Home Blog Page 2184

तवांग सेक्टर में अतिक्रमण कर रहा था चीन, हमारे सैनिकों ने बहादुरी से वापस जाने को किया मजबूर: संसद में राजनाथ सिंह

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए संघर्ष को लेकर संसद में बयान दिया है। उन्होंने बताया कि ये घटना शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को हुई। उन्होंने बताया कि उस दिन चीन की फ़ौज (People’s Liberation Army) ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में सीमा (Line Of Actual Control) पर अतिक्रमण कर के यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने का प्रयास किया। भारत की सेना ने चीन की इस करतूत का दृढ़ता से सामना किया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने आगे जानकारी दी कि भारत-चीन की सेनाओं के बीच हुए इस संघर्ष के दौरान हाथापाई हुई और भारतीय सेना ने पूरी बहादुरी से PLA को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोक दिया। भारतीय सेना ने PLA को मजबूर कर दिया कि वो वापस अपने पोस्ट्स पर लौट जाएँ। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि दोनों तरफ से कुछ सैनिकों को चोटें भी आई हैं। भारत सरकार की तरफ से उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष में न तो हमारे किसी सैनिक की मृत्यु हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है।

उन्होंने बताया, “भारतीय सैन्य कमांडरों के त्वरित हस्तक्षेप के कारण PLA के सैनिक वापस अपनी जगह पर चले गए। घटना के बाद क्षेत्र के एरिया कमांडर ने 11 दिसंबर, 2022 को अपनी चीनी समकक्षों के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की, जिसमें इस घटना पर चर्चा हुई। चीनी पक्ष को मना किया गया कि वो इस तरह की हरकतें न करें। उन्हें सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए भी कहा गया। चीन के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाया गया है।”

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सेनाओं के संघर्ष पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संसद में बयान

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को आश्वस्त किया कि हमारी सेनाएँ हमारी भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा। उनके बयान का सार ये है कि दोनों तरफ के सैनिक चोटिल हुए, कोई भी भारतीय सैनिक गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और चीनी वापस लौट गए हैं।

नाम हिंदुओं का, मिड डे मील खा गया मदरसा: माँ-बाप को पता नहीं-बच्चे कभी आए नहीं, फिर भी एडमिशन दिखा सरकारी पैसा उठाया

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के एक मदरसे से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोपों के घेरे में विदिशा शहर के बैस दरवाजा स्थित बरकतुल्लाह मदरसा है। आरोप है कि मदरसे में हिंदू बच्चों का एडमिशन दिखाकर सरकारी लाभ उठाया गया है। प्रशासन ने मामले की जाँच के आदेश दिए हैं।

इस मदरसे में कुल 41 छात्र हैं। इनमें 27 हिंदू बताए जा रहे। जनजातीय समाज के करीब 11 बच्चे ऐसे मिले हैं जो इस मदरसे में कभी पढ़ने भी नहीं आए, लेकिन उनका नाम यहाँ दर्ज है। इन बच्चों के माता-पिता को भी एडमिशन की जानकारी नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मदरसा रजिस्टर में अजय नाम के एक छात्र को कक्षा 8 में दर्ज दिखाया गया है, जबकि वो सरकारी स्कूल में क्लास 7 का छात्र है। अजय के पिता शंकर ने आरोप लगाया है कि मदरसे में उनके बेटे के नाम से वजीफा मँगा कर खुद रख लिया गया। उन्हें एक भी पैसा कभी नहीं मिला। अजय की माँ भी कैमरे के सामने आईं। उन्होंने कहा कि उन्हें तो बरकतुल्लाह मदरसे का पता ही नहीं है।

कृष्णा का भी कहना है कि वो कभी इस मदरसे में नहीं गई। लेकिन उसका भी एडमिशन है। उसकी बहन का नाम भी दर्ज है। इस फर्जीवाड़े की शिकायत करने वाले मनोज कौशल ने सिर्फ छात्रवृत्ति ही नहीं, बल्कि मिड डे मील और स्कूल ड्रेस में भी गोलमाल का आरोप लगाया है। मनोज का कहना है कि साल 2016 से 2022 तक इस मदरसे में 11 बच्चों का फर्जी एडमिशन हुआ है। उन्होंने बताया कि इन बच्चों ने न तो कभी यहाँ क्लास ली और न ही कोई परीक्षा दी।

मदरसा संचालक मंजीत कपूर के मुताबिक उन्होंने 2017 से 2021 के बीच मदरसे चलाने का जिम्मा सुरेश आर्य नाम के टीचर को दिया था। 21 साल से मदरसा चला रहे कपूर ने गड़बड़ी का आरोप आर्य पर लगाया है। उनका कहना है कि एडमिशन में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद 2022 में उन्होंने फिर से संचालन की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली। विदिशा के जिला शिक्षा अधिकारी जी पी राठी ने मामले का संज्ञान ले कर जाँच करवाने के आदेश दिए हैं।

मैनपुरी में महिला के पैर में मारी गोली, पति का दावा- डिंपल यादव को वोट नहीं देने पर हुआ हमला: पुलिस ने बताया शराब का झगड़ा

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में सपा की डिंपल यादव जीती हैं। अब एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि सपा को वोट नहीं देने के कारण उस पर हमला किया गया। इस व्यक्ति की पत्नी के पैर में गोली भी लगी है। हालाँकि पुलिस ने इस दावे को खारिज किया है। पुलिस ने इस शराब का झगड़ा बताते हुए मतदान से इसका संबंध होने से इनकार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला किशनी थाना क्षेत्र के गाँव भिटारा का है। सोमवार (12 दिसंबर 2022) की सुबह लगभग 10 बजे बालकराम पाल के घर पर एक वाहन में 3 लोग आए। इसमें एक का नाम रिंकू यादव बताया जा रहा है। आरोप है कि तीनों ने आते ही पाल को गालियाँ देनी शुरू कर दी। उनसे कहा, “तुझे पता था कि वोट किसे देना है। लेकिन तूने भाजपा को वोट दिया। इसके बाद तू सबको बता भी रहा है। हम तुझे जड़ से खत्म कर देंगे।” ऐसा कह कर रिंकू ने पहले हवाई फायरिंग की और फिर कथित तौर पर पाल पर भी गोली चलाई।

बताया जा रहा है कि गाली-गलौज सुन कर बालकराम पाल की पत्नी भी मौके पर आ गई थी। रिंकू के गोली चलाने के दौरान वो बीच-बचाव के लिए दौड़ीं। इसी दौरान उनके पैर में गोली लग गई। इसके बाद कथित तौर पर रिंकू और उसके साथी बालकराम पाल को जबरन गाड़ी में बिठाकर साथ ले जाने लगे। लेकिन शोरगुल सुन कर गाँव के लोग मौके पर जमा हो गए और हमलावरों ने पाल को चलती कार से धक्का दे नीचे गिरा दिया। ग्रामीणों के सहयोग से पल अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर गए।

विवाद तो हुआ, पर वोट के चलते नहीं

इस मामले में पुलिस का कहना है बालकराम पाल के घर के बगल में रिंकू यादव अपने साथियों संग शराब पी रहा था। इस दौरान शोरगुल हो रहा था, जिसका पाल ने विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों में गाली-गलौज हुई और रिंकू ने गोली चला दी। रिंकू को शराबी बताते हुए कहा है कि इसके कारण उसका अपने पिता से भी विवाद हो चुका है। वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस ने विवाद का वोट डालने की किसी घटना से संबंध होने का खंडन किया है। इस मामले में इस मामले में IPC की धारा 307, 342,504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है।

PM मोदी की हत्या का आह्वान करने वाले कॉन्ग्रेस नेता राजा पटेरिया गिरफ्तार, वीडियो वायरल होने के बाद खुद को ‘गाँधीवादी’ बता दी थी सफाई

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को​ गिरफ्तार कर लिया गया है। एक वायरल वीडियो में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या का आह्वान कर रहे थे। हालाँकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि वे गाँधीवादी हैं। हत्या से उनका मतलब हराने से था। साथ ही वीडियो को गलत तरीके से प्रचारित करने का भी आरोप लगाया था।

पटेरिया को पन्ना पुलिस ने दमोह के हट्टा से गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी मंगलवार (12 दिसंबर 2022) सुबह करीब 5.30 बजे हुई। मध्य प्रदेश की गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा वे वीडियो सामने आने के बाद केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पन्ना पुलिस ने पटेरिया के खिलाफ शांतिभंग और वैमनस्य फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।

वायरल वीडियो में पटेरिया ने कहा था कि ‘पीएम मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहो’। उन्होंने कहा, “मोदी चुनाव खत्म कर देगा, वो धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बाँट देगा। दलितों का, वनवासियों का और अल्पसंख्यकों का भावी जीवन खतरे में है। संविधान यदि बचाना है तो मोदी की हत्या करने पर तत्पर रहो।” वीडियो में साफ सुन जा सकता है कि पहले पटेरिया ने हत्या की बात कही और उसके बाद उसे संभालते हुए बोले, “मोदी की हत्या का मतलब मोदी को हराने के लिए तैयार रहो। कार्यकर्ता की उपेक्षा नेता की उपेक्षा होती है।’

पटेरिया ने मध्यप्रदेश के पन्ना में यह बयान दिया था। हालाँकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे। उन्होंने कहा था कि उनके कहने का मतलब था कि चुनाव में मोदी को हराओ। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उन्होंने जो कहा वह फ्लो में कहा। नवभारत टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”मैं गाँधी को मानने वाला शख्स हूँ। मैं हत्या की बातें नहीं कर सकता। बयान तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है।”

अनर्गल बयान देने के मामले में पटेरिया का इतिहास काफी समृद्ध है। इससे पहले उन्होंने पुलिस को धमकाया था। उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा था अगर आदिवासियों की बात नहीं मानोगे तो आदिवासियों को नक्सली बना देंगे। नक्सली बनाने के अपने बयान पर भी पटेरिया ने सफाई दी थी। उन्होंने अपना बयान ये कहकर जायज ठहराया था कि आदिवासियों के साथ अन्याय हो रहा है। उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं, महिलाओं के साथ मारपीट चल रही है, इसलिए उन्होंने बोल दिया आदिवासियों के साथ इस तरह का अन्याय ही नक्सलवाद को जन्म देता है।

इसके अलावा उन्होंने राहुल गाँधी की शादी के सवाल पर भी विवादित बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर राहुल गाँधी ने शादी नहीं की तो भाजपा वालों के पेट में क्यों दर्द हो रहा है। वह बोलते दिखे थे, “मोदी जी आपके परिवार में कोई अच्छी बच्ची हो तो प्रपोज करो, शायद उसको ठीक लगे। हमारा राष्ट्रीय अध्यक्ष कहता है कि पहले राष्ट्र है… इसमें क्या दिक्कत है। तुम्हारे पेट में क्यों दर्द है, तुम्हारी बहू-बेटी हो तो ले आओ।”

राजस्थान में ‘तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय’ गाना भी गुनाह: गायक ने बताई कोटा पुलिस की करतूत, कहा- 6 धाराएँ ठोकी, नौकरी भी गई

कॉन्ग्रेस शासित राजस्थान में यूट्यूबर शुभम शिकारी को कोटा पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक वीडियो में शिकारी ने बताया है कि ‘तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय’ गाने के लिए उन्हें जुलाई में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद भी पुलिस की प्रताड़ना समाप्त नहीं हुई। उन पर छह धाराएँ लगाई गई हैं। मोबाइल पुलिस ने जब्त कर रखा है।

शुभम ने ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने की खबर सामने आने के बाद यह गण और इसके प्रचार के लिए पोस्टर जारी किया था। आरोप है कि इसको लेकर ही उनकी गिरफ्तारी हुई। गाना 25 जुलाई 2022 को Youtube पर रिलीज किया गया था।

पत्रकार शुभी विश्वकर्मा ने सोमवार शुभम का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें शुभम को कहते सुना जा सकता है कि ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने का बाद उन्होंने ‘तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय’ गाना गाया और इसका प्रचार किया। इसके बाद कोटा की अनंतपुरा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन पर 6 धाराएँ लगाई। मोबाइल जब्त कर लिया। शुभम का कहना है कि उनके आने वाले गाने, भजन सभी उसी फोन में हैं।

शुभम ने वीडियो में कहा कि कोर्ट से उन्हें तारीख पे तारीख मिलती जा रही है। उनका चालान कोर्ट में पेश नहीं हुआ और वह छह महीने से बेरोजगार हैं। वे जिस कंपनी में काम करते थे, पुलिस केस होने की वजह से उन्हें काम से मना कर दिया है।

शुभम का पूरा गाना आप नीचे सुन सकते हैं।

पत्रकार सुमित स्वामी ने इस मामले पैट ट्वीट कर कहा है, “कोटा में जुलाई 2022 में कलाकार शुभम शिकारी पर इस पोस्टर, वीडियो के प्रचार करने पर कोटा पुलिस ने आईपीसी की धारा 425,505,295-A समेत 3 अन्य धाराओं के मुकदमा दर्ज़ किया था। कल शुभम से बात हुई, उसे कोई रोजगार नहीं दे रहा अब। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शायद राजस्थान में नहीं है।”

LAC पार करने के लिए चीन ने भेजी फ़ौज, भारतीय सेना ने दिया मुँहतोड़ जवाब: गलवान के बाद अब अरुणाचल के तवांग में संघर्ष, पूरी तैयारी के साथ आए थे चीनी

भारत-चीन सीमा (India China Conflict) पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। अरुणाचल प्रदेश सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच जोरदार झड़प हुई है। इस झड़प में चीनी सेना को अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, भारतीय सेना के कुछ जवान भी घायल हुए हैं। चीन के साथ हुई झड़प को लेकर भारतीय सेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा है, “अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर में एलएसी के साथ कुछ क्षेत्रों में अलग-अलग दावे वाले क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में दोनों पक्ष अपने दावे की सीमा तक पेट्रोलिंग करते हैं। 2006 से यही चला आ रहा है।”

भारतीयअ सेना ने बयान में जानकारी दी, “शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को, चीनी सेना के सैनिकों ने तवांग सेक्टर में एलएसी को पार करने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने दृढ़ता और मजबूती के साथ इसका मुकाबला किया। आमने-सामने की इस लड़ाई में दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आईं हैं। हालाँकि, अब दोनों पक्ष पीछे हट गए हैं। घटना के बाद कार्रवाई के रूप में, क्षेत्र में भारतीय कमांडर ने शांति बहाल करने के लिए चीनी कमांडर के साथ फ्लैग मीटिंग की है।”

वहीं, इस मामले में एएनआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ गए थे। भारतीय सेना ने चीनियों को करारा जवाब दिया है। घायल चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों की तुलना में अधिक है। चीनी लगभग 300 सैनिकों के साथ पूरी तरह से तैयार होकर आए थे। हालाँकि, उन्हें भारतीय सेना के इस तरह से मुँहतोड़ जवाब देने की उम्मीद नहीं थी।

इस मामले में, न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस झड़प में 6 भारतीय सैनिक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए गुवाहाटी में भर्ती कराया गया है।

2020 में भी चीन ने की थी ऐसी ही हरकत

बता दें, साल 2020 में पूर्वी लद्दाख़ की गलवान घाटी में भारत-चीन सेना के बीच दो झड़प की खबर सामने आई थी। इमें पहली बार 21 मई, 2020 और फिर 15 जून, 2020 को चीनी सेना ने गलवान घाटी में भारतीय सेना को आँख दिखाई थी।

दोनों देशों के बीच 15 जून 2020 को हुई हाथपाई हिंसक झड़प में बदल गई थी। इस झड़प में कर्नल संतोष बाबू समेत भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के 38 जवान नदी में बह गए थे। जबकि, कई चीनी सैनिक बुरी तरह से घायल हुए थे।

‘सीधे यहाँ आ जाते हो, क्योंकि सक्षम हो’: बेल के लिए पहुँचे AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा, कहा – हम यहाँ HC का रोस्टर तय करने नहीं बैठे हैं

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जेल में बंद दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को जम कर फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार (12 दिसंबर, 2022) को सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील से कहा कि हम यहाँ हाईकोर्ट के रोस्टर तय करने नहीं आए हैं। कोर्ट ने साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ी जैन की एक याचिका पर जल्द विचार करने से इनकार कर दिया।

दरअसल सत्येंद्र जैन जमानत के लिए पहले दिल्ली हाईकोर्ट गए थे। वहाँ कोर्ट ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय से जवाब माँग लिया और उन्हें तत्काल कोई राहत नहीं मिली। इसी के बाद जैन सुप्रीम कोर्ट पहुँचे और दिल्ली उच्च न्यायालय से जल्द सुनवाई के लिए कहने की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को सिरे से ख़ारिज कर दिया और जमकर फटकार लगाई।

सत्येंद्र जैन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ से कहा कि हाईकोर्ट को इस मामले को जल्द सुनवाई करने के लिए कहा जाना चाहिए , क्योंकि छुट्टियाँ शुरू होने वाली हैं। इस पर पीठ ने कहा कि आप सीधे सुप्रीम कोर्ट आते हैं, क्योंकि आप यहाँ आने का खर्च उठा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “आप शीघ्र सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से भी अनुरोध कर सकते हैं। हम यहाँ हाईकोर्ट का रोस्टर तय करने नहीं आए हैं।”

ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीघ्र सुनवाई के लिए जैन की याचिका का विरोध किया और कहा कि जैन को हर जगह विशेष रियायत नहीं मिल सकती है। मेहता ने कहा कि जेलों में कई लोग हैं, जो जल्द से जल्द मामले का निपटारा चाहते हैं, लेकिन वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करने में सक्षम नहीं है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 दिसंबर 2022 को ईडी द्वारा दर्ज धनशोधन के एक मामले में जैन की जमानत याचिका पर केंद्रीय एजेंसी का रुख जानना चाहा था। जैन ने 30 सितंबर, 2017 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईडी के मामले के संबंध में जमानत माँगी है और अपनी याचिका में कहा है कि वह न तो गवाहों को प्रभावित करने की स्थिति में और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में हैं। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई 20 दिसंबर, 2022 को की जाएगी।

7 दिनों के लिए जेल से बाहर निकलेगा दिल्ली दंगों का आरोपित उमर खालिद, बहन के निकाह में शिरकत करने के लिए अदालत ने दी राहत: कहा – मीडिया से नहीं करूँगा बात

दिल्ली दंगों (Delhi Riots) के आरोपित उमर खालिद (Umar Khalid Gets Bail) को 7 दिनों की अंतरिम जमानत मिल गई। उसे यह जमानत बहन की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है। उमर खालिद को 23 दिसंबर को जेल से रिहा किया जाएगा और 30 दिसंबर को उसे आत्मसमर्पण करना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली दंगों का ‘मास्टर माइंड’ उमर खालिद ने अपनी जमानत याचिका में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 14 दिन की अंतरिम जमानत माँगी थी। हालाँकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने उसे मात्र 7 दिन की जमानत दी है। इस जमानत में, कोर्ट ने उमर खालिद को लाइव लोकेशन समेत कई शर्तों के साथ जमानत दी है।

दरअसल, उमर खालिद के वकील ने उसकी जमानत के लिए दलील देते हुए कहा है कि उमर खालिद न तो किसी प्रकार के इंटरव्यू देगा और न ही मीडिया के किसी व्यक्ति से बातचीत करेगा। गौरतलब है कि फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर उमर खालिद गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के अंतर्गत दंगे को भड़काने का आरोपित है।

बता दें कि फरवरी 20220 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन हो रहे थे। इस दौरान, नार्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में पुलिसकर्मियों समेत कुल 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से अब तक वह जेल में बंद है। इस दौरान, उनसे कई बार जमानत याचिका दायर की है। हालाँकि, दिल्ली पुलिस उसकी जमानत का हर बार पुरजोर विरोध करती है। पुलिस का कहना है कि उसको जमानत मिलने से एक गलत संदेश जाएगा।

दीपिका पादुकोण की पीली बिकनी और स्ट्रॉबेरी दिखा कर ‘पठान’ के बॉयकॉट से निपटेंगे शाहरुख़ खान? गाना देख लोग बोले – परिवार के साथ देखने लायक नहीं

शाहरुख़ खान की आगामी फिल्म ‘पठान’ का पहला गाना ‘बेशरम रंग’ रिलीज हो गया है। गाने में सारा का सारा फोकस दीपिका पादुकोण को ‘ग्लैमरस’ दिखाने पर है। गाने के अधिकतर हिस्से में उन्हें बिकनी में ही दिखाया गया है। खबर लिखे जाने तक YRF (यशराज फिल्म्स) के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए गए ‘बेशरम रंग’ को 9 घंटे में लगभग 80 लाख लोग देख चुके थे, वहीं 5.70 लाख लोगों ने 3 मिनट 13 सेकेंड के इस वीडियो को लाइक किया है।

दीपिका पादुकोण के ‘मोनोकिनी अवतार’ पर फोकस के बाद ये अंदेशा लगाया जा सकता है कि क्या शाहरुख़ खान अब दीपिका पादुकोण के ‘सेक्सी गाने’ को दिखा कर अपनी फिल्म ‘पठान’ को हिट कराना चाहते हैं। इस गाने को गीतकार कुमार ने लिखा है, जबकि संगीत निर्देशक विशाल-शेखर की जोड़ी ने इसे बनाया है। वहीं शिल्पा राव और कैरालीसा मोंटेरियो ने इसे आवाज़ दी है। बता दें कि ‘पठान’ के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद हैं।

बता दें कि शाहरुख़ खान भी कह चुके हैं कि इस गाने के माध्यम से दीपिका पादुकोण को सबसे ज्यादा ग्लैमरस दिखाने का उद्देश्य था। उन्होंने दीपिका पादुकोण को ‘बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस सुंदरी’ करार दिया। गाने की रिलीज से पहले उन्होंने पीली बिकनी में दीपिका पादुकोण की तस्वीर भी शेयर की थी। दीपिका पादुकोण के बॉलीवुड में 15 वर्ष पूरे करने के मौके पर भी उन्हें बधाई दी थी। ‘पठान’ को एक एक्शन फिल्म बताया जा रहा है।

मक्का में ‘उमराह’ करने के बाद हाल ही में वैष्णो देवी पहुँचे शाहरुख़ खान अपनी ही कौम के कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाए जा रहे हैं। कट्टरपंथी उनके हिंदू मंदिर जाने से आक्रोशित हैं। अली बिन मुहम्मद लिखता है, “मजाक बना के रख दिया है मजहब को।” शनामन लिखती है, “कुछ भी कर लो, तुम्हारी हर फिल्म का विरोध होगा।” ट्विटर पर ‘@Real_Immu’ नाम के अकाउंट ने अभिनेता के लिए लिखा कि सजदा खालिक को, इब्लीस से याराना भी। हश्र में किससे मोहब्बत का सिला माँगेगा? खान साहेब ने शाहरुख खान की वीडियो पर कमेन्ट किया, “बेगैरत।”

‘मेरी बराबरी नहीं कर पाई, इसीलिए अपने फायदे के लिए मुझे बदनाम कर रही है’: नोरा फतेही ने जैकलीन फर्नांडिस पर ठोका ₹200 करोड़ का मुकदमा

200 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले सुकेश चंद्रशेखर के मनी लॉन्ड्रिंग केस में बॉलीवुड अभिनेत्रियाँ नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडिस आमने-सामने आ गईं हैं। नोरा फतेही ने अपने खिलाफ अपमानजनक और झूठे कमेंट्स का आरोप लगाते हुए जैकलीन फर्नांडीस पर 200 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा ठोका है। इसके साथ ही, नोरा ने 15 मीडिया संस्थानों के खिलाफ भी मानहानि का केस दर्ज कराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैकलीन और मीडिया संस्थानों के खिलाफ मानहानि केस दर्ज कराते हुए नोरा फतेही ने अपनी दलील में कहा, “चूँकि, हम दोनों एक ही उद्योग और पृष्ठभूमि के हैं इसलिए जैकलीन फर्नांडिस, ने अपने फायदे के लिए मुझे आपराधिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की है।”

नोरा ने अपनी दलील में कहा है, “यहाँ यह उल्लेख करना उचित है कि शिकायतकर्ता (नोरा फतेही) और आरोपित (जैकलीन फर्नांडीज) दोनों विदेशी मूल की एक्ट्रेस हैं और दोनों ने भारतीय फिल्म उद्योग में प्रसिद्धि पाने के लिए संघर्ष किया है।” अपने वकील के माध्यम से दी गई दलील में नोरा ने आगे कहा है, “यह स्पष्ट हो गया है कि जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी प्रतिद्वंद्वी नोरा फतेही के साथ फिल्म इंडस्ट्री में बराबरी न कर पाने के कारण उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की। जैकलीन को यह लगता था कि नोरा फतेही को काम का नुकसान होगा और इससे जैकलीन के लिए काम के रास्ते खुल जाएँगे “

नोरा ने यह भी कहा है कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ठगी केस में उनका नाम जबरन लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनका सुकेश से कोई सीधा संपर्क नहीं था और वह महाठग सुकेश को उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल के कारण जानती थीं।

इसके अलावा, नोरा फतेही ने सुकेश से महँगे गिफ्ट्स व करीबी संपर्क होने की बात को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ जिस तरह की बातें की गईं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फँसाया गया है और उससे और इस दौरान हुए मीडिया ट्रायल से उनकी छवि खराब हुई है।

गौरतलब है कि 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडिस दोनों ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर हैं। इस केस के सिलसिले में ED ने दोनों से ही पूछताछ की है। जैकलीन फर्नांडिस की तरह ही नोरा फतेही पर भी महाठग सुकेश चंद्रशेखर से महँगे तोहफे लेने का आरोप है। हालाँकि, नोरा ने बार-बार इन सभी आरोपों को नकार दिया है।

यही नहीं, ऐसी बात सामने आई थी कि सुकेश चन्द्रशेखर ने नोरा फतेही के जीजा बॉबी को 65 लाख रुपए की BMW कार गिफ्ट की थी। हालाँकि, जाँच में यह भी बताया गया था कि सुकेश ने BMW ऑफर जरूर की थी, लेकिन नोरा ने इसे लेने से इनकार कर दिया था। नोरा ने अपनी सफाई में कहा था कि उन्हें शुरू से ही सुकेश चन्द्रशेखर पर शक हो गया थ और वह उन्हें लगातार फोन भी करता था। इसके बाद, नोरा ने सुकेश का नंबर ब्लॉक कर दिया था।