Homeदेश-समाजCM योगी पर टिप्पणी कर के फरार हुआ सपा नेता, अब यूपी पुलिस कुर्क...

CM योगी पर टिप्पणी कर के फरार हुआ सपा नेता, अब यूपी पुलिस कुर्क करेगी संपत्ति: घर पर चस्पाया नोटिस, बेटी बोली – हमें प्रताड़ित किया जा रहा

सुशीला सरोज के मुताबिक, जिस घर पर नोटिस चस्पाई गई है वो घर अनुराग का है ही नहीं। उन्होंने आगे बताया कि नोटिस चिपकाने के पहले पुलिस ने उनसे बात तक नहीं की।

योगी आदित्यनाथ पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने फरार चल रहे सपा नेता अनुराग भदौरिया पर बड़ी कार्रवाई की है। हजरतगंज थाने की पुलिस ने उनके घर पर नोटिस चस्पा की है। इस नोटिस में एक तय समय दिया गया है। यह नोटिस शुक्रवार (9 दिसंबर 2022) को चस्पा हुई है।

नोटिस पर पेश होने की अंतिम तारीख 7 जनवरी 2023 पड़ी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स में मुताबिक, यदि तय सीमा के अंदर भदौरिया पेश नहीं हुए तो नोटिस पर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। अनुराग भदौरिया की सास सुशीला सरोज ने पुलिस पर अपने परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सुशीला सरोज के मुताबिक, जिस घर पर नोटिस चस्पाई गई है वो घर अनुराग का है ही नहीं। उन्होंने आगे बताया कि नोटिस चिपकाने के पहले पुलिस ने उनसे बात तक नहीं की।

सुशीला सरोज ने अनुराग भदौरिया की तरफ से माफ़ी माँगते हुए खुद को भी गोरखपुर की बेटी बताया है। उन्होंने कहा कि उनका घर गोरखपुर मठ से बस 15 किलोमीर दूर है। पूर्वांचल के लोगों की अक्सर फिसलने की भी चर्चा सुशीला सरोज ने की। उन्होंने अपने दामाद को समाजवादी पार्टी का मेंबर होने के नाते परेशान करने का आरोप लगाया। अंत में अनुराग भदौरिया की सास ने न्याय न मिलने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।

पुलिस द्वारा चस्पा की गई नोटिस में अनुराग पर FIR संख्या 395/22 के तहत IPC की धारा 153- A, 295- A, 298, 504 और 505 (2) का जिक्र है। यह नोटिस लखनऊ के इंदिरा नगर क्षेत्र के A ब्लॉक वाले मकान पर चस्पा हुई है। नोटिस में चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट लखनऊ की मुहर भी लगी हुई है। चस्पा हुई नोटिस में यह भी बताया गया है कि पहले भेजी गई नोटिसों को अनुराग भदौरिया द्वारा रिसीव नहीं किया गया जिसके चलते यह कार्रवाई एक विकल्प के तौर पर की गई है।

अनुराग भदौरिया पर एक TV डिबेट के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके दिवंगत गुरु महंत अवैद्यनाथ पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप है। यह केस एक भाजपा नेता की शिकायत पर दर्ज हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -