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Cash for Ticket: एमसीडी चुनाव में टिकट के बदले AAP विधायक ने माँगे 90 लाख रुपए, ACB ने 3 करीबियों को दबोचा, 2 विधायकों पर गिरफ्तारी की तलवार

स्वयं को ‘कट्टर ईमानदार पार्टी’ घोषित करने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) की ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के नेताओं का भ्रष्टाचारी चेहरा लोगों के सामने आने लगा है। रिश्वत लेने के इल्ज़ाम में AAP के 2 और विधायकों पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है।

एंटी करप्शन ब्रांच (Anti Corruption Branch -ACB) की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में दिल्ली के मॉडल टाउन से AAP के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी (Akhilesh Pati Tripathi) के पीए और साले के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ACB अखिलेश और AAP के अन्य विधायक राजेश को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर सकती है।

क्या है मामला ?

ACB की तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली एमसीडी चुनाव (Delhi MCD Election) में टिकट के बदले रिश्वत लिए जाने का है। आरोपों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने कमलानगर वार्ड नंबर 69 सीट के लिए गोपाल खारी नाम के शख्स से 90 लाख रुपए की माँग की थी। इसमें से 35 लाख रुपए त्रिपाठी और 20 लाख रुपए त्रिपाठी के कहने पर वजीरपुर से विधायक राजेश गुप्ता को दिए गए।

दिल्ली की एन्टी करप्शन ब्रांच ने पूरे मामले में आम आदमी पार्टी नेता अखिलेश पति त्रिपाठी के ओम सिंह, शंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के इशारे पर ही तीनों ने गोपाल खारी की पत्नी शोभा खारी को एमसीडी चुनाव में टिकट दिलाने का वादा किया था। इनमें से एक त्रिपाठी का साला है। हालाँकि, AAP ने ओम सिंह को त्रिपाठी का रिश्तेदार होने से इनकार किया है।

रंगे हाथ पकड़े गए आप विधायक के साले

आरोपों के अनुसार, त्रिपाठी ने टिकट के लिए 90 लाख रुपए की माँग की थी। इसमें से उन्होंने 35 लाख रुपए त्रिपाठी ने और 20 लाख रुपए राजेश गुप्ता को दिए गए। बाकी के 35 लाख रुपए टिकट मिलने के बाद देने की बात तय हुई। उधर, 12 नवंबर को जब आम आदमी पार्टी की लिस्ट जारी हुई, तब शिकायतकर्ता कि पत्नी का नाम लिस्ट में नहीं था।

उम्मीदवारों की सूची में नाम न देखकर गोपाल खरी और उनकी पत्नी शोभा खारी ने मामले की शिकायत की। शिकायत मिलने पर ACB ने जाल बिछाया। 15-16 नवंबर की रात ओम सिंह अपने साथी शंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी के साथ शिकायतकर्ता के घर रिश्वत के 35 लाख में से 33 लाख रुपए लौटाने के लिए आया। इस दौरान ACB के अधिकारियों ने तीनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के इल्ज़ाम में आम आदमी पार्टी के विधायक एवं दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) पहले से ही जेल में हैं। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी शराब घोटाले का आरोप झेल रहे हैं। अब उनके 2 और विधायकों पर रिश्वत लेने के इल्ज़ाम में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

हिंदू नाम से प्लेन में हुए सवार, सोने के साथ पकड़े गए: जाँच में निकले सारे मुस्लिम, टेरर फंडिंग की आशंका

पिछले दिनों पटना एयरपोर्ट से सोने की तस्करी (Gold Smuggling on Patna Airport) का मामला सामने आया था। लगभग डेढ़ किलो सोने के साथ तीन तस्करों को पटना एयरपोर्ट पर गिरफ़्तार किया गया था। इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है जो देश की सुरक्षा से जुड़ा है।

दरअसल सोने की तस्करी का यह मामला अब टेरर फंडिंग (Terror Funding) से जुड़ता नज़र आ रहा है। तस्करी के आरोप में जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था, उनकी वास्तविक पहचान अब सामने आई है। कस्टम विभाग ने इस मामले में हितेश जैन, अरुण और मोहम्मद आरिफ को गिरफ़्तार किया था।

चौंकाने वाली बात यह है कि पूछताछ के दौरान हितेश जैन की सही पहचान मोहम्मद अफसर के रूप में आया है। वहीं, दूसरे आरोपित अरुण की सही पहचान मोहम्मद रिजवान के तौर पर हुई है, जबकि तीसरे आरोपित मोहम्मद आरिफ का नाम तो सही है, लेकिन उसका वास्तविक पता सामने आया है।

क्या है पूरा मामला ?

अब आपको पूरा मामला समझाते हैं। 10 नवंबर को अहमदाबाद से इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 921 से तीन लोग पटना पहुँचते हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर कस्टम विभाग की टीम फ्लाइट से बाहर आ रहे लोगों में से इन्हें अलग करती है और जाँच शुरु कर देती है।

तलाशी के दौरान तीनों के पास से दुबई के होलोग्राम वाला 1 किलोग्राम का एक और बाकी चार अन्य बिस्कुट मिले। सोने की कीमत लगभग 77 लाख रुपए आँकी गई। कस्टम विभाग ने सोना को जब्त करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम हितेश जैन, अरुण और मोहम्मद आरिफ के रुप में सामने आए।

इसके बाद के इंवेस्टिगेशन में जो जानकारी सामने आई वह बेहद चौंकाने वाली है। तीनों तस्कर फर्जी वोटर कार्ड पर यात्रा कर रहे थे और अपनी वास्तविक पहचान छिपा रखी थी। दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के मुताबिक, तीन तस्करों में 2 दिल्ली में और तीसरा अहमदाबाद में रह रहा था।

हितेश जैन नाम के आरोपित का असली नाम मोहम्मद अफसर सामने आया और उसके पिता का असली नाम अताउल्लाह है। अरुण नाम का शख़्स ‘रिजवान’ निकला। अरुण ने पहले अपने पिता का नाम शिव कुमार और पता खेड़ा कॉलोनी, स्वरूप नगर, दिल्ली बताया था। सख्ती से पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम रिजवान और पिता का नाम खुर्शीद बताया। वह दिल्ली के सीलमपुर के घड़ी मंडी का रहने वाला है।

तीसरे ने अपना नाम आरिफ तो सही बताया था, लेकिन अपने पिता के नाम के साथ पता बदल दिया था। मोहम्मद आरिफ ने पहले अपना पता नैथला हसनपुर जूनियर हाई स्कूल, बुलंदशहर बताया था। बरामद किए गए फर्ज़ी वोटर आईडी कार्ड पर उसके पिता का नाम सुबराती लिखा है। जाँच में पता चला कि आरिफ बापू नगर अहमदाबाद का रहने वाला है।

चुनाव आयोग की साइट से छेड़छाड़

यदि आप इतना ही सोच रहे हैं कि मामला नाम बदलकर तस्करी करने का है तो ठहरिए अभी और भी चौंकाने वाली बातें सामने आने वाली हैं। अब तक की जाँच में पता चला है कि तीनों शातिर जिस वोटर आईकार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे, वह चुनाव आयोग (EC) की साइट से छेड़छाड़ कर बनाया गया था।

तस्करों का सरगना कौन?

तस्करों ने अब तक जो जानकारी दी है, उसमें यह साफ नहीं हो पाया है कि सोने का बिस्कुट आखिर है किसका और इस गिरोह का सरगना कौन है? उन्होंने जानकारी दी है कि ‘आका ने कहा था कि जिस फ्लाइट में वे पटना जाएँगे, उसमें सीट के नीचे सोने के बिस्कुट रखे होंगे’। यह आका कौन है, इसका पता लगाया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान तीनों की भाषा और बोली से अधिकारियों को शक हुआ। ये कुछ वैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बोली जाती हैं। कड़ी पूछताछ में तीनों तस्कर टूट गए और अपनी वास्तविक पहचान जाहिर कर दी।

अब भी कई ऐसी बातें हैं, जिनका पता लगाया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। यह जानना जरूरी है कि अफसर और रिजवान ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हिंदू नामों को ही क्यों चुना? सोने का बिस्कुट हवाई जहाज में सीट के नीचे तक कैसे पहुँचा? दुबई का सोना अहमदाबाद तक कैसे पहुँचा? इसे पटना से कहाँ ले जाया जा रहा था? क्या सोने का टेरर फंडिंग से लेना-देना है?

कस्टम विभाग के प्रधान आयुक्त पीके कटियार का भी मानना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। विभाग ने सोने के साथ पकड़े गए तीनों संदिग्धों के बारे में पूरी जानकारी पुलिस के साथ साझा की है, ताकि गहराई से जाँच हो सके।

‘श्रद्धा बर्गर’ से लेकर ‘आफताब फ्रिज फैक्ट्री’ तक, इस्लामी कट्टरपंथी ले रहे दलित लड़की की हत्या के मजे, कह रहे – जो अपने माँ-बाप की न हुई, वो…

आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी दलित प्रेमिका श्रद्धा वाकर की हत्या कर के उसके शव को 35 टुकड़ों में काट डाला। दिल्ली के मेहरौली स्थित फ़्लैट में उसने फ्रिज में शव के टुकड़े रखे हुए थे और रोज एक टुकड़े को रात के समय जंगल में फेंक देता था। अब सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी मुस्लिम, खासकर पाकिस्तान के लोग श्रद्धा की मौत का मजाक बना रहे हैं। वो कह रहे हैं कि जो अपने माँ-बाप की नहीं हुई, वो मेरी क्या होगी।

सोशल मीडिया पर कुछ लोकप्रिय हैंडलों ने उन पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिनमें श्रद्धा की हत्या का मजाक बनाया जा रहा है। एक तरह से श्रद्धा की मौत का मजाक बनाने वाले इस हत्याकांड में आनंद ले रहे हैं। आमाद बट्ट नामक यूजर ने एक जोड़े की तस्वीर शेयर की, जिसमें लड़का मुस्लिम है और लड़की हिन्दू। साथ ही उसने कैप्शन में लिखा, “ये मोटी दिख रही है। बाद में इसे खा सकता हूँ।” फैज़ान चौधरी ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें आफताब को कुछ खाते हुए दिखाया गया है।

उसने श्रद्धा वाकर के चेहरे की तस्वीर एक तरफ लगा दी और उसका नाम ‘श्रद्धा बीफ बर्गर’ रख दिया। सैयदा फातिमा ने तो ‘आफताब पूनावाला फ्रिज पोस्टिंग’ नाम से एक फेसबुक ग्रुप ही बना डाला। उस ग्रुप में 400 से अधिक सदस्य भी हैं। ये लोग आफताब को ‘हीरो’ बताते हुए ‘लव जिहाद’ का हैशटैग भी लगा रहे हैं। एक तस्वीर में तो श्रद्धा को ‘कुतिया’ कह कर संबोधित किया। अब्दुल्ला सईद ने आफताब के हवाले “तुम उसके मैसेज में हो, वो मेरी फ्रिज में है। हम एक नहीं हैं भाई।”

एक मीम में आफताब को फ्रिज बेचते हुए दिखाया गया है और वो कह रहा है, “ये वाला ले लो सर। सर आप इसमें कुछ भी रख सकते हैं। कुछ भी, विश्वास कीजिए।” शयन खान द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में आफताब एक हिन्दू लड़की से कह रहा है, “आ जा तुझे फ्रिज की ठण्ड में ले चलूँ। रेफ़्रिजेरेटर को उसकी औकात दिखानी है।” कहीं दहेज़ में फ्रिज माँगने की बात की जा रही है तो कहीं आफताब कहता दिख रहा है कि ‘मेरी गर्लफ्रेंड हमेशा चिल रहती है’।

कहीं कोई मुस्लिम लड़की सस्ते में फ्रिज बेचने का ऑफर दे रही है तो कहीं लड़की का सिर पड़ा हुआ दिखाया गया है और लिखा है कि अपने ‘बुल्ला’ बॉयफ्रेंड से शादी के लिए कहने पर यही होता है। एक मीम में लड़की सोच रही है कि लड़का किसी और लड़की के बारे में सोच रहा होगा, लेकिन वो सोच रहा होता है कि किस फ्रिज में बॉडी फिट हो जाएगी। हाज़िक अंसारी ने तो ‘आफताब पूनावाला फ्रिज फैक्ट्री’ का विज्ञापन तक दे डाला।

खुशनुमा ने पहले विनीत से ऐंठे लाखों, फिर बहन नरगिस और अम्मी मजहरी के साथ करने लगी ब्लैकमेल: नदी में कूद कारोबारी ने दी जान

मध्य प्रदेश के खंडवा (Khandwa, Madhya Pradesh) हनीट्रैप का मामला सामने आया है। यहाँ डांसर गुड़िया उर्फ बिट्टू उर्फ खुशनुमा पठान ने अपनी बहन नरगिस (19) और अम्मी मजहरी के साथ मिलकर हरसूद के नामी व्यापारी विनीत अग्रवाल को पहले अपने जाल फँसाया, फिर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

ब्लैकमेलिंग से तंग आकर व्यापारी विनीत अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार (15 नवंबर 2022) को तीनों के खिलाफ व्यापारी विनीत को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने गुड़िया और नरगिस को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं इसकी अम्मी मजहरी अभी भी फरार है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हनी ट्रैप की शुरुआत उज्जैन की आर्केस्ट्रा पार्टी से हुई थी। पार्टी में उज्जैन की रहने वाली गुड़िया उर्फ बिट्टू उर्फ खुशनुमा पठान का डांस देखकर व्यापारी विनीत अग्रवाल उस पर फिदा हो गया। वहीं, शौहर से तलाक ले चुकी गुड़िया भी व्यापारी की बेशुमार दौलत देखकर लालच में आ गई। इसके बाद उसने अपनी बहन नरगिस और अम्मी मजहरी के साथ मिलकर व्यापारी को फँसाने की योजना बनाई। विनीत अग्रवाल भी इनके जाल में पूरी तरह से फँस चुका था। उसने शुरुआत में इन पर खूब पैसे लुटाए।

विनीत ने कम समय में व्यापार से लेकर शहर में अपनी पहचान बना ली थी। उसके पास पैसों की कमी नहीं थी। गुड़िया उसे हनी ट्रैप में फँसाकर उस पर बीवी की तरह अधिकार जताने लगी थी। दोनों बहनें और उसकी अम्मी हर महीने लाखों की शॉपिंग करती थीं। जब विनीत ने उससे अपने खर्चे कम करने के लिए कहा तो वह उसे धमकाने लगी कि मैं हरसूद में जाकर हंगामा कर दूँगी। तुम्हारी पत्नी को सब कुछ बता दूँगी। इनकी ब्लैकमेलिंग से तंग आकर व्यापारी ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।

खुशनुमा पठान अपनी बहन और अम्मी के साथ मिलकर उससे आए दिन रुपए माँगती रहती थी। इससे तंग आकर विनीत ने यह आत्मघाती कदम उठाया। हरसूद निवासी विनीत शुक्रवार (11 नवंबर 2022) शाम को करीब सात बजे घर से निकला था। इसके बाद उसका कहीं पता नहीं चला। शनिवार (12 नवंबर 2022) की शाम उसकी कार चारखेड़ा ओवरब्रिज पर खड़ी मिली। कार से दो मोबाइल बरामद किए गए थे। इसके बाद से पुलिस ब्रिज के नीचे इंदिरा सागर के बैकवाटर में विनीत की तलाश कर रही थी। सोमवार (14 नवंबर 2022) की सुबह उसका शव बैकवाटर में मिला था।

हरसूद थाना के टीआई अंतिम पंवार ने बताया कि आरोपित गुड़िया, बहन नरगिस और अम्मी मजहरी के खिलाफ धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने विनीत को आत्महत्या के लिए उकसाया है। आरोपित गुड़िया और नरगिस को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया। इस मामले में गुड़िया मुख्य आरोपित है।

पहले आदिपुरुष का रिलीज डेट बदला, अब बदलेगा रावण का लुक: सैफ अली खान के ‘खिलजी’ दिखने को लेकर था विवाद, साफ होगी दाढ़ी

अक्टूबर 2021 में फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) का टीजर जारी हुआ था। इसके बाद फिल्म किरदारों के गलत चित्रण को लेकर विवादों में आ गया। इसे देखते हुए मेकर्स ने पहले फिल्म की रिलीज डेट बढ़ाकर 16 जून 2023 कर दी। अब खबर आ रही है कि किरदारों के लुक में भी बदलाव किया जाएगा। खासकर रावण के लुक में।

फिल्म में रावण का किरदार (Saif Ali Khan) ने निभाया है। उनके लुक को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है। टीजर में सैफ को देखने के बाद लोगों ने कहा था कि वे रावण की बजाए खिलजी दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने उनका लुक तैमूर, औरंगजेब जैसे इस्लामी आक्रांताओं की तरह भी बताया था।

रिपोर्ट के अनुसार फिल्म मेकर्स ने सैफ के लुक में बदलाव का फैसला लिया। VFX की मदद से उनकी दाढ़ी हटाई जाएगी। वैसे आधिकारिक तौर पर इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इन बदलावों पर करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

टीजर जारी होने के बाद जब रावण के लुक पर विवाद उठा था तो मनोज मुंतशिर ने उसका बचाव किया था। ‘आदिपुरुष’ के साथ बतौर डायलॉग राइटर और गीतकार जुड़े मुंतशिर ने कहा था, “हर युग की बुराई का अपना चेहरा होता है। अलाउद्दीन खिलजी इस दौर की बुराई का चेहरा है। हमने ‘आदिपुरुष’ के रावण को जानबूझकर ऐसा नहीं बनाया है। लेकिन वो खिलजी जैसा दिखता भी है तो इसमें कोई बुराई नहीं है।”

मालूम हो कि प्रभास (Prabhas) और कृति सेनन (Kriti Sanon) स्टारर ‘आदिपुरुष’ का 1.46 मिनट का टीजर 2 अक्टूबर 2022 को अयोध्या में रिलीज किया गया था। राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने 5 अक्टूबर 2022 को कहा था कि भगवान राम, हनुमान और रावण का चित्रण महाकाव्य के अनुसार नहीं है। ये फिल्म उनकी गरिमा के खिलाफ है। फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन उन्हें सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए।

‘$8 नहीं देंगे तो ट्विटर पर ब्लू टिक गँवा देंगे पहले से वेरिफाइड लोग’: एलन मस्क का ऐलान, कहा – कोई सेलेब्रिटी है या नहीं, ये यूजर्स निर्णय लेंगे

एलन मस्क (Elon Musk) ट्विटर ब्लू टिक सब्सक्रिप्शन के लिए प्रतिमाह 8 डॉलर शुल्क लेने के बारे में गंभीर हैं। उन्होंने दोहराया है कि जो भी अपने ट्विटर प्रोफाइल पर ‘ब्लू टिक’ चाहता है, उसे इस राशि का भुगतान हर हाल में करना होगा। 

मस्क ने कहा कि यह सेवा इस महीने के अंत में फिर से शुरू की जाएगी। दरअसल अमेरिका में कई फर्जी ट्विटर अकाउंट्स ने 8 डॉलर का भुगतान कर ब्लू टिक हासिल कर लिया था, इससे परेशान होकर ट्विटर ने अपनी ब्लू टिक सब्सक्रिप्शन सेवा पर रोक दी थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “ब्लू वेरिफाइड को 29 नवंबर 2022 से फिर से लॉन्च किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह एकदम रॉक सॉलिड है।”

पिछले महीने ट्विटर ने ब्लू सब्सक्रिप्शन लॉन्च किया गया था। उस समय उन लोगों के प्रोफ़ाइल पर ब्लू टिक या ब्लू चेकमार्क बन रहे थे, जिसे पहले ट्विटर ने मशहूर हस्ती या सेलेब्रेटी होने की वजह से ‘स्वाभाविक रूप’ से ब्लू टिक दे दिया था।

ऐसे में जब सत्यापित यूजर्स (Verified Users) के नीले चेकमार्क (Checkmark) बटन पर क्लिक करता है, तो उसे एक संदेश दिखाई देता है। संदेश में बताया जाता है कि यह खाता सत्यापित है क्योंकि यह सरकार, समाचार, मनोरंजन या किसी अन्य नामित श्रेणी से प्रसिद्ध व्यक्ति है।

इससे लोगों के बीच यह संदेश गया कि सत्यापित उपयोगकर्ता अपने ब्लू टिक जारी रख सकते हैं, जबकि अन्य उपयोगकर्ता भुगतान करके ब्लू टिक या चेकमार्क प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि, एलन मस्क के संकेत से यह स्पष्ट हो गया है कि यह अंतर और ‘विशेषाधिकार’ कुछ महीनों में समाप्त हो जाएगा। मस्क से जब एक ट्विटर यूजर ने ‘Legacy ब्लू चेकमार्क’ के बारे में पूछा तो, उन्होंने कहा, “सभी बिना भुगतान किए जा रहे ‘Legacy’ ब्लू चेकमार्क कुछ महीनों में हटा दिए जाएँगे।”

मस्क ने आगे कहा कि कोई शख्स सेलेब्रिटी है या नहीं, इसका फैसला यूजर्स पर छोड़ देना चाहिए। वहीं मस्क ने नए तरीके से ब्लू टिक दिए जाने के बारे में कहा कि नए नियमों के हिसाब से अगर आप अपने सत्यापित नाम को बदलते हैं तो आपको चेकमार्क का नुकसान हो सकता है। इसे तभी बहाल किया जाएगा जब यह ट्विटर के सेवा की शर्तों को पूरा कर लेगा।

महरौली थाना, इस्लामी टोपी वाला और कॉन्ग्रेस का झंडा: पत्रकार ने पूछा आफताब का चेहरा क्यों ढक रहे थे, कहा- मैं नमाज को जा रहा था…

श्रद्धा वाकर (Shraddha walker) की हत्या से पूरा देश सन्न है। आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) ने हत्या के बाद उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए थे। अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें पत्रकार एक व्यक्ति से पूछ रहा है कि वह आफताब का चेहरा ढकने की कोशिश क्यों कर रहे थे। इस पर वह व्यक्ति भड़क गया और नमाज, मस्जिद और लोगों को परेशानी होने की बात करने लगा। इस वीडियो में एक व्यक्ति कॉन्ग्रेस का झंडा लिए हुए भी नजर आ रहा है।

यह वीडियो ABP न्यूज़ ने मंगलवार (15 नवम्बर 2022) को शेयर किया है। मंगलवार को दिल्ली पुलिस आफताब को लेकर महरौली के जंगल में गई थी, जहाँ उसने श्रद्धा की लाश के टुकड़े फेंके थे। वीडियो में एबीपी न्यूज के पत्रकार महरौली थाने के बाहर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। जंगल से आफताब को लेकर जब पुलिस की टीम थाने लौटती है तो वाहन के पास इस्लामी पहनावे में दिख रहा एक व्यक्ति गमछे से शीशे को ढकने की कोशिश करता है। वह पुलिस वाहन के साथ तब तक दौड़ता रहा, जब तक वह थाने के गेट के भीतर नहीं घुस जाती।

आप वीडियो की शुरुआत में इस्लामी पहनावे वाले इस व्यक्ति की हरकत देख सकते हैं। वीडियो के 1:50वें मिनट पर जब ABP न्यूज का रिपोर्टर उस व्यक्ति से उसका नाम पूछता है तो वह जवाब में कहता है, “बोलिए क्या करना है।” जब उससे आफताब के चेहरे को ढकने की कोशिश करने की वजह पूछी तो वह कहता है कि आप लोग महरौली की पब्लिक को परेशान कर रहे हैं। फिर वह व्यक्ति कहता है कि वह नमाज पढ़ने जा रहा है। यह रास्ता मस्जिद को जाता है। साथ ही पत्रकारों पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाने लगता है।

चेहरे ढकने के आरोपों को खारिज करते हुए वह व्यक्ति कहता है कि वह आरोपित को नहीं जानता। इसके बाद मस्जिद जाने की बात कह कर वह वहाँ से निकल जाता है। इस दौरान दाढ़ी वाला एक बुजुर्ग भी उसके पीछे खड़े दिख रहे हैं। बार बार पूछे जाने पर भी उसने अपनी पहचान नहीं बताई। वीडियो में पत्रकार के पीछे से एक व्यक्ति कॉन्ग्रेस का झंडा लेकर गुजरता हुआ भी दिख रहा है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा की हत्या और लाश के 35 टुकड़े काटने के आरोप में आफ़ताब को गिरफ्तार किया है। इस हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आफ़ताब के मुस्लिम के बजाए पारसी होने की भी अफवाह उड़ाई थी, जो बाद में आधारहीन साबित हुई थी।

श्रद्धा को काटते-काटते कटी थी आफताब की भी कलाई, दिल्ली के अस्पताल में जाकर लगवाए थे टाँके: डॉक्टर को बताया- फल काट रहा था

श्रद्धा वाकर (Shraddha walker) की लाश के टुकड़े करने के दौरान आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) भी जख्मी हुआ था। उसकी कलाई कट गई थी। इलाज के लिए वह दिल्ली के एक अस्पताल में गया था। डॉक्टर को बताया था कि फल काटने के दौरान हाथ पर कट लग गया। इस दौरान वह बेचैन भी लग रहा था। यह बात भी सामने आई है कि वह 18 मई से पहले ही श्रद्धा की हत्या करना चाहता था। लेकिन ऐन वक्त पर उसके इमोशनल होने के कारण उसने प्लान बदल दिया।

रिपोर्ट के अनुसार आफताब के फ्लैट की तलाशी के दौरान पुलिस को एक पर्ची मिली थी। इसके आधार पर वह छतरपुर के एपेक्स अस्पताल (Apex Hospital in Chhatarpur) के डॉ. अनिल सिंह तक पहुँची। उन्होंने बताया कि मई में आफताब इलाज कराने आया था। उसके हाथ पर चाकू के घाव थे।

डॉक्टर ने बताया, “मई में आफताब अस्पताल में आया था। उसके हाथ में कट लगा हुआ था। वह इंग्लिश में बात कर रहा था। इस दौरान वह काफी आक्रामक और बैचेन लग रहा था और गुस्से में लगातार जोर-जोर से बात कर रहा था।” उन्होंने कहा, “आम तौर पर, मरीज ऐसा नहीं करते हैं, लेकिन वह अन्य मरीजों से काफी अजीब और अलग लग रहा था।”

डॉक्टर ने आफताब के दाहिने हाथ पर 5-6 टाँके लगाए थे। जब डॉक्टर ने पूछा कि चोट कैसे लगी तो आफताब ने बताया कि जब वह फल काट रहा था, तभी चाकू फिसल गया और उसे चोट लग गई। डॉक्टर ने कहा, “मैंने उससे पूछा कि क्या यह चोट किसी लड़ाई के कारण तो नहीं लगी है, तो उसने फुल कॉन्फिडेंस के साथ इससे साफ इनकार कर दिया।”

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर ने बताया, “आफताब सुबह के वक्त आया था। मेरी असिस्टेंट ने मुझे बताया था कि इलाज के लिए कोई आया है। जब मैंने उसे देखा, तो उसका जख्म इतना गहरा नहीं था। मुझे भी कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह साफ तौर पर चाकू का छोटा सा निशान लग रहा था। वह बिना घबराए सभी सवालों के जवाब दे रहा था। उसने कहा कि वह आईटी सेक्टर में बेहतर मौके की तलाश में मुंबई से दिल्ली आया है।”

आफताब ने 18 मई 2022 को श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। उसके बाद उसके शव के 35 टुकड़े किए और इन्हें एक-एक कर 18 दिनों तक फेंकता रहा। एक रिपोर्ट के अनुसार उसने 18 मई से करीब एक सप्ताह पहले ही श्रद्धा की हत्या का फैसला कर लिया था। लेकिन उस दिन अचानक से श्रद्धा इमोशनल होकर रोने लगी। इसके बाद आफताब ने किसी और दिन उसे मारने का फैसला किया।

निधि मुस्लिम बनने को नहीं थी तैयार, सुफियान ने चौथी मंजिल से फेंका: अब लखनऊ में हिंदू लड़की हुई मजहबी सनक की शिकार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में निधि गुप्ता की हत्या कर दी गई है। धर्म परिवर्तन और निकाह से इनकार करने पर उसे जान से हाथ धोना पड़ा है। आरोप है कि सुफियान ने उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया। घटना मंगलवार (15 नवम्बर 2022) की है। सुफियान फरार है।

यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है, जब पूरा देश आफताब द्वारा श्रद्धा वाकर के टुकड़े-टुकड़े कर देने की घटना से सन्न है। निधि की माँ का कहना है कि सुफियान उनकी बेटी का वीडियो बनाकर टॉर्चर कर रहा था। जब इसकी शिकायत उन्होंने सुफियान की अम्मी से की तो कथित तौर पर उसने दोनों का निकाह करा देने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित माँ की तहरीर पर सुफियान के खिलाफ हत्या और धर्म परिवर्तन की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

घटना दक्षिणी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र की है। यहाँ डूडा कालोनी के ब्लॉक 41 में निधि का परिवार रहता है। हाईस्कूल तक पढ़ी निधि ब्यूटी पार्लर में काम सीख रही थी। सुफियान भी बगल के ब्लॉक 40 में अपने परिवार के साथ रहता है। वह काफी समय से निधि के पीछे पड़ा था। धर्म परिवर्तन और निकाह का दबाव डाल रहा था। उसकी सनक से तंग आकर निधि को उसके परिजनों ने कुछ समय के लिए ननिहाल भी भेज दिया था। उसके वापस लौटते ही सुफियान की हरकतें फिर शुरू हो गई।

सुफियान पर लड़की का वीडियो भी वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। कहा जा रहा है कि सुफियान पिछले 15 दिनों से निधि को टॉर्चर कर रहा था। आरोप है कि वह धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। इससे तंग आकर मंगलवार को निधि की माँ ने अपने भाई को बुलाया। वे सुफियान के घर जा रहे थे। इसी दौरान सुफियान ने पहले उन्हें धमकाया और फिर बाद में निधि को छत से धक्का दे दिया। उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उसकी जान नहीं बची।

चौथी मंजिल से गिरते ही निधि का सिर फट गया। आसपास के लोग उसकी मदद को दौड़े। इसी दौरान सुफियान मौके से भाग निकला। उसकी तलाश जारी है।

’40 हजार साल से हमारा DNA एक’: बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत – भारत को माता मानने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू, संकट के समय एक हो जाता है देश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बार फिर कहा है कि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है और सभी के पूर्व समान हैं। उन्होंने कहा है कि आज भले ही यह कहा जाए कि सब अलग-अलग हैं लेकिन विज्ञान कहता है कि 40 हजार साल से हमारा डीएनए (DNA) एक है।

दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत दो दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सरगुजा जिले के अंबिकापुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “हम सबके पूर्वज समान हैं। आज का विज्ञान डीएनए मैपिंग की बात कहता है। आज हमें कुछ भी लगे हम यह कहें कि हम अलग-अलग हैं। हम ऐसे हैं या वैसे हैं। पर विज्ञान कहता है कि 40,000 साल पहले से जो अखंड भारत था, काबुल के पश्चिम से छिंदविन नदी की पूर्व तक और तिब्बत के उत्तर यानी चीन की तरफ की ढलान से श्रीलंका के दक्षिण तक जो मानव समूह आज है उनका डीएनए 40,000 वर्षों से समान है।”

उन्होंने यह भी कहा है कि आरएसएस की स्थापना से ही संघ यह कहता आ रहा है कि भारत मे रहना वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है। उन्होंने कहा, “हम 1925 से कह रहे हैं कि भारत में रहने वाला हर कोई हिंदू है। जो लोग भारत को अपनी माता मानते हैं और विविधता में एकता की संस्कृति के साथ रहना चाहते हैं और इस दिशा में प्रयास करते हैं, भले ही वे किसी भी धर्म, संस्कृति, भाषा और खान-पान की आदतों और विचारधारा का पालन करते हों, वे हिंदू हैं।”

मोहन भागवत ने यह भी कहा है कि हिंदुत्व पूरी दुनिया में एकमात्र विचार है जो विविधताओं को एकजुट करने में विश्वास करता है क्योंकि इसने हजारों वर्षों से इस देश में ऐसी विविधताओं को एक साथ रखा है। यह सच्चाई है और आपको इसे बोलना चाहिए। इसके आधार पर हम एक हो सकते हैं। हमारी संस्कृति हमें एक साथ बाँधती है। उन्होंने कहा कि हम संकट के समय एक हो जाते हैं, चाहे हम आपस में कितना ही झगड़ लें। जब देश संकट में होता है, तो हम एक साथ लड़ते हैं। कोरोना वायरस महामारी के दौरान, पूरा देश इससे निपटने के लिए एक साथ आया था।

उन्होंने यह भी कहा है कि जो जिस धर्म को मानता है उसे जबरन किसी दूसरे धर्म को मनवाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। धर्म, वेशभूषा, खान-पान कोई भी हो, लेकिन सभी एक हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है हिंदुत्व कोई सम्प्रदाय नहीं है, वह तो इस देश की चलती आई हुई परंपरागत जीवन पद्धति है।