आजाद भारत की पहली सरकार 1943 में भी बनी थी। इस समय को अब देश ज्यादा गौरव के साथ स्वीकार कर रहा है। दशकों से नेताजी के जीवन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की माँग हो रही थी। ये काम भी देश ने पूरी श्रद्धा के साथ किया।
पीएम मोदी ने अंडमान-निकोबार के द्वीपों का नाम परमवीर चक्र प्राप्त सपूतों के नाम करते हुए कहा है, “जिन 21 द्वीपों को आज नया नाम मिला है, उनके इस नामकरण में भी गंभीर संदेश छिपे हैं। ये संदेश है, एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश। ये संदेश है, देश के लिए दिए गए बलिदान की अमरता का संदेश। ये संदेश है, भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम का संदेश।”
जिन 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर अंडमान-निकोबार के इन द्वीपों को अब जाना जाएगा, उन्होंने मातृभूमि के कण-कण को अपना सब-कुछ माना था। pic.twitter.com/lrCK2C69qc
प्रधानमंत्री ने कहा है कि मेजर सोमनाथ शर्मा, पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह से लेकर कैप्टन मनोज पांडे, सूबेदार जोगिंदर सिंह और लांस नायक अल्बर्ट एक्का तक, वीर अब्दुल हमीद और मेजर रामास्वामी परमेश्वरन से लेकर सभी 21 परमवीर, सबका एक ही संकल्प था- राष्ट्र सर्वप्रथम। उन्होंने कारगिल युद्ध के हीरो रहे कैप्टन विक्रम बत्रा को याद करते हुए कहा है, “करगिल युद्ध में ये दिल माँगे मोर का विजयघोष करने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा के नाम पर अंडमान में एक पहाड़ी भी समर्पित की जा रही है।”
वहीं, इस कार्यक्रम में शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है, “यह दुर्भाग्य रहा कि सुभाष बाबू को भुलाने का बहुत प्रयास किया गया मगर कहते हैं कि जो जो वीर होते हैं वो अपनी स्मृति के लिए किसी के मोहताज नहीं होते हैं। वो स्मृति उनकी वीरता के साथ ही होती है।”
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद सम्मान के साथ देश के गौरव के समान सुभाष बाबू की मूर्ति लगाने का काम किया। आज के दिन को पराक्रम दिन घोषित करने का काम किया: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से नेताजी सुभाष चंद्र बोस का खास नाता रहा है। इसलिए उनकी स्मृति और देश के लिए उनके कार्यों का सम्मान करते हुए साल 2018 में पीएम मोदी ने रॉस द्वीप समूह का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप कर दिया था। इसके बाद अब इस द्वीप पर नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक बनना है। इसका मॉडल तैयार हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मॉडल का भी अनावरण किया।
इस कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। इस विज्ञप्ति में कहा गया था, “सबसे बड़े अनाम द्वीप का नाम पहले परमवीर चक्र विजेता के नाम पर रखा जाएगा, दूसरे सबसे बड़े अज्ञात द्वीप का नाम दूसरे परमवीर चक्र विजेता के नाम पर रखा जाएगा, और इसी तरह आगे बढ़ते हुए सभी का नामकरण होगा। यह कदम हमारे नायकों के प्रति एक स्थायी श्रद्धांजलि होगी। इनमें से कई ने राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था।”
जिन परमवीरों के नाम पर द्वीप
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अनाम द्वीपों के नाम मेजर सोमनाथ शर्मा, सूबेदार और मानद कप्तान (तत्कालीन लांस नायक) करम सिंह, लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल (तत्कालीन मेजर) धन सिंह थापा, सूबेदार जोगिंदर सिंह, मेजर शैतान सिंह, सीक्यूएमएच अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर होशियार सिंह, सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, फ्लाइंग अधिकारी निर्मलजीत सिंह सेखों, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, नायब सूबेदार बाना सिंह, कप्तान विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार और सूबेदार मेजर सेवानिवृत्त (माननीय कप्तान) ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव के नाम पर रखे गए हैं।
दिल्ली के मैदानगढ़ी में हर्ष नाम के 18 वर्षीय युवक की निर्ममता से हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि हर्ष को 100 से अधिक बार चाकू मारे गए। गला रेतने और चेहरे को एसिड से जलाने का प्रयास हुआ। पुलिस ने इस मामले में 2 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। घटना शनिवार (21 जनवरी 2023) की है। बताया जा रहा है कि मोबाइल छीनने के लिए इस हत्या को अंजाम दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर्ष अपने परिवार के साथ दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके के भाटी माइंस की संजय कॉलोनी में रहता था। वह 12वीं का छात्र था। शनिवार के दिन उसके स्कूल की छुट्टी थी। वह घर से चाऊमीन लेने निकला था। पुलिस को दोपहर के समय टेलीफोन मोहल्ले के राधाकृष्ण मंदिर के पास एक लाश पड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुँची तो मृतक की पहचान हर्ष के तौर पर हुई। शव पर चाकू के कई वार मिली। मैदानगढ़ी पुलिस ने IPC की धारा 302 के तहत FIR दर्ज कर मामले की जाँच शुरू की।
पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खँगाले तो घटनास्थल के आसपास 2 नाबालिग दिखाई दिए। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने हर्ष की हत्या करना कबूल कर लिया। नाबालिगों ने बताया कि उन्होंने हर्ष का मोबाइल छीनने का प्रयास किया था। विरोध करने पर चाकुओं से वार किया और गला रेत दिया। लाश की पहचान न हो पाए इसके लिए उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया। गिरफ्तार नाबालिगों की उम्र लगभग 15 साल बताई जा रही है।
हर्ष के परिजनों के मुताबिक वह घर से चाऊमीन लेने निकला था। बताया जा रहा है कि हर्ष पर हुए हमले के दौरान आसपास कुछ लोग भी खड़े थे, लेकिन उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। पकड़े गए नाबालिगों के पास से पुलिस ने हर्ष का मोबाइल फोन और सिम बरामद कर लिया है। खून से सने कपड़े और जूते भी खोज लिए हैं। हर्ष का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके घर वालों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है।
भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav), कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) और वाशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) ने उज्जैन में सोमवार (23 जनवरी, 2023) को बाबा महाकाल का दर्शन किया और भस्म आरती में शामिल हुए। इन क्रिकेटरों ने अपने साथी क्रिकेटर ऋषभ पंत (Risabh Pant) के जल्द ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना की। ऋषभ पंत दिल्ली से रुड़की अपने घर जाने के दौरान कार दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे।
Madhya Pradesh | Indian cricketers Suryakumar Yadav, Kuldeep Yadav, and Washington Sundar visited Mahakaleshwar temple in Ujjain and performed Baba Mahakal’s Bhasma Aarti. pic.twitter.com/nnyFRLMbfa
महाकाल के दर्शन के बाद दिग्गज क्रिकेटर और ‘360 डिग्री प्लेयर’ के रूप में पहचान बना चुके सूर्यकुमार यादव ने कहा, “हमने ऋषभ पंत के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की। उनकी टीम में वापसी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। हम पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला जीत चुके हैं, अब उनके खिलाफ हमारे अंतिम मैच की तैयारी कर रहे हैं”
Madhya Pradesh | Indian cricketers Suryakumar Yadav, Kuldeep Yadav, and Washington Sundar visited Mahakaleshwar temple in Ujjain and performed Baba Mahakal’s Bhasma Aarti. pic.twitter.com/nnyFRLMbfa
तीनों क्रिकेटरों ने बाबा महाकाल की पूजा विधि का पालन किया। क्रिकेटरों ने सबसे पहले धोती-सोला पहना और महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया। तीन क्रिकेटर आम भक्त की तरह ही भस्म आरती में शामिल हुए और नंदी हॉल में बैठे। इस दौरान कोई भी उन्हें पहचान नहीं सका। पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके साथ उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया भी रहे।
आपको बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में मंगलवार (24 जनवरी, 2023) को सीरीज का तीसरा और अंतिम अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच खेला जाना है। भारतीय टीम पहले ही दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी है। तीनों क्रिकेटर सोमवार (23 जनवरी, 2023) तड़के ही बाबा महाकाल का दर्शन करने उज्जैन पहुँचे थे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत 30 दिसंबर 2022 को कार दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए थे। वह कार से दिल्ली से अपने घर रुड़की जा रहे थे। इस दौरान नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई थी और फिर जलकर राख हो गई थी। हालाँकि अब पंत तेजी से रिकवर का रहे हैं और हाल ही में उन्होंने अपने फैंस को उनके स्वस्थ्य होने की प्रार्थना करने के लिए शुक्रिया भी अदा किया था।
लखनऊ के बाद अब छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भी चलती बाइक पर एक प्रेमी जोड़े के रोमांस का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक जोड़े को चलती चोरी की बाइक पर एक दूसरे की बाहों में बाहें डाले देखे जा सकते हैं। वीडियो का संज्ञान पुलिस ने लिया और केस दर्ज कर के दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सड़क पर कार खड़ी कर के फ्लाइंग किस देने वाली लड़की पर पुलिस ने 17 हजार रुपए का जुर्माना ठोंका है।
पहला मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का है। वायरल हो रहे एक वीडियो में लड़की को बाइक की टंकी पर लड़के की तरफ मुँह कर के बैठे देखा जा सकता है। आसपास से गुजर रहे लोगों में से किसी ने इस वीडियो को बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दुर्ग पुलिस के SP अभिषेक पल्लव के मुताबिक मामले का संज्ञान ले कर बाइक सवार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँच में यह भी सामने आया कि बाइक के पेपर नहीं है और गाडी चोरी की है।
पुलिस के अनुसार डेढ़ साल पहले डेढ़ लाख रुपए मूल्य की यह बाइक एक गाँव से चोरी हुई थी जिसे आरोपित ने महज 9 हजार रुपए में खरीद लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाडी को जब्त कर लिया गया है। प्रेमी जोड़े पर लापरवाही से बाइक ड्राइविंग और अश्लीलता फैलाने का आरोप है। वहीं दुर्ग पुलिस का कहना है कि लापरवाही से गाड़ी चलाने और अश्लीलता फैलाने के आरोप में 2 युवक और 2 युवतियों को गिरफ्तार किया गया है।
▪️अश्लील हरकत करते हुये तेज व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुये सोशल मीडिया में वायरल वीडियो का खुलासा।
एक अन्य मामले में उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने सड़क पर कार खड़ी कर के रील बनाने वाली एक युवती का 17 हजार रुपए का चालान किया है। यह रील साहिबाबाद थानाक्षेत्र में एलिवेटेड रोड पर बनाई गई थी। वीडियो में एक लाल रंग की स्विफ्ट कार दिखाई दे रही है जिसमें एक लड़की ‘कभी शरमाएगी, कभी घबराएगी, कभी तो आएगी’ गाने पर फ़्लाइंग किस देते हुए वीडियो बना रही है।
साहिबाबाद की ACP ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा कार का 17 हजार रुपए चालान करने के साथ महिला पर पुलिस की तरफ से तहरीर दे कर केस भी दर्ज किया जा रहा है।
थाना साहिबाबाद क्षेत्रान्तर्गत एलिवेटिड रोड पर युवती द्वारा रील बनाते हुये सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के सम्बन्ध मे थाना साहिबाबाद पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा उक्त कार का 17000 रु0 का चालान किया गया है-एसीपी साहिबाबाद pic.twitter.com/z0byqdvAt7
— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) January 22, 2023
गौरतलब है कि इसी माह 15 जनवरी को लखनऊ में एक चलती स्कूटी पर रोमांटिक अंदाज़ में एक प्रेमी जोड़े का वीडियो वायरल हुआ था। तब पुलिस ने स्कूटी को सीज कर दिया था और आरोपित पर केस भी दर्ज किया था। इसके अलावा मार्च 2021 में गाजियाबाद में ही 2 लड़कियों का बुलेट बाइक पर स्टंट करते वीडियो वायरल हुआ था। तब पुलिस ने बाइक का 11 हजार रुपए का ई चालान काटा था।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में ईसाई धर्मान्तरण के अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद अब उसके पड़ोसी जिले कौशांबी से धर्म परिवर्तन की कोशिश का नया मामला सामने आया है। यहाँ यीशु दरबार के आयोजन के दौरान हिन्दू संगठनों ने पहुँच कर हंगामा किया जिसके बाद हालात सँभालने के लिए पुलिस को आना पड़ा। हिन्दू संगठनों ने दरबार के आयोजकों पर ग्रामीणों को ईसाई बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। प्रशासन ने आयोजन को बंद करवा दिया है और भविष्य में बिना अनुमति के ऐसे दरबार न लगाने की चेतावनी दी है। मामले में केस दर्ज कर जाँच की जा रही है। घटना रविवार (22 जनवरी 2023) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पिपरी क्षेत्र के गाँव मोहम्मदपुर पुरैनी का है। यहाँ कुछ लोगों द्वारा दोपहर में यीशु दरबार का आयोजन किया गया था। बताया जा रहा है कि दरबार का आयोजन मसीही समुदाय के लोगों ने किया था। शाम लगभग 4 बजे इस आयोजन में हिन्दू महासभा के दर्जनों कार्यकर्ता पहुँच गए। दोनों तरफ से बहस होने लगी, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुँच गई। हिन्दू संगठनों ने आयोजनकर्ताओं पर अन्धविश्वास और धर्मान्तरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। स्थानीय SDM ने आयोजकों से कार्यक्रम बंद करने और बिना अनुमति दोबारा ऐसे आयोजन नहीं करने की चेतावनी दी।
इस आयोजन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ महिलाएँ जमीन पर लोट रहीं हैं। कई अपने सिर को तेजी से झटक रहीं हैं, जिसमें लगभग सभी उम्र वर्ग की औरतें और लड़कियाँ शामिल दिख रहीं हैं। पीछे से लाउडस्पीकर में तेज आवाज में गाने बज रहे हैं। कुछ महिलाओं ने दुआ माँगने के अंदाज़ में हाथ भी जोड़ रखे हैं। इस वीडियो पर कौशाम्बी पुलिस का कहना है कि थाना पिपरी में केस दर्ज कर जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
प्रकरण में थाना पिपरी में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
इस मामले में हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी वेद प्रकाश पांडेय के मुताबिक मोहम्मदपुर में एक लम्बे समय से हिन्दुओं को भूत-प्रेत का डर और लालच दिखा कर ईसाई बनवाया जा रहा है। पांडेय के मुताबिक इस हरकत की शिकायत पुलिस से की गई है। हिन्दू जागरण मंच ने आरोपितों पर कार्रवाई न होने पर जिले में प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
— पत्रकार अमन केशरवानि पब्लिक वाइब चायल सराय अकिल । (@Amankesharwani5) January 22, 2023
गौरतलब है कि कौशाम्बी जिले से सटे फतेहपुर में अभी हाल ही में पुलिस ने ईसाई धर्मान्तरण के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया था। तब यहाँ एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के बड़े अधिकारी भी विदेश से पैसा मँगा कर हिन्दुओं को ईसाई बनाने के काम में शामिल पाए गए थे।
द्रौपदी का मानसिक स्तर ठीक नहीं रहा होगा, वरना भरे दरबार में वस्त्र खींचने का वह विरोध करती। वह चीरहरण के दृश्य में एक मनोरोगी की तरह दिखाई देती है।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के छात्रों को कक्षाओं में मानसिक स्वास्थ्य इसी तरह समझाया जाता है। यह दावा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए एक पत्र में किया गया है। पत्र लिखने वालों ने खुद को संस्थान का छात्र और NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक से प्रताड़ित बताया है। ऑपइंडिया से बातचीत में मोहम्मद अशफाक ने डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर होते हुए भी कक्षा लेने की बात मानी है। यह भी माना है कि उन्होंने महाभारत के किरदारों का उदाहरण दिया था। लेकिन उनका दावा है कि छात्र इसे जिस तरह से पेश कर रहे हैं, वह सही नहीं है।
क्या है NIMHR
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) अपनी तरह का देश का इकलौता संस्थान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि की उपज है। मध्य प्रदेश के सीहोर में 2019 में इसकी शुरुआत हुई। फिलहाल पुराने जिला पंचायत भवन से इसका संचालन हो रहा है। भोपाल-इंदौर हाइवे पर सीहोर जिले के सैकड़ाखेड़ा गाँव में करीब 25 एकड़ जमीन पर करीब 180 करोड़ रुपए की लागत से संस्थान का कैंपस तैयार हो रहा है। देश के इस पहले राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में 9 विभाग होंगे। 12 पाठ्यक्रमों का संचालन होना है। फिलहाल 3 पाठ्यक्रम चल रहे हैं। ये हैं;
डिप्लोमा इन वोकेशनल रिहैबिलिटेशन इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी (DVR-ID)
डिप्लोमा इन कम्युनिटी बेस्ड रिहैबिलिटेशन (DCBR)
सर्टिफिकेट कोर्स इन केयर गिविंग (CCCG)
DVR-ID एक साल, DCBR दो साल और CCCG दस महीने का पाठ्यक्रम है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 30-30 सीटें हैं। फिलहाल संस्थान में 100 से ज्यादा छात्र हैं। इनमें करीब 60 फीसदी छात्राएँ बताई जाती हैं।
अभी पुराने पंचायत भवन से संचालित हो रहा सीहोर का राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (फोटो साभार: nimhr.ac.in)
NIMHR छात्रों के आरोप
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के छात्रों के नाम से तीन पन्नों का एक पत्र 16 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजा गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक को भी यह पत्र भेजा गया है। यह पत्र ऑपइंडिया के पास भी उपलब्ध है। पत्र में NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक पर संस्थान को मनमाने तरीके से संचालित करने, कक्षा लेने, ऐतिहासिक हिंदू चरित्रों की विकलांगता के संदर्भ में गलत व्याख्या करने, छात्रों को करियर बर्बाद करने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि मोहम्मद अशफाक आसपास के इलाकों के अपने समुदाय के लोगों को संस्थान के नाम पर अनुचित लाभ दिलाने का वादा भी करते हैं। यह भी कहा गया है कि मोहम्मद अशफाक की नियुक्ति से पहले संस्थान का माहौल इस तरह का नहीं था। उन्होंने अपने कथित इस्लामी तौर-तरीकों से संस्थान का माहौल किसी ‘पागलखाने’ जैसा कर दिया है। पत्र में इसके कारण छात्रों के भारी ‘मानसिक दबाव’ में होने की बात कही गई है। वैसे इस पत्र पर किसी छात्र का नाम नहीं है। पत्र के अंत में कहा गया है, “तत्काल संस्थान पर ध्यान दीजिए वरना यह पूरी तरह जेहादी अड्डा बन जाएगा। वह (मोहम्मद अशफाक) हमारा भविष्य खराब करने की धमकी देता है, इसलिए यह पत्र आपको बिना साइन के भेज रहे हैं। आप इस राष्ट्रीय संपत्ति को जेहादी से बचा लीजिए।”
NIMHR डायरेक्टर पर भी सवाल
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन आता है। मंत्रालय में संयुक्त सचिव (DEPwD) पद पर तैनात राजेश कुमार यादव के पास अभी संस्थान के निदेशक (Director) का दायित्व है। उन्हें यह जिम्मेदारी मई 2022 में दी गई थी। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यादव आज तक इस संस्थान में झाँकने भी नहीं आए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक ने भी ऑपइंडिया को बताया, “डायरेक्टर राजेश यादव ने कभी संस्थान का दौरा नहीं किया है।” मोहम्मद अशफाक द्वारा अपने तरीके से संस्थान को हाँकने की एक बड़ी वजह यही बताई जा रही है।
ऑपइंडिया की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि राजेश यादव से पहले NIMHR डायरेक्टर का दायित्व डा. प्रबोध सेठ के पास था। वे दौरे पर आते थे। संस्थान को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ भी उन्होंने बैठकें की थी। इन आरोपों को लेकर हमने राजेश यादव के आधिकारिक नंबर पर भी संपर्क किया। आरोपों को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने फोन काट दिया। उसके बाद भी हमने कई बार उनको कॉल किया। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। हमने राजेश यादव को इन आरोपों को लेकर मेल भी किया है। उसका भी जवाब नहीं मिला है। जवाब मिलने पर हम इस खबर को अपडेट करेंगे।
NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक का जवाब
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक ने ऑपइंडिया से बातचीत में अपने खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र के बारे में जानकारी होने से अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा, “परीक्षा में शामिल होने के लिए 80 फीसदी अटेंडेंस चाहिए। कुछ छात्रों का अटेंडेंस 10 फीसदी भी नहीं है। मुझे लगता है कि ऐसे छात्रों ने ही शिकायत की होगी। यदि उन्होंने संस्थान में अर्जी दी होती तो इस पर चर्चा की जा सकती थी।”
बातचीत के दौरान मोहम्मद अशफाक उन छात्रों के बारे में जानने की दिलचस्पी दिखा रहे थे, जिन्होंने शिकायत भेजी है। उन्होंने जोर देते हुए कई बार कहा कि शिकायत उन छात्रों ने ही की होगी जिनका अटेंडेंस कम है और जिन्हें परीक्षा से रोका गया है। मनमाने तरीके से संस्थान को चलाने, आदेश निकालने और अपने समुदाय के लोगों को प्रश्रय देने के आरोपों पर उन्होंने कहा, “किसी सरकारी अधिकारी पर ऐसा आरोप लगना निराशाजनक है। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बगैर कोई कैसे आदेश निकाल सकता है।”
उन्होंने बताया कि मॉर्निंग में गेस्ट लेक्चर्स की क्लास होती है। इस दौरान उन्होंने छात्रों को पढ़ाया है। महाभारत का संदर्भ भी दिया है। डिप्टी रजिस्ट्रार ने बताया, “डिसेबिलिटी की कक्षा लेते हुए मैंने बताया था कि दिव्यांगता की जो हमारे यहाँ परिभाषा है, उसमें हमने नेत्रहीन धृतराष्ट्र को भी राजा के पद पर देखा। मैंने जो भी कहा था वो बड़े सम्मानीय शब्दों में कहा था। अब पता नहीं छात्रों ने उसे किस तरह से लिया। हमारे जो पूर्वज थे, उनका जो काल था, मुझे नहीं लगता उसके बारे में बताना उनकी कोई अवमानना है।”
कार्य पूरा होने के बाद कुछ इस तरह दिखेगा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (फोटो साभार: nimhr.ac.in)
NIMHR में अटेंडेंस का विवाद क्या है?
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के कितने छात्रों को अटेंडेंस के कारण परीक्षा से रोका गया है, इसकी संख्या डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक ने पूछे जाने पर भी ऑपइंडिया को नहीं बताया। अपनी पड़ताल में हमने पाया है कि ऐसे छात्रों की संख्या 11 है। DVR-ID के एक छात्र ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर ऑपइंडिया को बताया, “संस्थान मोहम्मद अशफाक के कब्जे में है। हमने कई बार उनसे मिलकर बात करने की कोशिश की। लेकिन वे मिलने से मना कर देते हैं। वे सार्वजनिक तौर पर छात्रों को जलील करते हैं। वे शिक्षक नहीं हैं। फिर भी क्लास लेते हैं। कक्षाओं में आकर बैठते हैं। छात्रों पर दबाव बनाते रहते हैं।” इस छात्र का दावा है कि वह उन छात्रों में नहीं है, जिनके अटेंडेंस कम हैं। उसने यह भी माना कि पत्र भेजने वाले छात्रों में वह शामिल है।
ऑपइंडिया के पास मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के हेल्पलाइन पर भेजी गई एक शिकायत का विवरण भी उपलब्ध है। 25 दिसंबर 2022 को की गई इस शिकायत में शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरी फीस जमा करवाने के बाद उसे परीक्षा से रोका गया है। उसने अटेंडेंस में धांधली के आरोप भी लगाए हैं। सीहोर जिला कलेक्टर को भेजी गई इसी तरह की शिकायत का विवरण भी हमारे पास है। हम शिकायतकर्ता छात्रों की पहचान का खुलासा उनके आग्रह के कारण नहीं कर रहे हैं।
क्या NIMHR में विवाद की जड़ में अटेंडेंस ही है?
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक की माने तो पूरे विवाद के पीछे वे छात्र हैं, जिनका अटेंडेंस कम हैं। लेकिन, ऑपइंडिया के हाथ लगे कुछ दस्तावेजों से ऐसे लगता है कि आरोप हवा-हवाई नहीं हैं। मसलन, इस संस्थान को चलाने के लिए जो पदानुक्रम तय है, उसके अनुसार अकादमिक विभाग डिप्टी रजिस्ट्रार के अधीन नहीं आता। नीचे आप तय पदानुक्रम देख सकते हैं।
लेकिन नीचे आप 27 सितंबर 2022 को जारी वह सूचना देख सकते हैं, जिसमें अकादमिक सहित सभी विभागों को डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपने अधीन बताया है।
नीचे आप वह आदेश भी देख सकते हैं, जिसमें एकेडिमक ऐंड रिसर्च वर्क कमिटी के चेयरपर्सन के तौर पर भी डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक का नाम दर्ज है।
नीचे आप 21 दिसंबर 2022 को डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक की ओर से निकाले गए एक आदेश को देख सकते हैं। दिसंबर में ही NIMHR से निकाले गए एक संविदाकर्मी ने ऑपइंडिया को बताया, “नियुक्ति के बाद से ही मोहम्मद अशफाक ने कर्मचारियों का शोषण करना शुरू कर दिया था और धीरे-धीरे हर विभाग पर कब्जा कर लिया। जिन लोगों ने उसके सामने घुटने नहीं टेके, उनको निकाल दिया गया। NIMHR में मैं दो साल से काम कर रहा था और एक दिन अचानक से उसने आने से मना कर दिया। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। मैं परिवार को कैसे पालूँगा।” इस पूर्व कर्मचारी का यह भी कहना है कि संस्थान के संसाधनों का इस्तेमाल मोहम्मद अशफाक निजी कार्यों के लिए भी करते हैं। उन जैसे कर्मचारियों का इस्तेमाल अपने घरेलू कार्यों के लिए भी करते थे। इस पूर्व कर्मचारी का यह भी आरोप है कि संस्थान में जो मानसिक रोगी परीक्षण के लिए आते हैं, उनकी भी कैमरों के जरिए डिप्टी रजिस्ट्रार निगरानी करते हैं। पीएमओ को छात्रों के नाम से जो शिकायत मिली है उसमें भी यह बात कही गई है।
डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक ने ऑपइंडिया से बातचीत में सारे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, “मुझे ज्वाइन करते हुए छह महीने हुए हैं। जो कमियाँ थी उसे दूर करने का काम किया है। मेरी कोशिश है कि 31 जुलाई 2023 तक संस्थान का नया भवन तैयार करने की जो समय सीमा तय की गई है, उसमें यह काम पूरा कर लिया जाए। जो पाठ्यक्रम हमने शुरू करने की सोच रखी है, उनकी शुरुआत हो जाए।” उन्होंने हमसे बातचीत में जरूरत के हिसाब से संस्थान में शिक्षणेत्तर और गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारी होने की बात भी कही है।
क्या उपेक्षा से मर जाएगा PM मोदी का ड्रीम संस्थान?
डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक पर संस्थान को ‘मदरसे’ की तरह चलाने, आसपास के मुस्लिमों को संस्थान की तरफ से लाभ दिलाने का प्रलोभन देने, कट्टरपंथी संगठन के संपर्क में होने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं, हम इसकी पुष्टि नहीं करते। इन आरोपों को लेकर हमने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक से फोन पर संपर्क की कई बार कोशिश की। लेकिन असफल रहे। हमने उन्हें मेल भी भेजा है। जवाब मिलने पर रिपोर्ट को अपडेट करेंगे। लेकिन हमने अपनी पड़ताल में यह पाया है कि इस संस्थान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुसार विकसित करने को लेकर जितना ध्यान दिए जाने की जरूरत है, उतनी नहीं दी जा रही। इसका एक कारण डायरेक्टर राजेश यादव की उदासीनता भी लगती है।
वैसे मोहम्मद अशफाक ने ऑपइंडिया से कहा, “माननीय प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हम विश्वगुरु बनें। उनकी सोच के हिसाब से ही हम इसे विश्वस्तरीय संस्थान बनाने में लगे हैं। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक बहुत बड़ा संस्थान बने, अच्छा संस्थान बने, हम बस उसके लिए ही लगे हुए हैं।”
मोहम्मद अशफाक ने हमें यह भी बताया कि ग्वालियर के ‘सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्पोर्ट्स‘ के डिप्टी डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी उनको दी गई है। ऐसे में यह जरूरी लगता है कि उन पर लगे आरोपों की जाँच होनी चाहिए। पीड़ित छात्रों की समस्याओं का निदान किया जाना चाहिए। क्योंकि ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब मध्य प्रदेश के इंदौर के एक सरकारी लॉ कॉलेज से पढ़ाई की आड़ में लव जिहाद और मजहबी कट्टरता को बढ़ावा देने, देश और सेना के खिलाफ दुष्प्रचार किए जाने का मामला सामने आया था।
गुजरात के तापी जिले की एक अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर गोहत्या बंद हो जाए तो धरती की सारी दिक्क्तें दूर हो जाएँगी। गोतस्करी के एक आरोपित मोहम्मद अमीन को आजीवन कारावास की सजा देते कोर्ट ने गाय के गोबर और गोमूत्र को इंसानों के लिए बेहद लाभदायक बताया। तापी जिला न्यायालय के जज समीर विनोदचंद्रा व्यास के मुताबिक अगर गायें खत्म हो गईं तो प्रकृति का संतुलन ही बिगड़ जाएगा और मानव जीवन भी खतरे में आ जाएगा। 22 वर्षीय गोतस्कर मोहम्मद अमीन पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह आदेश 4 नवम्बर 2022 का है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोहम्मद अनीस 27 अगस्त 2020 को 16 से ज्यादा गायों और बछड़ों से भरे एक ट्रक के साथ पकड़ा गया था। उस पर गुजरात पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई तापी जिला अदालत में हुई। जज समीर विनोदचंद्रा व्यास ने आरोपित को आजीवन कारावास की सजा देने के साथ 5 लाख रुपए जुर्माने ठोंकते हुए गाय को महज जानवर ही नहीं बल्कि माँ होना बताया। उन्होंने कहा कि जिस दिन गाय के खून की एक भी बूँद धरती पर नहीं गिरेगी उस दिन दुनिया की तमाम तकलीफों का अंत हो जाएगा।
न्यायाधीश व्यास ने इसी केस की सुनवाई के दौरान आगे कहा कि गोहत्या की ही वजह से आज लोगों का स्वभाव गर्म हो रहा है और उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। न्यायाधीश के मुताबिक एक गाय 68 करोड़ पवित्र स्थानों और तैंतीस करोड़ देवताओं के जीवित ग्रह जैसी होती है। गोमूत्र को कई लाइलाज बीमारियों का इलाज बताते हुए जज से कहा कि गाय के गोबर का इस्तेमाल कर के बनाए गए घरों में परमाणु रेडिएशन का भी असर नहीं होता है। इसी टिप्पणी में आगे बताया गया है कि जहाँ गायें सुखी रहती है वहाँ के लोग भी न सिर्फ सुखी बल्कि सम्पन्न भी होते हैं।
मोहम्मद अमीन को सजा देने वाले 24 पन्ने के आदेश में न्यायाधीश ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष दोनों की दलीलों का जिक्र किया है। मोहम्मद अमीन पर गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2017, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, गुजरात नियंत्रण पशु परिवहन आदेश 1975 और गुजरात आवश्यक वस्तु और पशु नियंत्रण अधिनियम 2015 और केंद्रीय मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2015 के संबंधित प्रावधानों के तहत FIR दर्ज हुई थी।
स्वीडन में एक दक्षिणपंथी नेता द्वारा कुरान जलाने की घटना सामने आने के बाद तुर्की में इसका विरोध हो रहा है। नाटो की सदस्यता से जुड़े विवाद के प्रदर्शन के दौरान एक रैसलम पलुदान नाम के राइट विंग कार्यकर्ता ने तुर्की की एंबेसी के सामने कुरान जलाई। घटना के बाद तुर्की ने कहा कि स्वीडन की सरकार का इस तरह इन प्रदर्शनों को होने देना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
तुर्की के विदेश मंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी देने में बाद भी यह इस्लाम विरोधी घटना घटी जिसके जरिए मुस्लिमों को और उनकी पवित्र भावनाओं को आहत किया गया। उनके मुताबिक अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसी हरकत बिलकुल अस्वीकार्य है। स्वीडन के विदेश मंत्री तोबियस बिलस्टॉर्म ने खुद घटना को भयावह करार दिया।
Last night they played the Quran outside the Swedish embassy and today protest continue in Turkey against the burning of the Quran in Sweden! pic.twitter.com/xw3oNan4EM
उन्होंने लिखा कि स्वीडन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर बहुत आगे निकल आया, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि स्वीडिश सरकार या फिर हम ऐसे ख्यालातों का समर्थन करते हैं।
उल्लेखनीय है कि स्वीडन में कुरान जलाने की घटना के बाद पाकिस्तान, मलेशिया, सऊदी अरब, जॉर्डन समेत इस्लामी देशों ने भी घटना का विरोध किया है। पाकिस्तान ने कहा, “यह एक मूर्खतापूर्ण और उत्तेजक इस्लामोफोबिया कृत्य दुनिया भर के 1.5 अरब से अधिक मुसलमानों की धार्मिक संवेदनाओं को आहत करता है।”
पाकिस्तान के विदेश कार्यलय के मुताबिक, इस तरह की हरकतों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार में शामिल नहीं किया जा सकता। अभिव्यक्ति की आजादी में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार से जुड़ी जिम्मेदारियाँ होती हैं, जिसके तहत घृणास्पद बयान और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने वाले कृत्य शामिल नहीं होते।”
Press Release: Malaysia strongly condemns the provocative burning of the Holy Quran in Sweden pic.twitter.com/nkIvLOHu3y
इसी तरह मलेशिया ने भी 22 जनवरी को प्रेस रिलीज जारी करते हुए घटना की निंदा की। वहीं तुर्की में भी स्वीडन के विरोध में स्वीडन के झंडे जलाए गए। सैंकड़ों लोग सड़कों पर आकर स्वीडन का विरोध कर रहे हैं। सरकार ने विरोध दर्ज कराते हुए स्वीडन के डिफेंस मंत्री की यात्रा को रद्द कर दिया है। उन्होंने इसे नस्लवादी कार्रवाई करार दिया है
Turks burning the flag of Sweden outside the Swedish embassy in Ankara after the burning of the Koran at the Turkish Embassy in Stockholm was approved by the Swedish authorities. pic.twitter.com/maH55Ok95h
बता दें कि ये पूरा मामला NATO सदस्यता से जुड़ा हुआ है। चूँकि तुर्की पहले से नाटो में शामिल है वहीं स्वीडन लगातार शामिल होने की कोशिश कर रहा है। मगर तुर्की लगातार इसमें अड़ंगा लगाता है। ऐसे में स्वीडन में दक्षिणपंथी समूह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने तुर्की के दूतावास के सामने भी प्रदर्शन किया।