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‘शादी नहीं हुई तो सेक्स के लिए क्या करती हो?’ : पाकिस्तान उच्चायोग में महिला प्रोफेसर संग बदसलूकी, वीजा देने के नाम पर कहा- भारत के खिलाफ लिखो

नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी द्वारा पंजाब की एक महिला प्रोफ़ेसर का यौन उत्पीड़न करने का मामला सामने आया है। घटना मार्च 2022 की है। महिला प्रोफ़ेसर का कहना है कि पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी आसिफ ने वीजा दिलाने के बहाने उसका हाथ पकड़ा और यौन इच्छा से संबंधित सवाल पूछ कर उन्हें असुरक्षित महसूस कराया। इसके बाद जब उन्होंने बात नहीं सुनी तो उन्हें जलील भी किया गया।

महिला ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, ”मैं मार्च 2022 में नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग गई थी। मुझे एक लाउंज में इंतजार करने के लिए कहा गया और फिर कुछ समय बाद, मुझे बताया गया कि वीजा नहीं दिया जा सकता क्योंकि तत्कालीन पाकिस्तान सरकार स्थिर नहीं है और प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया है। जब मैं ऑफिस से निकल रही थी, तो आसिफ नाम का एक व्यक्ति मेरे पास आया और वीजा दिलाने की बात कही।”

प्रोफेसर ने आगे बताया कि अधिकारी उन्हें वहाँ एक अलग कमरे में ले गया और उसने पहले उनसे सामान्य प्रश्न पूछे और उन 45 मिनटों में वह उनसे निजी सवाल करने लगा। प्रोफ़ेसर ने बताया कि अधिकारी ने फिर उनसे पूछा कि उन्होंने अबतक शादी क्यों नहीं की और वह यौन इच्छा को पूरा करने के लिए क्या करती हैं।

महिला ने आगे बताया, ”अधिकारी ने यह भी पूछा कि क्या आपके पास कोई है जिसके साथ आप सेक्स करती हैं या आपके साथ कोई है जिसके साथ आप बाहर जाती हैं। क्या आपका कोई एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हो सकता है। मैं वहाँ से उठ गई और वीजा अधिकारी को बुलाने के लिए कहा।”

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी ने बातचीत के दौरान उनका हाथ पकड़ लिया और कहा कि उनकी पर्सनैलिटी काफी अच्छी है। आसिफ ने प्रोफेसर को शादी का प्रपोजल दिया। हालाँकि जब वह नहीं मानीं तो उन्हें कहा गया कि पाकिस्तान फास्ट (बिन मर्द के पाकिस्तान जाने वाली) लड़कियों को वीजा नहीं देता।

एक रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को इस बाबत चिट्ठी लिखी है और व्हाट्सअप का स्क्रीनशॉट भेजा है। विदेश मंत्रालय के अलावा यह शिकायत पाकिस्तान उच्चायोग, पाक विदेश मंत्रालय को भी दी गई है।

महिला का आरोप है कि एक दूसरे पाकिस्तानी अधिकारी ने उन्हें भारत सरकार के खिलाफ लिखने के लिए कहा था और इसके एवज में अच्छा मेहनताना देने की बात कही गई थी। हालाँकि उन्होंने इससे इनकार कर दिया। बकौल महिला वह लाहौर में गुरुद्वारा में मत्था टेकने एक विश्वविद्यालय में लेक्चर देने के लिए पाकिस्तान जाना चाहती थीं।

रेहान खान के लिए रुबीना बन गई यशोदा, एक दिन फाँसी के फंदे से झूलती मिली: पीड़ित परिजनों ने बताया- मांस खाने को कहता था, पीटता था

मुंबई पुलिस ने रेहान खान नाम के शख्स को पत्नी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रेहान की पत्नी यशोदा खटीक धारावी स्थित अपने घर में सीलिंग रोड से लटकी हुई पाई गई थी। पुलिस ने यशोदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रेहान की गिरफ्तारी की है। वहीं आरोपित रेहान का कहना है कि उसकी बीवी ने फाँसी लगाकर आत्महत्या की है।

24 वर्षीय यशोदा मध्यप्रदेश के कटनी की रहने वाली थी। वह 2018 में रेहान खान के साथ घर छोड़कर चली गई थी और बाद में मुंबई में रहने लगी थी। यशोदा ने रेहान से मुंबई में ही शादी की और वहीं धारावी में रहने लगी। यशोदा के परिजनों का आरोप है कि रेहान यशोदा पर जबरन धर्मपरिवर्तन का दबाव बनाता था और उसका नाम बदलकर रुबीना रख दिया था। परिवार का यह भी आरोप है कि रेहान शराब के नशे में यशोदा की पिटाई करता था। उसे मांस खाने को मजबूर करता था।

यशोदा के परिवार की शिकायत पर धारावी पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की और आरोपित रेहान पर IPC की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही रेहान पर हत्या के मामले को आत्महत्या का दिखाने का भी आरोप लगा है। वहीं  धारावी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय कांडलगांवकर ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि यशोदा खटीक की मौत गला घोंटने से हुई थी। रेहान खान और यशोधरा खटीक के 2 बच्चे हैं।

बता दें कि इससे पहले धारावी में विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने यशोदा को न्याय दिलाने के लिए एक मार्च निकाला था। VHP का आरोप है कि यह मामला लव जिहाद का है।

देश में बढ़ रहा लव-जिहाद

उल्लेखनीय है कि देश में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं साल 2022 में लव जिहाद के कुल 153 मामलों को ऑपइंडिया ने रिपोर्ट किया था। इससे कोई एक राज्य-विशेष ही प्रभावित नहीं है बल्कि लगभग हर राज्य ग्रसित है। साल 2022 में उत्तर प्रदेश से 65, मध्य प्रदेश से 37, झारखंड से 12, गुजरात और उत्तराखंड से 7-7, दिल्ली और कर्नाटक 5-5, महाराष्ट्र से 4, बिहार से 3, केरल, हरियाणा, राजस्थान से 2-2, जबकि असम से लव जिहाद का 1 मामला सामने आया। राज्यों के अलावा लव जिहाद का 1 मामला हमने नेपाल से भी कवर किया।

‘अमित शाह-स्मृति ईरानी का इस्तीफा, सिंधिया की कॉन्ग्रेस में वापसी’: 6 यूट्यूब चैनल बैन, PM से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फैला रहे थे झूठ

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने फेक न्यूज़ फैलाने वाले 6 यूट्यूब चैनलों का पर्दाफाश किया है। पीआईबी के ट्विटर अकाउंट से इससे संबंधित 100 से ज्यादा फैक्ट चेक वाले छह अलग-अलग ट्विटर थ्रेड जारी किए। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब से इन 6 चैनलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक फर्जी खबरें फैलाने वाले चैनलों के 20 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे और उनके वीडियो 51 करोड़ से अधिक बार देखे गए हैं। पीआईबी ने जिन 6 यूट्यूब चैनलों की फैक्ट चेकिंग की उनमें नेशनल टीवी, संवाद टीवी, सरोकार टीवी, नेशन 24, स्वर्णिम भारत और संवाद समाचार शामिल हैं। संवाद टीवी के सबसे ज्यादा लगभग 11 लाख सब्सक्राइबर्स थे।

इन यूट्यूब चैनलों ने चुनाव, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, भारत की संसद में कार्यवाही और भारत सरकार के कामकाज को लेकर फर्जी खबरें फैलाईं। भारत के राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों को लेकर भ्रामक खबरें फैलाई गई।

पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट की तरफ से जानकारी दी गई कि ये चैनल दर्शकों को गुमराह करने के लिए टीवी समाचार चैनलों और उनके एंकर्स की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि यह यकीन दिलाया जाए कि उनके द्वारा दी जा रही जानकारी सही है। बताया गया कि ये चैनल अपने वीडियो में विज्ञापन दिखाते और यूट्यूब पर भ्रामक खबरें दिखा कर पैसे भी कमा रहे हैं।

दरअसल इस तरह के चैनलों पर जानबूझकर भ्रामक, झूठी और सनसनीखेज खबरें अपलोड की जाती हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन फर्जी खबरों को देखें। अधिक व्यू होने से विज्ञापन और यूट्यूब के जरिए इन्हें धन प्राप्त होता है। इसके पहले भी दिसंबर 2022 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पीआईबी विभाग की फैक्ट चेक यूनिट ने तीन चैनलों को फर्जी और भ्रामक ख़बरें फैलाने वाला करार दे कर इनपर बैन लगा दिया था। वर्ष 2023 में फर्जी खबर फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों पर यह पहली कार्रवाई है।

बिहार के शिक्षा मंत्री का माफी माँगने से इनकार, दिल्ली पुलिस से वकील ने की शिकायत: रामचरितमानस को बताया था नफरती ग्रंथ

बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर यादव द्वारा हिंदू धर्मग्रंथ रामचरितमानस को लेकर की गई घोर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बवाल हो गया है। दिल्ली के एक वकील ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत देकर मंत्री के खिलाफ FIR करने की माँग की है। वहीं, चंद्रशेखर अपने बयान पर कायम हैं और जीभ काटने की धमकी देने वाले अयोध्या के महंत परमहंस को तर्क करने की चुनौतीदी है।

दिल्ली के वकील विनीत जिंदल ने शिक्षामंत्री चंद्रशेखर यादव की टिप्पणी को अपमानजनक और भड़काऊ बताते हुए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर के खिलाफ FIR एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।

अपनी शिकायत में गोयल ने कहा कि चंद्रशेखर यादव ने लोगों को भड़काते हुए कहा कि मनुस्मृति पिछड़े लोगों के साथ गाली-गलौज करता है तो दूसरी तरफ रामचरितमानस उन्हें अशिक्षित रखने की बात कहता है। उन्हें RSS के पहले सरसंघचालक गोलवरकर ने अपनी किताब ‘बंच ऑफ थॉट’ में भी यही बात कही है।

बता दें कि ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए RJD नेता चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है। संबोधन के बाद मीडिया के सामने भी बिहार के शिक्षा मंत्री अपने बयान पर कायम नजर आए।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि दोहे में अधम का अर्थ नीच होता है जिसे उन्होंने जाति से जोड़ते हुए कहा कि इस दोहे के अनुसार नीच जाति अर्थात दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था।

चंद्रशेखर यादव के बयान पर अयोध्या के महंत जगतगुरु परमहंस आचार्य ने उनकी जीभ काट कर लाने वाले को 10 करोड़ रुपए देने की बात कही है। उन्होंने इस बयान को सनातनियों का अपमान बताते हुए कहा, “मैं माँग करता हूँ कि शिक्षामंत्री को एक सप्ताह के अंदर उनके पद से हटाया जाए और उन्हें माफी माँगनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं फिर बिहार के शिक्षा मंत्री का जीभ काट कर लाने वाले को 10 करोड़ रुपए का पुरस्कार दूँगा।”

इतना ही नहीं, चंद्रशेखर ने अपने संबोधन के दौरान कहा था कि वे जाति-पाँति को खत्म करने के उद्देश्य से अवे अपने नाम में सरनेम नहीं लगाते हैं। हालाँकि, उनका यह बयान गलत है। साल 2005 में जब वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे थे, जब उन्होंने अपने सरनेम का पंपलेट छपवाकर खूब बाँटा था।

बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा, “बिहार के शिक्षामंत्री महाबोगस ही नहीं महाझूठा आदमी हैं। आत्ममुग्धता भरा प्रवचन सुनिए, ‘सिर्फ चंद्रशेखर लिखते हैं, नाम के आगे-पीछे कुछ नहीं लिखते’। यानी जाति से ऊपर उठ गए हैं। चुनावी पर्चा में ‘यादव’ लिखकर वोट माँगते हैं।”

चंद्रशेखर यादव ने कहा कि वे अपने बयान पर अभी भी कायम हैं। उन्होंने कहा, “जो मेरी जीभ काटना चाहते हैं, मुझे जेल भेजवाना चाहते हैं, वो हमसे तर्क करें। ये नागपुर से चलने वाला छद्म हिंदूवाद नहीं चलेगा।” उधर बवाल बढ़ने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उनके बयान को निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ लिया।

मेनस्ट्रीम मीडिया का प्रपंच बनाम ऑपइंडिया हिंदी के 4 साल: हम जानते हैं हमले और तेज होंगे, लेकिन हम भी लक्ष्य साधना को अडिग

क्‍या हार में क्‍या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही।

ऊपर कविता का एक अंश है। पूरी कविता नहीं। शिवमंगल सिंह सुमन की यह कविता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर सभाओं में सुनाया करते थे। कुछ लोग तो इसे वाजपेयी की ही कविता मान लेते हैं। खैर! इस कविता-अंश की आखिरी पंक्ति जो मैंने जानबूझकर नहीं लिखी, वो है- “वरदान माँगूँगा नहीं।”

हार और जीत में इंसान अपने स्वभाव से डिग जाए, यह आदर्श नहीं कहा जा सकता। वामपंथी मीडिया गिरोह के बीच काम, बहुराष्ट्रीय टेक कंपनियों के तथाकथित ‘लिबरल’ रवैयों के कारण हर दिन ही अपनेआप में एक संघर्ष है। फिर भयभीत क्यों होना? खुद से खींची लकीर और चुने रास्ते से विचलित क्यों हो जाऊँ? वरदान माँगूँगा नहीं – यह कैसे लिख दूँ? लेकिन ऑपइंडिया हिंदी का संपादक होने के नाते पाठकों से संवाद करते वक्त वरदान न माँगें तो और क्या माँगें? 2019 से आपके साथ मात्र ने ही तो रास्ते दिखाए हैं। आपका संबल ही हमारा मनोबल है।

2019 में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर हमने ऑपइंडिया की हिंदी वेबसाइट को आप पाठकों के लिए सार्वजनिक किया था। संपादकीय और तकनीकी काम हालाँकि पहले से चल रहे थे। तब से अब तक गिरते-पड़ते, गलतियों को स्वीकारते-सुधारते, अपनी आकांक्षाओं को पाठकों की अपेक्षाओं से जोड़ते हुए 4 साल का सफर तय कर लिया गया। इस दौरान वामपंथियों के विरोधों को भी झेला, कई उपनाम और गाली-जड़ित तमगे मिले। बिग-टेक कंपनियों की वामपंथी विचारधारा के कारण प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष बैन भी कई बार रोड़े बने। हार के बजाय हालाँकि हर बार हम और मजबूत होते गए। उनके ही बनाए दाँव-पेंच सीख हमने उनके ही खेमे में उन्हें पटखनी दी।

आपके साथ ने हमें सशक्त बनाया है। आपके ही समर्थन से खबरों में बिना प्रोपेगेंडा घुसाए हमने वो लिखा-दिखाया, जो सच था। आज ऑपइंडिया हिंदी पाँचवें साल में प्रवेश कर गया है। मतलब स्कूल जाने की उम्र। यहाँ से अब इसकी रफ्तार साल-दर-साल तेज होती जाएगी। इस कारण अब हम पर हमले और तेज होंगे, यह निश्चित है। कभी मास-रिपोर्टिंग होगी, कभी बैन तो कभी शैडो-बैन। हम टिके रहेंगे लेकिन। क्योंकि आप हमारे साथ हैं। खबरों को लेकर आपकी समझ को अब मीडिया-गिरोह भी भली-भाँति समझ चुका है। सोशल मीडिया में जिस तरह की प्रतिक्रियाएँ आती हैं, यह भी निश्चित है कि पाठकों को नीच दिखाने का खेल अब मीडिया-गिरोह उसी तरह खेलेगा, जैसा लोकतंत्र में किसी एक पार्टी की जीत को भीड़ की जीत बता कर खारिज करने का प्रोपेगेंडा रचा जाता है। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।

ऑपइंडिया आपका प्लेटफॉर्म है। आपके सहयोग से ही हम यहाँ हैं। आपके साथ ही आगे बढ़ना है। ऐसे में किसी खबर को लेकर शिकायत, किसी मुद्दे पर आपके सुझाव आदि का हमेशा स्वागत रहेगा। आप बेझिझक [email protected] पर मेल कर संवाद कर सकते हैं। हमारे सार्थक प्रयास के लिए आप इस लिंक पर जाकर सहयोग भी कर सकते हैं।

आशा करते हैं कि आपका साथ और भी मजबूत होता जाएगा। ऑपइंडिया की ओर से संपादकीय प्रयास यह होगा कि हम आपकी अपेक्षाओं पर खरे उतरें। जिस काम को लेकर चले हैं, जो लक्ष्य साधना है, उससे अडिग न हों। अब तक आप लोगों से मिले स्नेह, प्यार, समर्थन के लिए बहुत-बहुत आभार, तहे-दिल से शुक्रिया।

हर साल 100-200 हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण, लड़कों का जबरदस्ती खतना: महाराष्ट्र के दौंड का हाल, रिपोर्ट में दावा- मुस्लिम लड़कों को मिलते हैं ₹5 लाख

महाराष्ट्र में हिंदू लड़कियों के धर्म परिवर्तन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक दौंड में हर साल करीबन 200 लड़कियाँ मुसलमान बनाई जा रही हैं। हिंदू परिवारों का दावा है कि ऐसा करने के लिए मुस्लिम लड़के 5 लाख रुपए पाते हैं। इस खुलासे को करते हुए हिंदू परिवारों ने जानकारी दी कि इस्लामी कट्टरपंथियों को राजनेताओं का साथ मिला हुआ है। सांसद से लेकर पुलिस तक इनकी मदद कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, केवल हिंदू औरतें ही नहीं हिंदू आदमी भी इस इलाके में इस्लामी धर्मांतरण का शिकार बन रहे हैं। हिंदू लड़कों को हनी ट्रैप में फँसाया जाता है और फिर उनसे धर्मांतरण के लिए बोला जाता है। लोगों का दावा है कि करीबन 100 लोगों को खतना के लिए मजबूर किया गया और कुछ का जबरन खतना कराया गया।

टाइम्स नाऊ से बात करते हुए एक स्थानीय ने कहा, “एक साल में, यहाँ लगभग 100 से 200 लोगों का धर्मांतरण होता है। उनमें से ज्यादातर लड़कियाँ हैं। वे लड़कियाँ 17 या 18 साल की होती हैं और वो भी ज्यादातर कॉलेज में होती हैं जब ये लोग उनका ब्रेन वॉश करते हैं। ये लोग निकाह की बातें करते हैं, उसके बाद बच्चा होता है तो तलाक देकर छोड़ देते हैं और फिर से खुद को शादी के लिए तैयार करते हैं।”

हिंदू कहते हैं कि उन्हें इन मामलों में बोलने से डर लगता है कि कुछ भी प्रतिक्रिया देने पर लड़कियों को मारा-पीटा और धमकाया जाता है। एक व्यक्ति कहता है, “यह लोग युवा लड़कियों को सरेआम सड़क पर छेड़ते हैं लेकिन कोई कुछ भी नहीं कहता और न ही इनके विरुद्ध शिकायत होती है। हर राजनेता इनको सपोर्ट करता है, इसलिए कोई भी आवाज नहीं उठाता। लोग इन मामलों पर बात करने से भी घबराते हैं।”

टाइम्स नाऊ से बात करते हुए लोगों ने बताया कि दौंड में चल रही धर्मांतरण गतिविधियों के पीछे फारुक कुरैशी, कमल कुरैशी, आसिब कुरैशी, फरहान कुरैशी का हाथ है। कोई भी इनके नाम लेने से डरता है। इनमें से कुमेल कुरैशी उर्फ हाजिब साहब को गिरफ्तार किया जा चुका है। दौंड में चल रहे धर्म परिवर्तन और पुरुषों के खतना कराने के खेल में उसका सीधा नाम है।

एक हिंदू ने तो बताया  कि कैसे उसका जबरन खतना सिर्फ इसलिए कराया गया क्योंकि उसकी बीवी मुस्लिम है। हिंदू व्यक्ति के मुताबिक, “उन्होंने मुझे नीचे गिराया और वीडियो बनानी शुरू कर दी। एक आसिब शेख ने मेरी बांह पकड़ी और कमल कुरैशी ने मेरी टाँग। इसके बाद डॉक्टर से कहा गया कि वो खतना करें। बाद में वह मुझे खून से लथपथ छोड़ गए।” ऐसे ही एक लड़की ने बताया कि पहले उसे प्रेम के जाल में फँसाया गया और उसके बाद जब वह कोर्ट शादी के लिए पहुँची तो उसे दस्तावेज से पता चला लड़के का असली नाम क्या है। लड़की ने कहा भी कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है। मगर लड़का वहाँ भी उसे सब संभालने की बात कहकर उसे बहलाता रहा।

जोशीमठ के सैन्य इमारतों में भी दरार, जवानों को किया गया शिफ्ट: अभी होटल टूटेंगे-घरों पर नहीं चलेंगे बुलडोजर, प्रभावितों के लिए ₹45 करोड़ जारी

उत्तराखंड के जोशीमठ में सैन्य इमारतों में दरार आने के बाद जवानों को शिफ्ट कर दिया गया है। उत्तराखंड सरकार ने प्रभावितों के लिए 45 करोड़ का फंड जारी किया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अभी घरों को नहीं तोड़ा जाएगा। फिलहाल दो होटल टूटेंगे।

होटल मलारी इन और माउंट व्यू को गिराने का काम शुरू हो गया है। भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। हाइवे बंद कर दिया गया है। डेंजर जोन में होने के कारण प्रशासन ने इन होटलों को गिराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया है कि अभी किसी घर को नहीं तोड़ा जाएगा। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए होटलों को तोड़ा जाएगा।

बुधवार की रात जोशीमठ में बिताने के बाद मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और भू वैज्ञानिकों के साथ गुरुवार (12 जनवरी 2023) को बैठक की। लोगों की सुरक्षा के सभी इंतजाम करने और तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने जोशीमठ को लेकर भ्रामक खबर नहीं फैलाने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘जोशीमठ खत्म हो जाएगा’ जैसी झूठी व निरर्थक खबरें फैला रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि जोशीमठ के सिर्फ 25% घरों में ही दरारें हैं।

उत्तराखंड सरकार ने 3 हजार प्रभावितों के लिए 45 करोड़ रुपए का फंड भी जारी कर दिया है। इसमें 1 लाख रुपए एडवांस और 50 हजार रुपए सामान की ढुलाई और दूसरे खर्चों के लिए दी जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जो लोग किराए के घर में जाना चाहते हैं, उन्हें छह माह तक चार हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। सीएम के सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी है कि अब तक 131 परिवारों के 462 लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि बाजार दर से मुआवजा तय करने के लिए प्रभावितों से भी सुझाव लिए जाएँगे। इसके लिए सरकार ने पहले ही कमेटी बना दी है। मुआवजे का आकलन किया जा रहा है।

जोशीमठ में जमीन खिसकने का असर सेना की इमारतों पर भी हुआ है। आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार (12 जनवरी 2023) को बताया कि आर्मी बेस की 25-28 इमारतों में दरारें आई हैं। सैनिकों को अस्थायी रूप से औली शिफ्ट कर दिया गया है। उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा है कि उत्तराखंड सरकार जोशीमठ पर आए संकट का समाधान तलाश रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है।

‘मोदी हिटलर, भिंडरांवाले संत’: ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थकों ने हिंदू मंदिर में की तोड़फोड़, लिखे आपत्तिजनक नारे

पाकिस्तान खालिस्तान मूवमेंट को भड़काने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। अब ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न (Melbourne, Australia) में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर खालिस्तान समर्थकों (Khalistani) ने हमला कि। इसके साथ ही मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी और पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लिखे।

इतना ही नहीं, खालिस्तानियों ने मंदिर में तोड़फोड़ का वीडियो भी बनाया और इसे वायरल कर दिया। अगले दिन जब मंदिर की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे दिखे तो हिंदू समुदाय ने स्थानीय पुलिस में इसकी जानकारी देते हुए औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 जनवरी 2023 की शाम को कुछ लोगों ने मेलबर्न के उत्तरी उपनगर मिल पार्क में BAPS स्वामीनारायण मंदिर (Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Mandir) की दीवारों को ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’, ‘मोदी हिटलर है’ और ‘भिंडरावाले जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे।

बता दें कि जरनैल सिंह भिंडरांवाले एक खूँखार खालिस्तानी आतंकी थी। वह 20,000 से अधिक हिंदू और सिखों की हत्या के लिए जिम्मेवार था। हालाँकि, अलगाववादी खालिस्तानी भिंडरांवाले को संत बताकर पर उसका महिमामंडन करते रहते हैं।

एक स्थानीय व्यक्ति ने ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया, “जब मैं आज सुबह मंदिर पहुँचा तो देखा कि दीवारें हिंदुओं के प्रति खालिस्तानी नफरत से भरे नारों रंगी हुई थीं।” उसने आगे बताया, “खालिस्तान समर्थकों द्वारा शांतिपूर्ण हिंदू समुदाय के प्रति धार्मिक घृणा के खुलेआम प्रदर्शन से मैं गुस्सा, डरा हुआ और निराश हूँ।”

इस मामले पर स्वामीनारायण मंदिर ने कहा, “हम बर्बरता और नफरत के इन कृत्यों से बहुत दुखी और स्तब्ध हैं। BAPS हमेशा सभी धर्मों और लोगों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और संवाद के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हमने अधिकारियों को अवगत करा दिया है और उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। हम शांति और सद्भाव के लिए प्रार्थना करते हैं।”

हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के अध्यक्ष मकरंद भागवत ने हमले की निंदा की और कहा कि पूजास्थलों के खिलाफ किसी भी तरह की नफरत और तोड़फोड़ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “इस तरह की गतिविधि विक्टोरिया के नस्लीय और धार्मिक सहिष्णुता अधिनियम का उल्लंघन है। हम अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए विक्टोरिया पुलिस और प्रीमियर डैन एंड्रयूज से माँग करते हैं।”

इस घटना की मेरलबॉर्न सहित ऑस्ट्रेलिया के हिंदू समुदाय ने निंदा ने की है। केरल हिंदू सोसाइटी मेलबर्न ने एक बयान जारी कर हमले और नफरत की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इसे ‘रणनीतिक रूप से लक्षित हमला’ बताते हुए इसकी भर्त्सना की।

दिल्ली के कब्रिस्तान से निकला 54 साल की हिंदू महिला का शव: मुबीन ने साथियों के साथ मिलकर हत्या की, सैय्यद अली को पैसे देकर दफन किया

दिल्ली में एक 54 साल की हिंदू महिला को हत्या के बाद कब्रिस्तान में दफन कर देने का मामला सामने आया है। करीब 10 दिन बाद महिला का शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया है। इस महिला की पहचान मीना के तौर पर हुई है। इस मामले में चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

गिरफ्तार लोगों में मुबीन, रेहान, नवीन और सैय्यद अली शामिल हैं। सैय्यद अली कब्रिस्तान का केयरटेकर है। मुबीन खान ने रेहान और नवीन की मदद से महिला की हत्या की थी। उसके बाद केयरटेकर को 5 हजार रुपए का लालच देकर लाश कब्रिस्तान में दफन कर दिया।

पुलिस ने बताया है कि मीना रेहड़ी पटरी वालों को ब्याज पर पैसे देती थी। आरोपितों ने भी उससे पैसे ले रखे थे। पैसे वापस माँगे जाने पर उन्होंने उसकी हत्या कर दी। एक रिपोर्ट के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में महिला आखिरी बार मोबीन और नवीन के साथ देखी गई थी। पूछताछ में उन्होंने उसे अपने कमरे पर ले जाने और तकिए से मुँह दबाकर हत्या करने की बात मानी है।

मीना 2 जनवरी 2023 से मंगोलपुरी से लापता थी। बाहरी दिल्ली के डीएसपी हरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया, “रेहान, मुबीन और नवीन को महिला के साथ अंतिम बार देखा गया था। उन्होंने ही मीना हत्या की थी। हमने कब्रिस्तान के केयरटेकर सैय्यद अली को भी गिरफ्तार किया है। उसने 5000 रुपए की लालच में तीनों आरोपितों को कब्रिस्तान में शव दफनाने की इजाजत दी थी।”

सिंह ने बताया, “2 जनवरी 2023 को मंगोलपुरी थाने में मीना की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत बरामद किए गए। इस आधार पर मुबीन और नवीन को पकड़ा गया। उन्होंने रेहान के साथ मिलकर महिला की हत्या करने का खुलासा किया।”

डीएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि उन्होंने हत्या करके मीना के शव को नांगलोई क्षेत्र के कब्रिस्तान में दफना दिया था। आरोपितों की निशानदेही पर मीना का शव बुधवार (11 जनवरी 2023) को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए ऑटो को भी बरामद कर लिया है।

हिंदू धर्म ग्रंथों को बताया ‘पोर्न’, कहा- हमें हिंदुओं से घृणा: लाइव आकर बांग्लादेश के विपक्षी नेताओं ने उगला जहर, बोला- मिशन के बीच में न आएँ

बांग्लादेश में विपक्षी नेता ने हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथों को ‘अश्लील (पोर्न)’ कहा है। नेता का नाम तारिक रहमान है। वह बांग्लादेश गोनो अधिकार परिषद (Bangladesh Gono Odhikar Parishad) का संयुक्त संयोजक है। उसका कहना है कि हिंदू धर्मग्रंथ कोई नैतिक शिक्षा नहीं देते बल्कि वह एक तरह के अश्लील ग्रंथ हैं।

तारिक रहमान विपक्षी नेता नुरुल हक नूर का करीबी है। अपने फेसबुक लाइव में उसने कहा, “हिंदू ग्रंथ कोई नैतिक शिक्षा नहीं देता। हर धार्मिंक ग्रंथ पॉर्न स्क्रिप्ट है। हमें हिंदुओं के लिए घृणा है।” सोशल मीडिया पर अब यह वीडियो वायरल हो रहा है। कुछ लोग इस बयान को जमात नेताओं के उस बयान से जोड़ रहे हैं जिसमें हिंदुओं के सफाए की बातें हैं।

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में चुनाव से पहले कुछ विपक्षी नेता लगातार विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। इससे पहले विपक्षा के नेता नुरुल ने कुछ सऊदी अरब से लाइव आते हुए कहा था कि पत्रकार ‘गुलाम’ होते हैं। इसी वीडियो में उसने पत्रकारों को धमकाते हुए कहा था कि उसके मिशन के बीच में कोई न आए।

फेसबुक लाइव में उसने कहा था, “हाँ, मैं मोसाद सहित विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ एक साजिश में शामिल हूँ। सरकार को हटाने की कोशिश में, मैंने इस सरकार को हटाने की साजिश रचने के लिए मोसाद एजेंट मेंडी एन सफादी के साथ बैठक की।”

बता दें कि नुरुल हक नूर बांग्लादेश के विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का नेता है। उसकी पार्टी को जमात-ए-इस्लामी से खुलेआम सपोर्ट मिला हुआ है। उसका मकसद अगले साल के चुनाव में पीएम शेख हसीना को सत्ता से उखाड़ फेंकने का है। इस बारे में वह खुले में बोलता भी है और धमकाता भी है। अब उसके करीबी और पार्टी के अन्य नेता भी हिंदुओं के खिलाफ बयान देने लगे हैं।