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‘अब लड़ाई मोदी से बड़ा हिंदू बनने की है…’ : गुजरात चुनावों में फजीहत के बाद बोले ओवैसी, कहा- ‘मुस्लिमों कॉन्ग्रेस से रोमांस करना छोड़ो, हम मोहब्बत करेंगे’

खुद को देश भर के मुसलमानों का रहनुमा बताने वाले AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात चुनाव में वोट काटने के आरोपों को खारिज किया है। ओवैसी ने कहा है कि बीजेपी इसलिए जीत रही है क्योंकि उसे हिंदू वोट ज्यादा मिल रहे हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भी आरोप लगाते हुए कहा है राजनीतिक लड़ाई आगे बढ़ चुकी है और अब यह देखा जा रहा है कि पीएम मोदी से “बड़ा हिंदू” कौन है।

एजेंडा आज तक में बोलते हुए, ओवैसी ने कहा है, “भाजपा का स्पष्ट रूप से मुस्लिमों से कोई संबंध नहीं है। आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस भी वही काम कर रहे हैं। अब पूरी राजनीतिक लड़ाई इस बात में बदल गई है कि पीएम मोदी से बड़ा हिंदू कौन है। ऐसे में भारतीय राष्ट्रवाद कहाँ जाएगा?”

इसके अलावा, उन्होंने गुजरात पर AIMIM की हार पर बात करते हुए कहा है कि मुस्लिम समाज को ये बात समझनी चाहिए कि कॉन्ग्रेस से उनको रोमांस या इश़्क अब खत्म करना होगा, क्योंकि वो बीजेपी को नहीं हरा पाएँगे। मुसलमान कॉन्ग्रेस से जो मोहब्बत कर रहे हैं, वह गलत कर रहे हैं। मुस्लिमों को लगता है कि उन्हें कॉन्ग्रेस से कुछ मिलेगा लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। मुसलमानों के दिमाग में ये बात डाल दी गई है कि वे बीजेपी को हरा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा है, “बीजेपी इसलिए जीत रही है, क्योंकि उसे ज्यादा हिंदू वोट अधिक मिल रहा है। बीजेपी को जो वोट मिल रहा है उसे कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी रोक नहीं पा रहे हैं। मुसलमानों के लिए आप बलि का बकरा बन जाइए, लेकिन कब तक? उसके जिम्मेदार हम कहाँ हैं? हमारी मोहब्बत तो जारी रहेगी, मरते दम तक हम मोहब्बत करेंगे, क्योंकि आशिक को लोग याद रखते हैं। हमारी मोहब्बत संविधान में है।”

उन्होंने यह भी कहा है, “बीजेपी कुछ नहीं है, सब मोदी है। मोदी की वजह से जीत रहे हैं। मोदी नहीं तो ये सब सूखे पत्तों की तरह उड़ जाएँगे। मैं मोदी का फैन नहीं हूँ। मैं बस सच्चाई बता रहा हूँ। सच ये है कि मोदी पॉपुलर हैं, दूसरे पॉपुलर नहीं हैं।”

समान नागरिक संहिता पर बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा, “मैं गडकरी को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने की चुनौती देता हूँ। आपकी संस्कृति संस्कृति है, लेकिन मेरी संस्कृति, संस्कृति नहीं है?”

ओवैसी ने जोर देते हुए कहा है, “मुस्लिमों की पत्नियाँ वैध पत्नियाँ हैं। उन्हें, रखरखाव और संपत्तियों में हिस्सा मिलता है। वे लोग समान नागरिक संहिता के बारे में बात करते हैं लेकिन ‘लव जिहाद’ पर लोगों पर हमला करते हैं।”

दरअसल, इससे पहले नितिन गडकरी ने समान नागरिक संहिता पर बोलते हुए कहा था कि चार पत्नियाँ रखना अप्राकृतिक है। गडकरी ने सवाल उठाते हुए कहा था आप किसी मुस्लिम देश को जानते हैं जिसमें दो नागरिक कोड हैं? यदि कोई पुरुष किसी महिला से शादी करता है, तो यह स्वाभाविक है। लेकिन अगर कोई पुरुष चार महिलाओं से शादी करता है तो यह अप्राकृतिक है। मुस्लिम समुदाय के प्रगतिशील, शिक्षित चार बार शादी नहीं करते।

‘भले रोज शतक न मारे, पर लिखकर गारंटी भी नहीं देता’ : गुजरात चुनावों की हार को CM भगवंत मान कर रहे थे विराट के नाम पर जस्टिफाई, कोहली फैन्स ने लताड़ा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने आज (10 दिसंबर 2022) करीब 3 साल बाद बांग्लादेश की पिच पर अपने वनडे करियर का 44वाँ शतक जड़ा। उनकी इस सेंचुरी के बाद सोशल मीडिया पर उनके कमबैक को लेकर धड़ाधड़ पोस्ट आने लगे। इसी बीच कोहली फैन्स पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी ट्रोल करते दिखे।

दरअसल, आज कोहली के शतक बनाने से कुछ देर पहले पंजाब सीएम ने एक चर्चा के बीच उनका जिक्र किया था। गुजरात चुनावों में मिली हार पर उठे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कोहली का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि हर दिन तो विराट कोहली भी सेंचुरी नहीं मारता, हम लगातार मेहनत करते हैं।

मान के इसी बयान के कुछ देर बाद खबर आई कि टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच चल रहे मैच में कोहली ने अपना शतक जड़ा है। यही नहीं वनडे क्रिकेट में भी सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले वह सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में 49 शतक मारे हैं। वहीं विराट कोहली ने 44।

विराट कोहली पर दिए गए सीएम मान के बयान को देखते कोहली फैन्स सक्रिय हुए और जवाब देते हुए उन्हें बेवड़ा आदि कहने लगे। एक यूजर ने कहा- “अबे आज ही सेंचुरी मारी है विराट कोहली ने।”

एक ने लिखा, “कोई बताओ इनको आज ही कोहली शतक जड़के गया है।”

इसके अलावा लोगों ने उनपर इस बात भी तंज कसा जो वो गुजरात चुनावों में सबकों अपनी जीत के बारे लिख कर दे रहे थे। एक ने कहा, “हाँ, कोहली रोज शतक नहीं जड़ता पर वो लिखकर गारंटी भी नहीं देता कि वो हर मैच में सेंचुरी मारेगा।”

श्रवण कुमार ने कहा, “विराट कोहली शतक मारने से पहले यह नहीं कहते कि आज मैं शतक मारूँगा लेकिन केजरीवाल चिल्ला कर कह रहे थे की गुजरात और हिमाचल मे हमारी सरकार बन रही है।”

‘…गैर-मुस्लिमों को मदरसे में दाखिला देना गैर-कानूनी’ : NCPCR के आदेश के बाद कट्टरपंथियों ने उड़ाई ‘टारगेट’ करने की अफवाह, अध्यक्ष बोले- मदरसे, स्कूल नहीं होते

मदरसों में गैर मुस्लिम बच्चों को दाखिला देने के मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने सभी राज्य सरकारों व केंद्र शासित प्रदेशों को गहन जाँच का आदेश दिया है। यह जाँच रिपोर्ट सौंपने के लिए आयोग ने 30 दिनों की समय सीमा दी है। यह आदेश सरकारी अनुदान पाने वाले सभी मदरसों के लिए जारी हुआ है। इसी पत्र में सभी मदरसों की मैपिंग भी करने के लिए कहा गया है। NCPCR के चेयरपर्सन द्वारा यह पत्र गुरुवार (8 दिसंबर 2022) को जारी हुआ है।

इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है कि ऐसा करके अल्पसंख्यकों के स्कूलों को टारगेट किया जा रहा है जिसपर एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने कहा है कि मदरसों और स्कूलों में फर्क होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनसीपीसीआर के पत्र में देश भर के तमाम प्रदेशों के मुख्य सचिव को सम्बोधित किया गया था। इस पत्र में कहा गया था कि किसी भी बच्चे को बिना उनके परिजनों की इच्छा के धार्मिक शिक्षा देना गैरकानूनी है। आयोग ने इसे अनुच्छेद 28(3) का उल्लंघन बताया है। NCPCR ने यह भी कहा है कि आयोग को इस बावत कई शिकायतें मिली हैं जिसके बाद इस दिशा में कदम उठाए गए हैं।

इसी पत्र में आगे बताया गया है कि आयोग को जानकारी मिली है कि मदरसों में पढ़ने वाले उन गैर मुस्लिम छात्रों को सरकारों की तरफ से वजीफा भी दिया जा रहा है। प्रियांक कानूनगो के मुताबिक जिस भी मदरसे में गैर मुस्लिम छात्र को मज़हबी तालीम मिल रही हो उसका फ़ौरन ही दूसरे स्कूल मे दाखिला करवाया जाना चाहिए।

अफवाह उड़ाने वालों को भी रोका गया

NCPCR के इस आदेश के बाद अफवाहों का बाजार गर्म करने की कोशिश की गई। इस कोशिश में @thecompanionn नाम के हैंडल ने लिखा, “अल्पसंख्यकों के स्कूलों पर निगरानी हो रही है।” सादात हुसैन ने इस आदेश पर बाकायदा एक लेख भी लिख डाला। अपने लेख में सादात ने इस आदेश को टारगेट करने जैसा बताया।

इस लेख पर कमेंट करते हुए NCPCR चेयरमैन प्रियांक कानूनगो ने स्पष्टीकरण दिया है। प्रियांक के मुताबिक आदेश मदरसों के लिए जारी हुआ है न कि स्कूलों के लिए। उन्होंने अफवाह न उड़ाने की सलाह देते हुए बताया कि खबर लिखने वाले को स्कूल और मदरसे में फर्क पता होना चाहिए क्योंकि मदरसे स्कूल नहीं हैं।

‘मोहब्बत, जवानी में हवस होती है…’ : महाराष्ट्र में लव जिहाद विरोधी कानून बनने की बात सुन भड़के जमीयत उलेमा के महासचिव, कहा- हिन्दुओं पर भी लागू हो

महाराष्ट्र में लव जिहाद कानून बनाए जाने की तैयारी चल रही है। राज्य में लगातार सामने आ रहे लव जिहाद के मामलों के मद्देनजर लव जिहाद कानून की माँग की जा रही है। खबर है कि महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार जल्दी ही इस पर बड़ा फैसला ले सकती है।

एक तरफ राज्य सरकार कानून लाने की तैयारी में है तो दूसरी तरफ कानून का विरोध भी शुरू हो चुका है। जमीयत-उलेमा-ए हिंद के महाराष्ट्र महासचिव गुलजार आजमी ने पहले ही कानून की मुखालिफत (विरोध) कर दी। उन्होंने कहा कि कानून एक तरफा नहीं होना चाहिए। कानून बनेगा तो यह कानून उन हिन्दुओं पर भी लागू होना चाहिए, जो मुस्लिम लड़कियों से इश्क करते हैं और उसको अपने पास रखते हैं।

गुलजार आजमी ने कहा, “पहले इतना शोर नहीं मचाया जाता था। जब से फिरकापरस्तों की हुकूमत इस मुल्क में कायम हुई है, उन्होंने लव जिहाद के नाम का एक हव्वा खड़ा कर दिया है। बीजेपी के दो नेता जो खुद मुस्लमान हैं, लेकिन उनकी बीवियाँ हिन्दू हैं। उन्होंने भी दो लव जिहाद किया, उसका क्या होगा?”

रिपब्लिक भारत की एक रिपोर्ट के मुताबिक आजमी ने विवादित बयान देते हुए कहा,

“मोहब्बत जवानी में एक हवस होती है, असल मोहब्बत नहीं होती है, खाली हवस होती है। मोहब्बत उस वक्त होती है, जब 40 की उम्र पार हो जाती है।”

गुलजार आजमी ने आगे कहा कि हिन्दू और मुसलमान में जज्बात को लेकर दूरियाँ पैदा करना गलत बात है। इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है कि मुस्लिम मर्द, गैर-मुस्लिम से शादी करे या मुस्लिम औरत, गैर मुस्लिम मर्द से शादी करे।

उधर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उनकी सरकार ‘लव जिहाद’ पर कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों द्वारा बनाए गए कानून का अध्ययन करेगी। उसी के अनुसार राज्य में लव जिहाद कानून बनाएँगे। उन्होंने कहा, “हमने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।”

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात समेत बीजेपी शासित कई राज्यों ने लव जिहाद को कानून बनाए हैं। श्रद्धा मर्डर केस के बाद महाराष्ट्र की सरकार पर लव जिहाद कानून बनाने को लेकर दबाव है।

मुंबई की रहने वाली श्रद्धा के लिव-इन पार्टनर आफताब ने दिल्ली में उसका बेरहमी से कत्ल कर दिया था। उसके लाश के 35 टुकड़े कर के दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फेंक दिया था। फिलहाल आफताब पुलिस की गिरफ्त में है और हत्याकांड की जाँच जारी है। लोग इस हत्याकांड को ‘लव जिहाद’ से भी जोड़ कर देख रहे हैं।

‘हाईकमान होश में आओ…’: हिमाचल में CM पद के लिए प्रतिभा सिंह समर्थकों ने की नारेबाजी, मुख्यमंत्री पद के लिए सुखविंदर सुखू के नाम का ऐलान

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) विधानसभा चुनावों में 68 में से 40 सीटों के साथ कॉन्ग्रेस को बहुमत मिला है, लेकिन यह बहुमत पार्टी के लिए मुसीबत बना हुआ है। दो दिन बीत जाने के बाद भी सीएम पद को लेकर पार्टी में घमासान मचा हुआ है। हालाँकि, हाईकमान ने अंतत: सीएम पद के नाम का ऐलान कर दिया।

देर शाम तक चली विधायक दल की बैठक में सुखविंदर सिंह सुख्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) और मुकेश अग्निहोत्री के नाम की घोषणा की गई। सुखविंदर सिंह हिमाचल के अगले मुख्यमंत्री होंगे, जबकि मुकेश अग्निहोत्री उप-मुख्यमंत्री होंगे। पथ और गोपनीयता की शपथ का कार्यक्रम कल 11 बजे होगा।

इससे पहले शुक्रवार को हुए विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर सीएम बनाने की जिम्मेवारी सीधे हाईकमान को सौंप दी गई थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिमला पहुँचे।

इस बीच प्रतिभा सिंह को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में भीड़ सिसल होटल के बाहर जुट गई और नारेबाजी की। कुछ देर तक नारेबाजी होने के बाद काफिला होटल से निकल गया। हॉली लॉज (प्रतिभा सिंह का महल) समर्थक युवाओं की एक टीम कॉन्ग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुँची और प्रतिभा सिंह एवं उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में नारेबाजी करने लगी। हिमाचल में जगह-जगह युवा प्रतिभा सिंह को सीएम बनाने की माँग कर रहे हैं।

उधर दिन भर प्रतिभा सिंह के समर्थन में विधायकों का हॉली लॉज पहुँचने का सिलसिला जारी रहा। चार और विधायक अपने समर्थकों के साथ हॉली लॉज पहुँचे और प्रतिभा सिंह को अपना समर्थन दिया। रामपुर से चौथी बार जीते नंदलाल और रोहड़ू से तीसरी बार जीते मोहनलाल ब्राक्टा अपने समर्थकों के साथ हॉली लॉज पहुँचे।

दोनों नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह एवं शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह को जीत की बधाई दी। इसके साथ ही दोनों नेताओं एवं उनके समर्थकों ने हॉली लॉज में प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में नारे भी लगाए। 

इन दोनों के बाद ठियोग से पहली बार चुनकर आए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर अपने समर्थकों के साथ आए। दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे शाहपुर से निर्वाचित विधायक केवल सिंह पठानिया भी अपने समर्थकों के साथ हॉली लॉज आए। इन्होंने भी प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह को जीत की बधाई दी।

कुछ देर बाद कॉन्ग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त आए। यहाँ उन्होंने प्रतिभा सिंह से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद प्रतिभा सिंह और संजय दत्त पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल और राजीव शुक्ला से मिलने चौड़ा मैदान सिसल होटल को रवाना हो गए।

उधर अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। एक रिपोर्ट मे कहा गया कि प्रियंका गाँधी ने हर्षवर्धन सिंह चौहान की प्रोफाइल मँगवाई है। वे अगले सीएम हो सकते हैं। उसके बाद अगली रिपोर्ट में सुखविंदर सिंह सुख्खू की नाम की चर्चा हुई और अंतत: इसी नाम पर मुहर लगी। इस बीच हरोली से कॉन्ग्रेस विधायक मुकेश अग्निहोत्री विधायक दल की बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।

वहीं, प्रतिभा सिंह के समर्थक ‘हाईकमान होश में आओ’, ‘हॉली लॉज सातवीं बार’ के नारे लगा रहे हैं। दरअसल, प्रतिभा सिंह के पति वीरभद्र सिंह 6 बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस बार भी समर्थक उनके ही परिवार के लिए सीएम पद की माँग कर रहे थे।

समर्थकों ने आरोप लगाया कि सोची-समझी साजिश के तहत पहले प्रतिभा सिंह को प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनाया गया उन्हें सीएम पद से बाहर कर दिया गया। समर्थकों का कहना है कि दिवंगत वीरभद्र सिंह के नाम पर वोट माँगे गए और अब प्रतिभा सिंह की अनदेखी कर दी गई।

‘हमारा मुल्क कंगाल हुआ तो तुम्हें छिपने की जगह नहीं मिलेगी’: डिप्रेशन को दूर करने में लगे Pak के वित्त मंत्री, लोगों ने कहा – गरीबों का पैसा लूटा, नहीं मिलेगा सुकून

पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने सोमवार (5 दिसंबर, 2022) को ‘चिंता और डिप्रेशन’ को दूर करने के लिए एक इस्लामी ‘दुआ’ ट्वीट की थी। हालाँकि, उनके इस ट्वीट के बाद नेटिजन्स ने पाकिस्तान की बदहाल स्थिति और लचर अर्थव्यवस्था के लिए दोषी ठहराते हुए उन्हें ट्रोल किया है।

दरअसल, पाकिस्तान में महँगाई चरम पर है। वहीं, आए दिन पाकिस्तान अन्य देशों के आगे लोन के लिए भीख माँगता नजर आता है। ऐसे में, इशाक डार के इस कथित दुआ वाले ट्वीट को लेकर लोगों ने उन्हें निशाने में ले लिया। इशाक डार के इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए, ‘@rabiddog93’ नामक ट्विटर यूजर ने पाकिस्तान के बढ़ते लोन और डिफॉल्टर घोषित होने की आशंका को लेकर कहा, “भाई डिफॉल्ट से बचने की भी दुआ बताओ।”

एक अन्य यूजर ‘@ButterflyMagick’ ने लिखा, “जाल तू, जलाल तू इशाक डार बला को टाल तू।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ‘@aniquaibtisham’ ने कहा, “अल्लाह करे तुम पर से डिप्रेशन कभी खत्म न हो.. जितना पैसा लूटा है तुम लोगों ने गरीब आवाम का, इंशाअल्ला तुम लोगों को सुकून नसीब नहीं होगा। चलो अब बताओ इकॉनमी का क्या हाल किया है? लाओ इस मुल्क का लूटा हुआ पैसा…”

@BILALAH52343507 नामक ट्विटर यूजर ने कहा, “मैं लिखकर देता हूँ, ये आयत इसको पढ़ना भी नहीं आता होगा।”

@saleha34646112 ने इशाक डार को ट्रोल करते हुए लिखा, “आपको इसकी बहुत जरूरत है।”

एक अन्य यूजर ‘@JunaidK95200328’ ने कहा, “उस अर्थव्यवस्था का क्या बना दिया… आपको तो डॉलर 180 पर लाना था। ब्लूमबर्ग ने भी कहा है कि 95% डिफ़ॉल्ट के चांस हैं। डार साहब अगर मुल्क डिफॉलटर हुआ तो आपको छिपने की जगह नहीं मिलेगी।”

@Ayaan04912 ने ट्वीट कर कहा, “माशाअल्ला डार साहब सब कुछ चोरी करके लंदन ले गए हो और अब आवाम को दुआ पर लगा दिया। बहुत अच्छे।”

एक अन्य यूजर ‘@daoud_babar’ ने कहा, “अगर दुआ ही करनी थी तो लंदन में बैठकर कर लेते, यहाँ आकर मुल्क क्यों तबाह किया?”

@ikhan39 नामक ट्विटर यूजर ने लिखा, “पैसा लूट कर अब आवाम को दुआएँ बता रहा है। कोई बात नहीं, इधर भी जलील हो गए और आगे भी होगे इंशाल्ला”

इसी तरह कई अन्य यूजर्स ने भी पाकिस्तानी वित्त मंत्री को पाकिस्तान की खराब हालत को लेकर ट्रोल किया है। वास्तव में, पाकिस्तान अब ऐसी स्थिति में आ गया है जहाँ से वह कभी भी डिफॉल्ट घोषित हो सकता है।

जम्मू कश्मीर में पहली बार आतंकी के घर पर चला बुलडोजर, पुलवामा में जमींदोज किया गया जैश के आतंकवादी का मकान: 4 अन्य के पोस्टर जारी

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मुहम्मद के एक आतंकी के घर पर बुलडोजर चलाया गया। आतंकी का घर पुलवामा के राजपोरा न्यू कॉलोनी में था, जिसे अब पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आतंकी का नाम आशिक नेंगरू है, जिसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर घर बनाया हुआ था। अब इस अवैध घर को मिट्टी में मिला दिया गया है। कार्रवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम और पुलवामा जिले के कई सरकारी अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आतंकी के खिलाफ हुई कार्रवाई की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें साफ देखा जा सकता है कि दो मंजिला मकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि यह पहली मौका है जब जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने किसी आतंकवादी के घर पर बुलडोजर चलवाया है।

बता दें कि आतंकी आशिक नेंगरू जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के नए चेहरे के तौर पर उभर कर सामने आया है। नेंगरू सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में भी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो आशिक नेंगरू फिलहाल POK में डेरा डाले हुए है। जम्मू-कश्मीर में हुई कई आतंकी घटनाओं में नाम आने के बाद मोदी सरकार ने जैश कमांडर आशिक नेंगरू को आतंकवादी करार दिया था।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, नेंगरू पाकिस्तानी आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने में सहायता करता रहा है। ऐसा माना जाता है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद मुख्य सरगना मौलाना मसूद अजहर के भतीजे इदरीस को जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने में मदद की थी। नेंगरू फरवरी 2020 में ही लापता हो गया था, जब एनआईए की ओर से उसे पूछताछ के लिए तलब किया गया था।

नेंगरू का बड़ा भाई अब्बास अहमद नेंगरू भी जैश ए मोहम्मद का एक एक्टिव आतंकवादी था, जिसे सिक्योरिटी फोर्सेस ने 2014 में ही ढेर कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, उसका दूसरा भाई मंजूर अहमद नेंगरू इसी साल सितंबर में एक बगीचे में मृत पाया गया था। चौथा भाई रियाज भी आतंकी हमले के एक मामले में जेल में कैद है।

दूसरी तरफ ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA)’ ने पुलवामा में एक बार फिर चार आतंकियों के पोस्टर जारी किए हैं। इन पर 10-10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, चारों आतंकियों की बड़े स्तर पर तलाश की जा रही है। कहा जा रहा है कि जिन आतंकियों पर इनाम की घोषणा की गई थी, उनमें से तीन पाकिस्तान में हैं जबकि एक बासित अहमद डार कश्मीर में टीआरएफ की कमान संभाल रहा है।

एनआईए को इन आतंकियों की तलाश 18 नवंबर, 2021 को दर्ज एक मामले में है। जिसमें हिंसक गतिविधियाँ में शामिल होने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकवाद में भर्ती करने के लिए रची गई साजिश शामिल है।

‘दोस्तों को बुलाता, मुझसे सेक्स करवाता’ : कर्नाटक में नशेड़ी जॉन पर इंजीनियर पत्नी ने लगाया आरोप, बोली- ‘वो मेरी अश्लील Video देख खुश होता था’

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में में एक महिला ने अपने पति पर अपने दोस्तों के साथ सोने पर मजबूर करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक इस दौरान उसका पति जॉन सेक्स की वीडियो भी बनाता था। आरोप है कि मना करने पर पीड़िता की पिटाई होती थी। महिला ने अपने पति पर नशेड़ी होने का भी आरोप लगा है। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला थानिसांद्रा मेन रोड के सम्पीगेहल्ली क्षेत्र का है। आरोप लगाने वाली 34 वर्षीय महिला पेशे से सॉफ्टवेयर इंजिनियर है। उसका पति जॉन भी इसी पद पर है। दोनों की शादी अप्रैल 2011 में हुई थी। दोनों के एक बेटा भी है। महिला का आरोप है कि उसका पति अक्सर अपने घर दोस्तों को बुलाता और उनके साथ उसे सेक्स करने पर मजबूर करता है। इतना ही नहीं, इस दौरान वो सेक्स की वीडियो भी बनाता और उन अश्लील वीडियोज को देख कर बाद में खुश होता। पीड़िता ने बताया है कि शादी के बाद ऐसा कई बार हो चुका है।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि जब भी वो अपने पति की इन हरकतों का विरोध करती थी तो उसकी बुरी तरह से पिटाई होती है। साथ ही उसकी अश्लील वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी जाती थी। शिकायत में आगे बताया गया है कि आरोपित पति ने पीड़िता की बहन के साथ भी जबरन शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने अपने पति को न सिर्फ शराब बल्कि ड्रग्स का भी आदी बताया है।

पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में महिला ने आगे बताया है कि आए दिन की प्रताड़ना से एक बार उसने अपने पति से तलाक लेने का फैसला कर लिया था लेकिन फोटो वायरल होने की धमकी से वो डर गई थी। आरोपित गाँजा पीने का भी शौक़ीन बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि उसने घर में गाँजे के पेड़ उगा रखे थे। पुलिस ने उसके घर से गमले में उगे गाँजे के 2 पेड़ भी बरामद किए हैं।

भूपेंद्र पटेल चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता, राज्यपाल से मिल कर पेश किया दावा: मंत्रिमंडल पर मंथन के लिए पहुँचे दिल्ली, 12 को शपथ

गुजरात में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद भूपेंद्र पटेल (Bhupendr Patel) ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और एक बार फिर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात के बाद भूपेंद्र पटेल गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष सीआर पाटिल (CR Patil) के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

गुजरात के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पटेल और प्रदेश अध्यक्ष पाटिल दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान राज्य में मंत्रिमंडल को लेकर दोनों नेताओं से चर्चा की जाएगी।

शनिवार (10 दिसंबर 2022) को दिल्ली रवाना होने से पहले गुजरात के प्रदेश कार्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक में पटेल को विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa और अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) मौजूद रहे।

बैठक के बाद प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात के लोगों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर राज्य की जनता के हित में काम करेगी।

भूपेंद्र पटेल राज्य में दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस पद के लिए चुने जाने के बाद वे सोमवार (12 दिसंबर 2022) को शपथ ग्रहण करेंगे। इस दौरान उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित केंद्र के सभी वरिष्ठ साथी और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी शामिल रहने की उम्मीद है।

भाजपा की प्रचंड जीत और ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद इस शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाई जाएगी। इस शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, विपक्षी दलों के नेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया है।

गुजरात में बीजेपी (BJP) ने विधानसभा चुनावों में अब तक की रिकॉर्ड जीत हासिल की है। इसके पहले किसी भी पार्टी ने इतनी सीटें हासिल नहीं की थीं। 8 दिसंबर 2022 को आए नतीजों में भाजपा को 182 सीटों में से 156 सीटें मिलीं। वहीं, कॉन्ग्रेस (Congress) के खाते में 17 और आप (AAP) के खाते में 5 सीटें आईं। 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते हैं।

FBI के कहने पर ट्विटर अधिकारियों ने सस्पेंड किया था डोनाल्ड ट्रम्प का हैंडल: ‘ट्विटर फाइल्स 3’ में खुलासा – बायडेन के लिए हुए सनक भरे फैसले

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने ‘ट्विटर फाइल्स 3.0’ शेयर किया है। इस ‘फाइल्स’ में बताया गया है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर अकाउंट को किस तरह सस्पेंड किया गया था और उनके ट्वीट्स को हटाने लिए अमेरिकी जाँच एजेंसी FBI द्वारा ट्विटर से अनुरोध किया गया था।

दरअसल, एलन मस्क इससे पहले ‘ट्विटर फाइल्स’ और ‘ट्विटर फाइल्स 2.0’ भी शेयर कर चुके हैं। इसमें उन्होंने बताया था कि न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हंटर बाइडेन के लैपटॉप के बारे में कहानी को दबाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय से ट्विटर को आदेश दिया गया था। इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि ट्विटर के कर्मचारियों ने यूजर्स को सूचित किए बिना ही न केवल कुछ एकाउंट्स को बल्कि ट्रेंडिंग टॉपिक्स कम दिखे – इसके लिए एक ब्लैकलिस्ट का भी निर्माण किया था।

एलन मस्क ने स्वतंत्र पत्रकार मैट टैबी के इन्वेस्टिगेशन थ्रेड को रीट्वीट करते हुए ‘ट्विटर फाइल्स 3.0’ के बारे में पूरी जानकारी शेयर की है। अपने ट्वीट्स में मैट ने कहा, “6 जनवरी को कैपिटल में हुए दंगों और 8 जनवरी को ट्विटर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को (ट्रंप के अकाउंट को सस्पेंड करना) हटाने के बीच क्या हुआ, इसकी कहानी दुनिया बहुत कुछ जानती है, लेकिन एलन मस्क का नया ट्विटर आपको यह दिखाएगा कि किस चीज का खुलासा नहीं किया गया है। 6 जनवरी से पहले के महीनों में ट्विटर के बड़े अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए कंपनी की पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया था। यह सब फेडरल एजेंसी के साथ हुई बातचीत के बाद किया गया।”

स्वतंत्र पत्रकार टैबी ने दावा किया कि जनवरी 2021 में ट्रम्प के फैसले के बारे में ट्विटर यूजर्स की राय कुछ भी हो सकती है। हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि 6 जनवरी से 8 जनवरी के बीच ट्विटर में आंतरिक तौर पर हुई बातचीत का स्पष्ट और ऐतिहासिक महत्व है।

गौरतलब है कि जनवरी 2021 में ट्विटर ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ट्विटर अकाउंट पर बैन लगाने के बाद एक आधिकारिक ब्लॉगपोस्ट शेयर किया था। इसमें, ट्विटर की ओर से कहा गया था, “डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट से हाल ही में किए गए ट्वीट्स और इस बारे में पूरी बारीकी से समीक्षा के बाद उन्हें ट्विटर से बाहर किया जा रहा है। हमने हिंसा को और भड़काने के जोखिम के कारण उनके ट्विटर अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।”

मैट टैबी ने यह भी कहा, “ट्विटर के अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को सस्पेंड करने के बाद अपनी शक्ति को बढ़ाना शुरू कर दिया था।” इसका मतलब यह था कि ट्विटर के अधिकारी अमेरिका के अगले राष्ट्रपतियों और व्हाइट हाउस शायद जो बाइडेन पर भी बैन लगाने के लिए तैयार थे।

उन्होंने यह भी कहा है कि ट्विटर मॉडरेशन टीम ने चुनाव के दौरान बीते 4 से अधिक वर्षों के दौरान ट्रम्प और उनके समर्थकों द्वारा किए गए ट्वीट्स के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर अकाउंट सस्पेंशन को सही ठहराया था। टैबी का दावा है कि “ट्विटर अधिकारियों के बीच हुई आंतरिक बातचीत अमेरिकी एजेंसियों के साथ उनके करीबी संबंधों को उजागर करते हैं।” इसके अलावा, विजया गाडगे (ट्विटर पर कानूनी, नीति की प्रमुख) और योएल रोथ (विश्वास और सुरक्षा के पूर्व वैश्विक प्रमुख) अपनी पसंद और सनक के हिसाब से फैसले ले रहे थे।

पत्रकार टैबी ने अपने ट्वीट्स में यह भी दावा किया है कि 8 अक्टूबर, 2020 को ट्विटर के अधिकारियों ने ‘us2020_xfn_enforcement’ नाम से एक चैनल बनाया था। इस चैनल में ट्विटर के अधिकारी चुनाव से संबंधित ट्वीट्स को हटाने और अकाउंट्स को सस्पेंड करने के लिए बातचीत करते थे। खासतौर से ‘हाई-प्रोफाइल’ अकाउंट्स को लेकर इसमें चर्चा होती थी।

इसके अलावा टैबी ने दावा किया है कि ट्विटर के अधिकारी न केवल अमेरिकी जाँच एजेंसी एफबीआई और डीएचएस के लोगों के साथ साप्ताहिक मीटिंग कर रहे थे बल्कि राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (डीएनआई) ऑफिस के लोग भी इसमें शामिल थे। यही नहीं, ट्विटर के अधिकारियों ने एफबीआई अधिकारियों से मिलने के बाद न केवल एक्टिव हुए बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी (जो बाइडेन की पार्टी) के अधिकारियों द्वारा बताए गए ट्वीट्स की रीच को भी कम कर दिया था।

कुल मिलाकर देखें तो, ‘ट्विटर फाइल्स 3.0’ में मैट टैबी ने ट्वीट्स के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया है कि एफबीआई अधिकारियों और जो बाइडेन की पार्टी डेमोक्रेटिक के अधिकारियों के कहने पर न केवल डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट सस्पेंड किया गया। बल्कि, ट्रंप और उनके समर्थकों के ट्वीट्स को हटाया गया और उनकी रीच कम की गई।