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प्रभु राम की मूर्ति, भगवा वस्त्र और लिखा- धर्म की विजय हुई: मीडिया/सोशल मीडिया से दूर रहने के निर्देश, रिहाई के बाद टी राजा सिंह का पहला ही ट्वीट वायरल

बीजेपी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह को तेलंगाना हाईकोर्ट ने बुधवार (9 नवम्बर 2022) को जमानत दे दी। अदालत ने माना है कि राजा सिंह ने किसी मजहब के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया था। जेल से निकलने के बाद राजा सिंह ने इसे धर्म की जीत बताया। जय श्री राम लिखते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि आपकी सेवा में मैं फिर से हाजिर हूँ। विधायक राजा सिंह 25 अगस्त 2022 से प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट के तहत जेल में थे।

अपने फैसले में न्यायलय ने राजा सिंह को किसी भी रैली में शामिल न होने और प्रेस कॉन्फ़्रेंस न करने का आदेश दिया है। साथ ही अगले 3 महीने तक सोशल मीडिया से भी दूर रहने को कहा है। हालाँकि रिहाई के तुरंत बाद किया गया उनका ट्वीट वायरल हो गया है। इस ट्वीट में वे भगवा वस्त्र पहने भगवान राम की पास खड़े दिख रहे हैं। साथ ही लिखा है, “धर्म की विजय हुई। एक बार पुनः आपकी सेवा में उपस्थित हो गया हूँ। जय श्री राम।”

सोशल मीडिया पर हो रहा स्वागत

राजा सिंह की जमानत के बाद कई यूजर्स ने उनकी रिहाई का स्वागत किया है। @parikshan1977 नाम के हैंडल ने लिखा, “आप जैसे संघर्षशील सनातनी को शत शत नमन”। @krpradeepdr ने लिखा, “आप भारत के हिन्दुओं के लिए भगवान का उपहार हो”। वहीं अजीत पांडेय ने लिखा, “शेर को ज्यादा दिन पिंजड़े में नहीं रखा जा सकता।”

साभार- @TigerRajaSingh ट्विटर हैंडल पर आए कमेंट्स के स्क्रीनशॉट

क्या था विवाद

गोशामहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह के एक वीडियो को लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने अपने पैगम्बर मोहम्मद के अपमान का आरोप लगाया था। इसके बाद हैदराबाद में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। सर तन से जुदा के नारे लगे थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा राजा सिंह पर कई केस भी दर्ज करवाए गए। अगस्त 2022 में तेलंगाना पुलिस ने राजा सिंह पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने की FIR दर्ज कर ली थी।

तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज FIR में राजा सिंह को अगले दिन ही जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट के तहत एक बार फिर से राजा सिंह को जेल भेज दिया। उधर भाजपा ने भी राजा सिंह को पार्टी की नियमावली के उल्लंघन के आरोप में सस्पेंड कर दिया था और विधायक को नोटिस जारी की थी। इस नोटिस के जवाब में राजा सिंह ने अपनी तरफ से कोई भी गलत हरकत न किए जाने की बात कही थी।

युवक को एडल्ट वेब सीरिज में काम करने को किया मजबूर, अदालत ने महिला डायरेक्टर को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

केरल के तिरुवनन्तपुरम की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने एक महिला डायरेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। साथ ही उसे जाँच में सहयोग करने के भी आदेश दिए हैं। इस महिला डायरेक्टर पर एक युवक को एडल्ट वेब सीरिज में काम करने के लिए मजबूर करने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि आरोपित डायरेक्टर इस फैसले को उपर की अदालत में चुनौती दे सकती है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अश्लील सीन करने से मना करने पर उससे 5 लाख रुपए माँगे गए थे। यह मामला कोच्चि जिले का है। अक्टूबर 2022 में पुलिस ने शिकायत दर्ज की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले माह 26 वर्षीय एक युवक ने कोच्चि के विज्हिंजम थाने में महिला डायरेक्टर लक्ष्मी बीपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में युवक ने महिला डायरेक्टर पर एक एडल्ट सीरिज में आपत्तिजनक सीन करने के लिए विवश करने का आरोप लगाया था। युवक का कहना है कि उसने जब इसे करने से इनकार किया तो 5 लाख रुपए जुर्माना भरने को कहा गया। शिकायत तब दर्ज करवाई गई, जब सीरिज का ट्रेलर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पीड़ित का आरोप है कि उसने एक विज्ञापन देख काम करने की इच्छा जताई थी। भरोसे पर उसने एग्रीमेंट पर साइन कर दिए थे। आरोप है कि बाद में उसे अरुविक्कारा के एक सुनसान बंगले में बुलाया गया, जहाँ उसे आपत्तिजनक सीन करने को कहा गया। पीड़ित के मुताबिक ऐसा न करने पर उसे जुर्माना भरने को कहा गया जो उसके लिए सम्भव नहीं था और वो उस सीन को करने पर मजबूर हो गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक पहली सीन के दौरान उसको पता चला कि वह एक एडल्ट सीरिज थी।

बताया जा रहा है कि अपनी शिकायत पर पुलिस द्वारा संतोषजनक कार्रवाई न होने का आरोप लगाकर पीड़ित कोर्ट चला गया था। पीड़ित का यह भी कहना है कि ओटीटी प्लेटाफॉर्म पर सीरिज रिलीज होने के बाद पुलिस ने उसको ही समन जारी कर दिया था। बाद में पुलिस कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद आरोपित डायरेक्टर पर धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज हुई। जानकारी के मुताबिक इस फिल्म की अभिनेत्री भी अब सामने आई है और उसने भी महिला डायरेक्टर के खिलाफ युवक जैसी ही शिकायत दी है। केस दर्ज होने के बाद इस मामले में चल रही कार्रवाई में अग्रिम जमानत के लिए आरोपित महिला डायरेक्टर कोर्ट गई थी, जहाँ उसकी अर्जी ख़ारिज हो गई है।

‘सुकेश चंद्रशेखर की जेल में पिटाई, पत्नी का उत्पीड़न’: LG को खत, कहा- जान को खतरा, दिल्ली के बाहर शिफ्ट करें

सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) ने जेल में खुद पर हमले का दावा किया है। पत्नी का उत्पीड़न किए जाने की भी बात कही है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना को चिट्ठी लिख अपनी जान को खतरा बताया है। साथ ही दिल्ली के बाहर किसी ऐसी जेल में शिफ्ट करने की गुहार लगाई है जो आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के नियंत्रण में न हो।

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सुकेश दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है। उसका कहना है कि शिकायत वापस लेने के लिए आप के नेताओं से उसे लगातार धमकी मिल रही है। जेल के अंदर CRPF के एक जवान ने उसकी पिटाई की है। इससे उनके प्राइवेट पार्ट में चोटें आई है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने इस चिट्ठी को साझा किया है। एलजी को लिखी चिट्ठी में सुकेश चंद्रशेखर के वकील की तरफ से कहा गया है, “सर, सुकेश चंद्रशेखर स्पेशल सेल की एफआईआर नंबर 208/2021 ( 7 अगस्त 2021 ) के एक मामले में दिल्ली की मंडोली जेल नंबर 14 वार्ड नंबर 1 में अंडर ट्रॉयल कैदी के तौर पर बंद है। इसी मामले में सुकेश की पत्नी लीना भी मंडोली जेल नंबर 16 में बंद है। अरविंद केजरीवाल, कैलाश गहलोत, सतेंद्र जैन और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मेरे मुवक्किल ने आपके दफ्तर में शिकायत करके सीबीआई जाँच की माँग की है। उन्हें वापस लेने के लिए लगातार धमकी और दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही मंडोली जेल में बंद सुकेश की पत्नी पर भी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है, जेल के सीनियर अधिकारियों की तरफ से सुकेश की पत्नी को गालियाँ दी जाती हैं और सुकेश से शिकायत वापस लेने के लिए कहा जा रहा है।”

इस चिट्ठी में यह भी दावा किया गया है कि 31 अगस्त 2022 को सुकेश के साथ जेल के अंदर सीआरपीएफ के जवान ने मारपीट की। उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने उसे दर्द कम करने के लिए स्कॉर्टल स्पोर्ट पहनने की सलाह दी है। सुकेश को मिल रही धमकियों को देखते हुए उसे और उसकी पत्नी को दिल्ली से बाहर किसी और जेल में ट्रांसफर करने की अपील की है।

सुकेश के वकील अशोक कुमार सिंह ने कहा है, “7 नवंबर को लीगल केस में मैं सुकेश के काउंसिल होने के नाते उससे मंडोली जेल में मिलने गया था, जहाँ उसने मुझे अपनी हैंड राइटिंग में यह चिट्ठी लिखकर दी है। जिसे मैं आपके सामने रख रहा हूँ।”

बता दें कि इससे पहले सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना को जो चिट्ठी थी, उसमें उसने आरोप लगाया था कि उसे दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन से जान का खतरा है। साथ ही इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संलिप्तता को उजागर करते हुए दावा किया था कि 50 करोड़ रुपए मिलने के बाद वे उसके साथ डिनर करने दिल्ली के हयात होटल आए थे।

‘सीएम KCR को निमंत्रण नहीं भेजा गया’: PM मोदी के तेलंगाना में यूरिया संयंत्र का उद्धाटन को लेकर सत्ताधारी TRS की राजनीति, मंत्रालय ने खोली पोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 12 नंवबर 2022 को तेलंगाना के रामागुंडम (Ramagundam, Telangana) में एक उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। वहीं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी TRS ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) को नहीं बुलाने का आरोप लगाया है। आरोप को खारिज करते हुए संयंत्र के CEO ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को निमंत्रण दिया था। 

केसीआर को निमंत्रण देने के लिए केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री मनसुख मांडविया ने 2 नवंबर 2022 को एक पत्र भी भेजा था, जिसमें उन्हें कार्यक्रम के लिए ‘आमंत्रित’ किया गया है। वहीं, TRS का आरोप है कि भाजपा की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव को उन्हें ‘आमंत्रित’ करने के बजाय उद्घाटन समारोह में ‘भाग लेने’ के लिए कहा।

उर्वरक के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने रामागुंडम के इस यूरिया संयंत्र परियोजना की आधारशिला 7 अगस्त 2016 को रखी थी। अब इसका काम पूरा हो गया है और प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित करने वाले हैं।

इस बीच राजनीति करते हुए राज्य की सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने आरोप लगाया है कि उद्धाटन कार्यक्रम के लिए प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री को इसमें शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजा गया। हालाँकि, अब उस संयंत्र के सर्वोच्च अधिकारी ने ही इस राजनीति की पोल खोल दी है।

बता दें कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से बंद पड़े उर्वरक संयंत्रों के पुनरुद्धार के लिए विशेष प्रयास किए हैं, ताकि देश यूरिया उत्पादन में आत्म-निर्भर बन सके। पीएम मोदी ने किसानों से स्वदेशी उर्वरक अपनाने का आग्रह किया था। इसके साथ ही यूरिया में नीम कोटिंग का काम भी देश में शुरू कराया गया था।

रसायन और उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक, मोदी सरकार ने स्वदेशी यूरिया उत्पादन को अधिकतम करने के लिए मौजूदा 25 गैस आधारित यूरिया इकाइयों के लिए नई यूरिया नीति-2015 की घोषणा की थी। इसके अलावा, यूरिया पर सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी को भी युक्तिसंगत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।   

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर 2021 में गोरखपुर उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया था। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री ने 22 जुलाई 2016 को किया था। गोरखपुर का यह संयंत्र 30 वर्षों से अधिक समय से बंद पड़ा था। इसे फइर से चालू करने में सरकार ने 8,600 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

बड़ी साजिश की फिराक में था कोयंबटूर ब्लास्ट वाला आतंकी, पुलिस चौकी देख कर रोकनी पड़ी थी कार: घर पर मिली है जिहादी सामग्री

कोयंबटूर में 23 अक्टूबर को हुए विस्फोट के संबंध में लगातार चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बार जो जानकारी सामने आई है, वह स्पष्ट तौर पर बताती है कि आतंकियों ने बड़ी साजिश रची थी, दूसरी ओर तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता पी त्यागराजन ने कोयम्बटूर सिलेंडर ब्लास्ट को ‘आतंकी हमला’ बताने तक से इनकार कर दिया था।

रिपब्लिक टीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जिस मारुति 800 कार में सिलेंडर विस्फोट हुआ था, उसे आतंकी जमीशा मुबीन तमिलनाडु शहर के केंद्र में ले जाना चाहता था। मतलब साफ़ है कि ये लोग  ज्यादा नुकसान पहुँचाना चाहते थे। जबकि अब तक यह माना जा रहा था कि आत्मघाती हमलावर कोट्टई ईश्वरम मंदिर को उड़ाने की फिराक में था।

सूत्रों ने आगे कहा कि कार विस्फोट के मुख्य साजिशकर्ता जमीशा मुबीन कार को निर्दिष्ट स्थान पर ले जा रहा था, लेकिन एक पुलिस चौकी को देखने के बाद उसने कार को एक मंदिर के सामने रोक दिया था । इससे पहले कि मुबीन अगली कार्रवाई की योजना बना पाता, सिलेंडर से गैस का रिसाव और फैलना शुरू हो गया था, जिससे विस्फोट हो गया।

विस्फोट में मुख्य आरोपीत मुबीन की जान चली गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को हालाँकि सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि लगभग 2 इंच के आकार के 7 लोहे की पिन उसके शरीर में पाए गए हैं। एक पिन उसकी छाती के बाईं ओर भी घुस गया। उसकी मौत मौके पर ही हो गई थी।

मामले का जिहाद से भी कनेक्शन

इस संबंध में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर ‘इंडिया टुडे’ ने बताया है कि उसके घर से जो सामग्री मिली हैं, उसमें भी जिहाद का जिक्र है। इसमें लोगों की दो श्रेणी बताई गई है। मुस्लिम या काफिर। उसके घर से मिले एक स्लेट पर लिखा हुआ था- जो लोग अल्लाह के घर को छूने की हिम्मत करते हैं उन्हें उखाड़ फेंका जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों की तरह बॉडी शेव करवाकर अपने मिशन पर निकला था। पूरे शरीर पर उसने जिहादी बातें लिख रही थी। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 30 अक्टूबर को अपनी जांच शुरू कर दी थी। मामले के संबंध में अब तक छह गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पुलिस ने मुहम्मद तालका, मोहम्मद अजहरुद्दीन, मोहम्मद रियाज, फिरोज इस्माइल और मोहम्मद नवाज इस्माइल के रूप में की है।

कोयम्बटूर सेंट्रल जेल में बंद गिरफ्तार आरोपितों को चेन्नई के पूनमल्ली में एनआईए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें 22 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

‘अल्लाह ने मदद की’: T-20 वर्ल्डकप सेमीफाइल में न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत पर बोले पाकिस्तान खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान, स्टूडियो में जमकर नाचे शोएब-वकार

सिडनी में खेले गए T-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड (New Zealand) को हराकर फाइनल में पहुँचने पर पाकिस्तान (Pakistan) में जश्न का माहौल है। खुशी में पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक, वकार युनूस, वसीम अकरम और मिस्बाहुल हक ने लाइव टीवी शो के दौरान जमकर डांस किया। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने कहा कि अल्लाह उनसे मेहनत चाहता है।

दरअसल, खेल के शुरू में पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं थी, लेकिन अंत आते-आते वहाँ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और न्यूजीलैंड को सात विकेट से मात दे दी। इस खेल के हीरो विकेटकीपर एवं बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और कप्तान बाबर आजम रहे। रिजवान को शानदार खेल के लिए मैन ऑफ द मैच मिला।

बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने पहले विकेट के लिए 105 रनों की शानदार साझेदारी की। इस दौरान बाबर ने 42 बॉल पर 53 रन बनाए, जबकि रिजवान ने 43 गेंद पर 57 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 152 रनों का स्कोर बनाया था। पाकिस्तान ने सिर्फ 3 विकेट खोकर आखिरी ओवर में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया।

मैच में जीत पर मोहम्मद रिजवान ने कहा, “सौभाग्य से यह अर्धशतक सेमीफाइनल में आया। अल्लाह हमसे मेहनत चाहता है और हम उस पर विश्वास करते हैं। बाबर और मैं संघर्ष कर रहे थे, लेकिन हमने कड़ी मेहनत की। अल्लाह ने हमारी मदद की। हमारी टूर्नामेंट में शुरुआत अच्छी नहीं थी, लेकिन खिलाड़ियों को भरोसा था। अल्लाह हमारे से चाहता है कि हम कड़ी मेहनत करें और उन पर पर विश्वास रखें।”

उधर, पाकिस्तान की जीतते ही स्टूडियो में आए पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक, वकार युनूस, वसीम अकरम और मिस्बाहुल हक ने लाइव टीवी शो के दौरान डांस करने लगे। ये लोग एक स्पोटर्स चैनल पर एक्सपर्ट के तौर पर शामिल हुए थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

अब पाकिस्तान का फाइनल में मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच के विजेता से होगा। भारत और इंग्लैंड का सेमीफाइनल मैच 10 नवंबर 2022 को एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। बता दें कि इससे पहले साल 2007 के T-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हो चुका है।

ट्विटर के बाद अब फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta 11000 कर्मचारियों की करेगी छुट्टी, मार्क जुकरबर्ग बोले- सॉरी: मंदी और कम कमाई को बताया कारण

सोशल मीडिया साइट ट्विटर (Twitter) के बाद अब फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने अपने 11,000 कर्मचारियों की छँटनी का नोटिस दिया है। कंपनी के मालिक मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने कहा कि मेटा के इतिहास में किए गए सबसे कठिन बदलावों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने हायरिंग को जून 2023 तक के स्थगित कर दिया है।

कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार (9 नवंबर 2022) को अपने कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा कि फेसबुक की पैरेंट मेटा अपने कर्मचारियों की संख्या का लगभग 13% यानी 11,000 लोगों की छँटनी कर रहा है। पत्र में उन्होंने कहा कि मेटा के राजस्व में गिरावट आई है और यह तकनीकी उद्योग के संकट से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी खत्म होने के बाद भी ग्रोथ में तेज वृद्धि को देखते हुए आक्रामक तरीके से लोगों को नियुक्ति पर जोर दिया गया था। जुकरबर्ग ने कहा, “दुर्भाग्य से यह मेरी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। न केवल ऑनलाइन व्यापार पहले के रुझानों की ओर लौट आया है, बल्कि व्यापक आर्थिक मंदी, बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन में हानि के कारण हमारा राजस्व अपेक्षा से बहुत कम हो गया है। इस गलती की मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूँ।”

बता दें कि ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक और अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) ने कुछ दिन पहले ही बड़े पैमाने पर छँटनी की है। उन्होंने कंपनी के 7,500 हजार कर्मचारियों में से आधे से अधिक को निकाल दिया। इसके अलावा, महामारी के दौरान तेजी से से भर्ती करने वाली कई अन्य तकनीकी कंपनियों में भी छँटनी हुई है।

कोरोना महामारी के दौरान सोशल मीडिया कंपनियों के ग्रोथ और लाभ में जबरदस्त तेजी देखी गई थी। उस दौरान लॉकडाउन के कारण लोग घरों में रहे और अपने फोन एवं कंप्यूटर पर सोशल मीडिया साइट का खूब उपयोग किया। हालाँकि, जब हालात बेहतर हुए और लोग घरों से बाहर निकलने लगे तो इन कंपनियों की राजस्व वृद्धि डगमगाने लगी।

जुकरबर्ग ने कहा, “हमने अपने व्यवसाय की लागत में कटौती की है, जिसमें बजट को कम करना, भत्तों को कम करना और हमारे रियल एस्टेट को कम करना शामिल है। हम अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए टीमों का पुनर्गठन कर रहे हैं, लेकिन अकेले ये उपाय हमारे खर्चों को हमारी राजस्व वृद्धि के अनुरूप नहीं लाएँगे। इसलिए मैंने लोगों को निकालने का कठिन निर्णय भी लिया है।”

अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी AFP के अनुसार, मेटा ने सोशल मीडिया से अपना ध्यान हटाकर ‘मेटावर्स’ (Metaverse) में प्रति वर्ष $10 बिलियन (81,404 करोड़ रुपए) से अधिक का निवेश किया है। जुकरबर्ग का मानना है कि मेटावर्स भविष्य की तकनीक है और यह स्मार्टफोन यूजर के के उपयोग के तरीके को बदल देगा। यही निवेशकों की चिंता की चिंता का सबसे बड़ा कारण है।

डरे हुए निवेशकों ने वर्ष की शुरुआत से कंपनी के शेयरों में 71 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी है। यह स्टॉक अब साल 2015 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मेटा और उसके विज्ञापनदाता आर्थिक मंदी को लेकर आशंकित हैं और इसका असर कंपनी पर दिख रहा है।

सनातन के कमल से खिला G20, कॉन्ग्रेस देखकर मुरझाई: केवल चुनाव चिह्न नहीं है भारत का राष्ट्रीय पुष्प, वैभव-संपदा का है प्रतीक

इन दिनों कमल का फूल बहुत चर्चा में है। देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) का चुनाव चिह्न होने के कारण कमल का फूल कॉन्ग्रेसियों के लिए किसी दुखद सपने से कम नहीं है। भले ही कॉन्ग्रेस को यह फूल डराता हो, लेकिन भारतीय सनातन धर्म से जुड़ा यह फूल करोड़ों हिन्दुओं के लिए भी आस्था का प्रतीक है। भगवान ब्रह्मा का आसान भी कमल का पुष्प ही दर्शाया जाता है। भगवान विष्णु का एक नाम ‘कमलनयन’ भी है, अर्थात कमल के फूल जैसी आँखों वाले।

अब आते हैं ताज़ा मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (8 नवंबर, 2022) को जी-20 शिखर सम्मेलन के लोगो, थीम और वेबसाइट को जारी किया था। भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक, यानी एक साल के लिए जी-20 देशों के समूह की अध्यक्षता करेगा। इस सुखद मौके पर कॉन्ग्रेस को जी-20 के लोगों में कमल के फूल को लेकर आपत्ति हो गई। पार्टी को ऐसा लग रहा है कि भाजपा जी-20 के लोगो में अपना चुनाव चिह्न डाल कर खुद का प्रचार कर रही है।

इसे मानसिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा ही कहा जा सकता है कि जो फूल हिन्दू आस्था से जुड़ा हुआ है, जिस फूल पर देवी लक्ष्मी व देवी सरस्वती सुशोभित होती हैं, उससे कॉन्ग्रेस को आपत्ति है। इसका सीधा मतलब यह भी है कि कॉन्ग्रेस प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति के मांगलिक प्रतीक रहे इस फूल को महज भाजपा का चुनाव चिह्न या प्रतीक समझती है। पार्टी ये तक भूल गई कि यह भारत का राष्ट्रीय फूल भी है। कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश के ट्वीट से तो यही समझ में आता है।

वह कहते हैं, “70 साल पहले नेहरू ने कॉन्ग्रेस के झंडे को भारत का ध्वज बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। अब बीजेपी का चुनाव चिह्न जी-20 की अध्यक्षता का आधिकारिक लोगो बन गया है। हमें पता है कि पीएम मोदी और बीजेपी बेशर्मी से खुद को बढ़ावा देने के लिए कोई मौका नहीं गँवाएँगे।” इस हिसाब से तो हर व्यक्ति का हाथ कॉन्ग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि ये पार्टी का चुनाव चिह्न है। तो करोड़ों लोग अपना हाथ काट कर फेंक दें? इस लॉजिक के हिसाब से तो दुनिया में भारत कॉन्ग्रेस के ‘चुनाव चिह्न’ हुए, उससे कई गुना कम उन्हें वोट मिलते हैं।

इसे कॉन्ग्रेस की बेशर्मी ही कहा जाएगा कि वह हिन्दू धर्म या उससे जुड़ी चीजों को बदनाम करने या उसे नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। रामसेतु पर सवाल खड़ा करना हो या भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा देना, कॉन्ग्रेस की यही प्रवृत्ति ही रही है। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो बताया जाता है कि कमल के फूल की उत्पत्ति भगवान विष्णु जी की नाभि से हुई थी, जिससे बाद में ब्रह्माजी जी का प्राकट्य हुआ था। ऐसा माना जाता है कि इसी कारण ब्रह्मा जी कमल के फूल पर विराजमान होते हैं।

शास्त्रों के अनुसार, कमल के फूल की ही तरह सृष्टि और इस ब्रह्मांड की रचना हुई है, और ब्रह्मांड को इसी फूल की तरह माना जाता है। सनातन धर्म में होने वाले अनेक प्रकार के यज्ञों व अनुष्ठानों में कमल के पुष्पों को निश्चित संख्या में चढ़ाने का विधान है। पीएम मोदी ने भी इस लोगो में कमल के होने के महत्व को बताया है। उन्होंने कहा है कि G-20 में कमल का प्रतीक ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का प्रतीक है। भाजपा 1980 में अस्तित्व में आई, कॉन्ग्रेस 1885 से है – लेकिन भारत में कमल का फूल सदियों से है, लोगों के पास दो हाथ हमेशा से होते हैं।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी वीडियो ट्वीट कर कॉन्ग्रेस को कमल का मतलब समझाया। उन्होंने कहा, “कमल हमारा राष्ट्रीय फूल भी है। यह माँ लक्ष्मी का आसन भी है। क्या आप हमारे राष्ट्रीय फूल के विरोध में हैं? कमलनाथ के नाम से कमल हटाओगे? राजीव का मतलब कमल भी होता है! आशा है कि आप वहाँ कोई एजेंडा नहीं देखेंगे।” वैसे याद दिला दें कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पत्नी का नाम भी कमला नेहरू था।

भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने भी G-20 में कमल के लोगो पर कॉन्ग्रेस की आपत्ति का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है और भारतीय जनता पार्टी का ये निशान 1984 से बना है। राष्ट्रीय फूल तो नेहरू जी के युग से ही बना हुआ है, तो हमने राष्ट्रीय फूल को वहाँ स्थान दिया है, राष्ट्रीय फूल के साथ अपने तिरंगे झंडे को सम्मानित करते हुए, तिरंगे झंडे का निशान दिया है।” भारत के रष्ट्रीय चिह्न ‘अशोक चिह्न’ में भी कमल है।

19 साल की नातिन को अकेला देखा, नाना मोहम्मद अमरीश ने दोस्त रज़ा संग मिल कर किया रेप: 2 निकाह कर रखा है, तिहाड़ जेल में था कर्मचारी

उत्तरी दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 19 साल की लड़की के साथ उसके सौतेले नाना मोहम्मद अमरीश और उसके दोस्त मोहम्मद रजा ने रेप किया। लड़की ने आरोप लगाया है कि मंगलवार (8 नवंबर, 2022) को जब उसकी अम्मी काम से बाहर गई हुई थी, तभी उसका नाना मोहम्मद अमरीश अपने दोस्त के साथ उसके घर में घुस गया। अमरीश ने उसके साथ मारपीट करने के बाद उसका बलात्कार किया।

इस दौरान रजा ने उसके हाथ पैर पकड़े हुए थे। लड़की का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित धोखाधड़ी के मामले में तिहाड़ जेल का बरख़ास्त कर्मचारी है। लड़की ने मीडियाकर्मियों को यह भी बताया कि करीब एक साल पहले भी आरोपित ने उसका यौन शोषण करने का प्रयास किया था, लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

पीड़िता के मुताबिक, “इस बार आरोपित अमरीश अपने दोस्त रजा के साथ आया था। उसने मुझे कमरे के अंदर धकेल दिया और मेरे साथ मारपीट की। उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने इस बारे में दूसरों को बताया तो मुझे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शाम करीब 7:30 बजे जब मेरी अम्मी घर आई, तो मैंने उन्हें घटना के बारे में बताया और उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। पुलिस ने कहा कि वे मामले की जाँच कर रहे हैं।”

बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत पहले महिला आयोग में दी थी, जिसके बाद मामला भलस्वा डेयरी थाने की पुलिस पहुँची। पीड़िता की अम्मी ने मीडियाकर्मियों को रोते हुए बताया, “एक-डेढ साल पहले भी उसने मेरी बेटी के साथ ऐसी हरकत की थी। वो मेरा सौतेला बाप है। पहले वो मुझ पर अपनी गंदी नजर रखता था। जब मैं उसके काबू में नहीं आई, तो वो मेरी बेटी को हमेशा अपने साथ में ले जाता था। कहता था – ये काम है, वो काम है। लड़की पढ़ने में अच्छी है। मुझे नहीं पता था कि वो इसके साथ ऐसा कुछ करेंगे। पहली बार जब उसने कार में बेटी के साथ ऐसी हरकत की तो इसने मुझे कुछ नहीं बताया। पुलिस वालों ने हमें डराया-धमकाया। अमरीश ने भी धमकी की अगर मेरे खिलाफ कोई भी एक्शन लेने के बारे में सोचा तो तेरे बेटे को जान से मार देंगे, तेरे पति को पहले ही फँसा रखा है। अमरीश ने दो निकाह कर रखा है। एक मेरी अम्मी और उसकी दूसरी बीवी जहाँगीरपुरी में रहती है। वह पहले तिहाड़ जेल में कर्मचारी था। धोखाधड़ी के आरोप में उसे बर्खास्त कर दिया गया था।”

पीड़िता की अम्मी ने आगे बताया, “वो दबंग है। पुलिस वाले हमारी नहीं सुनते हैं। इसलिए हम थाने में नहीं आना चाहते थे। यही कारण है कि हमने महिला आयोग को पहले फोन किया था। उन्होंने एंबुलेंस भेजी थी, जिसे पुलिस वालों ने वापस भेज दी।” बता दें कि भलस्वा डेयरी थाना पुलिस की महिला अधिकारी ने युवती का बयान दर्ज कर लिया है और मेडिकल कराकर पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही आरोपित को पकड़ लिया जाएगा।

बुमराह की बीवी ने उवैस खान को ‘चप्पल जैसी शक्ल’ याद कराई, खूबसूरती और पटाने पर कर रहा था ट्रोल

भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की पत्नी और टीवी होस्ट संजना गणेशन (Sanjana Ganesan) अपने इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, संजना इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं और टी20 वर्ल्ड कप 2022 को कवर कर रही हैं। उन्होंने मंगलवार (8 नवंबर 2022) को एडिलेड से एक तस्वीर साझा की और पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा, “एडिलेड में इस समय मौसम ब्यूटीफुल है।”

इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने कमेंट किए। इस दौरान उवैस खान ने संजना को ट्रोल करने की कोशिश की। उसने 31 वर्षीय संजना गणेशन की पोस्ट पर कमेंट किया, “मैम इतनी खूबसूरत भी नहीं हो, लेकिन बुमराह को कैसे पटा लिया।” इस पर बुमराह की पत्नी ने उसे करारा जवाब देते हुए लिखा, “और खुद जो चप्पल जैसी शक्ल लेकर घूम रहे हो उसका क्या?” गणेशन के रिएक्शन का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर साझा किए जाने के बाद यह देखते ही देखते वायरल हो गया।

इसके बाद संजना की पोस्ट पर कई यूजर्स उस शख्स के कमेंट को देखने आए। एक यूजर ने कहा, “चप्पल वाला कमेंट कौन-कौन देखने आया है। एक और ने कहा कि अरे वो चप्पल शक्ल वाला बेन स्टोक्स कहा गया। अरे कमेंट डिलीट कर दिया क्या बेन स्टोक्स।” हालाँकि, तब तक खान नाम के ट्रोल ने अपने कमेंट को डिलीट कर दिया था।

फोटो साभार : संजना गणेशन का इंस्टा

इसके बाद संजना ने एक इंस्टा स्टोरी शेयर की। उन्होंने लिखा, “आज मैंने एक ट्रोलर को उसी के अंदाज में रिप्लाई किया। उसने अपने कमेंट को जल्दी से डिलीट कर दिया और मेरे कमेंट को रिपोर्ट किया। इसके बाद उसने अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट कर लिया। क्योंकि उसे उम्मीद नहीं थी कि ऐसा भी हो सकता है।”

उन्होंने आगे लिखा, “अब मेरा आपसे यही सवाल है, यदि आप एक निगेटिव कमेंट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट में नहीं रख सकते तो आप मुझसे क्यों उम्मीद कर रहे हैं कि मैं अपनी पोस्ट पर लोगों के रोज आने वाले सैकड़ों कमेंट पर चुप रहूँ और उन्हें नजरअंदाज करूँ। क्या ये ढोंग नहीं है। आप करो तो ये ठीक है, लेकिन मैं अगर उसका रिप्लाई दे दूँ तो ठीक नहीं। कृपया करके सोशल मीडिया पर किसी को भी कुछ कहने से पहले दो बार जरूर सोचें। अगर ऐसा कुछ आप अपने बारे में नहीं सुनना चाहते हैं, तो आपको ऐसा कुछ कहना और लिखना नहीं चाहिए।”

फोटो साभार : संजना गणेशन की इंस्टा स्टोरी

बता दें कि जसप्रीत बुमराह ने संजना गणेशन से मार्च 2021 में शादी की थी। जसप्रीत बुमराह और संजना गणेशन की मुलाकात पहली बार 2019 आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी।