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‘ऊँचाई’ की मंच से ‘क्षुद्रता’ का स्क्रीनिंग: कंगना रनौत के नमस्ते का भी जया बच्चन ने नहीं दिया जवाब, नेटिजन्स बोले- इससे अच्छी तो रेखा

बॉलीवुड फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या की अपकमिंग फिल्म ‘ऊँचाई’ (Uunchai) की स्पेशल स्क्रीनिंग में फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियों ने शिकरत की। इस दौरान कंगना रनौत और जया बच्चन का भी आमना-सामना हुआ। कंगना ने हँसते हुए जया का अभिवादन किया लेकिन जया बच्चन ने उन्हें इग्नोर कर दिया। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

इस वीडियो में जया बच्चन के एंट्री करते ही अनुपम खेर उनका स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। तभी वहीं पास में खड़ी अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) जया से ‘हेलो जया जी’ बोलती हैं, लेकिन जया ने उन्हें सबके सामने इग्नोर करके कहीं और देखने लगती हैं।

इस क्लिप को देखकर सोशल मीडिया पर नेटिजन्स जया बच्चन (Jaya Bachchan) पर निशाना साध रहे हैं। वे कह रहे हैं कि जया ने घमंड दिखाया और कंगना को इग्नोर किया।

एक यूजर ने लिखा, “हम सभी आपका सम्मान करते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों के साथ गलत व्यवहार करेंगी। वास्तव में कोई Professionalism नहीं है। उम्र के साथ एक व्यक्ति अधिक समझदार, विनम्र और उसके सोचने का दायरा विकसित हो जाता है। माफ करें। जीवन का मंत्र: सम्मान दो सम्मान लो।”

एक यूजर ने लिखा है, “जो लोग जया की तरह प्रिविलेज्ड नहीं हैं वह उनके लिए नफरत से भरी है। वह और लोगों से इतने प्यार से मिल रही हैं। लोग कंगना के बारे में बुरा बोलते हैं, लेकिन पैपराजी और फैन्स के लिए उनका व्यवहार देखो।” एक ने लिखा है, कंगना को देखकर डर गई चिड़चिड़ी जया।

फोटो साभार: विरल भयानी का इंस्टा

एक और ने कमेंट किया, “जया ने देखा भी नहीं कंगना की तरफ।” चंदरीमा नाम के यूजर ने कमेंट किया कि कंगना को इग्नोर कर दिया, इस औरत में बहुत घमंड है, रेखा कितनी अच्छी है। ये हड्डी बन गई।

फोटो साभार: विरल भयानी का इंस्टा

हालाँकि, इसके बाद अभिषेक बच्चन ने कंगना रनौत को विनम्रता से गले लगाया और थोड़ी बहुत बातचीत भी की। इसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।

बता दें कि ऊँचाई फिल्म में अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, बोमन ईरानी, परिणीति चोपड़ा, डैनी डेन्जोंगपा और सारिका लीड रोल में हैं। यह फिल्म शुक्रवार (11 नवंबर 2022) को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

गौरतलब है कि साल 2020 में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद जया और कंगना के बीच काफी बहस देखने को मिली थी। जया ने कहा था, “जिन लोगों ने इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है, वे इसे गटर कह रहे हैं। जिस थाली में खाते हैं उसमें छेद करते हैं। गलत बात है।” इस पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था, “कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? एक थाली मिली थी जिसमें दो मिनट के रोल आइटम नम्बर्ज़ और एक रोमांटिक सीन मिलता था वो भी हीरो के साथ सोने के बाद। मैंने इस इंडस्ट्री को फ़ेमिनिज़्म सिखाया, थाली देश भक्ति नारी प्रधान फ़िल्मों से सजाई, यह मेरी अपनी थाली है जया जी आपकी नहीं।”

Covid-19 से भी घातक वायरस बनाने में जुटा चीन, पाकिस्तान के साथ रावलपिंडी के लैब में गुपचुप कर रहा तैयारी: रिपोर्ट

कोरोना वायरस की उत्त्पत्ति को लेकर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। खबर है कि इस बार वो पाकिस्तान के साथ मिलकर रावलपिंडी के पास किसी गुप्त जगह जैव हथियारों पर परीक्षण कर रहा है। उसका उद्देश्य पैथोजन्स को जैव हथियारों में तब्दील करना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और पाकिस्तान सेना द्वारा संचालित, रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी संगठन (डीएसटीओ) ने पाकिस्तान में घातक रोगजनकों पर अनुसंधान करने के लिए अत्यधिक उन्नत वैज्ञानिक बुनियादी ढाँचा स्थापित किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिष्ठान के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया गया है, क्योंकि इसे बड़े ही गुप्त तरीके से किया जा रहा है। शोध का शीर्षक ‘उभरते संक्रामक रोगों के लिए सहयोग और वेक्टर संचारण रोगों के जैविक नियंत्रण पर अध्ययन’ रखा गया है।

DNA की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने हालाँकि ऐसे सभी दावे खारिज कर दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि रिपोर्ट में जिस लेबोरेटरी को लेकर दावा किया गया है, वहाँ बायो-सेफ्टी लेवल-3 (BSL-3) को लेकर कुछ भी गोपनीय नहीं है। कार्यालय ने कहा कि यह लेबोरेटरी रावलपिंडी में चकलाला कैंटोन्मेंट (Chaklala cantt) एरिया में मौजूद है। यह एक बेहद सुरक्षित इलाका है और इस लेबोरेटरी का हेड 2 स्टार मिलिट्री जनरल को बनाया जाता है।

जैव हथियार विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के अधीन प्रयोगशाला और चीनी प्रयोगशाला के बीच यह गठजोड़ महज कोई वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पैथोजन्स को जैव हथियारों में तब्दील करना है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस आने के बाद भी कई मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि कोरोना (कोविड-19) की उत्त्पति चीन में वुहान के ऐसे ही किसी लैब से हुई थी। धीरे-धीरे इस वायरस का प्रभाव पूरी दुनिया में खत्म हुआ लेकिन चीन अब भी इससे जूझ रहा है। वहाँ कई इलाकों से अमानवीय लॉकडाउन की खबरें आते रहती हैं।

प्रतापगढ़ किले में अफजल खान की जिस अवैध कब्र को बचाने में लगी थी उद्धव सरकार, अब उसे ध्वस्त करने का काम शुरू: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) ने गुरुवार (10 नवंबर 2022) को सतारा स्थित फोर्ट प्रतापगढ़ (महाबलेश्वर) (Fort Pratapgarh, Mahabaleshwar) में अफजल खान की कब्र के पास अवैध निर्माण को हटाने के लिए अभियान शुरू किया। पुलिस ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) द्वारा जारी आदेशों के तहत कार्रवाई की गई है।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सतारा, पुणे, सोलापुर, कोल्हापुर और सांगली ग्रामीण जिलों के लगभग 1,800 पुलिसकर्मियों के वाई पुलिस उप-मंडल कार्यालय पहुँचने के बाद सुबह लगभग 6 बजे अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू हुआ। अधिकारी बुधवार (9 नवंबर 2022) की शाम को कार्यालय पहुँचे और इन्हें सुबह तड़के फोर्ट प्रतापगढ़ में तैनात कर दिया गया।

इसके लिए प्रतापगढ़, महाबलेश्वर, वाई, कराड और सतारा जिलों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और इलाके में धारा 144 लागू की गई है। सतारा के कलेक्टर रुचिश जयवंशी, पुलिस अधीक्षक समीर शेख, वाई के प्रांतीय अधिकारी राजेंद्र जाधव, पुलिस उपाधीक्षक डॉ शीतल जानेवे खराडे, महाबलेश्वर की तहसीलदार सुषमा पाटिल चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। मीडिया को भी परिसर में घुसने से रोक दिया गया है।

छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के कट्टर दुश्मन और बीजापुर के अत्याचारी अफजल खान की कब्र के आसपास कई अवैध संरचनाओं का निर्माण किया गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित कई हिंदू संगठनों ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2017 में महाराष्ट्र सरकार को अफजल खान की कब्र के आसपास अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्देश दिया था।

शिवाजी महाराज ने अफजल को बाघनख से मार डाला था

बीजापुर सल्तनत का जनरल अफजल खान 10 नवंबर 1659 को महाराष्ट्र में महाबलेश्वर के पास स्थित किला प्रतापगढ़ में आया था। इसके आधार से कुछ मीटर ऊपर छत्रपति शिवाजी महाराज से मिलने आए अफजल के स्वागत के लिए एक शामियाना बनाया गया था। इस दौरान उसने शिवाजी महाराज को गले लगाने का नाटक करते हुए उन्होंने उन्हें मारने की कोशिश की।

उसके इरादों से वाकिफ 19 वर्षीय छत्रपति ने बाघ के पंजा रूपी हथियार से अफजल खान की पेट को फाड़ दिया। अफजल मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। अफजल खान की उचित अंत्येष्टि के अधिकार का सम्मान करते हुए उसे उसी स्थान पर दफना दिया गया और उसके ऊपर एक पत्थर रख दिया गया।

दो दशक पहले तक किला परिसर में अफजल खान की कब्र पर किसी का ध्यान नहीं गया था। वर्ष 2000 के आसपास कुछ मुस्लिमों द्वारा कब्र पर दावा करने और उस पर मजार बनाने के फैसले के बाद इसे प्रमुखता मिली। धीरे-धीरे एक दशक में कब्र पर चारों तरफ से एक आर्केड के साथ एक स्थायी संरचना खड़ी कर दी गई। कहा जाता है कि एस्बेस्टस शीट्स की छत से ढके इंटीरियर में कमरे बने हैं और यहाँ घुमंतू मुस्लिम मौलाना को शरण दिया जाता है।

यह अवैध निर्माण ‘हजरत मोहम्मद अफजल खान मेमोरियल ट्रस्ट’ के नाम से किया गया था और इसके तहत किले के लगभग 5,500 वर्ग फुट जगह पर कब्जा कर लिया था। इसके अलावा, वर्ष 2004 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने ASI नियंत्रित इस जगह की भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ आपत्ति उठाई। VHP ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद महाबलेश्वर पुलिस ने किले और मकबरे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी।

बाद में समस्त हिंदू अघाड़ी के संस्थापक-अध्यक्ष और प्रतापगढ़ उत्सव समिति के मुख्य कार्यकारी मिलिंद एकबोटे द्वारा अफजल खान की कब्र के आसपास वन भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ ​​याचिका दायर की गई थी। जनहित याचिका में कहा गया है कि किले की तलहटी में मूल मकबरा 5 वर्ग फुट आकार का था, लेकिन अब इसे 1,000 वर्ग फुट के अवैध विकास से घेर लिया गया है। इसके साथ ही वन विभाग के स्वामित्व वाले इस क्षेत्र में कई अन्य संरचनाओं द्वारा किले पर कब्जा कर लिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने तब राज्य सरकार को अफजल खान की कब्र के आसपास अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एससी धर्माधिकारी ने कहा था, “अफजल खान की कब्र के आसपास के अतिक्रमण को हटा दें या वन अधिकारियों को स्थायी रूप से जंगल में भेज दें, अगर वे अपना कर्तव्य नहीं निभा सकते हैं।” सतारा जिले के किला प्रतापगढ़ की तलहटी में अफजल खान की कब्र में हाल के वर्षों में वास्तव में तेजी से बदलाव हो रहे थे। इस्लामवादियों ने इस स्थान पर मेलों का आयोजन भी शुरू कर दिया था।

व्रत वाला जूस, बर्फ में मांस की थैली: पकड़े जाने पर राहुल नाम बताने लगा फैजल, मुस्कुरा कर बोला- गलती हो गई

उत्तर प्रदेश के बरेली में जूस की एक दुकान से मांस मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जूस में मिलाए जाने वाली बर्फ के बीच एक पॉलीथिन में छिपा कर मांस रखा गया था। एक स्थानीय व्यक्ति ने इसकी जानकारी हिन्दू संगठनों को दी। हिन्दू संगठनों ने फैजल नाम के आरोपित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

आरोप है कि पकड़ने जाने पर फैजल ने अपना नाम राहुल बताया था। पुलिस ने केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। घटना बुधवार (9 नवम्बर 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना प्रेमनगर थानाक्षेत्र के डीडी पुरम इलाके का है। यहाँ पेट्रोल पम्प के बगल में फैजल की जूस की दुकान है। जूस के बोर्ड पर सच्चाई, सफाई और पवित्रता लिखा हुआ है। सुदर्शन न्यूज के पत्रकार रजत मिश्रा ने इस वीडियो को शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “बरेली में फैजल हिन्दुओं को व्रत वाला जूस बताकर ‘माँस’ मिला जूस पिला रहा था। सावधान रहिए, ऐसे फैजल हर शहर के चौराहों पर हैं।”

इसी मामले में सामने आए एक अन्य वीडियो में दुकान पर जमा लोगों के विरोध के बाद भी फैजल दुकान चलाता दिख रहा है। जब मौके पर मौजूद पुलिस ने फैजल से उसकी हरकत पर सवाल किया तब वह मुस्कुराता हुआ दिखा। बाद में उसने कहा, “गलती हो गई।” फैजल ने अपने किसी परिचित से पुलिस वाले की फोन पर बात भी करवानी चाही, जिससे पुलिसकर्मी ने इनकार कर दिया।

बिजनौर जिले के नहटौर विधानसभा से भाजपा विधायक ओम कुमार ने इस घटना पर बरेली पुलिस से संज्ञान लेकर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। विधायक के ट्वीट पर बरेली पुलिस ने थाना प्रेम नगर पर FIR दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई होने की जानकारी दी है।

‘The Vaccine War…एक युद्ध की सच्ची कहानी’ : विवेक अग्निहोत्री ने जारी किया नई फिल्म का पोस्टर, पहली बार 11 भाषाओं में एक साथ रिलीज होगी कोई मूवी

क​श्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की अपार सफलता के बाद डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) के सितारे बुलंदी पर हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन के खास मौके पर अपनी नई फिल्म की घोषणा की है। फिल्म का नाम ‘द वैक्सिन वॉर’ (The Vaccine War) है। फिल्ममेकर ने आज (10 नवंबर 2022) अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर ‘द वैक्सिन वॉर’ का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर किया।

इसके साथ ही विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, “पेश है ‘द वैक्सीन वॉर’- एक ऐसे युद्ध की अविश्वसनीय सच्ची कहानी जिसे आप नहीं जानते थे कि भारत कैसे लड़ा है और अपने विज्ञान, साहस और महान भारतीय मूल्यों से जीता है। यह फिल्म अगले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 11 भाषाओं में रिलीज होगी। कृपया करके हमें अपना आशीर्वाद दें।”

एक दूसरी पोस्ट में डायरेक्टर ने बताया कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार कोई फिल्म एक साथ 11 भाषाओं में रिलीज हो रही है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को एक के साथ लाने के लिए ये उनकी नई पहल है।

आपको बता दें कि ‘द वैक्सीन वॉर’ फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म के पोस्टर पर एक वैक्सीन की बॉटल दिखाई दे रही है। इस पर लिखा है, “आई एम बुद्धा प्रेजेंट्स द वैक्सीन वॉर… ए फिल्म बाय विवेक अग्निहोत्री एंड प्रोड्यूस बाई पल्लवी जोशी। इसके नीचे भारत का राष्ट्रीय ध्वज भी बना हुआ है।” पोस्टर में लिखा है, “ट्रू स्टोरी।” यानी ‘द कश्मीर फाइल्स’ की तरह इसे भी सच्ची घटना पर बनाया गया है।

‘द वैक्सिन वॉर’ फिल्म को विवेक की पत्नी पल्लवी जोशी प्रोड्यूस कर रही हैं। यह हिंदी, इंग्लिश, गुजराती, बांग्ला, मराठी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम, पंजाबी और भोजपुरी में 2023 में सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

फिल्ममेकर ने इससे पहले भी एक और ट्वीट किया था। 10 नवंबर 1973 में जन्मे विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, “गुड मॉर्निंग, हर सुबह जब सूरज उगता है और जैसे ही हम जागते हैं, पुराना सब खत्म हो जाता है और एक नया जीवन शुरू होता है। हर साँस के साथ पुरानी चीजें खत्म होती जाती हैं और एक नया जीवन शुरू होता है। हर नए विचार के साथ एक नए जीवन की शुरुआत होती है। जीवन हर पल है, हर पल एक नया जन्म है।”

गुजरात में चाहिए 182 प्लेयर, BJP ने 160 किए डिक्लेयर: 91 आउट, मोरबी में छलांग लगाने वाले को मौका, जडेजा की पत्नी और हार्दिक को भी टिकट

गुजरात में विधानसभा चुनावों (Gujarat Assembly Election 2022) के लिए भाजपा (BJP) ने 160 उम्मीदवारों वाली अपनी पहली सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (CM Bhupendra Patel) को घाटलोढिया सीट से लड़ेंगे, जबकि क्रिकेटर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की पत्नी रिवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja) को जामनगर उत्तर से उम्मीदवार बनाया।

वहीं, कॉन्ग्रेस छोड़कर आए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) को भाजपा ने विरमगाम सीट से टिकट दी है। हाल में गुजरात के मोरबी में हुए पुल दुर्घटना के दौरान नदी में कूदकर कई लोगों को जान बचाने वाले पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया (Kantilal Amritiya) को पार्टी ने मोरबी से उम्मीदवार बनाया है। मोरबी के मौजूदा विधायक बृजेश मेरजा का टिकट काट दिया गया है। पिछले चुनाव के दौरान मेरजा कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

भाजपा ने 91 विधायकों के टिकट काट दिए हैं। जिन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है, उनमें 84 उन सीटों के लिए हैं, जहाँ पहले चरण का 1 दिसंबर को मतदान होना है। वहीं, पार्टी के 8 दिग्गज नेताओं ने एक दिन पहले ही चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया था।

मांडवी सीट से अनिरुद्ध भाई को टिकट दिया गया है तो अंजार से त्रिकम भाई और गाँधीधाम से मालती बेन को प्रत्याशी बनाया गया है। जामनगर ग्रामीण से पार्टी ने राघव जी को उतारा है। राजकोट से उदयभाई को, पोरबंदर से बाबूभाई पोखरिया को टिकट दिया गया है। वहीं, भरुच से रमेशभाई मिस्त्री को प्रत्याशी चुना गया है, जबकि जैतपुर से जयेश भाई को टिकट दिया गया है।

क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा पहली बार चुनावी मैदान में उतरेंगी। 5 सितंबर 1990 को जन्मीं रिवाबा जडेजा गुजरात के राजकोट में आत्मीय प्रौद्योगिकी और विज्ञान संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की हैं। वह 2019 में भाजपा में शामिल हुई थीं। रीवाबा और रवींद्र जडेजा ने 17 अप्रैल 2016 को शादी की थी।

बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनावों में दो चरणों में मतदान होंगे। 1 और 5 दिसंबर को राज्य के लगभग 5 करोड़ मतदाता प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी। लगभग 27 सालों से सत्ता में बैठी भाजपा को हटाने के लिए कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। वहीं, सामने आए कई सर्वे में भाजपा की फिर जीत की भविष्यवाणी की गई है।

हाथों पर ‘ॐ’ गुदा-टूटी गर्दन, प्राइवेट पार्ट में वाइपर की पाइप… फरीदाबाद में मिली महिला की अर्धनग्न लाश, निर्भया जैसी दरिंदगी की हुई शिकार

हरियाणा के फरीदाबाद में एक महिला दिल्ली की निर्भया जैसी दरिंदगी का शिकार हुई है। पुलिस ने महिला का अर्धनग्न शव बरामद किया है। उसके प्राइवेट पार्ट में वाइपर की पाइप डाल दी गई थी। गर्दन टूटी हुई थी। उसके दोनों हाथ पर ॐ लिखा हुआ था। मृतका की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। शव 2 से 3 दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस को मंगलवार (8 नवम्बर 2022) को मिला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को बल्लभगढ़ के सेक्टर 7- A में एक महिला की लाश पड़ी होने की सूचना मिली। लाश गुरूद्वारे के पीछे एक बंद पड़ी गली से बरामद हुई। महिला की उम्र लगभग 34 वर्ष बताई जा रही है। शुरूआती जाँच में पता चल रहा है कि पीड़िता के साथ पहले रेप हुआ है। बाद में महिला के प्राइवेट पार्ट में वाइपर की पाइप डाल गर्दन को तोड़ दिया गया। लाश का पोस्टमार्टम करवाकर पहचान के लिए उसे मोर्चरी में रखवा दिया गया है।

पार्क के बगल में कपड़े प्रेस करने वाली एक महिला के बेटे ने सबसे पहले शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि मृतका की दोनों हथेलियों पर ॐ के साथ दाएँ हाथ पर आरएम स्टार लिखा हुआ है। बताया जा रहा है कि लाश को घसीटा गया था। सेक्टर 7 थाना पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज निकाल कर जाँच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिस जगह ये शव मिला है, वहाँ एक ऐसा पार्क है जिसमें लोगों का आना-जाना कम होता है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार महिला ने सूट पहन रखा था। नीचे के कपड़े गायब थे। मृतका के शरीर पर चोटों के निशान भी थे। मौत की वजह सिर पर चोट आना बताया जा रहा है। घटनास्थल पर काफी खून बहा था जो शव बरामदगी के समय सूख चुका था। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि मृतका को कहीं और मार कर वहाँ फेंका गया था। पुलिस ने IPC की धारा 376 (रेप) और 302 (हत्या) के तहत FIR दर्ज कर ली है।

नाखून उखाड़े, उंगली मरोड़ी, पसलियाँ तोड़ीं: PAK के हिंदूफोबिक पत्रकार की हत्या में नया खुलासा, मारने से पहले 3 घंटे किया गया प्रताड़ित

हिंदूघृणा फैलाने के लिए कुख्यात पाकिस्तान के पत्रकार अरशद शरीफ की केन्या की राजधानी नैरोबी में 23 अक्टूबर 2022 को हुई हत्या के बाद इस मामले में कुछ नए खुलासे हुए हैं। पहले उनकी पत्नी ने जहाँ दावा किया था कि अरशद को गोली मारी गई। वहीं अब पता चला है कि उन्हें गोली मारने से भी पहले 3 घंटे प्रताड़ित किया गया था।

बोल न्यूज के मुताबिक यह दावा पाकिस्तान के एक निजी टीवी एंकर ने अपने कार्यक्रम में किया। रिपोर्ट में बताया गया कि अरशद को मारने से पहले उनके नाखून उखाड़ दिए गए थे और उनकी पसलियाँ और उंगलियाँ तोड़ दी गई थीं। इसके बाद उन्हें वाहन से बाहर निकाल कर बहुत करीब से गोली मारी गई थी। कथिततौर पर हत्या की योजना पहले से ही बनाई गई थी।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक अपराध स्थल पर शरीफ का मोबाइल फोन और आई-पैड मौजूद नहीं था। हत्या की जाँच करने केन्या गई पाकिस्तान की टीम ने भी घटनास्थल पर मोबाइल फोन नहीं मिलने पर सवाल उठाए थे। टीम का मानना था कि शरीफ की हत्या के बाद संभवतः इसकी चोरी की गई होगी।

दूसरी ओर, पाकिस्तानी जाँचकर्ताओं ने केन्याई अधिकारियों से एक शूटिंग रेंज में मौजूद प्रशिक्षकों के नाम और संपर्क विवरण प्रदान करने के लिए कहा है, जहाँ पत्रकार अरशद शरीफ को हत्या से पहले आखिरी बार देखा गया था।

बताया जा रहा है कि शरीफ 23 अक्टूबर को रात करीब 8 बजे अपने मेजबान वकार अहमद के भाई खुर्रम के साथ नैरोबी के लिए रवाना हुए थे। एक घंटे बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। जाँच के दौरान अम्मोडम्प शूटिंग रेंज में लगभग 10 अमेरिकी प्रशिक्षकों की उपस्थिति का पता चलने के बाद हत्या पर विवाद और गहरा गया है।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तानी सरकार की ओर से केन्या की यात्रा करने वाले दो सदस्यीय का प्रारंभिक आँकलन यह था कि अरशद शरीफ टार्गेट किलिंग का शिकार हुआ है।

अरशद शरीफ पूर्व में एआरवाई न्यूज से जुड़े हुए थे और बाद में वह दुबई चले गए थे। पाकिस्तान में उनके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा भी था। इसके अलावा भारत में वह अपने हिंदूविरोधी और मोदी विरोधी रुख के लिए भी जाने जाते थे। नीचे देख सकते हैं कि कैसे अरशद दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों के समय हिंदूघृणा फैलाने में लगे हुए थे।

वह एक अन्य ट्वीट में वह किसी टीवी कार्यक्रम का वीडियो शेयर करते हैं,जहाँ एक प्रोफेसर पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगल रहा है । वह कहता है कि मोदी अपनी हिंदुत्व की नीतियों के साथ दक्षिण एशिया के एक नए हिटलर के तौर पर उभर रहा है। ईसाइयों, पारसियों, यहूदियों, सिखों और मुस्लिमों के लिए भाजपा में कोई जगह नहीं है।

अल्लाह के बाद अब मौसम के भरोसे पाकिस्तान, बारिश से T20 का वर्ल्ड चैंपियन बनने के ख्वाब: जानिए भारत-इंग्लैंड मुकाबले से पहले क्या है मिजाज

गिरते-पड़ते आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने वाली पाकिस्तान अब बिना मैच खेले ही चैंपियन बनने के सपने देख रही है। पाकिस्तानी मीडिया बारिश के कारण फाइनल मैच धुलने की संभावना पर जोर-शोर से बात कर रही है। बता रही है कि इस स्थिति में पाकिस्तान बिना मैच खेले ही संयुक्त वर्ल्ड चैंपियन बन जाएगा।

9 नवंबर को न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल में हराकर पाकिस्तान फाइनल में पहुँचा था। पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने इसे अल्लाह का करम बताया था। दूसरे फाइनलिस्ट का फैसला आज भारत और इंग्लैंड के बीच मैच से होगा। इस मैच के भी बारिश में धुलने की आशंका जताई जा रही है।

पाकिस्तान के जियो न्यूज ने गुरुवार (10 नवंबर 2022) को संभावना जताई कि बारिश से मैच धुलने पर आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने वाली दोनों टीमों को विजेता घोषित किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार (13 नवंबर 2022) को बारिश की होने की संभावना है। इसी दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में लिखा है, “रविवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। बारिश आने की 95% संभावना है। दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है।”

मालूम हो कि बारिश की वजह से वर्ल्ड कप के सुपर-12 स्टेज में चार मुकाबले रद्द किए गए जा चुके हैं, जबकि तीन मैचों का परिणाम डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर निकाला गया है। अफगानिस्तान और आयरलैंड (Afghanistan vs Ireland) के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर टी-20 विश्व कप के सुपर-12 का मैच भी बारिश के कारण एक भी गेंद फेंके बिना ही रद्द कर दिया गया था। इसके बाद अफगानिस्तान और आयरलैंड में एक-एक अंक बाँट दिया गया था।

दरअसल, सुपर-12 राउंड में किसी भी मैच के लिए रिजर्व डे नहीं था, लेकिन टी20 विश्व कप के नॉकआउट मैचों (सेमीफाइनल और फाइनल) के लिए आईसीसी ने रिजर्व डे का विकल्प रखा है। यानी कोई मैच अपने तय तारीख पर नहीं हो पाता है, तो उसे अगले दिन खेला जा सकता है। इसके अलावा रिजल्ट के लिए कम ओवरों के साथ भी मैच खेला जा सकता है। लेकिन फाइनल के दूसरे दिन सोमवार (14 नवंबर 2022) का मौसम का पूर्वानुमान भी रविवार जैसा ही है। इसका मतलब उस दिन भी मेलबर्न किक्रेट ग्राउंड में बारिश के कारण मैच खेलना संभव नहीं होगा। ऐसे में अगर फाइनल का मैच किसी भी परिस्थिति में संभव नहीं हो पाया, तो दोनों फाइनलिस्ट को विजेता घोषित किया जा सकता है।

इस बीच एडिलेड में होने वाले भारत इंग्लैंड मैच पर भी मौसम का मार पड़ने की आशंका जताई जा रही है। एडिलेड में बारिश की संभावना 25 प्रतिशत तक जताई गई है। बुधवार की रात भी यहाँ जोरदार बारिश हुई। यदि बारिश से मैच आज पूरा नहीं होता है तो यह रिजर्व डे यानी कि 11 नवंबर को खेला जाएगा।

11 नवंबर को भी सेमीफाइनल का मैच नहीं होने की सूरत में ग्रुप स्टेज में मिले प्वाइंट के आधार पर फाइनलिस्ट का फैसला होगा। इस मामले में भारत आगे है।

मलाली विवादित ढाँचे का होगा सर्वेक्षण, मस्जिद समिति की आपत्ति खारिज: मंदिर जैसा वास्तुशिल्प, दिखे थे- कलश, तोमर, स्तंभ…

कर्नाटक के मंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित मलाली विवादित ढाँचे का सर्वेक्षण होगा। मंगलुरु अदालत ने बुधवार (9 नवंबर, 2022) को इसकी अनुमति दी। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत का यह फैसला आया। याचिका में सर्वेक्षण के लिए आयुक्त की नियुक्ति की माँग की गई थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हिंदू मंदिर के ऊपर मस्जिद बनाया गया है।

अदालत के फैसले को हिंदुओं की जीत बताते हुए विहिप नेता शरण पंपवेल ने कहा, “यह हिंदुओं की पहली जीत है। यह (मलाली विवादित ढाँचा) हिंदुओं का मंदिर है। हम देखेंगे कि अदालत की अगली सुनवाई में क्या होता है। हमें उम्मीद है कि वहाँ मंदिर बनेगा।” इस साल अप्रैल में मंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित पुरानी मस्जिद के नीचे हिंदू मंदिर जैसा वास्तुशिल्प सामने आने के बाद इस मामले में सुनवाई शुरू हुई थी।

बताया का रहा है कि मंगलुरु के पास थेनका उलीपाडी गाँव मलाली में असैद अब्दुल्लाही मदनी मस्जिद के नवीनीकरण कार्य के दौरान यह वास्तुशिल्प डिजाइन मिला था। विहिप ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे की तरह इसका सर्वे कराने की माँग की थी। इसके जवाब में मस्जिद प्रबंधन समिति ने एडिशनल सिविल कोर्ट में काउंटर अर्जी दाखिल की थी। मस्जिद समिति के वकील ने तर्क दिया था कि यह वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। सिविल कोर्ट को इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हिंदुओं की याचिका खारिज करने की माँग की थी।

वहीं, भाजपा के विधायक भरत शेट्टी ने इस जगह का ASI से सर्वे कराने की माँग की थी। इस पर विवाद शुरू होने के बाद मंगलुरु अदालत ने मस्जिद प्रबंधन को नवीनीकरण कार्य रोकने का आदेश दिया था। दावा किया जा रहा है कि मलाली विवादित ढाँचा 700 साल पुराना है।

बता दें कि टीए धनंजय और बीए मनोज कुमार ने मंगलुरु के तीसरे अतिरिक्त सिविल कोर्ट के समक्ष मुकदमा दायर किया था। धनंजय और कुमार ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जिसमें कहा गया था कि निचली अदालत को दलीलें सुनने की बजाए आयुक्त की नियुक्ति करनी चाहिए। इस पर मामले पर हाई कोर्ट ने 16 जुलाई 2022 को सुनवाई करते हुए माना कि निचली अदालत मुकदमे की सुनवाई और सही फैसला करने में सक्षम है।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2022 में मस्जिद के अंदर से हिंदू संरचना निकलने के बाद स्थानीय लोगों ने कहा था कि इस बात की पूरी संभावना है कि इस स्थल पर एक हिंदू या जैन मंदिर मौजूद था, क्योंकि इसमें कलश, तोमर और स्तंभ दिखाई दे रहा है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं ने जिला प्रशासन से दस्तावेजों के सत्यापन होने तक काम रोकने की अपील की थी। इसके बाद 25 मई, 2022 को विश्व हिन्दू परिषद (VHP) और बजरंग दल (Bajrang Dal) के कार्यकर्ताओं ने गंजिमुत में श्री रामंजनेय भजन मंदिरा थेनकुलीपदी में पूजा यानि ‘तंबुला प्रश्ने’ अनुष्ठान किया। VHP कार्यकर्ताओं ने ये पूजा मस्जिद के जीर्णोद्धार के दौरान मिले मंदिर जैसे ढाँचे पर हो रहे विवाद के समाधान के लिए की थी।