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हिन्दू बहुल इलाके में ख्वाजा गरीब नवाज मस्जिद, बिहार से आए इमाम ने भीड़ जुटा कर सड़क पर पढ़वाई नमाज़: गाजियाबाद पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मुस्लिम भीड़ द्वारा सड़क पर नमाज़ पढ़ने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद हिन्दू संगठनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इमाम मोहम्मद नाज़िर हुसैन और अज्ञात नमाज़ियों के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस फुटेज के आधार पर बाकी नमाज़ियों की पहचान कर रही है। शिकायत में इलाके को हिन्दू बहुल बताया गया है। मामला शुक्रवार (4 नवम्बर 2022) का है।

यह मामला खोड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस में हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता विकास तिवारी द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई है। विकास के मुताबिक, हिन्दू बहुल दीपक विहार इलाके में 50 गज के दायरे में एक मस्जिद है। यहाँ 300 गज की सड़क पर पहले से नमाज़ पढ़ी जाती रही है। शिकायतकर्ता ने पहले भी की गई शिकायतों का हवाला देते हुए प्रशासन ने नमाज़ियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने लिखा कि सख्ती होने पर बीच-बीच में नमाज़ बंद हो जाती है, लेकिन थोड़े समय बाद वो फिर से शुरू कर दी जाती है।

विकास ने 5 नवंबर, 2022 को सोशल मीडिया पर पुलिस को टैग करते हुए नमाज़ का वीडियो भी शेयर किया था। मामले की जाँच नेहरू गार्डन चौकी इंचार्ज ने की। अपनी जाँच में उन्होंने पाया कि जहाँ नमाज़ पढ़ी गई, वहाँ ख्वाजा गरीब नवाज़ नाम की मस्जिद है। इस मस्जिद में मूल रूप से बिहार के कटिहार का रहने वाला इमाम मोहम्मद नाज़िर हुसैन रहता है। नाजिर के अब्बा का नाम मोहम्मद फज़लुल रहमान है। उसी के द्वारा लगभग 25 से 30 लोगों को गली में जमा कर के नमाज़ पढ़वाई गई थी। पुलिस ने इमाम की हरकत को इलाके में लगी धारा 144 का उल्लंघन माना है।

विकास की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया है। इस केस में इमाम नाज़िर को नामजद करते हुए 25 से 30 नमाज़ियों को अज्ञात में दिखाया गया है। ऑपइंडिया के पास मामले में दर्ज FIR मौजूद है।

₹50 करोड़ मिलते ही अरविंद केजरीवाल ने हयात में साथ किया डिनर, सत्येंद्र जैन से जान को खतरा: सुकेश चंद्रशेखर ने LG को तीसरी चिट्ठी भेजी

सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना को एक और चिट्ठी भेजी है। यह उसकी तीसरी चिट्ठी है। इसमें उसने अपनी जान को दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन से खतरा बताया है। साथ ही इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संलिप्तता को उजागर करते हुए दावा किया है कि 50 करोड़ रुपए मिलने के बाद वे उसके साथ डिनर करने दिल्ली के हयात होटल आए थे।

तीन पन्नों की इस चिट्ठी में सुकेश ने CBI जाँच और FIR दर्ज करने की माँग की है। कहा है कि प्रोटेक्शन मनी वसूलने के मामले की सच्चाई सामने आने के बाद उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। उसने जैन के अलावा तिहाड़ जेल के पूर्व महानिदेशक संदीप गोयल पर भी धमकाने का आरोप लगाया है। सुकेश के वकील ने इस पत्र को एलजी को भेजे जाने की पुष्टि की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एलजी सक्सेना को लिखे पत्र में सुकेश ने आम आदमी पार्टी से हुए लेन-देन का जिक्र किया है। खुद पर भारी दबाव होने की भी बात कही है। चिट्ठी में कहा गया है कि मामला सिर्फ सत्येंद्र जैन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केजरीवाल भी इसमें शामिल है।

चिट्ठी में उसने कहा है कि उसे पता चला है कि केजरीवाल ने उसे देश का सबसे बड़ा ठग बताया है। कहा है कि चुनाव देखकर बीजेपी उसका इस्तेमाल कर रही है। वे मामले को भटकाना चाहते हैं। इसलिए सच उजागर होना चाहिए।

सुकेश ने पूछा है कि यदि वह सबसे बड़ा ठग है तो केजरीवाल उसके साथ डिनर करने के लिए 2016 में हयात में क्यों आए थे। उसने बताया है कि यह मुलाकात 50 करोड़ रुपए कि डिलिवरी के बाद हुआ था।

इससे पहले पत्र में सुकेश ने केजरीवाल के लिए लिखा था, “अगर आपके हिसाब से मैं दुनिया का सबसे बड़ा ठग हूँ तो आपने मुझसे किस बिनाह पर 50 करोड़ लिए और मुझको राज्यसभा सीट देने का वादा किया। ये सब क्या आपको महाठग नहीं बनाता?” एक पत्र में उसने खुलासा किया था कि दिल्ली के जेल मंत्री रहते हुए सत्येंद्र जैन ने उससे ‘प्रोटेक्शन मनी’ के तौर पर लिया था।

‘मैं पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की अम्मी नहीं हूँ…’: शोएब मल्लिक की हुक्का पार्टी के बाद वीना मलिक से भिड़ गईं थी सानिया मिर्जा

सानिया मिर्जा (Sania Mirza) के तलाक को लेकर अटकलें लग रही हैं। उन्होंने 2010 में पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से निकाह किया था। अटकलें सानिया की एक पोस्ट से शुरू हुई हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है, “टूटे हुए दिल आखिर कहाँ जाते हैं…।”

12 साल पहले जब यह निकाह हुआ था, तब भी काफी विवाद हुआ था। सानिया की सगाई बचपन के दोस्त सोहराब मिर्जा से हुई थी। लेकिन बाद में यह टूट गई। इसी तरह हैदराबाद की आयशा नामक महिला ने दावा किया था कि शोएब मलिक उससे फोन पर पहले ही निकाह कर चुके हैं। 2010 में जब सानिया शोएब का निकाह हुआ तो आयशा के दावे खूब चर्चित हुए थे।

वैसे विवाद और सानिया के रिश्ते केवल निकाह तक सीमित नहीं हैं। 2005 में उनकी स्कर्ट को लेकर एक कट्टरपंथी संगठन ने फतवा ही जारी कर दिया था। इसके अलावा वीना मलिक के साथ सोशल मीडिया पर 2019 में हुई उनकी तकरार भी काफी चर्चा में रही। यह बहस क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत के हाथों पाकिस्तान की हार के बाद हुई थी। पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक (Veena malik) ने हार के लिए शोएब मलिक और उनकी बीवी सानिया मिर्जा को निशाना बनाया था।

दरअसल, पाकिस्तान की हार के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सानिया मिर्जा और कुछ साथी खिलाड़ियों के साथ शोएब मलिक हुक्का पार्टी करते हुए देखे गए थे। इसके बाद वीना मलिक ने ट्वीट कर कहा था, “सानिया, दरअसल मैं तुम्हारे बच्चे के लिए बहुत चिंतित हूँ। तुम लोग अपने बेटे को शीशा पैलेस लेकर कैसे चले गए? क्या यह उसकी सेहत के लिए हानिकारक नहीं है। साथ ही जहाँ तक मुझे याद है, आर्चीज में जंक फूड मिलता है जो एक एथलीट और बच्चे के लिए ठीक नहीं है। यह आपको अच्छी तरह पता होना चाहिए क्योंकि आप एक माँ के साथ एथलीट भी हैं।”

जवाब में सानिया मिर्जा ने ट्वीट कर कहा था, “वीना मैं अपने बच्चे को शीशा पैलेस लेकर नहीं गई थी। आपको और बाकी दुनिया को ये चिंता करने की जरूरत नहीं है कि मैं अपने बच्चे का ख्याल किसी से भी कम नहीं रखती हूँ। दूसरी बात ये है कि मैं ना तो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की डाइटीशियन हूँ और ना ही उनकी अम्मी, प्रिंसिपल और टीचर।”

इसके बाद सानिया ने एक और ट्वीट कर कहा था, “मैं नहीं जानती वह कब सोते हैं, कब उठते हैं और कब खाते हैं। तीसरी बात और बहुत महत्वपूर्ण मगर मैं तुम्हारी जगह होती तो मैं अपने बच्चों को लेकर और चिंतित होती, क्योंकि वह तुम्हारी अश्लील मैगजीन कवर फोटो देखता। तुम जानती हो यह खतरनाक हो सकता है। सही कहा ना? लेकिन शुक्रिया इतना चिंतित होने के लिए।” बाद में सानिया ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन तब तक वीना मलिक इसका स्क्रीनशॉट ले चुकी थीं। फिर इस स्क्रीनशॉट के साथ उन्होंने दर्द भरे कई ट्वीट किए थे।

रैली में जुट गई महिलाएँ, लेकिन न केजरीवाल को जानती हैं-न AAP का है पता: सुनिए गुजरात की महिलाओं को, कहा- लालच देकर लाए हैं

कौन नेता कितना लोकप्रिय है या उसका किसी खास क्षेत्र में कितना प्रभाव है, मीडिया इसका अनुमान अक्सर चुनावी रैलियों और रोड शो में भाग लेने वाली भीड़ को देखकर लगाती रही है। ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि इसके लिए नेता अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं और कई नेताओं द्वारा तो रैलियों में लोगों को बुलाने के लिए तरह-तरह के तिकड़म आजमाए जाते हैं।

हालाँकि, समय-समय पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिसमें ऐसे ‘समर्थक’ अक्सर रैली, रोड शो और यहाँ तक ​​​​कि उस नेता के बारे में अनजान होते हैं, जिनके समर्थन में उन्हें जुटाया जाता है। ऐसा हाल ही में गुजरात में अपार भीड़ जुटाने का दावा करने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) द्वारा राजकोट में आयोजित रोड शो के साथ हुआ। अरविंद केजरीवाल ने रविवार (6 नवंबर, 2022) को गुजरात के राजकोट पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में एक रोड शो किया, जहाँ एक महीने से भी कम समय में चुनाव होने हैं।

स्थानीय निवासी केजरीवाल के बारे में काफी अनजान थे और कुछ को यह भी नहीं पता था कि वे किसके रोड शो में भाग ले रहे थे और क्यों। वे सिर्फ इसलिए आए क्योंकि उनके जान-पहचान या पड़ोस के AAP नेताओं ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था। ‘बीबीसी गुजराती’ की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में, केजरीवाल के रोड शो में शामिल हुई राजकोट की कुछ महिलाओं से सवाल पूछे गए, जिसका उन्होंने बहुत ही रोचक तरीके से जवाब दिया।

जब ‘बीबीसी गुजराती’ के रजनीश ने केजरीवाल के रोड शो में भाग लेने वाली एक टेम्पो पर महिलाओं के एक समूह से पूछा कि वो किस रैली में हिस्सा लेने आई हैं, तो उनके पास कुछ दिलचस्प और मनोरंजक जवाब थे। एक महिला हंसाबेन भरतभाई परमार ने बड़े गर्व से कहा कि ‘केजरीवाला’ राजकोट आए हैं । यह पूछे जाने पर कि केजरीवाल कौन हैं, उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता।

उन्होंने कहा, “ये तो मालूम नहीं कौन केसरीवाला, केजरीवाला… सवर्णवाला।” गुजराती में सवर्ण का मतलब झाड़ू होता है, जो आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। हालाँकि, जब उनसे जोर देकर केजरीवाल के बारे में पूछा गया तो, तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता।

एक अन्य महिला ने कहा कि वह ‘मितेशभाई’ की रैली में भाग ले रही हैं, जो उनका पड़ोसी है। उन्होंने कहा कि मितेशभाई उसे यह कहते हुए रैली में ले आए कि अगर वह इसमें शामिल होंगी, तो स्कूल की फीस माफ कर दी जाएगी, पानी का बिल, बिजली का शुल्क, सब मुफ्त हो जाएगा। यह पूछे जाने पर कि रैली किस पार्टी के लिए थी, उन्होंने कहा कि यह आम आदमी पार्टी की रैली थी, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि नेता कौन है। एक अन्य महिला द्वारा इशारा किए जाने के बाद महिला ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिया।

यह पूछे जाने पर कि गुजरात का मुख्यमंत्री कौन है, महिला ने तुरंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। पत्रकार फिर दूसरी महिलाओं के समूह से यही सवाल करता है, सभी एक स्वर में नरेंद्र मोदी कहती हैं। जब उन्होंने पूछा कि भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री कौन हैं, तो हंसाबेन भरतभाई परमार जवाब देती हुई कहती हैं कि जब वे राजकोट से बाहर नहीं निकले हैं तो उन्हें कैसे पता चलेगा।

फिर पत्रकार पूछता है कि वे किसके रोड शो में भाग ले रहे हैं। दो महिलाओं ने कहा कि वह नाम नहीं जानती। जब उन्होंने पूछा कि क्या वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं, तो एक महिला ने कहा कि उन्हें AAP का झंडा दिया गया है, इसलिए इसका झंडा उठाया है।

केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी राज्य में चुनाव प्रचार के लिए भी शामिल किया है, जबकि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ बदस्तूर जारी है। इस वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुँच रही है। केजरीवाल लंबे समय से दिल्ली की सत्ता में हैं। इसके बावजूद दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी हर साल गैस चैंबर में बदल जाती है, जिससे साँस लेने में तकलीफ होती है।

ऑस्ट्रेलिया के मैदान में तिरंगा लेकर घुसने पर ₹6.5 लाख जुर्माना, रोहित शर्मा के सामने रो पड़ा फैन: वीडियो वायरल

भारत (India) ने टी-20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2022) में रविवार (6 नवंबर, 2022) को जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 71 रनों की करारी शिकस्त दी। हालाँकि, इस मैच से पहले ही टीम इंडिया का सेमीफाइनल के लिए टिकट कट चुका था। इस दौरान मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के फैन का है, जो उनसे मिलने के लिए मेलबर्न के मैदान में घुस गया। यह घटना दूसरी पारी यानी जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी के दौरान हुई।

काले कपड़े पहने हुआ यह फैन अपने हाथ में तिरंगा लिए रोहित शर्मा के करीब पहुँच गया। रोहित शर्मा को देखते ही उसकी आँखों से आँसू निकल गए, लेकिन वह ज्यादा बात नहीं कर सका।

इस दौरान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में सुरक्षा गार्डों ने उसे पकड़ लिया और मैदान से बाहर ले गए। कहा जा रहा है कि मैदान में जबरन घुसने के कारण फैन पर 6.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का फैन जब मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में घुसा उस वक्त भारत की गेंदबाजी पारी का 17वाँ ओवर चल रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें चकमा देकर कप्तान की तरफ बढ़ने लगा। तभी एक गार्ड ने उसे लपक कर पकड़ लिया। इसके बाद दूसरा गार्ड भी आ गया। दोनों गार्डों के इस तरह से उसे पकड़ने पर रोहित शर्मा वहाँ फौरन पहुँचे और मासूम फैन को आराम से बाहर निकालने को कहा।

इस दौरान उसकी आँखों में आँसू आ गए। फैन अपने फेवरिट क्रिकेटर को पास से देकर भावुक हो गया, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने उसे प्यार से बाहर जाने को कहा

बता दें कि भारतीय टीम अपने आखिरी लीग मैच में जिम्बाब्वे को 71 रनों से हराकर ग्रुप 2 में पहले स्थान पर है। इसके साथ ही टीम इंडिया प्वाइंट टेबल में टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुँच चुकी है। ऐसे में ग्रुप-1 में दूसरे नंबर की टीम इंग्लैंड से भारत का मुकाबला होगा। 10 नवंबर, 2022 को एडिलेड में भारतीय टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड के साथ भिड़ेगी। फाइनल में जो दो टीमें पहुँचेंगी, उनका मुकाबला रविवार (13 नवंबर, 2022) को होगा।

‘टूटे हुए दिल कहाँ जाते हैं… अल्लाह’: सानिया मिर्जा का पोस्ट, शोएब मलिक से 12 साल बाद तलाक लेने की अटकलें

भारत की स्टार टेनिस प्लेयर रह चुकीं सानिया मिर्जा और पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक के डायवोर्स को लेकर उड़ रही खबरों के बीच सानिया का एक अजीबोगरीब पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस पोस्ट को देखकर लगता है कि शायद तलाक की अफवाहें सच हैं और दोनों के बीच कुछ सही नहीं चल रहा है।

सानिया ने अपने पोस्ट में लिखा है, “टूटे हुए दिल आखिर कहाँ जाते हैं… अल्लाह की तलाश में।”

इस पोस्ट के बाद से लगातार सोशल मीडिया पर लोग अपने अपने कयास लगाने में जुटे हुए हैं। कहा जा रहा है कि कहीं ये बात सच तो नहीं कि दोनों तलाक ले रहे हों।

बता दें कि इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट बॉलीवुड लाइफ की खबर से लिया गया है। खबर लिखते समय सानिया की स्टोरी में ऐसा कोई पोस्ट नहीं था। इसलिए ऑपइंडिया इसके सही या गलत होने की पुष्टि नहीं करता। लेकिन खबरों के अनुसार, शोएब मलिक और सानिया मिर्जा में दूरियाँ एक शो ‘स्प्रेड लाइक का वाल्ड फायर’ के बाद शुरू हुईं थी जहाँ शोएब पर इल्जाम लगा था कि वो सानिया को धोखा दे रहे हैं।

12 साल पहले हुआ था निकाह

उल्लेखनीय है कि सानिया मिर्जा भारत की टेनिस स्टार हैं। वहीं शोएब पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर। दोनों का निकाह 2010 में हुआ था। इस निकाह के कारण सानिया की काफी आलोचना भी हुई थी। हालाँकि तब सानिया खुश थीं। मगर अब 12 साल बाद हालात वैसे नहीं हैं। दोनों के रिश्तों पर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया में लगातार खबरें आ रही हैं। इस बीच सानिया के ऐसे पोस्ट ने उन अटकलों को और रफ्तार देदी है जो दावा कर रहे थे कि सानिया और शोएब का तलाक होगा। आपको बता दें दोनों का एक बेटा भी है इजहान मलिक। उसके बर्थडे पर पिछले दिनों शोएब मलिक ने एक पोस्ट शेयर किया था। उसमें उन्होंने कहा था कि वो जहाँ भी रहें इजहान को मोहब्बत करते रहेंगे।

जिस मंदिर में भक्त करते हैं बाल का दान, उसके पास ₹2.26 लाख करोड़ की प्रॉपर्टी: तिरुपति ट्रस्ट के पास 10 टन सोना भी

विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर का संचालन करने वाली ट्रस्ट तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने एक श्वेत पत्र जारी किया है। शनिवार (5 नवंबर 2022) को जारी श्वेत पत्र के अनुसार ट्रस्ट के पास 2.26 लाख करोड़ रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी है।

मंदिर ट्रस्ट (Tirupati Temple Trust) ने बताया है कि उसका राष्ट्रीयकृत बैंकों में ₹5,300 करोड़ से अधिक का 10.3 टन सोना जमा है। 15,938 करोड़ रुपए कैश हैं। इस जानकारी के बाद यह स्पष्ट है कि TTD ने आंध्र प्रदेश और केंद्र सरकार के बॉन्ड की प्रतिभूतियों में निवेश नहीं किया है, जैसा कि दावा किया जा रहा था।

ट्रस्ट के मुताबिक, साल 2022-23 में 3,100 करोड़ का बजट पेश किया गया था, जिसमें से 668 करोड़ रुपए तो बैंकों से मिलने वाले ब्याज के ही थे। मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि तिरुपति में नकद और सोने के आभूषण चढ़ाने में लगातार वृद्धि हो रही है। बैंकों से मिलने वाले ब्याज के कारण भी यह बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंदिर के अधिकारियों ने आगे कहा कि ट्रस्ट द्वारा संपत्तियों का जो विवरण दिया गया है, उनमें प्राचीन आभूषणों और कुछ गेस्ट हाउस को शामिल नहीं किया गया है।

30 सितंबर, 2022 तक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 24बैंकों में TTD के 15,938 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा थी। इसमें तीन साल में 2,913 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। बता दें कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की देश भर में 7,000 एकड़ से अधिक की 900 से अधिक अचल संपत्तियाँ हैं। यह आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र और नई दिल्ली में मंदिरों का संचालन करती है।

ट्रस्ट बोर्ड ने यह भी दावा किया कि उसने 2019 से अपने इन्वेस्टमेंट गाइडलाइंस को मजबूत किया है। बैंकों में मंदिर का सोना जमा 2019 में 7.3 टन से बढ़कर 2022 में 10.25 टन हो गया है। पिछले तीन सालों की इन्वेस्टमेंट में 2,900 करोड़ की वृद्धि हुई है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और इंडियन ओवरसीज बैंक में जमा सोने पर भी अच्छा ब्याज मिल रहा है। इसमें एसबीआई के पास 9.8 टन सोना जमा है और शेष इंडियन ओवरसीज बैंक के पास है।

तिरुपति मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो भी यहाँ अपने पाप और बुराइयों को छोड़ जाता है, उसके दुख देवी लक्ष्मी खत्म कर देती हैं। ​इसलिए यहाँ आने वाले श्रद्धालु बुराइयों के तौर पर अपने बाल छोड़ जाते हैं। साथ ही इस मंदिर में भगवान को चढ़ाया गया तुलसी पत्र भी भक्तों को नहीं दिया जाता। उसे मंदिर परिसर के कुएँ में डाल दिया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा EWS आरक्षण, लेकिन असहमत CJI बोले – SC/ST को बाहर नहीं रख सकते: उदित राज ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया जातिवादी

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के नागरिकों को मिल रहे आरक्षण (EWS) को बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस यूयू ललित के नेतृत्व में 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने 3:2 से संविधान के 103वें संशोधन के पक्ष में फैसला सुनाया। दूसरी ओर कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट को ‘जातिवादी’ करार दिया।

हालाँकि, खुद चीफ जस्टिस EWS आरक्षण के खिलाफ थे और उनका साथ जस्टिस रविन्द्र भट्ट ने दिया। उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित का सोमवार (7 नवंबर, 2022) को आखिरी कार्य दिवस भी है। उनका कहना था कि SC/ST वर्ग को इससे बाहर नहीं रखा जा सकता है। जिस अधिनियम की वैधता पर सुनवाई हो वही थी, वो शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण प्रदान करता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह अब बरकरार रहेगा।

वहीं जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने EWS आरक्षण के पक्ष में फैसला सुनाया। तीन जजों ने कहा यह संशोधन संविधान के मूल भावना के खिलाफ नहीं है। जस्टिस रवींद्र भट्ट ने EWS कोटे पर अलग रुख अपनाया है। जस्टिस भट्ट ने कहा कि संविधान सामाजिक न्याय के साथ छेड़छाड़ की अनुमति नहीं देता है। जस्टिस भट्ट ने कहा आरक्षण की सीमा पार करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उनका मानना है कि आरक्षण देना गलत नहीं है, लेकिन EWS आरक्षण एससी-एसटी और ओबीसी के लोगों को भी मिलना चाहिए।

जस्टिस जेबी पारदीवाला ने EWS कोटा को सही बताया और कहा कि वो जस्टिस माहेश्वरी और जस्टिस त्रिवेदी के फैसले के साथ हैं। जस्टिस बेला त्रिवेदी ने अपने फैसले में कहा कि एससी-एसटी और ओबीसी को तो पहले से ही आरक्षण मिला हुआ है, इसलिए EWS आरक्षण को इसमें शामिल नहीं किया जा सकता है। वहीं जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना संविधान की मूल भावना के खिलाफ नहीं है।

फैसले के बाद इसका स्वागत और विरोध करते कई तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रहीं हैं। कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने धड़ाधड़ ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट को ही जातिवादी बता दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सुप्रीम कोर्ट जातिवादी है, अब भी कोई शक! EWS आरक्षण की बात आई तो कैसे पलटी मारी कि 50% की सीमा संवैधानिक बाध्यता नहीं है, लेकिन जब भी SC/ST/OBC को आरक्षण देने की बात आती थी तो इंदिरा साहनी मामले में लगी 50% की सीमा का हवाला दिया जाता रहा।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि वो गरीब सवर्णों के आरक्षण के विरुद्ध नहीं हैं, बल्कि उस मानसिकता के हैं कि जब जब SC/ST/OBC का मामला आया तो हमेशा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंदिरा साहनी मामले में लगी 50% सीमा पार नहीं की जा सकती।

ईडब्ल्यूएस कोटे की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में कई याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने 27 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तत्कालीन सीजेआई एसए बोबडे, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने पांच अगस्त, 2020 को इस मामले को संविधान पीठ को भेज दिया था।

बाबा रामदेव तो कुछ नहीं पहनते… लल्लनटॉप ने उस इरा त्रिवेदी से ली योग की क्लास, जिसके लिए कुरान प्रोग्रेसिव-हिंदू धर्म दकियानूसी

इंडिया टुडे समूह का एक लहंगरा पोर्टल है। नाम है- द लल्लनटॉप (The Lallantop)। इस पोर्टल की पहचान ‘हिटलर का लिंग’ नापने वाली वेबसाइट के तौर पर भी है। लल्लनटॉप ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। नाम है- गेस्ट इन द न्यूजरूम (Guest in the Newsroom)।

इस कार्यक्रम में आने वाले मेहमान से सवाल-जवाब किए जाते हैं। कुछ उनकी जीवन यात्रा को लेकर। कुछ उनके काम को लेकर। कुछ उनके अनुभवों को लेकर। वगैरह वगैरह। इस कार्यक्रम के हालिया एपिसोड में इरा त्रिवेदी (Ira Trivedi) मेहमान बनकर आईं थी। इरा त्रिवेदी वही कुख्यात योग इंस्ट्रक्टर हैं, जो बीफ सेवन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के मकसद से उसे प्रोटीन का सस्ता स्रोत बता चुकी हैं।

अमूमन ‘गेस्ट इन द न्यूजरूम’ को सौरव द्विवेदी (Saurabh Dwivedi) होस्ट करते हैं। वे संपादक हैं। ब्रा, पैंटी, योनि, सेक्स, लिंग, वीर्य से करियर बनाने वाले संपादक के तौर पर पहचान रखते हैं। एक बार अपने ही पिता की पार्टी को कंडोम बाँटते भी धराए थे। लेकिन इरा त्रिवेदी वाला एपिसोड हर्षिता ने होस्ट किया है। बकायदा बताया है कि कैसे सौरव ने उनको इसका मौका प्रदान किया है।

इरा त्रिवेदी वाले एपिसोड का वीडियो 29 अक्टूबर 2022 को अपलोड किया गया है। आप नीचे इसे देख सकते हैं। इस दौरान इरा ‘द लल्लनटॉप’ के न्यूजरूम में योगा टिप्स बाँटती और वहाँ मौजूद लोगों को योग करवाती भी दिख रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान वह कहती हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई तो युवाओं को जोड़ने की पहल की गई। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसमें रूचि दिखाई। फिर दूरदर्शन से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहती हैं, “दूरदर्शन पर योग कार्यक्रम शुरू हुआ। सबसे पहले यह धीरेन्द्र ब्रह्मचारी के साथ शुरू हुआ। उसके बाद आए बाबा रामदेव। फिर मैं आई। अब कितना कल्चर चेंज हुआ होगा दूरदर्शन में। वो मुझसे कहते थे कि आप स्लीवलेस मत पहनिए। थोड़ा सा आप… अब बाबा रामदेव तो कुछ भी नहीं पहनते हैं, और आप मुझको स्लीवलेस का बोल रहे हो।” इतना कहकर वह जोड़ से खिलखिला पड़ती हैं।

इस दौरान इरा ने यह नहीं बताया कि दूरदर्शन से उनकी छुट्टी क्यों हुई थी। न लल्लनटॉप ने इसकी वजह जानने की दिलचस्पी दिखाई, क्योंकि इससे उसके गेस्ट की हिंदू घृणा सामने आने का डर जो था।

उल्लेखनीय है कि इरा त्रिवेदी वामपंथी और लिबरल गिरोह को खुश करने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। एक झूठे आँकड़े को आधार बनाकर उन्होंने बताया था कि गाय का माँस प्रोटीन का सबसे बेहतर स्रोत होता है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी के बाद ही उनकी दूरदर्शन से छुट्टी हुई थी। इस प्रकरण के बाद वो ट्विटर पर माफ़ी माँगती भी नजर आईं थी। वह हिन्दू धर्म को पिछड़ा और दकियानूसी सोच वाला, जबकि कुरान को प्रोग्रेसिव भी बता चुकी हैं।

वैसे फेक न्यूज और हिंदूफोबिया लल्लनटॉप के लिए नई बात नहीं है। हाल ही में मोरबी पुल हादसे के बाद संस्थान इसे छठ से जोड़कर झूठ फैलाते पकड़ा गया था। शायद यही कारण है कि नेटिजन्स इस संस्थान को दल्लनटॉप भी कहते हैं।

एलन मस्क की राह पर चली फेसबुक की Meta कंपनी, हो सकते हैं हजारों कर्मचारी बर्खास्त: ट्विटर में कुछ स्टाफ की वापसी, कहा- गलती से निकाला था

ट्विटर के बाद अब फेसबुक को लेकर खबर है कि यह कंपनी भी अपने कई कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर रही है। अभी इस कंपनी में 87000 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। अनुमान है कि कम से कम 12000 को कंपनी निकालने वाली है। इससे पहले ट्विटर ने अपने 50 फीसद कर्मचारियों की छुट्टी की थी। हालाँकि अब खबर है कि इनमें से कुछ को वापस काम करने के लिए बुलाया जा रहा है।

फेसबुक ने शुरू की छंटनी

जानकारी के मुताबिक फेसबुक में बुधवार से छंटनी प्रक्रिया चालू हो रही है। दरअसल टिकटॉक और यूट्यूब से कंपनी को काफी टक्कर मिली, जिसकी वजह से कंपनी के शेयर में 73 फीसद गिरावट आई है और कंपनी के रेवेन्यू पर भारी असर पड़ा। यही वजह है कि कंपनी में छंटनी शुरू होने जा रही है।

कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी कभी अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर थे, पर अब उनकी जगह 29वें स्थान पर है। उनकी आय में 90.3 अरब डॉलर की गिरावट आई है और यह 35.2 अरब डॉलर रह गई है। कंपनी ने इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्टों की हायरिंग को बंद कर दिया है। कंपनी के हालात देखते हुए जुकरबर्ग वे कहा था कि उनके लिए 18 से 24 महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने अपने मैनेजर्स से कम पर्फॉर्म करने वाले कर्मचारियों की पहचान करने को कहा था और अब खबर है कि वे उनकी छंटनी करेंगे।

ट्विटर वापस बुलाएगा कर्मचारी

एलन मस्क के नेतृत्व में पिछले दिनों ट्विटर ने 3500 के करीब कर्मचारियों के कंपनी से चलता किया था। हालाँकि अब खबरें आ रही हैं कि ट्विटर ने दर्जनों लोगों से वापस लौटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि उन्हें गलती से निकाल दिया गया था। वहीं कुछ की जरूरत मैनेजमेंट को महसूस हुई और उन्हें लगा कि कुछ सेवाओं के लिए पुराने कर्मचारियों की जरूरत है। ऐसे में उन्हें वापस आने को कहा गया। याद दिला दें कि कंपनी ने अपने 3700 कर्मचारियों को निकाला था।